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छत्तीसगढ़ के IPS संतोष सिंह बने दिल्ली मेट्रो सुरक्षा के प्रमुख: जानें उनकी कार्यशैली और उपलब्धियों का पूरा सफर

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छत्तीसगढ़ कैडर के 2011 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी संतोष सिंह को दिल्ली मेट्रो की सुरक्षा व्यवस्था का प्रमुख नियुक्त किया गया है। वर्तमान में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) में उप महानिरीक्षक (DIG) के पद पर तैनात IPS संतोष सिंह अब 'राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) की लाइफलाइन' कही जाने वाली दिल्ली मेट्रो के विशाल नेटवर्क और उसके करोड़ों यात्रियों की सुरक्षा की निगरानी करेंगे।

विशाल नेटवर्क और सुरक्षा की जिम्मेदारी 

​दिल्ली मेट्रो लगभग 271 स्टेशनों के साथ दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हरियाणा के कई प्रमुख शहरों को आपस में जोड़ती है। हाल ही में मेट्रो ने एक ही दिन में करीब 82.45 लाख यात्रियों की आवाजाही का रिकॉर्ड दर्ज किया था। इतने विस्तृत और संवेदनशील परिवहन नेटवर्क में भीड़ प्रबंधन, यात्रियों की सुरक्षा और त्वरित आपातकालीन प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने में IPS संतोष सिंह का सुरक्षा प्रबंधन का अनुभव बेहद अहम साबित होगा।

छत्तीसगढ़ में 11 जिलों का समृद्ध प्रशासनिक अनुभव 

​IPS संतोष सिंह अपनी परिपक्व, कानून-व्यवस्था के प्रति सख्त और संवेदनशील पुलिसिंग के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने छत्तीसगढ़ के कुल 11 जिलों में अपनी सेवाएं दी हैं, जिनमें रायपुर, बिलासपुर, कोरबा, राजनांदगांव, रायगढ़, कोरिया, महासमुंद, नारायणपुर और कोंडागांव जैसे 9 प्रमुख जिलों में बतौर SP/SSP काम करना शामिल है। इसके अलावा, उन्होंने सुकमा में ASP और दुर्ग में CSP के रूप में भी जमीनी स्तर पर काम किया है।

​केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने के बाद वे हैदराबाद में DIG (साउथ ज़ोन-2) के रूप में आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और उत्तरी कर्नाटक के संवेदनशील औद्योगिक व सामरिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा का कुशलतापूर्वक नेतृत्व कर चुके हैं।

 ​प्रमुख नवाचार और सामाजिक पुलिसिंग (Community Policing) 

IPS संतोष सिंह को केवल अपराध नियंत्रण ही नहीं, बल्कि जन-जागरूकता अभियानों और नवाचारों के लिए विशेष पहचान मिली है:-

निज़ात अभियान (नशा मुक्ति की पहल): कोरिया, राजनांदगांव और कोरबा में पदस्थापना के दौरान उन्होंने नशे और अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ 'निज़ात' (Nijaat) नाम से व्यापक अभियान चलाया। इसके तहत पुलिस कार्रवाई के साथ-साथ पुनर्वास और बड़े पैमाने पर जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसकी राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना हुई।

सड़क सुरक्षा अभियान : रायगढ़ जिले में पदस्थापना के दौरान यातायात नियमों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए उन्होंने 'निवेदन अभियान' चलाया, जिसे 'वर्ल्ड रिकॉर्ड्स यूनिवर्सिटी' और 'एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स' में दर्ज किया गया।

​ मास्क वितरण का विश्व रिकॉर्ड: कोविड-19 महामारी के दौरान रायगढ़ में उनके नेतृत्व में पुलिस टीम ने एक ही दिन में 12.4 लाख से अधिक मुफ्त मास्क वितरित कर एक बड़ा कीर्तिमान स्थापित किया था।

​राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार एवं सम्मान 

​उनकी उत्कृष्ट कार्यप्रणाली और समाज सुधारक पुलिसिंग के लिए उन्हें कई प्रतिष्ठित सम्मान मिल चुके हैं:

​IACP '40 Under 40' अवॉर्ड (अमेरिका): अमेरिका की अंतरराष्ट्रीय संस्था 'इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ चीफ्स ऑफ पुलिस' (IACP) द्वारा उन्हें 2021 में दुनिया भर के 40 वर्ष से कम उम्र के 40 सर्वश्रेष्ठ पुलिस अधिकारियों की सूची में शामिल कर सम्मानित किया गया था।

चैंपियंस ऑफ चेंज अवॉर्ड: सामुदायिक पुलिसिंग और जनहित में किए गए असाधारण कार्यों के लिए उन्हें भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू द्वारा 'चैंपियंस ऑफ चेंज' (Champions of Change) पुरस्कार प्रदान किया गया।

शैक्षणिक और अकादमिक योगदान : मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के रहने वाले IPS संतोष सिंह अकादमिक क्षेत्र में भी सक्रिय हैं। उन्हें रायपुर में डॉक्टरेट (Ph.D.) की उपाधि से सम्मानित किया गया है उन्होंने 'संयुक्त राष्ट्र के शांति सुदृढ़ीकरण प्रयास' पुस्तक भी लिखा है।

​प्रशासनिक दक्षता, तकनीकी दृष्टिकोण और जन-भागीदारी की बदौलत IPS संतोष सिंह ने पुलिस महकमे में अपनी एक अलग पहचान बनाई है, जिसका लाभ अब दिल्ली मेट्रो सुरक्षा बल को मिलेगा।

करम परब महोत्सव में शामिल होंगे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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कंवर समाज के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से की सौजन्य मुलाकात, सौंपा आमंत्रण पत्र

रायपुर- छत्तीसगढ़ प्रदेश कंवर समाज के युवा प्रभाग, महानगर इकाई रायपुर द्वारा 9 अक्टूबर को राजधानी रायपुर के इंडोर स्टेडियम में भव्य ‘करम परब महोत्सव’ का आयोजन किया जाएगा। महोत्सव में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।

कंवर समाज के प्रदेश अध्यक्ष हरवंश सिंह मिरी के नेतृत्व में युवा प्रभाग के पदाधिकारियों एवं समाज के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से सौजन्य मुलाकात कर उन्हें करम परब महोत्सव का आमंत्रण पत्र सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होकर समाजजनों का उत्साहवर्धन करने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री साय ने समाज के प्रतिनिधिमंडल का आमंत्रण सहर्ष स्वीकार करते हुए करम परब महोत्सव में शामिल होने की सहमति प्रदान की। मुख्यमंत्री की सहमति पर समाज के पदाधिकारियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उनका आभार जताया।

उल्लेखनीय है कि करम परब आदिवासी समाज की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और प्रकृति के प्रति आस्था का महत्वपूर्ण पर्व है। रायपुर में आयोजित होने वाले इस महोत्सव के माध्यम से कंवर समाज की पारंपरिक संस्कृति, सामाजिक एकता और गौरवशाली विरासत की झलक देखने को मिलेगी। कार्यक्रम में समाज के पदाधिकारियों, युवाओं, महिलाओं एवं प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में समाजजनों की सहभागिता रहेगी।

गरबा प्रमोशन पर बवाल: पिस्टल और सिगरेट के साथ युवतियों का वीडियो वायरल, सर्व हिंदू समाज ने जताई आपत्ति

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छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में गरबा इवेंट के प्रचार का तरीका बना विवाद की वजह; सोशल मीडिया वीडियो में गरबा ड्रेस पहने युवतियां पिस्टल दिखाते और सिगरेट पीते आईं नजर, एसएसपी से शिकायत कर जांच की मांग


बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में शारदीय नवरात्र की तैयारियों के बीच बिलासपुर में गरबा कार्यक्रम के प्रचार से जुड़ा एक वीडियो विवाद का कारण बन गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में गरबा परिधान पहने कुछ युवतियां पिस्टल दिखाते और सिगरेट पीते हुए नजर आ रही हैं। वीडियो के जरिए गरबा आयोजन और मेकओवर से जुड़ी सेवाओं का प्रचार किए जाने की बात सामने आई है। इस तरीके को लेकर सर्व हिंदू समाज ने आपत्ति जताई है और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

नवरात्र के दौरान गरबा कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में लोग हिस्सा लेते हैं। ऐसे में धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन के प्रचार के लिए इस्तेमाल किए गए इस वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है।

गरबा ड्रेस में पिस्टल और सिगरेट के साथ दिखीं युवतियां

वायरल वीडियो में युवतियां गरबा परिधान में दिखाई दे रही हैं। वीडियो में कुछ युवतियों के हाथ में पिस्टल जैसी वस्तु नजर आती है, जबकि कुछ को सिगरेट पीते हुए दिखाया गया है। इस वीडियो को गरबा इवेंट और मेकओवर के प्रचार से जोड़कर साझा किया गया है।

वीडियो के साथ लिखे कैप्शन में लड़कियों के समूह को टैग करने और गरबा पास के संदर्भ में टिप्पणी की गई है। इसी प्रचार सामग्री के अंदाज पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

हालांकि, वीडियो के नीचे एक डिस्क्लेमर भी दिया गया है, जिसमें सामग्री को शूट के लिए इस्तेमाल किए जाने की बात कही गई है। पिस्टल असली थी या नकली, इसकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी के आधार पर नहीं हुई है।

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर छिड़ी बहस

वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग इसे प्रचार का अनुचित तरीका बता रहे हैं, जबकि अन्य इसकी सामग्री और प्रस्तुति पर सवाल उठा रहे हैं।

विवाद का मुख्य मुद्दा यह है कि नवरात्र जैसे धार्मिक और सांस्कृतिक पर्व से जुड़े आयोजन के प्रचार में इस तरह के दृश्यों का इस्तेमाल कितना उचित है। वीडियो को लेकर ऑनलाइन टिप्पणियों के बीच मामले ने स्थानीय स्तर पर भी ध्यान खींचा है।

सर्व हिंदू समाज ने एसएसपी को सौंपा ज्ञापन

वीडियो को लेकर सर्व हिंदू समाज ने नाराजगी जताई है। समाज के प्रतिनिधियों ने धार्मिक आयोजन के प्रचार के इस तरीके पर आपत्ति दर्ज कराते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को ज्ञापन सौंपा है।

ज्ञापन के माध्यम से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है। शिकायत के बाद अब यह देखना होगा कि पुलिस वीडियो की सामग्री, उसके निर्माण और प्रचार से जुड़े पहलुओं की जांच किस तरह करती है।

जांच के बाद स्पष्ट होगी आगे की स्थिति

फिलहाल वायरल वीडियो को लेकर विवाद जारी है। मामले में पिस्टल की प्रकृति, वीडियो बनाने के उद्देश्य और संबंधित लोगों की भूमिका जैसे पहलुओं की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। अभी किसी के खिलाफ कार्रवाई होने की पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।

नवरात्र और गरबा आयोजनों के बीच इस विवाद ने धार्मिक कार्यक्रमों के प्रचार के तरीके को लेकर नई बहस छेड़ दी है। अब सबकी नजर पुलिस की जांच और आगे होने वाली कार्रवाई पर है।

महासमुंद न्यूज़: आधार सेवा केंद्र संचालक पदों की चयन एवं प्रतीक्षा सूची जारी

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महासमुंद- जिले में ग्राम पंचायत स्तर पर आधार सेवा केंद्रों के संचालन के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण खबर है। जिला प्रशासन महासमुंद द्वारा आधार सेवा केंद्र संचालक पदों से संबंधित चयन सूची एवं प्रतीक्षा सूची 7 अक्टूबर 2026 को जारी की गई है।

इस सूची के माध्यम से अभ्यर्थी अपने चयन की स्थिति की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। जिन उम्मीदवारों का नाम चयन सूची में शामिल नहीं है, वे प्रतीक्षा सूची भी देख सकते हैं।

अभ्यर्थी सूची कहाँ देखें?

उम्मीदवार महासमुंद जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर संबंधित सूचना, चयन सूची और प्रतीक्षा सूची देख सकते हैं।

आधिकारिक वेबसाइट: https://mahasamund.gov.in/en/whats-new/whats-new/

अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे सूची में अपना नाम, संबंधित ग्राम पंचायत और आगे की प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी ध्यानपूर्वक जाँच लें। नियुक्ति या कार्यभार ग्रहण करने की तिथि के लिए जिला प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक निर्देशों का पालन करें।

नोट: पदों की कुल संख्या, चयनित अभ्यर्थियों के नाम और आगे की प्रक्रिया की पुष्टि आधिकारिक सूची से करें।


सुकमा में विस्फोटक निष्क्रिय करने के दौरान बड़ा हादसा, CRPF के 4 जवान घायल; 2 गंभीर

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 एलारमडगु कैंप के पास, सुकमा, छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के सुकमा जिले से सुरक्षा बलों से जुड़ी एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026 को पुराने और अनुपयोगी विस्फोटकों को नष्ट करने की प्रक्रिया के दौरान अचानक धमाका हो गया। इस घटना में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के चार जवान घायल हो गए। पुलिस के अनुसार, इनमें से दो जवानों को गंभीर चोटें आई हैं।

कहाँ और कैसे हुआ हादसा?

रिपोर्टों के अनुसार, घटना सुकमा जिले के कोंटा क्षेत्र में एलारमडगु (Elarmadgu) CRPF कैंप से लगभग 200 मीटर दूर बोडराजपाड़र नाला के पास हुई। जगदलपुर से आई एम्युनिशन टेक्नीशियन टीम (Ammunition Technician Team—ATT) कैंपों में रखे पुराने, बचे हुए और अनुपयोगी विस्फोटकों की जाँच करने तथा उन्हें सुरक्षित तरीके से नष्ट करने के लिए पहुँची थी।

प्रक्रिया के दौरान विस्फोटक का एक टुकड़ा उछलकर पास के क्षेत्र में जा पहुँचा और धमाका हो गया। इससे वहाँ मौजूद चार CRPF कर्मी घायल हो गए। पुलिस की प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह विस्फोटक नष्ट करने के दौरान हुआ हादसा था, न कि किसी नए नक्सली हमले की पुष्टि।

घायल जवानों के नाम और स्थिति

मीडिया रिपोर्टों में पुलिस के हवाले से चारों घायल कर्मियों की पहचान इस प्रकार बताई गई है।

जवान का नाम                       पद       चोट की स्थिति
एम.के. तिवारी        सहायक उप निरीक्षक (ASI), ATT टीम        गंभीर
अनीश खान        सहायक उप निरीक्षक (ASI), 50वीं बटालियन        गंभीर
अमरनाथ मिश्रा        इंस्पेक्टर, ATT टीम        मामूली
कुलदीप राज        हेड कांस्टेबल, 50वीं बटालियन        मामूली

घायल जवानों को कहाँ भर्ती कराया गया?

घटना के तुरंत बाद चारों जवानों को प्राथमिक उपचार दिया गया और कोंटा के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। गंभीर रूप से घायल दोनों जवानों को आवश्यकता पड़ने पर बेहतर चिकित्सा सुविधा वाले अस्पताल में भेजने की तैयारी की जा रही थी। उपलब्ध शुरुआती रिपोर्टों में आगे की चिकित्सा स्थिति की जानकारी नहीं दी गई है।

क्या यह नक्सली हमला था?

उपलब्ध पुलिस जानकारी के अनुसार, यह दुर्घटनावश हुआ विस्फोट था। शुरुआती खबरों में IED विस्फोट की बात सामने आई थी, लेकिन बाद की रिपोर्टों में स्पष्ट किया गया कि धमाका पुराने और अनुपयोगी विस्फोटकों को निष्क्रिय करने की प्रक्रिया के दौरान हुआ। इसे नक्सलियों द्वारा किए गए हमले के रूप में पेश करना उपलब्ध तथ्यों से समर्थित नहीं है।

इस घटना का महत्व

  • पुराने विस्फोटकों को निष्क्रिय करने का काम प्रशिक्षित तकनीकी टीमों द्वारा किया जाता है, फिर भी इसमें जोखिम बना रहता है।

  • घटना ने सुरक्षा शिविरों में रखे पुराने और अनुपयोगी विस्फोटकों के सुरक्षित निपटान के महत्व को सामने रखा है।

  • सुकमा बस्तर संभाग का संवेदनशील सुरक्षा क्षेत्र है, इसलिए ऐसी घटनाओं पर स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों की नजर रहती है।


आज की बड़ी खबरें- 9 अक्टूबर 2026

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सुप्रभात! पेश हैं आज सुबह की देश-दुनिया की बड़ी खबरें, छत्तीसगढ़ की अहम अपडेट, राजनीति, अर्थव्यवस्था, स्वास्थ्य, मौसम और खेल जगत की प्रमुख सुर्खियाँ।

छत्तीसगढ़ की बड़ी खबरें

Chhattisgarh School Principal Promotion Posting 2025 Update | Raipur News | छत्तीसगढ़ में प्राचार्यों के प्रमोशन पर रोक हटी: हाईकोर्ट ने माना राज्य शासन की प्रमोशन नीति सही, पदोन्नति के खिलाफ दायर याचिकाएं खारिज - Chhattisgarh News | Dainik Bhaskar

धर्मांतरण कानून को हाई कोर्ट में चुनौती

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम, 2026 और उससे जुड़े नियमों की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर राज्य सरकार से तीन सप्ताह में जवाब मांगा है।

From red terror to development: CRPF Camp opens in Chhattisgarh’s Sukma district, villagers to benefit from welfare schemes – Desi Talk's Chicago

सुकमा में विस्फोट, चार CRPF जवान घायल

सुकमा जिले में विस्फोटकों को नष्ट करने के दौरान हुए हादसे में चार जवान घायल हुए। रिपोर्ट के मुताबिक, इनमें दो सहायक उपनिरीक्षकों की हालत गंभीर बताई गई।

देश की प्रमुख खबरें

PM Modi Launches ₹947 Crore Projects to Boost India’s Livestock and Dairy Sector - Farmer News: Government Schemes for Farmers, Successful Farmer Stories

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आज के समाचार अपडेट के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली में महिला एवं बाल विकास से जुड़े सम्मेलन में हिस्सा लेंगे।

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IIT बॉम्बे परिसर में गैस रिसाव से आग

गैस रिसाव के कारण आग लगने की घटना में पाँच लोग घायल हुए, जिनमें दो बच्चे शामिल हैं।

2017 Assembly Election Result Know How To Count EVM Votes- UP Assembly Election Results 2017 : जानिए कैसे और कौन करता है वोटों की गिनती

उपचुनावों के नतीजों पर नजर

आज पाँच विधानसभा सीटों और एक लोकसभा सीट के उपचुनाव परिणाम आने की खबर है। नतीजे संबंधित क्षेत्रों के राजनीतिक समीकरणों के लिए महत्वपूर्ण होंगे।

दुनिया की बड़ी खबरें

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अमेरिका के खाड़ी तट पर तूफान का खतरा

तूफान इसायस के तेज होने से फ्लोरिडा और आसपास के क्षेत्रों में बाढ़, तेज हवाओं और समुद्री जलस्तर बढ़ने का खतरा है। कुछ इलाकों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए गए हैं।

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साहित्य का नोबेल पुरस्कार 2026

कनाडाई कवयित्री, निबंधकार और अनुवादक ऐन कार्सन को 2026 का साहित्य का नोबेल पुरस्कार दिया गया है। उनके साहित्य में कविता, गद्य और शास्त्रीय साहित्य का अनूठा मेल है।

अर्थव्यवस्था, शेयर बाजार और बैंकिंग

D-Street shows trust in IT resilience, stocks gain ahead of Q4 results - The Economic Times

शेयर बाजार में भारी गिरावट

8 अक्टूबर को सेंसेक्स 1.44% गिरकर 71,593.24 पर और निफ्टी 1.64% गिरकर 22,231.8 पर बंद हुआ। महंगे कच्चे तेल, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और महंगाई की आशंकाओं ने बाजार पर दबाव डाला।

SAGE University Bhopal | Hostel Life

घरेलू खाने की लागत बढ़ी

क्रिसिल के अनुसार, सितंबर 2026 में घर पर बनी शाकाहारी थाली की अनुमानित लागत सालाना आधार पर 10% बढ़कर ₹30.80 हो गई। प्याज, खाद्य तेल और LPG की कीमतों का इसमें योगदान रहा।

RBI Issues Guidelines For Internal Ombudsman Appointment To Strengthen Customer Grievance Redress In Banks And NBFCs

RBI के फैसले के बाद कर्ज महंगा होने की आशंका

हालिया रिपोर्टों के मुताबिक, RBI की 0.25 प्रतिशत अंक की रेपो दर वृद्धि के बाद कुछ सरकारी बैंकों ने रेपो-लिंक्ड ऋण दरें बढ़ाई हैं। ऐसे कर्ज लेने वालों की EMI बढ़ सकती है।

स्वास्थ्य, विज्ञान और तकनीक

  • कैंसर की दवाओं की कीमतों में राहत की संभावना: गैर-अनुसूचित कैंसर दवाओं पर व्यापार मार्जिन की सीमा 30% करने के प्रस्ताव से कुछ दवाओं के अधिकतम खुदरा मूल्य में 70% तक कमी संभव बताई गई है। वास्तविक कमी दवा के अनुसार अलग होगी।

  • दवा कंपनियों की मार्केटिंग पर सुप्रीम कोर्ट की पहल: अदालत ने डॉक्टरों को दिए जाने वाले उपहार और अन्य लाभों सहित दवा कंपनियों की मार्केटिंग गतिविधियों के नियमन पर विचार करने के लिए केंद्र से तीन सदस्यीय समिति गठित करने को कहा है।

  • भारत में AI नियमन: केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, सरकार अगले एक महीने में AI परामर्श पत्र जारी करने की तैयारी कर रही है। इसमें सुरक्षा, कौशल विकास और मानव-केंद्रित AI पर जोर होगा।

मौसम और खेती

Indian Farmers working hard in the rice field.

छत्तीसगढ़ में मौसम और किसानों की चिंता

उपलब्ध मौसम अपडेट के अनुसार, 9 अक्टूबर से छत्तीसगढ़ के लिए कोई विशेष चेतावनी सूचीबद्ध नहीं थी। हालांकि स्थानीय स्तर पर मौसम बदल सकता है। किसानों को खेतों में बिजली गिरने के जोखिम और फसल की स्थिति पर ध्यान देना चाहिए।

शिक्षा, खेल और मनोरंजन

  • शिक्षा: आज के प्रमुख समाचारों में साहित्य के नोबेल पुरस्कार और स्वास्थ्य संबंधी खबरें भी शामिल हैं। स्कूलों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थी इन समसामयिक घटनाओं को नोट कर सकते हैं।

  • मनोरंजन: साहित्य के क्षेत्र में ऐन कार्सन को नोबेल पुरस्कार मिलना आज की प्रमुख सांस्कृतिक खबर है।


बिलासपुर में आकाशीय बिजली का कहर, बारिश के दौरान 3 किसानों की मौत

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बिलासपुर- जिले में बारिश के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से तीन किसानों की मौत हो गई। यह दर्दनाक हादसा लखोदना और मानपुर क्षेत्र में हुआ, जहां किसान बारिश के बीच अपने खेतों में काम कर रहे थे। अचानक तेज गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने से तीनों इसकी चपेट में आ गए।

घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों ने तत्काल घटना की सूचना संबंधित अधिकारियों और पुलिस को दी। इसके बाद मौके पर पहुंची टीम ने आवश्यक कार्रवाई शुरू की।

खेत में काम करने के दौरान हुआ हादसा

जानकारी के अनुसार, बारिश के दौरान किसान अपने कृषि कार्य में लगे हुए थे। इसी दौरान मौसम अचानक बदला और तेज गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरी। बिजली की चपेट में आने से तीन किसानों की मौके पर ही मौत हो गई।

हादसे के बाद संबंधित क्षेत्रों में शोक का माहौल है। घटना ने एक बार फिर बारिश और गरज-चमक के दौरान खेतों में काम करने वाले किसानों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

बारिश और आकाशीय बिजली के दौरान सावधानी जरूरी

मौसम विभाग और प्रशासन द्वारा आमतौर पर गरज-चमक के दौरान लोगों को खुले स्थानों, खेतों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी जाती है। विशेषकर किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से मौसम खराब होने पर सुरक्षित स्थान पर रहने की अपील की जाती है।

बिलासपुर में हुई इस घटना के बाद प्रशासन द्वारा भी लोगों से आकाशीय बिजली और खराब मौसम के दौरान अतिरिक्त सतर्कता बरतने की अपील की जा रही है।

परिजनों में शोक का माहौल

तीन किसानों की मौत की खबर से उनके परिवारों और आसपास के गांवों में शोक की लहर है। हादसे के बाद प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है तथा नियमानुसार राहत एवं सहायता संबंधी प्रक्रिया की जानकारी जुटाई जा रही है।

रायपुर में 61 ट्रैफिक पुलिसकर्मियों का सम्मान, ड्यूटी के दौरान अपराधियों को पकड़ने और संदिग्ध गतिविधियों पर कार्रवाई के लिए मिली सराहना

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रायपुर- शहर में यातायात व्यवस्था संभालने के साथ-साथ अपराध नियंत्रण और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखते हुए उल्लेखनीय कार्य करने वाले 61 ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया गया। पुलिसकर्मियों को यह सम्मान उनकी सतर्कता, तत्परता और ड्यूटी के दौरान किए गए सराहनीय कार्यों के लिए प्रदान किया गया।

यातायात पुलिस की जिम्मेदारी केवल सड़कों पर यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना ही नहीं है, बल्कि ड्यूटी के दौरान सामने आने वाली संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखना और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल कार्रवाई करना भी है। इसी तरह के मामलों में सक्रियता दिखाने वाले पुलिसकर्मियों को उनके कार्य के लिए प्रोत्साहित किया गया।

अपराधियों को पकड़ने में निभाई अहम भूमिका

सम्मानित किए गए पुलिसकर्मियों ने यातायात ड्यूटी के दौरान संदिग्ध व्यक्तियों और गतिविधियों पर नजर रखते हुए कई मामलों में पुलिस को महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराई। उनकी सतर्कता के चलते अपराध से जुड़े मामलों में कार्रवाई करने में पुलिस को मदद मिली।

पुलिस विभाग के अनुसार, ट्रैफिक ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मियों की सक्रियता और सतर्क निगरानी से अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी में भी सहायता मिली। कई मामलों में पुलिसकर्मियों ने मौके पर तत्परता दिखाते हुए संदिग्ध गतिविधियों को गंभीरता से लिया।

सतर्क पुलिसिंग को प्रोत्साहन

कार्यक्रम के दौरान पुलिसकर्मियों के कार्यों की सराहना करते हुए कहा गया कि यातायात व्यवस्था के साथ-साथ कानून-व्यवस्था बनाए रखने में भी ट्रैफिक पुलिस की महत्वपूर्ण भूमिका है। ड्यूटी के दौरान छोटी-छोटी गतिविधियों पर नजर रखना और किसी भी संदिग्ध स्थिति में तत्काल प्रतिक्रिया देना प्रभावी पुलिसिंग का हिस्सा है।

61 पुलिसकर्मियों का सम्मान किए जाने से अन्य पुलिसकर्मियों को भी बेहतर और जिम्मेदारी के साथ ड्यूटी करने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। विभाग ने ऐसे सराहनीय कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को आगे भी प्रोत्साहित करने की बात कही।

यातायात व्यवस्था के साथ सुरक्षा की जिम्मेदारी

रायपुर जैसे बड़े शहर में बढ़ते यातायात दबाव के बीच ट्रैफिक पुलिसकर्मी लगातार सड़कों पर ड्यूटी करते हैं। इस दौरान यातायात नियंत्रण के साथ नागरिकों की सुरक्षा और संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी भी उनकी जिम्मेदारी का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

61 ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को मिला यह सम्मान सतर्कता, कर्तव्यनिष्ठा और बेहतर पुलिसिंग के प्रयासों को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

रेलवे के 14 AC कोच कर्मचारियों को हाईकोर्ट से बड़ी राहत, अतिरिक्त कार्य भत्ता देने का आदेश बरकरार

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बिलासपुर- छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) के 14 AC कोच कर्मचारियों को अतिरिक्त कार्य के लिए भत्ता दिए जाने के मामले में कर्मचारियों के पक्ष में फैसला बरकरार रखा है। अदालत ने रेलवे प्रशासन की ओर से दायर याचिका को खारिज करते हुए पूर्व में दिए गए आदेश को कायम रखा।

मामला AC कोचों में कार्यरत कर्मचारियों को उनके नियमित दायित्वों के अतिरिक्त किए जाने वाले कार्य के लिए अतिरिक्त कार्य भत्ता (Additional Duty Allowance) दिए जाने से जुड़ा था। कर्मचारियों की ओर से इस भत्ते का दावा किया गया था, जिसके बाद मामला न्यायालय तक पहुंचा।

रेलवे प्रशासन ने दी थी चुनौती

रेलवे प्रशासन ने कर्मचारियों को अतिरिक्त कार्य भत्ता देने संबंधी पूर्व आदेश को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। रेलवे की ओर से आदेश पर पुनर्विचार की मांग की गई थी।

मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने रेलवे की याचिका को स्वीकार नहीं किया और कर्मचारियों को अतिरिक्त कार्य भत्ता देने संबंधी पूर्व आदेश को बरकरार रखा। इससे संबंधित 14 कर्मचारियों को राहत मिली है।

14 कर्मचारियों को मिलेगा लाभ

हाईकोर्ट के इस निर्णय का सीधा लाभ दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के संबंधित 14 AC कोच कर्मचारियों को मिलेगा। अदालत के आदेश के बाद कर्मचारियों के अतिरिक्त कार्य के एवज में देय भत्ते को लेकर उनकी स्थिति स्पष्ट हुई है।

रेलवे कर्मचारियों के लिए यह फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यह मामला नियमित ड्यूटी के अतिरिक्त जिम्मेदारियां निभाने वाले कर्मचारियों को मिलने वाले भत्ते से संबंधित है।

रेलवे की याचिका खारिज

हाईकोर्ट ने मामले में रेलवे प्रशासन की याचिका को खारिज करते हुए पूर्व आदेश को प्रभावी रखा। इस फैसले के बाद संबंधित कर्मचारियों को अतिरिक्त कार्य भत्ता मिलने का रास्ता साफ हो गया है।

हाईकोर्ट के इस आदेश से दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के 14 कर्मचारियों को राहत मिली है।

धर्म स्वतंत्रता अधिनियम 2026 को हाईकोर्ट में चुनौती, राज्य सरकार से 3 सप्ताह में जवाब तलब

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बिलासपुर- छत्तीसगढ़ में लागू छत्तीसगढ़ धर्म स्वतंत्रता अधिनियम 2026 और धर्म स्वतंत्रता नियम 2026 की संवैधानिक वैधता को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट की युगल पीठ ने राज्य सरकार को अंतरिम आवेदन पर अपना जवाब प्रस्तुत करने के लिए तीन सप्ताह का समय दिया है।

यह याचिका वी.एन. प्रसाद राव एवं अन्य की ओर से दायर की गई है। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अपना पक्ष रखा। याचिकाकर्ताओं ने नए कानून के कुछ प्रावधानों की संवैधानिकता पर सवाल उठाते हुए उन्हें मौलिक अधिकारों के अनुरूप नहीं होने का दावा किया है।

धर्म परिवर्तन की प्रक्रिया को लेकर उठाए सवाल

याचिकाकर्ताओं की ओर से अदालत में तर्क दिया गया कि कानून के तहत धर्म परिवर्तन की प्रक्रिया में कई प्रशासनिक औपचारिकताएं और अनुमतियां निर्धारित की गई हैं। याचिका में दावा किया गया है कि स्वैच्छिक धर्म परिवर्तन के मामले में भी संबंधित व्यक्ति को निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना होगा और इसकी जानकारी सार्वजनिक करने सहित कई औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी।

याचिकाकर्ता पक्ष ने यह भी तर्क दिया कि धर्म परिवर्तन कराने वाले व्यक्ति के लिए पंजीकरण जैसी व्यवस्थाएं अनिवार्य की गई हैं। उनके अनुसार, कानून के कुछ प्रावधान अंतःकरण की स्वतंत्रता, धार्मिक स्वतंत्रता, निजता और व्यक्तिगत स्वतंत्रता से जुड़े संवैधानिक अधिकारों को प्रभावित कर सकते हैं।

कड़े दंडात्मक प्रावधानों पर भी आपत्ति

याचिका में कानून के दंडात्मक प्रावधानों को लेकर भी आपत्ति जताई गई है। याचिकाकर्ताओं के अनुसार, कुछ परिस्थितियों में धर्म परिवर्तन से जुड़े मामलों में कठोर सजा और आर्थिक दंड का प्रावधान किया गया है। हालांकि, इन प्रावधानों को लेकर याचिकाकर्ताओं की दलीलें अभी अदालत के समक्ष विचाराधीन हैं।

अब सरकार के जवाब पर होगी आगे की सुनवाई

मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को अंतरिम आवेदन पर अपना पक्ष रखने के लिए तीन सप्ताह का समय दिया है। अब सरकार के जवाब के बाद अदालत मामले में आगे की सुनवाई करेगी।

फिलहाल हाईकोर्ट ने कानून की संवैधानिक वैधता पर अंतिम निर्णय नहीं दिया है। मामला न्यायालय के समक्ष विचाराधीन है और आगे की दिशा सरकार के जवाब तथा अदालत में होने वाली आगामी सुनवाई के बाद स्पष्ट होगी।

11 सूत्रीय मांगों को लेकर किसानों का प्रदेशव्यापी प्रदर्शन, 33 जिलों में ट्रैक्टर रैली निकालकर सौंपा ज्ञापन

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रायपुर- किसानों की विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर भारतीय किसान संघ के आह्वान पर छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों में किसानों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान किसानों ने अपनी मांगों को लेकर ट्रैक्टर रैली निकाली और जिला मुख्यालय पहुंचकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।

किसानों ने कृषि क्षेत्र से जुड़ी 11 सूत्रीय मांगों को प्रमुखता से उठाते हुए सरकार का ध्यान किसानों की समस्याओं की ओर आकर्षित किया। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टरों के साथ रैली में शामिल हुए। किसानों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते हुए प्रशासन के माध्यम से सरकार तक अपनी बात पहुंचाई।

भारतीय किसान संघ का कहना है कि किसानों की समस्याओं का समाधान केवल घोषणाओं तक सीमित न रहकर जमीनी स्तर पर प्रभावी तरीके से किया जाना चाहिए। किसानों को खेती-किसानी में आने वाली विभिन्न परेशानियों, कृषि लागत, उपज के उचित मूल्य, सिंचाई, बिजली, खाद-बीज सहित अन्य विषयों पर राहत और समाधान की आवश्यकता है।

33 जिलों में एक साथ आंदोलन

किसान संघ के आह्वान पर प्रदेश के 33 जिलों में एक साथ प्रदर्शन किए जाने से आंदोलन को व्यापक स्वरूप मिला। जिला मुख्यालयों पर आयोजित कार्यक्रमों में किसानों ने अपनी स्थानीय समस्याओं के साथ-साथ प्रदेश स्तर की मांगों को भी प्रशासन के सामने रखा।

किसानों ने कहा कि कृषि क्षेत्र प्रदेश की अर्थव्यवस्था और ग्रामीण जीवन की महत्वपूर्ण आधारशिला है। ऐसे में किसानों से जुड़ी समस्याओं का समय पर निराकरण किया जाना आवश्यक है।

प्रशासन को सौंपा ज्ञापन

प्रदर्शन के बाद किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने संबंधित जिला प्रशासन को 11 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से किसानों की मांगों पर आवश्यक कार्रवाई करने और सरकार तक उनकी बात पहुंचाने का आग्रह किया गया।

भारतीय किसान संघ ने स्पष्ट किया कि किसानों की मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं होने की स्थिति में संगठन आगे भी किसानों के हित में अपनी आवाज उठाता रहेगा। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने एकजुट होकर अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने का संदेश दिया।

अवैध रेत परिवहन पर खनिज विभाग की बड़ी कार्रवाई, 4 हाईवा और 5 ट्रैक्टर जब्त

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बरबसपुर में 5 ट्रैक्टर और चिंगरौद में 4 हाईवा पर कार्रवाई, खनिज अधिनियम के तहत होगी कार्रवाई

महासमुंद- जिले में अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन के खिलाफ खनिज विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार खनिज विभाग की टीम द्वारा लगातार निगरानी एवं जांच अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत विभाग ने अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई करते हुए 4 हाईवा और 5 ट्रैक्टर जब्त किए हैं। 

जानकारी के अनुसार, 5 अक्टूबर को खनिज विभाग की टीम ने ग्राम बरबसपुर में औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान रेत का अवैध परिवहन करते हुए 5 ट्रैक्टर पाए गए। विभागीय टीम ने सभी ट्रैक्टरों को मौके पर जब्त कर थाना तुमगांव पुलिस की अभिरक्षा में रखवाया है।

इसी क्रम में 6 अक्टूबर की मध्य रात्रि को ग्राम चिंगरौद में रेत के अवैध परिवहन की शिकायत मिलने पर खनिज विभाग की टीम मौके पर पहुंची। जांच के दौरान रेत से भरे 4 हाईवा वाहन पाए गए। टीम ने चारों वाहनों को जब्त कर थाना महासमुंद की अभिरक्षा में खड़ा कराया।

बिना वैध दस्तावेज के रेत परिवहन पर कार्रवाई

खनिज विभाग के अनुसार, रेत सहित गौण खनिजों के उत्खनन और परिवहन के लिए निर्धारित नियमों का पालन करना अनिवार्य है। वैध अनुमति एवं आवश्यक अभिवहन पास (Transit Pass) के बिना खनिज का परिवहन किया जाना नियमों का उल्लंघन है।

जब्त किए गए सभी वाहनों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम, 2015 तथा खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम, 1957 के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। 

अवैध खनन और परिवहन पर लगातार नजर

खनिज विभाग द्वारा जिले में अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण को रोकने के लिए लगातार जांच अभियान चलाया जा रहा है। विभागीय टीम द्वारा संवेदनशील क्षेत्रों में वाहनों की जांच के साथ-साथ प्राप्त शिकायतों के आधार पर भी मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की जा रही है।

गौरतलब है कि महासमुंद जिले में इससे पहले भी अवैध खनिज परिवहन के खिलाफ कई कार्रवाई की जा चुकी हैं। विभाग का कहना है कि अवैध उत्खनन एवं परिवहन को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी। 

कुल 9 वाहन जब्त

इस कार्रवाई में खनिज विभाग ने दो अलग-अलग दिनों में कुल 9 वाहन जब्त किए हैं—

  • बरबसपुर: 5 ट्रैक्टर — 5 अक्टूबर

  • चिंगरौद: 4 हाईवा — 6 अक्टूबर

  • कुल: 9 वाहन

खनिज विभाग की इस कार्रवाई से जिले में अवैध रेत परिवहन करने वालों में हड़कंप की स्थिति है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि आगे भी अवैध उत्खनन एवं परिवहन की शिकायतों पर जांच कर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। 

महापुरुषों की जयंतियों और पुण्यतिथियों पर अवकाश नहीं, प्रेरणा का पाठ पढ़ाया जाए—शिक्षक गेंदलाल कोकडिया

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महासमुंद- वर्तमान समय में महापुरुषों का अभाव क्यों दिखाई दे रहा है? समाज में अपराध, भ्रष्टाचार, आतंक, हिंसा और विभिन्न प्रकार के संघर्ष समाप्त क्यों नहीं हो पा रहे हैं? क्या हमारी नई पीढ़ी महापुरुषों और शहीदों के जीवन, संघर्ष, त्याग और विचारों से पर्याप्त रूप से परिचित हो पा रही है? इन्हीं महत्वपूर्ण और जनसरोकार से जुड़े प्रश्नों को लेकर चेतना विकास एवं मूल्य शिक्षा कार्यशाला का आयोजन किया गया।

कार्यशाला में शिक्षक गेंदलाल कोकडिया ने महापुरुषों एवं शहीदों की जयंतियों और पुण्यतिथियों पर दिए जाने वाले शासकीय अवकाश के उद्देश्य पर चर्चा करते हुए कहा कि इन महान व्यक्तित्वों को याद करने का वास्तविक उद्देश्य केवल छुट्टी मनाना नहीं, बल्कि उनके जीवन और विचारों से नई पीढ़ी को प्रेरणा देना होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि यदि महापुरुषों और शहीदों की जयंतियों एवं पुण्यतिथियों पर विद्यालय और महाविद्यालय बंद रखने के बजाय उस दिन विशेष कक्षाएं, परिचर्चा, भाषण, वाद-विवाद, जीवनी-पाठ और मूल्य शिक्षा से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएं, तो विद्यार्थियों में राष्ट्रप्रेम, सामाजिक जिम्मेदारी, त्याग, अनुशासन और नैतिक मूल्यों का विकास अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकता है।

कोकडिया ने कहा कि आज की जेन-जी पीढ़ी आधुनिक तकनीक और सोशल मीडिया से तो तेजी से जुड़ रही है, लेकिन अनेक महापुरुषों के जीवन-संघर्ष और उनके विचारों से उसका जुड़ाव अपेक्षाकृत कम होता जा रहा है। ऐसे में महापुरुषों की जयंती और पुण्यतिथि को केवल अवकाश तक सीमित करने के बजाय उसे ‘प्रेरणा दिवस’ के रूप में मनाने की आवश्यकता है।

कार्यशाला में उपस्थित बच्चों, अभिभावकों और शिक्षकों ने भी अपने विचार रखे। प्रतिभागियों ने कहा कि अवकाश के दिन विद्यार्थी अक्सर अपना समय मनोरंजन, घूमने-फिरने और अन्य गतिविधियों में व्यतीत कर देते हैं। यदि इन्हीं अवसरों का उपयोग महापुरुषों और शहीदों के जीवन तथा उनके आदर्शों को समझाने में किया जाए, तो विद्यार्थियों में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।

कार्यशाला में उपस्थित सभी लोगों ने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि महापुरुषों की जयंतियों और पुण्यतिथियों का महत्व केवल उन्हें याद करने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उनके विचारों को वर्तमान पीढ़ी के जीवन में उतारने का प्रयास होना चाहिए।

सभा ने सरकार से मांग की कि महापुरुषों एवं शहीदों की जयंतियों और पुण्यतिथियों पर विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में अवकाश देने के स्थान पर विशेष शिक्षण एवं प्रेरणात्मक कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। विद्यार्थियों को उस दिन संबंधित महापुरुष के जीवन, संघर्ष, विचार, त्याग और योगदान के बारे में विस्तार से पढ़ाया और बताया जाए, ताकि आने वाली पीढ़ी उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर समाज और राष्ट्र के निर्माण में अपनी सकारात्मक भूमिका निभा सके।

छत्तीसगढ़ होम गार्ड्स, फायर और एसडीआरएफ के जवानों के लिए बैंक ऑफ़ बड़ौदा लाया आकर्षक सैलरी बेनिफिट्स

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रायपुर- नगर सेना, अग्निशमन, आपातकालीन सेवाएँ एवम् SDRF छत्तीसगढ़ और बैंक आफ बड़ौदा के मध्य 6 अक्टूबर 2026 को MOU संपादित किया गया है । इसमें विभाग के समस्त ऐसे निम्न आय वर्ग के स्वयंसेवकों एवम् कर्मचारियों,  जिन्हें 10 हजार से 50 हजार के मध्य वेतन/मानदेय वेतन प्राप्त होता है, के लिए जीवन बीमा, व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा योजना एवम् अन्य सुविधाओं का लाभ सुनिश्चित किया गया है। इससे लाभान्वित होने वाले कर्मचारी/स्वयंसेवक अपना वेतन एकाउण्ट (खाता) बैंक आफ बड़ौदा के अपने जिला शाखा में खुलवा सकते हैं। सभी इकाई प्रमुखों को बैंक से समन्वय स्थापित कर उक्त कार्यवाही को शीघ्र पूर्ण करने निर्देशित किया गया है।

छत्तीसगढ़ राज्य के होमगार्ड, फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज (अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं) तथा एसडीआरएफ (SDRF) विभाग के कर्मचारियों और जवानों के लिए बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda) द्वारा विशेष वेतन लाभ (Salary Benefits) की घोषणा की गई है। इस योजना के तहत जवानों और उनके परिवारों को कई बेहतरीन वित्तीय और बीमा सुरक्षा लाभ प्रदान किए जा रहे हैं।

प्रमुख विशेषताएँ एवं मिलने वाले लाभ

छत्तीसगढ़ राज्य के होमगार्ड, फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज (अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं) तथा एसडीआरएफ (SDRF) विभाग के कर्मचारियों और जवानों को 1 लाख तक का जीवन बीमा कवर, 40 लाख तक का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा,  40 लाख तक का हवाई दुर्घटना बीमा कवर, ड्यूटी के दौरान अतिरिक्त कवर- मूल व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा (PAI) का 25% अतिरिक्त कवर (10 लाख तक), दिव्यांगता लाभ- पूर्ण/स्थायी विकलांगता पर 40 लाख तक और आंशिक विकलांगता पर 30 लाख तक की आर्थिक सहायता दी जाएगी।

परिवार और बच्चों के लिए कल्याणकारी योजनाएं 

राज्य के होमगार्ड, फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज (अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं) तथा एसडीआरएफ (SDRF) विभाग के कर्मचारियों और जवानों  के पुत्री की विवाह के लिए 4 लाख तक की सहायता, बच्चों की शिक्षा के लिए 4 लाख तक का लाभ दिया जाएगा।

खाता और कार्ड की विशेषताएं

राज्य के होमगार्ड, फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज (अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं) तथा एसडीआरएफ (SDRF) विभाग के कर्मचारियों और जवानों  को  जीरो बैलेंस (Zero Balance) तिमाही औसत शेष (QAB) की सुविधा, लाइफटाइम फ्री रुपे प्लेटिनम डेबिट कार्ड (Rupay Platinum Debit Card) और सिलेक्ट वेरिएंट का मुफ्त क्रेडिट कार्ड प्रदाय किया जाएगा। उनके   परिवार के लिए 4 खातों तक और जीवनसाथी (पति-पत्नी) के खाते के लिए जीरो बैलेंस के साथ मुफ्त रुपे डेबिट कार्ड की सुविधा के अलावा अन्य बैंकिंग सुविधाएं में मुफ्त चेक बुक, डिमांड ड्राफ्ट (DD), आरटीजीएस (RTGS), नेफ्ट (NEFT) और एटीएम का असीमित उपयोग पूरी तरह नि:शुल्क है।

बैंक ऑफ़ बड़ौदा की इस पहल से राज्य की सुरक्षा और आपातकालीन सेवाओं में अपनी सेवाएं दे रहे इन जवानों और उनके परिवारों को बड़ी आर्थिक मजबूती और सहूलियतें प्राप्त होंगी।

विश्व दृष्टि दिवस पर खमतराई हाई स्कूल में नेत्र परीक्षण शिविर आयोजित

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आरंग- मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश चौधरी के निर्देशन एवं खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. विजय लक्ष्मी अनंत के मार्गदर्शन में आज 8 अक्टूबर को “विश्व दृष्टि दिवस” के अवसर पर हाई स्कूल खमतराई में नेत्र परीक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों के नेत्र परीक्षण के लिए नेत्र सहायक अधिकारी सालिक नौरंगे विशेष रूप से उपस्थित रहे। हाई एवं मिडिल स्कूल के कुल 105 छात्र-छात्राओं का नेत्र परीक्षण किया गया, जिसमें 5 विद्यार्थियों में दृष्टि दोष पाया गया। इन विद्यार्थियों के चश्मे की जांच की गई। शासन से चश्मा प्राप्त होने के उपरांत नियमानुसार विद्यार्थियों को निःशुल्क चश्मा प्रदान किया जाएगा।

इस अवसर पर नेत्र सहायक अधिकारी सालिक नौरंगे द्वारा विद्यार्थियों को विश्व दृष्टि दिवस के महत्व एवं नेत्र सुरक्षा के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि आंखों को चोट लगने से बचाना, धूम्रपान से दूरी बनाए रखना, मोबाइल एवं कंप्यूटर स्क्रीन का अत्यधिक उपयोग न करना तथा स्क्रीन का उपयोग करते समय उचित दूरी एवं बीच-बीच में आंखों को आराम देना आवश्यक है। साथ ही संतुलित एवं पौष्टिक आहार लेने से आंखों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में मदद मिलती है। विद्यार्थियों को नियमित नेत्र जांच कराने तथा किसी भी प्रकार की दृष्टि संबंधी समस्या होने पर समय पर नेत्र चिकित्सक से परामर्श लेने के लिए भी जागरूक किया गया।

कार्यक्रम में प्राचार्य टिकेश्वरी चंद्राकर, प्रभारी प्रधान पाठक हरीश दीवान, सी.एल. एनेस्वरी, बबीता लहरे, सीमा राठौर, तारकेश्वर डडसेना, पुनेश्वर साहू, हेमा बंजारे, सौरभ साहू सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।


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