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नक्सलवाद से प्रभावित रहे क्षेत्रों में शांति के साथ खुल रहे विकास और समृद्धि के नए द्वार: मुख्यमंत्री साय

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 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज कांकेर जिले के अंतागढ़ विकासखंड के ग्राम लामकन्हार स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 138वीं कड़ी का श्रवण किया। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के ‘हर घर मुनगा-घर-घर मुनगा’ अभियान का उल्लेख किए जाने पर मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय बताया।


मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी देश के अलग-अलग हिस्सों में जनभागीदारी से हो रहे सकारात्मक बदलावों और नवाचारों को ‘मन की बात’ के माध्यम से राष्ट्रीय मंच प्रदान करते हैं। छत्तीसगढ़ के प्रयासों का उनके द्वारा लगातार उल्लेख किया जाना प्रदेशवासियों के परिश्रम और सहभागिता का सम्मान है। इससे हमारे स्थानीय प्रयासों को नई पहचान मिलने के साथ ही बेहतर कार्य करने की प्रेरणा भी मिलती है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘हर घर मुनगा-घर-घर मुनगा’ अभियान कुपोषण के विरुद्ध छत्तीसगढ़ की लड़ाई को जनभागीदारी से और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। मुनगा सहज उपलब्ध होने के साथ पोषण का महत्वपूर्ण स्रोत है। इसके पत्ते, फल और फूल भोजन में उपयोग किए जाते हैं तथा इनमें आयरन सहित अनेक पोषक तत्व पाए जाते हैं। उन्होंने उपस्थित ग्रामीणों और विद्यार्थियों से अपने घरों में मुनगा का पौधा लगाने तथा इसके पोषण संबंधी लाभों के प्रति अन्य लोगों को भी जागरूक करने का आह्वान किया।

प्रधानमंत्री ने पोषण से लेकर स्वच्छता, पर्यावरण और ‘वोकल फॉर लोकल’ तक विभिन्न विषयों पर किया संवाद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ की 138वीं कड़ी में आतंकवाद के खिलाफ भारत की दृढ़ नीति, जनगणना में नागरिकों की भागीदारी, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, नशामुक्ति, खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन तथा ‘वोकल फॉर लोकल’ सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर देशवासियों से संवाद किया।

प्रधानमंत्री ने सितंबर माह को कुपोषण के विरुद्ध लड़ाई को समर्पित पोषण माह के रूप में रेखांकित करते हुए देश के विभिन्न हिस्सों में पोषण को लेकर किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख किया। इसी क्रम में उन्होंने छत्तीसगढ़ में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित ‘हर घर मुनगा-घर-घर मुनगा’ अभियान की चर्चा की। इस अभियान के माध्यम से लोगों को पौष्टिक मुनगा अर्थात मोरिंगा को दैनिक खान-पान का हिस्सा बनाने और इसके पौधे लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

छत्तीसगढ़ के नवाचारों की ‘मन की बात’ में लगातार हो रही चर्चा

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह प्रदेश के लिए गौरव का विषय है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ‘मन की बात’ में छत्तीसगढ़ के जनभागीदारी आधारित प्रयासों और नवाचारों को लगातार स्थान दे रहे हैं। इससे पहले बस्तर पंडुम, बस्तर ओलंपिक, मल्हार में प्राप्त ऐतिहासिक ताम्रपत्र और कोरिया जिले के ‘5 प्रतिशत जल संचय मॉडल’ जैसे प्रयासों की प्रधानमंत्री द्वारा सराहना की जा चुकी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरिया जिले का ‘5 प्रतिशत जल संचय मॉडल’ स्थानीय आवश्यकता और जनभागीदारी से निकला एक प्रभावी समाधान है। इसके अंतर्गत किसान अपने खेत के पांच प्रतिशत हिस्से में जल संचयन की व्यवस्था करते हैं। इससे आवश्यकता के समय फसलों की सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध होता है और भूजल स्तर बढ़ाने में भी सहायता मिलती है। ऐसे नवाचार बताते हैं कि स्थानीय स्तर पर जनभागीदारी से किए गए छोटे-छोटे प्रयास भी व्यापक बदलाव का आधार बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ‘मन की बात’ में ऐसे कार्यों को देश के सामने लाकर उनसे जुड़े लोगों का उत्साहवर्धन करते हैं। साथ ही देश के अन्य क्षेत्रों के लोगों को भी अपने गांव, शहर और समाज में सकारात्मक परिवर्तन के लिए आगे आने की प्रेरणा मिलती है।

नक्सलवाद के प्रभाव से निकलकर विकास की नई राह पर आगे बढ़ रहा क्षेत्र

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि बस्तर के साथ कांकेर का यह क्षेत्र भी लंबे समय तक नक्सलवाद से प्रभावित रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति, सुरक्षा बलों के जवानों के अदम्य साहस और स्थानीय जनता के सहयोग से छत्तीसगढ़ नक्सलवाद से मुक्ति की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में कभी भय और असुरक्षा का वातावरण था, वहां अब शांति, विश्वास और विकास की नई तस्वीर दिखाई दे रही है। शांति और सुरक्षा का वातावरण मजबूत होने के साथ दूरस्थ अंचलों में विकास के नए अवसर भी निर्मित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर अंचल दशकों तक विकास की मुख्यधारा से अपेक्षाकृत दूर रहा, लेकिन अब सरकार का संकल्प है कि विकास का लाभ अंतिम गांव और अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल, संचार, रोजगार और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तार तेजी से किया जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार से छत्तीसगढ़ को निरंतर सहयोग मिल रहा है। राज्य सरकार भी पूरी प्रतिबद्धता के साथ क्षेत्र में शांति के साथ समृद्धि और विकास को गति देने में जुटी है।

लामकन्हार के विकास के लिए 85 लाख रुपए की सौगात

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर ग्राम लामकन्हार में शिक्षा, अधोसंरचना और सामुदायिक सुविधाओं के विस्तार के लिए कुल 85 लाख रुपए के विभिन्न विकास कार्यों की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने लामकन्हार में शीतला मंदिर के पास सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 15 लाख रुपए, प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला भवन निर्माण के लिए 37 लाख रुपए, छोटे पारा में सीसी रोड निर्माण के लिए 18 लाख रुपए तथा एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय लामकन्हार में पुस्तकालय एवं प्रयोगशाला के लिए 15 लाख रुपए प्रदान करने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा तथा बुनियादी अधोसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। लामकन्हार में घोषित इन विकास कार्यों से ग्रामीणों के साथ ही विद्यार्थियों को भी बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।

‘एक पेड़ मां के नाम’ के तहत लगाया अमरूद का पौधा

‘मन की बात’ कार्यक्रम के पश्चात मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय परिसर में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत अमरूद का पौधा लगाया। उन्होंने उपस्थित लोगों से पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाने के साथ उनकी नियमित देखभाल और संरक्षण का भी आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण का संरक्षण सरकार के साथ समाज के प्रत्येक व्यक्ति की साझा जिम्मेदारी है। आज लगाया गया प्रत्येक पौधा आने वाली पीढि़यों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण की नींव मजबूत करेगा।

कार्यक्रम में स्कूली छात्र-छात्राओं और ग्रामीणों ने भी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम का श्रवण किया। इस अवसर पर सांसद  भोजराज नाग, अंतागढ़ विधायक  विक्रम उसेंडी सहित जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी-कर्मचारी, स्कूली छात्र-छात्राएं एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ में बारिश-बाढ़ से हालात गंभीर, करीब 5 हजार लोगों का रेस्क्यू; 16 लोगों को एयरलिफ्ट किया गया

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रायपुर- छत्तीसगढ़ में लगातार बारिश के चलते कई जिलों में बाढ़ और जलभराव की स्थिति बनी हुई है। नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ने से कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। प्रशासन और राहत-बचाव दल लगातार प्रभावित क्षेत्रों में अभियान चला रहे हैं।

ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, पिछले दो दिनों में प्रदेश में करीब 5,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया, जबकि गंभीर रूप से प्रभावित क्षेत्रों से 16 लोगों को एयरलिफ्ट किए जाने की जानकारी सामने आई है।

भारी बारिश के कारण कई ग्रामीण और निचले इलाकों में पानी भर गया है। कुछ स्थानों पर सड़क और परिवहन व्यवस्था भी प्रभावित हुई है। प्रशासन की टीमें लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ-साथ भोजन, पेयजल और अन्य जरूरी राहत सामग्री उपलब्ध कराने में जुटी हैं।

अधिकारियों ने लोगों से नदी-नालों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सावधानी बरतने और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के बीच आने वाले दिनों में भी बारिश की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

फिलहाल प्राथमिकता प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालने और राहत-बचाव कार्यों को तेज करने की है।

ईरान-अमेरिका तनाव के बीच कूटनीति पर जोर, हॉर्मुज जलडमरूमध्य खोलने पर गतिरोध

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तेहरान/वॉशिंगटन- ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के बीच हॉर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने और संघर्ष को रोकने के प्रयासों पर फिलहाल गतिरोध बना हुआ है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि मौजूदा संकट का समाधान कूटनीतिक और बातचीत के जरिए ही निकाला जा सकता है।

ईरान ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए कुछ शर्तें रखी हैं। अराघची के अनुसार, इन शर्तों के पूरा होने के बाद ही जलडमरूमध्य को खोलने की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है। तेहरान का कहना है कि वह अमेरिकी प्रस्ताव पर मध्यस्थों के माध्यम से औपचारिक जवाब का इंतजार कर रहा है।

वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की ओर से रखे गए सात-दिवसीय प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया है। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच समझौते की संभावनाओं को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।

हॉर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। ऐसे में इसके आसपास बना तनाव केवल क्षेत्रीय सुरक्षा ही नहीं, बल्कि तेल आपूर्ति और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी असर डाल सकता है।

फिलहाल ईरान बातचीत के रास्ते को जारी रखने की बात कह रहा है, जबकि हॉर्मुज को फिर से खोलने और संघर्ष समाप्त करने की शर्तों पर दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन पाई है।

राजनाथ सिंह बोले- भविष्य की जंग तकनीक आधारित होगी, AI और ड्रोन पर भारत का फोकस

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नई दिल्ली- रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को कहा कि भारत भविष्य की युद्ध परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अगले 10, 20 और 25 वर्षों के लिए अपनी रक्षा क्षमताओं को विकसित कर रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में युद्ध का स्वरूप तेजी से तकनीक आधारित होगा और देश को उसी के अनुरूप तैयार रहना होगा।

NDTV Defence Summit 2026 में बोलते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि भविष्य का युद्ध मल्टी-डोमेन होगा, जिसमें जमीन, हवा और समुद्र के साथ-साथ स्पेस, साइबर, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और ऑटोनॉमस सिस्टम की भी महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत का लक्ष्य केवल मौजूदा जरूरतों के लिए हथियार तैयार करना नहीं, बल्कि भविष्य की चुनौतियों के लिए फ्यूचर-रेडी और आत्मनिर्भर रक्षा व्यवस्था तैयार करना है। उन्होंने देश में विकसित तकनीक और स्वदेशी रक्षा उत्पादन पर जोर देते हुए कहा कि भारत को वह तकनीक खुद विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए, जिसकी भविष्य में आवश्यकता होगी।

उन्होंने विशेष रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ड्रोन, रोबोटिक्स, क्वांटम टेक्नोलॉजी, साइबर सिक्योरिटी और ऑटोनॉमस सिस्टम में भारतीय युवाओं और रक्षा क्षेत्र की बढ़ती भूमिका का उल्लेख किया।

रक्षा मंत्री के अनुसार, भविष्य के युद्धक्षेत्र में तकनीकी बढ़त महत्वपूर्ण होगी और भारत इसी को ध्यान में रखते हुए अपनी रक्षा रणनीति और क्षमताओं को विकसित कर रहा है।

रविवार को भी खुली बैंक शाखाएं, हड़ताल से पहले ग्राहकों को राहत

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नई दिल्ली- देश के कई हिस्सों में रविवार, 27 सितंबर को भी बैंक शाखाएं खुली हैं। आगामी बैंक हड़ताल के मद्देनजर ग्राहकों को बैंकिंग सेवाओं में होने वाली संभावित परेशानी से राहत देने के लिए यह व्यवस्था की गई है।


रविवार को बैंक खुले रहने से ग्राहकों को नकद जमा-निकासी, चेक संबंधी काम और अन्य शाखा-आधारित बैंकिंग सेवाओं के लिए अतिरिक्त अवसर मिला है। हालांकि, सभी शाखाओं में उपलब्ध सेवाएं और कामकाज का समय संबंधित बैंक के निर्देशों के अनुसार अलग-अलग हो सकता है।

ग्राहकों को सलाह दी गई है कि बैंक जाने से पहले अपनी संबंधित शाखा के कार्य समय और उपलब्ध सेवाओं की पुष्टि कर लें।

बैंकिंग सेवाओं को लेकर आने वाले दिनों में प्रस्तावित हड़ताल का असर पड़ने की संभावना के बीच रविवार को शाखाएं खुलने का यह निर्णय ग्राहकों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

केरल GST अधिकारी के ठिकानों पर विजिलेंस की छापेमारी, ₹14.10 लाख नकद और 788 अमेरिकी डॉलर बरामद

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केरल- कथित आय से अधिक संपत्ति के मामले की जांच के सिलसिले में केरल विजिलेंस एवं एंटी-करप्शन ब्यूरो ने एक GST अधिकारी से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने ₹14.10 लाख नकद और 788 अमेरिकी डॉलर बरामद किए।

विजिलेंस अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई अधिकारी की कथित आय और संपत्ति के बीच संभावित असंगति की जांच के तहत की गई। छापेमारी के दौरान मिले नकद और विदेशी मुद्रा को जांच का हिस्सा बनाया गया है।

अधिकारियों द्वारा संपत्ति, बैंक खातों और अन्य वित्तीय लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। हालांकि, बरामदगी अपने आप में किसी अपराध का अंतिम प्रमाण नहीं है और मामले में आगे की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।

विजिलेंस विभाग मामले में अधिकारी की आय के ज्ञात स्रोतों और बरामद संपत्ति के बीच संबंधों की जांच कर रहा है।

धमतरी के लॉज में 22 वर्षीय युवती का शव, पुलिस जांच में जुटी

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 धमतरी। शहर के एक लॉज के कमरे में 22 वर्षीय युवती का शव मिलने से सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस और एफएसएल की टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। मृतका की पहचान कवर्धा निवासी पिंकी मानिकपुर के रूप में हुई है।


मामला कोतवाली थाना क्षेत्र के सीजी-05 रेस्टोरेंट-लॉज का है। जानकारी के अनुसार पिंकी 24 सितंबर से लॉज में ठहरी हुई थी। रविवार सुबह कमरे में उसका शव मिलने की सूचना पुलिस को मिली। इसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की।

पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। युवती की मौत किन परिस्थितियों में हुई, फिलहाल इसका पता नहीं चल पाया है। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। रिपोर्ट आने के बाद मौत की वजह स्पष्ट होने की संभावना है।

पुलिस लॉज के कर्मचारियों से पूछताछ करने के साथ ही युवती के वहां पहुंचने और उसके संपर्क में रहे लोगों की जानकारी जुटा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि युवती कमरे में अकेली ठहरी थी या उसके साथ कोई अन्य व्यक्ति भी मौजूद था।

घटना की जानकारी परिजनों को दे दी गई है और वे धमतरी पहुंच गए हैं। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

सुखदेव भगत के दौरे पर CM साय का तंज, बोले- कांग्रेस ने खोया जनता का विश्वास

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 रायपुर। कांग्रेस के नवनियुक्त छत्तीसगढ़ प्रदेश प्रभारी सुखदेव भगत के पहले छत्तीसगढ़ दौरे को लेकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ की जनता का विश्वास खो दिया है और अब पार्टी चाहे जितने प्रयास कर ले, जनता का भरोसा दोबारा हासिल करना मुश्किल होगा।


मुख्यमंत्री साय ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वर्ष 2018 से 2023 तक प्रदेश की जनता ने कांग्रेस को जनादेश दिया था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अपने जनघोषणा पत्र में कई वादे किए थे, लेकिन पांच साल के कार्यकाल में पार्टी अपने वादों को पूरा नहीं कर सकी।

कांग्रेस पर लगाए भ्रष्टाचार और अपराध के आरोप

सीएम साय ने कांग्रेस सरकार के कार्यकाल पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में छत्तीसगढ़ में अपराध और भ्रष्टाचार बढ़ा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस से जुड़े कई लोग आज भी जेल में हैं।

मुख्यमंत्री के ये बयान कांग्रेस की कार्यप्रणाली और उसके पिछले कार्यकाल को लेकर उनके राजनीतिक आरोप हैं। कांग्रेस की ओर से इन आरोपों पर प्रतिक्रिया आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।

साक्षरता मिशन के प्रमाण-पत्रों पर सवाल: क्या सिर्फ हस्ताक्षर कर पाना ही साक्षरता है?

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परीक्षा, प्रमाण-पत्र और वास्तविक साक्षरता के बीच बढ़ता अंतर

“क्या सिर्फ अपना नाम लिख और हस्ताक्षर कर पाना ही साक्षर होने की पहचान है?”

“बिना नियमित पढ़ाई के केवल परीक्षा में बैठने से क्या साक्षर भारत का लक्ष्य पूरा हो जाएगा?”

“क्या अभिभावक और ग्रामीण साक्षर होने के वास्तविक फायदे जानना नहीं चाहते?”

साक्षरता मिशन और साक्षर भारत कार्यक्रम को लेकर महासमुंद जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में कई सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों, अभिभावकों और शिक्षकों से जुड़े लोगों का कहना है कि कार्यक्रम का मूल उद्देश्य यदि बुनियादी पढ़ना-लिखना और संख्या ज्ञान विकसित करना है, तो केवल परीक्षा आयोजित कर प्रमाण-पत्र जारी करने के बजाय वास्तविक शिक्षा पर अधिक ध्यान दिया जाना चाहिए।


ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित होने वाली साक्षरता परीक्षाओं को लेकर यह भी शिकायत सामने आ रही है कि बुजुर्गों, महिलाओं और अन्य वयस्कों को परीक्षा केन्द्रों तक लाने का दबाव बनाया जाता है। कुछ ग्रामीणों का दावा है कि जिन लोगों ने परीक्षा में शामिल नहीं होने की इच्छा लिखित रूप से व्यक्त की है, उन्हें भी विभिन्न सरकारी सुविधाओं से नाम कटने अथवा नुकसान होने की बात कहकर परीक्षा में बैठने के लिए दबाव डाला जाता है। इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से जांच और संबंधित विभाग से स्पष्ट स्थिति सामने आना आवश्यक है।

प्रश्न पत्र कौन बनाता है और तैयारी कितनी होती है?

कार्यक्रम से जुड़े एक अन्य महत्वपूर्ण सवाल का संबंध परीक्षा की तैयारी से है। आरोप है कि कई स्थानों पर परीक्षा की तैयारी के लिए वयस्क परीक्षार्थियों को वर्षभर नियमित रूप से पढ़ाने के बजाय परीक्षा के समय औपचारिक तैयारी कराई जाती है। यहां तक कि प्रश्न-पत्र तैयार करने और परीक्षा की प्रक्रिया में बच्चों तथा शिक्षकों की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।

यदि वास्तव में ऐसा हो रहा है, तो यह जांच का विषय है कि परीक्षा की निष्पक्षता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए निर्धारित व्यवस्था क्या है और उसका पालन किस स्तर तक किया जा रहा है।

शिक्षक ने भी स्वीकार की कई व्यावहारिक समस्याएं

महासमुंद के कोकड़ी स्थित सरकारी स्कूल में चेतना विकास मूल्य शिक्षा संचालित अभिभावक विद्यालय से जुड़े शिक्षक श्री गेंदलाल कोकडिया से संवाद में उन्होंने बताया कि साक्षरता कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को बुनियादी पढ़ना-लिखना तथा संख्या ज्ञान प्रदान करना है।

उनके अनुसार, साक्षरता परीक्षा में शामिल होने वाले लोगों को पढ़ाने के लिए सरकार की ओर से अनुदेशक नियुक्त किए जाते हैं। कई स्थानों पर 10वीं और 12वीं कक्षा के विद्यार्थी भी पढ़ाने में सहयोग करते हैं।

हालांकि, उनके अनुसार जमीनी स्तर पर कई व्यावहारिक कठिनाइयां हैं। अनुदेशकों को मिलने वाला मानदेय कम होना, विद्यार्थियों की अपनी पढ़ाई एवं अन्य व्यस्तताएं तथा परीक्षार्थियों द्वारा बुनियादी साक्षरता के महत्व को पर्याप्त रूप से न समझ पाना—इन कारणों से वर्षभर नियमित पढ़ाई नहीं हो पाती।

नतीजा यह होता है कि कुछ लोग परीक्षा के समय केन्द्र तक तो पहुंच जाते हैं, लेकिन परीक्षा के बाद भी वे स्वतंत्र रूप से पढ़ने, लिखने और सामान्य संख्यात्मक जानकारी का उपयोग करने में सक्षम नहीं हो पाते।

साक्षर गांव घोषित होने के बाद फिर परीक्षा केन्द्र क्यों?

कोकडिया के अनुसार, पिछले वर्ष कोकड़ी गांव को सरपंच, पंच, सचिव, साक्षरता विभाग सहित संबंधित लोगों की प्रक्रिया के माध्यम से साक्षर गांव घोषित किया गया था। इसके बावजूद बाद में उसी तरह के क्षेत्रों में फिर से परीक्षा केन्द्र बनाए जाने और बार-बार परीक्षा प्रक्रिया दोहराए जाने को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।

यदि किसी गांव को साक्षर घोषित किया गया है, तो उसके बाद वहां के लोगों की वास्तविक साक्षरता का मूल्यांकन किस आधार पर किया गया? क्या साक्षरता का अर्थ केवल हस्ताक्षर कर पाना है या व्यक्ति को किसी सामान्य वाक्य को पढ़ने, समझने, लिखने और रोजमर्रा की गणना करने में भी सक्षम होना चाहिए?

इन सवालों का स्पष्ट उत्तर जरूरी है।

रविवार की परीक्षा से शिक्षक और परीक्षार्थी भी परेशान

बार-बार परीक्षा आयोजित किए जाने और रविवार को परीक्षा केन्द्रों पर शिक्षकों की ड्यूटी लगाए जाने से शिक्षकों की परेशानियां भी सामने आ रही हैं। दूसरी ओर, रोजमर्रा के कामकाज पर निर्भर ग्रामीणों के लिए परीक्षा में शामिल होने के कारण काम प्रभावित होने की समस्या भी बताई जा रही है।

ऐसे में यह जरूरी है कि साक्षरता कार्यक्रम की सफलता केवल कितने लोगों ने परीक्षा दी और कितने प्रमाण-पत्र जारी हुए, इस आंकड़े से तय न की जाए। असली सफलता इस बात से तय होनी चाहिए कि कितने लोग वास्तव में पढ़ना, लिखना और बुनियादी गणना करना सीख पाए।

सिर्फ प्रमाण-पत्र नहीं, वास्तविक साक्षरता चाहिए

साक्षरता मिशन का उद्देश्य यदि लोगों को आत्मनिर्भर बनाना है, तो केवल परीक्षा में बैठाना पर्याप्त नहीं है। ग्रामीणों को नियमित रूप से पढ़ाने की व्यवस्था, पर्याप्त मानदेय पर प्रशिक्षित अनुदेशक, समयानुकूल कक्षाएं और सीखने के बाद वास्तविक मूल्यांकन आवश्यक है।

साक्षरता का अर्थ केवल अपना नाम लिखना या हस्ताक्षर करना नहीं, बल्कि किसी लिखी हुई बात को पढ़कर समझ पाना, अपनी बात लिख पाना और रोजमर्रा के जीवन में बुनियादी संख्या ज्ञान का उपयोग कर पाना है।

इसलिए मांग यह होनी चाहिए कि—

  • जो व्यक्ति वास्तव में पढ़ना-लिखना और बुनियादी संख्या ज्ञान जानता है, उसी को परीक्षा में सफल घोषित किया जाए।

  • परीक्षा और प्रमाण-पत्र की प्रक्रिया पारदर्शी एवं निष्पक्ष हो।

  • अनुदेशकों को उचित मानदेय दिया जाए।

  • ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित, आवश्यकता के अनुसार रात्रिकालीन अथवा सुविधाजनक समय पर कक्षाएं संचालित की जाएं।

  • परीक्षा से पहले नहीं, बल्कि पूरे वर्ष नियमित पढ़ाई कराई जाए।

  • प्रमाण-पत्र जारी करने से पहले वास्तविक बुनियादी साक्षरता का परीक्षण किया जाए।

  • जिन गांवों को साक्षर घोषित किया जा चुका है, वहां दोबारा परीक्षा की आवश्यकता और उसके आधार को सार्वजनिक किया जाए।

  • किसी भी ग्रामीण को सरकारी योजनाओं, राशन कार्ड, मतदाता पहचान-पत्र या अन्य सुविधाओं से नाम काटने का भय दिखाकर परीक्षा में शामिल करने के आरोपों की निष्पक्ष जांच की जाए।

सवाल अब भी कायम है

क्या साक्षर भारत का लक्ष्य केवल परीक्षा केन्द्रों में उपस्थिति, उत्तर पुस्तिका और प्रमाण-पत्र तक सीमित रहेगा, या वास्तव में ग्रामीणों को पढ़ना-लिखना सिखाने की दिशा में ठोस काम होगा?

सरकार और संबंधित विभाग को इन सवालों का स्पष्ट जवाब देना चाहिए। क्योंकि साक्षरता का प्रमाण-पत्र तभी सार्थक है, जब उसके पीछे वास्तविक ज्ञान और आत्मनिर्भरता हो।

सिर्फ कागज पर साक्षर गांव नहीं, वास्तव में पढ़ने-लिखने में सक्षम गांव चाहिए।

महानदी उफान पर, शिवरीनारायण का जांजगीर से संपर्क टूटा

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 जांजगीर-चांपा। जिले में पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश के चलते नदी-नाले उफान पर हैं। शिवरीनारायण क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। नगर के शबरी पुल के ऊपर करीब छह फीट पानी बहने से जांजगीर और शिवरीनारायण के बीच संपर्क टूट गया है।


महानदी का जलस्तर बढ़ने से नदी का पानी तटों को पार कर बिलासपुर रोड और केरा रोड तक पहुंच गया है। इसके चलते निचले इलाकों में पानी भर गया है। कई बस्तियों में जलभराव की स्थिति बनने के बाद लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

वार्ड एक के लोगों को सांस्कृतिक भवन में ठहराया

वार्ड नंबर एक में पानी भरने के बाद प्रभावित लोगों को सांस्कृतिक भवन में ठहराया गया है। वहीं, मेला ग्राउंड में भी बाढ़ का पानी पहुंच गया है। जलभराव के कारण स्थानीय लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है और कई लोग नाव के जरिए एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंच रहे हैं।

SDRF की टीम तैनात

बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया है। फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए SDRF की टीम तैनात की गई है। इसके साथ ही बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए अलग-अलग स्थानों पर भोजन, पेयजल और ठहरने की व्यवस्था की गई है।

प्रशासन की टीम लगातार प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर नजर रख रही है और जरूरत के अनुसार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।

राजधानी में खूनी रात, एक ही परिवार के तीन लोगों की हत्या

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 रायपुर। राजधानी रायपुर के माना थाना क्षेत्र के डूमरतराई स्थित साहू पारा में रविवार सुबह एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत से सनसनी फैल गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, परिवार के एक व्यक्ति ने कथित तौर पर अपनी पत्नी और दो बच्चों पर चाकू से हमला कर दिया। हमले में तीनों की मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी ने खुद को भी घायल कर लिया, जिसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है।


मृतकों की पहचान खिलेश्वरी साहू, आशीष साहू (10) और ज्ञान साहू (8) के रूप में हुई है। वहीं आरोपी की पहचान भुनेश्वर साहू के रूप में बताई गई है।

विवाद के बाद वारदात की आशंका

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, रविवार सुबह डूमरतराई के साहू पारा स्थित घर में किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। इसी दौरान आरोपी ने कथित तौर पर पत्नी और दोनों बच्चों पर चाकू से हमला कर दिया। इसके बाद उसने खुद को भी घायल कर लिया।

घटना की सूचना मिलते ही माना थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल की जांच शुरू कर दी है और जरूरी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।

घटना की वजह स्पष्ट नहीं

फिलहाल वारदात के पीछे की वास्तविक वजह पूरी तरह स्पष्ट नहीं हुई है। पुलिस परिवार के सदस्यों और आसपास के लोगों से पूछताछ कर घटनाक्रम की जानकारी जुटा रही है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही घटना के कारण और पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है। पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।

छात्रा की रेप की खबर पर भड़के छात्र, देर रात यूनिवर्सिटी में तोड़फोड़

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 फगवाड़ा। पंजाब के फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में छात्रा से कथित रेप की सूचना को लेकर छात्रों का विरोध प्रदर्शन तेज हो गया। सोशल मीडिया पर छात्रा से कथित दुष्कर्म से जुड़ा एक मैसेज वायरल होने के बाद बड़ी संख्या में छात्र देर रात यूनिवर्सिटी परिसर में जुट गए। देखते ही देखते प्रदर्शन उग्र हो गया और परिसर में तोड़फोड़ की गई।


हालांकि, पुलिस ने अभी तक छात्रा से रेप की किसी घटना की पुष्टि नहीं की है। पुलिस वायरल मैसेज की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि यह मैसेज कहां से आया और उसमें किए गए दावे की सच्चाई क्या है।

रात करीब 2 बजे जुटे छात्र

बताया जा रहा है कि रात करीब 2 बजे बड़ी संख्या में छात्र यूनिवर्सिटी परिसर में जमा हुए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन की शुरुआत गर्ल्स हॉस्टल के आसपास से होने की बात सामने आई है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए मैसेज में दावा किया गया था कि किसी बाहरी व्यक्ति ने एक छात्रा के साथ कथित तौर पर दुष्कर्म किया है।

मैसेज के वायरल होने के बाद छात्रों में आक्रोश फैल गया और प्रदर्शन ने उग्र रूप ले लिया। इस दौरान यूनिवर्सिटी परिसर में तोड़फोड़ और आगजनी की सूचना सामने आई।

यूनिवर्सिटी गेट पर भी तोड़फोड़

हंगामा बढ़ने के बाद प्रदर्शनकारी छात्र यूनिवर्सिटी के मुख्य गेट के बाहर पहुंच गए। यहां भी तोड़फोड़ की गई। इसके बाद छात्रों ने चंडीगढ़-अमृतसर राष्ट्रीय राजमार्ग पर पहुंचकर धरना दिया और सड़क को बंद कर दिया। इससे हाईवे पर यातायात प्रभावित हुआ।

मौके पर पहुंची पुलिस

हंगामे की सूचना मिलने के बाद कपूरथला के एसपी गौरव तूर समेत पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने छात्रों से बातचीत कर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया।

पुलिस के सामने फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती सोशल मीडिया पर वायरल हुए मैसेज की सत्यता का पता लगाना है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कथित घटना वास्तव में हुई है या वायरल संदेश के आधार पर विवाद और प्रदर्शन शुरू हुआ।

पुलिस ने नहीं की रेप की पुष्टि

पुलिस के अनुसार, अभी तक छात्रा से रेप की घटना की पुष्टि नहीं हुई है। मामले की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

फिलहाल यूनिवर्सिटी परिसर में हुए हंगामे, तोड़फोड़ और हाईवे जाम को लेकर भी पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

Pitru Paksha 2026: प्रतिपदा श्राद्ध आज, जानें कुतुप, रौहिण और अपराह्न मुहूर्त का समय

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 Pitru Paksha 2026 :  हिंदू धर्म में पितृ पक्ष को पूर्वजों के प्रति श्रद्धा, कृतज्ञता और तर्पण अर्पित करने का विशेष समय माना जाता है। पितृ पक्ष के दौरान परिवार के दिवंगत सदस्यों के निमित्त श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान करने की परंपरा है। पंचांग के अनुसार, वर्ष 2026 में 26 सितंबर, शनिवार को पूर्णिमा श्राद्ध के साथ पितृ पक्ष का आरंभ हुआ। इसके बाद 27 सितंबर, रविवार को प्रतिपदा श्राद्ध किया जा रहा है।


श्राद्ध कर्म में समय का भी विशेष महत्व माना जाता है। धार्मिक परंपरा के अनुसार, पितृ पक्ष के पार्वण श्राद्ध के लिए कुतुप, रौहिण और अपराह्न काल को महत्वपूर्ण माना गया है।

प्रतिपदा श्राद्ध पर कुतुप, रौहिण और अपराह्न मुहूर्त

27 सितंबर को प्रतिपदा श्राद्ध के दिन श्राद्ध कर्म के लिए तीन प्रमुख समय बताए गए हैं।

कुतुप मुहूर्त: सुबह 11:48 बजे से दोपहर 12:36 बजे तक रहेगा। इसकी अवधि 48 मिनट है। इस दौरान श्राद्ध से जुड़े प्रमुख कर्म करना शुभ माना जाता है।

रौहिण मुहूर्त: दोपहर 12:36 बजे से 1:24 बजे तक रहेगा। इसकी अवधि भी 48 मिनट है। पितृ कर्म के लिए इस समय को महत्वपूर्ण माना जाता है।

अपराह्न काल: दोपहर 1:24 बजे से 3:48 बजे तक रहेगा। इसकी कुल अवधि 2 घंटे 24 मिनट है। धार्मिक परंपरा के अनुसार कुतुप और रौहिण मुहूर्त के अलावा अपराह्न काल में भी श्राद्ध कर्म किया जा सकता है।

क्या है कुतुप मुहूर्त?

कुतुप मुहूर्त को पितृ कर्म के लिए विशेष समय माना जाता है। यह सामान्यतः दोपहर के आसपास पड़ता है और करीब 48 मिनट का होता है। पितृ पक्ष के पार्वण श्राद्ध में इस अवधि में श्राद्ध से जुड़े प्रमुख कर्म किए जाते हैं।

रौहिण मुहूर्त का महत्व

कुतुप मुहूर्त के बाद रौहिण मुहूर्त आता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पितृ पक्ष में किए जाने वाले पार्वण श्राद्ध में कुतुप और रौहिण मुहूर्त का विशेष महत्व है। इसके बाद अपराह्न काल में भी श्राद्ध कर्म संपन्न किया जा सकता है।

अपराह्न काल में किया जाता है श्राद्ध कर्म

अपराह्न यानी दोपहर के बाद का समय भी श्राद्ध कर्म के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। पंचांग परंपरा के अनुसार, कुतुप और रौहिण मुहूर्त के साथ अपराह्न काल की समाप्ति तक पार्वण श्राद्ध की प्रक्रिया पूरी की जाती है। श्राद्ध कर्म के अंत में पितरों के निमित्त तर्पण किया जाता है।

प्रतिपदा श्राद्ध किसके लिए किया जाता है?

प्रतिपदा श्राद्ध उन दिवंगत परिजनों के लिए किया जाता है, जिनका निधन प्रतिपदा तिथि को हुआ हो। यह नियम शुक्ल और कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि के लिए माना जाता है।

कुछ धार्मिक परंपराओं में प्रतिपदा तिथि को नाना-नानी के श्राद्ध के लिए भी उपयुक्त माना गया है, विशेषकर ऐसी स्थिति में जब उनकी मृत्यु की तिथि ज्ञात न हो। इस दिन पितरों के निमित्त श्रद्धापूर्वक तर्पण, पिंडदान और श्राद्ध कर्म करने की परंपरा है।

पितृ पक्ष 2026 की अगली प्रमुख तिथियां

  • 27 सितंबर: प्रतिपदा श्राद्ध
  • 28 सितंबर: द्वितीया श्राद्ध
  • 29 सितंबर: तृतीया श्राद्ध एवं महाभरणी श्राद्ध
  • 30 सितंबर: चतुर्थी एवं पंचमी श्राद्ध
  • 1 अक्टूबर: षष्ठी श्राद्ध
  • 2 अक्टूबर: सप्तमी श्राद्ध
  • 3 अक्टूबर: अष्टमी श्राद्ध
  • 4 अक्टूबर: नवमी/मातृ नवमी
  • 10 अक्टूबर: सर्वपितृ अमावस्या

नोट: मुहूर्त स्थानीय सूर्योदय और पंचांग गणना के आधार पर स्थान के अनुसार कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकते हैं। धार्मिक कर्मकांड के लिए स्थानीय पंचांग को प्राथमिकता देना उचित है।

आज की न्यूज़ बुलेटिन — 27 सितंबर 2026, रविवार

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नमस्कार! स्वागत है आपके आज के न्यूज़ बुलेटिन में।

सुबह की शुरुआत करें देश-दुनिया की बड़ी, जरूरी और ताजा खबरों के साथ। राजनीति से लेकर बाजार, मौसम, खेल, टेक्नोलॉजी और मनोरंजन तक—जानिए आज क्या है खास।

भारत

  • भारत–पाकिस्तान तनाव: UN General Assembly में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सिंधु जल के मुद्दे को उठाया। भारत की ओर से विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पाकिस्तान के आरोपों का जवाब दिया। 

  • चुनाव आयोग और SIR: मतदाता सूची के Special Intensive Revision (SIR) को लेकर राजनीतिक विवाद जारी है। चुनाव आयोग ने प्रक्रिया और ECINET से जुड़े कुछ स्पष्टीकरण/फैसले जारी किए हैं। 

  • जम्मू-कश्मीर: विधानसभा में पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग से जुड़ी राजनीतिक गतिविधि जारी रही। 

  • राष्ट्रीय सुरक्षा: हिमाचल IED ब्लास्ट मामले में NIA ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया। 

अर्थव्यवस्था & बिजनेस

  • भारत–अमेरिका व्यापार समझौता: अमेरिकी अधिकारी के अनुसार प्रस्तावित India-US trade deal पर बातचीत काफी आगे बढ़ चुकी है और 90% से अधिक काम पूरा होने का दावा किया गया है। 

  • सरकारी उधारी: केंद्र ने FY27 के बाजार उधारी लक्ष्य को ₹15.99 लाख करोड़ किया है और लंबी अवधि की debt maturity पर जोर दिया है। 

  • RBI: निर्यात आय की repatriation से संबंधित पहले दी गई एक छूट वापस ली गई है। 

रक्षा

  • Exercise Yudh Abhyas 2026: भारत-अमेरिका संयुक्त सैन्य अभ्यास में भारतीय सेना ने SkyStriker kamikaze drones का परीक्षण किया, जिससे autonomous/drone warfare capabilities पर फोकस सामने आया।

दुनिया

  • UN General Assembly: न्यूयॉर्क में UNGA के दौरान Middle East और Ukraine युद्ध, AI governance और वैश्विक सुरक्षा प्रमुख मुद्दों में बने हुए हैं।

  • ईरान–अमेरिका तनाव: ईरान को लेकर अमेरिका की कड़ी बयानबाजी और संभावित वार्ता की कोशिशें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण बनी हुई हैं। 

  • यूक्रेन युद्ध: युद्ध और उससे जुड़े ऊर्जा तथा खाद्य आपूर्ति के वैश्विक प्रभाव UN चर्चाओं के प्रमुख विषय हैं। 

मौसम

  • उत्तर भारत में भारी बारिश: Uttarakhand, Uttar Pradesh और Madhya Pradesh के कई हिस्सों में बारिश की चेतावनी है। उत्तराखंड में 26–27 सितंबर को भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया था। 

  • UP के कुछ जिलों में भारी बारिश के कारण स्कूल बंद किए गए और flash-flood risk को लेकर प्रशासन सतर्क है। 

खेल

  • Asian Games 2026: भारत ने महिला और पुरुष—दोनों कबड्डी स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक हासिल किए हैं।

  • क्रिकेट: आज भारत और वेस्टइंडीज के बीच पहला ODI निर्धारित है; मैच तिरुवनंतपुरम में है। 

विज्ञान/टेक

  • AI governance इस सप्ताह UN के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मुद्दों में है। AI के तेज विकास, regulation और वैश्विक governance को लेकर देशों के बीच चर्चा जारी है। 

 CG Special 

  • महासमुंद में मानव तस्करी/बंधुआ मजदूरी नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई: पुलिस ने 10 ठिकानों पर छापेमारी कर 5 लोगों को गिरफ्तार किया और ₹1.48 करोड़ से अधिक नकद जब्त किया। पुलिस के अनुसार नेटवर्क के तार दूसरे राज्यों तक जुड़े होने की जांच चल रही है।  
  • महासमुंद में महानदी का जलस्तर बढ़ा: लगातार बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है; बम्हनी क्षेत्र में पानी भरने की खबर है और दो सुरक्षाकर्मियों के रेस्क्यू की सूचना है।
  • CG में भारी बारिश: प्रदेश में बारिश का दौर जारी है और कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। 30 सितंबर तक बारिश की गतिविधियां बने रहने का पूर्वानुमान बताया गया है।
  • सुकमा में बिजली व्यवस्था प्रभावित: बाढ़ के पानी में बिजली के खंभे डूबने की खबर है, जिससे विद्युत कर्मचारियों को चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में काम करना पड़ रहा है।
  • रेल कनेक्टिविटी: रावघाट तक रेलवे लाइन पहुंच गई है; 95 किमी परियोजना के अंतिम 17.5 किमी हिस्से का काम पूरा होने की स्थानीय रिपोर्ट है।
  • कबड्डी: Asian Games में भारत के कबड्डी स्वर्ण के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने CG की खिलाड़ी संजू को बधाई दी। 

गणेश विसर्जन के दौरान खूनी विवाद, तीन युवकों पर चाकू से हमला; जूना बिलासपुर में भी मारपीट से मचा हंगामा

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बिलासपुर- बिलासपुर में गणेश विसर्जन के दौरान अलग-अलग इलाकों में विवाद और मारपीट की घटनाओं ने पुलिस-प्रशासन की चिंता बढ़ा दी। सिरगिट्टी थाना क्षेत्र में विसर्जन के बाद लौट रहे युवकों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि तीन युवकों पर चाकू से हमला कर दिया गया। हमले में घायल तीनों युवकों को उपचार के लिए सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

वहीं, सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के जूना बिलासपुर में भी गणेश विसर्जन के दौरान दो पक्षों के युवकों के बीच विवाद और मारपीट की घटना सामने आई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने मामले में कई युवकों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की है।

विसर्जन से लौटते समय शुरू हुआ विवाद

सिरगिट्टी थाना क्षेत्र में नायक गणेश उत्सव समिति के पदाधिकारी और सदस्य गणेश प्रतिमा के विसर्जन के लिए गए थे। विसर्जन के बाद लौटते समय बड़े बन्नाक तालाब के पास समिति से जुड़े कुछ युवकों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हो गई।

पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार, विवाद के समय कुछ युवक नशे की हालत में बताए जा रहे थे। मामूली कहासुनी देखते ही देखते बढ़ गई और युवकों के बीच मारपीट शुरू हो गई।

विवाद रोकने पहुंचे युवकों पर चाकू से हमला

बताया गया कि बन्नाक चौक के पास कुछ युवक आपस में विवाद कर रहे थे। इसी दौरान महावीर नगर निवासी राहुल सिंह ठाकुर, माता चौरा निवासी सिद्धांत ध्रुव समेत तीन युवकों ने विवाद कर रहे युवकों को समझाने और रोकने का प्रयास किया।

आरोप है कि इसी दौरान विवाद कर रहे युवकों ने समझाने पहुंचे तीनों युवकों पर ही हमला कर दिया। चाकू से किए गए हमले में तीनों घायल हो गए।

घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और घायलों को उपचार के लिए सिम्स अस्पताल भेजा गया।

कई युवकों को पुलिस ने पकड़ा

घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए नायक गणेश उत्सव समिति के अध्यक्ष अनुज, शेखर कांति, करण रजक सहित कुछ अन्य युवकों को पूछताछ के लिए पकड़ा।

पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर विवाद की शुरुआत और चाकू से हमले की पूरी घटना का क्रम पता लगाने में जुटी है।

पुलिस की प्रारंभिक जांच में किसी पुरानी रंजिश के बजाय नशे की हालत में कहासुनी के बाद विवाद बढ़ने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, घटना के सभी पहलुओं की जांच के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट होगी।

जूना बिलासपुर में भी दो पक्षों में मारपीट

गणेश विसर्जन के दौरान सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के जूना बिलासपुर में भी विवाद की स्थिति बन गई।

जानकारी के मुताबिक, गोंड़पारा और सरकंडा क्षेत्र से आए कुछ युवकों के बीच किसी बात को लेकर पहले गाली-गलौज हुई। देखते ही देखते मामला मारपीट तक पहुंच गया।

घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और विवाद कर रहे युवकों को अलग किया। स्थिति को नियंत्रित करने के बाद पुलिस ने संबंधित युवकों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की।

विसर्जन से पहले प्रशासन ने दिए थे सख्त निर्देश

गणेशोत्सव और विसर्जन को लेकर जिला एवं पुलिस प्रशासन ने पहले ही आयोजन समितियों के पदाधिकारियों के साथ बैठक की थी। इसमें विसर्जन के दौरान उपद्रव, हुड़दंग और विवाद से दूर रहने की अपील की गई थी।

प्रशासन की ओर से डीजे संचालन को लेकर भी निर्धारित नियमों और न्यायालय के निर्देशों का पालन करने के निर्देश दिए गए थे। आयोजन समितियों को भी जुलूस के दौरान अनुशासन बनाए रखने और किसी तरह की अप्रिय स्थिति नहीं बनने देने की जिम्मेदारी दी गई थी।

इसके बावजूद शहर के अलग-अलग हिस्सों में विवाद और मारपीट की घटनाएं सामने आईं।

रास्ता रोककर डीजे बजाने से यातायात भी प्रभावित

गणेश विसर्जन जुलूस के दौरान कुछ स्थानों पर रास्ते रोककर डीजे बजाने के कारण यातायात व्यवस्था भी प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है।

जुलूस और वाहनों की आवाजाही के कारण कई स्थानों पर जाम जैसी स्थिति बनी, जिससे आम लोगों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

पुलिस की कार्रवाई जारी

गणेश विसर्जन के दौरान हुई दोनों घटनाओं को लेकर पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। सिरगिट्टी मामले में घायल युवकों के बयान और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है, जबकि जूना बिलासपुर मामले में पुलिस ने विवाद में शामिल युवकों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की है।

पुलिस का कहना है कि विसर्जन के दौरान कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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