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CG NEWS : शादी के 2 दिन बाद दूल्हे की मौत: ब्रेक फेल ट्रैक्टर पलटा, घर में पसरा मातम

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 रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले से एक दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई है। शादी के महज दो दिन बाद एक दूल्हे की मौत हो गई, जिससे परिवार की खुशियां पलभर में मातम में बदल गईं। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है।


जानकारी के अनुसार, कापू थाना क्षेत्र के ग्राम ठाकुरपोड़ी निवासी देवांगन सिदार (35) की शादी 8 अप्रैल को जशपुर जिले के कोतबा में संपन्न हुई थी। इसके बाद 9 अप्रैल को गांव में रिसेप्शन का आयोजन किया गया था। सभी कार्यक्रमों के बाद 10 अप्रैल को यह हादसा हो गया।

बताया जा रहा है कि 10 अप्रैल की शाम देवांगन सिदार अपने चाचा संजय सिदार के ट्रैक्टर में टेंट का सामान लेकर दोस्तों के साथ पास के गांव बालापोढ़ी जा रहा था। सतीपारा में सरपंच के घर के पास पहुंचते ही अचानक ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर पलट गया।

प्राथमिक जांच में सामने आया है कि ट्रैक्टर का ब्रेक फेल हो गया था, जिसके कारण यह हादसा हुआ। ट्रैक्टर पलटने से देवांगन सिदार उसके नीचे दब गया और सिर व सीने में गंभीर चोट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

हादसे में उसके साथ मौजूद तीन दोस्त भी घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

मृतक देवांगन सिदार गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में बिजली विभाग में कंप्यूटर ऑपरेटर (संविदा) के रूप में कार्यरत था। घर में 5 अप्रैल से शादी की तैयारियां चल रही थीं और खुशियों का माहौल था, लेकिन इस हादसे ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।

फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल: स्वस्थ भारत के लिए जन आंदोलन बनता अभियान

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नई दिल्ली- देश में फिटनेस को जन आंदोलन बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाते हुए केंद्रीय युवा एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने आज जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल के 69वें संस्करण का नेतृत्व किया।

इस अवसर पर उन्होंने नागरिकों, विशेषकर युवाओं से अपील की कि वे फिट इंडिया अभियान से जुड़ें और सक्रिय जीवनशैली अपनाकर विकसित भारत के निर्माण में योगदान दें।

डॉ. मंडाविया ने कहा कि “संडे ऑन साइकिल अब एक राष्ट्रीय आंदोलन बन चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रेरित होकर देश का युवा फिटनेस के प्रति अधिक जागरूक हुआ है। फिट इंडिया केवल संदेश नहीं, बल्कि विकसित भारत के लिए आवश्यकता है।”

फिटनेस और विकास का संबंध

उन्होंने जोर देते हुए कहा कि एक स्वस्थ नागरिक ही स्वस्थ समाज बनाता है और स्वस्थ समाज ही देश को विकसित बनाता है।

फिटनेस के साथ पर्यावरण संरक्षण

फिट इंडिया ऐप के जरिए साइक्लिंग करने पर कार्बन क्रेडिट अर्जित करने की सुविधा भी दी जा रही है, जिसे भविष्य में उत्पाद खरीदने में उपयोग किया जा सकेगा। यह पहल फिटनेस के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा देती है।

कार्यक्रम की झलकियां

कार्यक्रम में सुबह से ही उत्साहपूर्ण माहौल देखने को मिला:

  • जुम्बा, योग और खेल गतिविधियां

  • रस्सीकूद, टग ऑफ वॉर और फिटनेस गेम्स

  • फोटो बूथ और इंटरैक्टिव जोन

  • नुक्कड़ नाटक के माध्यम से जागरूकता

कॉमनवेल्थ गेम्स की कांस्य पदक विजेता मुक्केबाज पिंकी जांगड़ा, फिटनेस इन्फ्लुएंसर दिनेश शेट्टी और सामाजिक कार्यकर्ता सोनिया सिसोदिया को सम्मानित किया गया।

व्यापक भागीदारी

देशभर के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में यह साइक्लिंग अभियान एक साथ आयोजित किया गया। इसमें छात्र, खिलाड़ी, पेशेवर, परिवार और विभिन्न आयु वर्ग के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए।

जन आंदोलन की ओर

दिसंबर 2024 में शुरू हुए इस अभियान में अब तक 28 लाख से अधिक लोग और 2.63 लाख स्थानों पर भागीदारी दर्ज की जा चुकी है।

यह पहल न केवल फिटनेस को बढ़ावा दे रही है, बल्कि समाज में जागरूकता, सहभागिता और स्वस्थ जीवनशैली की दिशा में एक मजबूत जन आंदोलन बनती जा रही है।

पीएम गतिशक्ति के तहत रेलवे का ऐतिहासिक विस्तार: 100 परियोजनाओं से बदलेगी देश की तस्वीर

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नई दिल्ली- देश में कनेक्टिविटी को अंतिम छोर तक पहुंचाने और समावेशी विकास को गति देने के लिए भारतीय रेलवे ने एक ऐतिहासिक पहल करते हुए वित्त वर्ष 2025–26 में 100 नई परियोजनाओं को मंजूरी दी है। ये परियोजनाएं प्रधानमंत्री गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत शुरू की जा रही हैं, जिन पर कुल ₹1.53 लाख करोड़ का निवेश किया जाएगा।

इन परियोजनाओं के जरिए 6,000 किलोमीटर से अधिक रेलवे नेटवर्क का विस्तार होगा, जिससे देश के दूरदराज और वंचित क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा। पिछले वर्ष की तुलना में यह वृद्धि उल्लेखनीय है—परियोजनाओं की संख्या में 56 प्रतिशत, रूट कवरेज में 114 प्रतिशत और निवेश में 110 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

रेलवे द्वारा स्वीकृत इन परियोजनाओं में नई रेल लाइनों के निर्माण के साथ-साथ डबलिंग, मल्टीट्रैकिंग, बायपास लाइन, फ्लाईओवर और कॉर्ड लाइन जैसे कार्य शामिल हैं। इनका मुख्य उद्देश्य भीड़भाड़ वाले मार्गों को कम करना, ट्रेनों की समयबद्धता में सुधार लाना और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

राज्यों की बात करें तो महाराष्ट्र, बिहार, झारखंड और मध्य प्रदेश इस विस्तार के केंद्र में हैं, जहां सबसे अधिक परियोजनाएं स्वीकृत हुई हैं। इन क्षेत्रों में बेहतर रेल कनेक्टिविटी से औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा और माल परिवहन अधिक सुगम होगा।

विशेष रूप से आदिवासी और दूरस्थ इलाकों पर भी ध्यान दिया गया है। छत्तीसगढ़ की रावघाट–जगदलपुर रेल लाइन जैसी परियोजनाएं इन क्षेत्रों के लोगों को बाजार, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और रोजगार के अवसरों से जोड़ेंगी, जिससे उनका सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण होगा।

बड़े निवेश वाले प्रोजेक्ट्स में कसारा–मनमाड, खरसिया–नया रायपुर–परमलकसा, इटारसी–नागपुर और सिकंदराबाद–वाडी जैसी महत्वपूर्ण लाइनें शामिल हैं, जो देश के प्रमुख माल ढुलाई मार्गों को मजबूत करेंगी।

यह विस्तार ‘मिशन 3000 एमटी’ के तहत माल परिवहन क्षमता बढ़ाने की दिशा में भी अहम कदम है। इससे कोयला और खनिजों की ढुलाई तेज होगी, ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी और बंदरगाहों से कनेक्टिविटी बेहतर होगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह निवेश न केवल रेलवे नेटवर्क को आधुनिक बनाएगा, बल्कि बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन करेगा, उद्योगों को गति देगा और लॉजिस्टिक्स लागत कम कर देश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई पर ले जाएगा।

कुल मिलाकर, यह पहल केवल रेलवे विस्तार नहीं, बल्कि भारत के भविष्य की आर्थिक प्रगति की मजबूत नींव है, जो देश को विकास के अगले चरण की ओर अग्रसर करेगी।


आईएनएस त्रिकंड की केन्या यात्रा संपन्न, भारत-केन्या नौसैनिक सहयोग हुआ मजबूत

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भारतीय नौसेना के अग्रिम पंक्ति के गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट आईएनएस त्रिकंड ने 10 अप्रैल 2026 को केन्या के मोम्बासा बंदरगाह पर अपनी यात्रा सफलतापूर्वक पूरी की।

यह पोर्ट कॉल पश्चिमी नौसेना कमान के कमांडर-इन-चीफ वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन की केन्या यात्रा के साथ हुआ। इस दौरान एक औपचारिक समारोह में INSAS राइफल और गोला-बारूद केन्या नौसेना को सौंपे गए।

प्रमुख गतिविधियां:

  • छोटे हथियारों की हैंडलिंग और मेंटेनेंस प्रशिक्षण

  • VBSS (Visit, Board, Search and Seizure) अभ्यास

  • क्रॉस-डेक विजिट और संयुक्त अभ्यास

  • सामुदायिक सेवा और खेल प्रतियोगिताएं

  • योग सत्र और सांस्कृतिक कार्यक्रम

आईएनएस त्रिकंड के कमांडिंग ऑफिसर कैप्टन सचिन कुलकर्णी ने केन्या नौसेना के अधिकारियों से मुलाकात कर सहयोग को और मजबूत किया।

महत्व:

यह यात्रा भारत के MAHASAGAR विजन (Mutual and Holistic Advancement for Security and Growth Across Regions) को दर्शाती है। इससे भारत और केन्या के बीच नौसैनिक सहयोग, मित्रता और द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूती मिलेगी।



भारत-उज़्बेकिस्तान संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘डस्टलिक-7’ के लिए भारतीय दल रवाना

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भारतीय सेना का दल आज भारत-उज़्बेकिस्तान संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘डस्टलिक’ (Exercise DUSTLIK) के 7वें संस्करण में भाग लेने के लिए रवाना हुआ। यह अभ्यास 12 से 25 अप्रैल 2026 तक उज़्बेकिस्तान के नामंगन स्थित गुरुमसराय फील्ड ट्रेनिंग एरिया में आयोजित किया जाएगा।

यह अभ्यास हर वर्ष भारत और उज़्बेकिस्तान में बारी-बारी से आयोजित किया जाता है। पिछला संस्करण अप्रैल 2025 में पुणे (औंध) में हुआ था।

दल की भागीदारी

  • भारतीय दल में कुल 60 सैनिक शामिल हैं

    • 45 सैनिक भारतीय सेना (मुख्यतः महार रेजिमेंट से)

    • 15 कर्मी भारतीय वायुसेना

  • उज़्बेकिस्तान की ओर से भी लगभग 60 सैनिक भाग ले रहे हैं

अभ्यास का उद्देश्य

  • दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग को मजबूत करना

  • संयुक्त अभियानों में क्षमता और समन्वय बढ़ाना

  • अर्ध-पहाड़ी क्षेत्रों में ऑपरेशन की तैयारी

प्रमुख गतिविधियां

  • भूमि नेविगेशन और स्ट्राइक मिशन

  • दुश्मन के ठिकानों पर कार्रवाई

  • विशेष हथियारों के उपयोग का प्रशिक्षण

  • संयुक्त योजना और टैक्टिकल ड्रिल्स

  • 48 घंटे का अंतिम संयुक्त अभ्यास

महत्व

यह अभ्यास दोनों देशों के बीच सैन्य तालमेल, ऑपरेशनल क्षमता और आपसी विश्वास को बढ़ाएगा। साथ ही सैनिकों के बीच सौहार्द और सहयोग को भी मजबूत करेगा, जिससे द्विपक्षीय संबंध और बेहतर होंगे।


दीदी के बखरी से बदल रही तस्वीर : कांकेर में महिला किसानों की आय में क्रान्तिकारी

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रायपुर- कांकेर जिले में बिहान योजना के तहत महिलाओ के आजीविका मे वृद्धि हेतु सभी स्तर पर विभिन्न प्रयास किये जा रहे है । जिले में काफ़ी संख्या मे दीदीयां अपने जीवन स्तर मे  में सुधार के लिए आय मूलक गतिविधियों से जुड़ी हुई हैं ।अपनी आय दुगुनी करने के लिए एकीकृत क़ृषि के साथ अन्य लाइवलिहुड एक्टिविटी कर रही है इसमें अपने घर के बखरी (बाड़ी) में व्यावसायिक रूप से सब्जी -भाजी लगाकर उसको बाजार में बिक्री कर अपने आय मे वृद्धि कर रही है ,साथ मे  मछली पालन,मुर्गीपालन, बकरी पालन व वनोपज संग्रहण कर रही है। इस प्रकार से एकीकृत क़ृषि  जिले के चार विकासखंड_ नरहरपुर, कांकेर, भानुप्रतापपुर, चारामा में संचालित है, जिसमें प्रत्येक संकुल के चार गांव को लिया गया है। योजना का उद्देश्य महिला किसानों को आर्थिक रूप से सक्षम बनाना है जिससे उनकी औसत आय प्रतिमाह बीस से पच्चीस हजार  तक पहुंच जाए।

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हरेश मंडावी के मार्गदर्शन में  यह योजना ज़िले में सुचारु रूप से संचालित हो रही है,यह  योजना "दीदी के बखरी" नाम से संचालित है । विकासखण्ड नरहरपुर में 1200, कांकेर में 790, चारामा में 734 एवं भानुप्रतापपुर में 640 इस प्रकार कुल 3364 महिला किसानों द्वारा सब्जी बाड़ी, पोषण वाटिका, मुर्गी पालन, वनोपज संग्रहण, मछली पालन इत्यादि गतिविधियां की जा रही हैं। वित्त वर्ष 2026-27 में 10,780 महिलाओं को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है जिसमे उनका आवश्यक सहयोग करके उनके आय मे वृद्धि का प्रयास किया जायेगा । इनके लिए सभी क्लस्टर लेवल पर आजीविका सेवा केंद्र भी खोला जा रहा है जो दीदियों द्वारा ही संचालित होगा। इसके माध्यम से इनको उक्त गतिविधि के संचालन हेतु आवश्यक बीज, क़ृषि उपकरण, खाद आदि मुहैया कराया जायेगा। जिला पंचायत सीईओ बने हरेश मंडावी ने गत दिनों नरहरपुर, चारामा, भानुप्रतापपुर, कांकेर की महिला किसानों से मिलकर उनके द्वारा किये जा रहे कार्यों की जानकारी ली। इसी क्रम में वे नरहरपुर विकासखंड के सुदूर ग्राम पंचायत रावस और बांस पत्तर पहुंचे जहाँ महिला किसान सुरेखा नेताम के द्वारा बनाये गए बखरी मे लगाए ग्राफ्टेड सब्जी_ भाजी और मुर्गी पालन के कार्य को देख कर  प्रसन्नता जाहिर की। उन्होंने ग्राम ठेमा की महिला किसान नामिका यादव के वनोपज और मुर्गी, मछली पालन के कार्य को देखकर काफ़ी सराहा। आज शनिवार को भानुप्रतापपुर विकासखण्ड के ग्राम हाटकर्रा की महिला मोतिन दर्रो के बकरीपालन एवं मछली पालन  और सूरजमुखी की खेती के कार्य को देखकर प्रसंशा की। ग्राम धनेली की महिला जमुना कोर्राम से आजीविका डबरी से संबंधित जानकारी ली तथा कठोली की दीदी से चर्चा कर उन्होंने उनकी औसत मासिक आय की जानकारी लेते हुए उन्हें कार्य के प्रति प्रोत्साहित किया।  

इस प्रकार कांकेर जिले में महिला आजीविका मे वृद्धि के लिए एकीकृत क़ृषि सबंधित "दीदी के बखरी "कार्य अन्य महिलाओ के लिए भी प्रेरणा  बन रहा है जिसे देखकर बाकी दीदीयां भी अपने जीवन स्तर मे सुधार लाने और आय बढ़ाने पर कार्य कर रही है।

कुम्भकार समाज के वार्षिक अधिवेशन में नई कार्यकारिणी का गठन, अभयलाल कुम्भकार बने निर्विरोध जिलाध्यक्ष

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 ​पारागांव/महासमुंद: कुम्भकार समाज जिला महासमुंद का वार्षिक अधिवेशन 11 अप्रैल 2026 को गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर समाज के सुदृढ़ीकरण और भविष्य की कार्ययोजनाओं पर चर्चा के साथ ही जिला कार्यकारिणी का लोकतांत्रिक तरीके से निर्वाचन संपन्न कराया गया, जिसमें सर्वसम्मति से नई टीम को जिम्मेदारी सौंपी गई।


​कार्यक्रम के मुख्य अतिथि गुरु खुशवंत साहेब (विधायक आरंग एवं कैबिनेट मंत्री, छग शासन) रहे। अधिवेशन की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ प्रदेश कुम्भकार समाज के अध्यक्ष नन्द कुमार चक्रधारी ने की। इस दौरान विशिष्ट अतिथि के रूप में देवनाथ साहू (मंडल अध्यक्ष, आरंग), संदीप जैन (अध्यक्ष नगरपालिका, आरंग), लीला लच्छन निषाद (जनपद सदस्य), अंजू शशिकांत बंजारे (सरपंच पारागांव) और राधेलाल निषाद (उपसरपंच पारागांव) उपस्थित रहे।

​ सामाजिक नेतृत्व और विमर्श

​अधिवेशन में समाज के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने सामाजिक एकता पर बल दिया। इसमें प्रदेश महामंत्री हेमलाल कौशिक, उपाध्यक्ष आत्माराम प्रजापति, निर्वाचन अधिकारी रतनलाल चक्रधर, और प्रवक्ता अखिलेश प्रजापति ने अपने विचार साझा किए। साथ ही वरिष्ठ सलाहकार कैलाश प्रजापति, बीपी चक्रधर, दौवा राम कुम्भकार, और लखन लाल कुम्भकार के मार्गदर्शन में संगठनात्मक चर्चा की गई।
​प्रशासनिक व्यवस्था और मीडिया समन्वय में कार्यालय प्रभारी रूपेश कुमार चक्रधारी, प्रदेश मीडिया प्रभारी लुमेश चक्रधारी, और रायपुर जिला अध्यक्ष भूषण चक्रधारी सहित धमतरी जिला अध्यक्ष किशुन चक्रधारी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

​ नई कार्यकारिणी की घोषणा

​निर्वाचन अधिकारी की देखरेख में पारदर्शी प्रक्रिया के तहत जिला महासमुंद के लिए निम्नलिखित पदाधिकारियों को चुना गया:-

अध्यक्ष- अभयलाल कुम्भकार बनपचरी
उपाध्यक्ष- लक्ष्मीनाथ सकरिया बरोंडा बाजार
सचिव- टुकेश्वर चक्रधारी बरेकेल कला
कोषाध्यक्ष- रमेश चक्रधारी खल्लारी
सहसचिव- श्यामरतन चक्रधारी कुटेला
प्रांतीय प्रतिनिधि- इतवारी चक्रधारी पचेड़ा

संरक्षक एवं वरिष्ठ सहयोग

​इस नवनिर्वाचित टीम को वरिष्ठ पदाधिकारियों में ललित कुमार चक्रधारी, अशोक कुमार चक्रधारी, कमलेश चक्रधारी, लोचन चक्रधारी, और बैसाखू राम पांडे ने अपनी शुभकामनाएँ प्रेषित कीं।

​नवनियुक्त अध्यक्ष अभयलाल कुम्भकार ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास योजनाओं का लाभ पहुँचाने और सामाजिक एकजुटता को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध रहेंगे।

मशहूर गायिका आशा भोसले का निधन, संगीत जगत में शोक की लहर

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 Asha Bhosle Dies At The Age Of 92 : भारतीय संगीत जगत की दिग्गज और लेजेंड्री गायिका आशा भोसले का 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्होंने मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है।


जानकारी के अनुसार, शनिवार को उन्हें दिल का दौरा पड़ने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उनका निधन हो गया। अस्पताल प्रशासन और उनके बेटे आनंद भोसले ने उनके निधन की पुष्टि की है।

मल्टी-ऑर्गन फेलियर बना कारण

अस्पताल की डॉक्टर प्रतीत समदानी के अनुसार, आशा भोसले का निधन मल्टी-ऑर्गन फेलियर के कारण हुआ। उन्होंने बताया कि गायिका ने अस्पताल में ही अंतिम सांस ली।

परिजनों के मुताबिक, आशा भोसले का अंतिम संस्कार सोमवार को शाम 4 बजे किया जाएगा। वहीं, सुबह 11 बजे उनके निवास स्थान पर अंतिम दर्शन के लिए आम लोगों को अनुमति दी जाएगी।

देशभर में शोक

आशा भोसले के निधन से संगीत जगत और उनके प्रशंसकों में गहरा दुख है। उनके चाहने वाले और फिल्म इंडस्ट्री की हस्तियां उन्हें श्रद्धांजलि दे रही हैं।

आशा भोसले ने अपने लंबे करियर में 12,000 से अधिक गीत गाए और भारतीय संगीत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उनके सदाबहार गीत आज भी लोगों के दिलों में जीवित हैं। (Asha Bhosle Dies At The Age Of 92)

महासमुंद में पुलिस का बड़ा एक्शन: 5 करोड़ का गांजा नष्ट, तस्करों में मचा हड़कंप

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 महासमुंद छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 9 क्विंटल 96 किलो 660 ग्राम गांजा नष्ट किया है। इस कार्रवाई से ड्रग माफिया में हड़कंप मच गया है। पूरी प्रक्रिया शासन की गाइडलाइन के तहत जिला स्तरीय ड्रग्स डिस्पोजल कमेटी की निगरानी में संपन्न हुई।


तीन मामलों का जब्त गांजा किया नष्ट

पुलिस के अनुसार यह गांजा कोमाखान थाना क्षेत्र में दर्ज तीन अलग-अलग NDPS एक्ट के मामलों में जब्त किया गया था। इनमें एक मामला वर्ष 2025 का और दो मामले वर्ष 2026 के हैं।

बालाजी प्लांट में पूरी हुई प्रक्रिया

गांजा नष्टीकरण की कार्रवाई बालाजी प्लांट में की गई। इस दौरान जिला स्तरीय समिति के अध्यक्ष (पुलिस अधीक्षक), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और जिला आबकारी अधिकारी की मौजूदगी में पहले जब्त सामग्री का भौतिक सत्यापन किया गया, इसके बाद नियमानुसार नष्ट किया गया।

करीब 5 करोड़ की बताई गई कीमत

नष्ट किए गए गांजा की कुल कीमत लगभग 5 करोड़ 2 लाख 50 हजार रुपये आंकी गई है। इसे जिले में मादक पदार्थों के खिलाफ अब तक की बड़ी कार्रवाइयों में से एक माना जा रहा है।

ड्रग्स के खिलाफ सख्त रुख

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिले में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।

छत्तीसगढ़ में बढ़ेगा तापमान, अगले कुछ दिनों में गर्मी का प्रकोप तेज होने के आसार

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 रायपुर। छत्तीसगढ़ में अब गर्मी ने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले 1-2 दिनों में तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे प्रदेश में गर्मी का असर और तेज होगा।


मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि फिलहाल प्रदेश में बारिश या बादल का कोई असर नहीं है। साफ आसमान और तेज धूप के कारण तापमान लगातार बढ़ रहा है। दुर्ग प्रदेश के सबसे गर्म इलाकों में शामिल हो गया है, जबकि अंबिकापुर में अपेक्षाकृत तापमान कम बना हुआ है।

दरअसल, दक्षिण से मध्य भारत तक फैले साइक्लोनिक सिस्टम के कारण मौसम शुष्क बना हुआ है। इसके चलते सूर्य की किरणें सीधे धरती पर पड़ रही हैं और तापमान तेजी से ऊपर जा रहा है। विशेषज्ञों के मुताबिक यह गर्मी की शुरुआत है और आने वाले 3-4 दिनों में तापमान और बढ़ेगा।

42 डिग्री तक पहुंच सकता है पारा

बिलासपुर, रायपुर और दुर्ग संभाग में तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंचने की संभावना जताई गई है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है।

14 अप्रैल के बाद लू चलने की संभावना

मौसम विभाग के अनुसार 14 अप्रैल के बाद प्रदेश के कई हिस्सों में लू चलने की स्थिति बन सकती है। दिन के समय बाहर निकलना जोखिम भरा हो सकता है, खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए।

सावधानी बरतने की सलाह

बढ़ती गर्मी को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। दोपहर 12 से 3 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें, पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थ लें तथा हल्के और ढीले कपड़े पहनें। जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकलें और सिर को ढककर रखें।

मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में गर्मी और तेज होने की चेतावनी दी है, ऐसे में अभी से सावधानी बरतना जरूरी है।

पाकिस्तान में फेल अमेरिका-ईरान वार्ता, भड़के ट्रंप -तेहरान को फिर दी तबाही की धमकी

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 US Iran Peace Talks In Pakistan : अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में करीब 21 घंटे तक चली अहम शांति वार्ता बिना किसी नतीजे के समाप्त हो गई। वार्ता विफल होने के बाद दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल अपने-अपने देशों के लिए रवाना हो गए। इस घटनाक्रम के बाद क्षेत्रीय तनाव और बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।


अमेरिका की ओर से वार्ता में मुख्य शर्त ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर थी, जिसमें परमाणु हथियारों के विकास पर रोक की मांग की गई। वहीं, ईरान ने अमेरिका पर “अत्यधिक मांगें” और “गैर-कानूनी शर्तें” थोपने का आरोप लगाया।

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि उनका देश अमेरिका के पिछले वादाखिलाफियों को भूला नहीं है और न ही भविष्य में ऐसे अनुभवों को नजरअंदाज करेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान अपने हितों से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं करेगा।

चार प्रमुख मुद्दों पर फंसी वार्ता

दोनों देशों के बीच निम्नलिखित मुद्दों पर सहमति नहीं बन पाई-

होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण
ईरान का परमाणु कार्यक्रम
ईरान पर लगाए गए आर्थिक प्रतिबंध
क्षेत्र में जारी युद्ध और संघर्षों का पूर्ण अंत

ईरान ने यह भी साफ कर दिया है कि फिलहाल अमेरिका के साथ आगे किसी नई वार्ता की योजना नहीं है।

ट्रंप की तीखी प्रतिक्रिया

वार्ता विफल होने के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि जरूरत पड़ी तो उसे “पाषाण युग में वापस भेज दिया जाएगा।” ट्रंप ने इस संबंध में एक लेख भी साझा किया है, जिससे उनके सख्त रुख का अंदाजा लगाया जा रहा है।

होर्मुज में बढ़ा तनाव

इस बीच होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव भी देखने को मिला। रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी नौकाओं ने यूएई से सिंगापुर जा रहे अमेरिकी युद्धपोतों को रास्ते में रोकने की कोशिश की। हालांकि दोनों जहाज सुरक्षित अरब सागर तक पहुंच गए। ईरान की IRGC नौसेना ने सैन्य जहाजों को इस मार्ग से गुजरने देने के किसी भी प्रयास पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है।

वार्ता के दौरान ट्रंप पर उठे सवाल

खबरों के मुताबिक, जब इस्लामाबाद में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल वार्ता में व्यस्त था, उस दौरान डोनाल्ड ट्रंप अपने सहयोगी मार्को रुबियो के साथ एक मैच का आनंद ले रहे थे। इसको लेकर भी राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।

अमेरिका ने बढ़ाई सैन्य गतिविधि

वार्ता विफल होने के बाद अमेरिका ने मध्य पूर्व की ओर अपने सैन्य विमान भेजने शुरू कर दिए हैं, जिससे संभावित कार्रवाई की आशंका बढ़ गई है।

ईरान का रुख बरकरार

ईरान ने संकेत दिया है कि वह अमेरिका के साथ बातचीत भले ही रोक रहा हो, लेकिन पाकिस्तान और अन्य मित्र देशों के साथ उसके राजनयिक संबंध और संवाद जारी रहेंगे।

इस घटनाक्रम के बाद मध्य पूर्व में तनाव और अनिश्चितता का माहौल गहरा गया है, जबकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर अब दोनों देशों के अगले कदम पर टिकी हुई है।

चीन को डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी: ईरान को हथियार भेजे तो होंगे गंभीर नतीजे

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 वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि वह ईरान को हथियारों की आपूर्ति करता है, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। ट्रंप ने शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में स्पष्ट किया कि अमेरिका इस मुद्दे को अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़कर देख रहा है।


ट्रंप ने कहा कि वर्तमान में अमेरिका और ईरान के बीच गहन वार्ता चल रही है, लेकिन किसी भी समझौते से अधिक महत्वपूर्ण अमेरिका की सुरक्षा है। उन्होंने दो टूक कहा, “चाहे कुछ भी हो, जीत अमेरिका की ही होगी।”

इस बीच, ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री गतिविधियों को लेकर सख्त रुख अपनाया है। अमेरिकी सूत्रों के अनुसार, ईरान द्वारा समुद्र में माइंस (बारूदी सुरंगें) बिछाए जाने की आशंका के चलते अमेरिकी माइन-स्वीपर जहाजों की तैनाती की गई है। वहीं, ईरान का दावा है कि वह इस क्षेत्र से किसी भी सैन्य जहाज को गुजरने नहीं दे रहा है।

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने चीन को “रेड सिग्नल” देते हुए कहा कि अगर चीन ईरान को हथियार भेजता है, तो उसे “बड़ी समस्याओं” का सामना करना पड़ेगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है और युद्धविराम भी अस्थिर नजर आ रहा है।

अमेरिकी खुफिया एजेंसियों का मानना है कि चीन, ईरान को कंधे से दागे जाने वाले एंटी-एयरक्राफ्ट सिस्टम (MANPADS) या उन्नत एयर डिफेंस सिस्टम उपलब्ध करा सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हाल ही में अमेरिकी लड़ाकू विमान F-15E Strike Eagle और ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर को निशाना बनाने में ऐसे हथियारों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है।

हालांकि, चीन ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। वॉशिंगटन स्थित चीनी दूतावास ने बयान जारी कर कहा कि चीन ने इस संघर्ष में किसी भी पक्ष को हथियार नहीं दिए हैं और अमेरिका से “बेबुनियाद आरोपों से बचने” की अपील की है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि चीन वास्तव में ईरान को हथियार भेजता है, तो इससे क्षेत्रीय तनाव और बढ़ सकता है और इसका असर वैश्विक कूटनीतिक समीकरणों पर भी पड़ेगा। इसके अलावा, अगले महीने प्रस्तावित ट्रंप के चीन दौरे और उनकी शी जिनपिंग से होने वाली मुलाकात पर भी इसका असर पड़ सकता है।

बीजापुर में विकास की नई दस्तक: नियद नेल्लानार, मनरेगा और प्रधानमंत्री आवास से बदल रही 224 गांवों की तस्वीर

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दशकों से विकास से कटे इलाकों में पहुंचा रोजगार, राशन, शिक्षा और सुरक्षित आवास; 5 लाख मानव दिवस सृजित

वापस लौटे गांव, बदली जिंदगी: नक्सल इलाके में विकास की सशक्त कहानी

रायपुर- लंबे समय तक नक्सल प्रभाव के कारण विकास से अछूते रहे बीजापुर जिले के अंदरूनी क्षेत्रों में अब बदलाव की बयार स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। नियद नेल्लानार योजना और मनरेगा के संयुक्त प्रयासों से उन गांवों तक विकास की पहुंच बनी है, जहां दशकों तक नक्सल प्रभाव के कारण बुनियादी सुविधाएं नहीं पहुंच पाई थीं। अब इन क्षेत्रों में रोजगार, आवास, पेयजल, शिक्षा और आजीविका के अवसरों का विस्तार हो रहा है, जिससे लोगों के जीवन में ठोस परिवर्तन दिखाई दे रहा है।

बीजापुर जिले में नियद नेल्लानार योजना के तहत 42 सुरक्षा कैम्पों के माध्यम से 67 ग्राम पंचायतों के 224 गांवों को शामिल किया गया है। इस पहल में मनरेगा की सक्रिय भागीदारी से स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन और आधारभूत ढांचे के निर्माण को गति मिली है, जिससे ग्रामीणों को अपने ही गांव में काम और अवसर उपलब्ध हो रहे हैं।

16 हजार से अधिक परिवारों को रोजगार का सहारा

इन ग्रामों में अब तक 16,671 जॉब कार्ड पंजीकृत किए गए हैं, जिनमें से 7,271 नए जॉब कार्ड बनाए गए हैं। इससे हजारों परिवारों को गांव में ही रोजगार उपलब्ध हो रहा है। विशेष रूप से नक्सल प्रभावित वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया है। इसमें 966 आत्मसमर्पित नक्सली, 178 घायल पीड़ित परिवार और 477 मृतक नक्सल पीड़ित परिवारों के जॉब कार्ड बनाकर उन्हें मनरेगा योजना से जोड़ा गया है, जिससे उन्हें स्थायी आजीविका का आधार मिल रहा है।

पहली बार दिखा विकास का व्यापक असर

महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत नियद नेल्लानार क्षेत्रों में 1,744 विकास कार्य कराए गए हैं, जिनके माध्यम से 5 लाख से अधिक मानव दिवस सृजित हुए हैं। इन कार्यों के जरिए न केवल स्थानीय स्तर पर ग्रामीण श्रमिकों को रोजगार मिला है, बल्कि पलायन में भी कमी आई है और ग्रामीणों का शासन के प्रति विश्वास भी मजबूत हुआ है।

आजीविका डबरी बन रही आय का सशक्त जरिया

नियद नेल्लानार क्षेत्र में 372 आजीविका डबरी की स्वीकृति देकर ग्रामीणों को आजीविकामूलक गतिविधियों से जोड़ने की पहल की गई है। जनपद पंचायत भैरमगढ़ के नियद नेल्लानार अंतर्गत ग्राम पंचायत बेलनार, जहां कभी नक्सली दहशत के कारण ग्रामीण गांव छोड़कर विस्थापित होने पर मजबूर थे, अब पुनः जीवन की मुख्यधारा में लौट आया है। नियद नेल्लानार योजना में शामिल होने के बाद ग्रामीण अपने गांव लौट आए हैं। उनके आजीविका संवर्धन के लिए महात्मा गांधी नरेगा योजनांतर्गत वर्ष 2025-26 में हितग्राही सहदेव कोरसा, लखु और सुदरू कोरसा की आजीविका डबरी पूर्ण हो चुकी हैं। इन डबरियों में मत्स्य पालन एवं हॉर्टिकल्चर विभाग से अभिसरण के माध्यम से मछली पालन एवं सब्जी उत्पादन का कार्य प्रस्तावित है।

2977 परिवारों को मिला पक्का आवास

नियद नेल्लानार क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत आवास निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है। इस योजना के तहत कुल 2,977 हितग्राहियों को आवास स्वीकृति प्रदान की गई है, जिनमें से अब तक 690 हितग्राहियों के पक्के आवास बनकर तैयार हो चुके हैं। इन आवासों में अब परिवार सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जी रहे हैं।

गांव-गांव में बदलाव की सजीव तस्वीर

जनपद पंचायत बीजापुर के नियद नेल्लानार अंतर्गत ग्राम दुगाली में मनरेगा से निर्मित कुआं अब 100 से अधिक ग्रामीणों के लिए जीवनरेखा बन गया है। दुर्गम भौगोलिक स्थिति के कारण जहां बोरिंग संभव नहीं थी, वहां यह कुआं स्थायी समाधान बनकर उभरा है। इससे ग्रामीणों को सुलभ पेयजल के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार भी मिला है।

ग्राम पालनार में, जहां पहले प्रशासन की पहुंच नहीं थी, आज पंचायत भवन, आंगनबाड़ी और गौठान निर्माण कार्य जारी हैं, जिसमें वर्तमान में 200 से अधिक श्रमिक कार्यरत हैं।

कावड़गांव में 50 वर्षों के भय और अलगाव के बाद अब 100 प्रतिशत ग्रामीण श्रमिकों को जॉब कार्ड वितरित किए जा चुके हैं। साथ ही इस गांव में सड़क, बिजली, पेयजल, स्कूल और मोबाइल टॉवर जैसी मूलभूत सुविधाएं पहुंच चुकी हैं।

सावनार (तोड़का पंचायत) में 9.35 लाख रुपए की लागत से बने आंगनबाड़ी भवन से 40–45 बच्चों को नियमित शिक्षा और पोषण मिल रहा है।
पुसुकोण्टा (उसूर) में 11.69 लाख रुपए की लागत से निर्मित आंगनबाड़ी भवन ने बच्चों को सुरक्षित और बेहतर वातावरण उपलब्ध कराया है।

धरमारम और तोड़का क्षेत्र में उचित मूल्य दुकानों के निर्माण से अब ग्रामीणों को गांव में ही राशन मिल रहा है।
ग्राम बांगोली में, जहां पहले 18 किलोमीटर दूर जाकर राशन लाना पड़ता था, अब 524 परिवारों को गांव में ही यह सुविधा उपलब्ध हो रही है।

युवाओं का कौशल विकास और आत्मनिर्भरता

पुनर्वासित आत्मसमर्पित नक्सलियों एवं स्थानीय युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से राजमिस्त्री प्रशिक्षण प्रदान किया गया है, जिससे वे निर्माण कार्यों में रोजगार प्राप्त कर रहे हैं और अपने जीवन को नई दिशा दे रहे हैं।

नियद नेल्लानार योजना और मनरेगा के प्रभावी अभिसरण से बीजापुर के अंदरूनी गांवों में अब विकास ने गति पकड़ ली है। रोजगार, बुनियादी ढांचे और शासन के प्रति बढ़ते विश्वास के साथ नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी व्यापक और सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है, जो विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में एक मजबूत कदम है।

बुनियादी सुविधाओं के विस्तार से बस्तर में समृद्धि की नई राह : मुख्यमंत्री साय
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि बस्तर के जिन गांवों तक कभी विकास की पहुंच नहीं थी, वहां आज नियद नेल्लानार योजना और प्रधानमंत्री आवास जैसी योजनाओं के माध्यम से नई उम्मीद और आत्मविश्वास का संचार हुआ है। हमारी सरकार का स्पष्ट विश्वास है कि जब विकास, रोजगार और बुनियादी सुविधाएं अंतिम व्यक्ति तक पहुंचती हैं, तब ही स्थायी शांति और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है। इन क्षेत्रों में रोजगार सृजन, सुरक्षित आवास, पेयजल, शिक्षा और आजीविका के अवसरों के विस्तार से न केवल लोगों का जीवन स्तर बेहतर हुआ है, बल्कि शासन के प्रति विश्वास भी मजबूत हुआ है। यह परिवर्तन इस बात का प्रमाण है कि संवेदनशील नीतियों, समन्वित प्रयासों और जनभागीदारी से सबसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में भी सकारात्मक बदलाव संभव है - और हम इस बदलाव को और गति देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

जनगणना 2027- प्रथम चरण में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना

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छत्तीसगढ़ राज्य में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना 01 मई से 30 मई 2026 तक  

रायपुर- भारत सरकार द्वारा आयोजित जनगणना 2027 के अंतर्गत प्रथम चरण“मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना  (House Listing & Housing Census) ”का कार्य छत्तीसगढ़ राज्य में 01 मई से 30 मई 2026 तक 30 दिनों की अवधि मे संचालित किया जाएगा। यह चरण जनगणना प्रक्रिया का अत्यंत महत्वपूर्ण भाग है, जिसके माध्यम से प्रत्येक आवासीय एवं गैर-आवासीय भवन, मकान की स्थिति, उपयोग एवं उपलब्ध सुविधाओं से संबंधित विस्तृत जानकारी एकत्रित की जाएगी।

डिजिटल इंडिया के अंतर्गत इस बार आम जनता की सुविधा के लिएस्व-गणना (Self-Enumeration) का विकल्प भी उपलब्ध कराया गया है। इच्छुक नागरिक 16 अप्रैल 2026 से 30 अप्रैल 2026 के मध्य निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से स्वयं अपने परिवार एवं मकान से संबंधित जानकारी दर्ज कर सकते हैं।

स्व-गणना करने वाले परिवारों को एक स्व-गणना आईडी (Self-Enumeration ID) प्रदान की जाएगी, जिसे सुरक्षित रखना आवश्यक होगा तथा प्रगणक के आने पर प्रगणकों को देना  होगा। आपके द्वारा भरी जानकारी की पुष्टि के बाद प्रगणक उसे सब्मिट कर देगा।

इस चरण के अंतर्गत निम्नलिखित बिंदुओं पर जानकारी एकत्रित की जाएगी

प्रत्येक भवन एवं मकान की संख्या, स्थिति एवं प्रकार, मकान का उपयोग, (आवासीय/व्यावसायिक/अन्य), निर्माण की प्रकृति (कच्चा/पक्का/अर्ध-पक्का), परिवारों की संख्या एवं उनके आवासीय विवरण, उपलब्ध बुनियादी सुविधाएं, जैसे- पेयजल की उपलब्धता, शौचालय की सुविधा, विद्युत कनेक्शन, रसोई गैस/ईंधन का प्रकार, इंटरनेट/संचार सुविधाएं यह जानकारी देश की सामाजिक-आर्थिक योजनाओं, शहरी एवं ग्रामीण विकास, आवास योजनाओं, जल एवं स्वच्छता कार्यक्रमों तथा बुनियादी ढांचे के विकास हेतु अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी।

प्रगणक निर्धारित अवधि के दौरान प्रत्येक घर पर जाकर जानकारी एकत्रित करेंगे। प्रगणक अधिकृत पहचान पत्र के साथ जाएंगे, जिसकी पुष्टि नागरिकों द्वारा की जा सकती है। नागरिकों से अनुरोध है कि वे प्रगणको को सही एवं पूर्ण जानकारी प्रदान करें। स्व-गणना कर चुके परिवारों को अपनी मस-िम्दनउमतंजपवद प्क् प्रगणक को बतानी होगी।

जनगणना के दौरान एकत्रित की गई सभी जानकारी पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी। इस जानकारी का उपयोग केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों एवं नीतिगत निर्णयों के लिए किया जाएगा। किसी भी व्यक्ति विशेष की जानकारी को सार्वजनिक नहीं किया जाएगा। जनगणना कार्य में सक्रिय सहयोग प्रदान करें। निर्धारित समयावधि में स्व-गणना का लाभ उठाएं। केवल अधिकृत गणनाकर्मियों को ही जानकारी प्रदान करें। सटीक एवं सत्य जानकारी देना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। 

निगरानी

जिला, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर नियंत्रण कक्ष स्थापित किए जाएंगे। वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा नियमित निरीक्षण किया जाएगा। शिकायत निवारण हेतु हेल्पलाइन/ऑनलाइन प्रणाली उपलब्ध होगी। जनगणना कार्य निदेशालय छत्तीसगढ के निदेशक ने सभी नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करें। आपकी सटीक एवं पूर्ण जानकारी देश की विकास योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने में सहायक सिद्ध होगी। जनगणना से प्राप्त आंकड़े देश की आर्थिक, सामाजिक एवं बुनियादी विकास योजनाओं की आधारशिला होते हैं। यह प्रक्रिया सरकार को सटीक नीति निर्माण, संसाधन आवंटन एवं भविष्य की योजनाओं के निर्धारण में सहायता प्रदान करती है।

जनगणना देश की सबसे व्यापक प्रशासनिक प्रक्रिया है, जो सरकार को जनसंख्या, आवास एवं बुनियादी सुविधाओं की वास्तविक स्थिति का आंकलन करने में सहायता प्रदान करती है। इससे प्राप्त आंकड़ों के आधार पर भविष्य की योजनाएं अधिक प्रभावी एवं समावेशी बनाई जाती हैं।

खारंग नदी क्षेत्र में हादसे पर प्रशासन सख्त, अवैध उत्खनन पर लगातार कार्रवाई

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ट्रैक्टर पलटने की घटना की जांच पूरी, अवैध रेत उत्खनन पर कड़ी निगरानी

रायपुर- बिलासपुर जिले के खारंग नदी क्षेत्र में हुई दुर्घटना की जांच के बाद खनिज विभाग और जिला प्रशासन ने अवैध रेत उत्खनन पर सख्त रुख अपनाया है। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर संबंधित वाहन मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है, वहीं छत्तीसगढ राज्य में अवैध खनन, परिवहन और भंडारण के विरुद्ध लगातार अभियान चलाया जा रहा है।

बिलासपुर जिले के खनिज अमले द्वारा खारंग नदी क्षेत्र में हुई दुर्घटना की विस्तृत जांच की गई। जांच के दौरान ग्राम गढ़वट में सरपंच, पंचगण एवं ग्रामीणों की उपस्थिति में घटना स्थल का निरीक्षण किया गया। जांच में सामने आया कि 8-9 अप्रैल की मध्य रात्रि में दो युवक नदी क्षेत्र में गए थे, जहां ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने की घटना हुई। इस घटना में एक युवक की मृत्यु हो गई, जबकि दूसरा घायल हुआ। मौके पर प्रत्यक्षदर्शी नहीं मिले, बल्कि ग्रामीणों से मिली जानकारी के आधार पर घटना की पुष्टि हुई।

प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया कि संबंधित ट्रैक्टर-ट्रॉली ग्राम गढ़वट निवासी तोषण कुमार कश्यप के नाम से जुड़ी है। इस आधार पर पुलिस थाना रतनपुर में वाहन मालिक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 105 एवं 238(बी) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। जांच के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि दोनों युवक नदी क्षेत्र में रेत उत्खनन के उद्देश्य से गए थे। हालांकि घटना स्थल पर अवैध उत्खनन के प्रत्यक्ष साक्ष्य नहीं मिले, लेकिन क्षेत्र में बनाए गए कच्चे मार्ग और ट्रैक्टर के आवागमन के संकेत पाए गए।

खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। वर्ष 2024-25 में  गढ़वट और आसपास के इलाके में कुल 47 प्रकरण दर्ज कर लगभग 6.95 लाख रुपये की वसूली की गई, जबकि वर्ष 2025-26 में अब तक 22 प्रकरण दर्ज कर 3.19 लाख रुपये से अधिक की कार्रवाई की जा चुकी है। पूर्व में भी गढ़वट क्षेत्र में अवैध परिवहन के मामलों में ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त कर प्रकरण दर्ज किए गए थे। विभाग द्वारा पंचायत स्तर पर भी अवैध उत्खनन रोकने के लिए समय-समय पर निर्णय और जागरूकता प्रयास किए जा रहे हैं। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संबंधित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है और दोषियों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी।

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