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नीट यूजी 2026 परीक्षा रद्द, पेपर लीक की आशंका पर CBI करेगी जांच

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 नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 को रद्द कर दिया है। पेपर लीक की आशंका के चलते यह बड़ा फैसला लिया गया है। मामले की जांच अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपी गई है। परीक्षा की नई तारीखों का ऐलान बाद में किया जाएगा।


एनटीए ने जारी नोटिस में कहा कि भारत सरकार की मंजूरी के बाद 3 मई 2026 को आयोजित NEET (UG) 2026 परीक्षा को निरस्त करने का निर्णय लिया गया है। नई परीक्षा तिथि की सूचना अलग से जारी की जाएगी।

गौरतलब है कि देशभर के मेडिकल, डेंटल और आयुष कॉलेजों में एमबीबीएस, बीडीएस, बीएएमएस और बीएचएमएस सहित विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए NEET UG परीक्षा आयोजित की जाती है। इस वर्ष करीब 22.05 लाख विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी।

7 मई को मिले थे पेपर लीक के इनपुट

सूत्रों के अनुसार, परीक्षा आयोजित होने के चार दिन बाद यानी 7 मई को एनटीए को पेपर लीक से जुड़े कुछ इनपुट प्राप्त हुए थे। इसके बाद 8 मई को मामले के सत्यापन और आगे की कार्रवाई के लिए जानकारी केंद्रीय एजेंसियों को सौंप दी गई थी।

‘गेस पेपर’ से मिले कई सवाल

राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) की जांच के बाद पेपर लीक की आशंका और गहरा गई। एसओजी के मुताबिक, परीक्षा से करीब 15 दिन से एक महीने पहले एक कथित “गेस पेपर” अभ्यर्थियों के बीच सर्कुलेट हो रहा था। बताया गया कि इस गेस पेपर में करीब 410 प्रश्न थे, जिनमें से लगभग 120 सवाल NEET परीक्षा के केमिस्ट्री सेक्शन में हूबहू पूछे गए। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि परीक्षा में आए करीब 600 अंकों के प्रश्न इसी गेस पेपर से मेल खाते थे।

केरल से राजस्थान तक पहुंचा नेटवर्क

जांच एजेंसियों को आशंका है कि कथित गेस पेपर केरल से लीक होकर राजस्थान तक पहुंचा। जानकारी के अनुसार, राजस्थान के सीकर में कंसल्टेंसी चलाने वाले झुंझुनूं निवासी एक व्यक्ति के पास परीक्षा से लगभग एक माह पहले यह पेपर पहुंचा था।

20 से अधिक संदिग्ध हिरासत में

एसओजी ने पिछले चार दिनों में देहरादून, सीकर और झुंझुनूं से 20 से अधिक संदिग्धों को हिरासत में लिया है। सूत्रों के मुताबिक, इनमें कई करियर काउंसलर शामिल हैं। देहरादून से पकड़े गए संदिग्धों में सीकर निवासी राकेश मंडावरिया का नाम भी सामने आया है। बताया जा रहा है कि उसका पीपराली रोड स्थित एक कोचिंग संस्थान के सामने कंसल्टेंसी कार्यालय है। उसकी निशानदेही पर जांच एजेंसियों ने चार अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया है।

लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री बने हिमंता बिस्वा सरमा, रचा नया राजनीतिक इतिहास

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 असम में भाजपा नीत एनडीए सरकार ने एक बार फिर सत्ता संभाल ली है। हिमंता बिस्वा सरमा ने लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर नया राजनीतिक इतिहास रच दिया। वे असम में लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री बनने वाले पहले गैर-कांग्रेसी नेता बन गए हैं।


राज्यपाल Lakshman Prasad Acharya ने खानापारा स्थित वेटरनरी मैदान में आयोजित भव्य समारोह में हिमंता बिस्वा सरमा को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। उनके साथ भाजपा के अजंता नियोग और रामेश्वर तेली, सहयोगी दल Asom Gana Parishad के अतुल बोरा तथा Bodoland People's Front के चरण बोरो ने भी मंत्री पद की शपथ ली।

शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री Narendra Modi, रक्षा मंत्री Rajnath Singh समेत कई केंद्रीय मंत्री, भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री, एनडीए नेता, उद्योगपति और बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।

असम में मजबूत हुआ भाजपा का किला

कभी कांग्रेस का गढ़ रहे असम में अब भाजपा लगातार अपनी पकड़ मजबूत करती जा रही है। हालिया विधानसभा चुनाव में भाजपा ने अकेले 82 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि एनडीए गठबंधन को कुल 102 सीटें मिलीं। 126 सदस्यीय विधानसभा में सहयोगी दल अगप और बीपीएफ को 10-10 सीटें हासिल हुईं। वहीं कांग्रेस महज 19 सीटों पर सिमट गई।

असम में एनडीए की यह लगातार तीसरी सरकार है। राज्य में पहली बार 2016 में Sarbananda Sonowal के नेतृत्व में भाजपा सत्ता में आई थी। इसके बाद 2021 में हिमंता बिस्वा सरमा ने मुख्यमंत्री पद संभाला और अब लगातार दूसरी बार सरकार का नेतृत्व कर रहे हैं।

कांग्रेस से भाजपा तक का राजनीतिक सफर

राजनीतिक जानकारों के मुताबिक असम की राजनीति में यह बदलाव ऐतिहासिक माना जा रहा है। एक समय कांग्रेस का मजबूत गढ़ रहे राज्य में भाजपा ने पिछले एक दशक में तेजी से अपना जनाधार बढ़ाया है। 2016 में भाजपा ने 60 सीटें जीतकर पहली बार सरकार बनाई थी, जबकि इस बार पार्टी ने अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 82 सीटें हासिल कीं।

लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री बनने के साथ ही Himanta Biswa Sarma ने असम की राजनीति में एक नया रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है।

जिंदा मंत्री की निकाली ‘शव यात्रा’, 17 कांग्रेस नेताओं पर FIR

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 दुर्ग/बेमेतरा। बेमेतरा जिले के ग्राम झिरिया में कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन के बाद राजनीतिक विवाद गहरा गया है। खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल की प्रतीकात्मक शव यात्रा निकालने के मामले में भिलाई विधायक Devendra Yadav समेत 17 कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।


जानकारी के अनुसार, मामला चंदनु थाना क्षेत्र का है। मंत्री दयाल दास बघेल के बेटे की शिकायत पर पुलिस ने कांग्रेस नेताओं के खिलाफ FIR दर्ज की है। शिकायत में कहा गया है कि मंत्री जीवित हैं, इसके बावजूद कांग्रेस नेताओं ने उनकी शव यात्रा निकालकर हिंदू धर्म की भावनाओं को आहत किया। आरोप है कि मंच से मंत्री की मौत की घोषणा की गई और दो मिनट का मौन भी रखा गया, जिससे उनकी छवि धूमिल हुई।






शिकायतकर्ता ने यह भी कहा कि हिंदू परंपरा में शव यात्रा निकालने का अधिकार परिजनों, विशेषकर बेटे को होता है, लेकिन राजनीतिक विरोध के नाम पर इस परंपरा का अपमान किया गया।

इधर, FIR दर्ज होने के बाद विधायक Devendra Yadav ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि वे जेल जाने से नहीं डरते और गौवंश की रक्षा के लिए लगातार आवाज उठाते रहेंगे।

देवेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा केवल चुनाव के समय गौ माता के नाम पर राजनीति करती है, लेकिन सत्ता में आने के बाद गोवंश की सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं रहती। उनका कहना है कि ग्राम झिरिया में लगातार गौवंशों की मौत हो रही थी और कांग्रेस लंबे समय से प्रशासन के सामने यह मुद्दा उठा रही थी। कार्रवाई नहीं होने पर मजबूर होकर विरोध प्रदर्शन किया गया।

इस पूरे घटनाक्रम के बाद प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है और कांग्रेस व भाजपा एक-दूसरे पर हमलावर हैं।

AI से IPL की नकली टिकट बनाकर बेची, दुर्ग के 4 युवक गिरफ्तार

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 Fake Ticket Scam : अटल बिहारी वाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम में IPL मैच के दौरान हाईटेक टिकट फ्रॉड का बड़ा खुलासा हुआ है। उत्तर प्रदेश पुलिस ने छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के चार युवकों को गिरफ्तार किया है, जो AI टूल्स और डिजाइनिंग सॉफ्टवेयर की मदद से नकली IPL टिकट बनाकर दर्शकों को बेच रहे थे।


गिरफ्तार आरोपियों की पहचान श्रीकांत बोरकर, नूतन साहू, राजेंद्र चौधरी और विश्वजीत साहू के रूप में हुई है।

जानकारी के मुताबिक, Lucknow Super Giants और Royal Challengers Bengaluru के मैच के दौरान एक युवक ने स्टेडियम के बाहर टिकट खरीदा था। UPI से भुगतान करने के बाद जब वह एंट्री गेट पहुंचा, तो स्कैनिंग में टिकट फर्जी निकला। इसके बाद साइबर सेल और पुलिस ने डिजिटल ट्रांजैक्शन ट्रेस कर आरोपियों को पकड़ लिया।

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी सोशल मीडिया से असली IPL टिकटों की तस्वीरें डाउनलोड करते थे। फिर CorelDRAW और अन्य डिजाइनिंग सॉफ्टवेयर की मदद से उनकी कॉपी तैयार की जाती थी। पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि टिकट के डिजाइन और प्रिंटिंग पैटर्न समझने के लिए आरोपियों ने ChatGPT
और ऑनलाइन ट्यूटोरियल्स का सहारा लिया।

पुलिस के मुताबिक आरोपी इससे पहले अरुण जेटली स्टेडियम के बाहर भी नकली टिकट बेचने की कोशिश कर चुके थे। वहां असफल होने के बाद उन्होंने अपनी तकनीक को और बेहतर बनाया और फिर लखनऊ को निशाना बनाया।

जांच अधिकारियों के अनुसार आरोपियों तक पहुंचने में UPI ट्रांजैक्शन सबसे बड़ा सुराग साबित हुआ। फिलहाल पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों, बैंकिंग ट्रांजैक्शन और संभावित ऑनलाइन फ्रॉड नेटवर्क की जांच कर रही है।

तरबूज खाने से बच्चे की मौत, 3 अन्य बच्चे अस्पताल में भर्ती मामले में जांजगीर कलेक्टर ने लिया तत्काल संज्ञान

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जांच के लिए भेजे गए तरबूज के सैंपल, स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में कर रही अन्य लोगों के स्वास्थ्य की जांच


रायपुर, 11 मई 2026/ जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम धुरकोट में तरबूज खाने के बाद एक बच्चे की मृत्यु तथा 3 अन्य बच्चों के बीमार होने का मामला सामने आया है। घटना की जानकारी मिलते ही कलेक्टर श्री जन्मेजय महोबे ने तत्काल संज्ञान लेते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम एवं संबंधित एसडीएम को जिला चिकित्सालय जांजगीर भेजा , कलेक्टर के निर्देश पर एसडीएम जांजगीर ने मेडिकल टीम को गांव में संबंधित परिवार के सभी लोगों के स्वास्थ्य जांच के लिए रवाना किया तथा तहसीलदार को गांव में इस बाबत पूरे मामले पर लगातार निगरानी रखने हेतु निर्देशित किया गया।

सिविल सर्जन श्री एस. कुजूर ने बताया बच्चों के तरबूज और चिकन खाने बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। एक बच्चे की अस्पताल पहुंचने से पहले ही मृत्यु हो गई, जबकि 3 अन्य बीमार बच्चों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है जिनकी हालत अब सामान्य है ।कलेक्टर के निर्देश पर संबंधित तरबूज के सैंपल जांच हेतु भेज दिए गए हैं। साथ ही मृत बच्चे का पोस्टमार्टम कराया गया है और विसरा सुरक्षित रखा गया है ताकि मृत्यु के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।

जिला प्रशासन द्वारा पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है तथा जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में अन्य लोगों के स्वास्थ्य की जांच कर निगरानी भी कर रही है।

तालाब में मछली पकड़ने पर बवाल, दो पक्षों में खूनी संघर्ष, बच्चे समेत कई घायल

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 रायपुर : छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में तालाब में मछली पकड़ने को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। मामूली कहासुनी के बाद दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और जमकर लाठी-डंडे चले। घटना में बच्चे समेत कई लोग घायल हो गए।


जानकारी के अनुसार, विवाद तालाब में मछली मारने की बात को लेकर शुरू हुआ था। पहले दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई, लेकिन देखते ही देखते मामला हिंसक झड़प में बदल गया। मारपीट के दौरान इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

घटना का वीडियो सोशल media पर तेजी से वायरल हो रहा है। सूचना मिलने पर Bilaigarh Police मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया।

पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत के आधार पर कुल 20 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। साथ ही क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है।

मां को बताया सब ठीक, जन्मा बिना आंखों का बच्चा; कोर्ट ने अस्पताल पर ठोका 1 करोड़ का जुर्माना, पढ़े पूरी खबर

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 तेलंगाना के आदिलाबाद जिला उपभोक्ता आयोग ने चिकित्सा लापरवाही से जुड़े एक मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए अस्पताल को 1 करोड़ रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है। मामला एक ऐसे बच्चे से जुड़ा है, जिसका जन्म दोनों आंखों के बिना हुआ था। आयोग ने इसे डॉक्टरों और अस्पताल की गंभीर लापरवाही माना है।


जानकारी के अनुसार, तेलंगाना निवासी भाग्यश्री गर्भावस्था के दौरान नियमित रूप से जांच और अल्ट्रासाउंड स्कैन कराती रहीं। परिवार का आरोप है कि हर जांच में डॉक्टरों ने बच्चे को पूरी तरह स्वस्थ बताया और किसी प्रकार की शारीरिक समस्या की जानकारी नहीं दी।

हालांकि, प्रसव के समय परिवार को बड़ा झटका लगा, जब नवजात दोनों आंखों के बिना पैदा हुआ। परिजनों का कहना है कि यदि अल्ट्रासाउंड जांच सही तरीके से की जाती, तो गर्भावस्था के दौरान ही बच्चे की शारीरिक स्थिति का पता चल सकता था।

उपभोक्ता आयोग ने माना लापरवाही

मामले की सुनवाई के दौरान आयोग के अध्यक्ष Jabez Samuel ने रिकॉर्ड और रिपोर्टों की जांच की। आयोग ने माना कि अस्पताल और डॉक्टरों ने जांच प्रक्रिया में लापरवाही बरती तथा परिवार को सही जानकारी नहीं दी।

मुआवजे के साथ ब्याज देने का आदेश

आयोग ने अस्पताल को पीड़ित परिवार को 1 करोड़ रुपये मुआवजा देने का निर्देश दिया है। साथ ही शिकायत दर्ज होने की तारीख से 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ राशि का भुगतान करने को कहा गया है। इसके अतिरिक्त 34 हजार रुपये अदालती खर्च के रूप में देने का भी आदेश दिया गया है।

चिकित्सा क्षेत्र में जवाबदेही पर जोर

आयोग ने अपने फैसले में कहा कि डॉक्टरों की जिम्मेदारी केवल उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि मरीज और परिजनों को सही एवं सटीक जानकारी देना भी उनकी जिम्मेदारी है। इस फैसले को चिकित्सा क्षेत्र में जवाबदेही तय करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

 

सोहम हॉस्पिटल में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन, सैकड़ों लोग हुए लाभान्वित

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महासमुंद- लभराखुर्द स्थित  सोहम हॉस्पिटल में जन सेवा समिति के तत्वावधान में 127वा निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर 10 मई  रविवार को आयोजित हुई. निशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर में  मरीजों का  डॉक्टर सोमी चंद्राकर एवं  डॉक्टर  युगल चंद्राकर एवं डॉ सी पी पटेल ने  40  नि: शुल्क सोनोग्राफी किया

70 से अधिक मरीज को  मार्गदर्शन दिए. टीम के द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, जिसमें  जोड़ो के दर्द , पेट संबंधी समस्याओं , पथरी , पेट मे जलन, गैस , चमड़ी  के रोग, साइटिका , सर्वाइकल , दाद खाज खुजली इत्यादि  का निःशुल्क परीक्षण एवं  उचित मार्गदर्शन  दिया गया. महासमुंद जिले के हर तहसील जैसे बागबाहरा क्षेत्र के कई गांव,  तुमगांव क्षेत्र, पिथौरा क्षेत्र एवं  आसपास के कई गांव के लोग इस शिविर से लाभान्वित हुए . दूरस्थ गांव से मरीज ने आकर अपना स्वास्थ्य परीक्षण कराया एवं इस स्वास्थ्य शिविर का लाभ उठाया. जिसमें सोहम हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉक्टर युगल चंद्राकर के मार्गदर्शन में यह निशुल्क स्वास्थ्य एवं परीक्षण शिविर हुआ . उन्होंने बताया कि समय-समय पर इस तरह के निशुल्क सेवा के कार्य सोहम परिवार के माध्यम से चलाए जाते हैं ।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रावीण्य सूची के मेधावी विद्यार्थियों से की आत्मीय चर्चा

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सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं, अनुशासन, मेहनत और स्वस्थ दिनचर्या ही उपलब्धि की असली कुंजी - मुख्यमंत्री श्री साय

मुख्यमंत्री निवास में टॉपर्स से संवाद : संघर्ष, शिक्षा, स्वास्थ्य और सपनों पर हुई खुलकर चर्चा

पढ़ाई के साथ स्वास्थ्य, योग और अनुशासित जीवन भी उतना ही जरूरी – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास, सिविल लाइन्स रायपुर में कक्षा 10वीं एवं 12वीं की प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने वाले मेधावी विद्यार्थियों से आत्मीय मुलाकात कर उन्हें शुभकामनाएं दीं।मुख्यमंत्री साय ने विद्यार्थियों के साथ बेहद सहज और प्रेरणादायी संवाद करते हुए उनके सपनों, पढ़ाई की दिनचर्या, सफलता के अनुभव और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री निवास का वातावरण इस दौरान उत्साह, प्रेरणा और आत्मीयता से भर उठा।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए निरंतर मेहनत, अनुशासन और सकारात्मक सोच अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पढ़ाई केवल परीक्षा में अच्छे अंक लाने का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन को दिशा देने वाली सबसे बड़ी शक्ति है। शिक्षा ही व्यक्ति और समाज के विकास का मूल आधार है।

मुख्यमंत्री साय ने विद्यार्थियों से एक-एक कर परिचय प्राप्त किया और उनसे पूछा कि वे भविष्य में क्या बनना चाहते हैं। इस दौरान विद्यार्थियों ने डॉक्टर, इंजीनियर, आईएएस, आईपीएस और अन्य क्षेत्रों में जाकर देशसेवा करने की अपनी इच्छा व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों की आकांक्षाओं की सराहना करते हुए कहा कि बड़े सपने देखने वाले ही जीवन में बड़ी उपलब्धियां हासिल करते हैं।

संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से उनकी पढ़ाई की दिनचर्या और सफलता के अनुभव भी साझा करवाए। उन्होंने कहा कि नियमित दिनचर्या, समय का सही प्रबंधन और निरंतर अभ्यास सफलता की सबसे महत्वपूर्ण कुंजी है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि वे स्वयं भी अपने जीवन में अनुशासित दिनचर्या का पालन करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि पढ़ाई के साथ-साथ स्वास्थ्य का भी विशेष ध्यान रखें, क्योंकि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का निवास होता है।

मुख्यमंत्री साय ने विद्यार्थियों को योग, नियमित व्यायाम और संतुलित जीवनशैली अपनाने की प्रेरणा देते हुए कहा कि योग व्यक्ति को मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत बनाता है। उन्होंने कहा कि वे स्वयं प्रतिदिन योग करते हैं और अत्यधिक व्यस्त दिनचर्या के बावजूद स्वास्थ्य के लिए समय निकालते हैं।

विद्यार्थियों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए मुख्यमंत्री साय ने अपने संघर्षपूर्ण जीवन की यात्रा भी साझा की। उन्होंने बताया कि बचपन में ही उनके पिता का निधन हो गया था, जिसके बाद परिवार की जिम्मेदारियां कम उम्र में ही उनके कंधों पर आ गईं। खेती-किसानी, छोटे भाइयों की पढ़ाई और परिवार की देखभाल के बीच उन्होंने जीवन का संघर्ष देखा। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने कभी यह नहीं सोचा था कि वे राजनीति में इतने बड़े दायित्व तक पहुंचेंगे, लेकिन जो भी जिम्मेदारी मिली, उसे पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाते गए।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जीवन में परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, यदि व्यक्ति मेहनत और समर्पण के साथ आगे बढ़ता है, तो सफलता अवश्य मिलती है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि संघर्ष ही व्यक्ति को मजबूत बनाता है और चुनौतियां ही जीवन की सबसे बड़ी शिक्षक होती हैं।

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को बताया कि सार्वजनिक जीवन में समय प्रबंधन और जिम्मेदारी का महत्व बहुत अधिक होता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के रूप में उन्हें प्रदेश के सभी विभागों और जनसमस्याओं पर लगातार ध्यान देना होता है। सुशासन तिहार के माध्यम से वे लगातार गांव-गांव जाकर लोगों से संवाद कर रहे हैं और योजनाओं की वास्तविक स्थिति का फीडबैक ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता के बीच रहने से ही ऊर्जा और प्रेरणा मिलती है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि  यदि वे राजनीति में नहीं आते, तो एक अच्छे किसान बनकर खेती और कृषि नवाचार के क्षेत्र में कार्य करते। उन्होंने कहा कि आज कृषि के क्षेत्र में भी अपार संभावनाएं हैं और पढ़े-लिखे युवा आधुनिक खेती, पशुपालन, मत्स्य पालन एवं अन्य कृषि आधारित गतिविधियों के माध्यम से रोजगार और आत्मनिर्भरता की नई मिसाल प्रस्तुत कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री साय ने विद्यार्थियों को अपने माता-पिता और शिक्षकों के प्रति सम्मान बनाए रखने की सीख देते हुए कहा कि जीवन की पहली शिक्षा परिवार और गुरु से ही प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि माता-पिता और शिक्षक ही विद्यार्थियों की सफलता के सबसे बड़े आधार होते हैं।

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के ये मेधावी विद्यार्थी आने वाले समय में प्रदेश और देश का नाम रोशन करेंगे। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे केवल व्यक्तिगत सफलता तक सीमित न रहें, बल्कि समाज और राष्ट्र निर्माण में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विद्यार्थियों से संवाद के दौरान कहा कि आज का छत्तीसगढ़ शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था जब गांवों में प्राथमिक शिक्षा तक की सुविधाएं सीमित थीं, लेकिन आज प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों तक स्कूल, हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों का विस्तार हो चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा के अनेक प्रतिष्ठित संस्थान उपलब्ध हैं, जिससे प्रदेश के विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के नए अवसर मिल रहे हैं।

स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने इस अवसर पर प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि ये मेधावी छात्र-छात्राएं छत्तीसगढ़ के उज्ज्वल भविष्य के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार शिक्षा की गुणवत्ता, आधुनिक संसाधनों और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने विद्यार्थियों को आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने और प्रदेश तथा देश का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया।

मुख्यमंत्री निवास पहुंचकर मेधावी विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री आवास परिसर का भ्रमण किया, वहां की व्यवस्थाओं और कार्यप्रणाली को नजदीक से देखा तथा शासन-प्रशासन के संचालन से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं। इस दौरान बच्चों ने आवास परिसर में आम भी तोड़े और आत्मीय वातावरण में आनंदपूर्ण क्षण बिताए। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बच्चों से बेहद सहजता और अपनत्व के साथ संवाद किया, जिससे विद्यार्थी अत्यंत प्रफुल्लित और प्रेरित नजर आए। विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री निवास के अनुभव को अपने जीवन का यादगार और प्रेरणादायी क्षण बताया।

उल्लेखनीय है कि प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने वाले इन मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहन स्वरूप राज्य शासन की पहल पर एक दिन पूर्व नवा रायपुर स्थित शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में आईपीएल क्रिकेट मैच देखने का अवसर भी प्रदान किया गया था। विद्यार्थियों ने इस अविस्मरणीय अनुभव के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।

छत्तीसगढ़ में औद्योगिक विकास को मिलेगी गति,मुख्य सचिव की अध्यक्षता में पीपीपी मूल्यांकन समिति की बैठक संपन्न

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बिलासपुर ट्रांसपोर्ट नगर और नवा रायपुर कन्वेंशन सेंटर सहित कई बड़ी परियोजनाओं पर हुई चर्चा, नियमों के सरलीकरण पर जोर

रायपुर- छत्तीसगढ़ में औद्योगिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और निवेश को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आज मंत्रालय (महानदी भवन) में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम (CSIDC) की सार्वजनिक निजी भागीदारी मूल्यांकन समिति (PPPAC) ने विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा की।

पीपीपी मॉडल के तहत विकसित होंगी ये प्रमुख परियोजनाएं

बैठक में सार्वजनिक निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के माध्यम से राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में अधोसंरचना विकास पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। चर्चा के केंद्र में रही प्रमुख परियोजनाएं में बिलासपुर में ट्रांसपोर्ट नगर का विकास, नवा रायपुर में अत्याधुनिक कन्वेंशन सेंटर का निर्माण, धमतरी (छाती) एवं बलौदाबाजार (चंदेरी) मे नए औद्योगिक क्षेत्रों का विकास के अलावा भिलाई में कमर्शियल टॉवर और फ्लेटेड फैक्ट्री बिल्डिंग का निर्माण किया जाना है।

निवेश बढ़ाने और नियमों के सरलीकरण पर जोर

मुख्य सचिव विकासशील ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि औद्योगिक परियोजनाओं को गति देने के लिए नियमों का सरलीकरण किया जाए। उन्होंने औद्योगिक ढांचे को सुदृढ़ करने और राज्य में अधिक से अधिक निवेश आकर्षित करने के लिए प्रक्रियाओं को बाधा-मुक्त बनाने पर बल दिया। इसके साथ ही, इंडस्ट्रियल पार्क के आवंटन नियमों में सुधार और उन्हें और अधिक पारदर्शी बनाने पर भी चर्चा हुई।

प्रस्तुतिकरण और विभागीय भागीदारी

बैठक के दौरान उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के सचिव रजत कुमार ने एक विस्तृत प्रस्तुतिकरण के माध्यम से पीपीपी परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति और भविष्य की कार्ययोजना की जानकारी दी। इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में विधि एवं विधायी विभाग की प्रमुख सचिव सुषमा सावंत, वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, साथ ही CSIDC, योजना और वित्त विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

नगरीय प्रशासन विभाग की नई सचिव शंगीता आर. पहुंची इंद्रावती भवन

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विभागीय संचालनालय एवं सूडा कार्यालय का किया भ्रमण, अधिकारियों से वन-टू-वन चर्चा कर योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली

योजनाओं का समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के दिए निर्देश

प्रशासनिक कुशलता और तन्मयता से कार्य करने अधिकारियों-कर्मचारियों को किया प्रेरित

रायपुर- नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की नई सचिव शंगीता आर. ने आज सवेरे नवा रायपुर में इंद्रावती भवन पहुंचकर विभागीय संचालनालय और सूडा (State Urban Development Authority) कार्यालय का भ्रमण किया। उन्होंने इस दौरान सभी कार्यालयीन कक्षों में जाकर अधिकारियों-कर्मचारियों से बातचीत कर उन्हें कार्यस्थ्ल पर समयबध्द् उपस्थिति, प्रशासनिक कुशलता और तन्मयता से कार्य करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विभागीय तथा सूडा के अधिकारियों से वन-टू-वन चर्चा कर योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने सभी अधिकारियों को योजनाओं के समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

नगरीय प्रशासन विभाग की नवपदस्थ सचिवशंगीता आर. ने इंद्रावती भवन में अधिकारियों की बैठक लेकर विभागीय कार्यों और योजनाओं की प्रगति की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने नगरीय निकायों के कार्यों, योजनाओं, अधोसंरचना विकास, स्वच्छता, जलप्रदाय, प्रधानमंत्री आवास योजना, अमृत मिशन तथा अन्य शहरी विकास परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने सर्वजन हिताय के मूल-मंत्र को ध्यानन में रखते हुए नागरिकों की सुविधा के लिए समयबध्द  तरीके से कार्य करने के लिए अधिकारियों को प्रेरित किया।

सचिव शंगीता आर. ने बैठक में अधिकारियों से कहा कि शहरी क्षेत्रों में नागरिकों को मूलभूत सुविधाएं प्रभावी रूप से उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है। उन्होंने सभी कार्यों और परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए लंबित कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक में विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने विभिन्न योजनाओं एवं परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति, प्रगति तथा आगामी कार्ययोजनाओं की जानकारी दी। विभागीय योजनाओं के बेहतर संचालन, कार्यों में तेजी लाने तथा नागरिक सुविधाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने को लेकर भी बैठक में विस्तार से चर्चा हुई।

विभागीय सचिव शंगीता आर. ने बैठक में साझा किया कि आज ही के दिन वर्ष 2005 में उन्हें भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी बनने का गौरव प्राप्त किया था। उन्होंभने इस विशेष पल को याद करते हुए अपने निजी जीवन और प्रशासनिक सफर के अहम पड़ावों को बैठक में मौजूद लोगों के साथ साझा किया।   

सूडा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी शशांक पाण्डेय, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी दुष्यंत कुमार रायस्त, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के अपर संचालक पुलक भट्टाचार्य, मुख्य अभियंता राजेश शर्मा और संयुक्त संचालक मिथिलेश अवस्थी सहित नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग और सूडा के अन्य वरिष्ठ अधिकारी बैठक में मौजूद थे।


महासमुंद में खाद संकट की आहट, व्यापारियों का बड़ा ऐलान: 1 जून से बंद होगी खाद की बिक्री

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महासमुंद- महासमुंद ब्लॉक के खाद व्यापारियों ने शासन द्वारा निर्धारित दरों पर खाद न मिलने के विरोध में आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। सोमवार को 'महासमुंद' में आयोजित महासमुंद ब्लॉक खाद विक्रेता संघ और थोक विक्रेताओं (होलसेलर्स) की एक महत्वपूर्ण बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि व्यापारियों के हितों की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बैठक में लिए गए बड़े फैसले 

खाद व्यापारियों ने अपनी एकजुटता दिखाते हुए निम्नलिखित कड़े कदम उठाने का निर्णय लिया है:-

​ नई खरीदी पर रोक : जब तक निर्धारित सरकारी रेट पर खाद उपलब्ध नहीं कराई जाती, तब तक कोई भी रिटेल व्यापारी नई खाद नहीं खरीदेगा।

​ 30 मई तक की मोहलत : व्यापारियों के पास वर्तमान में जो स्टॉक मौजूद है, उसे केवल 30 मई 2026 तक ही किसानों को बेचा जाएगा।

​ 1 जून से पूर्ण बंदी: आगामी 1 जून से महासमुंद ब्लॉक में खाद की बिक्री पूरी तरह बंद कर दी जाएगी।

​ होलसेलरों का बहिष्कार : संघ के फैसलों का समर्थन न करने वाले थोक व्यापारियों से भविष्य में कोई भी लेन-देन नहीं किया जाएगा।

आर्थिक दबाव बना आंदोलन की वजह 

​व्यापारियों का कहना है कि खाद कंपनियां और कुछ थोक व्यापारी सरकारी नियमों और निर्धारित दरों का उल्लंघन कर रहे हैं। इससे फुटकर व्यापारियों पर भारी आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। व्यापारियों ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं निकाला गया, तो यह विरोध एक बड़े आंदोलन का रूप ले लेगा।

बैठक में प्रमुख उपस्थिति 

​इस महत्वपूर्ण बैठक में रायपुर के प्रमुख होलसेलर्स भी शामिल हुए, जिनमें:

​राजीव बग्गा (संचालक, कृषि सेवा केंद्र रायपुर)

​अशोक असरानी (संचालक, पायल फर्टिलाइजर रायपुर)

​अजित सिंह (प्रतिनिधि, सुहाने एग्रोटेक रायपुर)

​ एकजुट रहने की अपील: 

महासमुंद ब्लॉक खाद विक्रेता संघ के अध्यक्ष जागेश्वर 'जुगनू' चंद्राकर एवं सचिव ईश्वर पटेल ने सभी व्यापारियों से एकजुट रहने का आह्वान किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संगठन अपने सदस्यों के हितों की रक्षा के लिए किसी भी स्तर पर संघर्ष करने को तैयार है।

​किसानों के लिए यह खबर चिंताजनक हो सकती है, क्योंकि खरीफ सीजन की शुरुआत से पहले खाद की बिक्री बंद होने से खेती-किसानी पर सीधा असर पड़ने की संभावना है।

हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित होगा “पत्रकारिता मार्तण्ड उत्सव”

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया उत्सव पोस्टर का विमोचन, सफल आयोजन की दी शुभकामनाएं

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज उनके निवास कार्यालय में रायपुर प्रेस क्लब के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आगामी 30 मई को आयोजित “पत्रकारिता मार्तण्ड उत्सव” में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया।

मुख्यमंत्री साय ने आमंत्रण के लिए प्रतिनिधिमंडल का आभार व्यक्त करते हुए आयोजन की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने “पत्रकारिता मार्तण्ड उत्सव” के पोस्टर का विमोचन भी किया।

प्रेस क्लब के अध्यक्ष मोहन तिवारी ने बताया कि यह आयोजन हिंदी पत्रकारिता की गौरवशाली परंपरा, लोकतंत्र में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका तथा पत्रकारिता के योगदान को सम्मानित और स्मरणीय बनाने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।उन्होंने जानकारी दी कि कार्यक्रम में प्रदेश एवं देश के वरिष्ठ पत्रकारों, संपादकों, मीडिया विशेषज्ञों, साहित्यकारों तथा विभिन्न सामाजिक क्षेत्रों की विशिष्ट हस्तियों की सहभागिता रहेगी। आयोजन के अंतर्गत पत्रकार सम्मान, विचार गोष्ठी, विशेष व्याख्यान एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का भी आयोजन किया जाएगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार आर. कृष्णा दास, प्रेस क्लब के उपाध्यक्ष गौरव शर्मा सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

गोलगप्पे खाने के बाद बिगड़ी तबीयत, सारंगढ़ में 25 ग्रामीण अस्पताल में भर्ती

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 सारंगढ़-बिलाईगढ़। जिले के रेड़ा गांव में फूड प्वाइजनिंग की आशंका से हड़कंप मच गया। गोलगप्पे (फुलकी) खाने के बाद बच्चों, महिलाओं और युवकों समेत करीब 20 से 25 ग्रामीणों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। सभी को आधी रात जिला अस्पताल सारंगढ़ में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।


जानकारी के मुताबिक, प्रभावित लोगों ने शनिवार रात गांव में गोलगप्पे खाए थे। इसके कुछ घंटों बाद उन्हें उल्टी, दस्त, बुखार और शरीर दर्द की शिकायत होने लगी। एक ही मोहल्ले के कई लोगों के बीमार पड़ने से गांव में चिंता का माहौल बन गया।

परिजनों ने तत्काल सभी बीमार लोगों को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार शुरू किया। मरीजों और परिजनों का कहना है कि फुलकी खाने के बाद ही उनकी तबीयत बिगड़ी।

घटना की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंची और जांच शुरू कर दी। विभाग ने खाद्य पदार्थों के सैंपल जांच के लिए भेजे हैं। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद ही फूड प्वाइजनिंग के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी।
फिलहाल सभी मरीजों की हालत सामान्य बताई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से बाहर के खाद्य पदार्थों का सेवन करते समय सावधानी बरतने की अपील की है।

प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश की सनातन संस्कृति को मिला नया गौरव : मुख्यमंत्री साय

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 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के महादेव घाट स्थित हाटकेश्वर महादेव मंदिर परिसर में आयोजित “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने जनप्रतिनिधियों एवं श्रद्धालुओं के साथ गुजरात स्थित सोमनाथ मंदिर से वर्चुअली जुड़े प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई पूजा - अर्चना का अवलोकन कर उनका संबोधन सुना। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दौरान सोमनाथ मंदिर के स्वर्णिम इतिहास, विदेशी आक्रांताओं द्वारा किए गए हमलों, मंदिर के पुनरनिर्माण यात्रा, वर्तमान सरकार द्वारा किये जा रहे आस्था के केंद्रों का संरक्षण एवं संवर्धन के संकल्प सहित विभिन्न विषयों पर अपनी बातें देशवासियों से साझा की।


मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रदेशवासियों को “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि 75 वर्ष पूर्व आज ही के दिन सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण का कार्य पूर्ण हुआ था और इसी ऐतिहासिक अवसर को देशभर में स्वाभिमान पर्व के रूप में मनाया जा रहा है।


उन्होंने कहा कि सोमनाथ मंदिर पर अनेक बार बाहरी आक्रांताओं द्वारा हमले किए गए, लेकिन मंदिर की आस्था और परंपरा को समाप्त नहीं किया जा सका। साय ने कहा कि पहली बार आक्रमण के दौरान मंदिर के पुजारियों और श्रद्धालुओं ने मंदिर नहीं छोड़ा तथा अपने प्राणों का बलिदान दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका त्याग आज भी इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित है।

साय ने कहा कि देश की स्वतंत्रता के बाद तत्कालीन गृह मंत्री लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल ने सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का संकल्प लिया था। उन्होंने कहा कि उस समय देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने तमाम विरोधों के बावजूद सोमनाथ मंदिर पहुंचकर पुनर्निर्मित मंदिर के लोकार्पण कार्यक्रम में भाग लिया था। साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में देश की सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं को नया गौरव मिला है। उन्होंने कहा कि आज देशभर के प्रमुख तीर्थ स्थलों, मंदिरों और धार्मिक स्थलों का विकास तेजी से हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बनारस के काशी विश्वनाथ, उज्जैन स्थित महाकाल से लेकर सोमनाथ मंदिर तक व्यापक विकास कार्य किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार भी प्रदेश के धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में देवी माताओं के मंदिरों को शक्तिपीठ योजना के माध्यम से विकसित किया जा रहा है। इसी तरह कबीरधाम जिले में स्थित भोरमदेव महादेव मंदिर को स्वदेश दर्शन योजना के अंतर्गत 148 करोड़ रुपए की स्वीकृति मिली है और यहां पर्यटन सुविधाओं के विस्तार और सौंदर्यीकरण के कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ माता कौशल्या की जन्मभूमि और भगवान श्रीराम का ननिहाल है। सनातनियों के लंबे संघर्ष के बाद अयोध्या के मंदिर में भगवान श्रीरामलला की प्राण प्रतिष्ठा हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की श्री रामलला दर्शन योजना के माध्यम से अब तक 40 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या जाकर प्रभु श्रीराम के दर्शन कर चुके हैं और यह योजना लगातार जारी है।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के अंत में सभी लोगों से भाईचारे, सामाजिक समरसता और राष्ट्र की एकता को मजबूत बनाए रखने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में सनातन संस्कृति और आस्था केंद्रों के संरक्षण एवं संवर्धन का कार्य लगातार हो रहा है। उन्होंने कहा कि हमारे मुखिया भी प्रदेश में धार्मिक स्थलों के संरक्षण के साथ ही विभिन्न योजनों के माध्यम से लोगों को आस्था से जोड़ने का कार्य कर रहे हैं। राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि सोमनाथ मंदिर देश की संस्कृति, वैभव और स्वाभिमान का प्रतीक है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत अपनी सांस्कृतिक विरासत को पुनर्स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में नक्सल उन्मूलन के बाद पर्यटन और धार्मिक स्थलों के विकास को नई गति मिली है। कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि सोमनाथ मंदिर सनातनियों के आस्था का बड़ा केंद्र है। उन्होंने कहा कि हजार वर्षों के इतिहास में अनेक आक्रमणों के बावजूद सनातन संस्कृति की आस्था को कोई डिगा नहीं पाया है और न कभी ऐसा होगा।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर के महादेव घाट स्थित हाटकेश्वर महादेव मंदिर पहुँचे। उन्होंने भगवान शिव की पूजा अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, विधायक पुरन्दर मिश्रा, छत्तीसगढ़ निःशक्तजन वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष लोकेश कावड़िया, महापौर मीनल चौबे, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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