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कवर्धा में सराफा व्यापारी से बड़ी लूट, 15 किलो चांदी, सोना और डेढ़ लाख रुपये लेकर फरार हुए बदमाश

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 कवर्धा। छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में सराफा व्यापारी से लाखों रुपये के जेवरात और नकदी लूटने का मामला सामने आया है। जानकारी के मुताबिक, बाजार से लौट रहे व्यापारी को पल्सर बाइक सवार दो अज्ञात बदमाशों ने निशाना बनाया। आरोपी कथित तौर पर व्यापारी के पास मौजूद करीब 15 किलो चांदी, सोना और डेढ़ लाख रुपये नकद लूटकर फरार हो गए। घटना के बाद पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है। पुलिस और साइबर टीम आरोपियों की पहचान कर उनकी तलाश में जुटी हैं।


पल्सर बाइक से पहुंचे थे आरोपी

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, लूट की यह वारदात कवर्धा जिले के तरेगांव थाना क्षेत्र में हुई। व्यापारी बाजार से लौट रहा था, तभी बाइक सवार दो अज्ञात बदमाशों ने उसे निशाना बनाया। आरोपियों ने व्यापारी के पास रखे सोने-चांदी के जेवरात और नकदी लूट ली। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों मौके से फरार हो गए।

बताया जा रहा है कि लूटे गए सामान में करीब 15 किलो चांदी, सोना और डेढ़ लाख रुपये नकद शामिल हैं। लूटे गए सोने की मात्रा और कुल कीमत के संबंध में विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।

सीमावर्ती इलाकों में भी तलाश तेज

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपियों की तलाश तेज कर दी है। पुलिस और साइबर टीम संयुक्त रूप से मामले की जांच कर रही हैं। संदिग्धों की पहचान करने और उनके भागने के संभावित रास्तों का पता लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं। सीमावर्ती क्षेत्रों में भी निगरानी बढ़ाने के साथ संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की जांच की जा रही है।

व्यापारी ने रिपोर्ट दर्ज नहीं करने का लगाया आरोप

मामले में पीड़ित व्यापारी ने आरोप लगाया है कि रात के समय थाने में उसकी शिकायत दर्ज नहीं की गई। यह आरोप भी जांच का महत्वपूर्ण पहलू है। हालांकि, इस संबंध में पुलिस का आधिकारिक पक्ष और शिकायत दर्ज होने की स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।

फिलहाल आरोपियों की तलाश और लूटे गए सामान की बरामदगी पुलिस के सामने प्रमुख चुनौती है। पुलिस की आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद मामले से जुड़े अन्य तथ्यों का खुलासा हो सकेगा।

अजय चंद्राकर का कांग्रेस पर हमला: बोले- जनहित के मुद्दों से भटकी पार्टी, सुर्खियों में बने रहने के लिए कर रही बयानबाजी

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 रायपुर। दिल्ली में 1 नवंबर को प्रस्तावित कांग्रेस के प्रदर्शन को लेकर छत्तीसगढ़ में भाजपा और कांग्रेस के बीच सियासी घमासान तेज हो गया है। भाजपा के वरिष्ठ विधायक अजय चंद्राकर ने कांग्रेस के आंदोलन और पार्टी की रणनीति पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के पास अब ठोस राजनीतिक मुद्दों की कमी है और वह अनर्गल बयानबाजी के जरिए सुर्खियों में बने रहने की कोशिश कर रही है।


कांग्रेस की मौजूदा स्थिति पर उठाए सवाल

अजय चंद्राकर ने कहा कि कांग्रेस की स्थिति ऐसी हो गई है कि पार्टी को अब किसी पर भरोसा नहीं रह गया है। उनके मुताबिक, कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग के हलफनामों पर भी सवाल खड़े कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जनहित के मुद्दों पर प्रभावी भूमिका निभाने के बजाय कांग्रेस ऐसे विषयों को लेकर आंदोलन कर रही है, जिनका कोई ठोस आधार नहीं है।

चंद्राकर ने यह भी दावा किया कि दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर व्यापारी वर्ग में भी विरोध है। उन्होंने कांग्रेस की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि पार्टी की हालत अब क्षेत्रीय दल जैसी होती जा रही है।

मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान पर क्या बोले चंद्राकर?

भाजपा की ओर से सोशल मीडिया पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के पुराने बयान का संदर्भ दिए जाने के मामले पर भी अजय चंद्राकर ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि खड़गे की भाषा की देशभर में आलोचना हो चुकी है। हालांकि, चंद्राकर के मुताबिक, अब इस बयान को बार-बार दोहराने के बजाय इस विवाद को यहीं समाप्त कर देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को रोज राजनीतिक बहस का हिस्सा बनाने की जरूरत नहीं है। उनके अनुसार, यह इतना बड़ा विषय नहीं है कि इसे लगातार उछाला जाता रहे।

भिलाई में करोड़ों रुपये की नकदी मिलने पर भी साधा निशाना

भिलाई में करीब 4 करोड़ रुपये नकद पकड़े जाने के मामले को लेकर भी भाजपा विधायक ने कांग्रेस पर निशाना साधा। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज की टिप्पणी पर पलटवार करते हुए चंद्राकर ने कहा कि उन्हें इस मामले की वास्तविक जानकारी नहीं है।

उन्होंने सवाल उठाया कि बरामद रकम को नागपुर, दिल्ली या मुंबई ले जाए जाने की बात किस आधार पर कही जा रही है। चंद्राकर ने कांग्रेस से इस दावे के पीछे के तथ्यों को स्पष्ट करने की बात कही।

बयानबाजी कर चर्चा में रहने का लगाया आरोप

अजय चंद्राकर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के पास अब राजनीति करने के लिए ठोस तथ्य और मुद्दे नहीं बचे हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी जनहित से जुड़े विषयों से दूर होती जा रही है और अनर्गल बयान देकर चर्चा में बने रहने का प्रयास कर रही है।

भाजपा विधायक के इन बयानों के बाद दिल्ली में कांग्रेस के प्रस्तावित प्रदर्शन और छत्तीसगढ़ में भाजपा-कांग्रेस के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप को लेकर सियासी हलचल तेज होने के संकेत हैं।

महासमुंद में नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ के आरोपी व्याख्याता पर गिरी गाज, गिरफ्तारी के बाद निलंबित

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 महासमुंद। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ के आरोप में गिरफ्तार शासकीय स्कूल के व्याख्याता जीवन प्रसाद देवांगन को निलंबित कर दिया गया है। लोक शिक्षण संचालनालय, छत्तीसगढ़ के संचालक ने इस संबंध में आदेश जारी किया है। आरोपी व्याख्याता पर कक्षा 9वीं की छात्रा से छेड़छाड़ करने और स्कूल परिसर में शराब पीने के आरोप लगे हैं। प्रारंभिक जांच में शिकायत की पुष्टि होने के बाद विभाग ने कार्रवाई की है।


छात्रा से छेड़छाड़ और स्कूल में शराब पीने की शिकायत

मामला महासमुंद जिले के शासकीय हाई स्कूल अछोला का है। यहां पदस्थ व्याख्याता जीवन प्रसाद देवांगन के खिलाफ कक्षा 9वीं में पढ़ने वाली नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ करने की शिकायत सामने आई थी। इसके अलावा विद्यालय परिसर में शराब सेवन करने का आरोप भी लगाया गया था। शिकायत के बाद मामले की जांच की गई, जिसमें प्रारंभिक स्तर पर आरोपों की पुष्टि होने की बात सामने आई।


BNS और पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज है मामला

पुलिस ने आरोपी व्याख्याता के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 74 और 75(1) के साथ पॉक्सो एक्ट की धारा 8 एवं 10 के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपी को 10 अक्टूबर 2026 को गिरफ्तार किया गया था।

48 घंटे से अधिक न्यायिक अभिरक्षा में रहने पर कार्रवाई

विभागीय आदेश के मुताबिक, गिरफ्तारी के बाद आरोपी के 48 घंटे से अधिक समय तक न्यायिक अभिरक्षा में रहने के कारण उसे निलंबित किया गया है। निलंबन 10 अक्टूबर 2026 से प्रभावी माना जाएगा।

मामले में आरोपी के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई के साथ विभागीय स्तर पर भी कदम उठाया गया है। नाबालिग छात्रा से जुड़े मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।

आज की बड़ी खबरें | 28 अक्टूबर 2026 | छत्तीसगढ़ से देश-दुनिया तक | मॉर्निंग न्यूज़ बुलेटिन

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नमस्कार! प्रस्तुत है आज का विस्तृत समाचार बुलेटिन। इसमें छत्तीसगढ़ की प्रमुख खबरों के साथ देश-दुनिया, राजनीति, अर्थव्यवस्था, बैंकिंग, शेयर बाजार, रक्षा, विज्ञान-तकनीक, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, खेल और मनोरंजन की अहम खबरें शामिल हैं।

छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी खबरें

चक्रवात ‘अर्नब’ से छत्तीसगढ़ में बारिश का खतरा

ताजा समाचार रिपोर्टों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ का प्रभाव आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों से आगे बढ़ रहा है। इसके कारण छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है।

बस्तर संभाग में विशेष सतर्कता

  • सुकमा और आसपास के इलाकों में बादल छाने तथा ठंडी हवाएं चलने की खबर है।
  • सुकमा में 28 अक्टूबर को स्कूलों में छुट्टी घोषित किए जाने की सूचना है।
  • दंतेवाड़ा में भी विद्यार्थियों के लिए एक दिन की छुट्टी और आंगनबाड़ी केंद्रों को लेकर एहतियाती कदमों की रिपोर्ट है।
  • बाढ़ की आशंका वाले गांवों और निचले इलाकों पर प्रशासन की निगरानी बढ़ाई गई है।
  • बचाव दलों को सतर्क रखने और अस्थायी राहत केंद्र तैयार करने की जानकारी सामने आई है। 

आम लोगों के लिए क्या जरूरी है?

  1. मौसम विभाग और जिला प्रशासन की ताजा चेतावनियों पर नजर रखें।
  2. नदी, नाले और उफनते जलस्रोत पार करने से बचें।
  3. तेज हवा के दौरान पेड़ों, कमजोर दीवारों और बिजली के खंभों से दूर रहें।
  4. बाढ़ की आशंका वाले इलाकों में जरूरी दस्तावेज, दवाइयां और मोबाइल चार्ज रखने की व्यवस्था करें।
  5. स्कूल की छुट्टी संबंधी जानकारी अपने जिले के आधिकारिक आदेश से जरूर जांचें।

धान खरीदी 15 नवंबर से शुरू होने की खबर

छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए धान खरीदी का विषय महत्वपूर्ण बना हुआ है।

27 अक्टूबर की स्थानीय समाचार रिपोर्ट में प्रदेश में 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू होने की जानकारी दी गई है। 

किसानों को इन बातों पर ध्यान देना चाहिए:

  • धान बेचने के लिए पंजीयन और किसान संबंधी रिकॉर्ड की स्थिति जांचें।
  • अपने उपार्जन केंद्र की व्यवस्था और टोकन संबंधी निर्देशों की जानकारी लें।
  • खरीदी की तारीख, पात्रता, मात्रा और भुगतान संबंधी नियमों के लिए आधिकारिक आदेश देखें।
  • किसी अनजान व्यक्ति को भुगतान या पंजीयन के नाम पर पैसे न दें।

 रायपुर और दुर्ग में ईडी की कार्रवाई की खबर

स्थानीय समाचारों में रायपुर और दुर्ग में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी का उल्लेख किया गया है। 

हालांकि, उपलब्ध रिपोर्ट के आधार पर इस समय कार्रवाई से जुड़े सभी नाम, परिसर, कथित वित्तीय अनियमितताओं और बरामदगी के विवरण की पुष्टि नहीं की जा सकती।

नाबालिगों के खिलाफ अपराध के तीन मामले सामने आए

छत्तीसगढ़ के कांकेर, जांजगीर-चांपा और कोरबा से नाबालिग लड़कियों के खिलाफ कथित यौन अपराधों से संबंधित तीन मामलों की रिपोर्ट सामने आई है।

समाचार रिपोर्ट के मुताबिक, एक मामले में गिरफ्तारी हुई, दूसरे में पूछताछ के लिए एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया और तीसरे में तीन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। मामले जांच के अधीन हैं। 

किसानों के लिए बड़ी राहत: ₹3,100 प्रति क्विंटल पर धान खरीदी की रिपोर्ट

27 अक्टूबर की PTI-आधारित रिपोर्ट के अनुसार, राज्य सरकार ने खरीफ विपणन वर्ष 2026–27 के लिए 15 नवंबर से ₹3,100 प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी शुरू करने का निर्णय लिया है। रिपोर्ट में अधिकतम सीमा 21 क्विंटल प्रति एकड़ बताई गई है।

रिपोर्ट के मुताबिक:

  • लगभग 27.50 लाख किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
  • पिछले वर्ष पंजीकृत और AgriStack ID रखने वाले पात्र किसानों को दोबारा पंजीकरण से छूट देने की बात कही गई है।
  • राज्य में 360 नए खरीदी केंद्र खोलने की योजना बताई गई है, जिससे केंद्रों की संख्या लगभग 3,100 हो जाएगी।
  • डिजिटल क्रॉप सर्वे और बायोमेट्रिक व्यवस्था के जरिए खरीदी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने की बात कही गई है।

किसानों के लिए इसका क्या अर्थ है?

धान की बिक्री से ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नकदी का प्रवाह बढ़ सकता है। इससे कृषि उपकरण, खाद-बीज, घरेलू जरूरतों और पुराने कर्ज के भुगतान पर असर पड़ सकता है।

राजनांदगांव में फल प्रसंस्करण परियोजना की खबर

उपलब्ध समाचार रिपोर्ट में राजनांदगांव में लगभग ₹400 करोड़ की बहु-फल प्रसंस्करण सुविधा और करीब 6,000 रोजगार अवसरों का उल्लेख है। 

यदि परियोजना निर्धारित योजना के अनुसार आगे बढ़ती है, तो इसके संभावित लाभ होंगे:

  • किसानों को फलों के लिए वैकल्पिक बाजार।
  • खाद्य प्रसंस्करण और भंडारण में निवेश।
  • परिवहन, पैकेजिंग और लॉजिस्टिक्स में रोजगार।
  • कृषि उत्पादों की बर्बादी कम करने की संभावना।

 देश की बड़ी खबरें

संसद और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दे चर्चा में

देश में चुनावी प्रक्रिया, निर्वाचन आयोग की भूमिका और विधायी संस्थाओं के कामकाज को लेकर कई राजनीतिक और संस्थागत मुद्दे चर्चा में हैं।

28 अक्टूबर की सुबह उपलब्ध समाचारों के अनुसार, मुख्य निर्वाचन आयुक्त से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह संबंधित मुद्दों पर विचार कर रहा है। दूसरी ओर, कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग से संबंधित प्रस्तावित सार्वजनिक कार्यक्रम को लेकर दिल्ली पुलिस की अनुमति न मिलने पर आपत्ति जताई है। 

क्या देखना होगा?

  • सुप्रीम कोर्ट में मामले की अगली सुनवाई।
  • निर्वाचन आयोग और संबंधित पक्षों की दलीलें।
  • राजनीतिक दलों की आगे की रणनीति।

बिहार विधान परिषद चुनाव में जन सुराज को एक सीट

बिहार विधान परिषद की आठ सीटों के चुनाव से जुड़ी खबर में जन सुराज को एक सीट मिलने की जानकारी सामने आई है। इसी रिपोर्ट में सत्तारूढ़ NDA के पांच सीटों पर जीत की स्थिति में रहने और दो सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों के आगे रहने का उल्लेख है।

इस घटनाक्रम का राजनीतिक महत्व बिहार की बदलती चुनावी रणनीतियों और नए राजनीतिक दलों के प्रभाव को समझने में है।

दिल्ली में कृषि भूमि की सर्किल रेट बढ़ाने पर विचार

दिल्ली सरकार कृषि भूमि की सर्किल रेट बढ़ाने पर विचार कर रही है। समाचार रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ क्षेत्रों में दर ₹5 करोड़ प्रति एकड़ तक पहुंचाने का प्रस्ताव चर्चा में है। मौजूदा मूल्यांकन लंबे समय से, वर्ष 2008 से, अपरिवर्तित रहने की बात कही गई है। 

सर्किल रेट क्या है?

यह वह सरकारी न्यूनतम मूल्य है जिसका उपयोग संपत्ति के पंजीकरण और स्टांप शुल्क की गणना जैसे कार्यों में किया जाता है।

यदि दरें बढ़ती हैं, तो संभावित प्रभाव होंगे:

  • जमीन के पंजीकरण पर खर्च बढ़ सकता है।
  • कृषि भूमि के लेनदेन की लागत बदल सकती है।
  • जमीन के सरकारी मूल्यांकन और बाजार मूल्य के बीच अंतर कम या अधिक हो सकता है।

अरुणाचल प्रदेश में बांध परियोजना को लेकर विरोध

अरुणाचल प्रदेश की सियांग घाटी में प्रस्तावित बड़ी जलविद्युत परियोजना को लेकर विरोध और सुरक्षा व्यवस्था महत्वपूर्ण मुद्दा बना हुआ है।

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, प्रस्तावित लगभग 11,200 मेगावाट की सियांग अपर मल्टीपर्पज परियोजना के खिलाफ स्थानीय विरोध के बाद केंद्र ने क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए हैं। स्थानीय समुदायों को विस्थापन और पैतृक भूमि पर प्रभाव की आशंका है। 

इस विवाद के दो प्रमुख पक्ष हैं:

  • ऊर्जा और सुरक्षा: परियोजना को जलविद्युत उत्पादन और क्षेत्रीय रणनीतिक हितों से जोड़कर देखा जाता है।
  • स्थानीय समुदाय: प्रभावित गांवों के लोग अपनी भूमि, आजीविका, पर्यावरण और सांस्कृतिक विरासत को लेकर चिंतित हैं।

आगे की स्थिति इस बात पर निर्भर करेगी कि सरकार, स्थानीय समुदाय और संबंधित संस्थाएं संवाद तथा पर्यावरणीय आकलन की प्रक्रिया को किस तरह आगे बढ़ाती हैं।

शिक्षा व्यवस्था पर रटने की बजाय व्यावहारिक सीखने पर जोर

केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने शिक्षा में केवल अंकों पर केंद्रित दृष्टिकोण की आलोचना की है और अनुभव आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने की बात कही है। यह बयान 27 अक्टूबर की रात प्रकाशित समाचारों में सामने आया।

यह बहस स्कूलों और कॉलेजों के लिए महत्वपूर्ण है। परीक्षा के अंक जरूरी हैं, लेकिन विद्यार्थियों में समस्या समाधान, संवाद, रचनात्मकता और वास्तविक परिस्थितियों में ज्ञान का उपयोग करने की क्षमता विकसित करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

अर्थव्यवस्था, उद्योग और व्यापार

भारत की आर्थिक वृद्धि पर सकारात्मक अनुमान

पूर्व RBI गवर्नर और प्रधानमंत्री कार्यालय में प्रधान सचिव-2 शशिकांत दास ने कहा है कि भारत लगभग 8% आर्थिक वृद्धि के स्तर तक पहुंचने की स्थिति में है। उन्होंने नीतिगत स्थिरता और आयात पर निर्भरता कम करने वाले सुधारों को संभावित सहायक कारक बताया।

भारत की वृद्धि के आकलन में इन कारकों का महत्व रहेगा:

  • घरेलू खपत।
  • निजी निवेश और औद्योगिक उत्पादन।
  • सरकारी पूंजीगत व्यय।
  • निर्यात और आयात की स्थिति।
  • महंगाई और ब्याज दरें।
  • रोजगार सृजन तथा ग्रामीण मांग।

आम लोगों पर प्रभाव: मजबूत आर्थिक वृद्धि से रोजगार और आय के अवसर बढ़ सकते हैं, लेकिन इसका लाभ तभी व्यापक होगा जब उत्पादन के साथ रोजगार, मजदूरी और घरेलू मांग में भी सुधार हो।

जीएसटी पंजीकरण और कर अनुपालन आसान बनाने के कदम

केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) ने जीएसटी परिषद के निर्णयों को लागू करने के लिए कई विस्तृत परिपत्र जारी किए हैं। इनमें कर विवाद, अपील, कारण बताओ नोटिस और जीएसटी पंजीकरण जैसी प्रक्रियाओं को सरल बनाने पर ध्यान दिया गया है। 

संभावित लाभ:

  • पंजीकरण प्रक्रिया में स्पष्टता।
  • कर संबंधी विवादों में कमी की संभावना।
  • अपील और नोटिस की प्रक्रिया में सुधार।
  • व्यवसायों के लिए अनुपालन संबंधी अनिश्चितता कम होना।

बिक्री के बाद मिलने वाली छूट पर जीएसटी नियमों में बदलाव

आर्थिक समाचारों में बिक्री के बाद दी जाने वाली छूट से जुड़े जीएसटी नियमों को सरल बनाने की जानकारी भी सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, संबंधित बदलाव 1 नवंबर से लागू किए जाने की योजना है। 

भारत के इस्पात उद्योग के सामने नई चुनौती

भारत 2047 तक औद्योगिक क्षमता बढ़ाने की दिशा में इस्पात उत्पादन को महत्वपूर्ण मान रहा है। एक आर्थिक विश्लेषण में कोयले पर निर्भरता कम करने और हरित हाइड्रोजन के उपयोग की दिशा में बदलाव की जरूरत पर चर्चा की गई है। 

इस बदलाव का महत्व:

  • इस्पात उत्पादन में उत्सर्जन घटाने की संभावना।
  • आयातित कोकिंग कोल की कीमतों से होने वाले जोखिम कम करने की संभावना।
  • नई तकनीक और ऊर्जा अवसंरचना में निवेश।
  • उद्योग के लिए शुरुआती लागत और तकनीकी चुनौतियां।

भारत जैसे बड़े औद्योगिक देश के लिए चुनौती उत्पादन बढ़ाने और पर्यावरणीय प्रभाव कम करने के बीच संतुलन बनाने की है।

बैंकिंग, वित्त और आम आदमी की जेब

अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें आज एक महत्वपूर्ण संकेत हैं। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, 28 अक्टूबर को ब्रेंट क्रूड का वायदा भाव बढ़कर लगभग 115.36 डॉलर प्रति बैरल और अमेरिकी WTI का भाव लगभग 101.12 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया। रिपोर्ट में सऊदी अरब की तेल रिफाइनरी पर हमले के दावे और आपूर्ति संबंधी चिंताओं का उल्लेख है; हमले के विवरण की स्वतंत्र पुष्टि उस रिपोर्ट में नहीं थी। 

भारतीय अर्थव्यवस्था पर संभावित प्रभाव:

  • महंगा कच्चा तेल आयात बिल बढ़ा सकता है।
  • परिवहन और उत्पादन की लागत पर दबाव पड़ सकता है।
  • महंगाई और रुपये की स्थिति पर असर पड़ सकता है।
  • तेल विपणन कंपनियों और ऊर्जा क्षेत्र के शेयरों में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है।

दुनिया की बड़ी खबरें

इजरायल के चुनाव पर दुनिया की नजर

इजरायल में चुनाव के बाद राजनीतिक समीकरण बेहद महत्वपूर्ण बने हुए हैं।

28 अक्टूबर की सुबह प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के नेतृत्व वाले गठबंधन और विपक्षी गादी आइजेनकोट के खेमे के बीच सीटों के अनुमान में कड़ा मुकाबला दिखाई दे रहा है। उपलब्ध एग्जिट पोल में दोनों खेमों को 51-51 सीटों पर दिखाया गया। 

यह शुरुआती अनुमान है, अंतिम आधिकारिक परिणाम नहीं।

इस चुनाव पर दुनिया की नजर इसलिए है क्योंकि इजरायल की नई सरकार की नीतियां पश्चिम एशिया में युद्ध, अमेरिका के साथ संबंधों और क्षेत्रीय कूटनीति को प्रभावित कर सकती हैं।

 सऊदी अरब, ईरान, तुर्किये और पाकिस्तान के बीच बातचीत

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच सऊदी अरब, ईरान, तुर्किये और पाकिस्तान के अधिकारियों ने क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा पर बातचीत जारी रखने पर सहमति जताई है।

27 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक, तेहरान में हुई बातचीत के दौरान क्षेत्रीय सहयोग और तनाव को रोकने के उपायों पर चर्चा हुई। इसी बीच सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने हूती मिसाइलों और ड्रोन को रोकने का दावा किया। 

भारत के लिए इसका महत्व:

  • पश्चिम एशिया भारत की ऊर्जा जरूरतों के लिए महत्वपूर्ण है।
  • खाड़ी क्षेत्र में बड़ी संख्या में भारतीय काम करते हैं।
  • समुद्री व्यापार मार्गों में बाधा से माल ढुलाई महंगी हो सकती है।
  • लंबे समय तक संघर्ष रहने पर तेल की कीमतों और महंगाई पर दबाव बढ़ सकता है।

अमेरिका की इंडो-पैसिफिक नीति पर चर्चा

अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ की फिलीपींस में ASEAN देशों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक पर नजर है।

रॉयटर्स की 28 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार, बैठक में अमेरिका की इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के प्रति प्रतिबद्धता और चीन के बढ़ते प्रभाव जैसे मुद्दों पर सवाल उठ सकते हैं।

भारत के लिए यह क्षेत्र रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि समुद्री व्यापार, रक्षा सहयोग और क्षेत्रीय सुरक्षा का सीधा संबंध हिंद-प्रशांत की स्थिरता से है।

 ब्राजील की राजनीति में नया विवाद

ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा की चुनावी जीत के बाद अमेरिका और ब्राजील के संबंधों को लेकर चर्चा बढ़ी है।

मीडिया रिपोर्टों में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा चुनाव की वैधता पर सवाल उठाने और फ्लावियो बोल्सोनारो से संबंधित वीजा घटनाक्रम का उल्लेख है।

इस मामले का महत्व केवल ब्राजील की घरेलू राजनीति तक सीमित नहीं है। दोनों देशों के व्यापारिक संबंध, चीन के साथ उनके आर्थिक हित और लैटिन अमेरिका में अमेरिकी प्रभाव की रणनीति भी इससे प्रभावित हो सकती है।

रक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा

भारत की रक्षा खरीद में ₹2.12 लाख करोड़ के प्रस्ताव

भारत की रक्षा खरीद परिषद (DAC) ने सेना, नौसेना और वायुसेना के लिए लगभग ₹2.12 लाख करोड़ के रक्षा खरीद प्रस्तावों को मंजूरी दी है।

समाचार रिपोर्ट के मुताबिक, प्रस्तावित खरीद में लगभग 82% हिस्सा घरेलू स्रोतों से हासिल करने का लक्ष्य है। इसमें हेलीकॉप्टर, वायु रक्षा प्रणालियां, तोपखाना, रडार और ड्रोन-रोधी प्रणालियां जैसे क्षेत्र शामिल हैं

इसका क्या महत्व है?

  1. घरेलू रक्षा उत्पादन को बढ़ावा मिल सकता है।
  2. रक्षा उपकरणों के आयात पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है।
  3. भारतीय रक्षा कंपनियों के लिए संभावित व्यावसायिक अवसर बन सकते हैं।
  4. सेना की निगरानी, गतिशीलता और हवाई सुरक्षा क्षमताओं में सुधार हो सकता है।

अरुणाचल प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था

सियांग घाटी में बांध परियोजना के खिलाफ विरोध के बाद अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की खबर राष्ट्रीय सुरक्षा और स्थानीय अधिकारों के बीच संतुलन के सवाल को सामने लाती है।

सीमा के निकट बड़े बुनियादी ढांचे की परियोजनाएं ऊर्जा सुरक्षा के साथ रणनीतिक महत्व भी रख सकती हैं। लेकिन स्थानीय आबादी का विस्थापन, पर्यावरणीय प्रभाव और पारदर्शी संवाद भी महत्वपूर्ण हैं।

स्वास्थ्य और चिकित्सा

 चक्रवात और बारिश के संभावित प्रभाव को देखते हुए कुछ सावधानियां महत्वपूर्ण हैं।

बारिश और जलभराव के दौरान:

  • पीने का पानी सुरक्षित रखें।
  • बुखार, दस्त या उल्टी होने पर समय पर चिकित्सा सहायता लें।
  • मच्छरों से बचाव के लिए आसपास पानी जमा न होने दें।
  • जरूरी दवाइयां और प्राथमिक उपचार सामग्री उपलब्ध रखें।
  • बच्चों, बुजुर्गों और जरूरतमंद लोगों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दें।

विज्ञान, तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस

गणित, कंप्यूटर विज्ञान और भौतिकी में AI की चर्चा

27 अक्टूबर को प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, OpenAI ने गणित, कंप्यूटर विज्ञान और भौतिकी से जुड़े तीन शोध परिणामों की घोषणा की है। रिपोर्ट में दो गणितीय अनुमानों को हल करने और कंप्यूटर विज्ञान के एक महत्वपूर्ण प्रश्न को चुनौती देने से संबंधित दावों का उल्लेख है।

इन दावों का वैज्ञानिक महत्व इस बात पर निर्भर करेगा कि स्वतंत्र विशेषज्ञ शोध परिणामों की जांच और पुष्टि किस प्रकार करते हैं।

AI आधारित शोध के संभावित उपयोग:

  • जटिल गणितीय समस्याओं के समाधान में सहायता।
  • वैज्ञानिक प्रयोगों के लिए नए अनुमान विकसित करना।
  • शोधकर्ताओं के लिए डेटा विश्लेषण में तेजी।
  • कंप्यूटर विज्ञान की कठिन समस्याओं पर काम करने में सहायता।

तकनीक और रोजगार

AI के विकास के साथ डेटा विश्लेषण, सॉफ्टवेयर, साइबर सुरक्षा, इंजीनियरिंग और शोध के क्षेत्र में नए अवसर बन रहे हैं।

विद्यार्थियों के लिए केवल AI टूल चलाना सीखना पर्याप्त नहीं है। विषय का ज्ञान, आलोचनात्मक सोच, गणितीय समझ और परिणामों की जांच करने की क्षमता भी आवश्यक है।

शिक्षा और रोजगार

आज की खबरों में शिक्षा के क्षेत्र में अनुभव आधारित सीखने पर जोर देने का मुद्दा सामने आया है। 

विद्यार्थियों और नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए तीन बातें महत्वपूर्ण हैं:

  1. परीक्षा की तैयारी: आधिकारिक पाठ्यक्रम, परीक्षा तिथि और अधिसूचना को प्राथमिकता दें।
  2. कौशल विकास: कंप्यूटर, संचार, डेटा विश्लेषण और व्यावहारिक समस्या समाधान जैसे कौशल विकसित करें।
  3. नौकरी की प्रामाणिकता: आवेदन करने से पहले भर्ती संस्था की आधिकारिक वेबसाइट पर विज्ञापन और पात्रता जांचें।

खेल जगत की बड़ी खबर

अभिषेक शर्मा का तूफानी शतक, न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत की सीरीज जीत

28 अक्टूबर की सुबह प्रकाशित खेल रिपोर्ट के अनुसार, अभिषेक शर्मा ने न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे T20 अंतरराष्ट्रीय मैच में 38 गेंदों पर 113 रन बनाए। उन्होंने 35 गेंदों में शतक पूरा किया।

रिपोर्ट के मुताबिक, भारत ने न्यूजीलैंड के 199 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए 13.2 ओवर में जीत हासिल की। वैभव सूर्यवंशी ने भी 19 गेंदों में 45 रन बनाकर तेज शुरुआत में योगदान दिया। भारत ने तीन मैचों की सीरीज जीत ली। 

इस प्रदर्शन की खास बातें:

  • अभिषेक शर्मा ने आक्रामक बल्लेबाजी का शानदार प्रदर्शन किया।
  • 35 गेंदों में शतक पूरा करना उनकी पारी का प्रमुख आकर्षण रहा।
  • तेज रनगति के कारण भारत ने लक्ष्य जल्दी हासिल किया।
  • इस प्रदर्शन से टीम के T20 बल्लेबाजी विकल्पों को मजबूती मिलती है।

सिनेमा और मनोरंजन

मुंबई में अभिनेता टाइगर श्रॉफ से संबंधित फायरिंग मामले में पुलिस जांच की खबर सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने मामले में महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण कानून (MCOCA) के प्रावधान लागू किए हैं और संदिग्धों की तलाश जारी है। जांच के निष्कर्ष आने तक किसी की भूमिका को अंतिम रूप से स्थापित नहीं माना जाना चाहिए। 

 कानून और न्यायपालिका

देश में न्यायपालिका से जुड़े कई मुद्दे चर्चा में हैं।

जीएसटी विवाद और कर अपील

सरकार ने कर संबंधी नोटिस, अपील और विवादों की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए कई परिपत्र जारी किए हैं। इससे व्यापारियों और करदाताओं को प्रक्रियागत स्पष्टता मिलने की उम्मीद है।

मुख्य निर्वाचन आयुक्त से संबंधित मामला

निर्वाचन आयोग की भूमिका और मुख्य निर्वाचन आयुक्त से जुड़े मुद्दे पर न्यायिक प्रक्रिया जारी है।



प्रकृति के प्रति आस्था, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक परंपराओं का जीवंत प्रतीक है करम परब : मुख्यमंत्री साय

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 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर स्थित अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम परिसर में उरांव (सरना) आदिवासी विकास संघ, रायपुर द्वारा आयोजित करम पूजा परब 2026 में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने करम राजा की विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, खुशहाली और मंगलमय जीवन की कामना की। उन्होंने भारत माता के तैलचित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।


मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि करम परब हमारी समृद्ध जनजातीय संस्कृति, गौरवशाली परंपराओं और पूर्वजों की अमूल्य धरोहर है। यह पर्व प्रकृति के प्रति हमारी आस्था, प्रेम और सम्मान की भावना को अभिव्यक्त करता है। उन्होंने कहा कि हमारे पूर्वजों ने प्रकृति के साथ सामंजस्य बनाकर जीवन जीने की जो परंपरा विकसित की, वह आज भी हमारे समाज को महत्वपूर्ण संदेश देती है। करम परब इसी जीवनदर्शन का प्रतीक है, जो हमें प्रकृति के संरक्षण, सामाजिक एकता और सामूहिक जीवन के मूल्यों से जोड़ता है।


मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान उसकी समृद्ध जनजातीय संस्कृति, लोकपर्वों, परंपराओं और प्रकृति के साथ गहरे जुड़ाव से है। प्रदेश के विभिन्न जनजातीय समाजों ने अपनी विशिष्ट सांस्कृतिक परंपराओं को पीढ़ी-दर-पीढ़ी सहेजकर रखा है। करम परब भी ऐसी ही गौरवशाली परंपरा है, जिसमें प्रकृति के प्रति कृतज्ञता के साथ परिवार और समाज की सुख-समृद्धि की कामना की जाती है। यह पर्व हमें अपनी जड़ों से जुड़े रहने और आपसी प्रेम, भाईचारे तथा सद्भाव के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी संस्कृति और परंपराएं केवल उत्सव मनाने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि इनमें हमारे पूर्वजों का ज्ञान, जीवनमूल्य और समाज को एकजुट रखने की भावना समाहित है। इन परंपराओं को जीवंत बनाए रखना और भावी पीढ़ियों तक पहुंचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि आधुनिकता के साथ आगे बढ़ते हुए अपनी सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखना भी उतना ही आवश्यक है। जब हमारी नई पीढ़ी अपनी भाषा, लोकगीतों, लोकनृत्यों और पारंपरिक पर्वों से जुड़ी रहेगी, तभी हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत निरंतर आगे बढ़ेगी।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि करम परब जैसे आयोजन समाज के लोगों को एक मंच पर लाने के साथ आपसी संबंधों को मजबूत करते हैं। ऐसे अवसरों पर समाज के वरिष्ठजनों से नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं और रीति-रिवाजों को जानने-समझने का अवसर मिलता है। उन्होंने उरांव समाज द्वारा अपनी सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि समाज की सक्रिय सहभागिता से ही हमारी सांस्कृतिक विरासत आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रह सकेगी।

मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर रायपुर जिले के गनोद गांव में उरांव समाज के लिए 50 लाख रुपए की लागत से सामुदायिक भवन निर्माण की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस भवन के निर्माण से समाज को सामाजिक, सांस्कृतिक एवं सामुदायिक गतिविधियों के आयोजन के लिए बेहतर सुविधा उपलब्ध होगी। साथ ही समाज के लोगों को एकजुट होकर अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने में सहयोग मिलेगा।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की विविध जनजातीय परंपराएं प्रदेश की सांस्कृतिक समृद्धि का महत्वपूर्ण आधार हैं। इन परंपराओं में प्रकृति के प्रति सम्मान, सामूहिकता, परस्पर सहयोग और सामाजिक समरसता का सुंदर संदेश निहित है। उन्होंने कहा कि अपनी संस्कृति और परंपराओं पर गर्व करने के साथ उनका संरक्षण एवं संवर्धन करना हम सभी का नैतिक दायित्व है।

मुख्यमंत्री साय ने उपस्थित सभी लोगों को करम पूजा परब की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हमारी सांस्कृतिक विरासत ही हमारी पहचान और हमारी शक्ति है। यह पर्व सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली लेकर आए तथा समाज में प्रेम, एकता और भाईचारे की भावना निरंतर मजबूत होती रहे।

इस अवसर पर अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के पदाधिकारी, समाज के प्रमुख बिन्देश्वर भगत, उरांव (सरना) आदिवासी विकास संघ के पदाधिकारी, समाज के वरिष्ठजन, सदस्य एवं बड़ी संख्या में समाज के परिवारजन उपस्थित थे।

Cyclone Arnab: चक्रवात अर्नब का कहर, आंध्र प्रदेश में भारी बारिश और तेज हवाओं से तबाही; पेड़ उखड़े, बिजली सप्लाई ठप

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 विशाखापत्तनम। चक्रवात ‘अर्नब’ के प्रभाव से आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में मौसम ने गंभीर रूप ले लिया है। कई जिलों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हो रही है। तूफान के असर से जगह-जगह पेड़ उखड़ गए हैं, बिजली की लाइनें क्षतिग्रस्त हुई हैं और कई सड़कों पर जलभराव की स्थिति बन गई है। हालात को देखते हुए लोग घरों के अंदर रहने को मजबूर हैं। वहीं, बाढ़ के पानी में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए पुलिस और बचाव दलों को अभियान चलाना पड़ा है।


मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवात का केंद्र तट के नजदीक पहुंच गया है और इसके तटीय क्षेत्रों को पार करने की प्रक्रिया जारी रहने की संभावना जताई गई है। तूफान के कारण विशाखापत्तनम सहित कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। हालांकि, चक्रवात की वास्तविक स्थिति और इसके लैंडफॉल से जुड़ी जानकारी के लिए मौसम विभाग के आधिकारिक अपडेट पर नजर रखना जरूरी है।

150 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं हवाएं

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के मुताबिक, चक्रवात के प्रभाव से हवा की रफ्तार 135 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। कुछ स्थानों पर हवा की गति 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक होने की आशंका जताई गई है। तेज हवाओं के कारण कमजोर पेड़ों और बिजली के खंभों को नुकसान पहुंचने का खतरा बना हुआ है।

विशाखापत्तनम में AU कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग फॉर विमेन के पास तेज हवाओं के चलते एक पेड़ उखड़ गया। वहीं, कई अन्य स्थानों पर भी पेड़ गिरने से यातायात प्रभावित होने की खबरें सामने आई हैं।

विशाखापत्तनम समेत कई जिलों में भारी बारिश

चक्रवात के असर से अनाकापल्ली, विशाखापत्तनम, काकीनाडा और कोनासीमा जिलों के कई इलाकों में भारी बारिश दर्ज की गई। विशाखापत्तनम, काकीनाडा, कोनासीमा और पश्चिम गोदावरी के जिला प्रशासन ने भी तेज हवाओं और बारिश के कारण उत्पन्न परिस्थितियों की जानकारी दी है।

कई जगहों पर सड़कें पानी में डूब गई हैं। पेड़ गिरने और बिजली की लाइनें टूटने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ओडिशा के बालासोर और आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों में भी तूफान से नुकसान की खबरें सामने आई हैं।

गोपालपुर में समुद्र में उफान, तेज हवाओं से बढ़ी चिंता

चक्रवात के प्रभाव से ओडिशा के गंजाम जिले के गोपालपुर में समुद्र में उथल-पुथल देखी गई। यहां तेज हवाओं के साथ बारिश होने से तटीय इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। समुद्र के आसपास रहने वाले लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की जरूरत है।

काकीनाडा में बाढ़ के पानी में फंसे चार लोगों का रेस्क्यू

काकीनाडा जिले में भारी बारिश और समुद्र का पानी भरने से ‘बॉम्बे कट्टा’ इलाके में चार लोग बाढ़ के पानी के बीच फंस गए। बताया गया कि चारों लोग सुबह ड्यूटी पर पहुंचे थे, लेकिन रात तक जलभराव के कारण बाहर नहीं निकल सके। उनके चारों ओर पानी भर जाने से बाहर जाने का रास्ता बंद हो गया था।

स्थिति की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने बचाव अभियान चलाया और चारों लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद उन्हें वाहन से उनके घर भेज दिया गया।

काकीनाडा पोर्ट के गोदामों में भी फंसे कर्मचारी

चक्रवात के कारण काकीनाडा एंकोरेज पोर्ट स्थित CWC गोदामों में भी तीन लोगों के फंसे होने की सूचना मिली। भारी बारिश और समुद्र का पानी परिसर में घुसने से वहां बाढ़ जैसे हालात बन गए। इस दौरान बिजली आपूर्ति भी बाधित हो गई।

बताया गया कि रात की शिफ्ट में काम करने वाले कर्मचारी परिसर में पानी भर जाने के कारण बाहर नहीं निकल पा रहे थे। पुलिस के अनुसार, ऑपरेशन टीम और LPA के कर्मचारी भी वहां फंसे हुए थे। ऐसे में राहत एवं बचाव कार्य की जरूरत बढ़ गई।

प्रशासन की अपील: सुरक्षित स्थानों पर रहें

चक्रवात के प्रभाव को देखते हुए तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। तेज हवाओं, जलभराव और बिजली की क्षतिग्रस्त लाइनों के बीच बाहर निकलना जोखिम भरा हो सकता है। लोगों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की आधिकारिक सलाह का पालन करना चाहिए तथा आपात स्थिति में पुलिस और राहत दलों से संपर्क करना चाहिए।

छत्तीसगढ़ कैबिनेट के 19 बड़े फैसले: 15 नवंबर से धान खरीदी, 7.25 लाख परिवारों को बिजली बिल में राहत, सरकारी कर्मचारियों को कैशलेस इलाज

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां सिविल लाईन स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित कैबिनेट की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए -

1. मंत्रिपरिषद ने खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में छत्तीसगढ़ प्रदेश के किसानों से दिनांक 15 नवम्बर 2026 से धान खरीदी करने का निर्णय लिया है। उक्त अवधि में 27.50 लाख से अधिक किसानों से 3100 रूपये प्रति क्विंटल की दर से अधिकतम 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान की खरीदी की जावेगी। किसान हित में बड़ा फैसला लेते हुए एग्रीस्टेक आईडी युक्त विगत वर्ष के पंजीकृत सभी कृषकों को धान विक्रय हेतु मान्य किया है, इन किसानों को पृथक से पंजीयन की कोई आवश्यकता नहीं होगी। 

एग्रीस्टेक में पंजीयन होने के कारण किसानों को धान विक्रय हेतु पृथक से ऋण पुस्तिका समिति में लाने की आवश्यकता नहीं होगी। डिजिटल क्राप सर्वे के माध्यम धान के रकबे का ऑनलाईन निर्धारण डिजिटल रूप से सुनिश्चित हुआ है। वास्तविक किसानों से धान खरीदी सुनिश्चित करने हेतु बायोमैट्रिक आधारित धान की खरीदी की जावेगी। किसानों को बेहतर एवं सुगम व्यवस्था प्रदान किये जाने हेतु 360 नये उपार्जन केन्द्र प्रारंभ किये जा रहे हैं, फलस्वरूप इस वर्ष 3100 उपार्जन केन्द्रों के माध्यम से धान खरीदी सुश्चित की जायेगी। धान खरीदी हेतु समितियों में समुचित व्यवस्था किये जाने के निर्देश दिये गये है। 

मंत्रिपरिषद ने खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 एवं वर्ष 2025-26 में अतिशेष धान की धान की नीलामी के माध्यम से निराकरण करने के संबंध में मंत्रिमण्डलीय उपसमिति की बैठक के निर्णय का अनुसमर्थन किया है। 

2. मंत्रिपरिषद ने मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन अभियान (एम-ऊर्जा) योजना के अंतर्गत घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को 200 यूनिट तक बिजली बिल में दी जा रही रियायत को पूर्ववत जारी रखने का निर्णय लिया है। साथ ही, योजना का लाभ लेने के लिए 400 यूनिट तक मासिक विद्युत खपत की पात्रता अवधि को 30 सितंबर 2026 से बढ़ाकर 31 मार्च 2027 तक कर दिया गया है। इस निर्णय से लगभग 7.25 लाख घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को योजना के तहत बिजली बिल में मिल रही रियायत का लाभ निरंतर प्राप्त होता रहेगा।

3. छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद् ने बिटुमिन (डामर) की कीमतों में हुई असाधारण वृद्धि को देखते हुए छत्तीसगढ़ ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण के अंतर्गत संचालित तथा लोक निर्माण विभाग अंतर्गत राज्य वित्त पोषित सड़क निर्माण, नवीनीकरण एवं संधारण कार्यों के अनुबंधकों को मूल्य राहत (क्षतिपूर्ति) प्रदान करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।

इसके तहत 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 तक की अवधि में अनुबंधकों द्वारा वास्तव में क्रय एवं उपयोग की गई बिटुमिन की मात्रा पर छत्तीसगढ़ ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण के अंतर्गत संचालित कार्यों के लिए कुल 130.88 करोड़ रुपये की राहत राज्य शासन द्वारा बजट से अनुदान के रूप में दी जाएगी। वहीं, राज्य वित्त पोषित सड़क निर्माण, नवीनीकरण एवं संधारण कार्यों के ऐसे अनुबंध, जिनकी निविदाएं 1 अप्रैल 2026 से पूर्व प्राप्त हुई हैं, उनमें 15 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2026 तक क्रय कर उपयोग किए गए बिटुमिन पर भी मूल्य राहत प्रदान की जाएगी। इस पर लगभग 70 करोड़ से 100 करोड़ रुपये तक अतिरिक्त व्यय का अनुमान है।

इस निर्णय से डामरीकरण से संबंधित लंबित सड़क निर्माण कार्यों को गति मिलेगी और उन्हें निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने में सहायता मिलेगी। साथ ही, भारत सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति सुनिश्चित करने में भी मदद मिलेगी।

4. मंत्रिपरिषद ने राज्य के शासकीय सेवकों एवं उनके आश्रित परिवारजनों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू करने के महत्वपूर्ण प्रस्ताव को मंजूरी दी है। नई व्यवस्था के तहत शासकीय सेवकों को उपचार के समय अस्पताल में चिकित्सा व्यय का भुगतान स्वयं करने और बाद में प्रतिपूर्ति के लिए लंबी प्रक्रिया से गुजरने की आवश्यकता नहीं होगी। सूचीबद्ध अस्पतालों में उन्हें कैशलेस उपचार की सुविधा मिलेगी तथा पूर्व-अनुमोदन और दावों की प्रक्रिया ऑनलाइन एवं डिजिटल माध्यम से की जाएगी। इस निर्णय से विशेष रूप से गंभीर बीमारी और आपातकाल की स्थिति में शासकीय सेवकों एवं उनके परिवारों को तत्काल उपचार के साथ बड़ी आर्थिक राहत मिलेगी।

5. मंत्रिपरिषद ने प्रदेश में अधोसंरचना विकास की योजना, परियोजना तैयारी, गुणवत्ता, निगरानी और संधारण की व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं आधुनिक बनाने के लिए ‘मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन-2026’ के प्रारूप (मिशन गाइडलाइन्स) को मंजूरी प्रदान की है। मिशन वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक पांच वर्षों के लिए संचालित होगा, जिसके लिए कुल 500 करोड़ रूपए, अर्थात 100 करोड़ रूपए प्रतिवर्ष का प्रावधान प्रस्तावित है। 

लोक निर्माण विभाग इसका नोडल विभाग तथा छत्तीसगढ़ रोड एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पाेरेशन लिमिटेड (CGRIDCL) क्रियान्वयन एजेंसी होगी।

मिशन के तहत प्रदेश का सड़क नेटवर्क मास्टर प्लान तैयार करने, अधोसंरचना की आवश्यकताओं का डेटा आधारित आकलन, परियोजनाओं के सर्वेक्षण एवं DPR की अग्रिम तैयारी, WAMISऔर ई-माप पुस्तिका के माध्यम से कार्यों का डिजिटलीकरण, GIS आधारित समेकित नियोजन, गुणवत्ता एवं सड़क सुरक्षा ऑडिट तथा PPP और नवीन वित्तीय मॉडल को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इससे परियोजनाओं की प्राथमिकता वस्तुनिष्ठ आधार पर तय होगी, निविदा से पहले आवश्यक तैयारियां पूरी होने से समय और लागत में होने वाली वृद्धि को कम करने, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुधारने तथा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में मदद मिलेगी। मिशन को लागू करने से संबंधित आवश्यक कार्यवाही के लिए लोक निर्माण विभाग को अधिकृत किया गया है।

6. मंत्रिपरिषद ने प्रदेश में पर्यटन के समग्र विकास के लिए ‘मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन’ को मंजूरी प्रदान की है। ‘पर्यटन से समृद्धि’ के ध्येय के साथ मिशन का संचालन अगले 5 वर्षों तक किया जाएगा, जिसके लिए लगभग 500 करोड़ रूपए का प्रावधान प्रस्तावित है। मिशन के माध्यम से पर्यटन स्थलों पर बेहतर अधोसंरचना, कनेक्टिविटी, सुविधाएं, सुरक्षा एवं स्वच्छता विकसित करने के साथ होमस्टे, निजी निवेश और पर्यटन उद्यमिता को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे जहां स्थानीय युवाओं, महिलाओं और स्व-सहायता समूहों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे वहीं छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान मिलेगी।

7. मंत्रिपरिषद् ने विशुद्ध रूप से राजनीतिक आंदोलनों से संबंधित 9 प्रकरणों को जनहित में न्यायालय से वापस लिये जाने के लिए उपसमिति की 30 सितंबर 2026 की बैठक में की गई अनुशंसा के अनुसार आगामी कार्यवाही की अनुमति प्रदान की है।

8. मंत्रिपरिषद् ने रायपुर जिले की नगर पंचायत कूंरा का नाम बदलकर कुंवरगढ़ करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी है। छत्तीसगढ़ के 36 गढ़ों में शामिल कुंवरगढ़ अपने प्राचीन मंदिरों, ऐतिहासिक धरोहरों और तालाबों के लिए जाना जाता है। समय के साथ इसका नाम कूंरा प्रचलित हो गया था। स्थानीय नागरिक लंबे समय से नगर पंचायत को उसकी ऐतिहासिक पहचान कुंवरगढ़ के नाम से पुनः पहचान दिलाने की मांग कर रहे थे, जिस पर मंत्रिपरिषद द्वारा यह निर्णय लिया गया है। 

9. मंत्रिपरिषद ने औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में संशोधन को मंजूरी प्रदान की है। इसके तहत राज्य के विशाल कोयला भंडार के मूल्यवर्धित उपयोग और आयात प्रतिस्थापन को बढ़ावा देने के लिए 1,000 करोड़ रूपए अथवा उससे अधिक निवेश वाली कोल गैसीफिकेशन परियोजनाओं के लिए विशेष प्रोत्साहन पैकेज का प्रावधान किया गया है। 

10. मंत्रिपरिषद ने 295 किलोमीटर लंबी कटघोरा-तखतपुर-मुंगेली-कवर्धा-खैरागढ़-डोंगरगढ़ रेल परियोजना के त्वरित क्रियान्वयन के लिए शत-प्रतिशत इक्विटी निवेश छत्तीसगढ़ रेलवे कॉर्पाेरेशन लिमिटेड (CRCL) के माध्यम से किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। 

लगभग 8,000 करोड़ रूपए की अनुमानित लागत वाली इस परियोजना में 25 प्रतिशत, यानी करीब 2,000 करोड़ रूपए की अंशपूंजी होगी, जिसमें छत्तीसगढ़ शासन और रेल मंत्रालय द्वारा लगभग 1,000-1,000 करोड़ रूपए का योगदान दिया जाएगा। राज्य शासन की हिस्सेदारी मिनरल डेवलपमेंट फंड/डीएमएफ/राज्य बजट के माध्यम से वहन की जाएगी। इस रेल परियोजना से रेल सुविधा से वंचित क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी तथा उद्योग, पर्यटन, रोजगार और कृषि उपज के लिए नए बाजारों तक पहुंच का विस्तार होगा।

11. मंत्रिपरिषद ने रिडेवलपमेंट योजना के द्वितीय चरण में 5 परियोजनाओं को सैद्धांतिक मंजूरी प्रदान की है। इसके अंतर्गत शासकीय पोल्ट्री फार्म-दुर्ग, वेटनरी हॉस्पिटल कैम्पस रामानुजगंज, जशपुर में पुलिस लाइन एवं रणजीता स्टेडियम के पीछे की भूमि, सक्ती के बुधवारी बाजार तथा धमतरी के रुद्री चौक की शासकीय भूमि एवं जर्जर परिसंपत्तियों का सुनियोजित पुनर्विकास किया जाएगा। परियोजनाओं का क्रियान्वयन पीपीपी मॉडल पर निजी क्षेत्र की भागीदारी से किया जाएगा, जिससे राज्य शासन पर अतिरिक्त वित्तीय भार डाले बिना नई शासकीय परिसंपत्तियों का निर्माण, भूमि का बेहतर उपयोग, राजस्व में वृद्धि तथा रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

12. मंत्रिपरिषद ने राजनांदगांव जिले में भंडारण सुविधा के विकास के लिए केंद्रीय भंडारण निगम (CWC) को ग्राम खपरीकला में 10 एकड़ भूमि आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की है। यह भूमि निर्धारित गाइडलाइन दर के अनुसार बाजार मूल्य के 75 प्रतिशत प्रब्याजि, वार्षिक भू-भाटक तथा निर्धारित अधोसंरचना एवं पर्यावरण उपकर लेकर आवंटित की जाएगी। इस निर्णय से जिले में भंडारण अधोसंरचना का विस्तार होगा और कृषि उपज सहित अन्य वस्तुओं के सुरक्षित भंडारण की क्षमता बढ़ेगी।

13. मंत्रिपरिषद ने राजनांदगांव जिले के ग्राम सोमनी में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) के माध्यम से मल्टी फ्रूट प्रोसेसिंग फैसिलिटी की स्थापना के लिए कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग को राजगामी संपदा की 31.55 एकड़ भूमि आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की है। लगभग 400 करोड़ रूपए के प्रस्तावित निवेश वाली इस परियोजना में किसानों से सीधे उपज की खरीदी की व्यवस्था विकसित की जाएगी। परियोजना से 1,000 से अधिक प्रत्यक्ष और 5,000 से अधिक अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे तथा फल उत्पादक किसानों को उनकी उपज के प्रसंस्करण और विपणन के लिए बेहतर सुविधाएं एवं बाजार उपलब्ध हो सकेगा।

14. मंत्रिपरिषद ने सुशासन एवं अभिसरण विभाग के विभागाध्यक्ष कार्यालय के लिए 3 नए पदों के सृजन को मंजूरी प्रदान की है। इनमें आयुक्त/संचालक का एक पद, अपर संचालक का एक पद तथा विशेषज्ञ (अपर संचालक स्तर) का एक पद शामिल है। इन पदों के सृजन से विभाग को प्रभावी प्रशासनिक नेतृत्व, बेहतर समन्वय एवं पर्यवेक्षण के साथ लोक प्रशासन और विधि संबंधी विषयों में विशेषज्ञता मिलेगी तथा सुशासन से जुड़ी नीतिगत एवं सुधारात्मक पहलों के प्रभावी क्रियान्वयन को गति मिलेगी।

15. मंत्रिपरिषद् ने वन मुख्यालय (विभागाध्यक्ष कार्यालय), अरण्य भवन, नवा रायपुर में विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी (पे-लेवल-16) का एक अस्थायी पद एक वर्ष के लिए सृजित करने की स्वीकृति दी है। इससे पीएम गति-शक्ति, प्रगति एवं परिवेश पोर्टल से जुड़े कार्यों के त्वरित निष्पादन, समन्वय और पर्यवेक्षण में मदद मिलेगी।

16. मंत्रिपरिषद ने स्वर्गीय डॉ. राकेश मोहन चंदोला, सह प्राध्यापक, चिकित्सा महाविद्यालय रायपुर के 19 अक्टूबर 1987 से 7 जनवरी 2022 तक की सेवा को परिवार पेंशन के प्रयोजन के लिए नियमित सेवा मानने का निर्णय लिया है। इसके आधार पर उनके पात्र परिवारजन को परिवार पेंशन, एरियर्स तथा नियमानुसार ब्याज के भुगतान की स्वीकृति प्रदान की गई है।

17. मंत्रिपरिषद द्वारा मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन के प्रारूप की स्वीकृति प्रदान की गई। मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन के अंतर्गत प्रतिभा पहचान से लेकर पदक प्राप्ति तक खिलाड़ियों के विकास की क्रमबद्ध व्यवस्था प्रस्तावित है। इसके लिए वर्ष 2026-27 में 100 करोड़ रूपए का बजट प्रावधान किया गया है। विद्यालयों एवं चयन शिविरों के माध्यम से टैलेंट हंट और मुख्यमंत्री ट्रॉफी आयोजित कर प्रतिभाओं की पहचान की जाएगी तथा उन्हें AMS में पंजीकृत किया जाएगा। इसके बाद फीडर सेंटरों में बुनियादी प्रशिक्षण, राज्य खेल अकादमियों में खेल-विशिष्ट उन्नत प्रशिक्षण और उच्च प्रदर्शन केंद्रों में विशेषज्ञ कोचिंग, स्पोर्ट्स साइंस एवं प्रदर्शन विश्लेषण की सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएँगी। 10 मुख्य खेल विधाओं में कोर एवं डेवलपमेंट समूह बनाकर पदक संभावित खिलाड़ियों को लक्षित सहायता और एक्सपोज़र दिया जाएगा। प्रतियोगिता परिणाम एवं निर्धारित प्रदर्शन मानकों के आधार पर खिलाड़ियों की प्रगति और सहायता की नियमित समीक्षा होगी। प्रथम चरण में अंबिकापुर, बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग, जगदलपुर और जशपुर में फीडर सेंटर की स्थापना की जाएगी। नीति के तहत विभिन्न घटकों के एकीकृत क्रियान्वयन से सुदृढ़ खेल पारिस्थितिकी तंत्र विकसित होगा और खिलाड़ियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए तैयार किया जा सकेगा।

18. मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ औद्योगिक भूमि एवं भवन प्रबंधन नियम, 2015 में संशोधन किया गया है। इससे भूमि उपयोग सरलीकरण एवं भू-खण्ड सुगमता की पूर्ति होगी। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को प्रोत्साहन मिलेगा। औद्योगिक भूमि एवं भवन संबंधी विवादों में कमी आएगी और रिक्त अथवा अतिशेष भूमि का उत्पादक उपयोग एवं पारदर्शी ई-नीलामी से आबंटन सुनिश्चित होगा।

19. मंत्रिपरिषद् ने खरीफ-2026 में “कृषक उन्नति योजना” के संशोधन संबंधी कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग के प्रस्ताव का अनुमोदन किया। किसानों से 3100 रूपए प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीदी की जाएगी।

कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत धान फसल पर आदान सहायता राशि प्रति क्विंटल के स्थान पर प्रति एकड़ के मान से प्रदान करने का निर्णय लिया गया। इससे किसानों को प्रोत्साहन मिलेगा। इससे फसल विविधीकरण, किसानों की आय तथा उनके सामाजिक-आर्थिक स्तर में सुधार होगा। साथ ही उन्नत बीज, उर्वरक, कीटनाशक, कृषि यंत्रीकरण और नवीन कृषि तकनीकों में निवेश को बढ़ावा मिलेगा। 

संकुल समन्वयक हरीश दीवान के जन्मदिन पर स्कूलों में उमड़ा उत्साह, बच्चों के साथ मनाया ‘न्योता भोज’

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आरंग- संकुल केंद्र खमतराई के अंतर्गत आने वाले शासकीय विद्यालयों में संकुल समन्वयक हरीश दीवान का जन्मदिन अनूठे, आत्मीय और प्रेरणादायी अंदाज में मनाया गया। इस अवसर पर ‘आओ खुशियां बांटें’ पहल के अंतर्गत विभिन्न विद्यालयों में ‘न्योता भोज’ का आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों के साथ खुशियां साझा कर जन्मदिन को यादगार बनाया गया।

कार्यक्रम के तहत शासकीय प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक एवं हाई स्कूल खमतराई सहित प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालय भौथली तथा शासकीय प्राथमिक विद्यालय कलई और गुखेरा में बच्चों के लिए विशेष भोज का आयोजन किया गया। इस दौरान संकुल समन्वयक हरीश दीवान स्वयं बच्चों के बीच पहुंचे और उन्हें चॉकलेट वितरित की। उन्होंने अपने हाथों से बच्चों को गर्मागर्म खीर, पूड़ी और भजिया परोसा। बच्चों के चेहरों पर खिली मुस्कान और उत्साह ने पूरे वातावरण को खुशियों से भर दिया।

बच्चों के साथ खुशियां बांटना सबसे बड़ा उपहार : हरीश दीवान

बच्चों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए हरीश दीवान ने कहा कि बच्चों के साथ खुशियां बांटने से बड़ा कोई उपहार नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आपसी अपनत्व, अच्छे संस्कार और सामाजिक समरसता की नींव भी है।

उन्होंने कहा, “विद्यालय हमारा परिवार है और ये बच्चे हमारा भविष्य हैं। जब शिक्षक और समाज मिलकर इस तरह के आयोजनों में सहभागिता करते हैं, तो बच्चों का विद्यालय के प्रति आकर्षण और जुड़ाव बढ़ता है। ऐसे आयोजन बच्चों के मन में अपनत्व की भावना विकसित करने के साथ उन्हें खुशियां बांटने और मिल-जुलकर रहने की प्रेरणा भी देते हैं।”

उन्होंने सभी शिक्षकों से बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए समर्पित भाव से कार्य करने तथा विद्यालयों में सकारात्मक और आनंदमय शैक्षणिक वातावरण बनाने का आह्वान किया।

शिक्षकों और ग्रामीणों ने की पहल की सराहना

इस आयोजन में संबंधित विद्यालयों के प्रधान पाठकों, संकुल के शिक्षक-शिक्षिकाओं और ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई। उपस्थित लोगों ने संकुल समन्वयक हरीश दीवान को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए बच्चों के साथ खुशियां साझा करने की इस पहल की सराहना की।

कार्यक्रम में सी.एल. एनेस्वरी, नरसिंह दास मानिकपुरी, लक्षण लहरी, अरविंद वैष्णव, तारामती बंजारे, कृष्णकांत साहू, तारकेश्वर डडसेना, पुनेश्वर साहू, लायक सिंह डहरिया, सीमा राठौर, बबीता लहरे, हेमा बंजारे, सौरभ साहू, भूषण जलछत्री, कोमल सिंह राठौर सहित अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।

संकुल केंद्र खमतराई में आयोजित यह पहल इस बात का संदेश देती है कि जन्मदिन जैसे व्यक्तिगत अवसर को भी सामाजिक सरोकार से जोड़कर बच्चों के जीवन में खुशियां, अपनत्व और सकारात्मकता लाई जा सकती है।


शिक्षक की पहल से बदल रही है स्कूल की तस्वीर, जनभागीदारी से बन रहा भव्य स्वागत द्वार

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आरंग- 'जहाँ चाह, वहाँ राह' इसे चरितार्थ कर दिखाया है एक नवाचारी शिक्षक ने। शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला चरौदा के शिक्षक महेंद्र कुमार पटेल की पहल पर जनभागीदारी से स्कूल का भव्य प्रवेश द्वार तैयार हो रहा है।महेंद्र पटेल बताते हैं- प्रतिदिन विद्यालय आते-जाते समय भिलाई के सीआरपीएफ कैंप का भव्य प्रवेश द्वार उन्हें आकर्षित करता था। उनके मन में विचार आया कि विद्यालय का द्वार भी ऐसा ही भव्य होना चाहिए, जिससे बच्चे सकारात्मक ऊर्जा के साथ परिसर में प्रवेश करें।उनका कहना है कि विद्यालय विद्या का मंदिर है। जैसे मंदिर में प्रवेश करते ही आस्था जागती है, वैसे ही स्कूल में प्रवेश करते ही विद्या अर्जन की प्रेरणा और गुरुजनों के प्रति विश्वास सुदृढ़ होना चाहिए।

शिक्षक पटेल ने जब भव्य द्वार का प्रस्ताव शाला प्रबंधन समिति की बैठक में रखा और स्वयं अंशदान की पहल की, तो उनकी निष्ठा से प्रभावित होकर पूरा गांव एकजुट हो गया। सरपंच, पंच, पालकों और महिला संगठनों ने उदारतापूर्वक सहयोग दिया। देखते ही देखते जनसहयोग से हजारों रुपये एकत्र हो गए। करीब डेढ़ लाख रुपये की लागत से बिना किसी शासकीय सहयोग के यह द्वार आकार लेने लगा।

पटेल कहते हैं कि छत्तीसगढ़ दानवीरों की धरती है। यहाँ पूर्वजों ने स्वधन से तालाब, कुएं, बाग-बगीचे बनाए हैं। हर कार्य के लिए सरकार पर निर्भर रहना उचित नहीं। सभी नागरिक धार्मिक स्थलों के साथ साथ शिक्षा के मंदिर को संवारना भी अपना धर्म समझे। हर विद्यालय में प्रेरणादायक कोटेशन के साथ ऐसा स्वागत द्वार होना चाहिए।

उल्लेखनीय है कि महेंद्र पटेल अब तक सामाजिक और जनसरोकार के कार्यों के लिए जनभागीदारी से लाखों रुपये जुटा चुके हैं। इन नवाचारों के लिए उन्हें इस वर्ष राज्य शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उन्होंने पुरस्कार में मिले राशि को भी स्वागत द्वार में लगा दिया।

इस कार्य में संस्था प्रधान कीर्ति कुमार परमाल, शिक्षक सूर्यकांत चंद्राकर, दीनदयाल धीवर, डिलेश्वर साहू, सुशील आवड़े, जितेन्द्र यदु, शिक्षिका संगीता पाटले, पायल शुक्ला, पार्वती साहू, प्रभा साहू का सहयोग रहा।

वहीं मिशन में सरपंच देवशरण धीवर, उपसरपंच रवि बंजारे, एसएमसी अध्यक्ष चेतन पैगंबर, शिक्षाविद सकुन चंद्राकर, प्रेमलाल साहू, देवनाथ बंजारी, कन्हैया धीवर, दीपक फरिकार, संतोष कोसरिया, अमित साहू, मनीराम तारक, रेखराज धीवर, लक्ष्मण साहू, राजू साहू, राजा सेन, टीकम धीवर, हेमाराम परमार, दिलीप धीवर, पूर्णिमा धीवर, इंद्राणी महिला समूह, लक्ष्मी साहू, टुकेश धीवर सहित ग्रामीणों का तथा निर्माण में प्रेमलाल साहू, महेन्द्र पटेल, संतोष कोसरिया, राकेश साहू, दुलार साहू का अहम योगदान रहा है।

उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची विवाद: एक ही नाम से 26 फॉर्म पर हस्ताक्षर का आरोप, BLO के खिलाफ FIR दर्ज

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उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची से जुड़े एक मामले ने चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और सत्यापन को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। सुल्तानपुर के सदर विधानसभा क्षेत्र में 26 मतदाताओं के नाम हटाने के लिए जमा किए गए फॉर्म-7 आवेदन चर्चा में हैं। इन आवेदनों पर कथित तौर पर एक ही व्यक्ति, नंद लाल, के हस्ताक्षर पाए गए। मामले के सामने आने के बाद संबंधित बूथ लेवल अधिकारी (BLO) के खिलाफ कार्रवाई की गई और पुलिस में FIR दर्ज कराई गई।

क्या है पूरा मामला?

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यह मामला सुल्तानपुर जिले के सदर विधानसभा क्षेत्र के बूथ नंबर 96 से जुड़ा है। यहां मतदाता सूची से 26 लोगों के नाम हटाने के लिए फॉर्म-7 आवेदन जमा किए गए थे।

इन आवेदनों पर कथित तौर पर एक ही व्यक्ति के हस्ताक्षर होने की बात सामने आई। इसके अलावा, आवेदनों में आवेदक की पहचान से जुड़ी कुछ आवश्यक जानकारियां अधूरी होने की बात भी कही गई।

मामले की जानकारी सामने आने के बाद निर्वाचन अधिकारियों ने दस्तावेजों की जांच की और संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई शुरू की।

BLO के खिलाफ क्या कार्रवाई हुई?

रिपोर्टों के मुताबिक, संबंधित बूथ लेवल अधिकारी को चुनाव संबंधी जिम्मेदारियों से हटा दिया गया और 24 अक्टूबर को गोसाईंगंज थाने में FIR दर्ज कराई गई।

जांच का मुख्य विषय यह है कि आवेदन स्वीकार करते समय निर्धारित प्रक्रिया और पहचान सत्यापन के नियमों का पालन किया गया था या नहीं।

क्या 26 मतदाताओं के नाम काट दिए गए?

निर्वाचन अधिकारियों की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, इन 26 आवेदनों पर आगे कार्रवाई नहीं हुई और इनके आधार पर किसी मतदाता का नाम मतदाता सूची से नहीं हटाया गया।

यह एक महत्वपूर्ण तथ्य है, क्योंकि मतदाता सूची से नाम हटाने का आवेदन जमा होना और वास्तव में नाम हट जाना दो अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं।

राजनीतिक दल ने क्या सवाल उठाए?

समाजवादी पार्टी (SP) ने इस मामले को उठाते हुए मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया पर सवाल किए थे। पार्टी ने कथित हस्ताक्षर संबंधी अनियमितता की जांच की मांग की।

इसके बाद निर्वाचन अधिकारियों ने मामले की जानकारी लेकर संबंधित स्तर पर कार्रवाई की। राजनीतिक दल के आरोपों और जांच में सामने आने वाले तथ्यों को अलग-अलग समझना जरूरी है।

क्या पूरे उत्तर प्रदेश में जांच की जाएगी?

रिपोर्टों के अनुसार, निर्वाचन अधिकारियों ने मतदाता सूची से जुड़े कुछ आवेदनों की जांच के निर्देश दिए हैं। इनमें फॉर्म-6, फॉर्म-7 और फॉर्म-8 से संबंधित प्रविष्टियां शामिल हैं।

इन फॉर्मों का इस्तेमाल अलग-अलग उद्देश्यों के लिए किया जाता है:

  • फॉर्म-6: मतदाता सूची में नया नाम शामिल कराने के लिए।

  • फॉर्म-7: मतदाता सूची में नाम हटाने या नाम हटाने पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए।

  • फॉर्म-8: मतदाता के विवरण में सुधार या अन्य निर्धारित बदलाव कराने के लिए।

इस जांच का उद्देश्य आवेदन प्रक्रिया में संभावित अनियमितताओं का पता लगाना और यह सुनिश्चित करना है कि मतदाता सूची में बदलाव नियमानुसार किए जाएं।

मतदाताओं के लिए इसका क्या मतलब है?

इस घटना से यह स्पष्ट होता है कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने या हटाने की प्रक्रिया में उचित सत्यापन महत्वपूर्ण है। किसी भी नागरिक का नाम केवल आवेदन जमा होने के आधार पर स्वतः नहीं हटाया जाना चाहिए; संबंधित प्रक्रिया और नियमों का पालन आवश्यक है।

अगर किसी मतदाता को अपने नाम को लेकर संदेह है, तो वह भारत निर्वाचन आयोग के आधिकारिक मतदाता पोर्टल या संबंधित निर्वाचन कार्यालय से अपनी जानकारी की पुष्टि कर सकता है।

निष्कर्ष

सुल्तानपुर में 26 फॉर्म-7 आवेदनों पर कथित रूप से एक ही व्यक्ति के हस्ताक्षर होने का मामला निर्वाचन प्रक्रिया की निगरानी और जवाबदेही से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। संबंधित BLO के खिलाफ FIR दर्ज होने की खबर है, जबकि अधिकारियों के अनुसार इन आवेदनों के आधार पर किसी मतदाता का नाम नहीं हटाया गया।


गुवाहाटी के होटल में खूनी वारदात: संपत्ति विवाद में पांच लोगों की मौत, एक घायल; आरोपी गिरफ्तार

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असम के गुवाहाटी में सोमवार रात एक होटल में हुई गोलीबारी की सनसनीखेज घटना में पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य व्यक्ति घायल हो गया। पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में इस वारदात के पीछे होटल के मालिक और उसे लीज पर लेने वाले व्यक्ति के बीच संपत्ति संबंधी विवाद सामने आया है। पुलिस ने मुख्य आरोपी को घटना के एक घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया और कथित तौर पर इस्तेमाल की गई पिस्तौल भी जब्त कर ली है।

कहां और कब हुई घटना?

यह घटना सोमवार, 26 अक्टूबर की रात करीब 9 बजे गुवाहाटी के बोरा सर्विस इलाके में स्थित होटल बिलास इन (Hotel Bilas Inn) में हुई।

यह होटल शहर की प्रमुख सड़क जीएस रोड के पास स्थित है। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और पुलिस तथा आपातकालीन सेवाओं को सूचना दी गई।

कैसे हुई गोलीबारी?

गुवाहाटी पुलिस के शुरुआती बयान के अनुसार, होटल के मालिक पक्ष और होटल को लीज पर लेने वाले व्यक्ति के बीच विवाद चल रहा था। इसी विवाद के दौरान कथित तौर पर गोलीबारी हुई।

इस घटना में कुल छह लोगों को गोली लगी। इनमें से पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि एक घायल व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती कराया गया।

पुलिस अभी घटना के पूरे क्रम और गोलीबारी की परिस्थितियों की जांच कर रही है। इसलिए विवाद से जुड़ी सभी परिस्थितियों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।

कौन है मुख्य आरोपी?

पुलिस ने आरोपी की पहचान घनकांत गोगोई (Ghanakanta Gogoi) के रूप में की है।

पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने होटल को लीज पर लिया था। शुरुआती जांच में होटल के मालिक पक्ष और लीजधारक के बीच हुए समझौते से संबंधित विवाद को गोलीबारी की संभावित वजह माना जा रहा है।

पुलिस ने आरोपी को घटना के लगभग एक घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से कथित तौर पर वारदात में इस्तेमाल की गई लाइसेंसी .32 बोर की पिस्तौल भी जब्त की गई है।

मृतकों में एक ही परिवार के चार सदस्य

पुलिस के अनुसार, गोलीबारी में जान गंवाने वाले पांच लोगों में से चार एक ही परिवार के थे। ये सभी होटल के मालिक पक्ष से जुड़े हुए थे। पांचवां मृतक भी उसी गांव से संबंधित बताया गया है।

समाचार रिपोर्टों में मृतकों में होटल की सह-मालकिन, उनके बेटे, बहू और भाई का उल्लेख किया गया है।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट में तीन मृतकों की पहचान हेलेना भराली, देबोर्शी कश्यप और नारायण दास के रूप में बताई गई है। 

घायल व्यक्ति की हालत कैसी है?

गोलीबारी में घायल हुए एक व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

रिपोर्टों के अनुसार, घायल व्यक्ति सत्येंद्र पाठक, लगभग 42 वर्ष, हैं। उन्हें गोली लगी थी और उनका इलाज गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में चल रहा था।

घायल व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति के बारे में आगे की जानकारी के लिए अस्पताल या पुलिस के आधिकारिक बयान की प्रतीक्षा की जानी चाहिए।

पुलिस की कार्रवाई और जांच

गुवाहाटी के पुलिस आयुक्त पार्थ सारथी महंत ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और हथियार जब्त कर लिया गया है।

पुलिस मामले की वैज्ञानिक जांच कर रही है। जांच के प्रमुख बिंदु हैं:

  • होटल की लीज को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद की वास्तविक वजह।

  • गोलीबारी से पहले क्या हुआ था।

  • घटना में इस्तेमाल किए गए हथियार और उससे जुड़े साक्ष्य।

  • मृतकों और घायल व्यक्ति की भूमिका तथा घटना के समय उनकी मौजूदगी से संबंधित परिस्थितियां।

पुलिस ने संकेत दिया है कि जांच शुरुआती चरण में है और घटना के पूरे घटनाक्रम का पता लगाने के लिए आगे की पूछताछ जारी है।

क्या संपत्ति विवाद ही हत्या की वजह था?

फिलहाल पुलिस की शुरुआती जांच में होटल की लीज को लेकर विवाद को संभावित वजह माना गया है। हालांकि, जांच पूरी होने और अदालत में साक्ष्यों के परीक्षण से पहले घटना के पीछे के मकसद को अंतिम रूप से स्थापित तथ्य नहीं माना जाना चाहिए।

मामले में अब तक की प्रमुख बातें

  • स्थान: होटल बिलास इन, बोरा सर्विस इलाका, गुवाहाटी, असम।

  • घटना का समय: 26 अक्टूबर 2026, रात करीब 9 बजे।

  • मृतक: पांच लोग।

  • घायल: एक व्यक्ति।

  • आरोपी: घनकांत गोगोई।

  • संभावित वजह: होटल की लीज से जुड़ा संपत्ति विवाद।

  • पुलिस कार्रवाई: आरोपी गिरफ्तार, कथित हथियार जब्त।

  • वर्तमान स्थिति: पुलिस जांच जारी।

निष्कर्ष: गुवाहाटी के होटल बिलास इन में हुई गोलीबारी ने एक संपत्ति विवाद को गंभीर आपराधिक घटना में बदल दिया। पांच लोगों की मौत और एक व्यक्ति के घायल होने के मामले में पुलिस आरोपी को गिरफ्तार कर चुकी है। अब जांच का मुख्य उद्देश्य विवाद की वास्तविक वजह, गोलीबारी का पूरा घटनाक्रम और अन्य परिस्थितियों की पुष्टि करना है।


कभी पानी के लिए घंटों इंतजार, अब घर में नल खोलते ही भर रहे बर्तन

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 रायपुर : कभी सुबह की शुरुआत पानी की चिंता से होती थी। बर्तन लेकर हैंडपंप तक पहुंचना, अपनी बारी के लिए घंटों कतार में खड़े रहना और फिर पानी ढोकर घर लाना रोज की मजबूरी थी। गर्मियों में हैंडपंप खराब हो जाता तो एक बाल्टी पानी जुटाना भी चुनौती बन जाता। अब उन्हीं घरों में नल से पानी भर रहा है। न हैंडपंप तक दौड़ लगानी पड़ रही है, न कतार में घंटों गंवाने पड़ रहे हैं। यह गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले के पेंड्रा विकासखंड के बारीउमराव गांव की नई तस्वीर है, जहां जल जीवन मिशन के तहत हर घर में नल कनेक्शन लगाया गया है।


घर पर ही पानी की उपलब्धता ने ग्रामीणों की रोजमर्रा की जिंदगी आसान कर दी है। सबसे बड़ा फर्क उस समय और मेहनत का है, जो पहले सिर्फ पानी जुटाने में खर्च हो जाते थे। बारीउमराव के श्री करमदास पुराने दिनों को याद करते हुए बताते हैं कि पीने और घरेलू जरूरतों के लिए हैंडपंप पर निर्भर रहना पड़ता था। गर्मियों में वहां लंबी कतार लगती थी। कई बार हैंडपंप खराब होने पर दूर-दराज से पानी लाना पड़ता था। अब घर में ही नियमित पानी मिलने से यह परेशानी दूर हो गई है।

महिलाओं और बुजुर्गों की मशक्कत हुई कम

करमदास कहते हैं, "पहले पानी भरने में काफी समय और मेहनत लगती थी। अब घर में ही नल से पानी मिल जाता है। न दूर जाना पड़ता है, न लाइन लगानी पड़ती है। बचा हुआ समय दूसरे कामों में लगा पाते हैं। पूरा परिवार खुश है।"

बारीउमराव में जल जीवन मिशन से सभी घरों में नल लगने से महिलाओं को बड़ी राहत मिली है, जिन्हें पहले पानी के बर्तन लेकर हैंडपंप तक आना-जाना पड़ता था। घर में ही पानी मिलने से अब दूसरे कामों के लिए ज्यादा वक्त मिलने लगा है। करमदास जैसे ग्रामीणों के लिए इस बदलाव की अहमियत सिर्फ नल लगने तक सीमित नहीं है। उनके लिए असली राहत पानी जुटाने की रोज की भागदौड़ से छुटकारा और अपने कीमती समय को अपने हिसाब से उपयोग करने की है।

 

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