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स्मृति को बनाया सेवा का माध्यम: शिक्षिका सीमा राठौर ने स्कूली बच्चों को कराया स्नेहपूर्ण न्योता भोज

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दिवंगत ससुर स्वर्गीय ए.बी. राठौर की स्मृति में 150 विद्यार्थियों को कराया भोजन

आरंग- सेवा और सामाजिक सरोकार की भावना को आत्मीयता के साथ जोड़ते हुए शासकीय हाई स्कूल खमतराई की व्याख्याता सीमा राठौर ने एक प्रेरणादायी पहल की। उन्होंने अपने दिवंगत ससुर स्वर्गीय ए.बी. राठौर की स्मृति में शासकीय पूर्व माध्यमिक एवं हाई स्कूल खमतराई के विद्यार्थियों के लिए विशेष न्योता भोज का आयोजन किया।

इस अवसर पर शिक्षिका सीमा राठौर ने विद्यालय पहुंचकर विद्यार्थियों के साथ आत्मीयता से समय बिताया और उन्हें अपने हाथों से भोजन परोसा। भोज में बच्चों के लिए खीर, पूड़ी, गर्म भजिया बड़ा, पनीर, चना-छोले सहित विभिन्न व्यंजनों की व्यवस्था की गई। शिक्षिका के स्नेहपूर्ण व्यवहार से विद्यार्थी बेहद उत्साहित और प्रसन्न नजर आए।

भोजन के दौरान विद्यालय परिसर में एक आत्मीय और पारिवारिक माहौल देखने को मिला। विद्यार्थियों के साथ शिक्षकों और अन्य उपस्थित लोगों ने भी इस पहल को सराहा। विद्यालय परिवार ने कहा कि अपने पूर्वजों की स्मृति को केवल औपचारिक रूप से याद करने के बजाय बच्चों के साथ खुशियां साझा करना और उन्हें भोजन कराना समाज में सेवा, संवेदना और सहभागिता का सकारात्मक संदेश देता है।

शिक्षिका सीमा राठौर की इस पहल ने विद्यार्थियों को स्वादिष्ट भोजन के साथ-साथ बड़ों के प्रति सम्मान, जरूरतमंदों के प्रति संवेदनशीलता और मिल-बांटकर खुशियां साझा करने का संदेश भी दिया।

विद्यालय के प्राचार्य एवं शिक्षकों ने इस आयोजन के लिए सीमा राठौर की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों के मन में सामाजिक जिम्मेदारी और मानवीय मूल्यों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कार्यक्रम में प्राचार्य टिकेश्वरी चंद्राकर, सी.एल. एनेस्वरी, हरीश दीवान, सीमा राठौर, बबीता लहरे, तारकेश्वर डडसेना, पुनेश्वर साहू, हेमा बंजारे, एन.डी. मानिकपुरी, भूषण जलछत्री और सौरभ साहू सहित विद्यालय के शिक्षक एवं अन्य उपस्थितजन मौजूद रहे। इस अवसर पर करीब 150 विद्यार्थियों ने न्योता भोज में सहभागिता की।

यह आयोजन दिवंगत ए.बी. राठौर की स्मृति को सेवा और स्नेह से जोड़ते हुए विद्यार्थियों के बीच खुशियां बांटने की एक सुंदर और प्रेरणादायी पहल के रूप में सामने आया।

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेने सुकमा पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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राहत केंद्रों का किया निरीक्षण, प्रभावित लोगों से मुलाकात कर जाना हालचाल

राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार की कमी न हो - मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज बाढ़ प्रभावित सुकमा पहुंचे। मुख्यमंत्री ने बाढ़ एवं जलभराव से प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर जमीनी स्थिति का जायजा लिया और राहत केंद्रों में की गई व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।

मुख्यमंत्री साय ने राहत केंद्रों में रह रहे प्रभावित लोगों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। उन्होंने जिला प्रशासन से बाढ़ की स्थिति, राहत एवं बचाव कार्यों तथा प्रभावित परिवारों को उपलब्ध कराई जा रही सहायता की जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को प्रभावित लोगों की सुरक्षा, भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधा और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार प्रभावित परिवारों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है।


सेवा संकल्प अभियान के तहत आरंग में विकासखंड स्तरीय चित्रकला और भाषण प्रतियोगिता

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300 से अधिक विद्यार्थियों ने दिखाई रचनात्मक प्रतिभा, रंगों और शब्दों से उकेरी ‘विकसित भारत’ की तस्वीर

आरंग- सेवा संकल्प अभियान के तहत जिला कलेक्टर रायपुर डॉ. गौरव कुमार सिंह के निर्देशानुसार शासकीय पीएम श्री अरुंधती देवी विद्यालय में विकासखंड स्तरीय प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक स्तर की चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में पूरे विकासखंड से 300 से अधिक छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया और अपनी रचनात्मक प्रतिभा, कल्पनाशीलता तथा राष्ट्रप्रेम की भावना का प्रदर्शन किया।

भाषण प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने ‘मेरे सपनों का भारत’, ‘विकसित भारत’ और ‘मेरे भारत के बढ़ते चरण’ जैसे विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। नन्हे वक्ताओं ने आत्मविश्वास के साथ देश के विकास, राष्ट्र निर्माण और भारत के उज्ज्वल भविष्य को लेकर अपने विचार साझा किए।

वहीं, चित्रकला प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने ‘स्वच्छ भारत’, ‘सेना का शौर्य’ और ‘डिजिटल इंडिया’ जैसे विषयों को अपनी कल्पनाशीलता के रंगों से कागज पर जीवंत किया। बच्चों की रचनाओं में देश के विकास, स्वच्छता, तकनीकी प्रगति और राष्ट्र की सुरक्षा के प्रति उनकी सोच स्पष्ट दिखाई दी।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त ध्रुव कुमार मिर्धा ने सेवा संकल्प अभियान की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह अभियान केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण के लिए नई पीढ़ी को तैयार करने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 के विकसित भारत की नींव आज के बच्चों के विचारों, सपनों और रचनात्मकता में दिखाई देती है। बच्चों की प्रतिभा और सेवा भावना का संगम देश के भविष्य को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे नगर पालिका परिषद आरंग के अध्यक्ष डॉ. संदीप जैन ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि सेवा संकल्प अभियान समाज में सकारात्मक बदलाव और जागरूकता पैदा करने का प्रभावी माध्यम बन रहा है। उन्होंने कहा कि बच्चों में सेवा, संवेदना और रचनात्मकता की भावना विकसित होने से वे भविष्य में समाज और राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।

विकासखंड शिक्षा अधिकारी दिनेश शर्मा ने प्रतियोगिता के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि सेवा संकल्प अभियान विद्यार्थियों की छिपी प्रतिभाओं को स

अमेरिका–ईरान तनाव के बीच बातचीत की उम्मीद, लेकिन सैन्य टकराव का खतरा बरकरार

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अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से जारी तनाव के बीच कूटनीतिक बातचीत की संभावना एक बार फिर सामने आई है, हालांकि दोनों देशों के बीच मतभेद अभी भी काफी गहरे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उन्हें इस सप्ताह ईरान के साथ और बातचीत होने की उम्मीद है। यह बयान ऐसे समय आया है जब ट्रंप ने ईरान की हालिया प्रस्तावित योजना को स्वीकार नहीं किया है।


 ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने और संघर्ष को कम करने से जुड़ी सात दिन की योजना का प्रस्ताव रखा था। इसके तहत अमेरिका से सैन्य दबाव कम करने और कुछ शर्तें पूरी करने की मांग की गई थी। हालांकि, ट्रंप ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया, लेकिन इसके बावजूद बातचीत का रास्ता पूरी तरह बंद नहीं हुआ है। कतर समेत क्षेत्रीय मध्यस्थ दोनों पक्षों के बीच संपर्क बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं।

वहीं, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि उनका देश युद्ध दोबारा शुरू होने की स्थिति के लिए पूरी तरह तैयार है, लेकिन कूटनीति के लिए भी दरवाजा खुला है। यानी एक तरफ बातचीत की संभावना बनी हुई है, तो दूसरी तरफ सैन्य टकराव का खतरा भी बरकरार है।

होर्मुज बना बड़ा मुद्दा

इस पूरे विवाद में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज महत्वपूर्ण केंद्र बना हुआ है। यह दुनिया के प्रमुख तेल परिवहन मार्गों में से एक है। तनाव बढ़ने से वैश्विक तेल आपूर्ति और कीमतों पर भी असर पड़ रहा है। 28 सितंबर को अमेरिकी-ईरान तनाव के बीच ब्रेंट क्रूड की कीमत में 3% से अधिक की तेजी दर्ज की गई। 

फिलहाल स्थिति ऐसी है कि अमेरिका बातचीत की संभावना जता रहा है, जबकि ईरान बातचीत के साथ संभावित सैन्य कार्रवाई का जवाब देने की तैयारी भी दिखा रहा है। आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच होने वाली अप्रत्यक्ष बातचीत और होर्मुज को लेकर फैसले तनाव की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण हो सकते हैं।

बिलासपुर के अस्थायी गौठान में मवेशियों की मौत से हड़कंप, ग्रामीणों ने व्यवस्थाओं पर उठाए सवाल

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छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के सीपत क्षेत्र के झलमला गांव में बनाए गए अस्थायी गौठान में बड़ी संख्या में मवेशियों की मौत का मामला सामने आया है। ग्रामीणों के अनुसार, पिछले दो दिनों में 20 से 30 से अधिक मवेशियों की मौत हुई है, जबकि ग्राम पंचायत के सरपंच ने 14 मवेशियों की मौत की बात कही है। 

बताया जा रहा है कि करीब दो महीने पहले फसलों को आवारा मवेशियों से बचाने के लिए खुले मैदान में तार फेंसिंग कर अस्थायी गौठान बनाया गया था। यहां एक समय करीब 300 से ज्यादा मवेशियों को रखा गया था। लगातार बारिश के बाद गौठान का बड़ा हिस्सा कीचड़ और दलदल में तब्दील हो गया, जिससे मवेशियों के लिए हालात मुश्किल हो गए।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गौठान में बारिश से बचने के लिए पर्याप्त शेड, चारे और पानी की उचित व्यवस्था नहीं थी। उनका कहना है कि कई मवेशी कीचड़ में फंस गए और उन्हें समय पर बाहर नहीं निकाला जा सका। इसी के बाद बड़ी संख्या में मवेशियों की मौत की बात सामने आई। 

मामले को लेकर मृत मवेशियों के शवों के निस्तारण पर भी ग्रामीणों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। कुछ रिपोर्टों में शवों को दफनाने और कुछ को नाले में बहाए जाने के आरोप सामने आए हैं। हालांकि, सरपंच ने मौतों के पीछे बारिश और बीमारी को कारण बताया है और कहा है कि संक्रमण व दुर्गंध फैलने से रोकने के लिए शवों को दफनाया गया। 

मामले की गंभीरता को देखते हुए छत्तीसगढ़ राज्य गौ सेवा आयोग ने जांच की बात कही है। आयोग के जिला अध्यक्ष के अनुसार, पशु चिकित्सा विभाग की टीम मौके पर भेजकर जांच कराई जाएगी और यदि पशु अत्याचार या लापरवाही की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 

अब मुख्य सवाल यह है कि वास्तव में कितने मवेशियों की मौत हुई, उनकी मौत का वास्तविक कारण क्या था और अस्थायी गौठान में चारा-पानी व सुरक्षा की पर्याप्त व्यवस्था क्यों नहीं थी। प्रशासनिक जांच के बाद इन सवालों पर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

छत्तीसगढ़ में गांजा तस्करी की बड़ी खेप पकड़ी गई, 9 क्विंटल 19 किलो गांजा जब्त; 6 गिरफ्तार

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छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) जिले में पुलिस ने गांजा तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो पिकअप वाहनों से 9 क्विंटल 19 किलो गांजा बरामद किया है। पुलिस के अनुसार, जब्त गांजे की अनुमानित कीमत करीब ₹4 करोड़ 59 लाख है। मामले में दो महिलाओं समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। 

नागपुर चौकी के सामने चेकिंग में पकड़ी गई खेप

रिपोर्टों के मुताबिक, रविवार सुबह करीब 10:30 बजे नागपुर चौकी क्षेत्र में पुलिस वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान ओडिशा नंबर की दो पिकअप गाड़ियों को रोककर तलाशी ली गई।

तलाशी के दौरान वाहनों में रखे कपड़ों के गट्ठरों के नीचे प्लास्टिक पैकेट और बोरियां मिलीं। जांच करने पर इनमें गांजा होने की पुष्टि हुई। दोनों वाहनों से 200 से ज्यादा पैकेट बरामद किए गए। 

कपड़ों के गट्ठरों के बीच छिपाया गया था गांजा

पुलिस के मुताबिक, गांजे को सीधे वाहन में रखने के बजाय प्लास्टिक के पैकेटों में भरकर बोरियों में रखा गया था और उसके ऊपर कपड़ों के गट्ठर रखे गए थे। इस तरीके से कथित तौर पर पुलिस की सामान्य जांच से बचने की कोशिश की गई।

बरामदगी का पूरा आंकड़ा

  • गांजा: 9 क्विंटल 19 किलो

  • अनुमानित कीमत: ₹4 करोड़ 59 लाख 50 हजार

  • पिकअप वाहन: 2

  •  पैकेट: 200 से अधिक

  •  गिरफ्तार आरोपी: 6

  •  महिला आरोपी: 2

  •  कानूनी कार्रवाई: NDPS Act की धारा 20(B), 2(C) के तहत मामला दर्ज होने की रिपोर्ट है। 

ओडिशा से मध्य प्रदेश ले जाने का दावा

पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ के अनुसार, आरोपी कथित तौर पर ओडिशा से गांजा लेकर मध्य प्रदेश के कटनी जा रहे थे। रिपोर्टों के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों में दो महिलाएं कटनी की और चार आरोपी ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले के बताए गए हैं।

पुलिस के अनुसार, वाहन ओडिशा से जशपुर के रास्ते छत्तीसगढ़ में दाखिल हुए और NH-43 के रास्ते सरगुजा, सूरजपुर और कोरिया क्षेत्र से होते हुए MCB के नागपुर पहुंचे। मध्य प्रदेश सीमा से कुछ किलोमीटर पहले दोनों वाहनों को पकड़ा गया। 

अब पूरे नेटवर्क की जांच

पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि गांजा कहां से लाया गया था, किसके निर्देश पर भेजा गया और कटनी में किसे इसकी डिलीवरी होनी थी। पुलिस की जांच कथित सप्लायर, परिवहनकर्ता और अन्य संभावित लोगों तक पहुंचने पर केंद्रित है। 


छत्तीसगढ़ में NMDC की ₹5,427 करोड़ की बड़ी परियोजना शुरू, बस्तर से नागरनार तक जुड़ेगा पूरा आयरन-ओर नेटवर्क

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बस्तर- छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र के लिए बड़ी औद्योगिक खबर सामने आई है। सरकारी खनन कंपनी NMDC Ltd. ने ₹5,427 करोड़ की एकीकृत आयरन-ओर प्रोसेसिंग, स्लरी पाइपलाइन और पेलेट निर्माण परियोजना को कमीशन कर दिया है। यह परियोजना NMDC के बचेली स्थित लौह-अयस्क संचालन को नागरनार स्थित स्टील प्लांट से जोड़ती है।

परियोजना में क्या-क्या शामिल है?

इस एकीकृत परियोजना के तहत तीन प्रमुख सुविधाएं विकसित की गई हैं—

बचेली में आयरन-ओर प्रोसेसिंग प्लांट
बैलाडिला की खदानों से निकलने वाले आयरन-ओर फाइन्स और स्लाइम्स को प्रोसेस करके कंसंट्रेट तैयार किया जाएगा।

135 किलोमीटर लंबी स्लरी पाइपलाइन
बचेली से नागरनार तक करीब 135 किमी लंबी पाइपलाइन के जरिए प्रोसेस्ड आयरन-ओर कंसंट्रेट पहुंचाया जाएगा। इसकी क्षमता 15 मिलियन टन प्रति वर्ष (MTPA) है।

नागरनार में 2 MTPA पेलेट प्लांट
नागरनार में स्थापित पेलेट प्लांट की क्षमता 2 मिलियन टन प्रति वर्ष है। यहां आयरन-ओर कंसंट्रेट को पेलेट में बदला जाएगा, जिसका इस्तेमाल स्टील उत्पादन में किया जा सकता है।

सड़क और रेल परिवहन पर क्या असर?

पाइपलाइन के जरिए आयरन-ओर कंसंट्रेट की ढुलाई होने से सड़क मार्ग से परिवहन का विकल्प उपलब्ध होगा और रेलवे पर निर्भरता भी कम करने में मदद मिल सकती है।

यह पाइपलाइन बस्तर और दंतेवाड़ा जिलों के 61 गांवों से होकर गुजरती है।

बस्तर के लिए क्यों महत्वपूर्ण?

इस परियोजना के साथ NMDC की गतिविधियां सिर्फ खनन तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि माइनिंग → बेनिफिशिएशन/प्रोसेसिंग → स्लरी ट्रांसपोर्ट → पेलेट उत्पादन तक पूरी वैल्यू चेन में जुड़ेंगी।

परियोजना से बैलाडिला खदानों से निकलने वाले फाइन्स और स्लाइम्स के बेहतर उपयोग का भी रास्ता बनेगा और पेलेट के रूप में एक वैल्यू-एडेड उत्पाद तैयार होगा।

NMDC का बड़ा लक्ष्य

NMDC ने बताया है कि यह परियोजना कंपनी की व्यापक विस्तार और विविधीकरण रणनीति का हिस्सा है। कंपनी दीर्घकाल में अपनी आयरन-ओर उत्पादन क्षमता को 100 मिलियन टन प्रति वर्ष तक बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है।


सोने की कीमतों में गिरावट, 24 कैरेट गोल्ड ₹1.50 लाख के आसपास

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नई दिल्ली- सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को सोने की कीमतों में गिरावट देखने को मिली। घरेलू बाजार में 24 कैरेट और 22 कैरेट सोने के दाम नीचे आए। 

कितना सस्ता हुआ सोना?

Goodreturns के आंकड़ों के अनुसार, 28 सितंबर को भारत में 24 कैरेट सोने की कीमत करीब ₹15,017 प्रति ग्राम रही, जो पिछले दिन के मुकाबले ₹251 कम है। यानी 10 ग्राम 24 कैरेट सोना करीब ₹1,50,170 रहा।

वहीं 22 कैरेट सोना ₹13,765 प्रति ग्राम पर रहा, जिसमें करीब ₹230 प्रति ग्राम की गिरावट दर्ज की गई। 10 ग्राम 22 कैरेट सोने की कीमत करीब ₹1,37,650 रही।

बड़े शहरों में क्या रहा भाव?

शहर और स्रोत के अनुसार खुदरा दरों में मामूली अंतर देखने को मिला। Indian Express के अनुसार 24 कैरेट सोने का भाव दिल्ली में करीब ₹15,032 प्रति ग्राम, जबकि मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु, हैदराबाद और पुणे में करीब ₹15,017 प्रति ग्राम रहा। 

एक अन्य बाजार स्रोत के अनुसार 28 सितंबर को दिल्ली में 24 कैरेट सोना करीब ₹1,48,320 प्रति 10 ग्राम और मुंबई में ₹1,48,580 प्रति 10 ग्राम था। इससे स्पष्ट है कि अलग-अलग बाजारों और मूल्यांकन समय के कारण दरों में अंतर हो सकता है।

क्यों गिर रहे हैं सोने के दाम?

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने पर दबाव का असर घरेलू कीमतों पर भी पड़ा। रिपोर्टों के मुताबिक मजबूत डॉलर, बढ़ती बॉन्ड यील्ड और अमेरिका में ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची रहने की आशंका सोने की कीमतों को प्रभावित कर रही हैं। बढ़ती तेल कीमतों से महंगाई को लेकर भी चिंता बढ़ी है। 

सोमवार की शुरुआती ट्रेडिंग में घरेलू वायदा बाजार में भी सोना नीचे आया। Mint के अनुसार MCX पर 5 अक्टूबर का गोल्ड फ्यूचर्स करीब ₹1,48,092 प्रति 10 ग्राम पर था, जबकि शुरुआती कारोबार में इसमें करीब 2% की गिरावट दर्ज हुई।

चांदी का भी क्या हाल?

सोने के साथ चांदी की कीमतों में भी कमजोरी देखी गई। Goodreturns के अनुसार 28 सितंबर को चांदी करीब ₹2,40,000 प्रति किलोग्राम रही, जो पिछले स्तर से ₹5,000 कम थी।

 निवेशकों और ग्राहकों के लिए जरूरी बात

सोने की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर-रुपया विनिमय दर, ब्याज दरों और घरेलू मांग जैसे कई कारकों से प्रभावित होती हैं। ज्वेलरी खरीदते समय मेकिंग चार्ज, GST और अन्य शुल्क के कारण दुकान पर भुगतान की जाने वाली अंतिम कीमत बाजार भाव से अलग हो सकती है।


🏅 एशियन गेम्स 2026: ईशा सिंह ने जीता सिल्वर, लवलीना ने पक्का किया बॉक्सिंग मेडल

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एशियन गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन जारी है। सोमवार को शूटिंग और बॉक्सिंग में भारत के लिए बड़ी उपलब्धियां सामने आईं।

ईशा सिंह ने 25 मीटर पिस्टल में जीता सिल्वर

भारतीय निशानेबाज ईशा सिंह ने महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में सिल्वर मेडल अपने नाम किया। फाइनल बेहद रोमांचक रहा और मुकाबला कई शूट-ऑफ तक पहुंचा।

ईशा और चीन की शियाओ जियारुइशुआन के स्कोर बराबर रहने के बाद स्वर्ण पदक के लिए शूट-ऑफ हुआ। अंततः चीन की खिलाड़ी ने गोल्ड जीता और ईशा को सिल्वर से संतोष करना पड़ा।

ईशा ने इससे पहले क्वालिफिकेशन में 580-22x का स्कोर बनाकर आठवें स्थान के साथ फाइनल में जगह बनाई थी। फाइनल में एक समय वह पदक की दौड़ से बाहर होने के करीब थीं, लेकिन उन्होंने शानदार वापसी करते हुए पदक पक्का किया।

लवलीना बोरगोहेन ने पक्का किया पदक

बॉक्सिंग में लवलीना बोरगोहेन ने महिलाओं के 75 किग्रा वर्ग के क्वार्टरफाइनल में दक्षिण कोरिया की सेओंग सु-योन को 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया।

सेमीफाइनल में पहुंचने के साथ ही लवलीना ने भारत के लिए एक और बॉक्सिंग पदक सुनिश्चित कर दिया। 

लवलीना ने मुकाबले में प्रभावी काउंटर-अटैक और पंचिंग के जरिए तीनों राउंड में बढ़त बनाए रखी। यह वही प्रतिद्वंद्वी हैं जिन्हें उन्होंने पिछले एशियन गेम्स में भी क्वार्टरफाइनल में हराया था। 

भारत की पदक मुहिम जारी

28 सितंबर को ईशा सिंह का सिल्वर भारत का 38वां पदक बना। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार इस समय भारत के खाते में 4 गोल्ड, 17 सिल्वर और 17 ब्रॉन्ज—कुल 38 पदक हैं। 

शूटिंग में ईशा की सिल्वर और बॉक्सिंग में लवलीना का पदक सुनिश्चित होना भारत के लिए सोमवार की प्रमुख उपलब्धियों में शामिल रहा।

 मुख्य अपडेट:

ईशा सिंह — महिलाओं की 25m पिस्टल में सिल्वर
लवलीना बोरगोहेन — महिलाओं के 75kg बॉक्सिंग में सेमीफाइनल में, पदक सुनिश्चित
 भारत — कुल 38 पदक (28 सितंबर की उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार)


उज्जैन में शाही मस्जिद पर बवाल, पथराव के बाद पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले

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उज्जैन- मध्य प्रदेश के उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण के लिए शाही मस्जिद के एक हिस्से को हटाने की कार्रवाई के दौरान सोमवार को तनाव की स्थिति बन गई। मौके पर बड़ी संख्या में लोग जमा हुए और पुलिस तथा प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प की स्थिति पैदा हो गई। पुलिस के मुताबिक, पथराव के बाद भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े गए। मौके पर भारी पुलिस बल और RAF की तैनाती की गई है।

क्या है पूरा मामला?

उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत सड़क चौड़ीकरण का काम चल रहा है। कंठाल चौराहे से गोपाल मंदिर तक सड़क को करीब 15 मीटर चौड़ा करने की योजना है। इसी प्रस्तावित सड़क के दायरे में शाही मस्जिद का एक हिस्सा आ रहा है। प्रशासन ने इसी प्रभावित हिस्से को हटाने की कार्रवाई शुरू की।

सोमवार सुबह क्या हुआ?

रिपोर्टों के मुताबिक, कार्रवाई शुरू होने की जानकारी के बाद बड़ी संख्या में लोग मस्जिद के आसपास जमा हो गए। पहले से ही इलाके में पुलिस की भारी तैनाती थी। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव हुआ और पुलिस पर पथराव की खबर सामने आई।

इसके बाद पुलिस ने भीड़ को पीछे हटाने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और हल्का बल प्रयोग किया।

 कितनी पुलिस तैनात?

इलाके में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। अलग-अलग रिपोर्टों में करीब 2,000 से 2,500 पुलिसकर्मियों की तैनाती बताई गई है। इसके अलावा RAF के जवान भी मौके पर मौजूद हैं। मस्जिद के आसपास बैरिकेडिंग कर आवाजाही को नियंत्रित किया गया।

क्या पूरी मस्जिद हटाई जा रही है?

रिपोर्टों के अनुसार, कार्रवाई पूरी शाही मस्जिद को हटाने के लिए नहीं, बल्कि सड़क के प्रस्तावित अलाइनमेंट में आने वाले उसके प्रभावित हिस्से को हटाने के लिए है। इस मुद्दे को लेकर कानूनी कार्यवाही भी हुई है। रिपोर्टों के मुताबिक, मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने 9 सितंबर को प्रभावित हिस्से को हटाने के खिलाफ दायर याचिकाएं खारिज की थीं।

हिरासत और सुरक्षा व्यवस्था

पुलिस के अनुसार, घटना के बाद 10 लोगों को हिरासत में लिया गया और कुछ लोगों के खिलाफ पथराव तथा माहौल बिगाड़ने के आरोपों में कार्रवाई की गई। पुलिस का कहना है कि स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया है, लेकिन किसी और गड़बड़ी को रोकने के लिए सुरक्षा बल तैनात हैं।

फिलहाल स्थिति

उज्जैन में स्थिति पर प्रशासन की नजर बनी हुई है। शाही मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने की कार्रवाई और सड़क चौड़ीकरण को लेकर विवाद के बीच भारी सुरक्षा व्यवस्था जारी है।

नोट: पथराव और अन्य आरोपों के संबंध में पुलिस द्वारा बताए गए तथ्यों को जांच/कानूनी प्रक्रिया के संदर्भ में देखा जाना चाहिए।


दिल्ली-NCR में दुष्कर्म की हालिया घटनाओं पर सुप्रीम कोर्ट सख्त

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नई दिल्ली- दिल्ली और NCR में हाल में सामने आई दुष्कर्म एवं यौन हिंसा की घटनाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को स्वतः संज्ञान (suo motu cognizance) लिया। जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की पीठ ने इन घटनाओं को लेकर कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़े गंभीर सवाल उठाए।

किन घटनाओं का उल्लेख हुआ?

सुप्रीम कोर्ट के सामने दिल्ली-NCR में हाल की कई घटनाओं का संदर्भ आया। इनमें दिल्ली के एक पार्क में एक नाबालिग लड़की के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म और दिल्ली में चलती स्लीपर बस में नाबालिग के कथित यौन उत्पीड़न का मामला शामिल है।

सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?

पीठ ने कहा कि ऐसी घटनाएं कानून-प्रवर्तन व्यवस्था की विफलता को उजागर करती हैं। अदालत ने यह भी कहा कि केवल एकजुटता व्यक्त करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि जवाबदेही तय करना जरूरी है।

अदालत ने सार्वजनिक स्थानों—जैसे पार्क और बसों—की सुरक्षा व्यवस्था पर भी चिंता जताई। रिपोर्ट के अनुसार, पीठ ने रोशनी की कमी, निगरानी की कमजोर व्यवस्था और अन्य प्रशासनिक सुविधाओं की कमी को सार्वजनिक सुरक्षा से जोड़कर देखा।

Nirbhaya मामले का भी संदर्भ

सुप्रीम कोर्ट ने इन हालिया घटनाओं की तुलना 2012 के निर्भया मामले की परिस्थितियों से करते हुए कहा कि इससे उस घटना की याद आती है। हालांकि, अदालत की मौजूदा कार्यवाही का केंद्र दिल्ली-NCR में सार्वजनिक सुरक्षा और जवाबदेही से जुड़े वर्तमान मुद्दे हैं।

अब आगे क्या?

सुप्रीम कोर्ट ने इस मुद्दे पर स्वतः संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज करने का निर्देश दिया है। इससे आगे अदालत संबंधित अधिकारियों से सुरक्षा व्यवस्था, कानून-प्रवर्तन और जवाबदेही से जुड़े पहलुओं पर जवाब मांग सकती है।

महत्वपूर्ण: यह मामला अभी न्यायिक प्रक्रिया में है। संबंधित घटनाओं में लगाए गए आरोपों को अंतिम न्यायिक निष्कर्ष नहीं माना जा सकता।


चुनाव आयोग के संयुक्त बयान से विपक्ष का दुष्प्रचार बेनकाब, कांग्रेस देश से माफी मांगे: भाजपा

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महासमुंद- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) जिला इकाई महासमुंद द्वारा आज एक स्थानीय प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए भाजपा नेताओं ने केंद्रीय निर्वाचन आयोग के हालिया संयुक्त बयान का हवाला दिया और कांग्रेस सहित विपक्षी गठबंधन पर तीखा हमला बोला। भाजपा पदाधिकारियों ने दावा किया कि मुख्य चुनाव आयोग के स्पष्टीकरण से यह साबित हो गया है कि विपक्षी दलों द्वारा संवैधानिक संस्थाओं को लेकर फैलाए जा रहे दावे पूरी तरह काल्पनिक और मनगढ़ंत हैं।

भाजपा ने कहा— 'आयोग के फैसले सर्वसम्मति से हुए, मतभेद की खबरें झूठी'

प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा नेताओं ने निर्वाचन आयोग के आधिकारिक दस्तावेज़ों को सामने रखते हुए कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, चुनाव आयुक्त डॉ. एस. एस. संधू एवं डॉ. विवेक जोशी की संयुक्त बैठक में स्पष्ट हो चुका है कि देश भर में संचालित स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन सहित 'एसआईआर' (SIR) के सभी प्रमुख निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए थे। भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस पार्टी जानबूझकर आयोग के भीतर मतभेद की झूठी अफवाहें फैलाकर देश की संवैधानिक व्यवस्था को कमजोर करने की कोशिश कर रही थी, जिसका अब पूरी तरह पर्दाफाश हो चुका है।

कैबिनेट सचिव को पत्र लिखने के दावे को भाजपा ने बताया निराधार

एक अंग्रेजी अखबार में प्रकाशित रिपोर्ट का खंडन करते हुए महासमुंद भाजपा के प्रवक्ताओं ने कहा कि समाचार में जिस पत्र का जिक्र किया गया था, उसका किसी नीतिगत विषय से कोई लेना-देना नहीं था। भाजपा ने बताया कि वह केवल एक सामान्य प्रशासनिक पत्र था। उन्होंने तकनीकी पक्ष रखते हुए कहा कि चूंकि चुनाव आयोग सीधे तौर पर माननीय राष्ट्रपति जी के प्रति जिम्मेदार होता है, इसलिए कैबिनेट सचिव को किसी नीतिगत मामले पर पत्र लिखने का कोई औचित्य ही नहीं बनता। भाजपा ने इसे मीडिया के एक हिस्से और विपक्ष द्वारा फैलाई गई सनसनी करार दिया।

सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का दिया हवाला

भाजपा नेताओं ने प्रेस के समक्ष बात रखते हुए कहा कि माननीय सुप्रीम कोर्ट ने भी 27 मई 2026 को अपने एक फैसले में इस पूरी चुनावी प्रक्रिया को कानूनी रूप से पूरी तरह वैध ठहराया था। भाजपा का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा फॉर्म-6 और अन्य प्रक्रियाओं पर मुहर लगाए जाने के बाद भी विपक्ष द्वारा चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर कीचड़ उछालना देश के लोकतंत्र का अपमान है।

राहुल गांधी के बयानों और ईवीएम पर भाजपा का दोहरा मापदंड का आरोप

प्रेस वार्ता के दौरान भाजपा ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आचरण और उनके विदेशी दौरों पर दिए बयानों की कड़ी निंदा की। भाजपा नेताओं ने कहा:

* राहुल गांधी अंतरराष्ट्रीय मंचों पर जाकर भारतीय न्यायपालिका और चुनाव आयोग जैसी स्वतंत्र संस्थाओं पर सरकार का नियंत्रण होने का झूठा दावा करते हैं, जिससे देश की छवि खराब होती है।

* ईवीएम को 'ब्लैक बॉक्स' बताने वाली कांग्रेस इसी ईवीएम प्रक्रिया के जरिए चुनाव जीतकर अलग-अलग राज्यों में सरकारें चला रही है। आज उसी ईवीएम से जीतकर उनके 600 से अधिक विधायक और 98 लोकसभा सदस्य संसद व विधानसभाओं में बैठे हैं।

छत्तीसगढ़ और महासमुंद के संदर्भ में उठाए नैतिक सवाल

महासमुंद भाजपा ने छत्तीसगढ़ का विशेष रूप से जिक्र करते हुए कहा कि साल 2018 में प्रदेश में कांग्रेस को इसी ईवीएम और इसी निर्वाचन प्रक्रिया के तहत एकतरफा बहुमत मिला था। वर्तमान में भी छत्तीसगढ़ विधानसभा में कांग्रेस के 35 विधायक मौजूद हैं। भाजपा ने सवाल उठाया कि क्या कांग्रेस के ये विधायक यह मानते हैं कि उनका खुद का चुनाव गलत प्रक्रिया से हुआ है? भाजपा ने कहा कि जब कांग्रेस जीतती है तो प्रक्रिया सही होती है और जब हारती है तो ईवीएम पर दोष मढ़ा जाता है।

माफी की मांग:

प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में महासमुंद जिला भाजपा ने मांग की कि इस पूरे मामले में 'दूध का दूध और पानी का पानी' हो जाने के बाद कांग्रेस नेतृत्व को अपनी हरकतों के लिए देश की जनता और संवैधानिक संस्थाओं से बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए।

https://youtu.be/rQpUN8Z1jlM


शतरंज की बिसात पर भारत का डबल धमाका, ओपन में रजत और महिला वर्ग में कांस्य पदक

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46वें FIDE चेस ओलंपियाड में टीम इंडिया का शानदार प्रदर्शन, वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने दी बधाई, सर्वश्रेष्ठ संयुक्त प्रदर्शन के साथ भारत ने लगातार तीसरी बार अपने नाम की नोना गैप्रिंडाशविली ट्रॉफी

रायपुर : वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने उज्बेकिस्तान के समरकंद में आयोजित 46वें FIDE चेस ओलंपियाड 2026 में भारतीय खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन पर पूरी टीम को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। भारत ने ओपन वर्ग में रजत पदक और महिला वर्ग में कांस्य पदक हासिल कर विश्व शतरंज के मंच पर देश का गौरव बढ़ाया है।

चौधरी ने कहा कि शतरंज की बिसात पर भारतीय खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा, एकाग्रता, धैर्य और रणनीतिक कौशल का शानदार प्रदर्शन किया है। ओपन वर्ग में रजत और महिला वर्ग में कांस्य पदक देश की शतरंज प्रतिभाओं की उत्कृष्टता को दर्शाता है।
भारत ने ओपन और महिला वर्ग के संयुक्त प्रदर्शन के आधार पर प्रतिष्ठित नोना गैप्रिंडाशविली ट्रॉफी भी अपने नाम की। यह लगातार तीसरा चेस ओलंपियाड है, जिसमें भारत ने यह प्रतिष्ठित ट्रॉफी जीती है।

वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि भारतीय शतरंज खिलाड़ियों की ये उपलब्धियां देश की नई पीढ़ी को शतरंज से जुड़ने और विश्व स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करेंगी। उन्होंने भारतीय दल के सभी खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और सहयोगी सदस्यों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

नाबालिग पत्नी से शादी की तो भी POCSO से नहीं बच पाएगा पति, HC का बड़ा फैसला

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 नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने नाबालिग पत्नी के साथ यौन संबंध के मामले में महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा है कि मुस्लिम पर्सनल लॉ के तहत हुआ विवाह किसी वयस्क आरोपी को POCSO एक्ट या आपराधिक कानून के तहत कार्रवाई से स्वतः सुरक्षा नहीं देता। जस्टिस संजीव नरूला ने 23 सितंबर 2026 के आदेश में एक व्यक्ति के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामले को रद्द करने से इनकार कर दिया।


अदालत के समक्ष आरोपी की ओर से दलील दी गई थी कि मुस्लिम पर्सनल लॉ के तहत यौवनावस्था प्राप्त कर चुकी लड़की का विवाह वैध माना जा सकता है और इसलिए पति-पत्नी के बीच बने संबंधों को आपराधिक कृत्य नहीं माना जाना चाहिए। हाईकोर्ट ने इस तर्क को स्वीकार नहीं किया।

16 साल 3 महीने की लड़की से शादी का मामला

यह मामला उस समय का है जब लड़की की उम्र 16 साल 3 महीने थी, जबकि युवक की उम्र 28 साल थी। दोनों ने मुस्लिम पर्सनल लॉ के तहत शादी की और साथ रहने लगे। बाद में लड़की गर्भवती हुई।

गर्भावस्था के दौरान लड़की सरकारी अस्पताल पहुंची, जहां उसकी उम्र सामने आने के बाद अस्पताल की ओर से मामले की जानकारी पुलिस को दी गई। इसके बाद युवक के खिलाफ POCSO एक्ट समेत संबंधित आपराधिक धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। रिपोर्टों के मुताबिक, लड़की ने जून में मृत बच्चे को जन्म दिया था।

कोर्ट ने कहा- शादी से बच्चे की उम्र नहीं बदल जाती

जस्टिस संजीव नरूला ने कहा कि किसी बच्चे की उम्र विवाह के बाद बदल नहीं जाती। अदालत के अनुसार, यदि घटना के समय लड़की 18 वर्ष से कम उम्र की थी, तो POCSO कानून के तहत वह ‘बच्चे’ की श्रेणी में आती है।

कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि पर्सनल लॉ किसी व्यक्ति को ऐसे आपराधिक कानून से छूट नहीं दे सकता, जिसमें संसद ने ऐसी कोई छूट निर्धारित नहीं की है। अदालत ने आरोपी के खिलाफ दर्ज मामले को रद्द करने की मांग ठुकरा दी।

नाबालिग पत्नी ने किया था पति का बचाव

मामले में नाबालिग लड़की ने अपने पति का बचाव भी किया था। उसने अदालत को बताया कि दोनों परिवारों की सहमति से शादी हुई थी और उस पर किसी तरह का दबाव या जबरदस्ती नहीं की गई। उसने पहले आरोपी की जमानत याचिका का भी समर्थन किया था।

हालांकि, हाईकोर्ट ने इस तथ्य को आपराधिक मामले को खत्म करने का आधार नहीं माना। अदालत के सामने मुख्य सवाल यह था कि क्या व्यक्तिगत कानून के तहत विवाह होने के कारण 18 वर्ष से कम उम्र की पत्नी के साथ यौन संबंध को POCSO के दायरे से बाहर किया जा सकता है। कोर्ट ने इसका जवाब नहीं में दिया।

POCSO में 18 साल से कम उम्र का व्यक्ति ‘बच्चा’

POCSO एक्ट के तहत 18 वर्ष से कम उम्र के व्यक्ति को बच्चा माना जाता है। दिल्ली हाईकोर्ट ने अपने आदेश में इसी वैधानिक उम्र-सीमा को आधार बनाया। अदालत ने कहा कि पर्सनल लॉ के तहत विवाह की वैधता का सवाल अलग हो सकता है, लेकिन इससे POCSO और अन्य लागू आपराधिक प्रावधानों के तहत जिम्मेदारी स्वतः समाप्त नहीं होती।

इस फैसले का मुख्य कानूनी निष्कर्ष यह है कि मुस्लिम पर्सनल लॉ के तहत हुआ विवाह, यदि पत्नी घटना के समय 18 वर्ष से कम उम्र की थी, तो केवल विवाह की स्थिति के आधार पर POCSO मामले से आपराधिक सुरक्षा नहीं देता।

Bilaspur Murder: चाकू गोदकर युवक की हत्या, बाईपास के पास मिला शव; एक संदिग्ध हिरासत में

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Bilaspur Murder : न्यायधानी बिलासपुर में युवक की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोपियों ने युवक पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर उसकी हत्या कर दी। वारदात के बाद शव को फदहाखार-महमंद बाईपास के पास फेंककर आरोपी फरार हो गए। मामला सिरगिट्टी थाना क्षेत्र का है।


पुरानी रंजिश में हत्या की आशंका

पुलिस के मुताबिक, मृतक ओम लहरे और आरोपियों के बीच किसी बात को लेकर पुरानी रंजिश थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने मौका देखकर ओम लहरे के साथ मारपीट की और उस पर चाकू से जानलेवा हमला कर दिया। गंभीर चोट लगने से युवक की मौके पर ही मौत हो गई।

वारदात के बाद आरोपियों ने पुलिस से बचने के लिए शव को फदहाखार-चांदमारी बाईपास के पास ठिकाने लगा दिया और मौके से फरार हो गए।

सड़क पर मिले खून के निशान

बाईपास के पास शव मिलने की सूचना से इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही सिरगिट्टी थाना पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। घटनास्थल की जांच के दौरान सड़क पर खून के निशान मिले हैं। पुलिस ने मौके से जरूरी साक्ष्य जुटाए हैं।

शव पर चोट के गहरे निशान भी मिले हैं। पुलिस ने मामले में एक संदिग्ध को हिरासत में लिया है। उससे पूछताछ की जा रही है और पुलिस वारदात में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है।

हत्या की वजह और आरोपियों की तलाश जारी

प्रारंभिक जांच में हत्या के पीछे आपसी रंजिश की बात सामने आ रही है। हालांकि, हत्या की वास्तविक वजह और वारदात का पूरा घटनाक्रम पुलिस की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। पुलिस संदिग्ध से पूछताछ के साथ ही अन्य संभावित आरोपियों की तलाश कर रही है।

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