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मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना गरीबों से जोड़ रही नाता, कम हो रही अस्पतालों की भाग-दौड़

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बेहतर स्वास्थ्य और बीमारी में उचित इलाज का सपना सभी का होता है। प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की भी मंशा थी, कि राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं में इजाफा के साथ हर छोटी-बड़ी बीमारियों का इलाज समय पर और सहजता से हो। इलाज के लिए किसी भी व्यक्ति अथवा परिवार को आर्थिक तंगी से जूझना ना पड़े। उन्होंने अपनी इसी दूरदर्शी सोच और सूझबूझ से स्वास्थ्य सुविधाओं की दिशा में रणनीति बनाकर, झुग्गी इलाकों में रहने वाले गरीब और जरूरतमंद सहित आम नागरिकों को बीमार पड़ने पर अस्पताल की भाग-दौड़ की बजाय, घर के आसपास इलाज मुहैय्या कराने मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना शुरू की। 

डेढ़ साल पहले लागू हुई यह स्वास्थ्य योजना ना सिर्फ लोगों की आकांक्षाओं पर खरा उतर रही है, बल्कि हर जरूरतमंद का समय पर उपचार कर उनका विश्वास भी जीत रही है। स्लम इलाकों में मोबाइल मेडिकल यूनिट से 921 कैंप के जरिए अब तक 80 हजार से अधिक लोगों ने अपना इलाज कराया है। गौरतलब है कि धमतरी में नवंबर 2020 से मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना का लाभ लगातार जरूरतमंद और गरीब परिवारों को मिल रहा है। इसने गरीब और जरूरतमंद परिवारों को ना सिर्फ बीमार होने पर इलाज का काम किया है, बल्कि स्वच्छता बनाए रखने और बीमार होने पर तुरंत इलाज कराने के लिए भी लोंगों को प्रेरित किया है। 

अक्सर गरीब और बीमार व्यक्ति पैसा नहीं होने अथवा अस्पताल से दूरी सोचकर इलाज कराने से कतराता है ऐसे में प्रदेश सरकार की महती योजना मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं। स्लम इलाके के लोगों को अपने गली-मुहल्ले में ही डॉक्टर की टीम के साथ मोबाइल मेडिकल यूनिट के रूप में अस्पताल मिल गया है, जहां चिकित्सक समेत लैब टेस्ट की सुविधा, दवाइयां और इलाज सब कुछ निशुल्क मिल रहा है। धमतरी शहर में मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना के तहत दो मोबाइल मेडिकल यूनिट से 24 जून 2022 तक 80 हजार 157 मरीजों का इलाज किया गया है। कुल 65 हजार 737 मरीजों को दवाई वितरण, 20 हजार 296 हितग्राहियों का लैब टेस्ट किया गया। ये योजना शहरी स्लम इलाके के लोगों को उनके घर के नजदीक निशुल्क स्वास्थ्य सुविधा देने में सफल साबित हो रही है।

आरक्षित वन क्षेत्र से अतिक्रमणकारियों को हटाया गया, आरोपियों को भेजा जेल

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धमतरी वनमंडल के केरेगांव वनपरिक्षेत्र के अंतर्गत केरेगांव बीट के आरक्षित वनक्षेत्र क्रमांक 125 में कुछ दिन पहले ग्राम ब्राम्हणबाहरा के ग्रामीणों द्वारा हरे भरे पौधों को काट और जलाकर अतिक्रमण किया जा रहा था, जिस पर कार्रवाई करते हुए सभी आरोपियों को आरक्षित वन क्षेत्र से बेदखल कर उन्हें मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत कर जेल भेजा गया। इस संबंध में वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार केरेगांव वनपरिक्षेत्र के अंतर्गत केरेगांव बीट के आरक्षित वनक्षेत्र क्रमांक 125 में ग्राम ब्राह्मणबाहरा निवासी आनंदीराम, नरेश कुमार, झंगलू राम, दयाराम, दिनेश, घनश्याम, संतराम, अशोक कुमार, सगराम, सेवकराम, मंगतुला बाई, देवकी बाई, द्रोपती, मालती, प्रमिला, कृपाराम और सरसबाई ने कब्जा कर लिया था।

बता दें कि सभी ने हरे-भरे प्राकृतिक फलदार, इमारती और औषधीय वनस्पति पेड़-पौधों की अवैध कटाई और छोटी झाड़ियों की सफाई, जलाई कर अतिक्रमण के उद्देश्य से झोपड़ी निर्माण किया था। इस पर 11 जनवरी को वन अमले द्वारा वनक्षेत्र को अतिक्रमणमुक्त किया गया। सभी आरोपियों पर कई धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। वहीं मामले में कार्रवाई करते हुए न्यायिक मजिस्ट्रेट व्यवहार न्यायाधीश नगरी में पेश किया गया, जहां सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया।

वन विभाग की टीम लगातार कर रही कार्रवाई

बता दें कि धमतरी वन विभाग की टीम ने कई बार क्षेत्र को खाली करने को कहा, लेकिन आरोपी नहीं मानें। इसके बाद टीम ने कार्रवाई करते हुए वन क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त कराया। साथ ही आरोपियों के खिलाफ भी कार्रवाई की। प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अवैध कब्जा और उत्खनन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं, जिसे लेकर वन विभाग और कलेक्टर लगातार कार्रवाई कर रहे हैं। साथ ही कब्जा किए हुए जगहों को खाली करवा रहे हैं।

कपालफोड़ी गांव में गाय ने दिया जुड़वा बछड़ों को जन्म, पशु चिकित्सालय ने रचा नया कीर्तिमान

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धमतरी पशु चिकित्सा विभाग ने कृत्रिम गर्भाधान के क्षेत्र में एक नई उपलब्धि हासिल की है। जिले के मगरलोड विकासखंड के अंतर्गत पशु चिकित्सालय भेंडरी सेक्टर के अधीनस्थ कपालफोड़ी गांव में कृत्रिम गर्भाधान तकनीक से गर्भिणी गाय ने जुड़वा बछड़ों को जन्म दिया है। पशु चिकित्सा विभाग की सहायक शल्यज्ञ डॉक्टर वर्षा जैन ने बताया कि उनके मार्गदर्शन में कपालफोड़ी गांव में निजी कृत्रिम गर्भाधान कार्यकर्त्ता ओमप्रकाश कंवर के द्वारा 9 महीने पहले कपालफोड़ी के पशुपालक खेमनलाल साहू की गाय का कृत्रिम गर्भाधान किया गया था, जिसके सत्यापन के लिए जब पशुपालक  के घर भ्रमण किया गया तो पता चला कि उनके यहां कृत्रिम गर्भाधान वाले गाय के जुड़वा बछड़े हुए हैं। 

दोनों बछड़े नर हैं और पूरी तरह स्वस्थ हैं। ये देखकर डॉक्टर और उनकी टीम बहुत खुश हुई। इस संबंध में डॉक्टर जैन ने बताया कि ये उनके कैरियर में ये पहली प्राकृतिक घटना है, जिसे कृत्रिम गर्भाधान की विशेष उपलब्धि मानी जा सकती है। उन्होंने बताया कि गायों की प्रजाति में ऐसे जुड़वा बच्चे पैदा होने की संभावना बहुत कम पाई जाती है, जो कि संभवत लाखों में एक होती है। ये तभी संभव होता है जब एक ही समय में गाय के अंडाशय के द्वारा दो अंडों का विमोचन हो और दोनों अंडे दो अलग-अलग स्पर्म के द्वारा एक ही समय में निषेचित हों। इसे विज्ञान की भाषा में डाईजायगोटिक ट्विंस कहा जाता है और ये जुड़वा बछड़े इसी के उदाहरण हैं।

इनका रहा विशेष योगदान 

पशु शल्यज्ञ ने नवजात बछड़ों के रखरखाव और गाय के खानपान के लिए पशुपालक साहू को विशेष सलाह दी। साथ ही उप संचालक पशु चिकित्सा डॉक्टर एम एस बघेल ने पूरी टीम को बधाई दी है, जिन्होंने समय-समय पर गर्भिणी गाय का निरीक्षण किया। इसमें भेंडरी सेक्टर के सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी घनश्याम ध्रुव और रामकुमार बंजारे का विशिष्ट योगदान रहा, जिनके द्वारा कृत्रिम गर्भाधान के लक्ष्य के विरूद्ध समन्वित प्रयास किया जा रहा है।

अंबेडकर चौक से कलेक्ट्रेट मोड़ तक हटाया गया 20 अतिक्रमण, 18 व्यापारियों से वसूला गया जुर्माना

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धमतरी कलेक्टर पीएस एल्मा के निर्देश पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई जिले में की जा रही है। इसी कड़ी में राजस्व, पुलिस प्रशासन और नगर निगम की संयुक्त टीम ने धमतरी शहर के अंबेडकर चौक से कलेक्ट्रेट मोड़ तक दोनों ओर 20 अतिक्रमण हटाया।

इसी तरह सिहावा चौक में व्यापारियों द्वारा चार जगह में किए गए अतिक्रमण को भी हटाया गया। साथ ही 18 व्यापारियों से 11 हजार 500 रूपए की जुर्माने की कार्रवाई की गई। इस दौरान डिप्टी कलेक्टर अर्पिता पाठक, राजस्व, पुलिस और निगम का मैदानी अमला मौजूद रहा।

कोरिया जिला बाल संरक्षण इकाई और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने सलगवांकला गांव में बाल विवाह के प्रकरण को संज्ञान में लिया और मौके पर पहुंचकर शादी होने से रोक दिया। जानकारी प्राप्त होते ही टीम द्वारा औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान लड़की की निर्धारित आयु 18 साल से कम होने के कारण टीम ने परिजनों को समझाइश देकर पंचनामा तैयार किया। साथ ही शादी को रूकवा दी गई। इस मौके पर जिला बाल संरक्षण अधिकारी, सुपरवाइजर, विशेष किशोर पुलिस इकाई, जिला संरक्षण इकाई के कर्मचारी पर्यवेक्षक उपस्थित रहे। 

बाल विवाह के खिलाफ कार्रवाई

महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि बाल विवाह सिर्फ एक सामाजिक बुराई ही नहीं बल्कि कानूनन अपराध भी है। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के अंतर्गत बाल विवाह करने वाले वर और वधु के माता-पिता सगे संबंधी बराती समेत विवाह कराने वाले पुरोहित पर भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। इसके अलावा अगर वर या कन्या बाल विवाह के बाद विवाह को स्वीकार नहीं करते हैं तो बालिग होने के बाद विवाह को शून्य घोषित करने के लिए आवेदन कर सकते हैं। 

प्रशासनिक टीम लगातार कर रही कार्रवाई

बाल विवाह के कारण बच्चों में कुपोषण, शिशु-मृत्यु दर और मातृ-मृत्यु दर के साथ घरेलू हिंसा में भी बढ़ोतरी होती है। ऐसे में हम सभी का दायित्व है कि समाज में व्याप्त इस बुराई के पूरी तरह उन्मूलन के लिए जनप्रतिनिधियों, नगरीय निकाय और पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों, स्वयं सेवी संगठनों समेत आमजनों से सहयोग प्राप्त कर इस प्रथा के उन्मूलन के लिए कारगर कार्रवाई किया जाए। जिले को बाल विवाह से मुक्त करने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है।

हाथी के हमले से जिले में 3 लोगों की मौत, हाथियों के उत्पात से ग्रामीणों में दहशत का माहौल

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आबादी बढ़ने की वजह से भी जंगलों में अतिक्रमण बढ़ने लगे हैं। जंगल की पूरी संरचना प्रभावित हो रही है। जंगलों में बांस और फलदार वृक्ष भी कम हो रहे हैं। अपने निवास स्थान की कमी और पेट भरने के लिए हाथी इन्सानी बस्तियों का रुख कर रहे हैं। सिमटते जंगल से हाथी और मनुष्य के बीच द्वंद्व (Elephant attack in Chhattisgarh) की स्थिति बनी हुई है। हर दूसरे दिन गजराज के हमले से इंसानों की मौत की खबर सामने आते रहती है। 

ताजा मामला धमतरी जिले का है, जहां हाथियों ने 22 साल की युवती समेत तीन लोगों की जान ले ली है। इसमें एक महिला भी शामिल है। हाथी ने उसे सूंड़ से उठाकर पटक दिया। इसके अलावा कई मकान भी तोड़ दिए हैं। लोग जान बचाकर वहां से भाग रहे हैं। हाथियों का यह दल ओडिशा के सिकाशेर से आया है। आसपास के 8 गांवों में अलर्ट जारी किया गया है। वहीं ग्रामीणों ने इस घटना के बाद वन विभाग को लेकर आक्रोश है।

लड़की पर किया हमला

जानकारी के मुताबिक बिरनासिल्ली में रामसिंह ने झोपड़ी बना रखी है। शनिवार देर रात करीब 12 बजे उसकी 22 साल की बेटी सुखबाई सोकर उठी और झोपड़ी से बाहर निकली। इसी दौरान वहां पहले से मौजूद हाथियों ने उस पर हमला कर दिया। इसमें युवती की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं हाथी ने झोपड़ी को भी तोड़ डाला। इसके बाद परिजन अन्य लोगों को लेकर किसी तरह जान बचाकर भागे।

बिना कपड़ों के मिला शव

हाथी के हमले में मारी गई 22 साल की युवती की मौत सवालों के घेरे में है। उसका नग्न शव बरामद हुआ है। आसपास कपड़े भी नहीं मिले हैं। ऐसे में घटना को लेकर संदेह है। आशंका है कि युवती के साथ कुछ गलत हुआ होगा। इसके बाद हाथी पहुंचे और हमला कर मार दिया। वहीं वन विभाग की टीम भी पहुंची। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

 महिला समेत 2 लोगों की ली जान

इससे पहले शनिवार को भी हाथियों ने महिलाओं समेत दो लोगों की जान ली थी। महिलाएं जंगल में लकड़ी लेने गईं थीं। तभी हाथियों ने महिलाओं को दौड़ा लिया। महिलाएं वहां से भागी। उनमें शामिल पाइकभाठा निवासी भूमिका उर्फ सत्तो मरकाम (36) गिर पड़ी, तभी हाथी ने उसे पकड़ लिया और सूंड़ से उठाकर पटक दिया। फिर पैर से कुचलकर मार डाला। ये खबर ग्रामीणों को हुई तो घटना स्थल से कुछ दूरी पर भीड़ एकत्रित हो गई।

निरीक्षण के दौरान मिला दूसरा शव

घटना की जानकारी उदंती-सीतानदी टाइगर के उप संचालक वरुण जैन, DFO मयंक पांडेय को हुई। वन विभाग के अफसर दलबल के साथ घटना स्थल पर करीब 3 बजे आए। उन्होंने महिला का शव देखा। इसके बाद आसपास निरीक्षण करने लगे। तभी वहां से करीब 200 मीटर दूर पांवद्वार डैम के पास एक और ग्रामीण का शव मिला। उसकी पहचान बुधलाल (45) नेताम के रूप में हुई। दोनों के शव ग्रामीणों ने कंधे पर लादकर बाहर निकाला।

हाथी की मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत

ओडिशा के सिकाशेर से आया से 30 हाथियों का दल करीब 5 महीने से विचरण कर रहा है। 2 दिन पहले इस दल से 2 सदस्य एक हाथी व एक हथिनी अलग हो गए। यह दोनों ही सीतानदी रेंज, रिसगांव रेंज व अरसीकन्हार रेंज में घूम रहे है। फसल सहित कुछ घरों को भी तोड़ चुके हैं। 2 दिन पहले यह हथिनी सीतानदी-उदंती टाइगर रिजर्व के कक्ष क्रमांक 346 में थी। लगातार 24 से 36 घंटे एक ही जगह पर बैठे रहने से वन विभाग के अफसर निश्चित थे।  

8 गांव को अलर्ट जारी

अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जिलेभर के 250 वनकर्मी 20 दिन से हड़ताल पर है। इनके हड़ताल से वन्य प्राणियों के साथ जंगल की सुरक्षा खतरे में है। हथिनी द्वारा 2 लोगों को कुचलने के बाद अफसर घटना स्थल से लगे आसपास के 8 गांव को सतर्क किया है। इनमें पांवद्वार, घठुला, रतावा, पोड़ागांव, बिरनासिल्ली, पदमपुर, पाइकभाठा, विश्रामपुर शामिल है।

परिजनों को 25-25 हजार दिए गए

उदंती-सीतानदी टाइगर के उप संचालक वरुण जैन ने बताया कि सिकाशेर दल के 30 हाथियों का झुंड 3 समूह में बट गया है। 48 घंटे पहले ही अलग हुए है। प्रारंभिक जांच में हथिनी ने 2 ग्रामीण को कुचलने की पुष्टि हुई है। मृतकों के परिजनों को 25-25 हजार रुपए सहयोग राशि दी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई करेंगे। 6-6 लाख रुपए मुआवजा मिलता है।

जिले में 24 हाथियों का डेरा

हथिनी चंदा का दल शनिवार रात धमतरी रेंज के बॉर्डर नरहरपुर के पास पहुंच गया। मालवाड़ी में कई मकान तोड़ दिए। जिसके बाद ग्रामीणों को जान बचाकर भागना पड़ा। चंदा के साथ झुंड में 24 हाथी है। जिनमें 3 बच्चे भी शामिल है। इसलिए चंदा हथिनी का दल भी आक्रामक है।

ढलान की ओर दौड़े

अगर हाथी से सामना हो जाए तो तुरंत उसके लिए रास्ता छोड़े, पहाड़ी स्थानों में सामना होने की स्तिथि मे पहाड़ी की ढलान की ओर दौड़े ऊपर की ओर नहीं क्योंकि हाथी ढलान में तेज गति से नहीं उतर सकता, लेकिन चढाई चढ़ने में वह दक्ष होता है, सीधे न दौड़ कर आड़े तिरछे दौड़े, कुछ दूर दौड़ने के बाद गमछा, पगड़ी, टोपी और अन्य कोई वस्त्र फेक दे, ताकि कुछ समय तक हाथी उसमें उलझा रह सके और आपको सुरक्षित स्थान पर जाने का समय मिल जाए।

स्वावलंबन के छत्तीसगढ़ मॉडल ने लिया मूर्त रूप, धमतरी जिले ने पेश की मिसाल

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स्वावलंबन के छत्तीसगढ़ मॉडल की अवधारणा को मूर्त रूप देते हुए धमतरी जिले ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। यहां खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन व्यय में 22 करोड़ रूपए की बचत की गई है। जिले में समितियों से सीधे मिलर्स को उपार्जित धान उपलब्ध कराने की नीति अपनाई गई। इससे परिवहन, ड्रनेज, कैप कव्हर, मजदूरी, सूखत  पर होने वाले व्यय में कमी के साथ मानव श्रम और समय की बचत हुई। बता दें कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कुशल नेतृत्व और मार्गदर्शन में इस खरीफ विपणन वर्ष में प्रदेश ने कई उपलब्धियां हासिल की है। उचित रणनीति और कार्ययोजना के कारण जहां किसान आसानी से बिना परेशानी अपना धान बेच पाए, वहीं रिकार्ड खरीदी का भी कीर्तिमान बना।

धमतरी कलेक्टर पदुम सिंह एल्मा ने मुख्य सचिव अमिताभ जैन को पत्र के माध्यम से अवगत कराया है कि राज्य सरकार के निर्देश पर जिला स्तर समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन हेतु व्यवस्थित और त्वरित उपार्जन व्यवस्था सुनिश्चित की गई। पंजीकृत राइस मिलर्स और उपार्जन व्यवस्था प्रभारियों का समन्वय किया गया। इससे धमतरी जिले के 96 उपार्जन केन्द्रों से राईस मिलर्स ने सीधे धान का उठाव किया। जिले के कुल 1 लाख 17 हजार 361 पंजीकृत किसानों में से प्रत्येक खरीदी दिवस में 64 प्रतिशत सीमांत, 25 प्रतिशत लघु और 11 प्रतिशत दीर्घ कृषकों को प्राथमिकता देते हुए धान उपार्जन किया गया। जिससे धान उपार्जन कार्य में बाधा उत्पन्न नहीं हुई और निर्बाध रूप से सभी समितियों से मार्च में तय समय-सीमा में धान का उठाव हुआ। 

कस्टम मिलिंग भी सुनिश्चित की गई

वहीं क्रय धान की कस्टम मिलिंग भी सुनिश्चित की गई। इस साल जिले में योजनाबद्ध ढंग से कुल उपार्जित 4,31,397 मीट्रिक टन धान को संग्रहण केन्द्र में परिवहन न कर सीधे समितियों से मिलर्स को दिया गया। इससे शत-प्रतिशत धान का उठाव निर्धारित समय-सीमा में हो गया, जिससे सभी समितियों में जीरो शार्टेज रहा। इसके अतिरिक्त जिले के मिलरों को प्रोत्साहित कर अन्य जिलों कांकेर, बालोद, गरियाबंद, बेमेतरा, राजनांदगांव तथा महासमुंद से भी 1,35,686 मीट्रिक टन धान सीधे समितियों से उठाव कराया गया। इससे खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए राज्य सरकार को लगभग 22 करोड़ रूपये से अधिक राशि की बचत हुई।

शादी के बंधन में बंधे 22 जोड़े, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत पीले हुए हाथ

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मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत धमतरी में नगरी के शीतला माता मंदिर परिसर में 22 जोड़े का विवाह वैदिक रीति-रिवाज से संपन्न हुआ। ये कार्यक्रम महिला एवं बाल विकास विभाग के तत्वावधान में हुआ, जिसमें मुख्य अतिथि के तौर पर सिहावा विधायक लक्ष्मी ध्रुव उपस्थित थीं। उन्होंने सभी नवयुगल दंपतियों को आशीर्वाद देते हुए कहा कि समाज के फिजूलखर्ची आडम्बरों के चलते कई ऐसे परिवार हैं, जिन्हें विवाह जैसा समारोह आयोजित करने में आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। 

उन्होंने अपने उद्बोधन में आगे कहा कि प्रदेश के संवेदनशील मुखिया भूपेश बघेल ने समाज के ऐसे ही तबके के लोगों को आर्थिक बोझ से उबारने और कुरीतियों को हतोत्साहित करने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना शुरू की। सिहावा विधायक ने सभी उपस्थित लोगों का आह्वान करते हुए उक्त योजना का लाभ लेते हुए इस पुण्य कार्य का भागीदार बनने की अपील की। इस अवसर पर एसडीएम नगरी चंद्रकांत कौशिक, परियोजना अधिकारी महिला एवं बाल विकास नगरी समेत स्थानीय जनप्रतिनिधिगण और विभिन्न समाज के पदाधिकारी मौजूद थे।

क्या है मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना

इस योजना को छत्तीसगढ़ सरकार ने शुरू किया है। इस योजना के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर परिवार की कन्या के विवाह पर सरकार द्वारा 25000 की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। छत्तीसगढ़ के महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा इस योजना का संचालन किया जाता है। इस योजना का लाभ उठाने के लिए कन्या की आयु 18  या फिर 18 साल से ज्यादा होनी चाहिए। इसके अलावा इस योजना का लाभ सिर्फ एक परिवार की 2 कन्याएं ही उठा सकती हैं। 

सामूहिक विवाह का आयोजन

इस योजना के माध्यम से सामूहिक विवाह का आयोजन भी करवाया जाता है। छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत विधवा, अनाथ या निराक्षित कन्याओं को भी शामिल किया गया है। इस योजना के माध्यम से परिवार को विवाह के समय आने वाली आर्थिक कठिनाइयों से निवारण मिलेगा। इसके अलावा ये योजना विवाह में होने वाली फिजूलखर्ची रोकने में भी कारगर साबित होगी। सरकार का कहना है कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के माध्यम से लाभार्थियों के सामाजिक स्थिति में भी सुधार आएगा और सादगी पूर्ण विवाह को बढ़ावा, सामूहिक विवाह का प्रोत्साहन समेत शादी में दहेज की लेनदेन पर रोकथाम भी होगी।

घरों में नल कनेक्शन देने में धमतरी जिला राज्यभर में पहले पायदान पर

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धमतरी जिले में जल जीवन मिशन के तहत हर घर जल उपलब्ध कराने रेट्रोफिटिंग योजना के तहत अब तक 56 हजार 786 घरों में नल कनेक्शन दिए जा चुके हैं। कलेक्टर पी.एस. एल्मा हर मंगलवार को ज़िला जल और स्वच्छता समिति की बैठक लेकर जल जीवन मिशन के तहत रेट्रोफिटिंग योजना, सिंगल विलेज योजना, सोलर आधारित पेयजल योजना, समूह जल प्रदाय योजनाओं की प्रगति की लगातार समीक्षा कर रहे हैं। इसी का नतीजा है कि रेट्रोफिटिंग योजना के तहत धमतरी जिला घरों में नल कनेक्शन प्रदाय करने में प्रदेश में पहले स्थान पर है।      

अब तक रेट्रोफिटिंग में 262 लक्ष्य के विरुद्ध 253 योजनाओं का कार्यादेश जारी किया गया है। इसमें कुरूद में 112, धमतरी में 65, मगरलोड में 40 और नगरी में 36 योजनाओं के कार्यादेश सम्मिलित है। जिला जल और स्वच्छता समिति की बैठक में 11 सिंगल विलेज योजना की तकनीकी स्वीकृति प्राप्त योजनाओं का प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त करने के लिए प्रस्ताव रखा गया, जिसे अनुमोदित किया गया। इसके साथ ही कुरूद, नगरी उपखंड स्तरीय जल परीक्षण प्रयोगशाला को परिवर्तित करने के लिए आवश्यक उपकरणों या बेट्रोलॉजिकल परीक्षण के वॉइल्स क्रय करने की दर विश्लेषण और स्वीकृति के लिए प्रस्तावित किया गया।

 बैठक में ये रहे उपस्थित

रेट्रोफिटिंग नल जल प्रदाय योजना की 143 योजना का थर्ड पार्टी इन्वेस्टिगेशन के लिए 49.59 लाख का प्रशासकीय स्वीकृति, 105 योजना के लिए 49.24 लाख का प्रस्ताव रखा गया। इसी तरह सिंगल विलेज योजना के 119 कार्यों के थर्ड पार्टी इन्वेस्टिगेशन के लिए प्रशासकीय स्वीकृति के लिए 35.09 लाख का प्रस्ताव और सोलर आधारित 80 नल जल प्रदाय योजना के लिए टीपीआई के लिए प्रशासकीय स्वीकृति के लिए 3.69 लाख का प्रस्ताव रखा गया। इसे बैठक में अनुमोदित किया गया। जल जीवन मिशन के गतिविधियों की वीडियोग्राफी कर पांच मिनट की फिल्म तैयार करना है। इसके दर का अनुमोदन और भुगतान के लिए समिति ने बैठक में प्रस्ताव अनुमोदित किया। कलेक्टोरेट सभाकक्ष में सुबह 10 बजे से शुरू इस बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत प्रियंका महोबिया समेत कार्यपालन अभियंता लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी और समिति के अन्य सदस्य अधिकारी उपस्थित रहे।

शादी से एक हफ्ते पहले युवक ने की खुदकुशी, जांच में जुटी पुलिस

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छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के नगरी थाना क्षेत्र में शादी के हफ्तेभर पहले एक युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या ( man committed suicide in dhamtari) कर ली है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। घटना के वक्त घर के लोग बाहर थे, वापस लौटे तो उन्होंने युवक का शव फांसी के फंदे पर लटका हुआ देखा।  

जानकारी के मुताबिक वार्ड क्रमांक चार में रहने वाले नरेंद्र साहू (उम्र 25) की शादी रायपुर में 6 फरवरी को होने वाली थी। घर के लोग इन दिनों शादी की तैयारी में जुटे थे। इस बीच शनिवार सुबह युवक फांसी के फंदे पर झूल गया। युवक नगरी नगर पंचायत में प्यून का काम करता था। घर के लोगों ने बताया कि सुबह के वक्त सभी किसी काम से घर से बाहर गए थे। वे जब सुबह 10 से 11 के बीच वापस लौटे तो उन्होंने घर का दरवाजा खटखटाया। 

घर का दरवाजा नहीं खोलने पर जब खिड़की से देखा तो अंदर के कमरे में नरेंद्र की लाश पंखे पर फांसी के फंदे में लटकी हुई थी। घटना के बाद दरवाजे को तोड़ा गया। वहीं पुलिस को भी इस बात की सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा दिया था। बाद में शव को परिजनों को सौंपा गया। पुलिस फिलहाल मामले की जांच कर रही है। 

सगाई के एक महीने पहले युवती ने कर ली थी आत्महत्या 

पुलिस का कहना है कि फिलहाल इस बात का पता नहीं चल सका है कि युवक ने आत्महत्या क्यों किया था। मौके से कोई सुसाइड नोट भी बरामद नहीं किया गया है। 31 दिसंबर को धमतरी जिले में ही सगाई के महीनेभर बाद एक लड़की ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी। जानकारी के मुताबिक युवती शादी नहीं करना चाहती थी। इसलिए उसने खुदकुशी कर ली। मरने के पहले उसने एक सुसाइड नोट भी लिखा था, जिसमें उसने कहा है कि मुझे लड़का पसंद नहीं था। फिर भी मेरी जबरदस्ती शादी कराई जा रही थी। अब मैं मर रही हूं। 

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों पर एक नजर 

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (National Crime Records Bureau)के साल 2019 के आंकड़ों के मुताबिक आत्महत्या के मामले में छत्तीसगढ़ देश में 9वें नंबर पर है। छत्तीसगढ़ में साल 2019 में कुल 7629 लोगों ने आत्महत्या की, जिनमें 233 किसान और खेतीहर शामिल हैं। राज्य में साल 2018 के मुकाबले आत्महत्या के मामलों में 8.3% की बढ़ोतरी हुई है। एनसीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक साल 2018 में छत्तीसगढ़ में कुल 7046 लोगों ने आत्महत्या की थी। वहीं कृषक और खेतिहर द्वारा की गई आत्महत्या के मामले में पूरे देश में छत्तीसगढ़ का छठवां स्थान है। आत्महत्या की दर भी छत्तीसगढ़ में पिछले साल के मुकाबले करीब 2 प्रतिशत बढ़ी है। इस मामले में छत्तीसगढ़ देश में चौथे नंबर पर है।

ये हैं आत्महत्या के प्रमुख कारण  

  • पारिवारिक - 26 %
  • बीमारी - 19 %
  • वैवाहिक - 11 %
  • बेरोजगारी - 6 %
  • नशे की लत - 5 %
  • अन्य कारण - 24 %


हाईवे पर बेकाबू कार ने बाइक को मारी टक्कर, हादसे में 2 दोस्तों की मौत

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छत्तीसगढ़ में सड़क हादसों की घटनाएं बढ़ती ही जा रही है। ताजा मामला धमतरी जिले का है, जहां के नगरी थाना क्षेत्र में स्टेट हाईवे पर रविवार देर शाम तेज रफ्तार कार ने बाइक सवार युवकों को टक्कर मार दी। हादसे में 2 दोस्तों की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि एक की हालत गंभीर है। सूचना मिलने ही मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल को अस्पताल पहुंचाया और शवों को मोर्चरी में रखवा दिया है।  युवकों के पास से मिले आधार कार्ड से उनकी पहचान हुई है।

जानकारी के मुताबिक फरसिंया के रहने वाला पन्ना सिन्हा अपनी कार में धमतरी से नगरी लौट रहा था। इसी दौरान देर शाम नगरी से करीब 4 किमी दूर स्टेट हाईवे पर दलदली के पास कार अनियंत्रित हो गई और सामने से आ रहे बाइक सवारों को टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही बाइक सवार युवक उछल कर सड़क पर जा गिरे। वहीं कार भी क्षतिग्रस्त होकर रुक गई।

एक ही गांव के रहने वाले हैं तीनों युवक

हादसे की सूचना राहगीरों ने पुलिस को दी, जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को एंबुलेंस से अस्पताल भिजवाया, लेकिन रास्ते में उमेश कुमार साहू और लोमेश कुमार साहू ने दम तोड़ दिया। घायल अभय अग्रवानी को नगरी के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। तीनों युवक राजपुर के रहने वाले थे।  

मौत के मामले में 11वें नंबर पर छत्तीसगढ़

इस साल नवंबर में सड़क दुर्घटनाओं (Road accidents) में 408 लोगों की मौत और 884 लोग घायल हुए है। प्रदेश में 11 महीनों में 10 हजार 126 सड़क दुर्घटनाओं में 395 लोगों की मौत हुई और 9 हजार 270 लोग घायल हुए है। वहीं सड़क हादसे से होने वाली मौत के मामले में छत्तीसगढ़ देश भर में 11 वें नंबर पर पहुंच गया है।

सड़क हादसों में मरने वालों की संख्या

सड़क हादसों (Road Accident in Chhattisgarh) में मौत के मामले में छत्तीसगढ़ के आंकड़ों में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। आंकड़ों के मुताबिक साल 2019 में करीब 14 हजार सड़क हादसों में 4 हजार 556 लोगों ने अपनी जान गवांई है। इसमें करीब 3 हजार 200 मृतक ऐसे हैं, जो दो पहिया वाहनों में थे।

सबसे ज्यादा युवा हो रहे हादसे का शिकार

बता दें कि 40 प्रतिशत सड़क दुर्घटना फ्लाई ओवर के आस-पास होता हैं। इसके बाद सबसे ज्यादा हादसा क्रॉसिंग पर होता है, आंकड़ों के मुताबिक क्रॉसिंग पर होने वाले सड़क हादसों का प्रतिशत 30 है। इनमें सबसे ज्यादा हादसों के शिकार बाइक सवार और पैदल यात्री होते है। वहीं हादसों के शिकार होने वाले लोगों में ज्यादातर लोग युवा हैं। 

तालाब में डूबने से 2 बच्चियों को मौत, खेलते-खेलते लापता हो गई थी दोनों मासूम

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छत्तीसगढ़ हादसों का गढ़ बनता जा रहा है। प्रदेश में किसी न किसी दुर्घटना की खबर रोजाना सामने आ रही है। ताजा मामला धमतरी जिले के जुगदेही गांव का है, जहां तालाब में डूबने से 4 साल की दो बच्चियों की मौत हो गई। दोनों बच्चियां घर के बाहर ही खेल रही थीं। करीब 3 घंटे बाद जब बच्चियां नहीं दिखी तो परिजन उनकी तलाश में निकले। इसके बाद दोनों बच्चियों का शव तालाब में मिला। सूचना मिलने पर पुलिस ने दोनों बच्चियों के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए कुरूद की मोर्चरी भेजा दिया है।

जानकारी के मुताबिक जुगदेही गांव के रहने वाले डोमन ध्रुव अपनी बेटी खोमिया (उम्र 4) को छोड़कर पत्नी के साथ दूसरे बच्चे को लेकर डॉक्टर को दिखाने धमतरी गया था। वहीं पड़ोस में रहने वाला खुबलाल यादव अपनी पत्नी के साथ मजदूरी करने गया था। घर में उसकी बेटी तनु (उम्र 4) और उसकी बड़ी बहन थी। खोमियां और तनु दोनों घर के बाहर ही खेल रही थीं। जब 11 बजे तक तनु घर नहीं आई तो उसकी बड़ी बहन बुलाने के लिए निकली। 

मामले की जांच में जुटी पुलिस

इस बीच उनकी मां भी काम से लौट आईं। दोनों ने तनु की काफी तलाश की, लेकिन उनका पता नहीं चला। इसके बाद दोपहर करीब 2 बजे दोनों बच्चियों के शव तालाब में तैरते हुए दिखाई दिए। पुलिस का कहना है कि दोनों बच्चियों को डूबते हुए किसी ने नहीं देखा है। तालाब करीब 7-8 फीट गहरा है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।

सगाई के एक महीने बाद युवती ने की खुदकुशी, सुसाइड नोट में लिखा कारण

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छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में सगाई के एक महीने बाद एक युवती ने फांसी लगाकर आत्महत्या ( girl committed suicide in dhamtari) कर ली है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। जानकारी के मुताबिक युवती शादी नहीं करना चाहती थी। इसलिए उसने खुदकुशी कर ली। मरने के पहले उसने एक सुसाइड नोट भी लिखा था, जिसमें उसने कहा है कि मुझे लड़का पसंद नहीं था। फिर भी मेरी जबरदस्ती शादी कराई जा रही थी। अब मैं मर रही हूं। 

पुलिस के मुताबिक मगरलोड ब्लॉक की चंद्रशूर की रहने वाली प्रेम कुमारी साहू (उम्र 19) की महासमुंद के किसी लड़के के साथ शादी लगी थी। इसके लिए परिजनों ने महीनेभर पहले ही उसका सगाई भी कर दिया था। पता चला है कि सगाई के बाद से वो घरवालों को शादी के लिए मना कर रही थी, लेकिन परिजनों ने उसकी बात नहीं सुनी और उसकी सगाई कर दी। बार-बार कहने के बाद भी जब परिजनों ने उसकी बात नहीं सुनी। इससे तंग आकर प्रेम ने गुरुवार की दोपहर को फांसी के फंदे पर लटककर अपनी जान दे दी है। 

परिजन ने पुलिस को दी जानकारी

घटना के वक्त उसका भाई और मां अस्पताल गए हुए थे। वहीं उसके पिता खाना खाने के बाद गांव में ही घूमने गए थे। परिजनों को इस बात की जानकारी तब लगी। जब वह लौटकर वापस अपने घर पहुंचे। उन्होंने देखा कि प्रेमा ने अपने ही कमरे में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली है। घटना के बाद परिजनों ने पुलिस को इस बात की सूचना दी थी।

मामले की जांच कर रही पुलिस

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची, जिसके बाद शव को फांसी के फंदे से नीचे उतारा गया। पुलिस ने मौके से एक सुसाइड नोट भी बरामद किया। सुसाइड नोट में प्रेमा ने लिखा था। मुझे लड़का पसंद नहीं था। फिर भी मेरी जबरदस्ती शादी कराई जा रही है। इसलिए मैं अपनी जान दे रही हूं। परिजनों ने बताया कि 23 जनवरी को ही प्रेमा कुमारी की शादी थी। फिलहाल शुक्रवार को पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम कराया है और परिजनों को सौंपा है। पुलिस अब मामले की जांच कर रही है।

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों पर एक नजर

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (National Crime Records Bureau)के साल 2019 के आंकड़ों के मुताबिक आत्महत्या के मामले में छत्तीसगढ़ देश में 9वें नंबर पर है। छत्तीसगढ़ में साल 2019 में कुल 7629 लोगों ने आत्महत्या की, जिनमें 233 किसान और खेतीहर शामिल हैं। राज्य में साल 2018 के मुकाबले आत्महत्या के मामलों में 8.3% की बढ़ोतरी हुई है। एनसीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक साल 2018 में छत्तीसगढ़ में कुल 7046 लोगों ने आत्महत्या की थी। वहीं कृषक और खेतिहर द्वारा की गई आत्महत्या के मामले में पूरे देश में छत्तीसगढ़ का छठवां स्थान है। आत्महत्या की दर भी छत्तीसगढ़ में पिछले साल के मुकाबले करीब 2 प्रतिशत बढ़ी है। इस मामले में छत्तीसगढ़ देश में चौथे नंबर पर है।

ये हैं आत्महत्या के प्रमुख कारण  

  • पारिवारिक - 26 %
  • बीमारी - 19 %
  • वैवाहिक - 11 %
  • बेरोजगारी - 6 %
  • नशे की लत - 5 %
  • अन्य कारण - 24 %

पेड़ से टकराई कार, हादसे में महिला नेता के बेटे की मौत

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छत्तीसगढ़ हादसों का गढ़ बनता जा रहा है। प्रदेश में किसी न किसी दुर्घटना की खबर रोजाना सामने आ रही है। ताजा मामला धमतरी का है, जहां रविवार की रात हुए एक सड़क हादसे में मगरलोड जनपद अध्यक्ष ज्योति दिवाकर ठाकुर के बेटे की मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक कार की रफ्तार बहुत तेज थी। मोड़ के दौरान वह नियंत्रण खो बैठा और हादसे का शिकार हो गया। ASI दक्ष कुमार साहू ने बताया की  रांकाडीह का रहने वाला सौरभ ठाकुर रविवार को कार से निजी काम के चलते मगरलोड आया था। काम खत्म होने के बाद  वो अपने घर रांकाडीह के लिए निकला था।

वहीं रात 9.30 बजे भरदा से तीन सौ मीटर परसवानी मार्ग में कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे दो पेड़ में टकरा गई, जिससे वाहन बुरी क्षतिग्रस्त हो गया। वहीं कार सवार जनपद अध्यक्ष के बेटे सौरभ ठाकुर घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही मगरलोड पुलिस ने घायल सौरभ ठाकुर को इलाज के लिए सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टर ने रात में ही उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टर्स के मुताबिक सौरभ ठाकुर के सिर में गंभीर चोट लगने से उसकी मौत हुई है।  फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।

मौत के मामले में 11वें नंबर पर छत्तीसगढ़

इस साल नवंबर में सड़क दुर्घटनाओं (Road accidents) में 408 लोगों की मौत और 884 लोग घायल हुए है। प्रदेश में 11 महीनों में 10 हजार 126 सड़क दुर्घटनाओं में 395 लोगों की मौत हुई और 9 हजार 270 लोग घायल हुए है। वहीं सड़क हादसे से होने वाली मौत के मामले में छत्तीसगढ़ देश भर में 11 वें नंबर पर पहुंच गया है।

सड़क हादसों में मरने वालों की संख्या

सड़क हादसों (Road Accident in Chhattisgarh) में मौत के मामले में छत्तीसगढ़ के आंकड़ों में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। आंकड़ों के मुताबिक साल 2019 में करीब 14 हजार सड़क हादसों में 4 हजार 556 लोगों ने अपनी जान गवांई है। इसमें करीब 3 हजार 200 मृतक ऐसे हैं, जो दो पहिया वाहनों में थे।

दिन-ब-दिन बढ़ रहा सड़क हादसों का ग्राफ

इन 3 हजार 200 में से करीब 2450 लोगों की मौत सिर में चोट लगने की वजह से हुई है। इसके कारण प्रदेश में सड़क हादसों का ग्राफ दिन ब दिन बढ़ता ही जा रह है, इसके कारण सड़क हादसों में जान गवांने वाले लोगों की संख्या भी बढ़ती ही जा रही है। आंकड़ों के मुताबिक सड़क हादसों में सबसे ज्यादा हादसे राजधानी रायपुर में हो रहे हैं। छत्तीसगढ़ पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक राजधानी रायपुर के टाटीबंध चौक पर हर महीने 4 से 5 लोगों की मौत होती है। ऐसा नहीं है कि सरकार सड़क हादसों को कम करने के लिए कोई उपाय नहीं कर रही है।

लोगों की लापरवाही बन रही हादसों का कारण

बता दें कि सड़क हादसों और इन हादसों में घायल लोगों को जल्द इलाज मुहैया करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने हर जिले के पुलिस को पेट्रोलिंग वाहन सौंपा है. साथ ही सड़क हादसों को कम करने और लोगों को जागरूक करने के लिए कई तरह के जागरुकता अभियान भी चलाएं जा रहे है, लेकिन लोगों की लापरवाही के कारण सड़क दुर्घटना कम होने का नाम नहीं ले रहा है। लोग अपनी सुरक्षा के लिए हेलमेट नहीं पहनते है, बल्कि पुलिस से बचने के लिए हेलमेट पहनते है। वहीं लोग हर काम जल्दी करना चाहते है, कई बार लोगों की यहीं जल्दबाजी सड़क हादसों का कारण बनता है।

इन कारणों की वजह से हो रहा सबसे ज्यादा हादसा

  • शराब पीकर वाहन चलाने के कारण।
  • गलत साइड में ड्राइविंग करने के कारण।
  • बिना हेलमेट वाहन पहने गाड़ी चलाने के कारण।
  • मोबाइल फोन का उपयोग करते-करते ड्राइविंग करने के कारण।
  • नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने जैसे कारणों के कारण सबसे ज्यादा दुर्घटना और मौत हो रही है।

साल दर साल बढ़ रहा आंकड़ा

बीते तीन साल के सड़क हादसों के रिपोर्ट के आधार पर पुलिस मुख्यालय ने रिपोर्ट तैयार की हैं। वहीं साल 2016 से अगस्त 2020 तक के मौतों के आंकड़ों को देखा जाए तो हर साल सड़क हादसों होने वाले मौतों का आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा हैं। बता दें कि कोरोना के मद्देनजर किए गए लॉकडाउन में सड़क हादसों की संख्या में कमी आई थी, लेकिन अनलॉक के बाद प्रदेश में सड़क हादसों की संख्या में लगातार तेजी आई है। अगस्त, सितंबर और अक्टूबर में बीते साल के मुकाबले सबसे ज्यादा 13 प्रतिशत की बढ़ोतरी सितंबर में हुई है।

हेलमेट नहीं पहनने की वजह हो रही सबसे ज्यादा मौतें

सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि सड़क हादसों में हर 100 में से 95 लोगों की मौत हेलमेट नहीं पहनने की वजह से हुई है। पुलिस मुख्यालय ने इसके लिए सभी जिलों में अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। इन साल दस महीनों में सड़क हादसों के आंकड़ों में कमी आई थी , लेकिन लॉकडाउन खत्म होने के बाद जैसे-जैसे आवाजाही बढ़ी वैसे-वैसे हादसों की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है।

इन जिलों में आई मृत्यु दर में कमी

आंकड़ों के मुताबिक रायपुर, गरियाबंद, मुंगेली, दंतेवाड़ा, बीजापुर और नारायणपुर में हादसों में मरने वालों की संख्या सबसे ज्यादा है,जबकि बाकी जिलों में मृत्यु दर में कमी आई है। प्रदेशभर के सड़क हादसों के रिपोर्ट के मुताबिक 67% दोपहिया वाहन सवारों की मौत हुई है। दोपहिया वाहन सवार 2359 लोग हादसे के शिकार हुए, जिनमें 2361 की मौत हो गई। इनमें से 2257 की मौत हेलमेट नहीं पहनने से हुई है। इस साल दस महीने में 9097 सड़क हादसे हुए हैं । इसमें 3543 लोगों की मौत हुई है। इसके अलावा 8388 लोग घायल हुए हैं।

सबसे ज्यादा युवा हो रहे हादसे का शिकार

बता दें कि 40 प्रतिशत सड़क दुर्घटना फ्लाई ओवर के आस-पास होता हैं। इसके बाद सबसे ज्यादा हादसा क्रॉसिंग पर होता है, आंकड़ों के मुताबिक क्रॉसिंग पर होने वाले सड़क हादसों का प्रतिशत 30 है। इनमें सबसे ज्यादा हादसों के शिकार बाइक सवार और पैदल यात्री होते है। वहीं हादसों के शिकार होने वाले लोगों में ज्यादातर लोग युवा हैं। 

CM बघेल के हाथों धमतरी नगर निगम को मिला 3 पुरस्कार, छुरा की बेटियों ने भारोत्तोलन में किया कमाल

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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने धमतरी नगर पालिक निगम को स्वच्छता हैट्रिक महोत्सव के मौके पर 3 पुरस्कार से सम्मानित किया। 23 नवंबर को राजधानी रायपुर स्थित निजी होटल में आयोजित कार्यक्रम के अवसर पर जहां धमतरी को राष्ट्रीय स्तर पर सफाई मित्र सुरक्षा चैलेंज में नौवां स्थान मिलने पर सम्मानित किया गया। वहीं पूरे प्रदेश में नगर निगम धमतरी मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना के संचालन में उत्कृष्ट कार्य करते हुए पहले पायदान पर रहा। इसके साथ ही स्वच्छ सर्वेक्षण वेस्ट जोन में नगर निगम को नौवां स्थान मिला है। 

महापौर विजय देवांगन ने मुख्यमंत्री बघेल के हाथों नगर निगम के लिए पुरस्कार और स्मृति चिन्ह ग्रहण किया। इस मौके पर आयुक्त नगर निगम मनीष मिश्रा, नगर निगम अमला समेत स्वच्छता दीदियां शामिल रहीं। बता दें कि स्वच्छता हैट्रिक महोत्सव में मुख्यमंत्री बघेल द्वारा स्वच्छता के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कृत राज्य के नगरीय निकायों को सम्मानित किया गया।  

छुरा की बेटियों ने भारोत्तोलन में किया कमाल 

आदिवासी बाहुल्य जिले की बेटियां खेलकूद में जिले का नाम रोशन कर रही है। वहीं गरियाबंद के छुरा विकासखंड अंतर्गत ग्रामीण इलाकों में रहने वाले बेटियों ने कमाल करते हुए रायपुर में आयोजित 21वीं स्टेट लेबल स्कूल खेम्स के वेट लिफ्टिंग खेल में स्टेट चैंपियनशिप अपने नाम कर जिले को गौरवांवित किया है। वहीं 19वीं छत्तीसगढ़ प्रदेश वेट लिफ्टिंग चैंपियनशिप धमतरी में उप विजेता का तमगा अपने नाम किया है। अंचल की लड़कियों की इस खास उपलब्धि पर कलेक्टर निलेश क्षीरसागर ने उन्हें बधाई देते हुए उनके खेल के प्रति लगन की सराहना किया है। 

खेलकूद में भाग लेकर कर रहे जिले का नाम रोशन

सभी विजेता खिलाड़ी कलेक्टर से मिलने पहुंचे थे। कलेक्टर ने कहा कि सीमित संसाधनों से इस मुकाम तक पहुंचना काबिले तारिफ है। उन्होंने जिला प्रशासन की ओर से ऐसे खिलाड़ियों को आवश्यक मदद देने का भरोसा दिलाया है, जो राज्य स्तरीय खेलकूद में भाग लेकर जिले का नाम रोशन कर रहे हैं।

इन्होंने जीता मेडल

बता दें कि शासकीय उ.मा. शाला छुरा में कक्षा 10वीं में पढ़ने वाली छात्रा कुमारी ईशा मरकाम ने रायपुर में आयोजित स्टेट लेवल स्कूल गेम्स में अंडर-17 अंतर्गत प्रथम स्थान प्राप्त कर जिले का नाम रोशन किया है। इसी तरह उन्होंने 19वीं छत्तीसगढ़ प्रदेश वेट लिफ्टिंग चैंपियनशिप में तीसरा स्थान प्राप्त कर दोहरी सफलता अर्जित की है। इसके अलावा जिले से संध्या साहू द्वितीय स्थान,  कुमकुम प्रथम स्थान,  लक्षवन्तिन तृतीय स्थान, देव निषाद तृतीय और प्रांजल सोनवानी द्वितीय स्थान हासिल किया। 

खिलाड़ियों को नेशनल चैंपियनशिप में भाग लेने का अवसर

टीम को सब जूनियर वर्ग में ओवरऑल उप विजेता घोषित किया गया। जनपद CEO छुरा और डिप्टी कलेक्टर रूचि शर्मा ने बताया कि इन खिलाड़ियों को नेशनल चैंपियनशिप में भाग लेने का अवसर मिलेगा। उन्हें प्रशासन द्वारा आवश्यक सुविधा मुहैया कराई जाएगी और उचित मार्गदर्शन भी दिया जाएगा। इस अवसर पर जनपद अध्यक्ष छुरा तोकेश्वरी मांझी, जनपद सदस्य थानेश्वर कंवर, पुष्पलता सिन्हा, संतराम नेताम और सामाजिक कार्यकर्ता-प्रशिक्षक शीतल ध्रुव मौजूद रहे।

ऑक्सीजोन निर्माण और अपशिष्ट निपटान प्रणाली ने शुद्ध वातावरण के साथ दिया आजीविका का साधन

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राज्य के धमतरी जिले के मगरलोड ब्लॉक की ग्राम पंचायत करेलीबड़ी के आश्रित ग्राम खट्टी में महिला संगठन के प्रयास से न केवल वृक्षारोपण कर ऑक्सीजोन  का निर्माण किया गया , बल्कि इससे उन्हें आजीविका का स्थायी साधन भी मिल गया है। वहीं जिले के ग्राम भेण्ड्री में ठोस अपशिष्ट पदार्थ प्रबंधन से ग्रीन आर्मी की इन महिलाओं को अतिरिक्त आय भी मिल रही है। 


ग्राम खट्टी में इन दिनों दूर तक हरियाली ही हरियाली नजर आती है। किसी समय में सिर्फ चराई का काम आने वाली भूमि में अब अलग-अलग किस्म की सब्जियों की खेती लहलहा रही है। महानदी तट से लगे लगभग 2 एकड़ भूखण्ड पर ऑक्सीजोन निर्माण के लिए स्वीकृति जिला पंचायत द्वारा दी गई, जिसे तीन साल की लीज पर यहां के जय मां भवानी स्वसहायता समूह को अनुबंधित कर यह काम दिया गया। 


यह ऑक्सीजोन फरवरी 2021 में तैयार हो गया, जिसमें 223 परिवार को मनरेगा से रोजगार मिला। समूह की महिलाओं के द्वारा यहां पर हल्दी, मिर्च, विभिन्न प्रकार की सब्जियों सहित प्याज की खेती की जा रही है। साथ ही वृक्षारोपण के तहत जामुन, अमरूद, आंवला, कटहल के अलावा अन्य मौसमी फलों के पौधे भी लगाए गए हैं, जिससे उन्हें अतिरिक्त आय मिल रही है।  इसी प्रकार मगरलोड के ग्राम भेण्ड्री में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को महिलाएं कमाई का जरिया बना रही हैं। दैनिक उपयोग के बाद निकलने वाले कचरों को अलग-अलग कर ग्रीन आर्मी की महिलाएं उनका संग्रहण कर रही हैं। 


 स्वच्छ भारत मिशन से अभिसरण

ठोस अपशिष्ट प्रबंधन कार्य के लिए साल 2020 में ही यहां स्वच्छ भारत मिशन से अभिसरण कर शेड तैयार किया गया, जिसमें शेड तैयार करने के साथ-साथ चेनलिंक फेंसिंग और पेवर ब्लॉक का काम किया गया। महिलाओं ने घरों से निकले कचरों के अलावा यत्र-तत्र बिखरे कचरों का समुचित निपटान  किया। 

बारहमासी रोजगार मुहैया

प्लास्टिक उत्पाद वाले कचरे को बेचकर और अपघटित होने वाले कचरे को नाडेप टांकों में डालकर खाद तैयार करने का कार्य महिलाओं ने किया। इसे किसानों को बेचकर वे अतिरिक्त आय भी अर्जित कर रही हैं। शेड के बन जाने से महिलाएं एक जगह एकत्रित होकर कचरों को व्यवस्थित ढंग से अलग कर रही हैं। इस प्रकार समूह की महिलाओं को जहां ठोस अपशिष्ट पदार्थ के प्रबंधन की समुचित जानकारी मिली, वहीं उन्हें अब बारहमासी रोजगार भी मुहैया हो गया है। 

Placement Camp in Dhamtari- 24 फरवरी को जनपद पंचायत कुरूद में रोजगार मेले का आयोजन

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धमतरी। जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र धमतरी तथा कौशल विकास प्राधिकरण द्वारा संयुक्त रूप से रोजगार मेला (Placement Camp in Dhamtari) का आयोजन किया जा रहा है। जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र धमतरी से मिली जानकारी के मुताबिक 24 फरवरी को जनपद पंचायत कुरूद में सुबह 11 से दोपहर साढ़े तीन बजे तक आयोजित होने वाले इस मेले में निजी क्षेत्र के नियोजकों द्वारा कुल 597 पदों पर भर्ती की जाएगी।





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इनमें सेल्स ऑफिसर, एग्रीकल्चर ऑफिसर, वेल्डर, बढ़ाई, फील्ड ऑफिसर, मोर्केटिंग एक्जीक्यूटिव, सुपरवाईजर, सिक्यूरिटी गार्ड, एजेंट, फर्नीचर कारीगर, बैंक ऑफिसर, केयर टेकर (नर्स), वार्ड बॉय, एलआईसी एजेंट एवं फील्ड एसोसिएट शामिल हैं। आठवीं से स्नातकोत्तर शैक्षणिक योग्यता रखने वाले इच्छुक आवेदक इस रोजगार मेला (Placement Camp in Dhamtari) में शामिल हो सकते हैं। आवेदक शैक्षणिक/तकनीकी योग्यता के प्रमाण पत्र के साथ निवास, जाति, रोजगार कार्यालय का पंजीयन प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, बायोडाटा एवं दो पासपोर्ट साईज के फोटो के साथ नियत तिथि एवं स्थान पर रोजगार मेला में शामिल हो सकते हैं।


अवैध रेत भंडारण की जांच के लिए टीम ने विभिन्न जगहों में दबिश देकर की कार्रवाई

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धमतरी जिले में अवैध रेत भंडारण (illegal sand storage) की शिकायतों की जांच के लिए कलेक्टर जयप्रकाश मौर्य (Collector Jayaprakash Maurya) के निर्देशानुसार टीम गठित कर अलग-अलग स्थलों पर दबिश देकर अधिकारियों द्वारा शहर सहित आस-पास के गांवों के विभिन्न स्थलों की सतत जांच की जा रही है।





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धमतरी अनुविभागीय अधिकारी मनीष मिश्रा ने बताया कि अवैध रेत के भंडारण के संबंधित मिली शिकायतों के सत्यापन के लिए राजस्व विभाग के अधिकारियों की तीन टीम गठित की गई है। उन्होंने बताया कि टीम के द्वारा शुक्रवार को पांच जगहों पर दबिश दी गई। इस दौरान सिहावा रोड स्थित महावीर राइस मिल में मौके की जांच की गई, जहां रेत का अवैध भंडारण होना नहीं पाया गया।





टीम ने इन गांवों में दी दबिश





वहीं मुजगहन गांव स्थित राज राजेश्वर राइस मिल में दबिश के दौरान टीम को रेत भंडारण (illegal sand storage) नहीं मिला, अलबत्ता थोड़ी मात्रा में रेत के अंश पाए गए, जिससे यह प्रतीत हो रहा था कि संभवत पूर्व में रेत भंडारण किया गया था। इसी तरह सोरम गांव स्थित मगेंद्र फ्लाई ऐश ब्रिक्स में 3752 घनमीटर रेत भंडारित मिला। इस संबंध में पूछे जाने पर संचालक द्वारा रेत की कुछ मात्रा का ही पिट पास दिखाया गया, जो कि भंडारित रेत की मात्रा से मिलान नहीं होना पाया गया।





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टीम द्वारा इसे अवैध रेत भंडारण (illegal sand storage) करार देते हुए जब्ती की कार्रवाई की गई। धमतरी एसडीएम ने बताया कि इसी प्रकार सारंगपुरी गांव में टीम ने अनुज्ञप्तिधारी स्थानीय रामसागरपारा निवासी शेख जफर द्वारा निर्धारित स्थल से भिन्न शासकीय भूमि पर रेत भंडारित किया जाना पाया। वहीं भंडारण स्थल में तार फेंसिंग या ईंट की दीवार का घेरा और सुरक्षा , प्राथमिक चिकित्सा की सुविधा नहीं पाई गई।





कार्रवाई में ये रहे शामिल





टीम को अमेठी गांव में अज्ञात अनुज्ञप्तिधारी द्वारा अनुज्ञप्ति की शर्तों का पालन नहीं किए जाने के अलावा सुरक्षा, चिकित्सा जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव पाया गया। पूछताछ किए जाने पर गांव के सरपंच और कोटवार के संज्ञान में भण्डारणकर्ता की जानकारी नहीं होना बताया गया। अवैध रेत भंडारण (illegal sand storage)के स्थल निरीक्षण की कार्रवाई करने वाली तीनों टीम क्रमश धमतरी तहसीलदार पवन सिंह ठाकुर, नायब तहसीलदार विनोद कुमार साहू और चंद्र कुमार साहू के नेतृत्व में की गई, जिसमें राजस्व निरीक्षक और पटवारी भी शामिल थे।


धमतरी: तिर्रा गांव में अगले तीन महीने तक धारा 144 लागू, कलेक्टर ने पारित किया आदेश

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कलेक्टर जय प्रकाश मौर्य (Collector Jai Prakash Maurya) ने धमतरी तहसील के तिर्रा गांव में दंड संहिता 1973 की धारा 144 के(Section 144 in Dhamtari) तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए आदेश पारित किया है। इसके तहत तिर्रा गांव में कोई भी व्यक्ति सार्वजनिक स्थल में किसी प्रकार का हथियार, लाठी, बल्लम, तलवार, चैन और अन्य हथियार अपने साथ लेकर नहीं चलेगा और न ही रखेगा। इसके अलावा पांच व्यक्ति से ज्यादा संख्या में एक जगह एकत्रित नहीं होंगे। यह आदेश दंड संहिता की धारा 144 की उपधारा (2) के तहत एकपक्षीय रूप से पारित किया गया है। यह आदेश तिर्रा गांव में आगामी तीन माह तक प्रभावशील रहेगा।





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गौरतलब है कि धमतरी (Dhamtari News in Hindi) के अनुविभागीय दंडाधिकारी ने एक प्रतिवेदन कलेक्टर को प्रस्तुत किया है, जिसके तहत तिर्रा गांव में बड़पारा के पास भूमि संबंधी विवाद के कारण कानून व्यवस्था की स्थिति बनने, वर्तमान में लोक प्रशांति के भंग होने और मानव जीवन सहित संपत्ति को खतरा होने की आशंका जताई गई है। इसके मद्देनजर कलेक्टर ने तिर्रा गांव में सामान्य जनजीवन और लोक संपत्ति की सुरक्षा को उत्पन्न हुए खतरे का निवारण करने के लिए यह आदेश (Section 144 in Dhamtari) पारित किया है।





अमलेश्वर में अवैध प्लाटिंग के खिलाफ कार्रवाई





कलेक्टर सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे (Collector Sarveshwar Narendra Bhure) के निर्देशानुसार दुर्ग जिले में अप्राधिकृत विकास,अवैध कालोनियों के विकास को हतोत्साहित करने के उद्देश्य से कार्यालय संयुक्त संचालक, नगर, ग्राम निवेश विभाग दुर्ग और राजस्व विभाग दुर्ग के द्वारा संयुक्त रूप से अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत नियमानुसार कालोनाईजर का रजिस्ट्रेशन किए बगैर व्यक्तियों के द्वारा कालोनी की स्थापना के उद्देश्य से भूमि का उपविभाजन और मार्गों का निर्माण कर अप्राधिकृत विकास किया गया था। जिसे हटाये जाने के लिए चिन्हांकित किया गया है।





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वहीं गुरुवार को अमलेश्वर के कल्पतरू बिल्डर्स एंड डेव्हलपर्स और अमलेश्वर के खुड़मुड़ा रोड में रूपराम साहू अन्य के द्वारा किए गए अप्राधिकृत विकास को हटाने की कार्रवाई की गई।





कार्रवाई में ये थे शामिल





अवैध विकास कर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई में विमल बगवैया, प्रभारी संयुक्त संचालक नगर और ग्राम निवेश दुर्ग, आलोक वर्मा नायब तहसीलदार पाटन, मनोज कुमार रस्तोगी राजस्व निगम पाटन, पटवारी अश्वनी वर्मा, प्रतीक दीक्षित सहायक संचालक नगर और ग्राम निवेश दुर्ग, अनूप कुमार गढ़े वरिष्ठ शोध सहायक,संदीप पटेल, उप अभियंता, अमर सिंह बघेल, उप अभियंता, जामिल छत्रपाल सहायक ग्रेड-3 सहित मोहम्मद हारून उपस्थित रहे।


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