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गांजा तस्करी पर बसना पुलिस का एक्शन, 28.465 किलो गांजा बरामद; दो आरोपी गिरफ्तार

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 महासमुंद। जिले में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन निश्चय के तहत बसना पुलिस और एएनटीएफ की संयुक्त टीम ने गांजा तस्करी के मामले में कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 28.465 किलो गांजा बरामद किया है। आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट और बीएनएस की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।


पुलिस को देखकर कार मोड़कर भागने लगे

पुलिस के मुताबिक, मुखबिर से सूचना मिली थी कि ओडिशा की ओर से काले रंग की वेगनआर कार क्रमांक MP 18 ZH 8555 में गांजा लेकर कुछ लोग बसना की ओर आ रहे हैं। सूचना के आधार पर बसना थाना और एएनटीएफ की संयुक्त टीम ने थाना परिसर के सामने सड़क पर नाकाबंदी कर वाहनों की निगरानी शुरू की।

इसी दौरान संदिग्ध कार सामने से आती दिखाई दी। पुलिस की नाकाबंदी देखकर चालक ने अचानक कार मोड़ ली और तेज गति से भागने लगा। पुलिस और एएनटीएफ की टीम ने उसका पीछा किया।

कार में गांजा जलाकर भागने की कोशिश

पुलिस के अनुसार, आरोपी कार को ग्राम चोरभट्ठी से मेदनीपुर जाने वाले मार्ग पर रोककर उसमें रखी गांजे से भरी बोरियों में आग लगाने लगे। इसके बाद कार को लॉक कर मौके से भागने का प्रयास किया।

पुलिस और एएनटीएफ की टीम ने पीछा कर रहे दो आरोपियों को दौड़ाकर पकड़ लिया। वहीं, एक आरोपी जंगल का फायदा उठाकर फरार हो गया। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से कार का सामने का शीशा तोड़कर अंदर लगी आग बुझाई।

तीन अधजली बोरियों में मिला गांजा

कार की तलाशी लेने पर डिक्की में तीन अधजली प्लास्टिक बोरियां मिलीं। इनमें कुल 28.465 किलो गांजा बरामद हुआ। पूछताछ में पकड़े गए आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे ओडिशा के बलांगीर निवासी विनोद राणा से गांजा खरीदकर अपने साथी शिवा सिंह के साथ शहडोल, मध्यप्रदेश ले जा रहे थे।

पुलिस के मुताबिक, नाकाबंदी देखकर पकड़े जाने के डर से आरोपियों ने गांजे सहित कार में आग लगाकर साक्ष्य नष्ट करने की कोशिश की थी।

मामले में गिरफ्तार दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट और बीएनएस की संबंधित धाराओं के तहत विधिसम्मत कार्रवाई की गई है। फरार आरोपी की तलाश में पुलिस की टीम जुटी हुई है।

11वीं की नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म का आरोप, शिक्षक गिरफ्तार; पॉक्सो एक्ट में कार्रवाई

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 सूरजपुर। जिले के भटगांव थाना क्षेत्र में 11वीं कक्षा की नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग का मामला सामने आया है। छात्रा के परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी शिक्षक के खिलाफ पॉक्सो एक्ट सहित संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। न्यायालय में पेश किए जाने के बाद आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।


आपत्तिजनक वीडियो बनाकर धमकाने का आरोप

पुलिस के मुताबिक, छात्रा के परिजनों ने शिकायत में आरोप लगाया है कि शिक्षक ने छात्रा के साथ जबरन दुष्कर्म किया। शिकायत के अनुसार, आरोपी ने घटना का आपत्तिजनक वीडियो भी बनाया और उसे वायरल करने की धमकी देकर छात्रा को ब्लैकमेल करता रहा।

करीब एक साल तक शोषण का आरोप

परिजनों ने शिकायत में आरोप लगाया है कि छात्रा का करीब एक साल तक शारीरिक शोषण किया गया। शिकायत मिलने के बाद भटगांव पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

पुलिस जुटा रही साक्ष्य

पुलिस के अनुसार, मामले से जुड़े सभी तथ्यों और आरोपों की जांच की जा रही है। विवेचना के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

विदेशी छात्रों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन सख्त, 30 दिन में सुरक्षित हॉस्टल में शिफ्ट करने के निर्देश

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 रायपुर। विदेशी विद्यार्थियों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर सोमवार को रायपुर कलेक्ट्रेट में बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह और पुलिस अधीक्षक रायपुर ग्रामीण श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा ने विश्वविद्यालयों एवं शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर विदेशी छात्रों के आवास, आवागमन, निगरानी और प्रशासन-पुलिस के साथ समन्वय को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।


30 दिन में सुरक्षित हॉस्टल में शिफ्ट करने के निर्देश

बैठक में प्रशासन ने ऐसे विदेशी विद्यार्थियों को अगले 15 से 30 दिनों के भीतर सुरक्षित छात्रावास में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए, जो वर्तमान में हॉस्टल से बाहर निजी मकान, पीजी या अन्य स्थानों पर रह रहे हैं। संस्थानों को विद्यार्थियों की सुरक्षा और स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए इसके लिए कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया है।

कलेक्टर और एसपी ने कहा कि विदेशी विद्यार्थियों की सुरक्षा के साथ स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा और शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखना भी प्रशासन की प्राथमिकता है। किसी अप्रिय घटना की स्थिति बनने से पहले संभावित कारणों की पहचान कर आवश्यक निरोधात्मक कदम उठाने पर जोर दिया गया।

शिकायतों की निगरानी और काउंसलिंग पर जोर

बैठक में बताया गया कि विदेशी विद्यार्थियों से संबंधित कुछ शिकायतें प्रशासन और पुलिस को प्राप्त होती रही हैं। इसे देखते हुए विश्वविद्यालयों को अपने स्तर पर निगरानी, काउंसलिंग और अनुशासन व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए गए।

प्रशासन ने स्पष्ट किया कि किसी विद्यार्थी के खिलाफ उसकी राष्ट्रीयता के आधार पर कार्रवाई नहीं की जाएगी। यदि कोई व्यक्ति कानून का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

स्थानीय कानूनों की जानकारी देने के निर्देश

विश्वविद्यालयों को विदेशी विद्यार्थियों के लिए नियमित ओरिएंटेशन और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने को कहा गया है। इन कार्यक्रमों में भारतीय कानून, स्थानीय सामाजिक व्यवहार, यातायात नियम, साइबर सुरक्षा, आपातकालीन सेवाओं और नशीले पदार्थों सहित कानून-विरोधी गतिविधियों से बचने की जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं।

इसके साथ ही स्थानीय नागरिकों से भी विदेशी विद्यार्थियों के प्रति सहयोगात्मक और संवेदनशील व्यवहार रखने की अपील की गई।

विदेशी छात्रों का रिकॉर्ड अपडेट रखने पर जोर

सभी विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों को विदेशी विद्यार्थियों की अद्यतन और सत्यापित जानकारी व्यवस्थित रूप से रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें विद्यार्थियों की संख्या, देश, पाठ्यक्रम, प्रवेश की स्थिति, हॉस्टल या आवास का विवरण और आवश्यक संपर्क जानकारी शामिल है।

प्रशासन ने कहा कि विदेशी विद्यार्थियों के आगमन से लेकर उनकी अध्ययन अवधि और आवास से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी का रिकॉर्ड लगातार अपडेट रखा जाए। किसी बड़े बदलाव की सूचना संबंधित अधिकारियों को समय पर देने के भी निर्देश दिए गए।

बैठक में प्रशासन ने विश्वविद्यालय प्रबंधन, विद्यार्थियों और स्थानीय नागरिकों से आपसी समन्वय के साथ काम करने की अपील की, ताकि रायपुर में सुरक्षित, शांतिपूर्ण और सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण बनाए रखा जा सके।

रायगढ़ में सड़क पर उतरा हाथियों का पूरा कुनबा, शावकों के साथ सड़क पार करते दिखे गजराज

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रायगढ़- जिले के तमनार क्षेत्र में उस समय लोगों की आवाजाही थम गई, जब हाथियों का एक पूरा दल अचानक सड़क पर पहुंच गया। सामारुमा इलाके में नर और मादा हाथियों के साथ शावकों का दल सड़क पार करता दिखाई दिया। हाथियों को सड़क पर देखकर राहगीरों ने अपने वाहन रोक दिए और इस अनोखे नजारे को मोबाइल कैमरों में कैद किया।

सड़क पर दिखा हाथियों का काफिला

जानकारी के मुताबिक, तमनार रेंज के सामारुमा क्षेत्र में हाथियों का दल जंगल की ओर जाने के लिए सड़क पार कर रहा था। दल में बड़े हाथियों के साथ छोटे शावक भी शामिल थे।

हाथियों को सड़क पर देखते ही दोनों तरफ वाहनों की आवाजाही रोक दी गई। लोग सुरक्षित दूरी पर खड़े होकर हाथियों के सड़क पार करने का इंतजार करते रहे।

वन विभाग ने संभाली स्थिति

हाथियों के सड़क पर पहुंचने की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। वन अमले ने सड़क के दोनों ओर यातायात रोक दिया, ताकि हाथियों को बिना किसी परेशानी के सड़क पार कराया जा सके।

वन विभाग की निगरानी में हाथियों का दल धीरे-धीरे सड़क पार करके जंगल की ओर चला गया। राहत की बात यह रही कि इस दौरान किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।

मोबाइल कैमरों में कैद हुआ नजारा

हाथियों के सड़क पार करने का यह पूरा दृश्य वहां मौजूद राहगीरों ने अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड किया। शावकों के साथ चलते हाथियों के इस काफिले को देखने के लिए कुछ समय के लिए लोगों की भीड़ भी जमा हो गई।

हालांकि, वन विभाग ने लोगों को हाथियों से दूरी बनाए रखने और उनके रास्ते में किसी तरह की बाधा न डालने की हिदायत दी।

इलाके में लगातार हो रहा हाथियों का मूवमेंट

वन विभाग के अनुसार, रायगढ़ वन मंडल में हाथियों की लगातार मौजूदगी बनी हुई है। उपलब्ध विभागीय आंकड़ों के अनुसार, क्षेत्र में 51 हाथी मौजूद हैं, जिनमें 13 नर, 32 मादा और 6 शावक शामिल हैं।

हाथियों की लगातार आवाजाही को देखते हुए वन विभाग की टीमें उनके मूवमेंट पर नजर बनाए हुए हैं।

वन विभाग की लोगों से अपील

वन विभाग ने हाथियों की आवाजाही वाले इलाकों में रहने वाले लोगों और वाहन चालकों से सतर्क रहने की अपील की है। हाथियों के सड़क पर आने की स्थिति में उनसे सुरक्षित दूरी बनाए रखना और उनके रास्ते में न जाना बेहद जरूरी है।

बड़ी खबर

रायगढ़ के तमनार में सड़क पर हाथियों का पूरा कुनबा दिखाई दिया। शावकों के साथ हाथियों ने सड़क पार की तो कुछ देर के लिए यातायात रोक दिया गया। वन विभाग की सतर्कता के चलते हाथियों ने सुरक्षित तरीके से सड़क पार की और जंगल की ओर चले गए।

रूस-यूक्रेन युद्ध में बड़ा तनाव: मॉस्को पर यूक्रेन का बड़ा ड्रोन हमला, रूस ने कीव पर हमले तेज करने की चेतावनी दी

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मॉस्को/कीव- रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध में एक बार फिर तनाव बढ़ता दिखाई दे रहा है। यूक्रेन ने मॉस्को और रूस के आसपास के इलाकों में बड़े पैमाने पर ड्रोन हमला किया, जिसके बाद रूस ने कीव पर अपने हमले और तेज करने की चेतावनी दी है। यह हमला ऐसे समय हुआ जब रूस में संसदीय चुनाव का अंतिम चरण चल रहा था।

मॉस्को पर बड़ा ड्रोन हमला

रूसी अधिकारियों के अनुसार, यूक्रेन की ओर से रूस पर 1,000 से अधिक ड्रोन भेजे गए। मॉस्को के मेयर सर्गेई सोबयानिन ने दावा किया कि इनमें करीब 450 ड्रोन मॉस्को की ओर बढ़ रहे थे, जिन्हें रूसी वायु रक्षा ने रोकने की कोशिश की।

रूसी अधिकारियों के मुताबिक हमले में मॉस्को क्षेत्र में कम से कम तीन लोगों की मौत हुई और कई लोग घायल हुए। मॉस्को की एक प्रमुख तेल रिफाइनरी को भी नुकसान पहुंचने की खबर है। एक रिहायशी इमारत को भी नुकसान हुआ और लोगों को वहां से बाहर निकाला गया।

रूसी अधिकारियों ने इस हमले को अब तक के सबसे बड़े हमलों में से एक बताया है।

तेल रिफाइनरी को भी बनाया गया निशाना

हमले के दौरान मॉस्को की एक प्रमुख तेल रिफाइनरी में आग लगने की सूचना मिली। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन के लंबी दूरी के हमलों ने मॉस्को क्षेत्र में रूस के तेल और सैन्य आपूर्ति से जुड़े महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाया।

हालांकि, हमले के उद्देश्य और नुकसान को लेकर रूस और यूक्रेन के दावों में अंतर है।

रूस की जवाबी कार्रवाई की चेतावनी

मॉस्को पर हमले के बाद रूस ने यूक्रेन को जवाब देने की बात कही है।

रूसी पक्ष ने कहा है कि मॉस्को पर हुए हमले के बाद कीव पर हमले और तेज किए जाएंगे। इसके बाद यूक्रेन की राजधानी कीव और आसपास के क्षेत्रों में रूसी ड्रोन हमलों की खबरें भी सामने आई हैं।

यूक्रेन में अधिकारियों ने बताया कि हालिया रूसी हमलों में कई लोगों की मौत हुई है, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं। कीव क्षेत्र में घरों और अन्य इमारतों को नुकसान पहुंचने की खबर है।

दोनों देशों के बीच बढ़ रहे लंबी दूरी के हमले

रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध अब केवल मोर्चे तक सीमित नहीं है। दोनों पक्ष लगातार लंबी दूरी के ड्रोन और मिसाइलों का इस्तेमाल कर एक-दूसरे के महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बना रहे हैं।

यूक्रेन हाल के महीनों में रूस के ऊर्जा और तेल ढांचे पर ड्रोन हमलों को बढ़ा रहा है, जबकि रूस लगातार यूक्रेन के शहरों और ऊर्जा ढांचे पर हवाई हमले कर रहा है।

युद्ध रोकने की कोशिशों के बीच बढ़ा तनाव

यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए कूटनीतिक प्रयास जारी हैं। लेकिन जमीन पर लगातार हो रहे ड्रोन और मिसाइल हमले बताते हैं कि दोनों पक्षों के बीच सैन्य तनाव अभी भी काफी अधिक है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी यूक्रेन के साथ रूसी तेल रिफाइनरियों पर हमले रोकने को लेकर बातचीत की है। वहीं जेलेंस्की ने कहा है कि यूक्रेन पारस्परिक रूप से ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमले रोकने के प्रस्ताव पर चर्चा के लिए तैयार है।

बड़ी बात

मॉस्को पर यूक्रेन के बड़े ड्रोन हमले के बाद रूस ने कीव पर हमले तेज करने की चेतावनी दी है।

एक तरफ रूस का दावा है कि उसने बड़ी संख्या में ड्रोन को हवा में ही नष्ट किया, वहीं यूक्रेन का कहना है कि उसके लंबी दूरी के हमलों ने रूस के महत्वपूर्ण तेल और सैन्य ढांचे को नुकसान पहुंचाया है।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इन बढ़ते जवाबी हमलों के बीच रूस और यूक्रेन के बीच तनाव और बढ़ेगा, या कूटनीतिक प्रयास दोनों देशों को बातचीत की मेज पर वापस ला पाएंगे?

एशियन गेम्स में भारत का दमदार प्रदर्शन, शूटिंग में फिर चमके भारतीय खिलाड़ी

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नई दिल्ली- जापान के आइची-नागोया में चल रहे एशियन गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन जारी है। सोमवार, 21 सितंबर को भारत ने शूटिंग, टेबल टेनिस, कबड्डी और हॉकी समेत कई खेलों में दमदार प्रदर्शन किया। भारत की नजरें अब पदकों की संख्या बढ़ाने पर हैं।

शूटिंग में भारत का जलवा

शूटिंग में भारतीय खिलाड़ियों ने एक बार फिर शानदार प्रदर्शन किया। पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल टीम स्पर्धा में हिमांशु ढिल्लों, पार्थ माने और रुद्रांक्ष पाटिल की भारतीय टीम ने रजत पदक अपने नाम किया।

भारत ने इस स्पर्धा में 1890.1 अंक हासिल किए, जबकि चीन ने स्वर्ण और दक्षिण कोरिया ने कांस्य पदक जीता। हिमांशु ढिल्लों और रुद्रांक्ष पाटिल ने व्यक्तिगत स्पर्धा के फाइनल में भी जगह बनाई।

इससे पहले भारतीय महिला निशानेबाजों ने भी 10 मीटर एयर राइफल में दो रजत पदक जीतकर भारत का पदक खाता खोला था।

मिश्रित मार्शल आर्ट्स में भी पदक पक्का

भारत की सुचिका तारियाल ने महिलाओं की पारंपरिक 60 किलोग्राम मिश्रित मार्शल आर्ट्स स्पर्धा में सेमीफाइनल तक पहुंचकर भारत के लिए पदक सुनिश्चित किया।

सेमीफाइनल में सिंगापुर की हुई हून तेओ के खिलाफ मुकाबले का फैसला वजन के नियम के आधार पर हुआ। सुचिका को हार का सामना करना पड़ा, जिसके बाद उन्होंने फैसले पर असहमति जताई। इसके बावजूद भारत के खाते में इस स्पर्धा का कांस्य पदक आया।

टेबल टेनिस में पाकिस्तान पर भारत की जीत

महिला टेबल टेनिस टीम ने पाकिस्तान को 3-0 से हराकर शानदार शुरुआत की।

भारत की सुतीर्था मुखर्जी, सिंड्रेला दास और श्रीजा अकुला ने अपने-अपने मुकाबले जीतकर भारत को एकतरफा जीत दिलाई। इस जीत के साथ भारतीय महिला टीम ने अपने ग्रुप में लगातार तीसरी जीत दर्ज की।

महिला हॉकी टीम की बड़ी जीत

महिला हॉकी में भी भारत ने शानदार प्रदर्शन किया। भारतीय टीम ने इंडोनेशिया के खिलाफ 14-1 की बड़ी जीत दर्ज की।

इस जीत के साथ भारतीय महिला हॉकी टीम ने टूर्नामेंट में अपना दबदबा दिखाया और गोल अंतर को भी मजबूत किया।

कबड्डी में भी भारत की मजबूत शुरुआत

भारत की पुरुष कबड्डी टीम ने भी अभियान की शुरुआत जीत के साथ की। भारतीय टीम ने जापान के खिलाफ मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत दर्ज की।

कबड्डी में भारत अपने खिताब की रक्षा करने के इरादे से मैदान में उतरा है।

 तैराकी में श्रीहरि नटराज फाइनल में पहुंचे

तैराकी में भारतीय खिलाड़ी श्रीहरि नटराज ने पुरुषों की 50 मीटर बैकस्ट्रोक स्पर्धा के फाइनल में जगह बनाई। हालांकि फाइनल में वह 10वें स्थान पर रहे।

भारत के तैराकी दल के लिए यह दिन मिश्रित परिणामों वाला रहा।

भारत की नजरें अब और पदकों पर

एशियन गेम्स के शुरुआती मुकाबलों में भारत ने शूटिंग में लगातार पदक हासिल किए हैं। इसके अलावा महिला क्रिकेट में भारत ने फाइनल में जगह बनाकर एक और पदक पक्का किया है।

भारत के खिलाड़ी हॉकी, कबड्डी, टेबल टेनिस, बैडमिंटन, मुक्केबाजी, तैराकी, वुशु और अन्य खेलों में भी लगातार मुकाबले खेल रहे हैं।

भारत के लिए बड़ी तस्वीर

शूटिंग में पदकों की बरसात, हॉकी में बड़ी जीत, टेबल टेनिस में पाकिस्तान पर 3-0 की जीत और कबड्डी में मजबूत शुरुआत—एशियन गेम्स 2026 में भारतीय दल लगातार सुर्खियां बटोर रहा है।

अब भारतीय प्रशंसकों की नजरें आने वाले मुकाबलों पर हैं, जहां भारत के खिलाड़ी और पदक जीतने के लिए मैदान में उतरेंगे।

टाटा संस में बड़ा विवाद: एन. चंद्रशेखरन की दोबारा नियुक्ति पर नोएल टाटा ने उठाए सवाल

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नई दिल्ली- देश के सबसे बड़े कारोबारी समूहों में शामिल टाटा समूह की मुख्य कंपनी टाटा संस में अध्यक्ष पद को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। टाटा संस के अध्यक्ष एन. चंद्रशेखरन को अगले पांच वर्षों के लिए फिर से अध्यक्ष बनाए जाने के फैसले पर टाटा ट्रस्ट्स के अध्यक्ष नोएल टाटा ने गंभीर आपत्ति जताई है।

17 सितंबर को टाटा संस के निदेशक मंडल ने एन. चंद्रशेखरन को अगले पांच वर्षों के लिए फिर से अध्यक्ष बनाए जाने को मंजूरी दी थी। लेकिन इसके बाद नोएल टाटा ने इस पूरी प्रक्रिया और कंपनी के नियमों की व्याख्या पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

आखिर विवाद की वजह क्या है?

इस पूरे मामले की जड़ टाटा संस के कंपनी के आंतरिक नियमों, जिन्हें ‘आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन’ कहा जाता है, में है।

नोएल टाटा का कहना है कि अध्यक्ष की दोबारा नियुक्ति के लिए अनुच्छेद 118 लागू होना चाहिए था। जबकि इस बार टाटा संस के निदेशक मंडल ने अनुच्छेद 121 के तहत प्रक्रिया आगे बढ़ाई।

नोएल टाटा का तर्क है कि वर्ष 2022 में एन. चंद्रशेखरन की पिछली नियुक्ति के दौरान भी अलग प्रक्रिया अपनाई गई थी। उनका सवाल है कि जब कंपनी के नियम मौजूद हैं, तो इस बार उनकी अलग व्याख्या क्यों की गई?

निदेशक मंडल में भी सामने आया मतभेद

इस विवाद में टाटा संस के निदेशक मंडल में हुई मतदान प्रक्रिया भी बेहद महत्वपूर्ण है।

रिपोर्टों के अनुसार, टाटा ट्रस्ट्स की ओर से निदेशक मंडल में नामित निदेशकों में नोएल टाटा और वेंकटेशन श्रीनिवासन शामिल हैं।

मतदान के दौरान नोएल टाटा ने चंद्रशेखरन की दोबारा नियुक्ति का विरोध किया, जबकि वेंकटेशन श्रीनिवासन ने इसका समर्थन किया।

मतों में बराबरी की स्थिति बनने के बाद निदेशक मंडल के अध्यक्ष हरीश मनवानी के निर्णायक मत का इस्तेमाल किया गया। इसके बाद चंद्रशेखरन की दोबारा नियुक्ति को मंजूरी मिल गई।

यही निर्णायक मत अब पूरे विवाद का एक अहम हिस्सा बन गया है।

नोएल टाटा ने कानूनी सवाल क्यों उठाए?

नोएल टाटा का कहना है कि यदि अध्यक्ष की नियुक्ति के लिए टाटा ट्रस्ट्स से जुड़े निदेशकों की निर्धारित मंजूरी जरूरी थी, तो केवल निर्णायक मत के जरिए उस आवश्यकता को खत्म नहीं किया जा सकता।

रिपोर्टों के अनुसार, नोएल टाटा ने इस मामले में भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़ की कानूनी राय का भी हवाला दिया है।

वहीं, टाटा संस की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सुदीप्तो सरकार की कानूनी राय का सहारा लिया गया है।

यानी इस समय विवाद केवल मतदान का नहीं है, बल्कि कंपनी के नियमों की कानूनी व्याख्या को लेकर है।

क्या चंद्रशेखरन की नियुक्ति रद्द हो सकती है?

अभी इस सवाल का अंतिम जवाब नहीं दिया जा सकता।

टाटा संस के निदेशक मंडल ने चंद्रशेखरन की पांच वर्ष की नई अवधि को मंजूरी दे दी है। लेकिन यदि टाटा ट्रस्ट्स इस फैसले को औपचारिक रूप से कानूनी चुनौती देता है, तो अदालत या संबंधित कानूनी मंच को यह तय करना पड़ सकता है कि:

  • अध्यक्ष की दोबारा नियुक्ति के लिए कौन-सा अनुच्छेद लागू होता है?

  • क्या टाटा ट्रस्ट्स के नामित निदेशकों की विशेष भूमिका थी?

  • क्या बराबरी की स्थिति में निर्णायक मत का इस्तेमाल वैध था?

  • और क्या पूरी नियुक्ति प्रक्रिया कंपनी के नियमों के अनुसार हुई?

इन सवालों का जवाब ही आगे की स्थिति तय करने में महत्वपूर्ण होगा।

टाटा ट्रस्ट्स की भूमिका इतनी महत्वपूर्ण क्यों है?

टाटा ट्रस्ट्स के पास टाटा संस में लगभग 66 प्रतिशत हिस्सेदारी है। यही वजह है कि टाटा ट्रस्ट्स का टाटा संस के संचालन और महत्वपूर्ण फैसलों में विशेष महत्व है।

टाटा संस ही टाटा समूह की कई प्रमुख कंपनियों में हिस्सेदारी रखने वाली मुख्य कंपनी है। इसलिए टाटा संस में अध्यक्ष पद और उसके शासन से जुड़े फैसलों का असर पूरे टाटा समूह पर पड़ सकता है।

इसके पीछे टाटा संस के प्रस्तावित सूचीबद्ध होने का मुद्दा भी

इस विवाद की पृष्ठभूमि में टाटा संस के शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने का मुद्दा भी महत्वपूर्ण है।

यदि टाटा संस शेयर बाजार में सूचीबद्ध होती है, तो कंपनी के स्वामित्व, शासन व्यवस्था और नियामकीय ढांचे में महत्वपूर्ण बदलाव आ सकते हैं।

इसीलिए टाटा संस में अध्यक्ष पद और कंपनी के शासन से जुड़े अधिकारों को लेकर चल रहा विवाद केवल एक व्यक्ति की नियुक्ति तक सीमित नहीं माना जा रहा है।

अब आगे क्या?

फिलहाल एन. चंद्रशेखरन की दोबारा नियुक्ति को टाटा संस के निदेशक मंडल ने मंजूरी दे दी है।

लेकिन नोएल टाटा और टाटा ट्रस्ट्स की आपत्तियों के बाद यह मामला आगे कानूनी रूप ले सकता है।

अब सबकी नजर इस बात पर है कि टाटा संस के कंपनी नियमों की सही कानूनी व्याख्या क्या मानी जाती है और क्या चंद्रशेखरन की दोबारा नियुक्ति की प्रक्रिया उन नियमों के अनुरूप थी।

बड़ी बात

टाटा संस में इस समय विवाद सिर्फ अध्यक्ष की कुर्सी को लेकर नहीं है। असली सवाल है—

टाटा संस के फैसलों में टाटा ट्रस्ट्स की भूमिका कितनी होगी, कंपनी के आंतरिक नियमों की व्याख्या कैसे होगी और भविष्य में टाटा समूह की शासन व्यवस्था किस दिशा में जाएगी।

चंद्रशेखरन की नई अवधि को निदेशक मंडल की मंजूरी मिल चुकी है, लेकिन नोएल टाटा की आपत्ति ने इस फैसले पर कानूनी और शासन संबंधी सवाल खड़े कर दिए हैं। आने वाले दिनों में इस मामले की अगली कार्रवाई पर सभी की नजर रहेगी।

‘सेवा मेरा योगदान’ अभियान: 23 सितंबर से प्रदेशभर में होंगी विभिन्न गतिविधियां, देहदान-अंगदान करने वाले परिवार होंगे सम्मानित

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 रायपुर : मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन से राज्य के सभी जिलों के कलेक्टरों से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत 23 से 25 सितंबर तक सेवा मेरा योगदान अभियान को लेकर दिशा-निर्देश दिये ।


सेवा मेरा योगदान के तहत विभिन्न गतिविधियां

प्रदेश में सेवा संकल्प अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक संचालित किया जा रहा है। वीडियो कॉन्फ्रेंस में मुख्य सचिव ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के तहत 23 से 25 सितंबर तक सभी जिलों के नगरीय निकाय क्षेत्रों में तथा 2 से 8 अक्टूबर तक प्रदेशभर में सेवा मेरा योगदान के अंतर्गत विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इनमें सेवा एवं स्वच्छता, अन्न एवं वस्त्र दान, विद्या दान एवं शिक्षा सहयोग, कौशल एवं ज्ञान दान, हरित छत्तीसगढ़ एवं पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य एवं रक्तदान, अंगदान एवं देहदान, सामाजिक सुरक्षा एवं जागरूकता तथा स्थानीय उत्पादन एवं महिला सशक्तिकरण जैसी गतिविधियां शामिल हैं। मुख्य सचिव ने कहा कि इन गतिविधियों में एनसीसी, एनएसएस, स्वयंसेवक, स्व-सहायता समूह, सामाजिक संस्थाओं, युवा संगठनों तथा ‘मेरा युवा भारत’ सहित विभिन्न सहयोगी संस्थाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए। सभी गतिविधियों को माय भारत पोर्टल पर फोटोग्राफ्स सहित अपलोड करने के निर्देश दिए गए।

देहदान, अंग दान करने वाले परिवारों को किया जाएगा सम्मानित

मुख्य सचिव ने कलेक्टरों से कहा है कि जिन परिवारों के मृत परिजनों द्वारा देह एवं अंग दान किया जाता है उन परिवारों को सम्मानित किया जाए। मुख्य सचिव ने कहा कि जिन लोगों को दान के अंगों का उपयोग किया गया है। उनके परिवारों को भी कार्यक्रम में शामिल किया जाए एवं उनसे उनकी त्वरित प्रतिक्रिया भी ली जाए। यह कार्यक्रम सिर्फ अभियान तक सीमित न रहे इसके लिए समय समय पर लोगों को ज्यादा से ज्यादा जागरूकता के कार्यक्रम आयोजित हो। जिससे लोग अंग दान करने सहर्ष तैयार हो एवं आगे आए।

सेवा मेरा योगदान उत्सव को सेवा संकल्प एवं दान उत्सव रूप में मनाया जाएगा

सेवा संकल्प एवं दान उत्सव 23 से 25 सितम्बर तक प्रदेश के सभी जिलों के नगरीय निकायों में आयोजित होगा। इसी तैयारी के संबंध में कलेक्टरों से आवश्यक चर्चा की गई। इसी प्रकार इस उत्सव का 2 से 8 अक्टूबर तक प्रदेश भर में उत्सव का भव्य आयोजन किया जाएगा। सेवा संकल्प एवं दान उत्सव के अंतर्गत विविध गतिविधियां आयोजित की जायेंगी। इसमें सेवा एवं स्वच्छता, विद्या दान एवं शिक्षा सहयोग, अन्न एवं वस्त्र दान, कौशल ज्ञान दान एवं प्रशिक्षण की गतिविधियां बड़े स्तर पर की जायेंगी। जल संरक्षण एवं जल स्त्रोतों की साफ-सफाई की जाएगी। पर्यावरण संरक्षण एवं प्लास्टिक अभियान के तहत गतिविधियां आयोजित होगी। राज्यव्यापी अभियान के अंतर्गत महा रक्त दान, मेगा कैम्प एवं निशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित की जाएगी। सामुहिक गतिविधियों के अंतर्गत महा अन्नदान अभियान व गरिमा किट का वितरण होगा। सभी जिलों में बुक ट्री, स्कूल किट एवं वंचित बच्चों हेतु शिक्षा में सहयोग के कार्यक्रम आयोजित होंगे।


हरित छत्तीसगढ़ अभियान को एक पेड़ मां के नाम’ के साथ

शामिल कर किया जाएगा 10 हजार पौधों का रोपण
हरित छत्तीसगढ़ अभियान के अंतर्गत ‘एक पेड़ मां के नाम’ पहल के तहत स्थानीय प्रजातियों के 10 हजार पौधों का रोपण करने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्य सचिव ने पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी गतिविधियों में व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने आयोजित होने वाले दान उत्सव को प्रभावी ढंग से आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दान उत्सव की गतिविधियों का लाभ अनाथालयों, वृद्धाश्रमों और जरूरतमंद वर्गों तक पहुंचे। सामाजिक संस्थाओं एवं समितियों को भी इसमें सक्रिय रूप से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि अभियान में प्रमुख गतिविधियों पर विशेष फोकस कर उनका प्रभावी क्रियान्वयन किया जाए, ताकि इन प्रयासों को आगे भी निरंतर जारी रखते हुए संस्थागत रूप दिया जा सके। उन्होंने दान उत्सव के समापन पर उल्लेखनीय कार्य करने वाले व्यक्तियों एवं संस्थाओं को सम्मानित करने के निर्देश भी दिए।

सेवा सेतु शिविरों में आवेदन का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करें

मुख्य सचिव ने कहा कि सेवा सेतु शिविरों में प्राप्त आवेदनों को व्यवस्थित रूप से एकत्र कर उनका परीक्षण एवं निराकरण किया जाए। शिविरों में आने वाले प्रत्येक प्रकरण का समय-सीमा में समाधान सुनिश्चित हो। उन्होंने अधिकारियों को प्रोएक्टिव होकर कार्य करने तथा शिविरों को परिणाम आधारित बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने शिविरों में केंद्र सरकार की चिन्हित 26 प्रमुख योजनाओं को शामिल करने तथा पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश दिए। साथ ही मुख्यमंत्री हेल्पलाइन और लोक सेवा गारंटी में उपलब्ध शिकायतों की समीक्षा कर उनका समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने को कहा।

कलेक्टरों को प्रभावी नेतृत्व के निर्देश

मुख्य सचिव ने कलेक्टरों से कहा कि “आप जिले के लीडर हैं”, इसलिए अपने-अपने जिलों में सभी अभियानों का प्रभावी नेतृत्व करते हुए बेहतर परिणाम सुनिश्चित करें। उन्होंने सेवा संकल्प अभियान की सभी गतिविधियों की जानकारी गूगल शीट में व्यवस्थित रूप से दर्ज करने के निर्देश दिए, ताकि जिलेवार गतिविधियों और उपलब्धियों की प्रभावी मॉनिटरिंग हो सके।

गिरदावरी सर्वे में शुद्धता और विश्वसनीयता हो सुनिश्चित

मुख्य सचिव ने कलेक्टरों को अपने जिलों में फसलों की गिरदावरी सर्वे के दौरान शुद्धता एवं िविश्वसनीयता पर विशेष ध्यान देने कहा है। इसके लिए तहसीलदारों एवं पटवारियों से कार्य की लगातार मॉनिटरिंग करने कहा गया है।

जल जीवन मिशन और स्वच्छ भारत मिशन की नियमित समीक्षा

मुख्य सचिव ने जल जीवन मिशन को प्राथमिकता देते हुए सभी जिलों में कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने 15 अक्टूबर तक निर्धारित लक्ष्य के अनुसार नल कनेक्शन तथा नल कनेक्शनों को क्रियाशील करने की प्रगति की नियमित समीक्षा करने को कहा। किसी भी प्रकार की समस्या होने पर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों से समन्वय कर तत्काल समाधान करने के निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव ने कहा कि जहां नल जल योजना एवं जल जीवन मिशन के कार्यों के लिए उपअभियंताओं की कमी नही हो इसके लिए दूसरे निर्माण विभागों के उप अभियंताओं की भी डूयूटी लगायी जाए। उन्होंने कलेक्टरों को साप्ताहिक आधार पर जल जीवन मिशन की समीक्षा करने के निर्देश दिए। साथ ही स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों के लिए निर्धारित लक्ष्यों पर भी विशेष ध्यान देने तथा रिपोर्टिंग मैकेनिज्म को प्रभावी बनाने को कहा।

मुख्य सचिव ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान को जनभागीदारी, सेवा भावना और सामाजिक सहयोग का स्थायी माध्यम बनाया जाए। सभी विभाग एवं जिला प्रशासन समन्वय के साथ कार्य करते हुए अभियान को प्रभावी परिणामों तक पहुंचाएं और छत्तीसगढ़ को प्रोएक्टिव एवं फ्रंट रनर राज्य के रूप में आगे ले जाने की दिशा में कार्य करें।

कलेक्टर कॉन्फ्रेंस के दौरान सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव अविनाश चम्पावत, सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव अंकित आनंद, आयुक्त जनसंपर्क श्री रजत बंसल सहित वीडियो कॉन्फ्रेंस से अन्य विभागों के अधिकारी शामिल हुए। कलेक्टर कॉन्फ्रेंस में सभी संभागायुक्त, कलेक्टर एवं अन्य विभागों के प्रमुख जिला अधिकारी शामिल हुए।

फुटू निकालने खेत गई थी 12 साल की बच्ची, करंट की चपेट में आने से मौत

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 जगदलपुर। भानपुरी थाना क्षेत्र के ग्राम बनियागांव के जामकोनाड़ी पारा में खेत में लगाए गए करंट की चपेट में आने से 12 वर्षीय बच्ची की मौत हो गई। हादसा सोमवार सुबह करीब 6 बजे हुआ। बच्ची खेत में फुटू निकालने गई थी, इसी दौरान वह फसल की सुरक्षा के लिए लगाए गए तार के संपर्क में आ गई।


जानकारी के अनुसार, जंगली जानवरों से फसल को बचाने के लिए किसान ने खेत के चारों ओर झटका मशीन का तार लगाया था। आरोप है कि तार में सीधे बिजली लाइन से करंट प्रवाहित किया गया था। बच्ची के संपर्क में आते ही करंट का तेज झटका लगा और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

घटना की सूचना मिलने पर भानपुरी पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। हादसे के बाद बच्ची के परिवार में मातम पसरा हुआ है।

पुलिस यह भी जांच कर रही है कि खेत में लगाए गए तार में बिजली कैसे प्रवाहित की गई और इसके लिए जिम्मेदार कौन है।

छत्तीसगढ़ में दशहरा-दीपावली और शीतकालीन छुट्टियों का ऐलान:पूरे सत्र में 15 दिन बंद रहेंगे स्कूल, देखिए पूरा शेड्यूल

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 रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए दशहरा, दीपावली और शीतकालीन अवकाश का कार्यक्रम जारी कर दिया है। शैक्षणिक सत्र 16 जून 2026 से 31 मार्च 2027 तक रहेगा। विभाग के आदेश के अनुसार, इन तीनों अवसरों पर विद्यार्थियों और शिक्षकों को कुल 15 दिनों का अवकाश मिलेगा।


यह अवकाश राज्य के शासकीय, अनुदान प्राप्त और गैर-अनुदान प्राप्त स्कूलों के साथ-साथ डीएड, बीएड और एमएड महाविद्यालयों में भी लागू होगा।

दशहरा पर 17 से 21 अक्टूबर तक छुट्टी
दशहरा पर्व के लिए 17 अक्टूबर से 21 अक्टूबर 2026 तक पांच दिनों का अवकाश निर्धारित किया गया है। इस दौरान स्कूलों में नियमित कक्षाएं संचालित नहीं होंगी।

दीपावली पर 6 से 10 नवंबर तक अवकाश
दीपावली के अवसर पर 6 नवंबर से 10 नवंबर 2026 तक पांच दिन स्कूल बंद रहेंगे। अवकाश के बाद निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार कक्षाएं दोबारा शुरू होंगी।

24 से 28 दिसंबर तक शीतकालीन अवकाश
शीतकालीन अवकाश 24 दिसंबर से 28 दिसंबर 2026 तक रहेगा। विद्यार्थियों और शिक्षकों को इस दौरान लगातार पांच दिनों की छुट्टी मिलेगी।

एक नजर में छुट्टियों का शेड्यूल

  • दशहरा: 17 से 21 अक्टूबर 2026 — 5 दिन
  • दीपावली: 6 से 10 नवंबर 2026 — 5 दिन
  • शीतकालीन अवकाश: 24 से 28 दिसंबर 2026 — 5 दिन

ब्लैक करेंसी स्कैम में 2 और आरोपी गिरफ्तार, अब तक 11 पुलिस गिरफ्त में

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 रायपुर। तेलीबांधा थाना क्षेत्र के करोड़ों रुपये की ठगी वाले Wash & Wash/Black Currency Scam मामले में पुलिस ने अंतर्राज्यीय गिरोह के दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पहले 9 आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब इस मामले में कुल 11 आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं।

एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और तेलीबांधा पुलिस की संयुक्त टीम लगातार मामले की जांच कर रही थी। पूर्व में गिरफ्तार 9 आरोपियों से पूछताछ के साथ उनके मोबाइल फोन और डिजिटल सामग्री का तकनीकी विश्लेषण किया गया। इसी आधार पर पुलिस को रामायण सिंह उर्फ अभिषेक सिंह और दीपक सिंह की कथित संलिप्तता और अन्य आरोपियों से संपर्क से जुड़ी अहम जानकारी मिली।

तकनीकी साक्ष्यों और निगरानी के आधार पर पुलिस ने दोनों आरोपियों के संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई और उन्हें लोकेट कर गिरफ्तार कर लिया। दोनों से मामले में उनकी भूमिका और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों के संबंध में पूछताछ की जा रही है।

पुलिस ने इस मामले में पहले गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से 4 करोड़ रुपये से अधिक नगद, 20 मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, नोट के आकार का काला पेपर, कांच की प्लेट्स, दस्तावेज और अन्य सामग्री जब्त की थी। जब्त सामान की कुल कीमत करीब 4 करोड़ 2 लाख रुपये बताई गई है।

गिरफ्तार नए आरोपियों की पहचान रामायण सिंह उर्फ अभिषेक सिंह (39) निवासी रुस्तम जी ग्लोबल सिटी, विरार वेस्ट, जिला पालघर, मुंबई और दीपक सिंह (46) निवासी रोज गार्डन बिल्डिंग, मीरा रोड, जिला पालघर, मुंबई के रूप में हुई है।

मामले में तेलीबांधा थाने में अपराध क्रमांक 330/26 के तहत धारा 318(4), 61(2) बीएनएस में अपराध दर्ज है। पुलिस के अनुसार, प्रकरण में शामिल अन्य लोगों और ठगी के नेटवर्क से जुड़े तथ्यों की भी जांच जारी है।

लिव-इन पार्टनर की हत्या, सेप्टिक टैंक में छिपाया शव; रक्षाबंधन पर नहीं पहुंची तो खुला राज

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 कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में लिव-इन पार्टनर की हत्या कर शव सेप्टिक टैंक में छिपाने का मामला सामने आया है। श्यांग थाना क्षेत्र के बरपाली गांव में हुई इस वारदात का खुलासा रक्षाबंधन पर महिला के मायके नहीं पहुंचने के बाद हुआ। पुलिस ने शव को सेप्टिक टैंक से बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं, घटना के बाद से फरार आरोपी की तलाश की जा रही है।


जानकारी के मुताबिक, 33 वर्षीय संतोषी आरोपी मनोज उरांव के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही थी। बताया जा रहा है कि मनोज नशे का आदी था। 27 अगस्त को दोनों के बीच विवाद हुआ और आरोपी ने संतोषी के साथ मारपीट की। इसी दौरान उसकी मौत हो गई।

महिला की मौत के बाद आरोपी ने शव को घर की बाड़ी में बने सेप्टिक टैंक में डालकर छिपा दिया। इसके बाद उसने संतोषी के भाइयों को गुमराह करने की कोशिश की। घटना के बाद से आरोपी मनोज उरांव फरार बताया जा रहा है।

रक्षाबंधन पर मायके नहीं पहुंची तो शुरू हुई तलाश

रक्षाबंधन के अवसर पर जब संतोषी अपने मायके नहीं पहुंची, तो उसके भाइयों को संदेह हुआ। उन्होंने उसकी तलाश शुरू की। इसी दौरान घर की बाड़ी में बने सेप्टिक टैंक का ढक्कन खुला मिला। आसपास बदबू आने पर उन्होंने टैंक की जांच की, जिसमें संतोषी का शव बरामद हुआ।

कार्यपालिक दंडाधिकारी की मौजूदगी में निकाला शव

शव मिलने की सूचना पुलिस को दी गई। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और कार्यपालिक दंडाधिकारी की मौजूदगी में सेप्टिक टैंक से शव बाहर निकलवाया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

पुलिस के अनुसार, आरोपी मनोज उरांव 5 सितंबर से फरार है। उसकी तलाश के लिए पुलिस टीम जुटी हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।

श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल, में “साक्ष्य आधारित स्तनपान प्रबंधन” प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित

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आरंग- 19 सितंबर को श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल, नवा रायपुर में नेशनल नियोनेटोलॉजी फोरम द्वारा साक्ष्य आधारित स्तनपान प्रबंधन विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण  में छत्तीसगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों से आए स्वास्थ्य कर्मियों एवं चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े प्रतिभागियों ने भाग लिया।

कार्यक्रम का उद्देश्य स्वास्थ्यकर्मियों को स्तनपान से संबंधित नवीनतम वैज्ञानिक एवं साक्ष्य आधारित जानकारी प्रदान करना तथा माताओं एवं नवजात शिशुओं को बेहतर स्तनपान सहायता एवं परामर्श उपलब्ध कराने के लिए उनकी क्षमता को और मजबूत करना था।प्रशिक्षण में देश के प्रतिष्ठित एवं अनुभवी राष्ट्रीय प्रशिक्षकों डॉ. ओमेश खुराना, डॉ. जयन्ती जे. एवं डॉ. सपना ठाकुर द्वारा प्रतिभागियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण के दौरान स्तनपान प्रबंधन, नवजात शिशुओं के लिए स्तनपान के महत्व तथा माताओं को प्रभावी स्तनपान सहायता प्रदान करने से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं पर व्यावहारिक एवं साक्ष्य आधारित जानकारी साझा की गई।

श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल को इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए चुना जाना विशेष महत्व रखता है। अस्पताल को  (BPNI) द्वारा “Breastfeeding Friendly Hospital” के रूप में मान्यता प्राप्त है। अस्पताल में माताओं एवं नवजात शिशुओं के हित में स्तनपान को बढ़ावा देने, उसकी सुरक्षा एवं समर्थन के लिए निर्धारित WHO के “10 Steps to Successful Breastfeeding”का पालन किया जाता है।

अस्पताल का उद्देश्य प्रत्येक नवजात को जीवन की सर्वोत्तम शुरुआत प्रदान करना तथा माताओं को स्तनपान के लिए आवश्यक वैज्ञानिक जानकारी, सहयोग एवं मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है। इसी दिशा में स्वास्थ्यकर्मियों के ज्ञान एवं कौशल को निरंतर सुदृढ़ करने के लिए इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के विभिन्न स्थानों से स्वास्थ्य क्षेत्र के प्रतिभागियों की सहभागिता रही। NNF द्वारा आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रदेश में *साक्ष्य आधारित स्तनपान प्रथाओं को मजबूत करने और मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रहा।

मुख्य द्वार पर किस भगवान की तस्वीर लगाना माना जाता है शुभ? जानिए वास्तु मान्यताएं

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 घर का मुख्य द्वार केवल प्रवेश का रास्ता नहीं, बल्कि वास्तु शास्त्र में इसे घर का महत्वपूर्ण हिस्सा माना गया है। वास्तु मान्यताओं के अनुसार मुख्य द्वार से सकारात्मक और नकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है। यही वजह है कि लोग मुख्य द्वार को सजाने के साथ यहां देवी-देवताओं की तस्वीर और विभिन्न शुभ चिह्न लगाते हैं। हालांकि, वास्तु मान्यताओं में हर देवी-देवता की तस्वीर को मुख्य द्वार पर लगाना उचित नहीं माना जाता।


गणेश जी की तस्वीर को माना जाता है शुभ

वास्तु मान्यताओं के अनुसार मुख्य द्वार पर भगवान गणेश की तस्वीर या प्रतिमा लगाना शुभ माना जाता है। भगवान गणेश को विघ्नहर्ता कहा जाता है और उनकी उपस्थिति को घर में सुख-शांति एवं सकारात्मकता से जोड़कर देखा जाता है।

मुख्य द्वार के लिए गणेश जी की बैठी हुई मुद्रा वाली तस्वीर को प्राथमिकता देने की मान्यता है। साथ ही तस्वीर लगाते समय इस बात का ध्यान रखने की सलाह दी जाती है कि गणेश जी की पीठ घर की ओर न हो।

धन-समृद्धि के लिए लक्ष्मी-कुबेर की तस्वीर

मुख्य द्वार पर धन और समृद्धि से जुड़े प्रतीक लगाने की इच्छा हो तो मां लक्ष्मी और भगवान कुबेर की तस्वीर लगाई जा सकती है। वास्तु मान्यताओं में इन दोनों को आर्थिक समृद्धि से जोड़कर देखा जाता है।

मां लक्ष्मी की तस्वीर लगाते समय भी उनके स्वरूप का ध्यान रखने की सलाह दी जाती है। मुख्य द्वार पर बैठी हुई लक्ष्मी जी की तस्वीर को शुभ माना जाता है, जबकि खड़ी हुई मुद्रा वाली तस्वीर लगाने से बचने की मान्यता है।

लक्ष्मी जी के पदचिह्न भी माने जाते हैं शुभ

मुख्य द्वार पर मां लक्ष्मी के पदचिह्न लगाना भी शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे घर में समृद्धि और सुख का आगमन होता है। इसके अलावा मुख्य द्वार पर स्वास्तिक और शुभ-लाभ जैसे मंगल चिह्न भी बनाए या लगाए जा सकते हैं।

किन तस्वीरों को लगाने से बचने की मान्यता है?

वास्तु मान्यताओं के अनुसार मुख्य द्वार पर भगवान शिव के रौद्र स्वरूप, शनिदेव या मां काली की तस्वीर लगाने से बचने की सलाह दी जाती है। धार्मिक तस्वीरों का चयन करते समय उनके स्वरूप के साथ-साथ उन्हें लगाने के स्थान का भी ध्यान रखने की मान्यता है।

तस्वीर के साथ साफ-सफाई भी जरूरी

मुख्य द्वार पर देवी-देवताओं की तस्वीर लगाने के साथ आसपास साफ-सफाई रखना भी जरूरी माना जाता है। तस्वीर के आसपास धूल-मिट्टी या गंदगी जमा नहीं होने देनी चाहिए। प्रवेश द्वार पर पर्याप्त रोशनी रखने की भी सलाह दी जाती है। तस्वीर के आसपास हल्की रोशनी के लिए छोटा बल्ब लगाया जा सकता है।

नोट: ये बातें वास्तु शास्त्र और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित हैं। इनके संबंध में अलग-अलग परंपराओं और वास्तु विशेषज्ञों के मत अलग हो सकते हैं।

नवा रायपुर में PGTI गोल्फ का रोमांच, खलीन जोशी ने जीता पहला Nava Raipur Open 2026

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नवा रायपुर- छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर में आयोजित SECL Presents Nava Raipur Open 2026 ने प्रदेश में प्रोफेशनल गोल्फ की बढ़ती पहचान को एक बार फिर सामने रखा। DP World Professional Golf Tour of India (PGTI) के इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट का आयोजन 15 से 18 सितंबर तक Fairway Golf & Lake Resort में किया गया। टूर्नामेंट में कुल 1 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि रखी गई थी। 

खलीन जोशी ने जीता खिताब

टूर्नामेंट का खिताब बेंगलुरु के 34 वर्षीय गोल्फर खलीन जोशी ने अपने नाम किया। उन्होंने चार राउंड में कुल 13-अंडर 123 का स्कोर दर्ज किया और एक स्ट्रोक के अंतर से जीत हासिल की। PGTI के अनुसार, यह 2026 सीजन में जोशी का तीसरा खिताब और उनके करियर का नौवां PGTI खिताब रहा। 

जोशी ने चार राउंड में क्रमशः 29, 30, 33 और 31 का स्कोर बनाया। अंतिम राउंड में उन्होंने बोगी-फ्री प्रदर्शन करते हुए तीन अंडर 31 का स्कोर किया। इस जीत के साथ उन्हें 15 लाख रुपये की पुरस्कार राशि मिली और DP World India Championship की रेस में उनकी रैंकिंग भी 12वें से बढ़कर सातवें स्थान पर पहुंच गई। 

बारिश ने बदला टूर्नामेंट का फॉर्मेट

इस टूर्नामेंट की सबसे खास बात इसका बदला हुआ फॉर्मेट रहा। लगातार बारिश और जलभराव के कारण गोल्फ कोर्स पर सामान्य 18-होल राउंड कराना संभव नहीं था। इसके चलते टूर्नामेंट कमेटी ने सभी चार राउंड को 9-9 होल तक सीमित कर दिया और मुकाबले बैक नाइन पर कराए गए।

इसके बावजूद खिलाड़ियों ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में शानदार प्रदर्शन किया। खलीन जोशी ने परिस्थितियों के अनुरूप अपने खेल को संभालते हुए लगातार बेहतर प्रदर्शन किया और अंततः खिताब अपने नाम किया।

एक स्ट्रोक के अंतर से रहा रोमांचक मुकाबला

फाइनल परिणाम में खलीन जोशी 13-अंडर 123 के साथ पहले स्थान पर रहे। उनके पीछे अनशुल पटेल, रौनिल कुकर और ओम प्रकाश चौहान 12-अंडर के स्कोर के साथ संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर रहे। इससे मुकाबले की कड़ी प्रतिस्पर्धा का अंदाजा लगाया जा सकता है।

नवा रायपुर में दूसरी बार PGTI आयोजन

नवा रायपुर में वर्ष 2026 में यह PGTI का दूसरा आयोजन था। टूर्नामेंट में 132 प्रोफेशनल गोल्फर, जिनमें 18 विदेशी खिलाड़ी भी शामिल थे, हिस्सा लेने वाले थे। आयोजन को छत्तीसगढ़ सरकार का समर्थन मिला और इसका उद्देश्य प्रदेश में गोल्फ के साथ-साथ खेल पर्यटन तथा स्थानीय पर्यटन, हॉस्पिटैलिटी और कारोबार की संभावनाओं को बढ़ावा देना भी रहा।

CM विष्णु देव साय और कपिल देव ने किया था उद्घाटन

Nava Raipur Open 2026 का उद्घाटन मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और DP World PGTI के अध्यक्ष एवं पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान कपिल देव ने किया था। उद्घाटन के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा था कि नवा रायपुर में ऐसे प्रोफेशनल गोल्फ टूर्नामेंट आयोजित होने से बाहरी खिलाड़ियों और दर्शकों का आगमन बढ़ सकता है तथा युवाओं को गोल्फ के प्रति प्रोत्साहित करने के साथ पर्यटन और स्थानीय व्यवसायों के लिए भी अवसर बन सकते हैं। 

खेल पर्यटन के लिहाज से नवा रायपुर के लिए महत्वपूर्ण आयोजन

नवा रायपुर में PGTI जैसे राष्ट्रीय स्तर के प्रोफेशनल टूर्नामेंट का आयोजन छत्तीसगढ़ के खेल इंफ्रास्ट्रक्चर और गोल्फ कोर्स को राष्ट्रीय गोल्फ सर्किट के मंच पर प्रदर्शित करता है। टूर्नामेंट के जरिए नवा रायपुर को एक संभावित स्पोर्ट्स और गोल्फ टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में भी प्रस्तुत किया गया है। 

कुल मिलाकर, Nava Raipur Open 2026 का समापन खलीन जोशी की जीत के साथ हुआ। लगातार बारिश के कारण टूर्नामेंट का फॉर्मेट भले ही असामान्य रहा, लेकिन खिलाड़ियों के प्रदर्शन और रोमांच ने प्रतियोगिता को खास बना दिया। नवा रायपुर में PGTI आयोजन की निरंतरता छत्तीसगढ़ में प्रोफेशनल गोल्फ और खेल पर्यटन को लेकर बढ़ती गतिविधियों को भी रेखांकित करती है।


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