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प्रकृति को संवारने में जुटे पीपला फाउंडेशन, पौधरोपण कर दिया हरियाली का संदेश

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 आरंग। नगर के स्वयं सेवी संगठन पीपला वेलफेयर फाउंडेशन के सदस्यगण इन दिनों प्रकृति को संवारने में जुटे हैं। वही बुधवार को मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर फाउंडेशन के सदस्यों ने पौधरोपण कर हरियाली का संदेश दिया।


फाउंडेशन के कोषाध्यक्ष कोमल लाखोटी ने बताया विगत माह भर से आरंग के कलई रोड मंडी परिसर से संलग्न मैदान में एक पेड़ मां के नाम पर लगायें सैकड़ों पौधों की देखभाल व नियमित सिंचाई कर रहे हैं। जिससे कि देखरेख और पानी के अभाव में मर रहे पौधों को सुरक्षित किया जा सके।


वही पौधरोपण, सिंचाई व संरक्षण में प्रमुख रूप से फाउंडेशन के अध्यक्ष दूजेराम धीवर, संयोजक महेन्द्र कुमार पटेल,सचिव अभिमन्यु साहू, कोषाध्यक्ष कोमल लाखोटी, संयुक्त सचिव संजय मेश्राम,सक्रिय सदस्य प्रतीक टोंड्रे, राकेश जलक्षत्री,भागवत जलक्षत्री सहित अन्य सदस्यगण सहभागिता निभा रहे हैं।

भिलाई में अखिल भारतीय कवि सम्मेलन 3 अक्टूबर को, पीपला फाउंडेशन के संयोजन में आयोजित होगा कार्यक्रम

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 आरंग । शारदीय नवरात्र के अवसर पर नगर के स्वयंसेवी सामाजिक संगठन पीपला वेलफेयर फाउंडेशन के संयोजन में समस्त ग्रामवासियों द्वारा 3 अक्टूबर को ग्राम भिलाई के बाजार चौंक में रात्रि 8 बजे अखिल भारतीय स्तरीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। 


जिसमें संयोजक के रूप में अरुणा चौहान श्रृंगार रस कवि रायपुर से, सुप्रसिद्ध कवि मीर अली मीर गीतकार मोवा रायपुर से, संचालक बंशीधर मिश्रा बिलाईगढ़ हास्य व्यंग्य, सलीम दरियापुरी शायर अमरावती महाराष्ट्र से, कवयित्री अलका शरर मुम्बई से,करीमुद्दीन सिद्धार्थ नगरी मुम्बई से,सुरेन्द्र अग्निहोत्री "आगी" हास्य महासमुन्द से, महेन्द्र कुमार पटेल गीतकार मोरध्वज नगरी आरंग से कविता पाठ प्रस्तुत करेंगे।

जिसमें मुख्य अतिथि अभनपुर विधायक इंद्रकुमार साहू होंगे। अध्यक्षता डी. आई. जी. पी. ग्रुप सेन्टर सी. आर. पी. एफ. भिलाई करेंगे। विशिष्ट अतिथि डॉ संतोष कुमार सिंह एस. एस. पी. रायपुर व जयंत कुमार थोरात रिटायर्ड डीआईजी छत्तीसगढ़ पुलिस होंगे। सम्मेलन के आयोजन संयोजन में पीपला फाउंडेशन के संरक्षक पारसनाथ साहू, सरपंच जयनारायण साहू ग्राम पंचायत भिलाई, गिरधारी साहू, सीएल साहू प्राचार्य,प्रधान पाठिका डार्थी तांडी, शिक्षक महेन्द्र कुमार पटेल, दूजेराम धीवर,कोमल लाखोटी सहित ग्रामीणों की अहम भूमिका है।

आरंग में स्थापित हैं श्रीगणेश की प्राचीन प्रतिमाएं, यहाँ गणेशोत्सव की ऐतिहासिक धूम

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पीपला फाउंडेशन कर रहा प्राचीन प्रतिमाओं पर शोध अध्ययन, मूर्तियों की जानकारी संग्रहित।



      आनंदराम पत्रकारश्री
आरंग । छत्तीसगढ़ के प्राचीन नगरों में से एक आरंग में जगह-जगह श्रीगणेश की प्राचीन प्रतिमाएं स्थापित है। यहाँ गणेशोत्सव की ऐतिहासिक धूम हर साल होता है। राजधानी रायपुर की तरह ही आरंग में विशाल प्रतिमाओं की स्थापना, झांकी प्रदर्शन और भक्ति भाव से 11 दिनों तक गणेशोत्सव की धूम मची रहती है। प्राचीन काल से ही आरंग धार्मिक और मंदिरों की नगरी के नाम से प्रख्यात है। यहां के मंदिरों में जगह-जगह श्रीगणेश की स्थापित प्राचीन प्रतिमाएं वर्तमान में भी पूज्यनीय हैं। इन मूर्तियों की पुरातात्विक महत्व को प्रतिपादित करने की आवश्यकता महसूस की जा रही है।




वैदिक काल से गणपति की देव स्थापना

तामासिवनी निवासी पुराविद् और प्राचीन कला विधा की प्रांत सहसंयोजक डॉ. शुभ्रा रजक तिवारी बताती हैं कि भारतीय धार्मिक परंपरा में गाणपत्य सम्प्रदाय का प्रमुख स्थान माना गया है। वैदिक काल से ही देव के रूप में गणपति की प्रतिष्ठा हो गई थी। ऋग्वेद में रूद्र के गण मस्तों का वर्णन किया गया है। इन गणों के नायक को गणपति कहा गया है। ऋग्वेद में "गणानां त्वा गणपतिम्" मंत्र गणेशजी के लिए ही प्रचलित माना जाता है।




गणपति का शाब्दिक अर्थ है गण नायक अर्थात् समुदायों का नायक। ब्रह्मवैवर्त पुराण में उल्लेखित गणपति शब्द का विश्लेषण करने पर "ग" शब्द से ज्ञान, "ण" शब्द से मोक्ष और "पति" शब्द का अर्थ परब्रह्म से माना गया है।



पूजा विधान प्राचीनकाल से विद्यमान

गाणपत्य पूजा का विधान अत्यंत प्राचीन काल से प्रचलित रहा है। जिसका प्रभाव भारतवर्ष के साथ-साथ छत्तीसगढ़ में भी सभी जगह दिखाई देता है। गुप्तोत्तर काल में गणेश की प्रतिमाएं सम्पूर्ण भारतवर्ष में अंकित की जाने लगी थी। श्रीगणेश का अंकन शैव परिवारों में तथा नवग्रहों के साथ मंदिरों के सिरदल में बनाई जाने लगी। गणेश की प्रतिमा का निर्माण एकमुखी, द्विमुखी तथा पंचमुखी रूप में भी निर्मित किया गया है तथा प्रतिमा शास्त्रों में भुजाओं को द्विभुजी से षोडसभुजी तक निर्मित किये जाने का विधान बताया गया है। छत्तीसगढ़ में गणेश की प्रतिमाएं आसनस्थ, स्थानक, नृत्यरत, दम्पत्ति (सपत्निक) एवं अन्य देवी-देवताओं के साथ प्राप्त होती है। छत्तीसगढ़ में पांचवी शताब्दी ईसवी से पंद्रहवी शताब्दी ईसवी तक गणेश प्रतिमा का निर्माण तथा गाणपत्य धर्म के विकास का अनवरत क्रम दिखाई देता है।छत्तीसगढ़ के अनेक कलचुरी कालीन अभिलेखों में गणेशजी की वंदना एवं मंदिर निर्माण से संबंधित जानकारी प्राप्त होती है।




पीपला फाउंडेशन का शोध अध्ययन

स्वयंसेवी संगठन पीपला वेलफेयर फाउंडेशन के सदस्यगण इन प्राचीन प्रतिमाओं की जानकारी संकलित कर पुराविदों से अध्ययन करा रहे हैं। फांऊडेशन के संयोजक व समाजसेवी महेन्द्र पटेल बताते हैं श्रीगणेश की एक प्राचीन प्रतिमा आरंग नगर के लोधी पारा निवासी लक्ष्मीनारायण लोधी के निवास में स्थापित है, जो एक ही पत्थर से निर्मित करीब ढाई फीट ऊंची और डेढ़ फुट चौड़ी सुंदर प्रतिमा है। जिसकी पूजा आराधना लोधी परिवार के लोग ही करते हैं।
नगर के अन्य स्थानों पर भी श्रीगणेश की प्राचीन प्रतिमाएं खुले में कुछ खंडित अवस्था में हैं जिन्हें संरक्षण की आवश्यकता है।





इन स्थानों पर है श्रीगणेश की प्राचीन प्रतिमाएं

आरंग नगर के सिद्ध शक्तिपीठ बाबा बागेश्वरनाथ मंदिर, बरमबावा मंदिर, नारायण बन हनुमान मंदिर, महामाया मंदिर, नकटी तालाब किनारे स्थित जागेश्वर महादेव मंदिर परिसर, भुनेश्वर महादेव मंदिर, समियामाता मंदिर, कंकाली मंदिर सहित नगर में अन्य मंदिरों में भी श्रीगणेश की प्राचीन प्रतिमाएं देखी जा सकती है। इससे प्रतीत होता है कि आरंग में सदियों से ही श्रीगणेश की पूजा - आराधना विशेष रूप से होती रही है। आज भी आरंग नगरवासी गणेशोत्सव को बड़े ही धूमधाम से मनाते हैं।

पीपला फाउंडेशन ने आरंग में निकाली कांवर यात्रा, अनेक नदियों के जल से हुआ शिवालयों का जलाभिषेक

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 आरंग। शिवालयों की नगरी आरंग में सावन के तीसरे सोमवार को भक्तिमय वातावरण रहा। नगर में स्वयंसेवी सामाजिक संगठन पीपला वेलफेयर फाउंडेशन ने कांवर यात्रा निकाली। नगर की गलियों में बोलबम का नारा और जयघोष गूंजता रहा। जलाभिषेक करने देश भर के अनेक नदियों के पवित्र जल से जलाभिषेक कर नगर, क्षेत्र व देशवासियों के लिए सुख-समृद्धि की कामना किए।


भक्ति भाव से ओतप्रोत कांवर यात्रा का शुभारंभ बस स्टैंड में बने राजा मोरध्वज की प्रतिमा पर जल अर्पण से हुआ। कांवर यात्रा को नगर के प्रथम नागरिक नपाध्यक्ष चंद्रशेखर चंद्राकर ने रवाना किया। नगर के गलियों से होते हुए करीब 8 किमी कांवर यात्रा संपन्न हुई।


फाऊंडेशन के सदस्यों ने भगवान श्रीकृष्ण और राजा मोरध्वज से आशीर्वाद लेकर बोलबम का उदघोष करते हुए सबसे पहले कुमारेश्वर महादेव मंदिर पहुंचे। वहाँ जलाभिषेक करने के तत्पश्चात नगर के सबसे बड़े महादेव भुवनेश्वर से ब्राह्मण पारा होते हुए डमौआ तालाब स्थित मोक्षेश्वर ,जोबेश्वर महादेव, पंचमुखी महादेव से वापस होकर झलमला तालाब किनारे स्थित महादेव, ज्ञानेश्वर महादेव, जलेश्वर, बाबा बागेश्वरनाथ महादेव, रानी सागर तालाब किनारे स्थित त्रिलोकी महादेव, भूरेश्वर महादेव, झंझनेश्वर, धनीराम आश्रम के पास स्थित वटेश्वर महादेव, नकटी तालाब किनारे स्थित जागेश्वर महादेव से बस स्टैंड के निकट स्थित उमा महेश्वर महादेव में जल अर्पण कर पुनः राजा मोरध्वज की प्रतिमा में जल अर्पित कर यात्रा संपन्न हुआ। इस तरह करीब 8 किलोमीटर की यात्रा 3 घंटे में नगर की परिक्रमा करते हुए सम्पन्न हुआ।

फाउंडेशन के सदस्यों ने बताया कि नगर में इस यात्रा का उद्देश्य नगर के देवालयों की महत्ता को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना व लोगों में नगर के शिवालयों के प्रति आस्था और विश्वास को बढ़ाना है। नगर में अनेक प्राचीन शिवलिंग हैं, जो जन आस्था का केंद्र हैं। ज्ञात हो कि यह संगठन विगत तीन वर्षों से नगर में कांवर यात्रा निकालते हैं।

इन नदियों के जल से हुआ जलाभिषेक

गंगोत्री, यमुनोत्री, सरस्वती, अलकनंदा, गरुड़ गंगा, सुल्तान गंज का जल, क्षिप्रा,
त्रिवेणी संगम राजिम, सूखा नदी लाफिनकला, हरिद्वार से लाए कुल 24 नदियों का जल मिश्रण कर शिवलिंग में अर्पित किया गया। कहा जाता है कि भगवान भोलेनाथ इतने भोले हैं कि एक लोटा जल अर्पण से ही प्रसन्न होकर भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करते हैं। सावन महीने भर शिवालयों में भक्तों की भीड़ उमड़ती है।

इस कांवर यात्रा में प्रमुख रूप से फाउंडेशन के संरक्षक आनंदराम पत्रकारश्री, अध्यक्ष दूजेराम धीवर , संयोजक महेन्द्र कुमार पटेल, कोमल लाखोटी, खिलेश देवांगन ,अशोक साहू, रमेश देवांगन, अजय देवांगन, अभिमन्यु साहू,नीरज साहू,होरीलाल पटेल,यादेश देवांगन,दिना सोनकर, बसंत साहू, संजय मेश्राम, प्रतीक टोंड्रे, राहुल पटेल,कियांश देवांगन ,रानी पद्मावती महिला संगठन से पुष्पांजलि मोहंती, प्रियंका देवांगन की सक्रिय भागीदारी रही।

JAL DAN ABHIYAN: दानशीलता की मिशाल पेश करते सामाजिक संगठन पीपला फाउंडेशन

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 भीषण गर्मी में पशु पक्षियों के लिए दाना-पानी का इंतजाम


आरंग । पौराणिक काल से ही आरंग दानशीलता के लिए प्रख्यात रहा है। राजा मोरध्वज की दानशीलता की कहानी तो बच्चे बच्चे की जुबान पर सहज ही सुना जा सकता है।वही नगर के स्वयंसेवी सामाजिक संगठन पीपला वेलफेयर फाउंडेशन भी नगर में दानशीलता के अनेकों मिशाल पेश कर चुके हैं। विगत दो ढाई वर्षो से ग्रीष्म काल में मूक पशुओं के लिए जगह-जगह जल पात्र रखकर जल दान महादान अभियान चला रहे हैं।



वहीं नगर के मुख्य मार्ग, मुक्तिधाम, सब्जी मंडी में लोगों को शीतल जल उपलब्ध कराने वाटर कूलर स्थापित किए हैं।वही जगह जगह पक्षियों के लिए सकोरा रखकर जल दान महा अभियान के साथ साथ सार्वजनिक प्याऊ केंद्र का संचालन कर रहे हैं।जिसकी इन दिनों नगर सहित अंचल में सर्वत्र सराहना हो रही है। वहीं ग्रामीण अंचलों में युवागण पीपला फाउंडेशन के कार्यों से प्रेरित होकर जनहित व रचनात्मक कार्य करने की पहल करने लगे हैं।

इस तरह यह फाउंडेशन जन सरोकार व रचनात्मक कार्यों के लिए रोल मॉडल बनते जा रहा है।गत दिवस राहगीरों को शीतल जल के उपलब्ध कराने महासमुंद के बस स्टैंड में वाटर कूलर एक और वाटर कूलर की स्थापित किया गया। वही नगर में मूक जानवरों के लिए सैकड़ो स्थानों पर जल पात्र रखकर मूक पशुओं को जल पिला रहे हैं साथ ही उन जलपात्रों की देखरेख कर रहे हैं।

फाउंडेशन के सदस्यों का कहना है प्यासे को पानी पिलाने से बेहतर जल का सदुपयोग भला और क्या हो सकता है।वहीं बरसात में पौधे दान जन अभियान, मकर संक्रांति में वस्त्रदान, लड्डू दान, वर्ष भर शिक्षा दान,नेत्रदान,समय-समय पर रक्तदान, मूक पशुओं के लिए जल पात्र दान, जरूरत मंदों को यथेष्ट धन दान, श्रमदान सहित सबसे बड़ी समय दान कर जनमानस में लोकप्रियता हासिल कर रहे हैं।

शिक्षा के क्षेत्र में आरंग में पीपला फाउंडेशन द्वारा अनुकरणीय पहल, शिक्षादान महादान, पीपला ने चलाया वर्ष भर अभियान

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आरंग। दानशीलता की नगरी आरंग में स्वयंसेवी सामाजिक संगठन पीपला वेलफेयर फाउंडेशन विगत दो वर्षों से निरंतर शिक्षादान केंद्र का संचालन कर रहे हैं। जिसमें प्रतिदिन बारी बारी से 6वीं से 12वीं तक के करीब 50 बच्चे पहुंचकर निःशुल्क कोचिंग प्राप्त कर रहे हैं।


ज्ञात हो कि शिक्षादान केंद्र संचालन की परिकल्पना फाउंडेशन के संयोजक व समाजसेवी नवाचारी शिक्षक महेन्द्र पटेल ने किया था। जिसके तहत् शिक्षादान केंद्र में पढ़ाने वाले किसी शिक्षित बेरोजगार युवाओं को एक निश्चित मानदेय  फाउंडेशन के सेवाभावी लोगों के द्वारा प्रदान किया जाता है। और बच्चों से किसी तरह का कोई शुल्क बिल्कुल भी नहीं लिया जाता। इस तरह पढ़ाने वाले युवाओं का कुछ सहयोग हो जाता है और बच्चों को निःशुल्क कोचिंग मिल जाता है।
प्रतिदिन प्रातः 6 से 8 और रविवार को विशेष रूप से कक्षा संचालित किया जाता है। जिसमें छात्रों द्वारा चिन्हित कठिनाईयों को दूर किया जाता है। इससे गरीब बच्चों के परीक्षा परिणाम काफी अच्छा आ रहा है।

गत वर्ष ग्रामीण अंचलों में भी फाऊंडेशन ने शिक्षादान केंद्र का संचालन किया था। जिसमें ग्राम भिलाई और गुल्लू जैसे बड़े गांवों भी शिक्षा दान केंद्र का संचालन किया गया था। यहां आसपास के करीब पांच छः गांव के सैकड़ों छात्र छात्राएं शिक्षादान केंद्र में पहुंचकर निःशुल्क कोचिंग प्राप्त किया था।

जिसका परीक्षा परिणाम  भी बहुत ही उत्कृष्ट रहा था‌। जिसके लिए आरंग,भिलाई, मोखला के प्राचार्यो ने पीपला फाउंडेशन शिक्षादान केंद्र संचालन की पहल की उन्मुक्त कंठ से सराहना करते हुए फाउंडेशन का आभार जताया था। 

इस वर्ष शिक्षादान केंद्र के संचालन में विशेष योगदान गायत्री शक्तिपीठ आरंग, फाउंडेशन के संरक्षक भुनेश्वर साहू ,अध्यक्ष दूजेराम धीवर, संयोजक महेन्द्र पटेल, कोषाध्यक्ष कोमल लाखोटी, सक्रिय सदस्य नीरज साहू,छत्रधारी सोनकर, होरीलाल पटेल, ब्रजेश अग्रवाल सोनू पुस्तक भंडार, रमेश देवांगन, संजय मेश्राम, अभिमन्यु साहू, यादेश देवांगन सहित फाउंडेशन के सदस्यों की अहम् भूमिका रही है।

पुरातत्व में अभिलेखन और संरक्षण प्रविधियां पर राष्ट्रीय कार्यशाला में पहुंचे शोधार्थियों ने देखा आरंग का पुरा वैभव

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 पीपला फाउंडेशन के सदस्यों ने किया प्रतिभागियों को श्रीपुर एक्सप्रेस पत्रिका की प्रतियां भेंट


आरंग । संचालनालय पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय रायपुर द्वारा आयोजित सात दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला के सातवें दिन गुरुवार को प्रतिभागियों ने आरंग स्थित भांड देउल जैन मंदिर का अवलोकन किया। मंदिर स्थापत्य और उसके अंगों की जानकारी प्राप्त की।

डॉ. शंभूनाथ यादव ने भांड देवल मंदिर के इतिहास और प्रभात कुमार सिंह ने मंदिर स्थापत्य और शिल्पांकन में प्रतीकात्मकता और उसके दार्शनिक पहलुओं के विषय में बतलाया। डॉ. राजीव मिंज ने मंदिर के भूविन्यास और उत्सेध विन्यास की जानकारी प्रदान की। वहीं नगर के सामाजिक संगठन पीपला वेलफेयर फाउंडेशन के सदस्यों ने पहुंचकर देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे कार्यशाला के सभी प्रतिभागियों को आरंग के इतिहास पर केंद्रित पत्रिका भेंट करते हुए आरंग के नामकरण तथा भांडदेवल के इतिहास पर इतिहासकारों से जानकारी लिए।

वहीं इतिहासकारों ने आरंग को काफी प्राचीन नगरी बताते हुए कहा आरंग में अनेक रहस्य अपने गर्भ में समेटे हुए है।यह प्राचीन काल से ही सभी धर्मों का केन्द्र रहा है। इतिहासकारों ने बताया मंदिर का सही नाम भांड देउल है।भांड का अर्थ भग्न तथा देउल का अर्थ मंदिर है।

लोग जानकारी नहीं होने के कारण मांडदेवल या भांडल देव कहते लिखते हैं।कार्यशाला के प्रतिभागियों ने महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय रायपुर का भी अवलोकन किया और मूर्तिशिल्प सहित पुरावशेषों के प्रदर्शन और व्याख्या को समझा। संचालनालय के सभागार में समापन सत्र को संबोधित करते हुए उप संचालक डॉ. पी.सी. पारख ने सभी प्रतिभागियों को उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी और उन्हें प्रमाण पत्र और स्मृति चिह्न प्रदान किया।

आरंग में मोरध्वज महोत्सव भव्य कराने की तैयारी, विधायक गुरु खुशवंत साहेब ने ली सर्व समाज की बैठक

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विधायक ने कहा- प्राचीन नगर आरंग की ख्याति विश्व स्तर पर होगी

उपस्थितजनों को संबोधित करते हुए विधायक गुरु खुशवंत साहेब

आरंग। क्षेत्र के युवा विधायक गुरु खुशवंत साहेब ने मंगलवार को नगर पालिका सभागार में सर्व समाज की बैठक ली। विधायक के नेतृत्व में नगर में राजा मोरध्वज‌‌‌ महोत्सव का भव्य आयोजन करने की तैयारी शुरु हो गई है। इसके लिए नगर स्तरीय सर्व समाज और स्वयं सेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों की बैठक आहूत की गई थी। विधायक के संयोजन में बैठक की अध्यक्षता नपा उपाध्यक्ष नरसिंग साहू ने की। इस अवसर पर सभी का विचार सुनने के बाद विधायक गुरु खुशवंत साहेब ने महोत्सव को बीते वर्ष की तुलना में और भी भव्य करने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि आरंग के ऐतिहासिक और पौराणिक मान्यताओं को वैश्विक पटल पर लाने में यह महोत्सव मिल का पत्थर साबित होगा। गत वर्ष पीपला फाउंडेशन के संयोजन में आयोजित कार्यक्रम को इस वर्ष ज्यादा भव्यता प्रदान करने और हर साल महोत्सव आयोजित करने का निर्णय लिया गया। उल्लेखनीय है कि गत वर्ष आयोजित महोत्सव में तत्कालीन मंत्री डॉ शिव कुमार डहरिया ने आयोजन के लिए शासन की ओर से हर साल 10 लाख रुपये दिए जाने की घोषणा की थी। नगरीय प्रशासन विभाग से बजट आबंटन भी हुआ था। सरकार बदलने पर आयोजन को लेकर जनसामान्य में संशय की स्थिति थी। जिसे लेकर युवा विधायक गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि दलगत राजनीति आरंग के विकास और जनहित के कार्यों में कहीं आड़े नहीं आएगी। उन्होंने महोत्सव को भव्य बनाने सभी से सुझाव आमंत्रित किया।

40 समाज प्रमुखों की उपस्थिति में महत्वपूर्ण बैठक

आरंग नगर के करीब चालीस विभिन्न समाज प्रमुखों ने इस बैठक भाग लिया। सभी ने एक स्वर में महोत्सव कराए जाने का आग्रह किया। इसे भव्य बनाए जाने और सर्वहारा वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित करने अनेक सुझाव दिए।

नगर के सबसे सक्रिय सामाजिक संगठन पीपला वेलफेयर फाउंडेशन, मां कौशल्या जिला मानस संघ रायपुर, कोसल साहित्य एवं कला मंच, राजा मोरध्वज मानस शक्ति केंद्र आरंग सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रमुखों ने भी भाग लिया।

पीपला फाउंडेशन के प्रयास की सराहना

इस मौके पर विधायक गुरु खुशवंत साहेब ने कहा -गत वर्ष पीपला फाउंडेशन ने जनभागीदारी और नगरीय निकाय के सहयोग से राजा मोरध्वज महोत्सव की ऐतिहासिक शुरुआत की है। यह परंपरा कायम रहेगी। महोत्सव को और भी ज्यादा भव्य रूप में मनाया जाएगा। सर्व समाज द्वारा गुरु खुशवंत साहेब को राजा मोरध्वज महोत्सव का संयोजक घोषित किया गया।
इस अवसर पर गत वर्ष राजा मोरध्वज महोत्सव आयोजन की पहल करने वाले पीपला फाउंडेशन के संरक्षक आनंदराम पत्रकारश्री, अध्यक्ष दूजेराम धीवर, संयोजक महेन्द्र पटेल ने अपने पिछले आयोजन के अनुभव साझा करते हुए महादानी राजा मोरध्वज की कहानी को स्कूली बच्चों के पाठ्यक्रम में शामिल करने तथा आयोजन को और भी भव्य रूप से मनाने का आग्रह किया। जिस पर गुरु खुशवंत ने पीपला फाउंडेशन के कार्यों की उन्मुक्त कंठ से सराहना करते हुए सहर्ष सहमति जताई। उन्होंने मोरध्वज महोत्सव आयोजन कामेटी में पीपला फाउंडेशन को भी विशेष स्थान दिए जाने की बात कही।

इनकी रही सक्रिय भागीदारी

बैठक में गनपत लोधी, भोलाराम साहू, बलराम पाल, सुरेश शर्मा, गणेश बांधे, खिलावन निषाद, तेजराम जलक्षत्री, परमानन्द नेभवानी, महेंद्र सिंह (पप्पू सेठ ), बजरंग साहनी, राकेश साहनी,अरविंद गुप्ता, मनोज चंद्राकर, पंचराम सोनवानी, वैभव अग्रवाल, चंद्रकिशोर गोंड़, विष्णु देवांगन, मो. शमीम तंवर, हलधर बघेल, डेरहा धुरंधर, उमाकांत यादव, रामदयाल यादव, कैलाश सेन, नंदकुमार बांसवार, जवाहर वर्मा, मुकेश प्रजापति, गोपी सोनी, गोपाल पटेल, कमल निर्मलकर, लखनलाल सोनकर, सोनू कंसारी, समारू सोनवानी, दिनेश्वर तंबोली, श्रवण कुमार पैकरा, हरिराम पारधी, लक्ष्मीनारायण सैनिक, गोपी देवार, सुशील गोस्वामी, धनीराम विश्वकर्मा,डॉली विश्वकर्मा, कोसल मंच से अनूपनाथ योगी, अरविंद वैष्णव, रीति सोनपीपरे,पीपला फाउंडेशन के सदस्यों सहित नगर के वरिष्ठ नागरिकों व जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति रही। वरिष्ठ भाजपा नेताओ में के के भारद्वाज, मंडल अध्यक्ष राजा तंबोली, भाजपा नेता शेखर साहू, गणेश साहू, संदीप जैन, सालिक साहू, विनोद साहू,पंकज शुक्ला, राजेन्द्र चंद्राकर, सतीश सोनकर, दिलीप जलक्षत्री, ब्रिजेश सोनी,पुष्कर साहू,तुलाराम पाल,पद्मिनी साहू, सत्यार्थ प्रकाश साहू, नगर पालिका परिषद आरंग से पार्षद राजेश साहू, नरेन्द्र लोधी,सूरज लोधी, शंकर जलक्षत्री,शरद गुप्ता,खिलावन निषाद,समीर गौरी, गौरी देवांगन, दीक्षा सूरज सोनकर,राम मोहन लोधी आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे।

वहीं बैठक के आयोजन- संयोजन में नगर पालिका स्टाफ से अनुभव साहू, मनीष स्वर्णकार, मन्नू ट्रोंड्रे,घनश्याम साहू,इंदीवर दूबे, लक्ष्मण पाल,पोषण साहू सहित पालिका स्टाफ का सराहनीय योगदान रहा। आभार प्रदर्शन नपाउपाध्यक्ष नरसिंग साहू ने किया।

सामाजिक संगठनों ने की खुशवंत गुरू को मंत्री बनाने की मांग

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 आरंग । नगर के सामाजिक संगठन पीपला वेलफेयर फाउंडेशन, कोसल साहित्य-कला मंच, श्रीबागेश्वरनाथ गौसेवा धाम समिति, रानी पद्मावती महिला संगठन सहित आरंग नगर के अनेक संगठनों व समाजजनों ने गुरू खुशवंत साहेब को मंत्री बनाने की मांग की है। पीपला फाउंडेशन के अध्यक्ष दूजेराम धीवर ने बताया कि आरंग क्षेत्र प्रगति पथ पर अग्रसर है। विकास की गति निरंतर जारी रहे, इसके लिए आरंग क्षेत्र को मंत्रीमंडल में स्थान दिया जाना चाहिए। गुरू खुशवंत साहेब सतनामी समाज के आस्था से जुड़े हुए हैं। समाज में एक बड़ी आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं।



 सामाजिक संगठनों का कहना है आरंग, राजधानी नवा रायपुर से जुड़ा हुआ है। यह क्षेत्र अनेक मायनों में बहुत महत्वपूर्ण है‌‌। यहां नगर व क्षेत्र में विकास की अनेक संभावनाएं हैं। विकास के साथ-साथ सामाजिक न्याय की दृष्टि से भी गुरू खुशवंत साहेब को मंत्री बनाया जाना नितांत आवश्यक है।

आरंग के गौरवशाली इतिहास को जन-जन तक पहुंचाने का अभियान, पीपला फाउंडेशन का एक और सराहनीय पहल

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आरंग। आरंग के गौरवशाली इतिहास और नामकरण की कहानी को जन-जन तक पहुंचाने की मुहिम शुरू की गई है। पीपला वेलफेयर फाउंडेशन आरंग द्वारा प्राचीन नगरी आरंग के इतिहास के साथ साथ नगर की विशेषताओं को जन जन तक पहुंचाया जा रहा है। नई पीढ़ी को गौरवशाली इतिहास से अवगत कराया जा रहा है।



इसी कड़ी में बुधवार को आरंग के इतिहास और गौरव गाथा को फ्लैक्स बनवाकर नगर के बद्रीप्रसाद महाविद्यालय, अरुंधति विद्यालय , सृजन सोनकर स्कूल, स्वामी आत्मानंद विद्यालय, कन्या हायर सेकंडरी स्कूल, गांधी स्कूल सहित विभिन्न विद्यालयों में प्रदान किया जा रहा है। जिससे बच्चों के साथ-साथ जन सामान्य तक आरंग के गौरवशाली इतिहास की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सके।

आरंग के गौरवगाथा का आलेख पीपला फाउंडेशन के संरक्षक आनंदराम पत्रकारश्री ने तैयार किया है। इस विशेष मुहिम की परिकल्पना अध्यक्ष दूजेराम धीवर,  महेन्द्र पटेल और कोमल लाखोटी ने किया है। विभिन्न विद्यालयों के प्राचार्यो, प्रबंधन समिति  द्वारा पीपला फाउंडेशन के इस पहल की उन्मुक्त कंठ से सराहना की जा रही है।

मोरध्वज नगरी-आरंग का इतिहास है समृद्ध 


मोरध्वज नगरी-आरंग का नगर का इतिहास बहुत ही समृद्ध है। आरंग छत्तीसगढ़ का एकमात्र वह नगर है, जहाँ त्रेतायुग में श्रीराम और द्वापर में श्रीकृष्ण का आगमन हुआ।आरंग के नामकरण की गाथा दंत कथाओं और पौराणिक मान्यताओं में है। आज से करीब पांच हजार साल पहले भारत में हिन्दू राजाओं का साम्राज्य था। इसी कालखंड में महाप्रतापी राजा मयूरध्वज (मोरध्वज) हुए। मोरध्वज अपनी उदारता और दानशीलता के लिए विख्यात हुए । पौराणिक मान्यताओं के अनुसार श्रीकृष्ण-अर्जुन द्वारा परीक्षा लेने पर राजा ने अपने बेटे ताम्रध्वज को दान कर दिया। राजा मोरध्वज ने रानी पद्मावती के साथ मिलकर आरा से चीरकर बेटे ताम्रध्वज को भूखे शेर के लिए भोजन
परोसा। इसी घटनाक्रम से  आरा+अंग = आरंग नाम पड़ा।

यह है आरंग नगर की विशेषता

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से 36 किमी दूर स्थित है-आरंग नगर। नगर की बसाहट राष्ट्रीय राजपथ-53 और रायपुर-विशाखपट्नम रेलमार्ग पर महानदी स्टेशन पर है। आरंग नगर के पूर्व दिशा में भांड देउल (प्राचीन मंदिर), उत्तर में बाबा बागेश्वरनाथ महादेव मंदिर (मान्यता है वनवास काल में मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम यहाँ आए थे), दक्षिण में आदिशक्ति महामाया मंदिर (नगर की कुलदेवी) और पश्चिम में हजरत सैय्यद बाबा का मजार ( यहाँ मन्नतें पूरी होती है) स्थित है। धार्मिक-पावन नगरी आरंग में चारों ओर ताल-तलैया पुरातन काल से बड़ी संख्या में विद्यमान हैं।नगर के सभी दिशाओं में स्थित प्राचीन शिवलिंग, इसे शिवालय नगरी  सिद्ध करते हैं। भुवनेश्वर,पंचमुखी महादेव(पीपलेश्वर), कुमारेश्वर,वटेश्वर महादेव , झनझना महादेव आरंग के अद्वितीय मंदिर हैं। यहाँ की स्थापत्य कला अनूठी है।

सामाजिक संगठनों ने दी समाजसेवी अजय कंकरिया को श्रद्धांजलि

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आरंग। पीपला फाउंडेशन के सदस्यों ने समाजसेवी अजय कांकरिया के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए आरंग के बस स्टैंड में श्रद्धांजलि व पुष्पांजलि सभा का आयोजन किया। जिसमें राजा मोरध्वज के स्टेच्यू के समीप सैकड़ों दीप जलाकर भावपूर्वक श्रद्धांजलि दी गई। साथ ही बारी-बारी से अजय की उदारता व उनके व्यक्तित्व पर विचार रखे। 

इस मौके पर नगर के अनेक सामाजिक संगठनों सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित होकर समाजसेवी अजय कांकरिया के निधन पर गहरा संवेदना व्यक्त करते हुए नम् आंखों से श्रद्धांजलि दी। आज दिनभर नगरवासियों द्वारा सोशल मीडिया में भी अजय की आकस्मिक निधन की चर्चा होती रही। इस मौके पर अजय कांकरिया के अनुज अनिल कांकरिया ने उन्हें व उनके परिवार के लोगों को आरंग में मिले अगाध स्नेह से अभीभूत होकर नगर के समस्त सामाजिक संगठनों, नागरिकों तथा नगरवासियों का आभार जताया। 

श्रद्धांजलि सभा में रानी पद्मावती महिला समूह की महिलाओं, गायत्री शक्तिपीठ के सदस्यगण,कोसल मंच के सदस्यों, व्यापारी संघ के सदस्यगण,जिला मानस संघ के सदस्यगण, मोरध्वज मानस शक्ति केन्द्र के सदस्यगण, मोरजधज ग्रुप के सदस्यों, सृजन कोचिंग संस्थान, महाकाल ग्रुप के सदस्यों, पीपला फांऊडेशन के सदस्यों सहित बड़ी संख्या में नागरिकों व जनप्रतिनिधियों ने भी श्रद्धांजलि सभा में शामिल होकर अजय कांकरिया को भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

राजभाषा आयोग के सचिव से आरंग को पाठ्यक्रम में शामिल करने की मांग

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 आरंग। राजभाषा आयोग द्वारा राजधानी रायपुर में आयोजित सातवां प्रांतीय सम्मेलन में पीपला फाउंडेशन के सदस्यों ने भाग लिया। सम्मेलन में सम्मिलित होकर छत्तीसगढ़ राज भाषा आयोग के सचिव डाक्टर अनिल भतपहरी सहित अनेक विद्वानों को आरंग के इतिहास पर केंद्रित पत्रिका भेंट किया। 


साथ ही महादानी राजा मोरध्वज की गाथा को स्कूली बच्चों के पाठ्यक्रम में शामिल करने की मांग की। राजभाषा के विभिन्न प्रकाशन में प्राचीन नगर आरंग की महत्ता को स्थापित करने संबंधी चर्चा की।  आयोग के सचिव डॉ  भतपहरी ने आरंग के इतिहास पर केंद्रित पत्रिका की उन्मुक्त कंठ से सराहना करते हुए पीपला फाउंडेशन और श्रीपुर एक्सप्रेस प्रकाशन को शुभकामनाएं दी।

 ज्ञात हो कि पीपला फाउंडेशन निरंतर महादानी राजा मोरध्वज की कहानी को बच्चों के पाठ्यक्रम में शामिल करने की मांग कर रहे हैं। आरंग के प्राचीन इतिहास को जन जन तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।

पीपला फाउंडेशन का आरंग में तिरंगा बाइक रैली, उत्साह के साथ भाग लेंगे देशभक्त

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आरंग । आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर जनसामान्य में राष्ट्रीयता की भावना को बढ़ाने के उद्देश्य से  सोमवार 14 अगस्त को नगर के चर्चित सामाजिक संगठन पीपला फाउंडेशन द्वारा तिरंगा बाइक रैली का आयोजन किया जा रहा है। 


तिरंगा बाइक रैली प्रातः 9:15  बजे हाई स्कूल मैदान से कालेज चौंक तक मुख्य मार्ग से होते हुए निकलेगी।जिसमें प्रमुख रूप से मुख्य नगर पालिका अधिकारी होरी सिंह ठाकुर, भिलाई के सीआरपीएफ के जवान, आरंग पुलिस थाना के जवान, एन एस एस के छात्र, सृजन कोचिंग संस्थान के छात्र छात्राएं, च्वाइस कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्र के छात्र, मोरध्वज कोचिंग संस्थान के छात्र छात्राएं, बद्रीप्रसाद कालेज के छात्र छात्राएं, पीपला फाउंडेशन के सदस्यों सहित नगरवासी भाग लेंगे।

  फांऊडेशन के सदस्यों ने जनमानस से अधिकाधिक संख्या में तिरंगा बाइक रैली में सम्मिलित होकर तिरंगा का मान बढ़ाने की अपील की है।  स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर फांऊडेशन के सदस्यों द्वारा इंदिरा चौक से पुलिस थाना तक मुख्य मार्ग पर तिरंगा लगाने की तैयारी कर रहे हैं। साथ ही नगर में तिरंगा झंडा वितरण करने की रूपरेखा तैयार की गई है।  फांऊडेशन के कुछ सदस्य जगन्नाथपुरी व विदेश यात्रा में मलेशिया जा रहे हैं। जिसे फाउंडेशन की टीम ने तिरंगा झंडा भेंटकर वहीं तिरंगा लहराने को कहते हुए मंगलमय यात्रा की शुभकामनाएं दी है।

गौ माता के संरक्षण- संवर्धन पर पीपला फाउंडेशन के संयोजन में छत्तीसगढ़ी लघु फिल्म बनाने का निर्णय

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खेती अपन सेती'  की सफलता से उत्साहित लोक कलाकारों ने  बैठक कर किया विचार मंथन




आरंग।  गुरु पूर्णिमा के अवसर पर पीपला फाउंडेशन के संयोजन में  बैठक हुई। इस अवसर पर किसानों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से निर्मित शाट फिल्म 'खेती अपन सेती' की समीक्षा की गई। यू ट्यूब चैनल पर इसके दो लाख से अधिक विवर्स हो चुके हैं। 

इससे लोक कलाकार उत्साहित हैं। कलाकारों और पदाधिकारियों ने चॉइस कंप्यूटर हाल आरंग में एकत्रित होकर फिल्म समीक्षा की । साथ ही जन सरोकार को लेकर बनी इस शाट फिल्म की अपार सफलता व लोगो से मिले प्रोत्साहन से प्रेरित होकर जल्द ही पीपला फाउंडेशन के संयोजन में गौ माता के संरक्षण-संवर्धन पर आधारित शाट फिल्म बनाने का निर्णय लिया गया है। जिसकी स्क्रिप्ट राइटिंग की जिम्मेदारी वरिष्ठ पत्रकार आनंदराम पत्रकारश्री को दी गई है। फिल्म का निर्देशन और परिकल्पना संयोजन की जिम्मेदारी नवाचारी शिक्षक महेन्द्र पटेल को दिया गया है।

 प्रशिक्षु बच्चों को प्रमाण पत्र वितरण


 च्वाइस कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्र आरंग द्वारा प्रतिमाह पच्चीस से तीस गरीब बच्चों को निःशुल्क कम्प्यूटर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। संचालक यादेश देवांगन ने बताया कि प्रशिक्षित बच्चों को प्रमाण पत्र दे कर प्रोत्साहित किया जा रहा है। कार्यक्रम में उपस्थित पीपला वेलफेयर फाउंडेशन के स्वयंसेवियों द्वारा प्रमाण पत्र वितरण किया गया।

 इस अवसर पर पीपला फाउंडेशन के संरक्षक आनन्दराम पत्रकारश्री , पारसनाथ साहू, समाजसेवी अजय कांकरिया, अध्यक्ष दूजेराम धीवर, महेन्द्र पटेल, गिरधारी साहू, कोमल लाखोटी, संजय मेश्राम, मोहन सोनकर,दीपक चंद्राकर, लोकेश साहू,यादेश देवांगन, अशोक साहू,नाचा कलाकार परमानंद साहू,कुलेश्वर मानिकपुरी,पुरानिक साहू सहित बड़ी संख्या में निःशुल्क प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे छात्र- छात्राओं की उपस्थिति रही।

लाचार गाय की सेवा में लगे हैं पीपला फाउंडेशन के सेवाभावी सदस्य

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आरंग। दान, दया और धर्मनगरी आरंग में सेवाभावी संगठन पीपला वेलफेयर फाउंडेशन नियमित सेवाकार्य कर रहे हैं। यहां की मिट्टी में यह विशेषता सहज ही देखने,सुनने को मिलती है।  सेवाभावी सामाजिक संगठन पीपला फाउंडेशन के सदस्यों द्वारा नगर में निरंतर रचनात्मक कार्यों के साथ-साथ निःस्वार्थ भाव से सेवा का सुंदर उदाहरण प्रस्तुत किया जा रहा है। नगर में जगह-जगह जल पात्र रखकर भीषण गर्मी में मूक पशुओं को शुद्ध पेयजल पिलाया जा रहा है। 


वहीं लोगों के प्यास बुझाने नगर में वाटर कूलर लगाकर प्रतिदिन हजारों लीटर जल की आपूर्ति कर रहे हैं। रेलवे फाटक के समीप राहगीरों के लिए छांव का इंतजाम किया गया है। जहां चिलचिलाती धूप में राहगीर थोड़ा विश्राम कर पा रहे हैं। नगर में जगह-जगह रोपित पेंड पौधे की प्रतिदिन सिंचाई सहित नगर के मुक्तिधाम की नियमित साफ सफाई कर रहे हैं। तो वहीं इन दिनों सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल गाय की दिन रात सेवा में लगे हुए हैं। समय-समय पर पहुंचकर लाचार बेबस गाय के लिए चारा व पानी की व्यवस्था कर रहे हैं। 

पशु चिकित्सकों के साथ स्वयं उपस्थित होकर उपचार करा रहे हैं।नगर में पीपला फाउंडेशन के नि:स्वार्थ सेवाभाव की सर्वत्र सराहना हो रही है। फांऊडेशन के संयोजक महेन्द्र पटेल ने बताया आठ दस दिन पहले राष्ट्रीय राजमार्ग पर अज्ञात ट्रक ने एक गाय को ठोकर मार दिया जिससे गाय के आगे और पीछे के एक-एक पैर टूट गया है। एक पैर की हड्डियां तक बाहर निकल आया है। तीन दिन तक गाय भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप में सड़क पर पड़ी रही। 

फांऊडेशन के सदस्यों को जानकारी मिलने पर त्वरित पहुंचकर गाय को अंधियार खोप तालाब किनारे एक बरगद के छांव में रखकर उपचार कराया जा रहा है। वहीं प्रतिदिन  फांऊडेशन के संरक्षक अजय कांकरिया,अध्यक्ष दूजेराम धीवर,संयोजक महेन्द्र पटेल,सक्रिय सदस्य संजय मेश्राम, रमेश देवांगन, कोमल लाखोटी, प्रतीक टोंड्रे, मोहन सोनकर, बसंत साहू,रोशन चंद्राकर, होरीलाल पटेल, अभिमन्यु साहू,भागवत जलक्षत्री,देव जलक्षत्री, राकेश जलक्षत्री आदि लोग गाय को चारा पानी देकर, उपचार की व्यवस्था कर रहे हैं।

पीपला फाउंडेशन ने शपथ लेकर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

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आरंग। गुरुवार को नगर के पीपला फाउंडेशन के सदस्यों ने शपथ लेकर लोगों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिये हैं। फाउंडेशन के सदस्यगण प्रातः मुक्तिधाम में एकत्रित होकर पर्यावरण संरक्षण का शपथ लेते हुए।हम सबने ठाना है। पर्यावरण बचाना है जागरूकता नारे लगाए। और लोगों को पौधरोपण व संरक्षण का संदेश दिया।साथ ही मुक्ति धाम में साफ सफाई कर पौधों की सिंचाई किया। इस मौके पर पीपला फाउंडेशन के सदस्यों ने बरसात में नगर में पौधरोपण करने संबंधी चर्चा भी किए। 


वहीं होरी लाल पटेल ने अंधियार खोप तालाब किनारे लगाए पौधे की सिंचाई कर सुरक्षित किया। ज्ञात हो कि पीपला फाउंडेशन विगत दो वर्षों से लगातार नगर में पर्यावरण संरक्षण व पौधरोपण व संरक्षण पर कार्य कर रहे हैं।जिसकी नगर व अंचल सर्वत्र सराहना होती है। वहीं पीपला फाउंडेशन के संयोजक महेन्द्र पटेल ने बताया उन्होंने पर्यावरण संरक्षण पर बहुत ही मधुर प्रेरक गीत बनाए हैं।जो सोसल मीडिया में काफी वायरल हो रहा है। गीत के माध्यम से लोग पौधरोपण के प्रति जागरूक हो रहे हैं।इस अवसर पर पीपला फाउंडेशन से दूजेराम धीवर, महेन्द्र पटेल,मोहन सोनकर,रोशन चंद्राकर, हरीश दीवान,होरीलाल पटेल, संजय मेश्राम, अभिमन्यु साहू ,रमेश देवांगन, प्रतीक टोंड्रे,राकेश जलक्षत्री,कोमल लाखोटी, अशोक साहू आदि की उपस्थिति रही।

पीपला फाउंडेशन का जल जीवन अभियान, जगह-जगह कर रहे जल दान

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बेजुबान जानवरों की प्यास बुझाने आरंग नगर में रखे 50 पानी टैंक.

आनंदराम पत्रकारश्री


आरंग । पीपला वेलफेयर फाउंडेशन आरंग द्वारा बीते दो साल से जल जीवन अभियान चलाया जा रहा है। इससे प्रेरित होकर नगरवासी जगह-जगह जल दान कर रहे हैं। अभी गर्मी की शुरुआत हुई है और बेजुबान जानवरों की प्यास बुझाने आरंग नगर में  50 से अधिक पानी टैंक रखा जा चुका है। पीपला ग्रुप के सदस्यों ने दानदाताओं के सहयोग से जल जीवन अभियान चलाया। इसको नागरिकों का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। गर्मी के दिनों में इंसान तो तरह-तरह के शीतल पेय पदार्थ से अपनी सुधा शांत कर लेते हैं। बेजुबान जानवरों का प्यास बुझाने की जतन बहुत कम लोग करते हैं। पीपला वेलफेयर फाउंडेशन ने इसका बीड़ा उठाया है। नगर पालिका आरंग का गत वर्ष भरपूर सहयोग मिला। नपा अध्यक्ष चन्द्रशेखर चंद्राकर, जनपद अध्यक्ष खिलेश देवांगन, पीपला ग्रुप अध्यक्ष दूजेराम धीवर की सक्रिय सहभागिता से  बीते साल यह अभियान सार्थक हुआ। 


इस साल भी नगर के सभी वार्डों, चौक चौराहों, दुकान-प्रतिष्ठान के पास  50 से अधिक पानी का टैंक रखा गया है। पीपला वेलफेयर फाउंडेशन के इस पहल की  सर्वत्र सराहना की जा रही है। पीपला वेलफेयर फाउंडेशन के संयोजक महेन्द्र कुमार पटेल ने बताया कि सेवाभावी आरंग नगर के वासी अपने-अपने दुकानों व घर के आसपास पानी टैंक रखकर स्वयं पानी भरते हैं।  सुबह-शाम जलदान अभियान चला रहे हैं। टैंक की साफ सफाई व देखरेख करते हैं। वहीं पानी टैंक को क्रय करने में इस वर्ष  जनपद उपाध्यक्ष डुमेन्द साहू ने विशेष योगदान दिया है।  पानी के टैंकों को जगह-जगह सुरक्षित रखने में पीपला वेलफेयर फाउंडेशन अध्यक्ष दूजेराम धीवर, संयोजक महेन्द्र पटेल, संरक्षक सदस्य अजय कांकरिया, सक्रिय सदस्य अजय देवांगन,संजय मेश्राम,अभिमन्यु साहू, मुन्ना पेंटर श्रमदान से विशिष्ट योगदान दे रहे हैं।

पीपला फाउंडेशन ने किया आरंग के स्थान पर मोरध्वज नगरी आरंग लिखने की अपील

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आरंग । धार्मिक नगरी आरंग के सामाजिक संगठन पीपला फाउंडेशन के सदस्यों ने नगर सहित अंचल के विभिन्न गांवों में होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों,परिवारिक, धार्मिक आयोजनों, स्कूल कालेजों में भी आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में कार्यक्रम स्थल आरंग के स्थान पर मोरध्वज नगरी आरंग  लिखने अपील की है। फाउंडेशन के सदस्यों का कहना है जब लोग विभिन्न आयोजनों,शादी कार्ड ,जन्मोत्सव कार्ड,  धार्मिक अनुष्ठान,भागवत, रामायण, विभिन्न विद्यालयों, नगर पालिका सहित विभिन्न शासकीय कार्यालयों में होने वाले सभी प्रकार के आयोजनों में कार्यक्रम स्थल आरंग के स्थान पर मोरध्वज नगरी आरंग लिखेंगे तो इससे राजा मोरध्वज नगरी आरंग के नाम से ख्याति व प्रसिद्धि और बढ़ेगी।


आज भी दुनिया भर में महानदानी राजा मोरध्वज की दानशीलता की  चर्चा है। ज्ञात हो कि गत माह पीपला फाउंडेशन के संयोजन में आरंग नगर में राजा मोरध्वज महोत्सव का आयोजन किया गया था। जिसकी अपार सफलता की चर्चा नगर सहित देश व प्रदेश में हो रही है। नगरीय प्रशासन, विकास विभाग और श्रम मंत्री डॉ   शिवकुमार डहरिया ने मोरध्वज महोत्सव के लिए प्रतिवर्ष दस लाख रुपये  आबंटित किए जाने की घोषणा की है। इससे आरंग के ऐतिहासिक महत्व को चिर स्थाई बनाए रखने में मदद मिलेगी।


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