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गृह मंत्री शर्मा के निर्देश पर कोमल साहू की मृत्यु की जांच के लिए SIT गठित

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 रायपुर । उप-मुख्यमंत्री व गृह मंत्री विजय शर्मा ने ग्राम-बिरकोना, थाना-पिपरिया, जिला-कबीरधाम निवासी मृतक कोमल साहू पिता स्व.प्रेमलाल साहू की संदेहास्पद मृत्यु की निष्पक्ष उच्च-स्तरीय जांच के लिए एसआईटी गठित करने के निर्देश अपर मुख्य सचिव को दिए थे। 


गृहमंत्री ने प्रकरण की विशिष्टता एवं संवेदनशीलता के दृष्टिगत अनुसंधान के लिए 1 पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में 6 सदस्यीय विशिष्ट जांच दल तत्काल गठित करने निर्देशित किया था, जिस पर जांच कमेटी गठित किया गया है। जाँच समिति को त्वरित जाँच करने निर्देशित किया गया है .

एसआईटी में निम्न अधिकारी रहेंगे

रामकृष्ण साहू, पुलिस अधीक्षक, जिला-बेमेतरा ।
नेहा पाण्डेय, अति. पुलिस अधीक्षक, खैरागढ़।
मोहन पटेल, वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी,
प्रभारी सीन ऑफ काईम यूनिट, जिला-दुर्ग।
तनुप्रिया ठाकुर, उपुअ (अजाक), जिला-राजनांदगांव।
विजय मिश्रा, निरीक्षक जिला-राजनांदगांव।
मयंक मिश्रा, उप निरीक्षक जिला-बेमेतरा।

मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार की अचानक हुई तबीयत खराब, अस्पताल में कराया गया भर्ती

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 बिहार के मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार की शनिवार को अचानक तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद उनको पटना के मेदांता हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। जानकारी के मुताबिक उनके हाथ में तेज दर्द हो रहा था। मेदांता हॉस्पिटल के ऑर्थोपेडिक्स विभाग में उनका इलाज चल रहा है।


शनिवार की सुबह सीएम नीतीश कुमार के हाथ में अचानक से तेज दर्द शुरू हो गया। उन्‍हें तुरंत पटना के मेदांता हॉस्पिटल में ले जाया जहां हड्डी विभाग के डॉक्‍टरों की टीम ने उनकी जांच की। नीतीश कुमार पिछले काफी समय से लगातार चुनाव में व्‍यस्‍त चल रहे थे।

फिर एडीए के महत्‍वपूर्ण घटक के तौर उनके दल जेडीयू और उनकी केंद्र सरकार के गठन में महत्‍वपूर्ण भूमिका रही। इस दौरान उन्‍होंने कई बार दिल्‍ली का दौरा किया। वह नौ जून को प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी और नई कैबिनेट के शपथ ग्रहण समारोह में भी शामिल रहे। 

दिल्‍ली से पटना लौटे नीतीश कुमार ने शुक्रवार को ही कैबिनेट की बैठक ली थी। बैठक में बेरोजगारी भत्‍ता और सरकारी कर्मचारियों के आवास भत्‍ते सहित 25 महत्‍वपूर्ण मुद्दों पर फैसले लिए गए। जेडीयू ने 29 जून को राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक बुलाई है। इसकी तैयारियां भी चल रही हैं। पिछले दिनों लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान भी सीएम नीतीश कुमार की तबीयत खराब होने की खबर आई थी।

इसके बावजूद पूरे चुनाव के दौरान वह काफी सक्रिय नज़र आए। लगातार व्‍यस्‍तता के बीच शनिवार को हाथ में दर्द होने पर अपने स्‍वास्‍थ्‍य का ध्‍यान रखते हुए वह तुरंत अस्‍पताल पहुंचे और उपचार करा रहे हैं। 

मुख्यमंत्री साय लगातार तीसरे दिन भी ले रहे है विभागों की समीक्षा बैठक

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 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय लगातार तीसरे दिन भी विभागों की समीक्षा बैठक ले रहे है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यों की समीक्षा हो रही है। विभाग के कार्यों और दायित्वों के प्रेजेंटेशन के साथ बैठक की शुरुआत हुई।


उपमुख्यमंत्री अरूण साव भी बैठक में मौजूद है। मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के सलाहकार डॉ. धीरेन्द्र तिवारी, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, डॉ. बसव राजू एस., सचिव लोक सेवा स्वास्थ्य यांत्रिकी मो. कैसर अब्दुल हक, क्रेडा के सीईओ राजेश सिंह राणा, जल जीवन मिशन के एमडी सुनील जैन, सहित लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद है।


CG Weather Update : भारी बारिश को लेकर मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी

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 CG Weather Update : मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी। छत्तीसगढ़ में मानसून का आगमन हो चुका है। मानसून के आगमन के बाद से ही प्रदेश के मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। मानसून लगभग एक हफ्ते पहले छत्तीसगढ़ पहुंचा था। इसी बीच मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश होने का अनुमान जताया है।


मौसम विभाग ने कहा कि, बस्तर संभाग में अगले पांच दिनों तक भारी बारिश हो सकती है। भारी बारिश की चेतावनी देते हुए मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में आज तेज आंधी-तूफ़ान के साथ भारी बारिश होने की संभावना जताई है।

मौसम विभाग ने प्रदेश के कुछ इलाकों में गरज चमक के साथ बारिश की संभावना जताई है। राजधानी रायपुर की बात करें तो यहां आज भी बादल छाए हुए हैं। इस बार मानसून के समय से पहले पहुंचने पर प्रदेश में औसत से ज्यादा बारिश होने की उम्मीद जताई जा रही है।

मौसम विभाग ने रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर और बस्तर संभाग के जिलों में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। आने वाले 24 घंटे में प्रदेश के तापमान में बदलाव देखने को मिलेगा। रायपुर, बस्तर, बिलासपुर और दुर्ग संभाग में आने वाले दिनों जमकर बारिश हो सकती है। व

Naxal Encounter: छत्तीसगढ़ में पुलिस-सीआरपीएफ की बड़ी कार्रवाई, मुठभेड़ में मारे गए 8 नक्सली

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 Naxal Encounter:  छत्तीसगढ़ के नारायणपुर में पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ की खबर है। जानकारी के अनुसार यहां अबूझमाड़ के जंगलों में मुठभेड़ में आठ नक्सली मारे गए हैं।


अबुझमाड़ के जंगलों में नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षाबलों की कार्रवाई जारी है। सुरक्षाबलों ने नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना पर सीमावर्ती जिलों के साथ मिलकर संयुक्त ऑपरेशन चलाया है। जवानों का संयुक्त ऑपरेशन अबुझमाड़ के कुतुल फरसबेड़ा कोड़तामेटा क्षेत्र में जारी है।

घटना की पुष्टि करते हुए एसपी प्रभात कुमार ने बताया कि नारायणपुर के अबूझमाड़ क्षेत्र के कुतुल, फरसाबेड़ा, कोड़तामेटा क्षेत्र में शनिवार की सुबह से सुरक्षा बल और नक्सलियों के मध्य मुठभेड़ चल रही है।

 12 जून से इस क्षेत्र में नारायणपुर, कोण्डागांव, कांकेर व दंतेवाड़ा जिले की डीआरजी, एसटीएफ व आइटीबीपी 53वीं वाहिनी बल की ओर से संयुक्त अभियान चलाया जा रहा है। विगत दो दिन से कई बार रूक-रूक कर मुठभेड़ जारी है।


EPF से पैसा निकालने का बदला नियम, अब नहीं मिलेगा कोविड-19 एडवांस

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 EPFO Claim : कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ( ईपीएफओ ) ने एडवांस राशि निकालने के नियम में बदलाव कर दिया है। इसके तहत बीते वर्षों से चल रही कोविड-19 एडवांस की सुविधा बंद करने का फैसला लिया है। इसी के साथ ईपीएफओ ने अधिसूचना भी जारी कर दिया है। 


कोविड-19 महामारी के दौरान ईपीएफ ( EPFO ) सदस्यों को कोविड-19 को लेकर एडवांस राशि देने का प्रावधान  किया था। इससे कोविड के दौरान नौकरी छूटने, वेतन में कटौती आदि संकटों से गुजर रहे सदस्यों को लाभ मिला था। लेकिन अब अधिसूचना में कहा गया है कि अब कोविड महामारी का कोई प्रभाव नहीं है। इसके लिए इसको बंद किया जाएगा।

जानकारी के मुताबिक इस एडवांस को तत्काल प्रभाव से बंद करने का निर्णय किया गया है। हालांकि यह नियम सभी ट्रस्टों पर भी लागू होने वाला है। इसकी जानकारी उन्हें दे दी गई है।

 प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के अंतर्गत ईपीएफ खातों से राशि निकासी का प्रावधान पहली बार मार्च 2020 में किया गया। इसके बाद श्रम मंत्रालय की ओर से जून 2021 में ईपीएफ सदस्यों के लिए खातों से नान  रिफंडेबल एडवांस देने का प्रावधान किया। इसका लाभ काफी लोगों ने लिया था।

 ईपीएफओ के नियमानुसार, सदस्यों को उनके बेसिक सैलरी ( EPFO Basic Salary Claim ) के रूप में मिलने वाली राशि का तीन गुणा या उनके खाते में उपलब्ध राशि का 75 प्रतिशत राशि ( EPFO 75 Percentage Amount Claim ) निकासी की सुविधा दी गई है।इससे कम राशि को भी निकासी की जा सकती है। इसी के साथ घर खरीदारी, गृह ऋण उतारने, शादी या शिक्षा के लिए एडवांस राशि लेकर इसका लाभ ले सकते हैं।

 EPFO ने कोरोना की पहली लहर के दौरान मार्च 2020 में पहली बार प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना ( PMGKY ) के तहत एडवांस निकालने की सुविधा दी थी। इसके तहत कर्मचारी अपने PF अकाउंट में जमा  बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ते के बराबर या अपने PF अकाउंट में शेष राशि का 75% तक निकाल सकता था।


छत्तीसगढ़ शराब घोटाला : अनवर ढेबर को हाईकोर्ट से मिली जमानत

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 रायपुर। छत्तीसगढ़ में शराब घोटाला केस में फंसे अनवर ढेबर Anwar Dhebar को हाईकोर्ट ने जमानत दे दी है। ढेबर ने मेडिकल ग्राउंड के साथ ही केस के अन्य आरोपियों को मिली राहत को आधार बनाया था। इस पर जस्टिस अरविन्द वर्मा ने जमानत अर्जी स्वीकार कर ली है। 


इससे पहले इस केस में सुप्रीम कोर्ट Supreme Court से अन्य आरोपियों को पहले से ही राहत मिल चुकी है। ढेबर के वकील सौरभ दांगी ने मेडिकल ग्राउंड पर इलाज के लिए जमानत देने का आग्रह किया। साथ ही कहा कि अनवर को किडनी की बीमारी है और उन्हें यूरिन करने में दिक्कत हो रही है। सुनवाई के दौरान यह भी तर्क दिया गया कि ढेबर का इलाज चल रहा है, जिसके लिए अस्पताल जाने की जरूरत पड़ती है। जेल में गार्ड उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है, जिसके चलते इलाज नहीं हो पा रहा है।

केस की सुनवाई के दौरान ढेबर के एडवोकेट ने यह भी तर्क दिया कि EOW ने जिन्हें आरोपी बनाया है, उन सभी को कोर्ट से राहत मिली हुई है। इसी आधार पर अनवर ढेबर को भी जमानत देने का आग्रह किया गया। इस मामले की सुनवाई के बाद जस्टिस अरविन्द वर्मा की बेंच ने अनवर की जमानत अर्जी को स्वीकार कर लिया है।

 शराब घोटाला केस के अन्य आरोपियों ने EOW की FIR और कार्रवाई को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की है, जिस पर कोर्ट ने EOW को किसी भी तरह की कार्रवाई नहीं करने का आदेश दिया है। दरअसल, जेल में बंद आरोपी अनवर ढेबर ने लोअर कोर्ट से अंतरिम जमानत अर्जी खारिज होने के बाद हाईकोर्ट की शरण ली थी। ग्रीष्मकालीन अवकाश के बीच उनके वकील ने अंतरिम जमानत अर्जी पर जल्द सुनवाई का आग्रह किया था। इस पर जस्टिस पीपी साहू की सिंगल बेंच ने अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया था।


हर बार की तरह आपके विश्वास पर खरा उतरेगा यह बृजमोहन

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रायपुर :  रायपुर लोकसभा में जीत का कीर्तिमान रचने वाले नवनिर्वाचित सांसद एवं राज्य के शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल की आज विजय आभार रैली निकली।


इस दौरान शहर के विभिन्न सामाजिक एवं व्यापारिक संगठनों ने जगह-जगह पर  अग्रवाल का फूल मालाओं और पटाखों से स्वागत अभिनंदन किया। रामसागर पारा सहित कई स्थानों पर उन्हें लड्डुओं से तौला गया। 

भव्य आभार रैली के दौरान अपने संक्षिप्त उद्बोधनों में जनता के प्रति आभार व्यक्त करते हुए बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि मेरा सौभाग्य है कि रायपुर सहित छत्तीसगढ़ की संपूर्ण जनता का प्यार और आशीर्वाद पिछले 35 वर्षों से मुझ पर बना हुआ है। रायपुर शहर की जनता ने मुझे आठ बार विधानसभा तो रायपुर लोकसभा क्षेत्र की जनता ने लोकसभा मुझे भेजा है। इस बार मुझे जीत भी ऐसी दिलाई कि पूरे भारत में रायपुर का डंका बज गया है। उन्होंने कहा कि यह बृजमोहन अग्रवाल हर बार की तरह आपके विश्वास पर खरा उतरेगा और परिस्थितियों चाहे जैसी भी हो 24 घंटे सातों दिन आपकी सेवा में तत्पर रहेगा।


 अग्रवाल की विजय आभार रैली रावाभाठा बिरगांव स्थित मां बंजारी मंदिर में पूजा अर्चना के साथ प्रारंभ हुई। जो डीएम टावर उरकुरा, व्यास तालाब, विमल इन्क्लेव, भनपुरी चौक, शांता स्वीट्स, पाटीदार भवन, भनपुरी, खमतराई, गुढ़ियारी, DRM ऑफि, ओम काम्प्लेक्स, पीली बिल्डिंग, फाफाडीह ब्रिज के नीचे, फाफाडीह चौक, क्षत्रिय धर्मशाला, रेलवे स्टेशन, स्टेशन गुरुद्वारा, तेलघानी नाका, नेमीचंद गली, गंजमंडी, राठौर चौक, मान. बृजमोहन अग्रवाल जी के घर, सिन्धी स्कूल, दुलार धर्मशाला, ललिता चौक, मौमिनपारा मस्जिद, तात्यापारा चौक, आजाद चौक, आमापारा चौक, सारथी चौक, लाखे नगर चौक, लोहार चौक, लिली चौक, पुरानी बस्ती थाना, कंकाली तालाब, सत्ती बाजार, डॉ. आनंद सक्सेना, AT ज्वेलर्स, नहाटा मार्केट, कोतवाली, छोटा पारा, छोटा पारा मस्जिद, राजीव गांधी चौक (फायर ब्रिगेड), OCM चौक, आकाशवाणी चौक, कबीर चौक, सागौन बँगला, नेताजी चौक, कक्कड़ चौक, केनाल रोड, तारूसिंह चौक, गली नं. 7 छत्तीसगढ़ सिन्धी पंचायत, झुलेलाल मंदिर गली नं. 2, गुरुनानक हार्डवेयर, गुरुनानक द्वार, मरीन ड्राइव, भगत सिंह चौक, दिशा कॉलेज मोड़, अशोका टावर टर्निंग पॉइंट, शक्ति नगर राधा कृष्ण मंदिर के पास, लोधीपारा चौक, मंडी गेट, पंडरी कपड़ा मार्किट, एक्सप्रेसवे ब्रिज, श्याम प्लाजा, कचहरी चौक, शास्त्री चौक, जयस्तंभ चौक पहुंची जहां रैली का समापन हुआ।

बृजमोहन अग्रवाल की विजय आभार रैली में रायपुर पश्चिम के विधायक पूर्व मंत्री राजेश मूणत, रायपुर ग्रामीण की विधायक मोतीलाल साहू, पूर्व सांसद सुनील सोनी, पूर्व विधायक देवजी भाई पटेल सर्व अशोक बजाज, सुभाष तिवारी,राजीव अग्रवाल, केदार गुप्ता,मोहन एंटी,अमित साहू, मृत्युंजय दुबे,रमेश सिंह ठाकुर, मनोज वर्मा सहित हजारों की संख्या में भाजपा कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी एवं गणमान्य नागरिक मौजूद थे।

बलौदाबाजार जिले में अब शांति का वातावरण

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रायपुर। बलौदाबाजार के कलेक्टोरेट और एसपी कार्यालय में बीते दिनों हुई आगजनी की घटना के बाद अब जिले में शांति का वातावरण है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी दीपक सोनी के मार्गदर्शन में जिला कार्यालयों में अब दैनिक व शासकीय कार्यों का संचालन सुचारू रूप से होने लगा है। जिले के ग्रामीणों द्वारा भी अब जिला कार्यालयों में आकर अपनी समस्याओं व शासकीय कार्यों के आवेदन जमा किए जा रहे हैं। कलेक्टर सोनी के निर्देश पर आज 11 हितग्राहियों को उनकी मांग पर तत्काल राशनकार्ड जारी कर किया गया। वहीं दो दिनों में लोकसेवा केन्द्रों के माध्यम से 389 प्रकरणों का त्वरित निराकरण किया गया है।

बालौदाबाजार जिले के कलेक्टर दीपक सोनी ने आज यहां बताया कि जिले में कलेक्टोरेट (कम्पोजिट बिल्डिंग) में आगजनी की घटना के बाद एक ओर जहां रेस्टोरेशन के कार्यों में तेजी लाई गई है, वहीं दूसरी ओर दूर दराज से कामकाज के सिलसिले में ग्रामीण आवेदन लेकर जिला कार्यालय पहुंच रहे है। कलेक्टर ने बताया कि आज खाद्य शाखा में बड़ी संख्या में आवदेक राशन संबधित कार्यों के सिलसिले में पहुंचे थे। जिस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए 11 हितग्राहियों को नवीन राशन कार्ड एवं 8 हितग्राहियों को नवीनकरण राशन कार्ड प्रदान किया गया।

कलेक्टर सोनी ने इस दौरान ग्रामीणों का हालचाल पूछा और कामकाज के बारे में भी जानकारी ली। इस दौरान ग्रामीण कविता बाई ने महिला समूह से जुड़कर काम करने की इच्छा जताई जिस पर कलेक्टर सोनी ने कहा कि हम आने वाले दिनों में बिहान समूह का विस्तार करते हुए आजीविका गतिविधियों में तेजी लाएंगे और आपको समूह से जोड़कर आजीविका गतिविधियों से प्रशिक्षित भी करेंगे। 11 हितग्राहियों में विकासखंड कसडोल अंतर्गत ग्राम पिकरी से श्रीमती दुर्गेश्वरी यादव, छाछी से श्रीमती प्रीति साहू, सेल से श्रीमती गणेशी, बलौदाबाजार अंतर्गत भरसेला निवासी कुलेश्वरी, नगर से धनेश्वरी यादव, पूजा पटेल, कुंती यादव, लीलाबाई, आशा साय, रेशमा एवं मनीषा वर्मा, 8 नवीकरण राशन कार्ड हितग्राहियों में शहर बाई, प्रमिला बाई मानिकपुरी, कविता बाई, धरम बाई, शिवकुमारी, कौशल्या एवं प्रभा मानिकपुरी शामिल है। सभी ने प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया है।

इसी तरह ग्राम सुकलाभाठा एवं चिराही से पहुँचे कुमारी मीनाक्षी निषाद पिता शिव कुमार निषाद तथा वासु आज़ाद पिता रमेश आज़ाद आधार अपडेट हेतु लोक सेवा केन्द्र पहुंचे, जिस पर तत्काल उन्हें अपडेशन के साथ आधार कार्ड कलेक्टर द्वारा प्रदान किया गया। कलेक्टर ने लोगों से छोटे बच्चे जिनका आधार अपडेट 5 साल एवं 14 साल में होना है वह अपडेट अनिवार्य रूप नवीन आधार कार्ड अपग्रेड करने के लिए प्रेरित किया।

गौरतलब है कि कलेक्टर दीपक सोनी आज सुबह 10 बजे जिला कार्यालय पहुंचे। उन्होंने नियमित कामकाज करते हुए अधिकारियों की मैराथन बैठक लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। सोनी ने आमजनों से मुलाकात कर उनके आवेदनों को समय-सीमा में निराकरण करने के निर्देश संबधित अधिकारियों को दिए है।

 


छत्तीसगढ़ में होगी जियो-रेफ्रेंसिंग से ई-गिरदावरी

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में राजस्व प्रशासन को चुस्त-दुरूस्त करने का  काम शुरू कर दिया गया है। राज्य में अब डिजिटल क्रॉप सर्वे के लिए तैयारियां की जा रही हैं, इस सर्वे को अंजाम देने के लिए राजस्व विभाग द्वारा भूमि का जियो-रेफ्रेंसिंग का कार्य तेजी से चल रहा है। एक ओर जियो-रेफ्रेंसिंग से भूमि विवादों में कमी आएगी। वहीं दूसरी ओर फसलों की ई-गिरदावरी का कार्य आसान हो जाएगा।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य में सुशासन के लिए पारदर्शी और बेहतर प्रशासन के लिए शासकीय काम-काज में अधिक से अधिक आईटी का उपयोग करने के निर्देश सभी विभागों को दिए हैं। मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक में राजस्व अधिकारियों को भूमि के जियो-रेफ्रेंसिंग का कार्य तेजी से पूर्ण कराने के निर्देश दिए हैं।

भ्रष्टाचार की शिकायत पर होगी कार्यवाही

राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने बैठक में कहा कि ग्रामीणों और किसानों को नामांतरण, बटवारा, सीमांकन और व्यपवर्तन कार्य में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी जनता की दिक्कतों को पूरी संवदेनशीलता के साथ दूर करने के लिए तैयार रहें। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार की शिकायत पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने राजस्व विभाग के अधिकारी-कर्मचारी को अपनी कार्यशैली में बदलाव लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक सत्र को ध्यान रखते हुए सभी राजस्व अधिकारी सुनिश्चित करें कि बच्चों को आय और जाति प्रमाण पत्र के लिए भटकना न पड़ें।

भू-अभिलेख में त्रुटि सुधार के लिए अभियान चलेगा

राजस्व मंत्री वर्मा ने कहा कि अविवादित नामांतरण प्रकरणों के निराकरण में यह देखा गया है कि ऐसे प्रकरणों को बिना किसी कारण के अनावश्यक खारिज किया जा रहा है। ऐसे प्रकरणों पर नियमानुसार कार्यवाही की जाए। उन्होंने कहा कि किसानों के भू-अभिलेख में त्रुटि सुधार के लिए अभियान चलाया जाए, इसके लिए पंचायत स्तर पर आवेदन लेकर उसका निराकरण किया जाए। उन्होंने युवाओं को रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने के लिए राज्य के सभी जिलों में जिला स्तरीय खेल आयोजन के लिए मैदान का चिन्हांकन करने के निर्देश दिए।

राजस्व प्राप्ति बढ़ाने पर जोर

राजस्व मंत्री वर्मा ने कहा कि राज्य सरकार को विभिन्न स्त्रोतों से हो रही राजस्व प्राप्तियों में वृद्धि के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएं। राजस्व प्राप्तियां बढ़ाने के लिए पारदर्शिता और ईमानदारी से कार्य हो। डायवर्सन भूमि का लंबित शुल्क वसूली की जाए। अधिक राजस्व प्राप्तियों से ही विकास और जनकल्याणमूलक कार्यों को गति मिलेगी।

राजस्व मामलें के निराकरण के लिए ठोस रणनीति

समीक्षा बैठक में राजस्व विभाग के सचिव अविनाश चंपावत ने कहा कि राज्य में राजस्व संबंधी प्रकरणों के तेजी से निराकरण के लिए ठोस रणनीति बनाई जा रही है। संचालक रमेश शर्मा ने बताया कि भुइँया सॉफ्टवेयर में राजस्व रिकार्ड अद्यतन है। साथ ही जमीनों के स्थायी चिन्हांकन के लिए चांदा-मुनारा निर्माण करने का कार्य तेजी से किया जा रहा है।

 

प्रदेश की नई औद्योगिक नीति का पहला ड्राफ्ट 31 जुलाई तक होगा तैयार

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रायपुर। उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने प्रदेश की नवीन औद्योगिक नीति 2024-29 के पहले ड्राफ्ट को 31 जुलाई तक जारी करने के निर्देश विभाग के अधिकारियों को दिए हैं। नई औद्योगिक नीति के लिए उद्योग विभाग द्वारा लगातार अलग-अलग उद्योग संगठनों से विचार-विमर्श कर उनके अमूल्य सुझाव लिए जा रहे हैं, अब तक प्रदेश के 20 अलग-अलग उद्योग संघों से सुझाव लिए जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त गुजरात, महाराष्ट्र, ओडिसा, मध्यप्रदेश समेत अन्य प्रदेशों के उद्योग नीति पर स्टडी भी विभाग द्वारा की जा रही है। राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय निवेशकों और उद्योगपतियों को छत्तीसगढ़ में निवेश प्रोत्साहन बढ़ाने की दिशा में जोर दिया जा रहा है।

उद्योग मंत्री देवांगन ने अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं की नई औद्योगिक नीति में हर सेक्टर पर फोकस होना चाहिए। नए सेक्टर जैसे फार्मास्युटिकल, एग्रीकल्चर, टेक्सटाइल समेत अन्य सेक्टरों के उद्योग ज्यादा से ज्यादा लगें, ताकि रोजगार भी अधिक लोगों को मिले और प्रदेश में निवेश भी बढ़े। इन सेक्टरों के उद्योग लगने से प्रदूषण के बढ़ने की संभावना भी कम रहेगी।

नई औद्योगिक नीति के लिए इस मेल आईडी पर भेज सकते हैं सुझाव

उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने बताया की नई औद्योगिक नीति 2024-29 के लिए मेल आईडी ेनहहमेजपवदेण्ब्हपदकचवसपबल2024/हउंपसण्बवउ पर या फिर सीधे विभाग में अपने अमूल्य सुझाव दे सकते हैं।

उद्योग मंत्री स्वयं जाएंगे अन्य राज्य, उद्योग प्रतिनिधियों से लेंगे सुझाव

नई नीति के लिए उद्योग मंत्री देवांगन स्वयं अन्य राज्यों का दौरा कर वहां के उद्योग प्रतिनिधियों से मुलाकात कर सुझाव लेंगे। ताकि उन राज्यों के उद्योग नीति के अच्छे और प्रोत्साहन परक अनुदान मांगों पर अध्ययन परीक्षण किया जा सके। अभी हाल ही में मंत्री देवांगन ने नई दिल्ली में आईसीसी के प्रतिनिधियों से नई नीति हेतु विचार विमर्श किया था।

सभी मंत्रीगण और विभागों से भी लिए जाएंगे राय

प्रदेश की नई औद्योगिक नीति के लिए सभी विभागों और मंत्री गणों से विमर्श के पश्चात ही आगे 5 वर्षों के लिए नीति बनाई जाएगी। ताकि नीति में सभी विभागों का समावेश हो और हर सेक्टर में उद्योग लग सके।

 

मत्स्याखेट पर 16 जून से 15 अगस्त तक पूर्णतः प्रतिबंध

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रायपुर। राज्य शासन द्वारा वर्षा ऋतु में मछलियों की वंश वृद्धि (प्रजनन) को ध्यान में रखते हुए उन्हें संरक्षण देने हेतु राज्य में छत्तीसगढ़ नदीय मस्योद्योग अधिनियम 1972 के तहत 16 जून से 15 अगस्त 2024 तक की अवधि को बंद ऋतु (क्लोज सीजन) के रूप में घोषित किया गया है। अतएव प्रदेश के समस्त नदी-नालों तथा छोटी नदियों, सहायक नदियों में जिन पर सिंचाई के तालाब या जलाशय (बड़े या छोटे) जो निर्मित किए गए हैं में किये जा रहे केज कल्चर के अतिरिक्त सभी प्रकार का मत्स्याखेट 16 जून से 15 अगस्त 2023 तक पूर्णतः निषिद्ध रहेगा।

उक्त नियमों का उल्लंघन करने पर छत्तीसगढ़ राज्य मत्स्य क्षेत्र अधिनियम के अन्तर्गत अपराध सिद्ध होने पर एक वर्ष का कारावास अथवा 10 हजार रूपये का जुर्माना अथवा दोनों सजा एक साथ होने का प्रावधान है। उक्त नियम केवल छोटे तालाब या अन्य जल स्त्रोत जिनका संबंध किसी नदी नाले से नहीं है, के अतिरिक्त जलाशयों में किये जा रहे केज कल्चर में लागू नहीं होगा।

छत्तीसगढ़ में मनरेगा के अंतर्गत 4 साल का टूटा रिकार्ड

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ ने फिर से विकास की रफ्तार पकड़ ली है। इसी का परिणाम है कि छत्तीसगढ़ में मनरेगा के अंतर्गत 4 साल का रिकार्ड टूटा है। छत्तीसगढ़ में मनरेगा न सिर्फ मजदूरों को रोजगार के अवसर उपलब्ध करा रहा है बल्कि उनके जीवन में व्यापक बदलाव भी ला रहा है। छत्तीसगढ़ राज्य मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना) के क्रियान्वयन में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है।

वित्तीय वर्ष 2024-25 में माह अप्रैल में 2 करोड़ 57 लाख तथा माह मई में 3 करोड़ 15 लाख रोजगर सृजित हुआ इसप्रकार मई तक 5 करोड़ 82 लाख से अधिक मानव दिवस का रोजगार सृजन कर विगत चार वित्तीय वर्ष के माह अप्रैल और मई में हुए सृजित मानव दिवस का आंकड़ा प्राप्त कर नई उपलब्धि हासिल की है। वित्तीय वर्ष 2021-22 में मई माह तक 4 करोड़ 81 लाख, वर्ष 2022-23 में मई माह तक 1 करोड़ 19 लाख, वर्ष 2023-24 में मई माह तक 4 करोड़ 49 लाख तथा 2024-25 में मई माह तक 5 करोड़ 72 लाख रोजगार का सृजन हुआ है। मनरेगा अंतर्गत विगत 6 माह में 10 करोड़ 93 लाख मानव दिवस सृजित हुआ वही 1 लाख 73 हजार निर्माण कार्य पूर्ण हुआ।

प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में ग्रामीण क्षेत्रों में अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक आजीविका संवर्धन एवं रोजगार की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।  ग्रामीण श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने के साथ ही जल संरक्षण की दिशा में भी कार्य किए जा रहे हैं। अमृत सरोवर के निर्माण में प्रतिदिन लगभग 59 हजार से अधिक श्रमिकों को रोजगार मिल रहा है, जो देशभर  में  सर्वाधिक है। अमृत सरोवर के क्रियान्वयन में प्रदेश के कार्यों का केंद्र स्तर पर सराहना की गई है। आगामी चार वर्षों में 8966 ग्राम पंचायतों में अमृत सरोवर निर्माण करने का लक्ष्य रखा गया है। इस तरह राज्य के प्रत्येक ग्राम पंचायतों को इस योजना से लाभान्वित किया जा रहा है।

प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं मंत्री पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग विजय शर्मा ने बताया कि  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में नियद नेल्लानार योजनान्तर्गत  माओवाद प्रभावित ईलाके के  87 ग्रामों को चिन्हित कर मनरेगा योजना से वृहद पैमाने पर कार्यों की स्वीकृति कर नियमित रोजगार के अवसर मुहैया कराए जा रहे हैं,जिससे उक्त अंदरूनी क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर ग्रामीणों को रोजगार सुलभ हो रहा है। मनरेगा अंतर्गत वनाधिकार पट्टाधारी परिवारों को हितग्राहीमूलक कार्यों के माध्यम से जीवन स्तर को ऊंचा उठाने का सकारात्मक प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए प्रदेश स्तर से विभागीय अधिकारियों को नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में मनरेगा को रोजगार सृजन के साथ आजीविका संवर्धन हेतु  दूरगामी मंशा के अनुरूप कार्यान्वयन के लिए निरंतर प्रयास किया जा रहा है। इस दिशा में नियमित समीक्षा और राज्य स्तर से बेहतर क्रियान्वयन रणनीति का परिणाम है कि मनरेगा नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है।

 


आकांक्षी जिलों में रैंक सुधार के लिए समर्पण भावना से कार्य करें : नोडल अधिकारी छिब्बर

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के आकांक्षी जिले में हो रहे कार्यों की नीति आयोग द्वारा आज समीक्षा की गई। नीति आयोग नई दिल्ली से छत्तीसगढ़ के लिए राज्य नोडल अधिकारी श्रीमती निधि छिब्बर ने आकांक्षी जिलों के 20 विकासखण्डों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों और ब्लॉक फैलो से चर्चा की। उन्होंने कहा कि आकांक्षी जिलों के लिए तय किए गए सभी इंडीकेटर में रैंक सुधार के लिए समर्पण की भावना से काम करें।

राज्य नोडल अधिकारी श्रीमती छिब्बर ने कहा कि सरकार अपने नागरिकों के जीवन स्तर को ऊपर उठाने और सभी के समावेशी विकास सुनिश्चित करने हेतु प्रतिबद्ध है। आकांक्षी जिला कार्यक्रम का उद्देश्य विकास के दौर में पिछड़ चुके जिलों में समावेशी विकास सुनिश्चित हो सके। बैठक में उन्होंने स्वास्थ्य एवं पोषण, शिक्षा, कृषि एवं संबंधित सेवाएं, बेसिक इन्फ्रास्ट्रक्चर और सामाजिक विकास के सभी इंडीकेटर पर विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने कहा कि आकांक्षी जिलों के लिए तय किए गए सभी इंडीकेटर में रैंक सुधार के लिए समर्पण की भावना से काम करें। योजनाओं के क्रियान्वयन में यह देखा जाना चाहिए कि जमीनी स्तर पर योजनाओं का क्रियान्वयन कैसे हो रहा है। बैठक में उन्होंने बेसलाईन डाटा में किए गए सुधार और कार्यक्रम से जुड़े अन्य गतिविधियों की भी समीक्षा की।

श्रीमती छिब्बर ने कहा कि सतत विकास के लक्ष्य को स्थानीय बनाया जाए। बैठक में भारत नेट परियोजना की वर्तमान स्थिति एवं प्रगति की भी समीक्षा की गई। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बढ़ाने के संबंध में अधिकारियों को निर्देशित किया। व्यवस्थित ढंग से डाटा एंट्री के लिए ट्रेनिंग की पर्याप्त व्यवस्था के निर्देश दिए। इस मौके पर सभी ब्लॉक फैलो और मुख्य कार्यपालन अधिकारियों ने आकांक्षी जिलों में किए जा रहे कार्यों की प्रगति के संबंध में पावर प्वाइंट के माध्यम से अपना प्रेजेंटेशन भी दिया।

बैठक में नीति आयोग के सदस्य सचिव अनूप श्रीवास्तव, योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के सचिव अंकित आनंद, चिप्स के मुख्य कार्यपालन अधिकारी रितेश अग्रवाल, स्वास्थ्य विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग, कृषि, स्कूल शिक्षा एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

 

 

भू-जल में समस्या वाले गांवों में पेयजल के लिए मल्टी-विलेज योजना

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रायपुर। प्रदेश में भू-जल में समस्या वाले गांवों में पेयजल आपूर्ति के लिए जल जीवन मिशन के तहत मल्टी-विलेज योजना (Multi-Village Scheme) शुरू की जा रही है। खारे पानी, भू-जल में भारी तत्वों की मौजूदगी या जल स्तर के ज्यादा नीचे चले जाने की समस्या से जूझ रहे गांवों में इन योजनाओं के माध्यम से नदी का मीठा पानी पहुंचाया जाएगा। कुल 4527 करोड़ रुपए की लागत से राज्य के 18 जिलों में 71 मल्टी-विलेज योजनाओं का काम प्रारंभ हो चुका है।

इन योजनाओं के माध्यम से 3234 गांवों में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति की जाएगी। इन गांवों के दस लाख से अधिक घरों में पाइपलाइन के जरिए स्वच्छ व सुरक्षित पेयजल पहुंचाया जाएगा। उप मुख्यमंत्री तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री अरुण साव ने सभी मल्टी-विलेज योजनाओं में गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए सभी कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं, जिससे लोगों तक यथाशीघ्र साफ पेयजल पहुंच सके।

राज्य के अनेक जिलों में नलकूपों के गिरते हुए जल स्तर के कारण गर्मी के दिनों में पेयजल की समस्या आती है।  ऐसे गांवों में जल जीवन मिशन के अंतर्गत सिंगल-विलेज योजनाओं के लिए सफल पेयजल स्त्रोतों की कमी को देखते हुए सतही स्त्रोत पर आधारित मल्टी-विलेज योजनाएं बनाई गई हैं। राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन के माध्यम से प्रदेश में 71 मल्टी-विलेज योजनाओं की स्वीकृति दी गई है। उप मुख्यमंत्री अरुण साव के निर्देश पर सभी योजनाओं के अवयवों की ड्राइंग एवं डिजाइन की चेकिंग राष्ट्रीय स्तर पर सुविख्यात आई.आई.टी. एवं एन.आई.टी. (Indian Institute of Technology & National Institute of Technology) के माध्यम से कराए जा रहे हैं।

जल जीवन मिशन के तहत इन मल्टी-विलेज योजनाओं में स्थानीय नदी पर निर्मित एनीकट, बांध एवं नहर के पानी का उपयोग किया जाएगा। जल संग्रहण के लिए इन्टेकवेल तथा जल शुद्धिकरण के लिए वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण किया जा रहा है। योजना के अंतर्गत उच्च स्तरीय एम.बी.आर. (Master Balance Reservoir) भी बनाए जा रहे हैं। इन्टेकवेल से वाटर ट्रीटमेंट प्लांट तक डी.आई. पाइप रॉ वाटर पम्पिग मेन तथा ट्रीटमेंट प्लांट से एम.बी.आर. तक क्लियर वाटर पम्पिग मेन बिछाए जा रहे हैं। एम.बी.आर. के माध्यम से योजना से लाभान्वित होने वाले गांवों में निर्मित उच्च स्तरीय टंकियों तक पेयजल पहुंचाने के लिए डीआई/ओ-पी.वी.सी. पाइपलाइन भी बिछाए जा रहे हैं। इन योजनाओं का काम पूर्ण करने के लिए ठेकेदारों को 12 महीने का समय दिया गया है।

उप मुख्यमंत्री श्री साव के निर्देश पर कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और योजनाओं को समय-सीमा में पूर्ण कराने के लिए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के मुख्य अभियंता एवं अधीक्षण अभियंता तथा जल जीवन मिशन के वरिष्ठ अभियंताओं द्वारा कार्यस्थलों का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। इस दौरान योजनाओं में प्रयोग की जा रही सामग्रियों, उपकरणों एवं आर.सी.सी. के कार्यों में गुणवत्ता नियंत्रण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। मल्टी-विलेज योजनाओं में प्रयुक्त होने वाली सभी सामग्रियों एवं उपकरणों की गुणवत्ता की जांच (टेस्टिंग) के लिए थर्ड पार्टी इन्सपेक्सन (Third Party Inspection) भी कराए जा रहे हैं।

18 जिलों के 3234 गांवों को मिलेगा साफ पेयजल

जल जीवन मिशन के अंतर्गत मल्टी-विलेज योजनाओं के माध्यम से 18 जिलों के 3234 गांवों में जलापूर्ति की जाएगी। इनमें रायगढ़ जिले के 396, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही के 16, कोरबा के 245, जांजगीर-चांपा के 32, राजनांदगांव के 393, महासमुंद के 48, कबीरधाम के 31, गरियाबंद के नौ, बिलासपुर के 93, सूरजपुर के 413, मुंगेली के 240, दुर्ग के 201, बलौदाबाजार-भाटापारा के 192, बेमेतरा के 219, कोरिया के 292, बालोद के 148, सरगुजा के 190 और धमतरी जिले के 76 गांव शामिल हैं।

किस जिले में कितनी योजनाएं ?

जल जीवन मिशन के तहत प्रदेश भर में अभी कुल 71 मल्टी-विलेज योजनाएं मंजूर की गई हैं। इनमें सूरजपुर जिले की 11, कोरिया की दस, दुर्ग की सात, बलौदाबाजार-भाटापारा और रायगढ़ की छह-छह, बालोद, सरगुजा, राजनांदगांव और बिलासपुर की चार-चार, बेमेतरा की तीन, धमतरी, मुंगेली, कबीरधाम और जांजगीर-चांपा की दो-दो तथा गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, कोरबा, महासमुंद और गरियाबंद जिले की एक-एक योजनाएं शामिल हैं। इन योजनाओं से कुल दस लाख 445 परिवार लाभान्वित होंगे।

 

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