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शासकीय विभागों में प्रवर श्रेणी के दिव्यांगजनों को सीधी भर्ती में मिलेगा आरक्षण

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रायपुर। दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के प्रावधानों के तहत राज्य शासन के समस्त विभागों और उनके अधीनस्थ कार्यालयों की प्रत्येक सरकारी स्थापना में सीधी भर्ती से भरे जाने वाले प्रवर श्रेणी के दिव्यांगजनों के लिए पदों का चिन्हांकन कर पद आरक्षित किए जा रहे हैं। आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में समाज कल्याण विभाग के सचिव भुवनेश यादव की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य शासन के सभी विभागों के सचिव शामिल हुए।

बैठक में राज्य शासन के सभी विभागों के अंतर्गत सीधी भर्ती के प्रकम में भरे जाने वाले प्रथम, द्वितीय, तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी की लोक सेवाओं एवं पदों में दिव्यांगजनों के लिए दिव्यांजन अधिकार अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार आरक्षण निर्धारित किया जाएगा। बैठक में विभिन्न विभागों के अंतर्गत आने वाले कार्यालयों में अंतिम रूप में पदों के चिन्हांकन हेतु विभागीय सचिवों से विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में सभी विभागों के भारसाधक सचिव, विभागाध्यक्ष सहित विभिन्न विभागों द्वारा दिव्यांगजनों के लिए पदों के चिन्हाकन हेतु नियुक्त नोडल अधिकारी शामिल हुए।

भ्रामक विज्ञापन पर सीजीरेरा की कड़ी कार्रवाई : बिलासपुर के ‘फॉर्च्यून एलिमेंट्स’ परियोजना के प्रमोटर पर 10 लाख रुपये का दंड

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रायपुर। छत्तीसगढ़ भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (सीजीरेरा) ने भ्रामक विज्ञापन प्रकाशित करने के मामले में सख्त कदम उठाते हुए बिलासपुर के बोदरी स्थित ‘फॉर्च्यून एलिमेंट्स’ परियोजना के प्रवर्तक पवन अग्रवाल पर 10 लाख रुपये (दस लाख रुपये) का आर्थिक दंड अधिरोपित किया है।

उक्त परियोजना का पंजीयन एक प्लॉटेड परियोजना के रूप में किया गया है। किंतु प्राधिकरण द्वारा विभिन्न माध्यमों में प्रकाशित विज्ञापनों की जांच के दौरान यह पाया गया कि प्रमोटर द्वारा परियोजना का प्रचार हाउसिंग परियोजना के रूप में किया जा रहा था, जो कि पंजीकृत विवरण के विपरीत एवं भ्रामक है।

रेरा अधिनियम की धारा 7 के अनुसार यदि कोई प्रवर्तक अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करता है अथवा परियोजना से संबंधित गलत या भ्रामक जानकारी प्रस्तुत करता है, तो प्राधिकरण परियोजना के पंजीयन के विरुद्ध कार्रवाई कर सकता है, जिसमें पंजीयन निरस्तीकरण सहित अन्य दंडात्मक कदम शामिल हैं।

इसके अतिरिक्त, अधिनियम की धारा 14 के तहत प्रवर्तक के लिए यह अनिवार्य है कि वह परियोजना का विकास एवं प्रचार स्वीकृत योजना, ले-आउट, विनिर्देश तथा पंजीयन के समय दी गई जानकारी के अनुरूप ही करे। इन प्रावधानों के विपरीत किसी भी प्रकार का भ्रामक प्रचार या परिवर्तन उल्लंघन की श्रेणी में आता है।

प्राधिकरण ने उक्त उल्लंघन को गंभीर मानते हुए प्रवर्तक पर 10 लाख रुपये का दंड अधिरोपित किया है तथा निर्देश दिया है कि संबंधित हाउसिंग क्षेत्र परियोजना का विधिवत पंजीयन कराया जाए।

सीजीरेरा ने स्पष्ट किया है कि प्राधिकरण प्रिंट, डिजिटल एवं अन्य विभिन्न माध्यमों पर प्रसारित रियल एस्टेट परियोजनाओं के विज्ञापनों की सतत निगरानी कर रहा है। किसी भी प्रकार के भ्रामक अथवा पंजीकृत विवरण के विपरीत विज्ञापन पाए जाने पर संबंधित प्रवर्तकों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

प्राधिकरण ने सभी प्रवर्तकों को निर्देशित किया है कि वे परियोजना से संबंधित विज्ञापन एवं प्रचार सामग्री में केवल पंजीकृत विवरण का ही उपयोग करें तथा रेरा अधिनियम एवं नियमों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करें।

रायगढ़, बालोद और महासमुंद में संशोधित गाइडलाइन दरें 20 फरवरी से लागू

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रायपुर। प्रदेश में 20 नवम्बर 2025 से लागू नवीन गाइडलाइन दरों के तहत आवश्यकतानुसार पुनरीक्षण की प्रक्रिया जारी है। राज्य शासन द्वारा जिला मूल्यांकन समितियों को निर्देश दिए गए थे कि स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप संशोधन प्रस्ताव केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड को भेजे जा रहे हैं।

इसी क्रम में रायगढ़, बालोद और महासमुंद जिलों की जिला मूल्यांकन समितियों से संशोधित प्रस्ताव प्राप्त हुए। इन प्रस्तावों पर विचार के लिए महानिरीक्षक पंजीयन की अध्यक्षता में केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड की बैठक आयोजित की गई। बैठक में संबंधित जिलों से प्राप्त गाइडलाइन दरों के प्रस्तावों का विस्तृत परीक्षण किया गया तथा समग्र विचार-विमर्श के उपरांत रायगढ़, बालोद और महासमुंद जिलों के संशोधित प्रस्तावों को अनुमोदन प्रदान किया गया।

केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड द्वारा अनुमोदित नई गाइडलाइन दरें रायगढ़, बालोद और महासमुंद जिलों में 20 फरवरी 2026 से प्रभावशील होंगी। आम नागरिक, संपत्ति क्रेता-विक्रेता तथा अन्य संबंधित हितधारक नवीन दरों की जानकारी संबंधित जिला पंजीयन कार्यालयों एवं विभाग की आधिकारिक वेबसाइट से प्राप्त कर सकते हैं।

राज्य शासन ने स्पष्ट किया है कि शेष जिलों की जिला मूल्यांकन समितियों से प्राप्त संशोधित प्रस्तावों पर भी शीघ्र कार्रवाई करते हुए क्रमशः नई गाइडलाइन दरें जारी की जाएंगी। यह कदम प्रदेश में संपत्ति मूल्यांकन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, तार्किक और सुव्यवस्थित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

पत्थरों में दर्ज इतिहास: जहाँ हर पत्थर कहती है एक कहानी

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के जांजगीर नगर में स्थित विष्णु मंदिर, जिसे स्थानीय रूप से ‘नकटा मंदिर’ भी कहा जाता है, प्रदेश की महत्वपूर्ण पुरातात्विक एवं सांस्कृतिक धरोहरों में गिना जाता है। महानदी अंचल की ऐतिहासिक भूमि पर निर्मित यह मंदिर अपनी अधूरी संरचना के कारण सदियों से जिज्ञासा और आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

कलचुरी काल की स्थापत्य विरासत

इतिहासकारों के अनुसार इस मंदिर का निर्माण 11वीं-12वीं शताब्दी में कलचुरी शासकों के काल में प्रारंभ हुआ था। उस समय छत्तीसगढ़ क्षेत्र कला, स्थापत्य और धार्मिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र था। मंदिर की संरचना नागर शैली में निर्मित है, जिसमें ऊँचा शिखर, अलंकृत गर्भगृह तथा सुसज्जित मंडप की परिकल्पना स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। हालांकि निर्माण कार्य किसी अज्ञात कारण से अधूरा रह गया, किंतु जो संरचना आज विद्यमान है, वह उस युग की समृद्ध कला और स्थापत्य कौशल का जीवंत प्रमाण प्रस्तुत करती है।

अद्वितीय शिल्पकला और सूक्ष्म नक्काशी

मंदिर की दीवारों, स्तंभों और आधार भागों पर की गई बारीक नक्काशी अत्यंत आकर्षक है। इनमें विभिन्न पौराणिक प्रसंग, देवी-देवताओं की प्रतिमाएँ, गंधर्व, अप्सराएँ और अलंकारिक रूपांकन उकेरे गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि मूर्तियों के अनुपात, भाव-भंगिमा और अलंकरण शैली से तत्कालीन शिल्पियों की उच्च कोटि की दक्षता का परिचय मिलता है। प्रत्येक आकृति मानो किसी कथा का दृश्य रूपांतरण हो, जो भारतीय धर्म और संस्कृति की गहराई को अभिव्यक्त करता है।

अधूरापन: रहस्य और किंवदंती

मंदिर के अधूरे रह जाने को लेकर कई मत प्रचलित हैं। कुछ इतिहासकार इसे राजनीतिक अस्थिरता या सत्ता परिवर्तन से जोड़ते हैं, जबकि स्थानीय लोककथाओं में इसे दैवीय संकेत या अलौकिक कारणों से संबंधित बताया जाता है। यद्यपि सटीक कारणों का स्पष्ट प्रमाण उपलब्ध नहीं है, किंतु यही अधूरापन इस मंदिर को विशिष्ट पहचान प्रदान करता है। यह अधूरी रचना भी पूर्ण सौंदर्य का अनुभव कराती है और दर्शकों को इतिहास के उस कालखंड में ले जाती है, जब कला और आस्था का अद्भुत संगम हुआ करता था।

आस्था और पर्यटन का प्रमुख केंद्र

आज यह मंदिर श्रद्धालुओं के लिए आस्था का स्थल होने के साथ-साथ पर्यटकों और शोधकर्ताओं के लिए भी आकर्षण का केंद्र है। छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान में इस मंदिर का विशेष स्थान है। पुरातात्विक महत्व के कारण इसे संरक्षित स्मारक के रूप में देखा जाता है और प्रदेश के पर्यटन मानचित्र पर भी यह महत्वपूर्ण पड़ाव है। मंदिर परिसर में खड़े होकर ऐसा प्रतीत होता है मानो समय ठहर गया हो और पत्थरों में इतिहास बोल रहा हो।

विरासत जो अधूरी होकर भी पूर्ण है

जांजगीर का विष्णु मंदिर यह संदेश देता है कि विरासत केवल पूर्ण संरचनाओं में ही नहीं, बल्कि अधूरी कहानियों में भी जीवित रहती है। इसकी भव्यता, शिल्प और रहस्य आने वाली पीढ़ियों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ते रहेंगे। अधूरा होकर भी यह मंदिर छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक चेतना में पूर्ण रूप से प्रतिष्ठित है, और यही इसकी सबसे बड़ी विशेषता है।

दुर्घटना पीड़ितों को मिलेगा 7 दिन तक 1.50 लाख रुपए का कैशलेस उपचार

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रायपुर। परिवहन मंत्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार भारत सरकार की महत्वाकांक्षी पीएम राहत योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रदेश में तैयारी तेज कर दी गई है। इसी क्रम में परिवहन सचिव एस. प्रकाश ने आज सभी जिले के पुलिस प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और डायल 112 के अधिकारियों की वर्चुअल बैठक ली। बैठक में सचिव एस. प्रकाश ने निर्देश दिए कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को योजना के तहत 7 दिनों तक अधिकतम 1 लाख 50 हजार रुपए तक का कैशलेस उपचार तुरंत उपलब्ध कराया जाए। 

परिवहन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि प्रदेश के लगभग 1000 अधिकृत अस्पतालों के साथ-साथ अन्य सक्षम अस्पतालों को भी इस योजना से जोड़ा जाए, ताकि जरूरतमंदों को समय पर उपचार मिल सके। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि अस्पतालों के उपचार संबंधी भुगतान 10 दिनों के भीतर कर दिए जाएं।

परिवहन सचिव एस. प्रकाश ने अधिकारियों से कहा कि दुर्घटनाओं की रोकथाम हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके लिए जिलों में आवश्यक कदम उठाए जाएं ताकि सड़क दुर्घटना में कमी लाई जा सके। उन्होंने कहा कि यदि दुर्घटना होती है, तो घायल व्यक्ति को ‘गोल्डन ऑवर’ में त्वरित उपचार मिलना अत्यंत आवश्यक है। योजना का उद्देश्य इसी महत्वपूर्ण समय में उपचार उपलब्ध कराकर पीड़ितों की जान बचाना है। राज्य सरकार द्वारा योजना के त्वरित क्रियान्वयन से सड़क दुर्घटना पीड़ितों को समय पर और निःशुल्क उपचार का लाभ मिल सकेगा, जिससे अनेक बहुमूल्य जीवन बचाए जा सकेंगे।

बैठक में एनआईसी के राज्य अधिकारी अरविंद यादव और अमित देवांगन ने पावर पॉइंट के माध्यम से प्रस्तुति और वीडियो के माध्यम से योजना के बेहतर क्रियान्वयन की प्रक्रिया समझाई। उन्होंने पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, डायल 112 और जिला प्रशासन की भूमिकाओं एवं जिम्मेदारियों की विस्तृत जानकारी दी। वर्चुअल बैठक में बस्तर, मानपुर-मोहला-अंबागढ़ चौकी सहित सभी जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी एवं संबंधित अधिकारी शामिल हुए। बैठक में उप परिवहन आयुक्त मनोज कुमार ध्रुव तथा अंतर्विभागीय लीड एजेंसी (सड़क सुरक्षा) से दिनेश टांक भी उपस्थित थे।


राज्य सरकार जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने के लिए प्रतिबद्ध - मुख्यमंत्री साय

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 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल की संयुक्त अध्यक्षता में आज नवा रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित बैठक में प्रदेश में “जल संचय-जन भागीदारी 2.0” अभियान के क्रियान्वयन की गहन समीक्षा की गई। केंद्रीय मंत्री पाटिल इस बैठक में वर्चुअली शामिल हुए और बैठक को संबोधित किया। इस दौरान बिलासपुर, दुर्ग और सूरजपुर जिले के कलेक्टरों ने अपने-अपने जिलों में अभियान के अंतर्गत संचालित कार्यों और गतिविधियों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।


मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जल संकट 21वीं सदी की केवल गंभीर पर्यावरणीय ही नहीं, बल्कि आर्थिक, सामाजिक और विकासात्मक चुनौती भी बन चुका है। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण को स्थायी और प्रभावी बनाने के लिए जनभागीदारी अनिवार्य है।उन्होंने देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के उस संदेश का उल्लेख किया, जिसमें पानी के उपयोग को प्रसाद के समान मानते हुए जल के प्रति संवेदनशील और जिम्मेदार दृष्टिकोण अपनाने पर जोर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन से प्रेरित होकर राज्य सरकार जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अभियान के पहले चरण में छत्तीसगढ़ ने देशभर में द्वितीय स्थान प्राप्त किया तथा विभिन्न जिलों को भी अलग-अलग श्रेणियों में पुरस्कार मिले। पहले चरण में सामुदायिक भागीदारी के मॉडल पर कार्य करते हुए बड़े पैमाने पर बोरवेल रिचार्ज, रूफटॉप रेनवॉटर हार्वेस्टिंग, रिचार्ज शाफ्ट, सोक पिट और ओपनवेल रिचार्ज जैसी संरचनाओं का निर्माण किया गया। साय ने कहा कि प्रदेश में वर्तमान में 5 क्रिटिकल और 21 सेमी-क्रिटिकल भू-जल ब्लॉक चिन्हित हैं। वर्ष 2024 की तुलना में 2025 में इनमें से 5 ब्लॉकों में भू-जल निकासी में कमी और भू-जल स्तर में सुधार दर्ज किया गया है, जो जल संरक्षण प्रयासों के सकारात्मक परिणामों का संकेत है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अभियान के दूसरे चरण “जल संचय-जन भागीदारी 2.0” के अंतर्गत तकनीक आधारित और अधिक परिणाममूलक रणनीति अपनाई जा रही है। राज्य सरकार ने 31 मई 2026 तक 10 लाख जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया है। मुख्यमंत्री ने इसे जल सुरक्षा की दिशा में प्रदेश का ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि राज्य के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर एक विशेष पहल के तहत 10 एकड़ से अधिक भूमि वाले चार लाख से अधिक किसानों को अपने खेतों में डबरी निर्माण के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इस कार्य में जिला प्रशासन के साथ-साथ औद्योगिक समूहों का सहयोग भी लिया जा रहा है। इन डबरियों से भू-जल स्तर में वृद्धि के साथ किसानों को सिंचाई एवं मछली पालन जैसी अतिरिक्त सुविधाएँ मिलेंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दूसरे चरण में सभी जल संरचनाओं की जियोटैगिंग, ग्राम पंचायतों के वॉटर बजट तथा जल सुरक्षा योजनाओं के निर्माण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। साथ ही गांवों के युवाओं को “जल मित्र” के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा, ताकि अभियान को गति मिल सके। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि क्रिटिकल और सेमी-क्रिटिकल ब्लॉकों पर विशेष फोकस रखते हुए सेमी-क्रिटिकल ब्लॉकों में 40 प्रतिशत तथा क्रिटिकल ब्लॉकों में 65 प्रतिशत जल संरक्षण कार्यों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने प्रदेशवासियों से जल संरक्षण को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने, जल संरचनाओं की रक्षा करने और जल के प्रति जिम्मेदार सोच अपनाने का आह्वान भी किया।

केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल ने छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण के क्षेत्र में हो रहे कार्यों और नवाचारों की सराहना की। उन्होंने कहा कि गत वर्ष जल संरक्षण के प्रयासों में छत्तीसगढ़ देशभर में दूसरे स्थान पर रहा, जो राज्य के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सितंबर 2024 को सूरत से ‘जल संचय जन भागीदारी अभियान’ की शुरुआत की थी और ‘कर्मभूमि से मातृभूमि के लिए जल संचयन में सहयोग’ का आह्वान किया था। इस अभियान का उद्देश्य जल संरक्षण को जनआंदोलन का रूप देना है।

केंद्रीय मंत्री पाटिल ने प्रदेश के समस्त कलेक्टरों से मनरेगा के तहत जल संचय कार्यों के लिए प्राप्त राशि का पूर्ण और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने राजनांदगांव प्रवास के दौरान एक महिला सरपंच द्वारा स्वयं के प्रयासों से जल संचयन के लिए किए गए उल्लेखनीय कार्यों की प्रशंसा की। इसके साथ ही उन्होंने जल संचय में व्यापक जनभागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया।

बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, जल संसाधन विभाग के सचिव राजेश सुकुमार टोप्पो तथा जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार के सचिव श्री कांताराव और छत्तीसगढ़ के समस्त कलेक्टर वर्चुअली उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ कोरबा में सनसनी: एकतरफा प्रेम में सनकी युवक की फायरिंग, युवती के पिता बाल-बाल बचे

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 कोरबा के बालको थाना क्षेत्र में एकतरफा प्रेम के जुनून ने खौफनाक रूप ले लिया। देर रात एक सनकी युवक ने युवती के घर पहुंचकर हंगामा किया और बाहर आए उसके पिता पर पिस्टल से फायरिंग कर दी। पहली गोली मिस हो गई, जबकि दूसरी बार पिस्टल जाम हो जाने से बड़ी अनहोनी टल गई।


पीड़ित परिवार के मुताबिक, साहिल नाम का युवक पिछले छह महीनों से उनकी बेटी को एकतरफा प्रेम का दावा करते हुए परेशान कर रहा था और लगातार छेड़खानी कर रहा था। घटना के बाद पुलिस को सूचना दी गई, जिस पर तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को घेराबंदी कर पकड़ लिया गया। उसके पास से पिस्टल भी बरामद कर ली गई है।

फिलहाल पुलिस आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर रही है और मामले की जांच जारी है।

शादी का झांसा, सालभर किया शोषण - मंडी का पूर्व अधिकारी गिरफ्तार

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 कोरबा: जिले में गंभीर यौन उत्पीड़न का मामला सामने आया है। कटघोरा कृषि मंडी में पदस्थ रहे पूर्व अधिकारी राहुल साहू को पुलिस ने घरघोड़ा से गिरफ्तार किया है। पीड़ित महिला की शिकायत पर आरोपी को कटघोरा लाकर न्यायालय में पेश किया गया, जहां अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।


 क्या है मामला

पीड़िता के अनुसार, आरोपी अधिकारी के रूप में कटघोरा कृषि मंडी में पदस्थ था। इसी दौरान उसने महिला से दोस्ती की और शादी का वादा कर लगभग एक वर्ष तक उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। महिला का कहना है कि दोनों की इसी माह शादी तय थी, लेकिन अचानक आरोपी ने विवाह से इनकार कर संबंध तोड़ दिया।

इससे आहत महिला ने कटघोरा थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

 पुलिस की कार्रवाई

कटघोरा पुलिस ने आरोपी के ठिकाने का पता लगाकर घरघोड़ा क्षेत्र में छापेमारी की और उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को कटघोरा लाकर न्यायालय में पेश किया गया।

 जेल भेजा गया आरोपी

अदालत ने आरोपी की जमानत याचिका खारिज करते हुए उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया।

किन धाराओं में केस दर्ज

मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया है, जिनमें —

  • शादी का झांसा देकर यौन संबंध बनाना
  • धोखाधड़ी
  • यौन उत्पीड़न

जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।

बजट सत्र से पहले भाजपा विधायक दल की अहम बैठक 22 फरवरी को

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 रायपुर: छत्तीसगढ़ में आगामी बजट सत्र से पहले भाजपा विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक 22 फरवरी 2026 को आयोजित की जाएगी। यह बैठक मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में नवा रायपुर स्थित उनके निवास पर रात 8 बजे होगी। बैठक में पार्टी के सभी विधायक और मंत्री शामिल होंगे।


बजट सत्र की तैयारियों पर रहेगा फोकस

छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र 23 फरवरी से शुरू होने जा रहा है। ऐसे में इस बैठक में सत्र के दौरान सरकार की रणनीति, प्राथमिकताएँ और विधायी कार्यों की रूपरेखा पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।

विपक्ष के हमलों का जवाब तय होगा

बैठक में विपक्ष द्वारा उठाए जा सकने वाले मुद्दों पर भी मंथन होगा। सरकार सदन में प्रभावी ढंग से जवाब देने और अपनी उपलब्धियों को प्रस्तुत करने की रणनीति तैयार करेगी।

 24 फरवरी को पेश होगा बजट

राज्य का वार्षिक बजट 24 फरवरी 2026 को विधानसभा में पेश किया जाएगा। इसी कारण यह बैठक बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि इसमें बजट से जुड़े प्रमुख बिंदुओं और प्रस्तुति की रणनीति को अंतिम रूप दिया जाएगा।

श्रम विभाग की कल्याणकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने श्रमिक भाई -बहन बनें जागरूक- राजस्व मंत्री वर्मा

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 रायपुर : राज्य शासन द्वारा श्रमिकों के कल्याण के लिए संचालित योजनाओं के विषय में जागरूक करने के उद्देश्य से जिला मुख्यालय बलौदाबाजार स्थित जिला ऑडिटोरियम में गुरुवार को श्रमिक जन संवाद सम्मेलन का आयोजन किया गया।कार्यकम में श्रम विभाग की विभिन्न योजनाओं के तहत हितग्राहियों को 1 करोड़ 4 लाख से अधिक की राशि डीबीटी के माध्यम से श्रमिक एवं उनके परिवार के खाते में आतंरित की गई।


कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि राज्य शासन द्वारा श्रमिकों और उनके परिवार को खुशहाल बनाने के लिए 31 से अधिक कार्यक्रम और योजनाएँ संचालित हैं,जिनकी जानकारी सभी श्रमिक भाइयों और बहनों को होना ज़रूरी है तभी वे इन योजनाओं का लाभ ले सकेंगे। श्रमिक जन संवाद सम्मेलन का यही उद्देश्य है। उन्होंने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि ज़्यादा से ज़्यादा श्रमिक भाई बहनों तक योजनाओं का लाभ पहुँचाने ऐसे कार्यकम सार्थक भूमिका निभाते हैं।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे श्रम कल्याण मंडलके अध्यक्ष श्री योगेश दत्त मिश्रा ने अपने संबोधन में कहा कि केंद्र सरकार द्वारा श्रमिकों के हितों के लिए क्रांतिकारी कदम उठाते हुए चार नए लेबर कोड लागू करने का निर्णय लिया गया है जो निश्चित रूप से श्रमिकों और उनके परिवारों को आर्थिक और सामाजिक रूप से सबल करने की दिशा में बड़ा कदम है।उन्होंने कहा देश की आबादी का 45 प्रतिशत असंगठित क्षेत्र के मजदूर हैं जिनके आर्थिक और सामाजिक विकास के बिना देश का विकास संभव नहीं है इसी लिहाज से यह ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है।उन्होंने देश में लागू चार नए लेबर कोड (श्रम संहिताओं)मजदूरी संहिता, 2019, सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020, व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य स्थितियों या ओएसएच संहिता 2020 और औद्योगिक संबंध संहिता 2020 के लाभ के बारे में विस्तार से बताया। नए श्रम कानूनों के मुताबिक देश भर में राष्ट्रीय न्यूनतम वेतन तय किया जाएगा।एक बार घोषित होने के बाद राज्य इससे कम वेतन तय नहीं कर सकते।मजदूरों और उनके परिवारों की सुरक्षा और इलाज की व्यवस्था ,भविष्य निधि ,आदि के बारे में बताया। उन्होंने कार्यक्रम में आए जन प्रतिनिधियों और श्रमिकों से अपील करते हुए कहा कि आप सभी अपना नैतिक दायित्व समझते हुए ज़्यादा से ज़्यादा श्रमिकों को विभागीय योजनाओं का लाभ लेने हेतु प्रेरित और जागरूक करें तभी हम विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत की संकल्पना को साकार कर सकेंगे।

नगर पालिका अध्यक्ष श्री अशोक जैन ने कहा विकास और निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करने वाले श्रमिकों के कल्याण के लिए राज्य शासन लगातार प्रयासरत है । कार्यक्रम में विभिन योजनाओं में हितग्राहियों से बातचीत कर उनका अनुभव भी जाना कंचन वर्मा ने बताया कि उन्हें नोनी सुरक्षा का लाभ मिला है,जिसके कारण वो अपने कॉलेज की पढ़ाई कर पा रही हैं। सियान सहायता योजना के हितग्राही भगवान दत्त ने बताया कि 60 वर्ष की आयु पूरी करने पर उन्हें 20 हज़ार रुपये मिले जिससे उनको काफ़ी मदद मिली।इसी तरह दीप्ति विश्वकर्मा ने बताया उन्हें नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना का लाभ मिला है। सभी हितग्राहियों ने छत्तीसगढ़ शासन के प्रति आभार व्यक्त किया।

कार्यकम में छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल अंतर्गत मिनीमाता महतारी जतन योजना के तहत जिले की 113 महिलाओं को 20-20 हज़ार की राशि प्रदान की गई इस प्रकार योजना के तहत कुल 22.60 लाख रुपये प्रदान किए गए। मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना के तहत 918 बच्चों को 19.43 लाख, मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना के तहत 97 बुजुर्ग श्रमिकों को 19.40 लाख,मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण योजना के तहत 89 बालिकाओं को 17.80 लाख, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना के तहत 14 लाख, छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मण्डल अंतर्गत असंगठित कर्मकार मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना के तहत 11 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की । श्रमिक जन संवाद सम्मेलन में कुल 1242 श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं में तहत एक करोड़ चार लाख तेइस हजार की धनराशि वितरित की गई।

जिले में एक लाख से अधिक श्रमिक पंजीकृत 4 लाख अधिक हैं,अब तक श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं के तहत 90 करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्रदाय की जा चुकी है। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष आकांक्षा जायसवाल , जनपद पंचायत अध्यक्ष सुलोचना यादव भारत स्काउट गाइड के राज्य उपाध्यक्ष विजय केशरवानी सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि,श्रम विभाग के अधिकारी -कर्मचारी और श्रमिकगण उपस्थित थे।

डिजिटल सुविधा केंद्र में 86 वर्षीय भक्तिन राय को अंगूठे के निशान पर मिल रही सुविधाएं

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 रायपुर : उम्र 86 साल, चेहरे पर झुर्रियां, लेकिन आँखों में आत्मनिर्भरता की चमक। कबीरधाम जिले के ग्राम राजानवागांव की भक्तिन राय के लिए डिजिटल तकनीक अब केवल शब्द नहीं, बल्कि उनके बुढ़ापे की लाठी बन गई है। 30 साल पहले पति को खोने के बाद जिस पेंशन के लिए उन्हें बैंक के चक्कर काटने पड़ते थे, आज वही पैसा उनके गांव के डिजिटल सुविधा केंद्र में एक अंगूठे के निशान पर मिल जाता है। आज एक छोटा सा केंद्र भक्तिन राय जैसे हजारों ग्रामीणों के लिए डिजिटल वरदान साबित हो रहा है।


भक्तिन राय के पति का देहांत लगभग 30 साल पहले हो गया था। लंबे समय तक कठिन परिस्थितियों में जीवन बिताने के बाद अब उन्हें निराश्रित विधवा पेंशन और महतारी वंदन योजना की राशि हर महीने नियमित रूप से मिल रही है। पहले उन्हें पैसे निकालने के लिए बैंक जाना पड़ता था, जिससे समय और मेहनत दोनों लगते थे। अब गांव के डिजिटल सुविधा केंद्र से ही उन्हें तुरंत पैसा मिल जाता है और यह भी पता चल जाता है कि उनके खाते में कितनी राशि आई है। उनके बेटा और बहू मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। बहू को भी महतारी वंदन योजना का लाभ मिल रहा है, जिससे घर के खर्च में सहारा मिलता है। इलाज और दवाइयों के लिए मिलने वाली पेंशन की राशि भक्तिन राय के लिए बहुत बड़ा सहारा बन गई है। भक्तिन राय का घर भी प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बना है, जिससे उन्हें सुरक्षित रहने की सुविधा मिली है। वे बताती हैं कि अब गांव में ही सभी काम आसानी से हो जाते हैं, जिससे उन्हें कहीं दूर नहीं जाना पड़ता।

राजानवागांव के डिजिटल सुविधा केंद्र के माध्यम से अब तक लगभग 18 लाख रुपए से अधिक का ट्रांजैक्शन किया जा चुका है। यहां ग्रामीणों को कई तरह की वित्तीय और सरकारी सेवाएं मिल रही हैं। केंद्र में नगद आहरण, फंड ट्रांसफर, जीवन, सामान्य और कृषि बीमा, पेंशन, पैन कार्ड जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसके साथ ही विभिन्न सरकारी योजनाओं का पंजीयन, बिजली बिल भुगतान, ट्रेन और हवाई यात्रा की टिकट बुकिंग तथा ई-डिस्ट्रिक्ट सेवाओं के माध्यम से प्रमाण पत्र भी बनाए जा रहे हैं।

गांव के लोग यहां से दिव्यांग पेंशन, विधवा पेंशन, महतारी वंदन योजना की राशि निकालने, दूसरे के खाते में पैसा जमा करने, आवास योजना की राशि की जानकारी लेने और अन्य जरूरी काम आसानी से कर पा रहे हैं। डिजिटल सुविधा केंद्र ने खासकर बुजुर्ग, महिलाओं और जरूरतमंद लोगों के लिए बड़ी राहत दी है। भक्तिन राय जैसे लोगों के लिए यह केंद्र अब केवल एक सेवा केंद्र नहीं, बल्कि जीवन को आसान बनाने वाला एक मजबूत सहारा बन गया है।

डील करो या तबाही झेलो! अमेरिका का ईरान को 10–15 दिन का अल्टीमेटम, US सेना हाई अलर्ट पर

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 मध्य-पूर्व में हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान को परमाणु समझौते पर सहमत होने के लिए 10–15 दिन का अल्टीमेटम दिया है। ट्रंप ने कहा कि यदि ईरान समझौते पर नहीं आता, तो उसके लिए स्थिति “बेहद दुर्भाग्यपूर्ण” हो सकती है।


US सैन्य तैयारी तेज

मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी तेजी से बढ़ाई गई है। दो एयरक्राफ्ट कैरियर समूहों सहित युद्धपोत और लड़ाकू विमान तैनात किए गए हैं। मेडिटेरेनियन क्षेत्र में USS Gerald R. Ford सहित कई अमेरिकी युद्धपोतों की गतिविधि बढ़ी है, जिससे संभावित कार्रवाई की आशंका जताई जा रही है।

ब्रिटेन ने एयरबेस देने से किया इनकार

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर की सरकार ने ईरान पर संभावित हमले के लिए अपने एयरबेस के उपयोग की अनुमति देने से इनकार कर दिया। ब्रिटेन का कहना है कि बिना स्पष्ट अंतरराष्ट्रीय अनुमति के पहले से हमला करना अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन हो सकता है।

 रूस के साथ ईरान का सैन्य अभ्यास

तनाव के बीच ईरान ने रूस के साथ संयुक्त सैन्य अभ्यास किया है। तेहरान ने साफ कहा है कि वह अपने परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम पर दबाव में कोई समझौता नहीं करेगा।
ईरान ने यह भी चेतावनी दी है कि उस पर हमला हुआ तो पूरे क्षेत्र में व्यापक युद्ध भड़क सकता है।

 होर्मुज़ जलडमरूमध्य में लाइव-फायर ड्रिल

ईरान ने रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज़ जलडमरूमध्य में लाइव-फायर सैन्य अभ्यास शुरू किया है। यह वही मार्ग है, जहाँ से दुनिया के लगभग 20% तेल का व्यापार गुजरता है।

 अमेरिकी सेना स्टैंडबाय पर

अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मिडिल ईस्ट में तैनात अमेरिकी सेना को हाई अलर्ट पर रखा गया है और संभावित कार्रवाई के लिए तैयार रहने को कहा गया है। हालांकि अंतिम निर्णय राष्ट्रपति ट्रंप को ही लेना है।
इसी मुद्दे पर ट्रंप ने अपने शीर्ष सलाहकारों के साथ उच्च स्तरीय बैठक भी की।

क्षेत्रीय युद्ध का खतरा

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अमेरिका और ईरान के बीच सीधा संघर्ष शुरू होता है, तो इसमें इज़राइल, खाड़ी देश और क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकाने भी शामिल हो सकते हैं। इससे वैश्विक तेल आपूर्ति और विश्व अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ सकता है।

भीषण सड़क हादसे: शादी की खुशियां मातम में बदलीं, मां-बेटी समेत 3 की मौत

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 दुर्ग–भिलाई में गुरुवार को दो अलग-अलग सड़क दुर्घटनाओं ने तीन परिवारों को उजाड़ दिया। तेज रफ्तार अज्ञात वाहनों की टक्कर से एक महिला और उसकी मासूम बेटी सहित तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि दो युवक गंभीर रूप से घायल हैं।


▪️ सिरसा गेट के पास दर्दनाक हादसा
रायपुर से लौट रहे राकेश दुबे की बाइक को पीछे से तेज रफ्तार वाहन ने टक्कर मार दी। पत्नी अनीता दुबे की मौके पर मौत हो गई, जबकि दो साल की बेटी सोनम ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। राकेश घायल हैं।

▪️ बाल कटवाने जा रहे भाइयों को कुचला
धमधा-खैरागढ़ मार्ग पर सगे भाई जगन्नाथ और रोहित साहू को अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। रोहित की मौत हो गई, जबकि जगन्नाथ की हालत गंभीर है।

▪️ 20 फरवरी को घर में थी शादी
सबसे दर्दनाक बात—दोनों भाइयों के घर में सामूहिक विवाह की तैयारियां चल रही थीं। खुशियों का माहौल पल भर में मातम में बदल गया।

▪️ पुलिस जांच जारी
सीसीटीवी फुटेज के आधार पर फरार वाहन चालक की तलाश की जा रही है।

अपील: सड़क पर निकलते समय सावधानी बरतें—एक पल की लापरवाही जिंदगी भर का दर्द बन सकती है।

Chhattisgarh में सामाजिक फैसला: सगाई के बाद मंगेतर नहीं करेंगे फोन पर अकेले बात

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 रायपुर : छत्तीसगढ़ के बालोद जिले से एक अहम सामाजिक निर्णय सामने आया है। सेन समाज ने सगाई के बाद टूटते रिश्तों को रोकने के उद्देश्य से नई नियमावली लागू की है। अब सगाई के बाद मंगेतर आपस में फोन पर अकेले बातचीत नहीं कर सकेंगे।


यह नियम फिलहाल बालोद जिले में लागू किया गया है, लेकिन समाज के नेता इसे पूरे प्रदेश में लागू करने की तैयारी में हैं। सेन समाज अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) में आता है और राज्य में इसकी आबादी लगभग 2.25 लाख बताई जाती है। समाज के करीब 70 प्रतिशत लोग सैलून व्यवसाय से जुड़े हुए हैं।

बैठक में लिए गए अहम फैसले

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बालोद जिले के अध्यक्ष संतोष कौशिक ने बताया कि मंगलवार को आयोजित जिला स्तरीय बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। उन्होंने कहा कि पहले की नियमावली में इस तरह का कोई प्रावधान नहीं था।

जब सगाई टूटने के मामलों की समीक्षा की गई तो पाया गया कि शादी से पहले मोबाइल पर हुई बातचीत कई बार विवाद की वजह बन रही थी। इसी को ध्यान में रखते हुए तय किया गया कि सगाई के बाद और शादी से पहले लड़का-लड़की आपस में फोन पर अकेले बात नहीं करेंगे। यदि किसी कारण बातचीत आवश्यक हो, तो वह माता-पिता की उपस्थिति में ही होगी।

जूता-छुपाई की रस्म भी बंद

समाज के प्रवक्ता उमेश कुमार सेन ने बताया कि बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि शादी में दुल्हन की बहनें दूल्हे का जूता नहीं चुराएंगी। समाज का मानना है कि इस रस्म से दोनों पक्षों के बीच अनावश्यक विवाद की स्थिति बन सकती है।

अन्य प्रमुख निर्णय

बैठक में कुछ और अहम फैसले भी लिए गए, जिनमें शामिल हैं:

  • सगाई में 15 से 20 लोगों को ही ले जाने की अनुमति।
  • विवाह में शुभ मुहूर्त का विशेष ध्यान रखने का निर्णय।
  • प्लास्टिक की जगह पत्तल में भोजन परोसने का संकल्प।

यदि समाज का कोई व्यक्ति अन्य धर्म अपनाता है, तो उसके साथ रोटी-बेटी का संबंध समाप्त किया जाएगा।

प्रदेश स्तर पर लागू करने की तैयारी

सेन समाज के प्रदेश संगठन मंत्री गौरी शंकर श्रीवास ने कहा कि बालोद में लिए गए फैसलों की जानकारी उन्हें है और वे इसे प्रदेश स्तर पर लागू करने पर विचार कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि हाल के समय में सगाई टूटने की घटनाओं में वृद्धि देखी गई है। जांच में सामने आया कि फोन पर बातचीत के दौरान उत्पन्न मतभेद रिश्तों के टूटने का कारण बन रहे हैं।

नई पीढ़ी की मिली-जुली प्रतिक्रिया

इस फैसले पर नई पीढ़ी की राय बंटी हुई है। बालोद की 20 वर्षीय साक्षी ने निर्णय का समर्थन करते हुए कहा कि यदि मोबाइल की वजह से सगाई टूट रही है, तो शादी से पहले लंबी फोन बातचीत से बचना उचित है। उनके अनुसार, यह निर्णय परिवार और समाज के हित में लिया गया है।

छत्रपति शिवाजी महाराज का आदर्श जीवन युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत : मुख्यमंत्री

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 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज का जीवन साहस, धैर्य, रणनीति और आदर्श नेतृत्व का प्रेरक उदाहरण है, इसलिए हम सभी को अपने जीवन में शिवाजी जैसा लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिवाजी महाराज ने विपरीत परिस्थितियों में भी अद्भुत साहस और बुद्धिमत्ता का परिचय दिया।


अफजल खाँ के साथ हुई घटना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि शिवाजी ने संकट को भांपकर धैर्य और रणनीति से निर्णय लिया और विजय प्राप्त की। इसी प्रकार शाइस्ता खान के विरुद्ध उनकी युक्तिपूर्ण रणनीति यह सिखाती है कि बड़े से बड़े शत्रु को भी सूझबूझ और साहस से पराजित किया जा सकता है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने साइंस कॉलेज मैदान पहुंचकर ऐतिहासिक महानाट्य ‘जाणता राजा’ के मंचन के दौरान संबोधित करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शिवाजी महाराज केवल महान योद्धा ही नहीं, बल्कि उच्च आदर्शों वाले शासक भी थे। उन्होंने सभी धर्मों के लोगों की आस्था का सम्मान किया और महिलाओं के सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। माता जीजाबाई के संस्कारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि शिवाजी महाराज का चरित्र हमें मर्यादा, नैतिकता और सम्मानजनक आचरण का संदेश देता है।

मुख्यमंत्री साय ने अपने छात्र जीवन की स्मृतियों को साझा करते हुए महाकवि भूषण की पंक्तियों का उल्लेख किया, जिनमें शिवाजी महाराज के पराक्रम और वीरता का अद्भुत वर्णन मिलता है। उन्होंने कहा कि शिवाजी का जीवन केवल इतिहास नहीं, बल्कि प्रेरणा का स्रोत है, जो हमें कठिन परिस्थितियों में भी लक्ष्य के प्रति दृढ़ रहने की प्रेरणा देता है।

राजधानी रायपुर में प्रारंभ हुआ ऐतिहासिक महानाट्य ‘जाणता राजा’ का यह विशेष मंचन 22 फरवरी तक प्रतिदिन शाम को साइंस कॉलेज मैदान में प्रस्तुत किया जाएगा। लगभग तीन घंटे की यह भव्य प्रस्तुति छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन और हिंदवी स्वराज्य की स्थापना की गाथा पर आधारित है, जिसमें सजीव दृश्य, विशाल मंच सज्जा और तकनीकी उत्कृष्टता के माध्यम से दर्शकों को ऐतिहासिक काल का जीवंत अनुभव कराया जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के तत्वाधान में आयोजित इस महानाट्य के लिए महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर सभागृह में ऑडिशन आयोजित किए गए थे, जिसमें विभिन्न आयु वर्ग के लगभग 40 स्थानीय कलाकारों का चयन किया गया। चयनित कलाकारों ने निर्देशक श्री योगेश शिरोले के मार्गदर्शन में गहन अभ्यास किया। स्थानीय कलाकारों में प्रांजल बक्षी, वर्तिका क्षीरसागर, कृति लाड, आकांक्षा और आस्था काले सहित अन्य प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई।

मंचन के दौरान घोड़ों के साथ सैनिकों की टुकड़ी दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रही, वहीं ऊंटों को भी प्रस्तुति में शामिल किया गया। पुणे से आए तकनीकी विशेषज्ञ कौशिक नाईक एवं वैभव जोशी मंच सज्जा और प्रकाश व्यवस्था की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। पारंपरिक प्रस्तुतियों में कोली गीत सहित विभिन्न सांस्कृतिक आयामों ने कार्यक्रम को विशेष आकर्षण प्रदान किया।

इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर, महानाट्य ‘जाणता राजा’ के अजीत राव आप्टे सहित महाराष्ट्र मंडल के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

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