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गटर में मिला नवजात का शव, सफाई के दौरान सामने आया मामला

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 भिलाई। सेक्टर-2 में सड़क नंबर 11 और 12 के बीच गटर की सफाई के दौरान नवजात शिशु का शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। गटर जाम होने के कारण पानी की निकासी प्रभावित हो रही थी। स्थानीय लोगों की शिकायत के बाद बीएसपी प्रबंधन की ओर से गटर की सफाई कराई जा रही थी। इसी दौरान कर्मचारियों की नजर गटर के अंदर पड़े नवजात के शव पर पड़ी।


शुरुआती जानकारी के अनुसार नवजात की उम्र करीब दो से तीन दिन बताई जा रही है। शव मिलने की सूचना फैलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। मामले की जानकारी भट्ठी थाना पुलिस को दी गई, जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।

पुलिस की मौजूदगी में गटर से निकाला गया शव

पुलिस के पहुंचने के बाद स्थानीय लोगों और कर्मचारियों की मौजूदगी में नवजात को गटर से बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू की गई। पुलिस ने आसपास के लोगों से भी घटना के संबंध में पूछताछ की है।

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि नवजात को गटर में किसने और किन परिस्थितियों में छोड़ा। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के साथ ही पिछले कुछ दिनों में क्षेत्र में हुई संदिग्ध गतिविधियों और लोगों की आवाजाही की जानकारी जुटा रही है।

भट्ठी थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच के बाद ही नवजात की मौत और उसे गटर में छोड़ने से जुड़ी परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी।

20 किलो गांजा के साथ दो अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार

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 धमतरी। मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन निश्चय’ के तहत सिहावा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अंतरराज्यीय गांजा तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 20 किलो 400 ग्राम गांजा बरामद किया है, जिसकी अनुमानित कीमत 10 लाख 20 हजार रुपए बताई गई है। आरोपियों के पास से गांजा परिवहन में इस्तेमाल रॉयल एनफील्ड बाइक और मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है। कार्रवाई में कुल 11 लाख 80 हजार रुपए का मशरूका बरामद हुआ है।


फॉरेस्ट नाका पर घेराबंदी कर पकड़ा

पुलिस के मुताबिक, सिहावा पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि रॉयल एनफील्ड मोटरसाइकिल से दो संदिग्ध व्यक्ति ओडिशा की ओर से गांजा लेकर आ रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मेन रोड रतावा फॉरेस्ट नाका के सामने घेराबंदी की।

संदिग्ध हुलिए और बाइक के नंबर के आधार पर वाहन को रोककर तलाशी ली गई। दोनों आरोपियों के ट्रॉली बैग और सफारी बैग की जांच करने पर सेलोटेप से पैक किया हुआ कुल 20 किलो 400 ग्राम गांजा बरामद हुआ।

बाइक और मोबाइल भी जब्त

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से गांजे के अलावा 1.50 लाख रुपए कीमत की रॉयल एनफील्ड मोटरसाइकिल और करीब 10 हजार रुपए का ओप्पो मोबाइल फोन भी जब्त किया है।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान एहतेशाम (27), निवासी मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश और तुषार कश्यप (23), निवासी करावल नगर, उत्तर पूर्वी दिल्ली के रूप में हुई है।

एनडीपीएस एक्ट में मामला दर्ज

पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ सिहावा थाने में अपराध क्रमांक 70/2026 के तहत धारा 20(ख) एनडीपीएस एक्ट में मामला दर्ज किया है। दोनों को 9 सितंबर 2026 को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

पुलिस के अनुसार मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। धमतरी पुलिस ने कहा है कि जिले में मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

कर्मचारियों की आयु सीमा 45 साल, युवाओं के लिए 500 करोड़; पढ़िए कैबिनेट के बड़े फैसले

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 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट बैठक में प्रदेश के युवाओं, सरकारी कर्मचारियों, निर्यात, कौशल विकास और न्यायिक अधोसंरचना से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी गई।


1. मंत्रिपरिषद ने प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार, कौशल विकास, उद्यमिता और नवाचार के नए अवसर सृजित करने हेतु महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए ‘मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं NIPUN मिशन’ को मंजूरी दी है। मिशन के लिए आगामी पांच वर्षों हेतु 500 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। इसके अंतर्गत सभी 33 जिलों में उद्यमिता विकास केंद्र, 100 इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब और 5 इंडस्ट्री एक्सीलेंस सेंटर स्थापित किए जाएंगे तथा NIPUN JOB Engine के माध्यम से उद्योगों की जरूरत के अनुरूप कौशल विकास और औपचारिक रोजगार को बढ़ावा दिया जाएगा।

इस मिशन का उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर देने के साथ ही उन्हें जॉब-सीकर से जॉब-क्रिएटर बनाना और छत्तीसगढ़ को स्टार्टअप, नवाचार एवं नई तकनीक आधारित उद्योगों के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करना है।

2. मंत्रिपरिषद ने राज्य को देश के प्रमुख निर्यात केंद्र के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से ‘छत्तीसगढ़ निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30’ को मंजूरी दी है। नई नीति के माध्यम से प्रदेश में मजबूत निर्यात इकोसिस्टम और लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने, निर्यातकों को बेहतर बाजार पहुंच एवं व्यापार सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही कृषि एवं औद्योगिक क्षेत्रों में मूल्य संवर्धित उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा दिया जाएगा।

इस नीति के तहत ई-कॉमर्स, व्यापार मेलों एवं प्रदर्शनियों के माध्यम से प्रदेश के उद्यमियों और निर्यातकों की अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक सीधी पहुंच बढ़ाई जाएगी। इस नीति का लक्ष्य छत्तीसगढ़ के निर्यात में गुणात्मक एवं मात्रात्मक वृद्धि के साथ प्रदेश को राष्ट्रीय एवं वैश्विक बाजारों से और मजबूती से जोड़ना है।

3. मंत्रिपरिषद ने नवा रायपुर अटल नगर में नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (NSTI) की स्थापना के लिए एक और महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमशीलता निदेशालय को ग्राम तेंदुवा में 10 एकड़ भूमि निःशुल्क आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

लगभग 200 करोड़ रूपए की लागत से विकसित होने वाले इस संस्थान में आधुनिक शैक्षणिक, प्रशासनिक एवं छात्रावास सुविधाएं विकसित की जाएंगी। यहां दीर्घकालिक पाठ्यक्रमों में प्रतिवर्ष 1,000 तथा अल्पकालीन कार्यक्रमों में 3,000 प्रशिक्षुओं को आज के उद्योगों की जरूरत के अनुरूप आधुनिक तकनीकी एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जा सकेगा। नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट की स्थापना से प्रदेश के युवाओं के लिए उन्नत कौशल प्रशिक्षण, इंटर्नशिप और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा नवा रायपुर को देश में कौशल एवं तकनीकी शिक्षा के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी।

4. मंत्रिपरिषद ने राज्य शासन के अधीन कार्यरत स्थायी/अस्थायी शासकीय सेवकों, निगम-मंडल एवं स्वशासी संस्थाओं के कर्मचारियों, संविदाकर्मियों तथा नगर सैनिकों को अन्य शासकीय सेवाओं एवं उच्च पदों के लिए आवेदन करने में बड़ी राहत देते हुए निर्धारित अधिकतम आयु सीमा 38 वर्ष से बढ़ाकर 45 वर्ष करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

इस निर्णय से शासकीय एवं संबद्ध संस्थाओं में कार्यरत कर्मचारियों को उच्च पदों एवं अन्य सेवाओं में आगे बढ़ने के अधिक और समान अवसर प्राप्त होंगे। इस संबंध में राज्य शासन द्वारा एकीकृत स्थायी दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।

5. मंत्रिपरिषद ने दुर्ग जिला न्यायालय के नवीन भवन निर्माण के लिए ग्राम तितुरडीह में बीआईटी कॉलेज के समीप 4 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसके लिए भिलाई इस्पात संयंत्र के नाम दर्ज उक्त भूमि के बदले ग्राम पाहंदा, तहसील पाटन में 5.024 हेक्टेयर शासकीय भूमि भिलाई इस्पात संयंत्र को दी जाएगी। दोनों भूखंडों का वर्तमान मूल्य लगभग समान है। इस निर्णय से दुर्ग में जिला न्यायालय के लिए आधुनिक एवं सुव्यवस्थित नवीन न्यायालय परिसर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त होगा और न्यायिक अधोसंरचना को और सुदृढ़ किया जा सकेगा।

महासमुंद पुलिस की बड़ी कार्रवाई, खैर लकड़ी केस में 81 लाख नकद बरामद

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 महासमुंद। खैर (कत्था) लकड़ी के अवैध परिवहन और फर्जी NOC तैयार करने के मामले में महासमुंद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने जेल में बंद आरोपी मनीष अग्रवाल के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के मुड़पार सरसीवां स्थित मकान पर छापा मारकर 81 लाख रुपए नकद बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक, बरामद रकम 500-500 रुपए के नोटों की 162 गड्डियों में रखी हुई थी।


पुलिस ने न्यायालय से प्राप्त सर्च वारंट के आधार पर 7 सितंबर को आरोपी के मकान की तलाशी ली। कार्रवाई के दौरान केयरटेकर और गवाहों की मौजूदगी में घर की तलाशी ली गई, जहां से बड़ी मात्रा में नकदी बरामद हुई। पुलिस ने रकम जब्त कर ली है।

23,350 किलो खैर लकड़ी के अवैध परिवहन का मामला

मामला 23,350 किलोग्राम खैर लकड़ी के अवैध परिवहन से जुड़ा है। आरोप है कि लकड़ी के परिवहन के लिए फर्जी NOC तैयार की गई थी। इस संबंध में महासमुंद जिले के पिथौरा थाना में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और भारतीय वन अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।

जांच के दौरान पुलिस को आरोपी से जुड़े ठिकाने पर बड़ी मात्रा में नकदी रखे होने की जानकारी मिली थी। इसके बाद न्यायालय से सर्च वारंट प्राप्त कर मकान की तलाशी ली गई। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद 81 लाख रुपए का संबंध खैर लकड़ी के अवैध कारोबार से है या नहीं।

अपराध से अर्जित संपत्ति मानकर कुर्की की तैयारी

पुलिस ने बरामद नकदी को अपराध से अर्जित संपत्ति मानते हुए इसकी कुर्की की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी की है। पुलिस के अनुसार, इसके लिए BNSS की धारा 107 के तहत न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत किया जाएगा। न्यायालय के आदेश के बाद रकम की कुर्की को लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

आरोपी मनीष अग्रवाल पहले से ही मामले में जेल में बंद है। पुलिस की कार्रवाई के बाद अब प्रकरण की जांच और तेज कर दी गई है। पुलिस बरामद नकदी के स्रोत और खैर लकड़ी के अवैध कारोबार से उसके संभावित संबंधों की जांच कर रही है।

छत्तीसगढ़ में बसों का चक्का जाम! 22 सितंबर से संचालन बंद करने की चेतावनी

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 रायपुर। छत्तीसगढ़ में यात्री बसों का किराया बढ़ाने समेत विभिन्न मांगों को लेकर बस ऑपरेटरों और सरकार के बीच टकराव की स्थिति बनती नजर आ रही है। छत्तीसगढ़ यातायात महासंघ ने मांगों पर जल्द निर्णय नहीं होने पर 22 सितंबर से प्रदेशव्यापी यात्री बस हड़ताल की चेतावनी दी है। महासंघ का कहना है कि डीजल, स्पेयर पार्ट्स, बीमा और रखरखाव समेत संचालन लागत लगातार बढ़ रही है, जबकि यात्री किराए में लंबे समय से संशोधन नहीं हुआ है।


हड़ताल होने की स्थिति में प्रदेशभर में रोजाना बसों से सफर करने वाले हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में बसें सार्वजनिक परिवहन का प्रमुख साधन होने के कारण इसका असर अधिक पड़ने की आशंका है।

तीन साल से बैठक नहीं होने का आरोप

महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष अनवर अली ने आरोप लगाया कि बस संचालक लंबे समय से अपनी समस्याएं सरकार और परिवहन विभाग के सामने रखते आ रहे हैं, लेकिन अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। उनका दावा है कि करीब तीन साल से अधिकारियों और बस ऑपरेटरों के बीच कोई बैठक नहीं हुई है।


महासंघ के मुताबिक, किराया बढ़ाने समेत विभिन्न मांगों को लेकर करीब चार महीने पहले परिवहन विभाग को प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन अब तक उस पर निर्णय नहीं लिया गया है।

डीजल महंगा, किराया नहीं बढ़ा

बस ऑपरेटरों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में डीजल, स्पेयर पार्ट्स, मेंटेनेंस और बीमा सहित अन्य खर्च लगातार बढ़े हैं। इसके बावजूद यात्री किराया पुराने स्तर पर ही है। ऑपरेटरों के अनुसार मौजूदा किराए में बसों का संचालन करना आर्थिक रूप से मुश्किल होता जा रहा है।

सिंगल स्लीपर पर सिंगल टैक्स की मांग

महासंघ ने सरकार के सामने 9 सूत्रीय मांगें रखी हैं। इनमें यात्री किराए में वृद्धि के साथ सिंगल स्लीपर सीट पर सिंगल टैक्स लागू करने की मांग प्रमुख है। इसके अलावा ई-बसों का संचालन शहर की सीमा तक सीमित रखने और ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट वाली बसों के ग्रामीण क्षेत्रों व बस स्टैंडों से संचालन पर रोक लगाने की मांग की गई है।

समयचक्र और परमिट व्यवस्था में बदलाव की मांग

स्टेज कैरिज बसों के समयचक्र में भी बदलाव की मांग की गई है। महासंघ का कहना है कि दो बसों के बीच उचित अंतराल निर्धारित किया जाना चाहिए, ताकि संचालन व्यवस्था सुचारु रहे।

इसके अलावा VLTD डिवाइस के नवीनीकरण शुल्क में कमी, मैनुअल फिटनेस की सुविधा और दूसरे जिले या राज्य में बस संचालन के लिए परमिट की दोबारा मंजूरी की प्रक्रिया आसान करने की मांग की गई है। सभी बसों के लिए ऑनलाइन परमिट की सुविधा शुरू करने की मांग भी महासंघ ने रखी है।

सरकार के रुख पर नजर

महासंघ ने स्पष्ट किया है कि यदि मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो 22 सितंबर से प्रदेशभर में यात्री बसों का संचालन बंद कर दिया जाएगा। अब सरकार और परिवहन विभाग के रुख पर नजर है। समय रहते बातचीत के जरिए समाधान नहीं निकलने पर हड़ताल का असर दैनिक यात्रियों, विद्यार्थियों, कर्मचारियों और ग्रामीण क्षेत्रों से शहरों तक आने-जाने वाले लोगों पर पड़ सकता है।

जातिवाद खत्म हो जाए तो आरक्षण छोड़ने को तैयार : रामदास आठवले

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 रायपुर। देश में आरक्षण को लेकर जारी बहस के बीच केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री रामदास आठवले ने कहा है कि यदि देश से जातिवाद और जातिगत भेदभाव पूरी तरह खत्म हो जाए, तो वे आरक्षण छोड़ने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि जब तक समाज में जातिगत असमानता और भेदभाव मौजूद है, तब तक आरक्षण की व्यवस्था जारी रहनी चाहिए।


छत्तीसगढ़ दौरे पर रायपुर पहुंचे केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत की सामाजिक और ऐतिहासिक परिस्थितियों को देखते हुए संविधान में वंचित वर्गों के लिए आरक्षण का प्रावधान किया गया है। संविधान ने अस्पृश्यता को समाप्त किया है, लेकिन इसके बावजूद दलितों और आदिवासियों के साथ भेदभाव और अत्याचार की घटनाएं सामने आती रहती हैं। ऐसे में सामाजिक बराबरी हासिल होने तक आरक्षण की जरूरत बनी रहेगी।

आरक्षण बराबरी का माध्यम

आठवले ने कहा कि आरक्षण केवल शिक्षा और रोजगार में अवसर देने की व्यवस्था नहीं है, बल्कि लंबे समय से सामाजिक रूप से वंचित वर्गों को बराबरी का अवसर उपलब्ध कराने का माध्यम भी है। उन्होंने आरक्षण का विरोध करने वालों से देश में सामाजिक असमानता की वास्तविक स्थिति को समझने की अपील की।

कांग्रेस पर भी साधा निशाना

केंद्रीय मंत्री ने दलितों के मुद्दे पर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष के पास सरकार की आलोचना और टिप्पणी करने के अलावा कोई ठोस भूमिका नहीं है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में तेजी से विकास होने का दावा करते हुए कहा कि केंद्र सरकार दलितों, आदिवासियों और अन्य वंचित वर्गों के हित में लगातार काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय से जुड़ी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने पर केंद्र सरकार का जोर है। सरकार का उद्देश्य वंचित वर्गों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है।

रायपुर-बिलासपुर में कार्यक्रम

आठवले ने बताया कि छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान रायपुर और बिलासपुर में उनके विभिन्न कार्यक्रम निर्धारित हैं। रायपुर में नगर निगम के अधिकारियों के साथ सामाजिक न्याय एवं सशक्तिकरण से जुड़ी केंद्र सरकार की योजनाओं को लेकर बैठक होगी। बैठक में योजनाओं की प्रगति और जमीनी स्तर पर उनके क्रियान्वयन की समीक्षा की जाएगी। साथ ही लाभार्थियों को मिल रहे योजनाओं के लाभ और क्रियान्वयन की स्थिति पर भी अधिकारियों से जानकारी ली जाएगी।

CG NEWS :रील देखते-देखते इंटरनेट हुआ बंद, गुस्से में महिला ने पी लिया कीटनाशक

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 कोरबा। जिले के करतला थाना क्षेत्र के केराकछार गांव में एक महिला द्वारा कीटनाशक का सेवन करने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि मोबाइल में रील देखते समय इंटरनेट नहीं चलने से महिला नाराज हो गई थी। इसके बाद उसने मोबाइल पटक दिया और खुद को कमरे में बंद कर कीटनाशक का सेवन कर लिया। गंभीर हालत में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।


मोबाइल पटकने के बाद खुद को कमरे में किया बंद

जानकारी के अनुसार केराकछार निवासी मंगलो बाई मोबाइल पर रील देख रही थी। इसी दौरान इंटरनेट नहीं चलने पर वह नाराज हो गई। बताया जा रहा है कि गुस्से में उसने मोबाइल पटक दिया और कमरे में जाकर खुद को बंद कर लिया। कुछ देर बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी और वह उल्टियां करने लगी। परिजनों को कीटनाशक की तेज गंध आने पर घटना की जानकारी हुई।

परिजन तत्काल महिला को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) करतला लेकर पहुंचे। महिला की गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल कोरबा रेफर कर दिया। यहां उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया।

पहले से बीमारी से परेशान थी महिला

परिजनों के मुताबिक मंगलो बाई पहले से हाथ-पैर में सूजन की समस्या से परेशान थी। कई बार इलाज कराने के बावजूद उसे राहत नहीं मिली थी। बीमारी को लेकर वह मानसिक रूप से भी परेशान रहती थी।

मनोवैज्ञानिक ने मोबाइल की लत को लेकर दी सलाह

मनोवैज्ञानिक चिकित्सक डॉ. अंकित गुप्ता के अनुसार, अत्यधिक मोबाइल इस्तेमाल और लगातार स्क्रीन पर निर्भर रहने से व्यक्ति के व्यवहार और गुस्से पर असर पड़ सकता है। उन्होंने बताया कि इंटरमिटेंट एक्सप्लोसिव डिसऑर्डर (IED) जैसी स्थिति में व्यक्ति को अचानक और अत्यधिक गुस्सा आ सकता है, जिसके दौरान वह खुद या दूसरों को नुकसान पहुंचा सकता है।

डॉक्टर ने युवाओं और परिवारों को मोबाइल के अत्यधिक इस्तेमाल से बचने, स्क्रीन टाइम सीमित रखने और परिवार के सदस्यों के साथ पर्याप्त समय बिताने की सलाह दी है।

धुआं-धुआं खार्ग! अमेरिका ने ईरान के 5 तेल टैंकरों को बनाया निशाना

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 नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव थमने का नाम नहीं ले रहा है। अमेरिकी सेना ने ईरान के पांच कच्चे तेल टैंकरों को निशाना बनाकर उन्हें इस कदर क्षतिग्रस्त कर दिया कि वे आगे संचालन की स्थिति में नहीं रहे। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, यह कार्रवाई ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की ओर से अमेरिकी नौसेना के एक युद्धपोत पर बैलिस्टिक मिसाइलों से दो बार हमला करने के प्रयास के बाद की गई।


अमेरिकी युद्धपोत पर दो बार हमले की कोशिश

CENTCOM ने मंगलवार को बताया कि पिछले दो दिनों में IRGC ने अमेरिकी नौसेना के एक युद्धपोत को दो बार निशाना बनाने की कोशिश की। हालांकि, दोनों प्रयास विफल रहे। अमेरिकी युद्धपोत मिसाइल हमलों से बचने में सफल रहा और इसके बाद भी क्षेत्रीय जलक्षेत्र में अपनी गतिविधियां जारी रखीं। इन घटनाओं में किसी अमेरिकी सैनिक के घायल होने की सूचना नहीं है।

पांच ईरानी तेल टैंकरों पर कार्रवाई

CENTCOM के अनुसार, अमेरिकी सेना ने जवाबी कार्रवाई करते हुए IRGC के कथित तेल तस्करी नेटवर्क से जुड़े पांच टैंकरों को निशाना बनाया। ओमान की खाड़ी में एम/टी कविज, एम/टी चारमीनार, एम/टी होराइजन 1 और एम/टी रीस्को को निशाना बनाए जाने की जानकारी दी गई है। इसके अलावा ईरान के खार्ग द्वीप के पास एम/टी डेर्या पर भी कार्रवाई की गई।

चालक दल को पहले कराया गया सुरक्षित बाहर

अमेरिकी सेना के मुताबिक, कार्रवाई से पहले टैंकरों के चालक दल को जहाज खाली करने का आदेश दिया गया था। इसके बाद टैंकरों को इस तरह क्षतिग्रस्त किया गया कि वे आगे परिचालन में इस्तेमाल नहीं किए जा सकें। CENTCOM ने कहा कि अमेरिकी नौसेना का युद्धपोत हमले से सुरक्षित बच गया और क्षेत्र में अपनी गश्त जारी रखी।

तेल तस्करी नेटवर्क का लगाया आरोप

अमेरिका ने आरोप लगाया है कि ईरान इन तेल टैंकरों का इस्तेमाल अरबों डॉलर के एक गुप्त तेल नेटवर्क के लिए करता है। अमेरिकी पक्ष का दावा है कि इस नेटवर्क से मिलने वाली रकम IRGC और उसके क्षेत्रीय सहयोगी संगठनों की गतिविधियों को आर्थिक मदद पहुंचाती है। CENTCOM ने यह भी दावा किया कि ईरान इन टैंकरों को प्रभावी सुरक्षा उपलब्ध कराने में सक्षम नहीं है।

5 सितंबर को भी हुई थी कार्रवाई

ईरानी तेल टैंकरों के खिलाफ अमेरिकी कार्रवाई का यह पहला मामला नहीं है। CENTCOM के अनुसार, 5 सितंबर को भी अमेरिकी सेना ने तीन ईरानी कच्चे तेल टैंकरों को नष्ट किया था। यह कार्रवाई अमेरिकी विमानवाहक पोत और गाइडेड-मिसाइल विध्वंसक को निशाना बनाने के ईरानी प्रयास के बाद की गई थी। अमेरिकी पक्ष के मुताबिक, अमेरिकी नौसेना के युद्धपोतों पर ईरान के हालिया हमले के प्रयास विफल रहे हैं।

ईरान ने दो टैंकरों को निशाना बनाए जाने की पुष्टि की

वहीं, ईरानी सरकारी मीडिया ने अमेरिकी कार्रवाई में दो ईरानी तेल टैंकरों को निशाना बनाए जाने की पुष्टि की है। रिपोर्टों के मुताबिक, एक टैंकर जास्क के पास और दूसरा खार्ग द्वीप के करीब प्रभावित हुआ। चालक दल को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

अमेरिका की इस कार्रवाई के बाद वाशिंगटन और तेहरान के बीच तनाव और बढ़ गया है। ईरान की ओर से भी जवाबी कार्रवाई की धमकी दिए जाने की खबरों के बीच खाड़ी क्षेत्र में तेल परिवहन और समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

सरहुल-करमा की थाप पर झूम उठा लोकरंग पर्व, लोकसंस्कृति के रंगों से सजा समापन

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पहली बार लोकरंग पर्व में दिखी सरगुजा-जशपुर अंचल की आदिवासी लोकसंस्कृति की मनमोहक झलक, पंथी और नाचा-गम्मत ने भी मोहा दर्शकों का मन

रायपुर- छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकपरंपराओं, लोककलाओं और सांस्कृतिक विरासत को मंच प्रदान करने वाले तीन दिवसीय ‘लोकरंग पर्व’ का तीसरा एवं अंतिम दिन सरगुजा-जशपुर अंचल की आदिवासी लोकसंस्कृति के नाम रहा। पहली बार लोकरंग पर्व के मंच पर जशपुर अंचल के सरहुल एवं करमा नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति ने दर्शकों को अपनी ओर आकर्षित किया। पारंपरिक वेशभूषा, लोकधुनों की मधुरता और कलाकारों के ऊर्जावान नृत्य ने पूरे वातावरण को उत्साह और उमंग से भर दिया।

कार्यक्रम में विजय कुमार भगत, जशपुर के दल द्वारा सरहुल एवं करमा नृत्य की प्रस्तुति दी गई। आदिवासी लोकजीवन, प्रकृति और सामुदायिक परंपराओं से जुड़े इन लोकनृत्यों ने दर्शकों को छत्तीसगढ़ के जनजातीय अंचलों की सांस्कृतिक विविधता से परिचित कराया। कलाकारों की सामूहिक प्रस्तुति, पारंपरिक लय और आकर्षक वेशभूषा ने कार्यक्रम में विशेष रंग भर दिया।

इसके साथ ही रायपुर के डॉ. रामनारायण नेताम ने आदिवासी लोकगीत एवं नृत्य की प्रस्तुति दी।  नवलदास मानिकपुरी, दुर्ग ने लोकगीत-संगीत से समां बांधा। वहीं आरती बारले, भिलाई ने पंथी नृत्य की ऊर्जापूर्ण प्रस्तुति देकर दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। रमादत्त जोशी, रायपुर की नाचा-गम्मत की प्रस्तुति ने हास्य, मनोरंजन और लोकनाट्य के रंगों से कार्यक्रम को और जीवंत बना दिया।

लोककलाओं को मंच देना हमारी सांस्कृतिक जिम्मेदारी : डॉ. कन्नौजे

लोकरंग पर्व के समापन अवसर पर संस्कृति एवं पुरातत्व संचालक डॉ. संजय कन्नौजे ने कहा कि छत्तीसगढ़ के सुदूर जनजातीय अंचलों सहित राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से आए स्थानीय कलाकारों ने अपनी-अपनी लोककलाओं की शानदार प्रस्तुतियां दीं। ऐसे आयोजन कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ-साथ प्रोत्साहन और सम्मानजनक मंच उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

उन्होंने कहा कि लोकरंग पर्व जैसे सांस्कृतिक आयोजन छत्तीसगढ़ की समृद्ध और सुघर लोकसंस्कृति को सहेजने तथा उसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम हैं। लोकगीत, लोकनृत्य, लोकनाट्य और पारंपरिक कलाओं के माध्यम से युवा पीढ़ी अपनी जड़ों और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ती है। ऐसे आयोजनों से स्थानीय कलाकारों को मंच मिलने के साथ ही विलुप्त होती लोकविधाओं के संरक्षण एवं संवर्धन को भी प्रोत्साहन मिलता है।

लोकविरासत के विविध रंगों का संगम बना लोकरंग

तीन दिनों तक चले लोकरंग पर्व में छत्तीसगढ़ के विभिन्न अंचलों की लोकसंस्कृति, लोकगायन और लोकनृत्य की विविध परंपराओं को मंच मिला। अंतिम दिन सरहुल, करमा, आदिवासी लोकगीत, पंथी और नाचा-गम्मत जैसी प्रस्तुतियों ने यह संदेश दिया कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान उसकी विविध लोकपरंपराओं में निहित है।

कार्यक्रम में संस्कृति एवं पुरातत्व संचालक डॉ. संजय कन्नौजे, छत्तीसगढ़ के कवि मीर अली मीर, वरिष्ठ पत्रकार एवं छायाकार दीपेंद्र दीवान, साहित्यकार विजय मिश्रा, फिल्म बोर्ड की सदस्य प्रसन्ना अवस्थी तथा समाजसेवी उदयभान चौहान विशेष रूप से उपस्थित रहे।

लोकरंग पर्व का अंतिम दिन दर्शकों के लिए छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति की विविधता और जीवंतता को करीब से अनुभव करने का अवसर बना। कलाकारों की प्रस्तुतियों पर दर्शकों ने तालियों के साथ उत्साहवर्धन किया। आयोजन ने एक ओर जहां लोककलाकारों को सम्मानजनक मंच उपलब्ध कराया, वहीं दूसरी ओर छत्तीसगढ़ की लोकपरंपराओं को सहेजने, संवारने और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का सार्थक संदेश दिया।

छत्तीसगढ़ में महिला की संदिग्ध मौत, कथित जहर दिए जाने की बात सामने आई; जांच जारी

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छत्तीसगढ़- प्रदेश में एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, महिला को कथित तौर पर जहर दिए जाने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ी, जिसके बाद उसकी मौत हो गई।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि महिला की मौत किन परिस्थितियों में हुई और क्या उसे वास्तव में जहर दिया गया था।

मामले में पुलिस द्वारा संबंधित लोगों से पूछताछ के साथ अन्य साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है। मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगा।

फिलहाल महिला की मौत को लेकर कई सवाल बने हुए हैं और पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो पाएगी।

डॉलर के मुकाबले रुपया 94.82 तक लुढ़का, एक महीने से ज्यादा समय की सबसे बड़ी गिरावट

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नई दिल्ली- भारतीय रुपये में मंगलवार, 8 सितंबर को डॉलर के मुकाबले तेज गिरावट देखने को मिली। रुपया 94.82 प्रति डॉलर तक फिसल गया, जो एक महीने से अधिक समय में इसकी सबसे बड़ी गिरावट बताई जा रही है।

बाजार में रुपये पर दबाव के बीच भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की ओर से हस्तक्षेप किए जाने की खबरें भी सामने आई हैं। बाजार पर नजर रखने वाले निवेशकों के बीच रुपये की कमजोरी और विदेशी मुद्रा बाजार में RBI की भूमिका को लेकर चर्चा तेज है।

वैश्विक बाजारों में जारी अस्थिरता, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और डॉलर की मजबूती जैसे कारकों का भी रुपये पर असर देखा जा रहा है। रुपये की यह गिरावट भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए खासतौर पर आयात लागत और महंगाई के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

आने वाले दिनों में रुपये की चाल, वैश्विक बाजारों की स्थिति और RBI के संभावित कदमों पर निवेशकों की नजर बनी रहेगी।

मुंबई में PM मोदी के कार्यक्रम में सुरक्षा अलर्ट, बंदूक लेकर पहुंचे व्यक्ति को हिरासत में लिया

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मुंबई- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुंबई में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक व्यक्ति कथित तौर पर बंदूक लेकर कार्यक्रम स्थल के पास पहुंच गया। सुरक्षा एजेंसियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में ले लिया।

घटना के बाद कार्यक्रम स्थल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई। सुरक्षा एजेंसियों ने हिरासत में लिए गए व्यक्ति से पूछताछ शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि वह हथियार लेकर वहां किस उद्देश्य से पहुंचा था।

प्रधानमंत्री की सुरक्षा को देखते हुए मौके पर तैनात सुरक्षाकर्मियों ने स्थिति को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कदम उठाया। घटना के बाद सुरक्षा प्रोटोकॉल और जांच व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

फिलहाल मामले की जांच जारी है और हिरासत में लिए गए व्यक्ति की मंशा तथा उसके पास मौजूद हथियार से जुड़ी जानकारी सामने आने का इंतजार है।

PM मोदी–पुतिन की अहम मुलाकात शुक्रवार को, रक्षा से परमाणु ऊर्जा तक कई मुद्दों पर होगी चर्चा

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नई दिल्ली- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच शुक्रवार को प्रस्तावित अहम बैठक पर सभी की नजरें टिकी हैं। दोनों नेताओं की मुलाकात में भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के साथ-साथ रक्षा सहयोग, आधुनिक सैन्य तकनीक, Su-57 लड़ाकू विमान और परमाणु ऊर्जा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।

बैठक के दौरान दोनों देशों के बीच रक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने और भविष्य की सैन्य जरूरतों को लेकर महत्वपूर्ण बातचीत हो सकती है। खासतौर पर Su-57 को लेकर संभावित सहयोग को रणनीतिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है।

इसके अलावा भारत और रूस के बीच परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग, तकनीकी साझेदारी और दीर्घकालिक ऊर्जा सहयोग पर भी बातचीत की उम्मीद है। ऐसे समय में जब वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं, मोदी-पुतिन की यह मुलाकात दोनों देशों के संबंधों की दिशा के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

बैठक से दोनों देशों के बीच रक्षा, ऊर्जा और रणनीतिक साझेदारी को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

शहरों में नागरिक सुविधाओं और विकास कार्यों में लाएं तेजी : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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अमृत मिशन के कार्य मिशन मोड में पूरे कर शत-प्रतिशत पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश

नालंदा परिसरों के निर्माण में तेजी लाने और शहरों में स्वच्छता व्यवस्था को और बेहतर बनाने पर जोर

रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और कोरबा में चलेंगी 240 ई-बसें

800 करोड़ रुपये की लागत से 8 नगरीय निकायों में स्थापित किए जा रहे सीबीजी प्लांट

रायपुर- शहरों का विकास केवल अधोसंरचना निर्माण तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि नागरिकों को स्वच्छता, शुद्ध पेयजल, बेहतर सड़क, प्रकाश व्यवस्था और सुगम सार्वजनिक परिवहन जैसी मूलभूत सुविधाएं गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध रूप से मिलनी चाहिए। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अधिकारियों को नगरीय निकायों में संचालित योजनाओं और विकास कार्यों की नियमित निगरानी करते हुए उन्हें निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।

उन्होंने विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं निर्माण कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए कहा कि शासन द्वारा स्वीकृत विकास कार्यों का वास्तविक लाभ नागरिकों तक समय पर पहुंचे, यह अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। निर्माण कार्यों में अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कार्यों में तेजी के साथ गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए।

38 नगरीय निकायों में नालंदा परिसर, 31 का निर्माण प्रगतिरत

मुख्यमंत्री  साय ने प्रदेश के नगरीय निकायों में युवाओं को अध्ययन के लिए आधुनिक और सुविधायुक्त वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाए जा रहे सेंट्रल लाइब्रेरी सह रीडिंग जोन ‘नालंदा परिसर’ की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने निर्माणाधीन परिसरों के कार्यों में तेजी लाते हुए इन्हें शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए।

नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने बताया कि योजना के अंतर्गत तीन वित्तीय वर्षों में प्रदेश के 38 नगरीय निकायों में नालंदा परिसर निर्माण की स्वीकृति दी गई है, जिनमें 31 कार्य वर्तमान में प्रगतिरत हैं। मुख्यमंत्री ने इन परिसरों में प्रस्तावित सीटों की संख्या और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने रायपुर में निर्माणाधीन नालंदा परिसर की प्रगति की भी समीक्षा की।

सुनियोजित और नागरिक-केंद्रित हों प्रदेश के शहर

मुख्यमंत्री साय ने नगरोत्थान योजना की समीक्षा करते हुए शहरों में भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर अधोसंरचना विकसित करने पर जोर दिया। बैठक में बताया गया कि प्रदेश के 14 नगर निगमों के लिए प्रारंभ की गई इस योजना के तहत मुख्य सड़कों का चौड़ीकरण, बाईपास, फ्लाईओवर, सर्विस लेन और अंडरपास सहित यातायात से संबंधित आवश्यक अधोसंरचना का विकास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने अपनी पूर्व घोषणाओं के अंतर्गत स्वीकृत नगरीय विकास कार्यों की प्रगति की जानकारी लेते हुए उन्हें समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए।

बैठक में बताया गया कि नगरीय निकायों के सतत, संगठित एवं नागरिक-केंद्रित विकास के लिए ‘आदर्श शहर समृद्धि योजना’ प्रारंभ की गई है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में योजना के लिए 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है और इसके अंतर्गत 32 नगरीय निकायों का चयन किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नगरीय निकायों में पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और साफ-सफाई जैसी बुनियादी सेवाओं के संचालन में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। नागरिकों से सीधे जुड़ी इन सेवाओं की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।

स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में रायपुर के प्रदर्शन की मुख्यमंत्री ने की सराहना

बैठक में 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत भारत सरकार से प्राप्त अनटाइड एवं टाइड ग्रांट से किए जा रहे विकास कार्यों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि इसके माध्यम से सड़क, नाली, प्रकाश व्यवस्था, जल प्रदाय, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और वायु गुणवत्ता सुधार से संबंधित कार्य कराए जा रहे हैं।

अधिकारियों ने बताया कि रायपुर नगर निगम ने वायु प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में उल्लेखनीय सुधार किया है। स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी में रायपुर ने 189 अंक प्राप्त कर देश में छठा स्थान हासिल किया है। राज्य स्तरीय वार्ड रैंकिंग-2026 में रायपुर के वार्ड क्रमांक 46 ने 30 हजार से अधिक आबादी वाली श्रेणी तथा वार्ड क्रमांक 30 ने 10 हजार से 30 हजार आबादी वाली श्रेणी में स्थान प्राप्त किया है।

मुख्यमंत्री साय ने इस उपलब्धि के लिए विभाग और नगर निगम की टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि स्वच्छ शहर के साथ स्वस्थ और बेहतर शहरी जीवन के लिए हरित क्षेत्र भी जरूरी हैं। उन्होंने वार्डों में उद्यान विकसित करने तथा जिन क्षेत्रों में वृक्षों की संख्या कम है, उनका चिन्हांकन कर व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने शहरी ठोस अपशिष्ट के वैज्ञानिक प्रबंधन पर जोर देते हुए प्रत्येक नगरीय निकाय में अपशिष्ट प्रसंस्करण के लिए प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित करने की दिशा में कार्य करने के निर्देश दिए।

प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्र हितग्राहियों को शीघ्र मिले आवास

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 1.0 और 2.0 की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने स्वीकृत आवासों, निर्माण की स्थिति, आबंटन और व्यवस्थापन की विस्तृत जानकारी ली। मुख्यमंत्री साय ने अधिकारियों से कहा कि आवासों के आवंटन एवं व्यवस्थापन की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए, ताकि पात्र परिवारों को शीघ्र अपने पक्के आवास का लाभ मिल सके।

चार प्रमुख शहरों में 240 ई-बसों से मजबूत होगा सार्वजनिक परिवहन

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री ई-बस सेवा की तैयारियों की भी समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि योजना के अंतर्गत रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और कोरबा में कुल 240 ई-बसों के संचालन की तैयारी की जा रही है। इसके लिए आवश्यक अधोसंरचना संबंधी कार्य मार्च 2027 से पहले पूर्ण कर ई-बसों का संचालन प्रारंभ करने का लक्ष्य है।

मुख्यमंत्री साय ने संबंधित सभी निर्माण एवं अधोसंरचना कार्यों को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ई-बस सेवा से नागरिकों को आधुनिक, सुविधाजनक और बेहतर सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध होने के साथ पर्यावरण-अनुकूल शहरी परिवहन व्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा।

नागरिकों की शिकायतों का हो त्वरित और प्रभावी समाधान

मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में नगरीय प्रशासन से संबंधित प्राप्त शिकायतों और उनके निराकरण की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को शिकायतों का संवेदनशीलता के साथ त्वरित और प्रभावी निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने प्रॉपर्टी टैक्स के पुनरीक्षण से संबंधित विषयों और नगरीय निकायों के विद्युत देयकों की भी जानकारी ली। उन्होंने नगरीय निकायों को विद्युत देयकों का नियमित रूप से प्रतिमाह भुगतान सुनिश्चित करने को कहा। 

मुख्यमंत्री ने नगरीय निकायों को आर्थिक रूप से सुदृढ़ और आत्मनिर्भर बनाने के लिए राजस्व एवं कर संकलन बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कर संकलन में बेहतर प्रदर्शन करने वाले नगरीय निकायों को प्रोत्साहित एवं सम्मानित करने की व्यवस्था विकसित की जाए।

अमृत मिशन के कार्यों की धीमी प्रगति पर नाराजगी, मिशन मोड में काम करने के निर्देश

मुख्यमंत्री साय ने अमृत मिशन 2.0 की समीक्षा के दौरान अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में शत-प्रतिशत पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करना प्राथमिकता का विषय है। अमृत मिशन के लंबित कार्यों को मिशन मोड में लेते हुए तेजी से पूरा किया जाए।मुख्यमंत्री ने सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के निर्माण में उच्च गुणवत्ता और आधुनिक तकनीक के उपयोग पर विशेष जोर दिया। उन्होंने स्लम रिडेवलपमेंट और लैंड मोनेटाइजेशन की दिशा में भी योजनाबद्ध तरीके से आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

800 करोड़ रुपये की लागत से 8 नगरीय निकायों में सीबीजी प्लांट

बैठक में प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने भारत सरकार द्वारा परिवहन एवं औद्योगिक क्षेत्रों के लिए स्वच्छ एवं सतत ईंधन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित सतत योजना की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि योजना के अंतर्गत प्रदेश के 8 नगरीय निकायों में लगभग 800 करोड़ रुपये की लागत से कम्प्रेस्ड बायो गैस (सीबीजी) प्लांट स्थापित किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शहरी विकास से जुड़ी सभी योजनाओं में परिणाम स्पष्ट रूप से धरातल पर दिखाई देने चाहिए। उन्होंने योजनाओं और विकास कार्यों की नियमित समीक्षा, निर्माण की गुणवत्ता की सतत निगरानी तथा सभी स्वीकृत कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।

बैठक में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संचालक नीलेश महादेव क्षीरसागर, मुख्यमंत्री के संयुक्त सचिव प्रभात मलिक, सूडा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुमित अग्रवाल सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ में नीतिगत बदलावों से विकास को मिली नई रफ्तार

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धनंजय राठौर 

संयुक्त संचालक, जनसंपर्क

किसानों, महिलाओं, गरीबों और युवाओं से लेकर उद्योगों, शिक्षा, बस्तर और सुशासन तक हो रहा बड़े फैसलों का असर

रायपुर- छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किए गए बड़े नीतिगत सुधारों और जनकल्याणकारी फैसलों ने राज्य के समग्र विकास को एक नई दिशा दी है। प्रशासनिक पारदर्शिता, सुशासन और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में उठाए गए कदमों से हर वर्ग के जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार के ढाई वर्ष से ज्यादा केवल योजनाओं और घोषणाओं को जमीनी स्तर पर उतारने के ही नहीं, बल्कि कई क्षेत्रों में व्यवस्था बदलने वाले फैसलों के रहे हैं। सरकार ने एक ओर गरीब, किसान और महिलाओं से जुड़ी योजनाओं को तेजी से जमीन पर उतारा, वहीं दूसरी ओर उद्योग, शिक्षा, खनिज, डिजिटल गवर्नेंस और बस्तर के विकास में लंबे समय तक असर डालने वाले नीतिगत सुधार शुरू किए।

सरकार बनने के तुरंत बाद सबसे बड़ा फैसला प्रधानमंत्री आवास को लेकर हुआ। पहली कैबिनेट में ही 18 लाख से अधिक जरूरतमंद परिवारों के आवास की स्वीकृति देने का निर्णय लिया गया। प्रधानमंत्री आवास (ग्रामीण) में अब तक 24.40 लाख आवास स्वीकृत हो चुके हैं। प्रदेश में औसतन करीब 1,600 आवास प्रतिदिन पूरे किए जा रहे हैं। ढाई वर्षों में पुराने और नए स्वीकृत आवास मिलाकर 11 लाख से अधिक घर लाभार्थियों को सौंपे जा चुके हैं। 

इसी तरह सरकार ने धान खरीदी को ग्रामीण अर्थव्यवस्था की बड़ी ताकत बनाया। किसानों को 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से  धान बेचने की सुविधा दी गई। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में 25.24 लाख किसानों से 141.04 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया। समर्थन मूल्य और कृषक उन्नति योजना को मिलाकर किसानों को लगभग 43,723 करोड़ रुपए की राशि दी गई। खरीदी व्यवस्था में ऑनलाइन टोकन, बायोमेट्रिक सत्यापन और रियल टाइम मॉनिटरिंग जैसे सुधार किसानों के लिए काफी सुविधाजनक रहे। 

महिला सशक्तिकरण साय सरकार की प्रमुख पहचान के रूप में उभरा है। महतारी वंदन योजना की 31 किस्तों में लगभग 68 लाख पात्र महिलाओं को 20 हजार  करोड़ रुपए से अधिक की राशि सीधे खातों में दी जा चुकी है। प्रदेश में 13.85 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। बिहान मिशन में प्रदेश के 31 लाख से अधिक गरीब परिवारों की महिलाएं स्व-सहायता समूहों से जुड़ी हैं। महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने के लिए संपत्ति की रजिस्ट्री में पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत और स्टाम्प शुल्क में एक प्रतिशत की रियायत दी गई है।  

बस्तर में बदलाव सरकार की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल है। नक्सलवाद दशकों से बस्तर के विकास में सबसे बड़ा रोड़ा था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति से नक्सलवाद के विरूद्ध निर्णायक जीत हासिल हुई है। बस्तर में सुरक्षा कार्रवाई के साथ विकास और योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचाने की नीति अपनाई गई, जिससे बस्तर के लोगों का भरोसा सरकार पर मजबूत हुआ। ‘नियद नेल्ला नार 2.0‘ और ‘बस्तर मुन्ने अभियान‘ के जरिए विकास योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जा रहा है। ओरछा और जगरगुंडा जैसे सुदूर क्षेत्रों में एजुकेशन सिटी विकसित की जा रही है। बस्तर में  लगभग 10 लाख परिवारों की आय बढ़ाने के लिए 4,824 करोड़ रुपए की ‘आजीविका उन्नयन योजना‘ तैयार की गई है। 

बस्तर के जंगलों में मौजूद सुरक्षा कैंप अब दूरदराज के गांव वालों के लिए सेवा और विकास के केंद्र बन रहे हैं। दूरस्थ गांवों में सार्वजनिक परिवहन के लिए ‘मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा‘ शुरू की गई है। बस्तर में सड़क, पुल, मोबाइल नेटवर्क, उचित मूल्य दुकान, स्वास्थ्य केंद्र, स्कूल और आंगनबाड़ी जैसी सुविधाओं का विस्तार हो रहा है। मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत 34 लाख से अधिक लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल तैयार किया गया है। सरकार का जोर अब बस्तर को संघर्ष की पहचान से निकालकर शिक्षा, पर्यटन, आजीविका और उद्योगों की नई पहचान देने पर है। 

उद्योग के क्षेत्र में राज्य में निवेश लाने के साथ उद्योगों की स्थापना की प्रक्रियाओं को आसान पर जोर दिया गया। छत्तीसगढ़ ने 450 से अधिक ईज ऑफ डूइंग बिजनेस सुधार लागू किए हैं। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस एक्ट 2026 लाने वाला राज्य देश का पहला राज्य बना। जन विश्वास सुधारों के जरिए 279 छोटे अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर किया गया। वन-क्लिक सिंगल विंडो व्यवस्था, सरल भूमि डायवर्जन और रजिस्ट्री के बाद स्वतः नामांतरण जैसे सुधार किए गए हैं। नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 के बाद 8 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिनसे 1.72लाख से अधिक संभावित रोजगार के अवसर निर्मित होंगे। 

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