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फिर तेजी से बढ़ रहे कोरोना के नए मामले, संक्रमण से बचाव और रोकथाम के लिए निर्देश जारी

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स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने बीते कुछ दिनों से रायपुर जिले में कोविड-19 संक्रमण की पॉजिटिविटी दर में बढ़ोतरी को देखते हुए संक्रमण के प्रसार से बचाव और रोकथाम के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। विभागीय संचालक ने रायपुर जिले के कलेक्टर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक को पत्र लिखकर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा है।

पत्र में कहा गया है कि कोविड-19 संक्रमण से बचाव के लिए मास्क के उपयोग को प्रोत्साहित किया जाए, विशेषकर भीड-भाड़ वाले स्थानों, सार्वजनिक सभागृह, कम हवादार वाले स्थानों में मास्क पहनने हेतु विशेष रूप से प्रेरित किया जाए। सभी पात्र हितग्राहियों को कोविड-19 टीकाकरण की प्रिकॉशन डोज प्रदान किए जाने के लिए विशेष प्रयास करने भी कहा गया है। इसके लिए स्थानीय स्तर पर आवश्यकतानुसार अतिरिक्त कोविड टीकाकरण केन्द्र स्थापित करने कहा गया है, जिससे हितग्राहियों को टीकाकरण सेवाएं सुलभता से उपलब्ध हो सके।

जांच और मॉनिटरिंग के निर्देश

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने कहा है कि अस्पतालों के OPD और IPD में आने वाले इन्फ्लूएंजा जैसे बीमारी से ग्रसित (Influenza Like Illness) और श्वसन के गंभीर बीमारी (Severe Acute Respiratiory IIlness) के प्रकरणों की अनिवार्य रूप से कोविड-19 के लिए जांच की जाए। कोविड के अन्य लक्षणों जैसे- डायरिया के साथ भर्ती होने वाले मरीजों की भी कोविड-19 जांच अवश्य की जाए। इसके साथ ही कोविड-19 संक्रमण से बचाव के लिए आम जनता को परस्पर भौतिक दूरी (Physical Distancing) और भीड़-भाड़ वाले स्थानों से यथासंभव बचाव के लिए विशेष प्रयास करने को कहा गया है।

छत्तीसगढ़ में जल्द होगा कोरोना का खात्मा!, 24 घंटे के अंदर 28 जिलों में नहीं मिले एक भी केस

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छत्तीसगढ़ में कोरोना के मामले लगातार कम हो रहे हैं। इसे देखते हुए कहा जा सकता है कि प्रदेश में जल्द ही कोरोना का खात्मा हो जाएगा। प्रदेश के 28 जिलों में कोरोना के एक भी केस नहीं आए हैं। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक छत्तीसगढ़ में एक हजार 205 टेस्ट किए गए थे, जिसमें एक भी कोरोना मरीज की पुष्टि नहीं हुई। वहीं 24 घंटे में किसी की मौत भी नहीं हुई है। 


स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी बुलेटिन के मुताबिक प्रदेश में 4 मरीज स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज हुए हैं। वहीं अभी छत्तीसगढ़ में कोरोना के सिर्फ 12 एक्टिव केस हैं, जिनका इलाज जारी है। बता दें कि प्रदेश में अब तक 11 लाख 52 हजार 217 मरीज कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं। हालांकि देश के कई राज्यों में कोरोना के मामले फिर बढ़ रहे हैं, जिसे लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने अलर्ट रहने की हिदायत दी है।

दिल्ली में 517 नए कोरोना केस

वहीं असम में भी बीते 24 घंटे के अंदर कोरोना का कोई भी नया मामला सामने नहीं आया। इस दौरान 2 मरीज डिस्चार्ज हुए और कोरोना से किसी की मौत नहीं हुई। हालांकि दिल्ली में 24 घंटे में कोविड के 517 नए मामले सामने आए। जबकि 261 मरीज ठीक हुए। पिछले 24 घंटे के अंदर किसी की भी मौत दर्ज नहीं हुई है। 

लगातार कोरोना की चपेट में आ रहे स्कूली छात्र और जवान, आंकड़ों पर डाले एक नजर

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छत्तीसगढ़ में कोरोना के मामले 2 गुना तेजी से बढ़ रहा है। वहीं कोरोना से मौत के आंकड़ों में भी बढ़ोतरी हो रही है। 24 घंटे के अंदर कोरोना से 10 लोगों की मौत हुई है। जबकि 4 हजार 574 लोग कोरोना संक्रमित हुए हैं, जिसमें सबसे ज्यादा 1208 नए मरीज रायपुर में मिले हैं। वहीं लगातार स्कूली छात्र और जवान कोरोना की चपेट में आ रहे हैं। कांकेर में 24 घंटे में 113 नए संक्रमित मिले हैं, जिसमें सिदेसर के सरकारी स्कूल में 17 छात्र और स्टाफ समेत सिकसोड़ के BSF कैंप में 35 जवान पॉजिटिव पाए गए हैं। जिले में लगातार स्कूल और कैंपों में कोरोना पॉजिटिव मरीज मिल रहे हैं। अभी 9वीं से 12वीं तक की कक्षाएं ऑफलाइन लगाई जा रही हैं, जिससे छात्रों पर संक्रमण का खतरा बढ़ता जा रहा है।

जानकारी के मुताबिक कुछ जवान बाहर से आए थे, जिन्हें क्वारंटाइन कर उनका रैपिड एंटीजन टेस्ट किया गया था। जिसमें वे निगेटिव पाए गए थे। इसके बाद  RT-PCR की रिपोर्ट आए बिना ही जवान ड्यूटी करने लगे थे, लेकिन कुछ दिनों बाद आई रिपोर्ट में वे पॉजिटिव मिले। इसके बाकी जवानों का 11 जनवरी को सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा गया था, लेकिन तब तक यहां कोरोना का संक्रमण फैल गया था। 17 जनवरी को आई रिपोर्ट में 35 जवान पॉजिटिव पाए गए।

पुलिसकर्मी और जवान हो रहे संक्रमित

छत्तीसगढ़ में बढ़ते कोरोना संक्रमण ने बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी और जवानों को अपनी चपेट में ले लिया है। बस्तर संभाग में तैनात 190 जवान पॉजिटिव हो चुके हैं। इनमें सबसे ज्यादा संख्या सुकमा में तैनात जवानों की है। अकेले इसी जिले में 160 जवान पॉजिटिव मिले हैं। बताया जा रहा है कि ज्यादातर जवान छुट्‌टी में घर गए थे। इसके बाद लौटे तो RT-PCR रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इनके अलावा बीजापुर में 19 और नारायणपुर में 10 जवान संक्रमित हो चुके हैं। अफसरों का कहना है कि वे पूरी तरह से सावधानी बरत रहे हैं। छुट्‌टी से लौटने के बाद जवानों को 14 दिन तक क्वारंटाइन भी रखा जाता है। इसके लिए कैंप में ही सेंटर बनाए गए हैं। 

रविवार को नए मामलों में देखी गई कमी

कोविड प्रोटोकॉल का भी पालन किया जा रहा है। कोरोना के बढ़ रहे आंकड़ों में रविवार को कमी देखी गई। इसकी वजह से 19-20% तक की दैनिक संक्रमण दर अचानक घटकर 12.17% पर आ गई। दरअसल, रविवार को सिर्फ 32 हजार 563 सैंपल लिए जा सके। इस दौरान 3 हजार 963 नए मरीज सामने आए। संसदीय सचिव गुरुदयाल सिंह बंजारे भी कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। ये बीते हफ्ते रोज मिल रहे मरीजों की संख्या से करीब आधी है। इसकी वजह से आंकड़ों में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। इधर, मार्च से 12-14 साल के बच्चों को कोविड टीका कोवैक्सीन लगना शुरू होगा।

इस तरह बढ़ा कोरोना का आंकड़ा

विशेषज्ञों का कहना है कि बीते चार दिनों में कोरोना संक्रमण की रफ्तार थोड़ी स्थिर हुई है। दिसंबर के आखिर और जनवरी की शुरुआत में ये जिस रफ्तार से बढ़ रहा था वो डरावना था। एक जनवरी को प्रदेश में 23 हजार 590 नमूनों की जांच हुई। उस दिन 279 नए मामले सामने आए थे। एक व्यक्ति की मौत हुई। इसकी बदौलत प्रदेश में एक्टिव कोरोना मरीजों की कुल संख्या एक हजार 17 हो गई। उस दिन के बाद से कोरोना ने रफ्तार पकड़ी। 7 जनवरी को 46 हजार नमूनों की जांच में 3 हजार 455 लोग संक्रमित मिले। 15 जनवरी को नए मरीजों की संख्या बढ़कर 5 हजार 525 हो चुकी थी। 

फरवरी में तीसरी लहर का पीक आना संभव

14 जनवरी को 6 हजार 153 नए मरीज मिले। ये तीसरी लहर के दौरान एक दिन में अब तक मिली मरीजों की सबसे बड़ी संख्या थी। उसके बाद संक्रमितों के आंकड़े घट रहे हैं। वहीं भीमराव आम्बेडकर अस्पताल में क्रिटिकल केयर विभाग के प्रमुख डॉ ओपी सुंदरानी का कहना है कि अभी मरीजों के अस्पताल आने की दर बहुत कम है। फरवरी तक इस लहर का पीक आ सकता है। संभव है कि उस समय तक किसी-किसी शहर में संक्रमण दर 50% तक पहुंच जाए। यानी 100 लोगों की जांच में 50 लोग पॉजिटिव मिले। उनमें से कुछ लोगों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा तो मरीजों की संख्या बढ़ जाएगी।

मौतों के आंकड़ों में लगातार बढ़ोतरी 

रविवार की वजह से कोरोना संक्रमण के केस जरूर कम हुए हैं, लेकिन कोरोना से हो रही मौत नहीं थम रही। प्रदेशभर में 24 घंटे में 10 लोगों की मौत हुई है। जबकि रविवार को 7 मरीजों की मौत हुई थी। इसमें से दो रायपुर के मरीज थे। एक-एक मरीज दुर्ग, धमतरी, जांजगीर-चांपा, बलरामपुर और कांकेर जिलों के थे। वहीं 15 जनवरी को भी 8 लोगों की जान गई थी। एक जनवरी से अब तक कोरोना की वजह से मरने वालों की संख्या बढ़कर 64 हो गई है।

छत्तीसगढ़ में कोरोना के हालात बेकाबू, BJP विधायक और DSP समेत 17 पुलिसकर्मी संक्रमित

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छत्तीसगढ़ में कोरोना के हालात बेकाबू होते जा रहे हैं। रायपुर में गुरुवार को विधायक, अफसर और कर्मचारियों के बाद बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी भी चपेट में आ गए हैं। रायपुर में 17 पुलिसकर्मियों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इनमें 1 DSP, 1 ASI, 4 सब इंस्पेक्टर और 11 कांस्टेबल शामिल हैं। ये सभी SP ऑफिस, मौदहापारा, डीडी नगर थाना, कोतवाली थाना, ट्रैफिक और पुलिस लाइन में तैनात थे। दूसरी ओर कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए बलौदाबाजार कलेक्टर सुनील कुमार जैन ने 13 से 19 जनवरी तक 8वीं कक्षा तक के स्कूल बंद करने के आदेश दिए हैं। 

वहीं गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के सभी स्कूल बंद कर दिए गए हैं। कलेक्टर ने सभी हॉस्टल भी बंद करने का आदेश जारी किया। जशपुर के पत्थलगांव में अब दुकानें सुबह 9 से शाम 5 बजे तक ही खुलेंगी। हालांकि जरूरी सेवाओं को इसमें छूट दी गई है। भिलाई के वैशाली नगर से भाजपा विधायक विद्यारतन भसीन भी कोरोना पॉजिटिव हो गए हैं। सर्दी-खांसी के लक्षण के चलते उन्होंने एक दिन पहले ही बुधवार को सैंपल जांच के लिए दिया था। इसके बाद देर रात उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इससे पहले 10 जनवरी को पति-पत्नी ने बूस्टर डोज भी लगवाई थी। हालांकि उनकी पत्नी की रिपोर्ट निगेटिव है।

14 प्रोफेसर समेत 20 स्टाफ पॉजिटिव

कोरोना के बढ़ते संक्रमण के चलते कलेक्टर ने धमतरी के सभी आंगनबाड़ी केंद्र बंद करने का फैसला लिया है। इस दौरान गर्भवती महिलाओं और तीन से 6 साल तक के बच्चों को गर्म खाने के पैकेट घर भेजे जाएंगे। इधर, दुर्ग के साइंस कॉलेज के 14 प्रोफेसर समेत 20 स्टाफ की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इसके अलावा CISF तीसरी बटालियन और CISF RTC से 11 जवान संक्रमित मिले हैं। बेथनी कॉलेज ऑफ नर्सिंग में भी 5 छात्राओं के कोरोना संक्रमित होने की पुष्टि हुई है।

नेता प्रतिपक्ष ने लगाए आरोप

नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने भूपेश सरकार पर कोरोना के आंकड़े छिपाने का आरोप लगाया है। कौशिक ने कहा कि 'कोविड के खिलाफ जारी लड़ाई को लेकर प्रदेश सरकार की क्या तैयारियां है वो स्पष्ट ही नहीं है। कोविड के बढ़ते आंकड़ों के बीच प्रदेश सरकार अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए सिर्फ पर्दा डालने का काम कर रही है। हर दिन प्रदेश में करीब 45 हजार के आसपास कोविड जांच हो रहा है, लेकिन इसकी रिपोर्ट समय पर नहीं मिल रही है। इससे प्रभावित व्यक्ति को इलाज के संबंध में कोई जानकारी नहीं मिल रही है और बीमारी तेजी से फैल रही है। बता दें कि प्रदेश में कोरोना के हालात दिन-ब-दिन चिंताजनक होते जा रहे हैं।

देश में फिर बढ़ रहे कोरोना के मामले, रोजाना आ रहे 40 हजार से ज्यादा मामले, छत्तीसगढ़ में भी बढ़ रहे केस

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देश में कोरोना की दूसरी लहर का कहर जारी है। देश में लगातार 6 दिनों से 40 हजार से ज्यादा कोरोना केस सामने आ रहे हैं। सोमवार सुबह स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक 24 घंटों में 40 हजार 134 नए कोरोना केस सामने आए है। वहीं 422 लोगों की मौत हो गई है। केरल में सबसे ज्यादा 20 हजार 728 नए मामले सामने आए हैं। हालांकि देशभर में 24 घंटे में 36 हजार 946 लोग कोरोना से ठीक भी हुए हैं यानी कल 2766 एक्टिव केस बढ़ गए हैं।


केरल में सबसे ज्यादा केस दर्ज

केरल में कोरोना मामलों की संख्या में कोई राहत नहीं मिली है। यहां छठे दिन भी 20 हजार से ज्यादा केस दर्ज किए गए हैं। केरल में कोरोना के 20 हजार 728 नए मामले सामने आए, जिसके बाद कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 34 लाख 11 हजार 489 हो गई। वहीं 56 और मरीजों की मौत के बाद के बाद कोरोना से मरने वालों की संख्या बढ़कर 16 हजार 837 हो गई है। लगातार छठा ऐसा दिन है, जब प्रदेश में कोविड के 20 हजार से ज्यादा नए मामले सामने आए हैं। राज्य में 27 जुलाई से अब तक संक्रमण के 1 लाख 28 हजार 373 मामले सामने आए हैं।

कोरोना  के कुल केस

महामारी की शुरुआत से लेकर अब तक कुल 3 करोड़ 16 लाख 95 हजार लोग संक्रमित हुए हैं। इनमें से 4 लाख 24 हजार 773 लोगों की मौत हो चुकी है। अच्छी बात ये है कि 3 करोड़ 8 लाख 57 हजार लोग ठीक भी हुए हैं। देश में कोरोना एक्टिव केस की संख्या चार लाख से ज्यादा है। कुल 4 लाख 13 हजार 718 लोग अभी भी कोरोना वायरस से संक्रमित हैं, जिनका इलाज चल रहा है। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक 1 अगस्त तक देशभर में 47 करोड़ 22 लाख कोरोना वैक्सीन के डोज दिए जा चुके हैं। बीते दिन 17 लाख टीके लगाए गए। वहीं ICMR के मुताबिक अब तक 46 करोड़ 96 लाख कोरोना टेस्ट किए जा चुके हैं। बीते दिन करीब 14 लाख कोरोना सैंपल टेस्ट किए गए, जिसका पॉजिटिविटी रेट 3 फीसदी से कम है।

छत्तीसगढ़ में भी बढ़ रहे कोरोना के केस

देश में कोरोना से मृत्यु दर 1।34 फीसदी है। जबकि रिकवरी रेट 97 फीसदी से ज्यादा है। एक्टिव केस 1।30 फीसदी हैं। कोरोना एक्टिव केस मामले में दुनिया में भारत अब आठवें स्थान पर है। कुल संक्रमितों की संख्या के मामले में भारत दूसरे नंबर पर है। जबकि अमेरिका, ब्राजील के बाद सबसे ज्यादा मौत भारत में हुई है। बता दें कि छत्तीसगढ़ में तीसरी लहर की आशंका के बीच कोरोना के ग्राफ में एक बार फिर बढ़ोतरी हो रही है। रविवार को प्रदेश में 214 नए मरीजों की पहचान की गई है। 

दुर्ग जिले में सबसे ज्यादा 70 मरीजों की पुष्टि

वहीं अकेले दुर्ग जिले के 70 मरीज सामने आए है। दूसरी ओर एक मरीज की इलाज के दौरान मौत हो गई। राहत की बात यह रही कि 24 घंटे में 157 मरीज इस वायरस को मात देकर घर लौटे है। रविवार को 214 नए संक्रमित मरीजों की पुष्टि होने के बाद कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 10 लाख 2 हजार 222 हो गई है। अब तक 9 लाख 86 हजार 778 मरीज स्वस्थ हुए हैं। प्रदेश में अब तक 13 हजार 525 कोरोना संक्रमित मरीज की मौत हो चुकी है। नए मरीज मिलने और डिस्चार्ज होने के बाद अब एक्टिव मरीजों की संख्या 1 हजार 919 हो गई है।

कांकेर और जांजगीर-चांपा के कई वार्ड माइक्रो कंटेनमेंट जोन घोषित

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भारत सरकार स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग और छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जारी दिशा निर्देशानुसार जिला उत्तर बस्तर कांकेर के नगरीय निकाय कांकेर अंतर्गत शीतलापारा वार्ड में एक व्यक्ति, नगर पंचायत नरहरपुर के वार्ड क्रमांक 04 में 2 व्यक्तियों  और गोविंदपुर 2 व्यक्तियों के कोरोना संक्रमित पाए जाने पर उनके घरों को अलग-अलग चिन्हित करते हुए 100 मीटर के क्षेत्र को माइक्रो कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया है।


कलेक्टर ने 32 राइस मिलर्स को जारी किया कारण बताओ नोटिस, काली सूची में दर्ज किया गया नाम


माइक्रो कंटेनमेंट जोन में प्रवेश, निकास के लिए सिर्फ एक रास्ता होगा, जिसमें तैनात  पुलिस अधिकारी, सोशल डिस्टेंसिंग सुनिश्चित करते हुए मेडिकल इमरजेंसी, आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति के लिए आवागमन करने वाले सभी व्यक्तियों का विवरण एक रजिस्टर में दर्ज करेंगे। माइक्रो कंटेनमेंट जोन अंतर्गत सभी दुकानें और अन्य वाणिज्यिक प्रतिष्ठान आगामी आदेश तक बंद रहेंगे। प्रभारी अधिकारी द्वारा घर पहुंच सेवा के माध्यम से आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति उचित दरों पर सुनिश्चित की जाएगी। 



आवश्यक वस्तुओं की होम डिलीवरी के लिए विधिवत परिवहन अनुमति इंसीडेंट कमांडर द्वारा दी जाएगी। माइक्रो कंटेनमेंट जोन में सभी प्रकार के आवागमन पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। मेडिकल इमरजेंसी और कृषि काम को छोड़कर अन्य किसी भी कारण से माइक्रो कंटेनमेंट जोन, मकान के बाहर निकलना प्रतिबंध रहेगा। सिर्फ मेडिकल इमरजेंसी की दशा में मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारी कांकेर खंड चिकित्सा अधिकारी के परामर्श, अनुमति से इंसीडेंट कमांडर द्वारा पास जारी किया जाएगा।  


कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग और सैंपल जांच की कार्रवाई


आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में संलग्न व्यक्ति सोशल डिस्टेंसिंग और सैनिटाइजेशन सुनिश्चित करते हुए माइक्रो कंटेनमेंट जोन में प्रवेश कर सकेंगे। अन्य किसी भी व्यक्ति को माइक्रो कंटेनमेंट जोन के नियमों का कड़ाई से पालन कराने का उत्तरदायित्व संबंधित थाना प्रभारी को होगा। स्वास्थ्य विभाग के मानकों के अनुरूप व्यवस्था के लिए पुलिस पेट्रोलिंग सुनिश्चित की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग के निर्देशानुसार मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा संबंधित क्षेत्र में आवश्यक सर्विलांस, कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग और सैंपल जांच की कार्रवाई की जाएगी।


बेलटुकरी और बक्सरा क्षेत्र माइक्रो कंटेनमेंट जोन घोषित


जांजगीर-चांपा कलेक्टर जितेंद्र कुमार शुक्ला ने कोरोना संक्रमित व्यक्ति पाए जाने पर बलौदा तहसील के बक्सरा के वार्ड क्रमांक- 1 और बेलटुकरी के वार्ड क्रमांक- 4 के चिन्हांकित क्षेत्र को माइक्रो कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया है। जारी आदेश के मुताबिक कंटेनमेंट जोन में अति आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं की आपूर्ति या अपरिहार्य, स्वास्थगत आपातकालीन परिस्थितियों को छोड़कर कंटेनमेंट जोन में आने-जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। कंटेनमेंट जोन के निवासी बिना अनुमति के अपने घरों से बाहर किसी भी परिस्थिति में नहीं निकलेंगे। चिन्हांकित क्षेत्र में पूरी तरह लॉकडाउन रहेगा। क्षेत्र के अंतर्गत सभी दुकानें, ऑफिस और अन्य वाणिज्यिक प्रतिष्ठान आगामी आदेश तक पूरी तरह बंद रहेंगे। 


अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी को सौंपी गई जिम्मेदारी 


वाहनों के आवागमन पर भी पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है। अति आवश्यक होने पर पृथक से आदेश प्रसारित किया जाएगा। कंटेनमेंट जोन में आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी संबंधित SDM को दी गई है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा संबंधित क्षेत्र में स्वास्थ्य निगरानी, सैंपल की जांच की व्यवस्था की जाएगी। कानून-व्यवस्था, कंटेनमेंट जोन को सील करने और गश्त करने के लिए आवश्यक पुलिस व्यवस्था के लिए पुलिस अधीक्षक और अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी गई है।


बलौदा के CMO को सौंपा गया दायित्व 


 कंटेनमेंट क्षेत्र में सिर्फ एक प्रवेश और निकास द्वार की व्यवस्था के लिए PWD के कार्यपालन अभियंता को दायित्व सौंपा गया है। स्वास्थ्य विभाग के SOP के मुताबिक PPE कीट, मास्क उपलब्ध करवाने, घरों का एक्टिव सर्विलांस, मेडिकल अपशिष्ट प्रबंधन की व्यवस्था की जिम्मेदारी मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारी को दी गई है। कंटेनमेंट क्षेत्र में सैनिटाइज के लिए नगर पंचायत बलौदा के CMO को दायित्व सौंपा गया है।

वैक्सीनेशन से कोई खतरा नहीं, यह पूरी तरह सुरक्षित, तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए जरुरी

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बलौदाबाजार। कोरोना वैक्सीन से किसी प्रकार का कोई खतरा नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से शरीर स्वयं ही अपने भीतर कोरोना के खिलाफ एक रक्षा तंत्र विकसित कर लेता है I कोरोना की तीसरी लहर की आशंका में यह वैक्सीनेशन बचाव का आसान, सुलभ और सुरक्षित तरीका साबित होगा I





मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ खेमराज सोनवानी ने आम जन के मन में वैक्सीन को लेकर चल कई प्रकार की भ्रांतियों का निराकरण करते हुए बताया की वैक्सीन लगने के बाद किसी-किसी को हल्का बुखार या बदन में दर्द ,थकान , सर दर्द एक सामान्य बात है। इसमें घबराने की आवश्यकता नहीं है I इसके उपचार के लिए टीके लगवाने के साथ ही दवाई दी जाती है।





सीएमएचओ ने बताया कि कई लोग इस भ्रान्ति में हैं कि कोरोना वैक्सीन से स्त्री पुरुष में बाँझपन या नपुंसकता आती है जो पूरी तरह से गलत है I अभी तक जिले में कोई ऐसा मामला नहीं है। जिसमें वैक्सीन लगने के बाद किसी को इस प्रकार की कोई समस्या आई हो I





जहाँ तक वैक्सीन के बाद मृत्यु हो जाने की बात है तो सीएमएचओ ने इस पर बताया की अब तक जिले में कोरोना से 509 लोगों की मृत्यु हो चुकी है इनमें से 508 को भी वैक्सीन नहीं लगा था I





जिले में अब तक 1.94 लाख 45 वर्ष से अधिक और 30229 अठ्ठारह साल से अधिक आयु वर्ग को वैक्सीन की प्रथम डोज लगाई जा चुकी है। अर्थात अब तक लगभग 2.25 लाख लोगों को वैक्सीन लग चुकी है और वह सभी स्वस्थ हैं उनको किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं है I वैक्सीन लगने के 12 दिन बाद भाटापारा शहर में जो एक 54 वर्षीय व्यक्ति की मृत्यु की जानकारी सामने आई थी उस पर सी एम एच ओ ने कहा की मरीज पूर्व से ही शुगर और हाई ब्लड प्रेशर से ग्रस्त था। ऐसे में समझा जा सकता है कि, यह कोमारबिडीटी का प्रकरण था जिस कारण मृत्यु हुई I





डॉ खेमराज सोनवानी ने यह भी बताया की वर्तमान में गर्भवती महिला के अतिरिक्त सभी को वैक्सीन लगाई जा रही हैं जिनमें शिशुवती महिलाएं भी नए नियम के अनुसार अब सम्मिलित हो चुकी हैं जो पूर्व में नहीं थीं I वैक्सीनेशन से पूर्व केन्द्रों पर एंटीजन टेस्ट की भी व्यवस्था की गई है I





उन्होंने आम जनता से यह अपील की है कि वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित है एवं कोरोना की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए सभी को समय पर वैक्सीन लगवा लेना चाहिए। इसके माध्यम से स्वयं के अतिरिक्त परिवार को भी सुरक्षा प्राप्त होगी एवं कोरोना के प्रसार को भी रोका जा सकेगा I


छत्तीसगढ़ में लगातार बेहतर हो रही है कोरोना संक्रमण की स्थिति, संक्रमण दर मात्र 1.4 प्रतिशत, रिकवरी दर 98 प्रतिशत

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण की स्थिति अब नियंत्रण में है। संक्रमण की दर में लगातार सुधार हो रहा है। प्रदेश में बीते 15 जून को संक्रमण की रफ्तार घटकर मात्र 1.4 प्रतिशत पर आ गई है। विगत 10 जून को यह दर 2.3 प्रतिशत, 5 जून को 2.6 प्रतिशत और 1 जून को 3.1 प्रतिशत दर्ज किया गया था। रिकवरी दर भी बढ़कर 98 प्रतिशत पर पहुंच गई है। राज्य में टीकाकरण का कवरेज लगातार बढ़ता जा रहा है। कोरोना से बचाव के टीके की पहली और दूसरी खुराक को मिलाकर अब तक (15 जून तक) 73 लाख 32 हजार टीके लगाए जा चुके हैं। कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण और रोकथाम के लिए इसके लक्षण वाले 22 लाख 42 हजार संदिग्ध मरीजों को निःशुल्क दवा किट वितरित की गई हैं।





छत्तीसगढ़ के सभी जिला चिकित्सालय एवं विकासखण्ड स्तरीय अस्पताल बनेंगे सर्व सुविधा संपन्न- मुख्यमंत्री भूपेश बघेल





मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि ठोस रणनीति से छत्तीसगढ़ ने न केवल कोरोना की दूसरी लहर पर शीघ्रता से काबू पा लिया है, बल्कि तीसरी लहर की आशंका को समाप्त करने व्यापक स्तर पर तैयारी कर रही है। यदि तीसरी लहर आती भी है तो उससे और भी कुशलता के साथ निपटा जा सकेगा। उन्होंने कहा है कि इस समय हमारा पूरा जोर संक्रमण को पूरी तरह काबू में लाने और जहां लोग अभी भी संक्रमण का शिकार हो रहे हैं, वहां इसे रोकने टेस्टिंग, ट्रेसिंग और ट्रीटमेंट की सुविधाओं के विस्तार पर है।





मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में प्रदेश में चिकित्सा सुविधाओं के लगातार विस्तार के फलस्वरूप कोरोना संक्रमितों की पहचान के लिए अब 39 लैबों में ट्रूनाट और 16 में आरटीपीसीआर टेस्ट की सुविधा मुहैया करायी जा ही है। इसके साथ ही आरटीपीसीआर टेस्ट के लिए बलौदाबाजार, दुर्ग, दंतेवाड़ा, जांजगीर और जशपुर में पांच नए वायरोलॉजी लैब स्थापित किए जा रहे है। प्रदेश के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में एंटीजन टेस्ट की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। सभी जिलों में अतिरिक्त मशीन प्रदान कर टूनाट लैब की जांच क्षमता भी बढ़ाई जा रही है।





कानून मंत्री रविशंकर ने ट्विटर को लिया आड़े हाथों, कहा- अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर कानून के पालन से नहीं बच सकते





कोरोना संक्रमितों के इलाज के लिए प्रदेश के छह शासकीय मेडिकल कॉलेजों और एम्स रायपुर सहित 37 डेडिकेटेड कोविड हॉस्पिटल तथा 154 कोविड केयर सेण्टर बनाए गए हैं। हर जिले में भी डेडिकेटेड कोविड अस्पताल बनाए गए है। शासकीय डेडिकेटेड कोविड अस्पतालों में 5294 बेड तथा कोविड केयर सेण्टर्स में 16,405 बेड की सुविधा उपलब्ध करायी गई है। वहीं निजी कोविड अस्पतालों में 9596 बेड उपलब्ध कराए गए है। शासकीय और निजी अस्पतालों को मिलाकर प्रदेश में 1151 वेटिंलेटर उपलब्ध हैं। ऑक्सीजेनेटेड बेड की संख्या बढ़ाने के लिए राज्य में 18 नए ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट्स स्थापित किये गए हैं। इनके साथ ही छह नए प्लांट्स प्रक्रियाधीन हैं जिनमें से तीन प्लांट अगले एक सप्ताह में स्थापित हो जायेंगे।





छत्तीसगढ़ में अब तक 9.63 लाख से अधिक लोगों ने कोरोना को दी मात





प्रदेश में अब तक कुल नौ लाख 63 हजार से अधिक लोग कोरोना से ठीक हो चुके हैं। इनमें से एक लाख 63 हजार अस्पताल से डिस्चार्ज हुए हैं तथा करीब आठ लाख मरीजों ने होम आइसोलेशन में इलाज कराकर कोरोना को मात दी है। होम आइसोलेटेड मरीजों की निगरानी के लिए प्रत्येक जिले में कण्ट्रोल रूम की स्थापना भी की गई है। स्थानीय प्रशासन द्वारा उन्हें निःशुल्क दवाईयां भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।





देश में ब्लैक, व्हाइट और यलो के बाद ग्रीन फंगस की एंट्री, इस राज्य में मिला पहला केस





कोरोना से बचाव के लिए अब तक 73.32 लाख टीके लगाए गए





छत्तीसगढ़ हेल्थकेयर वर्कर्स और फ्रंटलाइन वर्कर्स को कोरोना से बचाव के टीके की दूसरी डोज देने के मामले में पूरे देश में दूसरे स्थान पर है। 45 वर्ष से अधिक के लोगों के टीकाकरण में भी यह देश के प्रथम तीन राज्यों में शामिल है। प्रदेश में 45 वर्ष से अधिक के 78 प्रतिशत नागरिकों को कोरोना से बचाव का पहला टीका लगाया जा चुका है। वहीं शत-प्रतिशत फ्रंटलाइन वर्कर्स और 91 प्रतिशत स्वास्थ्य कर्मियों को पहली खुराक दी जा चुकी है। 18 से 44 वर्ष आयु वर्ग के नौ लाख 67 हजार युवाओं का टीकाकरण किया जा चुका है। सभी आयु वर्ग और श्रेणियों के व्यक्तियों को लगाए गए पहली और दूसरी डोज को मिलाकर प्रदेश में अब तक 73 लाख 32 हजार टीके लगाए गए हैं। राज्य में अभी 45 वर्ष से अधिक के नागरिकों के टीकाकरण के लिए 19 लाख 26 हजार तथा 18 से 44 आयु वर्ग के लिए दो लाख 89 हजार टीके उपलब्ध हैं।


कोरोना से जंग में बस्तर के इस गांव की प्रेरणादाई कहानी, 100% आबादी का हुआ टीकाकरण

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बस्तर। कोरोना से जंग के बीच बस्तर अंचल से एक प्रेरणादाई कहानी आई है। दंतेवाड़ा जिले का सुदूर रेंगानार गांव प्रदेश का पहला ऐसा गांव बन गया है, जहां के हर नागरिक ने कोरोना से बचाव के लिए टीका लगवा लिया है। जिला मुख्यालय दंतेवाड़ा से करीब 20 किलोमीटर दूर नकुलनार रोड पर स्थित आदिवासी बहुल रेंगानार में 18 वर्ष से अधिक के 310 लोग रहते हैं। टीकाकरण के लिए पात्र वहां के सभी 294 लोगों ने कोरोना से बचने में टीके के महत्व को समझते हुए टीका लगवा लिया है। गांव में 45 वर्ष से अधिक के नागरिकों और 18 से 44 वर्ष के युवाओं को टीके के प्रति जागरूक करने में स्थानीय स्वास्थ्य कर्मियों और जागरूकता दल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अपनी लगातार कोशिशों से वे ग्रामीणों को समझाने में कामयाब रहे कि कोरोना से बचने के लिए अभी टीका ही सबसे प्रभावी उपाय है।





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रेंगानार ने पूरे प्रदेश के सामने मिसाल कायम की है। टीकाकरण के माध्यम से कोरोना को मात देने में गांव का हर वयस्क सदस्य योगदान दे रहा है। शहरी क्षेत्रों के उलट वहां लोगों के पास स्मार्ट फोन और इंटरनेट की काफी सीमित उपलब्धता के कारण शत-प्रतिशत टीकाकरण आसान नहीं था। लेकिन टीकाकरण के प्रति ग्रामीणों के उत्साह तथा स्वास्थ्य कर्मियों व जागरूकता दल की लगातार कोशिशों से रेंगानार ने यह लक्ष्य हासिल कर लिया। दंतेवाड़ा जिला प्रशासन द्वारा टीकाकरण की शुरूआत में गांववालों के लिए कुआंकोण्डा में कई सत्र आयोजित किए गए। लेकिन भ्रांतियों और जागरूकता की कमी के चलते कम लोग ही टीका लगवा रहे थे। तब रेंगानार की सरपंच श्रीमती सनमति तेलामी और स्थानीय कोरोना जागरूकता दल ने लोगों को जागरूक कर टीकाकरण के लिए तैयार किया। उन्होंने ग्रामीणों की मनःस्थिति समझते हुए मिशन की तरह घर-घर दस्तक देकर टीकाकरण के फायदे बताकर लोगों को टीका लगवाने के लिए राजी किया।





रेंगानार पंचायत के जागरूकता टीम के सदस्य श्री संतराम बताते हैं कि शुरू-शुरू में टीका को लेकर लोगों में हिचकिचाहट थी। काउंसलिंग के बाद उनका डर दूर हुआ और लोगों ने टीका लगाने के लिए हामी भरी। सभी के टीकाकरण के लिए कुआकोंडा में लगातार सत्र आयोजित किए गए। स्वास्थ्य विभाग की कोशिशों ने रंग लाया और पहले ही दिन रेंगानार के 18 वर्ष से अधिक के 125 युवाओं ने उत्साहपूर्वक टीका लगवाया। गांव में वयस्कों की आबादी 310 में से टीकाकरण के लिए पात्र सभी 294 व्यक्तियों को कोरोना से बचाव का पहला टीका लग चुका है। इस अभियान में दिव्यांगजनों ने भी बढ़-चढकर हिस्सा लिया। उन्होंने खुद टीका लगवाया और अन्य लोगों को भी प्रेरित किया। रेंगानार में टीकाकरण के निरीक्षण और सत्यापन के लिए पहुंची जिला स्तरीय टीम को जब पता चला कि गंभीर बीमारियों से पीड़ित कुछ व्यक्ति टीकाकरण में असमर्थता दिखा रहे हैं तो उन्होंने तत्काल घर-घर जाकर समझाइश दी और उन्हें टीके लगवाए।





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दंतेवाड़ा जिले में नागरिकों को टीकाकरण के लिए जागरूक करने हर पंचायत में कोरोना जागरूकता टीम बनाई गई है। यह टीम कोरोना जांच और टीकाकरण पर लगातार नजर रखती है। लोगों से बात कर उनका डर दूर करती हैं। जागरूकता दलों की सक्रियता के चलते रेंगानार ने 45 वर्ष से अधिक के नागरिकों और 18 से 44 वर्ष के युवाओं के शत-प्रतिशत टीकाकरण का लक्ष्य हासिल किया है।


दिल्ली और पड़ोसी राज्य में कोरोना के बढ़ते मामलों से सावधान रहने की जरूरत, हर हाल में संक्रमण को फिर फैलने से रोकना जरूरी- भूपेश बघेल

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने नई दिल्ली और छत्तीसगढ़ के पड़ोसी राज्य में फिर बढ़ रहे कोरोना-प्रकरणों को दृष्टिगत रखते हुए प्रदेशवासियों से विशेषकर बस्तर संभाग में विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।





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मुख्यमंत्री बघेल ने नई दिल्ली का उदाहरण देते हुए कहा है कि नई दिल्ली में लॉकडाउन खुलने के बाद पॉज़ीटीविटी दर फिर से 0.5 प्रतिशत बढ़ गयी है । इसी तरह पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र के बस्तर की सीमा से लगे ज़िलों में भी कोविड संक्रमण में वृद्धि की जानकारी मिल रही है । इससे सबक़ लेने की ज़रूरत है ।





छत्तीसगढ़ में इस समय हालात बहुत बेहतर हैं। संक्रमण दर 02 प्रतिशत से भी नीचे है, मृत्युदर भी बहुत कम है। राज्य में नये मरीजों तथा कुल सक्रिय प्रकरणों की संख्या भी बहुत थोड़ी रह गई है। बघेल ने कहा है कि हमने कोरोना की दूसरी लहर के दौरान बहुत से प्रियजनों को खो दिया है। अपनी अर्थव्यवस्था को बचाए रखने के लिए हमें बहुत संघर्ष करना पड़ा है। राज्य में अब जाकर विकास ने फिर रफ्तार पकड़ी है। हमें हर हाल में छत्तीसगढ़ में कोरोना को दुबारा फैलने से रोकना होगा। कोविड एप्रोप्रिएट बिहेवियर का सतत रूप से पालन करते रहना जरूरी है।





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छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। बघेल ने कहा है कि सभी पात्र लोग टीका जरूर लगवाएं, क्योंकि कोरोना से बचने का यही सबसे मजबूत उपाय है। टीके को लेकर किसी भी तरह के अफवाह या भ्रम में पड़ने से बचें।


Chhattisgarh Corona Update- आज प्रदेश में मिले 741 नए कोरोना मरीज, स्वस्थ हुए 1659 लोग

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में हुए लंबे लॉकडाउन और लोगों के नियंत्रण से अब कोरोना के केस लंबे समय बाद काफी कम हुए हैं। प्रदेश में आज सिर्फ 741 नये मरीज मिले हैं, जबकि 15 लोगों की मौत हुई है। प्रदेश में आज स्वस्थ्य होने वाले कुल मरीजों की संख्या 1659 रही है। लगातार रिकवरी रेट बढ़ने की वजह से प्रदेश में अब सिर्फ 15 हजार 932 मरीज ही एक्टिव केस के तौर पर रह गये हैं।





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जबकि रायपुर में आज 59 नये मरीज मिले हैं, जबकि सुकमा में 60 केस आये हैं। रायगढ़ में आज मरीज तो 22 मिले हैं, लेकिन सबसे ज्यादा 6 मौतें हुई है। बलौदाबाजार में भी 2 लोगों की जान गयी है।





इस नियंत्रित स्तिथि के कारण आज रायपुर कलेक्टर ने आदेश जारी किया हैं कि अब रायपुर में दुकानें शाम 6 बजे की बजाए 7 बजे तक खुली रहेंगी। फ़िलहाल सिनेमा हॉल और स्विमिंग पूल को बंद ही रखा गया है।





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इसके अलावा 14 जून से सभी शासकीय कार्यालय भी अब शत प्रतिशत उपस्तिथि के साथ खोलने का आदेश जारी किया गया है।






https://twitter.com/HealthCgGov/status/1403397533263486980?s=20

छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में बढ़ी रिकवरी दर, राज्य की औसत रिकवरी दर भी बढ़कर 92 प्रतिशत

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रायपुर. प्रदेश के सभी जिलों में पिछले एक सप्ताह में रिकवरी दर में बढ़ोतरी हुई है। सभी जिलों में कोरोना से स्वस्थ होने वाले मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। प्रदेश की औसत रिकवरी दर में भी पिछले सप्ताह की तुलना में पांच प्रतिशत की वृद्धि हुई है। राज्य शासन द्वारा कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण और रोकथाम के लिए किए जा रहे प्रभावी उपायों से अब रिकवरी दर बढ़कर 92 प्रतिशत पर पहुंच गई है।





प्रदेश में पिछले सप्ताह 16 मई को रिकवरी दर 87 प्रतिशत थी, जो अब 23 मई की स्थिति में 92 प्रतिशत पर पहुंच गई है। राज्य में अब तक मिले कुल कोरोना संक्रमितों नौ लाख 49 हजार में से आठ लाख 70 हजार 640 स्वस्थ हो चुके हैं।





पिछले एक सप्ताह में मुंगेली जिले की रिकवरी दर में सर्वाधिक बढ़ोतरी हुई है। पिछले सप्ताह मुंगेली की रिकवरी दर 77 प्रतिशत थी जो अब 11 प्रतिशत बढ़कर 88 प्रतिशत पर पहुंच चुकी है। बीते सप्ताह के दौरान कबीरधाम और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले की रिकवरी दर में आठ प्रतिशत, रायगढ़, जांजगीर-चांपा और जशपुर की रिकवरी दर में सात प्रतिशत, कोरबा, नारायणपुर बालोद और बलौदाबाजार-भाटापारा की रिकवरी दर में छह प्रतिशत तथा कोरिया, गरियाबंद, बिलासपुर और सरगुजा की रिकवरी दर में पांच प्रतिशत की वृद्धि हुई है।





वर्तमान में दुर्ग जिले की रिकवरी दर 96 प्रतिशत, राजनांदगांव और सुकमा की 97-97 प्रतिशत, बालोद की 94 प्रतिशत, बेमेतरा, कबीरधाम, कोरबा, गरियाबंद और कोंडागांव की 92-92 प्रतिशत, रायपुर की 96 प्रतिशत, धमतरी, बीजापुर, कांकेर और नारायणपुर की 91-91 प्रतिशत, बलौदाबाजार-भाटापारा, महासमुंद, रायगढ़, जांजगीर-चांपा और बस्तर की 90-90 प्रतिशत, बिलासपुर की 94 प्रतिशत, मुंगेली की 88 प्रतिशत, सरगुजा की 87 प्रतिशत, जशपुर की 86 प्रतिशत, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही की 83 प्रतिशत, कोरिया की 81 प्रतिशत, सूरजपुर की 82 प्रतिशत, बलरामपुर-रामानुजगंज की 81 प्रतिशत तथा दंतेवाड़ा की 96 प्रतिशत है।


कोविड वैक्सीन के दोनों डोज लगे होने या 96 घंटे के भीतर की RTPCR की निगेटिव रिपोर्ट होने पर ही मिलेगी छत्तीसगढ़ में यात्रा की अनुमति

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बिलासपुर। नोवेल कोरोना वायरस के नये वेरियन्ट के संक्रमण पर नियंत्रण के परिप्रेक्ष्य में हवाई जहाज, रेल एवं सड़क मार्ग से अन्य राज्यों से छत्तीसगढ़ आने वाले यात्रियों के लिए पूर्व में जारी निर्देशों में आंशिक संशोधन किया गया है।





हवाई यात्रा के माध्यम से अन्य राज्यों से बोर्डिंग के समय आरटीपीसीआर टेस्ट की रिपोर्ट होने की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है। जिन यात्रियों के पास पूर्व 96 घंटे के भीतर की आरटीपीसीआर जांच टेस्ट की निगेटिव रिपोर्ट होगी अथवा कोविड वैक्सीन के दोनों डोज लगे होने का प्रमाण पत्र होगा उन्हें ही राज्य के भीतर आगामी यात्रा हेतु अनुमति होगी।





जिन हवाई यात्रियों के पास निर्धारित समय अवधि की आरटीपीसीआर जांच टेस्ट रिपार्ट नहीं होगी उनकी कोविड टेस्ट जांच एयरपोर्ट पर की जायेगी तथा रिपोर्ट प्राप्त होने तक यात्रियों को स्वयं को होम आईसोलेशन में रखना अनिवार्य होगा। रायपुर, बिलासपुर एवं जगदलपुर एयरपोर्ट पर इस संबंध में आवश्यक जानकारी आगमन स्थल पर प्रदर्शित की जाएगी।





रेल मार्ग एवं सड़क मार्ग से आने वाले जिन यात्रियों के पास पूर्व 96 घंटे के भीतर की आरटीपीसीआर जांच की निगेटिव रिपोर्ट होगी अथवा कोविड वैक्सीन के दोनों डोेज लगे होने का प्रमाण पत्र होगा उन्हें भी राज्य के भीतर रेलवे स्टेशन अथवा बाॅर्डर चेक पोस्ट से आगामी यात्रा हेतु अनुमति होगी।


68 साल के इस व्यक्ति ने दी कोरोना को मात, कहा- डरे नहीं बल्कि स्वयं को सकारात्मक रखकर इसे हराए

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सुकमा। पिछले एक साल से कोविड-19 वायरस से सम्पूर्ण मानव जीवन पर खतरा मंडरा रहा है, वहीं ज्यादातर ऐसे भी लोग हैं जो अपनी इच्छाशक्ति और जीने की ललक से मौत को पीछे ढकेलकर फिर से जिंदगी संवारने में कामयाब हो रहें हैं। जिला मुख्यालय के गायत्री माता वार्ड बगीचा पारा निवासी सेवानिवृत्त प्राचार्य जगदीश कनौजिया ने सर्दी-खांसी होने पर अपनी कोरोना जांच कराई, जांच रिपार्ट में कोविड पाॅजिटिव होने पर उन्हें होम क्वांरटीन किया गया था। होम क्वारंटीन में रहकर स्वयं को सकारात्मक रखकर उन्होनें चिकित्सकों के निर्देशों का अक्षरशः पालन किया। साथ ही नियमित रूप से व्यायाम, संतुलित भोजन, समय पर दवाईयों के सेवन से 10 दिनों में कोरोना को मात देकर स्वस्थ्य हुए हैं।





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68 वर्षीय कनौजिया ने बताया कि सर्दी-खांसी के लक्षण दिखने पर 12 अप्रैल को जिला अस्पताल में कोविड टेस्ट कराया, 16 अप्रैल को जिला अस्पताल से जांच रिपोर्ट कोरोना पाॅजिटिव होने की सूचना प्राप्त हुई जिस पर स्वास्थ विभाग द्वारा उन्हें होम हाईसोलेट किया गया। उन्होंने कोरोना की पाॅजिटिव रिपोर्ट को देखर विचलित न होते हुए सामान्य लोगों की तरह ही घर पर रहकर नियमित रूप से कोविड नियमों का पालन किया। श्री कनौजिया ने नकारात्मक सोच को दिल-दिमाग पर हावी नहीं होने दिया और स्वयं को साकारात्मक रखते हुए सोशल मीडिया में फैली कोरोना की भ्रांतियों से दूर रखा।





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प्रतिदिन व्यायाम, कोरोना को हराने का महत्वपूर्ण आयाम





कोरोना से स्वस्थ होकर लौटे श्री कनौजिया ने होम क्वारंटीन के अनुभव को साझा करते हुए कहा कि होम क्वारंटीन के पूरे 10 दिनों में सुबह और शाम नियमित रूप से व्यायाम किया और स्वास्थ्य में किसी प्रकार की समस्या होने पर चिकित्सकों से फोन के माध्यम से परामर्श लिया। प्रतिदिन तीन बार वे अपने ऑक्सीजन लेवल, तापमान और पल्स रेट की जानकारी डाॅक्टर से साझा करते थे, व्यायाम करने से उनके ऑक्सीजन लेवल बेहतर होता गया। इसके साथ ही उन्होंने प्रोटीन युक्त आहार लिया। उन्होंने कहा कि कोरोना पाॅजिटिव होने पर घबराए नहीं, बल्कि स्वयं को सकारात्मक रखते हुए इसे नियमति रूप से व्यायाम, चिकित्सकों द्वारा प्राप्त आवश्यक दवाईयों के सेवन, संतुलित भोजन एवं कोरोना के नियमों का पालन करते हुए हराया जा सकता है।


छत्तीसगढ़ के इस जिले में 23 मई तक बढ़ा लॉकडाउन

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बलरामपुर। छत्तीसगढ़ में लगभग एक महीने से लॉकडाउन चल रहा है, जिसके कारण कोरोना की रफ़्तार में कुछ कमी आई है। फिर भी शासन किसी भी तरह की कोई कोताही बररते के मूड में नहीं है। जिसके चलते सरगुजा संभाग के बलरामपुर जिला (Lockdown in Balrampur District) में लॉकडाउन की अवधि को बढ़ाया गया है।






छत्तीसगढ़ में कोरोना के 10,150 नए केस, 153 लोगों ने गवाई जान




बता दें की बढ़ते मामलों को देखते हुए जिला कलेक्टर श्याम धावड़े ने आदेश जारी कर दिया है। नए आदेश के अनुसार 23 मई तक ​जिले में लॉकडाउन प्रभावी रूप से लागू रहेगा। बता दें कि बलरामपुर में कोरोना के केस थम नहीं रहे हैं। लगातार मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है।





बता दें कि बुधवार को भी कोरोना के 10,150 नए केस सामने आए हैं। जबकि 153 लोगों की मौत हुई है। बुधवार को मिले नए मरीजों के बाद छत्तीसगढ़ में एक्टिव केसों की संख्या बढ़कर 1 लाख 22 हजार 798 पहुंच गई है।





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बुधवार को प्रदेश में सबसे ज्यादा 884 संक्रमित मरीज रायगढ़ में मिले हैं। छत्तीसगढ़ में पॉजिटिविटी दर बीते 7 दिनों से लगातार घट रही है। 12 मई को प्रदेश भर में हुए 71 हजार 138 सैंपल की जांच में से 10,150 व्यक्ति कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। वहीं कोरोना संक्रमित की पहचान के लिए प्रदेश में 12 मई को रिकॉर्ड 71,138 सैंपल की जांच की गई थी।





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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जिला मुख्यालय बलौदाबाजार में 500 बिस्तर वाले कोविड केयर हॉस्पिटल का किया वर्चुअल शुभारंभ

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज यहां अपने निवास कार्यालय में आयोजित रायपुर और दुर्ग संभाग की समीक्षा बैठक के पहले जिला मुख्यालय बलौदाबाजार में कृषि उपज मंडी के गोदाम को परिवर्तित कर बनाए गए 500 बिस्तरों के कोविड केयर अस्पताल का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शुभारंभ किया। यह अस्पताल 120 ऑक्सीजन बेड से सुसज्जित है।





मुख्यमंत्री ने इस अस्पताल का निर्माण रिकार्ड 20 दिनों में करने पर जिले वासियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि जिले में कोरोना से संक्रमित मरीजों को इससे बड़ी राहत मिलेगी। बघेल ने इस अवसर पर आमजनता से कोरोना की गाइडलाईन का कड़ाई से पालन करने की अपील के।





इस दौरान सभी जनप्रतिनिधिगण भी ऑनलाइन माध्यम से कार्यक्रम में उपस्थित थे। कलेक्टर सुनील कुमार जैन ने बताया कि यह राज्य का पहला ऐसा हॉस्पिटल है जिसमें धान मंडी को हॉस्पिटल में बदला गया हैं। इस चुनौती भरें काम को महज 20 दिनों में पूरा किया गया है।500 बिस्तर हॉस्पिटल में 120 ऑक्सीजन बिस्तर से सुसज्जित है। 120 बिस्तर में 33 बिस्तर एचडीयू के, 36 आईसीयू,51ऑक्सीजन बिस्तर युक्त हैं। जो पूरी तरह वातानुकूलित हैं। साथ ही 380 बिस्तर जनरल के बनाये गये है।





आवश्यकता पड़ने पर इसका और विस्तार किया जा सकता है। हॉस्पिटल में सारी सुविधाओं का विशेष ख्याल रखा गया है। जिससे मरीज को घर जैसा अनुभव होगा। यह जिले का एक आधुनिकतम हॉस्पिटल है। जो कोरोना से संक्रमित मरीजों को बड़ी राहत पहुँचाएगा।इसका संचालन स्वास्थ्य विभाग द्वारा किया जाएगा। इस मंडी गोदाम को हॉस्पिटल में जनप्रतिनिधियों, उद्योगों, जिला खनिज न्यास फंड, जन सहयोग एवं जिला प्रशासन के सहयोग से परिवर्तित किया गया है । यहां 13 डॉक्टरों की टीम तैनात हैं।





स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव, सांसद सुनील सोनी, राज्यसभा सांसद छाया वर्मा, विधायक शिवरतन शर्मा, अनेक जनप्रतिनिधि, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू , सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी भी इस मौके पर उपस्थित थे।


अभी भी नहीं हुआ है कोरोना खत्म, सर्दी खांसी और बुखार जैसे लक्षण आने पर तुरंत जांच कराएं

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राज्य में कोविड से हुई मृत्यु के आंकड़ों का विश्लेषण करने से यह बात सामने आई कि कई लोग तबीयत खराब होने पर निजी तौर पर काम कर रहे गैर मान्यता प्राप्त अप्रशिक्षित व्यक्तियों के पास जाकर इलाज कराते हैं और तबीयत ज्यादा खराब होने पर ही शासकीय अस्पताल या अन्य अस्पताल जाते हैं, जिससे उचित समय पर इलाज नहीं मिल पाता।





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इसके अलावा एक और महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई कि सर्दी,खांसी,बुखार,सांस लेने में तकलीफ होने के बाद भी कोरोना की जांच नही कराते हैं। राज्य स्तरीय ऑडिट समिति के सदस्य डॉ. ओ पी सुंदरानी ने कहा कि सर्दी,खांसी और बुखार जैसे लक्षण आने पर लोगों को तुरंत कोरोना जांच करानी चाहिए। इसमें झिझकना नहीं चाहिए क्योंकि पॉजिटिव आने पर तुरंत इलाज शुरू हो जाता है और रिकवरी की संभावनाएं भी 95 प्रतिशत से ज्यादा होती हैं।





डॉ. ने कहा कि जांच कराने के बाद रिपोर्ट आते तक स्वयं को आइसेालेट करना चाहिए, जिससे परिवार में संक्रमण का खतरा कम हो सके। रिपोर्ट आते तक सावधानी के रूप में अपना ऑक्सीजन स्तर नापते रहना चाहिए। 95 प्रतिशत से कम रहने पर चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए।





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डेथ आडिट रिपोर्ट में यह बात सामने आई कि 29 जनवरी से 4 फरवरी के हफ्ते में प्रदेश में कोरोना से मृतकों में 70 प्रतिशत पुरूष ,27 प्रतिशत महिलाएं और 3 प्रतिशत टांसजेन्डर शामिल हैं। कोमार्बिडीटी से 77 प्रतिशत और 23 प्रतिशत कोविड से मृत्यु हुई। इसमें 60 साल से ज्यादा उम्र के समूह में सीएफआर 4.0 दर्ज किया गया ।





'अप्रशिक्षित व्यक्तियों से इलाज नही कराएं'





कोरबा जिले की महिला को 29 जनवरी को लक्षण आने के बाद 2 फरवरी को निजी चिकित्सक से इलाज कराने के बाद भी तबीयत ठीक नहीं हुई।निजी चिकित्सक ने सर्दी,खांसी के लक्षण आने पर भी कोरोना जांच की सलाह नहीं दी।बाद में दूसरे निजी अस्पताल में भर्ती हुर्इ पर तबीयत नहीं संभली और 3 फरवरी को मृत्यु हो गई।





इन लोगों की हुई मौत






बलौदाबाजार जिले के 50 साल के पुरूष को 1 जनवरी से कफ और बुखार आने पर गैर मान्यता प्राप्त व्यक्ति से स्थानीय इलाज कराया। 10 दिन बाद तिल्दा के निजी अस्पताल में भर्ती कराने के बाद कोरोना जांच कराने पर पॉजिटिव आने पर रायपुर रेफर किया, लेकिन 27 जनवरी को उनकी मृत्यु हुई।





बस्तर कमिश्नर ने लगाया कोरोना का टीका





कोरोना से बचाव के लिए संभाग कमिश्नर जी.आर. चुरेंद्र ने टीका लगाया। गुरुवार को दोपहर महारानी अस्पताल परिसर में स्थित नर्सिंग कॉलेज में बनाए गए टीकाकरण केन्द्र में पहुंचकर कोरोना से सुरक्षा के लिए टीका लगवाया। उन्होंने संभाग वासियों को स्वयं और परिवार की सुरक्षा के लिए टीका लगाने और कोरोना को हराने की अपील की।


ब्रेकिंग- 3rd ट्रायल के नतीजे के बाद ही छत्तीसगढ़ में होगा Covaccine का इस्तेमाल, T.S. Singhdeo बोले- नहीं डाल सकता जनता को रिस्क में

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रायपुर. छत्तीसगढ़ स्वास्थ मंत्री टी. एस. सिंहदेव (TS SINGHDEO News) ने फ़िलहाल कोवैक्सीन (no vaccine till 3rd phase trial in cg) के इस्तेमाल पर सीधे तौर पर मना कर दिया है। उनका कहना है कि जबतक वैक्सीन के तीसरे चरण के ट्रायल के नतीजे नहीं आ जाते तबतक छत्तीसगढ़ में इसका इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। अगर कोई अपनी मर्जी से ये वैक्सीन लगवाना चाहे तो उसे कोई मनाही नहीं है।





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नहीं डाल सकता जनता को रिस्क में





गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ सरकार और केंद्र के बीच शुरू से ही वैक्सीन (Covid 19 vaccination in chhattisgarh) को लेकर तकरार जारी थी। टी एस सिंहदेव का कहना है कि केंद्र सरकार जल्दबाजी क्यों कर रही है ये समझ से परे है। मैं प्रदेश की जनता को रिस्क में नहीं डाल सकता।





जानिए पूरा मामला





दरअसल, टीएस सिंहदेव ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन को पत्र लिखकर कोवैक्सीन छत्तीसगढ़ (no vaccine till 3rd phase trial in cg) में नहीं भेजने का आग्रह किया था। जिसके जवाब में हर्षवर्धन ने कहा है कि कोवैक्सीन इस्तेमाल पूरी तरह सुरक्षित है। हर्षवर्धन के जवाबी पत्र के बाद भी छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव कह रहे हैं कि मेरी माने तो जब तक कोवैक्सीन के तीसरे चरण के ट्रायल का रिजल्ट ना आ जाये, इस वैक्सीन का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।


कोरोना का टीका सुरक्षित है, अपनी बारी आने पर केंद्र में जाकर अवश्य लगवाएं टीका- बलौदाबाजार कलेक्टर

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  • कलेक्टर एसपी,सहित जिला पंचायत सीईओ की अगवाई में दूसरे चरण के टीकाकरण की हुई शुरुआत
  • राजस्व,पुलिस एवं पंचायत कर्मियों को लगायें जा रहे है टीके, दूसरे चरण के लिए 4411 हितग्राहियों ने करवाये पंजीयन




बलौदाबाजार। कलेक्टर एंव जिला दण्डाधिकारी सुनील कुमार जैन अगुवाई में आज पुलिस अधीक्षक आई के एलेसेला जिला पंचायत सीईओ डॉ फरिहा आलम सिद्दीकी सीईओ सँयुक्त कलेक्टर टेकचंद अग्रवाल ने आज सुबह जिला चिकित्सालय में कोविशिल्ड वैक्सीन (Frontline warriors vaccinated in Balodabazar) लगवाये।





Frontline warriors vaccinated in Balodabazar




टीका लगवाने से आ सकते है ये लक्षण





टीका लगाने के पश्चात कलेक्टर सुनील कुमार जैन ने कहा कि वर्तमान समय में कोविड से बचने टीकाकरण प्रभावी उपाय है। उन्होंने लोगो से अपील किया है। जिन कर्मचारियों,अधिकारियो एवं फ्रंटवारियर्स का टीकाकरण के लिए में नंबर आए तो अनिवार्य रूप से टीके लगाये। कलेक्टर जैन ने कहा कि कोविड 19 की वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित है, वैक्सीन लगाने उपरांत मामूली फिवर, जी-मिचलाना, चक्कर आना जैसे लक्षण पाए जा सकते है, जिससे घबराने की आवश्यकता नहीं है, सभी हितग्राही जिसका नाम कोविड पोर्टल पर पंजीकृत है,संबंधित टीकाकरण स्थल में जाकर टीका अवश्य लगाएं व वैक्सीन की दूसरी डोज अवश्य लें। कोविड 19 टीका लगाने के उपरांत भी दो गज दूरी, साबुन से हाथ धोना तथा मास्क पहनने जैसे अनुशासन का पालन अवश्य करें।





Frontline warriors vaccinated in Balodabazar




कोरोना गाइडलाइन्स का पालन करते हुए होगा राजिम पुन्नी मेले का आयोजन, स्वास्थ्य विभाग लगाएगा जांच शिविर





गौरतलब है की जिले में आज से दूसरे चरण की टीकाकरण की शुरूआत किया गया। जिसमे पुलिस,राजस्व एवं पंचायत विभाग के फ्रंट वारियर्स शामिल है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ खेमराज सोनवानी ने बताया कि जिले में पहले चरण में 8894 लोगों ने पंजीकृत कराया था। जिसमें से 6659 लोगों ने टीका लगवाया है। जिसमें स्वास्थ्य विभाग के हेल्थ वर्कर,हेल्थ स्टाॅफ,मितानिन,आंगनबाडी कार्यकर्ता, आयुर्वेद स्टॉफ,नर्सिंग स्टॉफ शामिल थे।





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उसी तरह दूसरे चरण में राजस्व,पुलिस एवं पंचायत आज दिनाँक तक 4411 लोगों का पंजीयन किया गया है। जिसमें राजस्व 650, पुलिस 1288,नगरीय निकाय के 926 एवं पंचायत के 1547 अधिकारी कर्मचारी शामिल है। सोनवानी ने बताया कि जिले में 16 जनवरी 2021 से अब तक विभिन्न सेसन (Frontline warriors vaccinated in Balodabazar) सत्रों में जिला चिकित्सालय बलौदाबाजार, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सिमगा, लवन,बिलाईगढ़,कसडोल तथा पलारी विकासखण्ड हेतु प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कोसमंदी,भाटापारा हेतु अस्पताल के ही नजदीक प्राथमिक विद्यालय भाटापारा में टीकाकरण सत्र का आयोजित किया जा रहे है। जहाँ प्रत्येक सत्र में अधिकतम 100 हितग्राहियों का टीकाकरण किया जायेगा। सभी केन्द्रों में दो गज दूरी, हाथ साबुन से धोना तथा मास्क पहनने का पालन करते हुए टीकाकरण संचालित किया जा रहा है।


कोरोना वायरस की पहचान के लिए लगेगी ट्रू- नॉट मशीन

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रायपुर. राजधानी के पंडरी स्थित जिला अस्पताल में मरीजों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने प्रबंधन निरंतर प्रयासरत है। जिला अस्पताल में कोरोना संक्रमितों के सैंपल की जांच के लिए ट्रू-नॉट मशीन लगाई जाएगी, जिसके लिए कवायद शुरू हो गई है। हमर लैब के ऊपर ट्रू-नॉट मशीन लगाने की व्यवस्था की जा रही है।





सीजीएमएससी की टीम ने मशीन लगाने चयनित स्थल का निरीक्षण भी कर लिया है। जिला अस्पताल से औसतन रोजाना 80-90 मरीजों का सैंपल लेकर जांच के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा जाता है। रिपोर्ट आने में विलंब होता है, जिसके चलते मरीजों को असुविधा का सामना करना पड़ता है। जिला अस्पताल की ओपीडी में इन दिनों 250 से 300 मरीज पहुंच रहे हैं। सर्दी-खांसी व बुखार के मरीजों का कोरोना की पहचान के लिए तुरंत एंटीजन किया जाता है। आरटी-पीसीआर जांच के लिए स्वॉब भी लिया जाता है।





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वर्तमान में लालपुर और कालीबाड़ी में ट्रू-नॉट से कोरोना की जांच की जाती है। मेडिकल कॉलेज और एम्स में आरटी-पीसीआर की सुविधा है। विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रू-नॉट मशीन मूलत: टीबी की जांच करने के काम आती है। इस मशीन के सॉफ्टवेयर में मामूली बदलाव से यह मशीन कोरोना संक्रमण की जांच भी कर सकती है। कोरोना समाप्ति के बाद इसका उपयोग टीबी जांच में भी किया जा सकता है।





जिला अस्पताल में ट्रू-नॉट मशीन स्थापित करना प्रस्तावित है, जिसके लिए कवायद की जा रही है। सीजीएमएससी की टीम चयनित स्थल का निरीक्षण कर चुकी है। मशीन लगने से मरीजों को काफी सहुलियत होगी।
- डॉ. पीके गुप्ता, सिविल सर्जन, जिला अस्पताल


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