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छत्तीसगढ़ प्रदेश साहू संघ : एक साल का सामाजिक सफर, 27 सितंबर को वार्षिक आमसभा में होगा मंथन

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आय-व्यय, नियमावली संशोधन, परिवार संस्कार अभियान के साथ धर्मांतरण व लव जिहाद के मुद्दे पर भी होगी चर्चा


रायपुर, 25 सितंबर। छत्तीसगढ़ प्रदेश साहू संघ के वर्तमान कार्यकाल का एक वर्ष पूर्ण होने पर 27 सितंबर को रायपुर के पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम, जी.ई. रोड, साइंस कॉलेज परिसर में प्रथम वार्षिक सम्मेलन एवं आमसभा आयोजित की जाएगी। कार्यक्रम सुबह 11 बजे से होगा, जिसमें प्रदेशभर के पदाधिकारी, आजीवन सदस्य एवं सामाजिक प्रतिनिधि शामिल होंगे।

आमसभा की तैयारियों और एजेंडे की जानकारी देते हुए टिकरापारा स्थित भामाशाह छात्रावास में प्रदेश अध्यक्ष डॉ. नीरेंद्र साहू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मीडिया को बताया कि सम्मेलन में पिछले एक वर्ष के सामाजिक एवं संगठनात्मक कार्यों की समीक्षा के साथ आगामी कार्ययोजना पर मंथन किया जाएगा।

आमसभा में संगठन का आय-व्यय विवरण एवं वित्तीय प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के साथ एकीकृत नियमावली में संशोधन पर चर्चा होगी। वहीं परिवार संस्कार कार्यशालाओं को प्रदेश के गांव-गांव और परिवार-परिवार तक पहुंचाने की रणनीति पर भी विचार किया जाएगा।

डॉ. साहू के अनुसार, परिवार में संवाद, बच्चों में संस्कार, बुजुर्गों के सम्मान, युवाओं के मार्गदर्शन और सामाजिक एकता को मजबूत करना संगठन की प्राथमिकताओं में शामिल है। धर्मांतरण और लव जिहाद से जुड़े विषयों पर भी आमसभा में मंथन एवं विचार-विमर्श किया जाएगा। इन विषयों को लेकर समाज में जागरूकता बढ़ाने, परिवारों एवं युवाओं से संवाद तथा सामाजिक-सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करने के उपायों पर चर्चा की जाएगी।

आमसभा में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, उपमुख्यमंत्री अरुण साव, पूर्व गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू, पूर्व मंत्री धनेंद्र साहू, विधायक मोतीलाल साहू सहित समाज के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं प्रतिनिधियों की उपस्थिति प्रस्तावित है।

मीडिया से चर्चा के दौरान श्रीमती साधना साहू प्रदेश उपाध्यक्ष, उधो राम साहू प्रदेश महामंत्री, गोपाल साहू प्रदेश कोषाध्यक्ष, शशिकांत साहू प्रदेश संयोजक युवा प्रकोष्ठ, रोबिन साहू व हर्ष साहू प्रदेश महामंत्री युवा प्रकोष्ठ, दिलीप साहू प्रदेश संयोजक मीडिया प्रकोष्ठ, अशोक कुमार साहू प्रदेश महामंत्री मीडिया प्रकोष्ठ, मनीष साहू रायपुर संभाग अध्यक्ष युवा प्रकोष्ठ सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

उक्त जानकारी छत्तीसगढ़ प्रदेश साहू संघ मीडिया प्रकोष्ठ के प्रदेश महामंत्री अशोक कुमार साहू ने दी।

महासमुंद में शेयर मार्केट ट्रेडिंग के नाम पर ₹6.80 लाख की साइबर ठगी का खुलासा, इंदौर से दो आरोपी गिरफ्तार

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महासमुंद- शेयर मार्केट में ट्रेडिंग कर अधिक मुनाफा दिलाने का लालच देकर ₹6.80 लाख की साइबर ठगी करने वाले गिरोह का महासमुंद पुलिस ने पर्दाफाश किया है। साइबर थाना महासमुंद में दर्ज मामले की जांच के दौरान पुलिस ने मध्यप्रदेश के इंदौर से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने फर्जी पहचान और सिम कार्ड का इस्तेमाल कर पीड़ित को ट्रेडिंग में बड़ा मुनाफा दिलाने का झांसा दिया और अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर कराई।

फर्जी नाम से किया संपर्क, ट्रेडिंग के नाम पर दिया मुनाफे का झांसा

पुलिस के अनुसार, महासमुंद निवासी मेहुल लुनिया (27) ने साइबर थाना महासमुंद में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के मुताबिक, 2 फरवरी 2026 को उनके मोबाइल पर एक व्यक्ति ने फोन कर खुद को शेयर मार्केट ट्रेडिंग से जुड़ा बताते हुए ट्रेडिंग कॉल उपलब्ध कराने की बात कही। शुरुआत में पीड़ित के पर्सनल डीमैट अकाउंट से ट्रेडिंग कराकर उसे करीब ₹70 से ₹80 हजार का नुकसान कराया गया।

इसके बाद आरोपियों ने पीड़ित को शेयर मार्केट के बजाय फॉरेक्स ट्रेडिंग में अधिक लाभ का लालच दिया। पुलिस के मुताबिक, पीड़ित को अलग-अलग बैंक खातों में रकम जमा करने के लिए कहा गया। इसी दौरान कथित तौर पर ‘झावेरी ट्रेडिंग’ के नाम से एक फर्जी आईडी तैयार कर ब्रोकर का नंबर व्हाट्सऐप के जरिए भेजा गया।

पहले भेजी छोटी रकम, फिर लगातार जमा कराई बड़ी रकम

पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने विश्वास कायम करने के लिए पीड़ित के खाते में ₹12,845 की कथित लाभ राशि भी ट्रांसफर की। इसके बाद अलग-अलग बैंक खातों में रकम जमा कराने का सिलसिला जारी रहा।

पीड़ित ने ऋषि राठौर, जितेन्द्र शर्मा और अनिकेत शर्मा से जुड़े खातों में रकम जमा की। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने लगातार अधिक मुनाफे का लालच देकर और रकम निवेश करने के लिए कहा। जब पीड़ित को अपेक्षित लाभ नहीं मिला और उसने व्हाट्सऐप के जरिए जानकारी मांगी, तो उसे संतोषजनक जवाब नहीं मिला।

पुलिस के मुताबिक, इस तरह अलग-अलग बैंक खातों में कुल ₹6,80,000 जमा कराकर साइबर ठगी की गई।

तकनीकी जांच से इंदौर पहुंची पुलिस

मामले में 12 मार्च 2026 को साइबर थाना महासमुंद में अपराध क्रमांक 01/2026 के तहत धारा 318(4) BNS और 66(D) IT Act में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। विवेचना के दौरान पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल नंबरों के कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी जानकारी जुटाई।

तकनीकी जांच में ऋषि राठौर और जितेन्द्र शर्मा की लोकेशन इंदौर में मिली। इसके बाद महासमुंद पुलिस की टीम ने इंदौर पहुंचकर दोनों आरोपियों को उनके ठिकानों से पकड़ा और पूछताछ की।

फर्जी पहचान और सिम के जरिए ठगी का आरोप

पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में दोनों आरोपियों ने शेयर मार्केट ट्रेडिंग के नाम पर ठगी करने की बात स्वीकार की। पुलिस का आरोप है कि दोनों इंदौर के अपोलो ट्रेड सेंटर स्थित ‘केपिटल रिसर्च’ नाम की कंपनी में क्लाइंट्स को कॉल करने और शेयर मार्केट ट्रेडिंग से संबंधित जानकारी देने का काम करते थे।

पुलिस के अनुसार, पीड़ित से बातचीत के दौरान ऋषि राठौर ने कथित तौर पर हर्ष भारद्वाज और देवांगन सर, जबकि जितेन्द्र शर्मा ने विश्वजीत शर्मा के नाम से अपनी पहचान छिपाई। आरोपियों ने कथित तौर पर इंदौर निवासी हिमांशु दुबे से फर्जी सिम खरीदी और इन्हीं नंबरों के जरिए पीड़ित से संपर्क किया।

अलग-अलग खातों में जमा कराई रकम

पुलिस के मुताबिक, पीड़ित से प्राप्त रकम में से करीब ₹2.50 लाख ऋषि राठौर के केनरा बैंक खाते, करीब ₹2.90 लाख जितेन्द्र शर्मा के बैंक ऑफ इंडिया खाते और करीब ₹1.02 लाख सीहोर निवासी अनिकेत शर्मा के एक्सिस बैंक खाते में जमा कराए गए। इसके अलावा दोनों आरोपियों के खातों में छोटी-छोटी रकम भी जमा कराई गई।

पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपियों ने आपस में योजना बनाकर शेयर मार्केट में अधिक लाभ दिलाने का झांसा दिया और पीड़ित से कुल ₹6.80 लाख की राशि प्राप्त की।

छह मोबाइल फोन जब्त

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपी ऋषि राठौर के कब्जे से चार मोबाइल फोन और जितेन्द्र शर्मा के कब्जे से दो मोबाइल फोन जब्त किए हैं। पुलिस इन उपकरणों से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच कर रही है।

मामले में आरोपियों द्वारा कथित तौर पर फर्जी सिम खरीदकर पहचान छिपाने और योजनाबद्ध तरीके से ठगी करने की बात सामने आने के बाद पुलिस ने प्रकरण में धारा 61(2) BNS भी जोड़ी है।

22 सितंबर को दोनों आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने ऋषि राठौर (28) और जितेन्द्र शर्मा उर्फ जीत उर्फ विश्वजीत (30) को 22 सितंबर 2026 को इंदौर से गिरफ्तार किया। दोनों मूल रूप से सीहोर, मध्यप्रदेश के रहने वाले बताए गए हैं और वर्तमान में इंदौर में रह रहे थे।

दोनों आरोपियों को न्यायिक मजिस्ट्रेट, इंदौर के समक्ष पेश कर ट्रांजिट रिमांड प्राप्त किया गया है।

फर्जी सिम बेचने वाले आरोपी की तलाश जारी

महासमुंद पुलिस के अनुसार, मामले में इस्तेमाल की गई फर्जी सिम उपलब्ध कराने वाले हिमांशु दुबे की भी तलाश की जा रही है। पुलिस मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका और पैसों के लेन-देन से जुड़े नेटवर्क की जांच कर रही है।

पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि शेयर मार्केट, फॉरेक्स ट्रेडिंग या ऑनलाइन निवेश के नाम पर मिलने वाले अधिक और गारंटीड मुनाफे के लालच में किसी अनजान व्यक्ति के बताए बैंक खाते में रकम ट्रांसफर न करें और निवेश से पहले संबंधित संस्था की विश्वसनीयता की जांच जरूर करें।

MrBeast का पत्नी Thea के साथ ताजमहल दौरा, फैंस की उमड़ी भीड़; तस्वीरें और वीडियो वायरल

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आगरा- मशहूर अमेरिकी YouTuber MrBeast (Jimmy Donaldson) इन दिनों भारत दौरे पर हैं। गुरुवार को उन्होंने अपनी पत्नी Thea Booysen के साथ आगरा पहुंचकर विश्व प्रसिद्ध ताजमहल का दीदार किया। जैसे ही MrBeast ताजमहल परिसर में नजर आए, पर्यटकों और उनके प्रशंसकों की भीड़ उन्हें देखने और तस्वीरें लेने के लिए जुट गई। उनके दौरे के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं।

रिपोर्टों के मुताबिक, MrBeast और Thea ने ताजमहल परिसर में घूमकर स्मारक का दीदार किया और इस दौरान कई प्रशंसकों के साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं। सुरक्षा कर्मी भी उनके साथ मौजूद रहे। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में दोनों को प्रशंसकों की ओर हाथ हिलाते और मुस्कुराते हुए देखा जा सकता है।

फैन ने दिया खास तोहफा

MrBeast के ताजमहल दौरे के दौरान एक खास पल भी देखने को मिला। युवान गौरव नाम के एक युवा प्रशंसक ने उन्हें उनके हाथ से बनाए गए स्केच की एक बुक भेंट की। रिपोर्ट के अनुसार, MrBeast ने स्केच देखकर खुशी जताई और प्रशंसक को गले लगाकर उसका धन्यवाद किया।

MrBeast का यह भारत दौरा सोशल मीडिया पर भी काफी चर्चा में है। ताजमहल पहुंचने के बाद उनके फैंस और पर्यटकों द्वारा बनाए गए कई वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से शेयर किए जा रहे हैं।

निरमा यूनिवर्सिटी में कॉमेडी शो के दौरान विवाद, प्रोफेसर ने छात्र का कॉलर पकड़ा; वीडियो वायरल

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अहमदाबाद- गुजरात की निरमा यूनिवर्सिटी में आयोजित एक कॉमेडी कार्यक्रम के दौरान प्रोफेसर और छात्र के बीच हुए विवाद का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में एक प्रोफेसर मंच पर एक छात्र को बुलाकर उसका कॉलर पकड़ते नजर आ रहे हैं। घटना के बाद छात्र-शिक्षक व्यवहार और कैंपस में अनुशासन को लेकर सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई है।

बताया जा रहा है कि यह घटना Technofora 2026 कार्यक्रम के दौरान हुई, जिसका आयोजन 18 से 20 सितंबर के बीच किया गया था। कार्यक्रम में स्टैंड-अप कॉमेडियन रजत सूद का शो भी शामिल था। रिपोर्टों के मुताबिक, कार्यक्रम के दौरान एक छात्र ने मंच से चल रहे संबोधन के बीच फिल्म Golmaal 3 से जुड़ा लोकप्रिय डायलॉग “जल्दी बोल, पनवेल निकलना है” बोल दिया।

इसके बाद प्रोफेसर ने छात्र को मंच पर बुलाया। वायरल वीडियो में दोनों के बीच बातचीत के दौरान प्रोफेसर छात्र का कॉलर पकड़ते दिखाई देते हैं और उसे फैकल्टी का अपमान नहीं करने की चेतावनी देते हैं। हालांकि, सामने आया वीडियो पूरे घटनाक्रम का केवल एक हिस्सा है।

रिपोर्टों के अनुसार, संबंधित प्रोफेसर ने बाद में कहा कि मामले को सुलझा लिया गया है और छात्र ने माफी मांगी थी। उन्होंने यह भी कहा कि वायरल क्लिप में घटना का पूरा संदर्भ दिखाई नहीं देता।

इस घटना के बाद NSUI की गुजरात इकाई की ओर से मामले की निष्पक्ष जांच और प्रोफेसर से माफी की मांग की गई। वहीं सोशल मीडिया पर कुछ लोग छात्र के व्यवहार को अनुशासन का मुद्दा बता रहे हैं, जबकि अन्य लोगों ने छात्र के साथ शारीरिक रूप से पेश आने पर सवाल उठाए हैं।

फिलहाल, उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार विश्वविद्यालय की ओर से मामले पर कोई विस्तृत सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले में सामने आए वीडियो और संबंधित पक्षों के बयानों के आधार पर ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

महासमुंद में सरकारी योजना में कथित बड़ा फर्जीवाड़ा, दो बच्चों की 14 बार शादी दिखाकर ₹91 लाख निकालने का आरोप; 3 साल से जांच लंबित

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महासमुंद- जिले में सरकारी योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता राशि में कथित अनियमितता का मामला सामने आया है। रिपोर्ट के मुताबिक, रिकॉर्ड में दो बच्चों की अलग-अलग प्रविष्टियों के जरिए कुल 14 बार शादी दर्शाकर करीब ₹91 लाख की सरकारी सहायता राशि निकाले जाने का आरोप है। मामला सामने आने के बाद अधिकारियों ने जांच के निर्देश दिए थे, लेकिन करीब तीन साल बीतने के बावजूद जांच किसी अंतिम निष्कर्ष तक नहीं पहुंच सकी है।

सात दिन में मांगी गई थी जांच रिपोर्ट

मामला सामने आने के बाद संबंधित अधिकारियों की ओर से जांच के निर्देश जारी किए गए थे। प्रारंभिक तौर पर जांच टीम को दस्तावेजों, लाभार्थियों और भुगतान से जुड़े रिकॉर्ड की पड़ताल कर सात दिन के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि, तय समयसीमा में जांच पूरी नहीं हो सकी।

इसके बाद मामले की जांच के लिए अलग-अलग स्तर पर समितियां गठित की गईं। रिपोर्टों के अनुसार, करीब तीन साल से जांच प्रक्रिया चल रही है, लेकिन अब तक मामले में अंतिम रिपोर्ट और जिम्मेदारी तय होने की स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है।

14 बार शादी की प्रविष्टियों ने उठाए सवाल

मामले में सबसे गंभीर सवाल रिकॉर्ड में दर्ज कथित 14 विवाह प्रविष्टियों को लेकर उठ रहे हैं। आरोप है कि दो बच्चों से संबंधित रिकॉर्ड में अलग-अलग प्रविष्टियों का इस्तेमाल कर सरकारी सहायता राशि का भुगतान कराया गया।

करीब ₹91 लाख की राशि से जुड़े इस मामले में अब यह जांच का विषय है कि लाभार्थियों की पहचान, पात्रता और दस्तावेजों का सत्यापन किस स्तर पर किया गया था। साथ ही यह भी देखा जाना जरूरी है कि एक जैसी या संदिग्ध प्रविष्टियां बार-बार सामने आने के बावजूद भुगतान प्रक्रिया में उन्हें चिन्हित क्यों नहीं किया गया।

दस्तावेज और भुगतान रिकॉर्ड की जांच अहम

पूरे मामले की वास्तविक स्थिति सामने लाने के लिए आवेदन पत्र, लाभार्थियों के दस्तावेज, स्वीकृति रिकॉर्ड, भुगतान आदेश और संबंधित बैंक खातों की जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

यदि जांच में गलत जानकारी, फर्जी दस्तावेज या नियमों के विपरीत भुगतान की पुष्टि होती है, तो इसमें शामिल लोगों के साथ-साथ सत्यापन और स्वीकृति प्रक्रिया से जुड़े जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है। हालांकि, अभी इन आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

तीन साल बाद भी जांच पूरी होने का इंतजार

करीब तीन साल से लंबित इस प्रकरण ने सरकारी योजनाओं में लाभार्थी सत्यापन, रिकॉर्ड प्रबंधन, भुगतान प्रक्रिया और विभागीय जवाबदेही को लेकर सवाल खड़े किए हैं।

फिलहाल पूरे मामले में जांच रिपोर्ट का इंतजार है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि करीब ₹91 लाख के भुगतान में वास्तविक अनियमितता कितनी हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।

छत्तीसगढ़ में 99.34% ग्रामीण परिसंपत्तियों की जियो-टैगिंग पूरी, डिजिटल मैप पर दर्ज हुईं 11.82 लाख से अधिक परिसंपत्तियां

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रायपुर- ग्रामीण विकास कार्यों की डिजिटल निगरानी और पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए चलाए जा रहे ‘भूग्राम’ (स्टेज-III) अभियान के तहत छत्तीसगढ़ ने जियो-टैगिंग के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय की 24 सितंबर 2026 तक की रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में निर्मित कुल 11,90,327 ग्रामीण परिसंपत्तियों में से 11,82,480 यानी 99.34 प्रतिशत परिसंपत्तियों की जियो-टैगिंग पूरी हो चुकी है।

जियो-टैगिंग के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में निर्मित परिसंपत्तियों की लोकेशन और रिकॉर्ड को GIS आधारित डिजिटल मैप पर दर्ज किया जा रहा है। इससे विकास कार्यों की निगरानी, परिसंपत्तियों की पहचान और उनके रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी।

दूरस्थ इलाकों में भी पूरा हुआ बड़ा हिस्सा

बस्तर और सरगुजा संभाग के दूरस्थ वनांचल, पहाड़ी क्षेत्रों तथा सीमित नेटवर्क कनेक्टिविटी वाले इलाकों में जियो-टैगिंग का काम चुनौतीपूर्ण रहा। इसके बावजूद मैदानी कर्मचारियों, पंचायत प्रतिनिधियों और तकनीकी अमले के समन्वय से अभियान के तहत लगभग पूरा लक्ष्य हासिल किया गया।

आंकड़ों के मुताबिक, देशभर में जियो-टैगिंग का औसत 93.08 प्रतिशत रहा, जबकि छत्तीसगढ़ में यह आंकड़ा 99.34 प्रतिशत दर्ज किया गया है।

छत्तीसगढ़ में MBBS इंटर्न के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी, अब हर महीने मिलेंगे ₹25 हजार

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रायपुर- छत्तीसगढ़ सरकार ने सरकारी मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत MBBS इंटर्न के मासिक स्टाइपेंड को बढ़ाकर ₹25,000 करने का फैसला लिया है। मेडिकल एजुकेशन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, संशोधित स्टाइपेंड 1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होगा।

सरकार का यह निर्णय जूनियर डॉक्टरों और मेडिकल इंटर्न की स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग के बीच आया है। विभाग के आदेश के मुताबिक, स्टाइपेंड में संशोधन के प्रस्ताव को वित्त विभाग की सहमति के बाद मंजूरी दी गई है।

हालांकि, जूनियर डॉक्टरों की ओर से उठाई गई अन्य मांगों में रेजिडेंट और बॉन्डेड डॉक्टरों के मानदेय में संशोधन, बॉन्ड व्यवस्था में बदलाव और सुपर स्पेशियलिटी कैडर के गठन जैसी मांगें भी शामिल हैं। JDA का कहना है कि इन मांगों पर लिखित आदेश मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा।

छत्तीसगढ़ में जूनियर डॉक्टरों का आंदोलन तेज, नियमित OPD का बहिष्कार कर शुरू की समानांतर OPD

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रायपुर- छत्तीसगढ़ में जूनियर डॉक्टरों का आंदोलन जारी है। सरकार की ओर से लंबित मांगों पर लिखित आदेश जारी नहीं होने के बाद जूनियर डॉक्टरों ने गुरुवार को मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों में नियमित OPD सेवाओं का बहिष्कार करते हुए प्रदर्शन स्थल पर समानांतर OPD शुरू की।

छत्तीसगढ़ जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (JDA) के अनुसार, स्वास्थ्य मंत्री द्वारा मांगों पर कार्रवाई के लिए दी गई सात दिन की समयसीमा समाप्त होने के बावजूद कई मांगों पर स्पष्ट लिखित आदेश नहीं मिला। डॉक्टरों का कहना है कि वे आश्वासन के बजाय मांगों पर ठोस और लिखित निर्णय चाहते हैं।

रायपुर मेडिकल कॉलेज में इंटर्न, रेजिडेंट डॉक्टर, PG-बॉन्डेड और MBBS-बॉन्डेड डॉक्टरों ने नियमित OPD से दूरी बनाई, जबकि प्रदर्शन स्थल पर समानांतर OPD लगाकर मरीजों की जांच, परामर्श और आवश्यक उपचार जारी रखा।

डॉक्टरों की प्रमुख मांगों में सुपर स्पेशियलिटी कैडर का गठन, MBBS और PG बॉन्ड व्यवस्था में सुधार तथा इंटर्न, PG रेजिडेंट और बॉन्डेड डॉक्टरों के मानदेय में संशोधन शामिल हैं।

वहीं, सरकार ने MBBS इंटर्न का मासिक स्टाइपेंड बढ़ाकर ₹25,000 करने का आदेश जारी किया है, जो 1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होगा। हालांकि JDA का कहना है कि अन्य मांगों पर भी लिखित आदेश मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा।

UN में नेतन्याहू के भाषण के दौरान बड़ा वॉकआउट, दर्जनों देशों के प्रतिनिधि हॉल से बाहर निकले

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न्यूयॉर्क- संयुक्त राष्ट्र महासभा में गुरुवार, 24 सितंबर 2026 को उस समय बड़ा कूटनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला, जब इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू अपना संबोधन शुरू करने पहुंचे। उनके भाषण के दौरान दर्जनों देशों के राजनयिक और प्रतिनिधि हॉल से बाहर चले गए। 

नेतन्याहू के मंच पर पहुंचते ही UN General Assembly हॉल में कुछ प्रतिनिधियों ने वॉकआउट किया। रिपोर्टों के अनुसार, बड़ी संख्या में सीटें खाली हो गईं। इस दौरान सभापति खलीलुर रहमान को कई बार सदन में व्यवस्था बनाए रखने की अपील करनी पड़ी। 

 नेतन्याहू ने क्या कहा?

वॉकआउट के बीच नेतन्याहू ने अपना संबोधन जारी रखा और बाहर जाने वाले प्रतिनिधियों पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने अपने भाषण में इजरायल की सैन्य कार्रवाइयों का बचाव किया और ईरान समेत अपने आलोचकों पर निशाना साधा। उन्होंने गाजा और ईरान से जुड़े सैन्य अभियानों को लेकर इजरायल के रुख को सामने रखा।

नेतन्याहू ने यह भी कहा कि इजरायल अपनी सुरक्षा के लिए कार्रवाई कर रहा है और दावा किया कि कुछ ऐसे देश भी हैं जिनके प्रतिनिधि हॉल से बाहर गए, लेकिन उनके नेता निजी तौर पर इजरायल की कार्रवाइयों का समर्थन करते हैं। यह उनका स्वयं का दावा है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध रिपोर्टों में नहीं हुई है।

वॉकआउट के पीछे क्या था मुद्दा?

रिपोर्टों के अनुसार, यह वॉकआउट इजरायल की गाजा और पश्चिमी तट में सैन्य एवं राजनीतिक नीतियों के विरोध के संदर्भ में हुआ। फिलिस्तीनी मिशन ने अन्य प्रतिनिधिमंडलों से भी वॉकआउट में शामिल होने की अपील की थी। 

कुछ रिपोर्टों में 77 देशों के प्रतिनिधिमंडलों के हॉल से बाहर जाने का आंकड़ा दिया गया है, हालांकि अलग-अलग रिपोर्टों में संख्या अलग-अलग बताई गई है। 

क्यों महत्वपूर्ण है यह घटनाक्रम?

नेतन्याहू के भाषण के दौरान हुआ यह वॉकआउट इजरायल और उसके सैन्य अभियानों को लेकर संयुक्त राष्ट्र में मौजूद गहरे कूटनीतिक मतभेदों को सामने लाता है। यह लगातार दूसरी बार है जब उनके UN संबोधन के दौरान राजनयिकों के वॉकआउट की घटना सामने आई है। 

एक नजर में:
स्थान: UN Headquarters, New York
तारीख: 24 सितंबर 2026
वक्ता: इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू
घटनाक्रम: दर्जनों देशों के प्रतिनिधियों का वॉकआउट
मुख्य मुद्दे: गाजा, ईरान, इजरायल की सैन्य कार्रवाई और अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक मतभेद

ACB की बड़ी कार्रवाई: नगर निगम का लिपिक 10 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

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 बिलासपुर। बिलासपुर नगर निगम कार्यालय में सामान्य सभा की बैठक के दौरान एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने कार्रवाई करते हुए संपदा शाखा में पदस्थ लिपिक लक्ष्मीकांत कोका को 10 हजार रुपये की कथित रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा है। एसीबी टीम ने आरोपी के कब्जे से रिश्वत की रकम बरामद की है।


मकान नवीनीकरण की फाइल के लिए मांगी थी रिश्वत

जानकारी के मुताबिक, सरकंडा-राजकिशोर नगर निवासी एक व्यक्ति अपने मकान के नवीनीकरण से संबंधित फाइल के सिलसिले में नगर निगम की संपदा शाखा पहुंचा था। आरोप है कि फाइल से जुड़े काम को आगे बढ़ाने के एवज में लिपिक लक्ष्मीकांत कोका ने उससे 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगी।

शिकायतकर्ता रिश्वत देने के पक्ष में नहीं था। उसने मामले की शिकायत एसीबी के बिलासपुर क्षेत्रीय कार्यालय में की। शिकायत के सत्यापन के बाद एसीबी ने कार्रवाई की योजना तैयार की।

निगम कार्यालय में एसीबी ने पकड़ा

एसीबी के मुताबिक, योजना के तहत शिकायतकर्ता को रिश्वत की रकम लेकर निगम कार्यालय भेजा गया। जैसे ही उसने आरोपी लिपिक को 10 हजार रुपये दिए, पहले से मौजूद एसीबी टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। रिश्वत की रकम भी बरामद कर ली गई।

कार्रवाई के बाद एसीबी टीम आरोपी से पूछताछ कर रही है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

सामान्य सभा के बीच कार्रवाई से मचा हड़कंप

एसीबी की यह कार्रवाई उस समय हुई, जब नगर निगम में सामान्य सभा की बैठक चल रही थी। कार्रवाई की जानकारी सामने आते ही निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच हलचल मच गई।

पुलिस और एसीबी की जांच के दौरान आरोपी लिपिक से जुड़े पुराने मामलों और अन्य दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।

सिक्किम के रिंबी गांव में बड़ा भूस्खलन, 35 से ज्यादा घर प्रभावित; कई परिवार सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट

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सिक्किम- लगातार हो रही भारी बारिश के बीच पश्चिम सिक्किम के रिंबी गांव में गुरुवार रात बड़ा भूस्खलन हुआ। भूस्खलन के चलते पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा, पत्थर और मिट्टी नीचे की ओर आ गई, जिससे कई घरों और सरकारी परिसरों को नुकसान पहुंचा है। अभी तक किसी जनहानि की सूचना नहीं है।

रिंबी गांव के युक्सोम-ताशीडिंग क्षेत्र में लगातार बारिश के कारण पहले से ही भूस्खलन की स्थिति बनी हुई थी। ताजा घटना में 35 से अधिक घरों के पूरी तरह या आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त होने की रिपोर्ट सामने आई है। इनमें सरकारी आवास भी शामिल हैं।

लगातार बढ़ रहा खतरा

रिपोर्टों के मुताबिक रिंबी और आसपास के इलाकों में पिछले कई दिनों से बार-बार मलबा खिसकने की घटनाएं हो रही हैं। लगातार बारिश के कारण जमीन के और खिसकने का खतरा बना हुआ है। प्रशासन ने प्रभावित और संवेदनशील इलाकों पर निगरानी बढ़ा दी है।

सुरक्षा को देखते हुए दो दर्जन से अधिक परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है, जबकि प्रभावित लोगों के लिए राहत व्यवस्था की जा रही है।

सड़क संपर्क भी प्रभावित

भूस्खलन और मलबे के कारण क्षेत्र की सड़क कनेक्टिविटी भी प्रभावित हुई है। रिंबी-युक्सोम और रिंबी-खेचियोपेरी मार्ग पर आवागमन बाधित होने की रिपोर्ट है।

प्रशासन हाई अलर्ट पर

सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने स्थिति पर चिंता जताते हुए अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने, प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी करने और लोगों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्थानीय लोगों से सतर्क रहने और प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है।

फिलहाल रिंबी में राहत और सुरक्षा व्यवस्था जारी है और प्रशासन संभावित नए भूस्खलन के खतरे को देखते हुए स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

महासमुंद में 26 सितंबर को परिवार संस्कार कार्यशाला एवं विचार गोष्ठी, सामाजिक एकता और संस्कारों पर होगा मंथन

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महासमुंद- जिला साहू संघ महासमुंद द्वारा परिवार व्यवस्था को मजबूत करने, संस्कारों के संरक्षण और सामाजिक चेतना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से “परिवार संस्कार कार्यशाला एवं विचार गोष्ठी” का आयोजन 26 सितंबर 2026, शनिवार को किया जाएगा। कार्यक्रम साहू सदन, बी.टी.आई. रोड, महासमुंद में आयोजित होगा।

कार्यशाला में परिवार में संस्कार, सामाजिक एकता, आपसी संवाद और सकारात्मक विचारों को बढ़ावा देने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा एवं विचार-विमर्श किया जाएगा। साथ ही प्रतिभागियों को परिवार और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने तथा संस्कारयुक्त एवं सुसंस्कृत समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों की रहेगी उपस्थिति

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि चंदूलाल साहू, अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ राज्य भंडार गृह निगम एवं पूर्व सांसद, महासमुंद होंगे।

वहीं विशिष्ट अतिथियों के रूप में छत्तीसगढ़ प्रदेश साहू संघ की उपाध्यक्ष साधना साहू, संगठन सचिव डॉ. सुनील साहू तथा संगठन सचिव चंद्रवती साहू की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी।

दो सत्रों में होगा कार्यक्रम

कार्यक्रम के प्रथम सत्र का आयोजन सुबह 11:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक किया जाएगा। इस सत्र में बसंत कुमार साहू एवं पूनम साहू, अभ्युदय संस्थान, अछोटी, दुर्ग द्वारा परिवार, संस्कार एवं सामाजिक जीवन से जुड़े विषयों पर मार्गदर्शन और विचार-विमर्श किया जाएगा।

इसके बाद दोपहर 2:00 से 3:00 बजे तक भोजन प्रसाद की व्यवस्था रहेगी।

कार्यक्रम का द्वितीय सत्र दोपहर 3:00 बजे से शाम 5:30 बजे तक आयोजित होगा। इस दौरान अतिथियों का स्वागत एवं उद्बोधन होगा। साथ ही जिला साहू संघ महासमुंद के नियुक्त एवं मनोनीत पदाधिकारियों को प्रमाण-पत्र का वितरण किया जाएगा।

अधिक से अधिक सहभागिता की अपील

जिला साहू संघ महासमुंद ने समाज के सभी स्वजातीय बंधुओं एवं परिवारजनों से कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है। आयोजकों का कहना है कि कार्यशाला के माध्यम से परिवार और समाज में आपसी संवाद, प्रेम, एकता, संस्कार तथा सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।

आयोजकों के अनुसार, परिवार में अच्छे संस्कार ही सुदृढ़ और संस्कारवान समाज की आधारशिला हैं। ऐसे आयोजनों के माध्यम से परिवारों को सकारात्मक दिशा देने और सामाजिक एकता को मजबूत करने की पहल की जा रही है।

स्थान: साहू सदन, बी.टी.आई. रोड, महासमुंद
दिनांक: 26 सितंबर 2026, शनिवार
समय: सुबह 11:00 बजे से शाम 5:30 बजे तक

आयोजक:
जिला साहू संघ, महासमुंद


बालोद में भीषण सड़क हादसा: ट्रक ने खड़ी स्वराज माज़दा को पीछे से मारी टक्कर, 6 की मौत

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बालोद- जिले के मरकाटोला घाट में शुक्रवार को एक भीषण सड़क हादसा हो गया। कवर्धा से जगदलपुर की ओर जा रही स्वराज माज़दा वाहन क्रमांक CG10BU7174 खराब होने के बाद सड़क किनारे खड़ी थी। इसी दौरान रायपुर से जगदलपुर की ओर जा रहे एक 16 पहिया टाटा ट्रक क्रमांक CG04QY5947 ने खड़ी गाड़ी को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी।

कैसे हुआ हादसा?

जानकारी के अनुसार, स्वराज माज़दा वाहन खराब होने के कारण मरकाटोला घाट में सड़क किनारे खड़ी थी। वाहन में कुल 13 यात्री सवार थे। इनमें से दो लोग वाहन को ठीक कराने के लिए मैकेनिक लाने धमतरी की ओर गए हुए थे।

इसी दौरान करीब सुबह 11:30 बजे रायपुर से जगदलपुर की ओर जा रहे गेहूं से लदे 16 पहिया टाटा ट्रक ने सड़क किनारे खड़ी स्वराज माज़दा को पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ट्रक स्वराज माज़दा को कुछ दूरी तक घसीटते हुए ले गया और इसके बाद ट्रक भी पलट गया।

हादसे में 6 लोगों की मौत

दुर्घटना में मौके पर 2 लोगों की मौत हो गई, जबकि 11 लोग घायल हुए। सभी घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल धमतरी भेजा गया।

इलाज के दौरान गंभीर रूप से घायल 4 अन्य लोगों की भी मौत हो गई। इस तरह हादसे में अब तक कुल 6 लोगों की मृत्यु हो चुकी है, जबकि 7 घायलों का अस्पताल में उपचार जारी है।

ट्रक चालक मौके से फरार

हादसे के बाद ट्रक चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और फरार चालक की तलाश की जा रही है।

पुलिस के अनुसार, मृतकों और घायलों की पहचान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनकी सूची अलग से जारी की जाएगी।

हादसे की मुख्य जानकारी

  • स्थान: मरकाटोला घाट, जिला बालोद

  • दिनांक: 25 सितंबर 2026

  • समय: लगभग सुबह 11:30 बजे

  • स्वराज माज़दा: CG10BU7174

  • टाटा ट्रक: CG04QY5947

  • स्वराज माज़दा में सवार: 13 लोग

  • कुल मृतक: 6

  • उपचाररत घायल: 7

  • ट्रक चालक: हादसे के बाद मौके से फरार

पुलिस मामले की जांच कर रही है और दुर्घटना के कारणों तथा फरार ट्रक चालक के संबंध में आगे की कार्रवाई की जा रही है।




साय मंत्रिपरिषद की अहम बैठक 30 सितम्बर को

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 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में 30 सितम्बर 2026 बुधवार को पूर्वान्ह 11.30 बजे से मंत्रिपरिषद की बैठक आयोजित हैं। यह बैठक मंत्रालय महानदी भवन में स्थित मंत्रिपरिषद कक्ष में होगी।



महासमुंद में नाबालिग ने अस्पताल में दिया नवजात को जन्म, जांच में सामने आया इंस्टाग्राम कनेक्शन

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 दुर्ग। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के जरिए 16 वर्षीय नाबालिग से दोस्ती कर उसे डोंगरगढ़ ले जाने और वहां शादी करने का दावा किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि इसके बाद युवक नाबालिग को दुर्ग के मोहन नगर थाना क्षेत्र स्थित अपने घर ले आया। गर्भवती होने के बाद तबीयत बिगड़ने पर नाबालिग को महासमुंद के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 7 सितंबर को उसने एक नवजात को जन्म दिया।


इंस्टाग्राम के जरिए हुई थी पहचान

पुलिस के मुताबिक, नवंबर 2025 में आरोपी की इंस्टाग्राम के जरिए नाबालिग से पहचान हुई थी। इसके बाद दोनों के बीच बातचीत होने लगी। आरोप है कि युवक नाबालिग को डोंगरगढ़ ले गया, जहां मंदिर में शादी करने का दावा किया गया। इसके बाद वह उसे अपने साथ दुर्ग ले आया।

तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती

गर्भावस्था के दौरान नाबालिग की तबीयत बिगड़ने पर उसे महासमुंद के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में 7 सितंबर को प्रसव हुआ। अस्पताल प्रबंधन ने मामले की जानकारी पुलिस को दी, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की।

जीरो FIR के बाद दुर्ग पुलिस कर रही जांच

सूचना मिलने के बाद महासमुंद पुलिस ने प्रारंभिक जांच की। मामला दुर्ग के मोहन नगर थाना क्षेत्र से संबंधित पाए जाने पर जीरो एफआईआर दर्ज की गई और प्रकरण को आगे की कार्रवाई के लिए दुर्ग पुलिस को सौंप दिया गया।

अब दुर्ग पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस आरोपी और नाबालिग के बीच संपर्क, कथित विवाह तथा घटनाक्रम से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच कर रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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