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नक्सलियों ने की सरपंच की हत्या, अपहरण कर दिया वारदात को अंजाम

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छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में एक बार फिर नक्सलियों की कायराना करतूत (naxalites attacks) सामने आई है। दरअसल, जिले में नक्सलियों ने पूर्व सरपंच को मौत के घाट उतार (naxalites killed sarpanch ) दिया है। जानकारी के मुताबिक नक्सलियों ने पुलिस की मुखबिरी करने के शक में वारदात को अंजाम दिया है। बताया जा रहा है कि, सरपंच को मंगलवार की रात घर से उठाकर नक्सली जंगल की तरफ लेकर गए थे। वहीं धारदार हथियार से गला रेत दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद शव को गांव के पास ही फेंक दिया था।  

जानकारी के मुताबिक मोरमेड गांव का सरपंच रतिराम कुडियम कई दिनों से नक्सलियों के निशाने पर था। कई बार इसे नक्सलियों ने धमकी भी दी थी। वहीं मंगलवार की रात करीब 8 से 10 की संख्या में हथियारबंद माओवादी रतिराम के घर पहुंच गए। उस समय रतिराम अपने परिवार के साथ घर में सो रहा था। नक्सलियों ने रतिराम को उठाया और अपने साथ लेकर चले गए। परिजनों ने रोकने की कोशिश की, लेकिन नक्सलियों ने बंदूक के बल पर सभी धमकाया। फिर गांव के पास में ही जंगल में धारदार हथियार से गला रेत कर हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद शव को गांव के ही नजदीक फेंक दिया है। फिलहाल SP ने मामले की जांच की बात कही है।

पुलिस लगातार कर रही कार्रवाई

बता दें कि पुलिस की लगातार कार्रवाई से बौखलाए नक्सली लोगों में दहशत फैलाने के लिए लगातार किसी न किसी कायराना करतूत को अंजाम देने में लगे हुए हैं। नक्सली लगातार पुलिस की नाक के नीचे मुखबिरी के शक में ग्रामीणों की हत्या कर रहे हैं।

5 साल में नक्सली हिंसा में इतने लोगों की गई जान

बीते 5 साल में छत्तीसगढ़ में नक्सली हिंसा (Naxalite violence) में 1000 लोगों की जान जा चुकी है। इनमें 314 आम लोग भी शामिल हैं। इनका नक्सल आंदोलन से कोई लेना-देना नहीं था। वहीं 220 जवान शहीद हुए हैं, साथ ही 466 नक्सली भी मुठभेड़ में मारे गए हैं।

IED की चपेट में आने से CAF का जवान घायल, नक्सलियों ने लगाई थी IED

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छत्तीसगढ़ में नक्सलियों की कायराना हरकत की खबरें आए दिन सामने आती रहती है। वहीं कई बार इसका खामियाजा हमारे सूरक्षाबल के जवानों को भुगतना पड़ता है। बीजापुर जिले में IED ब्लास्ट की चपेट में आने से CAF का एक जवान गंभीर रूप से घायल हो गया है। घायल जवान को नेलसनार के प्राथमिक इलाज करने के बाद रायपुर रेफर कर दिया गया है। 

जानकारी के मुताबिक जवान के पैर के चिथड़े उड़ गए हैं। करीब एक हफ्ते पहले इसी इलाके में हुई IED ब्लास्ट की चपेट में आने से CAF का ही एक जवान घायल हुआ था, जिसने अपने दोनों पैर गवां दिए थे। नेलसनार में प्राथमिक इलाज होने के बाद जवान को रायपुर रेफर किया गया है।। CAF 8वीं वाहिनी के जवान नेलसनार इलाके में इंद्रावती नदी के किनारे पांडे मुर्गा और बंगोली के पास एरिया डोमिनेशन के लिए निकले थे। यहां जवानों को नुकसान पहुंचाने के लिए नक्सलियों ने पहले से ही IED प्लांट कर रखी हुई थी। 

जवान जैसे ही इलाके में पहुंचे तो एक CAF के आरक्षक थाम सिंह का पैर प्रेशर IED के ऊपर आ गया। जिससे जोर का धमका हुआ। हादसे के बाद मृतकों के साथी जवान घायल को फौरन नेलसनार के अस्पताल लेकर आए। जहां प्राथमिक उपचार करने के बाद उसे दंतेवाड़ा लाया गया और यहां से हेलिकॉप्टर के माध्यम से रायपुर के लिए रेफर कर दिया गया है। घायल जवान कोरबा जिले का रहने वाला है। फिलहाल इस घटना के बाद इलाके की सर्चिंग बढ़ा दी गई है।

बता दें कि नक्सलियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ पुलिस कई तरह के अभियान चला रही है, जिससे प्रभावित होकर कई नक्सली आत्मसमर्पण भी कर रहे है। जबकि सूरक्षाबल के जवान कई नक्सलियों को गिरफ्तार भी कर रहे है, जिससे बौखलाएं नक्सली इस तरह के कायरना हरकत कर रहे है।बता दें कि प्रदेश में बीते साल के मुताबले इस साल नक्सली हमले और गतिविधियां कम हुई है। वहीं छत्तीसगढ़ पुलिस और सरकार नक्सलियों को मुख्यधारा से जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर त्वरित अमल, देवंती यादव के सालों से लंबित सीमांकन प्रकरण का त्वरित निराकरण

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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर त्वरित अमल करते हुए बलरामपुर-रामानुजगंज जिला प्रशासन द्वारा ग्राम बेलसर की निवासी देवंती यादव की भूमि का सीमांकन कर दिया गया है। देवंती यादव ने 5 मई को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से ग्राम आरागाही में भेंट-मुलाकात के दौरान मुलाकात कर उनसे अपने आधिपत्य की भूमि का सीमांकन कराने का निवेदन किया था। देवंती यादव ने बताया था कि उन्होंने साल 2010 में यह भूमि खरीदी है, लेकिन अब तक इस भूमि का सीमांकन नही हो पाया है। इस पर मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन के अधिकारियों को देवंती यादव की भूमि का सीमांकन जल्द से जल्द कराने के निर्देश दिए थे। भूमि का सीमांकन होने पर देवंती यादव अब खुश है। उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया है।  

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद जिला प्रशासन द्वारा जिले की शंकरगढ़ तहसील के ग्राम बेलसर की निवासी देवंती यादव की भूमि की सीमांकन के लिए जिला स्तरीय टीम गठित की गई। सीमांकन के लिए गठित जिला स्तरीय टीम द्वारा 18 मई को देवंती यादव की ग्राम बेलसर में स्थित 2.021 हेक्टेयर भूमि का सीमांकन कर चारों ओर चौहद्दी चिन्हित कर सीमा बताई गई। 

परिवार ने दिया CM को धन्यवाद

इस भूमि के रकबे का नक्शा बटांकन के अनुसार दो हिस्सों में मिलाकर विक्रेता के शेष भूमि उत्तर पूर्व दिशा में देकर रकबे की पूर्ति की गई। टीम द्वारा मौके पर देवंती यादव, अनावेदक, चौहद्दी के रकबे के कृषक और ग्रामवासियों के समक्ष सीमांकन का कार्य किया गया, जिससे सभी पक्ष संतुष्ट हैं। देवंती यादव ने उनकी भूमि का सीमांकन होने पर मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया।

कर्ज माफी ने मौत के मुंह से लौटाया, रुंधे गले से किसान ने मुख्यमंत्री को सुनाई अपनी दास्तान

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अपनी योजनाओं का फीड-बैक लेने राज्य के दौरे पर निकले छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सभाओं में आम लोगों की तरह-तरह की कहानियां सामने आ रही हैं। इनमें कुछ कहानियां ओठों पर मुस्कुराहट ला देती हैं, तो कुछ आंखें नम कर देने वाली भी होती हैं। बस्तर संभाग के बीजापुर जिले के सुदूर कस्बे आवापल्ली में आए एक किसान ने जब अपनी विवशता की कहानी सुनाई तो एक बार के लिए हर कोई सन्न रह गया। उस किसान ने रुंधे गले से कहा एक समय था जब मैं कर्ज के कारण आत्महत्या करने की सोच रहा था, लेकिन आपने कर्ज-मुक्त कर मुझे उबार लिया।

आवापल्ली की भेंट-मुलाकात सभा में शामिल होने के लिए भोपालपट्टनम से आए अफजल खान मुख्यमंत्री बघेल को आपबीती सुना रहे थे। वे कह रहे थे कि कर्ज से मुक्ति मिलने के बाद आज मैं दूसरी फसल ले पा रहा हूं, नहीं तो मैंने आत्महत्या के बारे में सोच लिया था। मुख्यमंत्री बघेल के पूछने पर उन्होंने बताया कि उन्हें करीब 8 लाख 36 हजार रुपए की ऋण माफी का लाभ मिला है। अफजल खान का कहना था कि अगर पास ही बहने वाली तालपेरू नदी पर बांध बना दिया जाए तो उनके जैसे और भी बहुत से किसानों को इसका लाभ मिलने लगेगा। 

19 लाख किसानों के 9 हजार 270 करोड़ रुपए का ऋण माफ

साढ़े तीन साल पहले जब छत्तीसगढ़ में नई सरकार बनी थी तब मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने किसानों से किए दो बड़े वादे दो घंटे के भीतर पूरे किए थे। इनमें से एक था 2500 रुपए क्विंटल में धान खरीदी और दूसरा था पुराने कर्ज से पूर्ण मुक्ति। सरकार के ये दोनों कदम छत्तीसगढ़ में खेती किसानी को नया जीवन देने वाले साबित हुए। तब लगभग 19 लाख किसानों के 9 हजार 270 करोड़ रुपए का ऋण माफ किया गया था। हालांकि इसके तत्काल बाद केंद्र सरकार ने धान खरीदी पर बोनस देने पर आपत्ति की और छत्तीसगढ़ में किसानों को फसलों पर इनपुट सब्सिडी देने वाली राजीव गांधी किसान न्याय योजना की शुरुआत हुई। 

07 हजार करोड़ रुपए की पहली किश्त 21 मई को होगी जारी 

इस योजना में पिछले दो खरीफ सत्रों में राज्य के करीब 21 लाख किसानों को अब तक 11,180 करोड़ रुपए की आदान सहायता दी जा चुकी है। अब तीसरे खरीफ सत्र के लगभग 07 हजार करोड़ रुपए की पहली किश्त 21 मई को पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर जारी करने की घोषणा की गई है।

रीता मंडावी के हौसले को सलाम, नक्सलियों से बेखौफ होकर बखूबी निभा रही सरपंच की जिम्मेदारी

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धुर नक्सली क्षेत्र की एक सामान्य सी दिखने वाली महिला रीता मंडावी के हौसल को लोग सलाम कर रहे हैं। नक्सली हिंसा में पति को खोने के बाद भी वे न सिर्फ अपने परिवार को संभाल रही है बल्कि वह एक सरपंच की भूमिका भी मजबूती से निभा रही है। मुरिया जनजाति से तालुक रखने वाली रीता मंडावी सरपंच का मानदेय भी गांव के लोगों के लिए खर्च कर देती हैं। पति के जाने के बाद रीता को बस एक ही बात की चिंता थी कि उसके बच्चों की पढ़ाई कैसे होगी लेकिन अब मुख्यमंत्री से मिली मदद से रीता की ये चिंता भी दूर हो गई है जिससे वो पहले से भी ज्यादा मजबूत हो गई है।

    

मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने प्रदेशव्यापी भेंट-मुलाकात कार्यक्रम में कुटरू क्षेत्र के अपने प्रवास के दौरान नक्सली हिंसा की पीड़ित रीता मंडावी को 5 लाख रूपए कि आर्थिक सहायता प्रदान की है। मुख्यमंत्री के हाथों सहायता राशि मिलने के बाद रीता मंडावी का कहना है कि वो इन पैसों को अपने बच्चों की शिक्षा और उनके बेहतर भविष्य के लिए खर्च करेगी और अपने जीवन को पहले की तरह ही समाज सेवा और लोगों को जागरूक करने में समर्पित करेगी।

नक्सलियों ने कर दी थी हत्या 

बीजापुर जिले के अड्डावली गांव में रीता मंडावी का हंसता खेलता परिवार था। आदिवासी समाज को मुख्यधारा में जोड़ने के लिए उनके पति घनश्याम मंडावी हमेशा सजग रहते थे। शासन की योजनाओं और कार्यक्रमों का लाभ उठाने हमेशा लोगों को प्रेरित करते थे। बस यही बात नक्सलियों को खट गई। एक दिन उनकी नक्सलियों ने हत्या कर दी।

घर-घर पहुंचती है शासन की योजना 

नक्सलियों को लगा कि ऐसा करके वो गांव, समाज और घनश्याम के परिवार की हिम्मत को तोड़ देंगे, लेकिन नक्सलियों को शायद ये पता नहीं था कि मॉं, पत्नी और सरपंच तीनों की भूमिका निभा रही रीता मंडावी के हौंसले कहीं ज्यादा बड़े हैं। पति की मौत के बाद डरने की बजाए रीता ज्यादा मजबूती से खड़ी हुई। रीता अपने 4 साल के बेटे और 2 साल की बेटी के साथ उसी कार्य में लगी रहीं जो वो अपने स्वर्गीय पति के साथ करती थीं, लोगों को जागरूक करना और शासन की योजनाओं को घर घर तक पहुंचाना।

गोबर की चौकीदारी, मंटूराम ने मुख्यमंत्री को बताया कि वे पत्नी संग रातभर करते हैं गोबर की चौकीदारी

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गोबर की चौकीदारी । जी हां, सुनने में अटपटा जरूर लगेगा लेकिन ये सच है । छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के कुटरू में रहने वाले किसान मंटू राम कश्यप गोबर की चौकीदारी करते हैं , और ये बात मंटूराम ने स्वयं मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को बताई। मौका था बीजापुर जिले के कुटरू में आयोजित भेंट मुलाकात कार्यक्रम का।

मुख्यमंत्री को मंटूराम ने बताया कि मैं रात में टॉर्च लगा कर गोबर की चौकीदारी करता हूं , और इस काम मे मेरी पत्नी भी मेरा साथ देती हैं । उन्होंने बताया कि वे छत्तीसगढ़ सरकार की गोधन न्याय योजना के तहत गोबर बेचते हैं  । मंटूराम ने बताया कि अब तक उन्होंने लगभग 14 हजार किलो गोबर करीब 28 हजार रु में बेचा है । बकौल मंटूराम पहले गोबर को कोई नहीं पूछता था लेकिन अब हर किसी की नजर गोबर पर लगी रहती है । कुछ दिन पहले उनके इकठ्ठे किये गोबर को गांव के कुछ लोग उठा ले गए थे । इसके बाद उन्होंने तय किया कि पत्नी के साथ रात में गोबर की निगरानी करेंगे ।

पत्नी के साथ शिफ्ट में चौकीदारी

 मंटूराम गोबर की चौकीदारी रातभर करते हैं। उनके इस काम मे उनकी पत्नी भी साथ देती हैं । वे कहते हैं कि रातभर जागना संभव नहीं है । इसलिए वे और उनकी पत्नी दो शिफ्ट में गोबर की देखरेख करते हैं । रात में कुछ देर मैं फिर मेरी पत्नी टॉर्च लेकर गोबर की निगरानी करते हैं ।

आखिर क्यों पड़ी चौकीदारी की जरूरत

मंटूराम बताते हैं कि रात में टॉर्च लेकर वे कई बार देखने जाते हैं कि गोबर कोई ले तो नहीं गया । वे कहते हैं कि जब से गोबर की कीमत मिलने लगी है, तब से गोबर सहेजकर रखना पड़ता है । एक दिन इकठ्टा किया हुआ गोबर  कुछ लोग चुपचाप उठा ले गए । इसके बाद से गोबर की निगरानी करने लगा ।

गोधन न्याय योजना से मिले रुपयों से रिपेयर कराया मकान

 मंटुराम कश्यप ने बताया कि उनके पास 15 गाय- भैंसे हैं । अब तक गोधन न्याय योजना से गोबर बेचकर करीब 28 हजार रुपये मिले हैं । उन्होंने बताया कि उनके मकान से पानी टपकता था । जिसे बहुत दिन से रिपेयर कराना चाहते थे । गोबर बेचकर मिले पैसे से उन्होंने मकान रिपेयर करा लिया है । मकान में प्लास्टर भी करा लिया है । अब छत से पानी टपकने की समस्या भी खत्म हो गई है।

जवानों ने नक्सलियों की साजिश को किया नाकाम, 5 किलो का IED बरामद

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छत्तीसगढ़ में नक्सलियों की कायराना हरकत की खबरें आए दिन सामने आती रहती है, लेकिन बीजापुर जिले के  बांगापाल थाना क्षेत्र में सुरक्षाबल के जवानों ने नक्सलियों की साजिश को नाकाम कर दिया है। दरअसल, सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के लगाए गए 5 किलो IED को बरामद किया है। जानकारी के मुताबिक IED फुंडरी में इंद्रावती नदी पर बन रहे पुल के पास मिला है। ये सुरक्षाबलों को मारने लिए के लिए प्लांट किया गया था।

जानकारी के मुताबिक नक्सली इंद्रावती नदी पर बन रहे पुल को बम से उड़ाने के फिराक में थे। हालांकि जवानों ने निर्माण स्थल से 5 किलो का एक जिंदा बम बरामद किया है, जिसे डिफ्यूज कर दिया गया है। पुल निर्माण के लिए खड़े किए गए पिलर के पास जवान सर्चिंग कर रहे हैं। बता दें कि बीजापुर जिले के नक्सल प्रभावित इलाके फुंडरी-बांगोली इलाके में बीते कुछ महीनों से इंद्रावती नदी पर पुल बनाने का काम चल रहा है। नक्सली इस पुल का लगातार विरोध कर रहे हैं। साथ ही अब पुल को और इस पुल निर्माण कार्य की सुरक्षा में लगे जवानों को नुकसान पहुंचाने IED प्लांट किए।

IED की सूचना जवानों को मुखबिर से मिली थी, जिसके बाद काम शुरू करने से पहले ही जवान निर्माण कार्य स्थल पर पहुंच गए। BDS की टीम ने बम ढूंढने के लिए सर्चिंग शुरू की। वहीं पिल्लरों के पास डंप किए गए मिट्टी में नक्सलियों ने 5 किलो की IED प्लांट कर रखी थी, जिसे जवानों ने बरामद कर डिफ्यूज कर दिया है। हालांकि इलाके में जहां-जहां पर मटेरियल डंप हैं उन जगहों पर भी सर्चिंग ऑपरेशन चलाया गया है।

लगातार हो रहे हमले

बता दें कि बीते दिनों कांकेर में नक्सलियों के लगाए IED की चपेट में आने से SSB का जवान घायल हुआ था। रेलवे लाइन विस्तार काम की सुरक्षा के लिए सशस्त्र सीमा बल के जवान गश्त पर निकले थे। इसी दौरान एक जवान IED की चपेट में आ गया। मौके पर घात लगाए नक्सलियों ने विस्फोट के बाद जवानों पर हमला भी किया, लेकिन जवानों द्वारा की गई जवाबी कार्रवाई में नक्सली मोर्चा छोड़ कर भाग निकले।

वहीं 20 जनवरी को दंतेवाड़ा और सुकमा जिले की सीमा पर सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में पांच लाख के इनामी एरिया कमेटी मेंबर मड़कम मुइया मार गिराया गया था, जिसके बाद चिंतागुफा थाना क्षेत्र के करीगुंडम और माटेमरका के जंगलों में सुरक्षाबलों ने नक्सली कैंप ध्वस्त कर दिया। यहां से तलाशी में 3 बंदूक, 3 किलो वजनी IED, 80 मीटर बिजली का तार, 2 पिटठू बैग समेत नक्सली साहित्य बरामद किया गया था।

नक्सलियों को मुख्यधारा से जोड़ने की कोशिश

नक्सलियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ पुलिस कई तरह के अभियान चला रही है, जिससे प्रभावित होकर कई नक्सली आत्मसमर्पण भी कर रहे है। जबकि सूरक्षाबल के जवान कई नक्सलियों को गिरफ्तार भी कर रहे है, जिससे बौखलाएं नक्सली इस तरह के कायरना हरकत कर रहे है।बता दें कि प्रदेश में बीते साल के मुताबले इस साल नक्सली हमले और गतिविधियां कम हुई है। वहीं छत्तीसगढ़ पुलिस और सरकार नक्सलियों को मुख्यधारा से जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं।

नक्सलियों ने की सहायक आरक्षक की हत्या, धारदार हथियार से वार कर ली जान

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छत्तीसगढ़ में नक्सलियों की कायराना हरकत की खबरें आए दिन सामने आ रही है। ताजा मामला छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले का है, जहां नक्सलियों ने रविवार शाम को एक सहायक आरक्षक की हत्या कर दी है। जानकारी के मुताबिक नक्सलियों ने पुलिस थाना के सामने साप्ताहिक बाजार में इस वारदात को अंजाम दिया है। करीब 5 से 6 की संख्या में ग्रामीण वेशभूषा में पहुंचे नक्सलियों ने सहायक आरक्षक पर धारदार हथियार से वार कर दिया, जिससे उनकी मौत हो गई। 

जानकारी के मुताबिक सहायक आरक्षक गोपाल कड़ती बाजार से जरूरत का सामान लेने के लिए गए हुए थे, जहां पहले से ही नक्सलियों की स्मॉल एक्शन की टीम मौजूद थी। मौका पाते ही नक्सलियों ने सहायक आरक्षक को घेर लिया। फिर भरे बाजार में ही मिरतुर पुलिस थाना के सामने ही सहायक आरक्षक की हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद नक्सली भीड़ का सहारा लेकर भाग निकले।

वहीं घटना की जानकारी मिलते ही मिरतुम थाना से जवान भी मौके पर पहुंच गए और शव को अपने कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी। ये इलाका पूरी तरह से नक्सलियों का गढ़ है। यहां आए दिन नक्सली किसी न किसी तरह की वारदात को अंजाम देते रहते हैं। एक बार फिर से नक्सलियों ने इस तरह की कायराना करतूत को अंजाम दिया है।

डेढ़ सालों में इतने लोगों की ली जान

17 नवंबर 2020 को नक्सलियों ने सुकमा के जंगलों में जन अदालत लगा कर 2 युवकों की हत्या की थी। 21 अक्टूबर 2020 को नक्सलियों ने बीजापुर में एक आरक्षक को अगवा कर जन-अदालत लगा उसकी हत्या की थी। साल 2020 में ही नक्सलियों ने नारायणपुर के अबूझमाड़ में 2 युवकों पर पुलिस मुखबिरी का आरोप लगा कर गला रेत का हत्या की थी। साल 2020 में कांकेर जिले में नक्सलियों ने जन अदालत लगा कर एक पूर्व सरपंच की हत्या की थी। साल 2020 में कांकेर जिले में एक दिव्यांग युवक की हत्या कर शव सड़क किनारे फेंका था। इस पर भी पुलिस मुखबिरी का आरोप लगाया गया था।वहीं साल 2020 में सुकमा जिले में ही नक्सलियों ने एक ग्रामीण पर पुलिस मुखबिरी का आरोप लगा कर जन अदालत लगा उसकी हत्या कर दी थी। 

पुलिस मुखबिरी का आरोप लगाकर ज्यादातर हत्या

नवंबर 2021 में सुकमा जिले में जन अदालत लगाकर माओवादियों ने 2 युवकों की हत्या की थी। इन पर भी पुलिस मुखबिरी का आरोप लगाया था। नवंबर 2021 में नक्सलियों ने कांकेर जिले के कोयलीबेड़ा इलाके में जन अदालत लगाकर 1 ग्रामीण की हत्या की थी। जनवरी 2022 में बीजापुर जिले में अपने ही एक साथी कमलू पुनेम को जन अदालत लगाकर मारा। जनवरी 2022 में ही बीजापुर जिले के जांगला थाना क्षेत्र में अपने ही 2 साथी भोंगी पोयाम और कोतरापाल निवासी बोटी कुहरामी पर पुलिस मुखबिरी का शक कर उन्हें भी जन अदालत लगा कर मौत की सजा दी।फरवरी माह में ही दंतेवाड़ा जिले के टेटम के ग्रामीण की नक्सलियों ने पुलिस मुखबिरी का आरोप लगाकर हत्या की थी।

5 साल में नक्सली हिंसा में इतने लोगों की गई जान

बीते 5 साल में छत्तीसगढ़ में नक्सली हिंसा (Naxalite violence) में 1000 लोगों की जान जा चुकी है। इनमें 314 आम लोग भी शामिल हैं। इनका नक्सल आंदोलन से कोई लेना-देना नहीं था। वहीं 220 जवान शहीद हुए हैं, साथ ही 466 नक्सली भी मुठभेड़ में मारे गए हैं।

नक्सलियों ने की CAF जवान की हत्या, गला रेतकर ली जान

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छत्तीसगढ़ में नक्सलियों की कायराना हरकत की खबरें आए दिन सामने आ रही है। ताजा मामला छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले का है, जहां नक्सलियों ने एक CAF जवान की हत्या कर दी है। नक्सलियों ने धारदार हथियार से गला रेत कर जवान की जान ली है। हत्या करने के बाद जवान के शव को नक्सलियों ने सड़क पर फेंक दिया। साथ ही शव के पास एक पर्चा भी फेंका। नक्सलियों की गांगलूर एरिया कमेटी ने इस वारदात को अंजाम दिया है। 

मामला गंगालूर थाना क्षेत्र का है। पुलिस के मुताबिक बीजापुर जिले के धनोरा गांव का रहने वाला युवक अर्जुन कुडियम CAF 22वीं बटालियन में पदस्थ था। जवान पिछले कई दिनों से बीमार चल रहा था। 1 महीने पहले छुट्टी में अपने घर आया था। घर पर ही रहकर इलाज करवा रहा था, लेकिन नक्सलियों ने जवान का अपहरण कर लिया था। अपहरण कब और कहां से किया गया फिलहाल इसकी जानकारी पुलिस के पास भी नहीं है।

SP कमलोचन कश्यप ने की घटना की पुष्टि 

शुक्रवार की सुबह नक्सलियों ने जवान की हत्या कर शव को गंगालूर इलाके में सड़क पर फेंक दिया है। वहीं पुलिस ने शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भिजवाया है। बीजापुर SP कमलोचन कश्यप ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है। इधर, शव के पास मिले पर्चे में गांगलूर एरिया कमेटी ने हत्या की जिम्मेदारी ली है। नक्सलियों ने कहा कि ग्रामीणों के ऊपर अत्याचार करना, संपत्ति लूटना जैसे काम किया करता था इसीलिए सजा दी है।

डेढ़ सालों में इतने लोगों की ली जान

17 नवंबर 2020 को नक्सलियों ने सुकमा के जंगलों में जन अदालत लगा कर 2 युवकों की हत्या की थी। 21 अक्टूबर 2020 को नक्सलियों ने बीजापुर में एक आरक्षक को अगवा कर जन-अदालत लगा उसकी हत्या की थी। साल 2020 में ही नक्सलियों ने नारायणपुर के अबूझमाड़ में 2 युवकों पर पुलिस मुखबिरी का आरोप लगा कर गला रेत का हत्या की थी। साल 2020 में कांकेर जिले में नक्सलियों ने जन अदालत लगा कर एक पूर्व सरपंच की हत्या की थी। साल 2020 में कांकेर जिले में एक दिव्यांग युवक की हत्या कर शव सड़क किनारे फेंका था। इस पर भी पुलिस मुखबिरी का आरोप लगाया गया था।वहीं साल 2020 में सुकमा जिले में ही नक्सलियों ने एक ग्रामीण पर पुलिस मुखबिरी का आरोप लगा कर जन अदालत लगा उसकी हत्या कर दी थी। 

पुलिस मुखबिरी का आरोप लगाकर ज्यादातर हत्या

नवंबर 2021 में सुकमा जिले में जन अदालत लगाकर माओवादियों ने 2 युवकों की हत्या की थी। इन पर भी पुलिस मुखबिरी का आरोप लगाया था। नवंबर 2021 में नक्सलियों ने कांकेर जिले के कोयलीबेड़ा इलाके में जन अदालत लगाकर 1 ग्रामीण की हत्या की थी। जनवरी 2022 में बीजापुर जिले में अपने ही एक साथी कमलू पुनेम को जन अदालत लगाकर मारा। जनवरी 2022 में ही बीजापुर जिले के जांगला थाना क्षेत्र में अपने ही 2 साथी भोंगी पोयाम और कोतरापाल निवासी बोटी कुहरामी पर पुलिस मुखबिरी का शक कर उन्हें भी जन अदालत लगा कर मौत की सजा दी।फरवरी माह में ही दंतेवाड़ा जिले के टेटम के ग्रामीण की नक्सलियों ने पुलिस मुखबिरी का आरोप लगाकर हत्या की थी।

5 साल में नक्सली हिंसा में इतने लोगों की गई जान

बीते 5 साल में छत्तीसगढ़ में नक्सली हिंसा (Naxalite violence) में 1000 लोगों की जान जा चुकी है। इनमें 314 आम लोग भी शामिल हैं। इनका नक्सल आंदोलन से कोई लेना-देना नहीं था। वहीं 220 जवान शहीद हुए हैं, साथ ही 466 नक्सली भी मुठभेड़ में मारे गए हैं।

वनवासियों के आस्था का केंद्र 'देवगुड़ियों', तेजी से हो रहा विकास और सौंदर्यीकरण

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छत्तीससगढ़ के सुदूर वनांचल में वनवासियों के आस्था का केंद्र 'देवगुड़ियों' का संरक्षण और संवर्धन का कार्य तेजी से जारी है। इस कड़ी में बीजापुर वन मंडल अंतर्गत साल 2018-19 में 2020-21 तक 63 देवगुड़ियों में संरक्षण और संवर्धन कार्य अंतर्गत उनके बाउंड्रीवॉल समेत चैनलिंक फैंसिंग का काम कराया गया। 

जगदलपुर मुख्य वन संरक्षक मोहम्मद शाहिद ने जानकारी दी कि इनके विकास काम के लिए कैंपा (छत्तीसगढ़ प्रतिकरात्मक वनरोपण निधि प्रबंधन और योजना प्राधिकरण) के तहत 2 करोड़ 82 लाख रूपए की राशि स्वीकृत थी। देवगुड़ियों के संरक्षण और संवर्धन से स्थानीय वनवासियों के विश्वास-आस्था को मजबूती मिली है, जिससे स्थानीय वनवासी आज वन विभाग को अवैध कटाई, अतिक्रमण पर रोकथाम समेत अग्नि सुरक्षा के कार्यों में वनों के विकास के लिए परस्पर सहयोग प्रदान करने में जुटे हुए हैं। 

गौरतलब है कि बीजापुर वन मंडल जनजातीय बाहुल्य क्षेत्र है। यहां पर निवासरत जनजातियों में विभिन्न प्रकार की स्थानीय मान्यताओं के साथ-साथ कई देवी-देवताओं का पूजन किया जाता है। इन देवी-देवताओं के पूजा स्थल सुदूर वन क्षेत्र में स्थित है, जिसे वे पवित्र स्थल के रूप में मानते हैं और वहां किसी प्रकार की अवैध कटाई, अतिक्रमण अन्य निषिद्ध काम को नहीं करते हैं। इन स्थलों पर बाहरी व्यक्तियों का प्रवेश वर्जित रहता है। इन स्थलों पर उनकी मनोभावनाएं जुड़ी रहती है। राज्य सरकार की मंशानुसार स्थानीय ग्रामीणों और वनवासियों के इन मान्यताओं को बनाए रखने के लिए देवगुड़ियों का संरक्षण-संवर्धन का कार्य कराया जा रहा है।

जवानों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़…1 जवान शहीद, एक घायल

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छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में शनिवार को पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें CRPF के असिस्टेंट कमांडेंट शहीद हो गए हैं। शहीद कमांडेंट झारखंड के रहने वाले थे। वहीं मुठभेड़ में एक जवान भी घायल हुआ है। जानकारी के मुताबिक उसूर ब्लॉक के तिम्मापुर से लगे पुतकेल के जंगल में भारी संख्या में नक्सलियों की मौजूदगी की खबर मुखबिर से जवानों को मिली थी। मुखबिर के इसी सूचना के आधार पर शनिवार सुबह CRPF के जवानों को सर्चिंग के लिए इसी जंगल में रवाना किया गया था। यहां नक्सली पहले से ही घात लगाए बैठे थे। जवानों को आते देख नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी।

CRPF के जवानों ने भी नक्सलियों का मुंहतोड़ जवाब दिया। जवानों और नक्सलियों के बीच लगभग आधे घंटे से ज्यादा जबरदस्त मुठभेड़ चली। इस मुठभेड़ में CRPF के असिस्टेंट कमांडेंट एसबी तिर्की शहीद हो गए। वहीं गोली लगने से एक जवान भी घायल है। मुठभेड़ की पुष्टि बस्तर IG पी सुंदरराज ने की है।

CM भूपेश बघेल ने जताया दुख 

वहीं मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने असिस्टेंट कमांडेंट एसबी तिर्की की शहादत पर दुख जताया है। उन्होंने कहा कि 'हमारे जवानों ने नक्सलियों को एक सीमित दायरे में समेट दिया है। हमारे जवानों की शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी।' उन्होंने घायल जवान के बेहतर से बेहतर इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। 

राज्यपाल ने भी जताया शोक 

राज्यपाल अनुसुइया उइके ने भी असिस्टेंट कमांडर की शहादत पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने घायल जवानों के जल्द स्वास्थ्य लाभ की कामना की है। राज्यपाल ने शहीद असिस्टेंट कमांडर के प्रति शोक व्यक्त करते हुए उनके शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि हमारे जवानों की शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी और केंद्र सरकार और राज्य सरकार के समन्वय से प्रदेश से नक्सलवाद का खात्मा जल्द ही होगा।

IED की चपेट में आने से CRPF के 4 जवान घायल, नक्सलियों ने लगाई थी IED, राज्यपाल ने की स्वास्थ्य लाभ की कामना

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छत्तीसगढ़ में नक्सलियों की कायराना हरकत की खबरें आए दिन सामने आती रहती है। वहीं कई बार इसका खामियाजा हमारे सूरक्षाबल के जवानों को भुगतना पड़ता है। सोमवार को बीजापुर (4 CRPF jawans injured in Bijapur) में नक्सलियों ने ऐसे ही कायराना करतूत को अंजाम दिया है। दरअसल, बीजापुर जिले के मोदकपाल थाना क्षेत्र में नक्सलियों के प्लांट किए गए IED की चपेट में आने से CRPF के 4 जवान घायल हो गए हैं।

सभी घायल जवानों को बीजापुर जिला अस्पताल भर्ती कराया गया, जहां से उन्हें रायपुर रेफर कर दिया गया है। जानकारी के मुताबिक मंगलवार सुबह से ही CRPF 153वीं बटालियन के जवान एरिया डोमिनेशन के लिए बीजापुर-भोपालपटनम मुख्य सड़क पर निकले थे, तभी IED ब्लास्ट हो गया। घटना की पुष्टि ASP पंकज शुक्ला ने की है। ASP ने बताया कि CRPF के जवान रोज की तरह इलाके में एरिया डोमिनेशन के लिए निकले थे। इस बीच बीजापुर-भोपालपटनम-उसूर के टी पॉइंट पर सड़क के किनारे नक्सलियों ने जवानों को नुकसान पहुंचाने के लिए पहले से ही प्रेशर IED लगा रखी थी, जिस पर सर्चिंग के दौरान अचानक IED पर जवानों का पैर लग गया, जिससे जोर का धमाका हुआ। ब्लास्ट की चपेट में आने से कुल 4 जवान जख्मी हो गए। सभी घायल जवान CRPF 153वीं बटालियन के ही हैं।

राज्यपाल ने की घायल जवानों के स्वास्थ्य की कामना

घायलों में 2 जवानों की हालत गंभीर बताई जा रही है। दोनों जवान के चेहरे और शरीर पर काफी गंभीर चोट आई है। IED ब्लास्ट की चपेट में आए जवानों में डिप्टी कमांडेंट पलवान विश्वास, SI सदाशिव यादव, हेड कांस्टेबल राजीव रंजन और कांस्टेबल ओम प्रकाश शामिल हैं। SP ने बताया कि घटना के बाद इलाके में सर्चिंग बढ़ा दी गई है। DRG और CRPF के जवान इलाके में गश्त कर रहे हैं। वहीं राज्यपाल अनुसुइया उइके ने घायल जवानों के जल्द स्वास्थ्य लाभ की कामना की है।  

बता दें कि बीते दिनों कांकेर में नक्सलियों के लगाए IED की चपेट में आने से SSB का जवान घायल हुआ था। रेलवे लाइन विस्तार काम की सुरक्षा के लिए सशस्त्र सीमा बल के जवान गश्त पर निकले थे। इसी दौरान एक जवान IED की चपेट में आ गया। मौके पर घात लगाए नक्सलियों ने विस्फोट के बाद जवानों पर हमला भी किया, लेकिन जवानों द्वारा की गई जवाबी कार्रवाई में नक्सली मोर्चा छोड़ कर भाग निकले।

वहीं 20 जनवरी को दंतेवाड़ा और सुकमा जिले की सीमा पर सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में पांच लाख के इनामी एरिया कमेटी मेंबर मड़कम मुइया मार गिराया गया था, जिसके बाद चिंतागुफा थाना क्षेत्र के करीगुंडम और माटेमरका के जंगलों में सुरक्षाबलों ने नक्सली कैंप ध्वस्त कर दिया। यहां से तलाशी में 3 बंदूक, 3 किलो वजनी IED, 80 मीटर बिजली का तार, 2 पिटठू बैग समेत नक्सली साहित्य बरामद किया गया था।

बता दें कि नक्सलियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ पुलिस कई तरह के अभियान चला रही है, जिससे प्रभावित होकर कई नक्सली आत्मसमर्पण भी कर रहे है। जबकि सूरक्षाबल के जवान कई नक्सलियों को गिरफ्तार भी कर रहे है, जिससे बौखलाएं नक्सली इस तरह के कायरना हरकत कर रहे है।बता दें कि प्रदेश में बीते साल के मुताबले इस साल नक्सली हमले और गतिविधियां कम हुई है। वहीं छत्तीसगढ़ पुलिस और सरकार नक्सलियों को मुख्यधारा से जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं।

पुलिस मुखबिरी के शक में नक्सलियों ने की 2 लोगों की हत्या, SP ने की पुष्टि

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छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में एक बार फिर नक्सलियों की कायराना करतूत (Naxalites attacks) सामने आई है, जहां पुलिस मुखबिरी के शक में नक्सलियों ने 2 लोगों की हत्या कर दी है। नक्सलियों ने जांगला थाना क्षेत्र में जनअदालत लगाकर सैकड़ों ग्रामीणों के बीच 7 से 8 जनवरी की रात को वारदात को अंजाम दिया है। इधर, बीजापुर के SP कमलोचन कश्यप ने मारे गए दोनों लोगों को नक्सली बताया है। उन्होंने कहा कि नक्सली खुद के साथियों की ही हत्या कर रहे हैं।

जानकारी के मुताबिक जिले के नक्सल प्रभावित बेलचर गांव में 2 दिन पहले नक्सलियों ने जनअदालत लगाई थी। नक्सलियों की इस जन अदालत में इलाके के सैकड़ों ग्रामीण मौजूद थे। जनअदालत में भोंगी पोयाम और कोतरापाल निवासी बोटी कुहरामी को सब के बीच खड़ा किया था। ग्रामीणों को बताया गया कि ये दोनों गद्दार हैं और पुलिस की मुखबिरी करते हैं। फिर सैकड़ों ग्रामीणों के सामने दोनों की हत्या कर दी थी। 

SP कमलोचन कश्यप ने दी जानकारी

बीजापुर जिले के SP कमलोचन कश्यप ने कहा कि मारे गए दोनों लोगों की फाइल खंगाली गई है। ये दोनों भी नक्सली हैं। बीते कई सालों से संगठन में जुड़कर काम कर रहे थे। इन दोनों के खिलाफ भी बीजापुर जिले के थानों में नामजद अपराध दर्ज हैं। बीजापुर जिले में नक्सलियों ने कुछ दिन पहले अपने ही साथी की हत्या की है। रविवार को गंगालूर एरिया कमेटी के नक्सलियों ने प्रेस नोट जारी किया है। प्रेस नोट के माध्यम से नक्सलियों ने कहा कि उन्होंने अपने साथी नक्सली कमांडर कमलू पुनेम को मौत की सजा दी है। वो गद्दार था। उन्होंने कहा अपनी ही बहन के साथ शारीरिक संबंध रखता था। बहन के साथ भागकर पुलिस के सामने घुटने टेकने जा रहा था, जिसे जनता ने पकड़ा और जन अदालत में लाकर खड़ा कर दिया और मौत की सजा दे दी गई।

पुलिस मुखबिरी के शक में नक्सलियों ने की इतनी हत्याएं

बता दें कि पुलिस मुखबिरी के शक में नक्सली लगातार ऐसी ही वारदात को अंजाम दे रहे हैं। 17 नवंबर 2020 को नक्सलियों ने सुकमा के जंगलों में जन अदालत लगाकर 2 युवकों की हत्या की थी। 21 अक्टूबर 2020 को नक्सलियों ने बीजापुर में एक आरक्षक को अगवा कर जन अदालत लगा उसकी हत्या की थी। साल 2020 में ही नक्सलियों ने नारायणपुर के अबूझमाड़ में 2 युवकों पर पुलिस मुखबिरी का आरोप लगाकर गला रेत का हत्या की थी। साल 2020 में कांकेर जिले में नक्सलियों ने जन अदालत लगा कर एक पूर्व सरपंच की हत्या की थी। साल 2020 में कांकेर जिले में एक दिव्यांग युवक की हत्या कर शव सड़क किनारे फेंका था। इस पर भी पुलिस मुखबिरी का आरोप लगाया गया था।

वहीं 2020 में ही सुकमा जिले में ही नक्सलियों ने एक ग्रामीण पर पुलिस मुखबिरी का आरोप लगाकर उसकी हत्या कर दी थी। नवंबर 2021 में सुकमा जिले में जन अदालत लगाकर नक्सलियों ने 2 युवकों की हत्या की थी। इन पर भी पुलिस मुखबिरी का आरोप लगाया था। नवंबर 2021 में नक्सलियों ने कांकेर जिले के कोयलीबेड़ा इलाके में जन अदालत लगाकर 1 ग्रामीण की हत्या की थी। जनवरी 2022 में बीजापुर जिले में अपने ही एक साथी कमलू पुनेम को जन अदालत लगाकर मारा था। अब नक्सलियों ने 7-8 जनवरी की रात 2 ग्रामीणों को मार दिया है।

5 साल में नक्सली हिंसा में इतने लोगों की गई जान

बीते 5 साल में छत्तीसगढ़ में नक्सली हिंसा (Naxalite violence) में 1000 लोगों की जान जा चुकी है। इनमें 314 आम लोग भी शामिल हैं। इनका नक्सल आंदोलन से कोई लेना-देना नहीं था। वहीं 220 जवान शहीद हुए हैं, साथ ही 466 नक्सली भी मुठभेड़ में मारे गए हैं।

नक्सलियों ने की पूर्व सरपंच की हत्या, अपहरण कर दिया वारदात को अंजाम

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छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में एक बार फिर नक्सलियों की कायराना करतूत (naxalites attacks) सामने आई है। दरअसल, जिले में नक्सलियों ने पूर्व सरपंच को मौत के घाट उतार (naxalites killed ex  sarpanch ) दिया है। जानकारी के मुताबिक नक्सलियों ने 3 दिन पहले पूर्व सरपंच रमेश कोरसा को अगवा किया था, जिसकी हत्या कर नक्सलियों ने उसके शव को उसूर ब्लॉक के पास कोत्तापल्ली गांव में फेंक दिया।  पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक उन्हें ग्रामीणों से घटना की जानकारी मिली है। फिलहाल पुलिस ने क्षेत्र में सर्चिंग अभियान तेज कर दी है।

जानकारी के मुताबिक उसुर ब्लॉक के कोत्तापल्ली गांव के पास शव बरामद किया गया। मृतक पूर्व सरपंच रमेश कोरसा तेलगांना मुलगु जिले के वेंकटापुरम तहसील के सुरा वेडू गांव का निवासी था। जिसे नक्सलियों ने तीन दिन पहले ही अगवा कर अपने साथ ले गए थे। इस वारदात से गांव के लोगों में दहशत का माहौल है।

पुलिस लगातार कर रही कार्रवाई

बता दें कि पुलिस की लगातार कार्रवाई से बौखलाए नक्सली लोगों में दहशत फैलाने के लिए लगातार किसी न किसी कायराना करतूत को अंजाम देने में लगे हुए हैं। नक्सली लगातार पुलिस की नाक के नीचे मुखबिरी के शक में ग्रामीणों की हत्या कर रहे हैं।

5 साल में नक्सली हिंसा में इतने लोगों की गई जान

बीते 5 साल में छत्तीसगढ़ में नक्सली हिंसा (Naxalite violence) में 1000 लोगों की जान जा चुकी है। इनमें 314 आम लोग भी शामिल हैं। इनका नक्सल आंदोलन से कोई लेना-देना नहीं था। वहीं 220 जवान शहीद हुए हैं, साथ ही 466 नक्सली भी मुठभेड़ में मारे गए हैं।

दंतेवाड़ा के सहायक खाद्य अधिकारी और नवागढ़ खाद्य निरीक्षक निलंबित, 7 दुकानदारों पर भी गिरी गाज

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छत्तीसगढ़ शासन द्वारा दंतेवाड़ा जिले के सहायक खाद्य अधिकारी मनीष चितले को प्रशासनिक कार्यों में अनुशासनहीनता और लापरवाही बरतने के कारण छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियम के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन की अवधि में निलंबित शासकीय सेवक का मुख्यालय कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी दंतेवाड़ा निर्धारित किया गया है। निलंबन अवधि में नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता की पात्रता होगी। 


नवागढ़ खाद्य निरीक्षक निलंबित

नगरीय निकाय  निर्वाचन कार्य मे गंभीर लापरवाही बरतने के कारण नवागढ़ खाद्य निरीक्षक विवेक मिश्रा को निलंबित कर दिया गया है। कलेक्टर विलास भोसकर संदीपान ने निलंबन आदेश जारी किया है। खाद्य निरीक्षक मिश्रा का निलंबन अवधि में मुख्यालय खाद्य शाखा कार्यालय कलेक्टर बेमेतरा मे नियत किया गया है।

बारदाना जमा नहीं करने वाले 7 दुकानदारों पर भी गिरी गाज  

वहीं बीजापुर कलेक्टर राजेंद्र कुमार कटारा के निर्देश पर भोपालपटनम SDM ने बारदाना जमा नहीं करने वाले 7 उचित मूल्य दुकान संचालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है और इन उचित मूल्य दुकानों को निलंबित कर दिया है। खाद्य विभाग द्वारा अप्रैल 2021 से सार्वजनिक वितरण प्रणाली की खाली बारदाना संबंधित लेंपस समितियों में जमा करने के लिए निर्देश देने के बावजूद उचित मूल्य दुकान संचालकों द्वारा बारदाना जमा नहीं किया जा रहा हैं, ऐसे उचित मूल्य दुकान संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। 

SDM ने किया दुकानों को निलंबित

SDM हेमेंद्र भुआर्य द्वारा उसूर ब्लॉक के पामेड़, तर्रेम, नेला कांकेर, गगनपल्ली और लंकापल्ली और भोपालपटनम ब्लॉक के सेंड्रा और एडापल्ली उचित मूल्य दुकान को बारदाना जमा नहीं करने के कारण तत्काल प्रभाव से निलंबित कर समीपस्थ उचित मूल्य दुकान में संलग्न कर दिया गया है। वहीं बाकी सभी उचित मूल्य दुकान संचालकों को नोटिस जारी कर दो दिन के अंदर खाली बारदाना लैंपस में जमा किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। बारदाना जमा नहीं करने की स्थिति में संबंधित उचित मूल्य दुकान संचालकों के खिलाफ छत्तीसगढ़ सार्वजनिक वितरण प्रणाली  नियंत्रण आदेश के आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। 

समर्थन मूल्य पर धान उर्पाजन 

बता दें कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 के तहत समर्थन मूल्य पर धान उर्पाजन किया जा रहा है। खाद्य अधिकारी से मिली जानकारी के मुताबिक शासन के निर्देशानुसार महत्ती कार्य के लिए नया, मिलर्स और PDS बारदानों का उपयोग किया जा रहा है। लक्ष्य के अनुरुप बारदानों की पूर्ति के लिए निरंतर उचित मूल्य दुकानों से PDS बारदाना संकलित किया जा रहा है। इसी के तहत कार्रवाई कर उचित मूल्य दुकानों का निलंबन किया जा रहा है।

कोविड पॉजिटिव पाए जाने के कारण जयसवाल होटल सील

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कोरोना काल के दौरान बीजापुर जिले मे संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान के सैंपल और टेस्टिंग किए जा रहे हैं। इसी दौरान जायसवॉल होटल में एक व्यक्ति की जांच रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव पाई गई। इसके बाद SDM और इंसीडेंट कमाण्डर ने होटल में कार्यरत कर्मचारियों की कोविड जांच रिपोर्ट प्राप्त होने तक यानी 15 दिसंबर 2021 तक जायसवॉल होटल को सील कर दिया गया है।

दूसरे दिन भी जारी रहा टीकाकरण महाअभियान  

सूरजपुर जिले में टीकाकरण महाअभियान का दूसरा दिन भी जोरों से चला। सभी पात्र व्यक्तियों को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए टीके लगवाने प्रशासन कड़ी मशक्कत के साथ प्रेरित कर रहा है।  इस टीकाकरण महाअभियान में जिला प्रशासन की पूरी टीम नगर और गांव के घर-घर गली, मोहल्ले, खेत खलिहान, नदी, पहाड सहित सभी जगहों पर जा कर टीकाकरण कर रही हैं।  

अफवाह से बचने की समझाइश

कोविड-19 टीकाकरण महाअभियान में लोगों को जागरूक करने सुबह से ही कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह के निर्देश पर जिला सीईओ राहुल देव ने नगर सहित विभिन्न ब्लॉकों के गली और मोहल्लों का भ्रमण कर जिन लोगों ने कोरोना की वैक्सीन नहीं लगवाया है, उनके घर-घर जाकर कोरोना की वैक्सीन लगवाने की अपील कर उन्हें प्रेरित किया और वैक्सीनेशन के प्रति भ्रामक अफवाह से बचने की सजग समझाइश दी गई। 

निर्धारित गाइडलाइन का पालन करने की हिदायत

अपने परिवार और गांव के अन्य पात्र हितग्राहियों-रिश्तेदारों को भी वैक्सीन लगाने के लिए कहने के लिए कहा। उनके द्वारा कोरोना के तीसरी लहर की संभावनाओं को देखते हुए किसी भी तरह की लापरवाही ना बरतने तथा कोरोना के निर्धारित गाइडलाइन का पालन करने की हिदायत दी जा रही है।

घर-घर जाकर वैक्सीन लगा रहे स्वास्थ्यकर्मी

जिला प्रशासन द्वारा पात्र हितग्राहियों को शत-प्रतिशत वैक्सीनेशन के लिए जिला नोडल अधिकारी, ब्लॉक नोडल अधिकारी और क्लस्टर समन्वयक नियुक्त किए गए हैं।  जनप्रतिनिधियों, समाज सेवकों के साथ समूचा जिला प्रशासन की टीम इस महाअभियान को सफल बनाने गली, मोहल्ला, वार्डों, खेत, खलिहानों, नदी, पहाड़ के बीच पहुंच कोरोना संक्रमण से बचाव लिए कोविड-19 टीकाकरण करवाने लोगों को प्रेरित कर रही है। वहीं घर-घर जाकर वैक्सीन का प्रथम और दूसरा डोज लगाया जा रहा है। 

ग्रामीण इलाकों में वैक्सीन लगवाने को तैयार नहीं

गांव के दूरस्थ क्षेत्रों में राजापुर के घुनघुट्टा नदी को पार कर तालाडांड जाकर लोगों को प्रेरित कर वैक्सीनेशन किया गया। साथ ही जिला CEO ने सभी टिकाकरण करने वाले दलों को कहा कि आप जितना भी टिका लगा चुके हैं उनकी जानकारी कोविन पोर्टल में अवश्य अपलोड करायें। कई ग्रामीण इलाकों में वैक्सीन लगवाने को तैयार नहीं हैं उकसे बावजूद भी वैक्सीनेशन दल के द्वारा मान-मनौव्वल के बाद लोग टीका लगवाने के लिए तैयार हो रहे है।

मान-मनौव्वल करने के बाद तैयार हुई सुखमनिया

वहीं मुख्यालय से लगे केतका के परसापारा में एक 82 साल की सुखमनिया वैक्सीन लगवाने के लिए तैयार नहीं थीं, जिसे बड़ी मशक्कत कर मान-मनौव्वल करने के बाद सुखमनिया तैयार हुई। इसी तरह कई ग्रामीण इलाकों से खबर मिल रही है कि बहुत मशक्कत करना पड़ रहा है।     

मनौव्वल के दौर को देखते हुए SP भी उतरी मैदान में

जिला प्रशासन के द्वारा 100% वैक्सीनेशन कराने महाअभियान जारी किया है, जिसमें कई ग्रामीण इलाकों में भ्रामक अफवाहों की वजह से वैक्सीन लगवाने कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। जिसमें  पुलिस अधिक्षक भावना गुप्ता ने ग्रामीण क्षेत्र के कई इलाकों में जाकर ग्रामीणजनों के बीच कोविड वैक्सीनेशन कराने की अपील की और समझाईश दी, जिसमें उन्होंने वैक्सीनेटरों से पूछा कि कही पर टिकाकरण करने में किसी प्रकार की परेशानी तो नहीं हो रही है।

अपनी और अपनों की रक्षा के लिए आएं आगे

जनता से अपील है कि अपनी और अपनों की रक्षा के लिए आगे आएं और कोविड-19 के दोनों डोज लगवाएं। आप जिम्मेदार नागरिक होने का फर्ज निभाएं और दूसरों को भी ऐसा करने के लिए प्रेरित करें।

84 हजार 987 हुए वैक्सीनेटेड 

जानकारी के मुताबिक शनिवार शाम 5ः00 बजे तक की रिपोर्ट में प्रथम और द्वितीय चरण में 84 हजार 987 लोगों का वैक्सीनेशन किया गया। साथ ही कोविन पोर्टल में 66 हजार 558 एन्ट्री किया गया है। 

अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई पिकअप, 2 लोगों की मौके पर ही मौत, 2 गंभीर रूप से घायल

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छत्तीसगढ़ में सड़क दुर्घटना (Road accident increased in Chhattisgarh) बढ़ता ही जा रहा है। आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में रोजाना 10 से ज्यादा लोग सड़क हादसे में अपनी जान गंवाते हैं। ताजा मामला छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले का है, जहां के जांगला थाना क्षेत्र में एक तेज रफ्तार पिकअप अनियंत्रित होकर पेड़ से जा टकराई। हादसे में 2 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें इलाज के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 


जानकारी के मुताबिक पिकअप जगदलपुर से तेलंगाना सब्जी छोड़ने गई थी, जहां से वापस जगदलपुर लौटते समय अनियंत्रित होकर पेड़ से जा टकराई। इस हादसे में पिकअप सवार गणपत कश्यप (उम्र 25) और श्यामलाल कुर्रे (उम्र 25) की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि अंतु कश्यप (उम्र 22) और सुखनदंन बघेल घायल हो गए। घायलों को भी गंभीर चोटें आई है। घायलों को बेहतर इलाज के लिए जगदलपुर के मेडिकल कॉलेज भेजा गया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।

मौत के मामले में 11वें नंबर पर छत्तीसगढ़

इस साल नवंबर में सड़क दुर्घटनाओं (Road accidents) में 408 लोगों की मौत और 884 लोग घायल हुए है। प्रदेश में 11 महीनों में 10 हजार 126 सड़क दुर्घटनाओं में 395 लोगों की मौत हुई और 9 हजार 270 लोग घायल हुए है। वहीं सड़क हादसे से होने वाली मौत के मामले में छत्तीसगढ़ देश भर में 11 वें नंबर पर पहुंच गया है।

सड़क हादसों में मरने वालों की संख्या

सड़क हादसों (Road Accident in Chhattisgarh) में मौत के मामले में छत्तीसगढ़ के आंकड़ों में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। आंकड़ों के मुताबिक साल 2019 में करीब 14 हजार सड़क हादसों में 4 हजार 556 लोगों ने अपनी जान गवांई है। इसमें करीब 3 हजार 200 मृतक ऐसे हैं, जो दो पहिया वाहनों में थे।

दिन-ब-दिन बढ़ रहा सड़क हादसों का ग्राफ

इन 3 हजार 200 में से करीब 2450 लोगों की मौत सिर में चोट लगने की वजह से हुई है। इसके कारण प्रदेश में सड़क हादसों का ग्राफ दिन ब दिन बढ़ता ही जा रह है, इसके कारण सड़क हादसों में जान गवांने वाले लोगों की संख्या भी बढ़ती ही जा रही है। आंकड़ों के मुताबिक सड़क हादसों में सबसे ज्यादा हादसे राजधानी रायपुर में हो रहे हैं। छत्तीसगढ़ पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक राजधानी रायपुर के टाटीबंध चौक पर हर महीने 4 से 5 लोगों की मौत होती है। ऐसा नहीं है कि सरकार सड़क हादसों को कम करने के लिए कोई उपाय नहीं कर रही है।

लोगों की लापरवाही बन रही हादसों का कारण

बता दें कि सड़क हादसों और इन हादसों में घायल लोगों को जल्द इलाज मुहैया करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने हर जिले के पुलिस को पेट्रोलिंग वाहन सौंपा है. साथ ही सड़क हादसों को कम करने और लोगों को जागरूक करने के लिए कई तरह के जागरुकता अभियान भी चलाएं जा रहे है, लेकिन लोगों की लापरवाही के कारण सड़क दुर्घटना कम होने का नाम नहीं ले रहा है। लोग अपनी सुरक्षा के लिए हेलमेट नहीं पहनते है, बल्कि पुलिस से बचने के लिए हेलमेट पहनते है। वहीं लोग हर काम जल्दी करना चाहते है, कई बार लोगों की यहीं जल्दबाजी सड़क हादसों का कारण बनता है।

इन कारणों की वजह से हो रहा सबसे ज्यादा हादसा

  • शराब पीकर वाहन चलाने के कारण।
  • गलत साइड में ड्राइविंग करने के कारण।
  • बिना हेलमेट वाहन पहने गाड़ी चलाने के कारण।
  • मोबाइल फोन का उपयोग करते-करते ड्राइविंग करने के कारण।
  • नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने जैसे कारणों के कारण सबसे ज्यादा दुर्घटना और मौत हो रही है।

साल दर साल बढ़ रहा आंकड़ा

बीते तीन साल के सड़क हादसों के रिपोर्ट के आधार पर पुलिस मुख्यालय ने रिपोर्ट तैयार की हैं। वहीं साल 2016 से अगस्त 2020 तक के मौतों के आंकड़ों को देखा जाए तो हर साल सड़क हादसों होने वाले मौतों का आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा हैं। बता दें कि कोरोना के मद्देनजर किए गए लॉकडाउन में सड़क हादसों की संख्या में कमी आई थी, लेकिन अनलॉक के बाद प्रदेश में सड़क हादसों की संख्या में लगातार तेजी आई है। अगस्त, सितंबर और अक्टूबर में बीते साल के मुकाबले सबसे ज्यादा 13 प्रतिशत की बढ़ोतरी सितंबर में हुई है।

हेलमेट नहीं पहनने की वजह हो रही सबसे ज्यादा मौतें

सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि सड़क हादसों में हर 100 में से 95 लोगों की मौत हेलमेट नहीं पहनने की वजह से हुई है। पुलिस मुख्यालय ने इसके लिए सभी जिलों में अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। इन साल दस महीनों में सड़क हादसों के आंकड़ों में कमी आई थी , लेकिन लॉकडाउन खत्म होने के बाद जैसे-जैसे आवाजाही बढ़ी वैसे-वैसे हादसों की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है।

इन जिलों में आई मृत्यु दर में कमी

आंकड़ों के मुताबिक रायपुर, गरियाबंद, मुंगेली, दंतेवाड़ा, बीजापुर और नारायणपुर में हादसों में मरने वालों की संख्या सबसे ज्यादा है,जबकि बाकी जिलों में मृत्यु दर में कमी आई है। प्रदेशभर के सड़क हादसों के रिपोर्ट के मुताबिक 67% दोपहिया वाहन सवारों की मौत हुई है। दोपहिया वाहन सवार 2359 लोग हादसे के शिकार हुए, जिनमें 2361 की मौत हो गई। इनमें से 2257 की मौत हेलमेट नहीं पहनने से हुई है। इस साल दस महीने में 9097 सड़क हादसे हुए हैं । इसमें 3543 लोगों की मौत हुई है। इसके अलावा 8388 लोग घायल हुए हैं।

सबसे ज्यादा युवा हो रहे हादसे का शिकार

बता दें कि 40 प्रतिशत सड़क दुर्घटना फ्लाई ओवर के आस-पास होता हैं। इसके बाद सबसे ज्यादा हादसा क्रॉसिंग पर होता है, आंकड़ों के मुताबिक क्रॉसिंग पर होने वाले सड़क हादसों का प्रतिशत 30 है। इनमें सबसे ज्यादा हादसों के शिकार बाइक सवार और पैदल यात्री होते है। वहीं हादसों के शिकार होने वाले लोगों में ज्यादातर लोग युवा हैं। 

देश की सबसे बड़ी इंजीनियरिंग परीक्षा में बीजापुर के छात्रों ने लहराया परचम

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देश की सबसे बड़ी और कठिन मानी जाने वाली इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा में बस्तर अंचल के धुर नक्सल प्रभावित क्षेत्र बीजापुर जिले के बच्चे भी परचम लहरा रहे हैं। इस साल की जेईई मेंस परीक्षा में बीजापुर जिले के सात छात्रों ने यह परीक्षा क्रैक की है। इससे इस नक्सल प्रभावित जिले के बच्चों के अरमानों को नए पंख लग गए हैं। 


देश के सबसे पिछड़े जिलों में शामिल बीजापुर जिले में आदिवासी बच्चों को IITs और NITs जैसे राष्ट्रीय स्तर के शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश दिलाने के लिए विशेष कोचिंग दी जा रही है। जिला प्रशासन द्वारा छू-लो-आसमान कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इस विषेश कोचिंग में गरीब परिवारों के प्रतिभावन छात्रों को बड़ी सहुलियत मिल रही है। उन्हें इस कार्यक्रम से निशुल्क कोचिंग के साथ आवासीय सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। 

प्रवेश परीक्षाओं की निशुल्क तैयारी

जिला प्रशासन द्वारा DMF मद से निशुल्क कोचिंग के लिए उत्कृष्ठ शिक्षक, लाइब्रेरी सहित सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है, इससे विद्यार्थियों में इन प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर वातावरण का निर्माण हुआ है। बीते साल भी अखिल भारतीय इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा में 03 छात्रों को सफलता मिली थी।

सात छात्रों का चयन

जेईई मेंस परीक्षा में इस साल बीजापुर जिले के गरीब परिवार के सात छात्रों को सफलता मिली है। ये छात्र ग्रामीण पृष्ठभूमि से हैं। इन छात्रों में मरकापाल भैरमगढ़ से बबलू यादव, पालनार से किशोर कारम, गंगालूर से सुरेश हेमला, विबनेश्वर पंतेगी और जीतू पोयम भैरमगढ़ के राहूल लेकाम समेत आवापल्ली से रमेश कुमार बुरका शामिल हैं।

ढाई साल में 3459 हितग्राहियों को मिला वन अधिकार पत्र, 50 हितग्राहियों को पहली बार मिला अधिकार पत्र

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परंपरागत वन निवासी अधिनियम 2006 के तहत बीजापुर जिले में अब तक 10 हजार 897 व्यक्तिगत वन अधिकार पत्रों का वितरण किया गया है। साल 2006 से दिसंबर 2018 के पहले इन 12 सालों में सिर्फ 7 हजार 338 व्यक्तिगत वन अधिकार मान्यता पत्र वितरित हुए थे, लेकिन ढाई सालों के दौरान वन अधिकार पत्र व्यापक रूप से प्रदान करते हुए इन ढाई सालों में 3459 हितग्राहियों को वन अधिकार मान्यता पत्र वितरित किया गया है, जिसमें अभ्यारण क्षेत्र में 343 और इंद्रावती उद्यान क्षेत्र में 481 हितग्राहियों को वन अधिकार पत्र प्रदान किया गया है। 


नक्सल प्रभावित 51 ग्रामों के 352 हितग्राहियों और नगरीय निकाय क्षेत्र में 50 हितग्राहियों को पहली बार वन अधिकार पत्र प्रदान किया गया है। वन अधिकार पत्र प्राप्त किसानों की आय में बढ़ोतरी के लिए कार्ययोजना के तहत उनके खेतों में 237 डबरी निर्माण, भूमि समतलीकरण के 1006 कार्य और मिश्रित फलदार पौधारोपण के 64 कार्य हितग्राहियों की भूमि पर और 58 हितग्राहियों की जमीन पर नलकूप खनन के साथ-साथ गाय शेड, मुर्गी शेड-सौर सुजला योजना के 09 प्रकरणों की स्वीकृति दी गई है।

297 सामुदायिक वन अधिकार पत्रों का वितरण

इसी  तरह ढाई सालों में धान बिक्री के लिए 1 हजार 222 किसानों का पंजीयन किया गया है, जिसमें 1041 कृषकों के द्वारा 13615 क्विंटल धान बेचकर किसानों ने 254 लाख का आय अर्जित  किए गए। वहीं 1041 वन अधिकार धारियों का किसान क्रेडिट कार्ड और 1089 किसानों का फसल बीमा भी कराया गया है। वनोपज संग्रहण के कार्य और तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य से भी किसानों की आय में बढ़ोतरी हुई। इसी तरह जिले में ढाई सालों में 1589 सामुदायिक वन अधिकार और दिसंबर 2008 के बाद जिले में पहली बार 297 सामुदायिक वन अधिकार पत्रों का वितरण किया गया है।

गिरदावरी का काम तय समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश 

महासमुंद कलेक्टर डोमन सिंह ने आनावारी, अल्प वर्षा और खंड वर्षा की जानकारी के साथ बीते रविवार से हो रही बारिश खरीफ फसल की स्थिति के बारे में भी जानकारी ली। उन्होंने जिले के सभी एसडीएम को अल्प और खंड वर्षा के कारण सर्वाधिक प्रभावित गांवों का भ्रमण कर अब हो रही बारिश के चलते खरीफ फसल की स्थिति को देखें। इसके साथ ही गिरदावरी के कार्य को तय समय-सीमा में पूरा करने कहा। उप संचालक कृषि को खाद-बीज की कालाबाजारी रोकने के लिए सभी जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए।

लंबित प्रकरणों की ली बारी-बारी से जानकारी 

कलेक्टर डोमन सिंह ने मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना की भी जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि 112 ग्राम पंचायतें लगभग 80 हेक्टेयर रकबा में दिए गए लक्ष्य में 13500 पौधें रोपे गए हैं। वही 419 किसानों ने 490 हेक्टेयर में इस योजना का लाभ ले रहे हैं। राजस्व अधिकारी ने बताया कि 87 प्रतिशत गिरदावरी हो चुकी है। कलेक्टर ने गौठानों से लगी जमीनों पर पोषण वाटिका की कार्ययोजना के बारे में भी पूछा। आखिरी में विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारियों से समय-सीमा के लंबित प्रकरणों की बारी-बारी से जानकारी ली।

जिले में एक साल में बने 8 हजार 484 आधार कार्ड, 11 हजार 472 आधार कार्ड हुए अपडेट

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बीजापुर जिले में बीते एक साल से लगातार आधार कार्ड पंजीयन शिविर आयोजित कर अन्य तक 8 हजार 484 नवीन आधार कार्ड बनाए जा चुके हैं। वहीं 11 हजार 472 आधार कार्डों का अपडेशन किया गया है। जिले के अंतर्गत बीजापुर ब्लॉक में कलेक्ट्रेट बीजापुर सहित नगर पालिका परिषद बीजापुर, जनपद पंचायत बीजापुर, ग्राम पंचायत चेरपाल, धनोरा और गंगालूर में आधार कार्ड पंजीयन शिविर आयोजित किया जा रहा है। वहीं भैरमगढ़ ब्लॉक में भारतीय स्टेट बैंक भैरमगढ़ और ग्राम पंचायत मिनगाचल और भोपालपटनम ब्लॉक अंतर्गत नगर पंचायत भोपालपटनम, ग्राम पंचायत  मद्देड़ सहित उसूर ब्लॉक में ग्राम पंचायत आवापल्ली में आधार कार्ड पंजीयन शिविर आयोजित  किया जा रहा है। 


आधार कार्ड पंजीयन शिविरों में 24 जुलाई 2021 से 23 अगस्त 2021 तक कुल 807 नवीन आधार पंजीयन करने सहित 1072 आधार कार्डों का अपडेशन किया गया। जिसके तहत बीजापुर ब्लॉक में 479 नवीन आधार कार्डों का अपडेशन भैरमगढ़ ब्लॉक में 185 नवीन आधार पंजीयन और 299 आधार कार्डों का अपडेशन, भोपालपटनम ब्लॉक में 36 नवीन आधार पंजीयन, 93 आधार कार्डों का अपडेशन, उसूर ब्लॉक में 107 नवीन आधार पंजीयन सहित 149 आधार कार्डों का अपडेशन किया गया। क्षेत्र के गणमान्य नागरिक और ग्रामीणजन संबंधितआधार पंजीयन शिविरों में उपस्थित होकर नवीन आधार पंजीयन और आधार कार्डों का अपडेशन करवा सकते हैं। 

आंगनबाड़ी में अब बच्चे खाएंगे फोर्टिफाइड राइस

आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों के भोजन के लिए छत्तीसगढ़ शासन खाद्य नागरिक आपूर्ति के द्वारा सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत संचालित शासकीय उचित मूल्य दुकानों से खाद्य वितरण और छत्तीसगढ़ राज्य भंडार गृह निगम के गोदामों में भंडारित खाद्यान्नों के लिए निर्देश दिए गए हैं। दुर्ग जिले के विद्यार्थियों और गर्भवती महिलाओं में कुपोषण की समस्या को दूर करने के लिए संतुलित आहार प्रदान करने के उद्देश्य से शासकीय उचित मूल्य दुकानों में मध्यान्ह भोजन योजना-पूरक पोषण आहार योजना का चावल पृथक रखने का निर्देश दिया गया है। 

फोर्टिफाइड राइस के फायदे

आंगनबाड़ी में सिर्फ फोर्टिफाइड राइस का ही वितरण किया जाना है, ताकि बच्चों में पोषण के स्तर को बेहतर किया जा सके। फोर्टिफाइड युक्त चावल में आयरन, विटामिन ए, विटामिन बी 1, विटामिन बी 12, फोलिक एसिड और जिंक जैसे पोषक तत्व मौजूद होते हैं। फोर्टिफाइड राइस खाने से बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी और एनीमिया जैसी शिकायतों में भी कमी आएगी। राज्य भंडार गृह निगम के गोदामों में कीट मुक्ति के लिए दवा का छिड़काव और संग्रहित खाद्यान्न की गुणवत्ता पर भी ध्यान दिया जाएगा, ताकि हितग्राहियों को गुणवत्ता युक्त खाद्यान्न प्राप्त हो सके।

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