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2 इनामी नक्सलियों ने किया सरेंडर, फिर हुए मुख्यधारा में शामिल

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सरकार और पुलिस की ओर से चलाए जा रहे अभियान की वजह से नक्सली समाज की मुख्य धारा की तरफ फिर लौट रहे हैं। इस बीच दंतेवाड़ा में CRPF 195 BN के अफसरों के सामने 2 नक्सलियों ने सरेंडर किया है। इनमें से एक हांदावाड़ा मिलिशिया कमांडर पर एक लाख रुपए का इनाम घोषित है। दोनों नक्सली इंद्रावती नदी के पार गांवों में उत्पात मचाने का काम करते थे। वहीं नक्सलियों की खोखली विचारधारा से तंग आकर दोनों ने लोन वर्राटू अभियान से प्रभावित होकर हथियार डाल दिए।

दरअसल, मिलिशिया कमांडर रमेश कुमार और जनताना सरकार सदस्य बैसु मंडावी बीते कई सालों से नक्सल संगठन से जुड़कर काम कर रहे थे। ये दोनों नक्सलियों के कई बड़े कैडर्स के साथ भी काम कर चुके हैं। इन्होंने CRPF के अधिकारियों को बताया कि संगठन में प्रताड़ित होते थे। जंगल-जंगल और गांव-गांव घुमने नहीं होता। यही वजह थी कि संगठन को छोड़ने का निर्णय लिया। फिर CRPF 195 BN के कमांडेंट वी प्रताप सिंह के सामने आकर हथियार डाल दिए। सरेंडर नक्सलियों ने कहा कि नक्सली विकास विरोधी हैं। उनकी विचारधारा ठीक नहीं। इसलिए सरेंडर कर रहे हैं, अब विकास में साथ देंगे।

अब तक 539 नक्सलियों ने किया सरेंडर

छत्तीसगढ़ में भी नक्सलियों की वापसी के लिए कई अभियान चलाए जा रहे हैं। इनमें से एक लोन वर्राटू अभियान है। छत्तीसगढ़ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दंतेवाड़ा जिले में नक्सलियों की घर वापसी के लिए थाना, शिविरों और ग्राम पंचायतों में संबंधित क्षेत्र के सक्रिय नक्सलियों का नाम चस्पा कर उनसे आत्मसमर्पण कर सम्मान पूर्वक जीवन यापन करने लिए आह्वान किया जा रहा है। लोन वर्राटू अभियान के तहत अब तक जिले में 133 इनामी नक्सलियों समेत 545 नक्सलियों ने सरेंडर किया है। सरेंडर करने वालों में कई कमांडर स्तर के नक्सली भी शामिल है, जो अब विकास करने साथ दे रहे हैं।

लोन वर्राटू अभियान

बस्तर में इन दिनों पुलिस लोन वर्राटू अभियान चला रही है। जिसमें माओवाद का रास्ता छोड़ नक्सलियों की घर वापसी कराई जा रही है। बुधवार को लोन वर्राटू अभियान से प्रभावित होकर एक इनामी नक्सली ने समर्पण किया। नक्सली माओवादियों की खोखली विचारधारा को छोड़कर मुख्यधारा से लगातार जुड़ रहे हैं।

क्या है ‘लोन वर्राटू’ अभियान ?

दंतेवाड़ा में नक्सलियों के लिए एक अनोखी पहल की शुरुआत की गई है। जिसका नाम लोन वर्राटू दिया गया है, जिसका अर्थ है घर वापस लौट आइए। इसके लिए पुलिस के जवानों द्वारा गांव-गांव में प्रचार करवाया जा रहा है।गांव-गांव में पुलिस अधिकारियों के फोन नंबर भी दिए जा रहे हैं, ताकि समर्पण की इच्छा रखने वाले नक्सली सीधे उनसे संपर्क कर सकें। इस अभियान के तहत अब धीरे-धीरे पूरे दंतेवाड़ा जिले से स्थानीय कैडर के नक्सली इस अभियान के तहत पुलिस से संपर्क कर सरकार की मुख्य धारा में लौट रहे हैं।

सुरक्षाबल और नक्सलियों के बीच मुठभेड़, 3 जवान शहीद, 15 घायल

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छत्तीसगढ़-ओडिशा की सीमा पर सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें 3 जवान शहीद हो गए हैं। वहीं लगभग 15 जवान घायल हैं। जानकारी के मुताबिक CRPF की रोड ओपनिंग पार्टी ड्यूटी पर निकली थी। उसी दौरान उन पर हमला हो गया। बताया जा रहा है जवानों ने भी नक्सलियों को मुंहतोड़ जवाब दिया है। ओडिशा के नुवापाड़ा जिले में CRPF 19 बटालियन के जवान रोड ओपनिंग ड्यूटी पर निकले थे। इसी बीच बड़ापारा के जंगल के पास नक्सलियों ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी। इसी फायरिंग में ASI-शिशुपाल सिंह, ASI-शिवलाल और कॉन्स्टेबल धर्मेंद्र कुमार सिंह शहीद हो गए हैं। शिशुपाल सिंह उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ के रहने वाले थे। शिवलाल महेंद्रगढ़ और धर्मेंद्र सिंह रोहतास के रहने वाले थे।

वहीं फायरिंग की आवाज आने पर जवानों ने भी मुंहतोड़ जवाब दिया। कहा जा रहा है कि मौके पर अभी भी 100 से ज्यादा नक्सली मौजूद हैं। फिलहाल मौके पर सर्च अभियान तेज कर दिया गया है। साथी जवानों ने शव को किसी तरह से रिकवर कर लिया गया है। मौके से कुछ हथियार भी बरामद किए गए हैं। जवानों के शव कैंप तक भेजा जा रहा है। नक्सलियों को कितना नुकसान हुआ है। अभी ये पता नहीं चल सका है। नक्सलियों ने घातक हथियारों का इस्तेमाल किया। इनमें रॉकेट लॉन्चर भी शामिल है।

नक्सलियों के कोर इलाके में गिना जाता है इलाका

कहा जा रहा है कि नक्सलियों को पहले से इस बात की सूचना थी कि जवान यहां पर आने वाले हैं। इसलिए उन्होंने एंबुश लगाकर पहले जवानों को फंसाया था। इसके बाद फायरिंग की है। फायरिंग में लगभग 15 जवान घायल हुए हैं। ये भी पता चला है कि घटनास्थल के पास में ही CRPF का एक कैंप भी कुछ दिन पहले खुला था। उसके पास ही यह घटना हुई है। मौके पर सर्च ऑपरेशन जारी है। ये इलाका नक्सलियों के कोर इलाके में गिना जाता है।

नक्सलियों के खिलाफ अभियान

बता दें कि नक्सलियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ पुलिस कई तरह के अभियान चला रही है, जिससे प्रभावित होकर कई नक्सली आत्मसमर्पण भी कर रहे हैं। जबकि सूरक्षाबल के जवान कई नक्सलियों को गिरफ्तार भी कर रहे है, जिससे बौखलाएं नक्सली इस तरह के कायरना हरकत कर रहे हैं। बता दें कि प्रदेश में बीते साल के मुताबले इस साल नक्सली हमले और गतिविधियां कम हुई है। वहीं छत्तीसगढ़ पुलिस और सरकार नक्सलियों को मुख्यधारा से जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं।

नक्सल विरोधी अभियान में 45 नक्सली गिरफ्तार, 23 ने किया सरेंडर

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छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खिलाफ पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों द्वारा लगातार अभियान चलाया जा रहा हैं। पुलिस मुख्यालय के द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक अप्रैल माह में पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों द्वारा चलाए गए नक्सल विरोधी अभियानों के दौरान 45 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया है। जबकि 23 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। वहीं 09 हथियार और 05 IED जब्त कर निष्क्रिय किया गया है।

इधर, बिहार के जमुई के बरहट थाना क्षेत्र अंतर्गत चोरमारा स्थित सीआरपीएफ कैंप में 3 हार्डकोर नक्सली ने सरेंडर किया है। सरेंडर करने वाले नक्सलियों में हार्डकोर बालेश्वर कोड़ा, अर्जुन कोड़ा, नागेश्वर कोड़ा शामिल हैं। अर्जुन तथा नागेश्वर,बालेश्वर कोड़ा का खास बताया जाता है। पर फिलहाल सभी से पुलिस के वरीय अधिकारी चोरमरा कैंप में पूछताछ कर रहे हैं। बालेश्वर कोड़ा जो जमुई, मुंगेर,लखीसराय के जोनल कमांडर के रूप में कार्य कर रहा था।

मुठभेड़ से बचने किया सरेंडर

जानकारी के  मुताबिक लखीसराय-जमुई सीमा पर चौरमारा जंगल में हार्डकोर नक्सली बालेश्वर कोड़ा, अर्जुन कोड़ा, नागेश्वर कोड़ा ने आत्‍मसमर्पण कर दिया है। सभी को सीआरपीएफ कैंप में रखा गया है। नक्सली संगठन में बालेश्वर कोड़ा 2005 से सक्रिय रहा है। बताया जा रहा है कि चोरमारा इलाके में सुरक्षाबलों द्वारा सर्च अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान गिरफ्तारी और एनकाउंटर से बचने के लिए नक्‍सलियों ने पुलिस के समक्ष सरेंडर कर दिया।

अलग अलग थानों में 12 से ज्यादा अपराधिक मामले दर्ज

बता दें कि आठ जून की रात गरही थाना क्षेत्र के गिद्धेश्वर जंगल में मुठभेड़ के दौरान सुरक्षाबलों ने नक्सली संगठन के सब जोनल कमांडर मतलु तुरी को मार गिराया था। जिसके बाद अलग-अलग थाना इलाके में सुरक्षाबलों द्वारा सर्च अभियान चलाया जा रहा था। बालेश्वर कोड़ा, अर्जुन कोड़ा, नागेश्वर कोड़ा पर जमुई, लखीसराय, मुंगेर के अलग अलग थानों में 12 से ज्यादा अपराधिक मामले दर्ज है।                  

नक्सल प्रभावित परिवार को मुआवजा

वहीं कांकरे में कोयलीबेड़ा थाना अंतर्गत ग्राम पानीडोबीर निवासी महेशराम बघेल की 03 जनवरी 2022 को नक्सलियों द्वारा हत्या कर दी गई थी, जिसके प्रकरण में पुनर्वास योजनांतर्गत जिला समिति के अनुमोदन अनुसार कलेक्टर चन्दन कुमार द्वारा मृतक के आश्रित गिरधारीन बाई के लिए 05 लाख रूपये की सहायता राशि स्वीकृत किए गए हैं। स्वीकृत सहायता राशि को किसी राष्ट्रीयकृत बैंक के सावधिक जमा खाते में ट्रांसफर किया जाएगा।गेश्वर कोड़ा पर जमुई, लखीसराय, मुंगेर के अलग अलग थानों में 12 से ज्यादा अपराधिक मामले दर्ज है।                  

खाते के जरिए किया जाएगा ट्रांसफर

वहीं कांकरे में कोयलीबेड़ा थाना अंतर्गत ग्राम पानीडोबीर निवासी महेशराम बघेल की 03 जनवरी 2022 को नक्सलियों द्वारा हत्या कर दी गई थी, जिसके प्रकरण में पुनर्वास योजनांतर्गत जिला समिति के अनुमोदन अनुसार कलेक्टर चन्दन कुमार द्वारा मृतक के आश्रित गिरधारीन बाई के लिए 05 लाख रूपये की सहायता राशि स्वीकृत किए गए हैं। स्वीकृत सहायता राशि को किसी राष्ट्रीयकृत बैंक के सावधिक जमा खाते में ट्रांसफर किया जाएगा।

IED की चपेट में आने से CAF का जवान घायल, नक्सलियों ने लगाई थी IED

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छत्तीसगढ़ में नक्सलियों की कायराना हरकत की खबरें आए दिन सामने आती रहती है। वहीं कई बार इसका खामियाजा हमारे सूरक्षाबल के जवानों को भुगतना पड़ता है। बीजापुर जिले में IED ब्लास्ट की चपेट में आने से CAF का एक जवान गंभीर रूप से घायल हो गया है। घायल जवान को नेलसनार के प्राथमिक इलाज करने के बाद रायपुर रेफर कर दिया गया है। 

जानकारी के मुताबिक जवान के पैर के चिथड़े उड़ गए हैं। करीब एक हफ्ते पहले इसी इलाके में हुई IED ब्लास्ट की चपेट में आने से CAF का ही एक जवान घायल हुआ था, जिसने अपने दोनों पैर गवां दिए थे। नेलसनार में प्राथमिक इलाज होने के बाद जवान को रायपुर रेफर किया गया है।। CAF 8वीं वाहिनी के जवान नेलसनार इलाके में इंद्रावती नदी के किनारे पांडे मुर्गा और बंगोली के पास एरिया डोमिनेशन के लिए निकले थे। यहां जवानों को नुकसान पहुंचाने के लिए नक्सलियों ने पहले से ही IED प्लांट कर रखी हुई थी। 

जवान जैसे ही इलाके में पहुंचे तो एक CAF के आरक्षक थाम सिंह का पैर प्रेशर IED के ऊपर आ गया। जिससे जोर का धमका हुआ। हादसे के बाद मृतकों के साथी जवान घायल को फौरन नेलसनार के अस्पताल लेकर आए। जहां प्राथमिक उपचार करने के बाद उसे दंतेवाड़ा लाया गया और यहां से हेलिकॉप्टर के माध्यम से रायपुर के लिए रेफर कर दिया गया है। घायल जवान कोरबा जिले का रहने वाला है। फिलहाल इस घटना के बाद इलाके की सर्चिंग बढ़ा दी गई है।

बता दें कि नक्सलियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ पुलिस कई तरह के अभियान चला रही है, जिससे प्रभावित होकर कई नक्सली आत्मसमर्पण भी कर रहे है। जबकि सूरक्षाबल के जवान कई नक्सलियों को गिरफ्तार भी कर रहे है, जिससे बौखलाएं नक्सली इस तरह के कायरना हरकत कर रहे है।बता दें कि प्रदेश में बीते साल के मुताबले इस साल नक्सली हमले और गतिविधियां कम हुई है। वहीं छत्तीसगढ़ पुलिस और सरकार नक्सलियों को मुख्यधारा से जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं।

जवानों ने नक्सलियों की साजिश को किया नाकाम, 5 किलो का IED बरामद

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छत्तीसगढ़ में नक्सलियों की कायराना हरकत की खबरें आए दिन सामने आती रहती है, लेकिन बीजापुर जिले के  बांगापाल थाना क्षेत्र में सुरक्षाबल के जवानों ने नक्सलियों की साजिश को नाकाम कर दिया है। दरअसल, सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के लगाए गए 5 किलो IED को बरामद किया है। जानकारी के मुताबिक IED फुंडरी में इंद्रावती नदी पर बन रहे पुल के पास मिला है। ये सुरक्षाबलों को मारने लिए के लिए प्लांट किया गया था।

जानकारी के मुताबिक नक्सली इंद्रावती नदी पर बन रहे पुल को बम से उड़ाने के फिराक में थे। हालांकि जवानों ने निर्माण स्थल से 5 किलो का एक जिंदा बम बरामद किया है, जिसे डिफ्यूज कर दिया गया है। पुल निर्माण के लिए खड़े किए गए पिलर के पास जवान सर्चिंग कर रहे हैं। बता दें कि बीजापुर जिले के नक्सल प्रभावित इलाके फुंडरी-बांगोली इलाके में बीते कुछ महीनों से इंद्रावती नदी पर पुल बनाने का काम चल रहा है। नक्सली इस पुल का लगातार विरोध कर रहे हैं। साथ ही अब पुल को और इस पुल निर्माण कार्य की सुरक्षा में लगे जवानों को नुकसान पहुंचाने IED प्लांट किए।

IED की सूचना जवानों को मुखबिर से मिली थी, जिसके बाद काम शुरू करने से पहले ही जवान निर्माण कार्य स्थल पर पहुंच गए। BDS की टीम ने बम ढूंढने के लिए सर्चिंग शुरू की। वहीं पिल्लरों के पास डंप किए गए मिट्टी में नक्सलियों ने 5 किलो की IED प्लांट कर रखी थी, जिसे जवानों ने बरामद कर डिफ्यूज कर दिया है। हालांकि इलाके में जहां-जहां पर मटेरियल डंप हैं उन जगहों पर भी सर्चिंग ऑपरेशन चलाया गया है।

लगातार हो रहे हमले

बता दें कि बीते दिनों कांकेर में नक्सलियों के लगाए IED की चपेट में आने से SSB का जवान घायल हुआ था। रेलवे लाइन विस्तार काम की सुरक्षा के लिए सशस्त्र सीमा बल के जवान गश्त पर निकले थे। इसी दौरान एक जवान IED की चपेट में आ गया। मौके पर घात लगाए नक्सलियों ने विस्फोट के बाद जवानों पर हमला भी किया, लेकिन जवानों द्वारा की गई जवाबी कार्रवाई में नक्सली मोर्चा छोड़ कर भाग निकले।

वहीं 20 जनवरी को दंतेवाड़ा और सुकमा जिले की सीमा पर सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में पांच लाख के इनामी एरिया कमेटी मेंबर मड़कम मुइया मार गिराया गया था, जिसके बाद चिंतागुफा थाना क्षेत्र के करीगुंडम और माटेमरका के जंगलों में सुरक्षाबलों ने नक्सली कैंप ध्वस्त कर दिया। यहां से तलाशी में 3 बंदूक, 3 किलो वजनी IED, 80 मीटर बिजली का तार, 2 पिटठू बैग समेत नक्सली साहित्य बरामद किया गया था।

नक्सलियों को मुख्यधारा से जोड़ने की कोशिश

नक्सलियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ पुलिस कई तरह के अभियान चला रही है, जिससे प्रभावित होकर कई नक्सली आत्मसमर्पण भी कर रहे है। जबकि सूरक्षाबल के जवान कई नक्सलियों को गिरफ्तार भी कर रहे है, जिससे बौखलाएं नक्सली इस तरह के कायरना हरकत कर रहे है।बता दें कि प्रदेश में बीते साल के मुताबले इस साल नक्सली हमले और गतिविधियां कम हुई है। वहीं छत्तीसगढ़ पुलिस और सरकार नक्सलियों को मुख्यधारा से जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं।

पुलिस ने 3 नक्सलियों को किया गिरफ्तार, CRPF कैंप पर हमले थे शामिल

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छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में नक्सलियों को पकड़ने में पुलिस को सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने एमपुर के जंगलों में गश्त के दौरान 3 नक्सलियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए नक्सलियों पर आरोप है कि वो सभी बीते महीने CRPF की टीम पर हुए हमले में शामिल थे। एक अधिकारी ने बताया कि सभी नक्सलियों को बीजापुर जिले से पकड़ा गया है। 

पुलिस के मुताबिक नक्सली संगठन के 3 सदस्यों को पाम्ज पुलिस स्टेशन के अंतर्गत पड़ने वाले ईमपुर गांव में स्थित जंगलों से पकड़ा गया है। यहां कोबरा की 204वीं बटालियन और CRPF की टीम ने नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन चला रखा है। गिरफ्तार नक्सलियों की पहचान 30 साल के माडवी भीमा, 27 साल के माडवी नंदा और 25 साल के मडकाम कोसा के रूप में हुई है। 

ये सभी पामेड इलाके के पेड्डा धर्मावरम गांव के रहने वाले थे। ये जगह राजधानी रायपुर से करीब 450 किलोमीटर दूर है। पुलिस ने बताया है कि तीनों 24 अप्रैल को केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की टीम पर हुए हमले में शामिल थे। ये हमला धर्मावरम कैंप पर इसी साल हुआ था। हालांकि इस घटना में किसी भी जवान को कोई नकुसान नहीं पहुंचा था। 

छत्तीसगढ़ पुलिस चला रही कई तरह के अभियान

बता दें कि नक्सलियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ पुलिस कई तरह के अभियान चला रही है, जिससे प्रभावित होकर कई नक्सली आत्मसमर्पण भी कर रहे है। जबकि सूरक्षाबल के जवान कई नक्सलियों को गिरफ्तार भी कर रहे है, जिससे बौखलाएं नक्सली इस तरह के कायरना हरकत कर रहे हैं। बता दें कि प्रदेश में बीते साल के मुताबले इस साल नक्सली हमले और गतिविधियां कम हुई है। वहीं छत्तीसगढ़ पुलिस और सरकार नक्सलियों को मुख्यधारा से जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। 

जिले के फागुन मेले में पुलिस ने किया 2 नक्सलियों को गिरफ्तार, कई घटनाओं में थे शामिल

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छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में नक्सलियों को पकड़ने में पुलिस को सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने सिटी कोतवाली क्षेत्र में फागुन मेला से 2 नक्सलियों को गिरफ्तार किया है। ये दोनों नक्सली ग्रामीण वेशभूषा धारण कर मेला घूमने के लिए आए थे, जिनकी सूचना मुखबिर ने पुलिस को दी थी। इसके बाद जवानों ने मेला में सर्चिंग की। वहीं कुछ ही घंटों में घेराबंदी कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया। 

जानकारी के मुताबिक गिरफ्तार नक्सली रतिराम कुंजाम उर्फ रतन जनताना सरकार अध्यक्ष है। जबकि दूसरे नक्सली की पहचान बुधरु उर्फ डेंगा के रूप में की गई है। ये जनताना सरकार में उपाध्यक्ष है। ये दोनों नक्सली पिछले कई सालों से नक्सल संगठन से जुड़कर काम कर रहे थे। दंतेवाड़ा जिले के किरंदुल और बीजापुर जिले के विभिन्न थानों में दोनों नक्सलियों के खिलाफ नामजद केस दर्ज है।

दंतेवाड़ा SP सिद्धार्थ तिवारी ने दी जानकारी

दंतेवाड़ा के SP सिद्धार्थ तिवारी ने बताया कि दोनों नक्सली हत्या, लूट, आगजनी, बड़े नक्सली लीडरों के आने पर उनके बैठक की व्यवस्था करना समेत अन्य काम करते थे। दोनों नक्सली इलाके में सक्रिय रहकर संगठन को मजबूत करने का काम कर रहे थे। मेला स्थल से दोनों नक्सलियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। साथ ही आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

छत्तीसगढ़ पुलिस चला रही कई तरह के अभियान

बता दें कि नक्सलियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ पुलिस कई तरह के अभियान चला रही है, जिससे प्रभावित होकर कई नक्सली आत्मसमर्पण भी कर रहे है। जबकि सूरक्षाबल के जवान कई नक्सलियों को गिरफ्तार भी कर रहे है, जिससे बौखलाएं नक्सली इस तरह के कायरना हरकत कर रहे हैं। बता दें कि प्रदेश में बीते साल के मुताबले इस साल नक्सली हमले और गतिविधियां कम हुई है। वहीं छत्तीसगढ़ पुलिस और सरकार नक्सलियों को मुख्यधारा से जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। 

जवानों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़, 2 इनामी महिला नक्सली ढेर

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दंतेवाड़ा जिले के कटेकल्याण थाना क्षेत्र में जवानों और नक्सलियों के बीच जबरदस्त मुठभेड़ हुई, जिसमें जवानों ने 2 महिला नक्सलियों को ढेर कर दिया है। इसके साथ ही जवानों ने मौके से दोनों महिला नक्सलियों के शव समेत हथियार भी बरामद कर लिए हैं। इनमें से एक ही पहचान पेदारास LOS कमांडर मंजुला पुनेम और दूसरी महिला नक्सली की DVCM की सदस्य मुचाकी गंगी के रूप में की गई है। जानकारी के मुताबिक पुलिस को सूचना मिली थी कि जियाकोडता और गोरली-मुथेली के जंगल में भारी संख्या में नक्सली मौजूद हैं। 

मुखबिर की सूचना के आधार पर दंतेवाड़ा और सुकमा जिले से CRPF के जवानों को मौके के लिए रवाना किया गया, जहां पहले से ही घात लगाकर बैठे नक्सलियों ने उन पर फायरिंग कर दी। इसके बाद जवानों ने भी मोर्चा संभाला और नक्सलियों की गोलियों का मुंहतोड़ जवाब दिया। जवाबी कार्रवाई में जवानों ने दो इनामी महिला नक्सलियों को ढेर कर दिया। करीब डेढ़ घंटे तक चली इस मुठभेड़ में जवानों को भारी पड़ता देख नक्सली जंगल का सहारा लेकर भाग खड़े हुए। इसके बाद घटना स्थल की सर्चिंग की गई। 

जवानों ने मौके से 2 महिला नक्सलियों के शव को बरामद किया है, जिनमें से एक की पहचान 6 लाख रुपए की इनामी नक्सली मंजुला और दूसरे की 1 लाख रुपए की इनामी मुचाकी गंगी के रूप में हुई है। दंतेवाड़ा के SP सिद्धार्थ तिवारी ने बताया कि ये दोनों महिला नक्सली बीते कई सालों से संगठन से जुड़कर काम कर रही थी। इलाके में सक्रिय होकर जमकर तांडव मचाया करती थी। इन दोनों के ढेर होने से इलाके में अब थोड़ी शांति स्थापित होगी। मौके से जवानों ने 3 भरमार, 2 टिफिन बम, नक्सल साहित्य समेत भारी मात्रा में सामग्री भी बरामद की है। SP ने बताया कि सर्चिंग के दौरान कई जगह खून के धब्बे देखने को मिले। कई नक्सलियों को गोली लगी है।

  

IED की चपेट में आने से जवान शहीद

बता दें कि सोमवार को नारायणपुर जिले में नक्सली विस्फोटों की अलग-अलग घटनाओं में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के एक अधिकारी शहीद हो गए। वहीं दो जवान घायल हो गए। हाल ही में सुकमा जिले में DRG के जवानों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई थी। रविवार को बताया गया कि इस मुठभेड़ में दो जवान बुरी तरह घायल हो गए। वहीं घायल जवानों को इलाज के लिए सुकमा जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बस्तर रेंज के महानिरीक्षक पी. सुंदरराज ने बताया था कि ये मुठभेड़ सुबह केरलापाल पुलिस थाने क्षेत्र के अंतर्गत चिछोरगुडा गांव के पास जंगलो में हुई। पुलिस अधिकारी का कहना है कि उस समय जब राज्य के नक्सलरोधी बल DRG के जवान सड़क निर्माण के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए गश्त कर रहे थे।  

छत्तीसगढ़ पुलिस चला रही कई तरह के अभियान

बता दें कि नक्सलियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ पुलिस कई तरह के अभियान चला रही है, जिससे प्रभावित होकर कई नक्सली आत्मसमर्पण भी कर रहे है। जबकि सूरक्षाबल के जवान कई नक्सलियों को गिरफ्तार भी कर रहे है, जिससे बौखलाएं नक्सली इस तरह के कायरना हरकत कर रहे हैं। बता दें कि प्रदेश में बीते साल के मुताबले इस साल नक्सली हमले और गतिविधियां कम हुई है। वहीं छत्तीसगढ़ पुलिस और सरकार नक्सलियों को मुख्यधारा से जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। पुलिस की लगातार कार्रवाई से बौखलाए नक्सली लोगों में दहशत फैलाने के लिए लगातार किसी न किसी कायराना करतूत को अंजाम देने में लगे हुए हैं। नक्सली लगातार पुलिस की नाक के नीचे मुखबिरी के शक में ग्रामीणों की हत्या कर रहे हैं।

पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़, DRG के 2 जवान घायल, कई नक्सलियों को गोली लगने का दावा

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छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के केरलापाल थाना क्षेत्र में पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई। इस मुठभेड़ में दोनों तरफ से हुई गोलीबारी में सुकमा DRG के 2 जवान घायल हो गए हैं। बताया जा रहा है कि दोनों घायल जवानों को मौके से निकाल कर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जवानों को मामूली चोटें आई हैं। इस मुठभेड़ में कई नक्सलियों के घायल होने की भी खबर सामने आ रही है।  

जानकारी के मुताबिक चिचोरगुड़ा के पास भारी संख्या में नक्सलियों की उपस्थिति की सूचना पुलिस को मिली थी। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर सुकमा से DRG की टीम को मौके के लिए रवाना किया गया था। सुबह करीब 10 बजे जब सर्चिंग करते हुए जवान जंगल में पहुंचे तो वहां पहले से ही घात लगाकर बैठे नक्सलियों ने जवानों पर फायरिंग कर दी। इसके बाद जवानों ने मोर्चा संभाला और नक्सलियों की गोलियों का मुंहतोड़ जवाब दिया।

करीब आधे घंटे तक चली इस गोलीबारी में DRG के दो जवान घायल हो गए, जिन्हें साथी जवानों मौके से निकाल कर जिला अस्पताल में भर्ती कराया। फिलहाल मुठभेड़ बंद हो गई है। जवान अभी मौके पर ही मौजूद हैं और इलाके की सर्चिंग लगातार जारी है। सर्चिंग के दौरान घटनास्थल पर खून के धब्बों के निशान भी देखने को मिले हैं। पुलिस का दावा है कि इस मुठभेड़ में कई नक्सलियों को भी गोली लगी है।

छत्तीसगढ़ पुलिस चला रही कई तरह के अभियान

बता दें कि नक्सलियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ पुलिस कई तरह के अभियान चला रही है, जिससे प्रभावित होकर कई नक्सली आत्मसमर्पण भी कर रहे है। जबकि सूरक्षाबल के जवान कई नक्सलियों को गिरफ्तार भी कर रहे है, जिससे बौखलाएं नक्सली इस तरह के कायरना हरकत कर रहे हैं। बता दें कि प्रदेश में बीते साल के मुताबले इस साल नक्सली हमले और गतिविधियां कम हुई है। वहीं छत्तीसगढ़ पुलिस और सरकार नक्सलियों को मुख्यधारा से जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। 

नक्सली लगातार दे रहे वारदात को अंजाम

पुलिस की लगातार कार्रवाई से बौखलाए नक्सली लोगों में दहशत फैलाने के लिए लगातार किसी न किसी कायराना करतूत को अंजाम देने में लगे हुए हैं। नक्सली लगातार पुलिस की नाक के नीचे मुखबिरी के शक में ग्रामीणों की हत्या कर रहे हैं।

5 साल में नक्सली हिंसा में इतने लोगों की गई जान

बीते 5 साल में छत्तीसगढ़ में नक्सली हिंसा (Naxalite violence) में 1000 लोगों की जान जा चुकी है। इनमें 314 आम लोग भी शामिल हैं। इनका नक्सल आंदोलन से कोई लेना-देना नहीं था। वहीं 220 जवान शहीद हुए हैं, साथ ही 466 नक्सली भी मुठभेड़ में मारे गए हैं।

पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़, एक नक्सली ढेर, एक जवान भी घायल

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दंतेवाड़ा जिले के कटेकल्याण थाना क्षेत्र में पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें पुलिस ने 3 लाख रुपए के इनामी नक्सली को ढेर कर दिया है। मुठभेड़ में मारे गए नक्सली की पहचान लखमा कवासी के रूप में हुई है, जो नक्सलियों के सबसे मजबूत दरभा डिवीजन कमेटी के प्लाटून नंबर 31 का सदस्य था। मौके से जवानों ने हथियार समेत भारी मात्रा में विस्फोटक भी बरामद किया है। 

 

जानकारी के मुताबिक पुलिस को देर शाम सूचना मिली थी कि कटेकल्याण के जंगल में 10 से 15 की संख्या में हथियारबंद नक्सली मौजूद हैं, जिसके आधार पर पुलिस ने दंतेवाड़ा से DRG जवानों की एक टीम को इलाके की सर्चिंग के लिए भेजा था। इस दौरान जैसे ही जवान मौके पर पहुंचे वहां पहले से ही घात लगाकर बैठे नक्सलियों ने जवानों पर फायरिंग कर दी। हालांकि जवानों ने भी नक्सलियों को मुंहतोड़ जवाब दिया।

आधे घंटे तक चली मुठभेड़

वहीं करीब आधे घंटे तक चली इस मुठभेड़ में जवानों ने एक हार्डकोर नक्सली को ढेर कर दिया। मुठभेड़ के बाद इलाके की सर्चिंग की गई। सर्चिंग में जवानों ने नक्सली का शव समेत एक देसी पिस्टल, 5 किलो का एक टिफिन IED, विस्फोटक सामान, वायर, नक्सल साहित्य, नक्सल वर्दी, पिट्ठू समेत भारी मात्रा में दैनिक उपयोग का समाना बरामद किया है। लखमा कवासी कई बड़ी घटनाओं में शामिल था। दंतेवाड़ा SP सिद्धार्थ तिवारी ने इसे पुलिस की बड़ी सफलता बताई है।

नक्सलियों की फायरिंग में एक जवान घायल

वहीं सुकमा जिले के मामला किस्टाराम थाना क्षेत्र में नक्सलियों ने पुलिस कैंप पर फायरिंग की है। कैंप में मौजूद जवानों ने भी नक्सलियों पर जवाबी फायरिंग की। इस मुठभेड़ में STF का एक जवान घायल है। बताया जा रहा है कि जवान को हल्की चोटें आई हैं और उनकी स्थित अभी ठीक है। इधर, मुठभेड़ में कई नक्सलियों को गोली लगने की खबर है। अब तक इस मुठभेड़ की अधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। 

SP सुनील शर्मा ने कैंप पहुंचकर ली जानकारी

बता दें कि हाल ही में पोटकपल्ली में नवीन पुलिस कैंप की स्थापना की गई है। इलाके में भारी सुरक्षा के बीच सड़क निर्माण का भी काम चल रहा है, जिसे लेकर नक्सलियों में बौखलाहट देखने को मिल रही है। सोमवार की शाम नक्सलियों ने अचानक कैंप पर फायरिंग कर दी। इसके बाद जवानों ने भी उनको मुंहतोड़ जवाब दिया, जिसमें कई नक्सलियों के घायल होने की बात भी कही जा रही है। इस मुठभेड़ के बाद सुकमा SP सुनील शर्मा खुद कैंप पहुंचे और घटना की जानकारी ली।  

10 दिन पहले 5 लाख के इनामी को किया था ढेर 

इससे 10 दिन पहले दंतेवाड़ा जिले में ही DRG जवानों ने मुठभेड़ में 5 लाख रुपए के इनामी नक्सली को मार गिराया था। उस समय भी जवानों को सूचना मिली थी कि ग्राम बुरगुम के जंगल में बड़ी संख्या में नक्सलियों की मौजूदगी है। इस पर DRG जवानों को एरिया डॉमिनेशन के लिए भेजा गया था। सर्चिंग के दौरान जंगल में पहाड़ी की ओर बढ़ते हुए पहले से घात लगाए नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी। इस पर जवानों की ओर से भी जवाबी कार्रवाई की गई थी। थोड़ी देर चली मुठभेड़ के बाद नक्सली जंगल और पहाड़ी का सहारा लेकर भाग निकले। फायरिंग बंद होने के बाद जवानों ने सर्चिंग शुरू की तो मौके से एक नक्सली का शव बरामद हुआ। उसकी पहचान अरनपुर के बुरगम निवासी अर्जुन उर्फ लखमा सोड़ी के रूप में हुई थी। 

छत्तीसगढ़ पुलिस चला रही कई तरह के अभियान

बता दें कि नक्सलियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ पुलिस कई तरह के अभियान चला रही है, जिससे प्रभावित होकर कई नक्सली आत्मसमर्पण भी कर रहे है। जबकि सूरक्षाबल के जवान कई नक्सलियों को गिरफ्तार भी कर रहे है, जिससे बौखलाएं नक्सली इस तरह के कायरना हरकत कर रहे हैं। बता दें कि प्रदेश में बीते साल के मुताबले इस साल नक्सली हमले और गतिविधियां कम हुई है। वहीं छत्तीसगढ़ पुलिस और सरकार नक्सलियों को मुख्यधारा से जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। 

नक्सली लगातार दे रहे वारदात को अंजाम

पुलिस की लगातार कार्रवाई से बौखलाए नक्सली लोगों में दहशत फैलाने के लिए लगातार किसी न किसी कायराना करतूत को अंजाम देने में लगे हुए हैं। नक्सली लगातार पुलिस की नाक के नीचे मुखबिरी के शक में ग्रामीणों की हत्या कर रहे हैं।

नारायणपुर में जवानों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़, एक नक्सली ढेर

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छत्तीसगढ़ के नारायणपुर में भरंडा BSF कैंप के पास पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें जवानों ने एक नक्सली को मार गिराया है। SP गिरजाशंकर जायसवाल ने घटना की पुष्टि की है। 

वहीं नारायणपुर जिले में मारे गए कथित नक्सली के परिजनों ने उसके नक्सली संगठन से जुड़े होने से इंकार करते हुए उसे किसान बताया है। नारायणपुर जिले के पुलिस अधीक्षक गिरिजाशंकर जायसवाल ने सोमवार को बताया कि जिले के भरंडा थाना क्षेत्र में दो दिन पहले ​बम विस्फोट की घटना हुई थी। पुलिस को जानकारी मिली थी कि नक्सली गणतंत्र दिवस पर ऐसी किसी घटना को अंजाम दे सकते हैं। उन्होंने बताया कि मिली सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस दल को भरंडा गांव रवाना किया गया। जब पुलिस दल के जवान रात करीब डेढ़ बजे भरंडा गांव में पुल के करीब पहुंचे तब नक्सलियों ने उन पर गोलीबारी शुरू कर दी। 

परिजन ने पुलिस के दावे को बताया गलत

पुलिस की जवाबी कार्रवाई के साथ ही मुठभेड़ शुरू हो गई। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि कुछ देर बाद नक्सली वहां से फरार हो गए। बाद में जब घटनास्थल की तलाशी ली गई तब वहां एक नक्सली का शव, भरमार बंदूक, कुकर बम और विस्फोटक बरामद हुआ। जिले के पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बाद में मारे गए नक्सली की पहचान भरदा गांव के रहने वाले मानूराम नुरेटी (उम्र 26) के रूप में की गई है। वहीं मानूराम के परिजनों ने पुलिस के इस दावे का खंडन किया है कि वो नक्सली था। मानूराम के बड़े भाई और पुलिस में जवान रैनु राम नुरेटी ने कहा कि उनका भाई नक्सली नहीं था बल्कि उनका परिवार खुद नक्सली हिंसा का शिकार है।

DRG में पदस्थ है मृतक का भाई

नारायणपुर पुलिस के DRG इकाई में आरक्षक के पद पर तैनात रैनु राम ने बताया कि उनके भाई मानूराम ने पुलिस के बस्तर फाइटर के लिए हो रही भर्ती में आरक्षक पद के लिए आवेदन किया था और उसकी तैयारी कर रहा था। मानूराम की पत्नी मनबती नुरेटी का कहना है कि उसका पति एक किसान था। उसके पास कभी हथियार नहीं था। मनबती ने बताया कि रविवार की रात खाना खाने के बाद मानूराम टहलने के निकला था। उसके हाथ में गुलेल था।

पत्नी ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप

मानूराम की पत्नी ने बताया कि 'मानूराम ने मेरा स्वेटर और चप्पल पहना था।' मनबती ने पुलिस के दावे को झूठा बताया है। वहीं मनबती और अन्य ग्रामीणों ने न्याय की मांग को लेकर नारायणपुर जिले के कलेक्टर को पत्र भी लिखा है। मानूराम के परिजनों के दावे को लेकर नारायणपुर जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नीरज चंद्राकर ने कहा इस तरह के आरोप नक्सलियों के दबाव में लगाए जाते हैं। चंद्राकर ने कहा कि मारे गए नक्सली का भाई DRG का आरक्षक है। वो पहले नक्सली संगठन में था। बाद में वो पुलिस में शामिल हो गया। मानूराम ने शायद अपने भाई को नहीं बताया था कि वो नक्सली है। वो मुठभेड़ में मारा गया है। इस दौरान वहां अन्य नक्सली भी मौजूद थे। पुलिस ने घटनास्थल से एक हथियार भी बरामद किया है।

BSF ADG आरएस भट्टी ने दी जानकारी

इधर, रायपुर में BSF ADG आरएस भट्टी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें उन्होंने छत्तीसगढ़ और ओडिशा सीमा पर सेवाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बीते 10 सालों में BSF ने 18 नक्सलियों को मारा गिराया है। वहीं 1650 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया है। इसमें 38 जवान और अफसर शहीद हुए हैं। जबकि 891 नक्सलियों ने सरेंडर किया है। ADG ने बताया कि अब तक 1473 हथियार और 958 IED जब्त किया गया है।

छत्तीसगढ़ पुलिस चला रही कई तरह के अभियान

बता दें कि नक्सलियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ पुलिस कई तरह के अभियान चला रही है, जिससे प्रभावित होकर कई नक्सली आत्मसमर्पण भी कर रहे है। जबकि सूरक्षाबल के जवान कई नक्सलियों को गिरफ्तार भी कर रहे है, जिससे बौखलाएं नक्सली इस तरह के कायरना हरकत कर रहे हैं। बता दें कि प्रदेश में बीते साल के मुताबले इस साल नक्सली हमले और गतिविधियां कम हुई है। वहीं छत्तीसगढ़ पुलिस और सरकार नक्सलियों को मुख्यधारा से जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। 

नक्सली लगातार दे रहे वारदात को अंजाम

पुलिस की लगातार कार्रवाई से बौखलाए नक्सली लोगों में दहशत फैलाने के लिए लगातार किसी न किसी कायराना करतूत को अंजाम देने में लगे हुए हैं। नक्सली लगातार पुलिस की नाक के नीचे मुखबिरी के शक में ग्रामीणों की हत्या कर रहे हैं।

बड़ी कार्रवाई: पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ , 2 महिला समेत 5 नक्सली ढेर, 1 पुलिसकर्मी भी घायल

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छत्तीसगढ़ के बस्तर में 2 अलग-अलग इलाकों में पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें पुलिस ने 2 महिला नक्सली समेत 5 नक्सलियों को मार गिराया है। जानकारी के मुताबिक तेलंगाना-छत्तीसगढ़ के सरहद पर स्थित पेरूर, ईलमिड़ी और उसूर थाना क्षेत्र के अंतर्गत पहाड़ी क्षेत्र में तेलंगाना स्टेट कमेटी के सीनियर नक्सल लीडर सुधाकर डिविजनल कमेटी मेंबर और वेंकटापुरम एरिया कमेटी मेंबर समेत लगभग 40-50 सशस्त्र नक्सलियों के उपस्थिति की सूचना पर तेलंगाना की ग्रेहाउंड और बीजापुर से DRG और CRPF के जवानों को मौके के लिए रवाना किया गया था। इस दौरान ईलमिड़ी के ग्राम सेमलडोडी और तेलंगाना राज्य के थाना पेरूर के ग्राम पेनुगोलू के सीमावर्ती क्षेत्र में सुरक्षा बलों की नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई।

मुठभेड़ में जवानों ने 1 महिला समेत कुल 4 नक्सलियों को ढेर किया है। इनमें 8 लाख रूपये का इनामी नक्सली सुधाकर भी मारा गया है। इनके शव भी बरामद कर लिए गए हैं। इस मुठभेड़ में ग्रेहाउंड का एक जवान भी घायल हुआ है, जिसे हेलीकॉप्टर से रायपुर रेफर किया गया है।

ACM मुन्नी के रूप में हुई पहचान

वहीं सुकमा, दंतेवाड़ा और बस्तर जिले की सरहद पर तोंगपाल, टहकवाड़ा क्षेत्र के मोरेंगा, जुनापानी, जैमेर पहाड़ी, नंदेल डोंगरी, मारजुम और ध्रुवापारा क्षेत्र में दरभा डिवीजन के DVMC मंगतू, कटेकल्याण एरिया कमेटी सदस्य मंहगू, मुन्नी, प्रदीप, सोमडू के साथ लगभग 20-25 की संख्या में हथियार बंद नक्सलियों की उपस्थित होने की सूचना मिली थी। इसी सूचना के आधार पर तीनों जिलों से जवानों को निकाला गया था। इस बीच सुकमा के टहकवाड़ा और कटेकल्याण के मारजुम इलाके में जवानों की नक्सलियों के साथ मुठभेड़ हुई, जवानों ने एक महिला नक्सली को ढेर किया है, जिसकी शिनाख्त ACM मुन्नी के रूप में हुई है।

जवानों का सर्च ऑपरेशन जारी

जानकारी के मुताबिक छत्तीसगढ़-तेलंगाना बॉर्डर पर बड़े नक्सली लीडरों की उपस्थिति की सूचना पर ग्रेहाउंड की टीम सुबह नक्सल ऑपरेशन पर निकली हुई थी। इस बीच जवान जब बीजापुर के उसूर थाना क्षेत्र के जंगलों में पहुंचे तो पहले से ही घात लगाए नक्सलियों ने जवानों पर फायरिंग कर दी, जिसका जवानों ने भी मुंहतोड़ जवाब दिया। जवाबी कार्रवाई में दो नक्सलियों को ढेर कर दिया गया है, जिसमें एक की शिनाख्त हार्डकोर नक्सली सुधाकर के रूप में हुई है। वहीं घटनास्थल से सर्चिंग करने के बाद जवानों ने LMG और एक SLR रायफल भी बरामद किया है। फिलहाल इस इलाके में भी जवानों का सर्च ऑपरेशन चल रहा है।

तीन जिलों की सीमा के बीच मुठभेड़

इधर, दंतेवाड़ा, बस्तर और सुकमा जिले की सीमा पर स्थित मारजुम इलाके में पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ जारी है। बताया जा रहा है कि इस इलाके में भी कई बड़े नक्सली लीडरों की सूचना पर तीनों जिलों से बड़ी संख्या में फोर्स को रवाना किया गया था। मारजुम के जंगल में जवानों ने तीन तरफ से नक्सलियों को घेर रखा है। यहां पर मंगलवार की सुबह से रुक-रुक कर फायरिंग हो रही है। पुलिस अधिकारियों की माने तो इस मुठभेड़ में जवानों के हाथ बड़ी सफलता लगी है। हालांकि नेटवर्क नहीं होने की वजह से अभी संपर्क नहीं हो पा रहा है।

छत्तीसगढ़ पुलिस चला रही कई तरह के अभियान

बता दें कि नक्सलियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ पुलिस कई तरह के अभियान चला रही है, जिससे प्रभावित होकर कई नक्सली आत्मसमर्पण भी कर रहे है। जबकि सूरक्षाबल के जवान कई नक्सलियों को गिरफ्तार भी कर रहे है, जिससे बौखलाएं नक्सली इस तरह के कायरना हरकत कर रहे हैं। बता दें कि प्रदेश में बीते साल के मुताबले इस साल नक्सली हमले और गतिविधियां कम हुई है। वहीं छत्तीसगढ़ पुलिस और सरकार नक्सलियों को मुख्यधारा से जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। 

नक्सली लगातार दे रहे वारदात को अंजाम

पुलिस की लगातार कार्रवाई से बौखलाए नक्सली लोगों में दहशत फैलाने के लिए लगातार किसी न किसी कायराना करतूत को अंजाम देने में लगे हुए हैं। नक्सली लगातार पुलिस की नाक के नीचे मुखबिरी के शक में ग्रामीणों की हत्या कर रहे हैं।

5 साल में नक्सली हिंसा में इतने लोगों की गई जान

बीते 5 साल में छत्तीसगढ़ में नक्सली हिंसा (Naxalite violence) में 1000 लोगों की जान जा चुकी है। इनमें 314 आम लोग भी शामिल हैं। इनका नक्सल आंदोलन से कोई लेना-देना नहीं था। वहीं 220 जवान शहीद हुए हैं, साथ ही 466 नक्सली भी मुठभेड़ में मारे गए हैं।

IED ब्लास्ट में SSB के 3 जावन घायल, SP ने की पुष्टि

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छत्तीसगढ़ में नक्सलियों की कायराना हरकत की खबरें आए दिन सामने आती रहती है। वहीं कई बार इसका खामियाजा हमारे सूरक्षाबल के जवानों को भुगतना पड़ता है। नक्सलियों ने शुक्रवार को कांकेर (3 CRPF jawan injured in Kanker) में नक्सलियों ने ऐसे ही कायराना करतूत को अंजाम दिया है। दरअसल, जिले के कोसरोंडा शिविर के पास नक्सलियों ने IED ब्लास्ट किया है, जिसकी चपेट में आने से सर्चिंग कर लौट रहे SSB के 3 जवान घायल हो गए हैं। फिलहाल ब्लास्ट की चपेट में आए घायल जवानों को बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफर कर दिया गया है।

जानकारी के मुताबिक सुबह IED ब्लास्ट के बाद नक्सलियों ने जवानों पर फायरिंग भी की थी, जिसका जवानों ने मुंहतोड़ जवाब दिया था। जवानों और नक्सलियों के बीच करीब 15 से 20 मिनट तक मुठभेड़ चली थी। घटना की पुष्टि कांकेर SP शलभ सिन्हा ने की है। ताड़ोकी थाना क्षेत्र के कोसरुंडा कैंप के जवान रोज की तरह शुक्रवार को भी इलाके की सर्चिंग के लिए निकले थे। जवानों को नुकसान पहुंचाने के लिए नक्सलियों ने पहले से ही IED प्लांट कर रखा थी। सर्चिंग के दौरान SSB के 1 जवान जीपी सुरेंद्र का पैर IED पर आने से जोर का धमाका हुआ। जवान के पैरों में गंभीर चोटें आई हैं। 

ब्लास्ट के कुछ देर बाद नदी के दूसरे छोर पर पहले से ही घात लगाकर बैठे नक्सलियों ने जवानों पर फायर करना शुरू कर दिया। जवानों ने भी नक्सलियों की गोलियों का मुंहतोड़ जवाब दिया। मुठभेड़ में जवानों को भारी पड़ता देख नक्सली जंगल की ओर भाग गए। घटना स्थल की सर्चिंग कर लौट रहे 3 जवान IED की चपेट में आने से घायल हो गए हैं। 

कुछ दिन पहले जवान हुआ था शहीद

इससे पहले छत्तीसगढ़ के ही सुकमा में नक्सलियों के साथ हुई मुठभेड़ में एक CRPF का जवान शहीद हो गया था। सुकमा जिले के किस्ताराम इलाके में मुठभेड़ के दौरान IED ब्लास्ट हुआ था, जिसकी चपेट में कोबरा बटालियन का एक जवान घायल हो गया था। बाद में इलाज के दौरान जवान ने दम तोड़ दिया। CRPF के जवान विशेष अभियान पर थे। इसी दौरान इलाके में IED ब्लास्ट हो गया था। SP सुनील शर्मा ने बताया था कि किस्ताराम के पालाचमा की पहाड़ियों में कोबरा 208 बटालियन के जवानों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई> इस मुठभेड़ में कई नक्सलियों की मौत और कई घायल हुए हैं। इस एनकाउंटर में कोबरा बटालियन का एक जवान भी शहीद हुआ।

नक्सलियों ने की थी ग्रामीण की हत्या

वहीं कुछ दिन पहले कांकेर जिले में ही नक्सलियों ने एक ग्रामीण की गोली मारकर हत्या कर दी थी। युवक जब बाजार में था, तभी नक्सलियों का एक दल वहां पहुंचा और गोली मारकर उसकी हत्या कर दी। पुलिस को आशंका है कि नक्सलियों ने पुलिस मुखबिरी के शक में बघेल की हत्या की है। नक्सलियों ने बदरंगी गांव के बाजार में महेश बघेल की गोली मारकर हत्या कर दी थी।

लगातार ग्रामीणों को निशाना बना रहे हैं नक्सली, 23 महीने में की 35 लोगों की हत्या

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छत्तीसगढ़ और झारखंड में नक्सली गतिविधियां लगातार बढ़ रही है। नक्सली लगातार ग्रामीणों को अपना निशाना बना रहे हैं। इसी बीच बीते 23 महीने के दौरान झारखंड में नक्सलियों के अलग-अलग सक्रिय संगठनों ने 35 लोगों की हत्या की है। झारखंड पुलिस मुख्यालय के आंकड़े के मुताबिक साल 2020 में 26 लोगों की हत्या की गई। वहीं साल 2021 में नवंबर महीने तक 09 लोगों की हत्या हुई है। झारखंड पुलिस लगातार नक्सलियों पर लगाम लगाने की कोशिश कर रही है, लेकिन इसके बावजूद लगातार नक्सली ग्रामीण लोगों को निशाना बना रहे हैं।

बता दें कि हाल में एक करोड़ के इनामी राशि वाले नक्सली प्रशांत बोस की गिरफ्तारी के बाद से नक्सलियों ने जवाबी कार्रवाई तेज कर दी है। बीते 23 महीने के दौरान नक्सली संगठनों ने 23 वाहनों को आग के हवाले कर दिया। साल 2020 में 16 और साल में 2021 में नवंबर महीने तक 07 वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया। इसके अलावा इन 23 महीनों के दौरान कुल 28 नक्सल हमले की घटनाएं हुई है। किडनैपिंग के 06, IED ब्लास्ट की 20 और पुलिस पर हमला करने की कुल 05 घटनाएं हुई है।

पुलिस मुखबिरी के शक में कर रहे हत्या

प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा माओवादी के निशाने पर पुलिस के मुखबिर हैं। पुलिस को चप्पे-चप्पे की जानकारी मिले, इसलिए पुलिस अनाधिकृत तौर पर मुखबिरों को बहाल करती है। नक्सली गतिविधि और दूसरी ऐसी खबरों के बदले पुलिस की तरफ से मुखबिरों को कुछ इनाम भी मिलता है। इनाम में क्या और कितना मिलता है। यह भी सरकार के रिकॉर्ड में नहीं होता। नक्सली इलाकों में मुखबिरों की ही वजह से पुलिस को कई बार बड़ी कामयाबी मिलती है, लेकिन इस बात की जानकारी नक्सलियों को अगर हो जाती है तो फिर वो खबर देने वाले मुखबिर को जान से मार देते हैं। हाल के महीने में इस तरह के कई ऐसे मामले हैं, जिसमें मुखबिरी का आरोप लगाकर नक्सलियों ने लोगों को मारा है।

कुरुमगढ़ थाने पर की थी गोलीबारी

वहीं हाल ही में नक्सलियों ने गुमला जिले के चैनपुर प्रखंड के कुरुमगढ़ थाने पर गोलीबारी की थी। इस दौरान पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की और नक्सलियों को मुंहतोड़ जवाब दिया। पुलिस और नक्सलियों के बीच हुई गोलीबारी के बाद पुलिस को भारी पड़ता देख नक्सली अंधेरे का फायदा उठाकर भाग खड़े हुए थे। इसके पहले कुछ दिनों पहले भी भाकपा माओवादियों ने कुरूमगढ़ के नवनिर्मित थानाभवन को बम लगाकर विस्फोट कर दिया था। इस मामले में पुलिस मुख्यालय ने लापरवाही बरतने के आरोप में गुमला SP एहतेशाम वकारिब को शो-कॉज किया गया था।

छत्तीसगढ़ पुलिस भी चला रही कई तरह के अभियान

वहीं नक्सलियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ पुलिस भी कई तरह के अभियान चला रही है, जिससे प्रभावित होकर कई नक्सली आत्मसमर्पण भी कर रहे है। जबकि सूरक्षाबल के जवान कई नक्सलियों को गिरफ्तार भी कर रहे है, जिससे बौखलाएं नक्सली इस तरह के कायरना हरकत कर रहे हैं। बता दें कि प्रदेश में बीते साल के मुताबले इस साल नक्सली हमले और गतिविधियां कम हुई है। वहीं छत्तीसगढ़ पुलिस और सरकार नक्सलियों को मुख्यधारा से जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। 

नक्सली लगातार दे रहे वारदात को अंजाम

पुलिस की लगातार कार्रवाई से बौखलाए नक्सली लोगों में दहशत फैलाने के लिए लगातार किसी न किसी कायराना करतूत को अंजाम देने में लगे हुए हैं। नक्सली लगातार पुलिस की नाक के नीचे मुखबिरी के शक में ग्रामीणों की हत्या कर रहे हैं।

5 साल में नक्सली हिंसा में इतने लोगों की गई जान

बीते 5 साल में छत्तीसगढ़ में नक्सली हिंसा (Naxalite violence) में 1000 लोगों की जान जा चुकी है। इनमें 314 आम लोग भी शामिल हैं। इनका नक्सल आंदोलन से कोई लेना-देना नहीं था। वहीं 220 जवान शहीद हुए हैं, साथ ही 466 नक्सली भी मुठभेड़ में मारे गए हैं।

सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में 3 इनामी महिला नक्‍सली ढेर, 14 नक्सलियों ने किया सरेंडर

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छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें जवानों ने 5-5 लाख की 3 इनामी महिला नक्सलियों को मार गिराया है।  दंतेवाड़ा के SP अभिषेक पल्लव ने बताया कि DRG की एक टीम तलाशी अभियान पर निकली थी। इसी बीच कटेकल्याण थाना क्षेत्र के अडवाल और कुंजेरा गांवों के बीच जंगल में शाम करीब 6 बजे ये मुठभेड़ हुई। 

SP ने बताया कि मुठभेड़ के बाद मौके से 3 महिला नक्सलियों के शव को बरामद किया गया है। मारी गई नक्सलियों की पहचान राजे मुचाकी, गीता मरकाम और ज्योति उर्फ भीमी नुप्पो के रूप में हुई है। तीनों महिला नक्‍सली कटेकल्याण क्षेत्र समिति के सदस्य के रूप में सक्रिय थीं। सुरक्षाबलों ने मौके से एक 12 बोर की बंदूक, 2 देसी रिवाल्वर, एक मजेल-लोडिंग गन, 2 IED, तार और नक्सली साहित्य बरामद किया है।

14 नक्सलियों ने किया सरेंडर

इधर, लोन वर्राटू अभियान से प्रभावित होकर दंतेवाड़ा जिले में ही 14 नक्सलियों ने सरेंडर (Naxals surrendered in Dantewara) किया है। जानकारी के मुताबिक इन नक्सलियों में से एक 2017 के उस हमले में कथित तौर पर शामिल था, जिसमें सुरक्षा बल के 25 जवान शहीद हो गए थे। दंतेवाड़ा SP अभिषेक पल्लव ने बताया कि नक्सलियों ने शनिवार को दंतेवाड़ा कस्बे के पुलिस अधिकारियों के सामने सरेंडर किया है। आत्‍मसमर्पण करने वाले नक्सलियों का कहना था कि वे माओवाद की खोखली विचारधारा से परेशान हो चुके हैं।

जवानों पर हमला करने वाला नक्सली भी शामिल

सरेंडर करने वाले इन 14 नक्सलियों में एक सना मरकम है, जो स्थानीय संगठन दस्ते में सक्रिय था। सना मरकम साल 2017 में सुकमा जिले के बुरकापाल नक्सली हमले में शामिल था। इस हमले में CRPF के 25 जवान शहीद हो गए थे। पुलिस ने बताया कि मरकम पर एक लाख रुपये का इनाम था। वहीं झारखंड में पुलिस ने नक्सलियों के 2 समर्थकों विशुन गंझू और पिंटू गंझू को गिरफ्तार किया है। इससे प्रतिबंधित नक्सली संगठन तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति कमेटी को बड़ा झटका लगा है।

क्या है ‘लोन वर्राटू’ अभियान ?

दंतेवाड़ा में नक्सलियों के लिए एक अनोखी पहल की शुरुआत की गई है। जिसका नाम लोन वर्राटू दिया गया है, जिसका अर्थ है घर वापस लौट आइए। इसके लिए पुलिस के जवानों द्वारा गांव-गांव में प्रचार करवाया जा रहा है।गांव-गांव में पुलिस अधिकारियों के फोन नंबर भी दिए जा रहे हैं, ताकि समर्पण की इच्छा रखने वाले नक्सली सीधे उनसे संपर्क कर सकें। इस अभियान के तहत अब धीरे-धीरे पूरे दंतेवाड़ा जिले से स्थानीय कैडर के नक्सली इस अभियान के तहत पुलिस से संपर्क कर सरकार की मुख्य धारा में लौट रहे हैं।

छत्तीसगढ़ पुलिस चला रही कई तरह के अभियान

बता दें कि नक्सलियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ पुलिस कई तरह के अभियान चला रही है, जिससे प्रभावित होकर कई नक्सली आत्मसमर्पण भी कर रहे है। जबकि सूरक्षाबल के जवान कई नक्सलियों को गिरफ्तार भी कर रहे है, जिससे बौखलाएं नक्सली इस तरह के कायरना हरकत कर रहे हैं। बता दें कि प्रदेश में बीते साल के मुताबले इस साल नक्सली हमले और गतिविधियां कम हुई है। वहीं छत्तीसगढ़ पुलिस और सरकार नक्सलियों को मुख्यधारा से जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। 

नक्सली लगातार दे रहे वारदात को अंजाम

पुलिस की लगातार कार्रवाई से बौखलाए नक्सली लोगों में दहशत फैलाने के लिए लगातार किसी न किसी कायराना करतूत को अंजाम देने में लगे हुए हैं। नक्सली लगातार पुलिस की नाक के नीचे मुखबिरी के शक में ग्रामीणों की हत्या कर रहे हैं।

5 साल में नक्सली हिंसा में इतने लोगों की गई जान

बीते 5 साल में छत्तीसगढ़ में नक्सली हिंसा (Naxalite violence) में 1000 लोगों की जान जा चुकी है। इनमें 314 आम लोग भी शामिल हैं। इनका नक्सल आंदोलन से कोई लेना-देना नहीं था। वहीं 220 जवान शहीद हुए हैं, साथ ही 466 नक्सली भी मुठभेड़ में मारे गए हैं।

पुलिस मुठभेड़ में एक नक्सली ढेर, चंदनबाहरा में नक्सलियों ने युवक को उतारा मौत के घाट

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छत्तीसगढ़ के बस्तर में पुलिस बल ने मुठभेड़ में 1 नक्सली को मार गिराया है। जानकारी के मुताबिक दंडकारण्य के चारला के जंगलों में पुलिस के जवानों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई है। मुठभेड़ छत्तीसगढ़ से लगे तेलंगाना सीमा पर हुई है। जिसमें एक नक्सली को मार गिराया गया। यह पूरा मामला कोत्तागुडंम जिले के भदराद्रि थाना क्षेत्र का है। इसकी पुष्टि एसपी सुनील दत्त ने की है।


वहीं छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में एक बार फिर नक्सलियों की कायराना करतूत (naxalites attacks) सामने आई है। बता दें कि जिले के चंदनबाहरा में  नक्सलियों ने एक युवक को मौत के घाट उतार दिया है। घटना के बाद से क्षेत्र में दहशत गई है। बता दें कि बीते कुछ महीनों में नक्सलियों ने अब तक मुखबिरी के शक पर करीब 5 ग्रामीणों को मौत के घाट उतारा है। ऐसे में नक्सली गतिविधियों को हत्या की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस प्रशासन के समक्ष चुनौती खड़ी हो गई है।

शहीदी सप्ताह मना रहे नक्सली

बता दें कि नक्सलियों की ओर 28 जुलाई से लेकर 3 अगस्त तक शहीदी सप्ताह मनाया जा रहा है, जिसके तहत वे लोगों के बीच दहशत कायम करने और अपने गतिविधियों को बढ़ाने के लिए इस तरह की घटनाओं को लगातार अंजाम दे रहे हैं। बीते दिनों वनांचल क्षेत्र के ग्राम कारीपानी में शहीद सप्ताह का बैनर पोस्टर फेंककर दहशत फैलाने की कोशिश की थी। हालांकि पुलिस प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर बैनर पोस्टर तो हटा लिया, लेकिन नक्सली उनके हाथ नहीं लगे। शायद यही वजह है कि उनके हौसले बुलंद हैं। 

जंगलों में सर्चिंग ऑपरेशन जारी

नक्सलियों की लगातार गतिविधियां होने से आसपास के ग्रामीणों की नींद उड़ गई है। मिली जानकारी के अनुसार हत्या की जानकारी मिलने पर एसपी प्रफुल्ल ठाकुर समेत आला अधिकारियों की टीम घटनास्थल पर पहुंच गई हैं। मौका मुआयना कर आसपास के ग्रामीणों से भी इस मामले में पूछताछ की जा रही है। आसपास के जंगलों में सर्चिंग ऑपरेशन भी चलाया जा रहा है।

छत्तीसगढ़ पुलिस चला रही कई तरह के अभियान

बता दें कि नक्सलियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ पुलिस कई तरह के अभियान चला रही है, जिससे प्रभावित होकर कई नक्सली आत्मसमर्पण भी कर रहे है। जबकि सूरक्षाबल के जवान कई नक्सलियों को गिरफ्तार भी कर रहे है, जिससे बौखलाएं नक्सली इस तरह के कायरना हरकत कर रहे हैं। बता दें कि प्रदेश में बीते साल के मुताबले इस साल नक्सली हमले और गतिविधियां कम हुई है। वहीं छत्तीसगढ़ पुलिस और सरकार नक्सलियों को मुख्यधारा से जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। 

नक्सली लगातार दे रहे वारदात को अंजाम

पुलिस की लगातार कार्रवाई से बौखलाए नक्सली लोगों में दहशत फैलाने के लिए लगातार किसी न किसी कायराना करतूत को अंजाम देने में लगे हुए हैं। नक्सली लगातार पुलिस की नाक के नीचे मुखबिरी के शक में ग्रामीणों की हत्या कर रहे हैं।

5 साल में नक्सली हिंसा में इतने लोगों की गई जान

बीते 5 साल में छत्तीसगढ़ में नक्सली हिंसा (Naxalite violence) में 1000 लोगों की जान जा चुकी है। इनमें 314 आम लोग भी शामिल हैं। इनका नक्सल आंदोलन से कोई लेना-देना नहीं था। वहीं 220 जवान शहीद हुए हैं, साथ ही 466 नक्सली भी मुठभेड़ में मारे गए हैं।

बड़ी नक्सल घटना : नक्सलियों ने बेरहमी से उप सरपंच को उतारा मौत घाट

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कोंडागांव। छत्तीसगढ़ के बस्तर में नक्सली बौखलाए हुए है। आज बयानार थाना इलाके में बड़ी नक्सल घटना(Naxalite Attack in Baster) सामने आई है. जानकारी के मुताबिक पेरमापाल गांव के उप सरपंच को नक्सलियों ने मौत के घाट उतार दिया है. घटना 23 जनवरी के देर शाम की बताई जा रही है. घटना पेरमापाल जत्तापारा में उप सरपंच के घर के पास की है. परिजनों ने इसकी जानकारी थाना प्रभारी को दी है. पुलिस मामले की जांच कर रही है.





परिजनों ने पुलिस को बताया है कि 70 साल के वृद्ध बज्जाराम कोर्राम की हत्या नक्सलियों ने की है. 23 जनवरी की रात करीब 7 से 8 के बीच काली वर्दी में मुंह ढके हुए 16 से 17 नक्सली पहुंचे थे. सभी ने मिलकर बज्जाराम कोर्राम का रस्सी से गला घोट दिया. घटना को घर से करीब 50 मीटर की दूरी पर अंजाम दिया गया है. पुलिस मामले के हर पहलू की जांच कर रही है.





ओएलएक्स में फर्जी एड देकर 12 हजार की ठगी





आगजनी की घटना
मर्दापाल थाना इलाके के खड़पड़ी आदवाल क्षेत्र में नक्सलियों ने आगजनी की घटना(Naxalite Attack in Baster) को अंजाम दिया है. घटना की जांच फिलहाल जारी है. घटना की जानकारी वन विभाग की ओर से दी गई है. वन विभाग के अनुसार इलाके में कूप कटाई का काम चल रहा था. इस दौरान 10 लकड़ी चट्टों को आग लगा देने का मामला सामने आया है. अति संवेदनशील और धुर नक्सल इलाका होने के कारण इसे नक्सली घटना की तरह देखा जा रहा है. फिलहाल अज्ञात आरोपियों की तलाश जारी है.


सरपंच ने कलेक्टर को उड़ाने रची साजिश, नक्सली कमांडर को दी सुपारी

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दंतेवाड़ा। कटेकल्याण ब्लॉक के एक सरपंच द्वारा कलेक्टर के वाहन को ब्लास्ट से उड़ाने (Collector's Murder Plot) के लिए मक्सली कमांडर को सुपारी देने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। एसपी डॉ. अभिषेक पल्लव ने बताया कि पंचायत के डबरी निर्माणकार्य में कमीशन लेने वाले नक्सली कमांडर बुधरा (Naxalite Commander) सोड़ी के पखनाचुआं पहुंचने की पुख्ता सूचना मिली थी, जिसके आधार पर फोर्स ने दबिश दी।





फोर्स के आने की भनक मिलते ही माओवादी कमांडर बुधरा किसी तरह भाग निकला, लेकिन नक्सली को रंगदारी की रकम देने पहुंचाने वाला सरपंच फोर्स के हत्थे चढ़ गया। पूछताछ के दौरान सरपंच ने लिखित कबूलनामा में बताया कि 7 जनवरी को उसने नक्सली कमांडर बुधरा से मुलाकात कर गांव में कलेक्टर प्रवास कार्यक्रम की जानकारी दी और विस्फोट से उड़ा देने को कहा था।





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निर्माणकार्यों का शुभारंभ करने वाले थे कलेक्टर (Collector's Murder Plot)






ग्राम पंचायत पखनाचुआं में पहुंचकर कलेक्टर राशन दुकान भवन, आंगनबाड़ी व अन्य निर्माणकार्यों का शुभारंभ करने वाले थे। एसपी डॉ. पल्लव ने कहा कि सरपंच का इस तरह का कृत्य हत्या के प्रयास व आपराधिक षड्यंत्र की श्रेणी में आता है। फिलहाल सरपंच से पूछताछ की जा रही है, जिसमें और भी महत्त्वपूर्ण जानकारियां मिल सकती हैं।


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