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रायपुर में D.Ed अभ्यर्थियों का शिक्षा मंत्री के बंगले पर प्रदर्शन, 2,300 सहायक शिक्षक पदों पर नियुक्ति की मांग

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रायपुर- छत्तीसगढ़ में सहायक शिक्षक भर्ती को लेकर लंबे समय से आंदोलन कर रहे D.Ed अभ्यर्थियों का आक्रोश गुरुवार, 5 नवंबर को देखने को मिला। अपनी मांगों को लेकर आंदोलनरत अभ्यर्थी गुरुवार तड़के अपने माता-पिता और परिजनों के साथ स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के नवा रायपुर स्थित शासकीय बंगले पहुंच गए। यहां उन्होंने बंगले का घेराव कर परिसर में धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया।

अभ्यर्थियों की प्रमुख मांग है कि वर्ष 2023 की सहायक शिक्षक भर्ती के शेष लगभग 2,300 पदों पर पात्र D.Ed अभ्यर्थियों को नियुक्ति दी जाए और सरकार नियुक्ति की निश्चित तारीख घोषित करे।

D.Ed अभ्यर्थियों का शिक्षा मंत्री के बंगले पर प्रदर्शन, 2,300 पदों पर नियुक्ति की मांग

रायपुर। छत्तीसगढ़ में सहायक शिक्षक भर्ती का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। लंबे समय से नियुक्ति की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे D.Ed अभ्यर्थियों ने गुरुवार सुबह अपना विरोध तेज करते हुए स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के शासकीय बंगले का घेराव कर दिया। अभ्यर्थी अपने माता-पिता और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ नवा रायपुर स्थित मंत्री के बंगले पहुंचे और परिसर में बैठकर धरना शुरू कर दिया।

321 दिनों से जारी है आंदोलन

अभ्यर्थियों के मुताबिक, वे पिछले 321 दिनों से नवा रायपुर के तूता धरना स्थल पर अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। करीब 10 महीने से जारी इस आंदोलन के बावजूद उन्हें नियुक्ति को लेकर कोई निश्चित तारीख नहीं मिली है। अभ्यर्थियों का कहना है कि लंबे इंतजार और लगातार प्रदर्शन के बाद भी जब उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं हुआ, तब उन्हें मंत्री के बंगले तक पहुंचकर अपनी बात रखने का फैसला लेना पड़ा।

2,300 सहायक शिक्षक पदों पर नियुक्ति की मांग

प्रदर्शन कर रहे D.Ed अभ्यर्थियों की मुख्य मांग वर्ष 2023 की सहायक शिक्षक भर्ती के शेष लगभग 2,300 पदों पर पात्र उम्मीदवारों को नियुक्ति देने की है। अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया से जुड़े रिक्त पदों पर नियुक्ति की स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए और सरकार को यह बताना चाहिए कि नियुक्ति कब तक पूरी होगी।

अभ्यर्थियों ने मांग की है कि सरकार केवल आश्वासन देने के बजाय नियुक्ति का स्पष्ट कार्यक्रम और निश्चित तारीख घोषित करे। उनका कहना है कि वे लंबे समय से इस फैसले का इंतजार कर रहे हैं और अब अनिश्चितता के बीच आंदोलन जारी रखने को मजबूर हैं।

परिवार के साथ मंत्री के बंगले पहुंचे अभ्यर्थी

इस प्रदर्शन में अभ्यर्थियों के साथ उनके माता-पिता और परिवार के अन्य सदस्य भी शामिल हुए। अभ्यर्थियों का कहना है कि लंबे समय से नौकरी की प्रतीक्षा के कारण उनके परिवार भी परेशान हैं। पढ़ाई पूरी करने और भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी उम्मीदें रखने के बाद भी नियुक्ति नहीं मिलने से उनके भविष्य पर असर पड़ रहा है।

परिजनों की मौजूदगी के साथ अभ्यर्थियों ने सरकार तक अपनी मांग पहुंचाने की कोशिश की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वे किसी विवाद के लिए नहीं, बल्कि अपनी नियुक्ति से जुड़ा स्पष्ट जवाब मांगने के लिए मंत्री से मिलना चाहते हैं।

पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई कहासुनी

मंत्री के बंगले पर प्रदर्शन की सूचना मिलने के बाद पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिसकर्मियों ने अभ्यर्थियों से निर्धारित धरना स्थल पर लौटने को कहा। इसी दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच बहस और कहासुनी हुई।

कुछ समाचार रिपोर्टों के अनुसार, प्रशासन ने अभ्यर्थियों को समझाने का प्रयास किया। बाद में हिन्दुस्थान समाचार की रिपोर्ट में आरंग SDM रवि सिंह के हवाले से बताया गया कि अभ्यर्थियों को बसों के माध्यम से रायपुर ले जाया जा रहा है और आगे नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रदर्शन के समय शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव बंगले में मौजूद नहीं थे।

न्यायालय के आदेशों के पालन की भी मांग

अभ्यर्थियों ने अपनी मांग के समर्थन में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के पालन का मुद्दा भी उठाया है। उनका दावा है कि भर्ती से जुड़े न्यायिक निर्देशों के बावजूद नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। हालांकि, इन आदेशों का वास्तविक दायरा और वर्तमान भर्ती प्रक्रिया पर उनका प्रभाव संबंधित न्यायिक आदेशों तथा शासन के आधिकारिक पक्ष से स्पष्ट होना जरूरी है।

अब सरकार के फैसले पर टिकी नजरें

321 दिनों से जारी आंदोलन और गुरुवार को मंत्री के बंगले तक पहुंचे प्रदर्शन के बाद सहायक शिक्षक भर्ती का मुद्दा फिर चर्चा में आ गया है। अभ्यर्थियों की मांग है कि सरकार रिक्त पदों की स्थिति स्पष्ट करे, पात्र उम्मीदवारों की नियुक्ति पर निर्णय ले और नियुक्ति की निश्चित समय-सीमा घोषित करे।

अब देखना होगा कि स्कूल शिक्षा विभाग और राज्य सरकार इस मामले में क्या कदम उठाते हैं। फिलहाल अभ्यर्थियों की मुख्य मांग यही है कि लंबे इंतजार के बाद उन्हें आश्वासन नहीं, बल्कि नियुक्ति को लेकर ठोस निर्णय मिले।


चुनाव आयोग ने छह और राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों में मतदाता सूची संशोधन की घोषणा की

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भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) द्वारा मतदाता सूचियों को अपडेट करने के लिए विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (Special Summary Revision – SSR) की प्रक्रिया का विस्तार किए जाने की खबर है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची में नए पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ना, गलतियों को सुधारना और अपात्र या स्थानांतरित मतदाताओं से जुड़ी प्रविष्टियों की जाँच करना है।

छह राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में होगा मतदाता सूची का पुनरीक्षण

5 नवंबर 2026 को जारी जानकारी के अनुसार, निर्वाचन आयोग ने चार राज्यों और दो केंद्रशासित प्रदेशों में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कराने का निर्णय लिया है। इसका मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक अद्यतन बनाना और 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके युवाओं सहित सभी पात्र नागरिकों को मतदान का अधिकार सुनिश्चित करने के लिए सूची में शामिल करना है।

किन राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में होगी प्रक्रिया?

इस बार पुनरीक्षण अभियान निम्नलिखित छह क्षेत्रों में चलाया जाएगा:

  1. अरुणाचल प्रदेश

  2. मिजोरम

  3. ओडिशा

  4. सिक्किम

  5. चंडीगढ़

  6. दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव

यह स्पष्ट करना जरूरी है कि इनमें चार राज्य और दो केंद्रशासित प्रदेश शामिल हैं।

क्या है विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR)?

विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण यानी Special Summary Revision मतदाता सूची को अपडेट करने की प्रक्रिया है। इसके तहत:

  • 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके पात्र नागरिकों के नाम जोड़े जाएंगे।

  • जिन मतदाताओं के नाम सूची में छूट गए हैं, उन्हें शामिल करने का अवसर मिलेगा।

  • मतदाता सूची में दर्ज नाम, पता और अन्य विवरणों में सुधार किया जा सकेगा।

  • मृत्यु या स्थायी रूप से स्थानांतरित होने जैसे मामलों में नियमानुसार नाम हटाने की प्रक्रिया की जाएगी।

  • मतदाता सूची में दोहराव और अन्य त्रुटियों की जाँच की जाएगी।

इस प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से बाहर न रहे और अपात्र व्यक्ति का नाम सूची में दर्ज न हो।

महत्वपूर्ण तारीखें

निर्वाचन आयोग द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार:

प्रक्रिया

    निर्धारित तारीख

मतदान केंद्रों का युक्तिकरण एवं पुनर्व्यवस्था

    20 नवंबर 2026 तक

प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन

    30 नवंबर 2026

दावा एवं आपत्ति दर्ज करने की अवधि

    30 नवंबर से 30 दिसंबर 2026

दावे एवं आपत्तियों का निपटारा

    18 जनवरी 2027 तक

अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन

    21 जनवरी 2027


युवाओं और नए मतदाताओं को मिलेगा विशेष अवसर

इस अभियान में पहली बार मतदान करने वाले युवाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। 1 जनवरी 2027 को 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले पात्र नागरिक मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकेंगे।

इसके अलावा, निर्वाचन आयोग ने उन युवाओं के लिए अग्रिम आवेदन की सुविधा भी दी है, जो 2027 में 1 अप्रैल, 1 जुलाई और 1 अक्टूबर को 18 वर्ष की आयु पूरी करेंगे। उनके आवेदन पात्रता की संबंधित तिमाही में प्रक्रिया के लिए लिए जाएंगे।

छत्तीसगढ़ के लिए क्या है इसका महत्व?

छत्तीसगढ़ का नाम इस बार घोषित किए गए छह नए क्षेत्रों की सूची में नहीं है। राज्य को पहले घोषित पुनरीक्षण कार्यक्रम में शामिल किया गया था। इसलिए छत्तीसगढ़ के मतदाताओं को अपने राज्य के लिए जारी कार्यक्रम और संबंधित निर्वाचन कार्यालय की सूचनाओं पर ध्यान देना चाहिए।

मतदाताओं को क्या करना चाहिए?

मतदाताओं को सलाह दी जाती है कि वे प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद अपना नाम और विवरण अवश्य जाँचें। यदि नाम छूट गया हो या किसी प्रकार की गलती हो, तो निर्धारित समय-सीमा में संबंधित निर्वाचन अधिकारी के समक्ष दावा या आपत्ति दर्ज कराएं। आधिकारिक जानकारी के लिए निर्वाचन आयोग की वेबसाइट Voters' Services Portal देख सकते हैं।

निष्कर्ष

निर्वाचन आयोग का यह कदम आगामी चुनावी प्रक्रिया से पहले मतदाता सूची को अद्यतन करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रशासनिक पहल है। नए मतदाताओं को सूची में शामिल करने, पुराने रिकॉर्ड में सुधार करने और मतदाता सूची की त्रुटियों को दूर करने के लिए यह अभियान चलाया जाएगा। अब सभी की नजर 30 नवंबर को प्रकाशित होने वाली प्रारूप मतदाता सूची और 21 जनवरी 2027 को जारी होने वाली अंतिम सूची पर रहेगी।


सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: 24 घंटे से ज्यादा हिरासत में रखने पर तुरंत रिहाई, गिरफ्तारी नहीं बल्कि हिरासत के समय से शुरू होगी समय-सीमा

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नई दिल्ली- देश की सर्वोच्च अदालत सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार, 5 नवंबर 2026 को नागरिकों के व्यक्तिगत स्वतंत्रता और गिरफ्तारी से जुड़े संवैधानिक अधिकारों को लेकर एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि किसी व्यक्ति को पुलिस हिरासत में लेने के बाद 24 घंटे की समय-सीमा उसी समय से शुरू होगी, जब उसकी व्यक्तिगत स्वतंत्रता वास्तव में सीमित की जाती है। पुलिस द्वारा औपचारिक गिरफ्तारी दर्ज किए जाने के समय से यह अवधि शुरू नहीं होगी।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को वास्तविक हिरासत में लेने के 24 घंटे के भीतर मजिस्ट्रेट के सामने पेश नहीं किया जाता है, तो उसे तत्काल रिहा करना होगा। हालांकि, मजिस्ट्रेट की अदालत तक पहुंचने में लगने वाला आवश्यक यात्रा समय इस गणना से बाहर रहेगा।

किन न्यायाधीशों की पीठ ने सुनाया फैसला?

यह महत्वपूर्ण फैसला न्यायमूर्ति उज्जल भुइयां और न्यायमूर्ति अतुल एस. चंदुरकर की पीठ ने सुनाया।

मामले में अदालत ने स्पष्ट किया कि पुलिस किसी व्यक्ति को जांच, पूछताछ, तलाशी या जब्ती के नाम पर हिरासत में रखकर औपचारिक गिरफ्तारी दर्ज करने में देरी नहीं कर सकती।

अदालत के अनुसार, हिरासत और गिरफ्तारी के बीच कृत्रिम अंतर बनाकर संवैधानिक सुरक्षा को कमजोर नहीं किया जा सकता।

क्या है पूरा मामला?

यह मामला Sujit Das v. Union of India से जुड़ा है। इसमें चार आरोपियों ने त्रिपुरा हाईकोर्ट के उस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, जिसमें उन्हें NDPS एक्ट के तहत दर्ज मादक पदार्थों की तस्करी के मामले में जमानत देने से इनकार किया गया था।

मामले की घटनाओं के अनुसार:

  • 29 सितंबर 2025 को दोपहर करीब 2 बजे आरोपियों को तलाशी और जब्ती की कार्रवाई के दौरान हिरासत में लिया गया।

  • पुलिस ने उनकी औपचारिक गिरफ्तारी 30 सितंबर 2025 को सुबह करीब 11 बजे दर्ज की।

  • इस दौरान लगभग 18 घंटे तक वे न्यायिक निगरानी के बिना हिरासत में रहे।

  • आरोपियों की ओर से दलील दी गई कि औपचारिक गिरफ्तारी दर्ज करने में देरी करके 24 घंटे की संवैधानिक समय-सीमा को प्रभावित करने का प्रयास किया गया।

सुप्रीम कोर्ट ने मामले के तथ्यों और संवैधानिक प्रावधानों पर विचार करते हुए हिरासत के वास्तविक समय को ही 24 घंटे की गणना का आधार माना।

संविधान के अनुच्छेद 22(2) में क्या प्रावधान है?

भारतीय संविधान का अनुच्छेद 22(2) गिरफ्तार व्यक्ति को महत्वपूर्ण सुरक्षा प्रदान करता है।

इसके अनुसार:

  • गिरफ्तार व्यक्ति को गिरफ्तारी के स्थान से मजिस्ट्रेट की अदालत तक पहुंचने में लगने वाले आवश्यक यात्रा समय को छोड़कर 24 घंटे के भीतर निकटतम मजिस्ट्रेट के सामने पेश करना अनिवार्य है।

  • पुलिस किसी व्यक्ति को अनिश्चित समय तक अपनी हिरासत में नहीं रख सकती।

  • 24 घंटे के बाद हिरासत जारी रखने के लिए न्यायिक मजिस्ट्रेट की अनुमति आवश्यक होती है।

  • गिरफ्तारी और हिरासत से जुड़े संवैधानिक अधिकारों का पालन करना पुलिस की जिम्मेदारी है।

सुप्रीम कोर्ट की नई व्याख्या: 24 घंटे की गणना उस समय से होगी जब व्यक्ति की स्वतंत्रता वास्तव में छीन ली गई हो, न कि पुलिस रिकॉर्ड में गिरफ्तारी दर्ज होने के समय से।


अब पुलिस के लिए क्या बदलेगा?

इस फैसले के बाद जांच एजेंसियों के लिए कुछ महत्वपूर्ण बातें स्पष्ट हो गई हैं

    1. विषय

    1. सुप्रीम कोर्ट का निर्देश

    1. हिरासत का समय

    1. वास्तविक हिरासत से गणना

    1. औपचारिक गिरफ्तारी             

    1. समय-सीमा का नया प्रारंभ नहीं

    1. जांच और पूछताछ

    1. इस दौरान का समय भी शामिल

    1. तलाशी और जब्ती

    1. हिरासत का समय शामिल

    1. यात्रा का समय

    1. आवश्यक यात्रा समय की छूट

    1. 24 घंटे से अधिक हिरासत

    1. बिना मजिस्ट्रेट के पेशी के अवैध

    1. मजिस्ट्रेट की भूमिका

    1. वास्तविक हिरासत का समय दर्ज करना और जांचना

अदालत ने यह भी कहा कि मजिस्ट्रेट को व्यक्ति को पेश किए जाने पर हिरासत शुरू होने की वास्तविक तारीख और समय दर्ज करना चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट ने चार आरोपियों की तत्काल रिहाई का आदेश दिया

इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने पाया कि आरोपियों को 29 सितंबर 2025 को दोपहर 2 बजे हिरासत में लिया गया था। उन्हें 30 सितंबर को शाम 4:45 बजे मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया।

इस प्रकार वास्तविक हिरासत के 24 घंटे की समय-सीमा पार हो चुकी थी।

अदालत ने हिरासत की प्रक्रिया को असंवैधानिक मानते हुए चारों अपीलकर्ताओं की तत्काल रिहाई का आदेश दिया और त्रिपुरा हाईकोर्ट के जमानत से इनकार करने वाले फैसले को पलट दिया।

NDPS एक्ट जैसे सख्त कानून में भी लागू होंगे संवैधानिक अधिकार

यह फैसला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि मामला NDPS एक्ट यानी मादक पदार्थ एवं मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम के तहत दर्ज था।

इस मामले में कथित तौर पर 11.03 किलोग्राम मेथामफेटामाइन टैबलेट (याबा) बरामद होने का आरोप था।

NDPS एक्ट की धारा 37 में व्यावसायिक मात्रा के मामलों में जमानत के लिए कड़ी शर्तें हैं।

लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसी विशेष कानून की सख्त जमानत शर्तें भी संविधान के अनुच्छेद 21 और 22 के तहत प्राप्त मौलिक अधिकारों को समाप्त नहीं कर सकतीं।

हिरासत में प्रताड़ना रोकने पर भी अदालत की चिंता

सुप्रीम कोर्ट ने हिरासत में होने वाली हिंसा और प्रताड़ना पर चिंता व्यक्त की।

अदालत ने कहा कि कई बार जांच के नाम पर लोगों को औपचारिक गिरफ्तारी दिखाए बिना लंबे समय तक पुलिस नियंत्रण में रखा जाता है। ऐसी स्थिति में व्यक्ति के संवैधानिक अधिकार प्रभावित हो सकते हैं।

अदालत का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी व्यक्ति को न्यायिक निगरानी से बाहर रखकर गैरकानूनी तरीके से हिरासत में न रखा जाए।

आम नागरिकों के लिए इस फैसले का क्या महत्व है?

इस फैसले से आम नागरिकों के व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार को स्पष्ट सुरक्षा मिलती है।

  1. पुलिस हिरासत में लिए जाने का वास्तविक समय महत्वपूर्ण होगा।

  2. केवल औपचारिक गिरफ्तारी दर्ज करने में देरी करके 24 घंटे की अवधि नहीं बढ़ाई जा सकेगी।

  3. व्यक्ति को निर्धारित समय में मजिस्ट्रेट के सामने पेश करना होगा।

  4. मजिस्ट्रेट हिरासत की वैधता और अवधि की स्वतंत्र रूप से जांच करेंगे।

  5. संवैधानिक नियमों का उल्लंघन होने पर व्यक्ति की तत्काल रिहाई का आदेश दिया जा सकता है।

ध्यान रहे, यह फैसला गैरकानूनी हिरासत और निर्धारित प्रक्रिया के उल्लंघन के संदर्भ में है। इसका अर्थ यह नहीं है कि हर गिरफ्तारी के बाद व्यक्ति स्वतः रिहा हो जाएगा।

फैसले से जुड़ी महत्वपूर्ण कानूनी धाराएं

कानून

प्रावधान

भारतीय संविधान

अनुच्छेद 21 – जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता

भारतीय संविधान

अनुच्छेद 22(2) – 24 घंटे में मजिस्ट्रेट के सामने पेशी

BNSS 2023

धारा 56 – गिरफ्तार व्यक्ति की स्वास्थ्य एवं सुरक्षा

BNSS 2023

धारा 58 – 24 घंटे से अधिक हिरासत पर रोक

NDPS एक्ट

धारा 37 – जमानत की कठोर शर्तें


दिल्ली में बड़ा हादसा: चावड़ी बाजार में निर्माणाधीन तीन मंजिला इमारत ढही, 2 लोगों की मौत, 4 घायल

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नई दिल्ली- राजधानी दिल्ली के पुराने इलाके चावड़ी बाजार में गुरुवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया। यहां गली सितारा (Gali Sitara) में निर्माणाधीन तीन मंजिला इमारत अचानक भरभराकर ढह गई। हादसे में अब तक दो लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि चार लोग घायल बताए जा रहे हैं। शुरुआती जानकारी में कई लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई गई थी। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

सुबह करीब 9:50 बजे हुआ हादसा

प्राप्त जानकारी के अनुसार, गुरुवार 5 नवंबर को सुबह करीब 9:50 बजे चावड़ी बाजार मेट्रो स्टेशन के पास स्थित गली सितारा में निर्माणाधीन इमारत ढह गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इमारत गिरने से पहले जोरदार आवाज सुनाई दी। आसपास के लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। कुछ ही देर में घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जमा हो गई।

बताया गया कि इमारत में पिछले 3 से 4 महीनों से निर्माण कार्य चल रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि इमारत में तीन से चार कंक्रीट स्लैब डाले जा चुके थे, जो हादसे के दौरान एक साथ ढह गए।

दो लोगों की मौत, चार घायल

हादसे के बाद राहत एवं बचाव दल ने मलबे में फंसे लोगों को निकालने का अभियान शुरू किया।

5 नवंबर को दोपहर बाद उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार:

  • दो लोगों की मौत की पुष्टि हुई।

  • चार लोग घायल हुए।

  • घायलों को बचाकर उपचार के लिए भेजा गया।

  • मलबे में अन्य लोगों के फंसे होने की आशंका के चलते तलाशी अभियान जारी रहा।

मृतकों की पहचान और हादसे में मौजूद लोगों की कुल संख्या के संबंध में पूरी आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई थी।

NDRF, दिल्ली पुलिस और दमकल विभाग का रेस्क्यू ऑपरेशन

घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली अग्निशमन सेवा, दिल्ली पुलिस, नगर निगम और NDRF की टीमें मौके पर पहुंचीं।

  • शुरुआत में दो वाटर टेंडर, एक वाटर बॉजर, एक क्विक रिस्पांस वाहन और एक इन्सिडेंट रिस्पांस टीम भेजी गई।

  • बाद में अतिरिक्त दमकल वाहन और वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंचे।

  • कुल छह दमकल यूनिटों को राहत एवं बचाव कार्य में लगाया गया।

  • NDRF की टीम ने मलबे में दबे लोगों की तलाश की।

  • बचावकर्मियों ने सावधानीपूर्वक मलबा हटाकर लोगों को निकालने का काम किया।
MCD की बड़ी कार्रवाई, दो इंजीनियर निलंबित

हादसे के बाद दिल्ली नगर निगम (MCD) ने कार्रवाई करते हुए एक असिस्टेंट इंजीनियर और एक जूनियर इंजीनियर को निलंबित कर दिया है।

रिपोर्ट के अनुसार, MCD ने बताया कि इस निर्माण के लिए कोई बिल्डिंग प्लान स्वीकृत नहीं कराया गया था। इसके बाद निर्माण कार्य की अनुमति, निगरानी और संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

जांच के घेरे में निर्माण कार्य और सुरक्षा व्यवस्था

इस हादसे ने पुरानी दिल्ली के घनी आबादी वाले इलाकों में निर्माणाधीन इमारतों की सुरक्षा व्यवस्था पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जांच में मुख्य रूप से इन बिंदुओं पर ध्यान दिया जा सकता है:

  1. क्या निर्माण कार्य निर्धारित नियमों के अनुसार किया जा रहा था?

  2. क्या इमारत का नक्शा और निर्माण संबंधी अनुमति ली गई थी?

  3. निर्माण के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं?

  4. क्या संबंधित अधिकारियों ने समय पर निरीक्षण किया था?

  5. इमारत के ढहने की वास्तविक तकनीकी वजह क्या थी?

फिलहाल हादसे के वास्तविक कारण की आधिकारिक जांच का निष्कर्ष सामने नहीं आया है।

दो महीने पहले भी दिल्ली में हुआ था बड़ा हादसा

यह घटना दिल्ली में भवन सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाने वाली है। इससे पहले 6 सितंबर 2026 को पश्चिमी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पांच मंजिला आवासीय इमारत गिर गई थी। उस हादसे में सात लोगों की मौत हुई थी।

प्रशासन के सामने बड़े सवाल
  • बिना स्वीकृत नक्शे के निर्माण कैसे चल रहा था?

  • निर्माण स्थल पर सुरक्षा इंतजाम क्यों नहीं थे?

  • क्या समय रहते निरीक्षण किया गया था?

  • घनी आबादी वाले इलाकों में जर्जर और निर्माणाधीन इमारतों की सुरक्षा जांच कब होगी?

फिलहाल चावड़ी बाजार हादसे की जांच और राहत-बचाव अभियान इस घटना के प्रमुख पहलू बने हुए हैं।


वोट चोरी के आरोपों पर अरुण साव का कांग्रेस पर पलटवार, बोले- हार के बहाने तलाश रहा विपक्ष

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 रायपुर। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के ‘वोट चोरी’ अभियान को लेकर सियासत तेज हो गई है। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी अपनी राजनीतिक कमजोरियों और चुनावी हार की समीक्षा करने के बजाय संवैधानिक और कानूनी प्रक्रियाओं पर सवाल खड़े कर रही है। उन्होंने दावा किया कि 17 नगरीय निकाय चुनावों में हार के बाद कांग्रेस अब अपनी नाकामी छिपाने के लिए नए-नए बहाने तलाश रही है।


मीडिया से चर्चा के दौरान अरुण साव ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सोशल मीडिया पोस्ट पर भी निशाना साधा। बघेल ने अपने पोस्ट में लिखा था कि ‘राहुल गांधी के सामने सबकी लाइन-लेंथ बिगड़ रही है।’ इस पर पलटवार करते हुए साव ने कहा कि किसकी लाइन-लेंथ बिगड़ रही है, यह पूरा देश देख रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जिन नेताओं से हाथ मिलाया जा रहा है और गले मिला जा रहा है, वे भी कोई खास तवज्जो नहीं दे रहे हैं। जिस नेता के नेतृत्व में कांग्रेस 100 चुनाव हार चुकी है, उसे आखिर कौन गंभीरता से लेगा।

SIR पर कांग्रेस को घेरा, घुसपैठियों के पक्ष में खड़े होने का आरोप

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर भाजपा के कार्टून पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए उप मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस घुसपैठियों के पक्ष में खड़ी दिखाई दे रही है। साव ने दावा किया कि आजादी के बाद देश में 12 बार SIR की प्रक्रिया हो चुकी है, जिनमें से 10 बार केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी। उस समय कांग्रेस ने इस प्रक्रिया को लेकर कोई विरोध नहीं किया।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास जनता का समर्थन नहीं है, इसलिए वह SIR को लेकर लोगों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा करने की कोशिश कर रही है। साव ने सवाल उठाया कि जब जनता कांग्रेस को वोट ही नहीं दे रही है, तो फिर वोट चोरी का आरोप लगाने का क्या आधार है?

‘देश को अस्थिर करने की कोशिश कर रहा विपक्ष’

भाजपा के ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान पर भी अरुण साव ने विपक्ष को निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल देश में अराजकता का माहौल बनाने का प्रयास कर रहे हैं। इसके विपरीत भाजपा जनता के बीच जाकर विपक्ष की राजनीति और उसके कथित कारनामों को उजागर कर रही है।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ऐसे मुद्दों को हवा दे रही है, जिनका आम जनता से कोई सीधा संबंध नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष देश को अस्थिर करने की कोशिश कर रहा है और ऐसे लोगों के समर्थन में खड़ा है, जो मतदाता बनने की पात्रता नहीं रखते। साव ने विदेशी षड्यंत्र के जरिए देश की व्यवस्था को अस्थिर करने की कोशिश किए जाने का आरोप भी लगाया।

कुल मिलाकर SIR और ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव लगातार तेज होता दिखाई दे रहा है।

दीपावली से पहले छत्तीसगढ़ के बुनकरों और महिला स्व-सहायता समूहों को बड़ी सौगात

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9 करोड़ 41 लाख रुपये का पारिश्रमिक सीधे बैंक खातों में अंतरित

बुनकरों और महिलाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार देकर आर्थिक रूप से सशक्त बनाना हमारी प्राथमिकता : मंत्री गजेन्द्र यादव

रायपुर- दीपावली के पावन पर्व से ठीक पहले छत्तीसगढ़ के बुनकरों और सिलाई कार्य से जुड़ी महिला स्व-सहायता समूहों के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप और ग्रामोद्योग मंत्री गजेन्द्र यादव के विशेष निर्देशों के तहत, राज्य सरकार ने बुनकर सहकारी समितियों और महिला स्व-सहायता समूहों को उनके श्रम का पारिश्रमिक जारी कर दिया है। इसके तहत कुल 9 करोड़ 41 लाख रुपये की राशि आरटीजीएस (RTGS) के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में अंतरित की गई है। समय पर भुगतान होने से इन परिवारों में दीवाली की खुशियां और अधिक दोगुनी हो गई हैं।

समय पर भुगतान से मजबूत हो रहा स्थानीय हुनर- मंत्री गजेन्द्र यादव

ग्रामोद्योग मंत्री गजेन्द्र यादव ने इस संबंध में प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि बुनकरों और महिला स्व-सहायता समूहों के कठिन परिश्रम का समय पर पारिश्रमिक भुगतान हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में हमारी सरकार स्थानीय हुनर को रोजगार से जोड़कर बुनकरों और महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। दीपावली से पहले पारिश्रमिक मिलने से उनके परिवारों के जीवन में उत्साह और समृद्धि का संचार होगा।

मंत्री यादव ने आगे जोर देते हुए कहा कि वोकल फॉर लोकल की भावना को आत्मसात करते हुए बुनाई और गणवेश (यूनिफॉर्म) सिलाई के जरिए जमीनी स्तर पर सतत रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। महिलाओं के कौशल विकास और स्वरोजगार के दायरे को बढ़ाकर उनकी आय में वृद्धि करना सरकार का मुख्य ध्येय है।

9 करोड़ 41 लाख रुपये का पारिश्रमिक सीधे बैंक खातों में अंतरित

ग्रामोद्योग विभाग के सचिव सह प्रबंध संचालक राजेश सिंह राणा ने बताया कि इस वित्तीय वर्ष और त्योहारी सीजन के दौरान पारिश्रमिक का यह वितरण पूरी पारदर्शिता के साथ सीधे खातों में किया गया है।  प्रदेश के 26 जिलों की 302 बुनकर सहकारी समितियों को 7 करोड़ 60 लाख रुपये का भुगतान अक्टूबर 2026 में किया गया। 49 बुनकर सहकारी समितियों को 1 करोड़ 50 लाख रुपये तथा 128 महिला स्व-सहायता समूहों को 31 लाख रुपये का पारिश्रमिक 3 नवंबर को अतिरिक्त भुगतान किया गया।

चालू वित्तीय वर्ष (2026-27) की कुल उपलब्धियां

राज्य हाथकरघा संघ द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 में 3 नवंबर तक कुल 76 करोड़ 13 लाख 54 हजार रुपये की राशि सीधे बैंक खातों में भेजी जा चुकी है, जिसमें शामिल हैं।  बुनकर सहकारी समितियों  को  345 बुनकर सहकारी समितियों को बुनाई पारिश्रमिक के रूप में 54 करोड़ 87 लाख रुपये, 2005 महिला स्व-सहायता समूहों को सिलाई पारिश्रमिक के रूप में 21 करोड़ 17 लाख रुपये की राशि सीधे बैंक खातों में भेजी जा चुकी है।

बुनकरों को  कल्याणकारी सहायता

बुनकरों की आकस्मिक मृत्यु पर 29 आश्रित परिवारों को 5 लाख 80 हजार रुपये की आर्थिक सहायता अनुदान और हाथकरघा क्षेत्र के 11 पुरस्कृत हितग्राहियों को 3 लाख 74 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई है।

सुकमा, बस्तर, कोरबा और जशपुर में पुनर्वासित महिलाओं के लिए नए अवसर

पारंपरिक कार्यों के साथ-साथ सुदूर और आकांक्षी जिलों में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की अनूठी पहल भी शुरू की गई है। इसके तहत सुकमा, बस्तर, कोरबा एवं जशपुर जिलों की 30 पुनर्वासित महिलाओं को सिलाई-कढ़ाई का विशेष प्रशिक्षण देकर स्वरोजगार से जोड़ा जा रहा है।

राज्य हाथकरघा संघ के अनुपयोगी और कटपीस वस्त्रों का सदुपयोग करते हुए इनसे आकर्षक खिलौने, थैले (बैग) और वाटर बैग जैसे उत्पाद तैयार करवाने के कार्यादेश दिए जा रहे हैं। साथ ही, इन महिलाओं को घर पर ही निःशुल्क सिलाई मशीन उपलब्ध कराकर उनके लिए आय के नए और स्थायी अवसर विकसित किए जा रहे हैं, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो रहा है।

सौरभ के बाद अब रवि उप्पल पर शिकंजा! दुबई में गिरफ्तारी की खबर, भारत लाने की तैयारी

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 रायपुर। महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप मामले में जांच एजेंसियों की कार्रवाई को लेकर एक और बड़ी खबर सामने आई है। ऐप के कथित सह-संचालक और प्रमुख आरोपी रवि उप्पल को दुबई में गिरफ्तार किए जाने की सूचना है। हालांकि, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) सरकार की ओर से अभी तक गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। इधर, प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) उसे भारत लाने की प्रक्रिया को लेकर तैयारी कर रहे हैं।


रवि उप्पल की गिरफ्तारी की खबर ऐसे समय आई है, जब महादेव ऐप के दूसरे प्रमुख आरोपी सौरभ चंद्राकर को हाल ही में ओमान से भारत लाया गया है। अब सौरभ की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियों की नजर रवि उप्पल पर टिकी है। दोनों आरोपियों से पूछताछ के जरिए करोड़ों रुपये के कथित सट्टेबाजी नेटवर्क और उसके संचालन से जुड़े कई राज सामने आने की उम्मीद है।

दुबई में रवि उप्पल की गिरफ्तारी, आधिकारिक पुष्टि का इंतजार

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारतीय जांच एजेंसियों को अनौपचारिक माध्यमों से रवि उप्पल को दुबई में हिरासत में लिए जाने की जानकारी मिली है। हालांकि, UAE सरकार की तरफ से इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

ऐसे में उसकी गिरफ्तारी की वास्तविक स्थिति और भारत प्रत्यर्पण की प्रक्रिया को लेकर अभी तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। ED और CBI इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया को लेकर तैयारी कर रही हैं।

दिसंबर 2023 में भी दुबई में पकड़ा गया था रवि उप्पल

भिलाई निवासी रवि उप्पल पर दुबई से महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप के संचालन में अहम भूमिका निभाने का आरोप है। अक्टूबर 2023 में उसके खिलाफ इंटरपोल ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया था।

दिसंबर 2023 में भी दुबई में उसे हिरासत में लिया गया था, लेकिन करीब 45 दिन बाद रिहा कर दिया गया। इसके बाद जनवरी 2024 में प्रवर्तन निदेशालय ने उसके प्रत्यर्पण के लिए अनुरोध किया था।

अब एक बार फिर उसकी गिरफ्तारी की खबर सामने आने से महादेव सट्टा ऐप मामले की जांच में तेजी आने की संभावना जताई जा रही है।

सौरभ चंद्राकर 8 दिन की CBI रिमांड पर

इधर, महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप के दूसरे प्रमुख आरोपी सौरभ चंद्राकर को बुधवार को रायपुर की विशेष CBI अदालत में पेश किया गया। अदालत ने पूछताछ के लिए उसे आठ दिन की कस्टोडियल रिमांड पर CBI को सौंपने की अनुमति दी है।

इसके साथ ही जांच एजेंसी को सौरभ चंद्राकर को दिल्ली स्थित अपने मुख्यालय ले जाकर पूछताछ करने की भी अनुमति मिल गई है। CBI अब उससे सट्टेबाजी ऐप के संचालन और पूरे नेटवर्क से जुड़े सवालों के जवाब तलाशेगी।

करोड़ों के लेन-देन और सट्टेबाजी सिंडिकेट की होगी पड़ताल

जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती महादेव ऐप के कथित आर्थिक नेटवर्क की पूरी जानकारी जुटाना है। CBI सौरभ चंद्राकर से ऐप के संचालन, पैसों के लेन-देन, सट्टेबाजी के नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका को लेकर पूछताछ करेगी।

एजेंसी यह भी पता लगाने की कोशिश करेगी कि इस कथित सिंडिकेट का संचालन किन माध्यमों से होता था और देश-विदेश में इसके नेटवर्क से कौन-कौन लोग जुड़े हुए थे।

रवि उप्पल की गिरफ्तारी की खबर और सौरभ चंद्राकर की आठ दिन की CBI रिमांड ने महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप मामले को फिर चर्चा में ला दिया है। हालांकि, रवि उप्पल की गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि और भारत प्रत्यर्पण को लेकर अभी अंतिम जानकारी सामने आना बाकी है।

दो दिन में 807 किलो गांजा जब्त, कांकेर में तस्करों का दुस्साहस; थाना प्रभारी को मारने की कोशिश

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 कांकेर। छत्तीसगढ़ में गांजा तस्करों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि अब वे पुलिस अधिकारियों पर ही गाड़ी चढ़ाने से पीछे नहीं हट रहे। कांकेर जिले में गांजा तस्करों को पकड़ने के लिए पुलिस ने करीब 30 किलोमीटर तक पीछा किया। इस दौरान तस्करों ने केशकाल थाना प्रभारी रितेश मिश्रा को कार से कुचलने की कोशिश की। कार उनके पैर को रगड़ते हुए निकल गई, जिससे उनके अंगूठे में गंभीर चोट आई। हालांकि, आरोपी पुलिस को चकमा देकर फरार होने में कामयाब रहे।


लेकिन तस्करों की जल्दबाजी उनके लिए मुसीबत बन गई। पुलिस से बचने के लिए वे गांजे से भरी बोरियां सड़क किनारे कचरे के ढेर में फेंककर भाग निकले। बुधवार दोपहर ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस ने वहां तलाशी ली तो 400 किलो से अधिक गांजा बरामद हुआ। जब्त गांजे की अनुमानित कीमत दो करोड़ रुपये से ज्यादा बताई जा रही है। लगातार दूसरे दिन बड़ी खेप पकड़े जाने के बाद पुलिस अब तस्करी के नेटवर्क की तलाश में जुट गई है।

पुलिस को देखते ही भागने लगे तस्कर, थाना प्रभारी पर चढ़ाई कार

जानकारी के मुताबिक, ओडिशा की ओर से गांजे की खेप लेकर आ रही फॉर्च्यूनर कार के साथ टाटा वैक्सीन वाहन पायलट के रूप में चल रहा था। पुलिस को संदिग्ध वाहनों की जानकारी मिलने पर उन्हें रोकने की कोशिश की गई।

इसी दौरान एक नेक्सॉन कार के चालक ने कथित तौर पर केशकाल थाना प्रभारी रितेश मिश्रा को कुचलने का प्रयास किया। कार उनके पैर को रगड़ते हुए तेजी से आगे निकल गई। इस घटना में थाना प्रभारी के अंगूठे में गंभीर चोट आई।

पुलिस अधिकारी पर हमले की कोशिश के बाद जवानों ने तत्काल वाहनों का पीछा शुरू किया। इसके बाद केशकाल से कांकेर की ओर करीब 30 किलोमीटर तक पीछा चलता रहा।

कचरे के ढेर में फेंक गए गांजे की बोरियां, दोनों वाहन फरार

पुलिस से बचने के लिए तस्करों ने सिंगारभाट इलाके में राइस मिल के पास गड़िया पहाड़ के नीचे गांजे से भरी बोरियां फेंक दीं। बताया जा रहा है कि आरोपियों ने दोनों वाहनों को अलग-अलग रास्तों से निकालकर फरार होने की कोशिश की।

घटना के बाद केशकाल पुलिस ने वापस लौट रहे एक संदिग्ध वाहन को रोककर तलाशी भी ली। हालांकि, उसमें कोई संदिग्ध सामग्री नहीं मिलने पर वाहन को छोड़ दिया गया।

ग्रामीणों की सूचना पर खुला राज, 400 किलो से ज्यादा गांजा बरामद

बुधवार दोपहर करीब 12 बजे स्थानीय ग्रामीणों की नजर कचरे के ढेर में पड़ी लावारिस बोरियों पर पड़ी। उन्हें संदिग्ध मानते हुए ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस को दी।

सूचना मिलते ही कांकेर पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। जब बोरियों को खोलकर जांच की गई तो उनमें भारी मात्रा में गांजा भरा मिला। तौल के दौरान 400 किलो से अधिक गांजा बरामद होने की जानकारी सामने आई।

पुलिस के अनुसार, जब्त गांजे की बाजार में अनुमानित कीमत दो करोड़ रुपये से अधिक है। इतनी बड़ी खेप मिलने के बाद पुलिस इसे संगठित तस्करी नेटवर्क से जोड़कर जांच कर रही है।

एक दिन पहले भी पकड़ा गया था 407 किलो गांजा

कांकेर में लगातार दूसरे दिन बड़ी मात्रा में गांजा जब्त होने से तस्करी के नेटवर्क को लेकर सवाल उठने लगे हैं। इससे ठीक एक दिन पहले केशकाल पुलिस ने अलग कार्रवाई में 407 किलो गांजा बरामद किया था।

दो दिनों के भीतर 800 किलो से अधिक गांजा पकड़े जाने की घटनाओं ने ओडिशा से छत्तीसगढ़ के रास्ते संचालित हो रहे तस्करी नेटवर्क की ओर ध्यान खींचा है।

पुलिस को आशंका है कि रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य जारी होने के कारण तस्कर पुराने केशकाल-कांकेर मार्ग का इस्तेमाल वैकल्पिक रास्ते के रूप में कर रहे हैं। हालांकि, तस्करी के वास्तविक रूट और नेटवर्क की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

आरोपियों की तलाश में पुलिस की कई टीमें रवाना

कांकेर एसपी निखिल राखेचा के मुताबिक, तस्करी में इस्तेमाल वाहनों और फरार आरोपियों के संबंध में पुलिस को कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग पुलिस टीमें रवाना की गई हैं।

फिलहाल पुलिस इस बात का पता लगाने में जुटी है कि गांजे की इतनी बड़ी खेप ओडिशा से कहां ले जाई जा रही थी, इसके पीछे कौन सा तस्करी गिरोह सक्रिय है और इस पूरे नेटवर्क में कितने लोग शामिल हैं।

4 करोड़ दो, वरना अंजाम भुगतो! रायपुर में अनवर ढेबर समेत 6 पर रंगदारी का केस

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 रायपुर। राजधानी रायपुर में जमीन के पुराने सौदे को लेकर चार करोड़ रुपये की कथित रंगदारी मांगने और एक बुजुर्ग कारोबारी को धमकाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि 62 वर्षीय जमीन कारोबारी बलिराम धरमानी पर चार करोड़ रुपये देने का दबाव बनाया गया। रकम देने से इनकार करने पर उनके साथ मारपीट की गई और पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई। पीड़ित की शिकायत पर रायपुर पुलिस ने शराब घोटाले के आरोपी अनवर ढेबर और कुबेर राठी समेत छह लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।


मामले में नामजद अन्य आरोपियों में संदीप अग्रवाल, आसिफ मेमन, नागेंद्र पांडेय और विवेक जोशी उर्फ मोंटी जोशी शामिल हैं। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायत में आपराधिक साजिश, ब्लैकमेलिंग, जबरन वसूली और मारपीट के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

2018 में हुआ था जमीन का सौदा, चार करोड़ की मांग से शुरू हुआ विवाद

एफआईआर के मुताबिक, कालीबाड़ी निवासी बलिराम धरमानी ने वर्ष 2018 में बोरड परिवार की लाभांडी स्थित करीब 2.60 लाख वर्गफुट जमीन का सौदा किया था। इस सौदे में 40 हजार वर्गफुट जमीन की रजिस्ट्री उनके नाम पर हुई थी, जबकि शेष जमीन के लिए एग्रीमेंट किया गया था। हालांकि, बोरड परिवार के सदस्यों के बीच आपसी विवाद के चलते बाकी जमीन की रजिस्ट्री नहीं हो सकी।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि वर्ष 2022 में संदीप अग्रवाल कारोबारी के कटोरा तालाब स्थित कार्यालय पहुंचा और विवादित जमीन की रजिस्ट्री कराने में मदद करने का भरोसा देकर चार करोड़ रुपये की मांग की। इस संबंध में मौखिक सहमति बनने की बात भी सामने आई है।

धरमानी के मुताबिक, करीब चार साल तक विवाद का समाधान नहीं निकलने पर उन्होंने अपने नाम की 40 हजार वर्गफुट जमीन वापस बोरड परिवार के नाम रजिस्ट्री कर दी। इसके बाद उन्हें अपनी रकम 1.65 करोड़ और बयाने के 1.50 करोड़ रुपये मिलाकर कुल 3.15 करोड़ रुपये वापस मिल गए। कारोबारी का दावा है कि इसके बाद बोरड परिवार के साथ उनका कोई लेन-देन बाकी नहीं रहा।

चार करोड़ रुपये के लिए बैठकों का दौर, कारोबारी पर बनाया दबाव

शिकायत के अनुसार, सितंबर 2026 में नागेंद्र पांडेय और विवेक जोशी ने फोन कर बलिराम धरमानी पर कुबेर राठी से बातचीत करने का दबाव बनाया। इसके बाद 26 सितंबर को रहमानिया चौक स्थित बबू प्लाजा के कार्यालय में बैठक हुई।

इस बैठक में कुबेर राठी, संदीप अग्रवाल, नागेंद्र पांडेय और विवेक जोशी मौजूद थे। आरोप है कि यहां भी जमीन के पुराने सौदे का हवाला देकर कारोबारी से चार करोड़ रुपये देने की मांग की गई। हालांकि, धरमानी ने इस रकम को देने से इनकार कर दिया।

होटल वेलिंगटन में मारपीट, पूरे परिवार को खत्म करने की धमकी

मामले में सबसे गंभीर घटनाक्रम 27 सितंबर को सामने आया। शिकायत के मुताबिक, फाफाडीह चौक स्थित होटल वेलिंगटन में बैठक तय की गई थी। बलिराम धरमानी अपने परिचित आबिद हसन और आरिफ रजा के साथ होटल पहुंचे।

बताया गया है कि होटल के फैमिली केबिन में अनवर ढेबर, कुबेर राठी, संदीप अग्रवाल, आसिफ मेमन, नागेंद्र पांडेय और विवेक जोशी पहले से मौजूद थे।

आरोप है कि बातचीत के दौरान जब बलिराम धरमानी ने चार करोड़ रुपये देने से इनकार किया तो विवाद बढ़ गया। इसके बाद अनवर ढेबर और कुबेर राठी ने कथित तौर पर गाली-गलौज करते हुए उनके साथ मारपीट की। शिकायत में अन्य आरोपियों पर भी धमकी देने में शामिल होने का आरोप लगाया गया है।

कारोबारी का कहना है कि आरोपियों ने उन्हें और उनके पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी। इतना ही नहीं, उन्हें रायपुर में नहीं रहने देने की बात भी कही गई।

इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला, पुलिस ने शुरू की जांच

बलिराम धरमानी की शिकायत पर रायपुर पुलिस ने अनवर ढेबर, कुबेर राठी समेत छह लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 308(2), 351(3), 296, 115(2), 61(2) और 3(5) के तहत एफआईआर दर्ज की है।

पुलिस के मुताबिक, मामले की विवेचना शुरू कर दी गई है। शिकायत में चार करोड़ रुपये की कथित रंगदारी, आपराधिक साजिश, ब्लैकमेलिंग, धमकी और मारपीट के आरोप लगाए गए हैं। जांच के दौरान घटना से जुड़े सभी पहलुओं और आरोपियों की भूमिका की पड़ताल की जाएगी। फिलहाल इस मामले में पुलिस जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

अनोखा जुआ-हारकर भी जीत जाते हैं महेन्द्र, बुजुर्गों की मुस्कान ही असली दांव

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दीपावली आते ही जहां लोग जुए की मेज पर किस्मत आजमाते हैं, वहीं चरौदा के शिक्षक महेन्द्र कुमार पटेल ने जुए का मतलब ही बदल दिया है। उनका जुआ न ताश के पत्तों पर खेला जाता है, न रुपयों के दांव पर। उनका दांव है - किसी बेबस चेहरे पर मुस्कान लाना।

पिछले 15-16 सालों से वे हर दीपावली पर गरीब बुजुर्गों और दिव्यांगों के बीच पहुंचते हैं। जेब में 8 से 10 हजार रुपए रखकर, एक-एक व्यक्ति को सौ-सौ रुपए ससम्मान भेंट करते हैं। लोग इसे दान कहते हैं, लेकिन महेन्द्र इसे अपना जुआ कहते हैं। कहते हैं, बुजुर्गों से जो आशीर्वाद मिलता है, वही उनकी सबसे बड़ी जीत है।

खास बात यह है कि वे दीपावली में अपने लिए कुछ भी नहीं लेते। उनका मानना है कि किसी के चेहरे पर खिली मुस्कान ही दीपावली की सच्ची रोशनी है।

कई बार ऐसा भी हुआ कि जेब में पैसा नहीं था। तब उन्होंने उधार लेकर भी इस पुनीत काम को रुकने नहीं दिया। उनका कहना है, आज की भागदौड़ और तनाव भरी जिंदगी में किसी के चेहरे पर मुस्कान लाना बहुत कठिन काम है, लेकिन यही हंसी उन्हें सबसे ज्यादा सुकून देती है। है न अनोखा जुआ!

आज का समाचार बुलेटिन | 5 नवंबर 2026 | देश-दुनिया एवं छत्तीसगढ़ की बड़ी खबरें

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नमस्कार! प्रस्तुत है आज सुबह का प्रमुख समाचार बुलेटिन। इसमें देश-दुनिया, छत्तीसगढ़, राजनीति, अर्थव्यवस्था, शेयर बाजार, विज्ञान, शिक्षा, खेल और मनोरंजन की प्रमुख खबरें शामिल हैं।

देश की 5 बड़ी खबरें

1. ऊर्जा भंडारण के लिए ₹14,500 करोड़ की योजना

केंद्र सरकार ने देश में ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं के विकास के लिए 145 अरब रुपये के कार्यक्रम को मंजूरी दी है। इससे बिजली व्यवस्था और नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

2. दवा कंपनियों पर सख्ती की तैयारी

गुणवत्ता परीक्षण में फेल होने वाली दवाओं के मामले में दवा निर्माण लाइसेंस तत्काल निलंबित करने के प्रस्ताव पर केंद्र सरकार ने कदम बढ़ाया है।

3. सुप्रीम कोर्ट से आरक्षित सीटों पर याचिका खारिज

संसद और विधानसभा की आरक्षित सीटों के रोटेशन से संबंधित याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज किया।

4. दिल्ली में प्रदूषण गंभीर स्तर पर

दिल्ली का AQI 377 दर्ज होने की खबर है। प्रदूषण नियंत्रण के लिए CAQM ने पराली जलाने के मामलों पर कार्रवाई तेज की है।

5. भारत-नेपाल संबंधों में सक्रियता

नेपाल के नेता बालेन शाह की प्रस्तावित पहली यात्रा से पहले दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संपर्क बढ़ने की खबर है।

छत्तीसगढ़ की बड़ी खबरें

छत्तीसगढ़ के विकास पर केंद्र का फोकस

राज्योत्सव के दौरान केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने रायपुर में कार्यक्रम को संबोधित किया। राज्य में विकास और सुरक्षा से जुड़े मुद्दे चर्चा में रहे।

रायपुर में ₹400 करोड़ का अस्पताल शुरू

रायपुर में आर्टेमिस शांति हॉस्पिटल का उद्घाटन किया गया। इससे राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की उम्मीद है।

NIT रायपुर में एयरोस्पेस क्षेत्र को बढ़ावा

NIT रायपुर और AKSI Aerospace के बीच एयरोस्पेस सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने के लिए साझेदारी की खबर है।

स्वास्थ्य अधिकारियों का आज प्रदर्शन

सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों ने लंबित प्रोत्साहन राशि और सेवा संबंधी मांगों को लेकर 5 नवंबर को नवा रायपुर स्थित स्वास्थ्य भवन में प्रदर्शन का ऐलान किया है।

नवा रायपुर में विकास परियोजनाएं

विकसित भारत संकल्प पार्क का उद्घाटन और शहर के विकास से जुड़ी योजनाएं भी राज्य की प्रमुख सुर्खियों में हैं।

अंतरराष्ट्रीय समाचार

अमेरिका में मध्यावधि चुनाव में डेमोक्रेट्स की बड़ी जीत

2026 के अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी ने प्रतिनिधि सभा और सीनेट दोनों में बढ़त हासिल कर रिपब्लिकन पार्टी को बड़ा झटका दिया है।

ईरान युद्ध पर अमेरिकी प्रशासन में मतभेद

उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने रिपब्लिकन पार्टी की हार के पीछे ईरान युद्ध और महंगाई को प्रमुख कारण बताया। राष्ट्रपति ट्रंप ने युद्ध को आवश्यक बताया है।

अमेरिका में राजनीतिक समीकरण बदलेंगे

दोनों सदनों में डेमोक्रेट्स की जीत से ट्रंप प्रशासन की नीतियों, बजट और विदेश नीति पर नए राजनीतिक दबाव की संभावना है।

अर्थव्यवस्था, कारोबार और शेयर बाजार

बुधवार के कारोबारी सत्र का हाल (4 नवंबर):

सूचकांक

 बंद स्तर

    बदलाव

सेंसेक्स

77,301.40

    +0.50%

निफ्टी 50    

23,960.60

    +0.63%

बैंक निफ्टी

55,913.60

    +0.67%

  • भारतीय शेयर बाजार में लगातार पांचवें सत्र तेजी रही।

  • ऑटो, मेटल और रियल्टी शेयरों में खरीदारी देखने को मिली।

  • अमेरिकी बाजारों में भी तेजी दर्ज की गई।

  • आज के कारोबार में वैश्विक राजनीतिक घटनाक्रम और AI कंपनियों से जुड़ी चिंताएं निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण रहेंगी।

विज्ञान, तकनीक और AI

  • ऊर्जा तकनीक: केंद्र की नई ₹14,500 करोड़ की ऊर्जा भंडारण योजना बैटरी और बिजली भंडारण क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है।


  • एयरोस्पेस: NIT रायपुर और AKSI Aerospace की साझेदारी से विमानन एवं अंतरिक्ष तकनीक के क्षेत्र में अनुसंधान को बढ़ावा मिल सकता है।

  • AI निवेश: अमेरिका में डेटा सेंटर विस्तार और AI कंपनियों पर संभावित प्रतिबंधों की चिंता निवेशकों के बीच चर्चा में है।
मौसम और कृषि समाचार

छत्तीसगढ़ में मौसम का हाल

IMD के पूर्वानुमान के अनुसार 5 और 6 नवंबर को छत्तीसगढ़ में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। 5 नवंबर के लिए राज्य में भारी बारिश की चेतावनी नहीं बताई गई है।

किसानों के लिए सलाह:
  • कटी हुई फसल और धान को सुरक्षित स्थान पर रखें।

  • खुले में रखे कृषि उत्पादों को बारिश से बचाएं।

  • मौसम के अनुसार कटाई और मड़ाई की योजना बनाएं।

खेल जगत की खबरें

क्रिकेट: भारत ने न्यूजीलैंड को हराया

पहले वनडे में भारत ने न्यूजीलैंड को पांच विकेट से हराकर सीरीज में 1-0 की बढ़त बनाई। विराट कोहली ने 74 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली।

हॉकी: भारत की दक्षिण कोरिया पर बड़ी जीत

भारत ने दक्षिण कोरिया को 8-1 से हराकर एशियन चैंपियंस ट्रॉफी के खिताबी मुकाबले में जगह बनाई।

विराट कोहली ने बनाया नया रिकॉर्ड

कोहली SENA देशों (दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया) में वनडे में 50 से अधिक औसत रखने वाले पहले बल्लेबाज बने।

शिक्षा, कानून और न्यायपालिका

विश्वविद्यालय रैंकिंग: QS एशिया रैंकिंग में भारतीय विश्वविद्यालयों के प्रदर्शन को लेकर चिंता सामने आई है। खबर के अनुसार कोई IIT या IISc शीर्ष 50 में जगह नहीं बना पाया।

फॉरेंसिक व्यवस्था: दिल्ली फॉरेंसिक साइंस लैब में लंबित मामलों में एक साल के दौरान 79% की कमी दर्ज होने की खबर है।

ग्रामीण मतदाता सूची: उत्तर प्रदेश में पंचायत और विधानसभा की मतदाता सूचियों के बीच 2.4 करोड़ का अंतर सामने आने पर चुनाव आयोग ने मिलान के निर्देश दिए हैं।


 इंफ्रास्ट्रक्चर एवं विकास

नवा रायपुर और रायपुर में स्वास्थ्य, शहरी विकास और अनुसंधान से जुड़ी परियोजनाएं चर्चा में हैं।
DDA ने इस वित्त वर्ष में 9,332 फ्लैट बेचे हैं।

केंद्र की ऊर्जा भंडारण योजना भविष्य में बिजली ग्रिड और नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं को मजबूती दे सकती है।

सिनेमा एवं मनोरंजन

रामायण फिल्म की चर्चा तेज

रणबीर कपूर की फिल्म रामायण: पार्ट 1 की रिलीज और एडवांस बुकिंग चर्चा में है। निर्माता नमित मल्होत्रा ने दूसरे भाग की रिलीज 2028 तक टलने की पुष्टि की है।

आज की प्रमुख ट्रेंडिंग खबरें
  1. अमेरिका में डेमोक्रेट्स की चुनावी जीत।

  2. ईरान युद्ध को लेकर अमेरिकी राजनीति में मतभेद।

  3. विराट कोहली का नया वनडे रिकॉर्ड।

  4. रामायण फिल्म की एडवांस बुकिंग और रिलीज।

  5. छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य अधिकारियों का प्रदर्शन।


छत्तीसगढ़ की संस्कृति में रचा-बसा है सुआ नृत्य, अंचल में मची धूम

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आरंग। इन दिनों अंचल में सुआ नृत्य की धूम मची है। दीपावली के नजदीक आते ही बालिकाएं और महिलाएं समूह में घर-घर, गली-मोहल्ले में पहुंचकर सुआ गीतों के साथ नृत्य कर रही हैं।इस नृत्य में धार्मिक और सामाजिक संदेश से भरे गीत गाए जाते हैं।


बालिकाएं गोल घेरा बनाकर तालियों की थाप पर थिरकती हैं। यह विशुद्ध समूह नृत्य है, जिसमें किसी वाद्ययंत्र की आवश्यकता नहीं होती। कुछ बालिकाएं गीत की टेक उठाती हैं और शेष उसे दोहराते हुए नाचती हैं। समापन पर सुआ के लिए अन्न-धन मांगा जाता है और अन्न-धन मिलने पर आशीर्वाद गीत गाकर आशीष दिया जाता है।

हमर गांव हमर संस्कृति,,हमर पहचान,सुवा नृत्य लखौली

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जानकारों के अनुसार सुआ नृत्य की परंपरा कब से चली आ रही है, इसका कोई लिखित साक्ष्य नहीं है। सुआ एक शाकाहारी पक्षी है जो हूबहू मनुष्य की आवाज निकाल सकता है। मान्यता है कि पहले युवतियां अपने मन की बातें सुआ पक्षी के सामने प्रकट करती थीं, जो धीरे-धीरे गीत और बाद में नृत्य का रूप ले लीं। वहीं संस्कृति प्रेमी शिक्षक महेन्द्र पटेल का कहना है कि सुआ नृत्य छत्तीसगढ़ की संस्कृति में रचा-बसा है।

दीपावली नजदीक आते ही बालिकाएं इसके लिए उत्साहित रहती हैं। यह नृत्य दीपावली के साथ-साथ तीजा, पोला, छेरछेरा और शरद पूर्णिमा पर भी विशेष रूप से किया जाता है। आजकल गांव-गांव में सुआ नृत्य प्रतियोगिताएं भी आयोजित होने लगी हैं, जो हमारी लोक-संस्कृति को सहेजने का सुंदर प्रयास है।

मांदर की थाप पर थिरकते दिखे CM विष्णुदेव साय, पत्नी के साथ किया पारंपरिक करम पूजन

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 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जशपुर जिले के फरसाबहार विकासखंड अंतर्गत ग्राम बनगांव में आयोजित आंचलिक करम पूजा महोत्सव 2026 के समापन समारोह में शामिल हुए। मुख्यमंत्री साय ने करम राजा की विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, खुशहाली और मंगलमय जीवन की कामना की। उन्होंने भगवान महादेव एवं माता पार्वती, छत्तीसगढ़ महतारी, धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा के छायाचित्रों के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर श्रद्धापूर्वक नमन किया।


पारंपरिक उत्साह, उल्लास और श्रद्धा के साथ आयोजित इस महोत्सव में जनजातीय संस्कृति की मनमोहक छटा देखने को मिली। जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए नर्तक दलों सहित उरांव समाज के 6 हजार से अधिक लोगों ने पारंपरिक वेशभूषा में करम राजा के चारों ओर मांदर और ढोल-नगाड़ों की थाप पर सामूहिक नृत्य किया। मुख्यमंत्री साय भी नर्तक दलों के साथ कदम मिलाकर पारंपरिक नृत्य में शामिल हुए। उन्होंने कलाकारों का उत्साहवर्धन किया और सभी को करम परब की शुभकामनाएं दीं।


मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर क्षेत्रवासियों को विभिन्न विकास कार्यों की सौगात देते हुए ग्राम बनगांव में सामाजिक भवन निर्माण के लिए 50 लाख रुपये तथा सीसी रोड निर्माण के लिए 20 लाख रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने बनगांव में अखड़ा निर्माण और सहसपुर में मिनी स्टेडियम निर्माण की भी घोषणा की।

मुख्यमंत्री साय ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि करम परब हमारी समृद्ध जनजातीय संस्कृति, गौरवशाली परंपराओं और पूर्वजों की अमूल्य धरोहर है। यह पर्व प्रकृति के प्रति हमारी गहरी आस्था, प्रेम और सम्मान की भावना को अभिव्यक्त करता है। हमारे पूर्वजों ने प्रकृति के साथ सामंजस्य स्थापित कर जीवन जीने की जो परंपरा विकसित की, वह आज भी संपूर्ण समाज के लिए प्रेरणादायी है। करम परब हमें प्रकृति के संरक्षण, सामाजिक एकता, आपसी भाईचारे और सामूहिक जीवन के मूल्यों से जोड़ता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की वास्तविक पहचान यहां की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, लोकपर्वों, लोककलाओं और प्रकृति के साथ गहरे जुड़ाव में निहित है। जनजातीय समाज ने अपनी विशिष्ट सांस्कृतिक परंपराओं को पीढ़ी-दर-पीढ़ी सहेजकर रखा है। यह हमारी अमूल्य सांस्कृतिक पूंजी है, जिसका संरक्षण और संवर्धन हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि आधुनिकता और विकास के साथ आगे बढ़ते हुए अपनी सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखना भी उतना ही आवश्यक है। हमारी युवा पीढ़ी अपनी भाषा, लोकगीतों, लोकनृत्यों, रीति-रिवाजों और पारंपरिक पर्वों से जुड़ी रहे, तभी हमारी समृद्ध विरासत आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित पहुंच सकेगी। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन सामाजिक एकजुटता को मजबूत करने के साथ नई पीढ़ी को अपने पूर्वजों के ज्ञान, जीवनमूल्यों और परंपराओं से परिचित कराने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।

जनजातीय वीर नायकों का शौर्य और बलिदान देश के इतिहास का गौरवशाली अध्याय

मुख्यमंत्री  साय ने जनजातीय समाज के गौरवशाली इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम में जनजातीय वीर नायकों का योगदान अतुलनीय रहा है। रानी दुर्गावती, धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा, शहीद वीर नारायण सिंह, गुंडाधुर, गेंद सिंह और वीर बुधु भगत जैसे महान नायकों ने अपने साहस, संघर्ष और बलिदान से देश के इतिहास में अमिट स्थान बनाया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा ने मात्र 25 वर्ष की अल्पायु में अंग्रेजी हुकूमत के विरुद्ध ऐतिहासिक संघर्ष किया। वहीं शहीद वीर नारायण सिंह ने अकाल और भुखमरी से पीड़ित लोगों की सहायता के लिए अंग्रेजों के गोदामों से अनाज निकलवाकर जरूरतमंदों तक पहुंचाया। जनहित और अन्याय के विरुद्ध संघर्ष के कारण उन्हें अंग्रेजी शासन ने फांसी दे दी। ऐसे महान जनजातीय नायकों का जीवन हमें साहस, त्याग और समाज के प्रति समर्पण की प्रेरणा देता है।

मोदी की गारंटी को धरातल पर उतारकर हर वर्ग के जीवन में ला रहे सकारात्मक बदलाव

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में राज्य सरकार माताओं-बहनों, किसानों, गरीबों, श्रमिकों और जरूरतमंद परिवारों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सरकार मोदी की गारंटी के अंतर्गत किए गए संकल्पों को प्राथमिकता के साथ पूरा कर रही है।

उन्होंने कहा कि दीपावली से पहले महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रदेश की माताओं-बहनों को बड़ी सौगात दी गई है। राज्योत्सव के समापन समारोह में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह की उपस्थिति में योजना की 33वीं किस्त जारी की गई। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की खुशहाली हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। प्रदेश में किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक धान की खरीदी 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की जा रही है। किसानों को लंबित बोनस का भुगतान कर सरकार ने अपना वादा भी पूरा किया है। इसी प्रकार भूमिहीन कृषि मजदूरों को प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत प्रदेश में प्रतिदिन लगभग 1,600 पक्के आवास तैयार हो रहे हैं। श्री रामलला दर्शन योजना के माध्यम से अब तक 50 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या में प्रभु श्रीरामलला के दर्शन कर चुके हैं। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों और पात्र हितग्राहियों को प्रमुख तीर्थस्थलों की निःशुल्क यात्रा का अवसर प्रदान किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के सशक्त नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प एवं मार्गदर्शन में नक्सलवाद के उन्मूलन की दिशा में ऐतिहासिक सफलताएं मिली हैं। सुरक्षा बलों के अदम्य साहस, पराक्रम और बस्तरवासियों के सहयोग से बस्तर अब नक्सलवाद की चुनौती से निकलकर शांति, विश्वास और विकास के नए युग की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि शांति और सुरक्षा का सुदृढ़ वातावरण प्रदेश के दूरस्थ एवं जनजातीय अंचलों में विकास की नई संभावनाओं के द्वार खोल रहा है।

शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल और अधोसंरचना के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा जशपुर

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि जशपुर जिले के सर्वांगीण विकास के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। जिले में मेडिकल की पढ़ाई प्रारंभ हो चुकी है। खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और आर्चरी अकादमी विकसित की जा रही है, जिससे जिले के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को अपनी क्षमता निखारने और आगे बढ़ने के बेहतर अवसर मिलेंगे।

उन्होंने बताया कि कुनकुरी विकासखंड के हर्राडांड़ में राज्य का पांचवां 400 केवी विद्युत सब स्टेशन स्थापित किया जा रहा है। इससे क्षेत्र में विद्युत अधोसंरचना को मजबूती मिलेगी। जिले में सड़क, पुल-पुलिया, सिंचाई और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए भी लगातार कार्य किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि विकास की रोशनी जशपुर के प्रत्येक गांव और अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, खेल और अधोसंरचना के विस्तार के साथ जनजातीय संस्कृति एवं परंपराओं का संरक्षण करते हुए जशपुर को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाना हमारी प्राथमिकता है।

इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, कलेक्टर  रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह, जिला पंचायत सीईओ  अभिषेक कुमार, आंचलिक करम पूजा महोत्सव के अध्यक्ष  वेद प्रकाश भगत, कार्यकारी अध्यक्ष  बलराम भगत, आयोजन समिति के  गुलाब राम, श्री बोधसाय भगत, संजय निकुंज,  देवदत्त निकुंज सहित बड़ी संख्या में उरांव समाज के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे।

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