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4 मंजिला इमारत गिरने से बड़ा हादसा, 19 लोगों की मौत, कई घायल

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महाराष्ट्र हादसों का गढ़ बन गया है। प्रदेश में रोजाना किसी न किसी हादसे की खबर सामने आती है। ताजा मामला मुंबई के नाइक नगर का है, जहां एक चार मंजिला इमारत ढह गई, जिसमें 19 लोगों की मौत हो गई है। जबकि कई लोग घायल हो गए हैं, जिनका इलाज जारी है। वहीं कुछ लोगों की मौत अस्पताल में इलाज के दौरान हुई। BMC कमिश्नर इकबाल सिंह चहल ने बताया कि 9 लोगों को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई है। दमकल विभाग के मुताबिक इमारत के मलबे के नीचे 1-2 लोग फंसे हुए हैं। NDRF, BMC और मुबंई पुलिस की टीम राहत और बचाव कार्य में जुटी है। 

BMC की अतिरिक्त आयुक्त अश्विनी भिड़े ने बताया कि इमारत जर्जर हो चुकी थी। 2013 से पहले मरम्मत और फिर इमारत को गिराने के लिए नोटिस दिए गए थे।  BMC कमिश्नर ने बताया कि हमने इमारत को C 1 श्रेणी में रखा था यानी बिल्डिंग में रहने लायक नहीं है, लेकिन कुछ अधिकृत लोगों ने C 1 में रखे जाने का विरोध किया। उन्होंने आर्किटेक्चर से खुद स्ट्रक्चर ऑडिट कराया। उनकी रिपोर्ट में बिल्डिंग को C 2 की श्रेणी घोषित किया गया। यानी इमारत को रिपेयरिंग कर उसमें रहा जा सकता है। अब तक जो जानकारी मिल रही है, उसके मुताबिक अभी भी कई लोग फंसे हुए हैं। कुछ लोगों के जिंदा होने की संभावना है। उन्हें बचाने की पूरी कोशिश हो रही है।

पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजे का ऐलान

इधर, महाराष्ट्र सरकार के मंत्री सुभाष देसाई ने मृतक के परिवार को 5 लाख रुपए आर्थिक सहायता और घायलों का इलाज फ्री में करने की बात कही है। उन्होंने कहा कि जांच की जाएगी, जो भी जिम्मेदार हुए उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। ऐसा दोबारा न हो इसके लिए मीटिंग बुलाई गई है। इससे पहले एकनाथ शिंदे ने मृतक के परिवार को 5 लाख और घायलों को एक-एक लाख रुपए की आर्थिक मदद का ऐलान किया था। NDRF, BMC और मुंबई पुलिस की टीम ने 25 लोगों में से 15 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। इनमें 3 की हालत नाजुक बनी है। 

सभी को बचाना प्राथमिकता: आदित्य ठाकरे

महाराष्ट्र के मंत्री आदित्य ठाकरे मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है। 4 इमारतों को नोटिस जारी किया गया था, लेकिन लोग फिर भी रह रहे थे। सभी को बचाना हमारी प्राथमिकता है। आसपास की दूसरी इमारतों को खाली कराने और गिराने का काम किया जाएगा। हादसे की जानकारी मिलते ही रात के समय महाराष्ट्र के मंत्री आदित्य ठाकरे मौके पर पहुंचे, जहां उन्होंने जर्जर इमारतों को खाली कराए जाने की बात कही। उन्होंने ये भी कहा कि जब भी BMC नोटिस जारी करे, इमारतें खुद खाली कर दी जानी चाहिए। नहीं तो ऐसी घटनाएं होती हैं, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। अब इस पर कार्रवाई करना महत्वपूर्ण है। बता दें कि अभी महाराष्ट्र में सियासी संकट जारी है।

PM मोदी ने हादसे को लेकर जताया दुख

वहीं PM नरेंद्र मोदी ने भी हादसे को लेकर दुख जताया है। साथ ही उन्होंने भी मुआवजे का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि- मुंबई में इमारत गिरने से आहत हूं। इस दुख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं और प्रार्थनाएं घायलों के साथ हैं। मृतक के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और और घायलों को 50 हजार रुपये अनुग्रह राशि दी जाएगी।

भीषण सड़क हादसे में एक ही परिवार के 5 लोगों समेत 3 दोस्तों की मौत

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महाराष्ट्र सड़क हादसों का गढ़ बनता जा रहा है। ताजा मामला सांगली का है, जहां हुए दो भीषण सड़क हादसों में 8 लोगों की मौत हो गई है। पहली दुर्घटना सांगली जिले के जाट तालुका के कोसारी गांव में हुई है, जहां एक बाइक पर 4 युवक सवार होकर अपने गांव जा रहे थे। इसी बीच बाइक अनियंत्रित होकर खाई में गिर पड़ी। इस हादसे में तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई है। जबकि चौथा ICU में एडमिट है।

हादसे का शिकार हुए सभी चार युवक दोस्त हैं और एक दूसरे के पड़ोस में रहते थे। एक साथ हुई तीन दोस्तों की मौत के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। ये चार दोस्त एक ही बाइक पर सवार थे। हादसा उस समय हुआ जब बिरनाल नाले के पास बाइक अनियंत्रित होकर सड़क से उतर एक खाई में जा गिरी। इस हादसे में अजीत भोसले (22) की मौके पर ही मौत हो गई और मोहित तोर्वे (21) और राजेंद्र भाले (22) ने हॉस्पिटल जाते हुए रास्ते में दम तोड़ दिया। चौथा दोस्त संग्राम तोर्वे (16 साल) गंभीर रूप से घायल है, जिसे इलाज के लिए जाट ग्रामीण अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

एक ही परिवार 5 लोगों की गई जान

दूसरी दुर्घटना भी सांगली जिले की है, जहां पुणे-बेंगलुरू राजमार्ग पर एक कार और कंटेनर की आमने-सामने की टक्कर में एक ही परिवार के तीन बच्चों समेत पांच लोगों की मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक कार सांगली के कासेगांव इलाके में येवलवाड़ी कांटे के पास कोल्हापुर में पुणे से जयसिंहपुर जा रही थी। कार अनियंत्रित होकर सामने से आ रहे कंटनेर से टकरा गई और बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसा इतना भीषण था कि कार में फंसे शवों को बाहर निकालने के लिए कटर मशीन बुलानी पड़ी थी।

मृतकों में ये लोग शामिल

सभी पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान अरिंजय शिरोटे (35), स्मिता शिरोटे (38), पूर्वा शिरोटे (14), सुनेशा शिरोटे (10) और वीरू शिरोटे (4) के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि ये हादसा उस हुआ जब अरिंजय शिरोटे जयसिंहपुर में अपने रिश्तेदारों से मिलने जा रहे थे।

6 मई को सड़क हादसे में  7 की मौत

महाराष्ट्र में सड़क हादसे लगातार बढ़ रहे हैं। 6 मई को महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले की कोपरगांव तहसील में कंटेनर रिक्शे से टकरा गया। इस हादसे में 7 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि 6 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। जानकारी के मुताबिक कोपरगांव तहसील के दौच खुर्द इलाके में जगदे फाटा कोपरगांव हाईवे पर पगारे वस्ती के पास रिक्शे को एक कंटेनर ने टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि रिक्शा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। 

टेंपो और पिकअप के बीच टक्कर में 6 लोगों की मौत

इससे पहले महाराष्ट्र के नासिक जिले में एक टेंपो को पिकअप वाहन ने पीछे से जोरदार टक्कर मार दी थी, जिससे टेंपो में सवार 6 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। ये हादसा मालेगांव तालुका के चंदनपुरी के पास हुआ था। दरअसल, चालीसगांव तालुका के मुंदखेडा के रहने वाले श्रद्धालु चंदनपुरी के खंडेराव महाराज का दर्शन कर टेंपो से लौट रहे थे, तभी गिगाव फाटा से आ रहे एक पिकअप वाहन ने पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। इससे टेंपो में सवार छह लोगों की मौत हो गई थी। जबकि चार लोग बुरी तरह से जख्मी हो गए थे। 

ट्रक और पेट्रोल टैंकर में टक्कर के बाद लगी आग, 9 लोग जिंदा जले

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महाराष्ट्र सड़क हादसों का गढ़ बनता जा रहा है। प्रदेश के किसी न किसी जिले में सड़क दुर्घटना की खबर रोजाना सामने आ रही है। ताजा मामला चंद्रपुर का है, जहां तेज रफ्तार ट्रक और पेट्रोल टैंकर के बीच जोरदार टक्कर हो गई। इसके बाद दोनों वाहनों में आग लग गई, जिससे ट्रक में बैठे 7 लोग और पेट्रोल टैंकर में बैठे 2 लोग जिंदा जल गए। ट्रक लकड़ियों से भरा था, इसलिए आग को फैलने में ज्यादा वक्त नहीं लगा।  

इस भीषण हादसे में शव इतनी बुरी तरह से जल गए कि उनकी पहचान करना बहुत मुश्किल हो रहा है। हादसे के बाद कई घंटों तक चंद्रपुर शहर की ओर जाने वाली सड़क जाम रही। हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार देखने को मिली। वहीं आग की लपटों से पास के जंगल में भी आग लग गई, जिससे कई पेड़ जल गए। हालांकि अभी आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया गया है। पुलिस अधिकारी सुधीर नंदनवार ने बताया कि शहर के मुख्य मार्ग पर अजयपुर गांव के पास टायर के फटने के बाद ट्रक अनियंत्रित होकर सामने से आ रहे टैंकर से टकरा गया।

दोनों वाहनों में टक्कर के बाद उसमें आग लग गई। इस दुर्घटना के बाद टैंकर से पेट्रोल फैलने की वजह से आसपास के कई पेड़ जल गए हैं। आग तड़के चार बजे के आसपास लगी थी, जिस पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है। चंद्रपुर से फायर बिग्रेड की 12 से ज्यादा गाड़ियों को आग बुझाने के लिए घटनास्थल पर बुलाया गया था। इस हादसे के बाद हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई थी। बताया जा रहा है कि अजयपुर से अग्निशमन दल के लोग इस दुर्घटना के करीब एक घंटे बाद मौके पर पहुंचे, जिससे आग पर काबू पाने में कई घंटे लग गए। सड़क दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और शवों को क्षतिग्रस्त ट्रकों से निकालकर नजदीकी अस्पताल के शव ग्रह में रखवाया गया है।

6 मई को सड़क हादसे में  7 की मौत

महाराष्ट्र में सड़क हादसे लगातार बढ़ रहे हैं। 6 मई को महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले की कोपरगांव तहसील में कंटेनर रिक्शे से टकरा गया। इस हादसे में 7 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि 6 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। जानकारी के मुताबिक कोपरगांव तहसील के दौच खुर्द इलाके में जगदे फाटा कोपरगांव हाईवे पर पगारे वस्ती के पास रिक्शे को एक कंटेनर ने टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि रिक्शा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। 

टेंपो और पिकअप के बीच टक्कर में 6 लोगों की मौत

इससे पहले महाराष्ट्र के नासिक जिले में एक टेंपो को पिकअप वाहन ने पीछे से जोरदार टक्कर मार दी थी, जिससे टेंपो में सवार 6 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। ये हादसा मालेगांव तालुका के चंदनपुरी के पास हुआ था। दरअसल, चालीसगांव तालुका के मुंदखेडा के रहने वाले श्रद्धालु चंदनपुरी के खंडेराव महाराज का दर्शन कर टेंपो से लौट रहे थे, तभी गिगाव फाटा से आ रहे एक पिकअप वाहन ने पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। इससे टेंपो में सवार छह लोगों की मौत हो गई थी। जबकि चार लोग बुरी तरह से जख्मी हो गए थे। 

CRIME: जेल के अंदर दुष्कर्म की वारदात, एक कैदी ने दूसरे के साथ बनाया अप्राकृतिक संबंध

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महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई के आर्थर रोड जेल से हैरान करने वाली घटना सामने आई है। दरअसल, यहां एक 19 साल के कैदी पर 20 साल के कैदी के साथ जबरदस्ती अप्राकृतिक संबंध बनाने का आरोप लगा है। पीड़ित कैदी ने मामले की शिकायत पहले जेल अधीक्षक से की। इसके बाद जेल अधिकारी की कंप्लेंट पर NM जोशी मार्ग पुलिस स्टेशन में रेप की FIR हुई है। जेल अधीक्षक को दी अपनी शिकायत में पीड़ित ने आरोप लगाया है कि आरोपी कैदी ने किसी काम से उसे अपने पास बुलाया और दूसरे कैदी के साथ जबर्दस्ती अप्राकृतिक संबंध बनाया। 

पीड़ित ने बताया कि उसने इसका विरोध किया, लेकिन आरोपी कैदी ने उसे जेल में मरवाने की धमकी दी। ये घटना दक्षिण मुंबई के आर्थर रोड जेल में 14 मई को हुई है। घटना के एक दिन बाद पीड़ित कैदी ने इसकी शिकायत जेल अधिकारियों से की और अब NM जोशी मार्ग पुलिस थाने में केस दर्ज हुआ है। पीड़ित का मेडिकल भी करवाया है। इसमें भी रेप की पुष्टि हुई है। ये वारदात सबसे सुरक्षित माने जाने वाली बैरक नंबर 7 में हुई है। आरोपी के खिलाफ अन नेचुरल ऑफेंस समेत IPC के कई धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। अभी फिलहाल पीड़ित कैदी काफी सदमे में है और जेल अधिकारी उसका ख्याल रख रहे हैं। 

आरोपी के खिलाफ कई धाराओं के तहत केस दर्ज

सुरक्षा के मद्देनजर उसे अलग बैराक में रखा गया है। आरोपी को हिरासत मे लेकर कड़ी सुरक्षा में कैद रखा गया है। इस बारे में NM जोशी मार्ग पुलिस थाने के अधिकारी ने बताया कि 'हमें आर्थर रोड के जेलर ने इस घटना की जानकारी देने के लिए फोन किया। उन्होंने कहा कि आरोपी ने पीड़ित कैदी संग जबर्दस्ती की है। पीड़ित कैदी ने विरोध किया और इसकी जानकारी अधिकारियों को दी। इसके बाद जेल अधीक्षक ने पूरी बात विस्तार से बताई,जिसके बाद हमने केस दर्ज कर लिया है।' पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है और जल्दी ही उसे अरेस्ट किया जाएगा।

दर्दनाक: नहर में गिरी बारातियों से भरी कार, 5 लोगों की मौके पर ही मौत

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देश में सड़क हादसे लगातार बढ़ रहे हैं। ताजा मामला महाराष्ट्र के औरंगाबाद का है, जहां बारातियों से भरी कार नहर में गिर गई। हादसे में 5 लोगों की मौके पर मौत हो गई। वहीं 2 लोग घायल हो गए हैं। हादसा हुसैनाबाद थाना क्षेत्र के अकौनी गांव में हुआ है। जानकारी के मुताबिक कार तेज रफ्तार में थी, जो पुल की दीवार को तोड़ते हुए 25 फीट नीचे नहर में जा गिरी। हादसे में कार में सवार 5 लोगों की मौत हो गई। जबकि 2 लोग की हालत गंभीर बनी हुई है। उन्हें बेहतर इलाज के लिए उत्तर प्रदेश के वाराणसी भेजा गया है। 

सभी मृतक झारखंड के छतरपुर थाना क्षेत्र के रहने वाले थे, जो औरंगाबाद के नवीनगर गए थे। मृतकों में छतरपुर के खातिन के रहने वाले रंजीत कुमार, खजुरी के रहने वाले अभय कुमार, सड़मा के अक्षय कुमार, छतरपुर के शुभम कुमार और बबलू कुमार शामिल हैं। लोगों के मुताबिक बिहार के नबीनगर के दीघा गांव में बारात में शामिल होने के बाद सभी एक कार से लौट रहे थे। इसी बीच अकौनी गांव में कार अनियंत्रित होकर पास के नहर में पलट गई। इससे मौके पर ही 5 लोगों की मौत हो गई।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, जिन्होंने अकौनी गांव के लोगों की मदद से किसी तरह वाहन में फंसे लोगों के शव को बाहर निकाला। वहीं घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। इससे पहले महाराष्ट्र के बीड जिले की आष्टी तहसील में एक कार अनियंत्रित होकर 60 फुट गहरी खाई में गिर गई, जिससे चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि एक व्यक्ति घायल हुआ है। मरने वाले चारों एक ही परिवार से हैं। घायल शख्स की हालत गंभीर बनी हुई है, जिसका इलाज जिला अस्पताल में जारी है।

अनियंत्रित होकर खाई में गिरी कार, एक ही परिवार के 4 लोगों की मौत

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महाराष्ट्र सड़क हादसों का गढ़ बनता जा रहा है। ताजा मामला बीड जिले की आष्टी तहसील का है, जहां एक कार अनियंत्रित होकर 60 फुट गहरी खाई में गिर गई, जिससे चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि एक व्यक्ति घायल हुआ है। मरने वाले चारों एक ही परिवार से हैं। घायल शख्स की हालत गंभीर बनी हुई है, जिसका इलाज जिला हॉस्पिटल में जारी है।

आष्टी पुलिस ने बताया कि मृतकों की पहचान सतीश पंजुमल टेकवानी (उम्र 58), उसके दो भाई शंकर (उम्र 46) और सुनील (उम्र 48) और भतीजे लखन महेश टेकवानी (उम्र 20) के रूप में हुई है। हादसे में उनका एक अन्य रिश्तेदार घायल हो गया है। ये सभी लोग बीड के रहने वाले थे और बीड शहर से अहमदनगर जिले की ओर जा रहे थे, तभी कार 60 फुट गहरी खाई में गिर गई।  

गांव में पसरा मातम

सूचना मिलने पर पुलिस उपनिरीक्षक रवि देशमाने, पुलिस कर्मी प्रल्हाद देवडे, लुईस पवार समेत दस्ता मौके पर पहुंचा और शव को खाई से बाहर निकालकर पंचनामा कराया। इसके बाद पोस्टमार्टम कराकर परिजनों के हवाले कर दिया। चालक नीरज टेकवानी का अस्पताल में इलाज जारी है। एक ही परिवार के चार लोगों की मौत से बीड के इस काम घर में मातम पसरा हुआ है।

चार श्रद्धालुओं की मौत

इधर, चारधाम यात्रा के लिए तीर्थयात्रियों को लेकर जा रही एक जीप नोएडा के पास दुर्घटना का शिकार हो गई है। इस हादसे में बारामती के चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और बताया जा रहा है कि वाहन में 7 लोग सवार थे। इससे पहले जम्मू-कश्मीर के कटरा में श्रद्धालुओं से भरी यात्री बस में अचानक आग लग गई, जिससे 4 लोगों की मौत हो गई। जबकि 22 लोग घायल हो गए। घटना कटरा से 3 किमी दूर नोमाई में हुई। आग कदमाल के शनि मंदिर के पास लगी। कई यात्रियों को जलने से जख्म हुए हैं। घायलों को अस्पताल में भर्ती किया गया है। जम्मू-कश्मीर की डिप्टी कमिश्नर बबीला रकवाल ने कहा कि ओवर हीटिंग से बस का टैंक फट गया था। इस कारण आग लगी। मामले की जांच की जा रही है। 

अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई कार, 4 दोस्तों की मौके पर ही मौत

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महाराष्ट्र में सड़क हादसे नहीं थम रहे हैं। ताजा मामला नासिक का है, जहां पुणे-इंदौर हाईवे पर कार अनियंत्रित होकर एक पेड़ में जा घुसी। इस हादसे में चार दोस्तों की मौके पर ही मौत हो गई है। चारों दोस्त एक जगह से पार्टी करके घर लौट रहे थे। दुर्घटना नासिक के पास अनाकवड़े शिवारा में हुई है। कार के पेड़ से टकराने के बाद कार का अगला हिस्सा बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे कार में बैठे 5 में से चार लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। एक अन्य की हालत भी गंभीर बनी हुई, जिसका इलाज एक निजी अस्पताल में जारी है।

हादसे में तौफीक शेख, दिनेश भालेराव, प्रवीण सकात और गोकुल हिरे की मौके पर ही मौत हो गई है। जबिक अजय वानखेड़े नाम का एक युवक गंभीर रूप से घायल है। अजय को मनमाड उप जिला अस्पताल में एडमिट करवाया गया है। इस बीच स्थानीय प्रशासन ने जानकारी दी है कि अजय की हालत को देखते हुए उसे आगे के इलाज के लिए नासिक शिफ्ट किया जा रहा है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि कार की रफ्तार 100 से ज्यादा थी और अचानक वह अनियंत्रित होकर सड़क से उतर किनारे के एक पेड़ से टकरा गई।

6 मई को सड़क हादसे में  7 की मौत

वहीं 6 मई को महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले की कोपरगांव तहसील में कंटेनर रिक्शे से टकरा गया। इस हादसे में 7 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि 6 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। जानकारी के मुताबिक कोपरगांव तहसील के दौच खुर्द इलाके में जगदे फाटा कोपरगांव हाईवे पर पगारे वस्ती के पास रिक्शे को एक कंटेनर ने टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि रिक्शा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। 

टेंपो और पिकअप के बीच टक्कर में 6 लोगों की मौत

इससे पहले महाराष्ट्र के नासिक जिले में एक टेंपो को पिकअप वाहन ने पीछे से जोरदार टक्कर मार दी थी, जिससे टेंपो में सवार 6 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। ये हादसा मालेगांव तालुका के चंदनपुरी के पास हुआ था। दरअसल, चालीसगांव तालुका के मुंदखेडा के रहने वाले श्रद्धालु चंदनपुरी के खंडेराव महाराज का दर्शन कर टेंपो से लौट रहे थे, तभी गिगाव फाटा से आ रहे एक पिकअप वाहन ने पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। इससे टेंपो में सवार छह लोगों की मौत हो गई थी। जबकि चार लोग बुरी तरह से जख्मी हो गए थे। 

दर्दनाक: खदान में डूबने से एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत, पानी लेने पहुंचे थे सभी

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महाराष्ट्र हादसों का गढ़ बनता जा रहा है। प्रदेश में रोजाना हादसों से जुड़ी खबरें सामने आ रही है। ताजा मामला ठाणे का है, जहां पानी से भरी खदान में डूबने से तीन बच्चों समेत एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत हो गई। ये सभी कल्याण ग्रामीण में डोंबिवली के पास संदप गांव के रहने वाले थे। जानकारी के मुताबिक परिवार पानी की किल्लत के चलते खदान में पानी लेने गया था। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।   

वहीं बिहार के सुपौल में भी एक दर्दनाक हादसा हुआ, जहां कोसी नदी में डूबने से 2 बच्चों की मौत हो गई है। मामला सदर थाना के बसबिट्टी पंचायत के भुराही वार्ड का है, जहां रविवार का व्रत कर रही महिलाओं के द्वारा कोसी नदी में स्नान किया जा रहा था। महिलाएं अपने पूजा पाठ में व्यस्त थी कि इसी दौरान दो बच्चे कोसी नदी में नहाने के लिए उतर गए। पूजा पाठ खत्म होने के बाद जब महिलाओं ने अपने बच्चों को खोजना शुरू किया तो 2 बच्चा कहीं नहीं मिला।

इसके बाद स्थानीय तैराकों के द्वारा 2 बच्चे के शव को कोसी नदी से बाहर निकाला गया। मरने वालों में करण कुमार उम्र 12 साल जो अपने माता पिता का अकेला संतान था तो दूसरा आशीष कुमार उम्र 10 साल शामिल है। अपने बच्चों की आयु और स्वास्थ्य जीवन के लिए रविवार का व्रत कर रही पीड़ित महिलाओं का रो-रो कर बुरा हाल है। घटना के बाद जांच शुरू कर दी गई है, ताकि पीड़ित परिवार को राहत मिल सके।

राजस्थान में 3 बच्चों की मौत

इधर, राजस्थान के धौलपुर के राजघाट गांव में रविवार को दर्दनाक हादसा हो गया। चंबल नदी में नहाने गए तीन बच्चों की डूबने से मौत हो गई। रिपोर्ट के मुताबिक तीनों बच्चे सुबह करीब 11 बजे नदी में नहाने गए थे, तभी तीनों डूबने लगे। वहीं भारतीय सेना ने जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के पद्दार गांव सोहल के पास चिनाब नदी में फंसे दो युवकों को बचाया। जानकारी के मुताबिक, सुनील और बाबुल नाम के ये युवक शनिवार रात जेसीबी मशीन के जरिए नदी पार करने की कोशिश कर रहे थे। तभी नदी में अचानक पानी बढ़ गया, जिसके बाद दोनों युवक नदी के बीच फंस गए। हालांकि, करीब 5 घंटे की मशक्कत के बाद सेना के जवानों ने दोनों युवकों को सकुशल निकाल लिया।

कुकदा डैम में डूबने से 3 लोगों की मौत

इससे पहले 14 अप्रैल को छत्तीसगढ़ के गरियाबंद में कुकदा डैम में डूबने से युवती समेत 3 लोगों की मौत हो गई थी। जानकारी के मुताबिक तीनों लोग अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के कर्मचारी थे, जो अपने साथियों के साथ रायपुर, धमतरी और कांकेर से पिकनिक मनाने के लिए कुकदा डैम पहुंचे थे। सूचना मिलने पर ASP चंद्रेश ठाकुर भी मौके पर पहुंचे और मामले की जांच की।

कंटेनर और रिक्शे में जोरदार टक्कर, 7 लोगों की मौत, 6 घायल

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महाराष्ट्र सड़क हादसों का गढ़ बनता जा रहा है। प्रदेश के किसी न किसी जिले में सड़क दुर्घटना की खबर रोजाना सामने आ रही है। ताजा मामला अहमदनगर जिले की कोपरगांव तहसील का है, जहां एक कंटेनर रिक्शे से टकरा गया। इस हादसे में 7 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि 6 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। जानकारी के मुताबिक कोपरगांव तहसील के दौच खुर्द इलाके में जगदे फाटा कोपरगांव हाईवे पर पगारे वस्ती के पास रिक्शे को एक कंटेनर ने टक्कर मार दी।

हादसा इतना भीषण था कि रिक्शा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। घायलों को तत्काल इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 7 लोगों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए ग्रामीण अस्पताल भेज दिया गया है। मरने वालों में कॉलेज के 2 छात्र भी शामिल हैं। अमहदनगर पुलिस ने बताया कि ट्रक चालक को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच की जा रही है।

टेंपो और पिकअप के बीच टक्कर में 6 लोगों की मौत

इससे पहले महाराष्ट्र के नासिक जिले में एक टेंपो को पिकअप वाहन ने पीछे से जोरदार टक्कर मार दी थी, जिससे टेंपो में सवार 6 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। ये हादसा मालेगांव तालुका के चंदनपुरी के पास हुआ था। दरअसल, चालीसगांव तालुका के मुंदखेडा के रहने वाले श्रद्धालु चंदनपुरी के खंडेराव महाराज का दर्शन कर टेंपो से लौट रहे थे, तभी गिगाव फाटा से आ रहे एक पिकअप वाहन ने पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। इससे टेंपो में सवार छह लोगों की मौत हो गई थी। जबकि चार लोग बुरी तरह से जख्मी हो गए थे। 

जीप और ट्रक के बीच आमने-सामने टक्कर, 7 लोगों की मौत, 10 घायल

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महाराष्ट्र सड़क हादसों का गढ़ बनता जा रहा है। प्रदेश के किसी न किसी जिले में सड़क दुर्घटना की खबर रोजाना सामने आ रही है। ताजा मामला बीड जिले का है, जहां अंबाजोगाई-लातुर महामार्ग पर एक ट्रक और क्रुजर जीप की आमने-सामने भिड़ंत हो गई, जिससे 7 लोगों की मौत हो गई है। जबकि 10 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घायलों में कई की हालत गंभीर बनी हुई है, जिसकी वजह से मृतकों की संख्या बढ़ भी सकती है। मरने वालों में पांच महिलाएं और एक बच्चा शामिल है।

जानकारी के मुताबिक हादसा बर्दापुर, नंदगोपाल डेयरी इलाके में हुआ है। यहां दो गाड़ियों की आमने-सामने भिड़ंत हुई है। दुर्घटना इतनी भीषण थी की क्रूजर जीप में सवार 7 लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। जीप के परखच्चे उड़ गए और उसमें फंसे शवों को बड़ी मुश्किल से बाहर निकाला जा सका। बीड पुलिस के मुताबिक हादसे का शिकार हुई क्रूजर जीप से एक परिवार अंबाजोगाई तहसिल के राडी गांव में रिश्तेदार के फंक्शन में जा रहा था। इसी दौरान सामने से आ रहे ट्रक से उसकी टक्कर हो गई। 

पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर घायलों को अंबाजोगाई के शासकीय अस्पताल में भर्ती कराया है, जहां सभी का इलाज जारी है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। हादसे में जान गंवाने वालों में निर्मला सोमवंशी (उम्र 38 ), स्वाती बोडके (उम्र 34) ,शंकुतला सोमवंशी (उम्र 35), चित्रा शिंदे (उम्र 32),सोजरबाई कदम (उम्र 34), खंडु रोहीले समेत 7 लोग शामिल है। जबकि सोनाली सोमवंशी (उम्र 23),राजमती सोमवंशी (उम्र 48),रंजना माने (उम्र 32) ,परिमला सोमवंशी (उम्र 65),दत्तात्रय पवार (उम्र 40),शिवाजी पवार (उम्र 44),यश बोडके (उम्र 8),श्रुतिका पवार (उम्र 6),गुलाबराव सोमवंशी (उम्र 52),कमल जाधव समेत 10 लोग घायल हुए हैं।

7 मार्च को हुआ था ऐसा ही हादसा

बता दें कि 7 मार्च को महाराष्ट्र के ही नासिक जिले ऐसा ही मामला सामने आया था, जहां एक टेंपो को पिकअप वाहन ने पीछे से जोरदार टक्कर मार दी, जिससे टेंपो में सवार 6 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। ये हादसा मालेगांव तालुका के चंदनपुरी के पास हुआ था। दरअसल, चालीसगांव तालुका के मुंदखेडा के रहने वाले श्रद्धालु चंदनपुरी के खंडेराव महाराज का दर्शन कर टेंपो से लौट रहे थे, तभी गिगाव फाटा से आ रहे एक पिकअप वाहन ने पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। इससे टेंपो में सवार छह लोगों की मौत हो गई।  

अस्पताल की लिफ्ट टूटने से नीचे गिरे 9 डॉक्टर, हॉस्पिटल के मालिक समेत सभी गंभीर रूप से घायल

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महाराष्ट्र के रायगढ़ स्थित अस्पताल में लिफ्ट टूटने से हादसा हो गया। दरअसल, हॉस्पिटल की लिफ्ट गिरने से 9 डॉक्टर गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। ये घटना रायगढ़ जिले के न्यू पनवेल शहर के आमले अस्पताल में हुई है। रायगढ़ पुलिस के मुताबिक हॉस्पिटल की दूसरी मंजिल पर पहुंचने पर लिफ्ट की मेटल केबल टूट गई। माना जा रहा है कि लिफ्ट में केपेसिटी से ज्यादा वजन था, इसलिए ये दुर्घटना हुई है। 

हादसे के वक्त लिफ्ट में 9 डॉक्टर्स मौजूद थे। जानकारी के मुताबिक हॉस्पिटल कुछ ही महीने पहले शुरू हुआ था। सभी डॉक्टर्स तीसरी मंजिल से खाना खा कर ग्राउंड फ्लोर पर जा रहे थे। दुर्घटना के तुरंत बाद दमकल कर्मियों को बुलाया गया। दमकल ने डॉक्टर्स को लिफ्ट से रेस्क्यू किया और उन्हें रायगढ़ के दूसरे प्राइवेट अस्पताल में पहुंचाया। गनीमत रही कि हादसे में घायल सभी डॉक्टर्स फिलहाल ठीक हैं। 

बता दें आज ही हॉस्पिटल में एक सेमिनार का आयोजन किया गया था। ये सभी डॉक्टर्स इसी में शामिल होने के लिए आए थे। इनमें से कुछ हॉस्पिटल और कुछ हॉस्पिटल से बाहर से थे। इस हादसे के बाद खांदेश्वर पुलिस स्टेशन में हॉस्पिटल के खिलाफ लापरवाही का एक केस दर्ज किया गया है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि कैसे एक नई लिफ्ट वजन बढ़ने के बाद टूट गई। आमतौर पर वजन बढ़ने के बाद लिफ्ट बंद नहीं होती है। ऐसे में सवाल ये उठ रहा है कि आखिर कैसे ये लिफ्ट बंद हुई और चलने लगी।

मामले की जांच में जुटी पुलिस

अस्पताल के मालिक डॉ संदीप आमले ने बताया कि उन्होंने इस पूरे मामले की जांच का आदेश दे दिया है। दुर्घटना कैसे हुई और इसमें किस की गलती थी ये जल्द ही बताया जाएगा। इस हादसे में घायल हुए डॉक्टरों में अस्पताल के मालिक डॉ संदीप आमले, डॉ बालकृष्ण नागरगोजे, डॉ गोविंद पाटिल, डॉ श्रेया वीर, डॉ विनोद ढोले, डॉ दीपाली नरवणे, डॉ संतोष जयभय और डॉ सुरेश नाईक और डॉ वृंदा कक्कड़ शामिल हैं। इस हादसे में अस्पताल के मालिक डॉ संदीप आमले को सबसे ज्यादा चोट आई है। फिलहाल पुलिस हादसे के पीछे के कारणों का पता लगाने की कोशिश कर रही है।

प्रेमी ने महाराष्ट्र में की प्रेमिका की हत्या, फिर बिहार जाकर कर ली खुदकुशी, जानिए क्या है पूरा मामला

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देश के अलग-अलग हिस्सों से हत्या और आत्महत्या की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही है। देश के अलग-अलग राज्यों से रोजाना हत्या और आत्महत्या की खबरें सामने आ रही है। ताजा मामला महाराष्ट्र का है, जहां ठाणे जिले के वसई में प्रेमी ने पहले प्रेमिका की हत्या की। इसके बाद बिहार जाकर खुदकुशी कर ली। जानकारी के मुताबिक सायली सहाशने नाम की एक इंजीनियर लड़की की कुछ दिनों पहले उसके ब्वॉय फ्रेंड ने हत्या कर दी थी। हत्या को वसई के एक स्टेटस लॉज में अंजाम दिया गया था। 

हत्या की वारदात को अंजाम देने वाले आरोपी का नाम सागर नाइक है, जो हत्या के बाद फरार हो गया था। अब उसकी लाश मिली है। पुलिस के मुताबिक उसने बिहार के मुजफ्फरपुर में जाकर आत्महत्या की है। उसने वहां एक लॉज में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। आरोपी नेपाल भागने की तैयारी में था। लड़के ने 26 फरवरी को अपनी गर्लफ्रेंड की हत्या थी, लेकिन वो अब तक पुलिस से भाग रहा था। पुलिस उसे अब तक ढूंढ नहीं पा रही थी।  

होटल के कमरे में मिली लाश

पुलिस ने बताया कि वसई की वसंत नगरी में रहने वाले सागर नाइक (उम्र 28) और सायली शहासने (उम्र 26) के बीच प्रेम संबंध था। वो 26 फरवरी को सायली को लेकर वसई के स्टेटस लॉज में आया। उस वक्त सागर ने सायली के सिर पर लोहे से वार कर उसकी हत्या कर दी थी। इसके बाद वो फरार हो गया था। उसने अपना मोबाइल बंद कर दिया था। इसके बाद सागर ने बिहार के मुजफ्फरपुर में स्थित आस्था होटल में एक कमरा बुक किया। इसके बाद रविवार की रात को उसने होटल के कमरे में ही पंखे से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

सागर ने छिपाई थी ये बात

आत्महत्या से पहले सागर ने कोई सुसाइड नोट नहीं लिखा था। वो बिहार की सीमा पार कर नेपाल जाना चाह रहा था। ये जानकारी उसके मोबाइल की जांच करते हुए पुलिस को मिली है। इस पूरे मामले में पुलिस को सायली की हत्या की चौंकाने वाली वजह पता चली। दरअसल, सागर की प्रेमिका एक इंजीनियर थी। सागर ने भी सायली को ये बताया था कि वो मैकेनिकल इंजीनियर है, लेकिन वो इंजीनियर नहीं था। सागर ने ये बात सायली के परिवार वालों से भी छिपाई थी।

सायली बना रही थी शादी का दबाव 

इस बीच सायली शादी के लिए दबाव बढ़ाने लगी। सायली को शांत करने के लिए सागर ने 2019 में मंदिर में शादी भी की, लेकिन सायली पूरे रीति रिवाज के साथ परिवार वालों को बुलाकर शादी करना चाहती थी। सागर इंजीनियर नहीं था। उसके पास नौकरी भी नहीं थी। वसई पुलिस की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक शादी के बाद सायली को ये सब पता चल जाने के डर से सागर ने सायली की हत्या का प्लान बनाया।

प्रोफेशनल किलर नहीं था सागर

सागर नौकरी नहीं होने की वजह से खाली वक्त में ऑनलाइन गेम खेला करता था। उसे केलॉन नाम के गेम की लत लग गई थी। इन सब वजहों से वो और भी कुंठित होता चला गया और उनसे सायली को ठिकाने लगाने की साजिश रची। हत्या के बाद वो आठ दिनों तक पुलिस को भगाता रहा। जबकि वो कोई प्रोफेशनल किलर नहीं था। वो पल-पल अपना लोकेशन बदलता रहता था। फोन भी उसने लगातार ऑफ ही रखा था। शुक्रवार को सिर्फ कुछ समय के लिए उसने अपना मोबाइल ऑन किया था। उसने कैलिफोर्निया की एक कंपनी का पेड इंटरनेट इस्तेमाल किया था। इस वजह से पुलिस उसका IP एड्रेस खोजने में कामयाब हो सकी। फिर भी उसे जिंदा पकड़ा नहीं जा सका। जब पुलिस सागर तक पहुंची तब तक सागर अपनी जान ले चुका था।

टेंपो और पिकअप में जोरदार टक्कर, 6 लोगों की मौत, 4 घायल

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महाराष्ट्र सड़क हादसों का गढ़ बनता जा रहा है। प्रदेश के किसी न किसी जिले में सड़क दुर्घटना की खबर रोजाना सामने आ रही है। ताजा मामला नासिक जिले का है, जहां एक टेंपो को पिकअप वाहन ने पीछे से जोरदार टक्कर मार दी, जिससे टेंपो में सवार 6 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। ये हादसा मालेगांव तालुका के चंदनपुरी के पास हुआ है। दरअसल, चालीसगांव तालुका के मुंदखेडा के रहने वाले श्रद्धालु चंदनपुरी के खंडेराव महाराज का दर्शन कर टेंपो से लौट रहे थे, तभी गिगाव फाटा से आ रहे एक पिकअप वाहन ने पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। इससे टेंपो में सवार छह लोगों की मौत हो गई। जबकि चार लोग बुरी तरह से जख्मी हो गए हैं। घायलों का इलाज मालेगांव के प्राइवेट अस्पताल में जारी है।

ये घटना रविवार शाम को हुई। चालीसगांव तालुका में मुंदखेड़ा के रहने वाले श्रद्धालु चंदनपुरी के खंडेराव महाराज के दर्शन के लिए आए थे। खंडेराव महाराज के दर्शन के बाद वे अपने गांव की ओर निकल पड़े। जब ये लोग गिगाव फाटा के पास पहुंचे तो पीछे से तेज रफ्तार से आती हुई एक पिकअप गाड़ी टेंपो से टकरा गई। इससे टेंपो एकदम से पलट गया। इस टक्कर से हुई जोर की आवाज सुनकर आस-पास के लोग घटनास्थल की ओर दौड़े। उन स्थानीय लोगों ने टेंपो से घायलों को बाहर निकाला और तालुका पुलिस को फोन कर सूचना दी। पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंची। लेकिन टेम्पो में सवार छह लोगों की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। जख्मी लोगों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया।

मंडलाधिकारी की मौत

वहीं इसी तरह की एक और दुर्घटना महाराष्ट्र के बीड जिले में हुई है। अवैध रेत उत्खनन और परिवहन के विरोध में कार्रवाई के लिए जाते हुए एक मंडलाधिकारी की भीषण दुर्घटना में मौत हो गई है। तहसीलदार गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। ये भयंकर हादसा बीड के गेवराई तालुका के राक्षसभुवन रोड पर सावलेश्वर फाटा के पास रविवार सुबह  हुई। मरने वाले व्यक्ति नायब तहसीलदार थे। उनका नाम नितीन जाधव था। जख्मी व्यक्ति का नाम सुरेंद्र डोके है। वे बीड के प्रभारी तहसीलदार के पद पर कार्यरत हैं। ये दोनों अधिकारी आधी रात को रेत माफिया पर कार्रवाई के लिए गश्त कर रहे थे। इस बीच सुबह चार बजे के करीब इनकी गाड़ी सावलेश्वर फाटा के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई। बता दें कि महाराष्ट्र में आए दिन सड़क हादसों से रोजाना 10 से ज्यादा लोगों की मौत हो रही है।

हादसा: सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान दम घुटने से 4 मजदूरों की मौत

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महाराष्ट्र हादसों का गढ़ बनता जा रहा है। प्रदेश में किसी न किसी दुर्घटना की खबर रोजाना सामने आ रही है। ताजा मामला पुणे के बाहरी इलाके में स्थित लोनी कलभोर का है, जहां एक सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान दम घुटने से 4 लोगों की मौत हो गई है। पुलिस के मुताबिक ये हादसा लोनी कलभोर के कदम वाक वस्ती इलाके की एक रिहायशी इमारत में सुबह हुआ। पुलिस ने बताया कि सेप्टिक टैंक की सफाई के लिए लाए गए चार लोगों की दम घुटने से मौत हो गई। पहले पीड़ित को टैंक से बाहर निकाला गया, तो वो बेहोश पाया गया था। उसे पास के अस्‍पताल ले जाया गया, जहां डॉक्‍टर्स ने उसे मृत घोषित कर दिया। 

फाइल फोटो

पुलिस अधिकारी ने बताया कि अन्य तीन को इसके तत्काल बाद टैंक से बाहर निकाला गया, लेकिन उनकी पहले ही मौत हो चुकी थी। लोनी कालभोर पुलिस स्टेशन के प्रभारी वरिष्ठ निरीक्षक राजेंद्र मोकाशी ने बताया कि केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। उन्‍होंने कहा कि पहले सिर्फ दो लोग सफाई के लिए आए थे। इसके बाद दो अन्‍य और पहुंचे। मृतकों में वे लोग भी शामिल हैं, जो इस आवासीय सोसायटी के दैनिक कामकाज में मदद करते थे।

जांच में जुटी पुलिस

सोसायटी पुणे शहर से लगभग 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है। फायर ब्रिगेड की टीम ने शवों को बाहर निकाल लिया है, लेकिन चारों मजदूरों में से एक की भी जान नहीं बचाई जा सकी है। सेप्टी टैंक की सफाई का ये काम बहुत मुश्किल काम है। सेफ्टी टैंक में सफाई के दौरान होने वाली मौतों का ये पहला मामला नहीं है।

पहले भी हो चुके हैं हादसे

ऐसी ही घटना पहले भी देश के कई बड़े शहरों में  सामने आ चुकी है। मुंबई से सटे ठाणे शहर की भी एक और सोसाइटी में कुछ साल पहले ऐसा ही मामला सामने आया था, जहां सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान एक मजदूर की दम घुटने की वजह से मौत हो गई थी। वहीं 30 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के कोतवाली थाना क्षेत्र में गुड़ाखू बनाने वाली फैक्ट्री में काम करने वाले 3 मजदूरों की मौत हो गई थी। मजदूर केमिकल रखने वाले टैंक में गिर गए, जिसमें 3 कर्मचारियों की मौत हो गई थी।  

निर्माणाधीन इमारत में लोहे का स्लैब गिरने से 6 की मौत, इंजीनियर्स की लापरवाही आई सामने

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महाराष्ट्र हादसों का गढ़ बनता जा रहा है। प्रदेश में किसी न किसी दुर्घटना की खबर रोजाना सामने आ रही है। ताजा मामला पुणे का है, जहां एक मॉल के निर्माण के दौरान लोहे का स्लैब गिरने से 6 मजदूरों की मौत हो गई। जबकि 2 गंभीर रूप से घायल हैं। पहले 7 लोगों की मौत की खबर दी गई थी। कुछ अन्य भी घायल हुए हैं, जिन्हें पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। PM नरेंद्र मोदी ने इस हादसे को लेकर दुख जताया है। उन्होंने ट्वीट कर मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई है। 

हादसा शास्त्री वाडिया बंगले के पास हुआ है,  जहां एक मॉल बनाया जा रहा था। इसके बेसमेंट में लोहे का स्लैब ढह गया। पुणे के DCP रोहिदास पवार ने बताया कि निर्माण के दौरान जो सावधानियां बरतनी चाहिए थी, शायद वो नहीं बरती गई। वहीं ट्रैफिक पुलिस कमिश्नर राहुल श्रीराम ने बताया कि इमारत में देर रात तक काम चल रहा था, तभी अचानक लोहे का भारी भरकम स्लैब गिर गया, जिस वक्त हादसा हुआ, वहां 10 मजदूर काम कर रहे थे। मरने वाले अधिकांश मजदूर बिहार के बताए जा रहे हैं।

विधायक सुनील टांगरे ने कहा कि 'मुझे पता चला है कि इस साइट पर 24 घंटे लगातार निर्माण काम चल रहा है। इसलिए हमें नहीं पता कि ये मजदूर कितने समय से काम कर रहे थे। वे थके हुए होंगे, जिसके कारण दुर्घटना हो सकती है। यहां मौजूद अन्य मजदूरों ने मुझे सूचित किया है कि घायल बिहार के हैं। अधिकारियों ने इमारत गिरने के कारणों की जांच शुरू कर दी है।' 

मजदूरों का कहना है कि हादसे के बाद कंपनी की ओर से कोई भी व्यक्ति उनका हाल जानने के लिए नहीं आया। जिंदा बचे मजदूरों में कई ऐसे हैं, जो 10 मिनट पहले तक मृत हुए मजदूरों के साथ काम कर रहे थे। हादसा कुछ देर पहले हुई होती तो 17 और मजदूर इसमें दबते और मरने वालों का आंकड़ा बहुत ज्यादा हो सकता था। जो जिंदा बचे हैं। उनका आरोप है कि हमारे अपनों को इस दुनिया से गए 12 घंटे से ज्यादा का समय हो गया, लेकिन न ठेकेदार और न ही कंपनी का कोई आदमी उनका हाल जानने के लिए यहां आया है।

हादसे में बचे मजदूरों ने बताई आपबीती

मॉल का निर्माण पुणे की अहलूवालिया कंस्ट्रक्शन कंपनी की ओर से किया जा रहा है। शुरुआती जांच में कंपनी के इंजीनियरों की लापरवाही सामने आ रही है। पुणे के पुलिस कमिश्नर अमिताभ गुप्ता के आदेश पर कंपनी के खिलाफ लापरवाही का केस दर्ज किया गया है। हादसे में बाल-बाल बचे मजदूरों का कहना है कि जाल को अगर सही समय पर हटाया गया होता तो कइयों की जान बचाई जा सकती थी। हमने अपने पास मौजूद औजारों से ही जाल के नीचे दबे मजदूरों को बाहर निकाला।

मृतकों के परिजन को 5-5 लाख देने का ऐलान

मरने वाले सभी मजदूर बिहार के कटिहार जिले के रहने वाले थे। जिन लोगों की इस हादसे में मौत हुई है, उनमें मोहम्मद सोहेल अहमद, मोहम्मद मोबिन आलम, एमडी समीर, मसरूफ हुसैन और मुनीब आलम शामिल हैं। सभी पिछले तकरीबन एक साल से पुणे में रह रहे थे। मजदूरों के जख्मों पर मरहम लगाते हुए राज्य सरकार ने सभी मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपए देने का ऐलान किया है। इसके अलावा डिप्टी CM अजित पवार ने इस पूरे हादसे की जांच का आदेश दे दिया है।

सोहेल अहमद के भाई मोहम्मद 

मृतक सोहेल अहमद के भाई मोहम्मद अंजार ने बताया कि 'रात 10 बजे भाई से आखिरी बार बात हुई थी। इसके बाद हम सोने के लिए जा रहे थे। इसके बाद तकरीबन 11 बजे फोन आया कि भाई खत्म हो गया है। साइट पर न इंजीनियर था, न सेफ्टी वाला था और न ही सुपरवाइजर मौजूद था। जाल के नीचे दबे लोगों को निकालने में तकरीबन एक घंटे का समय लग गया। हमारे लोग नीचे दबे हुए थे और कंपनी का कोई स्टाफ उन्हें निकालने में कोई मदद नहीं कर रहा था।'

26 जनवरी को भी हुआ था हादसा

हादसे में अपने साथियों को गंवाने वाले अखिल राजा मूसाभाई ने बताया कि 'हमारे अपनों की मौत हो गई है, लेकिन इनके शवों को उनके घर, यानी बिहार भिजवाने का इंतजाम नहीं किया जा रहा है। मरने वालों में तीन शादीशुदा थे। किसी को तीन और किसी की दो बेटियां हैं। अब सब अनाथ हो चुके हैं और इनके परिवार का खर्च चलाने वाला कोई नहीं है। जिनकी शादी नहीं हुई है, उन दो मजदूरों की उम्र 22 और 23 साल थी। इनके कंधे पर पूरे परिवार को चलाने की जिम्मेदारी थी। हम यहां की सरकार से अपील करते हैं कि वे हमारी बातें सुने और शवों को कम से कम इन गरीबों के घर तक भिजवाने का काम करे।' बता दें कि महाराष्ट्र में बीते महीने 26 जनवरी को मुंबई के बांद्रा में एक बहुमंजिला इमारत गिर गया था, जिसमें दबने से 7 लोगों की मौत हो गई थी।

बस और ट्रक में जोरदार टक्कर, 6 लोगों की मौत, 10 घायल

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महाराष्ट्र हादसों का गढ़ बनता जा रहा है। प्रदेश में किसी न किसी दुर्घटना की खबर रोजाना सामने आ रही है। ताजा मामला बीड जिले का है, जहां एक बस और ट्रक में जोरदार टक्कर हो गई। इस भीषण सड़क हादसे में 6 लोगों की मौत हो गई। जबकि 8 से 10 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। बीड के अंबाजोगाई तालुका के सायगाव के पास एक बस ट्रक से टकरा गई। ये टक्कर इतनी भयंकर थी कि 6 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं घायलों को अंबाजोगाई सरकारी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। बस लातूर से औंरगाबाद की तरफ जा रही थी।


रविवार के दिन लातूर-अंबाजोगाई रोड पर राज्य परिवहन की बस और ट्रक में हुई यह भीषण दुर्घटना सुबह हुई।  बस लातूर से औरंगाबाद की ओर जा रही थी। दूसरी ओर अंबाजोगाई से लातूर की ओर ट्रक आ रहा था। ट्रक में प्लास्टिक पाइप भरे हुए थे। बर्दापुर फाटक के पास एक मोड़ आते ही यह बस ट्रक से आमने-सामने टकरा गई।

17 लोगों की हुई थी मौत 

वहीं अब तक दुर्घटना की वजह साफ नहीं हो पाई है, लेकिन दुर्घटना कितनी भयंकर थी वो इसी से समझ आता है कि 6 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। ट्रक भी ओवरलोडेड थी। इसी वजह से दुर्घटना इतनी भीषण हुई घायलों का इलाज जारी है।  इससे पहले बुधवार की सुबह झारखंड के पाकुड़ में गैर सिलेंडर से भरा ट्रक बस से भिड़ गया था। इस भीषण दुर्घटना में 17 लोगों की मौत हो गई। इस दुर्घटना में 25 अन्य लोग घायल हो गए। दुर्घटना अमरापाड़ा थाना इलाके के पड़ेर कोला गांव के पास घटी। इस भीषण दुर्घटना में सात लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी। बाकी दस लोगों की अस्पताल में मौत हुई थी। 

पांच यात्री घायल

बस यात्रियों से खचाखच भरी हुई थी। ट्रक में एलपीजी गैस सिलेंडर लदे हुए थे। लेकिन सौभाग्य से कोई भी सिलेंडर नहीं फटा, वरना यह दुर्घटना और भी ज्यादा भीषण हो जाती। बस और ट्रक की यह भिड़ंत आमने-सामने हुई थी। गैस सिलेंडर से लदे तेज रफ्तार ट्रक दूसरी ओर से यात्रियों से लदी बस से टकरा गई।  एक और दुर्घटना आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर बुधवार की रात हुई। यहां भी एक बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। इसमें पांच यात्री घायल हो गए थे। लेकिन सभी यात्री खतरे से बाहर हैं। बता दें कि देश में सड़क हादसे तेजी से बढ़ रहा है।

मां ने अपने 4 बच्चों को कुएं में धकेला, फिर खुद भी दे दी जान

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देश के दूसरे राज्यों की तरह महाराष्ट्र में भी हत्या और आत्महत्या की घटनाएं लगातार बढ़ती ही जा रही है। ताजा मामला जालना जिले के घुनगार्डे गांव का है, जहां एक महिला ने पारिवारिक विवाद के बाद अपने 4 बच्चों को कुएं में धकेल दिया। इसके बाद खुद भी छलांग लगा दी। मृतकों में गंगासागर ज्ञानेश्वर अडाणी, भक्ति, ईश्वरी, अक्षरा और युवराज शामिल हैं। इन चार बच्चों में से तीन बेटियां और एक बेटा था।

पुलिस के मुताबिक प्राथमिक जांच में पति द्वारा महिला के चरित्र पर शक करना और इस वजह से शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने की बात सामने आई है। शनिवार को इस मामले में आत्महत्या करने वाली महिला गंगासागर अडाणी की बहन ने गोंदी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने महिला के पति ज्ञानेश्वर अडानी के खिलाफ पत्नी के चरित्र पर शक करने, मानसिक और शारीरिक कष्ट पहुंचाने और आत्महत्या के लिए प्रवृत्त करने का केस दर्ज कर लिया है। साथ ही आगे की जांच शुरू कर दी है।

आए दिन होता था विवाद

ज्ञानेश्वर अडाणी अपनी पत्नी गंगासागर, तीन बेटियां और एक बेटे के साथ रह रहा था। ज्ञानेश्वर नशे का आदी था। इस वजह से पति-पत्नी में अक्सर विवाद हुआ करता था। पत्नी के मोबाइल पर बातें करने पर ज्ञानेश्वर को आपत्ति थी। पत्नी के चरित्र पर शक करते हुए ज्ञानेश्वर अक्सर गंगासागर को मारता-पीटता और ताने मारा करता था।  गंगासागर ने कई बार अपने पति ज्ञानेश्वर को समझाया कि वो अपने घरवालों से बात किया करती है, लेकिन ज्ञानेश्वर शक में ही घुलता रहता था। उसे लगता था कि गंगासागर उससे झूठ कहा करती है। वो गुप्त रूप से अपने किसी दोस्त से बातें किया करती है।

महिला ने विवाद के बाद उठाया कदम

गुरुवार को दोपहर एक बजे के करीब दोनों में एक बार फिर इसी बात को लेकर विवाद हुआ। इसके बाद गंगासागर अपनी तीनों बेटियों और एक बेटे को लेकर खेत गई, जहां उसने अपने चारों बच्चों को कुएं में धकेल दिया और फिर खुद भी छलांग लगा कर आत्महत्या कर ली। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।

सावधान: देश में तेजी से फैल रहा ओमिक्रॉन, इस राज्य में दर्ज की गई पहली मौत

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दुनिया के कई देशों के साथ ही भारत में भी ओमिक्रॉन वैरिएंट के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इसी बीच महाराष्ट्र में नए वैरिएंट से संक्रमित एक शख्‍स की मौत हो गई है। महाराष्ट्र के पिपरी चिंचवड इलाके के एक 52 साल के शख्स की हार्ट अटैक से मौत हो गई। कोरोना वायरस के ओमिक्रॉन वैरिएंट से संक्रमित ये शख्स पिंपरी चिंचवड के यशवंतराव चौहान हॉस्पिटल में भर्ती था। जानकारी के मुताबिक 52 साल का शख्स हाल ही में नाइजीरिया से लौटा था और संक्रमित होने के बाद 28 दिसंबर को उसकी मौत पिंपरी चिंचवड के अस्पताल में हो गई। देश में ओमिक्रॉन मरीज की मौत का ये पहला मामला है।

इस शख्स की मौत गैर कोविड कारणों के चलते हुई है। हालांकि गुरुवार को मृतक की NIV रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि वो कोरोना वायरस के ओमिक्रॉन वैरिएंट से संक्रमित था। महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्रालय ने ये जानकारी दी है। ये भारत में ओमिक्रॉन संक्रमित किसी व्यक्ति की मौत का पहला मामला है। महाराष्ट्र समेत देश के कई राज्यों में ओमिक्रॉन वायरस दस्तक दे चुका है और अब तेजी से इसके मामले सामने आ रहे हैं। देश में ओमिक्रॉन संक्रमण के सबसे ज्यादा मामले महाराष्ट्र और दिल्ली में दर्ज हो रहे हैं। गुरुवार को महाराष्ट्र में ओमिक्रॉन संक्रमण के 198 नए मामले सामने आए। इसी के साथ राज्य में ओमिक्रॉन संक्रमित लोगों का आंकड़ा 450 हो गया है। जानकारों का कहना है कि नए साल के मौके पर राज्य में कोरोना वायरस के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है।

महाराष्ट्र सरकार ओमिक्रॉन की दस्तक के बीच राज्य में कोरोना संक्रमण पर रोक लगाने के लिए कई प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार ने कई प्रतिबंध भी लगाए हैं। महाराष्ट्र में नाइट कर्फ्यू पहले से ही लगा हुआ है। वहीं राज्य सरकार ने गुरुवार से मुंबई में धारा 144 भी लागू कर दी है। ऐसे में मुंबई में नए साल के मौके पर पब, रेस्टोरेंट और होटल्स में पार्टी पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। मुंबई में 7 जनवरी तक ये नियम लागू रहेगा।

देश में नए वैरिएंट का आंकड़ा 1100 पार

बता दें कि भारत में ओमिक्रॉन का संक्रमण बढ़ता ही जा रहा है। केंद्र और राज्य सरकारों दोनों ने इसको लेकर एहतियाती उपाय करना शुरू कर दिया है। कई राज्यों ने ओमिक्रॉन के प्रसार पर रोक लगाने के लिए नाइट कर्फ्यू और तमाम कोविड संबंधी पाबंदियों की घोषणा कर दी है। देशभर से बुधवार सुबह तक ओमिक्रॉन वेरिएंट के 781 नए मामले सामने आए थे। हालांकि रात होते-होते वैरिएंट से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 911 हो गई। इस नए वैरिएंट का प्रसार 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में हो चुका है। ओमिक्रॉन की चपेट में अब नए-नए राज्य भी आने लगे हैं। बिहार में ओमिक्रॉन का पहला मामला सामने आया है। पटना के किदवईपुरी में 26 साल का व्यक्ति ओमिक्रॉन से संक्रमित पाया गया है।

वैक्सीन लगाएं और मुफ्त में पाएं TV, फ्रिज और वॉशिंग मशीन, लकी ड्रॉ के आधार पर होंगे विजेता घोषित

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कोरोना से बचाव के लिए फिलहाल वैक्सीन ही संजीवनी है। इसीलिए सरकार ने भी सभी लोगों के लिए वैक्सीन को फ्री कर दिया है। वहीं कोरोना की दूसरी लहर के दौरान महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा कोरोना पॉजिटिव मरीज सामने आए थे। ऐसे में महाराष्ट्र सरकार की कोशिश है कि प्रदेश में सभी लोगों को वैक्सीन की दोनों डोज समय से लग जाए। वहीं प्रदेश के हिंगोली नगर परिषद में वैक्सीन के लिए लोगों को प्रोत्साहित करने एक नई तरकीब खोजी है। इस तरकीब के तहत टीके की खुराक लेने वाले लोगों को LED टीवी, रेफ्रिजरेटर और वॉशिंग मशीन जैसे पुरस्कार जीतने का अवसर दिया जाएगा। अधिकारियों ने गुरूवार को इसकी जानकारी जानकारी दी है।

राज्य में चंद्रपुर नगर इकाई ने भी इस महीने की शुरुआत में लोगों को टीका लगवाने के लिए प्रेरित करने के लिए इसी तरह का कदम उठाया था। एक अधिकारी ने बताया कि हिंगोली जिले में अब तक टीके के पात्र लोगों में से 73 फीसदी ने पहली खुराक ली है और 56 फीसदी ने दोनों खुराक ली है। नगर परिषद में कोरोना संबंधी ड्यूटी पर तैनात प्रोजेक्ट अधिकारी पंडित म्हास्के ने बताया कि कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के मद्देनजर हिंगोली के जिलाधिकारी जिंतेंद्र पापल्कर ने बुधवार को आपात बैठक बुलाई थी और जिला प्रशासन के अधिकारियों को ज्यादा से ज्यादा लोगों को टीका लेने के लिए प्रेरित करने का निर्देश दिया था।

27 दिसंबर को लकी ड्रॉ आयोजित

उन्होंने बताया कि नगर परिषद के प्रमुख अधिकारी डॉक्टर अजय कुरवाडे ने 2 दिसंबर से 24 दिसंबर के बीच टीके की खुराक लेने वाले लोगों के लिए 27 दिसंबर को लकी ड्रॉ आयोजित करने का फैसला लिया है। इसमें प्रथम पुरस्कार जीतने वाले को LED टीवी दिया जाएगा। इसके बाद वॉशिंग मशीन, रेफ्रिजरेटर, मिक्सर ग्राइंडर और पांच अन्य पुरस्कार हैं। जिले में अब तक संक्रमण के 16 हजार 059 मामले सामने आए हैं और 395 लोगों की मौत हो गई।

कोरोना की गाइडलाइन में संशोधन

कोरोना के नए वैरिएंट ओमीक्रोन के खतरे के बाद महाराष्ट्र सरकार ने अपनी गाइडलाइन में संशोधन किया है। राज्य में आने वाले यात्रियों के लिए उद्धव सरकार ने पुराने दिशा निर्देशों में बदलाव कर दिया है। डोमेस्टिक हवाई यात्रा के लिए भी यात्रियों को पूरी तरह से कोरोना वैक्सीनेशन करवाना जरूरी है। सभी यात्रियों को बोर्डिंग से 72 घंटे पहले की कोरोना नेगेटिव RT-PCR रिपोर्ट दिखानी जरूरी होगी। वहीं वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट भी साथ ले जाना जरूरी होगा।

खतरे के मद्देनजर बदलाव

अधिकारी ने बताया कि जो भी यात्री हवाई यात्रा के लिए एयरपोर्ट पर इन दोनों नियमों का पालन नहीं करेंगे उन्हें यात्रा की इजाजत नहीं होगी। उद्धव सरकार ने यह सख्त कदम केंद्र सरकार की चिट्ठी मिलने के बाद उठाया है। बता दें कि विदेशों से आए 9 लोग कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद सरकार अलर्ट मोड पर है। एक बार फिर से संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है। तीसरी लहर के संभावित खतरे की वजह से सरकार ने गाइडलाइन में संशोधन किया है, ताकि लोगों को संक्रमण से बचाया जा सके।

हादसा: मेट्रो के निर्माणाधीन पुल का हिस्सा गिरा, 21 लोग घायल

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महाराष्ट्र हादसों का गढ़ बनता जा रहा है। प्रदेश में किसी न किसी दुर्घटना की खबर रोजाना सामने आ रही है। ताजा मामला मुंबई के बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स इलाके का है, जहां मेट्रो के निर्माणाधीन पुल का एक हिस्सा गिरने से 21 लोग घायल हो गए हैं, जिन्हें वीनदेसाई अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बाकी और भी लोगों के फंसे होने की आशंका है। ये हादसा शुक्रवार सुबह करीब 4.40 बजे हुआ। इस दौरान रात में मेट्रो का काम चल रहा था। 


DCP मंजूनाथ सिंगे ने कहा कि 'मुंबई में बीकेसी मुख्य सड़क और सांताक्रूज-चेंबूर लिंक रोड को जोड़ने वाले निर्माणाधीन फ्लाईओवर का एक हिस्सा लगभग 4:30 बजे ढह गया। कुछ लोगों को मामूली चोटें आई हैं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कोई जनहानि नहीं है और कोई व्यक्ति लापता नहीं है।' जानकारी के मुताबिक शुक्रवार तड़के मेट्रो के ब्रिज पर काम चल रहा था। कुछ मजदूर ब्रिज के ऊपर काम कर रहे थे, कुछ नीचे थे। ऊपर काम कर रहे मजदूर ब्रिज गिरने के दौरान सरिया पकड़कर कूद गए, कुछ बगल में मौजूद पानी की टंकी में गिर गए और कुछ लोग पुल के नीचे दबने से जख्मी हो गए। इस तरह 20 से ज्यादा लोग घायल हो गए।

फायरब्रिगेड के अधिकारियों के मुताबिक घटनास्‍थल का मुआयना किया जा रहा है, लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका को देखते हुए टीम मौके पर सर्च ऑपरेशन में लगी हुई है। वहीं मुंबई के मानखुर्द (Mankhurd) इलाके में शुक्रवार तड़के एक स्क्रैप यार्ड में भीषण आग लग गई। मौके पर दमकल की छह गाड़ियां मौजूद हैं। दमकल कर्मी आग पर काबू पाने की कोशिश कर रहे हैं। अब तक आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। दमकल विभाग ने जानकारी दी है की अभी तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

आग लगने से 8 वाहन जलकर खाक

इससे पहले गुरुवार को महाराष्ट्र के पुणे जिले के औद्योगिक क्षेत्र की एक इकाई में भीषण आग लगने से एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। अग्निशमन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक उन्हें सुबह करीब दस बज कर बीस मिनट पर सिंहगढ़ रोड स्थित भाऊ औद्योगिक क्षेत्र में आग लगने की सूचना मिली। इसके बाद दमकल की 8 गाड़ियों को तुरंत मौके पर रवाना किया गया। दमकल कर्मचारियों ने दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। आग लगने के कारण का अब तक पता नहीं चल सका है। इससे पहले सोमवार को ठाणे में ही एक आवासीय परिसर के पार्किंग क्षेत्र में आग लगने से 8 वाहन जल कर खाक हो गए थे।

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