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CG NEWS : बस्तर में सुरक्षाबलों की बड़ी कार्रवाई, वर्दीधारी माओवादी मार गिराए

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 CG Naxal Encounter : छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में गुरुवार सुबह सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच जबरदस्त मुठभेड़ हुई। थाना जांगला क्षेत्र के अंतर्गत इंद्रावती नदी के किनारे हुए इस संघर्ष में जवानों ने दो वर्दीधारी माओवादियों को मार गिराया। मौके से भारी मात्रा में आधुनिक हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद की गई है।


पुलिस को सूचना मिली थी कि इंद्रावती नदी के तटीय इलाकों में बड़ी संख्या में माओवादी मौजूद हैं। इस इनपुट के आधार पर सुरक्षाबलों की संयुक्त टीम एंटी-नक्सल अभियान पर निकली थी। सुबह अभियान क्षेत्र में पहुंचते ही नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद जवानों ने भी जवाबी कार्रवाई की।

आधुनिक हथियारों का जखीरा बरामद

बीजापुर के पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र यादव ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि मुठभेड़ के बाद सर्चिंग के दौरान दो वर्दीधारी नक्सलियों के शव बरामद किए गए। घटनास्थल से 1 एसएलआर राइफल, 1 इंसास (INSAS) राइफल, 12 बोर की राइफल, भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री और माओवादी दैनिक उपयोग की वस्तुएं भी बरामद हुई हैं।

सर्च ऑपरेशन जारी

छत्तीसगढ़ पुलिस के बस्तर रेंज पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पट्टलिंगम ने बताया कि मुठभेड़ के बाद भी सुरक्षाबल इलाके में मुस्तैद हैं और आसपास के जंगलों में सघन सर्च अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है और विस्तृत रिपोर्ट शीघ्र साझा की जाएगी।

क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और सुरक्षाबल हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए हैं।

 

मुख्यमंत्री साय से कपिल देव की सौजन्य भेंट, खेल अधोसंरचना पर हुई विस्तृत चर्चा

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 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज नया रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान कपिल देव ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने कपिल देव को बेल मेटल से बनी प्रतिकृति, पुण्यभूमि छत्तीसगढ़ कॉफी टेबल बुक भेंट कर उनका अभिनंदन किया।


मुलाकात के दौरान दोनों के बीच प्रदेश में खेलों को बढ़ावा देने, आधुनिक खेल अधोसंरचना के विकास, अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षण केंद्र तथा प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को तैयार करने जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। इस दौरान मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री साय ने राज्य सरकार द्वारा खेलों के प्रोत्साहन और खिलाड़ियों के लिए बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराने हेतु किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खेल संस्कृति को मजबूत करने के लिए अधोसंरचना, प्रशिक्षण और अवसरों का विस्तार सरकार की प्राथमिकता है।

पूर्व कप्तान कपिल देव ने छत्तीसगढ़ में हो रहे सकारात्मक परिवर्तनों की सराहना करते हुए कहा कि सुरक्षा, विश्वास और विकास के इस माहौल में प्रदेश की प्रतिभाओं को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट मंच प्राप्त होगा तथा छत्तीसगढ़ सुरक्षित, समृद्ध और विकसित राज्य के रूप में आगे बढ़ेगा।

मुख्यमंत्री साय से रायपुर प्रेस क्लब प्रतिनिधिमंडल की सौजन्य मुलाकात

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 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से रायपुर प्रेस क्लब के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने आज सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल में प्रेस क्लब अध्यक्ष मोहन तिवारी, महासचिव गौरव शर्मा, उपाध्यक्ष दिलीप साहू सहित पत्रकार  सौरभ सिंह परिहार शामिल थे।


प्रतिनिधिमंडल ने प्रेस क्लब द्वारा आयोजित किए जाने वाले रंगोत्सव कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने हेतु मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को औपचारिक आमंत्रण दिया। साथ ही पत्रकार हित से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर मुख्यमंत्री का ध्यान आकर्षित करते हुए सकारात्मक पहल की अपेक्षा व्यक्त की।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना तथा सभी विषयों पर समुचित पहल करने का आश्वासन दिया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सलाहकार आर. कृष्णा दास तथा मीडिया प्रतिनिधिगण उपस्थित थे।

Technology Development Board का बड़ा कदम: CAR-NK थेरेपी के लिए East Ocyon Bio Private Limited को समर्थन

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भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत Technology Development Board (TDB) ने गुरुग्राम स्थित East Ocyon Bio Private Limited को “CAR-NK आधारित सेल थेरेपी विकास एवं कठिन-उपचार योग्य ट्यूमर तथा लीशमैनियासिस के लिए क्लिनिकल परीक्षण” परियोजना हेतु वित्तीय सहायता प्रदान की है। यह परियोजना भारत में पहली बार ऑफ-द-शेल्फ CAR-NK सेल थेरेपी के लिए एक प्लेटफॉर्म-आधारित पारिस्थितिकी तंत्र स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, जो उन्नत इम्यूनोथेरेपी और बायोथेरेप्यूटिक्स निर्माण क्षमता को सुदृढ़ करेगा।

CAR-NK (काइमेरिक एंटीजन रिसेप्टर–नेचुरल किलर) सेल थेरेपी पारंपरिक ऑटोलॉगस CAR-T थेरेपी की तुलना में अधिक सुरक्षित और स्केलेबल विकल्प के रूप में उभर रही है। इसमें स्वस्थ दाताओं से NK कोशिकाओं को अलग कर उनका विस्तार किया जाता है और उन्हें रोग-विशिष्ट लक्ष्यों के विरुद्ध CAR संरचना के साथ इंजीनियर किया जाता है। CAR-T थेरेपी के विपरीत, CAR-NK थेरेपी तुरंत उपलब्ध होती है, निर्माण प्रक्रिया सरल होती है, ग्राफ्ट-वर्सस-होस्ट डिजीज (GvHD) का जोखिम कम होता है तथा साइटोकाइन रिलीज सिंड्रोम (CRS) और न्यूरोटॉक्सिसिटी की संभावना भी अपेक्षाकृत कम रहती है।

इस परियोजना के अंतर्गत कंपनी निम्नलिखित विकसित और व्यावसायीकरण करने का प्रस्ताव रखती है:

  • मल्टीपल प्रतिरोधी ठोस ट्यूमर के लिए Anti-PD-L1 CAR-NK सेल थेरेपी

  • लीशमैनियासिस के उपचार हेतु CAR-NK आधारित नई इम्यूनोथेरेप्यूटिक रणनीति

“यह स्वदेशी तकनीकी प्लेटफॉर्म एलोजेनिक, ऑफ-द-शेल्फ CAR-NK और CAR-गामा डेल्टा (γδ) टी-सेल थेरेपी पर आधारित है…”,जिन्हें स्वस्थ दाताओं से प्राप्त कर बड़े पैमाने पर इंजीनियर किया जाएगा, GMP-अनुकूल प्रणालियों के अंतर्गत क्रायो-प्रिजर्व किया जाएगा और बिना रोगी-मैचिंग के उपयोग में लाया जाएगा। यह प्रक्रिया लागत-प्रभावशीलता, तीव्र उपलब्धता और व्यापक पहुंच सुनिश्चित करेगी। प्रमुख नवाचार में PD-L1 लक्षित CAR संरचना को NK कोशिकाओं में गामा-रेट्रोवायरल प्लेटफॉर्म के माध्यम से समाहित किया गया है, जिससे उच्च अभिव्यक्ति दक्षता और दीर्घकालिक कार्यक्षमता सुनिश्चित होती है।

इस अवसर पर TDB के सचिव राजेश कुमार पाठक ने कहा कि यह समर्थन उच्च-प्रभाव वाली उन्नत तकनीकों को प्रोत्साहित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जो अपूर्ण चिकित्सा आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ-साथ स्वदेशी निर्माण क्षमताओं को भी मजबूत करती हैं। उन्होंने कहा कि देश में उन्नत सेल थेरेपी प्लेटफॉर्म विकसित होने से आयातित उपचारों पर निर्भरता कम होगी और भारत अगली पीढ़ी की इम्यूनोथेरेपी में प्रतिस्पर्धी भूमिका निभा सकेगा।

कंपनी के सह-संस्थापक डॉ. रेनु और डॉ. दिनेश कुंडू ने कहा कि TDB का सहयोग CAR-NK प्लेटफॉर्म के क्लिनिकल अनुवाद को गति देगा और प्रयोगशाला नवाचार से मरीजों तक पहुंच के बीच की दूरी को कम करेगा। उनका मानना है कि स्वदेशी, स्केलेबल और किफायती सेल थेरेपी प्लेटफॉर्म का विकास भारत और विश्व स्तर पर कैंसर एवं संक्रामक रोगों के उपचार परिदृश्य में परिवर्तन ला सकता है।

यह परियोजना भारत के बायो-इनोवेशन इकोसिस्टम को मजबूत करने, तकनीकी आत्मनिर्भरता बढ़ाने और अत्याधुनिक उपचारों की सुलभता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देगी, जो ‘आत्मनिर्भर भारत’ की परिकल्पना के अनुरूप है।

Central Board of Indirect Taxes and Customs ने World Trade Organization में साझा किए भारत के व्यापार सुविधा सुधार

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भारत सरकार के Central Board of Indirect Taxes and Customs (CBIC) ने World Trade Organization (WTO) में जेनेवा स्थित भारत के स्थायी मिशन के साथ मिलकर 24 फरवरी 2026 को व्यापार सुविधा पर विशेष सत्रों का आयोजन किया। यह कार्यक्रम WTO की ट्रेड फैसिलिटेशन समिति की बैठक के अवसर पर आयोजित किया गया।

सीबीआईसी सत्रों में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व विशेष सचिव एवं सदस्य (सीमा शुल्क) सुरजीत भुजबल ने किया। कार्यक्रम में दो प्रमुख सत्र — व्यापार सुविधा और क्षमता निर्माण — आयोजित किए गए, जिनमें WTO के ट्रेड फैसिलिटेशन एग्रीमेंट (TFA) के अंतर्गत भारत द्वारा किए गए परिवर्तनकारी सुधारों को रेखांकित किया गया। यह आयोजन जुलाई 2026 में होने वाली भारत की 8वीं ट्रेड पॉलिसी रिव्यू की तैयारी के क्रम में भी महत्वपूर्ण रहा। इसमें लगभग 40 देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

भारत ने WTO-TFA की सभी प्रतिबद्धताओं को समयसीमा के भीतर पूरा कर 100% अधिसूचना दी है। अब भारत राष्ट्रीय व्यापार सुविधा कार्ययोजना (NTFAP 3.0) के तहत “TFA Plus” उपायों की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जिसका उद्देश्य न्यूनतम आवश्यकताओं से आगे जाकर वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं के अनुरूप सुधार करना है।

व्यापार सुविधा सत्र में भारतीय सीमा शुल्क विभाग ने ‘समग्र-सरकार दृष्टिकोण’ (Whole-of-Government Approach) के तहत फेसलेस, कॉन्टैक्टलेस और पेपरलेस कस्टम्स इकोसिस्टम की दिशा में किए गए डिजिटल सुधारों को प्रस्तुत किया। प्रमुख पहलों में शामिल हैं:

  • सिंगल विंडो इंटरफेस के साथ व्यापक स्वचालित कस्टम्स प्रणाली

  • सशक्त जोखिम प्रबंधन प्रणाली (RMS)

  • अधिकृत आर्थिक परिचालक (AEO) कार्यक्रम

  • पूर्व-आगमन कस्टम्स प्रसंस्करण और इलेक्ट्रॉनिक एक्सचेंज ऑफ ओरिजिन डेटा (EODES)

  • इलेक्ट्रॉनिक कार्गो ट्रैकिंग सिस्टम (ECTS)

  • आधुनिक कस्टम्स नियंत्रण प्रयोगशालाओं का नेटवर्क

  • समन्वित सीमा प्रबंधन (CBM) और वर्चुअल ट्रेड कॉरिडोर (VTC)

क्षमता निर्माण सत्र में भारत द्वारा विकासशील और अल्प-विकसित देशों, विशेषकर ग्लोबल साउथ के देशों के साथ विशेषज्ञता साझा करने की पहल को रेखांकित किया गया। National Academy of Customs, Indirect Taxes and Narcotics (NACIN) और Central Revenue Control Laboratory (CRCL) को विश्व सीमा शुल्क संगठन (WCO) द्वारा एशिया-प्रशांत क्षेत्र के क्षेत्रीय प्रशिक्षण केंद्र और क्षेत्रीय कस्टम्स प्रयोगशाला के रूप में मान्यता प्राप्त है। 2022 से अब तक NACIN ने 65 प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए, जिनसे लगभग 30 देशों के 1,800 से अधिक अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागियों को लाभ हुआ। CRCL ने भी 300 से अधिक विदेशी प्रतिभागियों को प्रशिक्षण प्रदान किया।

सुरजीत भुजबल ने कहा कि पिछले दशक में कस्टम्स प्रक्रियाओं के डिजिटलीकरण और आधुनिकीकरण ने व्यापार वृद्धि और वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं में भारत के गहन एकीकरण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। भारतीय कस्टम्स का डिजिटल इकोसिस्टम व्यापारियों, बैंकों और लॉजिस्टिक्स ऑपरेटरों को जोड़ता है, जिससे लेनदेन लागत कम हुई है और क्लीयरेंस समय में तेजी आई है। विशेष रूप से एमएसएमई क्षेत्र को सरल दस्तावेजीकरण, अग्रिम निर्णय (Advance Rulings) और AEO कार्यक्रम से लाभ हुआ है।

वर्ष 2026 के लिए CBIC के ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (EoDB) सुधारों में एकल, परस्पर जुड़े डिजिटल विंडो के माध्यम से कस्टम्स क्लीयरेंस, भरोसा-आधारित प्रणाली, और विश्वसनीय आयातकों के लिए जोखिम प्रणाली में मान्यता जैसे कदम शामिल हैं। साथ ही, ₹10 लाख की मूल्य सीमा को हटाकर कूरियर निर्यात को प्रोत्साहन, अंतरराष्ट्रीय कूरियर शिपमेंट के लिए रिटर्न-टू-ओरिजिन (RTO) सुविधा, और ई-कॉमर्स निर्यात रिटर्न के लिए सरलीकृत जोखिम-आधारित ढांचा भी प्रमुख सुधारों में शामिल हैं।

WTO में भारत के स्थायी प्रतिनिधि डॉ. सेंथिल पांडियन ने कहा कि भारत ने व्यापार सुविधा सुधारों को अपनी व्यापार नीति का केंद्रीय स्तंभ बनाया है। United Nations Economic and Social Commission for Asia and the Pacific (UNESCAP) के ग्लोबल सर्वे 2023 के अनुसार, भारत ने 93% से अधिक का व्यापार सुविधा कार्यान्वयन स्कोर प्राप्त किया, जो एशिया-प्रशांत क्षेत्र में अग्रणी और दक्षिण एशिया में सर्वोच्च है।

यह आयोजन WTO को राष्ट्रीय अनुभवों और तकनीकी सहयोग के आदान-प्रदान के मंच के रूप में पुनः सुदृढ़ करता है। “वसुधैव कुटुंबकम्” की भावना के साथ भारत ने विकासशील देशों की व्यापार सुविधा क्षमताओं को सशक्त बनाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

विधानसभा में गूंजा ‘किसान’ मुद्दा, महंत के प्रस्ताव पर बवाल, विपक्ष गर्भगृह में उतरा

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 रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन धान खरीदी का मुद्दा इतना गरमाया कि सदन में जोरदार हंगामा हो गया। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत द्वारा सरकार की धान खरीदी नीति पर चर्चा के लिए दिया गया स्थगन प्रस्ताव सभापति ने अग्राह्य घोषित कर दिया। इसके बाद कांग्रेस विधायकों ने नारेबाजी करते हुए गर्भगृह (वेल) में पहुंचकर विरोध दर्ज कराया और स्वेच्छा से निलंबित हो गए।


डॉ. महंत ने आरोप लगाया कि सरकार की धान खरीदी नीति पूरी तरह विफल रही है और किसानों को टोकन, रकबा और खरीदी प्रक्रिया में परेशान किया गया। उन्होंने कहा कि इतने गंभीर मुद्दे पर विस्तृत चर्चा आवश्यक है।

कई विधायकों ने उठाए किसान मुद्दे

विपक्ष के अन्य विधायकों ने भी अलग-अलग जिलों में किसानों की समस्याओं का उल्लेख किया — कहीं पूरा धान नहीं खरीदे जाने का आरोप, तो कहीं कर्ज, समर्पण और प्रशासनिक दबाव की शिकायतें सामने आईं।

भूपेश बघेल का तीखा हमला

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि किसानों के मुद्दे पर चर्चा से बचा जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि अधिकारियों ने किसानों के घर-खलिहान तक जाकर दबाव बनाया और टोकन व्यवस्था से परेशान किया।

प्रस्ताव खारिज, नारेबाजी और वॉकआउट

सभापति ने स्पष्ट किया कि बजट सत्र में आय-व्यय पर चर्चा होती है, इसलिए स्थगन प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया जा सकता। इसके बाद कांग्रेस विधायकों ने “किसान विरोधी सरकार” जैसे नारे लगाए, वेल में पहुंचे और विरोध स्वरूप सदन से बाहर चले गए।

इस घटनाक्रम के चलते सदन की कार्यवाही कुछ समय के लिए बाधित रही और राजनीतिक माहौल गरमा गया।

“धन्यवाद से काम नहीं चलेगा…” जिला अस्पताल में प्रसूता से वसूली, दो नर्स सस्पेंड

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 बिलासपुर। बिलासपुर जिला अस्पताल के मातृ-शिशु अस्पताल (प्रसूति वार्ड) से जुड़े दो वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनसे सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। एक वीडियो में डिलीवरी के बाद प्रसूता के परिजन से “दवा-पानी” और “खुशी” के नाम पर खुलेआम पैसों की मांग की जा रही है।


बताया जा रहा है कि पैसे मांगने वाली स्टाफ नर्स ने अपनी मेहनत का हवाला देते हुए 1,000 रुपये देने को कहा, जबकि अन्य स्टाफ के लिए 500-500 रुपये अलग से देने की भी मांग की गई।

इतना ही नहीं, उसी पीड़ित से एडमिशन फॉर्म भरवाने के नाम पर भी पैसे मांगे जाने का आरोप है। इससे जुड़ा एक और वीडियो भी सामने आया है, जिसमें फॉर्म भरने के लिए रकम मांगी जाती दिख रही है। वीडियो वायरल होते ही स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया।

मामले को गंभीरता से लेते हुए संभागीय संयुक्त संचालक डॉ. अनिल गुप्ता ने दोनों स्टाफ नर्स — लक्ष्मी वर्मा और संजू चौरसिया — को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

वायरल होते ही वीडियो हटाया गया

वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली। बताया जा रहा है कि जिस अकाउंट से वीडियो सबसे पहले पोस्ट किया गया था, उसने बाद में इसे हटा दिया। उसी आईडी से एडमिशन फॉर्म के नाम पर पैसे मांगने वाला दूसरा वीडियो भी साझा किया गया था।

स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई में यह भी उल्लेख किया गया है कि फॉर्म भरने के नाम पर पैसे मांगने की शिकायत सही पाई गई, जिसमें एक स्टाफ नर्स पैसे लेते हुए दिखाई दे रही है।

घटना ने सरकारी अस्पतालों में “अनौपचारिक वसूली” के मुद्दे को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।

किम जोंग उन की खुली धमकी: दक्षिण कोरिया को पूरी तरह मिटा देंगे!

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 प्योंगयांग/सियोल। किम जोंग उन ने चेतावनी दी है कि यदि उनके देश की सुरक्षा को खतरा हुआ तो परमाणु-संपन्न उत्तर कोरिया, दक्षिण कोरिया को “पूरी तरह मिटा” सकता है। यह बयान ऐसे समय आया है जब दोनों देशों के बीच तनाव लगातार बना हुआ है।


सरकारी मीडिया के अनुसार, किम जोंग उन ने सियोल के साथ बातचीत से एक बार फिर इनकार कर दिया, लेकिन संयुक्त राज्य अमेरिका (अमेरिका) के साथ वार्ता के रास्ते खुले रखने के संकेत दिए। सत्तारूढ़ पार्टी की बैठक के समापन पर उन्होंने अगले पांच वर्षों के लिए नीतिगत लक्ष्यों की रूपरेखा भी पेश की।

हाल के वर्षों में किम ने दक्षिण कोरिया के प्रति अपनी बयानबाजी को काफी आक्रामक बना दिया है और कूटनीतिक संवाद की संभावना को लगभग खारिज कर दिया है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि यह सीधे सैन्य संघर्ष की तैयारी नहीं, बल्कि एक रणनीतिक दबाव बनाने की कोशिश भी हो सकती है, ताकि उत्तर कोरिया परमाणु शक्ति और अपने अंतरराष्ट्रीय संबंधों के आधार पर मजबूत स्थिति हासिल कर सके।

आधिकारिक कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (KCNA) के अनुसार, किम ने सेना को और मजबूत करने के लिए नई हथियार प्रणालियों के विकास का आह्वान किया है। उन्होंने दावा किया कि हाल के वर्षों में परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम में हुई प्रगति ने देश को एक मजबूत परमाणु शक्ति के रूप में स्थापित किया है।

किम जोंग उन ने यह भी कहा कि यदि अमेरिका रुकी हुई वार्ता को फिर से शुरू करना चाहता है, तो उसे उत्तर कोरिया के प्रति अपनी कथित “शत्रुतापूर्ण” नीतियों को छोड़ना होगा।

वहीं, दक्षिण कोरिया के एकीकरण मंत्रालय ने उत्तर कोरिया के इस रुख को “खेदजनक” बताया और कहा कि सियोल शांति और स्थिरता के लिए अपने प्रयास जारी रखेगा।

बर्थडे पार्टी में हथियार लहराकर डांस, वीडियो वायरल होते ही मचा हड़कंप

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 रायपुर। राजधानी रायपुर के कमल विहार इलाके से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में कुछ युवक कथित रूप से हथियार लेकर नाचते और उनका प्रदर्शन करते दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह वीडियो एक बर्थडे पार्टी का है, जहां युवकों ने हथियार लहराते हुए डांस किया और बाद में उसे सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया।


वीडियो से स्थानीय लोगों में चिंता

वायरल वीडियो सामने आने के बाद इलाके में चर्चा और चिंता का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि खुलेआम हथियारों का प्रदर्शन कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती है और इससे समाज में गलत संदेश जाता है। हाल के दिनों में हथियारों के साथ वीडियो बनाकर वायरल करने की घटनाएं भी बढ़ती नजर आ रही हैं।

पुलिस ने शुरू की जांच

मामले की जानकारी मिलते ही रायपुर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस वीडियो की सत्यता, स्थान और उसमें दिखाई दे रहे युवकों की पहचान करने में जुटी है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि वीडियो में दिख रहे हथियार वैध हैं या अवैध।

कानूनी कार्रवाई की चेतावनी

पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद नियमों के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। कानून के मुताबिक सार्वजनिक स्थान पर हथियारों का प्रदर्शन और उसका प्रचार-प्रसार कानूनी प्रावधानों का उल्लंघन हो सकता है।

मामले ने सोशल मीडिया पर भी बहस छेड़ दी है और लोग ऐसी घटनाओं पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

बेटी की जिद में खरीदा था बच्चा, अब जेल में आरोपी की रहस्यमय मौत

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 इटावा (उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश के इटावा से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। बच्चा चोरी के आरोप में जेल में बंद 42 वर्षीय अशोक कुमार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई, जिससे पूरे मामले में हड़कंप मच गया है।


मृतक की पहचान दादरी (गौतमबुद्ध नगर) निवासी अशोक कुमार के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार मंगलवार को अचानक उसके सीने में तेज दर्द और सांस लेने में दिक्कत शुरू हुई। जेल प्रशासन ने तत्काल प्राथमिक उपचार देने के बाद उसे जिला अस्पताल भेजा, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

अशोक कुमार को कुछ समय पहले बच्चा चोरी से जुड़े मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। पुलिस जांच में सामने आया था कि उसकी एक बेटी है, जो अपने पिता से भाई लाने की जिद करती थी। इसी जिद को पूरा करने के लिए अशोक ने कथित तौर पर एक दलाल के माध्यम से बच्चा खरीद लिया था।

बताया गया कि यह बच्चा ट्रेन से चोरी किया गया था। पिछले महीने नंदनकानन एक्सप्रेस में 10 महीने के बच्चे की चोरी का मामला सामने आया था। अलीगढ़ निवासी मुन्नी अंसारी अपने बेटे इब्राहिम के साथ कोडरमा जा रही थीं। यात्रा के दौरान उन्हें नशीला पदार्थ खिलाकर बेहोश कर दिया गया और उनका बच्चा गायब हो गया।

शिकायत मिलने पर जीआरपी (Government Railway Police) ने मामला दर्ज कर सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार किया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि बच्चे को करीब साढ़े तीन लाख रुपये में एक दंपति को बेचा गया था। इसी कड़ी में पुलिस अशोक कुमार तक पहुंची और अवैध रूप से बच्चा खरीदने के आरोप में उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस ने अशोक के पास से बच्चे को सुरक्षित बरामद कर उसके असली माता-पिता को सौंप दिया था।

अब जेल में बंद अशोक कुमार की अचानक तबीयत बिगड़ने और मौत हो जाने से मामला फिर चर्चा में आ गया है। फिलहाल पूरे घटनाक्रम को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं और मामले की जांच जारी है।

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सरेंडर से पहले मौत: साथियों ने ही खत्म कर दिया नक्सली कमांडर

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 सुकमा/कंधमाल। ओडिशा में माओवादी हिंसा से जुड़ा एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। 22 लाख रुपये के इनामी माओवादी कमांडर अन्वेष उर्फ रेनू की कथित तौर पर उसके ही संगठन के वांछित नेता ने हत्या कर दी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, अन्वेष पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण की तैयारी कर रहा था, इसी आशंका में उसे मार दिया गया।


पुलिस के मुताबिक, कंधमाल जिला के डारिंगबाड़ी थाना क्षेत्र अंतर्गत पाकरी आरक्षित वन इलाके से अन्वेष का क्षत-विक्षत शव कब्र से बरामद किया गया। बुधवार को शव की खुदाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया।

कंधमाल के पुलिस अधीक्षक हरीश बीसी ने मीडिया को बताया कि प्रारंभिक जांच में यह पुष्टि हुई है कि राज्य के वांछित नक्सली नेता सुक्रू और उसके साथियों ने अन्वेष की हत्या उस समय कर दी, जब वह कुछ अन्य माओवादियों के साथ पुलिस के सामने आत्मसमर्पण की योजना बना रहा था।

पुलिस ने बताया कि अन्वेष मूल रूप से सुकमा जिला का निवासी था। वह केकेबीएन (कालाहांडी–कंधमाल–बौध–नयागढ़) डिवीजन का डिविजनल कमेटी सदस्य (DVCM) और सैन्य प्लाटून कमांडर था। उस पर 22 लाख रुपये का इनाम घोषित था और वह लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल था।

आत्मसमर्पण से पहले ‘संगठन का संदेह’

पुलिस सूत्रों का कहना है कि संगठन को अन्वेष के आत्मसमर्पण की भनक लग गई थी। इसके बाद उस पर “विश्वासघात” का आरोप लगाते हुए उसकी हत्या कर दी गई। माओवादी संगठनों में आत्मसमर्पण की कोशिश करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के ऐसे मामले पहले भी सामने आ चुके हैं।

जांच तेज, सुरक्षा एजेंसियां सतर्क

घटना के बाद पुलिस और सुरक्षा बलों ने इलाके में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है। हत्या में शामिल अन्य माओवादियों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।

NMDC Limited और Indian Institute of Technology Hyderabad के बीच MoU, खनन एवं धातु क्षेत्र में स्वदेशी तकनीक को मिलेगा बढ़ावा

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भारत के खनन एवं धातु क्षेत्र के भविष्य को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए NMDC Limited के आर एंड डी केंद्र, “Responsible Miner”, ने Indian Institute of Technology Hyderabad (IITH) के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता NMDC के कार्यकारी निदेशक (आर एंड डी) संजीव साहि और IIT हैदराबाद के डीन (स्पॉन्सर्ड रिसर्च एंड कंसल्टेंसी) द्वारा, IIT हैदराबाद के निदेशक प्रो. बी. एस. मूर्ति की उपस्थिति में संपन्न हुआ। इसका उद्देश्य खनिज प्रसंस्करण एवं संबद्ध क्षेत्रों में स्वदेशी तकनीकों को आगे बढ़ाना है।

यह साझेदारी क्षेत्रीय विशेषज्ञता और अकादमिक उत्कृष्टता का सशक्त संगम है। NMDC और IIT हैदराबाद मिलकर लौह अयस्क परिष्करण (beneficiation) एवं एग्लोमरेशन, हरित इस्पात निर्माण तकनीक, स्वदेशी कच्चे माल से वैकल्पिक लौह निर्माण, तथा खनन और धातुकर्म प्रक्रियाओं के उन्नत मॉडलिंग एवं सिमुलेशन पर अनुसंधान को बढ़ावा देंगे। इसके साथ ही, प्राथमिक और द्वितीयक स्रोतों से महत्वपूर्ण एवं दुर्लभ मृदा खनिजों के निष्कर्षण के नए मार्ग भी विकसित किए जाएंगे, जिससे भारत की खनिज सुरक्षा और संसाधन आत्मनिर्भरता को मजबूती मिलेगी।

खनन क्षेत्र में तेजी से हो रहे डिजिटल परिवर्तन के अनुरूप, यह MoU स्वायत्त वाहन संचालन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), माइनिंग 4.0 ढांचे, तथा ड्रोन आधारित सर्वेक्षण और निगरानी जैसे क्षेत्रों में अनुसंधान और पायलट परियोजनाओं को प्रोत्साहित करेगा। परिचालन क्षमता और अनुसंधान-आधारित नवाचार के समन्वय से यह सहयोग टिकाऊ, प्रौद्योगिकी-आधारित समाधान विकसित करेगा, जो दक्षता, उत्पादकता और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देंगे।

इस अवसर पर NMDC के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक अमितावा मुखर्जी ने कहा, “IIT हैदराबाद के साथ यह समझौता उद्योग–शिक्षा सहयोग के माध्यम से नवाचार के प्रति NMDC की प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करता है। IIT हैदराबाद की शोध उत्कृष्टता और NMDC की क्षेत्रीय विशेषज्ञता का लाभ उठाकर यह साझेदारी खनन, खनिज प्रसंस्करण और उभरते क्षेत्रों में स्वदेशी तकनीकों को आगे बढ़ाएगी तथा सतत विकास और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के दृष्टिकोण में योगदान देगी।”

यह साझेदारी नवाचार-आधारित विकास के प्रति NMDC की प्रतिबद्धता और औद्योगिक अनुप्रयोगों में शोध को रूपांतरित करने में IIT हैदराबाद की भूमिका को रेखांकित करती है। उल्लेखनीय है कि यह सहयोग ऐसे समय में हुआ है जब NMDC का आर एंड डी केंद्र भारत की खनिज विकास यात्रा में अपने 50 वर्ष पूरे कर रहा है, जो अनुसंधान उत्कृष्टता और तकनीकी प्रगति की उसकी विरासत को और सुदृढ़ करता है।

सुशासन, विकास और सुरक्षा के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा छत्तीसगढ़: मुख्यमंत्री साय

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 रायपुर : मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर कृतज्ञता ज्ञापित करते हुए कहा कि राज्य सरकार सुशासन, विकास और सुरक्षा के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने भ्रष्टाचार पर कड़े प्रहार किए हैं और इसमें लिप्त कई लोग आज जेल के पीछे हैं। उन्होंने कहा कि “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के अंतर्गत 7 करोड़ पेड़ लगाए गए हैं तथा उद्योग नीति के तहत काटे जाने वाले पेड़ों की भरपाई भी बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण से की जा रही है। उन्होंने कहा कि मुझे सदन को यह बताते हुए खुशी हो रही है कि भारतीय वन संरक्षण देहरादून द्वारा प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार छत्तीसगढ़ राज्य में वन एवं वृक्ष आवरण में 683 वर्ग किमी की वृद्धि दर्ज की गई है। यह उपलब्धि राज्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण एवं गर्व का विषय है।


 
मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ सरकार निर्णायक लड़ाई लड़ रही है और उम्मीद जताई कि 31 मार्च तक छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद का समूल उन्मूलन कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पूर्व में जहां स्कूलों को जला दिया गया था और हथियारों की फैक्ट्रियां संचालित हो रही थीं, वहीं आज बस्तर में विकास की नई धारा बह रही है। स्कूल संचालित हो रहे हैं, अस्पताल खुल रहे हैं और लोगों का समुचित इलाज हो रहा है। पुनर्वास नीति के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं और बड़ी संख्या में नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है।
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि केरल से बड़ा राज्य होने के बावजूद पूर्व में अपेक्षित विकास नहीं हुआ, लेकिन अब प्रदेश में बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। बस्तर पंडुम में इस वर्ष 54 हजार कलाकारों ने पंजीयन कराया है, जो सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक है। होमस्टे को बढ़ावा दिया जा रहा है जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिल रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य में विगत दो वर्षों में वन संरक्षण अधिनियम के तहत स्वीकृत खनन प्रकरणों में खनन कार्य हेतु एक लाख 3 हजार 855 पेड़ों की कटाई की गई है, जबकि इसके एवज में खनन एवं औद्योगिक क्षेत्रों में 30 लाख से अधिक पौधे लगाए गए हैं। हमने एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत दो वर्षों में करीब 7 करोड़ पेड़ लगाये हैं। 
 
नया रायपुर स्थित ट्राइबल म्यूजियम चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि वहां हजारों पर्यटक पहुंच रहे है और सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने भी इसकी प्रशंसा की है। उन्होंने बताया कि प्रदेशवासियों को रामलला के दर्शन कराने के लिए रामलला दर्शन योजना प्रारंभ की गई है, जिसका 42 हजार लोग लाभ उठा चुके हैं। मुख्यमंत्री दर्शन योजना से भी 5 हजार से अधिक लोग लाभान्वित हुए हैं। चरण पादुका योजना को पुनः प्रारंभ किया गया है, जिसे पिछली सरकार ने बंद कर दिया था।
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते 10 महीनों में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 5 लाख से अधिक आवास पूर्ण किए गए हैं, जो देश में सर्वाधिक है। किसानों से 21 क्विंटल तक 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी गई है और अंतर की राशि होली से पहले किसानों को प्रदान कर दी जाएगी। सिंचाई क्षेत्र में जहां पूर्व सरकार ने 5700 करोड़ रुपये स्वीकृत किए थे, वहीं वर्तमान सरकार ने 10700 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं।
 
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 32 हजार पदों पर भर्ती की प्रक्रिया चल रही है और इसे सुव्यवस्थित करने के लिए नया अधिनियम लाया जाएगा। नया रायपुर में ‘अंतरिक्ष संगवारी’ का उद्घाटन भी किया गया है। शासकीय कर्मचारियों को कैशलैस इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि रेलवे सेक्टर में 47 हजार करोड़ रुपये से अधिक के कार्य प्रगति पर हैं। ‘जी राम जी योजना’ को मनरेगा से बेहतर बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इसमें 100 के स्थान पर 125 दिनों का रोजगार दिया जाएगा। सरकार की मंशा हाफ बिजली बिल से आगे बढ़कर मुफ्त बिजली बिल की दिशा में जाने की है, जिसके लिए सोलर पैनल स्थापना पर सब्सिडी दी जा रही है। राज्य के 8 नगर निगमों में छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण (सीबीडीए) के माध्यम से गेल और बीपीसीएल द्वारा बायोसीएनजी संयंत्रों की स्थापना की जा रही है।
 
मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि हमने सुशासन एवं अभिसरण के रूप में एक नया विभाग ही बना दिया। इसका काम प्रचलित तरीकों से इतर नई सोच के साथ आगे बढ़ना है जिसमें तकनीक का समावेश हो, गवर्नेंस की सर्वाेत्तम पद्धतियां जिसमें शामिल हो। हमने ई-आफिस प्रणाली लागू की है, फाइलें अब कंप्यूटर के जरिए बढ़ती हैं, तय समय सीमा में अधिकारियों को अपने अभिमत लिखने होते हैं और आगे फारवर्ड करना होता है। इससे न केवल पारदर्शिता आई है अपितु समय भी बच रहा है। इस प्रणाली को हम राज्य स्तर से जिला स्तर की ओर भी ले जा रहे हैं। हम डिजिटल गवर्नेंस को सभी विभागों में लागू कर रहे हैं, ताकि काम त्वरित गति से हों और लोगों को भटकना न पड़े।
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम हाफ बिजली से मुफ्त बिजली की दिशा में बढ़ रहे हैं। प्रधानमंत्री सौर घर मुफ्त बिजली योजना ग्रीन एनर्जी को लेकर प्रधानमंत्री जी की सार्थक पहल है। हमने छत्तीसगढ़ में अब तक 27 हजार से अधिक घरों को सौर ऊर्जा से रौशन कर दिया है। केंद्र से उपभोक्ताओं को अनुदान लाभ तो मिलता ही है, हम राज्य में भी उपभोक्ताओं को अनुदान लाभ दे रहे हैं।  मैं प्रदेश के सभी नागरिकों से अपील करता हूँ कि प्रधानमंत्री सौर घर मुफ्त बिजली योजना का लाभ लें और अगले 25 सालों तक मुफ्त बिजली का लाभ लें।
 
मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि रेल यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने अमृत स्टेशन योजना के तहत प्रदेश के 32 रेलवे स्टेशनों को आधुनिकीकरण किया जा रहा है। जिसमें 05 स्टेशनों का कार्य पूरा हो चुका है। वंदेभारत एक्सप्रेस की सुविधा नागपुर और विशाखापट्नम के लिए आरंभ की गई है। प्रदेश में 51 हजार करोड़ रूपए की लागत से रेल परियोजनाओं पर काम हो रहा है। रावघाट-जगदलपुर, खरसिया-परमालकसा जैसी महत्वपूर्ण रेल लाइनों के निर्माण से प्रदेश के विकास को तीव्र गति मिलेगी। आज के समय सड़कें जितनी जरूरी हैं उतनी ही जरूरी संचार कनेक्टिविटी भी है, हमारी सरकार ने 500 नये मोबाइल टावर स्वीकृत किये हैं जिससे कनेक्टिविटी की स्थिति और बेहतर होगी। 
 
मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में गुणवत्ता की वृद्धि के लिए हम प्रदेश में 5 नये मेडिकल कालेज आरंभ कर रहे हैं। इसमें मनेंद्रगढ़, कबीरधाम, जांजगीर-चांपा एवं दंतेवाड़ा जिला में भूमिपूजन हो चुका है और कुनकुरी में भूमि आवंटन की कार्रवाई प्रक्रियाधीन है। अटल जी की संकल्पना एम्स में अब रोबोटिक सर्जरी शुरू हो गई है।
 
मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री ने आयुष्मान भारत के रूप में देश में हेल्थ केयर का सबसे बड़ा प्लान दिया। इस योजना के माध्यम से 4 हजार 551 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया है। प्रधानमंत्री जी ने हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर भी बनाये। इसकी शुरूआत भी छत्तीसगढ़ से हुई। हमने युक्तियुक्तकरण के रूप में किया। पिछली सरकार के समय दूरस्थ ग्रामीण स्कूल तो पूरी तरह से शिक्षकविहीन हो गये थे। जिन स्कूलों में शिक्षक थे भी तो वहां भी सामान्यतः प्रति सौ छात्र केवल एक शिक्षक थे। अधिकांश शिक्षक शहरी स्कूलों में आ गये थे, कुछ शहरी स्कूलों में यह अनुपात दस छात्र के पीछे एक शिक्षक का भी था। हमने इस समस्या का निराकरण युक्तियुक्तकरण के माध्यम से निकाला। अब ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों में भी शिक्षकों की पदस्थापना कर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की व्यवस्था की।
 
मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि भारत के युवा दुनिया भर में कमाल कर रहे हैं। पिछले साल मैं जापान की राजधानी टोक्यो में बस्तर के एक युवा अविनाश तिवारी से मिला। अविनाश वहां एक प्रतिष्ठित कंपनी में कार्य कर करता है। उगते सूरज के देश में छत्तीसगढ़ की प्रतिभा का उजाला देखकर मुझे बहुत प्रसन्नता हुई। हमारी युवा शक्ति हमारी सबसे बड़ी ताकत है। प्रशासनिक प्रणाली बेहतर तरीके से चले और इसमें युवा ऊर्जा का अधिकतम उपयोग हो, इसलिए हम 32 हजार से अधिक पदों पर भर्ती कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार का उद्देश्य छत्तीसगढ़ को विकास, सुरक्षा और सुशासन के नए शिखर पर पहुंचाना है।

कैशलैस चिकित्सा सुविधा पर आभार: कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने मुख्यमंत्री से की मुलाकात

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 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से यहां छत्तीसगढ़ विधानसभा स्थित उनके कार्यालय कक्ष में छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने राज्य बजट में कर्मचारियों एवं अधिकारियों के लिए कैशलैस चिकित्सा सुविधा शामिल किए जाने पर अभिनंदन करते हुए आभार व्यक्त किया।


मुख्यमंत्री साय से छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक श्री कमल वर्मा ने कहा कि यह निर्णय कर्मचारी वर्ग एवं उनके परिवारों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। गंभीर बीमारी की स्थिति में आर्थिक चिंता से मुक्ति मिलना एक ऐतिहासिक एवं कर्मचारी हितैषी कदम है। उन्होंने कहा कि फेडरेशन सरकार के इस संवेदनशील निर्णय का स्वागत करता है तथा आशा करता है कि भविष्य में भी कर्मचारी हितों को इसी प्रकार प्राथमिकता दी जाती रहेगी।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी सरकार अधिकारियों-कर्मचारियों के हितों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। कैशलैस चिकित्सा सुविधा का लाभ शासकीय कर्मचारियों और उनके परिवारों को मिलेगा। मेडिकल लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया के सरलीकरण से कर्मचारीगण अपने और अपने परिवार की स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर निश्चिंत रहेंगे, जिसका सकारात्मक प्रभाव उनकी कार्य गुणवत्ता पर भी पड़ेगा।

प्रतिनिधिमंडल में कमल वर्मा (प्रांतीय संयोजक), सुनील उपाध्याय, जय कुमार साहू, राजेश सिंघी, संतोष कुमार वर्मा, संजीत शर्मा, देवाशीष दास, लोकेश वर्मा, अमित शर्मा, सोनाली तिडके, आकाश त्रिपाठी, जगेश्वर भट्ट, दीपक सोनकर, श्री प्रवीण सिंह एवं निशा यादव उपस्थित रहे।

छत्तीसगढ़ में तीन दिन तक बारिश के आसार, गरज-चमक और बिजली गिरने की चेतावनी

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 CG Weather Update : छत्तीसगढ़ में मौसम ने करवट ले ली है। दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) का असर प्रदेश में दिखने लगा है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले तीन दिनों तक कई इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है। इस दौरान गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है।


तापमान में 2-3 डिग्री की बढ़ोतरी

आगामी तीन दिनों में दिन के तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक इजाफा हो सकता है। इसके बाद तापमान में विशेष बदलाव की संभावना नहीं है। वहीं रात के तापमान में अगले सात दिनों तक कोई बड़ा परिवर्तन नहीं होगा।

पिछले 24 घंटे का मौसम

बीते 24 घंटों में प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। ओरछा और बड़े बचेली में सर्वाधिक 40 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई।

तापमान की बात करें तो जगदलपुर में अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जबकि अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 11.9 डिग्री सेल्सियस रहा।

लो प्रेशर एरिया से बदला मौसम

दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र सक्रिय है। इसके साथ लगभग 3 किलोमीटर ऊंचाई तक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। हालांकि यह सिस्टम अगले 24 घंटे में पूर्व दिशा की ओर बढ़ते हुए कमजोर पड़ सकता है, लेकिन इससे नमी वाली हवाएं प्रदेश तक पहुंच रही हैं।

साथ ही मध्य और ऊपरी स्तर की पश्चिमी हवाओं में ट्रफ सक्रिय है। गंगीय पश्चिम बंगाल और ओडिशा के उत्तर तटीय इलाकों के पास भी ऊपरी हवा में चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इन सिस्टमों के संयुक्त प्रभाव से प्रदेश में नमी और अस्थिरता बढ़ी है, जिससे बादल बन रहे हैं और कहीं-कहीं हल्की बारिश हो रही है।

48 घंटे तक सक्रिय रहेगा सिस्टम

बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पश्चिम हिस्से में बना कम दबाव का मजबूत क्षेत्र अगले 48 घंटों तक सक्रिय रह सकता है। यह पहले पश्चिम-उत्तर दिशा में बढ़ेगा और फिर उत्तर-पूर्व की ओर मुड़ सकता है।

ट्रफ लाइन से फैल रही नमी

लो प्रेशर से जुड़ी ट्रफ लाइन तमिलनाडु, कर्नाटक और महाराष्ट्र के दक्षिणी हिस्सों तक फैली है। जमीन से करीब 1 किलोमीटर ऊंचाई पर बनी यह ट्रफ समुद्री नमी को दूर-दराज इलाकों तक पहुंचा रही है।

ऊपरी वायुमंडल (5-6 किमी ऊंचाई) में सक्रिय ट्रफ बादलों को ऊपर तक फैलने में मदद कर रही है। नीचे की नमी और ऊपर की ठंडी हवाओं के कारण वातावरण में अस्थिरता बनी हुई है।

छत्तीसगढ़ पर सीमित असर

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार सिस्टम प्रदेश के बेहद करीब नहीं है, इसलिए तेज बारिश या तूफान की संभावना कम है। हालांकि दक्षिणी इलाकों, खासकर बस्तर संभाग में बादलों की मौजूदगी अधिक रह सकती है।

दिन में हल्की गर्मी और रात में हल्की ठंड या उमस महसूस हो सकती है।

फरवरी में बदलता है मौसम

रायपुर समेत प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में फरवरी में आमतौर पर आसमान साफ रहता है। लेकिन उत्तर भारत में सक्रिय वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के असर से कभी-कभी गरज-चमक, बारिश, आंधी या ओलावृष्टि की स्थिति बन जाती है।

सर्दी का असर कम होने के साथ न्यूनतम तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी शुरू हो जाती है, हालांकि कुछ वर्षों में फरवरी में अच्छी बारिश भी दर्ज की गई है।

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