Media24Media.com

Responsive Ad Slot

Latest

latest
lockdown news

महासमुंद की खबरें

महासमुंद की खबर

रायगढ़ की ख़बरें

raigarh news

दुर्ग की ख़बरें

durg news

जम्मू कश्मीर की ख़बरें

jammu and kashmir news

VIDEO

Videos
top news


 

राष्ट्रीय खेल पुरस्कार 2025 की घोषणा, 17 खिलाड़ियों को अर्जुन पुरस्कार

No comments Document Thumbnail

नई दिल्ली- युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय ने राष्ट्रीय खेल पुरस्कार 2025 की घोषणा कर दी है। खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन और योगदान को सम्मानित करने के लिए हर वर्ष प्रदान किए जाने वाले इन पुरस्कारों के लिए इस बार बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए थे।

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) अरुण कुमार मिश्रा की अध्यक्षता वाली चयन समिति की सिफारिशों के आधार पर सरकार ने विभिन्न श्रेणियों में खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और संस्थाओं को पुरस्कार देने का निर्णय लिया है।

17 खिलाड़ियों को अर्जुन पुरस्कार

खेल और खेलकूद में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए 17 खिलाड़ियों को वर्ष 2025 का अर्जुन पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। अर्जुन पुरस्कार पिछले चार वर्षों के उत्कृष्ट प्रदर्शन के साथ-साथ नेतृत्व क्षमता, खेल भावना और अनुशासन को ध्यान में रखते हुए दिया जाता है।

पुरस्कार पाने वाले खिलाड़ियों में एथलेटिक्स से तेजस्विन शंकर, मोहम्मद अजमल वी. और प्रियंका गोस्वामी शामिल हैं। बैडमिंटन में ट्रीसा जॉली और पुल्लेला गायत्री गोपीचंद को सम्मानित किया जाएगा।

बॉक्सिंग में नरेंद्र, शतरंज में विदित संतोष गुजराथी और दिव्या जितेंद्र देशमुख, जबकि डेफ शूटिंग में धनुष श्रीकांत को अर्जुन पुरस्कार मिलेगा।

हॉकी में लालरेम्सियामी और राजकुमार पाल, कबड्डी में सुरजीत और पूजा को सम्मानित किया जाएगा।

इसके अलावा पैरा-शूटिंग में रुद्रांश खंडेलवाल, पैरा एथलेटिक्स में एकता भ्याण, रोइंग में अरविंद सिंह और शूटिंग में अखिल श्योराण को अर्जुन पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।

फुटबॉल में लाइफटाइम अर्जुन पुरस्कार

खेल में लंबे समय तक योगदान और सक्रिय खेल करियर समाप्त होने के बाद भी खेलों के प्रोत्साहन में योगदान देने वाले खिलाड़ियों को प्रदान किए जाने वाले अर्जुन पुरस्कार (लाइफटाइम) से फुटबॉल के आई. अरुमैनायगम को सम्मानित किया जाएगा।

5 प्रशिक्षकों को द्रोणाचार्य पुरस्कार

खेलों में लगातार उत्कृष्ट एवं सराहनीय कार्य करने और खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन के लिए तैयार करने वाले प्रशिक्षकों को द्रोणाचार्य पुरस्कार 2025 प्रदान किया जाएगा।

नियमित श्रेणी में एथलेटिक्स के परवीर सिंह, बॉक्सिंग के छोटे लाल यादव और शूटिंग की नेहा नंदकुमार चव्हाण को सम्मानित किया जाएगा।

वहीं लाइफटाइम श्रेणी में बॉक्सिंग के धर्मेंद्र सिंह यादव और कुश्ती के वीरेंद्र कुमार को द्रोणाचार्य पुरस्कार दिया जाएगा।

आर्मी पैरालंपिक नोड, पुणे को राष्ट्रीय खेल प्रोत्साहन पुरस्कार

खेलों के प्रचार और विकास में उल्लेखनीय भूमिका निभाने वाली कॉरपोरेट संस्थाओं और गैर-सरकारी संगठनों को दिए जाने वाले राष्ट्रीय खेल प्रोत्साहन पुरस्कार 2025 के लिए आर्मी पैरालंपिक नोड, पुणे का चयन किया गया है।

मंत्रालय ने इन पुरस्कारों के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए थे। खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और संस्थाओं को समर्पित ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से स्वयं आवेदन करने की सुविधा दी गई थी।

इस वर्ष प्राप्त बड़ी संख्या में आवेदनों पर न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) अरुण कुमार मिश्रा की अध्यक्षता वाली चयन समिति ने विचार किया। समिति में प्रतिष्ठित खिलाड़ी, खेल पत्रकारिता के अनुभवी व्यक्तित्व और खेल प्रशासक भी शामिल थे।

राष्ट्रीय खेल पुरस्कारों के माध्यम से सरकार देश के उन खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों के योगदान को सम्मानित करती है, जिन्होंने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन, समर्पण और निरंतर प्रयासों से भारतीय खेलों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

 राष्ट्रीय खेल पुरस्कार 2025 की पूरी सूची इस प्रकार है:

🏅 अर्जुन पुरस्कार 2025

  1. तेजस्विन शंकर — एथलेटिक्स

  2. मोहम्मद अजमल वी. — एथलेटिक्स

  3. प्रियंका गोस्वामी — एथलेटिक्स

  4. ट्रीसा जॉली — बैडमिंटन

  5. पुल्लेला गायत्री गोपीचंद — बैडमिंटन

  6. नरेंद्र — बॉक्सिंग

  7. विदित संतोष गुजराथी — शतरंज

  8. दिव्या जितेंद्र देशमुख — शतरंज

  9. धनुष श्रीकांत — डेफ शूटिंग

  10. लालरेम्सियामी — हॉकी

  11. राजकुमार पाल — हॉकी

  12. सुरजीत — कबड्डी

  13. पूजा — कबड्डी

  14. रुद्रांश खंडेलवाल — पैरा-शूटिंग

  15. एकता भ्याण — पैरा एथलेटिक्स

  16. अरविंद सिंह — रोइंग

  17. अखिल श्योराण — शूटिंग

🏆 अर्जुन पुरस्कार (लाइफटाइम)

  1. आई. अरुमैनायगम — फुटबॉल

🎯 द्रोणाचार्य पुरस्कार — नियमित श्रेणी

  1. परवीर सिंह — एथलेटिक्स

  2. छोटे लाल यादव — बॉक्सिंग

  3. नेहा नंदकुमार चव्हाण — शूटिंग

🎯 द्रोणाचार्य पुरस्कार — लाइफटाइम श्रेणी

  1. धर्मेंद्र सिंह यादव — बॉक्सिंग

  2. वीरेंद्र कुमार — कुश्ती

🏅 राष्ट्रीय खेल प्रोत्साहन पुरस्कार 2025

  1. आर्मी पैरालंपिक नोड, पुणे

कानपुर आयुध निर्माणी के 423 संविदा श्रमिकों के वेतन विवाद का समाधान, ₹50 लाख बकाया वेतन का भुगतान

No comments Document Thumbnail

उन्नत आयुध एवं उपकरण इंडिया लिमिटेड (AWEIL) के अंतर्गत आयुध निर्माणी, कानपुर में कार्यरत 423 संविदा श्रमिकों से संबंधित एक महत्वपूर्ण वेतन विवाद का केंद्रीय क्षेत्रीय श्रम आयुक्त (केंद्रीय), कानपुर के समय पर हस्तक्षेप और निरंतर सुलह प्रयासों से सफलतापूर्वक समाधान कर लिया गया है। यह कार्रवाई मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय) कार्यालय, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार के मार्गदर्शन में की गई।

सुलह प्रयासों के फलस्वरूप ठेकेदार मैसर्स इमेंस मैनपावर प्राइवेट लिमिटेड ने 13 अगस्त 2026 को 423 श्रमिकों को जून और जुलाई 2026 के बकाया वेतन के रूप में लगभग ₹50,00,000 (पचास लाख रुपये) का भुगतान किया।

इसके अतिरिक्त, केंद्रीय क्षेत्रीय श्रम आयुक्त (केंद्रीय), कानपुर के हस्तक्षेप के बाद प्रधान नियोक्ता द्वारा ठेकेदार का मई 2026 का लंबित बिल भी जारी कर दिया गया। इससे वेतन संबंधी मुद्दों के समाधान में मदद मिली और संबंधित श्रमिकों को समय पर भुगतान सुनिश्चित हो सका।

समय पर किए गए हस्तक्षेप और प्रभावी सुलह प्रयासों के परिणामस्वरूप आयुध निर्माणी, कानपुर में श्रमिकों के एक समूह द्वारा प्रस्तावित हड़ताल/प्रदर्शन को सफलतापूर्वक टाल दिया गया। इससे औद्योगिक गतिविधियों में संभावित व्यवधान को रोका जा सका और प्रतिष्ठान में औद्योगिक शांति एवं सौहार्द को बढ़ावा मिला।

सुलह कार्यवाही के दौरान प्रबंधन को श्रमिक कल्याण, उचित सेवा शर्तों और श्रम कानूनों के अनुपालन से संबंधित अपने वैधानिक दायित्वों के प्रति जागरूक किया गया। रचनात्मक संवाद के माध्यम से सौहार्दपूर्ण औद्योगिक संबंध बनाए रखने तथा कल्याणकारी उपायों को समय पर लागू करने के महत्व पर जोर दिया गया।

प्रबंधन ने आश्वासन दिया कि वह कार्यबल के कल्याण और वैधानिक प्रावधानों के अनुपालन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जारी रखेगा।

यह सफल सुलह प्रक्रिया श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा, वैधानिक लाभों की समय पर प्राप्ति सुनिश्चित करने, निष्पक्ष श्रम प्रथाओं को बढ़ावा देने तथा प्रभावी सुलह और रचनात्मक संवाद के माध्यम से सौहार्दपूर्ण औद्योगिक संबंध कायम करने की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

शादी का झांसा, लड़की की बदली आवाज और लाखों की ठगी! मामा-भांजे का साइबर गैंग गिरफ्तार

No comments Document Thumbnail

 जांजगीर-चांपा। मैट्रिमोनियल साइट और फोन के जरिए शादी का रिश्ता तय कराने का झांसा देकर साइबर ठगी करने वाले अंतरजिला गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। आरोपी ब्लूटूथ और वॉयस चेंजिंग हेडफोन की मदद से लड़की की आवाज में बात कर युवकों को अपने जाल में फंसाते थे। मामले में जांजगीर-चांपा पुलिस और साइबर सेल की टीम ने मामा-भांजे को गिरफ्तार किया है।


पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान लक्ष्मीनारायण उर्फ लाला साहू (26) और उसके भांजे सोनू साहू (20) के रूप में हुई है। आरोपियों के कब्जे से दो मोबाइल फोन, वॉयस चेंजिंग हेडफोन, व्हाट्सऐप चैट से जुड़े दस्तावेज और ‘पवित्र रिश्ता डॉट कॉम’ के प्रचार-प्रसार से संबंधित फ्लेक्सी-पंपलेट बरामद किए गए हैं।

शिकायत के बाद सामने आया ठगी का मामला

मामले का खुलासा अजय राठौर की साइबर थाने में दर्ज शिकायत के बाद हुआ। पुलिस के अनुसार, 8 अगस्त को एक अज्ञात व्यक्ति अजय के पास पहुंचा और इमरजेंसी का हवाला देते हुए इलाज के लिए तत्काल नकद राशि की जरूरत बताई। आरोपी ने अजय के बैंक खाते में 2 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए और बदले में उनसे नकद राशि ले ली।

इसके तीन-चार दिन बाद अजय का बैंक खाता होल्ड हो गया। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि सोनू साहू की यूपीआई आईडी से ट्रांसफर की गई रकम साइबर ठगी से जुड़ी हुई थी। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू की और दोनों को गिरफ्तार कर लिया।

लड़की की आवाज में करते थे बातचीत

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि वे वर्ष 2025 से इस तरह की ठगी में सक्रिय थे। आरोपी ‘पवित्र रिश्ता डॉट कॉम’ के नाम से प्रचार करते थे। शादी के लिए कोई युवक संपर्क करता था तो आरोपी विशेष हेडफोन और वॉयस चेंजिंग तकनीक के जरिए लड़की की आवाज में उससे बातचीत करते थे।

बातचीत के जरिए विश्वास जीतने के बाद आरोपी पंजीयन, रिश्ता पक्का करने और अन्य प्रक्रियाओं के नाम पर अलग-अलग किस्तों में रकम अपने और रिश्तेदारों के बैंक खातों में मंगाते थे। रकम प्राप्त होते ही आरोपी मोबाइल बंद कर संपर्क से बाहर हो जाते थे।

कितने लोगों से हुई ठगी, जांच में जुटी पुलिस

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि आरोपियों ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है और गिरोह ने कुल कितनी रकम की ठगी की है। मामले में अन्य आरोपियों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है।

BRICS 2026: भारत की अध्यक्षता में पर्यावरण मंत्रियों की बैठक में चार ज्ञान संकलनों का विमोचन

No comments Document Thumbnail

भारत की BRICS 2026 अध्यक्षता के तहत आयोजित 12वीं BRICS पर्यावरण मंत्रियों की बैठक में केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने BRICS सदस्य देशों के प्रतिनिधिमंडल प्रमुखों के साथ BRICS पर्यावरण कार्य समूह द्वारा तैयार चार ज्ञान-संकलनों (Knowledge Compendiums) का विमोचन किया। ये दस्तावेज BRICS सदस्य देशों की उत्कृष्ट कार्यप्रणालियों, ज्ञान प्रणालियों और नवाचारों को दर्शाते हैं।

ये चारों संकलन BRICS पर्यावरण कार्य समूह में हुई रचनात्मक एवं सार्थक चर्चाओं का परिणाम हैं। इनमें BRICS सदस्य देशों के राष्ट्रीय अनुभवों, उत्कृष्ट कार्यप्रणालियों, नवीन समाधानों और स्थानीय ज्ञान प्रणालियों को साझा किया गया है।

1. सतत जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय अनुभवों, उत्कृष्ट कार्यप्रणालियों और सफलता की कहानियों पर संकलन

भारत की BRICS 2026 अध्यक्षता के तहत पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) द्वारा तैयार यह संकलन BRICS सदस्य देशों—ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, दक्षिण अफ्रीका और UAE—के उत्कृष्ट उदाहरणों का साझा ज्ञान भंडार है।

इसमें बताया गया है कि BRICS देश नीतिगत नवाचार, व्यवहार परिवर्तन, पर्यावरण शिक्षा, सामुदायिक भागीदारी, सतत उपभोग एवं उत्पादन, सर्कुलर इकोनॉमी, पारिस्थितिकी तंत्र बहाली, स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण और हरित विकास कार्यक्रमों के माध्यम से सतत जीवनशैली को व्यवहार में कैसे ला रहे हैं।

भारत के योगदान में मिशन LiFE, पर्यावरण शिक्षा कार्यक्रम और SAMBHAV अभियान शामिल हैं, जो नागरिकों के नेतृत्व वाली सतत जीवनशैली के लिए सरकार और समाज के समग्र दृष्टिकोण को दर्शाते हैं। यह संकलन नागरिक भागीदारी, स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप समाधान और डिजिटल एकीकरण पर जोर देते हुए पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए सहयोग, संयुक्त अनुसंधान और आपसी सीख का एक व्यावहारिक खाका प्रस्तुत करता है।

2. एकीकृत अग्नि प्रबंधन के लिए सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों और नवोन्मेषी दृष्टिकोणों पर संकलन

दुनिया भर में बदलती जलवायु परिस्थितियां, लंबे समय तक सूखा और बढ़ता तापमान जंगलों में आग लगने की घटनाओं की आवृत्ति और तीव्रता बढ़ा रहे हैं। इससे पारिस्थितिकी तंत्र, जैव विविधता, आजीविका और समुदायों पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो रहा है।

इस साझा चुनौती को ध्यान में रखते हुए भारत ने अपनी BRICS 2026 अध्यक्षता के दौरान एकीकृत वनाग्नि प्रबंधन (Integrated Wildfire Management) को अंतरराष्ट्रीय सहयोग के प्रमुख विषय के रूप में आगे बढ़ाया।

इस पहल के तहत देशों ने सामुदायिक नेतृत्व वाली रोकथाम, स्वदेशी ज्ञान, प्रारंभिक चेतावनी प्रणालियों, प्रौद्योगिकी, तैयारी और समन्वित प्रतिक्रिया सहित विभिन्न अनुभवों और अभिनव समाधानों को साझा किया।

यह संकलन केवल विभिन्न देशों के अनुभवों का संग्रह नहीं है, बल्कि एक साझा दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है—रोकथाम से तैयारी तक, प्रारंभिक चेतावनी से प्रारंभिक कार्रवाई तक और प्रतिक्रिया से पुनर्बहाली तक आग का सामूहिक रूप से प्रबंधन करना आवश्यक है।

ज्ञान, प्रौद्योगिकी, संस्थानों और समुदायों को जोड़कर BRICS देश सामूहिक क्षमता को मजबूत कर सकते हैं, जंगलों और जैव विविधता की रक्षा कर सकते हैं, आजीविका को सुरक्षित रख सकते हैं और आग के प्रति अधिक सक्षम भविष्य का निर्माण कर सकते हैं।

3. एकीकृत लैंडस्केप-आधारित हरितीकरण दृष्टिकोण पर संकलन

यह संकलन BRICS सदस्य देशों के अनुभवों, अच्छी कार्यप्रणालियों और नीतिगत दृष्टिकोणों को एक साथ प्रस्तुत करता है, जो भूमि क्षरण, मरुस्थलीकरण, जैव विविधता हानि और जलवायु परिवर्तन जैसी आपस में जुड़ी चुनौतियों से निपटने पर केंद्रित हैं।

इसमें सदस्य देशों के सामूहिक योगदान को दर्शाते हुए ऐसे लैंडस्केप-आधारित उपायों को प्रमुखता दी गई है, जो पारिस्थितिकी तंत्र की बहाली को जैव विविधता संरक्षण के साथ एकीकृत करते हैं।

संकलन में BRICS सहयोग को मजबूत करने के लिए ज्ञान एवं अनुभव साझा करने, क्षमता निर्माण एवं तकनीकी सहयोग, संयुक्त अनुसंधान तथा निगरानी और आकलन के लिए साझा दृष्टिकोण विकसित करने जैसे क्षेत्रों की पहचान की गई है।

यह पहल पारिस्थितिकी तंत्र की बहाली, जलवायु अनुकूलन क्षमता को मजबूत करने, आजीविका में सुधार और वैश्विक पुनर्स्थापना एवं सतत विकास के लक्ष्यों में योगदान देने के लिए सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

4. विस्तारित उत्पादक उत्तरदायित्व (EPR) ढांचे और अग्रणी सर्कुलर इकोनॉमी कार्यप्रणालियों पर संकलन

यह संकलन BRICS सदस्य देशों के अनुभवों, नीतिगत दृष्टिकोणों, नियामक उपायों और संस्थागत मॉडलों को प्रस्तुत करता है, जिनका उद्देश्य सर्कुलर और संसाधन-कुशल अर्थव्यवस्था की ओर संक्रमण को बढ़ावा देना है।

इसमें सामुदायिक नेतृत्व वाले अपशिष्ट प्रबंधन, डिजिटल वेस्ट-एक्सचेंज प्लेटफॉर्म, राष्ट्रीय सर्कुलर इकोनॉमी रोडमैप, डिजिटल ट्रेसेबिलिटी सिस्टम, रीसाइक्लिंग प्रमाणन और अपशिष्ट क्षेत्र में व्यापक सुधार जैसी प्रमुख पहलों को शामिल किया गया है।

संकलन में भारत के बाजार-आधारित विस्तारित उत्पादक उत्तरदायित्व (EPR) ढांचे की प्रगति को भी रेखांकित किया गया है, जिसे केंद्रीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म का समर्थन प्राप्त है और जिसका विस्तार विभिन्न प्रकार के अपशिष्टों तक किया गया है।

साथ ही, BRICS सहयोग को मजबूत करने के लिए ज्ञान एवं अनुभव साझा करने, डिजिटल ट्रेसेबिलिटी समाधान, तकनीकी क्षमता निर्माण और सर्कुलर बिजनेस मॉडल विकसित करने जैसे क्षेत्रों की पहचान की गई है। इन प्रयासों का उद्देश्य संसाधन-कुशल, लचीली और सतत अर्थव्यवस्थाओं को बढ़ावा देना है।

‘अपराजिता–पारंग ला 2026’: NCC की 28 बालिका कैडेटों का 5,578 मीटर ऊंचाई पर 250 किमी का साहसिक ट्रेक

No comments Document Thumbnail

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 18 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) की प्रमुख साहसिक गतिविधि ‘अपराजिता – पारंग ला 2026’ अखिल भारतीय बालिका हाई एल्टीट्यूड लॉन्ग ट्रेक को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

यह ट्रेक 5,578 मीटर (18,300 फीट) ऊंचे पारंग ला दर्रे से होकर गुजरेगा, जो हिमाचल प्रदेश की स्पीति घाटी को लद्दाख के चांगथांग क्षेत्र से जोड़ता है। इसे देश के सबसे चुनौतीपूर्ण उच्च-ऊंचाई वाले ट्रेकिंग मार्गों में से एक माना जाता है।

इस अभियान का नेतृत्व तीनों सेनाओं का प्रतिनिधित्व करने वाली तीन महिला अधिकारी करेंगी। अभियान में 28 बालिका कैडेट हिस्सा ले रही हैं, जिनकी औसत आयु 19 वर्ष है। सबसे कम उम्र की प्रतिभागी की आयु केवल 16½ वर्ष है। रक्षा मंत्री ने इतनी कम उम्र की बालिकाओं की इस चुनौतीपूर्ण उच्च-ऊंचाई वाले अभियान में भागीदारी को देश की महिलाओं के साहस, दृढ़ संकल्प और बढ़ती क्षमताओं का सशक्त प्रमाण बताया।

अधिकारियों, चिकित्सा दल, प्रशिक्षकों और सहयोगी कर्मियों के साथ अभियान दल लगभग 250 किलोमीटर की दूरी 30 दिनों में तय करेगा। यह यात्रा हिमालय के अत्यंत दुर्गम और चुनौतीपूर्ण भूभाग से होकर गुजरेगी। अभियान के मार्ग में किब्बर, डुमला, थलटक, बोंग्रोजन, पारंग ला दर्रा, डाक कारजोंग, नोरबू सुमदो, कियांगडोम और कोरजोक शामिल हैं। दल ऊंचाई वाले रेगिस्तानों, ग्लेशियरों, बर्फीले मैदानों और नदी घाटियों को पार करेगा।

दल को सुरक्षित और सफल अभियान के लिए शुभकामनाएं देते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि ऐसे अभियान युवाओं में नेतृत्व क्षमता, मानसिक दृढ़ता, अनुशासन और आत्मविश्वास विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने चयनित कैडेटों की शारीरिक और मानसिक तैयारी की सराहना करते हुए कहा कि यह ट्रेक उनके लिए दृढ़ता, आत्मविश्वास और आत्म-खोज का जीवन-पाठ साबित होगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि कैडेट पारंग ला से केवल यादगार अनुभव ही नहीं, बल्कि अपनी आंतरिक शक्ति की गहरी समझ लेकर लौटेंगी।

रक्षा मंत्री ने अभियान दल के सदस्यों से पूरे अभियान के दौरान ‘सुरक्षा’, ‘पर्यावरण’ और ‘स्थानीय समुदायों के साथ संवाद’ को प्राथमिकता देने का आह्वान किया। उन्होंने कैडेटों को प्रशिक्षकों के निर्देशों का सख्ती से पालन करने, अनावश्यक जोखिमों से बचने और हिमालयी पारिस्थितिकी की रक्षा के लिए शून्य-कचरा (Zero Waste) दृष्टिकोण अपनाने की सलाह दी। उन्होंने स्थानीय समुदायों के साथ सम्मानपूर्वक संवाद करने, उनकी संस्कृति एवं परंपराओं को समझने और उनके अनुभवों से सीखने पर भी जोर दिया।

उन्होंने कहा कि यह अभियान कैडेटों के जीवन में एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित होगा और उन्हें जीवन के हर चरण में ‘अपराजिता’ बने रहने के लिए प्रेरित करेगा।

भूमि, जल और वायु क्षेत्र में साहसिक गतिविधियों में NCC कैडेटों की बढ़ती उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए राजनाथ सिंह ने बालिका कैडेटों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ये कैडेट आगे बढ़कर नेतृत्व करते हुए ‘नारी शक्ति’ की भावना का प्रदर्शन कर रही हैं।

देशभर के विभिन्न NCC निदेशालयों से आए कैडेटों की भागीदारी का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अलग-अलग भाषाओं, संस्कृतियों और पृष्ठभूमियों से आने वाले ये युवा एक साझा उद्देश्य के लिए एकजुट होकर ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करते हैं।

इस अवसर पर NCC के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल वीरेंद्र वात्स तथा NCC और रक्षा मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

अभियान को दो चरणों में आयोजित किया जा रहा है। पहले चरण में भाभा-पिन घाटी क्षेत्र में तैयारी और अनुकूलन (Acclimatisation) ट्रेक कराया गया, जिसके बाद योग्यता के आधार पर NCC की बालिका कैडेटों की अंतिम टीम का चयन किया गया।

इस अभियान की परिकल्पना NCC की बालिका कैडेटों में नारी शक्ति, नेतृत्व, आत्मविश्वास, टीम भावना, सहनशक्ति और राष्ट्रीय एकीकरण की भावना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की गई है।


नवविवाहिता ने फांसी लगाकर की खुदकुशी, परिजनों ने पति पर लगाया एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर का आरोप

No comments Document Thumbnail

 दुर्ग। जिले के उतई थाना क्षेत्र में एक नवविवाहिता की फांसी लगाकर आत्महत्या करने का मामला सामने आया है। मृतका की पहचान उत्तर प्रदेश के जौनपुर निवासी रवीना यादव के रूप में हुई है, जिसकी शादी करीब डेढ़ साल पहले विपुल यादव से हुई थी। घटना के बाद मृतका के परिजनों ने पति के विवाहेतर संबंध (एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर) को मौत की वजह बताया है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।


देर रात 17 बार किया फोन, नहीं मिला जवाब

पुलिस के अनुसार, घटना 14 अगस्त की रात की है। मृतका के मामा साहब लाल यादव ने आरोप लगाया कि उस रात रवीना और उसका पति घर पर मौजूद थे, तभी एक महिला वहां पहुंची जिसे कथित तौर पर पति की प्रेमिका बताया जा रहा है। इस बात को लेकर पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ। परिजनों का दावा है कि विवाद के बाद रवीना को कमरे में बंद कर पति उस महिला के साथ बाहर चला गया। इसके बाद रवीना ने रात 12 से 2 बजे के बीच अपने पति को करीब 17 बार कॉल किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।

कथित प्रेमिका से 15 मिनट हुई थी बात

परिजनों ने यह भी बताया कि घटना से पहले रात करीब 8:30 बजे रवीना की उस महिला से फोन पर लगभग 15 मिनट बात हुई थी। बातचीत के दौरान रवीना अत्यधिक तनाव में थी और उसने खुद को नुकसान पहुंचाने की बात भी कही थी। इसके बाद रवीना ने कमरे में पंखे से दुपट्टे का फंदा बनाकर फांसी लगा ली। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।

पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा

नवविवाहिता का मामला होने के कारण महिला कार्यपालिक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में पंचनामा कार्रवाई की गई और उतई पुलिस ने धारा 194 BNSS के तहत मर्ग कायम किया। 15 अगस्त की सुबह परिजनों को सूचना मिलने पर वे जौनपुर से दुर्ग पहुंचे। 16 अगस्त को महिला डॉक्टरों की टीम द्वारा पोस्टमार्टम किए जाने के बाद पिता लल्लन यादव व अन्य परिजन शव लेकर जौनपुर रवाना हो गए।

कॉल डिटेल और मोबाइल खंगाल रही पुलिस

पुलिस फिलहाल मृतका के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (CDR) और विवाद से जुड़े सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पीएम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

कोरिया के जीराफूल चावल ने बनाई नई पहचान, एफपीओ मॉडल से किसानों को मिल रहा बेहतर बाजार

No comments Document Thumbnail

832 किसान प्राकृतिक खेती से कर रहे जीराफूल धान का उत्पादन, एफपीओ के जरिए ब्रांडिंग, पैकेजिंग और विपणन को बढ़ावा


कोरिया/ कोरिया जिले का पारंपरिक और सुगंधित जीराफूल चावल प्राकृतिक खेती और किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) के प्रभावी मॉडल से नई पहचान बना रहा है। जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग द्वारा स्थानीय कृषि उत्पादों को प्रोत्साहित करने और किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों से जीराफूल चावल की पहुंच स्थानीय बाजार से आगे व्यापक स्तर तक बढ़ रही है।

कृषि विभाग के उप संचालक श्री राजेश भारती ने बताया कि कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव के मार्गदर्शन में कोरिया जिले में एफपीओ से जुड़े 832 किसान प्राकृतिक खेती पद्धति से जीराफूल धान का उत्पादन कर रहे हैं। किसान खेती में जीवामृत, बीजामृत जैसे जैव- आधारित इनपुट का उपयोग कर रहे हैं।प्राकृतिक खेती से उत्पादित जीराफूल धान को गुणवत्ता, प्रमाणन और बेहतर पैकेजिंग के माध्यम से बाजार में विशिष्ट पहचान दिलाने पर भी जोर दिया जा रहा है।

खेत से बाजार तक एफपीओ बना मजबूत कड़ी

किसानों की उपज को केवल उत्पादन तक सीमित रखने के बजाय उसे संगठित बाजार से जोड़ने में एफपीओ महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। सोनहत गौरव एग्रोफेड कृषक उत्पादक बहुउद्देशीय सहकारी समिति मर्यादित के माध्यम से जीराफूल चावल के एकत्रीकरण, प्रसंस्करण, ब्रांडिंग, पैकेजिंग एवं विपणन को बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे किसानों को सामूहिक रूप से बाजार तक पहुंच बनाने और अपनी उपज के बेहतर मूल्य प्राप्त करने के अवसर मिल रहे हैं।

प्राकृतिक खेती से मूल्य संवर्धन तक तैयार हुई पूरी श्रृंखला

जीराफूल चावल की प्राकृतिक खेती, गुणवत्तापूर्ण उत्पादन, प्रमाणन, आकर्षक पैकेजिंग और एफपीओ के माध्यम से विपणन ने 'उत्पादन से मूल्य संवर्धन और बाजार तक' की पूरी श्रृंखला तैयार की है। कृषि मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के माध्यम से कोरिया के जीराफूल धान की प्राकृतिक खेती और एफपीओ मॉडल से जुड़े प्रयासों को सराहा गया है।

प्राकृतिक खेती से तैयार जीराफूल चावल को पीजीएस-प्राकृतिक खेती प्रमाणन के साथ बाजार तक पहुंचाने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। इससे कोरिया के पारंपरिक जीराफूल चावल को गुणवत्तापूर्ण और प्राकृतिक उत्पाद के रूप में नई पहचान मिल रही है।

मुख्यमंत्री ने भी किसानों के प्रयासों की सराहना की

कोरिया के जीराफूल चावल को राष्ट्रीय स्तर पर मिल रही पहचान को लेकर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने भी जिले के किसानों के प्रयासों की सराहना की है। पारंपरिक कृषि उत्पाद को प्राकृतिक खेती, एफपीओ और बेहतर विपणन से जोड़ने की यह पहल किसानों के लिए नए बाजार और मूल्य संवर्धन के अवसर खोल रही है।

कृषि विभाग द्वारा किसानों को प्राकृतिक खेती की तकनीक, जैव-इनपुट निर्माण, गुणवत्तापूर्ण उत्पादन तथा एफपीओ के माध्यम से विपणन के संबंध में निरंतर मार्गदर्शन दिया जा रहा है। विभाग का उद्देश्य कोरिया के स्थानीय एवं पारंपरिक कृषि उत्पादों को संगठित बाजार उपलब्ध कराकर किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाना है।

जीराफूल की पहचान अब खेत से बाजार तक पहुंच रही है और एफपीओ इस बदलाव की महत्वपूर्ण कड़ी बनकर उभर रहा है।

रायपुर के होटल में सिरफिरे प्रेमी ने की छात्रा की हत्या, फिर चाकू से काटा अपना गला

No comments Document Thumbnail

 रायपुर। राजधानी के गंज थाना क्षेत्र स्थित एक निजी होटल में युवती की सनसनीखेज हत्या का मामला सामने आया है। पुलिस की प्राथमिक जांच के अनुसार, प्रेम-प्रसंग के चलते एक युवक ने अपनी प्रेमिका की फल काटने वाले चाकू से वार कर हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ने उसी चाकू से अपने गले पर कई वार कर आत्महत्या का प्रयास किया। गंभीर हालत में आरोपी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है।


जनवरी 2026 में सोशल मीडिया पर हुई थी दोस्ती

पुलिस के अनुसार, आरोपी और मृतका की पहचान जनवरी 2026 में सोशल मीडिया (इंस्टाग्राम/फेसबुक) के माध्यम से हुई थी। धीरे-धीरे दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और वे प्रेम संबंध में आ गए। आरोपी इससे पहले भी जुलाई और अगस्त महीने में युवती से मिलने रायपुर आ चुका था। दोनों पूर्व में भी इसी होटल में ठहर चुके थे।

छात्रा थी मृतका, सैनिक बनने की तैयारी में आरोपी

मृतका मूलतः मोहला-मानपुर क्षेत्र की रहने वाली थी और रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में MSc प्रथम वर्ष की पढ़ाई कर रही थी। वहीं आरोपी प्रतियोगी परीक्षाओं के जरिए सेना (सैनिक) में भर्ती होने की तैयारी कर रहा था।

चैट में सामने आई गिफ्ट की मांग

जांच के दौरान पुलिस को दोनों के मोबाइल चैट मिले हैं। चैट के शुरुआती विश्लेषण में यह बात सामने आई है कि युवती अक्सर आरोपी से तरह-तरह के उपहारों (गिफ्ट्स) की मांग करती थी। हालांकि, इन मांगों और हत्या के बीच क्या सीधा संबंध है, पुलिस इसकी बारीकी से पड़ताल कर रही है।

गले की नस कटने से नहीं हो सका आरोपी का बयान

आरोपी ने वारदात के बाद अपने गले पर गहरा वार किया था, जिससे उसकी नस कट गई है। अत्यधिक खून बहने और गंभीर स्थिति होने के कारण पुलिस फिलहाल उसका आधिकारिक बयान दर्ज नहीं कर सकी है। डॉक्टरों की अनुमति मिलने के बाद ही उससे पूछताछ की जाएगी।

सी सीसीटीवी फुटेज और रिकॉर्ड खंगाल रही पुलिस

पुलिस होटल के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज, विजिटर एंट्री रजिस्टर और दोनों के मोबाइल डेटा की तकनीकी जांच कर रही है। थाना प्रभारी का कहना है कि आरोपी के होश में आने और बयान दर्ज होने के बाद ही हत्या की असल वजह का खुलासा हो सकेगा।

छत्तीसगढ़ में मानसून का रौद्र रूप: उत्तरी जिलों में भारी बारिश की चेतावनी, IMD का अलर्ट

No comments Document Thumbnail

 रायपुर: छत्तीसगढ़ में मानसून के सक्रिय रहने से प्रदेशभर में झमाझम बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग (IMD) ने उत्तर छत्तीसगढ़ के कई जिलों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है।


मौसम प्रणाली का असर: उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और पश्चिम बंगाल-उत्तरी ओडिशा तट पर बना अवदाब (Depression) इस वक्त राज्य के मौसम को प्रभावित कर रहा है। अगले 24 घंटों में यह सिस्टम गंगीय पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार की ओर बढ़ेगा।

इन जिलों में रेड/ऑरेंज अलर्ट: बिलासपुर, कोरबा, मुंगेली और रायगढ़ के एक-दो स्थानों पर सीमांत भारी बारिश (204.5 मिमी या उससे अधिक) की संभावना जताई गई है।

तेज हवाएं और आकाशीय बिजली: राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली गिरने की आशंका है।

बीते 24 घंटों का हाल

सरगुजा, बिलासपुर और दुर्ग संभागों में मूसलाधार बारिश दर्ज की गई।

प्रमुख बारिश आंकड़े: अंबिकापुर में 64.8 मिमी, लालपुर (रायपुर) में 58 मिमी और माना एयरपोर्ट पर 28.9 मिमी दर्ज की गई।

तापमान स्थिति: पेंड्रारोड में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 32.8°C और अंबिकापुर में सबसे कम न्यूनतम तापमान 22.7°C दर्ज किया गया।

मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में अब तक की कुल मौसमी बारिश सामान्य से 9 प्रतिशत कम दर्ज की गई है।

महिला हत्याकांड का खुलासा: साइकिल से पीछा कर महिला को बनाया निशाना, दुष्कर्म के बाद हत्या, आरोपी गिरफ्तार

No comments Document Thumbnail

 रायपुर। मुजगहन थाना क्षेत्र में महिला की हत्या और एक अन्य महिला से मारपीट व छेड़छाड़ के मामले का पुलिस ने खुलासा किया है। एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (ACCU) और मुजगहन थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने मामले में सेजबहार निवासी देवेन्द्र कुमार साहू उर्फ राकेश उर्फ मंछला (29) को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी अकेली महिलाओं का पीछा कर उन्हें निशाना बनाता था।


खाली प्लॉट में मिला था महिला का शव

पुलिस के मुताबिक, 21 जुलाई को न्यू स्वागत विहार के पास एक खाली प्लॉट में भरे पानी में एक महिला का शव मिला था। महिला के शरीर पर चोट और खरोंच के निशान पाए गए थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पानी में डूबने से मौत की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

दूसरी महिला से मारपीट और छेड़छाड़

इसी दौरान 5 अगस्त की रात सेजबहार इलाके में एक अन्य महिला के साथ मारपीट और छेड़छाड़ की घटना सामने आई। महिला ने पुलिस को बताया कि घर लौटते समय एक युवक ने पीछे से आकर उसे गालियां दीं और जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद आरोपी ने उसे नाली में धक्का देकर मारपीट की। महिला के शोर मचाने पर आरोपी मौके से फरार हो गया।

सैकड़ों CCTV फुटेज खंगाले

दोनों घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने 8 से अधिक टीमें गठित कीं। टीमों ने घटनास्थल और आसपास के मार्गों पर लगे सैकड़ों CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले। साथ ही पुराने आपराधिक मामलों में शामिल रहे और हाल ही में जेल से बाहर आए आरोपियों की गतिविधियों की भी जानकारी जुटाई गई।

जांच के दौरान पुलिस को सेजबहार निवासी देवेन्द्र कुमार साहू के संबंध में महत्वपूर्ण सुराग मिले। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने महिला की हत्या और दूसरी महिला के साथ मारपीट की घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की।

साइकिल से पीछा कर महिला को बनाया निशाना

पुलिस के अनुसार, घटना वाले दिन आरोपी ने महिला को अकेले जाते देखा और साइकिल से उसका पीछा किया। कुछ दूरी तक पीछा करने के बाद उसने महिला को पकड़ लिया और उसके साथ झूमाझटकी की। इसके बाद महिला को घटनास्थल के पास पानी में गिरा दिया।

पुलिस का आरोप है कि आरोपी ने महिला के साथ दुष्कर्म किया और बाद में गला दबाने तथा उसके मुंह-नाक को पानी में डुबोकर उसकी हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपी मृतका का मोबाइल फोन लेकर साइकिल से मौके से फरार हो गया।

मोबाइल, साइकिल और कपड़े बरामद

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से मृतका का मोबाइल फोन, घटना में इस्तेमाल साइकिल और वारदात के समय पहने गए कपड़े बरामद किए हैं। पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है।

पहले भी गंभीर अपराध में जा चुका है जेल

पुलिस के मुताबिक, आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। मुजगहन थाने में वर्ष 2017 में दर्ज दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट और अन्य धाराओं के मामले में उसे अदालत से 10 वर्ष के कारावास की सजा हुई थी। इसके अलावा टिकरापारा थाने में वर्ष 2025 में भी उसके खिलाफ मारपीट और अन्य धाराओं में मामला दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है।

फिलहाल आरोपी के खिलाफ दोनों मामलों में कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने इससे पहले इस तरह की और कितनी घटनाओं को अंजाम दिया है।

महासमुंद में स्वतंत्रता दिवस पर अनूठी पहल: माँ पैथोलॉजी एवं माँ मेडिकल स्टोर ने किया निःशुल्क बूंदी वितरण

No comments Document Thumbnail

महासमुंद । स्वतंत्रता दिवस के पावन और गौरवशाली अवसर पर महासमुंद शहर में जनसेवा की एक प्रेरणादायक पहल देखने को मिली। बस स्टैंड स्थित 'माँ पैथोलॉजी सर्विसेस' और जिला अस्पताल खरोरा के सामने संचालित 'माँ मेडिकल स्टोर' के संचालक ललित कुमार चक्रधारी द्वारा शहर के मिनी स्टेडियम के सामने आम नागरिकों के लिए निःशुल्क बूंदी (प्रसाद) वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।


​ शहर में पहली बार ऐसा आयोजन

आयोजकों के अनुसार, महासमुंद शहर में यह पहला अवसर था, जब किसी निजी संस्थान या व्यवसाई द्वारा स्वतंत्रता दिवस पर इतने बड़े पैमाने पर आम जनता के लिए निःशुल्क बूंदी वितरण का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अनूठे जनसेवा के कार्य की सराहना की जा रही है।

​ हजारों नागरिकों ने ग्रहण किया प्रसाद

15 अगस्त के पावन पर्व पर आयोजित इस कार्यक्रम में देशभक्ति का अभूतपूर्व उत्साह नजर आया। मिनी स्टेडियम के सामने आयोजित इस वितरण कार्यक्रम में शहर के हजारों गणमान्य नागरिकों, युवाओं, बुजुर्गों और आम लोगों ने पहुँचकर प्रसाद स्वरूप बूंदी ग्रहण की। कार्यक्रम स्थल पर लोगों का तांता लगा रहा। इस पुनीत कार्य और सेवा भावना के लिए स्थानीय नागरिकों ने संचालक ललित कुमार चक्रधारी का हृदय से आभार व्यक्त किया।

​ स्टाफ और सहयोगियों का रहा विशेष योगदान

इस भव्य कार्यक्रम को व्यवस्थित और सफल बनाने में माँ पैथोलॉजी लैब तथा माँ मेडिकल स्टोर के पूरे स्टाफ एवं सहयोगियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम के दौरान सभी ने पूरी निष्ठा और उत्साह के साथ अपनी सेवाएँ दीं।
​इस अवसर पर मुख्य रूप से जनक यादव, नरेश यादव, नेहरू पटेल, दिव्या, खिलेश चक्रधारी, गीता यादव, तरणी ध्रुव, खेमेश्वरी विश्वकर्मा, जैसमीन और महेश ध्रुव सहित संस्थान का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा और कार्यक्रम को सफल बनाया।

स्वदेशी फैशन शो में आत्मसमर्पित महिलाओं की स्वैच्छिक भागीदारी, बढ़ा आत्मविश्वास

No comments Document Thumbnail

सुकमा की 9 पुनर्वासित महिलाओं ने स्वेच्छा से किया रैंप वॉक

रायपुर- छत्तीसगढ़ में हाथकरघा और ग्रामोद्योग को बढ़ावा देने के लिए आयोजित स्वदेशी फैशन शो में समाज की मुख्यधारा में लौट रही आत्मसमर्पित महिलाओं की सशक्त भागीदारी देखने को मिली। सुकमा जिले के पुनर्वास केंद्रों में रह रही 9 महिलाओं ने अपनी स्वेच्छा से बिलासा हैंडलूम एम्पोरियम के कोसा और कॉटन परिधान पहनकर रैंप वॉक किया।

7 अगस्त को हुआ था आयोजन

राष्ट्रीय हाथकरघा दिवस (7 अगस्त) के अवसर पर रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में स्वदेशी फैशन शो और ग्रामोद्योग हाथकरघा प्रदर्शनी का आयोजन किया गया था। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन एवं ग्रामोद्योग मंत्री गजेंद्र यादव के निर्देश पर आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य राज्य के हाथकरघा उत्पादों का प्रचार- प्रसार करना और बुनकरों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है।

विभाग का स्पष्टीकरण- पूर्णतः स्वैच्छिक भागीदारी

ग्रामोद्योग विभाग ने स्पष्ट किया है कि सुकमा जिला प्रशासन द्वारा 19 जुलाई 2026 को इन महिलाओं की सहभागिता की जानकारी दी गई थी और सभी 9 चयनित महिलाओं ने इसके लिए अपनी लिखित सहमति दी थी। महिलाओं ने बिना किसी दबाव के, स्वेच्छा से इस आयोजन में भाग लिया। विभाग के अनुसार यह पहल पुनर्वासित महिलाओं में आत्मविश्वास जगाने और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हुई है।

160 हितग्राहियों को मिलेगा निःशुल्क हाथकरघा प्रशिक्षण

महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण को गति देने के लिए बस्तर संभाग के 8 पुनर्वास केंद्रों के 160 हितग्राहियों (प्रत्येक केंद्र से 20) को हाथकरघा वस्त्र बुनाई का नया प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए 54.40 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। प्रशिक्षणार्थियों को निःशुल्क नए करघे और आवश्यक उपकरण भी प्रदान किए जाएंगे, ताकि वे घर बैठे ही रोजगार और आय प्राप्त कर सकें।

ग्रामोद्योग विभाग के सचिव सह प्रबंध संचालक राजेश सिंह राणा ने कहा कि पुनर्वासित हितग्राहियों को स्वरोजगार से जोड़ना उनके स्थायी पुनर्वास और सशक्तिकरण के लिए अत्यंत आवश्यक है।

होम थिएटर ब्लास्ट केस में आरोपी को उम्रकैद, शादी के तोहफे में छिपाया था बम

No comments Document Thumbnail

प्रेम संबंध के चलते प्रेमिका के पति को रास्ते से हटाने की खौफनाक साजिश, धमाका होते ही मची थी सनसनी

रायपुर- छत्तीसगढ़ के चर्चित होम थिएटर ब्लास्ट केस में अदालत ने आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इस सनसनीखेज मामले में आरोपी ने कथित तौर पर अपनी प्रेमिका के पति को रास्ते से हटाने के लिए शादी के तोहफे के रूप में एक ऐसा होम थिएटर भेजा था, जिसमें विस्फोटक छिपाया गया था। दूल्हे ने जब शादी के बाद मिले इस तोहफे को चलाने की कोशिश की, तभी जोरदार धमाका हो गया और उसकी मौत हो गई।

शादी का तोहफा बना मौत का सामान

मामले की सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि हत्या की साजिश को अंजाम देने के लिए आरोपी ने सामान्य शादी के तोहफे का सहारा लिया। होम थिएटर के अंदर बम लगाया गया था, ताकि उसे चालू करते ही विस्फोट हो जाए। घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच शुरू की।

प्रेम संबंध से जुड़ी थी साजिश

जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी का मृतक की पत्नी से प्रेम संबंध था। शादी के बाद जब महिला का पति उसके रास्ते में आया तो आरोपी ने उसे हटाने की साजिश रची। इसी योजना के तहत शादी में होम थिएटर को तोहफे के तौर पर भेजा गया था।

धमाके ने खोला साजिश का राज

होम थिएटर में विस्फोट के बाद पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए और मामले की जांच आगे बढ़ाई। जांच में यह सामने आया कि घटना महज हादसा नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या की साजिश थी। पुलिस की जांच के आधार पर आरोपी तक पहुंच बनाई गई और मामला अदालत तक पहुंचा।

अदालत ने सुनाई उम्रकैद की सजा

मामले में अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। फैसले के बाद इस चर्चित मामले में न्यायिक प्रक्रिया के एक महत्वपूर्ण चरण का समापन हुआ। घटना ने लोगों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि निजी रिश्तों और प्रतिशोध की भावना किस तरह एक खतरनाक अपराध का रूप ले सकती है।

मामले ने पूरे प्रदेश में मचाई थी सनसनी

शादी के तोहफे में बम रखकर हत्या की साजिश का यह मामला सामने आने के बाद पूरे छत्तीसगढ़ में इसकी चर्चा हुई थी। सामान्य दिखने वाले इलेक्ट्रॉनिक सामान को हत्या के हथियार के रूप में इस्तेमाल किए जाने से पुलिस जांच और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल उठे थे।

अदालत के फैसले के बाद पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद मजबूत हुई है। यह मामला इस बात की भी मिसाल है कि अपराध को अंजाम देने के लिए अपनाई गई कितनी भी शातिर योजना क्यों न हो, जांच एजेंसियों की पड़ताल और कानूनी प्रक्रिया के जरिए अपराधी तक पहुंचा जा सकता है।

छत्तीसगढ़ NEET UG काउंसलिंग में आज अहम दिन, चॉइस फिलिंग और लॉकिंग की अंतिम तारीख

No comments Document Thumbnail

MBBS-BDS में प्रवेश के इच्छुक अभ्यर्थी आज रात तक दर्ज और लॉक करें अपनी पसंद, 18 अगस्त को जारी होगी मेरिट लिस्ट

रायपुर- छत्तीसगढ़ में NEET UG 2026 काउंसलिंग के राउंड-1 में शामिल अभ्यर्थियों के लिए आज, 17 अगस्त, बेहद महत्वपूर्ण दिन है। मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में प्रवेश के लिए चॉइस फिलिंग और चॉइस लॉकिंग की प्रक्रिया आज रात तक पूरी करनी होगी। आधिकारिक काउंसलिंग पोर्टल पर राउंड-1 के लिए MBBS और BDS प्रवेश की प्रक्रिया जारी है।

16 अगस्त को खत्म हुआ रजिस्ट्रेशन

राउंड-1 काउंसलिंग के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और फीस भुगतान की अंतिम तारीख 16 अगस्त 2026 थी। अब 17 अगस्त को अभ्यर्थियों के लिए अपने पसंदीदा मेडिकल और डेंटल कॉलेजों तथा पाठ्यक्रमों का चयन कर उसे लॉक करने का अंतिम अवसर है।

18 अगस्त को आएगी मेरिट लिस्ट

काउंसलिंग कार्यक्रम के अनुसार 18 अगस्त को प्रोविजनल मेरिट लिस्ट और NRI एलिजिबल लिस्ट जारी की जाएगी। इसके बाद सीट अलॉटमेंट की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी और राउंड-1 सीट अलॉटमेंट से संबंधित परिणाम 19-20 अगस्त के आसपास जारी होने की प्रक्रिया में है।

MBBS और BDS में प्रवेश का मौका

यह काउंसलिंग छत्तीसगढ़ के सरकारी और निजी मेडिकल एवं डेंटल कॉलेजों में MBBS और BDS पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित की जा रही है। NEET UG 2026 में पात्र अभ्यर्थियों को अपनी रैंक, श्रेणी, उपलब्ध सीटों और पसंद के आधार पर कॉलेजों का चयन करना होगा।

चॉइस लॉक करने से पहले रखें इन बातों का ध्यान

अभ्यर्थियों को कॉलेजों की पसंद भरते समय अपनी NEET रैंक, कैटेगरी, उपलब्ध सीटें और कॉलेज की प्राथमिकता को ध्यान में रखना चाहिए। पसंद भरने के बाद उसे निर्धारित समय सीमा के भीतर लॉक करना जरूरी है। अंतिम समय में तकनीकी परेशानी से बचने के लिए प्रक्रिया समय रहते पूरी करना बेहतर रहेगा।

अभ्यर्थी काउंसलिंग से संबंधित नोटिस, सीट मैट्रिक्स और आगे की जानकारी छत्तीसगढ़ चिकित्सा शिक्षा विभाग के आधिकारिक काउंसलिंग पोर्टल पर देख सकते हैं।

अभ्यर्थियों के लिए जरूरी तारीखें

  • रजिस्ट्रेशन/फीस भुगतान: 9 से 16 अगस्त 2026

  • चॉइस फिलिंग एवं लॉकिंग: 9 से 17 अगस्त 2026

  • मेरिट लिस्ट/NRI एलिजिबल लिस्ट: 18 अगस्त 2026

  • राउंड-1 सीट अलॉटमेंट प्रक्रिया: 19 अगस्त से आगे

  • अलॉटेड सीट पर प्रवेश/स्क्रूटिनी: अगले चरण में निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार

अभ्यर्थियों को सलाह है कि वे आज ही अपनी पसंद भरकर लॉक कर दें और आगे की प्रक्रिया के लिए आधिकारिक पोर्टल पर लगातार अपडेट चेक करते रहें।

शिक्षकों की कमी से छात्राओं का फूटा आक्रोश, स्कूल में जड़ा ताला

No comments Document Thumbnail

पांच प्रमुख विषयों के शिक्षक नहीं होने से पढ़ाई प्रभावित, छात्राओं के साथ अभिभावक भी उतरे विरोध में

धमतरी- छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के बारना स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में शिक्षकों की कमी को लेकर छात्र-छात्राओं और अभिभावकों का आक्रोश सोमवार को खुलकर सामने आया। लंबे समय से पर्याप्त शिक्षक नहीं होने से पढ़ाई प्रभावित होने का आरोप लगाते हुए विद्यार्थियों और ग्रामीणों ने स्कूल के मुख्य गेट पर तालाबंदी कर प्रदर्शन किया।

पांच विषयों की पढ़ाई पर संकट

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि स्कूल में हिंदी, अंग्रेजी, रसायन, भूगोल और सामाजिक विज्ञान जैसे महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं। शिक्षकों की कमी के कारण विद्यार्थियों को नियमित कक्षाएं नहीं मिल पा रही हैं और उनकी पढ़ाई पर सीधा असर पड़ रहा है।

विद्यार्थियों का कहना है कि परीक्षा और भविष्य की तैयारी के लिए विषयवार शिक्षकों की आवश्यकता है। शिक्षकों के अभाव में उन्हें पाठ्यक्रम पूरा करने और कठिन विषयों को समझने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

बारिश में भी प्रदर्शन पर डटे रहे विद्यार्थी और ग्रामीण

शिक्षकों की मांग को लेकर विद्यार्थी, अभिभावक और ग्रामीण स्कूल परिसर पहुंचे। बारिश के बावजूद प्रदर्शनकारियों ने स्कूल के मुख्य गेट पर ताला लगाकर नारेबाजी की। ग्रामीणों का कहना है कि वे लंबे समय से स्कूल में पर्याप्त शिक्षकों की नियुक्ति की मांग कर रहे हैं, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ।

कई बार दे चुके हैं आवेदन

ग्रामीणों के अनुसार, शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए पहले भी संबंधित अधिकारियों को आवेदन और ज्ञापन दिए जा चुके हैं। इसके बावजूद जब स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो विद्यार्थियों और अभिभावकों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा विभाग से जल्द से जल्द विषयवार शिक्षकों की व्यवस्था करने की मांग की है।

पढ़ाई के साथ भविष्य की चिंता

विद्यार्थियों का कहना है कि स्कूल में शिक्षक नहीं होने का असर केवल वर्तमान पढ़ाई पर नहीं, बल्कि उनके भविष्य पर भी पड़ रहा है। खासकर उच्च कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की कमी गंभीर समस्या बन गई है।

अभिभावकों ने भी कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों के लिए सरकारी स्कूल ही शिक्षा का प्रमुख माध्यम है। ऐसे में यदि स्कूल में पर्याप्त शिक्षक नहीं होंगे तो बच्चों की शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी प्रभावित होना स्वाभाविक है।

प्रशासन से तत्काल नियुक्ति की मांग

प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों, अभिभावकों और ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग से मांग की है कि स्कूल में खाली पदों पर जल्द से जल्द शिक्षकों की नियुक्ति की जाए। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक पढ़ाई सुचारु करने के लिए पर्याप्त शिक्षकों की व्यवस्था नहीं होती, तब तक समस्या को लेकर उनका विरोध जारी रह सकता है।

यह मामला छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े करता है। प्रदेश के कई हिस्सों में शिक्षकों की कमी को लेकर विद्यार्थियों और ग्रामीणों द्वारा प्रदर्शन किए जाने की खबरें सामने आई हैं।

© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.