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एमबीबीएस अंतर्गत पंजीयन या बिजली बिल भुगतान से जुड़ी प्रक्रिया के लिए होगा शिविर का आयोजन

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साइबर ठगों से बचने पॉवर कंपनी ने की उपभोक्ताओं से अपील

बिजली की जानकारी या सहायता के लिए उपभोक्ता टोल-फ्री नंबर 1912 पर संपर्क करें  

सतर्कता ही समझदारी है, सावधानी बरते और साइबर ठगी से बचें

रायपुर- बिजली आज हमारी मूलभूत जरूरतों में शामिल हो चुकी है और इसके बिना जीवन की कल्पना संभव नहीं है। कई परिवार आर्थिक कारणों से समय पर बिजली बिल का भुगतान नहीं कर पाते, जिससे सरचार्ज के कारण बकाया राशि बढ़ जाती है और पूरा भुगतान करना कठिन हो जाता है। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं की इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने समाधान योजना शुरू की है, जिससे उन्हें बड़ी राहत मिलेगी। छत्तीसगढ राज्य पॉवर कंपनी ने उपभोक्ताओं से यह भी स्पष्ट किया कि पंजीयन राशि के भुगतान की सुविधा केवल मोर बिजली एप, एटीपी केंद्र और संबंधित विद्युत कार्यालय के माध्यम से ही उपलब्ध है। 

छत्तीसगढ राज्य पॉवर कंपनी के एमडी भीम सिंह ने विद्युत उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना के नाम पर फैल रहे साइबर ठगी के प्रयासों से सतर्क रहें। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि योजना के पंजीयन या बिजली बिल भुगतान से जुड़ी किसी भी प्रक्रिया के लिए अनजान वॉट्सएप मैसेज, ई-मेल या एसएमएस में आए किसी लिंक पर क्लिक न करें और न ही किसी एपीके फाइल को डाउनलोड करें।

कई बार आर्थिक कठिनाइयों के कारण उपभोक्ता बिजली बिल बकाया रह जाता है और समय के साथ उस पर बिजली बिल में अधिभार बढ़ता जाता है। उपभोक्ता अपनी सुविधा के अनुसार एकमुश्त भुगतान या किस्तों में भुगतान का विकल्प चुन सकते हैं। योजना का लाभ लेने के लिए उपभोक्ताओं को अपना पंजीयन कराना आवश्यक होगा। यह पंजीयन बिजली विभाग की वेबसाइट, मोबाइल एप या नजदीकी कार्यालय में जाकर कराया जा सकता है। 

छत्तीसगढ राज्य पॉवर कंपनी के एमडी श्री भीम सिंह ने अपील की कि वे इस अवसर का लाभ उठाकर अपने बकाया बिजली बिल का समाधान करें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य उपभोक्ताओं को राहत देने के साथ-साथ बिजली व्यवस्था को और अधिक मजबूत और व्यवस्थित बनाना है।

पॉवर कंपनी के अनुसार वह अपनी किसी भी योजना अथवा सेवा के लिए उपभोक्ताओं को कोई एपीके फाइल या संदिग्ध वेब लिंक नहीं भेजती है। इसलिए यदि किसी संदेश में ऐसा लिंक या फाइल प्राप्त होती है तो उसे तुरंत नजरअंदाज करें। कंपनी ने बताया कि योजना की जानकारी और पंजीयन की सुविधा उपभोक्ताओं तक पहुंचाने के लिए मैदानी स्तर पर शिविरों का आयोजन किया जाएगा, ताकि लोग सीधे अधिकृत माध्यम से लाभ प्राप्त कर सकें।

छत्तीसगढ राज्य पॉवर कंपनी ने उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे बिजली बिल या किसी अन्य शुल्क का भुगतान केवल “मोर बिजली एप”, कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट, एटीपी सेंटर या नजदीकी विद्युत कार्यालय में ही करें। किसी भी मैदानी कर्मचारी को नकद भुगतान न करें। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि पंजीयन राशि के भुगतान की सुविधा केवल मोर बिजली एप, एटीपी केंद्र और संबंधित विद्युत कार्यालय के माध्यम से ही उपलब्ध है।

साथ ही उपभोक्ताओं को बताया गया है कि पॉवर कंपनी की ओर से भेजे जाने वाले सभी आधिकारिक संदेश “CSPDCL-S” सेंडर ID से ही आते हैं। यदि किसी अन्य आईडी से संदेश प्राप्त होता है तो उसे संदिग्ध माना जाए। किसी भी प्रकार की जानकारी या सहायता के लिए उपभोक्ता केंद्रीकृत कॉल सेंटर के टोल-फ्री नंबर 1912 पर संपर्क कर सकते हैं या अपने नजदीकी सीएसपीडीसीएल कार्यालय में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। पॉवर कंपनी ने कहा है कि सतर्कता ही समझदारी है और थोड़ी सावधानी बरतकर साइबर ठगी से आसानी से बचा जा सकता है।

गढ़फुलझर नानकसागर बनेगा आस्था और पर्यटन का प्रमुख केंद्र : मुख्यमंत्री साय

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 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज महासमुंद जिले के बसना क्षेत्र स्थित ऐतिहासिक एवं पवित्र स्थल गढ़फुलझर के नानकसागर में आयोजित होला मोहल्ला कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने यहां पवित्र गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष माथा टेका तथा विशेष कीर्तन समागम और अरदास में भाग लेकर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर सिख समाज की ओर से मुख्यमंत्री को सरोफा भेंट कर आत्मीय सम्मान किया गया।


मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने उद्बोधन में कहा कि गढ़फुलझर की पावन धरती स्थित नानकसागर अत्यंत श्रद्धा और आस्था का केंद्र है, जहां पूज्य गुरु नानक देव जी के चरण पड़े हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ संतों की तपोभूमि रही है, जहां अनेक महान संतों ने मानवता, सेवा और सद्भाव का संदेश दिया है। इस पवित्र स्थल पर आकर उन्हें अत्यंत गर्व और आत्मिक आनंद की अनुभूति हो रही है।


मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के सभी प्रमुख तीर्थस्थलों के संरक्षण और समुचित विकास के लिए प्रतिबद्ध है। इसी दिशा में गढ़फुलझर को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की घोषणा पहले ही की जा चुकी है। इसके विकास कार्यों के लिए लगभग 2 करोड़ 50 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है और निर्माण कार्य जारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन कार्यों को शीघ्र पूर्ण किया जाए तथा नानकसागर क्षेत्र में पर्यटन सुविधाओं का विस्तार किया जाए, जिससे यह स्थल प्रदेश और देश के श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बन सके।

बसना विधायक संपत अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि सिख समाज सदैव संगठन, सेवा और सामाजिक समरसता की भावना के साथ आगे बढ़ने वाला समाज रहा है।
उन्होंने कहा कि गढ़फुलझर न केवल सिख समाज की आस्था का केंद्र है, बल्कि यह सर्वधर्म समभाव और सद्भावना की जीवंत मिसाल भी है।

कार्यक्रम में कृषि मंत्री रामविचार नेताम, बसना विधायक संपत अग्रवाल, छत्तीसगढ़ राज्य बीज निगम के अध्यक्ष चंद्रहास चंद्राकर, छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह सवन्नी, छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा सहित सिख समाज के अनेक गणमान्यजन और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

CBSE 12th Exam : मिडिल ईस्ट में जंग का असर, CBSE ने 12वीं बोर्ड एग्जाम किए रद्द

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 CBSE Board Exam : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने पश्चिम एशिया के कुछ देशों में आयोजित होने वाली कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं को लेकर बड़ा फैसला लिया है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और ईरान, अमेरिका व इजराइल के बीच चल रहे संघर्ष को देखते हुए CBSE ने इन देशों में 12वीं की परीक्षाएं रद्द कर दी हैं।


बोर्ड ने पहले 12 मार्च से 14 मार्च तक निर्धारित परीक्षाओं को स्थगित करने की घोषणा की थी, लेकिन अब स्थिति की समीक्षा के बाद 10 अप्रैल 2026 तक होने वाली परीक्षाएं रद्द करने का निर्णय लिया गया है।

CBSE द्वारा जारी सर्कुलर के अनुसार यह फैसला बहरीन, ईरान, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात में स्थित CBSE से संबद्ध स्कूलों के लिए लागू होगा।

सर्कुलर में बताया गया है कि बोर्ड ने 1 मार्च, 3 मार्च, 5 मार्च, 7 मार्च और 9 मार्च 2026 को जारी अपने पिछले निर्देशों के संदर्भ में मौजूदा हालात की समीक्षा की। संबंधित देशों में परीक्षाएं आयोजित करने की व्यवहारिकता, स्थानीय प्रशासन और स्कूलों से मिले सुझावों को ध्यान में रखते हुए यह अंतिम निर्णय लिया गया।

15 दिनों से जारी है संघर्ष

अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच पिछले करीब 15 दिनों से तनाव और हमले जारी हैं। इस संघर्ष में कई अधिकारियों सहित हजारों लोगों की मौत होने की खबरें सामने आई हैं। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर शिक्षा के साथ-साथ पर्यटन और ट्रैवल सेक्टर पर भी पड़ रहा है।

साइबर ठगों से बचने की पॉवर कंपनी ने की उपभोक्ताओं से अपील,विद्युत उपभोक्ता रहे सतर्क, सतर्कता ही समझदारी

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मोर बिजली मोबाइल एप केवल Play Store या App Store से ही डाउनलोड करें

रायपुर- मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना के पंजीयन अथवा किसी भी प्रकार के भुगतान के लिए किसी अनजान वॉट्सएप, मेल अथवा एसएमएस पर क्लिक करने से बचें । मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना के नाम पर किसी भी लिंक या एपीके फाइल को डाउनलोड न करें। छत्तीसगढ राज्य पॉवर कंपनी अपनी किसी भी योजना अथवा सेवा के लिए कभी भी कोई एपीके पाइल अथवा कोई वेब लिंक नहीं भेजती है।

छत्तीसगढ राज्य पॉवर कंपनी से के एमडी भीम सिंह से प्राप्त जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना को आम उपभोक्ता तक पहुँचाने पॉवर कंपनी मैदानी स्तर पर शिविर का करेगी। उपभोक्ता अपना कोई भी भुगतान सिर्फ मोर बिजली एप, कंपनी की वेबसाइट, एटीपी सेंटर अथवा नजदीकी कार्यालय में ही करें, किसी मैदानी कर्मचारी को भी नकद भुगतान न करने की सलाह दी गई है। पंजीयन राशि के भुगतान की सुविधा केवल मोर बिजली एप, एटीपी केंद्र और संबंधित विद्युत कार्यालय के माध्यम से ही उपलब्ध कराई गई है। बिजली बिल भुगतान हो या कोई अन्य सूचना पॉवर कंपनी अपने उपभोक्ताओं को संदेश सिर्फ CSPDCL-S सेंडर ID से ही भेजती है।

मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना अथवा विद्युत सेवा से संबंधित किसी अन्य जानकारी  के लिए पॉवर कंपनी की केंद्रीकृत कॉल सेंटर के टोल फ्री नंबर 1912 पर उपभोक्ता कॉल कर सकते हैं, अथवा नजदीकी सीएसपीडीसीएल के कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं।

ई-चालान बनाते समय हंगामा, पुलिस से भिड़े तीन युवक गिरफ्तार

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 रायपुर। राजधानी रायपुर में चालानी कार्रवाई के दौरान पुलिस और कुछ युवकों के बीच विवाद हो गया। घटना Telibandha Ring Road की बताई जा रही है।


जानकारी के मुताबिक पुलिस नो पार्किंग में खड़े एक ट्रक का ई-चालान बना रही थी। इसी दौरान एक्टिवा में सवार तीन युवक वहां पहुंचे और पुलिसकर्मियों से बहस करने लगे। बताया जा रहा है कि तीनों युवक नशे की हालत में थे और उन्होंने पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की भी की।

आरोप है कि युवकों ने ई-चालान बनाने वाली डिवाइस और मोबाइल छीनने की भी कोशिश की। मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए Sandeep Singh, Hardeep Singh और Princepal Singh के खिलाफ केस दर्ज किया है।

पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

नवरात्रि से पहले घटारानी मंदिर में भीषण आग, 9 दुकानें जलकर खाक

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 फिंगेश्वर। छत्तीसगढ़ के घटारानी मंदिर में भीषण से बड़ी खबर सामने आई है। चैत्र नवरात्रि की तैयारियों के बीच प्रसिद्ध Ghatarani Temple परिसर में देर रात भीषण आग लग गई। इस आगजनी में मंदिर परिसर की 8 से 9 दुकानें पूरी तरह जलकर राख हो गईं।


लाखों का सामान जलकर राख

जानकारी के अनुसार, इन दुकानों में फैंसी सामग्री, प्रसादी, खिलौने और पूजा के बर्तन रखे हुए थे। आगामी नवरात्रि मेले को देखते हुए दुकानदारों ने हाल ही में नया माल भरा था। प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक इस आगजनी में दुकानदारों को 8 से 10 लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है।

जंगल की आग फैलने की आशंका

आग लगने का कारण अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाया है। हालांकि स्थानीय दुकानदारों ने आशंका जताई है कि पास के जंगल में लगी आग फैलते हुए मंदिर परिसर तक पहुंच गई और दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया।

पुलिस को दी गई सूचना

घटना की सूचना तुरंत Chhattisgarh Police को दे दी गई है। प्रभावित दुकानदारों के सामने अब आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने प्रशासन से घटना की निष्पक्ष जांच कराने और मुआवजे की मांग की है।

Assembly Election 2026: 5 राज्यों में चुनाव की तारीखों का ऐलान, असम-केरल में 9 अप्रैल को वोटिंग, 4 मई को नतीजे

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 Assembly Election 2026 : देश में बड़े चुनावी मुकाबले का बिगुल बज चुका है। Election Commission of India ने असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में होने वाले विधानसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान कर दिया है।


मुख्य चुनाव आयुक्त Gyanesh Kumar ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि इन चुनावों में करीब 17.4 करोड़ मतदाता हिस्सा लेंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सभी राज्यों में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराए जाएंगे।




मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि चुनाव आयोग ने तैयारियों की समीक्षा के लिए सभी चुनावी राज्यों का दौरा किया। इस दौरान आयोग ने राजनीतिक दलों, जिला निर्वाचन अधिकारियों, पुलिस अधिकारियों और प्रवर्तन एजेंसियों के साथ बैठक कर आवश्यक सुझाव लिए। साथ ही पहली बार वोट देने वाले युवा मतदाताओं और मतदाता जागरूकता कार्यक्रमों से जुड़े प्रतिनिधियों से भी संवाद किया गया।

पश्चिम बंगाल में दो चरणों में मतदान

West Bengal की 294 विधानसभा सीटों पर दो चरणों में मतदान होगा।

  • पहला चरण: 23 अप्रैल 2026 (152 सीटें)
  • दूसरा चरण: 29 अप्रैल 2026 (142 सीटें)
  • मतगणना: 4 मई 2026

यहां मुख्य मुकाबला तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच माना जा रहा है।

असम में 9 अप्रैल को वोटिंग

Assam की 126 विधानसभा सीटों पर एक ही चरण में 9 अप्रैल 2026 को मतदान होगा।

  • मतगणना: 4 मई 2026

यहां सत्तारूढ़ एनडीए और कांग्रेस के बीच मुख्य मुकाबला माना जा रहा है।

केरल में भी 9 अप्रैल को चुनाव

Kerala की 140 सीटों पर 9 अप्रैल 2026 को मतदान होगा।

  • मतगणना: 4 मई 2026

यहां मुख्य मुकाबला लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) और यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) के बीच है, जबकि BJP के नेतृत्व वाला NDA भी मैदान में है।

तमिलनाडु में 23 अप्रैल को मतदान

Tamil Nadu की 234 विधानसभा सीटों पर 23 अप्रैल 2026 को एक चरण में वोटिंग होगी।

  • मतगणना: 4 मई 2026

पुडुचेरी में 9 अप्रैल को वोटिंग

केंद्र शासित प्रदेश Puducherry की 30 विधानसभा सीटों पर 9 अप्रैल 2026 को मतदान होगा।

  • मतगणना: 4 मई 2026

इन चुनावों को देश के अलग-अलग भौगोलिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाला महत्वपूर्ण लोकतांत्रिक आयोजन माना जा रहा है।

ममता हुई शर्मसार: जिला अस्पताल के पीछे नाली में मिला नवजात का शव, इलाके में मचा हड़कंप

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 दुर्ग: छत्तीसगढ़ के Durg जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। District Hospital Durg के मातृत्व एवं शिशु विभाग के पीछे नाली में नवजात बच्चे का शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। घटना की खबर फैलते ही आसपास लोगों की भीड़ जुट गई।


जानकारी के अनुसार शनिवार को एक कचरा बीनने वाली महिला अस्पताल के पीछे से गुजर रही थी। इसी दौरान उसकी नजर नाली में बह रही किसी चीज पर पड़ी। पास जाकर देखने पर उसे नवजात बच्चे का शव दिखाई दिया। यह देख महिला घबरा गई और तुरंत आसपास मौजूद लोगों को इसकी सूचना दी।

घटना की जानकारी मिलते ही लोगों ने पुलिस को खबर दी। सूचना पर Durg City Kotwali Police मौके पर पहुंची और नाली से शव को बाहर निकलवाकर अपने कब्जे में लिया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल की मरच्युरी में रखवा दिया गया है।

स्थानीय लोगों के अनुसार मिला भ्रूण करीब छह महीने का बताया जा रहा है और उसका शरीर काफी हद तक विकसित था। घटना सामने आने के बाद अस्पताल परिसर और आसपास के इलाके में बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए। इस घटना को लेकर लोगों में नाराजगी भी देखने को मिल रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीम रविवार को पोस्टमार्टम करेगी, जिसके बाद ही बच्चे की मृत्यु की असली वजह स्पष्ट हो पाएगी।

पुलिस को आशंका है कि किसी ने डिलीवरी के बाद नवजात को नाली में फेंक दिया होगा, क्योंकि जिस जगह पर शव मिला है वह अस्पताल के मदर-चाइल्ड यूनिट के ठीक पीछे का इलाका है। फिलहाल पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और अस्पताल स्टाफ से भी पूछताछ की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि नवजात का शव नाली तक कैसे पहुंचा।

CG Weather Alert: मार्च में ही तपने लगा छत्तीसगढ़, मौसम विभाग ने दी बारिश और तेज हवा की चेतावनी

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 CG Weather Alert : छत्तीसगढ़ में मार्च के महीने में ही गर्मी का असर तेज होने लगा है। राज्य के कई जिलों में तापमान तेजी से बढ़ रहा है और लोगों को अभी से मई-जून जैसी गर्मी महसूस होने लगी है।


इस दौरान Bilaspur में सबसे अधिक तापमान 39.6°C रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग ने दक्षिण और मध्य छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में तेज हवा, गरज-चमक और हल्की बारिश की संभावना जताई है। आने वाले दिनों में तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट हो सकती है।

तेज हवा की चेतावनी

मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण और मध्य छत्तीसगढ़ के एक-दो स्थानों पर 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इसके साथ ही गरज-चमक, वज्रपात और बहुत हल्की बारिश की भी संभावना है। खराब मौसम के दौरान लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

द्रोणिका के कारण बदलेगा मौसम

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक एक द्रोणिका उत्तर-पूर्वी उत्तर प्रदेश से लेकर छत्तीसगढ़ होते हुए दक्षिण आंतरिक ओडिशा तक समुद्र तल से करीब 0.9 किलोमीटर ऊपर बनी हुई है। इसी सिस्टम के प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।

रायपुर का मौसम

राजधानी Raipur में रविवार को मौसम अपेक्षाकृत सुहावना रहने की संभावना है। दिन में हल्के बादल छाए रह सकते हैं। मौसम विभाग के अनुसार यहां अधिकतम तापमान लगभग 38°C और न्यूनतम तापमान करीब 23°C रहने का अनुमान है।

शाम के समय हल्की हवा चलने से गर्मी का असर कुछ कम महसूस हो सकता है। मौसम में आए इस बदलाव के कारण आने वाले दिनों में अधिकतम तापमान में मामूली गिरावट देखने को मिल सकती है, जिससे लोगों को तेज धूप और गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री साय ने शुरू की गौधाम योजना, अब प्रदेश के सभी गौधाम कहलाएंगे “सुरभि गौधाम”

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 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जिला बिलासपुर के तखतपुर विकासखण्ड के ग्राम लाखासार स्थित गौधाम का शुभारंभ करते हुए प्रदेश में गोधन संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत की। इस अवसर पर उन्होंने गोमाता की विधिवत पूजा-अर्चना करने के उपरांत गौधाम परिसर का अवलोकन कर वहां की व्यवस्थाओं की जानकारी ली।


मुख्यमंत्री साय ने गौधाम में आश्रय प्राप्त बेसहारा एवं आवारा पशुओं की देखरेख, चारा, पानी तथा स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और चारागाह का भी अवलोकन किया। उल्लेखनीय है कि ग्राम लाखासार में लगभग 25 एकड़ क्षेत्र में गौधाम विकसित किया गया है, जिसमें से 19 एकड़ भूमि पर पशुओं के लिए हरे चारे की खेती की जा रही है। गौधाम का संचालन कामधेनु गौशाला समिति द्वारा किया जा रहा है।


मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रारंभ की जा रही गौधाम योजना का उद्देश्य प्रदेश में बेसहारा मवेशियों को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराना, उनके संरक्षण को बढ़ावा देना तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि गोधन हमारी ग्रामीण संस्कृति, कृषि व्यवस्था और अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है, इसलिए इसके संरक्षण और संवर्धन के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयास कर रही है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार गोधन संरक्षण और बेसहारा मवेशियों की देखभाल के लिए गौधाम योजना को राज्यभर में चरणबद्ध तरीके से लागू कर रही है, जिससे गौसेवा की परंपरा को मजबूती मिलने के साथ ही पशुधन संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने इस अवसर पर घोषणा की कि अब राज्य के सभी गौधाम “सुरभि गौधाम” के नाम से जाने जाएंगे।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश के गौधामों में विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम भी संचालित किए जाएंगे। गौधामों में पशुपालन, हरा चारा उत्पादन तथा गोबर से उपयोगी वस्तुएं तैयार करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे गौसेवा के साथ-साथ स्थानीय लोगों को स्वरोजगार के अवसर प्राप्त होंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने लाखासार ग्राम के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। उन्होंने लाखासार में महतारी सदन, मिनी स्टेडियम तथा 500 मीटर लंबाई के गौरव पथ के निर्माण की घोषणा की। इसके साथ ही लाखासार गौधाम में प्रशिक्षण भवन निर्माण के लिए 25 लाख रुपये स्वीकृत करने तथा एक काऊ कैचर और एक पशु एम्बुलेंस उपलब्ध कराने की घोषणा की, जिससे क्षेत्र में गौसंरक्षण और स्थानीय विकास कार्यों को और मजबूती मिलेगी।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री साय ने क्षेत्र के पशुपालकों और ग्रामीणों से संवाद कर गोधन संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी ली तथा इस सेवा कार्य में लगे लोगों की सराहना की। उन्होंने गौसेवा से जुड़े कार्यकर्ताओं को इस पुनीत कार्य के लिए बधाई देते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार सेवा कार्य जारी रखने की बात कही और सभी को गोधन संरक्षण तथा गौसेवा के लिए प्रेरित किया।

तखतपुर विधायक धर्मजीत सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ का चहुँमुखी विकास हो रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जो भी वादा करते हैं, उसे अवश्य पूरा करते हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री साय द्वारा तखतपुर क्षेत्र के विकास के लिए अनेक महत्वपूर्ण विकास कार्यों की स्वीकृति दी गई है, जिनमें से कई कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा अनेक कार्य प्रगतिरत हैं। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार के प्रयासों से क्षेत्र में विकास को नई गति मिली है।

छत्तीसगढ़ गौसेवा आयोग के अध्यक्ष विशेषर पटेल ने स्वागत उद्बोधन देते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का अभिनंदन किया और गौधाम योजना के शुभारंभ के लिए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की इस पहल से गोधन संरक्षण को नई दिशा मिलेगी तथा बेसहारा और निराश्रित गौवंश के संरक्षण को मजबूती मिलेगी।

इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, कृषि एवं पशुधन विकास मंत्री रामविचार नेताम, विधायक अमर अग्रवाल, धरमलाल कौशिक, सुशांत शुक्ला, कमिश्नर बिलासपुर सुनील जैन, आईजी रामगोपाल गर्ग, कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसएसपी रजनेश सिंह, संचालक पशु चिकित्सा चंद्रकांत वर्मा सहित बड़ी संख्या में किसान, पशुपालक एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे।

“जो उखाड़ना है उखाड़ लो…” भाजपा नेता की पोस्ट से पार्टी में घमासान

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 रायपुर। छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले की राजनीति में अचानक हलचल मच गई है। Bharatiya Janata Party के सालर मंडल अध्यक्ष Ramkumar Thuriya की एक फेसबुक पोस्ट ने पार्टी के भीतर नया विवाद खड़ा कर दिया है।


मंडल अध्यक्ष ने सोशल मीडिया पर जिले के प्रभारी मंत्री Tankram Verma को लेकर तीखी टिप्पणी करते हुए लिखा – “जो उखाड़ना है उखाड़ लो…”। यह पोस्ट सामने आते ही भाजपा के अंदरूनी समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं।

रामकुमार थूरिया ने अपनी पोस्ट में आरोप लगाया कि प्रभारी मंत्री की वजह से सारंगढ़ जिला कमजोर हो रहा है। इस बयान के बाद जिले की राजनीति गरमा गई और विपक्ष को भी बड़ा मुद्दा मिल गया।

वहीं Indian National Congress के नेताओं ने इस पोस्ट को लेकर भाजपा पर हमला बोलना शुरू कर दिया है। सोशल मीडिया पर कांग्रेस नेता इसे भाजपा की अंदरूनी कलह बताते हुए पार्टी की एकजुटता पर सवाल उठा रहे हैं।

उधर भाजपा संगठन के भीतर भी इस पोस्ट को लेकर सुगबुगाहट शुरू हो गई है। कई कार्यकर्ता और पदाधिकारी सवाल उठा रहे हैं कि आखिर एक मंडल अध्यक्ष को अपने ही प्रभारी मंत्री के खिलाफ इतनी खुली टिप्पणी करने की जरूरत क्यों पड़ी।

सूत्रों के मुताबिक पार्टी संगठन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए रामकुमार थूरिया को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। हालांकि अभी तक इस मामले में आधिकारिक तौर पर पूरी जानकारी सामने नहीं आई है।

फिलहाल यह मामला सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले की राजनीति में चर्चा का बड़ा विषय बन गया है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि इस विवाद के पीछे की असली वजह क्या है और पार्टी संगठन इस पर क्या कार्रवाई करता है।

बस्तर क्षेत्र में खुशहाली और शांति बहाल करने में हो रहे हैं कामयाब: मुख्यमंत्री साय

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 रायपुर : हमारी सरकार जनजातीय समाज के भविष्य को संवारने के लिए दृढ़ संकल्प के साथ कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प से अब हम बस्तर क्षेत्र में खुशहाली और शांति बहाल करने में कामयाब हो रहे हैं। बस्तर पिछले लगभग 40 वर्षों से विकास से अछूता रहा और लंबे समय तक नक्सल प्रभाव से प्रभावित था, लेकिन अब परिस्थितियाँ तेजी से बदल रही हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश जल्द ही नक्सलवाद से मुक्त होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जिससे जनजातीय समाज में अमन-चैन के साथ-साथ खुशहाली और समृद्धि का नया दौर आएगा।


मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने नवा रायपुर स्थित आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान (TRTI) परिसर में आयोजित दो दिवसीय ‘आदि परब’ के समापन समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही।


मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि ‘आदि परब’ की थीम ‘परंपरा से पहचान तक’ रखी गई है। यह आयोजन छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, कला और परंपराओं को साझा मंच देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया, जिसमें छत्तीसगढ़ सहित तेलंगाना, ओडिशा, महाराष्ट्र और झारखंड के आदिवासी लोक कलाकारों ने भाग लिया।


उन्होंने कहा कि प्रदेश की 43 विभिन्न जनजातियों के लोग एक मंच पर एकत्रित हुए, जो हमारी सांस्कृतिक विविधता और समृद्धि का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने इस सफल आयोजन के लिए विभाग की पूरी टीम को बधाई दी तथा ‘आदि परब’ चित्रकला और परिधान को मिले ‘गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड’ पुरस्कार के लिए भी शुभकामनाएँ दीं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जनजातीय समाज के युवाओं को उच्च शिक्षा और शोध के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से टीआरटीआई परिसर में 5 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 100 सीटर छात्रावास का लोकार्पण किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय बाहुल्य प्रदेश छत्तीसगढ़ में इस प्रकार के आयोजन का विशेष महत्व है, क्योंकि यह हमारी समृद्ध जनजातीय संस्कृति और परंपराओं की व्यापकता को प्रदर्शित करता है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन में पारंपरिक चित्रकला, शिल्प, हाट-बाजार और पारंपरिक व्यंजनों का अद्भुत संगम देखने को मिला। हमारी लोक परंपराएँ ही हमारी असली पहचान हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां स्थित दो संग्रहालयों में से एक शहीद वीर नारायण सिंह जी की जीवनगाथा को समर्पित है। उन्होंने कहा कि 1 नवंबर 2025 को छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना की रजत जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देश के पहले डिजिटल ‘शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह-जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय’ का लोकार्पण किया था, जो हम सभी के लिए गर्व की बात है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दूसरे जनजातीय संग्रहालय में जन्म, विवाह और मृत्यु संस्कारों सहित जनजातीय जीवन के विभिन्न अवसरों पर पहने जाने वाले पारंपरिक परिधानों और रीति-रिवाजों का जीवंत चित्रण प्रस्तुत किया गया है। आधुनिकता की दौड़ में हमें अपनी विलुप्त होती सांस्कृतिक विरासत को सहेजना होगा।

उन्होंने कहा कि यह हमारे लिए सौभाग्य की बात है कि आज देश में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जैसे नेतृत्व के कारण आदिवासी समाज का कल्याण सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि देश के सर्वोच्च पद राष्ट्रपति के लिए आदिवासी समाज की बेटी श्रीमती द्रौपदी मुर्मु को अवसर मिला, जो पूरे जनजातीय समाज के लिए गौरव का विषय है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के माध्यम से छत्तीसगढ़ में चिन्हित 6 हजार 691 बसाहटों का कायाकल्प किया जा रहा है। अति पिछड़ी जनजातियों को मुख्यधारा से जोड़ना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
उन्होंने कहा कि पीएम जनमन योजना के माध्यम से विशेष पिछड़ी जनजातियों को सड़क, आवास और अन्य मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। इस योजना के तहत प्रदेश की 2300 से अधिक पीवीटीजी बसाहटों के 56 हजार से अधिक परिवार लाभान्वित हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नियद नेल्लानार योजना (आपका अच्छा गांव) हमारी सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसके माध्यम से नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र के जनजातीय गांवों तक सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाएँ पहुंचाई जा रही हैं। साथ ही इन क्षेत्रों के लोगों को अब सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिल रहा है।

इस अवसर पर आदिम जाति विकास मंत्री  रामविचार नेताम ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद जनजातीय समाज के गौरव के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य किए गए हैं। इनमें शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय और जनजातीय संस्कृति एवं परंपराओं पर आधारित संग्रहालय प्रमुख हैं। उन्होंने कहा कि यह देश का ऐसा डिजिटल संग्रहालय है जिसका अध्ययन करने देश और विदेश से लोग आ रहे हैं। संग्रहालय में अंग्रेजों के विरुद्ध संघर्ष करने वाले जनजातीय नायकों और आंदोलनों की जीवंत प्रस्तुति की गई है, जो समाज के गौरव को बढ़ाती है। उन्होंने बताया कि सरकार 3357 आश्रम-छात्रावास, 17 प्रयास विद्यालय और 75 एकलव्य विद्यालयों के माध्यम से जनजातीय वर्ग के भविष्य को संवारने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सरकार ने एफआरए के तहत 4 लाख 25 हजार 425 हितग्राहियों को 3.49 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में पट्टा प्रदान किया है।

इस अवसर पर वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने ‘परंपरा से पहचान तक’ की थीम पर आयोजित ‘आदि परब’ के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि हमने नक्सलवाद की पीड़ा को नजदीक से देखा है और अब डबल इंजन की सरकार के दृढ़ संकल्प से नक्सलवाद समाप्ति की ओर बढ़ रहा है।उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को नक्सलवाद से मुक्त कराने में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने ‘आदि परब’ के माध्यम से जनजातीय संस्कृति और परंपराओं को दुनिया तक पहुंचाने के इस प्रयास की सराहना की।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री 

साय ने यूपीएससी परीक्षा में सफलता प्राप्त करने वाले जनजातीय समाज के  अंकित साकिनी और  डायमंड ध्रुव को सम्मानित किया। साथ ही प्रयास आवासीय विद्यालय के उन विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया जिनका चयन NIT और IIT में हुआ है। मुख्यमंत्री ने ‘प्रयास’ आवासीय विद्यालयों के विद्यार्थियों को लैपटॉप के लिए चेक भी प्रदान किए।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने सरगुजा क्षेत्र के जनजातीय इतिहास पर आधारित पुस्तक का विमोचन भी किया तथा पारंपरिक वेशभूषा में सजे जनजातीय युवाओं द्वारा प्रस्तुत अटायर शो का आनंद लिया।

कार्यक्रम में विधायक प्रबोध मिंज एवं श्री इन्द्रकुमार साहू, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, छत्तीसगढ़ जनजातीय आयोग के अध्यक्ष  रूपसिंह मण्डावी, छत्तीसगढ़ राज्य औषधि एवं पादप बोर्ड के अध्यक्ष श्री विकास मरकाम, आदिम विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, आयुक्त डॉ. सारंश मित्तर, टीआरटीआई की संचालक श्रीतमी हिना नेताम सहित बड़ी संख्या में जनजातीय समाज के गणमान्यजन उपस्थित थे।

सिंधी समाज की एकजुटता सराहनीय : मुख्यमंत्री साय

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 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर में पूज्य छत्तीसगढ़ी सिंधी पंचायत द्वारा आयोजित “सिंधीयत जो मेलो” में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने सिंधी समाज की एकजुटता और उनकी संघर्षशील परंपरा की सराहना करते हुए कहा कि सिंधी समाज ने देश के इतिहास के सबसे कठिन दौर—विभाजन की विभीषिका—का सामना किया है। इसके बावजूद इस समाज ने व्यापार और उद्यम के क्षेत्र में निरंतर प्रगति कर देश की आर्थिक उन्नति में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।


मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विभाजन के समय सिंधी समाज के अनेक परिवारों को अपनी पुश्तैनी संपत्ति और घर-बार छोड़ना पड़ा, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। अपने आराध्य के प्रति अटूट आस्था और परिश्रम के बल पर उन्होंने नई शुरुआत की और आज सिंधी समाज विकास के नए-नए सोपान रच रहा है। उन्होंने कहा कि सिंधी समाज का यह जुझारूपन और आत्मविश्वास पूरे समाज के लिए प्रेरणास्पद है और इसके लिए समाज के सभी सदस्य प्रशंसा के पात्र हैं।


मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजनों से समाज को एकजुट होने का अवसर मिलता है। जब समाज संगठित और मजबूत होता है तो राष्ट्र भी सशक्त बनता है। उन्होंने कहा कि सिंधी समाज की एकजुटता वास्तव में सराहनीय है और इस प्रकार के मेलों का सबसे बड़ा उद्देश्य यही होता है कि नई पीढ़ी अपनी जड़ों, संस्कृति और परंपराओं से जुड़ी रहे। इस मेले में युवाओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखकर उन्हें अत्यंत प्रसन्नता हुई।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज सिंधी समाज के लोग देश के कोने-कोने में बसे हुए हैं और अपनी मेहनत, लगन तथा उद्यमशीलता के बल पर सफलता के नए आयाम स्थापित कर रहे हैं। उन्होंने छोटे-छोटे व्यवसाय से शुरुआत कर अपने कार्य को ऊंचाइयों तक पहुंचाया है, जो उनके परिश्रम और दूरदर्शिता का परिचायक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के तहत प्रदेश सरकार ने अधिकांश गारंटियों को पूरा कर लिया है।

मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर प्रदेश में आज से प्रारंभ की गई गौधाम योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके अंतर्गत पूरे प्रदेश में गौधाम स्थापित किए गए हैं। इन गौधामों के माध्यम से गौवंश के संरक्षण और संवर्धन के लिए समुचित व्यवस्था की जाएगी। यहां पशुओं के लिए हरे चारे की व्यवस्था, चिकित्सा सुविधा, काऊ कैचर, दवाइयाँ तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाएँ उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति में गाय को माता का दर्जा दिया गया है और हम उनका पूजन करते हैं। गाय से प्राप्त पंचगव्य को अमृत के समान माना गया है, जो हमारे धार्मिक और सामाजिक जीवन में विशेष महत्व रखता है।

मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर सभी प्रदेशवासियों को चेट्रीचंड्र पर्व की अग्रिम शुभकामनाएँ भी दीं। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने समाज द्वारा लगाए गए प्रदर्शनी स्टॉलों का अवलोकन किया और उनकी सराहना की।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री श्री केदार कश्यप ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि सिंधी समाज अत्यंत मेहनतकश समाज है। उन्होंने समाज द्वारा आयोजित प्रदर्शनी की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज की सांस्कृतिक समृद्धि को प्रदर्शित करने का सशक्त माध्यम हैं।

इस अवसर पर रायपुर ग्रामीण विधायक मोती लाल साहू, धमतरी महापौर रामू रोहरा, पूज्य छत्तीसगढ़ी सिंधी पंचायत के अध्यक्ष महेश दरयानी सहित सिंधी समाज के गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

गैस सिलेंडर को लेकर घबराने की जरूरत नहीं, देश में कोई कमी नहीं: उप मुख्यमंत्री अरुण साव

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 रायपुर। गैस सिलेंडर को लेकर एजेंसियों में लग रही लंबी कतारों के बीच छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री अरुण साव का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि वैश्विक परिस्थितियों और अफवाहों के कारण ऐसी स्थिति बन रही है, जबकि देश में पेट्रोल और गैस की कोई कमी नहीं है।


मीडिया से चर्चा के दौरान अरुण साव ने लोगों से धैर्य रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और कहीं भी कालाबाजारी होने पर सख्त कार्रवाई की जा रही है।

अफीम की खेती को लेकर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के विधानसभा घेराव के सवाल पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में ही अफीम की खेती शुरू हुई थी। उनके अनुसार कांग्रेस सरकार के दौरान नशे का कारोबार बढ़ा, जिसका परिणाम अब सामने आ रहा है। उन्होंने कहा कि सूचना मिलते ही सरकार ने तत्काल और कठोर कार्रवाई की है और किसी को भी नशे का कारोबार करने नहीं दिया जाएगा।

उप मुख्यमंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पूरे प्रदेश में सर्वे कराने के निर्देश दिए हैं। जहां भी गड़बड़ी मिलेगी, वहां सख्त कार्रवाई की जाएगी।

प्रदेश में शुरू की जा रही गौधाम योजना को लेकर अरुण साव ने कहा कि पहले की गौठान योजना का सही उपयोग नहीं हुआ और इससे जनता के पैसे की बर्बादी हुई। उन्होंने कहा कि नई गौधाम योजना के तहत प्रदेश में 1460 गौधाम बनाए जाएंगे, जिनमें से 26 को स्वीकृति मिल चुकी है।

उन्होंने बताया कि गौधामों में चरवाहों को मानदेय दिया जाएगा और पशुओं के लिए चारा तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं भी की जाएंगी। सरकार का दावा है कि यह योजना पशुपालन और गौसेवा को बढ़ावा देने में प्रभावी साबित होगी।

CG NEWS : फर्जी ‘पुलिस कॉल’ बनी मौत की वजह: डर के कारण युवक ने लगा ली फांसी

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 जांजगीर-चांपा। जिले में एक युवक की संदिग्ध मौत का मामला सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद अचानक सुर्खियों में आ गया। वीडियो में युवक ने पुलिस पर प्रताड़ना का आरोप लगाया था, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। हालांकि जब पुलिस ने मामले की गहराई से जांच की, तो सामने आई सच्चाई ने पूरे घटनाक्रम की दिशा ही बदल दी।


मिली जानकारी के अनुसार, जिले के चोरभट्टी निवासी सनत कुमार कश्यप (25 वर्ष) इन दिनों ग्राम पताढ़ी स्थित अशोक लीलैंड वर्कशॉप में रहकर काम कर रहा था। 13 मार्च 2026 को उसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। वीडियो में उसने आरोप लगाया था कि पंतोरा चौकी से फोन कर उसे गाली-गलौज की गई और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया, जिसके कारण वह यह कदम उठा रहा है।

वीडियो वायरल होते ही पुलिस पर सवाल उठने लगे। मामला गंभीर होता देख आईजी रामगोपाल गर्ग ने एसपी विजय पांडे को पूरे मामले की गहराई से जांच करने के निर्देश दिए। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और कॉल डिटेल के आधार पर जांच शुरू की।

जांच में पता चला कि कोरबा जिले के ग्रेवराबस्ती निवासी सचिन खरे की बहन स्नेहा खरे (21 वर्ष) को देखने के लिए लड़के वाले आने वाले थे। लेकिन उससे एक दिन पहले 12 मार्च को स्नेहा कॉलेज जाने की बात कहकर घर से निकली और वापस नहीं लौटी। देर रात तक घर नहीं पहुंचने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की।

तलाश के दौरान परिजनों को जानकारी मिली कि स्नेहा अपने मामा के बेटे धीरेन्द्र पाटले के साथ चली गई है। इसके बाद गुस्से में आकर भाई सचिन खरे ने धीरेन्द्र के रूममेट सनत कश्यप से संपर्क किया।

पुलिस जांच में सामने आया कि सचिन खरे ने अपने भाई और मामा के बेटे शैलेन्द्र पाटले के मोबाइल नंबर से सनत कश्यप को फोन किया। फोन पर उसने खुद को पंतोरा चौकी का पुलिसकर्मी बताते हुए गाली-गलौज की और थाने बुलाने की धमकी दी।

अचानक आए इस फोन कॉल से सनत कश्यप बुरी तरह घबरा गया और मानसिक दबाव में आ गया। इसी दौरान उसने एक वीडियो रिकॉर्ड किया, जिसमें उसने पुलिस द्वारा धमकाने की बात कही। बाद में उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने कॉल डिटेल और तकनीकी साक्ष्यों की जांच की। जांच के दौरान पुलिस सचिन खरे तक पहुंची और उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि फोन उसी ने पुलिस बनकर किया था।

इसके बाद थाना बलौदा में अपराध क्रमांक 113/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 204 के अंतर्गत मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है।

इधर आरोपी की बहन स्नेहा खरे की गुमशुदगी की रिपोर्ट थाना कुसमुंडा, जिला कोरबा में दर्ज कराई गई है। उस मामले की भी अलग से जांच की जा रही है।

शुरुआत में वायरल वीडियो के कारण पुलिस पर कई सवाल खड़े हो गए थे, लेकिन जांच के बाद सामने आई सच्चाई ने पूरे मामले की तस्वीर बदल दी।

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