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मशहूर गायिका आशा भोसले का निधन, संगीत जगत में शोक की लहर

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 Asha Bhosle Dies At The Age Of 92 : भारतीय संगीत जगत की दिग्गज और लेजेंड्री गायिका आशा भोसले का 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्होंने मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है।


जानकारी के अनुसार, शनिवार को उन्हें दिल का दौरा पड़ने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उनका निधन हो गया। अस्पताल प्रशासन और उनके बेटे आनंद भोसले ने उनके निधन की पुष्टि की है।

मल्टी-ऑर्गन फेलियर बना कारण

अस्पताल की डॉक्टर प्रतीत समदानी के अनुसार, आशा भोसले का निधन मल्टी-ऑर्गन फेलियर के कारण हुआ। उन्होंने बताया कि गायिका ने अस्पताल में ही अंतिम सांस ली।

परिजनों के मुताबिक, आशा भोसले का अंतिम संस्कार सोमवार को शाम 4 बजे किया जाएगा। वहीं, सुबह 11 बजे उनके निवास स्थान पर अंतिम दर्शन के लिए आम लोगों को अनुमति दी जाएगी।

देशभर में शोक

आशा भोसले के निधन से संगीत जगत और उनके प्रशंसकों में गहरा दुख है। उनके चाहने वाले और फिल्म इंडस्ट्री की हस्तियां उन्हें श्रद्धांजलि दे रही हैं।

आशा भोसले ने अपने लंबे करियर में 12,000 से अधिक गीत गाए और भारतीय संगीत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उनके सदाबहार गीत आज भी लोगों के दिलों में जीवित हैं। (Asha Bhosle Dies At The Age Of 92)

महासमुंद में पुलिस का बड़ा एक्शन: 5 करोड़ का गांजा नष्ट, तस्करों में मचा हड़कंप

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 महासमुंद छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 9 क्विंटल 96 किलो 660 ग्राम गांजा नष्ट किया है। इस कार्रवाई से ड्रग माफिया में हड़कंप मच गया है। पूरी प्रक्रिया शासन की गाइडलाइन के तहत जिला स्तरीय ड्रग्स डिस्पोजल कमेटी की निगरानी में संपन्न हुई।


तीन मामलों का जब्त गांजा किया नष्ट

पुलिस के अनुसार यह गांजा कोमाखान थाना क्षेत्र में दर्ज तीन अलग-अलग NDPS एक्ट के मामलों में जब्त किया गया था। इनमें एक मामला वर्ष 2025 का और दो मामले वर्ष 2026 के हैं।

बालाजी प्लांट में पूरी हुई प्रक्रिया

गांजा नष्टीकरण की कार्रवाई बालाजी प्लांट में की गई। इस दौरान जिला स्तरीय समिति के अध्यक्ष (पुलिस अधीक्षक), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और जिला आबकारी अधिकारी की मौजूदगी में पहले जब्त सामग्री का भौतिक सत्यापन किया गया, इसके बाद नियमानुसार नष्ट किया गया।

करीब 5 करोड़ की बताई गई कीमत

नष्ट किए गए गांजा की कुल कीमत लगभग 5 करोड़ 2 लाख 50 हजार रुपये आंकी गई है। इसे जिले में मादक पदार्थों के खिलाफ अब तक की बड़ी कार्रवाइयों में से एक माना जा रहा है।

ड्रग्स के खिलाफ सख्त रुख

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिले में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।

छत्तीसगढ़ में बढ़ेगा तापमान, अगले कुछ दिनों में गर्मी का प्रकोप तेज होने के आसार

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 रायपुर। छत्तीसगढ़ में अब गर्मी ने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले 1-2 दिनों में तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे प्रदेश में गर्मी का असर और तेज होगा।


मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि फिलहाल प्रदेश में बारिश या बादल का कोई असर नहीं है। साफ आसमान और तेज धूप के कारण तापमान लगातार बढ़ रहा है। दुर्ग प्रदेश के सबसे गर्म इलाकों में शामिल हो गया है, जबकि अंबिकापुर में अपेक्षाकृत तापमान कम बना हुआ है।

दरअसल, दक्षिण से मध्य भारत तक फैले साइक्लोनिक सिस्टम के कारण मौसम शुष्क बना हुआ है। इसके चलते सूर्य की किरणें सीधे धरती पर पड़ रही हैं और तापमान तेजी से ऊपर जा रहा है। विशेषज्ञों के मुताबिक यह गर्मी की शुरुआत है और आने वाले 3-4 दिनों में तापमान और बढ़ेगा।

42 डिग्री तक पहुंच सकता है पारा

बिलासपुर, रायपुर और दुर्ग संभाग में तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंचने की संभावना जताई गई है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है।

14 अप्रैल के बाद लू चलने की संभावना

मौसम विभाग के अनुसार 14 अप्रैल के बाद प्रदेश के कई हिस्सों में लू चलने की स्थिति बन सकती है। दिन के समय बाहर निकलना जोखिम भरा हो सकता है, खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए।

सावधानी बरतने की सलाह

बढ़ती गर्मी को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। दोपहर 12 से 3 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें, पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थ लें तथा हल्के और ढीले कपड़े पहनें। जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकलें और सिर को ढककर रखें।

मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में गर्मी और तेज होने की चेतावनी दी है, ऐसे में अभी से सावधानी बरतना जरूरी है।

पाकिस्तान में फेल अमेरिका-ईरान वार्ता, भड़के ट्रंप -तेहरान को फिर दी तबाही की धमकी

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 US Iran Peace Talks In Pakistan : अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में करीब 21 घंटे तक चली अहम शांति वार्ता बिना किसी नतीजे के समाप्त हो गई। वार्ता विफल होने के बाद दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल अपने-अपने देशों के लिए रवाना हो गए। इस घटनाक्रम के बाद क्षेत्रीय तनाव और बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।


अमेरिका की ओर से वार्ता में मुख्य शर्त ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर थी, जिसमें परमाणु हथियारों के विकास पर रोक की मांग की गई। वहीं, ईरान ने अमेरिका पर “अत्यधिक मांगें” और “गैर-कानूनी शर्तें” थोपने का आरोप लगाया।

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि उनका देश अमेरिका के पिछले वादाखिलाफियों को भूला नहीं है और न ही भविष्य में ऐसे अनुभवों को नजरअंदाज करेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान अपने हितों से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं करेगा।

चार प्रमुख मुद्दों पर फंसी वार्ता

दोनों देशों के बीच निम्नलिखित मुद्दों पर सहमति नहीं बन पाई-

होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण
ईरान का परमाणु कार्यक्रम
ईरान पर लगाए गए आर्थिक प्रतिबंध
क्षेत्र में जारी युद्ध और संघर्षों का पूर्ण अंत

ईरान ने यह भी साफ कर दिया है कि फिलहाल अमेरिका के साथ आगे किसी नई वार्ता की योजना नहीं है।

ट्रंप की तीखी प्रतिक्रिया

वार्ता विफल होने के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि जरूरत पड़ी तो उसे “पाषाण युग में वापस भेज दिया जाएगा।” ट्रंप ने इस संबंध में एक लेख भी साझा किया है, जिससे उनके सख्त रुख का अंदाजा लगाया जा रहा है।

होर्मुज में बढ़ा तनाव

इस बीच होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव भी देखने को मिला। रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी नौकाओं ने यूएई से सिंगापुर जा रहे अमेरिकी युद्धपोतों को रास्ते में रोकने की कोशिश की। हालांकि दोनों जहाज सुरक्षित अरब सागर तक पहुंच गए। ईरान की IRGC नौसेना ने सैन्य जहाजों को इस मार्ग से गुजरने देने के किसी भी प्रयास पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है।

वार्ता के दौरान ट्रंप पर उठे सवाल

खबरों के मुताबिक, जब इस्लामाबाद में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल वार्ता में व्यस्त था, उस दौरान डोनाल्ड ट्रंप अपने सहयोगी मार्को रुबियो के साथ एक मैच का आनंद ले रहे थे। इसको लेकर भी राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।

अमेरिका ने बढ़ाई सैन्य गतिविधि

वार्ता विफल होने के बाद अमेरिका ने मध्य पूर्व की ओर अपने सैन्य विमान भेजने शुरू कर दिए हैं, जिससे संभावित कार्रवाई की आशंका बढ़ गई है।

ईरान का रुख बरकरार

ईरान ने संकेत दिया है कि वह अमेरिका के साथ बातचीत भले ही रोक रहा हो, लेकिन पाकिस्तान और अन्य मित्र देशों के साथ उसके राजनयिक संबंध और संवाद जारी रहेंगे।

इस घटनाक्रम के बाद मध्य पूर्व में तनाव और अनिश्चितता का माहौल गहरा गया है, जबकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर अब दोनों देशों के अगले कदम पर टिकी हुई है।

चीन को डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी: ईरान को हथियार भेजे तो होंगे गंभीर नतीजे

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 वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि वह ईरान को हथियारों की आपूर्ति करता है, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। ट्रंप ने शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में स्पष्ट किया कि अमेरिका इस मुद्दे को अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़कर देख रहा है।


ट्रंप ने कहा कि वर्तमान में अमेरिका और ईरान के बीच गहन वार्ता चल रही है, लेकिन किसी भी समझौते से अधिक महत्वपूर्ण अमेरिका की सुरक्षा है। उन्होंने दो टूक कहा, “चाहे कुछ भी हो, जीत अमेरिका की ही होगी।”

इस बीच, ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री गतिविधियों को लेकर सख्त रुख अपनाया है। अमेरिकी सूत्रों के अनुसार, ईरान द्वारा समुद्र में माइंस (बारूदी सुरंगें) बिछाए जाने की आशंका के चलते अमेरिकी माइन-स्वीपर जहाजों की तैनाती की गई है। वहीं, ईरान का दावा है कि वह इस क्षेत्र से किसी भी सैन्य जहाज को गुजरने नहीं दे रहा है।

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने चीन को “रेड सिग्नल” देते हुए कहा कि अगर चीन ईरान को हथियार भेजता है, तो उसे “बड़ी समस्याओं” का सामना करना पड़ेगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है और युद्धविराम भी अस्थिर नजर आ रहा है।

अमेरिकी खुफिया एजेंसियों का मानना है कि चीन, ईरान को कंधे से दागे जाने वाले एंटी-एयरक्राफ्ट सिस्टम (MANPADS) या उन्नत एयर डिफेंस सिस्टम उपलब्ध करा सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हाल ही में अमेरिकी लड़ाकू विमान F-15E Strike Eagle और ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर को निशाना बनाने में ऐसे हथियारों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है।

हालांकि, चीन ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। वॉशिंगटन स्थित चीनी दूतावास ने बयान जारी कर कहा कि चीन ने इस संघर्ष में किसी भी पक्ष को हथियार नहीं दिए हैं और अमेरिका से “बेबुनियाद आरोपों से बचने” की अपील की है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि चीन वास्तव में ईरान को हथियार भेजता है, तो इससे क्षेत्रीय तनाव और बढ़ सकता है और इसका असर वैश्विक कूटनीतिक समीकरणों पर भी पड़ेगा। इसके अलावा, अगले महीने प्रस्तावित ट्रंप के चीन दौरे और उनकी शी जिनपिंग से होने वाली मुलाकात पर भी इसका असर पड़ सकता है।

बीजापुर में विकास की नई दस्तक: नियद नेल्लानार, मनरेगा और प्रधानमंत्री आवास से बदल रही 224 गांवों की तस्वीर

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दशकों से विकास से कटे इलाकों में पहुंचा रोजगार, राशन, शिक्षा और सुरक्षित आवास; 5 लाख मानव दिवस सृजित

वापस लौटे गांव, बदली जिंदगी: नक्सल इलाके में विकास की सशक्त कहानी

रायपुर- लंबे समय तक नक्सल प्रभाव के कारण विकास से अछूते रहे बीजापुर जिले के अंदरूनी क्षेत्रों में अब बदलाव की बयार स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। नियद नेल्लानार योजना और मनरेगा के संयुक्त प्रयासों से उन गांवों तक विकास की पहुंच बनी है, जहां दशकों तक नक्सल प्रभाव के कारण बुनियादी सुविधाएं नहीं पहुंच पाई थीं। अब इन क्षेत्रों में रोजगार, आवास, पेयजल, शिक्षा और आजीविका के अवसरों का विस्तार हो रहा है, जिससे लोगों के जीवन में ठोस परिवर्तन दिखाई दे रहा है।

बीजापुर जिले में नियद नेल्लानार योजना के तहत 42 सुरक्षा कैम्पों के माध्यम से 67 ग्राम पंचायतों के 224 गांवों को शामिल किया गया है। इस पहल में मनरेगा की सक्रिय भागीदारी से स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन और आधारभूत ढांचे के निर्माण को गति मिली है, जिससे ग्रामीणों को अपने ही गांव में काम और अवसर उपलब्ध हो रहे हैं।

16 हजार से अधिक परिवारों को रोजगार का सहारा

इन ग्रामों में अब तक 16,671 जॉब कार्ड पंजीकृत किए गए हैं, जिनमें से 7,271 नए जॉब कार्ड बनाए गए हैं। इससे हजारों परिवारों को गांव में ही रोजगार उपलब्ध हो रहा है। विशेष रूप से नक्सल प्रभावित वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया है। इसमें 966 आत्मसमर्पित नक्सली, 178 घायल पीड़ित परिवार और 477 मृतक नक्सल पीड़ित परिवारों के जॉब कार्ड बनाकर उन्हें मनरेगा योजना से जोड़ा गया है, जिससे उन्हें स्थायी आजीविका का आधार मिल रहा है।

पहली बार दिखा विकास का व्यापक असर

महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत नियद नेल्लानार क्षेत्रों में 1,744 विकास कार्य कराए गए हैं, जिनके माध्यम से 5 लाख से अधिक मानव दिवस सृजित हुए हैं। इन कार्यों के जरिए न केवल स्थानीय स्तर पर ग्रामीण श्रमिकों को रोजगार मिला है, बल्कि पलायन में भी कमी आई है और ग्रामीणों का शासन के प्रति विश्वास भी मजबूत हुआ है।

आजीविका डबरी बन रही आय का सशक्त जरिया

नियद नेल्लानार क्षेत्र में 372 आजीविका डबरी की स्वीकृति देकर ग्रामीणों को आजीविकामूलक गतिविधियों से जोड़ने की पहल की गई है। जनपद पंचायत भैरमगढ़ के नियद नेल्लानार अंतर्गत ग्राम पंचायत बेलनार, जहां कभी नक्सली दहशत के कारण ग्रामीण गांव छोड़कर विस्थापित होने पर मजबूर थे, अब पुनः जीवन की मुख्यधारा में लौट आया है। नियद नेल्लानार योजना में शामिल होने के बाद ग्रामीण अपने गांव लौट आए हैं। उनके आजीविका संवर्धन के लिए महात्मा गांधी नरेगा योजनांतर्गत वर्ष 2025-26 में हितग्राही सहदेव कोरसा, लखु और सुदरू कोरसा की आजीविका डबरी पूर्ण हो चुकी हैं। इन डबरियों में मत्स्य पालन एवं हॉर्टिकल्चर विभाग से अभिसरण के माध्यम से मछली पालन एवं सब्जी उत्पादन का कार्य प्रस्तावित है।

2977 परिवारों को मिला पक्का आवास

नियद नेल्लानार क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत आवास निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है। इस योजना के तहत कुल 2,977 हितग्राहियों को आवास स्वीकृति प्रदान की गई है, जिनमें से अब तक 690 हितग्राहियों के पक्के आवास बनकर तैयार हो चुके हैं। इन आवासों में अब परिवार सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जी रहे हैं।

गांव-गांव में बदलाव की सजीव तस्वीर

जनपद पंचायत बीजापुर के नियद नेल्लानार अंतर्गत ग्राम दुगाली में मनरेगा से निर्मित कुआं अब 100 से अधिक ग्रामीणों के लिए जीवनरेखा बन गया है। दुर्गम भौगोलिक स्थिति के कारण जहां बोरिंग संभव नहीं थी, वहां यह कुआं स्थायी समाधान बनकर उभरा है। इससे ग्रामीणों को सुलभ पेयजल के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार भी मिला है।

ग्राम पालनार में, जहां पहले प्रशासन की पहुंच नहीं थी, आज पंचायत भवन, आंगनबाड़ी और गौठान निर्माण कार्य जारी हैं, जिसमें वर्तमान में 200 से अधिक श्रमिक कार्यरत हैं।

कावड़गांव में 50 वर्षों के भय और अलगाव के बाद अब 100 प्रतिशत ग्रामीण श्रमिकों को जॉब कार्ड वितरित किए जा चुके हैं। साथ ही इस गांव में सड़क, बिजली, पेयजल, स्कूल और मोबाइल टॉवर जैसी मूलभूत सुविधाएं पहुंच चुकी हैं।

सावनार (तोड़का पंचायत) में 9.35 लाख रुपए की लागत से बने आंगनबाड़ी भवन से 40–45 बच्चों को नियमित शिक्षा और पोषण मिल रहा है।
पुसुकोण्टा (उसूर) में 11.69 लाख रुपए की लागत से निर्मित आंगनबाड़ी भवन ने बच्चों को सुरक्षित और बेहतर वातावरण उपलब्ध कराया है।

धरमारम और तोड़का क्षेत्र में उचित मूल्य दुकानों के निर्माण से अब ग्रामीणों को गांव में ही राशन मिल रहा है।
ग्राम बांगोली में, जहां पहले 18 किलोमीटर दूर जाकर राशन लाना पड़ता था, अब 524 परिवारों को गांव में ही यह सुविधा उपलब्ध हो रही है।

युवाओं का कौशल विकास और आत्मनिर्भरता

पुनर्वासित आत्मसमर्पित नक्सलियों एवं स्थानीय युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से राजमिस्त्री प्रशिक्षण प्रदान किया गया है, जिससे वे निर्माण कार्यों में रोजगार प्राप्त कर रहे हैं और अपने जीवन को नई दिशा दे रहे हैं।

नियद नेल्लानार योजना और मनरेगा के प्रभावी अभिसरण से बीजापुर के अंदरूनी गांवों में अब विकास ने गति पकड़ ली है। रोजगार, बुनियादी ढांचे और शासन के प्रति बढ़ते विश्वास के साथ नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी व्यापक और सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है, जो विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में एक मजबूत कदम है।

बुनियादी सुविधाओं के विस्तार से बस्तर में समृद्धि की नई राह : मुख्यमंत्री साय
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि बस्तर के जिन गांवों तक कभी विकास की पहुंच नहीं थी, वहां आज नियद नेल्लानार योजना और प्रधानमंत्री आवास जैसी योजनाओं के माध्यम से नई उम्मीद और आत्मविश्वास का संचार हुआ है। हमारी सरकार का स्पष्ट विश्वास है कि जब विकास, रोजगार और बुनियादी सुविधाएं अंतिम व्यक्ति तक पहुंचती हैं, तब ही स्थायी शांति और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है। इन क्षेत्रों में रोजगार सृजन, सुरक्षित आवास, पेयजल, शिक्षा और आजीविका के अवसरों के विस्तार से न केवल लोगों का जीवन स्तर बेहतर हुआ है, बल्कि शासन के प्रति विश्वास भी मजबूत हुआ है। यह परिवर्तन इस बात का प्रमाण है कि संवेदनशील नीतियों, समन्वित प्रयासों और जनभागीदारी से सबसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में भी सकारात्मक बदलाव संभव है - और हम इस बदलाव को और गति देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

जनगणना 2027- प्रथम चरण में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना

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छत्तीसगढ़ राज्य में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना 01 मई से 30 मई 2026 तक  

रायपुर- भारत सरकार द्वारा आयोजित जनगणना 2027 के अंतर्गत प्रथम चरण“मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना  (House Listing & Housing Census) ”का कार्य छत्तीसगढ़ राज्य में 01 मई से 30 मई 2026 तक 30 दिनों की अवधि मे संचालित किया जाएगा। यह चरण जनगणना प्रक्रिया का अत्यंत महत्वपूर्ण भाग है, जिसके माध्यम से प्रत्येक आवासीय एवं गैर-आवासीय भवन, मकान की स्थिति, उपयोग एवं उपलब्ध सुविधाओं से संबंधित विस्तृत जानकारी एकत्रित की जाएगी।

डिजिटल इंडिया के अंतर्गत इस बार आम जनता की सुविधा के लिएस्व-गणना (Self-Enumeration) का विकल्प भी उपलब्ध कराया गया है। इच्छुक नागरिक 16 अप्रैल 2026 से 30 अप्रैल 2026 के मध्य निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से स्वयं अपने परिवार एवं मकान से संबंधित जानकारी दर्ज कर सकते हैं।

स्व-गणना करने वाले परिवारों को एक स्व-गणना आईडी (Self-Enumeration ID) प्रदान की जाएगी, जिसे सुरक्षित रखना आवश्यक होगा तथा प्रगणक के आने पर प्रगणकों को देना  होगा। आपके द्वारा भरी जानकारी की पुष्टि के बाद प्रगणक उसे सब्मिट कर देगा।

इस चरण के अंतर्गत निम्नलिखित बिंदुओं पर जानकारी एकत्रित की जाएगी

प्रत्येक भवन एवं मकान की संख्या, स्थिति एवं प्रकार, मकान का उपयोग, (आवासीय/व्यावसायिक/अन्य), निर्माण की प्रकृति (कच्चा/पक्का/अर्ध-पक्का), परिवारों की संख्या एवं उनके आवासीय विवरण, उपलब्ध बुनियादी सुविधाएं, जैसे- पेयजल की उपलब्धता, शौचालय की सुविधा, विद्युत कनेक्शन, रसोई गैस/ईंधन का प्रकार, इंटरनेट/संचार सुविधाएं यह जानकारी देश की सामाजिक-आर्थिक योजनाओं, शहरी एवं ग्रामीण विकास, आवास योजनाओं, जल एवं स्वच्छता कार्यक्रमों तथा बुनियादी ढांचे के विकास हेतु अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी।

प्रगणक निर्धारित अवधि के दौरान प्रत्येक घर पर जाकर जानकारी एकत्रित करेंगे। प्रगणक अधिकृत पहचान पत्र के साथ जाएंगे, जिसकी पुष्टि नागरिकों द्वारा की जा सकती है। नागरिकों से अनुरोध है कि वे प्रगणको को सही एवं पूर्ण जानकारी प्रदान करें। स्व-गणना कर चुके परिवारों को अपनी मस-िम्दनउमतंजपवद प्क् प्रगणक को बतानी होगी।

जनगणना के दौरान एकत्रित की गई सभी जानकारी पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी। इस जानकारी का उपयोग केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों एवं नीतिगत निर्णयों के लिए किया जाएगा। किसी भी व्यक्ति विशेष की जानकारी को सार्वजनिक नहीं किया जाएगा। जनगणना कार्य में सक्रिय सहयोग प्रदान करें। निर्धारित समयावधि में स्व-गणना का लाभ उठाएं। केवल अधिकृत गणनाकर्मियों को ही जानकारी प्रदान करें। सटीक एवं सत्य जानकारी देना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। 

निगरानी

जिला, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर नियंत्रण कक्ष स्थापित किए जाएंगे। वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा नियमित निरीक्षण किया जाएगा। शिकायत निवारण हेतु हेल्पलाइन/ऑनलाइन प्रणाली उपलब्ध होगी। जनगणना कार्य निदेशालय छत्तीसगढ के निदेशक ने सभी नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करें। आपकी सटीक एवं पूर्ण जानकारी देश की विकास योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने में सहायक सिद्ध होगी। जनगणना से प्राप्त आंकड़े देश की आर्थिक, सामाजिक एवं बुनियादी विकास योजनाओं की आधारशिला होते हैं। यह प्रक्रिया सरकार को सटीक नीति निर्माण, संसाधन आवंटन एवं भविष्य की योजनाओं के निर्धारण में सहायता प्रदान करती है।

जनगणना देश की सबसे व्यापक प्रशासनिक प्रक्रिया है, जो सरकार को जनसंख्या, आवास एवं बुनियादी सुविधाओं की वास्तविक स्थिति का आंकलन करने में सहायता प्रदान करती है। इससे प्राप्त आंकड़ों के आधार पर भविष्य की योजनाएं अधिक प्रभावी एवं समावेशी बनाई जाती हैं।

खारंग नदी क्षेत्र में हादसे पर प्रशासन सख्त, अवैध उत्खनन पर लगातार कार्रवाई

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ट्रैक्टर पलटने की घटना की जांच पूरी, अवैध रेत उत्खनन पर कड़ी निगरानी

रायपुर- बिलासपुर जिले के खारंग नदी क्षेत्र में हुई दुर्घटना की जांच के बाद खनिज विभाग और जिला प्रशासन ने अवैध रेत उत्खनन पर सख्त रुख अपनाया है। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर संबंधित वाहन मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है, वहीं छत्तीसगढ राज्य में अवैध खनन, परिवहन और भंडारण के विरुद्ध लगातार अभियान चलाया जा रहा है।

बिलासपुर जिले के खनिज अमले द्वारा खारंग नदी क्षेत्र में हुई दुर्घटना की विस्तृत जांच की गई। जांच के दौरान ग्राम गढ़वट में सरपंच, पंचगण एवं ग्रामीणों की उपस्थिति में घटना स्थल का निरीक्षण किया गया। जांच में सामने आया कि 8-9 अप्रैल की मध्य रात्रि में दो युवक नदी क्षेत्र में गए थे, जहां ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने की घटना हुई। इस घटना में एक युवक की मृत्यु हो गई, जबकि दूसरा घायल हुआ। मौके पर प्रत्यक्षदर्शी नहीं मिले, बल्कि ग्रामीणों से मिली जानकारी के आधार पर घटना की पुष्टि हुई।

प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया कि संबंधित ट्रैक्टर-ट्रॉली ग्राम गढ़वट निवासी तोषण कुमार कश्यप के नाम से जुड़ी है। इस आधार पर पुलिस थाना रतनपुर में वाहन मालिक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 105 एवं 238(बी) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। जांच के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि दोनों युवक नदी क्षेत्र में रेत उत्खनन के उद्देश्य से गए थे। हालांकि घटना स्थल पर अवैध उत्खनन के प्रत्यक्ष साक्ष्य नहीं मिले, लेकिन क्षेत्र में बनाए गए कच्चे मार्ग और ट्रैक्टर के आवागमन के संकेत पाए गए।

खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। वर्ष 2024-25 में  गढ़वट और आसपास के इलाके में कुल 47 प्रकरण दर्ज कर लगभग 6.95 लाख रुपये की वसूली की गई, जबकि वर्ष 2025-26 में अब तक 22 प्रकरण दर्ज कर 3.19 लाख रुपये से अधिक की कार्रवाई की जा चुकी है। पूर्व में भी गढ़वट क्षेत्र में अवैध परिवहन के मामलों में ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त कर प्रकरण दर्ज किए गए थे। विभाग द्वारा पंचायत स्तर पर भी अवैध उत्खनन रोकने के लिए समय-समय पर निर्णय और जागरूकता प्रयास किए जा रहे हैं। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संबंधित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है और दोषियों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी।

महात्मा ज्योतिबा का विचार आज भी प्रासंगिक,उनकी जीवनी से मिलती है सीख-डॉ. पाटिल

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अभनपुर- शनिवार को पटेल समाज अभनपुर राज के तत्वाधान में अभनपुर के बस स्टैंड में महात्मा ज्योतिबा फुले जयंती हर्षोल्लास से मनाया गया। जिसमें जनप्रतिनिधियों सहित सर्वसमाज के समाज प्रमुखों को भी आमंत्रित किया गया।कार्यक्रम में मुख्य वक्ता भिलाई दुर्ग के अंतर्राष्ट्रीय कलाकार एवं साहित्यकार डाक्टर कृष्ण कुमार पाटिल रहे। उन्होंने अपने वक्तव्य में महात्मा ज्योतिबा फुले के जीवन और विचारों पर विस्तार पूर्वक प्रकाश डालते हुए कहा महात्मा ज्योतिबा फुले व उनकी धर्मपत्नी सावित्रीबाई फुले ने अपना सारा जीवन समाज को समर्पित कर दिया। उनके जीवन और आदर्श आज भी अत्यंत प्रासंगिक हैं।कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए अभनपुर राज अध्यक्ष ईश्वर पटेल ने कहा महात्मा ज्योतिबा फुले ने समाज में सामाजिक चेतना व शिक्षा का लौ जलाकर देश में शिक्षा में सकारात्मक बदलाव लाया है। उनका संपूर्ण जीवन प्रेरणादायक है।

वहीं सभा को समाजसेवी ब्रह्मदेव पटेल, अनिल अग्रवाल, संतोष शुक्ला,भरत बैस,बरतराम पटेल, पतिराम पटेल,रानी पटेल, हेमलता पटेल, राधेलाल पटेल , सोमनाथ पटेल,नारायण सोनी,वेदव्यास तारक, गुरूपंच साहू व अन्य अतिथियों ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन नवाचारी शिक्षक महेन्द्र कुमार पटेल ने किया।इस अवसर पर रक्तजांच व रक्तदान शिविर भी रखा गया। जिसमें लोगों ने रक्तजांच व रक्तदान भी किया। साथ ही पटेल समाज ने गर्मी से राहत पहुंचाने लोगो को शर्बत भी पिलाया । जिसे सभी ने सराहा।कार्यक्रम के आयोजन संयोजन में डाक्टर मधुसूदन पटेल, अवधराम पटेल,कोमल पटेल,गोपेश पटेल, संजय पटेल,नेतु पटेल,केजू पटेल,बुधारू पटेल, सहित अन्य पदाधिकारियों ने अहम् भूमिका निभाई।इस अवसर पर बड़ी संख्या में पटेल समाज व अन्य समाज के लोग उपस्थित रहें।


पांडुलिपि संरक्षण में आगे आएँ : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का प्रदेशवासियों से आह्वान

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पांडुलिपियाँ: हमारी पहचान, हमारा गर्व - संरक्षण के लिए आगे आएँ नागरिक : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

 ज्ञान की विरासत को डिजिटल युग में सुरक्षित करने का संकल्प - जनभागीदारी से होगा संरक्षण

डिजिटल युग में सुरक्षित होगी हमारी प्राचीन ज्ञान परंपरा - जनसहभागिता से बढ़ेगा अभियान

सर्वेक्षण से संरक्षण तक- छत्तीसगढ़ में पांडुलिपि अभियान को नई गति

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों से छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और प्राचीन ज्ञान परंपरा के संरक्षण के लिए सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि हमारी पांडुलिपियाँ हमारी सभ्यता, संस्कृति और ज्ञान-वैभव का जीवंत प्रमाण हैं, जिन्हें सुरक्षित रखकर भावी पीढ़ियों तक पहुँचाना हम सबकी साझा जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा प्रारंभ किया गया ‘ज्ञानभारतम राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान’ इस दिशा में एक दूरदर्शी और महत्वपूर्ण पहल है। यह अभियान देशभर में उपलब्ध प्राचीन पांडुलिपियों का सर्वेक्षण कर उन्हें सुरक्षित, संरक्षित और डिजिटल माध्यम से सुलभ बनाने का कार्य कर रहा है।

उन्होंने प्रदेश के नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि यदि उनके पास कोई प्राचीन पांडुलिपि, हस्तलिखित ग्रंथ या ताड़पत्र सुरक्षित हैं, तो वे ज्ञानभारतम मोबाइल एप पर उनका विवरण दर्ज कर इस राष्ट्रीय अभियान का हिस्सा बनें। मुख्यमंत्री ने कहा कि नागरिकों का यह छोटा-सा प्रयास हमारी सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित करने में एक बड़ा योगदान सिद्ध होगा।

मुख्यमंत्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि जनभागीदारी के माध्यम से छत्तीसगढ़ की समृद्ध ज्ञान परंपरा को नई पहचान मिलेगी और यह धरोहर आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित रूप से पहुँच सकेगी। उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे अपनी जड़ों को सहेजते हुए इस सांस्कृतिक अभियान में सहभागी बनें और ज्ञान की इस अमूल्य धरोहर को गर्व के साथ आगे बढ़ाएँ।

उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार द्वारा "ज्ञानभारतम राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान" एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में प्रारंभ किया गया है, जिसका उद्देश्य प्रदेश में उपलब्ध पांडुलिपियों का सर्वेक्षण कर उन्हें सुरक्षित, संरक्षित एवं डिजिटल माध्यम से भावी पीढ़ियों तक पहुँचाना है। मार्च 2026 से प्रारंभ इस राष्ट्रव्यापी अभियान में छत्तीसगढ़ राज्य की भी नियमित सहभागिता हो रही है। 

छत्तीसगढ़ के 33 जिलों में से 26 जिलों में जिला स्तरीय समिति का गठन और नोडल अधिकारी की नियुक्ति हो गई है, शेष 07 जिलों में गठन / नियुक्ति की कार्यवाही की जा रही है। जिलों में जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित कर पाण्डुलिपि संग्रह कर्त्ता व्यक्तियों / संस्थाओं को चिन्हित किया जा रहा है, तथा ग्राम/क्षेत्रवार सर्वेक्षकों की नियुक्ति की जा रही है। प्रशिक्षकों को नोडल विभाग (संस्कृति विभाग) द्वारा ज्ञानभारतम के क्षेत्रीय संयोजकों के साथ मिलकर जिला स्तर पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

ज्ञानभारतम भारत सरकार से छत्तीसगढ़ में 148 पांडुलिपियों की जानकारी प्राप्त हुई थी। वर्तमान में छत्तीसगढ़ के 33 जिलों में से 06 जिलों में पाण्डुलिपि सर्वेक्षण का कार्य आरम्भ हो गया है और अब तक 4191 पांडुलिपियों का सर्वे ज्ञानभारतम एप के माध्यम से किया जा चुका है।

महासमुंद पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 5 करोड़ रुपये का गांजा किया गया स्वाहा, शासन की गाइडलाइन के तहत हुआ नष्टीकरण

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महासमुंद- नशीले पदार्थों के खिलाफ छेड़ी गई मुहिम के तहत महासमुंद पुलिस ने शनिवार को अवैध मादक पदार्थ गांजा के नष्टीकरण की बड़ी कार्यवाही की है। जिला स्तरीय ड्रग्स डिस्पोजल कमेटी की मौजूदगी में लगभग 05 करोड़ 02 लाख 50 हजार रुपये कीमत का गांजा जलाकर नष्ट किया गया।

​शासन की गाइडलाइन का पालन 

​यह पूरी कार्यवाही शासन द्वारा निर्धारित कड़े दिशा-निर्देशों के अनुरूप संपन्न हुई। जिला स्तरीय ड्रग्स डिस्पोजल कमेटी के अध्यक्ष पुलिस अधीक्षक महासमुंद, सदस्य अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और जिला आबकारी अधिकारी की उपस्थिति में पहले मादक पदार्थ का भौतिक सत्यापन किया गया, जिसके बाद उसे नष्ट करने की प्रक्रिया शुरू की गई।

​ 10 क्विंटल के करीब था गांजा 

​पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, कोमाखान थाने में दर्ज एनडीपीएस एक्ट के तीन अलग-अलग बड़े मामलों में यह गांजा जप्त किया गया था। नष्ट किए गए गांजे का कुल वजन 09 क्विंटल 96 किलो 660 ग्राम है।

​ नष्टीकरण की मुख्य बातें: 

 ​स्थान: बालाजी प्लांट, बेलसोंडा (महासमुंद)।

 ​कुल वजन: 996.660 किलोग्राम।

​ बाजार मूल्य: ₹5,02,50,000 (लगभग 5 करोड़ 2 लाख रुपये)।

​ शामिल मामले: कोमाखान थाने के वर्ष 2025 का एक और वर्ष 2026 के दो बड़े प्रकरण।

​ अपराधियों में खौफ, पुलिस की मुस्तैदी 

​महासमुंद जिला ओडिशा सीमा से लगा होने के कारण तस्करी के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है। पुलिस द्वारा जप्त किए गए इस भारी मात्रा में गांजे को सार्वजनिक रूप से नष्ट करना यह दर्शाता है कि प्रशासन अवैध नशे के कारोबार की कमर तोड़ने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

महासमुंद: खट्टी जंगल 'ब्लाइंड मर्डर केस' का खुलासा; पुरानी रंजिश में हुई थी प्रकाश की हत्या, 3 आरोपी गिरफ्तार

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महासमुंद- जिला पुलिस ने खट्टी जंगल में मिली युवक की लाश की गुत्थी सुलझाते हुए एक सनसनीखेज अंधे कत्ल (ब्लाइंड मर्डर) का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में उड़ियापारा रावणभांठा निवासी तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। हत्या की वजह पुरानी रंजिश और गाली-गलौज को बताया जा रहा है।

क्या है पूरा मामला? 

​बीती 6 अप्रैल 2026 को ग्राम खट्टी के जंगल में एक अज्ञात युवक का शव संदेहास्पद स्थिति में मिला था। मृतक की पहचान प्रकाश पटेल (23 वर्ष), निवासी खैराभांठा के रूप में हुई। प्रकाश के शरीर पर चोट के गहरे निशान थे और गले में गमछा लिपटा हुआ था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और प्रारंभिक जांच में हत्या की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने धारा 103(1) BNS के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

शराब पार्टी के दौरान गाली-गलौज बनी मौत का कारण 

​पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित टीम ने जब मृतक के दोस्तों से पूछताछ की, तो परतें खुलने लगीं। जांच में सामने आया कि मृतक प्रकाश और आरोपी (जलांधर, काजू और गोपाल) आपस में दोस्त थे।

​पिछले महीने शराब पीने के दौरान प्रकाश ने नशे की हालत में आरोपियों को मां-बहन की गालियां दी थीं। इसी अपमान का बदला लेने के लिए तीनों ने उसकी हत्या की साजिश रची।

 ​फिल्मी अंदाज में दिया वारदात को अंजाम 

अपहरण और हमला: 5 अप्रैल की रात आरोपियों को सूचना मिली कि प्रकाश गायत्री मंदिर के पास है। आरोपी काजू और गोपाल वहां पहुंचे, प्रकाश के साथ मारपीट की और उसे जबरन बाइक पर बैठाकर खट्टी जंगल ले गए।

जघन्य हत्या: जंगल के सन्नाटे में आरोपियों ने कांच की बोतल और पत्थर से प्रकाश पर ताबड़तोड़ हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया।

फरारी की साजिश: हत्या के बाद आरोपियों ने अपने साथी जलांधर सोनवानी को इसकी जानकारी दी। जलांधर ने उन्हें पैसे और अपनी स्प्लेंडर बाइक (CG 04 QQ 6845) देकर गरियाबंद भागने और 'अंडरग्राउंड' होने की सलाह दी।

​पुलिस की मुस्तैदी से दबोचे गए हत्यारे 

​महासमुंद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों की मदद से घेराबंदी की। लगातार दबिश देकर पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी जब्त कर ली गई है। पुलिस के मुताबिक, पकड़े गए आरोपियों का पहले भी आपराधिक रिकॉर्ड रहा है।

गिरफ्तार आरोपियों के नाम: 

​चंद्रहास नेताम उर्फ काजू (21 वर्ष) - निवासी उड़ियापारा, महासमुंद।

​गोपाल प्रधान (20 वर्ष) - निवासी उड़ियापारा, महासमुंद।

​जालंधर सोनवानी (21 वर्ष) - निवासी वार्ड नं. 30, नया रावणभांठा।

​पुलिस ने तीनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

भारत फार्मा 2026: दवा क्षेत्र में नवाचार और वैश्विक सहयोग को मिलेगा बढ़ावा

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रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के अंतर्गत औषधि विभाग (Department of Pharmaceuticals) द्वारा इंडिया फार्मा 2026 (9वां संस्करण) का आयोजन 13-14 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली स्थित फिक्की (FICCI) हाउस में किया जा रहा है। यह आयोजन FICCI और Indian Pharmaceutical Alliance (IPA) के सहयोग से आयोजित हो रहा है।

इस कार्यक्रम का उद्घाटन केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा और राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल द्वारा किया जाएगा।

थीम

इस वर्ष का विषय है:
"Discover in India: Leapfrogging Life-Sciences Innovation"
यह थीम भारत को एक वैश्विक फार्मा नवाचार केंद्र के रूप में स्थापित करने पर केंद्रित है।

आयोजन के प्रमुख उद्देश्य

  • भारत की फार्मा क्षमता और R&D को बढ़ावा देना

  • वैश्विक सप्लाई चेन को मजबूत करना

  • दवा उद्योग को वॉल्यूम से वैल्यू और इनोवेशन आधारित मॉडल की ओर ले जाना

प्रमुख प्रतिभागी

इस दो दिवसीय कार्यक्रम में कई वरिष्ठ अधिकारी और उद्योग विशेषज्ञ शामिल होंगे:

  • मनोज जोशी (सचिव, औषधि विभाग)

  • पुण्य सलिला श्रीवास्तव (सचिव, स्वास्थ्य मंत्रालय)

  • प्रो. विनोद के. पॉल (सदस्य, नीति आयोग)

  • डॉ. रेणु स्वरूप, डॉ. शिवकुमार कल्याणरमन (विशेषज्ञ)

  • DCGI, CDSCO और US FDA के प्रतिनिधि

साथ ही उद्योग जगत के प्रमुख नाम:

  • दिलीप सांघवी (Sun Pharma)

  • पंकज पटेल (Zydus Lifesciences)

  • सिप्ला, मैनकाइंड, एबॉट, एलि लिली जैसी कंपनियों के प्रतिनिधि

मुख्य सत्र

कार्यक्रम में 6 प्रमुख प्लेनरी सेशन होंगे:

  • नवाचार को बढ़ावा देने वाली नीतियां

  • नियामक प्रणाली को सशक्त बनाना

  • AI और नई तकनीकों का उपयोग

  • CRDMO क्षमता का विकास

  • फार्मा फाइनेंसिंग इकोसिस्टम

  • नवाचार को आगे बढ़ाने की रणनीतियां

इसके अलावा स्टार्टअप शोकेस भी आयोजित किया जाएगा।

महत्व

भारत पहले से ही सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाओं का वैश्विक आपूर्तिकर्ता है। यह आयोजन देश को फार्मा इनोवेशन हब बनाने और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

भारत में डिजिटल भुगतान क्रांति: UPI ने बदली वित्तीय लेन-देन की तस्वीर

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कुछ समय पहले तक भारत में पैसे का लेन-देन समय लेने वाला और जटिल प्रक्रिया हुआ करता था। बिल भुगतान के लिए लंबी कतारें, पैसे भेजने के लिए बैंक जाना और कई दिनों तक इंतजार करना आम बात थी। लेकिन आज डिजिटल तकनीक ने इस व्यवस्था को पूरी तरह बदल दिया है।

डिजिटल परिवर्तन की शुरुआत

भारत में भुगतान प्रणाली का विकास बार्टर सिस्टम से लेकर नकद, चेक और डिजिटल माध्यमों तक हुआ है। 2000 के दशक में RBI ने RTGS (2004) और IMPS (2010) जैसी सेवाएं शुरू कीं, जिससे तेज ट्रांसफर संभव हुआ, लेकिन इनकी पहुंच सीमित थी।

JAM ट्रिनिटी: बड़ा बदलाव

डिजिटल क्रांति की असली नींव JAM ट्रिनिटी (जनधन, आधार और मोबाइल) ने रखी:

  • जनधन योजना: करोड़ों लोगों को बैंकिंग सिस्टम से जोड़ा

  • आधार: डिजिटल पहचान और पारदर्शिता सुनिश्चित

  • मोबाइल: आसान और त्वरित लेन-देन का माध्यम

इससे डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) को मजबूती मिली और लोगों में डिजिटल भुगतान के प्रति भरोसा बढ़ा।

UPI: एक क्रांतिकारी नवाचार

2016 में लॉन्च हुआ यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) भारत की भुगतान प्रणाली में बड़ा बदलाव लेकर आया:

  • मोबाइल नंबर या UPI ID से तुरंत भुगतान

  • 24x7 रियल-टाइम ट्रांजैक्शन

  • सभी बैंकों और ऐप्स के बीच इंटरऑपरेबिलिटी

  • सुरक्षित और आसान उपयोग

UPI की उपलब्धियां

  • जनवरी 2026 में 21.7 अरब ट्रांजैक्शन

  • ₹28.33 लाख करोड़ का लेन-देन

  • भारत के 81% डिजिटल रिटेल भुगतान में हिस्सेदारी

  • वैश्विक रियल-टाइम भुगतान में 49% हिस्सा

वित्तीय समावेशन को बढ़ावा

UPI ने सिर्फ भुगतान आसान नहीं किया, बल्कि:

  • छोटे व्यापारियों, रेहड़ी-पटरी वालों को डिजिटल बनाया

  • ग्रामीण और शहरी अंतर को कम किया

  • क्रेडिट, बीमा और बचत तक पहुंच बढ़ाई

आज ऑटो ड्राइवर, दुकानदार, किसान—सभी QR कोड से भुगतान ले रहे हैं।

सुरक्षा और विश्वास

  • RBI द्वारा टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन लागू (1 अप्रैल 2026 से)

  • सुरक्षित और भरोसेमंद लेन-देन

  • आसान शिकायत निवारण प्रणाली

वैश्विक पहचान

भारत का UPI अब दुनिया में मिसाल बन चुका है:

  • IMF और World Bank ने सराहा

  • कई देशों (UAE, सिंगापुर, नेपाल, फ्रांस आदि) में विस्तार

  • दुनिया का सबसे बड़ा रियल-टाइम पेमेंट सिस्टम

निष्कर्ष

UPI ने भारत में वित्तीय लेन-देन को तेज, सरल, पारदर्शी और समावेशी बना दिया है। यह सिर्फ एक पेमेंट सिस्टम नहीं, बल्कि जन-जन का प्लेटफॉर्म बन गया है, जिसने देश की आर्थिक प्रगति को नई दिशा दी है।


भारत-नेपाल व्यापार को नई रफ्तार देगा NH-927 हाईवे परियोजना

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भारत और नेपाल दक्षिण एशिया के सबसे सक्रिय स्थलीय व्यापारिक साझेदारों में से हैं। नेपाल के कुल व्यापार में भारत की हिस्सेदारी 60% से अधिक है, जो दोनों देशों के बीच गहरे आर्थिक संबंधों को दर्शाती है।

केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा NH-927 के बाराबंकी–बहराइच 4-लेन एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे को मंजूरी मिलने से भारत-नेपाल व्यापार को नई गति मिलने की उम्मीद है। यह परियोजना रूपईडीहा लैंड पोर्ट और नेपालगंज से बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगी, जिससे सीमा पार व्यापार और आर्थिक सहयोग मजबूत होगा।

प्रमुख लाभ:

व्यापार में तेजी

  • रूपईडीहा–नेपालगंज बॉर्डर भारत से नेपाल निर्यात का प्रमुख मार्ग है।

  • बेहतर सड़क से तेज और सुगम परिवहन संभव होगा, जिससे व्यापार बढ़ेगा।

कृषि और खाद्य आपूर्ति को बढ़ावा

  • चावल, गेहूं, सब्जियां, डेयरी उत्पाद और पशु चारा नियमित रूप से नेपाल भेजे जाते हैं।

  • यात्रा समय 150 मिनट से घटकर 75 मिनट हो जाएगा।

  • खराब होने वाले उत्पादों की बर्बादी कम होगी, किसानों को लाभ मिलेगा।

आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति

  • दवाइयां और उपभोक्ता सामान की सप्लाई बेहतर होगी।

  • ट्रैफिक जाम और देरी कम होने से लागत घटेगी और आपूर्ति स्थिर रहेगी।

लॉजिस्टिक्स सेक्टर को बढ़ावा

  • रूपईडीहा में ट्रकों की आवाजाही बढ़ेगी।

  • वेयरहाउसिंग, ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स व्यवसाय में नए अवसर पैदा होंगे।

सीमावर्ती क्षेत्रों में विकास

  • बहराइच और आसपास के इलाकों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

  • होटल, ढाबे, छोटे व्यापार और रिटेल सेक्टर को बढ़ावा मिलेगा।

  • स्थानीय लोगों को स्वास्थ्य, शिक्षा और बाजारों तक बेहतर पहुंच मिलेगी।

आम लोगों पर प्रभाव:

  • ट्रक ड्राइवर, किसान और छोटे व्यापारियों की आय बढ़ेगी

  • परिवहन लागत कम होगी

  • आय के स्थायी अवसर बढ़ेंगे

यह परियोजना न केवल व्यापार को मजबूत करेगी, बल्कि सीमावर्ती क्षेत्रों के सामाजिक और आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।



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