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उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने ‘स्पार्क’ पुरस्कार विजेता नगरीय निकायों के अधिकारियों और लाभार्थियों को किया सम्मानित

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रायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने आज रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में भारत सरकार द्वारा स्पार्कपुरस्कारों से नवाजे गए नगरीय निकायों के अधिकारियों और लाभार्थियों को सम्मानित किया। उप मुख्यमंत्री साव से नई दिल्ली से पुरस्कार प्राप्त कर लौटने के बाद ये अधिकारी और लाभार्थी सौजन्य मुलाकात के लिए आए थे। साव ने केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा पुरस्कृत सभी नगरीय निकायों, वहां के अधिकारियों और लाभार्थियों की पीठ थपथपाई। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए सभी को बधाई दी।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने इस मौके पर कहा कि राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन और पीएम स्वनिधि में अच्छे कार्यों के लिए पांच राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त करना बड़ी उपलब्धि है। इन पांच में से तीन पुरस्कार हमारे नगरीय निकायों को पूरे देश में प्रथम स्थान हासिल करने के लिए मिला है। वहीं एक पुरस्कार पूरे देश में द्वितीय स्थान पर रहने के लिए मिला है। दोनों योजनाओं में उत्कृष्ट कार्यों के लिए छत्तीसगढ़ को पूरे देश में तृतीय पुरस्कार मिला है। राज्य को ये सभी पुरस्कार शहरी गरीबों के सपनों को पूरा करने के लिए मिला है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन और पीएम स्वनिधि के माध्यम से लोग आत्मनिर्भर हो रहे हैं। उनका जीवन आसान और खुशहाल हो रहा है। वे सशक्त हो रहे हैं। आप लोगों की मेहनत से शहरी गरीबों के जीवन में बदलाव आ रहा है। मैं इसके लिए आपकी सराहना करता हूं।

उप मुख्यमंत्री साव ने अपने निवास में मौजूद सूडा, बिलासपुर और रायगढ़ नगर निगम तथा भाटापारा और चांपा नगर पालिका के अधिकारियों से कहा कि आप लोग प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सपनों का साकार करने के लिए अच्छा काम कर रहे हैं। विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत की कल्पना को ऐसे ही उत्कृष्ट कार्यों से धरातल पर उतारना है। उन्होंने कहा कि हम सब मिलकर राज्य और केंद्र सरकार की योजनाओं के जरिए नागरिकों के जीवन को आसान, सुविधापूर्ण और खुशहाल बनाने का काम करेंगे। हमें इन योजनाओं को लक्षित लोगों तक योजनाबद्ध और समयबद्ध तरीके से पहुंचाना है।

उप मुख्यमंत्री साव ने नई दिल्ली में विगत 18 जुलाई को आयोजित राष्ट्रीय पुरस्कार समारोह में भागीदारी के लिए राज्य शासन द्वारा पीएम स्वनिधि योजना के नामांकित लाभार्थी जशपुर नगर पालिका के सुमित किस्कु और लोरमी नगर पंचायत के कुशाल राम साहू को सम्मानित किया। उन्होंने राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के लाभार्थी के रूप में नामांकित जगदलपुर नगर निगम की हैप्पी महिला स्वसहायता समूह की श्रीमती मृदुला जैन, भिलाई नगर निगम की राधा रानी स्वसहायता समूह की श्रीमती चित्ररेखा साहू, श्रीमती प्रियंका लोकवाणी, श्रीमती रागिनी टोण्डे, श्रीमती त्रिवेणी लहरे, श्रीमती सुनीता देवांगन, श्रीमती सुनीता यादव, श्रीमती सरस्वती झा और श्रीमती कंचन त्रिवेदी को भी सम्मानित किया।
               

उप मुख्यमंत्री द्वारा अपने निवास पर अधिकारियों, स्वसहायता समूहों और लाभार्थियों के सम्मान के दौरान राज्य शहरी विकास अभिकरण (सूडा) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी व मिशन संचालक शशांक पाण्डेय, बिलासपुर नगर निगम के आयुक्त अमित कुमार, भाटापारा के मुख्य नगर पालिका अधिकारी लाल अजय बहादुर सिंह, चांपा के मुख्य नगर पालिका अधिकारी दुर्गा प्रसाद अधिकारी और भोला सिंह ठाकुर उपस्थित थे। कार्यक्रम में राज्य शहरी विकास अभिकरण के उप मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुनील अग्रहरि, परियोजना अधिकारी श्रीमती जागृति साहू, राज्य मिशन प्रबंधक विवेक शुक्ला,  प्रशांत अमोली, पी. घोष, सी.एल. पाठक, सिटी मिशन प्रबंधक सुश्री एकता शर्मा, कोमल, रीमा, सरिता, सुषमा सीमा, रानु, माया, नाज पदमावती, नीरज साहू और संत कुमार महतो ने भी अपनी सहभागिता दी।

केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने इन नगरीय निकायों को किया है पुरस्कृत

दीनदयाल अंत्योदय योजना - राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (डे-एनयूएलएम) में उत्कृष्ट कार्यों के लिए भारत सरकार द्वारा दिए जाने वाले प्रतिष्ठित स्पार्क 2023-24’ पुरस्कारों के अंतर्गत दस लाख तक जनसंख्या श्रेणी में बिलासपुर नगर निगम को पूरे देश में प्रथम पुरस्कार प्रदान किया गया। वहीं तीन लाख तक जनसंख्या श्रेणी में रायगढ़ नगर निगम को और एक लाख तक जनसंख्या श्रेणी में भाटापारा नगर पालिका को पूरे देश में प्रथम पुरस्कार से नवाजा गया। चांपा नगर पालिका को 50 हजार तक जनसंख्या श्रेणी में द्वितीय पुरस्कार मिला।  राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन में श्रेष्ठ कार्यों के लिए छत्तीसगढ़ को पूरे देश में तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया। केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल और राज्य मंत्री तोखन साहू ने विगत 18 जुलाई को नई दिल्ली के इंडिया हैबिटॉट सेंटर में आयोजित समारोह में ये पुरस्कार वितरित किए थे।

विशेष लेख : ज्ञान, बुद्धि और मार्गदर्शन का पर्व गुरू पूर्णिमा

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रायपुर। भारतीय संस्कृति में गुरू को ब्रह्मा, विष्णु और महेश के बराबर दर्जा दिया गया है। गुरू ही सच्चा मार्गदर्शक होता है जिसके मार्गदर्शन से हम अपने लक्ष्यों को प्राप्त करते हैं। गुरू गूढ़ ज्ञान को सरल शब्दों में समझाने का कार्य करते हैं। कहा जाता है कि माता-पिता बच्चे को संस्कार देते हैं, लेकिन गुरू बच्चों व्यक्तित्व विकास के साथ-साथ उनमें ज्ञान भरते हैं, इसलिए उनका दर्जा समाज में सबसे ऊपर है।

छत्तीसगढ़ में गुरू-शिष्य की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए सभी स्कूलों में चालू शैक्षणिक सत्र में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर इस वर्ष गुरू पूर्णिमा का पर्व मनाने का निर्णय लिया गया है। गुरू पूर्णिमा पर्व के पीछे शासन की मंशा है कि स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों और उनके शिक्षकों के बीच मधुर संबंध बने। गुरूओं के प्रति बच्चों में सम्मान की भावना जगे इसके साथ ही गुरू-शिष्य के बीच बेहतर संबंध बनाने के पीछे यह भी धारणा है कि गुरू भी बच्चों को अपनत्व भाव से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने में तत्पर रहे।

छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा सभी स्कूलों में 22 जुलाई से गुरू पूर्णिमा का पर्व मनाने की निर्देश दिए गए हैं। इस आयोजन में गुरूजनों और स्कूली बच्चों अलावा स्थानीय जनप्रतिनिधि भी शामिल होंगे। कार्यक्रम की शुरूआत सरस्वती वंदना और गुरू वंदना से होगी। स्कूली बच्चों के द्वारा जीवन में गुरूओं के महत्व पर व्याख्यान भी दिए जाएंगे। इस अवसर पर वरिष्ठ शिक्षकों द्वारा भी अपने उत्कृष्ट विद्यार्थियों के बारे में यादगार पलों का स्मरण किया जाएगा। इसी प्रकार स्कूली बच्चे भी अपने गुरूओं के साथ हुए अनेक प्रसंगों की चर्चा करेंगे। कार्यक्रम में निबंध लेखन और कविता पाठ का भी आयोजन होगा।

छत्तीसगढ़ निर्माण के बाद पहली बार स्कूलों में गुरू पर्व मनाने का आयोजन हो रहा है। इस नवाचारी पहल से शिक्षकों में जहां सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना आएगी, वहीं बच्चों में भी गुरूओं के सम्मान के साथ-साथ बेहतर चरित्र निर्माण और पूरे समर्पण भाव से अध्ययन की ओर अग्रसर होंगे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर हो रहे इस आयोजन से छत्तीसगढ़ के स्कूलों में फिर से एक बार शैक्षणिक वातावरण में उत्साह जगेगा। गुरू और शिष्य के बीच प्रगाढ़ संबंधों की परंपरा आगे बढ़ेगी। गुरू और शिष्य के बीच पवित्र रिश्ता बनेगा। इससे निश्चित रूप से राज्य में बच्चों के लिए उत्कृष्ट शैक्षणिक वातावरण बनाने में मदद मिलेगी।

ओम साई राईस मिल अतरिया से 100 क्विंटल धान एवं 1493 क्विंटल चावल जब्त

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रायपुर। छत्तीसगढ़ कस्टम मिलिंग चावल उपार्जन आदेश के प्रावधानों के उल्लंघन के मामले में जिला प्रशासन बेमेतरा द्वारा राईस मिलरों पर कार्रवाई का सिलसिला शुरू कर दिया गया है। कलेक्टर रणबीर शर्मा के निर्देशानुसार खाद्य विभाग के अधिकारियों की टीम कस्टम मिलिंग का चावल जमा करने में उदासीनता बरतने वाले मिलर्स के यहां औचक रूप से दबिश देकर जांच पड़ताल और जब्ती की कार्रवाई कर रही है।

इसी सिलसिले में बीते दिनों ओम साई राईस मिल अतरिया की जांच पड़ताल के दौरान खाद्य विभाग के अधिकारियों की टीम ने यह पाया कि बीते तीन महीने ओम साई राईस मिल अतरिया के संचालक मिथलेश सिन्हा द्वारा कस्टम मिलिंग चावल उपार्जन आदेश का उल्लंघन किया जा रहा है। परिणाम स्वरूप अधिकारियों की टीम ने ओम साई राईस मिल से धान 100 क्विंटल एवं चावल 1493 क्विंटल जब्त कर संचालक के विरूद्ध प्रकरण दर्ज किया गया।

 

 

झोलाछाप डॉक्टरों पर कार्रवाई, दो क्लिनिक सील

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर राज्य में स्वास्थ्य मामलों को लेकर लगातार सतकर्ता बरती जा रही है तथा कार्रवाई भी की जा रही है। इसी तारतम्य में  बिलासपुर कलेक्टर अवनीश शरण के निर्देश पर दो झोलाझाप डाक्टरों की क्लिनिक सील कर दी गई है। एसडीएम कोटा एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दोनों क्लिनिकों का आकस्मिक निरीक्षण किया और उसे सील करने की कार्रवाई की।

गौरतलब है कि कलेक्टर ने अवैध क्लिनिकों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। टेंगनमाड़ा में दीपक गुप्ता का क्लिनिक हैं। यह क्लिनिक धर्मप्रताप पिता विशाल सिंह के मकान में चलाया जा रहा था। दीपक गुप्ता क्लिनिक में नहीं मिले। सरपंच, कोटवार एवं ग्रामीणों ने बताया कि वे गांव में नहीं है।

बताया गया कि उनके द्वारा किये गये गलत इलाज के कारण लगातार परेशानी हो रही है । इसी प्रकार करगी कला में डॉ. चिरंजित विश्वास के क्लिनिक का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। उनके पास इलाज करने का किसी प्रकार का वैध दस्तावेज नहीं पाया गया। इसलिए उनका क्लिनिक सील कर दिया गया है। कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

कडुवाहट भरी जिंदगी में आई मिठास, नौकरी ने पहाड़ी कोरवाओं के जीवन में लाया उल्लास

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रायपुर। यह पहाड़ी कोरवा समारिन बाई है। कुछ दिन पहले तक इन्हें गिनती के कुछ लोग ही जानते थे। यह सिर्फ इनकी ही बात नहीं है। इनके गाँव की भी यहीं बात है। घने जंगल के बीच मौजूद इनके गाँव टोकाभांठा को भी बहुत कम लोग जानते हैं। मुख्य सड़क से दूर टोकाभांठा में रहने वाली पहाड़ी कोरवा समारिन बाई का जीवन भी घने जंगल में बसे गाँव की तरह गुमनाम सा था। जहाँ सुबह का सूरज तो रोज निकलता था, लेकिन इनकी जिंदगी में गरीबी का अंधेरा जस का तस रहता था। दिन के उजाले में पहाड़ के नजदीक पहाड़ जैसी जिंदगी जीने वाली समारिन बाई ने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि एक दिन उन्हें नौकरी मिल जायेगी और अंधेरे से घिरी गरीबी को दूर कर कडुवाहट भरी जिंदगी में मिठास तथा जीवन में उल्लास का उजियारा लाएगी।

कोरबा जिले के अजगर बहार ग्राम पंचायत के अंतर्गत ग्राम टोकाभांठा में रहने वाली समारिन बाई अब पहले से काफी बदल गई है। उनकी जिंदगी और रहन-सहन में बदलाव की शुरुआत हाल ही के दिनों से हुई है। जिला प्रशासन की पहल पर जब विशेष पिछड़ी जनजाति वर्ग के युवाओं को रोजगार से जोड़ा जा रहा था तब समारिन बाई की शिक्षा भी बहुत काम आई। कक्षा दसवीं तक पढ़ी समारिन बाई को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेमरू में वार्ड आया की नौकरी मिल गई। फिर क्या था, जंगल में बकरी चराने वाली और गरीबी की वजह से आर्थिक तंगी से जूझने वाली समारिन बाई अस्पताल में अलग रूप में नज़र आ रही है। ट्रे में दवाइयां लेकर मरीजों के वार्ड तक और डॉक्टर, नर्स के साथ उनके आस-पास समारिन का दिन गुजर रहा है। 

उन्होंने बताया कि उसने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि एक दिन वह सरकारी अस्पताल में अपनी ड्यूटी करेगी। उन्हें तो लगता था कि हम पहाड़ी कोरवाओं की जिंदगी गरीबी के बीच जंगल में उनके पुरखों की तरह ही कठिनाइयों के बीच बीतेगी।पहाड़ी कोरवा समारिन बाई का कहना है कि उनका समाज ज्यादा पढ़ा लिखा नहीं है। जंगल में गरीबी के बीच बहुत ही विषम परिस्थितियों में जीवन-यापन करना पड़ता है। ऐसे में शिक्षा से जुड़ पाना संभव नहीं हो पाता। खासकर लड़कियों को घर के काम करने पड़ते हैं, उनका स्कूल जाना और पढ़ाई पूरी कर पाना बहुत चुनौती है। मैंने किसी तरह पढ़ाई तो कर ली थी लेकिन नौकरी मिलेगी यह कभी सोचा ही नहीं था। 

समारिन बाई ने बताया कि उन्हें अस्पताल में नौकरी मिली है। इस जगह में रहकर वह जान पा रही है कि अन्य समाज के साथ कैसे रहना है। किस तरह पढ़ाई कर महिलाएं काम कर रही है। यहाँ बहुत कुछ सीखने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने बताया कि अभी मानदेय में जो राशि मिल रही है उससे घर का खर्च चला रही है। भविष्य में कुछ पैसे बचत करने की कोशिश भी करेगी ताकि अपने बच्चों का भविष्य बना पाए। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेमरू में ही पहाड़ी कोरवा समार साय, बुधवार सिंह की भी स्वच्छक तथा वार्ड बॉय के रूप में नौकरी लगी है। मानदेय के आधार पर मिली नौकरी से दोनों खुश हैं और बताते हैं कि दिन भर जंगल में बिताने से बेहतर है कि यहां काम कर कुछ पैसे मिल जाएं।

इससे घर परिवार का खर्च चल जाता है। उन्होंने मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार जिला प्रशासन द्वारा पहाड़ी कोरवाओं को दी जा रही नौकरी की सराहना करते हुए कहा कि हमारी कड़ुवाहट भरी जिंदगी में नौकरी से मिठास जरूर आयेगी। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के दिशा निर्देशन में कलेक्टर अजीत वसंत ने स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग में जिले के पहाड़ी कोरवाओं तथा बिरहोरों को योग्यता के आधार पर मानदेय में नौकरी पर रखने के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले में पीवीटीजी के 19 युवाओं को अस्पतालों में विभिन्न पदों पर रखा गया है।

मलेरिया व डायरिया पीड़ित मरीजों को देखने सिम्स और जिला अस्पताल पहुंचे कलेक्टर

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रायपुर। बिलासपुर कलेक्टर अवनीश शरण ने आज सिम्स और जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। इलाज करा रहे मरीजों से मुलाकात कर कुशलक्षेम पूछा। उनका अच्छे से देखरेख और इलाज करने के निर्देश डॉक्टरों को दिए। उन्होंने यहां मलेरिया और डायरिया के मरीजों के लिए बेड बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि जिला अस्पताल में मलेरिया और डायरिया प्रभावित मरीजों के लिए आपात स्थिति में 15 आईसीयू के बेड और 20 सामान्य बेड बढ़ाया जाए।

इसी प्रकार सिम्स में 10 आईसीयू बेड बढ़ाने कहा। कलेक्टर अवनीश शरण ने मरीजों की बेहतर निगरानी और इलाज के निर्देश दिए हैं। ग्रामीणों को समझाइश दी गई है कि किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य की समस्या होने पर झाड़-फूंक या झोलाछाप डॉक्टर से इलाज न कराकर तत्काल स्वास्थ्य केंद्र जाकर इलाज कराएं।

उन्होंने प्रभावित गांवों में जनचौपाल लगाकर लोगों में जागरूकता फैलाने को कहा है ताकि वर्षा जनित बीमारियों से बचा जा सके। उन्होंने सभी चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मचारियों को मुख्यालय में रहने निर्देशित किया है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि वर्षाकाल में जलजनित बीमारियों के प्रति लोगों को जागरूक करें और संक्रमण की जानकारी मिलने पर त्वरित स्वास्थ्य शिविर लगाकर उपचार करना सुनिष्चित करें।

कलेक्टर ने जिले में डायरिया के प्रभाव को नियंत्रित करने हेतु जनचौपाल एवं क्षेत्र भ्रमण के निर्देश पर जिला प्रशासन, राजस्व एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मदनपुर में स्वास्थ्य चौपाल लगाया। टीम ने गली कूचों का भ्रमण कर साफ सफाई व्यवस्था का जायज़ा लिया। जिसमें ग्रामीणों को जागरूक करते हुए उन्हें स्वच्छ जल सहित खान-पान की जानकारी दी गई। इस दौरान पानी उबाल कर पीना है - डायरिया को  दूर करना है का स्लोगन भी दिया गया। गांव में मितानिनों एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा डोर टू डोर सर्वे कर लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हे जागरूक किया जाकर ओआरएस एवं दवाई का वितरण किया जा रहा है। पीएचई विभाग द्वारा स्वच्छ जल आपूर्ति हेतु टंकी की सफाई कराकर सभी बोर को क्लोरिन डाला गया। नालियों की सफाई सहित ब्लीचिंग छिड़काव भी कराया जा रहा है।

कलेक्टर के निर्देश पर जिले के सभी गांवों में हर शनिवार को स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है। मौसमी बीमारियों जैसे डायारिया मलेरिया के प्रति आम जन को जागरूक करने हेतु जनचौपाल आयोजित किया जा रहा है। चौपाल में हाथ धुलाई ,स्वास्थ्य परीक्षण, दवा वितरण एवं  जनजागरुकता का कार्य किया जा रहा है। स्वयं सहायता समूह की महिला एवं मितानिन द्वारा घर-घर जाकर मौसमी बीमारी के लक्षण एवं रोकथाम के उपाय से लोगों को जागरूक किया जा रहा है।  सार्वजनिक स्थान मंदिर तालाब ,सड़क ,चौक चौराहों ,गली ,नाली की सफाई रंगमंच सार्वजनिक भवन शाला परिसर आदि में स्वच्छता दीदियों, जनप्रतिनिधियों, पंचायत सचिवों के माध्यम से सामूहिक श्रमदान कर साफ सफाई का कार्य एवं कचरा संग्रहण किया जा रहा है।

भू-स्वामियों के पटवारी रिकार्ड में दर्ज त्रुटियों का सुधार करेंगे तहसीलदार

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रायपुर। राज्य के भू-स्वामियों को पटवारी रिकार्ड में त्रुटियों में सुधार के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा की पहल पर राजस्व विभाग ने भू-स्वामियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए अब पटवारी रिकार्ड में दर्ज त्रुटियों का निराकरण करने के लिए तहसीलदारों को अधिकृत किया है। पूर्व में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को भू-स्वामियों के पटवारी रिकार्ड के त्रुटियों को निराकृत करने के लिए प्राधिकृत किया गया था।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप राजस्व रिकार्ड में त्रुटि सुधार के अभ्यावेदन पर त्वरित कार्यवाही की जाएगी और इसके लिए तहसीलदारों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। छत्तीसगढ़ राज पत्र में प्रकाशित अधिसूचना के अनुसार विशेष सचिव राजस्व एवं आपदा प्रबंधन ने छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता, 1959 (क्र. 20 सन् 1959) की धारा 24 की उप-धारा (1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए,

राज्य सरकार द्वारा उक्त संहिता की धारा 115 के अधीन तहसीलदार को भूमि स्वामी उसके पिता, पति के नाम, उपनाम, जाति, पते में लिपिकीय त्रुटि सुधार करने अधिकृत किया गया है। इसी प्रकार राजस्व रिकार्ड में कैफियत कॉलम में की गई त्रुटिपूर्ण प्रविष्टि में सुधार करना, त्रुटिवश जोड़े गये खसरों को पृथक करना, भूमि के सिंचित, असिंचित होने संबंधी प्रविष्टि में सुधार करना, भूमि के एक फसली तथा बहु फसली की प्रविष्टि में त्रुटि सुधार करने के लिए तहसीलदार को अधिकृत किया गया है।

 

छत्तीसगढ़ के होटल रेस्टोरेंट में नॉनवेज और वेज का किचन अलग अलग होना चाहिए : बृजमोहन

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 रायपुरः रायपुर के सांसद और पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल से कहा है कि छत्तीसगढ़ के संवेदनशील इलाकों में भी होटल में पहचान उजागर करने वाले नेम प्लेट होने चाहिए। यूपी में चल रहे नेम प्लेट विवाद के बीच बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ के कुछ संवेदनशील इलाकों में ऐसे लोगों द्वारा होटल का संचालन किया जाता है और वहां मांसाहार परोसा जाता है जिसकी पहचान करने में लोगों को दिक्कत होती है।


सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि होटल रेस्टोरेंट में नॉनवेज और वेज का किचन अलग अलग होना चाहिए। जो सेंसेटिव इलाके हैं और कहीं वेज नॉनवेज दोनों मिलता है तो स्पष्ट रूप से लिखा होना चाहिए। 



उन्होंने कहा कि लोगों की मान्यता ओर विश्वास को तोड़ने का काम हमे नहीं करना चाहिए। संसाद ने कहा कि अमेरिका इंग्लैंड जापान में जब हम जाते हैं तो वहां लिखा होता है हिन्दुस्तानी होटल लेकिन उसको चलाने वाले बांग्लादेशी या पाकिस्तानी होते हैं। तो वैसी स्थिति हमारे देश में ना बने ऐसी कोशिश होना चाहिए।

राजिम में राजीव लोचन कॉरिडोर को भी केंद्र से मंजूरी सरकार की बड़ी उपलब्धि : सांसद बृजमोहन

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 रायपुर। रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने शनिवार को एक पत्रकारों से मुलाकात की। इस अवसर पर उन्होंने छत्तीसगढ़ शासन में मंत्री पद के कार्यकाल के दौरान किए गए कार्यों का लेखाजोखा पेश किया। साथ ही बतौर सांसद अपनी भविष्य की कार्ययोजनाओं की जानकारी दी।


बृजमोहन अग्रवाल ने बताया कि, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत रायपुर लोकसभा क्षेत्र में 11 लाख पौधे लगाने का निर्णय लिया गया है। जिसमे से रायपुर जिले में 8 लाख और बलौदाबाजार जिले में 3 लाख पौधे लगाए जायेंगे। शासकीय सीएसआर, जनभागीदारी से यह पौधारोपण किया जा रहा है। अभियान की शुरुवात भाटापारा, बलौदाबाजार, अभनपुर एवं आरंग में शासकीय स्कूलों और कार्यालयों परिसर में में पौधे लगाकर की गई है। उन्होंने कहा कि एक नया छत्तीसगढ़ बनाने के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण क्षेत्र में तेजी से कार्य किया जा रहा है।

नई शिक्षा नीति लागू कर छत्तीसगढ़ को देश में अग्रिणी राज्य बनाया

भाजपा सरकार बनने के बाद शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा परिवर्तन हुआ है। कांग्रेस सरकार ने राज्य में नई शिक्षा नीति लागू नहीं की थी लेकिन भाजपा सरकार आने के बाद हमने इस दिशा में काम किया और उच्च शिक्षा के साथ-साथ स्कूल शिक्षा में भी नई शिक्षा नीति को लागू किया। विद्यार्थियों के भविष्य को देखते हुए छत्तीसगढ़ बोर्ड द्वारा आयोजित दसवीं तथा 12वीं की मुख्य परीक्षा साल में दो बार आयोजित कराने के निर्णय लिया गया।

जनवरी 2024 से अभी तक 2 हजार शिक्षकों की सीधी भर्ती की गई। 52 पीएम श्री स्कूलों की स्वीकृति। सभी आत्मानंद उ.मा.वि. 190 प्राथमिक शालाओं को पी.एम.श्री. स्कूल में शामिल किया गया। 1000 नए बालबाडी केन्द्र प्रारंभ। 16 बोलियों एवं 4 अंर्तराज्यीय भाषा में पाठ्यपुस्तक तैयार की गई। विद्यालयों में न्योता भोजन का आयोजन।

अग्रवाल ने बताया कि, शिक्षा विभाग द्वारा नवाचार पहल करते हुए पहली बार शासकीय स्कूलों में समर कैम्प का आयोजन किया गया। स्कूल प्रशासन में पारदार्शिता लाने विद्या समीक्षा केन्द्र की स्थापना। अधिकारियों/कर्मचारियों का एकीकृत एच.आर. एम. आई. एस. पोर्टल जिससे अवकाश पेंशन, एवं सेवानिवृत्त के प्रकरणों का तत्काल निराकरण।

53 लाख विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्यपुस्तक। 30 लाख विद्यार्थियों को निःशुल्क गणवेश। 1 लाख 60 हजार छात्राओं को निःशुल्क साइकिल, 30 लाख से अधिक बच्चों को पीएम पोषण शक्ति योजना के तहत गर्म भोजन तथा सरकारी स्कूलों में 3000 स्मार्ट क्लास रूम बनाया और 1700 आई.सी.टी. लैब। सभी वर्गों की पदोन्नति की प्रकिया प्रारंभ।

उच्च शिक्षा

बृजमोहन अग्रवाल ने बताया की उच्च शिक्षा में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 प्रदेश में लागू की गई जिसमें सेमेस्टर सिस्टम के तहत अध्यापन शुरू किया गया। 19 विषयों में राज्य पात्रता परीक्षा का आयोजन करने का निर्णय 15 अन्य विषय भी शामिल करने यूजीसी की अनुमति। मिली जिसका आयोजन 21 जुलाई को होगा। राज्य में जनभागीदारी समिति को सुदृढ बनाया गया है एवं अनुशंसित कार्यों के लिए पूर्णतः अधिकृत किया गया। मृत शासकीय सेवकों के आश्रित लोगों को अनुकंपा नियुक्ति प्रदान की गई। सभी स्तर के पदोन्नति पर तत्काल निर्णय लिया गया है।

प्राचार्य के पदोन्नति पीएससी अनुमोदित हो चुकी है। एवं 125 कर्मचारियों को पदोन्नति दी गई। 8 नवीन कन्या महाविद्यालय के भवन के लिए 800 लाख रुपए स्वीकृत तथा 12 शासकीय महाविद्यालयों भवनों के लिए 1200 लाख स्वीकृत। रूसा से दो चरणों के लिए 411 करोड़ रुपए की स्वीकृति। पीएम उषा नवीन योजना के तहत् विश्वविद्यालय हेतु 895 करोड़ का प्रस्ताव।

मेरू योजना के तहत् बस्तर विश्वविद्यालय को 100 करोड़, रविशंकर शुक्ल विश्वविद्याल -20 करोड़, अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय 20 करोड़ रुपए स्वीकृत। प्रदेश के 28 शासकीय महाविद्यालय में 2123 सीटों की वृद्धि। अशासकीय महाविद्यालयों में 3105 सीटों की वृद्धि। 880 चतुर्थ श्रेणी एवं 260 तृतीय श्रेणी के पदों पर भर्ती के लिए व्यापम को प्रस्ताव भेजा गया। 16 महाविद्यालयों के लिए 5-5 करोड की राशि स्वीकृत किए जा चुके हैं।

पर्यटन के क्षेत्र में हमारे प्रयासों को केंद्र से हरी झंडी मिली

बृजमोहन अग्रवाल ने पर्यटन मंत्री कार्यकाल के दौरान विभाग में किए गए कार्यों का लेखाजोखा दिया। उन्होंने बताया कि, प्रभु श्री रामलला (अयोध्या धाम) दर्शन यात्रा के तहत अभी तक 5100 श्रद्धालु यात्रियों ने निःशुल्क यात्रा कर अयोध्या और बनारस में दर्शन कर चुके हैं।

केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय द्वारा स्वदेश दर्शन योजना की सब स्कीम “चैलेन्ज बेस्ड डेस्टिनेशन डेवलपमेंट” के अंतर्गत ‘मयाली-बगीचा” जिला जशपुर की परियोजना के लिये रू. 10.00 करोड़ की स्वीकृति दिलाई गई। “प्रसाद योजना” के अंतर्गत “माँ बम्लेश्वरी देवी मंदिर डोंगरगढ़ का विकास” परियोजना (पूर्व में स्वीकृत लागत रू. 43.33 करोड़) के लिये रू. 5.10 करोड़ की अतिरिक्त स्वीकृति केंद्र सरकार से प्राप्त हुई है। परियोजना में विगत 06 माह में रू. 6.63 करोड़ के कार्य संपादित कराये गये हैं। योजना का कार्य अंतिम चरणों में है।

इसके अलावा कुदरगढ़ जिला सूरजपुर के विकास हेतु 66.14 करोड रुपए का प्रस्ताव भारत सरकार, पर्यटन मंत्रालय को प्रेषित किया गया। नगर पंचायत कुरूद, जिला-धमतरी में एम्पीथियेटर निर्माण कार्य हेतु राशि रू 01.00 करोड़ की स्वीकृति कलेक्टर, जिला-धमतरी को प्रदान की गई है एवं राशि रु. 50.00 लाख जारी किया गया है। छत्तीसगढ़ राज्य में विगत 06 माह में 1,64,17,854 घरेलू पर्यटक एवं 1281 विदेशी पर्यटकों का आगमन हुआ है। राज्य में पर्यटक डाटा आंकडे एकत्रित करने हेतु पर्यटन सर्वेक्षण की योजना प्रक्रियाधीन है। इस कार्य हेतु छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड द्वारा All India Institute of Local Self Govt. (AIILSG) का चयन किया गया है।

टूरिज्म बोर्ड के द्वारा राज्य में 18 इकाईयों का संचालन किया जा रहा है। जिससे विगत 06 माह में कुल राशि रू. लगभग 04 करोड़ की आय प्राप्त हुई है। छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के द्वारा लीज पर सौंपी गई 15 ईकाईयों में से 09 ईकाईयों से विगत 06 माह में कुल राशि रू. 88 लाख राजस्व प्राप्त हुयी है। छत्तीसगढ़ पर्यटन नीति 2020 को संशोधित कर नवीन पर्यटन नीति तैयार करने की कार्यवाही प्रारंभ की गई। पर्यटन को उद्योग का दर्जा प्रदान करने संबंधी प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है।

उन्होंने बताया की 22 जनवरी 2024 को अयोध्या में आयोजित “श्री रामलला प्राण प्रतिष्ठा-रामोत्सव के अवसर पर छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में रामोत्सव का आयोजन किया गया। जिसमें कौशल्या माता धाम, चंदखुरी, जिला-रायपुर में भव्य आयोजन किया गया। 05 साल बाद फिर राजिम कुंभ (कल्प) 2024 का सफलतापूर्वक वृहद आयोजन किया गया। छत्तीसगढ़ ने 19-20 फरवरी 2024 को मुम्बई में आयोजित दादा साहेब फाल्के अंतर्राष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल-2024 में सहभागिता की। 7th Hospitality India Travel Awards 2024 में छत्तीसगढ़ टूरिज्म को “Best Emerging Wedding and MICE Tourism Destination” अवार्ड प्रदाय किया गया।

संस्कृति विभाग

बृजमोहन अग्रवाल ने बताया की 14 जनवरी, 24 को बसंत पंचमी के अवसर पर पुरखौती मुक्तांगन में पतंग महोत्सव का आयोजन किया गया जिसमे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी भी उपस्थिति रहे। 20 जनवरी, 2024 को श्रीराम लला प्राण प्रतिष्ठा-रामोत्सव 2024 के अवसर पर पुलिस परेड ग्राउंड रायपुर में लाईट एण्ड साउण्ड शो” एवं “गाथा श्रीराम की कार्यक्रम का आयोजन।

अयोध्या में आयोजित श्रीराम लला प्राण प्रतिष्ठा-रामोत्सव 2024 के कार्यक्रम के आयोजन के लिए सभी 33 जिलों में करीब 1.14 करोड़ रुपए राशि आवंटित की गई। उन्होंने बताया कि, घोषणा पत्र के अनुसार 100 दिन के अंतर्गत चिन्हारी पोर्टल में पंजीकृत रामायण मानस मंडलियों को प्रोत्साहन राशि करीब 3.10 करोड़ रुपए सभी जिला कलेक्टर के द्वारा उपलब्ध कराई गई।

लोक कलाकारों को कुल 484 मंचीय प्रस्तुति हेतु अवसर प्रदान किया गया। जिसके लिए कुल मानदेय करीब 7.25 करोड़ का भुगतान किया गया। कलाकार कल्याण कोष योजना अंतर्गत 12 अर्थाभावग्रस्त साहित्यकारों/कलाकारों को राशि रु. 3.00 लाख मात्र प्रदान किया गया। प्रदेश में मेला महोत्सव एवं सांस्कृतिक आयोजन हेतु जिला कलेक्टरों को 5 करोड़ 52 लाख प्रदान दिया गया है।

पुरातत्व विभाग

बृजमोहन अग्रवाल ने बताया कि, रीवा आरंग, जमराव पाटन, उत्खनन कार्य प्रारंभ किया जा चुका है। रीवा में 2500 वर्ष और जमराव में 2000 वर्ष पुरानी सभ्यता के अवशेष प्राप्त। तीन राज्य संरक्षित स्मारकों का रसयानिक संरक्षण कार्य भी शुरू किया जा चुका है। वहीं 300 छात्र-छात्राओं को प्राचीन मूर्तियों और शिल्प बनाने का प्रशिक्षण दिया गया।

धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग

अग्रवाल ने जानकारी दी कि राजिम कल्प कुंभ मेला विधेयक विधानसभा में पारित किया जा चुका है। छत्तीसगढ़ की पांच शक्तिपीठ को जोड़ने की महत्वकांक्षी योजना को केंद्र से हरी झंडी मिल चुकी है साथ ही राजीव लोचन कॉरिडोर को भी केंद्र से मंजूरी मिल चुकी है। बस्तर दशहरा में 25 लाख रुपए का आवंटन गिरौदपुरी मेला को 25 लाख, दामाखेड़ा मेला को 50 लाख और लालपुर, मुंगेली मेला हेतु 10 लाख का आवंटन स्वीकृत किया गया। वहीं राज्य के 22 मंदिरों के मरम्मत एवं पुनःद्धार कार्य की स्वीकृति मिल चुकी है।

 

छत्तीसगढ़ के तहसीलदारों के बढ़े अधिकार, अब आम लोगों की परेशानियां होंगी दूर, पढ़े पूरी खबर

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 रायपुर। राज्य के भू-स्वामियों को पटवारी रिकार्ड में त्रुटियों में सुधार के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा की पहल पर राजस्व विभाग ने भू-स्वामियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए अब पटवारी रिकार्ड में दर्ज त्रुटियों का निराकरण करने के लिए तहसीलदारों को अधिकृत किया है। पूर्व में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को भू-स्वामियों के पटवारी रिकार्ड के त्रुटियों को निराकृत करने के लिए प्राधिकृत किया गया था।


मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप राजस्व रिकार्ड में त्रुटि सुधार के अभ्यावेदन पर त्वरित कार्यवाही की जाएगी और इसके लिए तहसीलदारों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। छत्तीसगढ़ राज पत्र में प्रकाशित अधिसूचना के अनुसार विशेष सचिव राजस्व एवं आपदा प्रबंधन ने छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता, 1959 (क्र. 20 सन् 1959) की धारा 24 की उप-धारा (1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार द्वारा उक्त संहिता की धारा 115 के अधीन तहसीलदार को भूमि स्वामी उसके पिता, पति के नाम, उपनाम, जाति, पते में लिपिकीय त्रुटि सुधार करने अधिकृत किया गया है। इसी प्रकार राजस्व रिकार्ड में कैफियत कॉलम में की गई त्रुटिपूर्ण प्रविष्टि में सुधार करना, त्रुटिवश जोड़े गये खसरों को पृथक करना, भूमि के सिंचित, असिंचित होने संबंधी प्रविष्टि में सुधार करना, भूमि के एक फसली तथा बहु फसली की प्रविष्टि में त्रुटि सुधार करने के लिए तहसीलदार को अधिकृत किया गया है।


जानकारों के अनुसार सरकार के इस फैसले से आम लोगों को बड़ी राहत मिलेगी, अब उन्‍हें अलग-अलग कार्यालयों का चक्‍कर नहीं लगाना पड़ेगा। इससे काम में तेजी आएगी और राजस्‍व प्रकरणों की पेंडेंसी भी कम होगी। बता दें कि राज्‍य सरकार लगातार राजस्‍व मामलों के निराकरण में तेजी लाने का प्रयास कर रही है। तहसीलदारों के अधिकारों में की गई बढ़ोतरी को इसी दिश में किया गया प्रयास माना जा रहा है।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020: चार वर्ष पूरे होने के अवसर पर ‘‘शिक्षा सप्ताह’’ का होगा आयोजन

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 रायपुर : राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के चार वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की मूल भावना को जन-जन तक पहुंचाने के लिए पूरे देश में सभी शासकीय, अनुदान प्राप्त एवं निजी स्कूलों में एक सप्ताह तक ‘शिक्षा सप्ताह’ का आयोजन किया जा रहा है। इस तारतम्य में 22 जुलाई से शिक्षा सप्ताह मनाने छत्तीसगढ़ शासन स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा समस्त जिला कलेक्टरों को निर्देश जारी किए गए हैं।


जारी परिपत्र द्वारा जिले के समस्त शालाओं में दिवसवार गतिविधियां कराने के निर्देश दिए है, जिसमें पहला दिवस 22 जुलाई सोमवार को टीएलएम दिवस- शिक्षकों को स्थानीय सामग्री के प्रदर्शन एवं कक्षा में इनके उपयोग हेतु प्रोत्साहित किया जाता है। इसी प्रकार दूसरा दिवस 23 जुलाई मंगलवार को एफएलएन दिवस- एफएलएन के क्रियान्वयन हेतु सभी हितधारकों के मध्य जागरुकता विकसित करना, तीसरा दिन 24 जुलाई बुधवार को खेल दिवस- खेल और फिटनेस के महत्व हेतु प्रतियोगिताओं का आयोजन करना, चतुर्थ दिवस 25 जुलाई गुरुवार को सांस्कृतिक दिवस- विद्यार्थियों में विविधता में एकता की भावना विकसित करने विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम किया जाएं, पांचवा दिवस 26 जुलाई शुक्रवार को कौशल एवं डिजिटल पहल दिवस- विभिन्न कौशलों को बढ़ावा देना, सीखने में डिजिटल पहल को प्रोत्साहित करना, छठवां दिवस 27 जुलाई शनिवार को मिशन लाइफ/इको क्लब दिवस स्कूलों में इको क्लब का गठन, एक पेड़ मां के नाम का आयोजन, स्कूलों में वृक्षारोपण और सातवाँ दिवस 28 जुलाई रविवार को सामुदायिक भागीदारी दिवस- स्थानीय समुदाय, जन-प्रतिनिधि, पालक, एस.एम.सी., पीटीए, पंचायती राज संस्थाओं से मिलकर अधिकतम भागीदारी, न्यौता भोज कराने का निर्देश दिया गया है।  

कार्यक्रम के अंतिम दिवस सभी शालाओं में न्यौता भोज के आयोजन के साथ-साथ  उल्लास कार्यक्रम में जुड़ने संबंधी शपथ भी दिलाई जाएगी।

Chhattisgarh : झोलाछाप डॉक्टरों पर कार्रवाई, दो क्लिनिक सील

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 रायपुर : मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के निर्देश पर राज्य में स्वास्थ्य मामलों को लेकर लगातार सतकर्ता बरती जा रही है तथा कार्रवाई भी की जा रही है। इसी तारतम्य में  बिलासपुर कलेक्टर  अवनीश शरण के निर्देश पर दो झोलाझाप डाक्टरों की क्लिनिक सील कर दी गई है। एसडीएम कोटा एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दोनों क्लिनिकों का आकस्मिक निरीक्षण किया और उसे सील करने की कार्रवाई की। 


 गौरतलब है कि कलेक्टर ने अवैध क्लिनिकों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। टेंगनमाड़ा में दीपक गुप्ता का क्लिनिक हैं। यह क्लिनिक धर्मप्रताप पिता विशाल सिंह के मकान में चलाया जा रहा था। दीपक गुप्ता क्लिनिक में नहीं मिले। सरपंच, कोटवार एवं ग्रामीणों ने बताया कि वे गांव में नहीं है। 

बताया गया कि उनके द्वारा किये गये गलत इलाज के कारण लगातार परेशानी हो रही है । इसी प्रकार करगी कला में डॉ. चिरंजित विश्वास के क्लिनिक का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। उनके पास इलाज करने का किसी प्रकार का वैध दस्तावेज नहीं पाया गया। इसलिए उनका क्लिनिक सील कर दिया गया है। कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

महासमुंद : मिनीमाता महतारी जतन योजना: जागृति को मिला 20 हजार का चेक, जिले की 8846 हितग्राहियों को मिला लाभ

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 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन में मिल रहा है गर्भवती महिलाओं को लाभ। गरीब परिवारों में गर्भवती महिलाओं के प्रसव के दौरान सबसे बड़ी समस्या आती है। ऐसी परिस्थिति को देखते हुए, छत्तीसगढ़ में मिनीमाता महतारी जतन योजना की शुरुआत की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर गर्भवती महिलाओं को प्रसूति सहायता राशि प्रदान करना है। इससे महिलाओं को मदद मिलेगी और उनके परिवार को लाभ होगा। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा मिनीमाता महतारी जतन योजना के अंतर्गत, पंजीकृत हितग्राहियों को 20 हजार रुपये की प्रसूति सहायता राशि दी जाती है। इस योजना का उद्देश्य है कि राज्य की अधिकतर जरूरतमंद महिलाओं को इसका लाभ मिल सके।


महासमुंद जिले में मिनीमाता महतारी जतन योजना की शुरुआत से अब तक 8846 हितग्राहियों को लाभ मिला है। जिसमें महासमुंद की सुभाष नगर निवासी जागृति साहू को 20 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई है। जागृति ने बताया कि वे छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल में पंजीकृत श्रमिक हैं। उन्होंने योजना की तारीफ करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को लाभ पहुंचाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि प्राप्त राशि का उपयोग बच्चे के रहन-सहन और उचित देखभाल में किया जा रहा है।

गौरतलब है कि मिनीमाता महतारी जतन योजना का लाभ लेने के लिए महिला श्रमिकों का छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल अंतर्गत पंजीकृत होना अनिवार्य है। योजना का लाभ लेने के लिए हितग्राही को बच्चे के जन्म के 90 दिनों के भीतर श्रमिक पंजीयन प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, आधार कार्ड, उत्तराधिकारी का आधार कार्ड, बैंक पासबुक, मोबाइल नंबर, शिशु के जन्म प्रमाण पत्र तथा मूल दस्तावेज के साथ श्रम विभाग, लोक सेवा केंद्र या वीएलई के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करना होगा।


माइक्रोसॉफ्ट आउटेज के बग का चला पता, लेकिन कायम है ‘ब्लू स्क्रीन ऑफ डेथ’

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 Microsoft Windows Outage : जहां बीते शुक्रवार को माइक्रोसॉफ्ट से संबंधित थर्ड पार्टी ‘क्राउडस्ट्राइक’ के सॉफ्टवेयर ‘अपडेट’ के चलते विंडोज संचालित उपकरणों के प्रभावित होने से शुक्रवार को भारत सहित दुनियाभर में प्रौद्योगिकी संबंधी व्यवधान का सामना करना पड़ा है। वहीं इस व्यवधान से विमानन, मीडिया एवं वित्तीय सेवाएं प्रभावित हुईं तथा कई अन्य कंपनियों का कामकाज भी प्रभावित हुआ है। साइबर सुरक्षा कंपनी ‘क्राउडस्ट्राइक’ के अनुसार ऐसा माना जा रहा है कि इस समस्या की वजह से कोई सुरक्षा गड़बड़ी या साइबर हमला नहीं है।


इस बाबत सिविल एविएशन एक्सपर्ट भी साइबर टेरर की आशंका भी जता रहे हैं। हालांकि, माइक्रोसॉफ्ट ऐसी संभावना से इनकार कर रहा है। माइक्रोसॉफ्ट की टीम के साथ इस समय पूरी दुनिया के सर्वश्रेष्ठ इंजीनियर इस तकनीकी समस्या का समाधान तलाशने के लिए जी जान जुटे हैं। लेकिन फिलहाल कहा जा रहा है कि, पूरी तरह से सर्वर दुरुस्त होने में अभी और समय लग रहा है।

मामले पर वैश्विक साइबर सुरक्षा कंपनी ‘क्राउडस्ट्राइक’ ने कहा कि उसने अपने सॉफ़्टवेयर में दिक्कत की पहचान की है और इसे हल करने के लिए काम कर रही है। दरअसल क्राउडस्ट्राइक माइक्रोसॉफ्ट को उसके विंडोज डिवाइस के लिए एंटीवायरस सॉफ़्टवेयर प्रदान करता है। इसको लेकर CBS न्यूज़ को एक बयान में Microsoft ने कहा कि, “क्राउडस्ट्राइक अपडेट के चलते वैश्विक स्तर पर कई IT सिस्टम बंद हो गए हैं। ”

इस घटना पर क्राउडस्ट्राइक के CEO जॉर्ज कर्ट्ज़ ने कहा कि समस्या की पहचान हो गई है और समाधान भी जल्द से जल्द खोजा जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि “यह कोई सुरक्षा से संबंधित घटना या साइबर हमला नहीं है। समस्या की पहचान कर ली गई है, उसे अलग कर दिया गया है और उसका समाधान कर दिया गया है। ”

माइक्रोसॉफ्ट ने भी इस वैश्विक IT आउटेज पर एक अपडेट साझा किया और पुष्टि की है कि उसके 365 ऐप्स और सेवाओं के आउटेज के मूल कारण को ठीक कर दिया गया है। किन साइबर सुरक्षा आउटेज की वजह से अभी भी कुछ ग्राहक प्रभावित हैं। हालांकी क्राउडस्ट्राइक द्वारा समस्या का निदान किए जाने के बाद भी, इससे उत्पन्न होने वाली कुछ समस्याओं को हल करने में समय लग सकता है।

IT आउटेज के इस संकट से भारत में एयरलाइन परिचालन बाधित हुआ, जिससे हजारों लोग प्रभावित हुए। कई एयरलाइन कंपनियों ने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर कहा कि वे मैनुअल ढंग से चेक-इन और बोर्डिंग प्रक्रिया का पालन कर रही हैं। उन्होंने तकनीकी समस्याओं के कारण देरी होने की जानकारी दी। इस संकट से भारतीय बैंक और भुगतान प्रणाली अप्रभावित रहे। हालांकि इस संकट से दुनिया भर में वित्तीय सेवा कंपनियां प्रभावित हुईं।

देखा जाए तो माइक्रोसॉफ्ट के सर्वर में टेक्निकल प्रॉब्लम आने के बाद से पूरी दुनिया में मानों हड़कंप मच गया और कई देशों में सर्वर की वजह से एयरलाइंस ठप हो गईं। वहीं टीवी प्रसारण भी रुक गया, स्टॉक मार्केट ठप हो गया, बैंकिंग और कई कार्पोरेट कंपनियों का कामकाज भी रोकना पड़ा है।


Rain Alert in Chhattisgarh : प्रदेश में होगी झमाझम बारिश मौसम विभाग ने इन जिलों के लिए जारी किया अलर्ट

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 Rain Alert in Chhattisgarh : सावन से पहले एक बार फिर प्रदेश में मौसम करवट बदलने वाला है। बारिश का इंतजार कर रहे लोगों के लिए अच्छी खबर निकलकर सामने आई है। प्रदेश में झमाझम बारिश के साथ आषाढ़ का विदाई होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, आज प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश होने की संभावना है।


 विभाग ने प्रदेश के 9 जिलों में भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट और 6 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया है। विभाग के अनुसार, रायपुर, गरियाबंद, धमतरी, बस्तर, कोंडागांव, दंतेवाड़ा, सुकमा, दुर्ग, बालोद में बारिश हो सकती है। वहीं खैरागढ़ छुईखदान गंडई, राजनांदगांव, मोहला मानपुर अंबागढ़ चौकी, कांकेर, बीजापुर, नारायणपुर के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

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