Media24Media.com

Responsive Ad Slot

Latest

latest
lockdown news

महासमुंद की खबरें

महासमुंद की खबर

रायगढ़ की ख़बरें

raigarh news

दुर्ग की ख़बरें

durg news

जम्मू कश्मीर की ख़बरें

jammu and kashmir news

VIDEO

Videos
top news


 

विश्व आदिवासी दिवस पर गरियाबंद में भव्य आयोजन, AAP सांसद संजय सिंह होंगे शामिल

No comments Document Thumbnail

गरियाबंद- विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आज 9 अगस्त को गरियाबंद में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम में आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह के शामिल होने की खबर है।

कार्यक्रम के दौरान आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपरा, अधिकारों और योगदान को रेखांकित किया जाएगा। साथ ही, समाज के विकास, शिक्षा, रोजगार और जनहित से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा होने की उम्मीद है।

विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम को लेकर स्थानीय स्तर पर उत्साह देखा जा रहा है। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और आदिवासी समाज के लोगों की मौजूदगी रहने की संभावना है।

UPI को लेकर बड़ा अपडेट: ग्राहकों के लिए भुगतान रहेगा मुफ्त, व्यापारियों पर लग सकता है मामूली शुल्क

No comments Document Thumbnail

भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था को लेकर एक अहम अपडेट सामने आया है। UPI के जरिए भुगतान करने वाले आम ग्राहकों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा, यानी नागरिकों के लिए UPI पेमेंट पहले की तरह मुफ्त रहने की संभावना है। वहीं, कुछ मामलों में व्यापारियों से मामूली शुल्क लिए जाने पर चर्चा चल रही है।

UPI देश में डिजिटल लेनदेन का सबसे लोकप्रिय माध्यम बन चुका है और करोड़ों लोग रोजमर्रा के भुगतान के लिए इसका इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में ग्राहकों पर किसी तरह का अतिरिक्त शुल्क नहीं लगाने से डिजिटल भुगतान को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

व्यापारियों से संभावित शुल्क को लेकर अंतिम व्यवस्था और नियमों का स्पष्ट होना अभी बाकी है।

उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने अंडमान-निकोबार में ‘हर घर तिरंगा अभियान’ का किया शुभारंभ

No comments Document Thumbnail

उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने आज अगस्त क्रांति दिवस के अवसर पर, 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन की स्मृति में, श्री विजय पुरम स्थित फ्लैग प्वाइंट पर राष्ट्रीय ध्वज फहराकर ‘हर घर तिरंगा अभियान’ का शुभारंभ किया।

डीबीआरएआईटी सभागार में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह एवं ‘वंदे मातरम्’ पर आधारित तिरंगा कॉन्सर्ट को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि इस अभियान के शुभारंभ के लिए इन ऐतिहासिक द्वीपों से अधिक उपयुक्त स्थान कोई और नहीं हो सकता। ये द्वीप भारत के स्वतंत्रता संग्राम और तिरंगे के इतिहास से गहराई से जुड़े हुए हैं।

महान तमिल कवि सुब्रमण्यम भारती के अमर शब्दों को याद करते हुए सी. पी. राधाकृष्णन ने कहा कि भारती द्वारा ‘मणि कोडी’ की स्तुति भारतीय आत्मा के शाश्वत साहस और भारत माता के ध्वज की महिमा को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि हर घर तिरंगा अभियान इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए प्रत्येक नागरिक को एक राष्ट्रीय ध्वज, एक मातृभूमि और एक साझा नियति के सूत्र में जोड़ता है।

‘काला पानी’ की कठोर यातनाएँ सहने वाले स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदानों को याद करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह भारत का केवल एक भौगोलिक हिस्सा नहीं, बल्कि बलिदान की पवित्र भूमि है। उन्होंने वीर विनायक दामोदर सावरकर और सेल्युलर जेल में यातनाएँ सहने वाले अनगिनत देशभक्तों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि उनका साहस, राष्ट्रभक्ति और बलिदान आज भी पीढ़ियों को प्रेरणा देता है।

उपराष्ट्रपति ने महात्मा गांधी द्वारा 8 अगस्त 1942 को दिए गए ऐतिहासिक “करो या मरो” के आह्वान को याद करते हुए कहा कि इस आह्वान ने लाखों भारतीयों को जागृत किया और स्वतंत्रता संग्राम को निर्णायक गति प्रदान की। उन्होंने तिरंगे के इतिहास में इन द्वीपों के विशेष स्थान का भी उल्लेख किया। उन्होंने याद दिलाया कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने 30 दिसंबर 1943 को यहीं भारतीय राष्ट्रीय ध्वज फहराया था, जो भारत के स्वतंत्रता संग्राम का एक ऐतिहासिक क्षण था।

हर घर तिरंगा अभियान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए राधाकृष्णन ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया यह अभियान अब एक राष्ट्रव्यापी जन आंदोलन का रूप ले चुका है। उन्होंने प्रत्येक नागरिक से तिरंगे को गर्व के साथ अपने घर पर फहराने तथा इसके माध्यम से राष्ट्रभक्ति, एकता और सामूहिक जिम्मेदारी के मूल्यों को आत्मसात करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “भारत एक है और हमेशा एक रहेगा।”

उपराष्ट्रपति ने अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह को ‘विविधता में एकता’ और ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ का जीवंत उदाहरण बताया। उन्होंने द्वीपों की समृद्ध जनजातीय विरासत के साथ-साथ कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और बुनियादी ढाँचे के क्षेत्र में हुई हालिया प्रगति का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ग्रेट निकोबार द्वीप विकास परियोजना भारत की समुद्री क्षमताओं, कनेक्टिविटी और आर्थिक अवसरों को और मजबूत करेगी तथा विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखेगी।

भारत की शांति और उदारता की परंपरा के साथ राष्ट्रीय शक्ति की आवश्यकता पर जोर देते हुए राधाकृष्णन ने कहा, “भारत हमेशा उदार रहा है, लेकिन हमारी उदारता को कभी भी हमारी कमजोरी नहीं समझा जाना चाहिए। हमें अपने राष्ट्रीय हितों और संप्रभुता की रक्षा के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए।” उन्होंने नागरिकों से तिरंगे को साहस, एकता और आशा की प्रेरणा के रूप में अपनाने तथा स्वतंत्रता सेनानियों की विरासत को आगे बढ़ाते हुए एक मजबूत और विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।


उपराष्ट्रपति ने एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में भी भाग लिया और ‘हर घर तिरंगा’ प्रदर्शनी का दौरा किया, जिसमें अभियान की भावना तथा राष्ट्रीय एकता और देशभक्ति के संदेश को प्रदर्शित किया गया।

इस अवसर पर अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के उपराज्यपाल एडमिरल डी. के. जोशी (सेवानिवृत्त), मुख्य सचिव चंचल यादव, विजय पुरम नगर परिषद की अध्यक्ष एम. वसंथा तथा जिला परिषद के अध्यक्ष पी. उम्मर सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।


अलर्ट: कभी भी खुल सकते हैं मिनीमाता बांगो बांध के गेट, नदी किनारे के गांव और उद्योग रहें सावधान

No comments Document Thumbnail

 कोरबा : लगातार हो रही बारिश के कारण मिनीमाता बांगो जलाशय का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। बांध में जलभराव 89.55% तक पहुंच चुका है। पानी की आवक को देखते हुए हसदेव नदी में कभी भी पानी छोड़ने के लिए गेट खोले जा सकते हैं।


जल संसाधन विभाग की अपील और चेतावनी:

निचले इलाकों से संपत्ति हटाएं: हसदेव नदी के तटीय और बाढ़ संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोग, खनिज खदान ठेकेदार और औद्योगिक इकाइयां अपनी चल-अचल संपत्तियों व उपकरणों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दें।

विभाग नहीं होगा जिम्मेदार: कार्यपालन अभियंता एस.के. भारती के अनुसार, अचानक आने वाली बाढ़ से होने वाले किसी भी नुकसान के लिए जल संसाधन विभाग जिम्मेदार नहीं होगा।

मुनादी के निर्देश: बाढ़ प्रभावित संभावित गांवों में मुनादी (ढोल बजाकर चेतावनी) कराने के निर्देश दे दिए गए हैं।

 प्रभावित होने वाले प्रमुख गांव:

बांगो, चर्रा, पोड़ी उपरोड़ा, कोनकोना, लेपरा, टुनियाकछार, पाथा, गाड़ाघाट, छिनमेर, कछार, कलमीपारा, सिलियारीपारा, जूनापारा, तिलाईडांड, डुगुपारा, टुंगुमांडा, छिर्रापारा, मछलीबाटा, कोरियाघाट, धनगांव, डोंगाघाट, नरमदा, औराकछार, सोनगुड़ा, जेलगांव, झाबू, नवागांव, तिलसाभाटा, लोतलोता, स्याहीमुड़ी, कोडा, हथमार, झोरा और सिरकीकला आदि।

कामिका एकादशी 2026: आज रखा जा रहा है कामिका एकादशी का व्रत, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त, विधि और खास मंत्र

No comments Document Thumbnail

 Kamika Ekadashi 2026: सावन मास के कृष्ण पक्ष में आने वाली पावन कामिका एकादशी आज, 9 अगस्त 2026 को पूरे श्रद्धा-भाव के साथ मनाई जा रही है। सनातन परंपरा में इस एकादशी का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन विधि-विधान से जगत के पालनहार भगवान विष्णु की पूजा करने से जाने-अनजाने में हुए समस्त पापों का क्षय होता है और साधक को मोक्ष की प्राप्ति होती है।


पूजन सामग्री और आवश्यक तैयारी

पूजा शुरू करने से पहले लड्डू गोपाल जी या भगवान विष्णु की प्रतिमा, पीले वस्त्र, पीले फूल, केला, पेड़ा, रोली, चंदन, कपूर, धूप, दीप, पंचामृत और तांबे का कलश व्यवस्थित कर लें। ध्यान रखें कि पूजा के लिए केवल साबुत (बिना टूटे) चावल का ही प्रयोग करें। इसके अतिरिक्त, तुलसी के पत्ते एक दिन पूर्व (दशमी) के ही रखे होने चाहिए।

कामिका एकादशी की संपूर्ण पूजा विधि

प्रातः स्नान व संकल्प: एकादशी के दिन सूर्योदय से पूर्व उठकर स्नान करें और संभव हो तो पीले रंग के वस्त्र धारण करें। हाथ में जल, पुष्प और अक्षत लेकर व्रत का संकल्प लें।

प्रतिमा स्थापना: पूजा स्थल को स्वच्छ करके लकड़ी की चौकी पर पीला कपड़ा बिछाएं और भगवान विष्णु की मूर्ति स्थापित करें।

अभिषेक व श्रृंगार: प्रभु को पंचामृत एवं गंगाजल से स्नान कराएं, वस्त्र पहनाएं और फिर पीले चंदन व रोली से तिलक लगाएं। तत्पश्चात पीले पुष्प, धूप, दीप और फल अर्पित करें।

भोग व आरती: भगवान को अर्पित किए जाने वाले पंचामृत और मिष्ठान में तुलसी पत्र अवश्य शामिल करें, क्योंकि इसके बिना श्री हरि भोग स्वीकार नहीं करते। अंत में घी का दीपक जलाकर कामिका एकादशी की कथा सुनें और आरती उतारें।

सिद्धिदायक मंत्र एवं तुलसी अर्पण नियम

पूजा के दौरान ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का निरंतर जाप करें। इसके साथ ही महाविष्णु ध्यान मंत्र का पाठ करें:

शान्ताकारं भुजगशयनं पद्मनाभं सुरेशं विश्वाधारं गगनसदृशं मेघवर्णं शुभाङ्गम्।

लक्ष्मीकान्तं कमलनयनं योगिभिर्ध्यानगम्यम् वन्दे विष्णुं भवभयहरं सर्वलोकैकनाथम्॥

तुलसी पत्र अर्पित करते समय इस मंत्र का उच्चारण करें:

तुलसि श्रीर्महालक्ष्मीर्विद्याविद्या यशस्विनी। धर्म्या धर्मानना देवी देवीदेवमनःप्रिया॥

तुलसी पूजन का विशेष नियम: एकादशी तिथि के दिन तुलसी के पत्ते तोड़ना सख्त वर्जित होता है। इसलिए पूजा के लिए तुलसी दल एक दिन पूर्व यानी दशमी तिथि को ही तोड़कर सुरक्षित रख लेना चाहिए।

व्रत के नियम और पारण की सही विधि

आहार पर नियंत्रण: एकादशी के दिन चावल, लहसुन, प्याज और किसी भी प्रकार के तामसिक भोजन का सेवन न करें। व्रती केवल दूध, फल और फलाहार पर ही रहें।

रात्रि जागरण: एकादशी की रात भगवान विष्णु के नाम का भजन-कीर्तन या विष्णु सहस्रनाम का पाठ करना अत्यंत पुण्यदायी माना गया है।

पारण विधि: व्रत का पारण अगले दिन यानी द्वादशी तिथि को सूर्योदय के बाद शुभ मुहूर्त में करें। स्वयं पारण करने से पहले किसी ब्राह्मण या जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन कराएं अथवा दान-दक्षिणा दें।

 

सनातन के अपमान पर छत्तीसगढ़ सरकार सख्त: पन्नालाल गिरफ्तार, सीएम बोले- 'बख्शे नहीं जाएंगे आरोपी'

No comments Document Thumbnail

 रायपुर। सनातन धर्म और भगवान शिव को लेकर की गई कथित अभद्र टिप्पणी के मामले में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले किसी भी तरह के बयान या टिप्पणी को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में कानून के तहत सख्त कार्रवाई होगी।


मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि पन्नालाल द्वारा सनातन धर्म के आराध्य भगवान शिव और शिवलिंग को लेकर बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी की गई थी। इस मामले में शिकायत मिलते ही पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। अब प्रकरण में कानून के अनुसार आगे की जांच और वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

धार्मिक संगठनों में था आक्रोश

उल्लेखनीय है कि भगवान शिव और शिवलिंग पर की गई टिप्पणी के बाद मामला गरमा गया था। टिप्पणी से विभिन्न धार्मिक संगठनों और समाज के लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिली, जिसके बाद पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराकर सख्त कार्रवाई की मांग की गई थी। मुख्यमंत्री के बयान के बाद यह साफ हो गया है कि राज्य सरकार धार्मिक आस्था और देवी-देवताओं के अपमान को लेकर बेहद गंभीर है।

" शिवालय नगरी आरंग" पर बना गीत सोशल मीडिया में वायरल, कलाकारों की हो रही सराहना

No comments Document Thumbnail

 आरंग। शिवालयों और प्राचीन मंदिरों के लिए प्रसिद्ध नगरी आरंग के गौरव को समर्पित गीत इन दिनों सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। इस गीत की परिकल्पना पीपला फाउंडेशन के संयोजक महेन्द्र पटेल ने की है। गीत को छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध गायक विवेक शर्मा और आरंग अंचल के लोकप्रिय गायक गंगा साहू ने अपनी आवाज दी है।


गीत के बोल कांशी जैइसे नगरी मोर आरिंग दीपक सारथी ने लिखे हैं, जबकि संगीत देवेंद्र साहू का है। वीडियो की कैमरा और एडिटिंग विरु साहू ने की है। कोरियोग्राफी मास्टर उत्तम साहू की रही और रिकॉर्डिंग आरंग स्थित महामाया स्टूडियो में की गई।गीत में आरंग के प्राचीन शिवालयों और शिवलिंगों को खूबसूरती से दर्शाया गया है।



कलाकारों की इस पहल का उद्देश्य नगर के गौरवशाली इतिहास और धार्मिक पहचान को जन-जन तक पहुंचाना है।सोशल मीडिया पर रिलीज होते ही गीत को दर्शकों का भरपूर प्यार मिल रहा है।

कई सामाजिक संगठनों और नगरवासियों ने शिवालयों पर आधारित इस गीत की मुक्त कंठ से सराहना की है। लोगों का कहना है कि ऐसे प्रयासों से नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और विरासत से जुड़ने का अवसर मिलेगा।

चरौदा में मना "ग्रीन डे", बच्चों में दिखा गजब उत्साह, ग्रीन फैशन शो रहा आकर्षण का केंद्र

No comments Document Thumbnail

 आरंग। पर्यावरण संरक्षण और "हरियर छत्तीसगढ़" का संदेश देने शनिवार को शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला चरौदा में "ग्रीन डे" बड़े धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में बच्चों के साथ-साथ शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भी बढ़-चढ़कर सहभागिता निभाई।


कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय किसान नेता पारसनाथ साहू रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था प्रधान के.के. परमाल ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में सुप्रसिद्ध कवि प्रहलाद विशाल वैष्णव, ग्राम पंचायत के पंच प्रेमलाल साहू और कन्हैया धीवर उपस्थित रहे।


कार्यक्रम का शुभारंभ राजकीय गीत गायन से हुआ। इसके पश्चात बच्चों ने पर्यावरण संरक्षण पर आधारित नारा, गीत और फूल-पत्तों की प्रदर्शनी प्रतियोगिता में उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम का सबसे बड़ा आकर्षण "हरा परिधान में फैशन शो" रहा। हरे रंग की वेशभूषा में सजे बच्चों और शिक्षकों ने मंच पर उत्साह के साथ कैटवॉक कर बच्चों से खूब तालियां बटोरीं।प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को अतिथियों द्वारा कापी ,पेन देकर सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि पारसनाथ साहू ने सभी प्रतिभागियों को नगद 500 रूपए ,कवि प्रहलाद विशाल वैष्णव ने पेन तथा पंच प्रेमलाल साहू ने सभी बच्चों को चॉकलेट वितरित कर प्रोत्साहित किया।

कार्यक्रम का सफल संचालन नवाचारी शिक्षक महेन्द्र कुमार पटेल ने किया। इस अवसर पर पारसनाथ साहू ने कहा कि ऐसे आयोजन से बच्चों में प्रकृति प्रेम और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है। उन्होंने सभी से अपील की कि प्रत्येक व्यक्ति कम से कम एक पेड़ अवश्य लगाए।इस अवसर पर संस्था प्रधान के.के. परमाल, वरिष्ठ शिक्षक महेन्द्र कुमार पटेल, सूर्यकांत चंद्राकर, दीनदयाल धीवर, डिलेश्वर प्रसाद साहू, सुशील कुमार आवडे, जितेन्द्र यदु, शिक्षिका संगीता पाटले, पायल शुक्ला सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे। सभी ने इस आयोजन की मुक्त कंठ से सराहना की।

नाबालिग से हैवानियत: रात में घर में घुसा आरोपी, कोर्ट ने सुनाई 5 साल की सजा

No comments Document Thumbnail

 कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में नाबालिग पीड़िता को रात में घर से उठाकर ले जाने और दुष्कर्म करने के मामले में अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराया है। अपर सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट) सीमा प्रताप चंद्रा की अदालत ने आरोपी जगदीश साहनी उर्फ टिल्ली (19) को बीएनएस (BNS) और पॉक्सो (POCSO) एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत सजा सुनाई है। मामले में शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक सुनील कुमार मिश्रा ने पैरवी की।


रात 3 बजे घर में घुसा था आरोपी

अभियोजन पक्ष के अनुसार, घटना बालको थाना क्षेत्र की है। 10 अगस्त 2025 की रात पीड़िता अपने माता-पिता और भाई के साथ घर में सो रही थी। रात करीब 3 बजे आरोपी जगदीश साहनी चुपके से घर में घुसा और पीड़िता के साथ मारपीट करने लगा। जब पीड़िता ने विरोध करते हुए मदद के लिए आवाज लगाई, तो आरोपी ने उसका गला दबा दिया, जिससे वह बेहोश हो गई।

होश आया तो डैम के पास थी पीड़िता

आरोपी बेहोशी की हालत में पीड़िता को उठाकर घर के पीछे स्थित डैम के पास ले गया। जब पीड़िता को होश आया, तो आरोपी ने उसके साथ जबरदस्ती की। पीड़िता ने भागने का प्रयास किया, लेकिन आरोपी ने उसे पकड़कर जमीन पर घसीटा और मारपीट की, जिससे उसके चेहरे, आंख, कान और पैरों में गंभीर चोटें आईं। सुबह होने पर आरोपी पीड़िता को वहीं छोड़कर फरार हो गया। पीड़िता किसी तरह अपने घर पहुंची और परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी।

पुलिस ने दर्ज की थी एफआईआर

परिजनों को जानकारी मिलने के बाद पीड़िता ने बालकोनगर थाना में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने बीएनएस (BNS) की विभिन्न धाराओं के साथ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना पूरी होने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में चालान पेश किया गया।

न्यायालय ने सुनाई सजा और जुर्माना

सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी माना।

धारावार सजा: न्यायालय ने बीएनएस (BNS) की धारा 137(2), 74, 76, 64(1) और पॉक्सो एक्ट की धारा 8 के तहत पांच-पांच वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा धारा 331(2) बीएनएस के तहत 3 वर्ष तथा धारा 115(2) के तहत 1 वर्ष के कारावास की सजा दी गई।

अर्थदंड: अदालत ने सभी धाराओं में 500-500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड जमा न करने पर आरोपी को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अदालत के आदेशानुसार सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।

CG NEWS : शादी से इनकार पर युवती की आपत्तिजनक तस्वीरें वायरल करने वाला प्रेमी गिरफ्तार

No comments Document Thumbnail

 तखतपुर (बिलासपुर) : शादी का प्रस्ताव ठुकराने से नाराज युवक द्वारा अपनी पूर्व प्रेमिका की निजी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए तखतपुर थाना पुलिस ने आरोपी को कर्नाटक के बेंगलुरु से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहाँ से उसे जेल भेज दिया गया है।


वीडियो कॉल का किया दुरुपयोग

पुलिस के अनुसार, आरोपी सुनील चतुर्वेदी का युवती के साथ प्रेम संबंध था। हाल ही में जब युवती ने शादी करने से इनकार कर दिया, तो आरोपी ने रंजिश रखते हुए पूर्व में वीडियो कॉल के दौरान ली गई आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर अपलोड कर दिए। घटना के बाद आरोपी फरार हो गया था।

साइबर सेल की मदद से मिली लोकेशन

तस्वीरें वायरल होने के बाद पीड़िता ने तखतपुर थाने में मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आईटी एक्ट (IT Act) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। थाना प्रभारी अवनीश पासवान के नेतृत्व में गठित तीन सदस्यीय पुलिस टीम ने साइबर सेल की मदद से आरोपी की लोकेशन ट्रैक की, जो कर्नाटक के बेंगलुरु में मिली।

न्यायिक रिमांड पर भेजा गया जेल

पुलिस टीम ने बेंगलुरु में दबिश देकर आरोपी सुनील चतुर्वेदी को हिरासत में लिया और तखतपुर लाया। आरोपी को स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहाँ से न्यायालय के आदेश पर उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस मामले की आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।

CSIR एकीकृत कौशल पहल के फेज-III के प्रथम वर्ष की समीक्षा के लिए समन्वयकों की बैठक पुणे में आयोजित

No comments Document Thumbnail

पुणे- CSIR एकीकृत कौशल पहल (CSIR Integrated Skill Initiative) के फेज-III (2025–30) के प्रथम वर्ष की निगरानी समिति की समन्वयक सम्मेलन-सह-बैठक (Coordinators' Conclave-cum-Meeting) का सफल आयोजन 6–7 अगस्त 2026 को पुणे स्थित CSIR-राष्ट्रीय रासायनिक प्रयोगशाला (CSIR-NCL) में किया गया। इस दो दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन CSIR-मानव संसाधन विकास केंद्र (CSIR-HRDC), गाजियाबाद ने CSIR-NCL, पुणे के सहयोग से किया।

इस सम्मेलन का उद्देश्य फेज-III के प्रथम वर्ष में हासिल प्रगति की व्यापक समीक्षा करना, विभिन्न CSIR प्रयोगशालाओं के बीच ज्ञान और अनुभवों का आदान-प्रदान करना तथा कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आपसी सहयोग को मजबूत करना था।

कार्यक्रम की शुरुआत उद्घाटन सत्र से हुई, जिसमें अतिथियों और प्रतिभागियों का स्वागत तथा पारंपरिक दीप प्रज्वलन किया गया। CSIR-NCL के वैज्ञानिक-जी डॉ. राजेश जी. गोन्नाडे ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए सहयोग, नवाचार और कौशल विकास के महत्व पर प्रकाश डाला।

इसके बाद CSIR-HRDC के वैज्ञानिक-जी एवं स्किल नोडल प्रिंसिपल इन्वेस्टिगेटर डॉ. विनय कुमार ने सम्मेलन के उद्देश्यों की जानकारी दी और वर्ष 2025–26 के दौरान CSIR एकीकृत कौशल पहल के तहत हासिल महत्वपूर्ण प्रगति का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि यह पहल देशभर में एक मजबूत कौशल विकास तंत्र तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है, जिसका उद्देश्य उद्योग की जरूरतों के अनुरूप प्रतिभाओं को तैयार करना और तकनीक-आधारित कार्यबल का निर्माण करना है।

CSIR-सेंट्रल प्लानिंग डायरेक्टोरेट (CPD) के वैज्ञानिक-एफ डॉ. अभिषेक कुमार ने पहल की प्रमुख उपलब्धियों और वर्ष के दौरान किए गए नीतिगत हस्तक्षेपों पर प्रकाश डाला। वहीं, CSIR-HRDC, गाजियाबाद के प्रमुख डॉ. टी. एस. राणा ने कौशल विकास के लिए डिजिटल तकनीक, व्यावहारिक प्रशिक्षण और नवाचार-आधारित समाधानों में CSIR की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।

इंस्टीट्यूट ऑफ पेस्टिसाइड फॉर्मुलेशन टेक्नोलॉजी (IPFT), गुरुग्राम के निदेशक एवं निगरानी समिति के अध्यक्ष डॉ. मोहना कृष्ण रेड्डी मुदियम ने कहा कि कौशल विकास राष्ट्र निर्माण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने CSIR एकीकृत कौशल पहल को मजबूत, भविष्य के लिए तैयार और उद्योग-केंद्रित कौशल विकास व्यवस्था बनाने के लिए पांच प्रमुख प्राथमिकता स्तंभों की रूपरेखा प्रस्तुत की।

वहीं, CSIR-NCL, पुणे के निदेशक डॉ. आशीष लेले ने कहा कि देशभर में फैली CSIR की प्रयोगशालाओं और वैज्ञानिक विशेषज्ञता के व्यापक नेटवर्क के माध्यम से CSIR, Skill India Mission में महत्वपूर्ण योगदान देने की अनूठी स्थिति में है। उन्होंने भारत को कुशल प्रतिभाओं के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने में इस पहल की भूमिका पर जोर दिया।

37 CSIR प्रयोगशालाओं की प्रगति की समीक्षा

सम्मेलन का प्रमुख आकर्षण वर्ष 2025–26 के दौरान फेज-III के तहत हुई प्रगति की व्यापक समीक्षा रहा। पहले दिन CSIR की सभी 37 भाग लेने वाली प्रयोगशालाओं के स्किल नोडल कोऑर्डिनेटर्स ने अपनी वार्षिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की।

इन प्रस्तुतियों में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रमों, प्रशिक्षुओं तक पहुंच, नवाचार आधारित पहलों, सामने आई चुनौतियों और भविष्य की कार्ययोजनाओं की जानकारी दी गई। इससे निगरानी समिति को विभिन्न प्रयोगशालाओं में कार्यक्रम के क्रियान्वयन की स्थिति का व्यापक मूल्यांकन करने के साथ-साथ कौशल विकास से जुड़े सफल मॉडलों और बेहतर कार्यप्रणालियों को साझा करने का अवसर मिला।

निगरानी समिति ने दिन के अंत में विस्तृत समीक्षा और चर्चा की। समिति ने अब तक हुई प्रगति की सराहना करते हुए कार्यक्रम की गुणवत्ता, प्रभावशीलता, पहुंच और दीर्घकालिक प्रभाव को और बेहतर बनाने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए।

उद्योग और कौशल विकास पर तकनीकी सत्र

सम्मेलन के दूसरे दिन दो तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। Life Sciences Sector Skill Development Council (LSSSDC) के उपाध्यक्ष श्री अंशुल सक्सेना ने CSIR और LSSSDC के बीच सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की। उन्होंने उद्योग-अकादमिक साझेदारी को मजबूत करने, रोजगार क्षमता बढ़ाने और उद्योग की जरूरतों के अनुरूप कौशल विकास कार्यक्रम तैयार करने पर जोर दिया।

इसके बाद CSIR-CPD के वैज्ञानिक-एफ डॉ. अभिषेक कुमार ने परियोजना योजना और बजट प्रबंधन पर तकनीकी सत्र लिया। इसमें प्रभावी योजना निर्माण, वित्तीय संसाधनों के बेहतर उपयोग, निगरानी और कौशल विकास कार्यक्रमों के कुशल क्रियान्वयन जैसे विषयों पर चर्चा की गई।

भविष्य की रणनीति पर जोर

कार्यक्रम का समापन समापन सत्र के साथ हुआ, जिसमें स्किल नोडल अधिकारियों ने अपने अनुभव साझा किए और पहल को और मजबूत बनाने के लिए सुझाव दिए।

दो दिवसीय सम्मेलन ने CSIR की विभिन्न प्रयोगशालाओं के बीच समन्वय और सहयोग को मजबूत करने, फेज-III के प्रथम वर्ष की उपलब्धियों की व्यापक समीक्षा करने तथा कार्यक्रम की पहुंच, गुणवत्ता और प्रभाव को बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण रणनीतियां तय करने में अहम भूमिका निभाई।

बैठक से सामने आए सुझाव और सिफारिशें CSIR एकीकृत कौशल पहल के प्रभावी क्रियान्वयन को और मजबूत करने में सहायक होंगी। साथ ही, यह पहल देश के लिए उच्च कौशलयुक्त वैज्ञानिक और तकनीकी कार्यबल तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देगी।

नौकरी के बीच 30 मिनट की नींद! Gen Z कैंडिडेट की डिमांड सुनकर IITian फाउंडर भी रह गए हैरान

No comments Document Thumbnail

नई दिल्ली- सोशल मीडिया पर इन दिनों Gen Z से जुड़ा एक दिलचस्प मामला तेजी से वायरल हो रहा है। एक Gen Z नौकरी उम्मीदवार ने इंटरव्यू के दौरान कंपनी के सामने ऐसी मांग रख दी, जिसे सुनकर कंपनी के फाउंडर भी हैरान रह गए।

उम्मीदवार ने नौकरी के दौरान हर दोपहर 30 मिनट की झपकी (Nap) लेने की अनुमति मांगी। उम्मीदवार का कहना था कि दोपहर में थोड़ी देर आराम करने से वह बेहतर तरीके से काम कर पाएगा और उसकी productivity भी बढ़ सकती है।

इस अनोखी मांग पर कंपनी के IITian फाउंडर की प्रतिक्रिया सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई। मामला सामने आने के बाद इंटरनेट पर लोग Gen Z के work-life balance और workplace expectations को लेकर अलग-अलग राय दे रहे हैं।

कुछ यूजर्स ने इसे “Gen Z का नया वर्क कल्चर” बताया, तो कुछ का कहना है कि अगर इससे productivity बढ़ती है, तो कंपनियों को ऐसी मांगों पर विचार करना चाहिए।

आप क्या सोचते हैं—ऑफिस में 30 मिनट की nap की अनुमति मिलनी चाहिए? 

बस्तर के 92 गांवों में पहली बार लहराएगा तिरंगा, स्वतंत्रता दिवस पर दिखेगा नया बदलाव

No comments Document Thumbnail

बस्तर- छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र के लिए इस बार का स्वतंत्रता दिवस बेहद खास होने जा रहा है। पहली बार नक्सल प्रभावित रहे 92 गांवों में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर तिरंगा फहराया जाएगा।

इन गांवों में लंबे समय से वामपंथी उग्रवाद का प्रभाव रहा है। अब सुरक्षा व्यवस्था में सुधार और प्रशासन की पहुंच बढ़ने के साथ यहां के ग्रामीण 15 अगस्त को राष्ट्रीय ध्वज फहराकर स्वतंत्रता दिवस मनाएंगे।

प्रशासन के अनुसार, इन गांवों में तिरंगा फहराया जाना केवल स्वतंत्रता दिवस का आयोजन नहीं, बल्कि बदलते बस्तर और शांति एवं विकास की दिशा में बढ़ते कदम का प्रतीक माना जा रहा है।

स्थानीय स्तर पर भी इस आयोजन को लेकर उत्साह है। वर्षों तक उग्रवाद से प्रभावित रहे इन इलाकों में तिरंगे का फहराया जाना सुरक्षा, विकास और लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूत होती पहुंच का महत्वपूर्ण संदेश देगा।

भूपेश बघेल के खिलाफ चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में बड़ी सुनवाई

No comments Document Thumbnail

नई दिल्ली- सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से जुड़ी चुनाव याचिका को आगे बढ़ाने की अनुमति दे दी है। अदालत ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के उस फैसले को बरकरार रखा है, जिसमें बघेल के चुनाव को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज करने से इनकार किया गया था।

इस फैसले के बाद अब चुनाव याचिका पर आगे कानूनी प्रक्रिया जारी रह सकेगी। याचिका में भूपेश बघेल के चुनाव को चुनौती दी गई है।

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का मतलब यह नहीं है कि बघेल का चुनाव अवैध घोषित कर दिया गया है। फिलहाल मामला केवल याचिका की सुनवाई आगे बढ़ने से जुड़ा है। अब संबंधित आरोपों और दावों पर आगे की न्यायिक प्रक्रिया के दौरान सुनवाई होगी।

इस मामले पर छत्तीसगढ़ की राजनीति में भी नजर बनी हुई है।

जापानी येन 40 साल के सबसे निचले स्तर पर

No comments Document Thumbnail

जापान की मुद्रा येन अमेरिकी डॉलर के मुकाबले करीब 40 साल के निचले स्तर पर पहुंच गई है। येन को संभालने के लिए जापान और अमेरिका ने मिलकर दुर्लभ मुद्रा बाजार हस्तक्षेप (Currency Intervention) किया है।

अब निवेशकों की नजर बैंक ऑफ जापान (BOJ) पर है। बाजार में चर्चा है कि अगर येन पर दबाव जारी रहा, तो बैंक ऑफ जापान सितंबर में ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकता है।

येन की कमजोरी से जापान के लिए आयात महंगा हो सकता है, खासकर तेल और अन्य जरूरी सामानों की कीमतों पर इसका असर पड़ सकता है। वहीं, ब्याज दर बढ़ने की संभावना से वैश्विक वित्तीय बाजार भी सतर्क हैं।

© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.