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भारतीय रेलवे ने रचा नया इतिहास, 99.6% विद्युतीकरण के साथ आधुनिक युग में प्रवेश

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नई दिल्ली- Indian Railways ने अपनी ऐतिहासिक यात्रा के 173 वर्ष पूरे करते हुए आधुनिकता और तकनीकी प्रगति के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। 16 अप्रैल 1853 को मुंबई (तत्कालीन बॉम्बे) से ठाणे के बीच पहली यात्री ट्रेन के संचालन के साथ शुरू हुई यह यात्रा आज विश्व के सबसे बड़े रेलवे नेटवर्क में शामिल हो चुकी है।


ऐतिहासिक शुरुआत से आधुनिक उपलब्धियों तक

1853 में शुरू हुई रेलवे सेवा ने समय के साथ भाप इंजनों से लेकर डीजल और फिर इलेक्ट्रिक ट्रेनों तक का लंबा सफर तय किया है। आज भारतीय रेलवे का ब्रॉड गेज नेटवर्क 99.6% तक विद्युतीकृत हो चुका है, जो इसे दुनिया के अग्रणी रेल नेटवर्क में शामिल करता है।


यात्री और माल परिवहन में रिकॉर्ड वृद्धि

  • वर्ष 2025–26 में लगभग 741 करोड़ यात्रियों ने रेल यात्रा की

  • प्रतिदिन लगभग 25,000 ट्रेनें संचालित हो रही हैं

  • माल परिवहन 1,670 मिलियन टन तक पहुंचा

  • कुल राजस्व लगभग ₹80,000 करोड़ रहा

ये आंकड़े भारतीय रेलवे की विशालता और उसकी मजबूत भूमिका को दर्शाते हैं।

तकनीकी और सुरक्षा में बड़ा सुधार

भारतीय रेलवे ने सुरक्षा और तकनीक के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति की है—

  • ‘कवच’ सुरक्षा प्रणाली Kavach System 3,100 किलोमीटर मार्ग पर लागू

  • 24,400 किलोमीटर पर कार्य जारी

  • AI आधारित वीडियो निगरानी प्रणाली 1,800 से अधिक स्टेशनों पर

  • डिजिटल सूचना प्रणाली से यात्रियों को रियल-टाइम जानकारी

आधुनिक ट्रेनों और नई सेवाओं का विस्तार

  • Vande Bharat Express से यात्रा में तेजी और आराम

  • 2025–26 में लगभग 3.98 करोड़ यात्रियों ने यात्रा की

  • Amrit Bharat Express से किफायती यात्रा सुविधा

  • 60 नई सेवाएं शुरू


हाई-स्पीड रेल और भविष्य की योजनाएं

सरकार ने रेलवे के लिए ₹2.78 लाख करोड़ का रिकॉर्ड बजट आवंटित किया है।
इसके तहत 7 हाई-स्पीड कॉरिडोर विकसित किए जा रहे हैं, जिनमें Mumbai Ahmedabad High Speed Rail प्रमुख है।

डिजिटल और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास

  • 1,396 स्टेशनों पर डिजिटल नेटवर्क (IP MPLS)

  • 119 स्टेशनों का आधुनिकीकरण

  • ‘RailOne App’ से डिजिटल सेवाओं की शुरुआत

  • 35 गती शक्ति कार्गो टर्मिनल शुरू


निष्कर्ष

भारतीय रेलवे ने 173 वर्षों में एक लंबा और प्रेरणादायक सफर तय किया है।
आज यह न केवल देश की जीवन रेखा है, बल्कि आर्थिक विकास, औद्योगिक प्रगति और सामाजिक एकता का मजबूत आधार भी है।


भारतीय नौसेना कमांडर्स सम्मेलन 2026 शुरू, भविष्य की रणनीति और सुरक्षा पर मंथन

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नई दिल्ली- Indian Navy का बहुप्रतीक्षित कमांडर्स सम्मेलन 01/2026 नौ सेना भवन में शुरू हो गया। सम्मेलन का उद्घाटन एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी (नौसेना प्रमुख) द्वारा किया गया, जिसमें देशभर से वरिष्ठ नौसेना अधिकारी, ऑपरेशनल एवं क्षेत्रीय कमांडर तथा मुख्यालय के अधिकारी शामिल हुए।

नौसेना प्रमुख का संबोधन

अपने उद्घाटन भाषण में नौसेना प्रमुख ने भारत के समुद्री हितों की रक्षा में नौसेना की महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की। उन्होंने विशेष रूप से पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने, ऑपरेशनों की बढ़ती गति और तीनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल को बड़ी उपलब्धि बताया।

उन्होंने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए नौसेना को हर समय युद्ध के लिए तैयार (Combat Ready) रहना चाहिए। साथ ही, आधुनिक तकनीकों को अपनाकर एक “Future Ready Force” तैयार करना समय की आवश्यकता है।

अंतरराष्ट्रीय सहयोग और रणनीतिक दृष्टिकोण

नौसेना प्रमुख ने हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की सक्रिय भूमिका को दोहराया। उन्होंने मित्र देशों के साथ संयुक्त सैन्य अभ्यासों और सहयोग को और मजबूत करने पर जोर दिया, ताकि एक मजबूत, समन्वित और विश्वसनीय रणनीति विकसित की जा सके।

 सम्मेलन में प्रमुख चर्चाएं

सम्मेलन के दौरान कई अहम विषयों पर गहन विचार-विमर्श किया गया—

  • संयुक्त सैन्य संचालन (Joint Operations)

  • समुद्री और तटीय क्षमता में वृद्धि

  • जहाजों की मरम्मत और रखरखाव

  • बहु-क्षेत्रीय सुरक्षा उपाय

  • प्रशिक्षण और अंतरराष्ट्रीय सहयोग

  • मानव संसाधन विकास

  • नवाचार और आत्मनिर्भरता (Indigenisation)

 सीडीएस का महत्वपूर्ण संदेश

जनरल अनिल चौहान (Chief of Defence Staff) ने भी सम्मेलन को संबोधित किया।
उन्होंने बदलते वैश्विक परिदृश्य और युद्ध के बदलते स्वरूप पर प्रकाश डालते हुए नौसेना को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहने की सलाह दी।

उन्होंने कहा कि आधुनिक युद्ध केवल सैन्य शक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें आर्थिक और तकनीकी पहलुओं का भी महत्वपूर्ण योगदान होता है।

निष्कर्ष

भारतीय नौसेना कमांडर्स सम्मेलन 2026 देश की समुद्री सुरक्षा, रणनीतिक योजना और भविष्य की तैयारियों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित हो रहा है।
इस सम्मेलन से प्राप्त निष्कर्ष आने वाले समय में भारत की रक्षा रणनीति को और मजबूत बनाएंगे।


फर्जी मैट्रिमोनियल साइट के नाम पर करोड़ों की साइबर ठगी का भंडाफोड़, 26 आरोपी गिरफ्तार

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 रायगढ़: जिले में साइबर पुलिस ने फर्जी मैट्रिमोनियल साइट के जरिए देशभर में करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने दरोगापारा स्थित निधि परिवहन केंद्र और शांति देवी शिक्षा सोसायटी केंद्र में छापेमारी कर कुल 26 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।


पुलिस के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ संगठित अपराध, धोखाधड़ी, कूट रचना और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के संज्ञान में मामला आने के बाद उन्होंने स्वयं टीम का नेतृत्व करते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी, नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा, साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक विजय चेलक और साइबर व महिला थाना की संयुक्त टीम के साथ कार्रवाई की। छापेमारी के दौरान दोनों केंद्रों में अवैध गतिविधियां संचालित होती पाई गईं।

जांच में सामने आया कि बाहर से इन केंद्रों में आरटीओ संबंधी कार्य और दस्तावेज बनाने का काम दिखाया जाता था, जबकि अंदर अलग-अलग कमरों में फर्जी दस्तावेज तैयार करने, वीडियो एडिटिंग और कॉल सेंटर चलाकर लोगों को शादी के नाम पर ठगा जाता था। युवतियों के माध्यम से लोगों से संपर्क कर उन्हें फर्जी प्रोफाइल के जरिए जाल में फंसाया जाता था और फिर रजिस्ट्रेशन फीस, मीटिंग फीस समेत अन्य बहानों से यूपीआई के जरिए पैसे वसूले जाते थे।

गिरोह फर्जी जीमेल आईडी, मोबाइल नंबर और यूट्यूब चैनल के माध्यम से नकली प्रोफाइल बनाकर लोगों से संपर्क करता था। पीड़ित की शिकायत पर थाना साइबर में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं और आईटी एक्ट की धारा 66C व 66D के तहत मामला दर्ज किया गया है।

जांच के दौरान यह भी खुलासा हुआ कि मुख्य आरोपी कपिल गर्ग पहले लोक सेवा केंद्र के माध्यम से आरटीओ कार्य करता था। आईडी निरस्त होने के बाद उसने अपने साथियों के साथ मिलकर इस फर्जी नेटवर्क को खड़ा किया। उसके सहयोगी हिमांशु मेहर समेत अन्य आरोपी लंबे समय से इस अवैध गतिविधि को अंजाम दे रहे थे।

मौके से पुलिस ने 55 मोबाइल फोन, 13 लैपटॉप, फर्जी दस्तावेज, विभिन्न शासकीय विभागों की नकली सील-मुहर और फोटोशॉप के जरिए दस्तावेजों में छेड़छाड़ के साक्ष्य बरामद किए हैं।

एसएसपी ने बताया कि गिरोह ने अब तक 7,693 लोगों को निशाना बनाकर करीब 1.11 करोड़ रुपये की ठगी की है। प्रारंभिक जांच में सामने आई यह राशि आगे और बढ़ने की संभावना है।

पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने AIIMS नागपुर के दीक्षांत समारोह को किया संबोधित

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नागपुर-द्रौपदी मुर्मू ने आज एम्स नागपुर नागपुर के दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया और छात्रों को संबोधित किया।

अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने कहा कि चिकित्सा का क्षेत्र केवल एक पेशा नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का एक महान माध्यम है। उन्होंने कहा कि एक डॉक्टर न केवल बीमारियों का इलाज करता है, बल्कि मरीजों के मन में आशा और विश्वास भी जगाता है।

उन्होंने डॉक्टरों से अपील की कि वे हर परिस्थिति में संवेदनशीलता और करुणा बनाए रखें। साथ ही, मरीजों और उनके परिवारों से भी आग्रह किया कि वे डॉक्टरों का सम्मान करें, ताकि डॉक्टर और मरीज के बीच विश्वास का संबंध मजबूत बना रहे।

राष्ट्रपति ने कहा कि नागरिकों का स्वास्थ्य देश की प्रगति के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि भारत सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, जिनमें देशभर में नए AIIMS संस्थानों की स्थापना शामिल है।

उन्होंने खुशी व्यक्त की कि एम्स नागपुर ने कम समय में ही चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में अपनी एक विशेष पहचान बना ली है।

अपने संबोधन में उन्होंने आधुनिक तकनीकों जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल हेल्थ सेवाओं के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि इन तकनीकों के माध्यम से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच स्वास्थ्य सुविधाओं की दूरी को कम किया जा सकता है।

राष्ट्रपति ने युवा डॉक्टरों को सलाह दी कि वे निरंतर सीखते रहें, शोध और नवाचार को अपनाएं तथा हमेशा नैतिक मूल्यों और मरीजों के हित को सर्वोपरि रखें।

अंत में उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नए डॉक्टर न केवल अपने करियर में सफलता प्राप्त करेंगे, बल्कि देश के नागरिकों को स्वस्थ रखने में भी महत्वपूर्ण योगदान देंगे। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयासों से ही भारत “विकसित भारत” के लक्ष्य को प्राप्त कर सकेगा।


बॉयलर ब्लास्ट केस में बड़ा एक्शन, कलेक्टर ने तय किए जांच के 8 पैमाने

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 सक्ती। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में वेदांता पावर प्लांट में हुए भीषण बॉयलर ब्लास्ट के बाद प्रशासन ने जांच तेज कर दी है। कलेक्टर अमृत टोपनो ने डभरा एसडीएम को जांच की जिम्मेदारी सौंपते हुए एक माह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं।


प्रशासन ने हादसे की तह तक पहुंचने के लिए 8 अहम बिंदु तय किए हैं, जिनके आधार पर पूरे मामले की परत-दर-परत जांच की जाएगी। जांच में प्लांट की सुरक्षा व्यवस्था, तकनीकी खामियां और निरीक्षण प्रक्रिया जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं को शामिल किया गया है।


इन बिंदुओं पर होगी जांच

बॉयलर में तकनीकी खराबी कैसे उत्पन्न हुई
सुरक्षा मानकों का पालन किया गया या नहीं
नियमित निरीक्षण और मेंटेनेंस हुआ या नहीं
स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग की भूमिका
हादसे के समय सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू थे या नहीं
आपातकालीन व्यवस्था और प्रतिक्रिया की स्थिति
जिम्मेदार अधिकारियों/प्रबंधन की भूमिका
पूर्व में किसी तरह की चेतावनी या लापरवाही के संकेत

दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई

कलेक्टर अमृत टोपनो ने स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर जिम्मेदार लोगों की पहचान कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए हर पहलू की गहन जांच कर रहा है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

हादसे में कई मजदूरों की मौत

गौरतलब है कि इस हादसे में कई मजदूरों की जान जा चुकी है, जबकि कई अब भी अस्पताल में भर्ती हैं और उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। ऐसे में जांच रिपोर्ट को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिससे हादसे की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी।

PNB घोटाले का मास्टरमाइंड जल्द भारत आएगा? लंदन में CBI की बड़ी हलचल

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 नई दिल्ली। नीरव मोदी को जल्द भारत लाए जाने की संभावना तेज हो गई है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की एक विशेष टीम इस समय लंदन में मौजूद है और प्रत्यर्पण प्रक्रिया को अंतिम रूप देने में जुटी है। सूत्रों के अनुसार, मामले में अधिकांश कानूनी अड़चनें अब खत्म हो चुकी हैं।


CBI टीम ने ब्रिटेन के अधिकारियों और Crown Prosecution Service (CPS) के साथ बैठक कर प्रत्यर्पण से जुड़ी अंतिम कागजी कार्रवाई और सुरक्षा व्यवस्थाओं पर चर्चा की है। अधिकारियों का कहना है कि प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी है।

भारत लौटेगी CBI टीम, आगे बढ़ेगा ऑपरेशन

सूत्रों के मुताबिक, CBI टीम गुरुवार (16 अप्रैल) को भारत लौटेगी। टीम की रिपोर्ट के आधार पर प्रत्यर्पण की अंतिम कार्रवाई (ऑपरेशनल फेज) को अंजाम दिया जाएगा। यदि प्रत्यर्पण सफल होता है, तो इसे सरकार की बड़ी उपलब्धि माना जाएगा।

ECHR में भी होगी सुनवाई

लंदन से लौटने के बाद CBI की टीम European Court of Human Rights (ECHR), स्ट्रासबर्ग में भी अपनी दलीलें पेश करेगी। नीरव मोदी ने प्रत्यर्पण रोकने के लिए इसी अदालत का दरवाजा खटखटाया है।
हालांकि, भारतीय एजेंसियों को भरोसा है कि वहां भी उसकी याचिका खारिज हो सकती है। एजेंसियां यह तर्क रखेंगी कि भारत भेजे जाने से किसी भी प्रकार के मानवाधिकार का उल्लंघन नहीं होगा।

ECHR ने मामले की सुनवाई पूरी होने तक नीरव मोदी को अनामिता (anonymity) प्रदान की है और कार्यवाही को गोपनीय रखने का निर्णय लिया है।

दो हफ्तों में हो सकती है सुनवाई

सूत्रों के अनुसार, ECHR में इस याचिका पर करीब दो सप्ताह के भीतर सुनवाई हो सकती है, जिसमें CBI को भी अपना पक्ष रखने का अवसर मिलेगा। बताया जा रहा है कि प्रत्यर्पण से बचने के लिए नीरव मोदी के पास अब बहुत कम कानूनी विकल्प बचे हैं।

ब्रिटेन की हाई कोर्ट से भी झटका

इससे पहले मार्च 2026 में UK High Court ने नीरव मोदी की पुनः सुनवाई की याचिका खारिज कर दी थी। अदालत ने यह भी माना कि भारत में उनके साथ किसी प्रकार की प्रताड़ना का वास्तविक खतरा नहीं है।

2019 से लंदन की जेल में बंद

नीरव मोदी साल 2019 से लंदन की जेल में बंद हैं। उन्हें Punjab National Bank (PNB) घोटाले के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था। उनकी जमानत याचिका अब तक 11 बार खारिज हो चुकी है, क्योंकि अदालत ने उन्हें ‘फ्लाइट रिस्क’ माना है।

सक्ती वेदांता प्लांट हादसा: मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख, घायलों को 50 हजार की सहायता- CM साय

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 रायपुर : सक्ती जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुई दुर्घटना को लेकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने इस घटना को अत्यंत दुःखद और पीड़ादायक बताते हुए हादसे में अपने परिजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति गहरी संवेदनाएं प्रकट की हैं।


मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस कठिन समय में राज्य सरकार प्रभावित परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ खड़ी है। उन्होंने मृतक श्रमिकों के परिजनों को 5 - 5 लाख रुपए की सहायता राशि प्रदान करने की घोषणा की है। साथ ही, हादसे में घायल हुए श्रमिकों को 50 - 50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी, ताकि उन्हें तत्काल राहत और संबल मिल सके।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी घायलों के समुचित एवं निःशुल्क उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हुए कहा कि इलाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मुख्यमंत्री साय ने घटना की गंभीरता को देखते हुए कमिश्नर बिलासपुर को जांच के आदेश दे दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस हादसे के लिए जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पूरे मामले पर सतत निगरानी बनाए हुए है और राहत एवं पुनर्वास कार्यों को प्राथमिकता के साथ संचालित किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए।

वेदांता प्लांट में बॉयलर हादसा: प्रशासन की मुस्तैदी से राहत-बचाव तेज, हालात नियंत्रण में

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 रायपुर : सक्ति जिले के ग्राम सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुए बॉयलर हादसे के बाद जिला प्रशासन ने त्वरित और समन्वित कार्रवाई करते हुए राहत-बचाव कार्य प्रभावी ढंग से शुरू कर दिए हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार घटना में कई लोग घायल हुए हैं, जिन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाकर उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।


घटना की सूचना मिलते ही कलेक्टर अमृत विकास तोपनो और पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल कुमार ठाकुर मौके पर पहुंचे और राहत कार्यों की कमान संभाली। प्रशासन ने एम्बुलेंस, चिकित्सा दल और आवश्यक संसाधनों को तत्काल सक्रिय कर घायलों को प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया।

कलेक्टर ने घटना की गंभीरता को देखते हुए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया है कि दुर्घटना के सभी पहलुओं की गहन जांच कर शीघ्र रिपोर्ट प्रस्तुत करें, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी है और स्थिति पर सतत निगरानी रखी जा रही है। जिला प्रशासन द्वारा सभी अधिकारियों को अलर्ट मोड में रखते हुए यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि राहत और उपचाहर कार्यों में किसी प्रकार की कमी न हो।

समाज में न्याय और समानता की प्रेरणा देता रहेगा बाबा साहेब का जीवन : मुख्यमंत्री

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रायपुर में डॉ. भीमराव अंबेडकर की 21 फीट ऊंची प्रतिमा का भव्य अनावरण

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर में भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर कलेक्ट्रेट परिसर के सामने स्थित डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर चौक में उनकी 21 फीट ऊंची पंचधातु से निर्मित भव्य प्रतिमा का अनावरण किया।

इस अवसर पर आयोजित गरिमामय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बाबा साहेब का जीवन संघर्ष, शिक्षा और समानता की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब के नेतृत्व और उनके द्वारा निर्मित भारतीय संविधान ने वंचित, शोषित और पिछड़े वर्गों को समाज में सम्मानजनक स्थान दिलाया है। उनके विचार आज भी समाज को न्याय और समानता की दिशा में आगे बढ़ने का मार्ग दिखाते हैं।

मुख्यमंत्री ने आयोजन समिति की मांग पर मंगल भवन, सामुदायिक भवन सहित विभिन्न निर्माण एवं जीर्णोद्धार कार्यों के लिए 60 लाख रुपये की राशि स्वीकृत करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह राशि स्थानीय स्तर पर सामाजिक गतिविधियों और जनसुविधाओं को सुदृढ़ करने में सहायक सिद्ध होगी।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भारतीय संविधान ने देश के प्रत्येक नागरिक को समानता, स्वतंत्रता और न्याय का अधिकार प्रदान किया है। इसी कारण आज समाज के सभी वर्गों को अपने जीवन में आगे बढ़ने के समान अवसर प्राप्त हो रहे हैं। उन्होंने शिक्षा के महत्व पर बल देते हुए कहा कि बाबा साहेब ने विपरीत परिस्थितियों में भी कोलंबिया विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा प्राप्त कर यह सिद्ध किया कि शिक्षा ही समाज परिवर्तन का सबसे बड़ा माध्यम है।

उन्होंने कहा कि आज देश के प्रत्येक कोने में बाबा साहेब की प्रतिमाएं स्थापित हैं, जो उनके प्रति लोगों के अटूट सम्मान और श्रद्धा का प्रतीक हैं। रायपुर सहित पूरे प्रदेश में उनकी जयंती हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाई जा रही है, जिससे नई पीढ़ी निरंतर प्रेरणा प्राप्त कर रही है।

मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तिकरण पर बाबा साहेब के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि किसी भी समाज की प्रगति वहां की महिलाओं की स्थिति से आंकी जाती है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए निरंतर ठोस कदम उठा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार बाबा साहेब के सपनों को साकार करने की दिशा में कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, जनधन योजना और जल जीवन मिशन जैसी योजनाएं समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने का माध्यम बन रही हैं। उन्होंने कहा कि “विकसित भारत” के लक्ष्य के साथ छत्तीसगढ़ सरकार भी “विकसित छत्तीसगढ़” के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है, जिसमें बाबा साहेब के आदर्श मार्गदर्शक हैं।

कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने नागरिकों से आह्वान किया कि वे बाबा साहेब के विचारों को आत्मसात करते हुए सामाजिक समरसता, समानता और न्यायपूर्ण समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।

इस अवसर पर कौशल विकास मंत्री खुशवंत साहेब, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक किरण सिंह देव, महापौर नगर पालिक निगम रायपुर मीनल चौबे, विधायक पुरंदर मिश्रा,  अनुज शर्मा, छत्तीसगढ़ खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, छत्तीसगढ़ अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत सिंह छाबड़ा, छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय करेंगे 515 नई पैक्स समितियों का कल करेंगें वर्चुअल शुभारंभ

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सहकारिता से मजबूत होगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था- मंत्री केदार कश्यप

रायपुर- छत्तीसगढ़ में सहकारिता को नई दिशा देने और किसानों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में सहकारिता विभाग द्वारा 515 नई प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (पैक्स) का गठन किया गया है। इन समितियों का वर्चुअल शुभारंभ कल 15 अप्रैल को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर अटलनगर से किया जाएगा।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे, जबकि सहकारिता मंत्री केदार कश्यप कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। कार्यक्रम का शुभारंभ सहकारिता विभाग के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना के स्वागत उद्बोधन से होगा एवं अध्यक्षीय उद्बोधन देते हुए सहकारिता मंत्री केदार कश्यप प्रदेश में सहकारिता विस्तार की रूपरेखा एवं उसके लाभों पर प्रकाश डालेंगे।

सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने कहा है कि नई पैक्स समितियों के गठन से किसानों को ऋण, खाद, बीज तथा अन्य कृषि सुविधाएं अब स्थानीय स्तर पर सहज रूप से उपलब्ध होंगी। इससे हमारे अन्नदाता किसानों को अब दूर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और समय व संसाधनों की बचत भी होगी। साथ ही किसानों को शासकीय योजनाओं का सीधा लाभ मिल सकेगा। उन्होंने बताया कि इस पहल से शासकीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित होगा तथा उनका लाभ सीधे ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचेगा। इससे किसानों की आय में वृद्धि होगी और गांवों के समग्र विकास को गति मिलेगी। सहकारिता मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि केंद्र सरकार की यह पहल छत्तीसगढ़ में सहकारिता तंत्र को सुदृढ़ करते हुए आत्मनिर्भर ग्रामीण-अर्थव्यवस्था के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अपने उद्बोधन में राज्य सरकार की किसान हितैषी नीतियों और सहकारिता आधारित विकास मॉडल को रेखांकित करेंगे। छतीसगढ़ के सहकारी जनप्रतिनिधिगण, अपेक्स बैंक, जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, पैक्स सोसाइटी के प्रतिनिधि, सहकारिता विभाग के सम्भागीय संयुक्त पंजीयक, जिला उप पंजीयक तथा सहायक पंजीयक, अपेक्स बैंक व जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों के अधिकारीगण वर्चुअल रूप से सीधे शुभारंभ कार्यक्रम से जुड़ेंगे।

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की संकल्पना को साकार करने सहकार से समृद्धि की पहल अंतर्गत छत्तीसगढ़ में 515 नवीन पैक्स का गठन किया गया है। केंद्रीय गृह व सहकारिता मंत्री अमित शाह तथा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ में सहकारिता की योजनाओं को अधिक सुगमता से लोगों में पहुँचाने के लिए बहुउद्देश्यीय पैक्स सोसायटी का पुनर्गठन किया गया है। प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति (पैक्स) का पुनर्गठन कर नवीन 515 पैक्स बनाये गए हैं। यह 515 पैक्स में बहुउद्देश्यीय सेवाएं दी जाएगी। 2058 बहुउद्देशीय पैक्स एवं नवीन गठित 515 पैक्स को मिलाकर छत्तीसगढ़ में कुल 2573 पैक्स सोसायटी हो जाएंगे।

मुख्यमंत्री साय ने सक्ती में वेदांता पावर प्लांट हादसे पर जताया गहरा शोक, जांच के दिए निर्देश

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रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सक्ती जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में बॉयलर फटने से हुई दुर्घटना पर  गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने इस घटना को अत्यंत पीड़ादायक और हृदय विदारक बताते हुए मृतकों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की तथा शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएँ प्रकट की हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस दुर्घटना में श्रमिकों के निधन एवं कई लोगों के घायल होने का समाचार अत्यंत व्यथित करने वाला है। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें तथा उनके परिजनों को इस असहनीय दुःख को सहने की शक्ति दें।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन को तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए हैं। वर्तमान में प्रशासन की निगरानी में तेजी से राहत कार्य संचालित किया जा रहा है और घायलों को त्वरित एवं समुचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि सभी घायलों के उपचार में किसी प्रकार की कमी न हो तथा आवश्यकतानुसार बेहतर चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। साथ ही, उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि इस दुर्घटना की गहन और निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सभी आवश्यक सुरक्षा उपायों की समीक्षा की जाए और औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।

वेदांता पावर प्लांट में बॉयलर दुर्घटना: 9लोगों की मौत, घायलों का इलाज जारी

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जिला प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से वेदांता प्लांट हादसे में हालात नियंत्रण में

कलेक्टर ने मजिस्ट्रियल जांच के दिए आदेश

सक्ती- जिला सक्ती के ग्राम सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में भीषण बॉयलर दुर्घटना सामने आई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार लगभग कई लोग घायल हुए हैं। घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन ने तत्परता, समन्वय और संवेदनशीलता से राहत एवं बचाव कार्य तेज़ी से प्रारंभ कर दिया। 

कलेक्टर अमृत विकास तोपनो एवं पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल कुमार ठाकुर तत्काल घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और मौके पर ही राहत एवं बचाव कार्यों का नेतृत्व किया। प्रशासन द्वारा एम्बुलेंस, चिकित्सा दल एवं अन्य आवश्यक संसाधनों को तत्काल सक्रिय करते हुए घायलों को प्राथमिकता के आधार पर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका समुचित उपचार जारी है।

घटना की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर द्वारा मजिस्ट्रियल जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं। संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया है कि दुर्घटना के प्रत्येक पहलू की गहन एवं  जांच कर शीघ्र रिपोर्ट प्रस्तुत करें, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

कलेक्टर ने कहा कि “घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन की पूरी टीम तत्काल सक्रिय हो गई। प्राथमिकता के आधार पर घायलों को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया गया है। सभी को बेहतर से बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। घटना की जांच के लिए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए गए हैं।

पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल कुमार ठाकुर ने बताया कि राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी है। घायलों को तेजी से अस्पताल पहुंचाया जा रहा है और स्थिति पर सतत निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन पूरी मुस्तैदी से कार्य कर रहा है। जिला प्रशासन द्वारा निरंतर मॉनिटरिंग करते हुए यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि राहत एवं उपचार कार्यों में किसी प्रकार की कमी न हो। सभी संबंधित अधिकारियों को अलर्ट मोड में रखते हुए समन्वित प्रयास किए जा रहे हैं।


संविधान के मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प: समरसता भोज में शामिल हुए मुख्यमंत्री साय

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संविधान हमारे लोकतंत्र की आत्मा है और समरसता उसकी सबसे बड़ी शक्ति - मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के शंकरनगर स्थित दुर्गा मैदान में डॉ. भीमराव आंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर   आयोजित समरसता भोज कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान मुख्यमंत्री साय ने जनप्रतिनिधियों और आमजन के साथ बैठकर भोजन किया तथा स्वयं लोगों को भोजन परोसकर सामाजिक समरसता का संदेश दिया।

मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और इसके संविधान का निर्माण करने का गौरव बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर को प्राप्त है। उन्होंने कहा कि यह संविधान देश के 140 करोड़ नागरिकों को समानता, अधिकार और गरिमा के साथ जीवन जीने का आधार प्रदान करता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा साहेब ने विपरीत परिस्थितियों के बावजूद अपने दृढ़ संकल्प और अदम्य इच्छाशक्ति के बल पर उच्चतम स्थान प्राप्त किया और समाज के वंचित, शोषित एवं कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने नारी शिक्षा और सम्मान के लिए भी महत्वपूर्ण कार्य किए।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महान समाज सुधारक महात्मा ज्योतिबा फुले और माता सावित्रीबाई फुले द्वारा प्रारंभ किए गए नारी शिक्षा और सामाजिक जागरूकता के अभियान को बाबा साहेब ने आगे बढ़ाया और उसे नई दिशा दी।


उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बाबा साहेब के जन्म, शिक्षा, दीक्षा, कार्य और समाधि स्थलों को “पंच तीर्थ” के रूप में विकसित कर उन्हें सच्चा और स्थायी सम्मान दिया जा रहा है। 

इस अवसर पर मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि बाबा साहेब का जीवन संघर्ष, शिक्षा और समरसता का प्रेरक उदाहरण है। उनके विचार आज भी समाज को समानता और न्याय की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। समरसता भोज जैसे आयोजन सामाजिक सद्भाव को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हैं।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक किरण सिंह देव ने कहा कि बाबा साहेब ने संविधान के माध्यम से समाज के कमजोर और पिछड़े वर्गों को आगे बढ़ाने की मजबूत व्यवस्था दी। आज मुख्यमंत्री साय और के नेतृत्व में अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने का कार्य निरंतर किया जा रहा है।

समरसता भोज कार्यक्रम में विधायक पुरंदर मिश्रा,  छत्तीसगढ़ खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, छत्तीसगढ़ अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत सिंह छाबड़ा, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष मोना सेन सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित  थे।

22 अप्रैल को गढ़ रीवा में आयोजित होगा 'लोरिक-चंदा' लोकनाट्य महोत्सव

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नवा रायपुर/आरंग- छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और लोकगाथाओं में रची-बसी 'लोरिक चंदा' (चंदैनी लोकनाट्य) विधा को संरक्षण देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। ऐतिहासिक ग्राम गढ़ रीवा में आगामी 22 अप्रैल को एक भव्य 'लोरिक चंदा लोकनाट्य महोत्सव' का आयोजन किया जाएगा। यह पहल दम तोड़ती लोक कला को नई ऊर्जा देने और युवा पीढ़ी तक पहुँचाने के उद्देश्य से की जा रही है।

 कैबिनेट मंत्री से मिला समर्थन 

​महोत्सव की तैयारियों के सिलसिले में आज मंगलवार को  ग्राम गढ़ रीवा के 73 वर्षीय सरपंच घसियाराम साहू, उपसरपंच सूरज साहू तथा पीपला वेलफेयर फाउंडेशन के प्रतिनिधि दूजेराम धीवर, महेन्द्र पटेल एवं प्रतीक कुमार टोंड्रे ने नवा रायपुर में कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब से सौजन्य भेंट की।

​प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री जी को महोत्सव का औपचारिक प्रस्ताव सौंपते हुए विस्तार से चर्चा की। प्रस्ताव पर हर्ष व्यक्त करते हुए मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि "चंदैनी जैसी पारंपरिक विधाएं हमारी पहचान हैं। इन्हें विलुप्त होने से बचाने के लिए ग्राम स्तर पर किया जा रहा यह प्रयास मील का पत्थर साबित होगा।" उन्होंने इस आयोजन की सराहना करते हुए इसे भव्यता प्रदान करने के लिए प्रदेश के संस्कृति मंत्री को भी आमंत्रित करने का आश्वासन दिया।

जनसहयोग से सजेगा महोत्सव का मंच 

​ग्राम के सरपंच घसियाराम साहू ने जानकारी दी कि इस महोत्सव का आयोजन पूर्णतः जनसहयोग से ग्राम के बाजार चौक में किया जाएगा। आयोजन की रूपरेखा पीपला वेलफेयर फाउंडेशन द्वारा तैयार की जा रही है। महोत्सव के मुख्य आकर्षण के रूप में छत्तीसगढ़ की तीन सुप्रसिद्ध चंदैनी टीमों का चयन किया गया है, जो रात भर अपनी कला का प्रदर्शन करेंगी।

​ विशेषज्ञों का होगा जुटान 

​केवल प्रदर्शन ही नहीं, बल्कि इस विधा के वैचारिक पक्ष को समझने के लिए लोरिक चंदा (चंदैनी) के जानकारों और विशेषज्ञों को भी विशेष रूप से आमंत्रित किया जा रहा है। आयोजन को लेकर गढ़ रीवा सहित आसपास के क्षेत्रों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। ग्रामीणों का मानना है कि इस तरह के आयोजनों से न केवल मनोरंजन होगा, बल्कि हमारी प्राचीन सांस्कृतिक गाथाओं का संरक्षण भी सुनिश्चित होगा।

चिकित्सा शिक्षा में मजबूत क्लिनिकल आधार जरूरी: डॉ. जितेंद्र सिंह

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नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री और प्रख्यात चिकित्सक डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा है कि मेडिकल शिक्षा में मजबूत क्लिनिकल (व्यावहारिक) आधार अत्यंत आवश्यक है, चाहे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की भूमिका कितनी भी बढ़ जाए।

वे “Pediatric Gastroenterology, Hepatology and Nutrition” पुस्तक के दूसरे संस्करण के विमोचन अवसर पर बोल रहे थे। यह पुस्तक प्रो. अनुपम सिबल और डॉ. सारथ गोपालन द्वारा संपादित की गई है, जिसमें कैथलीन बी. श्वार्ट्ज (Kathleen B. Schwartz)  (Johns Hopkins University) ने फॉरवर्ड लिखा है।

 AI और मेडिकल शिक्षा पर विचार

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि:

  • AI एक सहायक (assistant) की भूमिका निभा सकता है

  • लेकिन पहले मूल चिकित्सा ज्ञान और क्लिनिकल समझ जरूरी है

  • बिना आधार के AI पर निर्भरता सीखने की प्रक्रिया को कमजोर कर सकती है

मेडिकल शिक्षा पर जोर

उन्होंने कहा कि:

  • चिकित्सा ज्ञान तेजी से बढ़ रहा है

  • छात्रों को बेसिक नॉलेज + प्रैक्टिकल ट्रेनिंग पर ध्यान देना चाहिए

  • तकनीक के साथ-साथ मानवीय अनुभव भी जरूरी है

 नई पुस्तक के बारे में

यह पुस्तक 45 अध्यायों में विस्तारित है और इसमें कई महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं:

  • इंफ्लेमेटरी बॉवेल डिजीज

  • सीलिएक डिजीज

  • लिवर ट्रांसप्लांट

  • न्यूरो-गैस्ट्रोएंटरोलॉजी

  • जेनेटिक्स और एंडोस्कोपी

महत्वपूर्ण तथ्य

  • लगभग 30% बच्चे पेट और लिवर संबंधी बीमारियों से प्रभावित होते हैं

  • यह पुस्तक डॉक्टरों और प्रशिक्षुओं के लिए एक महत्वपूर्ण संसाधन है

निष्कर्ष

डॉ. जितेंद्र सिंह ने स्पष्ट किया कि भविष्य की चिकित्सा शिक्षा में AI की भूमिका महत्वपूर्ण होगी, लेकिन मजबूत क्लिनिकल आधार ही एक सक्षम डॉक्टर की असली पहचान है।

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