Media24Media.com: छत्तीसगढ़

Responsive Ad Slot


 

Showing posts with label छत्तीसगढ़. Show all posts
Showing posts with label छत्तीसगढ़. Show all posts

विशेष लेख : सुशासन तिहार जनाकांक्षाओं का समाधान

No comments Document Thumbnail

 नसीम अहमद खान, उप संचालक, जनसंपर्क


रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में चल रहा सुशासन तिहार जनता की समस्याओं के त्वरित निराकरण और शासकीय योजनाओं के लाभ को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का एक प्रभावी माध्यम बन रहा है। 8 अप्रैल से 31 मई 2025 तक तीन चरणों में आयोजित यह अभियान पारदर्शिता, जवाबदेही और जनसंवाद को बढ़ावा दे रहा है, जिसका उद्देश्य शासन को जन-केंद्रित बनाना, जन सरोकार, जन विश्वास को मजबूत करना और विकास कार्यों की जमीनी हकीकत का मूल्यांकन करना है।

पहले चरण में जनता जनार्दन से उनकी समस्याओं और मांगों के संबंध में 8 से 11 अप्रैल तक समाधान पेटी, ऑनलाइन पोर्टल और शिविर के माध्यम से आवेदन एकत्र प्राप्त किये गए। सुशासन तिहार के पहले चरण में मिले 40 लाख 31 हजार 77 आवेदनों का तेजी से निराकरण किया जा रहा है, जिसमें मांग से संबंधित 39 लाख 49 हजार 733 आवेदन और शिकायत से संबंधित मात्र 81 हजार 344 आवेदन शामिल हैं। द्वितीय चरण में इन आवेदनों का जिला प्रशासन द्वारा तत्परता से निराकरण किया जा रहा है, जबकि तृतीय चरण में 5 से 31 मई तक समाधान शिविरों में मुख्यमंत्री, मंत्री और जनप्रतिनिधि जनता से रू-ब-रू होंगे। यह अभियान न केवल समस्याओं का समाधान कर रहा है, बल्कि राज्य के मैदानी इलाके से लेकर बस्तर जैसे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी जनता का विश्वास जीत रहा है।

इस अभियान के उद्देश्य स्पष्ट और व्यापक हैं। जनता की शिकायतों का समयबद्ध निराकरण, शासकीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन, प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही स्थापित करना और जनता-शासन के बीच संवाद का सेतु बनाना। विशेष रूप से सुकमा, बीजापुर नारायणपुर, दंतेवाड़ा जिले के सुदूर क्षेत्रों में, जहां प्रशासन की पहुंच सीमित थी, यह अभियान जनता की आवाज को न केवल सुन रहा है, बल्कि त्वरित कार्रवाई के माध्यम से उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहा है। नारायणपुर के मुरियापारा में जीवन राम साहू की मांग पर वहां का वार्ड क्रमांक 10 स्ट्रीट लाइट्स से जगमगाने लगा है, जिससे रात में सुरक्षा और सुविधा बढ़ी है। बिलासपुर के कोटा ब्लॉक में मंगल सिंह बैगा को 24 घंटे में ट्राइसाइकिल मिली और दिव्यांग पेंशन की पात्रता सुनिश्चित हुई है। मोहला-मानपुर चौकी जिले केे तेलीटोला में जर्जर स्कूल भवन के लिए 15 लाख रुपये स्वीकृत हुए हैं।

महासमुंद के मनोहर सिंह पटेल को 24 घंटे में आयुष्मान कार्ड मिला, जिसने स्वास्थ्य सुविधाओं तक उनकी पहुंच आसान हो गई है। राजनांदगांव की भारती देवांगन को तत्काल श्रमिक कार्ड प्रदान किया गया, जिससे सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ सुनिश्चित हुआ है। रायपुर के विकास मिश्रा को लर्निंग लाइसेंस मिला। मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर की निर्मला जोगी को 15 अप्रैल को राशन कार्ड मिला, जिसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया। बस्तर के शम्भूनाथ कश्यप के राशन कार्ड में एक सप्ताह में पत्नी और बेटे का नाम जोड़ा गया, जिससे उनके परिवार को राशन की पूरी सुविधा मिल गई है। रायगढ़ के 80 प्रतिशत दिव्यांग सुदर्शन खड़िया को ट्राइसाइकिल और बैसाखी मिली, जिसने उनके आत्मविश्वास को बढ़ाया।

सुशासन तिहार के सकारात्मक परिणाम समाज के हर वर्ग तक पहुंच रहे हैं। यह अभियान न केवल व्यक्तिगत समस्याओं का समाधान कर रहा है, बल्कि सामुदायिक विकास को भी गति दे रहा है। तेलीटोला में स्कूल भवन की स्वीकृति का शिक्षा के क्षेत्र में दीर्घकालिक प्रभाव होगा, जबकि नारायणपुर में स्ट्रीट लाइट्स ने सामुदायिक सुरक्षा को मजबूत किया किया है। बस्तर जैसे क्षेत्रों में राशन कार्ड और आयुष्मान कार्ड जैसे दस्तावेजों का वितरण इस बात का प्रतीक है कि सरकार प्रत्येक पात्र हितग्राही को शासकीय योजनाओं और कार्यक्रमों से लाभान्वित करने के लिए संकल्पित है। यह अभियान प्रशासन की तत्परता और संवेदनशीलता का प्रतीक है, जिसने जनता में यह विश्वास जगाया है कि उनकी छोटी-बड़ी हर मांग सुनी जाएगी।

सोशल मीडिया पर यह अभियान 8 अप्रैल से लगातार वायरल हो रहा है। मुख्यमंत्री ने फेसबुक पर लिखा, सुशासन तिहार जनता की उम्मीदों का केंद्र है। इंस्टाग्राम पर नारायणपुर की स्ट्रीट लाइट्स की तस्वीरें साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अभियान रातों को रोशन कर रहा है। सोशल प्लेटफार्म एक्स पर बस्तर जिला प्रशासन ने शम्भूनाथ की कहानी साझा की और लिखा हर परिवार तक पहुंचने का संकल्प। अंबिकापुर से एक अनोखी कहानी सुनने को मिली, जहां एक व्यक्ति ने समाधान पेटी में अपनी शादी करवाने की मांग रखी। यह कहानी प्रशासन तिहार की व्यापक पहुंच और जनता की विश्वास की प्रतीक है। हालांकि यह मांग हास्यप्रद है, लेकिन इससे यह मालूम होता है कि लोग अपनी हर-छोटी बड़ी बात को मंच पर रखने की सहज महसूस कर रहे हैं।

जनता में उत्साह है, खासकर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में, जहां समाधान पेटी ने ग्रामीणों की आवाज को प्रशासन तक पहुंचाया है। निर्मला जोगी और सुदर्शन खड़िया जैसे हितग्राहियों ने सरकार को धन्यवाद दिया है। एक्स पर जनता की टिप्पणियां, जैसे हमारी समस्याएं सुनी गईं, इसकी सफलता को रेखांकित करती हैं। सुशासन तिहार 2025 शासन और जनता के बीच सेतु बन रहा है। 24 घंटे में ट्राइसाइकिल का मिलना, स्ट्रीट लाइट्स लगना और राशन कार्ड जैसी उपलब्धियां इसकी संवेदनशीलता को बयां करती हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का नेतृत्व और प्रशासन की तत्परता इसे जन-केंद्रित बना रही है, जैसा कि उन्होंने फेसबुक पर लिखा, संकल्प, संवाद से समाधान। सुशासन तिहार वास्तव में छत्तीसगढ़ के विकास, जन सरोकार और जनकल्याण का नया आयाम स्थापित कर रहा है।

पेट्रोल पंप खोलना हुआ आसान : छत्तीसगढ़ में पेट्रोल पंप के लिए लाइसेंस की जरूरत खत्म

No comments Document Thumbnail

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए पेट्रोलियम रिटेल आउटलेट्स यानी पेट्रोल पंप के लिए राज्य स्तर पर लाइसेंस की अनिवार्यता को खत्म कर दिया है। यह बदलाव 14 नवंबर 2024 को खाद्य नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण विभाग की ओर से जारी एक अधिसूचना के जरिए लागू किया गया है। अब पेट्रोल पंप खोलने के लिए व्यवसायियों को सिर्फ केंद्रीय पेट्रोलियम अधिनियम के नियमों का पालन करना होगा। पहले की दोहरी अनुमति की प्रक्रिया को हटाकर इसे आसान बना दिया गया है।


क्या बदला और क्यों है यह अहम

पहले पेट्रोल पंप शुरू करने के लिए व्यवसायियों को कलेक्टर के माध्यम से खाद्य विभाग से क्रय विक्रय का लाइसेंस प्राप्त करना होता था। प्रत्येक वर्ष अथवा तीन वर्ष में एक बार लाइसेंस का रिन्यूवल कराना होता था। राज्य शासन और केंद्र, दोनों जगह से अनुमति लेने की दोहरी प्रक्रिया से समय और पैसा दोनों खर्च होते थे, साथ ही कागजी कार्रवाई भी बढ़ जाती थी। अब केवल केंद्र के नियमों का पालन करना काफी होगा। इससे व्यवसायियों को राहत मिलेगी और पेट्रोल पंप खोलने की प्रक्रिया तेज और सस्ती हो जाएगी। यह कदम छत्तीसगढ़ में व्यवसाय को बढ़ावा देने और नियमों को सरल बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव है।

व्यवसायियों को कैसे होगा फायदा

अब कम कागजी कार्रवाई और एक ही स्तर की अनुमति से पेट्रोल पंप जल्दी शुरू हो सकेंगे। नए व्यवसायी, खासकर छोटे उद्यमी और तेल कंपनियां, बिना ज्यादा परेशानी के अपना काम शुरू कर सकेंगे। यह सुधार ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में पेट्रोल पंप खोलने को बढ़ावा देगा, जहां अभी ईंधन की पहुंच कम है।

राज्य और जनता को क्या लाभ

इस बदलाव से छत्तीसगढ़ में ईंधन की उपलब्धता बढ़ेगी, जिससे लोगों को पेट्रोल-डीजल आसानी से मिल सकेगा। खासकर उन इलाकों में, जहां अभी पेट्रोल पंप कम हैं, वहां सुविधा बेहतर होगी। साथ ही, नए पेट्रोल पंप खुलने से राज्य में निवेश बढ़ेगा और बुनियादी ढांचे का विकास होगा। यह सरकार के उस लक्ष्य को भी पूरा करता है, जिसमें व्यवसाय करने में आसानी और आर्थिक विकास पर जोर दिया गया है।

छत्तीसगढ़ बन रहा व्यवसाय के लिए आकर्षक

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का कहना है कि छत्तीसगढ़ सरकार राज्य में व्यवसायों के लिए अनुकूल माहौल बनाने को लेकर गंभीर है। नियमों को सरल करके और अनावश्यक बाधाओं को हटाकर राज्य उद्योग, व्यवसाय को सहूलियत और निवेश को प्रोत्साहित करने की दिशा में काम कर रही है। इससे न सिर्फ व्यवसायियों को फायदा होगा, बल्कि राज्य की जनता को भी बेहतर सेवाएं मिलेंगी। छत्तीसगढ़ सरकार के इस निर्णय से पेट्रोल पंप खोलना आसान हो गया है। यह कदम न केवल सभी क्षेत्रों में ईंधन की पहुंच बढ़ाएगा, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करेगा।

अद्भुत इंजीनियरिंग का रहस्य समेटे घाघरा मंदिर : बिना जोड़ के पत्थरों से बनी रहस्यमयी संरचना

No comments Document Thumbnail

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में स्थित घाघरा मंदिर अपने रहस्यमयी निर्माण और अनोखी स्थापत्य कला के लिए प्रसिद्ध है। बिना किसी जोड़ने वाले पदार्थ के सिर्फ पत्थरों को संतुलित करके बनाई गई इस प्राचीन संरचना का झुका हुआ स्वरूप इसे और भी रोचक बनाता है। छत्तीसगढ़ के इतिहास और वास्तुकला का यह अनमोल रत्न आज भी अपने भीतर कई रहस्यों को समेटे हुए है।

जिले के मुख्यालय मनेंद्रगढ़ से लगभग 130 किलोमीटर दूर जनकपुर के पास स्थित इस मंदिर का रहस्य आज भी विशेषज्ञों के लिए अबूझ पहेली बना हुआ है। सदियों पुराना यह मंदिर किसी चमत्कार से कम नहीं, जो बिना किसी गारा-मिट्टी या चूने के इस्तेमाल के आज भी मजबूती से खड़ा है।

घाघरा मंदिर का सबसे बड़ा आकर्षण इसकी निर्माण शैली है। इतिहासकार मानते हैं कि यह मंदिर पत्थरों को संतुलित करके इस तरह खड़ा किया गया है कि किसी भी प्रकार की जोड़ने वाली सामग्री की आवश्यकता ही नहीं पड़ी। यह तकनीक प्राचीन भारतीय वास्तुकला के अद्भुत कौशल को दर्शाती है। इस मंदिर का झुका हुआ स्वरूप इसे और भी रहस्यमयी बनाता है। माना जाता है कि किसी भूगर्भीय हलचल या भूकंप के कारण इसका झुकाव हुआ होगा, लेकिन इसके बावजूद सदियों से यह मंदिर अपनी मजबूती के साथ खड़ा है।

घाघरा मंदिर के निर्माण काल को लेकर विशेषज्ञ एकमत नहीं हैं। कुछ इतिहासकार इसे 10वीं शताब्दी का बताते हैं, तो कुछ इसे बौद्ध कालीन संरचना मानते हैं। वहीं, स्थानीय निवासियों का मानना है कि यह एक प्राचीन शिव मंदिर है, जहां आज भी विशेष अवसरों पर पूजा-अर्चना होती है। मंदिर के भीतर किसी भी मूर्ति का न होना इसके रहस्य को और गहरा करता है। कई स्थानीय कथाओं के अनुसार, मंदिर का निर्माण उस समय की अद्भुत इंजीनियरिंग और तकनीकी कौशल का प्रमाण है।

घाघरा मंदिर केवल श्रद्धालुओं का आस्था स्थल ही नहीं बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर का भी अनमोल प्रतीक है। इस अद्भुत संरचना को देखने के लिए दूर-दूर से पर्यटक और शोधकर्ता आते हैं। पुरातत्वविदों के लिए भी यह मंदिर एक शोध का महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस मंदिर को उचित पहचान दी जाए, तो यह स्थल धार्मिक और ऐतिहासिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बन सकता है।

मंदिर तक पहुंचने के लिए सबसे नजदीकी प्रमुख कस्बा जनकपुर है, जहां से घाघरा गांव आसानी से पहुंचा जा सकता है। मनेंद्रगढ़ से यहां तक का सफर लगभग 130 किलोमीटर का है। सड़क मार्ग के जरिए इस यात्रा के दौरान छत्तीसगढ़ के प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद भी लिया जा सकता है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से छत्तीसगढ़ अधिकारी-कर्मचारी फेडरेशन के प्रतिनिधि मंडल ने की सौजन्य मुलाकात

No comments Document Thumbnail

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज उनके निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के प्रतिनिधि मंडल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा ने इस मौके पर वेतन विसंगति दूर करने, चार स्तरीय पदोन्नति वेतनमान दिलाने, लंबित महंगाई भत्ते का एरियर्स का भुगतान सहित कई मुद्दों पर चर्चा की।

प्रतिनिधि मंडल ने होली से पहले अधिकारी-कर्मचारियों को 3 प्रतिशत महंगाई भत्ता स्वीकृत करने पर मुख्यमंत्री का आभार जताया। इस मौके पर मुख्यमंत्री को विभिन्न मांगों के संबंध में 5 सूत्रीय ज्ञापन भी सौंपा। प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा ने बताया कि ज्ञापन में  जुलाई 2019 से लंबित महंगाई भत्ते का एरियर भविष्य निधि खाते में समायोजित करने की मांग की गई है। इसी प्रकार विभिन्न संवर्गों के वेतन विसंगति एवं अन्य मुद्दों के लिए गठित पिंगुआ कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक करने शासकीय सेवकों को चार स्तरीय पदोन्नति वेतनमान क्रमशः 8, 16, 24 एवं 32 वर्षों की सेवा पर प्रदान करने मध्यप्रदेश की तर्ज पर छत्तीसगढ़ में अर्जित अवकाश का नगदीकरण 300 दिवस करने की मांग की गई।

कमल वर्मा ने बताया कि शासकीय सेवकों एवं पेंशनरों के लिए राज्य के मान्यता प्राप्त चिकित्सालयों से कैशलेस इलाज की सुविधा प्रदान की मांग भी की गई है। इस मौके पर प्रतिनिधिमंडल में बी.पी.शर्मा, चंद्रशेखर तिवारी, सतीश मिश्रा, पंकज पांडेय, राजेश चटर्जी, सत्येंद्र देवांगन, अजीत दुबे, जय कुमार साहू,  श्रीमती ऋतु परिहार, उमेश मुदलियार, राजेंद्र चंद्राकर, पीतांबर पटेल, और संतोष कुमार वर्मा सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे।

विष्णु देव की सरकार में मिला 2 लाख रुपए का ऋण, समूह की प्रगति और सदस्यों की इच्छाशक्ति को मिली मजबूती

No comments Document Thumbnail

रायपुर। श्रीमती निरंजना चंद्राकर जागृति महिला स्व-सहायता समूह, महासमुंद की अध्यक्ष हैं। सन 2000 से उनका समूह गठित हुआ है। उनके समूह में ज्यादातर ग्रामीण क्षेत्रों की गृहणी महिलाएं हैं। उन्हें जोड़कर यह समूह बनाया गया है। छत्तीसगढ़ सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग की सहायता एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की महिला सशक्तिकरण की नीतियों से जागृति महिला स्व-सहायता समूह समूह आगे बढ़ रहा है। इस समूह की सभी 10 सदस्य को महतारी वंदन योजना में हर माह एक हजार रुपए समय पर मिलता है।

समूह की अध्यक्ष श्रीमती निरंजना ने बताया कि उनके समूह को लगभग 20 साल हो गए। समूह की शुरुआत में छत्तीसगढ़ महिला कोष से उन्हें प्रारंभिक 5 हजार का ऋण प्राप्त हुआ। इसके बाद 10 हजार रुपए फिर एक लाख रुपए का लोन मिला। श्रीमती चंद्राकर ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार की ओर से उनके समूह को 2 लाख रुपए का ऋण मिला है, जिससे समूह की प्रगति और सदस्यों की इच्छाशक्ति को और अधिक मजबूती मिली है।

जागृति महिला स्व-सहायता समूह छत्तीसगढ़ के पारंपरिक व्यंजन बनाता है, जिनमें बड़ी, पापड़, आचार, चिप्स, लड्डू, ठेठरी, खुरमी, पपची, अइरसा आदि शामिल हैं। समूह को स्थानीय ऑर्डर के अलावा बहुतायत मात्रा में शादी के जोरन, गोद भराई, जन्मोत्सव जैसे समारोहों में भी ऑर्डर मिलता है। जिससे समूह की अच्छी-खासी आमदनी हो जाती है।

समूह की सदस्य श्रीमती गायत्री बाई यादव ने बताया कि महतारी वंदन योजना में अब तक 12 किश्त मिल चुकी है। यह पैसा जरूरत के समय बहुत काम आता है। घर के खर्चे में बड़ा आसरा बन गया है। श्रीमती यादव ने बताया कि कुछ समय पहले जब उनकी तबियत बिगड़ी तब महतारी वंदन योजना का पैसा बहुत काम आया,  हमारा परिवार इस योजना में मिले पैसे से डॉक्टर की फीस दे पाया और दवाइयां खरीद पाया।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव के विभागों के लिए 15,386 करोड़ रुपए से अधिक की अनुदान मांगें पारित

No comments Document Thumbnail

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज उप मुख्यमंत्री अरुण साव के विभागों के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 15,386 करोड़ 42 लाख 47 हजार रूपए की अनुदान मांगे पारित की र्गइं। इसमें लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के लिए 2,793 करोड़ 60 लाख 73 हजार रूपए, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग-नगरीय निकाय के लिए 24 करोड़ 38 लाख 13 हजार रूपए, लोक निर्माण कार्य-सड़कें और पुल के लिए 4,664 करोड़ 8 लाख 56 हजार रूपए,


न्याय प्रशासन एवं निर्वाचन के लिए 894 करोड़ 45 लाख 20 हजार रूपए, लोक निर्माण कार्य-भवन के लिए 2,101 करोड़ 99 लाख 36 हजार रूपए, नगरीय प्रशासन एवं नगरीय विकास-नगरीय कल्याण के लिए 1,715 करोड़ 44 लाख 46 हजार रूपए, लोक निर्माण विभाग से संबंधित विदेशों से सहायता प्राप्त परियोजनाओं के लिए 69 करोड़ 20 हजार रूपए तथा नगरीय निकायों को वित्तीय सहायता हेतु 3,123 करोड़ 45 लाख 83 हजार रूपए शामिल हैं।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग

उप मुख्यमंत्री अरूण साव ने अपने विभागों से संबंधित अनुदान मांगों पर चर्चा का जवाब देते हुए सदन में कहा कि आजादी के 60 वर्षाें के बाद भी गांवों में घरों तक शुद्ध पेयजल उपलब्ध नहीं हो पाया था। ग्रामीण महिलाओं को पेयजल की व्यवस्था में लगने वाले अथक परिश्रम से राहत दिलाने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जल जीवन मिशन की परिकल्पना की है। हर घर तक पर्याप्त पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के चुनौतीपूर्ण कार्य को अंजाम देने वर्ष 2019 से जल जीवन मिशन का काम शुरू किया गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार ने जल जीवन मिशन को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए पिछली सरकार की त्रुटियों और खामियों को दूर करते हुए कार्याें की गुणवत्ता, गतिशीलता और पूर्णता के लिए गंभीर प्रयास कर रही है। इसके लिए लापरवाह और कार्य नहीं करने वाले ठेकेदारों और अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की गई है।

उप मुख्यमंत्री तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री साव ने सदन में बताया कि जल जीवन मिशन के तहत राज्य में 22 हजार 389 करोड़ 99 लाख रूपए लागत की 29 हजार 173 सिंगल विलेज एवं रेट्रोफिटिंग योजनाएं स्वीकृत की गई हैं। साथ ही 3,212 गांवों के लिए 4166 करोड़ 50 लाख रूपए की लागत से 70 समूह जल प्रदाय योजनाएं भी मंजूर की गई हैं। इन योजनाओं से राज्य के 50 लाख 4 हजार ग्रामीण परिवार लाभान्वित होंगे। जल जीवन मिशन में अब तक 40 लाख 10 हजार से अधिक ग्रामीण परिवारों को नल कनेक्शन दिए जा चुके हैं। इसके तहत 55 लीटर प्रति व्यक्ति प्रति दिन के मान से हर घर नल से जल उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। मिशन के कार्याें के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में 4500 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के आगामी वर्ष के बजट में हैण्डपम्पों के संधारण के लिए 28 करोड़ 51 लाख रूपए, ग्रामीण नल जल प्रदाय योजनाओं के संधारण के लिए 28 करोड़ 51 लाख रूपए, समूह जल प्रदाय योजनाओं के संचालन/संधारण के लिए 8 करोड़ रूपए और नाबार्ड पोषित सौर ऊर्जा आधारित योजनाओं के लिए 3 करोड़ 50 लाख रूपए का प्रावधान किया गया है। भू-जल को रिचार्ज करने जल संवर्धन कार्य के लिए 2 करोड़ रूपए, शहरी क्षेत्रों में नलकूपों के खनन के लिए 2 करोड़ 60 लाख रूपए, प्रगतिरत नगरीय पेयजल योजनाओं में अनुदान के लिए 56 करोड़ 37 लाख 6 हजार रूपए एवं 41 करोड़ 99 लाख 46 हजार रूपए ऋण का भी प्रावधान इस बजट में किया गया है। भिलाई आईआईटी में पेयजल आपूर्ति के लिए शिवनाथ नदी पर आधारित निर्माणाधीन योजना के लिए भी 01 करोड़ रूपए का प्रावधान इस बजट में है।

उप मुख्यमंत्री साव ने सदन में बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में सुदृढ़ पेयजल व्यवस्था के लिए आगामी वित्तीय वर्ष के बजट में नवीन मद में कई प्रावधान किए गए हैं। इनमें जल जीवन मिशन के कार्याें की निगरानी हेतु डेशबोर्ड निर्माण के लिए 3 करोड़ रूपए, मानव संसाधन के लिए 01 करोड़ 19 लाख रूपए, राज्य स्तरीय एवं जिला स्तरीय प्रयोगशालाओं की स्थापना के लिए 01 करोड़ 60 लाख रूपए, नल जल योजनाओं के अनुरक्षण कार्य के लिए 5 करोड़ रूपए, विभागीय कार्यालयों के निर्माण के लिए 01 करोड़ 65 लाख रूपए तथा समूह जल प्रदाय योजनाओं के लिए 250 करोड़ रूपए के प्रावधान शामिल हैं।

लोक निर्माण विभाग

उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरूण साव ने सदन में विभागीय अनुदान मांगों पर चर्चा का उत्तर देते हुए कहा कि सड़कें केवल आवागमन के साधन नहीं हैं। ये विकास की दिशा भी तय करते हैं। राज्य के तीव्र विकास के लिए नई सड़कों का निर्माण तेजी से किए जा रहे हैं। केन्द्र सरकार द्वारा वर्ष 2024-25 में राज्यमार्गाें के उन्नयन के लिए सीआरआईएफ योजना के तहत 8 सड़क खण्डों के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण के लिए 892 करोड़ 36 लाख रूपए मंजूर किए गए हैं। इससे राज्य के विभिन्न जिलों में 323 किलोमीटर लम्बाई की सड़कों का मजबूतीकरण किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि विभाग के आगामी वर्ष के बजट में राज्य में विद्यमान रेल्वे लाईन्स पर लेबल क्रॉसिंग, रेल्वे ओव्हर ब्रिज, व्यस्ततम तथा अधिक घनत्व वाले चौक पर ग्रेड सेपरेटर के निर्माण तथा राष्ट्रीय राजमार्गाें एवं मुख्य जिला मार्गाें के संकीर्ण एवं कमजोर पुलों के पुनर्निर्माण के कार्य को प्राथमिकता से शामिल किया गया है। भारत सरकार ने राज्य में सात रेल्वे क्रॉसिंग पर आरओबी निर्माण के लिए 356 करोड़ 71 लाख रूपए स्वीकृत किए हैं। केन्द्र सरकार राज्य की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए एनएचएआई के माध्यम से विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्गाें के निर्माण एवं उन्नयन के कार्य प्राथमिकता से कर रही है।

साव ने सदन में बताया कि वर्ष 2001 में लोक निर्माण विभाग का बजट मात्र 103 करोड़ 85 लाख रूपए का था, जो 2025-26 के बजट में बढ़कर अब 9,451 करोड़ रूपए पहुंच गया है। यह नये छत्तीसगढ़ के निर्माण की कल्पना को सुदृढ़ करने की पहल है। इस बजट को वर्ष 2030 तक के लिए सड़कों के व्यवस्थित विकास की कार्ययोजना को ध्यान में रखकर बनाया गया है। अत्यधिक यातायात वाले शहरी भागों में 4 लेन का निर्माण तथा घनी आबादी वाले शहरों की नजदीकी बसाहटों को 4 लेन मार्गाें से जोड़ना हमारी प्राथमिकता है। इससे शहरों का व्यवस्थित विस्तार होगा और विकास बढ़ेगा। अत्यधिक यातायात तथा खनन क्षेत्रों में भारी यातायात को ध्यान में रखते हुए सड़कों के मजबूतीकरण और आवश्यकतानुसार 4 लेन निर्माण को प्राथमिकता दी गई है।

अंतराज्यीय सीमा की सड़कों के सुदृढ़ीकरण तथा सुगम यातायात के लिए उन्हें 4 लेन करने की योजना बनाई गई है। साव ने सदन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पूरे देश में भारतमाला योजना संचालित है। छत्तीसगढ़ में रायपुर से विशाखापटनम को जोड़ने वाली भारतमाला 4 लेन एक्सप्रेस-वे निर्माणाधीन है, जिसके शीघ्र ही पूरा होने की संभावना है। बस्तर क्षेत्र को इस एक्सप्रेस-वे से जोड़ने के लिए नये बजट में कई सर्वेक्षण, सड़क निर्माण और सुदृढ़ीकरण के कार्य शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि 2025-26 के बजट में 1909 नई सड़कों एवं पुल-पुलियों के लिए 1902 करोड़ रूपए, 168 सड़कों की डामरीकृत सतह के उन्नयन एवं मजबूतीकरण के लिए 917 करोड़ रूपए, दुर्घटनाओं को रोकने महत्वपूर्ण मार्गाें के पुलों के चौड़ीकरण एवं सुरक्षा उपाय, मरम्मत कार्य एवं ब्लैक-स्पॉट सुधार कार्याे के लिए 120 करोड़ रूपए, निजी भूमि के मुआवजा भुगतान के लिए 420 करोड़ रूपए तथा 339 पुलों के निर्माण के लिए 1351 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। बिलासपुर और रायगढ़ में विभागीय कार्यालयों के निर्माण के साथ ही मनेन्द्रगढ़ और सारंगढ़ में नये सर्किट हाउस के निर्माण का भी प्रावधान इस बजट में किया गया है।

नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग

उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री साव ने विभाग की अनुदान मांगों पर हुई चर्चा के उत्तर में कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के कुशल नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के शहर विकास के नित नये आयाम स्थापित कर रहे हैं। राज्य के नागरिकों को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दी गई गारंटी को हमारी सरकार एक-एक कर पूरा करते हुए आगे कदम बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि जन आकांक्षाओं के अनुरूप राज्य के नये उभरते कस्बों के सुव्यवस्थित और सुनियोजित विकास के लिए हमने नगरीय निकायों की संख्या 179 से बढ़ाकर 192 की है।

हमने विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने तथा विकसित छत्तीसगढ़ निर्माण की ओर तेजी से कदम बढ़ाने अर्थव्यवस्था के ग्रोथ इंजन कहे जाने वाले शहरों के विकास के लिए 2025-26 में ऐतिहासिक 6,044 करोड़ 12 लाख रूपए का बजट प्रावधान किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के प्रथम चरण में हमने कुल स्वीकृत 02 लाख 49 हजार 166 आवासों में से 2 लाख 5 हजार 360 आवास पूर्ण कर लिए हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत दूसरे चरण में सभी शहरों में ऑनलाईन हितग्राही सर्वेक्षण कार्य प्रगति पर हैं। अब तक 42 हजार हितग्राहियों की जानकारी भारत सरकार के पोर्टल पर दर्ज की जा चुकी है। केन्द्र सरकार द्वारा दिसम्बर-2024 में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत छत्तीसगढ़ के लिए 15 हजार आवासों की स्वीकृति दी गई है।

साव ने बताया कि नये बजट में प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए 875 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। योजना के लाभार्थियों द्वारा निर्धारित समयावधि में आवास निर्माण कर गृह प्रवेश करने पर अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि देने के लिए मुख्यमंत्री गृह प्रवेश सम्मान योजना प्रारंभ की जा रही है। इसके लिए 100 करोड़ रूपए का प्रावधान रखा गया है। उन्होंने बताया कि राज्य के नये बजट में स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के लिए 380 करोड़ रूपए, अमृत मिशन 2.0 के लिए 744 करोड़ रूपए, राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के लिए 25 करोड़ रूपए, प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के लिए 30 करोड़ रूपए, रायपुर स्मार्ट सिटी के लिए 100 करोड़ रूपए, बिलासपुर स्मार्ट सिटी के लिए 100 करोड़ रूपए, मोर संगवारी सेवा के लिए 10 करोड़ रूपए, मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना के लिए 100 करोड़ रूपए, शहरों में मूलभूत सुविधाओं के विकास के लिए अधोसंरचना मद में 750 करोड़ रूपए तथा 14वें एवं 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत 680 करोड़ रूपए का प्रावधान रखा गया है।

साव ने सदन में बताया कि राज्य के 17 नगरीय निकायों में नालंदा परिसरों के निर्माण के लिए 100 करोड़ रूपए तथा संचालन के लिए 02 करोड़ रूपए प्रावधानित हैं। इस साल शुरू होने वाली नई योजना मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना के लिए 500 करोड़ रूपए का बजट प्रावधान रखा गया है।

विधि एवं विधायी कार्य विभाग

उप मुख्यमंत्री तथा विधि एवं विधायी कार्य मंत्री साव ने अनुदान मांगों पर चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में पिछले एक वर्ष में न्यायिक व्यवस्था एवं न्यायिक संस्थाओं को मजबूत करने के लिए कई प्रभावी कदम उठाए गए हैं। अधीनस्थ न्यायालयों में 321 नये पदों पर भर्ती की अनुमति के साथ ही उच्च न्यायालय एवं जिला न्यायालयों में 1259 नये पद सृजित किए गए हैं। नागरिकों के सुविधा के लिए वर्ष 2024 में 49 नये नोटरी नियुक्त किए गए हैं।

न्यायालय भवनों, आवासीय भवनों और अन्य विकास कार्याें के लिए 240 करोड़ रूपए भी मंजूर किए गए हैं। राज्य की न्यायिक व्यवस्था के सुचारू संचालन के लिए 2025-26 के बजट में हमने 1265 करोड़ 46 लाख 78 हजार रूपए का प्रावधान किया है। इसमें न्यायालय भवन, न्यायिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों के आवास निर्माण के लिए 45 करोड़ रूपए, बिलासपुर उच्च न्यायालय परिसर में ऑडिटोरियम निर्माण के लिए 10 करोड़ रूपए, न्यायालयों के आधुनिकीकरण/कम्प्यूटरीकरण के लिए 36 करोड़ 90 लाख 67 हजार रूपए, जरूरतमंद तबकों तक न्याय पहुंचाने के लिए राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, उच्च न्यायालय सेवा समिति, जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों तथा तालुका विधिक सेवा समितियों के लिए 3 करोड़ 50 लाख रूपए तथा एडीआर सेंटर के निर्माण के लिए 11 करोड़ रूपए के प्रावधान शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि बिलासपुर उच्च न्यायालय में रजिस्ट्रार जिला न्यायाधीश के नये पदों के लिए 01 करोड़ रूपए तथा विभिन्न न्यायालयों में मानव संसाधन बढ़ाने 2 करोड़ 43 लाख 12 हजार रूपए, राज्य के 22 परिवार न्यायालयों में,  तथा बिलासपुर में परिवार न्यायालय की स्थापना के लिए नये पदों के सृजन के लिए 01 करोड़ रूपए और विभिन्न विधिक सेवा प्राधिकरणों में नये पदों के लिए 01 करोड़ रूपए के साथ ही महाधिवक्ता कार्यालय में शासकीय अधिवक्ता एवं उप शासकीय अधिवक्ता के नये पदों के लिए 02 करोड़ रूपए प्रावधानित हैं।

आगामी वर्ष के बजट में न्यायिक अधिकारियों के प्रशिक्षण के लिए स्थापित छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी के ऑडिटोरियम में विभिन्न निर्माण कार्याें के लिए 03 करोड़ 20 लाख रूपए, हिदायतुल्ला राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय में छात्र-छात्राओं के अंतरराष्ट्रीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए 01 करोड़ रूपए और वहां स्थापना व्यय के लिए 13 करोड़ 50 लाख रूपए का प्रावधान किया गया है।

लोक निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग तथा विधि एवं विधायी कार्य विभाग से संबंधित अनुदान मांगों पर चर्चा में विधायकगण सर्वश्री दलेश्वर साहू, अजय चंद्राकर, उमेश पटेल, धर्मजीत सिंह, धरमलाल कौशिक, दिलीप लहरिया, सुनील सोनी, मोतीलाल साहू, व्यास कश्यप, रिकेश सेन, सुशांत शुक्ला, कुंवर सिंह निषाद, पुन्नूलाल मोहले, श्रीमती हर्षिता बघेल, श्रीमती शेषराज हरवंश, सुश्री लता उसेंडी और श्रीमती यशोदा वर्मा ने भाग लिया।

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर विशेष लेख : जिले में महिला सशक्तिकरण की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार की प्रभावी पहल

No comments Document Thumbnail

एमसीबी। हम सभी भलीभाती जानते है कि हर वर्ष 8 मार्च को पूरी दुनिया में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है। यह दिन महिलाओं के अधिकार, समानता और सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के साथ ही उनके साथ होने वाले किसी भी प्रकार के भेदभाव को रोकने के उद्देश्य से समर्पित होता है।

महिलाओं की भूमिका समाज के हर क्षेत्र में महत्वपूर्ण रही है, फिर चाहे वह परिवार हो, शिक्षा हो, स्वास्थ्य हो, राजनीति हो या उद्योग-धंधे ही क्यों हो महिलाओं की भागीदारी के बिना कोई भी विकास कार्य अधूरा है, और यह समझते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने महिला सशक्तिकरण को अपनी पहली प्राथमिकता बनाया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक स्वतंत्रता को सुनिश्चित करने के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाओं की शुरुआत की है।

छत्तीसगढ सरकार की योजना महिलाओं की सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदमः-

छत्तीसगढ़ सरकार की मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करती है, जिससे बाल विवाह जैसी कुरीतियों पर अंकुश लगा है और लड़कियों को शिक्षा के लिए प्रेरित किया गया है। हालांकि एमसीबी जिले में पिछले एक वर्षो से इस योजना के तहत अब तक किसी भी लाभार्थी को सहायता नहीं मिल पाया है, जिसे लेकर एमसीबी जिले में कुछ महीनों बाद कन्या विवाह होने की हो रही है, जिसे लाभार्थियों को लाभ मिल सकता है।

राज्य में महिला सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सखी वन स्टॉप सेंटर की स्थापना की गई, जहां पीड़ित महिलाओं को कानूनी, चिकित्सा और मानसिक परामर्श सेवाएं दी जाती हैं। साथ ही महिला स्व-सहायता समूहों को प्रोत्साहन देकर उन्हें रोजगार और व्यापार के अवसर दिए जा रहे हैं, जिससे वे आर्थिक रूप से मजबूत हो रही हैं। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के नेतृत्व में एमसीबी जिले में मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान को बड़े स्तर पर लागू किया गया है, जिससे 4247 गर्भवती महिलाओं और बच्चों को पोषणयुक्त आहार उपलब्ध कराया जा रहा है।

आंगनबाड़ी केंद्रों से बदल रही हैं महिलाओं और बच्चों की ज़िंदगीः-

एमसीबी जिले में महिलाओं और बच्चों के कल्याण के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। जिले में कुल 1138 आंगनबाड़ी केंद्र स्वीकृत हैं और उसमें से सभी 1138 केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। वर्तमान में सरकार की ओर से 1087 आंगनबाड़ी भवनों की स्वीकृति मिली है, जिनमें से 996 भवन संचालित हो रहे हैं। इन केंद्रों के माध्यम से महिलाओं और बच्चों को पोषण, शिक्षा और स्वास्थ्य संबंधी सेवाएं दी जा रही हैं, जिससे कुपोषण और शिशु मृत्यु दर में कमी आई है।

 जिले में महिला की आर्थिक सशक्तिकरण विकास की नई दिशाः-

जिले में स्वास्थ्य और पोषण के क्षेत्र में सुकन्या समृद्धि योजना के तहत 7302 लड़कियों को आर्थिक सहायता दी गई है। वहीं नोनी सुरक्षा योजना के तहत अबतक 2303 बेटियों को सुरक्षा कवच प्रदान किया गया है। वहीं महतारी वंदन योजना के तहत 1,00,372 महिलाओं को लाभ मिल रहा है, इस महतारी वंदन योजना के तहत महिलाओं के खाते में अब तक 12 किस्तें जारी कर दिया गया हैं।

महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए महिला स्व-सहायता समूहों को सरकार द्वारा वित्तीय सहायता और प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है, जिससे वे कृषि, दुग्ध उत्पादन, हस्तशिल्प और छोटे उद्योगों में भाग ले रही हैं। एमसीबी जिले की कई महिलाओं ने इन योजनाओं का लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कदम बढ़ाया है और अब वे अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बन रही हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की योजनाएं महिलाओं के उज्जवल भविष्य की नींव कल्पना हैः-

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की केन्द्र सरकार ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत गर्भवती महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है, जिससे वे गर्भावस्था के दौरान सही पोषण और चिकित्सा सुविधा प्राप्त कर सकें। मुद्रा योजना के तहत महिलाओं को छोटे व्यवसाय शुरू करने के लिए बिना गारंटी के ऋण दिया जा रहा है, जिससे वे अपने पैरों पर खड़ी हो सकें। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत भी कई महिलाओं को अपने घर का मालिकाना हक मिला है, जिससे उनकी सामाजिक और आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। एमसीबी जिले में इन योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया गया है। यहां की कई महिलाओं ने सरकार की योजनाओं का लाभ उठाकर अपने जीवन को संवारने का कार्य किया है।

महिलाओं का सशक्तिकरण ही सशक्त समाज की नई पहचानः-

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस केवल एक दिन का उत्सव नहीं, बल्कि एक संकल्प है कि महिलाओं को समान अवसर, अधिकार और सम्मान दिया जाए। छत्तीसगढ़ सरकार, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल से महिलाओं का जीवन बदल रहा है। एमसीबी जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों का विस्तार, पोषण अभियान, सुकन्या समृद्धि योजना, नोनी सुरक्षा योजना और महतारी वंदन योजना जैसे कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। आने वाले वर्षों में इन योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाकर महिला सशक्तिकरण की इस दिशा को और आगे ले जाने की जरूरत है। जब महिलाएं सशक्त होंगी, तो परिवार, समाज और देश भी सशक्त होगा। यही एक सशक्त छत्तीसगढ़ और आत्मनिर्भर भारत की ओर बढ़ता कदम है।

केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री से मंत्री राजवाड़े ने की सौजन्य मुलाकात

No comments Document Thumbnail

रायपुर। केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा  देवी से छत्तीसगढ़ की महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने नई दिल्ली में  सौजन्य मुलाकात की।

मुलाकात के दौरान केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि  डबल इंजन की सरकार में छत्तीसगढ़ में महिला एवं बाल विकास के कार्यक्रमों के लिए किसी भी प्रकार की कमी नहीं होगी। इस दौरान मंत्री श्रीमती राजवाड़े से उन्होंने छत्तीसगढ़ में महिलाओं के और बच्चों के लिए संचालित किए जा रहें कार्यक्रमों के क्रियान्वयन, भविष्य की योजनाओं और रणनीतियों पर सार्थक चर्चा भी की। उन्होंने केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं के समन्वय से महिला सशक्तिकरण, बाल संरक्षण एवं पोषण अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए।

श्रीमती राजवाड़े ने केंद्रीय मंत्री को छत्तीसगढ़ में महिला सशक्तिकरण के लिए चलाई जा रही महतारी वंदन योजना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन एवं कुशल नेतृत्व में प्रदेश के समग्र विकास हेतु लगातार कार्य हो रहे हैं। जिससे राज्य हर क्षेत्र में प्रगति के नए आयाम स्थापित कर रहा है।

नव निर्वाचित अध्यक्ष एवं पार्षदगणों ने ली शपथ, गरिमामय आयोजन में माननीय अतिथियों की रही उपस्थिति

No comments Document Thumbnail

एमसीबी। मनेन्द्रगढ़ में आज नव निर्वाचित अध्यक्ष एवं पार्षदगणों का शपथ समारोह का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें अनेक सम्माननीय अतिथियों की उपस्थिति रही। यह आयोजन नगर पालिका परिषद के नवनिर्वाचित अध्यक्ष एवं पार्षदगणों के शपथ ग्रहण समारोह के रूप में ऐतिहासिक बन गया। पूरे कार्यक्रम में परंपरा, संस्कृति और लोकतांत्रिक मूल्यों का अद्भुत समन्वय देखने को मिला। इस कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता और छत्तीसगढ़ महतारी के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन और माल्यार्पण के साथ हुआ। इसके पश्चात राज्यगीत की सुमधुर प्रस्तुति ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। माननीय अतिथियों का पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार भव्य स्वागत किया गया।

माननीय मंत्री और विधायकों की उपस्थिति रही गरिमामयी

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ सरकार के आदिम जाति विकास, अनुसूचित जाति विकास, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास, कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री एवं जिला एमसीबी के प्रभारी मंत्री माननीय रामविचार नेताम विशेष रूप से उपस्थित रहे। उनके साथ विधायक एवं प्रदेश अध्यक्ष भाजपा छत्तीसगढ़ माननीय किरण सिंह देव, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, विधायक भरतपुर-सोनहत माननीया श्रीमती रेणुका सिंह, विधायक बैकुण्ठपुर माननीय भैयालाल राजवाड़े, पूर्व संसदीय सचिव एवं भाजपा जिलाध्यक्ष एमसीबी माननीया श्रीमती चम्पादेवी पावले, पूर्व अध्यक्ष योग आयोग छत्तीसगढ़ शासन संजय अग्रवाल, एसडीएम लिंगराज सिदार, उप अभियंता पवन कुमार साहू एवं श्रीमती नम्रता सिंह, मिशन मैनेजर श्रीमती रुचि पाण्डेय, राजस्व उप निरीक्षक शिवनारायण मिंज और सहायक राजस्व निरीक्षक अमजद खान की गरिमामयी उपस्थिति कार्यक्रम की शोभा बढ़ा रही थी।

नव निर्वाचित अध्यक्ष एवं पार्षदगणों ने ली शपथ

इस कार्यक्रम के दौरान नगर पालिका परिषद मनेन्द्रगढ़ की नवनिर्वाचित अध्यक्ष श्रीमती प्रतिमा सरजू यादव को एसडीएम लिंगराज सिदार द्वारा शपथ ग्रहण कराई गई। इसके साथ ही नगर पालिका के वार्ड क्रमांक 01 से 22 तक के सभी पार्षदगणों ने भी शपथ ली। सभी निर्वाचित जनप्रतिनिधियों ने अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक पालन करने और जनता की सेवा में समर्पित रहने का संकल्प लिया। इसके साथ ही शपथ ग्रहण के पश्चात मंचासीन अतिथियों को नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती प्रतिमा यादव द्वारा प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। समारोह का समापन नगर पालिका मनेन्द्रगढ़ की मुख्य नगर अधिकारी (सीएमओ) श्रीमती मुक्ता सिंह चौहान द्वारा आभार प्रदर्शन के साथ हुआ। उन्होंने सभी अतिथियों, पदाधिकारियों, कर्मचारियों और उपस्थित नागरिकों का हृदय से धन्यवाद ज्ञापित किया। साथ ही इस आयोजन को सफल बनाने वाले सभी लोगों की सराहना की और नवनिर्वाचित अध्यक्ष एवं पार्षदगणों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। मनेन्द्रगढ़ के लिए यह दिन ऐतिहासिक बन गया, जब नव निर्वाचित नेतृत्व ने लोकतंत्र के प्रति अपनी निष्ठा और जनता की सेवा का संकल्प लिया। भव्य आयोजन का सफल मंच संचालन संजय श्रीवास्तव ने किया।

Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.