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कुदरत का कहर: अलग-अलग राज्यों में आकाशीय बिजली गिरने से 12 लोगों की मौत

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UP में कुदरत ने जमकर कहर बरपाया है। दरअसल, प्रदेश में मंगलवार को 8 शहरों में बारिश हुई। सबसे पहले लखनऊ से बारिश हुई। इसके बाद प्रयागराज, वाराणसी, कानपुर, मुरादाबाद, मेरठ, गोरखपुर और आगरा में तेज हवा के साथ बूंदाबादी हुई। इस दौरान आकाशीय बिजली गिरने से सुल्तानपुर में 2, प्रयागराज में 2 और वाराणसी में 2 बच्चों समेत महिला की मौत हो गई है।


मौसम विभाग ने आज भी बारिश का अलर्ट जारी किया है। बताया था कि मानसून ने गोरखपुर, सोनभद्र, चंदौली होते हुए यूपी में एंट्री कर ली है। मौसम विभाग ने कल यानी बुधवार को भी कई शहरों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। मानसून ने मंगलवार को गोरखपुर, सोनभद्र, चंदौली होते हुए यूपी में एंट्री कर ली है। मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के मुताबिक सोनभद्र, गाजीपुर, वाराणसी, गोरखुपर, जौनपुर, मिर्जापुर, प्रयागराज, प्रतापगढ़, अमेठी, रायबरेली, बांदा, चित्रकूट, बस्ती, लखीमपुर खीरी, सिद्धार्थनगर, महाराजगंज, आजमगढ़, मऊ, संतकबीर नगर, अयोध्या, कौशांबी, अंबेडकरनगर, देवरिया, बलिया, बलरामपुर, बहराइच, बाराबंकी, सुल्तानपुर, कुशीनगर, चंदौली, फतेहपुर में मूसलाधार बारिश की संभावना है। वहीं लखनऊ, कानपुर, उन्नाव, झांसी, हरदोई, सीतापुर में कहीं-कहीं बारिश हो सकती है।

दो सगे भाई की मौत

वाराणसी में बिजली गिरने से अदमापुर बस्ती में रहने वाले अवनीश के 12 साल के बेटे लल्ला और 15 साल के भुवर की मौत हो गई। जबकि इसी गांव की दुर्गावती देवी भी बिजली की चपेट में आ गई। उधर, प्रयागराज के काजी गांव में 2 बच्चों की मौत हो गई। जिनका नाम अभी तक पता नहीं चल पाया है। सुल्तानपुर के सोरांव में तेज आंधी आई। इस दौरान खेत में बिजली गिरने से 11 साल के शत्रुघ्न, 13 साल के अमित की मौके पर मौत हो गई।  

गाज गिरने से भोपाल संभाग में 5 लोगों की मौत

वहीं मध्यप्रदेश के कई इलाकों में बारिश होने लगी। इस दौरान भोपाल, इंदौर, गुना, छिंदवाड़ा और बैरसिया समेत कई शहरों में जोरदार तो कहीं-कहीं रिमझिम बारिश हुई। उधर भोपाल के विदिशा और बैरसिया में हुए दर्दनाक हादसे में आकाशीय बिजली गिरने से 5 लोगों की मौत हो गई। मौसम विभाग ने भोपाल, रायसेन, बैतूल, शिवपुरी, अशोकनगर, आगर, अशोकनगर, दतिया, सागर, दमोह, निवाड़ी, सिवनी, सतना, रीवा, शिवपुरी, सिंगरौली और अनूपपुर में मंगलवार को तेज बारिश होने का अनुमान जताया है। वहीं बुधवार सुबह तक रीवा, शहडोल, इंदौर, ग्वालियर, चंबल और उज्जैन संभागों में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया है।

विदिशा में 3 लोगों ने गंवाई जान

MP में विदिशा जिले के सिरोंज में आकाशीय बिजली गिरने से 3 लोगों की मौत हो गई। मंगलवार शाम को यहां आधे घंटे से अधिक तेज बारिश हुई है। इस दौरान तरवरिया ग्राम में आकाशीय बिजली गिरने से हल्के कुशवाह (30 साल) की मौत हो गई। जबकि ग्राम फजलपुर में सुरेश कुशवाह (42 साल)और बिट्टू कुशवाह (14 साल) की मौत भी आकाशीय बिजली गिरने से हुई। फजलपुर के ही महेश कुशवाह आकाशीय बिजली की चपेट में आकर घायल हो गए। बैरसिया में आकाशीय बिजली गिरने से दो लोगों की मौत हो गई। बर्राई गांव के रहने वाले रघुनाथ जाटव खेत पर काम कर रहे थे। इसी दौरान बारिश के साथ बिजली गिरी, जिसकी चपेट में आकर उनकी मौत हो गई। उधर, धतुरिया गांव के दौलत सिंह की मौत भी खेत पर काम करने के दौरान बिजली गिरने से हो गई। प्रदेश भर में इस साल जून में अब तक बिजली गिरने से 10 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। 

आकाशीय बिजली की चपेट में आने से 18 हाथियों की मौत

बता दें कि साल 2021 में 13 मार्च को असम में आकाशीय बिजली की चपेट में आने से 18 हाथियों की मौत हो गई थी। ये सभी हाथी जंगल में एक साथ विचरण कर रहे थे। इसी दौरान अचानक आकाशीय बिजली गिर गई। आकाशीय बिजली के संपर्क में आने से 18 हाथियों की मौके पर ही मौत हो गई थी। प्रधान मुख्य वन संरक्षक अमित सहाय ने बताया कि कठियाटोली रेंज के कुंडोली वन क्षेत्र में पहाड़ी पर आकाशीय बिजली गिरने से ये घटना हुई थी। उन्होंने बताया कि 2 झुंड में हाथियों के शव मिले। इनमें से 14 हाथियों के शव पहाड़ी के ऊपर मिले। जबकि चार शव पहाड़ी के निचले भाग में मिले।

पेड़ से टकराई श्रद्धालुओं से भरी पिकअप, एक ही परिवार के 9 लोगों समेत 10 की मौत

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उत्तरप्रदेश प्रदेश में सड़क हादसे नहीं थम रहे हैं। ताजा मामला पीलीभीत का है, जहां 17 श्रद्धालुओं से भरी पिकअप अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गई। हादसे में एक ही परिवार के 9 लोगों समेत 10 की मौत हो गई। जबकि 7 लोग घायल हो गए। इसमें एक की हालत गंभीर बनी हुई है। सभी श्रद्धालु हरिद्वार से गंगा-स्नान करके घर लौट रहे थे। CM योगी ने हादसे को लेकर दुख जताया है और मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।

हादसा गजरौला थाना क्षेत्र के मालामुड़ के पास हुआ है। मरने वालों में दो बच्चे भी शामिल हैं। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को एंबुलेंस से इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया। हादसे में घायल प्रवीण ने बताया कि सुबह कुछ लोग नींद में थे। कुछ लोग जगे हुए थे। ड्राइवर को भी बार-बार झपकी आ रही थी। जैसे ही पिकअप गजरौला के पास पहुंची एक तेज धक्का लगा और चीख पुकार मच गई। किसी तरह से गाड़ी से उतरा तो देखा कि पिकअप पेड़ से टकरा गई थी।

एक ही परिवार के 9 लोगों की मौत

घायल प्रवीण ने बताया की लखीमपुर जिले के गोला कस्बे के रहने वाले लालमन अपने परिवार के साथ पिकअप से घर वापस लौट रहे थे। 2 साल की पोती खुशी उनकी गोद में बैठी थी। हादसे के दौरान लालमन (उम्र 63) उनकी पत्नी सरला (उम्र 60), बहु लक्ष्मी (उम्र 28), रचना (उम्र 28), पोते हर्ष (उम्र 16), पोता सुशांत (उम्र 14), पोता आनंद (उम्र 3), पोती खुशी (उम्र 2), बेटा श्याम सुंदर (उम्र 45) और ड्राइवर की मौत हो गई। बहू सीलम, बेटा संजीव, पोता प्रशांत, कृष्णपाल, यश और प्रवीण घायल हैं, जिनमें प्रशांत की हालत गंभीर बनी हुई है।

गंगा नहाने गया था परिवार

सड़क हादसे में घायल हुए संजीव शुक्ला की बेटी कुसुम की शादी 8 दिन पहले सीतापुर जिले के मोहम्मदी में हुई थी। शादी का कार्यक्रम संपन्न होने के बाद परिवार के सभी लोग गंगा नहाने गए थे। वापस आते समय ये हादसा हो गया। हादसे में मृतक ड्राइवर, कृष्णपाल और घायल प्रवीण, यश शाहजहांपुर जिले के पुवायां के रहने वाले हैं।

आर्थिक सहायता देने की घोषणा

सड़क हादसे पर CM योगी ने दुख जताया है। उन्होंने ट्वीट कर लिखा कि सड़क दुर्घटना में हुई लोगों की मौत अत्यंत दुःखद है। मृतकों के परिवार​​​​​​ को दो-दो लाख की आर्थिक सहायता देने घोषणा की गई है। सपा ने भी ट्वीट कर हादसे पर दुख जताया है। समाज वादी पार्टी ने लिखा- अत्यंत दुखद! पीलीभीत में हुए दर्दनाक सड़क हादसे में हरिद्वार से लौट रहे 10 श्रद्धालुओं की मृत्यु, हृदय विदारक! मृतकों की आत्माओं को शांति दे भगवान। शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहन संवेदना। घायलों के जल्द सकुशल होने की कामना। पीड़ित परिवारों की हर संभव मदद करे सरकार।

अलग-अलग सड़क हादसे में 10 लोगों की मौत, 16 घायल

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UP में सड़क हादसे थमने का नाम नहीं ले रहा है। प्रदेश में हुए दो सड़क हादसों में 10 लोगों की मौत हो गई। जबकि 16 लोग घायल हो गए। पहला हादसा सुल्तानपुर के पूर्वांचल एक्सप्रेस वे पर हुआ है, जहां पर डॉक्टर अपने परिवार के साथ सफारी से बलिया से लखनऊ जा रहे थे। एक्सप्रेस वे पर उनकी कार को टैंकर ने टक्कर मार दी। हादसे में 10 साल के मासूम समेत चार लोगों की मौत हो गई। जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मृतक अंबेडकरनगर और बलिया के रहने वाले थे।

दूसरा हादसा बदायूं में हुआ, जहां ट्रैक्टर-ट्रॉली पर सवार होकर श्रद्धालु गंगा स्नान कर घर लौट रहे थे। बरेली-मथुरा हाइवे पर राजकीय मेडिकल कॉलेज के तेज रफ्तार डीसीएम ने टक्कर मार दी। 6 लोगों की मौके पर ही दम तोड़ दिया। जबकि 14 लोग घायल हैं। मरने वालों में चार महिलाएं शामिल हैं। घायलों को एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेजा गया। इलाज के दौरान दो लोगों की मौत हो गई।

डॉक्टर का परिवार हुआ हादसे का शिकार

बलिया के वरोवा निवासी डॉ. डीके वर्मा पत्नी सीमा, बेटे अभीज्ञान, जयकुमार, श्यामनारायण अन्य एक अन्य के साथ सफारी से लखनऊ जा रहे थे। सुल्तानपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेस वे के किमी 155 पर खालिसपुर में 100 की स्पीड से दौड़ रही सफारी पीछे से टैंकर से भिड़ गई। हादसे में अभिज्ञान, जयकुमार और श्यामनारायण की मौके पर ही मौत हो गई। डीके वर्मा लखनऊ में के सरोजनी नगर स्थित राज्य बीमा निगम के हॉस्पिटल में कार्यरत हैं।

2 घायलों की हालत गंभीर

सुल्तानपुर में हादसे में दो लोगों की हालत गंभीर है, उन्हें अंबेडकरनगर में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। घायलों को एंबुलेंस की मदद से अंबेडकरनगर जिला अस्पताल भेजा। इलाज के दौरान सुप्रिया वर्मा (उम्र 21) पत्नी अरुण वर्मा और अभिज्ञान (उम्र 10) बेटे धीरेंद्र वर्मा की भी मौत हो गई। वहीं धीरेंद्र वर्मा (उम्र 40) हरिराम वर्मा और उनकी पत्नी सीमा वर्मा (उम्र 34) इलाज जारी है। दो मृतकों की शिनाख्त अभी नहीं हो सकी है। पुलिस शिनाख्त के प्रयास कर रही है। घायलों और मृतकों परिवार वालों को हादसे की सूचना दे दी गई है।

ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से हुआ हादसा

हादसे में ट्रैक्टर-ट्रॉली पलट गया। कुछ लोग उसमें फंस गए थे, जिन्हें आसपास के लोगों ने बाहर निकाला। मूसाझाग थानाक्षेत्र के गांव नवाब नगला और अहोरामई के रहने वाले लोग ज्येष्ठ की पूर्णिमा पर कछला घाट पर ट्रैक्टर ट्रॉली से गंगा स्नान करने गए थे। ट्रैक्टर-टॉली में गांव के ही करीब 20-25 लोग सवार थे। सभी स्नान के बाद घर लौट रहे थे। बरेली-मथुरा हाइवे पर राजकीय मेडिकल कॉलेज के पास तेज रफ्तार डीसीएम ने पीछे से टक्कर मार दी। ट्रैक्टर ट्रॉली में सवार लोग सड़क पर गिर गए। इसके बाद ट्रैक्टर ट्रॉली में सड़क किनारे पलट गया। कुछ लोग ट्रैक्टर ट्राली में ही फंसे हुए थे। आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई। लोगों ने ट्रैक्टर ट्रॉली में फंस लोगों को बाहर निकाला। साथ ही मामले की सूचना पुलिस को दी। 

मृतकों की पहचान में जुटी टीम

पुलिस ने लोगों की मदद से सभी को एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेजा गया। डॉक्टरों ने अनीता (उम्र 40) पत्नी वीरपाल, संगीता (उम्र 25), सुषमा देवी (उम्र 50) पत्नी लेखराज, पूनम, सहदेव और एक अन्य को मृत घोषित कर दिया। वहीं अन्य 12 घायलों को इलाज किया जा रहा है। इनमें कुछ की हालत गंभीर है। एक मृतक की अभी शिनाख्त नहीं हो सकी है। पुलिस शिनाख्त के प्रयास कर रही है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।

शादी की खुशी मातम में बदली: खड़े ट्रेलर से टकराई बोलेरो, 8 बारातियों की मौत

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UP के सिद्धार्थनगर के कटया गांव के पास दर्दनाक सड़क हादसा हुआ है। दरअसल, एक तेज-रफ्तार बोलेरो ने सड़क के किनारे खराब खड़े ट्रेलर में पीछे से टक्कर मार दी। बोलेरो में 11 बाराती भरे हुए थे। हादसे 8 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि 3 लोग घायल हो गए। टक्कर इतनी तेज थी बोलेरो के परखच्चे उड़ गए। इस हादसे को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक जताया है। प्रधानमंत्री ने मृतकों के परिजनों को दो लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की आर्थिक मदद देने की घोषणा की है।

जानकारी के मुताबिक शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र के महला गांव से बांसी कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में बरात गई थी। इसी बीच वापस घर लौटते समय कटया गांव के पास उनकी बोलेरो ने सड़क के किनारे खराब खड़े ट्रेलर में पीछे से टक्कर मार दी। तेज आवाज सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। इसके बाद मामले की जानकारी जोगिया कोतवाली की पुलिस को दी। सूचना पर पहुंची पुलिस और ग्रामीणों ने किसी तरीके से सभी को बाहर निकाला गया। उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, जहां 4 लोगों को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। जबकि 4 की भी कुछ देर बाद मौत हो गई।

बोलेरो में कुल 11 लोग सवार थे, जिनमें दो का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। एक BRD मेडिकल कॉलेज रेफर हुआ है। जबकि एक घायल के परिजन उसका एक प्राइवेट अस्पताल में इलाज करा रहे हैं। इस संबंध में कोतवाल जोगिया दिनेश कुमार सरोज ने बताया कि हादसे की जानकारी मिलने के बाद टीम के साथ मौके पर गए थे। मामले की जांच करके कार्रवाई की जाएगी।

PM मोदी ने जताया दुख

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिले में हुए सड़क हादसे में जान गंवाने वालों के प्रति शोक संवदेना व्यक्त की है। पीएम ने ट्वीट करते हुए घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मृतकों के परिजनों के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता करने की घोषणा की है। इसके अलावा घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय ने ट्वीट किया कि उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर में हुआ सड़क हादसा अत्यंत पीड़ादायक है। 

CM योगी ने भी जताया शोक

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी सिद्धार्थनगर में हुए हादसे पर दुख जताते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। उन्होंने घायलों के इलाज के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि जनपद सिद्धार्थनगर में सड़क दुर्घटना में हुई जनहानि अत्यंत दु:खद और हृदयविदारक है। प्रभु श्री राम दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें। मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिजनों के साथ हैं। संबंधित अधिकारियों को दुर्घटना में घायल हुए लोगों का समुचित उपचार कराने के निर्देश दिए हैं। बता दें कि UP में सड़क हादसों का ग्राफ दोगुनी तेजी से बढ़ रहा है।

खड़े ट्रक से टकराई श्रद्धालुओं से भरी बस, 3 लोगों की मौत, 32 घायल

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UP के मथुरा में दर्दनाक सड़क हादसा हुआ है, जहां के थाना नौहझील इलाके में श्रद्धालुओं से भरी बस एक्सप्रेस-वे पर खड़े ट्रक से टकरा गई। हादसे में 3 लोगों की मौत हो गई। जबकि 32 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। हादसे की जानकारी मिलते ही पुलिस और एक्सप्रेस-वे कर्मी मौके पर पहुंचे। इसके बाद घायलों को इलाज के लिए CHC नौहझील के अलावा नोएडा के निजी हॉस्पिटल भेजा गया है।

आगरा से नोएडा की तरफ जाने वाले रोड पर श्रद्धालुओं को लेकर जा रही बस एक्सप्रेस-वे पर खड़े गिट्टी से भरे ट्रक में जा घुसी। हादसे में 2 लोगों की मौके पर मौत हो गई। जबकि एक घायल ने हॉस्पिटल में दम तोड़ दिया। वहीं 32 से ज्यादा लोग घायल हो गए। अभी घायलों और मृतकों के नाम स्पष्ट नहीं हो सके हैं।

इससे पहले 11 मई को ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेस-वे पर तेज रफ्तार बोलेरो एक डंपर में घुस गई। हादसे में पति-पत्नी समेत 5 लोगों की मौके पर मौत हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बोलेरो के आगे का हिस्सा डंपर में घुस गया।  पुलिस के मुताबिक ड्राइवर को नींद आने की वजह से ये हादसा हुआ है। बोलेरो सवार लोग मथुरा में तीर्थ यात्रा में गए थे। वहां से ग्रेटर नोएडा की तरफ घूमने आ रहे थे।

यमुना एक्सप्रेस-वे पर फिर हुआ भीषण हादसा, 5 की गई जान, 5 दिन पहले हुई थी 7 की मौत

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UP में सड़क हादसे काम होने का नाम नहीं ले रहा है। वहीं यमुना एक्सप्रेस-वे में लगातार भीषण दुर्घटनाएं हो रही है। ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेस-वे पर गुरुवार को फिर भीषण सड़क हादसा हुआ है, जहां तेज रफ्तार बोलेरो एक डंपर में घुस गई। हादसे में पति-पत्नी समेत 5 लोगों की मौके पर मौत हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बोलेरो के आगे का हिस्सा डंपर में घुस गया। 

पुलिस के मुताबिक ड्राइवर को नींद आने की वजह से ये हादसा हुआ है। बोलेरो सवार लोग मथुरा में तीर्थ यात्रा में गए थे। वहां से ग्रेटर नोएडा की तरफ घूमने आ रहे थे। मृतक महाराष्ट्र और कर्नाटक के रहने वाले थे। यमुना एक्सप्रेस-वे से गुजर रहे लोगों ने हादसे की सूचना जेवर थाना पुलिस को दी। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने कटर से गाड़ी को काटकर घायलों को बाहर निकाला। पुलिस सभी को लेकर अस्पताल पहुंची। जहां डॉक्टरों ने 5 को मृत घोषित कर दिया। वहीं 2 घायलों का इलाज ग्रेटर नोएडा के कैलाश हॉस्पिटल में चल रहा है।

मृतकों में पति-पत्नी भी शामिल

हादसे में चंद्रकांत नारायण बुराड़े (उम्र 68) और उनकी पत्नी स्वर्णा चंद्र कांत बुराड़े (उम्र 59), मालन विश्वनाथ कुंभार (उम्र 68), रंजना भरत पंवार (उम्र 60) और नुवंजन मुजावर (उम्र 53) की मौत हो गई। जबकि नारायण रामचंद्र कोलेकर और सुनीता राजू गस्टे घायल हो गए। ग्रेटर नोएडा के ADCP ने बताया कि महाराष्ट्र से 55 लोग घूमने के लिए निकले थे। 48 लोग बस में सवार थे। जबकि 7 लोग बोलेरो में थे। मरने वालों में दो लोग पति-पत्नी हैं। अन्य तीन लोग भी एक ही गांव के रहने वाले हैं।

यमुना एक्सप्रेस-वे पर हादसे में 7 की मौत 

बताया जा रहा है कि गुरुवार को सभी दिल्ली घूमने के लिए जा रहे थे। संभावना जताई जा रही है कि ड्राइवर को नींद की झपकी आई और बोलेरो डंपर में जा घुसी। डंपर को पुलिस ने कब्जे में ले लिया है और आरोपी चालक की तलाश में जुट गई है। इससे पहले 8 मई को मथुरा में यमुना एक्सप्रेस-वे पर हुए हादसे में एक ही परिवार के 7 लोगों की मौत हो गई थी। वहीं 2 की हालत गंभीर थी। मृतकों में बुजुर्ग दंपती, उनके दो बेटे, दोनों की पत्नियां और 6 साल का पोता था। 

बुजुर्ग दंपती का बेटा और पोता घायल

वहीं बुजुर्ग दंपती का एक बेटा और 3 साल का एक पोता गंभीर रूप से घायल है। उनको अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कार में परिवार के 9 लोग सवार थे। हादसे में मृत राजेश और नंदनी की हफ्तेभर पहले 29 अप्रैल को शादी हुई थी। ये सभी हरदोई के संडीला इलाके के रहने वाले थे। अभी नोएडा के सदकपुर इलाके में रह रहे थे। बताया जा रहा है कि ये सभी शादी में शामिल होने के लिए हरदोई आए थे, जहां से वापस जाते समय हादसा हुआ। कार का अगला हिस्सा बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। पुलिस को आशंका है कि झपकी आने की वजह से हादसा हुआ है। तेज रफ्तार से चल रही गाड़ी आगे चल रहे वाहन से टकरा गई। पुलिस जब पहुंची तो मौके पर और कोई दूसरा वाहन नहीं था। मृतकों में 3 महिला, 3 पुरुष और 1 बच्चा है।  

मृतकों में ये शामिल 

मृतक संजय की बहन सविता ने बताया कि 28 अप्रैल को नोएडा से परिवार मथुरा गया था। हरदोई में दो शादियों में लोगों को शामिल होना था। 30 अप्रैल और 2 मई को सकलडीहा के बागलपुर क्षेत्र में दोनों शादियां थीं। इसके बाद शुक्रवार देर रात सभी एक ही कार से नोएडा के लिए निकले थे। मथुरा में हादसे का शिकार हुआ परिवार हरदोई के बहादुरपुर-संडीला का रहने वाला था। पूरा परिवार हरदोई में शादी समारोह में शामिल होने के बाद नोएडा वापस जा रहा था। पुलिस ने बताया कि गाड़ी में राजेश, लल्लू, श्रीगोपाल, संजय, निशा, छुटकी, नंदनी, 6 साल का धीरज और 3 साल का कृष सवार था। राजेश, श्रीगोपाल और संजय सगे भाई हैं।

शादी के 15 दिन बाद ही दूल्हे ने की आत्महत्या, ससुराल में लटका मिला शव

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UP के मुरादाबाद में शादी के 15 दिन बाद ही एक दूल्हे ने फांसी लगाकर आत्महत्या (groom committed suicide in Moradabad) कर ली है। वहीं इस घटना के बाद से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। फिलहाल दूल्हे के आत्महत्या करने के पीछे के कारणों का पता नहीं चल पाया है। 

पुलिस के मुताबिक रामपुर के सुमित ने शादी के 15 वें दिन मुरादाबाद में अपनी ससुराल में फंदे पर लटककर आत्महत्या कर ली। शादी के 15वें दिन एक युवक का शव उसकी ससुराल में फंदे पर लटका मिला है। मामला मुरादाबाद के बिलारी थाना क्षेत्र में डोहरी गांव का है। युवक अपनी नई नवेली पत्नी के साथ एक दिन पहले ही ससुराल गया था। युवक के घर वालों ने हत्या की आशंका जाहिर की है। जबकि उसके ससुराल वाले इस आत्महत्या बता रहे हैं।

रामुपर के पटवाई थाना क्षेत्र में जोलपुर के रहने वाले सुमित उर्फ बबलू (उम्र 22 साल) का बिलारी के डोहरी की रहने वाली राजवती से प्रेम-संबंध था। दोनों ने साथ जीने-मरने की कसमें खाई थीं, लेकिन आरोप है कि कुछ दिन पहले शादी की बात चली, तो सुमित शादी से मुकर गया था। इसके बाद मामला थाने तक पहुंचा। राजवती के घर वालों ने बिलारी थाने में शिकायत कर दी थी। इसके बाद बिलारी थाने में पंचायत हुई। 

पुलिस के दखल के बाद सुमित शादी को मान गया था, जिसके बाद एक दरोगा ने अपने आवास पर दोनों की शादी करा दी थी। हालांकि सुमित के परिजनों का कहना है कि सुमित कभी भी शादी से मुकरा नहीं था। सुमित उर्फ बब्लू के रिश्तेदार रतनलाल ने बताया कि 16 अप्रैल को दरोगा ने अपने घर पर सुमित और राजवती के फेरे कराए थे। दरोगा राजवती का कोई रिश्तेदार भी लगता है। रतनलाल ने बताया कि शनिवार को राजवती के पिता कल्लू जोलपुर गए थे। वह अपने साथ राजवती और दामाद सुमित दोनों को लेकर आए थे। इसके बाद रविवार को रात में करीब आठ बजे एक दरोगा ने फोन करके बताया कि सुमित का शव अपनी ससुराल में फंदे पर लटका मिला है।

मृतक के रिश्तेदार ने बताया कि उन्हें आशंका है कि सुमित की हत्या उसके ससुराल वालों ने कर दी है। परिजनों का कहना है कि पुलिस ने उन्हें देरी से सूचना दी। जब वह मौके पर पहुंचे तो शव वहां नहीं था। शव बिलारी थाने में ट्रैक्टर ट्राली में रखा मिला। रतनलाल का कहना है कि पुलिस ने उन्हें घटनास्थल के फोटो और वीडियो दिखाने से भी इंकार कर दिया है।

बिलारी इंस्पेक्टर ने दी जानकारी

बिलारी इंस्पेक्टर ने बताया कि सुमित ने अपनी ससुराल में घर की ऊपरी मंजिल पर बने कमरे में फंदा लगाकर आत्महत्या की है। मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। इंस्पेक्टर के मुताबिक 16 अप्रैल को ही सुमित की शादी हुई थी। दामाद को फंदे पर लटका देखकर ससुराल वालों ने रस्सी काटकर उसे फंदे से उतारा। जिंदगी की आस में वह उसे एक चिकित्सक के पास भी लेकर गए, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।

इन कारणों से लोग सबसे ज्यादा करते हैं आत्महत्या

घरेलू हिंसा, नशे की लत, बच्चों की पढ़ाई का दबाव और प्रेम प्रसंग ने छत्तीसगढ़ को सर्वाधिक आत्महत्या के मामलों वाले राज्यों की टॉप 5 सूची में शामिल है। अगर आबादी के अनुपात में देखें तो छत्तीसगढ़ में आत्महत्या के आंकड़े देश के औसत से भी ज्यादा हैं। दुर्ग-भिलाई नगर में यह आंकड़ा 34.9 जबकि भारत का आंकड़ा सिर्फ 10.6 है । 

इन राज्यों में बढ़ रहे आत्महत्या की घटनाएं

नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के मुताबिक 2019 में देश में महाराष्ट्र ऐसा राज्य है, जहां 13 प्रतिशत आत्महत्या के मामले दर्ज हैं, जो सबसे ज्यादा हैं। पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु 11.5 प्रतिशत के साथ दूसरे नंबर पर बने हुए हैं। चौथे स्थान पर तेलंगाना और मध्यप्रदेश 7.7 प्रतिशत के साथ बने हुए हैं। वहीं पांचवें नंबर में गुजरात और छत्तीसगढ़ 5.4 प्रतिशत के साथ हैं।

ये हैं आत्महत्या के प्रमुख कारण (These are the main reasons for suicide)

  • पारिवारिक - 26 %
  • बीमारी - 19 %
  • वैवाहिक - 11 %
  • बेरोजगारी - 6 %
  • नशे की लत - 5 %
  • अन्य कारण - 24 %

स्कूल की दीवार गिरने से दबे 5 मजदूर, 3 की मौत, दो घायल

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उत्तर प्रदेश हादसों का गढ़ बनता जा रहा है। प्रदेश में किसी न किसी दुर्घटना की खबर रोजाना सामने आ रही है। ताजा मामला गाजियाबाद  के विजय नगर थाना क्षेत्र का है, जहां नगर निगम के एक नाले की खुदाई के दौरान DAV पब्लिक स्कूल की दीवार गिर गई। इससे वहां काम कर रहे 11 मजदूरों में से 5 मजदूर दब गए। हादसे को लेकर CO विजय नगर स्वतंत्र देव सिंह ने बताया कि इनमें से 3 मजदूर मृत अवस्था में मिले हैं। 2 मजदूरों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 

बता दें कि 12 सितंबर को रामपुर जिले के आसरा आवास कॉलोनी में घर की बालकनी का छज्जा गिरने से एक गर्भवती महिला की मौत हो गई थी। जबकि परिवार के 3 अन्य सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए थे। दरअसल, कॉलोनी के एक मकान का छज्जा अचानक भरभराकर गिर गया। हादसे में महिला समेत चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी एक ही परिवार के सदस्य थे। इसके बाद सभी को मलबे से किसी तरह बाहर निकाला और पुलिस को सूचना दी गई। सूचना पाकर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने घायलों को अस्पताल भिजवाया, जहां इलाज के दौरान रुखसार नाम की महिला की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि रुखसार गर्भवती थी। 

सपा शासनकाल में बनी थी बिल्डिंग

बता दें कि सपा शासनकाल में ये आसरा योजना से चपटा कॉलोनी में क्वॉर्टर बनाए थे। ये हादसा 27 नंबर ब्लाक में 288 नंबर के क्वॉर्टर में हुआ। ये दूसरे मंजिल पर बना हुआ था। आसपास के लोगों का कहना है कि पानी लगातार भरने से बिल्डिंग से कमजोर हो गई है कोई देखने वाला नहीं है। स्थानीय निवासियों ने बताया आवासों के निर्माण में घटिया क्वालिटी का मटेरियल इस्तेमाल किया गया है। साथ ही उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि सपा शासनकाल में समाजवादी के ठेकेदार को इस आवासीय योजना का ठेका दिया गया था।

DCM से टकराई तेज रफ्तार कार, MBBS की पढ़ाई कर रहे 3 छात्रों की मौत

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उत्तर प्रदेश में सड़क हादसे थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला चांदपुर गांव के पास हरदोई हाईवे का है, जहां कार के DCM से टकराने से 3 मेडिकल छात्रों की मौत हो गई है। जबकि एक घायल है, जिसका इलाज जारी है। जानकारी के मुताबिक एक तेज रफ्तार कार का पहिया गड्ढे में चला गया और इसके कारण कार बेकाबू हो गई और सड़क के दूसरी तरफ DCM से टकरा गई। इसके बाद कार पलट गई और इस हादसे में कार में सवार इंटीग्रल यूनिवर्सिटी से MBBS कर रहे तीन छात्रों की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि एक छात्र गंभीर रूप से घायल हो गया।

हादसे की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और उन्होंने छात्रों को बड़ी मशक्कत के बाद क्षतिग्रस्त कार से बाहर निकाला। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घायल छात्र को ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। कार हादसे में मरने वाले मेडिकल छात्रों की पहचान रामपुर के बदायूं वली मस्जिद निवासी अयान अहमद खान, सिविल लाइंस के अमन अंसारी और कानपुर के अनवरगंज निवासी अशरफ के रूप में हुई है। वहीं घायल छात्र की पहचान सैयद ताहा रिजवी के रूप में हुई है और वह लखनऊ के कल्याणपुर का रहने वाला है। 

MBBS की पढ़ाई कर रहे थे सभी छात्र

चारों छात्र इंटीग्रल यूनिवर्सिटी में MBBS दूसरे साल की पढ़ाई कर रहे थे और रात में रामपुर से लखनऊ लौट रहे थे। मलिहाबाद के चांदपुर गांव के पास हरदोई हाईवे पर हादसे का शिकार हुए मेडिकल छात्रों की पहचान दस्तावेजों और आई कार्ड से हुई। इसके बाद पुलिस ने परिवार के सदस्यों को इसकी जानकारी दी। मृतकों के दोस्त सैयद ताहा ने बताया कि वह उसे कार से लेने रामपुर आ रहे हैं,जिसके बाद चारों दोस्त अयान को लेकर लखनऊ के लिए निकले थे और मलिहाबाद में हादसा हो गया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।

हादसा: अनियंत्रित होकर नाले में पलटी ट्रैक्टर-ट्रॉली, पानी में डूबकर 2 लोगों की मौत

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उत्तर प्रदेश में सड़क हादसों का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है। राज्य के किसी-न-किसी जिले से रोजाना सड़क हादसे से संबंधित खबर सामने आ रही है। ताजा मामला अलीगढ़ का है, जहां मथुरा जिले से होली की तैयारियों को लेकर गुलाल देकर वापस लौट रही ट्रैक्‍टर-ट्रॉली मथुरा रोड किनारे गहरे नाले में जा गिरा। इस दौरान ट्रॉली में सवार चार लोगों में से दो की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि बाकी दो घायल हो गए। बताया जा रहा है कि अलीगढ़ से वापस जा रही ट्रैक्टर ट्रॉली तेज रफ्तार के साथ अनियंत्रित होकर नाले में जा गिरी और हादसे का शिकार हो गई। 

ये हादसा जिले की कोतवाली इगलास क्षेत्र में हुआ है। गुलाल देकर लौट रहे ट्रैक्टर सवार चार लोगों का ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर मथुरा रोड सड़क किनारे बने गहरे नाले में पलट गया, जिसकी वजह से दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।  हीं दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनको सड़क किनारे वॉक कर रहे ग्रामीणों ने बाहर निकाला।

खुद नाली में कूद गए पुलिसकर्मी

हादसे की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। मौके पर पहुंची पुलिस ने मौके पर मौजूद ट्रैक्टर ट्रॉली के नीचे फंसे मृतकों के शव बाहर निकलवाने के लिए ग्रामीणों से मदद मांगी, लेकिन गांववालों ने पुलिस की मदद करने से इनकार कर दिया और मूकदर्शक बने इस दर्दनाक मंजर को देखते रहे, जिसके बाद पुलिसकर्मी वर्दी पहने नाले के अंदर पानी में उतर गए, जिन्होंने घंटों की मशक्कत के बाद ट्रैक्टर ट्रॉली के अंदर पानी के नीचे दबे मृतकों के शवों को बाहर निकाला। 

गुलाल लेकर जा रहे थे मृतक

पुलिस ने मृतकों के शवों को नाले से निकालकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। साथ ही मामले की जांच में जुट गई। बता दें कि मथुरा थाना क्षेत्र के सकना गांव के रहने वाले 19 साल के हरकिशन मथुरा के भोला गुलाल वाले के यहां से गुलाल लेकर अपने ट्रैक्टर ट्राली में भरने के बाद अलीगढ़ जिले की कोतवाली इगलास क्षेत्र के कस्बा बेसवां में उतारने के लिए गया था। हरिकिशन के साथ 19 साल का मजदूर अतुल और रोशन, प्रमोद भी गए थे।  फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।

एक साल की बेटी के साथ पिता ने दी जान, डॉक्टर और विवाहिता ने भी लगाया मौत को गले

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देश में आत्महत्या की घटनाएं लगातार बढ़ती ही जा रही है। रोजाना देश के अलग-अलग राज्यों से खुदकुशी की खबरें सामने आ रही है। ताजा मामला UP के गाजियाबाद का है, जहां एक युवक और उसकी एक साल की बच्ची का शव फंदे पर लटका मिला है। वहीं बगल के कमरे में ही मृतक की पत्नी सो रही थी, लेकिन पत्नी का कहना है कि उसे पता ही नहीं चला कि रात में कब सुसाइड किया है। वो सुबह उठी तो दोनों के शव लटके हुए थे। 

पति का शव बेड पर बैठने जैसी स्थिति में था। ऐसे में पुलिस सुसाइड और मर्डर दोनों एंगल से मामले की जांच कर रही है। फिलहाल पुलिस पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। पुलिस ने बताया कि हापुड़ का रहने वाला 25 साल का अमित चौहान गाजियाबाद के अकबरपुर बहरामपुर गांव में पत्नी और बच्ची के साथ रहता था। वो इंदिरापुरम में एक पेट्रोल पंप पर बतौर सेल्समैन नौकरी करता था। 

अलग-अलग कमरे में सो गए थे पति-पत्नी

गुरुवार रात अमित और उसकी पत्नी अलग-अलग कमरे में सोए थे। शुक्रवार सुबह अमित और एक साल की बेटी भूमिका की लाश फांसी के फंदे पर लटकी मिली। अमित का शव बेड पर बैठे हुए की हालत में मिला है। ऐसे में पुलिस हत्या एंगल पर भी जांच कर रही है। अमित की पत्नी ने शोर मचाया तो पड़ोसी इकट्ठा हो गए। लोगों ने मामले की जानकारी विजयनगर थाने की पुलिस को दी। अमित की पत्नी ने पुलिस को सिर्फ इतना बताया कि घरेलू बात को लेकर दोनों में रात दो बजे तक झगड़ा हुआ था। इसके बाद पति-पत्नी अलग-अलग कमरे में सो गए थे। 

बैठने जैसी मुद्रा में बेड पर मिला शव

शुक्रवार सुबह सोकर उठी तो फंदे पर पति और बेटी के शव लटके हुए थे। आशंका ये भी है कि पारिवारिक कलह के बाद अमित ने एक साल की मासूम बेटी का मुंह दबाकर उसकी हत्या कर दी और फिर खुद सुसाइड कर लिया। आस-पास के लोगों में घटना को लेकर कई तरह की चर्चाएं हैं। पुलिस को भी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आने का इंतजार है। इस घटना को लेकर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। क्राइम सीन की बात की जाए तो अमित का शव बेशक फांसी पर लटका मिला हो, लेकिन उसकी मुद्रा बेड पर बैठने जैसी है। 

कई एंगल से मामले की जांच कर रही पुलिस

सामान्य तौर पर लोग जमीन पर पैर लटकाकर बेड पर बैठ जाते हैं। ठीक इसी स्थिति में अमित का शव मिला है। आशंका कम ही है कि अमित ने सुसाइड किया हो। उसके दोनों पैर जमीन से छूते मिले हैं। पड़ोसी रवि जाटव ने आरोप लगाया कि युवक की हत्या करके शव को फांसी पर लटकाया गया है। CO स्वतंत्र कुमार सिंह ने बताया कि शुरुआती छानबीन में दंपति में झगड़े की जानकारी मिली है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद सारी चीजें साफ हो पाएगी।

डॉक्टर ने गंगा में कूदकर दी जान 

इधर, प्रतापगढ़ के मांधाता CHC में तैनात डॉक्टर अमित सिंह का शव प्रयागराज के नागवासुकी मंदिर के पास गंगा में पाया गया है। रविवार की रात उन्होंने फाफामऊ गंगा पुल पर अपनी कार खड़ी की और वॉट्सऐप और फेसबुक पर लिखा अलविदा जिंदगी…। इसके बाद डॉक्टर अमित सिंह ने गंगा में छलांग लगा दी थी। तलाश शुरू हुई तो कार फाफामऊ पुल पर मिली, लेकिन डॉक्टर अमित सिंह का कहीं कोई पता नहीं लगा था। तभी से लगातार गोताखोर उनकी तलाश कर रहे थे। डॉक्टर अमित सिंह का शव गुरुवार की देर शाम नागवासुकी मंदिर के पास बरामद कर लिया गया है।

जारी किया था सुसाइड नोट

डॉक्टर अमित सिंह ने सोशल मीडिया पर एक सुसाइड नोट भी लिखा था। उन्होंने लिखा कि उनकी मौत के लिए मां-बाप और पत्नी जिम्मेदार हैं। लिखा कि मां-बाप और पत्नी की वजह से मुझे मानसिक, शारीरिक और आर्थिक क्षति पहुंची है। मैं अपने पूरे होशो हवास में यह बयान करता हूं कि मेरी मौत की जिम्मेदारी मेरे बाप, मेरी मां और मेरी पत्नी की है। अतुल मेरे भाई मेरी मौत के बाद कान्हा को आप संभालना। कान्हा की जिम्मेदारी आपकी होगी।

5 दिन तक चलाया गया अभियान 

प्रयागराज के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय कुमार ने बताया कि अमित सिंह के शव की तलाश सोमवार से ही की जा रही थी। कई गोताखोरों की टीमें लगाई गई थी, लेकिन गुरुवार को नाग वासुकी मंदिर के पास डॉक्टर का शव बरामद किया गया। घरवालों ने डॉक्टर अमित की पहचान की है। इसके बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस सुसाइड नोट की हैंड राइटिंग डॉक्टर अमित की हैंड राइटिंग से मिलान कर रही है।

गाड़ी के अंदर मोबाइल और पर्स

SSP ने बताया कि डॉक्टर अमित सिंह ने अपना मोबाइल, पर्स , चश्मा और जरूरी कागजात गाड़ी में ही छोड़ दिया था। मोबाइल की कॉल डिटेल और सुसाइड नोट की जांच की जा रही है। घर वालों ने अभी तक कोई तहरीर नहीं दी है। अगर तहरीर देते हैं तो एफआईआर दर्ज कर इस मामले की जांच की जाएगी।

ट्रेन से कटकर सुसाइड 

वहीं पाली में विवाहिता ने ट्रेन से कटकर सुसाइड कर ली। मरने से पहले उसने फेसबुक लाइव होकर अपनी परेशानी बताई। करीब 9 मिनट के वीडियो में महिला संपत्ति विवाद और बेटे के ब्लड कैंसर को मुख्य कारण बताती हुई नजर आ रही है। FB पर लाइव देखकर परिजन और अन्य लोग उसे बचाने के लिए रेलवे ट्रैक पर भी पहुंचे, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। पाली में गुरुवार रात को रेलवे ट्रैक पर सोते हुए महिला राठौड़ ने लाइव किया। उसके बाद ट्रेन से कटने से उसकी मौत हो गई।  

सदर थाना प्रभारी ने दी जानकारी

सदर थाना प्रभारी रविंद्र सिंह ने बताया कि हाउसिंग बोर्ड की रहने वाली महिमा राठौड़ (उम्र 34) पत्नी अमराराम राठौड़ ने गुरुवार रात को केरला स्टेशन पर सूर्यनगरी एक्सप्रेस ट्रेन के आगे लेटकर सुसाइड कर ली। महिमा ने सुसाइड से पहले फेसबुक लाइव होकर कहा, 'मेरे 8 साल के बच्चे को ब्लड कैंसर है। पिता की भी मौत हो चुकी है। माता-पिता की संपत्ति भी भाई-बहन ने हड़प ली। बच्चे के इलाज के लिए मकान बेचकर किराए के मकान में रहने लगी, भाई-बहन ने साथ नहीं दिया। अब बर्दाश्त नहीं होता, मर रही हूं। अलविदा...मेरे बच्चों का ख्याल रखना।'

डिप्रेशन में थी मृतिका: परिजन

बताया जा रहा है कि महिमा का पति अमराराम का मेडिकल स्टोर है। गुरुवार देर शाम अमराराम अपने बेटे के साथ दुकान पर था, उस वक्त महिमा घर से अकेली स्कूटी लेकर रेलवे ट्रैक पर पहुंची थी। फेसबुक पर लाइव आने पर उसके रेलवे ट्रैक पर होने की जानकारी मिली। परिजनों का कहना है कि वह काफी समय से कई समस्याओं के कारण डिप्रेशन में थी। उनका कहना है कि महिमा ने तीन साल पहले भी सुसाइड करने का प्रयास किया था। उस वक्त वह अपने पीहर के मकान की छत से कूद गई थी।

जांच में जुटी पुलिस

मौत से पहले विवाहिता ने आत्महत्या करने के लिए अपने भाइयों और बहन को जिम्मेदार ठहराया। महिमा ने गुरुवार शाम को एक फेसबुक पोस्ट भी किया था। इसमें भी वह अपनी मौत के लिए भाई-बहन को जिम्मेदार बता रही है। पुलिस ने इस मामले की जांच प्रारंभ कर दी है। हालांकि अब तक परिजनों की ओर से किसी प्रकार का मामला दर्ज नहीं कराया गया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।

प्रेमी के साथ शादी करने की जिद पर अड़ी युवती ने की आत्महत्या, परिजन थे रिश्ते के खिलाफ

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देश में आत्महत्या की घटनाएं लगातार बढ़ती ही जा रही है। ताजा मामला उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ का है, जहां एक लड़की की प्रेम कहानी का दुखद अंत हो गया। दरअसल, गांव के ही प्रेमी युवक संग शादी की जिद पर अड़ी युवती के घरवालों को गांव के लड़के के साथ उसकी शादी की जिद मंजूर नहीं थी। इसके बाद लड़की ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। लड़की के भाई ने जब बहन का शव लटका देखा तो उसकी चीख निकल गई। फिर परिजनों ने बिना पुलिस को कोई जानकारी दिए आनन-फानन में लड़की के शव का अंतिम संस्कार कर दिया।

मामला मंडराक क्षेत्र के एक गांव का है,जहां एक लड़की का बीते काफी समय से अपने ही गांव के रहने वाले एक लड़के के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। दोनों के बीच बीते कई सालों से चल रहे उनके इस प्रेम प्रसंग की जानकारी दोनों के परिजनों समेत गांव के ग्रामीणों को भी मालूम थी। दोनों के घरवाले उनके रिश्ते के खिलाफ थे, लेकिन परिजनों के विरोध के बावजूद दोनों का प्रेम प्रसंग और ज्यादा परवान चढ़ता चला गया, जिसके बाद दोनों ने एक दूजे के साथ जीने मरने की कसमें खाते हुए शादी करने की जिद ठान ली, लेकिन लड़के के साथ शादी की जिद पर अड़ी लड़की के परिजनों को उसकी शादी करना मंजूर नहीं था। इसके बाद लड़की ने जान देने का फैसला कर लिया और अपने कमरे में फांसी के फंदे पर झूल गई।

बिना पुलिस को सूचना दिए किया अंतिम संस्कार

वहीं जब लड़की का भाई कमरे के सामने से गुजरा तो उसकी नजर कमरे के अंदर फांसी के फंदे पर लटकी अपनी बहन पर पड़ गई। भाई ने जब बहन का शव फांसी के फंदे पर लटका देखा तो उसकी चीख निकल गई। भाई की चीख की आवाज सुनकर परिजन दौड़कर कमरे की तरफ भागे और कमरे में पहुंचे परिजनों के होश उड़ गए। इसके बाद परिजनों ने लड़की के शव को फांसी के फंदे से उतार कर पुलिस को बिना सूचना दिए उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। हालांकि इलाके की पुलिस ने ऐसी किसी भी जानकारी होने से इनकार किया है।

घर से निकलने पर बंदिशें

ग्रामीणों का कहना है कि बीते दिनों लड़की के भाई ने अपनी बहन और उसके प्रेमी को आपत्तिजनक हालत में रंगेहाथ पकड़ लिया था, जिसके बाद परिजनों ने बेटी के घर से निकलने पर बंदिशें लगा दी थी। वहीं एक दिन जब लड़की कॉलेज से घर पहुंची तो खाना खाने के बाद अपने कमरे में चली गई और दरवाजा बंद कर दिया और दुपट्टे से फांसी का फंदा बनाकर कमरे के अंदर छत पर लगे पंखे से लटककर खुदकुशी कर ली। हालांकि मडराक TI कुलदीप सिंह ने ऐसी किसी भी जानकारी से मना किया है। बता दें कि देश के अलग-अलग राज्यों से रोजाना आत्महत्या की खबरें सामने आ रही है।

हादसा: डिवाइडर से टकराने के बाद कार में लगी भीषण आग, जिंदा जले 4 लोग

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उत्तर प्रदेश हादसों का गढ़ बनता जा रहा है। प्रदेश में किसी न किसी दुर्घटना की खबर रोजाना सामने आ रही है। ताजा मामला सुल्तानपुर का है, जहां पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर एक कार डिवाइडर से टकरा गई। टकराने के कारण धमाका हुआ और कार में आग लग गई। आग इतनी भीषण थी कि कार में बैठे चार लोगों को बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिला और वे जिंदा ही जल गए। दमकल कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक चारों की जलकर मौत हो चुकी थी।

एक मृतक की शिनाख्त हो गई है। वो लखनऊ का रहने वाला था। पुलिस ने उसके परिजनों को सूचना दे दी है। बाकी दो मृतकों की शिनाख्त की कोशिश जारी है। स्थानीय लोगों ने बताया कि कार सवार मदद के लिए चीखते रहे, लेकिन भयानक आग में कोई भी उन्हें बचाने की हिम्मत नहीं जुटा पाया। पूरा मामला गोसाईगंज थाना क्षेत्र के अरवल किरी करवत गांव के पास का है। रविवार की शाम करीब 7 बजे लखनऊ से गाजीपुर की तरफ जा रही तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई।

घटना की जांच में जुटी पुलिस

लोगों के मुताबिक डिवाइडर से टकराने के तत्काल बाद कार में भीषण आग लग गई। इससे कार में सवार चार लोगों की कार में ही जलने से मौत हो गई। सूचना पर पहुंचे यूपीडा के सुरक्षा कर्मियों ने स्थानीय पुलिस को सड़क हादसे की जानकारी दी। इसके बाद गोसाईगंज थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। फिलहाल पुलिस घटना की जांच में जुटी हुई है।

हादसे का कारण स्पष्ट नहीं: CO

CO जयसिंहपुर केके सरोज ने बताया कि ये हादसा पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर माइल स्टोन 127 के पास हुआ। नीले रंग की कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराई। इसके बाद आग लगी। कार में चार लोग ही थे। सभी की मौत हो गई है। कार नंबर के आधार पर एक मृतक की शिनाख्त आदित्य कोठारी के रूप में हुई है। वो लखनऊ में ज्ञान भवन, कपूरथला नियर टिप टॉप ड्रेसेज का रहने वाला था। अभी हादसे का कारण स्पष्ट नहीं हुआ है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर ही है।

गुब्बारे में गैस भरने वाले सिलेंडर में हुआ धमाका, 5 लोगों की हालत गंभीर

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उत्तर प्रदेश हादसों का गढ़ बनता जा रहा है। प्रदेश में किसी न किसी दुर्घटना की खबर रोजाना सामने आ रही है। ताजा मामला आगरा का है, जहां बैलून में हवा भरते समय सिलेंडर में धमाका हो गया। इस हादसे में कई लोग घायल हुए हैं। घायलों में 5 की हालत गंभीर बताई जा रही है। गंभीर घायलों में 2 बच्चे 2 महिलाएं और 1 पुरुष शामिल हैं।

फाइल फोटो

जानकारी के मुताबिक सिलेंडर ब्लास्ट की खबर तुरंत अधिकारियों को दी गई। घटना की जानकारी मिलते ही आगरा ASP सत्यनारायण और SO न्यू आगरा अरविंद कुमार निर्वाल तुरंत मौके पर पहुंच गए। उन्होंने घायलों को तुरंत अस्पताल भिजवाया। ये घटना न्यू आगरा थाना के पोस्ट ऑफिस के पीछे हुई। गुब्बारे भरने वाले सिलेंडर में अचानक से ब्लास्ट हो गया। इस घटना में पास मौजूद लोग घायल हो गए। घायलों में पांच लोगों की हालत काफी गंभीर है, जिनका इलाज जारी है। 

गैस रिसाव से घर में लगी आग

बता दें कि 4 फरवरी को गुजरात में राजकोट के जामनगर रोड स्थित आवास क्वार्टर में LPG सिलेंडर से गैस के रिसाव के कारण अचानक आग लग गई, जिसमें पति-पत्नी बुरे तरीके से झुलस गए। महिला की हालत गंभीर बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक पत्नी को बचाते समय पति भी झुलस गया। पुलिस के मुताबिक रातभर सिलेंडर में गैस का रिसाव होता रहा। पीड़ित मधु परमार (उम्र 52) शुक्रवार को सुबह गैस स्टार्ट करने के लिए गई। इस दौरान लीकेज से धमाका हो गया और घर में आग लग गई।

 

बस ने कई गाड़ियों को मारी टक्कर, 6 लोगों की मौत, कई घायल

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उत्तर प्रदेश हादसों का गढ़ बनता जा रहा है। प्रदेश में किसी न किसी दुर्घटना की खबर रोजाना सामने आ रही है। ताजा मामला कानपुर का है, जहां रविवार रात को घंटाघर से टाटमिल चौराहे की ओर जा रही एक बेकाबू इलेक्ट्रिक बस ने 17 गाड़ियों को टक्कर मार दी। हादसे में 6 लोगों की मौत हो गई है। जबकि 9 की हालत नाजुक है। बस टक्कर मारते हुए चौराहे पर बने ट्रैफिक बूथ से टकराते हुए डंपर में घुस गई। पूर्वी कानपुर के DCP प्रमोद कुमार ने बताया कि सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस और एंबुलेंस भेजी गई। साथ ही कहा कि दुर्घटना में 6 लोगों की मौत की जानकारी मिली है और कई लोग घायल हैं। 

घायलों को पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायलों में कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। शुरुआती जांच में बस ड्राइवर की गलती पाई गई है। पुलिस वहां लगे CCTV फुटेज भी खंगाल रही है। मृतकों में अभी सिर्फ 3 लोगों की ही शिनाख्त हो पाई है। लोगों का कहना है कि बस ने 2 कार, 10 बाइक और स्कूटी, 2 ई-रिक्शा समेत 3 टेंपों को टक्कर मारी। इसके बाद भीड़ जुटती देख ड्राइवर बस से कूदकर भाग निकला।

वहीं हादसे को लेकर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने दुख जताया है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सोशल मीडिया पर लिखा कि ' कानपुर में हुई बस दुर्घटना में कई लोगों के हताहत होने की खबर से अत्यंत दुःख हुआ है। इस घटना में अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति मेरी गहन शोक-संवेदनाएं। मैं घायल हुए लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।'

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी दुख जताया है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि 'कानपुर से सड़क हादसे का बहुत ही दुखद समाचार प्राप्त हुआ। मृतकों के परिजनों के प्रति मेरी गहरी शोक संवेदनाएं। मैं ईश्वर से प्रार्थना करती हूं कि घायलों को जल्द स्वास्थ्य लाभ मिले।'

इधर, रविवार को ही सेंट्रल कोलकाता धर्मतला में एक मिनी बस पलट गई। इस हादसे में 12 से ज्यादा यात्री घायल हो गए। कई यात्रियों को गहरी चोट लगी है।  जानकारी के मुताबिक धर्मतला के डोरिना क्रॉसिंग पर टायर फटने से मिनी बस ड्राइवर ने नियंत्रण खो दिया और इस कारण बस पलट गई।

नेशनल हाईवे में 5 लोगों की मौत

पुणे-मुंबई नेशनल हाईवे में भी रविवार को एक भीषण सड़क हादसा हुआ, जिसमें 5 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। ये दुर्घटना पुराने पुणे-मुंबई महामार्ग पर हुई। मावल तालुके में स्थित शिलाटणे गांव के पास एक कार और कंटेनर के बीच जबर्दस्त भिड़ंत हो गई। कार और कंटेनर के बीच टक्कर में कार पूरी तरह से चकनाचूर हो गई। मुंबई से पुणे की ओर तेज रफ्तार से जा रही फोर्ड गाड़ी पुणे से मुंबई की ओर आ रहे कंटेनर से टकरा गई। बता दें कि देश में सड़क हादसों का आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है।

शिक्षक बना भक्षक: निजी स्कूल में 17 छात्राओं के साथ छेड़छाड़, थाना प्रभारी लाइन अटैच

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देश में बच्चियों और महिलाओं पर होने वाले अपराध लगातार बढ़ जा रहे हैं। रोजाना देश के अलग-अलग राज्यों से दुष्कर्म और छेड़छाड़ की खबरें सामने आ रही है। ताजा मामला उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर का है, जहां स्कूल के एक टीचर पर 17 छात्राओं को नशीला खाना खिलाकर उनके साथ छेड़खानी करने का आरोप लगा है। आरोप है कि 10वीं क्लास की 17 छात्राओं को प्रैक्टिकल के बहाने पहले रात को स्कूल में रोका गया फिर खाने में दी गई खिचड़ी में नशा मिलाकर उनके साथ छेड़छाड़ की गई।

घटना के बाद छात्राएं जब शिकायत करने पुलिस के पास गई तो पुलिस ने कार्रवाई करने की बजाए इस मामले को ही दबा दिया। BJP विधायक के हस्तक्षेप और शिकायत के बाद SP सिटी और SSP की जांच में खुलासा होने पर घटना के 17 दिन बाद दो स्कूल संचालकों के खिलाफ छेड़खानी, नशीला पदार्थ देने और पोक्सो एक्ट की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है। SSP ने घटना को छिपाने और पीड़ितों के परिजनों की शिकायत को अनदेखा करने वाले वाले थाना प्रभारी को भी लाइन अटैच कर दिया है। 

 पुलिस पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप

दरअसल, पुरकाजी के दो स्कूल संचालकों ने प्रैक्टिकल दिलाने के नाम पर 18 नवंबर को भोपा से दसवीं की 17 छात्राओं को रात में पुरकाजी के जीजीएस इंटरनेशनल स्कूल में रोका था। इसके बाद उन सभी 17 लड़कियों के साथ छेड़खानी की गई। इस दौरान कोई महिला टीचर उनके साथ मौजूद नहीं थी। अभिभावकों ने भी शिक्षकों पर भरोसा कर के अपनी लड़कियों को उनके साथ भेजा दिया था। पुलिस के कार्रवाई नहीं करने के बाद ये मामला बीजेपी विधायक प्रमोद उटवाल के पास पहुंचा।

कई धाराओं के तहत केस दर्ज 

वहीं मामले की जांच कराई गई, जिसमें आरोप सही पाए जाने पर थाना प्रभारी विनोद कुमार सिंह को एसएसपी ने लाइन अटैच कर दिया। एक छात्रा के पिता की तरफ से सूर्य देव पब्लिक स्कूल भोपा के संचालक योगेश कुमार और जीजीएस इंटरनेशनल स्कूल पुरकाजी के संचालक अर्जुन सिंह के खिलाफ छेड़खानी, नशीला पदार्थ देने और पॉक्सो एक्ट की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।

मामले की जांच में जुटी पुलिस

 रिपोर्ट में बताया गया है कि योगेश छात्राओं को प्रैक्टिकल परीक्षा दिलाने के बहाने घर से ले गया था। फिर देर होने का बहाना बनाकर स्कूल में रोक लिया था, जिसके बाद रात में खिचड़ी में नशीला पदार्थ मिलाकर खिला दिया गया और उसके बाद बच्चियों के साथ छेड़खानी की गई। वहीं छात्राओं को धमकी भी दी। किसी को बताने पर फेल करने और परिजनों की हत्या करने की धमकी दी गई। इसके बाद से ही छात्राओं ने अगले दिन से स्कूल जाना बंद कर दिया था। बाद 2 छात्राओं ने अपने परिजनों को सारी घटना बताई। छात्राओं का कहना था कि उन्होंने खुद अपनी खिचड़ी बनाई थी, लेकिन संचालकों ने उसे फेंककर खुद बनाकर दी थी। इसके बाद उनको नशा हो गया था। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।

मध्यान्ह भोजन खाने के बाद 36 से ज्यादा छात्र बीमार, 2 बच्चों की हालत गंभीर

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उत्तर प्रदेश के कानपुर में मध्यान्ह भोजन खाने से 36 से ज्यादा छात्रों की तबीयत खराब होने का मामला सामने आया है।  भीतरगांव ब्लॉक के सरसी गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय में मिड-डे मील खाने के बाद 36 से ज्यादा छात्र-छात्राएं बीमार पड़ गए। बच्चों के बीमार होने की खबर लगते ही आनन-फानन में सभी बच्चों को भीतरगांव CHC अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से 2 बच्चों की हालत को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है।  


जानकारी के मुताबिक सरसी गांव के प्राथमिक विद्यालय में बच्चों को मिड डे मील में आलू सोयाबीन की सब्जी और रोटी परोसी गई थी, लेकिन इसे खाने के बाद अचानक बच्चों की हालत बिगड़ने लगी। इसके बाद आनन-फानन में डॉक्टर्स की एक टीम को स्कूल बुलाया गया, जिन्होंने जांच के बाद छात्रों को अस्पताल भेजा। 

दोषी पर होगी सख्त से सख्त कार्रवाई: शिक्षा अधिकारी

वहीं मामले की जानकारी मिलते ही बेसिक शिक्षा अधिकारी पवन तिवारी भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि मिड डे मील खाने के बाद कई स्टूडेंट्स ने पेट में दर्द की शिकायत की थी, जिनमें दो को अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत पड़ी। जबकि बाकी को घर भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में लापरवाही पाए जाने पर दोषी पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

दर्दनाक हादसा: बस और ट्रक में जबरदस्त भिड़ंत, 9 लोगों की मौके पर ही मौत, 27 से ज्यादा लोग घायल

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देश में सड़क दुर्घटना (Road accident increased in india) लगातार बढ़ता ही जा रहा है। रोजाना देश के अलग-अलग हिस्सों से सड़क हादसे की खबर सामने आती रहती है। ताजा मामला UP के बाराबंकी का है, जहां एक यात्री बस और ट्रक के बीच भीषण टक्कर हो गई। हादसे में 9 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई है। जबकि 27 से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं। इनमें से 5 को ट्रामा सेंटर लखनऊ रेफर किया गया है। ये बस दिल्ली से बहराइच जा रही थी। जानकारी के मुताबिक बस और ट्रक दोनों तेज रफ्तार में थे। तभी एक मवेशी के बीच में आ जाने से बैलेंस बिगड़ गया और दोनों की बीच टक्कर हो गई। हादसा किसान पथ रिंग रोड पर हुआ है। 


पुलिस के मुताबिक एक बस दिल्ली से बहराइच जा रही थी। तभी सामने से एक ट्रक आ गया। ट्रक रेत से लदा हुआ था। वहीं बस में करीब 70 लोग यात्रा कर रहे थे। ट्रक और बस की टक्कर इतनी भयंकर थी कि मौके पर ही 9 लोगों की मौत हो गई। दिल्ली से बहराइच जा रही टूरिस्ट बस जैसे ही देवा कोतवाली क्षेत्र में किसान पथ पर बबुरी गांव के पास पहुंची, सामने से आ रहा एक ट्रक अचानक बेकाबू होकर उससे टकरा गया। बस और ट्रक को काटकर घायलों को निकाला जा रहा है। सभी घायलों को जिला अस्पताल भेजा गया, जहां पर डॉक्‍टरों ने 9 लोगों को मृत घोषित कर दिया है। मरने वालों में रहमान (उम्र 42) के अलावा किसी अन्‍य यात्री की अभी तक शिनाख्‍त नहीं हो सकी है।

घायलों का नाम और पता

हादसे में यासमीन उम्र 28 (नंदीपुर थाना कैसरगंज बहराइच), शादाब उम्र 5 साल (नंदीपुर थाना कैसरगंज बहराइच), सिराज अहमद उम्र 45 (पट्टी थाना कैसरगंज बहराइच), सदील (उम्र 28) (एहतशाम पुर थाना कैसरगंज बहराइच), रहमत कंडेला (थाना कैसरगंज बहराइच), चंदू उम्र 55 (हजूर पुर बहराइच), लक्ष्मण चौहान उम्र 24 (लोनयन पुरवा नकटा थाना कटरा बाजार गोंडा) इतर उम्र 35 (पट्टी कैसरगंज बहराइच) प्रवेश उम्र 18 (लाला पुरवा थाना कैसरगंज बहराइच), अदनान उम्र 20 (बहराइच थाना हुजूरपुर बहराइच), जगत राम उम्र 21(फत्तापुर कला टिकैतनगर बाराबंकी), हामिद उम्र 21 (उपाधि पट्टी जरवल रोड बहराइच), जरीन उम्र 5 (उपाधि पट्टी जरवल रोड बहराइच),  शाहिदा उम्र 5 (उपाधि पट्टी जरवल रोड बहराइच), आसिम (नागेश्वर नाथ मंदिर बाराबंकी) और विशाल पांडे उम्र 21(कटका थाना हुजूरपुर बहराइच) का नाम शामिल है। 

हादसे में ये भी हुए हैं घायल

इसी तरह अब्दुल हसन उम्र 35 (पुरैनी कैसरगंज बहराइच), तालुकदार उम्र 32 (हरवा टांडा थाना हुजूरपुर बहराइच), अलख राम उम्र 28 (बरगदी कोट थाना करनैलगंज गोंडा), अनंतराम उम्र 58 (निंदूरा थाना कटरा बाजार गोंडा), पवन कुमार उम्र 28 (कुर्मिन परवलिया थाना करनैलगंज गोंडा), शारदा उम्र 33 (खरगूपुर गोंडा) , तरुण कनौजिया (खरगूपुर गोंडा), मनीष कुमार उम्र 20 (जगतपुर कटरा बाजार गोंडा), राजेश कुमार कनौजिया उम्र 35 (खरगूपुर गोंडा) और राहुल उम्र 19 (धनराजपुर जरवल रोड बहराइच) भी हादसे में घायल हुए हैं।

जांच में जुटी पुलिस

 पुलिस ने बताया कि हादसे में 27 लोग घायल हो हुए हैं। इनमें कई लोग गंभीर रूप से भी घायल हैं। घायलों को इलाज के लिए लखनऊ ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई थी और राहत-बचाव कार्य में जुट गई। मौके पर एक जेसीबी भी पहुंची। इसकी मदद से बस और ट्रक को अलग-अलग किया गया। टक्कर इतनी भयंकर थी कि बस और ट्रक दोनों के परखच्चे उड़ गए। बस और का अगला हिस्सा पूरी तरह से कबाड़ बन चुका है। फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

BJP सांसद पर हमला, पूर्व कांग्रेस सांसद समेत 77 के खिलाफ FIR दर्ज

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UP के प्रतापगढ़ जिले के सांगीपुर विकासखंड सभागार में गरीब कल्याण मेले का आयोजन किया गया था, जिसमें BJP और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच जमकर मारपीट हुई। इस दौरान BJP सांसद संगम लाल गुप्ता पर भी हमला हुआ। हालांकि पुलिस ने उन्हें बचाकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। इसके बाद नाराज सांसद ने अपने समर्थकों के साथ प्रयागराज-प्रतापगढ़ मार्ग पर कई घंटों तक जाम लगाया। वहीं इसे लेकर शनिवार देर रात मामला दर्ज किया गया। 


जानकारी के मुताबिक लालगंज पुलिस स्टेशन में कांग्रेस के पूर्व सांसद प्रमोद तिवारी, कांग्रेस विधायक दल की नेता आराधना मिश्रा समेत 77 पर हत्या की कोशिश, दंगा और जीवन या दूसरों की व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालने वाला काम की धारा के तहत केस दर्ज किया गया है। कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी के साथ भी हाथापाई की गई। 

#WATCH | Pratapgarh: A clash broke out b/w supporters of Congress leader Pramod Tiwari & BJP MP Sangam Lal Gupta at 'Garib Kalyan Mela' in Sangipur where both leaders were present. MP & his supporters were allegedly chased & beaten by Tiwari's supporters

(Note: Abusive language) pic.twitter.com/Ra9e1HrxqH

— ANI UP (@ANINewsUP) September 25, 2021 

इस अफरातफरी में विधायक आराधना मिश्रा का मोबाइल गायब हो गया। इस मारपीट में भाजपा और कांग्रेस के कई समर्थकों को चोटें आईं है। जानकारी के मुताबिक गरीब कल्याण मेले में बतौर मुख्य अतिथि भाजपा सांसद संगम लाल गुप्ता को आमंत्रित किया गया था, लेकिन वह देर से पहुंचे। इसी बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी और आराधना मिश्रा मेला स्थल पर पहुंचे और चंद मिनट बाद भाजपा सांसद भी पहुंचे, जिससे कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं में तनाव फैल गया।

कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे पर किया हमला

तीखी नोकझोंक के बाद दोनों गुटों ने एक दूसरे पर हमला कर दिया, जिसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में दिखाया गया है कि कुछ लोगों ने उनके वाहन का पीछा किया और उसे क्षतिग्रस्त कर दिया। हंगामे के बाद कार्यक्रम को भी स्थगित कर दिया गया। भारी बल ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। बाद में सांसद संगम लाल गुप्ता की शिकायत पर कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी, उनकी बेटी और विधायक आराधना मिश्रा, संगीपुर के प्रखंड प्रमुख बबलू सिंह समेत 77 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। वहीं सांसद ने अपने साथ मारपीट के अलावा एक इंस्पेक्टर को भी पीटे जाने का आरोप लगाया है।

27 नामजद और 50 अज्ञात पर केस दर्ज

लालगंज थाना प्रभारी कमलेश कुमार पाल ने कहा कि कांग्रेस-बीजेपी के कार्यकर्ताओं में हुई मारपीट मामले में प्रमोद तिवारी ,आराधना मिश्रा समेत 27 लोगों पर नामजद FIR दर्ज किया गया है। वहीं 50 अज्ञात लोगों पर भी केस दर्ज किया गया है। इस मारपीट में BJP सांसद संगम लाल के कपड़े तक फाड़ दिए गए थे। गाड़ियों में भी तोड़ फोड़ हुई थी। फिलहाल मामले की जांच जारी है। वहीं उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि भाजपा सांसद संगम लाल गुप्ता पर हमले में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए गए हैं। तनाव को देखते हुए इलाके में अतिरिक्त बल तैनात कर दिया गया है।

CRIME: आखिर ऐसा क्या हुआ कि युवक ने अपनी मंगेतर की ले ली जान, 4 महीने पहले ही हुई थी दोनों की सगाई

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देश में हत्या के मामले लगातार (Crime in increasing in india) बढ़ते ही जा रहे हैं। रोजाना देश के अलग-अलग हिस्सों से हत्या की खबरें सामने आ रही है। ताजा मामला UP के आजमगढ़ जिले में हत्या के एक मामले ने सनसनी फैला दी है। यहां एक युवक ने अपनी मंगेतर को पहले मिलने के बहाने बुलाया और फिर धारदार हथियार से वार कर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी। युवती की हत्या के बाद इलाके के लोग दहशत में है। युवती की हत्या की वजह का पता नहीं चल सका है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।


मामला अतरौलिया इलाके का है, जहां के पुरखी गांव के रहने वाले विनोद कुमार की बेटी खुशबू की शादी अहरौला के भैसापुर परौली गांव के रहने वाले देवानंद उर्फ गोली के साथ तय हुई थी। चार महीने पहले दोनों की सगाई भी हो चुकी थी। सगाई के बाद दोनों आपस में फोन पर बातचीत करते थे। एक दिन मंगेतर देवानंद ने खुशबू से मिलने के लिए उस पर दबाव बनाया। खुशबू अपने मंगेतर देवानंद से मिलने भाभी के साथ शाहपुर बाजार चली गई। देवानंद और खुशबू मिलकर बातचीत कर रहे थे। इस दौरान देवानंद ने खुशबू की भाभी से यह कहकर दूर जाने को कहा कि हम लोगों को कुछ आपसी बात करनी है। 

अस्पताल ले जाते समय मौत

भाभी के कुछ दूर जाते ही देवानंद ने धारदार हथियार से खुशबू की गर्दन पर कई वार किए। घायल खुशबू की चीख सुनकर उसकी भाभी ने शोर मचाते हुए लोगों से मदद मांगी। वहीं हमला करने के बाद देवानंद मौके से फरार हो गया। आस-पास के लोगों ने हमले में बुरी तरह घायल खुशबू को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। गंभीर हालत को देखते हुए उसे जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया, लेकिन रास्ते में ही खुशबू की मौत हो गई। खुशबू की हत्या की खबर के बाद उसके घर में मातम पसर गया है। पुलिस इस सनसनीखेज मामले की जांच में जुट गई है।

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