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जिम्बाब्वे की महिला क्रिकेट टीम रायपुर पहुँची, 16 अक्टूबर से भारत के खिलाफ T20 सीरीज; आज शाम से टिकट बुकिंग

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रायपुर- छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट का रोमांच बढ़ने जा रहा है। भारत और जिम्बाब्वे की महिला क्रिकेट टीमों के बीच होने वाली तीन मैचों की T20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज को लेकर तैयारियाँ तेज हो गई हैं। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, जिम्बाब्वे की महिला टीम 12 अक्टूबर को रायपुर पहुँच रही है। 

सीरीज के तीनों मुकाबले नया रायपुर स्थित शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में खेले जाएंगे। मैच 16, 18 और 20 अक्टूबर को शाम 7 बजे से शुरू होने निर्धारित हैं। 

कब-कब होंगे भारत और जिम्बाब्वे के मुकाबले?

  • पहला T20 मैच: 16 अक्टूबर 2026, शाम 7 बजे

  • दूसरा T20 मैच: 18 अक्टूबर 2026, शाम 7 बजे

  • तीसरा T20 मैच: 20 अक्टूबर 2026, शाम 7 बजे

मैच का स्थान: शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, नया रायपुर।

तीनों मुकाबले एक ही मैदान पर खेले जाने हैं। इससे रायपुर और आसपास के क्रिकेट प्रशंसकों को भारतीय महिला टीम को घरेलू मैदान पर खेलते देखने का अवसर मिलेगा। 

टिकट की कीमत कितनी है?

छत्तीसगढ़ राज्य क्रिकेट संघ के निदेशक के हवाले से प्रकाशित जानकारी के अनुसार, टिकटों की कीमतें इस प्रकार घोषित की गई हैं:

  • सामान्य टिकट: ₹250 से शुरू

  • दो मैचों का कॉम्बो टिकट: ₹350

  • तीनों मैचों का सीरीज टिकट: ₹499

  • सिल्वर श्रेणी: ₹2,000

  • गोल्ड श्रेणी: ₹2,500

  • प्लेटिनम श्रेणी: ₹3,500

ऑनलाइन टिकट बिक्री 12 अक्टूबर को शाम 4 बजे से शुरू होने की घोषणा की गई थी। एक उपयोगकर्ता अधिकतम छह टिकट खरीद सकता है। डिजिटल टिकट के QR कोड को स्टेडियम में प्रवेश के समय स्कैन किया जाएगा। 

ऑनलाइन टिकट बुकिंग: <Link url="https://ticketgenie.in/" title="TicketGenie टिकट पोर्टल"/>। टिकट की उपलब्धता और नियम बुकिंग के समय जाँचें।

भारतीय टीम की कप्तानी कौन करेगा?

भारतीय महिला टीम की कप्तानी स्मृति मंधाना करेंगी। BCCI द्वारा घोषित T20 टीम में शेफाली वर्मा, हरमनप्रीत कौर, ऋचा घोष, दीप्ति शर्मा और अन्य प्रमुख खिलाड़ियों को शामिल किया गया है।

जिम्बाब्वे की महिला टीम के लिए यह भारत का पहला द्विपक्षीय अंतरराष्ट्रीय दौरा है। इस दौरे में T20 सीरीज के बाद 23, 25 और 28 अक्टूबर को वडोदरा में तीन वनडे मुकाबले भी खेले जाएंगे। 

रायपुर में तैयारियाँ तेज

मैचों को लेकर स्टेडियम और आयोजन की तैयारियाँ चल रही हैं। स्थानीय रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय टीम का अभ्यास सत्र 12 अक्टूबर को शाम 6 बजे और जिम्बाब्वे टीम का अभ्यास सत्र 13 अक्टूबर को प्रस्तावित है। 

रायपुर में इन अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों के आयोजन से स्थानीय क्रिकेट प्रशंसकों को महिला क्रिकेट देखने का अवसर मिलेगा। मैच के दिन स्टेडियम पहुँचने से पहले प्रवेश नियम, पार्किंग और टिकट संबंधी निर्देश जरूर जाँचें।


मनेंद्रगढ़ की बेकरी में घुसा भालू, टीन शेड तोड़कर अंदर पहुँचा, घटना का वीडियो आया सामने

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मनेंद्रगढ़- छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़ शहर में वन्यजीव की मौजूदगी से जुड़ी एक घटना सामने आई है। देर रात एक भालू मौहारपारा इलाके की बेकरी में घुस गया। स्थानीय समाचार रिपोर्ट के अनुसार, भालू टीन शेड तोड़कर दुकान के अंदर पहुँचा। इस घटना का वीडियो भी सामने आने की जानकारी दी गई है। 

देर रात बेकरी में कैसे घुसा भालू?

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, घटना मनेंद्रगढ़ के मौहारपारा इलाके की है। रात के समय भालू बेकरी के टीन शेड को तोड़कर अंदर घुस गया। घटना की जानकारी सामने आने के बाद इलाके में वन्यजीवों की आवाजाही और लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ सकती है।

हालांकि, बेकरी के अंदर भालू ने कितना नुकसान किया, वहाँ खाद्य सामग्री या अन्य सामान को नुकसान पहुँचा या नहीं, और भालू बाद में किस दिशा में गया—इन बातों की विस्तृत आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

रिहायशी इलाकों में वन्यजीवों की आवाजाही से सावधानी जरूरी

मनेंद्रगढ़ और आसपास के वन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को जंगली जानवर दिखाई देने पर विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। भालू भोजन की तलाश में आबादी वाले क्षेत्रों तक पहुँच सकता है, इसलिए ऐसी घटनाओं को हल्के में नहीं लेना चाहिए।

वन्यजीव विशेषज्ञों की सामान्य सुरक्षा सलाह के अनुसार:

  • भालू दिखाई देने पर उसके करीब जाने या उसे घेरने की कोशिश न करें।

  • उसके साथ सेल्फी लेने या वीडियो बनाने के लिए पास न जाएँ।

  • भालू को भगाने के लिए पत्थर न मारें और न ही उसे उकसाएँ।

  • बच्चों और पालतू पशुओं को सुरक्षित स्थान पर रखें।

  • तत्काल वन विभाग या स्थानीय प्रशासन को सूचना दें।

वन विभाग से क्या अपेक्षा है?

ऐसी घटनाओं के बाद संबंधित क्षेत्र में वन्यजीव की गतिविधियों का आकलन करना, स्थानीय लोगों को सतर्क करना और जरूरत पड़ने पर निगरानी बढ़ाना उपयोगी होता है। फिलहाल इस घटना के बाद वन विभाग की ओर से की गई कार्रवाई, भालू के रेस्क्यू या उसके जंगल लौटने की स्थिति की पुष्टि नहीं हुई है।

फिलहाल मुख्य जानकारी यही है कि मनेंद्रगढ़ के मौहारपारा इलाके में देर रात भालू टीन शेड तोड़कर बेकरी के अंदर घुसा और घटना का वीडियो सामने आया है। आगे की जानकारी मिलने पर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

अपील: अगर आपके इलाके में भी भालू या कोई अन्य जंगली जानवर दिखाई दे, तो सुरक्षित दूरी बनाए रखें और वन विभाग को सूचना दें।


महानदी में अवैध रेत उत्खनन पर खनिज विभाग का बड़ा एक्शन, 1 जेसीबी, 1 हाईवा और 3 ट्रैक्टर जब्त

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 छत्तीसगढ़ में अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ खनिज विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। पारागांव–लखना–कोलियारी क्षेत्र में महानदी घाट पर छापेमारी कर विभागीय टीम ने एक जेसीबी मशीन, एक हाईवा और तीन ट्रैक्टर जब्त किए हैं। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ये वाहन कथित तौर पर अवैध रेत उत्खनन और परिवहन से जुड़ी गतिविधियों में इस्तेमाल किए जा रहे थे। 

महानदी घाट पर कैसे हुई कार्रवाई?

रिपोर्ट के मुताबिक, पारागांव–लखना–कोलियारी क्षेत्र में महानदी से रेत निकालने और उसे दूसरे स्थान पर जमा करने की शिकायतें मिल रही थीं। आरोप है कि जेसीबी की मदद से नदी से रेत निकाली जाती थी, फिर ट्रैक्टरों से उसे घाट के पास पहुँचाया जाता था और बाद में हाईवा के जरिए दूसरी जगह ले जाया जाता था।

बताया गया है कि खनिज विभाग को गोपनीय सूचना मिलने के बाद टीम मौके पर पहुँची। इस बार कार्रवाई के दौरान एक हाईवा, एक जेसीबी और तीन ट्रैक्टर जब्त किए गए। सभी वाहनों को पुलिस थाने की अभिरक्षा में रखे जाने की जानकारी रिपोर्ट में दी गई है।

मौके पर 50–60 हाईवा रेत जमा होने का दावा

इस मामले में एक और महत्वपूर्ण बात सामने आई है। स्थानीय समाचार रिपोर्ट में दावा किया गया है कि घटनास्थल पर लगभग 50 से 60 हाईवा के बराबर रेत का भंडार मौजूद था।

रिपोर्ट के अनुसार, इस रेत के भंडार पर तत्काल कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट नहीं थी। इस संबंध में खनिज विभाग की आगे की कार्रवाई और भंडारण की वैधता की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।

अब आगे क्या होगा?

अवैध उत्खनन, परिवहन या भंडारण की पुष्टि होने पर संबंधित लोगों के खिलाफ लागू खनिज कानूनों और नियमों के तहत कार्रवाई की जा सकती है। जब्त वाहनों के मामले में भी नियमानुसार आगे की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

अवैध रेत उत्खनन से क्या नुकसान?

  • नदी के प्राकृतिक स्वरूप और तटों को नुकसान पहुँचने का खतरा रहता है।

  • अनियंत्रित उत्खनन से नदी के पारिस्थितिकी तंत्र पर असर पड़ सकता है।

  • बिना वैध अनुमति खनिज निकालने से सरकारी राजस्व को नुकसान हो सकता है।

  • भारी वाहनों की आवाजाही से आसपास के रास्तों और ग्रामीण क्षेत्रों में परेशानी बढ़ सकती है।

प्रशासन से ग्रामीणों की अपेक्षा

स्थानीय रिपोर्ट में ग्रामीणों की ओर से कथित रेत भंडार की भी जाँच करने की मांग का उल्लेख किया गया है। ग्रामीणों की अपेक्षा है कि यदि वहाँ अवैध रूप से रेत जमा की गई है, तो उसकी जाँच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

फिलहाल, इस कार्रवाई में एक जेसीबी, एक हाईवा और तीन ट्रैक्टर जब्त किए जाने की जानकारी स्थानीय मीडिया रिपोर्ट पर आधारित है। जब्त वाहनों के मालिकों, दर्ज प्रकरणों और कथित रेत भंडार के संबंध में विभाग की आधिकारिक विस्तृत जानकारी की पुष्टि होना बाकी है।


बस्तर को रेल कनेक्टिविटी की बड़ी सौगात! रायपुर–रावघाट मेमू ट्रेन को लेकर बड़ा अपडेट, उद्घाटन टला

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रायपुर- छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल के लिए रेल कनेक्टिविटी के क्षेत्र में बड़ी खबर सामने आई है। रायपुर से रावघाट तक मेमू ट्रेन चलाने की तैयारी की जा रही है। रेलवे बोर्ड ने इस सेवा की समय-सारिणी जारी कर दी है, लेकिन 12 अक्टूबर को प्रस्तावित उद्घाटन कार्यक्रम फिलहाल टल गया है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, रेल मंत्री का प्रस्तावित दौरा रद्द होने के कारण उद्घाटन नहीं हो सका। अब यात्रियों को ट्रेन सेवा शुरू होने की नई तारीख की आधिकारिक घोषणा का इंतजार है। 

ताड़ोकी से 17 किलोमीटर आगे पहुंचेगी रेल सेवा

अब तक कांकेर जिले के ताड़ोकी तक यात्री रेल सेवा उपलब्ध थी। ताड़ोकी से लगभग 17 किलोमीटर आगे रावघाट तक रेल लाइन का काम पूरा होने के बाद इस खंड पर यात्री ट्रेन चलाने की तैयारी की जा रही है।

रेल मंत्रालय ने 23 सितंबर 2026 को जानकारी दी थी कि दल्लीराजहरा–रावघाट नई रेल लाइन के अंतिम ताड़ोकी–रावघाट खंड का काम पूरा हो गया है और इस पर रेल संरक्षा आयुक्त (CRS) का निरीक्षण तथा गति परीक्षण किया गया है। यह यात्री सेवा शुरू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

रायपुर–रावघाट मेमू ट्रेन की समय-सारिणी को लेकर क्या जानकारी है?

मीडिया में प्रकाशित रेलवे बोर्ड के पत्र से संबंधित रिपोर्ट के अनुसार, दोनों दिशाओं में मेमू ट्रेन चलाने की योजना है।

  • रावघाट से प्रस्थान: सुबह 6:30 बजे

  • ताड़ोकी आगमन: सुबह 7:00 बजे

  • दल्ली राजहरा आगमन: सुबह 8:25 बजे

  • दुर्ग आगमन: सुबह 11:30 बजे

  • रायपुर आगमन: दोपहर 1:05 बजे

ये समय ट्रेन संख्या 68769 रावघाट–रायपुर मेमू के लिए रिपोर्ट किए गए प्रस्तावित समय हैं। वापसी ट्रेन के प्रकाशित समय में विसंगति बताई गई है, इसलिए इसे अंतिम और सत्यापित समय-सारिणी नहीं माना जाना चाहिए। यात्रा से पहले रेलवे की आधिकारिक सूचना जरूर जांचें।

बस्तर के लोगों को क्या होगा फायदा?

1. राजधानी तक पहुंच आसान होने की उम्मीद

रायपुर में इलाज, पढ़ाई, नौकरी, सरकारी कामकाज और व्यापार के लिए आने-जाने वाले यात्रियों को रेल परिवहन का अतिरिक्त विकल्प मिल सकता है।

2. किसानों और वनोपज कारोबारियों को लाभ

क्षेत्र में कृषि उत्पादों और वनोपज के परिवहन के विकल्प बढ़ सकते हैं। इससे स्थानीय व्यापार को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।

3. औद्योगिक परिवहन को मजबूती

दल्लीराजहरा–रावघाट रेल परियोजना भिलाई इस्पात संयंत्र तक लौह अयस्क पहुंचाने के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। इससे औद्योगिक परिवहन व्यवस्था को लाभ मिल सकता है।

4. दूरस्थ क्षेत्रों के विकास को गति

बेहतर रेल संपर्क से शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, रोजगार और बाजारों तक पहुंच में सुधार की संभावना है। हालांकि, वास्तविक लाभ संबंधित स्टेशनों और आगे की परिवहन सुविधा पर भी निर्भर करेगा।

रावघाट से जगदलपुर तक रेल विस्तार की तैयारी

रावघाट तक रेल सेवा का विस्तार परियोजना का महत्वपूर्ण चरण है। इसके आगे रावघाट से जगदलपुर के बीच लगभग 140 किलोमीटर रेल लाइन का निर्माण प्रस्तावित विस्तार का हिस्सा है। इस मार्ग के पूरा होने से बस्तर क्षेत्र की रेल कनेक्टिविटी को और मजबूती मिलने की उम्मीद है। 

यात्रियों के लिए जरूरी अपडेट

फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि 12 अक्टूबर को प्रस्तावित उद्घाटन टलने की खबर है, लेकिन नई उद्घाटन तिथि और नियमित परिचालन शुरू होने की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है। यात्रियों को ट्रेन नंबर, स्टॉपेज, किराया और अंतिम समय-सारिणी की पुष्टि रेलवे की आधिकारिक सूचना से करने के बाद ही यात्रा की योजना बनानी चाहिए।

छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल के लिए यह रेल परियोजना परिवहन, व्यापार और क्षेत्रीय विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। अब सबकी नजरें ट्रेन सेवा शुरू होने की नई तारीख पर टिकी हैं।


सहायक शिक्षक भर्ती-2026 के विस्तृत विज्ञापन में संशोधन, दिव्यांग अभ्यर्थियों को मिलेगा आवेदन का अवसर

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उच्च न्यायालय के आदेश के परिपालन में लोक शिक्षण संचालनालय ने जारी किया शुद्धि पत्र

दृष्टिबाधित, श्रवणबाधित और सेरेब्रल पाल्सी श्रेणी के दिव्यांग अभ्यर्थी भी कर सकेंगे ऑनलाइन आवेदन

ई-संवर्ग के 795 और टी-संवर्ग के 1497 सहित कुल 2292 पदों के लिए जारी है भर्ती प्रक्रिया

रायपुर- छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत सहायक शिक्षक भर्ती-2026 के विस्तृत विज्ञापन में महत्वपूर्ण संशोधन किया गया है। लोक शिक्षण संचालनालय, छत्तीसगढ़ द्वारा माननीय उच्च न्यायालय के निर्णय के परिपालन में शुद्धि पत्र जारी कर दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए पात्रता संबंधी प्रावधानों में बदलाव किया गया है। इसके तहत दृष्टिबाधित (Blind), श्रवणबाधित (Deaf) तथा सेरेब्रल पाल्सी (Cerebral Palsy) श्रेणी के दिव्यांग अभ्यर्थियों को भी ऑनलाइन आवेदन करने का अवसर प्रदान किया जाएगा।

लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा जारी शुद्धि पत्र के अनुसार, राज्य की शासकीय शालाओं के ई-संवर्ग एवं टी-संवर्ग में सहायक शिक्षक के रिक्त पदों की पूर्ति के लिए छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल की वेबसाइट पर 24 जुलाई 2026 को विस्तृत विज्ञापन जारी किया गया था। इस भर्ती विज्ञापन के संबंध में माननीय उच्च न्यायालय, छत्तीसगढ़ में दायर याचिका क्रमांक WPS No. 6783 of 2026 (मीनाक्षी मंगलकर एवं अन्य बनाम छत्तीसगढ़ शासन एवं अन्य) में 9 अक्टूबर 2026 को पारित निर्णय के अनुपालन में संशोधन किया गया है।

दिव्यांग अभ्यर्थियों की पात्रता में महत्वपूर्ण संशोधन

शुद्धि पत्र के अनुसार, समाज कल्याण विभाग की 11 सितंबर 2026 की संशोधित अधिसूचना के अनुरूप सहायक शिक्षक पद के लिए चिह्नित उपयुक्त दिव्यांगता की श्रेणियों में ब्लाइंड (B), डेफ (D) तथा सेरेब्रल पाल्सी (CP) को शामिल किया गया है। इसके साथ ही विस्तृत विज्ञापन की कंडिका 05 के उपखंड (iv) को विलोपित किया गया है।

दिव्यांगजनों के लिए आरक्षित पदों का समूहवार एवं श्रेणीवार वितरण भी सामान्य प्रशासन विभाग के 5 मार्च 2019 के निर्देशों के अनुरूप जारी किया गया है। इसके तहत दृष्टिबाधित, श्रवणबाधित, अस्थिबाधित तथा बहुदिव्यांगता से संबंधित समूहों के लिए आरक्षित पदों का विवरण स्पष्ट किया गया है।

सहायक शिक्षक के कुल 2292 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया

जारी संशोधित विवरण के अनुसार सहायक शिक्षक ई-संवर्ग में 795 तथा टी-संवर्ग में 1497 पद शामिल हैं। ई-संवर्ग में रायपुर, दुर्ग, महासमुंद, बलौदाबाजार-भाटापारा, बालोद, बेमेतरा, राजनांदगांव, कबीरधाम, जांजगीर-चांपा, मुंगेली, रायगढ़ एवं बिलासपुर जिले शामिल हैं। इसी प्रकार टी-संवर्ग में बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, कोंडागांव, कांकेर, नारायणपुर, सुकमा, सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर-रामानुजगंज, कोरिया, जशपुर, कोरबा, रायगढ़, गरियाबंद एवं बालोद जिले शामिल हैं।

ऑनलाइन आवेदन की तिथि अलग से होगी घोषित

लोक शिक्षण संचालनालय ने स्पष्ट किया है कि ब्लाइंड (B), डेफ (D) एवं सेरेब्रल पाल्सी (CP) श्रेणी के दिव्यांग अभ्यर्थियों को ऑनलाइन आवेदन करने का अवसर दिया जाएगा। इन अभ्यर्थियों के लिए ऑनलाइन आवेदन की तिथि की जानकारी छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल द्वारा पृथक से जारी की जाएगी।संचालनालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि 24 जुलाई 2026 को जारी सहायक शिक्षक भर्ती के विस्तृत विज्ञापन की शेष सभी शर्तें एवं कंडिकाएं पूर्ववत रहेंगी।

विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में अग्रवाल समाज की होगी महत्वपूर्ण भूमिका : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

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 रायपुर : राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज यहां राजधानी रायपुर के अग्रसेन धाम में आयोजित श्री अग्रसेन जयंती महोत्सव 2026 में शामिल हुए। इस अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका ने प्रदेशवासियों को शारदीय नवरात्रि एवं श्री अग्रसेन जयंती की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि महाराजा श्री अग्रसेन जी ने समाज को दानशीलता और परोपकार का अमूल्य संदेश दिया।


अग्रवाल समाज व्यवसाय के साथ समाज में भी अपना सार्थक योगदान दे रहे हैं और भारतीय अर्थव्यवस्था में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान है। यह समाज परिश्रम से स्थापित उद्योग-धंधों में लोगों को रोजगार देते हैं। विभिन्न क्षेत्रों में अग्रवाल समाज के लोग अग्रणी भूमिका में रहते हैं। महाराजा अग्रसेन जी ने समाज के अंतिम व्यक्ति के उत्थान के लिए कार्य करने की प्रेरणा दी। उनके द्वारा दिए गए एक ईंट एक रुपया का सिद्धांत आपसी सहयोग और आत्मनिर्भरता की अनोखी मिसाल है।


राज्यपाल डेका ने कहा कि महाराजा अग्रसेन जी ने हमें सिखाया कि ज्ञान सभी से लेना चाहिए और दान भी देना चाहिए। नई पीढ़ी को त्वरित सफलता प्राप्त करने की जगह पारंपरिक मूल्यों का पालन करना चाहिए। अग्रवाल समाज में पारिवारिक व्यवसाय को आगे बढ़ाने की सुंदर परम्परा है। असम सिनेमा को आगे बढ़ाने में ज्योति प्रसाद अग्रवाल ने योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि सभी की भागीदारी से ही सुंदर समाज का निर्माण हो सकता है। छत्तीसगढ़ में उद्योग एवं व्यवसाय की असीम संभावना है। अग्रवाल समाज अपने व्यापार में इन अवसरों का उपयोग करेंगे तो कई लोगों को रोजगार मिलेगा।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में अग्रवाल समाज की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि यह समाज हमेशा परोपकार के क्षेत्र में अग्रणी रहता है। चाहे स्वास्थ्य शिविर हो या गौसेवा, धर्मशाला, सामूहिक विवाह या निःशुल्क शिक्षा प्रदान करना, अग्रवाल समाज हर रूप में आगे बढ़कर परोपकार करता है।

आज भी गौमाता के लिए एम्बुलेंस का लोकार्पण किया गया है, यह अग्रवाल समाज की सेवा भावना को दर्शाता है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का संकल्प लिया है। हम भी विकसित छत्तीसगढ़ बनाने के लिए विजन डाक्यूमेंट के आधार पर मिशन मोड पर कार्य कर रहे हैं। हमारा लक्ष्य राज्य की जीएसडीपी को 5 लाख करोड़ से 75 लाख करोड़ रूपए तक पहुंचाना है। छत्तीसगढ़ में खनिज, वनोपज, बिजली, पानी सहित सभी संसाधन प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं। अग्रवाल समाज अपने व्यवसायिक परिश्रम से छत्तीसगढ़ को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।

स्वास्थ्य मंत्री श्री श्यामबिहारी जायसवाल ने कहा कि अग्रवाल समाज लोगों को रोजगार देने के साथ ही समाजसेवा में भी अपना बहुमूल्य योगदान देता है। महाराजा अग्रसेन जी ने समानता और आत्मनिर्भरता का संदेश दिया।

श्री अग्रसेन जयंती महोत्सव के अवसर पर घायल गौमाता के इलाज के लिए गौरक्षा वाहिनी एम्बुलेंस का लोकार्पण किया गया। अग्रसेवा गौशाला रायपुर द्वारा संचालित इस एम्बुलेंस की सुविधा मोबाइल नंबर +91-8109002139 पर कॉल कर ली जा सकेगी।

कार्यक्रम में अग्रवाल समाज की डायरेक्ट्री तथा अग्रपुष्प बुलेटिन त्रैमासिक पत्रिका के प्रथम अंक का विमोचन किया गया तथा अग्रवाल समाज के प्रतिभावान बच्चों को अग्र प्रतिभा सम्मान और युवाओं को अग्र गौरव सम्मान से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर एडीआर ग्रुप के चेयरमैन सुशील अग्रवाल, अग्रवाल समाज रायपुर के अध्यक्ष श्री विजय अग्रवाल, मनमोहन अग्रवाल, प्रेमचंद अग्रवाल सहित अग्रवाल समाज के पदाधिकारी, गणमान्य जन व सामाजिक सदस्य उपस्थित थे।

सरईपानी जंगल में भालू का हमला, चीख सुनकर दौड़े ग्रामीण; घायल रायपुर रेफर

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 गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में जंगल से वन उपज जुटाने गए एक बुजुर्ग पर भालू ने हमला कर दिया। नहरगांव क्षेत्र के सरईपानी जंगल में 55 वर्षीय गिरधारी विश्वकर्मा का सामना मादा भालू और उसके दो शावकों से हो गया। इस दौरान भालू के हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उनकी चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद ग्रामीण मदद के लिए पहुंचे। घायल बुजुर्ग को 108 एंबुलेंस से जिला अस्पताल लाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत को देखते हुए रायपुर रेफर कर दिया गया।


माहुल पत्ता तोड़ने गए थे जंगल

जानकारी के अनुसार, नहरगांव निवासी गिरधारी विश्वकर्मा सोमवार सुबह माहुल पत्ता तोड़ने के लिए सरईपानी जंगल गए थे। इसी दौरान गरियाबंद वन परिक्षेत्र के कक्ष क्रमांक 582 में उनका सामना मादा भालू और उसके दो शावकों से हो गया। अचानक हुए हमले में बुजुर्ग को संभलने का मौका नहीं मिला और वह गंभीर रूप से घायल हो गए।

चीख-पुकार सुनकर मदद के लिए दौड़े ग्रामीण

भालू के हमले के दौरान गिरधारी की आवाज सुनकर आसपास मौजूद ग्रामीण मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों की आहट मिलने पर मादा भालू अपने दोनों शावकों के साथ जंगल की ओर चली गई। इसके बाद ग्रामीणों ने घायल बुजुर्ग को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की और घटना की जानकारी दी।

जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार, फिर रायपुर रेफर

घायल गिरधारी विश्वकर्मा को 108 एंबुलेंस की मदद से जिला अस्पताल गरियाबंद पहुंचाया गया। यहां चिकित्सकों ने उनका प्राथमिक उपचार किया। चोटों की गंभीरता को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफर कर दिया गया। उनकी हालत को लेकर विस्तृत चिकित्सकीय जानकारी सामने आना बाकी है।

जंगल जाने वाले ग्रामीणों की सुरक्षा पर सवाल

इस घटना ने जंगल में माहुल पत्ता, महुआ और अन्य वन उपज एकत्र करने जाने वाले ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। वन्यजीवों की मौजूदगी वाले क्षेत्रों में अकेले जाने से बचना और सतर्कता बरतना जरूरी है। खासकर शावकों के साथ मौजूद मादा भालू के करीब जाना बेहद जोखिम भरा हो सकता है।

जंगल में इस तरह की घटनाओं से बचाव के लिए ग्रामीणों को वन विभाग की सलाह का पालन करना चाहिए। फिलहाल घायल बुजुर्ग को बेहतर उपचार के लिए रायपुर भेजा गया है।

रूस-यूक्रेन युद्ध में ‘एनर्जी सीजफायर’ का ऐलान, ट्रंप के दावे पर उठे सवाल

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रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 11 अक्टूबर को बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि दोनों देश तत्काल प्रभाव से एक-दूसरे के ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने के लिए सहमत हो गए हैं। इस संभावित समझौते को ‘एनर्जी सीजफायर’ (ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने का अस्थायी समझौता) कहा जा रहा है।

हालांकि, इस घोषणा के बाद स्थिति स्पष्ट नहीं हुई। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा कि उन्हें इस समझौते की जानकारी पहले से नहीं थी। रूस की ओर से भी तत्काल इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई। इसके बाद यूक्रेन के ऊर्जा ठिकानों पर रूसी हमलों की खबरें सामने आईं। 

ट्रंप ने क्या ऐलान किया?

11 अक्टूबर को सोशल मीडिया पर ट्रंप ने कहा कि रूस और यूक्रेन के बीच ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने का समझौता तत्काल प्रभाव से लागू है। उन्होंने दोनों पक्षों से इस समझौते का उल्लंघन नहीं करने की अपील की।

इस घोषणा में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि समझौता कितने दिनों तक लागू रहेगा, इसकी निगरानी कौन करेगा और उल्लंघन होने पर क्या कदम उठाए जाएंगे। 

‘एनर्जी सीजफायर’ का क्या मतलब है?

इसका उद्देश्य युद्ध के दौरान बिजली, तेल और ऊर्जा आपूर्ति से जुड़े महत्वपूर्ण ठिकानों को हमलों से बचाना है।

इस तरह की व्यवस्था के अंतर्गत संभावित रूप से निम्नलिखित ठिकानों पर हमले रोकने की बात हो सकती है:

  • बिजली उत्पादन संयंत्र और पावर प्लांट

  • तेल रिफाइनरी और ईंधन भंडारण केंद्र

  • ऊर्जा आपूर्ति से जुड़े महत्वपूर्ण प्रतिष्ठान

  • बिजली और ईंधन वितरण की बुनियादी सुविधाएं

ऐसे ठिकानों पर हमले कम होने से आम नागरिकों को बिजली कटौती, ईंधन की कमी और सर्दियों में हीटिंग जैसी समस्याओं से राहत मिल सकती है। हालांकि, इस मामले में समझौते की विस्तृत शर्तें सार्वजनिक नहीं की गई थीं।

यूक्रेन की प्रतिक्रिया: जेलेंस्की ने क्या कहा?

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने ट्रंप की घोषणा पर आश्चर्य जताया। उन्होंने कहा कि उन्हें इस समझौते की जानकारी पहले नहीं दी गई थी। हालांकि, उन्होंने संकेत दिया कि यदि रूस भी ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकता है, तो यूक्रेन इस व्यवस्था का समर्थन करेगा।

यूक्रेन का रुख यह रहा कि समझौता दोनों पक्षों पर समान रूप से लागू होना चाहिए। जेलेंस्की ने इसके लिए स्पष्ट शर्तों और वास्तविक सुरक्षा गारंटी की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

रूस ने क्या प्रतिक्रिया दी?

ट्रंप की घोषणा के तुरंत बाद रूस की ओर से समझौते की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई। इस कारण यह स्पष्ट नहीं था कि मॉस्को ने वास्तव में हमले रोकने की शर्तें स्वीकार की हैं या नहीं।

इसके बाद यूक्रेन के अधिकारियों ने राजधानी कीव और खार्किव में ऊर्जा सुविधाओं पर रूसी हमलों की जानकारी दी। कुछ हमलों के कारण बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की खबरें भी आईं। इससे युद्धविराम के वास्तविक क्रियान्वयन पर सवाल उठे। 

तेल की कीमतों और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ा?

रूस और यूक्रेन दोनों वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए महत्वपूर्ण हैं। रूस तेल और पेट्रोलियम उत्पादों का बड़ा उत्पादक एवं निर्यातक है, जबकि युद्ध के दौरान ऊर्जा सुविधाओं पर हमलों ने आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता बढ़ाई है।

  • कच्चे तेल की कीमतें: युद्ध में तनाव कम होने की उम्मीद से कीमतों पर दबाव घट सकता है, लेकिन इसकी गारंटी नहीं है।

  • डीजल और पेट्रोल: तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों और रिफाइनिंग लागत में बदलाव का असर ईंधन बाजार पर पड़ सकता है।

  • शेयर बाजार: युद्धविराम की विश्वसनीयता, तेल की कीमतें और वैश्विक जोखिम निवेशकों की धारणा को प्रभावित कर सकते हैं।

  • भारत पर असर: भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों में गिरावट राहत दे सकती है, लेकिन घरेलू पेट्रोल-डीजल की कीमतें तुरंत बदलना जरूरी नहीं है।

रॉयटर्स की 12 अक्टूबर की बाजार रिपोर्ट के अनुसार, युद्धविराम की घोषणा के बाद ब्रेंट क्रूड में लगभग 2% की गिरावट आई और कीमत करीब 103 डॉलर प्रति बैरल रही। हालांकि, बाजार में अनिश्चितता बनी हुई थी। 

क्या रूस-यूक्रेन युद्ध समाप्त हो जाएगा?

फिलहाल ऐसा निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने की व्यवस्था, यदि लागू होती है, तो युद्ध के एक सीमित हिस्से में तनाव कम कर सकती है। लेकिन इसका अर्थ पूरे युद्ध का अंत नहीं है।

युद्ध समाप्त करने के लिए क्षेत्रीय विवाद, सुरक्षा संबंधी मांगों, सैन्य गतिविधियों और राजनीतिक सहमति जैसे व्यापक मुद्दों पर भी बातचीत आवश्यक होगी।

अब आगे क्या महत्वपूर्ण होगा?

आने वाले समय में तीन बातों पर नजर रहेगी:

  • क्या रूस आधिकारिक रूप से ऊर्जा युद्धविराम स्वीकार करता है?
  • क्या दोनों देश बिजली संयंत्रों, तेल रिफाइनरियों और अन्य ऊर्जा सुविधाओं पर हमले वास्तव में रोकते हैं?
  • क्या अमेरिका या अन्य देश समझौते की निगरानी और उल्लंघन रोकने के लिए कोई व्यवस्था प्रस्तुत करते हैं?

निष्कर्ष: 11 अक्टूबर को डोनाल्ड ट्रंप ने रूस-यूक्रेन ऊर्जा युद्धविराम की घोषणा की, लेकिन 12 अक्टूबर तक इसकी शर्तें और दोनों पक्षों की सहमति पूरी तरह स्पष्ट नहीं थीं। यूक्रेन ने पारस्परिक युद्धविराम का समर्थन किया, जबकि ऊर्जा ठिकानों पर हमलों की खबरें जारी रहीं। इसलिए इसे युद्ध समाप्त होने की घोषणा के बजाय एक अनिश्चित कूटनीतिक पहल के रूप में देखना उचित है। 


रियाद एयरपोर्ट हमले में भारतीय नागरिक की मौत

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सऊदी अरब की राजधानी रियाद में हुए एक हमले में हैदराबाद के एक भारतीय नागरिक की मौत की खबर सामने आई। इस घटना में कई अन्य भारतीय भी घायल हुए हैं। भारतीय दूतावास घायलों की स्थिति पर नजर रख रहा है और उन्हें चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

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मृतक भारतीय की पहचान
  • नाम: मोहम्मद यूसुफ (Mohammed Yousuf / Mohammed Yusuf Ali)

  • उम्र: 46 वर्ष

  • निवास: मेहदीपट्टनम, हैदराबाद, तेलंगाना

  • पेशा: आईटी प्रोफेशनल

  • यात्रा का उद्देश्य: उमराह की धार्मिक यात्रा

मोहम्मद यूसुफ अपनी पत्नी और तीन बच्चों के साथ यात्रा कर रहे थे। परिवार मदीना जाने से पहले रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ट्रांजिट के दौरान मौजूद था।

हमला कैसे हुआ?

Explosions near Riyadh’s King Khalid Airport trigger citywide alert, flights disrupted
10 अक्टूबर 2026 को स्थानीय समयानुसार लगभग दोपहर 3 बजे एयरपोर्ट पर चेक-इन कियोस्क के पास परिवार इंतजार कर रहा था। इसी दौरान एक प्रोजेक्टाइल यानी मिसाइल या अन्य प्रकार का हमला करने वाला उड़ता हथियार एयरपोर्ट परिसर में आ गिरा।

रिपोर्टों के अनुसार, हमले के दौरान एयरपोर्ट की छत का एक हिस्सा मोहम्मद यूसुफ पर गिरा, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। बाद में उनकी मौत हो गई।

परिवार के सदस्यों की क्या स्थिति है?

मोहम्मद यूसुफ की पत्नी समीरा और उनके तीन बच्चे भी घटना में घायल हुए।

  • उनके एक बेटे अमान के घुटने में चोट आई और उसकी सर्जरी की गई।

  • दूसरे बेटे वसी के पैर में चोट आई और उसका इलाज चल रहा था।

  • उनकी बेटी मरियम और पत्नी समीरा के घायल होने की भी रिपोर्ट है।

  • परिवार के अन्य सदस्यों की स्थिति के बारे में शुरुआती रिपोर्टों में अलग-अलग जानकारियां आई हैं।

कितने भारतीय घायल हुए?

भारतीय दूतावास की 12 अक्टूबर की जानकारी के अनुसार, भारतीय नागरिकों की स्थिति इस प्रकार है:

1-भारतीय नागरिक की मौत

3-ICU में, हालत स्थिर

2-सामान्य वार्ड में भर्ती

अन्य-अस्पताल से छुट्टी

घटना के बाद शुरुआती रिपोर्टों में 11 भारतीयों के घायल होने का उल्लेख था। बाद में दूतावास ने बताया कि एक भारतीय की मौत हो गई है, तीन ICU में हैं और दो अन्य सामान्य वार्ड में भर्ती हैं।

भारत सरकार ने क्या कदम उठाए?

भारतीय दूतावास, रियाद ने कहा कि उसके अधिकारी घायल भारतीयों का इलाज कर रहे सभी अस्पतालों में गए हैं। दूतावास ने सऊदी अधिकारियों द्वारा उपलब्ध कराई गई चिकित्सा सहायता के लिए धन्यवाद दिया और प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी परिवार को सहायता देने की बात कही। मृतक के पार्थिव शरीर को जल्द भारत लाने की व्यवस्था में मदद देने का आश्वासन भी दिया गया।

हमले के पीछे कौन था?

समाचार एजेंसियों की रिपोर्टों के अनुसार, यमन के ईरान-समर्थित हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब में हुए हमलों की जिम्मेदारी लेने का दावा किया। रियाद एयरपोर्ट पर लगातार हमलों की खबरें सामने आईं और दम्माम स्थित किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट को निशाना बनाए जाने की भी सूचना दी गई।

हालांकि, किसी विशेष हमले की जिम्मेदारी से जुड़े दावों और स्वतंत्र रूप से सत्यापित तथ्यों के बीच अंतर करना जरूरी है।

इस घटना का भारत पर क्या असर हो सकता है?

  • भारतीय नागरिकों की सुरक्षा: सऊदी अरब में रहने वाले और वहां यात्रा करने वाले भारतीयों के लिए सुरक्षा संबंधी चिंताएं बढ़ सकती हैं।

  • हवाई यात्रा: एयरपोर्ट पर हमलों और सुरक्षा प्रतिबंधों के कारण उड़ानों में देरी, रद्दीकरण या मार्ग बदलने की स्थिति बन सकती है।

  • परिवारों की सहायता: घायलों के इलाज, परिजनों से संपर्क और पार्थिव शरीर को भारत लाने में भारतीय दूतावास की भूमिका महत्वपूर्ण है।

  • क्षेत्रीय तनाव: सऊदी अरब और यमन के हूती विद्रोहियों के बीच संघर्ष बढ़ने से खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है।

ये संभावित प्रभाव हैं; हर उड़ान या यात्री पर इनका असर होना जरूरी नहीं है।

मुख्य बात: हैदराबाद के 46 वर्षीय आईटी प्रोफेशनल मोहम्मद यूसुफ की 10 अक्टूबर को रियाद एयरपोर्ट पर हुए हमले में मौत हुई। उनकी पत्नी और तीन बच्चे भी घायल हुए। 12 अक्टूबर तक भारतीय दूतावास के अनुसार तीन भारतीय ICU में स्थिर थे और दो अन्य सामान्य वार्ड में भर्ती थे।


दुष्कर्म के आरोपी को अस्पताल में VIP सुविधा? स्पेशल वार्ड में मोबाइल चलाते मिला, आरक्षकों की ड्यूटी पर उठे सवाल

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 कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा में दुष्कर्म के एक मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। शादी का झांसा देकर एक विधवा महिला का कथित तौर पर दैहिक शोषण करने के आरोपी पवन महतो को मेडिकल कॉलेज अस्पताल के स्पेशल वार्ड में भर्ती कराया गया है। आरोप है कि अस्पताल में वह मोबाइल फोन पर बात करता और गुटखा खाता नजर आया। आरोपी की निगरानी के लिए दो आरक्षकों की ड्यूटी लगाए जाने के बावजूद अस्पताल में उसे मिल रही सुविधाओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं।


शादी का झांसा देकर शोषण करने का आरोप

मामला कोरबा के सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है। आरोपी पवन महतो के अडानी पावर प्लांट में कार्यरत होने की जानकारी सामने आई है। उस पर एक विधवा महिला को शादी का भरोसा देकर लगातार दैहिक शोषण करने का आरोप है। इस मामले में 8 अक्टूबर को एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को पकड़ा।

तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल में कराया भर्ती

जानकारी के मुताबिक, मेडिकल परीक्षण (एमएलसी) के दौरान तबीयत खराब होने की बात सामने आने पर आरोपी को मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया। आरोप है कि उसे सामान्य वार्ड के बजाय स्पेशल वार्ड में रखा गया है। अस्पताल में उसके मोबाइल इस्तेमाल करने और गुटखा खाने की बात भी सामने आई है।

इस घटनाक्रम के बाद आरोपी की निगरानी और पुलिस अभिरक्षा की व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। आरोपी की सुरक्षा और निगरानी के लिए दो आरक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। इसके बावजूद अस्पताल में उसे मिल रही कथित सुविधाओं को लेकर पुलिस की व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

CSP बोले- आरोपी तकनीकी रूप से गिरफ्तार नहीं था

मामले में सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने बताया कि आरोपी तकनीकी रूप से गिरफ्तार नहीं था। उसके भागने की आशंका को देखते हुए पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई थी। तबीयत खराब होने के कारण उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डिस्चार्ज होने के बाद उसके खिलाफ नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

सीएसपी ने यह भी कहा कि ड्यूटी पर तैनात आरक्षकों की ओर से किसी तरह की लापरवाही सामने आने पर एसपी स्तर से जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल, अस्पताल में आरोपी को उपलब्ध कराई गई सुविधाओं और पुलिसकर्मियों की निगरानी व्यवस्था को लेकर मामला चर्चा में है। पुलिस की ओर से जांच और आगे की वैधानिक कार्रवाई के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट होगी।

आज की ताज़ा खबरें

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नमस्कार! आप सुन रहे हैं आज का अपडेटेड न्यूज़ बुलेटिन। आज सोमवार, 12 अक्टूबर 2026, और मैं लेकर आया हूँ देश-दुनिया की अब तक की बड़ी और ताज़ा खबरें।

देश की खबरें

पंजाब में पुलिस ASI की गोली मारकर हत्या

तरनतारन में बाइक सवार हमलावरों ने पुलिस सहायक उपनिरीक्षक इकबाल सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है।


MPSC Notification 2024 - Vacancies, Check Eligibility, Important dates - Rau's IAS

MPSC पेपर लीक विवाद में नया घटनाक्रम

महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष ने अपने खिलाफ जाँच जारी रहने तक छुट्टी पर रहने की बात कही है। भर्ती परीक्षा में कथित पेपर लीक को लेकर अभ्यर्थियों का विरोध जारी है।

Jawaharlal Nehru University

राजनीतिक चिंतक कमल मित्रा चेन्नॉय का निधन

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के पूर्व प्राध्यापक और राजनीतिक विश्लेषक कमल मित्रा चेन्नॉय का 75 वर्ष की आयु में निधन हुआ।

Working swiftly to assist stranded nationals, ensure safety of shipping and India’s energy security: MEA

दिल्ली में प्रदर्शनों पर भारत की UN को प्रतिक्रिया

शांतिपूर्ण प्रदर्शनों पर कार्रवाई को लेकर संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय की चिंताओं को भारत ने अनुचित हस्तक्षेप बताया है। यह मामला नागरिक स्वतंत्रता और कानून-व्यवस्था की बहस को फिर सामने लाता है।

कारोबार, बैंकिंग और शेयर बाजार

शेयर बाजार में सकारात्मक शुरुआत की उम्मीद

GIFT Nifty के संकेतों के अनुसार 12 अक्टूबर को भारतीय बाजार बढ़त के साथ खुल सकता है। शुक्रवार को निफ्टी 50 22,520.45 पर बंद हुआ था। यह शुरुआती संकेत है, वास्तविक बाजार प्रदर्शन नहीं।

कंपनियों के तिमाही नतीजे

  • Avenue Supermarts का दूसरी तिमाही का शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 7.6% बढ़ा।

  • Poonawalla Fincorp का समेकित शुद्ध लाभ लगभग पाँच गुना हुआ।

  • Mahindra & Mahindra ने सितंबर तिमाही में उत्पादन में 19.2% सालाना गिरावट बताई।

अंतरराष्ट्रीय अपडेट

The Strait of Hormuz: The Twenty-One-Mile Bottleneck That the Whole World Depends On | Book of World History

होर्मुज क्षेत्र में दो भारतीय नाविक लापता

भारत ने होर्मुज जलडमरूमध्य में हमलों की निंदा की है। दो भारतीय नाविकों के लापता होने की खबर भी सामने आई है।

Трипольская ТЭС оказалась уничтожена после атаки РФ 11 апреля

रूस-यूक्रेन ऊर्जा युद्धविराम पर अनिश्चितता

अमेरिकी राष्ट्रपति ने ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने के समझौते का दावा किया, लेकिन उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार मॉस्को और कीव ने इसकी पुष्टि नहीं की है। यूक्रेन ने नए रूसी हमलों की भी शिकायत की है।

छत्तीसगढ़ की खबरें 

दुर्गा पंडाल में लगी आग, माता की प्रतिमा खंडित, चार श्रद्धालु बाल-बाल बचे

रायपुर में दुर्गा पूजा पंडाल में आग

11 अक्टूबर को आतिशबाजी की चिंगारी से रायपुर के एक दुर्गा पूजा पंडाल में आग लग गई। राहत की बात है कि किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

Chhattisgarh announces rollout of 240 e-buses across four cities

छत्तीसगढ़ के शहरों में 240 ई-बसें चलाने की तैयारी

राज्य में प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के तहत 240 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की योजना से जुड़ा समझौता हुआ है। इससे शहरी सार्वजनिक परिवहन को बेहतर बनाने की उम्मीद है।

Chhattisgarh Government Transfer Deputy Secretary Under Secretary Mantralaya Raipur Chhattisgarh | छत्तीसगढ़ में उप सचिव-अवर सचिव बदले गए: राज्य प्रशासनिक सेवा के 4 अफसरों का ट्रांसफर, आदेश जारी - Raipur News | Dainik Bhaskar

छत्तीसगढ़ में सरकारी विभाग का नाम बदलने को मंजूरी

राज्य मंत्रिमंडल ने आदिवासी विकास विभाग के नाम में बदलाव के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। नए नाम और लागू होने की तारीख के लिए आधिकारिक अधिसूचना देखना जरूरी है।

छत्तीसगढ़ कांग्रेस विधायक दल की बैठक : नेताओं ने विष्णुदेव साय सरकार को घेरने की रणनीति बनाई - दैनिक जागरण

4. कांग्रेस विधायकों का दिल्ली दौरा

छत्तीसगढ़ के कांग्रेस विधायकों और PCC अध्यक्ष दीपक बैज के दिल्ली में होने वाली पार्टी की अहम बैठक से जुड़े दौरे की खबर सामने आई है। बैठक का विस्तृत एजेंडा स्पष्ट नहीं है।

Chhattisgarh School Principal Promotion Posting 2025 Update | Raipur News | छत्तीसगढ़ में प्राचार्यों के प्रमोशन पर रोक हटी: हाईकोर्ट ने माना राज्य शासन की प्रमोशन नीति सही, पदोन्नति के खिलाफ दायर याचिकाएं खारिज - Chhattisgarh News | Dainik Bhaskar

खराब सड़कों पर हाई कोर्ट सख्त

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने बिलासपुर नगर निगम और राज्य सरकार से सड़कों की खराब स्थिति पर जवाब माँगा है और त्योहारों से पहले मरम्मत के लिए तत्काल कदमों का ब्योरा देने को कहा है।

52 हाथियों के दल से दहशत, बच्चों की छुट्टी; रातभर जागकर घरों की रखवाली कर रहे ग्रामीण

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 कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के कटघोरा वन मंडल के पसान क्षेत्र में 52 हाथियों के दल की मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। तेलियामार गांव के आसपास विचरण कर रहे हाथियों के कारण लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो गई है। हालात ऐसे हैं कि ग्रामीणों को अपने घर और खेतों की सुरक्षा के लिए रातभर जागकर पहरा देना पड़ रहा है। हाथियों के बढ़ते खतरे को देखते हुए दीपक मिशन स्कूल प्रबंधन ने हॉस्टल में रहने वाले बच्चों को छुट्टी देकर घर भेज दिया है।


हॉस्टल की दीवार तोड़कर घुसे थे हाथी

ग्रामीणों के मुताबिक, तीन दिन पहले हाथियों के झुंड ने दीपक मिशन स्कूल के हॉस्टल में घुसकर दीवार तोड़ दी थी। इसके अलावा हाथियों ने बगीचे को नुकसान पहुंचाया और एक किसान के मकान को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। लगातार बढ़ते खतरे को देखते हुए स्कूल प्रबंधन ने बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उन्हें घर भेजने का फैसला लिया।

बताया जा रहा है कि हाथियों के इस दल में शामिल एक दंतैल हाथी अलग घूम रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, यह हाथी क्षेत्र में सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा रहा है। इसकी गतिविधियों को लेकर लोगों में विशेष डर बना हुआ है।

हाथियों के डर से रातभर जाग रहे ग्रामीण

तेलियामार और आसपास के गांवों में हाथियों की आवाजाही ने ग्रामीणों की नींद उड़ा दी है। लोग अपने घरों और फसलों को बचाने के लिए रातभर निगरानी कर रहे हैं। हाथियों की आहट मिलते ही ग्रामीण सुरक्षित स्थानों की ओर जाने की तैयारी में जुट जाते हैं।

डर का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ग्रामीण खेलन सिंह ने हाथियों से बचने के लिए अपनी खाट घर की छानी के ऊपर रख दी है, ताकि खतरा महसूस होने पर ऊंचे स्थान पर जाकर जान बचा सकें। गांव में लोग हर समय इस आशंका में रहते हैं कि कहीं हाथियों का दल उनके घरों या खेतों की ओर न पहुंच जाए।

ग्रामीणों ने थाने में लगाई सुरक्षा की गुहार

हाथियों से सुरक्षा और नुकसान की समस्या को लेकर रविवार को ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने पसान थाने में बैठक कर अपनी परेशानी रखी। इस दौरान प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और हाथियों की गतिविधियों की समय पर जानकारी देने की मांग की गई।

पसान थाना प्रभारी ने ग्रामीणों को सतर्क रहने की समझाइश देते हुए हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की। उन्होंने लोगों को हाथियों के करीब नहीं जाने और बच्चों को अकेले बाहर नहीं छोड़ने की सलाह दी।

वन विभाग की टीम कर रही निगरानी

वन विभाग की टीम हाथियों के झुंड की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रही है। प्रभावित क्षेत्र और आसपास के गांवों में मुनादी कराकर लोगों को सतर्क किया जा रहा है। ग्रामीणों को हाथियों के पास जाने से रोकने के लिए भी आवश्यक समझाइश दी जा रही है।

विभाग के अनुसार, हाथियों के कारण किसानों की फसल और मकानों को हुए नुकसान का सर्वे कराया जाएगा। इसके बाद नियमानुसार मुआवजे की कार्रवाई की जाएगी।

निगरानी बढ़ाने की मांग

लगातार हाथियों की मौजूदगी से परेशान ग्रामीणों ने वन विभाग से निगरानी बढ़ाने, समय पर सूचना देने और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है। फिलहाल क्षेत्र में लोगों के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपनी जान, घर और फसलों की सुरक्षा करना है। अब देखना होगा कि हाथियों की आवाजाही पर नियंत्रण और प्रभावित ग्रामीणों को राहत देने के लिए विभाग की ओर से आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।

Navratri Day 2: मां ब्रह्मचारिणी की पूजा से मिलता है धैर्य और आत्मबल का आशीर्वाद, जानें पूजा विधि, मंत्र और भोग

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 Navratri Day 2 2026: शारदीय नवरात्रि के दूसरे दिन मां दुर्गा के दूसरे स्वरूप मां ब्रह्मचारिणी की पूजा-अर्चना की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां ब्रह्मचारिणी तपस्या, त्याग, संयम और दृढ़ संकल्प की प्रतीक हैं। उनकी आराधना से भक्तों को आत्मसंयम, धैर्य और आंतरिक शक्ति प्राप्त करने की प्रेरणा मिलती है। नवरात्रि के इस दिन माता को चीनी, मिश्री और फल का भोग अर्पित करने की परंपरा है। वहीं, पूजा के दौरान ‘ॐ देवी ब्रह्मचारिण्यै नमः’ मंत्र का जाप करना शुभ माना जाता है।


मां ब्रह्मचारिणी की पूजा में श्रद्धालु व्रत रखते हैं और विधि-विधान से माता की आराधना कर सुख-शांति की कामना करते हैं। मान्यता है कि सच्चे मन से माता की पूजा करने से जीवन में सकारात्मकता और कठिन परिस्थितियों का सामना करने का साहस मिलता है। आइए जानते हैं मां ब्रह्मचारिणी का स्वरूप, पूजा विधि, मंत्र, भोग और धार्मिक महत्व।

मां ब्रह्मचारिणी का स्वरूप और धार्मिक महत्व

मां ब्रह्मचारिणी देवी दुर्गा का दूसरा स्वरूप हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तपस्या की थी। उनकी इसी तपस्या और साधना से जुड़े स्वरूप को मां ब्रह्मचारिणी कहा जाता है।

माता का स्वरूप शांत, सौम्य और तेजस्वी माना जाता है। उनके दाहिने हाथ में जपमाला और बाएं हाथ में कमंडल सुशोभित रहता है। उनका यह स्वरूप तप, त्याग, धैर्य और संयम का संदेश देता है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां ब्रह्मचारिणी की आराधना से भक्तों को आत्मबल और मानसिक शांति की प्राप्ति होती है। माता का स्वरूप यह प्रेरणा देता है कि जीवन में कठिनाइयां आने पर भी धैर्य और दृढ़ संकल्प के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ते रहना चाहिए।

मां ब्रह्मचारिणी की पूजा विधि

नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा करने के लिए सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके बाद पूजा स्थल की सफाई कर माता की प्रतिमा या तस्वीर के सामने दीपक जलाएं। पूजा के दौरान इन चरणों का पालन कर सकते हैं।

  1. पूजा की तैयारी: सुबह स्नान के बाद सफेद या पीले रंग के स्वच्छ वस्त्र पहनें और पूजा स्थल को साफ करें।

  2. दीपक जलाएं: मां ब्रह्मचारिणी की प्रतिमा के सामने घी का दीपक जलाकर माता का ध्यान करें।

  3. पुष्प और पूजन सामग्री अर्पित करें: माता को फूल, अक्षत, कुमकुम और चंदन अर्पित करें।

  4. मंत्र जाप करें: मां ब्रह्मचारिणी के मंत्र का श्रद्धापूर्वक जाप करें। इच्छानुसार 108 बार मंत्र का जाप कर सकते हैं।

  5. भोग लगाएं: माता को चीनी, मिश्री और फल अर्पित करें। अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार अन्य सात्विक प्रसाद भी चढ़ा सकते हैं।

  6. आरती करें: पूजा के अंत में मां ब्रह्मचारिणी की आरती करें और परिवार की सुख-शांति के लिए प्रार्थना करें।

  7. प्रसाद बांटें: पूजा पूरी होने के बाद प्रसाद परिवार के सदस्यों और श्रद्धालुओं में वितरित करें।

मां ब्रह्मचारिणी को कौन-सा भोग लगाएं?

नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी को चीनी और मिश्री का भोग अर्पित करना शुभ माना जाता है। इसके अलावा फल, दूध और दूध से बनी मिठाइयां भी चढ़ाई जा सकती हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माता को श्रद्धापूर्वक भोग अर्पित कर प्रसाद वितरित करना पूजा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

मां ब्रह्मचारिणी का प्रिय रंग कौन-सा है?

मां ब्रह्मचारिणी की पूजा के दौरान सफेद रंग के वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है। सफेद रंग शांति, पवित्रता और सात्विकता का प्रतीक है। कुछ परंपराओं में पीले रंग के वस्त्र पहनने का भी प्रचलन है। श्रद्धालु अपनी आस्था और पारिवारिक परंपरा के अनुसार वस्त्रों का चयन कर सकते हैं।

मां ब्रह्मचारिणी का मंत्र

नवरात्रि के दूसरे दिन माता की पूजा के दौरान इस मंत्र का जाप करना शुभ माना जाता है।

मंत्र: ॐ देवी ब्रह्मचारिण्यै नमः।

मंत्र का जाप शांत मन और श्रद्धा के साथ करें। भक्त अपनी सुविधानुसार 108 बार मंत्र का जाप कर सकते हैं और इसके बाद माता की आरती कर पूजा संपन्न कर सकते हैं।

मां ब्रह्मचारिणी की पूजा का महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां ब्रह्मचारिणी की पूजा से भक्तों को धैर्य, संयम और दृढ़ संकल्प की प्रेरणा मिलती है। नवरात्रि का दूसरा दिन साधना और आत्मअनुशासन के महत्व को समझने का अवसर माना जाता है।

मां ब्रह्मचारिणी का तपस्विनी स्वरूप भक्तों को सिखाता है कि जीवन में सफलता पाने के लिए धैर्य, मेहनत और संकल्प आवश्यक हैं। नवरात्रि के इस पावन अवसर पर श्रद्धालु माता की आराधना कर सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हैं।

बैंकॉक के अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में डॉ. योगेश साठे ने प्रस्तुत किया दुर्लभ डबल वीएसडी केस

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श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल की चिकित्सा उपलब्धि को मिला अंतर्राष्ट्रीय मंच

आरंग- 2 अक्टूबर को नया रायपुर में स्थित श्री सत्यसाईं संजीवनी अस्पताल, रायपुर के इंटरवेंशनल पीडियाट्रिक कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. योगेश सी. साठे ने बैंकॉक में आयोजित कैथलैब कैफे, सीएसआई-एशिया पैसिफिक 2026 में अत्यंत दुर्लभ डबल वीएसडी केस प्रस्तुत कर छत्तीसगढ़ को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई।

डॉ. साठे ने “एक बच्चे में दो वेंट्रिकुलर सेप्टल डिफेक्ट का एक साथ कैथेटर द्वारा डिवाइस से बंद करना” विषय पर 12 मिनट की प्रस्तुति दी। इसके बाद जापान के डॉ. हिदेशी तोमिता और न्यूजीलैंड की डॉ. जेम्मा पेनफोर्ड के संचालन में 10 मिनट चर्चा हुई, जिसमें विशेषज्ञों ने इस केस की सराहना की।

केस की खासियत यह रही कि एक छोटी बच्ची के हृदय में मौजूद दो वेंट्रिकुलर सेप्टल डिफेक्ट (वीएसडी) को एक ही कैथेटर आधारित प्रक्रिया में, दोनों डिवाइस एक साथ रिलीज कर बंद किया गया। यह प्रक्रिया विश्व स्तर पर अत्यंत दुर्लभ मानी जाती है।

इस तकनीक से बच्ची को ओपन-हार्ट सर्जरी से बचाया गया, जटिलताएं कम हुईं, कॉस्मेटिक परिणाम बेहतर मिला और उसे मात्र 36 घंटे में अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया।

सीएसआई-एशिया पैसिफिक 2026 जन्मजात व संरचनात्मक हृदय रोगों में कैथेटर आधारित आधुनिक उपचार पर केंद्रित विश्व का प्रमुख शैक्षणिक मंच है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस केस की प्रस्तुति अस्पताल और छत्तीसगढ़ में बच्चों के जटिल हृदय रोग उपचार को मिली वैश्विक मान्यता मानी जा रही है।

भव्य बन रहा है गढ़रीवा का मां चंडिका मंदिर

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नवरात्र पर श्रद्धालुओं में उत्साह, मनोकामना ज्योति की तैयारियां जोरों पर

आरंग- आज कुंवार नवरात्र के आगमन के साथ ही क्षेत्र के देवी मंदिरों में भक्ति का माहौल बन गया है। साफ-सफाई, रंग-रोगन, रोशनी और मनोकामना ज्योति की तैयारियां जोरों पर हैं।इसी बीच पुरातात्विक ग्राम गढ़रीवा स्थित प्राचीन मां चंडिका देवी मंदिर का ग्रामीणों द्वारा जीर्णोद्धार कराया जा रहा है। इस पुनीत कार्य में कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब का विशेष सहयोग प्राप्त हो रहा है। वहीं ग्रामीण जनसहयोग से मंदिर को भव्य रूप देने के प्रयास में जुटे हुए हैं। ग्रामीणों के अनुसार इस मंदिर के निर्माण में करीब 60 लाख रुपए की लागत आने का अनुमान है।

हजारों वर्ष पुराना है मंदिर का इतिहास 

मंदिर समिति के अनुसार मंदिर का इतिहास हजारों वर्ष पुराना है। मान्यता है कि महादानी राजा मोरध्वज यहां मां चंडिका की पूजा कर आशीर्वाद प्राप्त करते थे। राजा महर के काल में यह वीर लोरिक अहीर की आराध्य देवी के रूप में भी प्रसिद्ध रहा।

एक ही पत्थर में है पंचमूर्ति

मंदिर के पुजारी मोहन भारती बताते हैं माता की प्रतिमा एक विशाल शिला में निर्मित पंचमूर्ति है। जिसमें भक्त लंगुरे, मां चंडिका, मां आदिशक्ति, मां महामाया और काल भैरव विराजमान हैं, इसलिए इसे पंचमूर्ति चंडिका सिद्धपीठ कहा जाता है।मंदिर से लगा 75 एकड़ का बंधुआ तालाब चर्म रोग, विशेषकर सफेद दाग के निवारण के लिए प्रसिद्ध है। मान्यता है कि सात रविवार तक श्रद्धापूर्वक स्नान कर माता चंडिका का दर्शन करने से चर्म रोग से मुक्ति मिलती है, इसलिए दूर-दूर से श्रद्धालु यहां आते हैं। वहीं कुंवार और चैत्र नवरात्र में यहां सैकड़ों मनोकामना ज्योति प्रज्वलित होती हैं। इस नवरात्र भी ज्योति कलश की तैयारियां जोरों पर हैं।

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