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तूता में पुरानी पेंशन सत्याग्रह, आरंग के सैकड़ों शिक्षक हुए शामिल; प्रथम सेवा गणना की उठी मांग

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आरंग- गांधी जयंती के अवसर पर प्रदेश शिक्षक कल्याण संघ के बैनर तले राजधानी रायपुर के तूता स्थित धरना स्थल पर एक दिवसीय पुरानी पेंशन सत्याग्रह का आयोजन किया गया। सत्याग्रह में प्रदेशभर से बड़ी संख्या में शिक्षक शामिल हुए। इसी क्रम में विकासखंड आरंग से भी सैकड़ों शिक्षकों ने धरना स्थल पर पहुंचकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की।

शिक्षकों ने प्रथम सेवा की गणना कर पुरानी पेंशन का लाभ देने तथा शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की बाध्यता से मुक्ति सहित विभिन्न मांगों को लेकर गांधीवादी तरीके से सरकार का ध्यान आकर्षित किया।

आरंग से बड़ी संख्या में शिक्षक हुए शामिल

सत्याग्रह में आरंग विकासखंड के प्रवक्ता पं. छत्रधर दीवान, अध्यक्ष जग्गुराम साहू, हरीश दीवान, जितेंद्र शुक्ला, शिक्षक कल्याण संघ के जिलाध्यक्ष कुंभज सोनवानी, टीकाराम साहू, युवराम साहू, मनीराम साहू, नरेश कोसले, हेमलाल वर्मा, श्रवण डहरिया, गंगा प्रसाद सेन, आत्माराम निषाद, दिलीप चंद्राकर, खेदूराम चंद्राकर, लीलाधर साहू, ठाकुर राम साहू और हेमंत साहू सहित बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे।

शिक्षकों ने एकजुट होकर अपनी मांगों को शासन तक पहुंचाने और सेवा अवधि की गणना से जुड़े मुद्दों पर सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की।

पूर्व सेवा की गणना नहीं होने से पेंशन को लेकर चिंता

संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि पेंशन सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए बुढ़ापे की लाठी के समान होती है। उनका आरोप है कि संविलियन के बाद पेंशन निर्धारण में पूर्व सेवा अवधि को शून्य मानकर 1 जुलाई 2018 को आधार बनाया जा रहा है।

शिक्षक संघ का कहना है कि इससे कई सेवानिवृत्त शिक्षकों को मिलने वाली पेंशन काफी कम रह गई है। संघ के अनुसार कुछ सेवानिवृत्त शिक्षकों को करीब 2,500 से 2,700 रुपये प्रतिमाह पेंशन मिल रही है, जिसे वर्तमान महंगाई के दौर में परिवार के भरण-पोषण और सम्मानजनक जीवन के लिए अपर्याप्त बताया गया है।

महंगाई और इलाज के खर्च का भी उठाया मुद्दा

सत्याग्रह के दौरान शिक्षकों ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति और बढ़ती महंगाई को लेकर भी चिंता जताई। संघ का कहना है कि वृद्धावस्था में स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ जाती हैं और महंगे इलाज का खर्च उठाना कठिन हो जाता है।

शिक्षकों के अनुसार, सेवानिवृत्त कर्मचारियों पर अपने परिवार के साथ सामाजिक जिम्मेदारियां भी होती हैं। ऐसे में पर्याप्त पेंशन नहीं मिलने से उनके सामने आर्थिक कठिनाइयां पैदा हो सकती हैं।

तहसीलदार के माध्यम से शासन को सौंपा ज्ञापन

प्रदेश शिक्षक कल्याण संघ ने अपनी मांगों को लेकर तहसीलदार के माध्यम से राज्य शासन के नाम ज्ञापन सौंपा। संघ ने कहा कि वह गांधीजी के विचारों के अनुरूप संवाद और शांतिपूर्ण आंदोलन के माध्यम से अपनी मांगें सरकार के सामने रख रहा है।

संघ की प्रमुख मांगों में प्रथम सेवा अवधि की गणना कर पुरानी पेंशन का लाभ, पेंशन संबंधी विसंगतियों का निराकरण तथा TET की बाध्यता से मुक्ति शामिल है।

मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी

शिक्षक कल्याण संघ ने कहा कि वर्तमान में संगठन ने गांधीवादी तरीके से अपनी बात शासन तक पहुंचाई है। संघ ने सरकार से मांगों पर सकारात्मक एवं शीघ्र निर्णय लेने की अपील की है।

संघ पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो संगठन आगे आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। इसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी, ऐसा संघ की ओर से कहा गया।

गांधी जयंती के अवसर पर आयोजित इस सत्याग्रह के जरिए शिक्षकों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें सरकार तक पहुंचाने का प्रयास किया और पुरानी पेंशन सहित सेवा संबंधी मुद्दों के समाधान की मांग रखी।



छत्तीसगढ़ में कुछ घंटों के अंतराल में दो हाथी शावकों की मौत, एक की करंट लगने से तो दूसरे के डूबने की आशंका

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रायपुर- छत्तीसगढ़ में हाथी शावकों की मौत के दो अलग-अलग मामलों ने वन्यजीव सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। उत्तरी छत्तीसगढ़ में कुछ ही घंटों के अंतराल में दो हाथी शावकों की मौत की जानकारी सामने आई है। एक मामला सरगुजा जिले के उदयपुर वन परिक्षेत्र का है, जहां खेतों के आसपास लगाए गए बिजली के तार की चपेट में आने से शावक की मौत हो गई। वहीं रायगढ़ जिले में करीब एक माह के हाथी शावक का शव तालाब में मिला है, जिसकी मौत डूबने से होने की आशंका जताई जा रही है। दोनों मामलों में वन विभाग ने जांच शुरू कर दी है।

सरगुजा में बिजली के तार की चपेट में आया शावक

सरगुजा के उदयपुर वन परिक्षेत्र में एक मादा हाथी शावक की बिजली के करंट की चपेट में आने से मौत हो गई। वन विभाग के अनुसार, शावक की उम्र करीब 3 से 4 वर्ष बताई जा रही है।

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, हाथियों का झुंड खेतों के आसपास से गुजर रहा था। इसी दौरान शावक का पैर और सूंड खेत की सुरक्षा के लिए लगाए गए बिजली वाले तार में फंस गया और वह काफी देर तक करंट की चपेट में रहा। मौके पर ही उसकी मौत हो गई।

हादसे की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और तार, उसके बिजली कनेक्शन तथा करंट के स्रोत की जांच शुरू की। विभाग यह भी पता लगा रहा है कि सुरक्षा के लिए लगाए गए तार में सामान्य सोलर करंट था या उसे किसी अन्य स्रोत से जोड़ा गया था। शावक के शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है, जिसके बाद मौत की परिस्थितियों को लेकर स्थिति और स्पष्ट होगी।

शावक की मौत के बाद रातभर घटनास्थल के आसपास रहा झुंड

स्थानीय लोगों के अनुसार, शावक की मौत के बाद हाथियों का झुंड काफी देर तक घटनास्थल के आसपास मौजूद रहा। हाथियों के चिंघाड़ने की आवाजें भी रातभर सुनाई देती रहीं। इस दौरान आसपास के ग्रामीणों में भी दहशत का माहौल रहा।

वन विभाग की टीम इलाके में हाथियों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है, क्योंकि क्षेत्र में हाथियों का झुंड लगातार विचरण कर रहा है और फसलों को भी नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है।

रायगढ़ में तालाब में मिला करीब एक माह के शावक का शव

दूसरी घटना रायगढ़ जिले के तमनार वन परिक्षेत्र के छैडोरिया गांव के पास सामने आई। यहां बुधवार सुबह एक तालाब में हाथी शावक का शव मिला। वन विभाग ने शव को बाहर निकलवाकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू की। प्रारंभिक तौर पर शावक की मौत तालाब में डूबने से होने की आशंका जताई गई है।

वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, शावक एक बड़े हाथियों के झुंड का हिस्सा था। इलाके में करीब 50 से अधिक हाथियों का दल विचरण कर रहा था। आशंका है कि रात के समय झुंड पानी पीने के लिए तालाब के पास पहुंचा होगा और इसी दौरान शावक गहरे पानी में चला गया होगा। हालांकि, मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगी।

वन विभाग कर रहा दोनों मामलों की जांच

दोनों घटनाओं के बाद वन विभाग ने जांच तेज कर दी है। सरगुजा मामले में बिजली के तार और उसके कनेक्शन की जांच की जा रही है, जबकि रायगढ़ में शावक के शव का पोस्टमार्टम कराया गया है और आवश्यक नमूनों की जांच भी कराई जा रही है।

लगातार सामने आ रही हाथियों की मौत की घटनाएं मानव-हाथी संघर्ष और वन्यजीवों की सुरक्षा से जुड़े सवालों को फिर सामने ला रही हैं। ऐसे इलाकों में खेतों की सुरक्षा और हाथियों के सुरक्षित आवागमन के बीच संतुलन बनाए रखना वन विभाग के लिए महत्वपूर्ण चुनौती है।

इन दोनों घटनाओं ने छत्तीसगढ़ में हाथियों और मानव बस्तियों के बीच बढ़ते संपर्क के दौरान वन्यजीव सुरक्षा के उपायों पर ध्यान केंद्रित किया है। मौत के अंतिम कारण संबंधित जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होंगे।

छत्तीसगढ़ हॉकी लीग: 223 खिलाड़ियों ने दिया ट्रायल, 130 खिलाड़ी शॉर्टलिस्ट

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रायपुर- छत्तीसगढ़ की पहली आधिकारिक राज्य स्तरीय छत्तीसगढ़ हॉकी लीग (CHL) 2026 के पहले सीजन के लिए खिलाड़ियों के चयन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। रायपुर स्थित सरदार वल्लभ भाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम के पिच-1 पर आयोजित दो दिवसीय चयन ट्रायल के पहले दिन 223 खिलाड़ियों ने मैदान पर उतरकर अपना प्रदर्शन दिखाया। ट्रायल के लिए कुल 373 खिलाड़ियों ने पंजीयन कराया था।

खिलाड़ियों में दिखा जबरदस्त उत्साह

चयन ट्रायल के दौरान प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से पहुंचे खिलाड़ियों ने अपनी हॉकी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। खिलाड़ियों ने चयनकर्ताओं के सामने फिटनेस, तकनीक, खेल कौशल और मैदान पर प्रदर्शन के जरिए टीम में जगह बनाने की कोशिश की।

ट्रायल स्थल पर खिलाड़ियों में खासा उत्साह देखने को मिला। इस चयन प्रक्रिया के जरिए राज्य के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को छत्तीसगढ़ हॉकी लीग में खेलने का अवसर मिलना है।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने खिलाड़ियों से की मुलाकात

चयन ट्रायल के दौरान छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री एवं खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव भी स्टेडियम पहुंचे। उन्होंने ट्रायल में हिस्सा ले रहे खिलाड़ियों से मुलाकात की और उनका उत्साह बढ़ाया।

अरुण साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ में हॉकी की मजबूत परंपरा रही है और खिलाड़ियों का उत्साह इस खेल के प्रति उनकी रुचि को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ हॉकी लीग का उद्देश्य राज्य के युवा खिलाड़ियों को ऐसा मंच उपलब्ध कराना है, जहां उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के साथ खेलने का अनुभव मिल सके।

छह टीमों के लिए होगा खिलाड़ियों का चयन

छत्तीसगढ़ हॉकी लीग में खेलने वाली छह टीमों के लिए खिलाड़ियों का चयन इसी प्रक्रिया के आधार पर किया जा रहा है। चयन ट्रायल का आयोजन छत्तीसगढ़ शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा किया जा रहा है, जबकि प्रक्रिया छत्तीसगढ़ हॉकी संघ द्वारा निर्धारित नियमों और मापदंडों के अनुसार संचालित की जा रही है। 

ट्रायल की निगरानी खेल अधिकारियों, अनुभवी प्रशिक्षकों, हॉकी संघ के प्रतिनिधियों और वरिष्ठ खिलाड़ियों के पैनल ने की।

ट्रायल के बाद 130 खिलाड़ी शॉर्टलिस्ट

दो दिवसीय चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद खिलाड़ियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन किया गया। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक, कुल 223 प्रतिभागियों में से 130 खिलाड़ियों को शॉर्टलिस्ट किया गया है। इन खिलाड़ियों के नाम और चयन प्रक्रिया से संबंधित रिपोर्ट आगे खेल संचालनालय को सौंपी जानी है। 

इन्हीं चयनित खिलाड़ियों के आधार पर लीग की छह टीमों के लिए आगे की टीम गठन प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

21 अक्टूबर से प्रस्तावित है पहला सीजन

छत्तीसगढ़ हॉकी लीग का पहला सीजन 21 अक्टूबर से 1 नवंबर 2026 तक रायपुर के सरदार वल्लभ भाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में प्रस्तावित है। लीग का उद्देश्य राज्य के खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धी मंच देना और उन्हें बड़े स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर उपलब्ध कराना है। 

छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के जरिए राज्य के युवा खिलाड़ियों को एक संगठित और प्रतिस्पर्धी मंच मिलने की उम्मीद है। चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद छह टीमों का गठन किया जाएगा, जिसके बाद खिलाड़ी लीग के पहले सीजन में अपना दमखम दिखाएंगे।



HDFC Bank में बड़ा नेतृत्व बदलाव: Anup Bagchi होंगे नए MD और CEO, 27 अक्टूबर से संभालेंगे पद

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मुंबई- देश के सबसे बड़े निजी क्षेत्र के बैंकों में शामिल HDFC Bank ने अपने नए Managing Director (MD) और Chief Executive Officer (CEO) के नाम का ऐलान कर दिया है। बैंक ने Anup Bagchi को अगले MD और CEO के रूप में नियुक्त किया है। उनकी नियुक्ति को Reserve Bank of India (RBI) की मंजूरी मिल चुकी है। Bagchi का कार्यकाल 27 अक्टूबर 2026 से तीन साल का होगा।

27 अक्टूबर से संभालेंगे जिम्मेदारी

HDFC Bank के मुताबिक, Anup Bagchi 27 अक्टूबर से MD और CEO की जिम्मेदारी संभालेंगे। वह मौजूदा MD और CEO Sashidhar Jagdishan का स्थान लेंगे, जिनका मौजूदा कार्यकाल 26 अक्टूबर को समाप्त हो रहा है। Jagdishan ने अगस्त में बोर्ड को बताया था कि वह अगले कार्यकाल के लिए अपना नाम आगे नहीं बढ़ाना चाहते।

Bagchi की नियुक्ति तीन साल के लिए की गई है। हालांकि, बैंक की ओर से जारी जानकारी के अनुसार नियुक्ति शेयरधारकों की मंजूरी के अधीन भी है।

कौन हैं Anup Bagchi?

Anup Bagchi बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में तीन दशक से ज्यादा का अनुभव रखने वाले वरिष्ठ अधिकारी हैं। वह फिलहाल ICICI Prudential Life Insurance के MD और CEO हैं और जून 2023 से इस पद पर हैं।

इससे पहले Bagchi ने ICICI Bank में कई वरिष्ठ जिम्मेदारियां संभाली हैं। उनका अनुभव रिटेल बैंकिंग, कॉरपोरेट बैंकिंग, MSME, ट्रेजरी, क्रेडिट पॉलिसी और डेटा एनालिटिक्स जैसे क्षेत्रों तक फैला हुआ है। उन्होंने ICICI Securities में भी वरिष्ठ पद पर काम किया है।

HDFC Bank के लिए क्यों अहम है यह बदलाव?

Anup Bagchi की नियुक्ति HDFC Bank के नेतृत्व में एक महत्वपूर्ण बदलाव है। Reuters के अनुसार, यह पहली बार है जब बैंक ने MD और CEO के पद के लिए किसी बाहरी उम्मीदवार को चुना है।

नई जिम्मेदारी के साथ Bagchi के सामने बैंक के कारोबार की गति बनाए रखने, जमा और ऋण वृद्धि, लाभप्रदता तथा बैंक के संचालन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर काम करने जैसी चुनौतियां रहेंगी। हालांकि, आने वाले समय में उनकी प्राथमिकताएं और रणनीति उनके पद संभालने के बाद ही स्पष्ट होंगी।

Sashidhar Jagdishan का कार्यकाल होगा पूरा

Anup Bagchi, Sashidhar Jagdishan की जगह लेंगे। Jagdishan का वर्तमान कार्यकाल 26 अक्टूबर 2026 को समाप्त हो रहा है। उन्होंने अगस्त में संकेत दिया था कि वह नए कार्यकाल के लिए अपना नाम आगे नहीं बढ़ाएंगे, जिसके बाद HDFC Bank ने नए MD और CEO के चयन की प्रक्रिया शुरू की।

शेयरधारकों की मंजूरी भी जरूरी

RBI की मंजूरी के बाद HDFC Bank के बोर्ड ने Bagchi की नियुक्ति को मंजूरी दी है। बैंक के अनुसार, MD और CEO के रूप में उनकी नियुक्ति को कंपनी कानून के प्रावधानों के तहत शेयरधारकों की मंजूरी भी लेनी होगी।

HDFC Bank में यह नेतृत्व परिवर्तन ऐसे समय हुआ है जब बैंक अपने अगले चरण की रणनीति और नेतृत्व संरचना को आगे बढ़ा रहा है। Anup Bagchi के बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं के लंबे अनुभव को देखते हुए अब उनकी नई भूमिका और आगामी रणनीति पर बाजार की नजर रहेगी।

मिजोरम में दर्दनाक सड़क हादसा: PIB और दूरदर्शन अधिकारियों समेत तीन की मौत, गहरी खाई में गिरी कार

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आइजोल- मिजोरम में गुरुवार को हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में केंद्र सरकार के तीन अधिकारियों की मौत हो गई। हादसा आइजोल से करीब 30 किलोमीटर दक्षिण में सताएक (Sataek) गांव के पास हुआ, जहां एक कार सड़क से उतरकर गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में दूरदर्शन केंद्र, आइजोल के निदेशक (न्यूज) नम्पिबोउ मारिनमाई, प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) के अतिरिक्त महानिदेशक डॉ. एंगम पामे और केंद्रीय संचार ब्यूरो (CBC) के कर्मचारी एच. लियानवेला की मौत हो गई। वाहन चालक गंभीर रूप से घायल हुआ है।

सियालसुक से लौटते समय हुआ हादसा

अधिकारियों के अनुसार, चार लोग सियालसुक से आइजोल लौट रहे थे। सियालसुक राजधानी आइजोल से करीब 65 किलोमीटर दूर स्थित है। इसी दौरान सताएक गांव के पास वाहन अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे चला गया और गहरी खाई में गिर गया। हादसे के बाद इलाके में राहत और बचाव अभियान चलाया गया।

तीन सरकारी अधिकारियों की गई जान

हादसे में जान गंवाने वालों में डॉ. एंगम पामे, PIB और CBC के इंफाल क्षेत्रीय कार्यालय में अतिरिक्त महानिदेशक के पद पर कार्यरत थे। वहीं नम्पिबोउ मारिनमाई आइजोल दूरदर्शन केंद्र में निदेशक (न्यूज) के पद पर थे। तीसरे मृतक एच. लियानवेला केंद्रीय संचार ब्यूरो के आइजोल फील्ड कार्यालय में मल्टी-टास्किंग स्टाफ के रूप में कार्यरत थे।

पेड़ लगाने के कार्यक्रम से लौट रहे थे

रिपोर्टों के मुताबिक, चारों लोग सियालसुक में एक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद आइजोल लौट रहे थे। यह कार्यक्रम डॉ. एंगम पामे के दिवंगत भाई की स्मृति में आयोजित पेड़ लगाने के कार्यक्रम से जुड़ा था। लौटते समय वाहन हादसे का शिकार हो गया।

ड्राइवर गंभीर रूप से घायल

हादसे में वाहन चालक गोजेंद्रो डे गंभीर रूप से घायल हुआ है। उसे इलाज के लिए जोरम मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (ZMCH) में भर्ती कराया गया है। राहत और बचाव अभियान के दौरान इलाके का दुर्गम और खड़ी ढलान वाला भूभाग चुनौती बना रहा। पुलिस के साथ यंग मिजो एसोसिएशन (YMA) के सदस्यों ने भी बचाव एवं शवों को निकालने के अभियान में मदद की।

हादसे की वजह की जांच जारी

अधिकारियों के अनुसार, दुर्घटना के सटीक कारण का अभी पता नहीं चल पाया है। शुरुआती जानकारी में वाहन के सड़क से उतरकर खाई में गिरने की बात सामने आई है। दुर्घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। इसलिए हादसे के कारण को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

सूचना एवं प्रसारण मंत्री ने जताया दुख

घटना पर सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शोक व्यक्त किया है। मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा समेत अन्य नेताओं ने भी तीनों अधिकारियों के निधन पर संवेदना जताई।

शव मणिपुर भेजे जाएंगे

अधिकारियों के अनुसार, पोस्टमार्टम के बाद नम्पिबोउ मारिनमाई और डॉ. एंगम पामे के पार्थिव शरीर को उनके गृह राज्य मणिपुर भेजे जाने की प्रक्रिया की जा रही है। घटना के बाद सरकारी और मीडिया जगत में शोक की लहर है।

मिजोरम का यह हादसा सरकारी सूचना एवं प्रसारण से जुड़े तीन अधिकारियों की असामयिक मौत के कारण बेहद दुखद घटना बन गया है। हादसे की परिस्थितियों और कारणों को लेकर जांच जारी है।

फ्लाईदुबई फ्लाइट में कॉकपिट हमला: भारतीय पायलट स्मित मच्छर ने सुनाई खौफनाक दास्तान, बोले- ‘मुझे उठना ही था, नहीं तो यात्रियों की जान चली जाती’

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नई दिल्ली- फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में कॉकपिट के अंदर हुई हिंसक घटना ने विमानन सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दुबई से तेल अवीव जा रही इस फ्लाइट में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर (Smit Machchhar) पर उनके सह-पायलट द्वारा कथित तौर पर हमला किया गया। घटना के दौरान विमान ने अचानक हजारों फीट की ऊंचाई खो दी और बाद में सऊदी अरब के तबुक में उसकी आपात लैंडिंग कराई गई। 

अस्पताल से पीएम मोदी को बताया पूरा घटनाक्रम

घटना में घायल कैप्टन स्मित मच्छर फिलहाल अबू धाबी के अस्पताल में उपचार करा रहे हैं। शुक्रवार को उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से वीडियो कॉल के जरिए बातचीत की और उस भयावह घटना का अपना अनुभव साझा किया।

मच्छर ने बताया कि हमले के दौरान उन्हें गंभीर चोटें आईं और वह जमीन पर गिर गए थे। इसके बावजूद उन्हें एहसास हुआ कि अगर वह उठकर कुछ नहीं करते हैं तो विमान में सवार यात्रियों की जान खतरे में पड़ सकती है। उन्होंने किसी तरह कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की, जिसके बाद यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को अंदर पहुंचकर हमलावर को काबू करने का मौका मिला। 

उन्होंने प्रधानमंत्री से बातचीत के दौरान कहा कि वह अपनी जिंदगी के लिए संघर्ष कर रहे थे, लेकिन उस समय उनके सामने यात्रियों की सुरक्षा सबसे बड़ी चिंता थी। बातचीत के दौरान वह भावुक भी हो गए। 

30 सेकंड में 14,300 फीट नीचे आया विमान

रिपोर्टों के अनुसार, घटना के दौरान फ्लाइट ने बहुत तेजी से ऊंचाई खोई। फ्लाइट-ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक विमान करीब 14,300 फीट नीचे आया और यह गिरावट लगभग 30 सेकंड में हुई। इस दौरान विमान की स्थिति को लेकर यात्रियों और चालक दल के बीच अफरा-तफरी की स्थिति पैदा हो गई। 

विमान में बड़ी संख्या में यात्री और चालक दल के सदस्य सवार थे। घटना के बाद विमान का रुख तबुक की ओर मोड़ा गया, जहां उसकी सुरक्षित आपात लैंडिंग कराई गई।

यात्रियों और अन्य पायलटों ने संभाली स्थिति

रिपोर्टों के मुताबिक, कैप्टन मच्छर द्वारा कॉकपिट का दरवाजा खोलने के बाद यात्रियों और चालक दल के सदस्यों ने अंदर पहुंचकर हमलावर को काबू करने में मदद की। विमान में यात्रा कर रहे दो ऑफ-ड्यूटी फ्लाईदुबई पायलटों ने भी विमान को संभालने में मदद की। इसके बाद विमान को सऊदी अरब के तबुक स्थित प्रिंस सुल्तान बिन अब्दुलअजीज एयरपोर्ट पर उतारा गया।

घटना की जांच जारी, हमले की वजह अभी स्पष्ट नहीं

फ्लाईदुबई ने पुष्टि की है कि फ्लाइट के फ्लाइट डेक में एक गंभीर घटना हुई थी। हालांकि, घटना के पीछे की पूरी वजह और हमले का मकसद अभी जांच का विषय है। शुरुआती रिपोर्टों में सह-पायलट पर कप्तान पर हमला करने और विमान के नियंत्रण को प्रभावित करने का आरोप लगाया गया है, लेकिन अधिकारियों की विस्तृत जांच पूरी होने तक घटना के सभी पहलुओं पर अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। 

भारतीय विमान कंपनियों के लिए एडवाइजरी पर विचार

इस घटना के बाद भारत में भी विमानन सुरक्षा को लेकर चर्चा तेज हो गई है। नागरिक उड्डयन सचिव समीर कुमार सिन्हा ने कहा है कि सरकार इस मामले पर आंतरिक विचार-विमर्श करेगी और जरूरत पड़ने पर भारतीय एयरलाइनों के लिए सुरक्षा संबंधी एडवाइजरी जारी करने का प्रस्ताव उच्च अधिकारियों के समक्ष रखा जा सकता है।

इसका मुख्य फोकस कॉकपिट सुरक्षा, चालक दल की सुरक्षा और ऐसी असाधारण परिस्थितियों में विमान को सुरक्षित रखने की प्रक्रियाओं की समीक्षा पर हो सकता है।

पूर्व स्पाइसजेट पायलट हैं स्मित मच्छर

कैप्टन स्मित मच्छर पहले स्पाइसजेट में करीब 11 वर्षों तक काम कर चुके हैं। इसके बाद जून 2022 में वह फ्लाईदुबई से जुड़े। रिपोर्टों के अनुसार, उनके पास बोइंग 737 विमानों पर लंबा उड़ान अनुभव है और वह लाइन ट्रेनिंग कैप्टन के रूप में भी काम कर चुके हैं।

फिलहाल उनका उपचार अबू धाबी में चल रहा है। घटना के बाद उनकी भूमिका को लेकर भारत और विदेशों में व्यापक चर्चा हो रही है, जबकि विमानन अधिकारी पूरे मामले की जांच कर रहे हैं।


गांधी जयंती पर पीपला फाउंडेशन का स्वच्छता संदेश, एक किमी गौरव पथ चमकाया

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आरंग- 2 अक्टूबर गांधी जयंती के अवसर पर नगर के स्वयंसेवी संगठन पीपला वेलफेयर फाउंडेशन ने स्वच्छता का अनुकरणीय उदाहरण पेश किया। फाउंडेशन के सदस्यों ने गायत्री मंदिर से इंदिरा चौक तक करीब एक किलोमीटर लंबे गौरव पथ के डिवाइडर की सफाई कर उसे कचरा मुक्त किया।फाउंडेशन के सदस्यों ने बताया कि गौरव पथ नगर का गौरव है, लेकिन विभिन्न आयोजनों के दौरान और आम दिनों में भी लोग डिवाइडर में लगे पौधों के बीच प्लास्टिक कचरा, पॉलिथीन और शराब की बोतलें फेंक देते हैं। नियमित सफाई नहीं होने से वहां कचरे का ढेर लग जाता है। इसी को देखते हुए गांधी जयंती पर विशेष अभियान चलाया गया।

अभियान के तहत डिवाइडर के साथ-साथ गायत्री मंदिर परिसर, इंदिरा चौक और पेयजल स्थल की भी साफ-सफाई की गई।

इस मौके पर संस्था के सदस्यों ने लोगों से अपील की कि स्वच्छता सिर्फ पखवाड़े या जयंती तक सीमित न रहे। हमें सदैव स्वच्छता के प्रति सचेत रहना होगा। नगर को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने के लिए हर नागरिक का सहयोग जरूरी है।स्वच्छता अभियान में दुजेराम धीवर, महेन्द्र कुमार पटेल, कोमल लाखोटी, संजय मेश्राम, रमेश देवांगन, यादेव देवांगन, कियांश देवांगन, नीरज साहू, हरीश दीवान, ब्रजेश अग्रवाल, राहुल पटेल, भागवत जलक्षत्री, समाजसेवी पुष्पांजलि महंती सहित शिक्षादान केंद्र में पढ़ने वाले बच्चों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।



नशा मुक्त भारत के संकल्प के साथ राज्यपाल डेका ने की पदयात्रा

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 रायपुर : राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर आज राजधानी रायपुर में सेवा संकल्प अभियान के तहत नशा मुक्त भारत के संकल्प के साथ पदयात्रा आयोजित की गई। राज्यपाल रमेन डेका पदयात्रा में शामिल हुए और नागरिकों को नशामुक्त समाज के निर्माण का संदेश दिया।


राज्यपाल  डेका ने टाउन हॉल परिसर में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धा-सुमन अर्पित किए। इसके बाद उन्होंने टाउन हॉल से शुरू हुई पदयात्रा में सहभागिता की। पदयात्रा के दौरान भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमा पर भी माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया गया।

टाउन हॉल रायपुर से प्रारंभ होकर पदयात्रा अंबेडकर चौक पहुंची, जहां राज्यपाल डेका ने भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने नशामुक्त भारत के निर्माण के लिए सामूहिक सहभागिता और जनजागरूकता को महत्वपूर्ण बताया।

पदयात्रा में सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक पुरंदर मिश्रा, सुनील सोनी सहित बड़ी संख्या में युवा, महिलाएं, विद्यार्थी और शहर के नागरिक शामिल हुए। पदयात्रा के दौरान प्रतिभागियों ने नशे से दूर रहने और समाज को नशामुक्त बनाने का संकल्प लिया।

राज्यपाल डेका ने गांधी जयंती पर की साफ-सफाई

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 रायपुर : राज्यपाल रमेन डेका ने आज राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर स्वच्छ भारत अभियान के तहत लोक भवन परिसर के बाहर में साफ-सफाई कर स्वच्छता का संदेश दिया।


इस अवसर पर राज्यपाल डेका ने लोक भवन परिसर में स्वच्छता गतिविधियों में सहभागिता करते हुए स्वयं साफ-सफाई की। लोक भवन के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी सुबह परिसर के विभिन्न स्थानों पर स्वच्छता अभियान चलाया। उन्होंने झाड़ू लगाकर कचरे को एकत्रित किया तथा उसका उचित निपटान किया।


राज्यपाल डेका ने कहा कि स्वच्छता केवल एक दिन का अभियान नहीं, बल्कि इसे हमें अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए। स्वच्छ और सुंदर परिसर के साथ स्वच्छ समाज के निर्माण में प्रत्येक नागरिक की सहभागिता आवश्यक है।
इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा उपस्थित रहेे।

सत्य, अहिंसा और सादगी के आदर्श हमें राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देते रहेंगे : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज नई दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ सदन में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया।


मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि महात्मा गांधी ने सत्य, अहिंसा और मानवता के मार्ग पर चलते हुए पूरी दुनिया को शांति और सद्भाव का संदेश दिया। उनके विचारों में समाज के अंतिम व्यक्ति के कल्याण और आत्मनिर्भर भारत की भावना निहित थी। उनका जीवन हमें सत्य के मार्ग पर अडिग रहते हुए समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करने की प्रेरणा देता है।


मुख्यमंत्री साय ने पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री लाल बहादुर शास्त्री का स्मरण करते हुए कहा कि उनका सादगीपूर्ण जीवन, दृढ़ नेतृत्व और राष्ट्र के प्रति समर्पण प्रत्येक भारतीय के लिए प्रेरणास्रोत है। उनका दिया ‘जय जवान-जय किसान’ का मंत्र देश की सुरक्षा और समृद्धि में हमारे जवानों तथा किसानों के अमूल्य योगदान को रेखांकित करता है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के जीवन एवं आदर्श हमें जनकल्याण, सुशासन और राष्ट्रसेवा के पथ पर निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।

PM मोदी से बात करते भावुक हुए कैप्टन स्मित, बोले- हनुमान जी ने सबको बचाया

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 नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को फ्लाईदुबई के भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार से वीडियो कॉल पर बातचीत की और उनके साहस की सराहना की। फ्लाईदुबई की दुबई से तेल अवीव जा रही उड़ान में 30 सितंबर को सह-पायलट ने कैप्टन मच्छार पर कथित तौर पर हमला कर दिया था। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद मच्छार ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की, जिसके बाद यात्रियों और क्रू ने हमलावर को काबू किया। विमान की सऊदी अरब के तबुक में आपात लैंडिंग कराई गई।


PM मोदी से बातचीत में भावुक हुए कैप्टन मच्छार

बातचीत के दौरान कैप्टन स्मित मच्छार ने प्रधानमंत्री मोदी को उस घटना के दौरान अपने अनुभव के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि उन्हें लगा था कि विमान नीचे गिर सकता है। उन्होंने बताया कि ऐसी स्थिति में उन्होंने अपनी पूरी क्षमता से यात्रियों को बचाने की कोशिश की।

मच्छार ने यह भी बताया कि घटना के दौरान वह हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे थे और इसी से उन्हें हिम्मत मिली। बातचीत के दौरान वह भावुक हो गए। इस पर प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें सांत्वना देते हुए कहा कि अगर आप मेरे सामने भावुक नहीं होंगे तो फिर कहां होंगे।

“मैंने नहीं, हनुमान जी ने सबको बचाया”

कैप्टन मच्छार ने प्रधानमंत्री से कहा कि उन्होंने जो कुछ किया, उसमें उनका मानना है कि “मैंने नहीं, हनुमान जी ने सबको बचाया।” उन्होंने बताया कि यात्रियों को बचाने की कोशिश में उन्हें गंभीर चोटें आईं और वह घायल होकर गिर गए थे।

मच्छार ने यह भी कहा कि वह अपने देश से दूर होने के बावजूद अपनी संस्कृति से खुद को करीब महसूस करते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने उनके साहस और यात्रियों की सुरक्षा के लिए किए गए प्रयासों की सराहना की और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की।

पीएम मोदी पहले भी कर चुके हैं पायलट की तारीफ

इस घटना के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने 1 अक्टूबर को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए भी कैप्टन मच्छार की बहादुरी की प्रशंसा की थी। मोदी ने कहा था कि बेहद खतरनाक परिस्थितियों और गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद मच्छार ने दूसरों की जान बचाने के लिए साहस और दृढ़ संकल्प दिखाया।

प्रधानमंत्री ने इससे पहले कैप्टन मच्छार के परिवार से भी बातचीत की थी और उनके इलाज के लिए हरसंभव सहायता का भरोसा दिया था।

कैसे टली बड़ी विमान दुर्घटना?

30 सितंबर को फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 दुबई से तेल अवीव जा रही थी। जांच के अनुसार, उड़ान के दौरान ओमानी सह-पायलट ने कैप्टन मच्छार पर हमला किया और विमान को नुकसान पहुंचाने की कथित कोशिश की। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद मच्छार ने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया, जिसके बाद यात्रियों और क्रू के सदस्यों ने हमलावर को काबू करने में मदद की।

विमान को सऊदी अरब के तबुक में आपात स्थिति में उतारा गया। इस दौरान विमान में सवार सभी लोगों की जान बच गई। मामले की जांच सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और अन्य संबंधित एजेंसियां कर रही हैं।

“9/11 जैसी घटना टल गई” वाले बयान का भी जिक्र

प्रधानमंत्री मोदी ने 1 अक्टूबर को एक कार्यक्रम में कैप्टन मच्छार के साहस का उल्लेख करते हुए कहा था कि उनके प्रयासों से एक ऐसी त्रासदी टल गई, जिसकी तुलना 9/11 जैसी घटना से की गई। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी मच्छार की बहादुरी की प्रशंसा करते हुए कहा था कि उन्होंने संभावित बड़ी विमान त्रासदी को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

हालांकि, घटना के पीछे की मंशा और सह-पायलट के उद्देश्य को लेकर जांच अभी जारी है। अधिकारियों की जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की अंतिम तस्वीर स्पष्ट होगी।

इलाज के लिए UAE ले जाए गए कैप्टन मच्छार

घटना के बाद कैप्टन मच्छार को सऊदी अरब में प्राथमिक उपचार दिया गया। बाद में उन्हें आगे के इलाज के लिए संयुक्त अरब अमीरात ले जाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार उनकी स्थिति स्थिर बताई गई है और उन्हें चिकित्सा सहायता दी जा रही है।

छत्तीसगढ़ में मानसून की विदाई के संकेत, अगले 48 घंटे में बदल सकता है मौसम का मिजाज

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 रायपुर। छत्तीसगढ़ से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई की प्रक्रिया शुरू होने के संकेत मिलने लगे हैं। मौसम विभाग के अनुसार अगले 48 घंटे में प्रदेश के कुछ हिस्सों से मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो सकती हैं। इसके चलते अगले दो दिनों तक राज्य के अधिकांश इलाकों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। फिलहाल मौसम विभाग ने प्रदेश के किसी भी जिले के लिए बारिश या अन्य मौसम संबंधी कोई चेतावनी जारी नहीं की है।


मानसून की वापसी के लिए बन रही अनुकूल परिस्थितियां

मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की रेखा लगातार आगे बढ़ रही है। अगले 48 घंटे में पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, गुजरात और मध्य प्रदेश के अधिकांश हिस्सों के साथ छत्तीसगढ़ के कुछ क्षेत्रों से भी मानसून की विदाई के लिए परिस्थितियां अनुकूल होने की संभावना है।

पिछले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के लगभग सभी हिस्सों में मौसम शुष्क रहा। आने वाले दो दिनों में भी बारिश की गतिविधियां सीमित रहने का अनुमान है।

रायपुर में साफ रहेगा मौसम

राजधानी रायपुर में 2 अक्टूबर को मौसम मुख्यतः साफ रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने यहां अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान जताया है।

इससे पहले गुरुवार को रायपुर में अधिकतम तापमान 33.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

राजनांदगांव सबसे गर्म, पेंड्रा रोड सबसे ठंडा

गुरुवार को प्रदेश में सबसे अधिक तापमान राजनांदगांव में 34.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान पेंड्रा रोड में 18.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ।

इसके अलावा बिलासपुर में अधिकतम तापमान 32.8 डिग्री और न्यूनतम 23.6 डिग्री सेल्सियस रहा। अंबिकापुर में अधिकतम तापमान 31 डिग्री और न्यूनतम तापमान 19.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

अगले दो दिन बारिश का अलर्ट नहीं

मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों के दौरान छत्तीसगढ़ के किसी भी जिले में बारिश या अन्य मौसम संबंधी चेतावनी जारी नहीं की गई है। मानसून की गतिविधियां कमजोर होने के साथ प्रदेश में मौसम के शुष्क रहने की संभावना है। मानसून की विदाई के साथ आने वाले दिनों में तापमान में हल्का उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

पुलिस पहुंचने से पहले फरार हुआ शोएब ढेबर, गोपनीय जानकारी लीक होने के आरोप में आरक्षक लाइन अटैच

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 रायपुर। छत्तीसगढ़ के कांग्रेस नेता आनंद कुकरेजा से कथित तौर पर 25 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगने के मामले में पुलिस की कार्रवाई तेज हो गई है। पुलिस आरोपी शोएब ढेबर की तलाश में लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। बुधवार को रायपुर पुलिस ने पाम बेलाजिओ स्थित ठिकाने, बैरन बाजार स्थित पारिवारिक आवास समेत करीब आधा दर्जन स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। हालांकि, पुलिस के पहुंचने से पहले ही शोएब के वहां से निकल जाने की जानकारी सामने आई है।

फाइल फोटो 

पुलिसकर्मी लाइन अटैच, गोपनीय जानकारी लीक होने की चर्चा

शोएब की तलाश के दौरान पुलिस विभाग के एक आरक्षक पर भी कार्रवाई की गई है। जानकारी के मुताबिक, एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट में पदस्थ आरक्षक शिवम द्विवेदी को लाइन अटैच किया गया है।


सूत्रों के अनुसार, आरक्षक पर पुलिस की दबिश से जुड़ी गोपनीय जानकारी लीक होने में लापरवाही बरतने का आरोप है। हालांकि, पुलिस की ओर से फिलहाल कार्रवाई के कारणों को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। मामले में विभागीय स्तर पर जांच किए जाने की बात कही जा रही है।


दूसरे राज्यों में भी शोएब की तलाश

पुलिस को आशंका है कि कार्रवाई की भनक लगने के बाद शोएब ढेबर दूसरे राज्य में जा सकता है। इसके मद्देनजर रायपुर पुलिस की टीमें संभावित ठिकानों और संपर्कों की जानकारी जुटा रही हैं। दूसरे राज्यों में भी उसके संभावित ठिकानों पर निगरानी और तलाश की जा रही है।

कोर्ट से अनुमति मिलने के बाद बढ़ी तलाश

बताया जा रहा है कि कोर्ट से दोबारा गिरफ्तारी की अनुमति मिलने के बाद पुलिस ने शोएब ढेबर की तलाश तेज कर दी है। मामले की जांच में पुलिस ने उसकी भूमिका सामने आने के बाद उसे गिरफ्तार किया था, हालांकि बाद में उसे छोड़ना पड़ा था।

मामला कांग्रेस नेता आनंद कुकरेजा को कथित तौर पर व्हाट्सऐप के जरिए 25 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगने और धमकी देने से जुड़ा है। पुलिस अब आरोपी की तलाश के साथ-साथ मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है। पुलिस की आधिकारिक जांच और कार्रवाई के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर स्पष्ट होगी।

लवलीना बोरगोहेन का गोल्डन पंच, जन्मदिन पर जीता एशियन गेम्स का स्वर्ण

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 नई दिल्ली। भारतीय मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने अपने जन्मदिन पर देश को शानदार तोहफा दिया है। उन्होंने 2026 एशियन गेम्स में महिलाओं की 75 किलोग्राम बॉक्सिंग स्पर्धा का स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। फाइनल मुकाबले में लवलीना ने चीन की बाओ जियी को 5-0 से हराकर खिताब जीता।


शुरुआती दो राउंड में दोनों मुक्केबाजों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। लवलीना ने संयम के साथ खेलते हुए सटीक पंच लगाए और बढ़त बनाए रखी। आखिरी राउंड में उन्होंने मुकाबले पर पूरी तरह पकड़ बना ली और जजों के सर्वसम्मत फैसले से जीत दर्ज की।

12 साल बाद भारत की महिला बॉक्सर को एशियाड गोल्ड

लवलीना की इस जीत के साथ भारतीय महिला बॉक्सिंग के लिए भी खास उपलब्धि जुड़ गई है। 2014 के इंचियोन एशियन गेम्स के बाद यह पहली बार है, जब भारत की किसी महिला मुक्केबाज ने एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीता है।

इससे पहले भारत के लिए यह उपलब्धि महान मुक्केबाज मैरी कॉम ने हासिल की थी। मैरी कॉम ने 2014 में 51 किलोग्राम भारवर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा था। अब 12 साल बाद लवलीना ने 75 किलोग्राम भारवर्ग में गोल्ड जीतकर भारतीय महिला बॉक्सिंग में नया अध्याय जोड़ा है।

सिल्वर के बाद बदला पदक का रंग

लवलीना के लिए यह जीत इसलिए भी खास है, क्योंकि 2022 के एशियन गेम्स में उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा था। चार साल बाद उन्होंने शानदार वापसी करते हुए इस बार पदक का रंग बदल दिया और सीधे स्वर्ण पर कब्जा किया।

फाइनल में बाओ जियी को दी मात

फाइनल मुकाबले में चीन की बाओ जियी ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया और क्लिंच के जरिए लवलीना पर दबाव बनाने की कोशिश की। मुकाबले के दौरान दोनों मुक्केबाज एक-दूसरे से भिड़ते हुए मैट पर भी गिरीं।

हालांकि, लवलीना ने धैर्य नहीं खोया। उन्होंने आक्रामकता के बजाय सटीक और साफ पंच लगाने पर ध्यान दिया। पहले राउंड के बाद वह 3-2 से आगे रहीं और दूसरे राउंड में भी अपनी बढ़त बरकरार रखी।

आखिरी राउंड में लवलीना ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मुकाबले को अपने पक्ष में पूरी तरह कर लिया। जजों ने सर्वसम्मत फैसला देते हुए उन्हें 5-0 से विजेता घोषित किया। जन्मदिन के दिन मिले इस स्वर्ण पदक के साथ लवलीना ने एशियन गेम्स में अपना नाम भारतीय बॉक्सिंग की उपलब्धियों में दर्ज करा दिया।

महानदी में मिला अज्ञात महिला का शव, एनीकट के पास मिलने से मचा हड़कंप; बाढ़ में बहने की आशंका

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 अभनपुर। गोबरा नवापारा थाना क्षेत्र के ग्राम टीला स्थित निर्माणाधीन एनीकट के पास महानदी में अज्ञात महिला का शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। महिला की पहचान फिलहाल नहीं हो सकी है। हाल ही में निर्माणाधीन एनीकट क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति बनी थी। ऐसे में महिला के बाढ़ के पानी में बहकर डूबने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, पुलिस ने मौत के कारणों को लेकर अभी किसी निष्कर्ष की पुष्टि नहीं की है।


जानकारी के अनुसार, घटनास्थल से गुजर रहे ग्रामीणों ने महानदी किनारे महिला का शव पड़ा देखा। इसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही गोबरा नवापारा पुलिस टीम फोरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंची और घटनास्थल की जांच की।

शरीर पर मिले चोट के निशान

प्राथमिक जांच में महिला की उम्र करीब 40 वर्ष बताई जा रही है। पुलिस को महिला के शरीर पर चोट के निशान भी मिले हैं। पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

पहचान और मौत के कारणों की जांच जारी

फिलहाल पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है। महिला की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि महिला एनीकट क्षेत्र तक कैसे पहुंची और उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई। पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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