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भ्रष्टाचार के आरोप में SDM ने महिला सरपंच को किया बर्खास्त, चुनाव लड़ने पर भी रोक

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छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर के जुनापारा गांव की महिला सरपंच गीता मोतीलाल चतुर्वेदी को मनरेगा में भ्रष्टाचार के चलते बर्खास्त कर दिया गया है। साथ ही उन्हें 6 साल के लिए अयोग्य भी घोषित कर दिया है। सरपंच गीता पर क्वारंटाइन सेंटर में रह रहे मजदूरों और अस्पताल में काम कर रहे कर्मचारियों के नाम से फर्जी मस्टररोल बनाकर गबन करने का आरोप था। जांच में सही मिलने के बाद SDM ने ये कार्रवाई की है। 

मस्टर रोल में स्थानीय निवासी रामेश्वर का नाम भी था, लेकिन उसने काम ही नहीं किया था। इस पर रामेश्वर ने सरपंच गीता चतुर्वेदी के खिलाफ शिकायत की। इसमें बताया कि सरपंच ने मिट्टी-मुरूम सड़क निर्माण कार्य बालक के घर से कठमुड़ा रैय्यत तक 700 मीटर और बरगन में छोटा तालाब गहरीकरण कार्य कराने का मस्टर रोल तैयार किया। जबकि कठमुड़ा रैय्यत में काम कराया ही नहीं गया। वहीं मस्टर रोल भी फर्जी बनाया। आरोप लगाया कि मस्टर रोल में क्वारंटाइन सेंटर में रह रहे प्रवासी मजदूरों और हॉस्पिटल में कार्य कर रहे कर्मचारियों समेत अन्य के नाम दर्ज किए गए हैं। इस पर जनपद पंचायत की ओर से मामले की जांच कराई गई।  

SDM ने की कार्रवाई

जांच में पता चला कि जय लाल का नाम मस्टर रोल में 10 मार्च 2020 से 15 मार्च 2020 तक किए गए कार्य में दर्ज था, लेकिन उसने काम किया ही नहीं था। रामेश्वर के साइन फर्जी मिले। जबकि हेमंत मरावी मनरेगा कार्य के दौरान अस्पताल में काम कर रहा था। सरपंच ने इन सभी और अन्य के नाम मस्टर रोल में डाले और 21 हजार 70 रुपए का भुगतान उनके नाम से ले लिया। SDM कोर्ट ने माना कि मस्टररोल को सरपंच, सचिव और रोजगार सहायक तीनों ही प्रमाणित करते हैं। तभी राशि बैंक से निकाली जा सकती है। ऐसे में उन दोनों के साथ ही सरपंच ने भी साइन किए। ऐसे में दोनों के साथ ही सरपंच भी उतना ही जवाब देह है। इसके आधार पर SDM ने सरपंच गीता मोती लाल चतुर्वेदी के खिलाफ आदेश दिए हैं। SDM ने जांच में मिले सबूत के आधार पर ये कार्रवाई की है।

ITI के छात्र ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, लिखा- मम्मी-पापा मेरी कीमत नहीं समझते...

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छत्तीसगढ़ में खुदकुशी की घटनाएं लगातार बढ़ती ही जा रही है। ताजा मामला बिलासपुर सरकंडा थाना क्षेत्र का है, जहां ITI के छात्र ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। उसने अपने मोबाइल में मैसेज टाइप कर स्क्रीन शॉट लिया है, जिसमें लिखा है कि मम्मी-पापा आप लोग मेरी कीमत नहीं समझते। मेरे जाने के बाद आप लोगों को मेरी कीमत समझ में आएगी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। 

पुलिस के मुताबिक जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ निवासी अंकित राय (उम्र 21) सरकंडा के राजीव विहार में अपने मामा सीताराम के घर में रहता था। साथ में परिवार के सदस्य भी रहते थे। सोमवार को परिवार वाले अपने गृह ग्राम पामगढ़ गए थे। इस दौरान अंकित घर में अकेला था। दोपहर करीब 2 बजे उसका मामा सीताराम घर पहुंचा, तब अंकित की लाश कमरे में फंदे पर लटक रही थी।

पुलिस ने परिजन से की पूछताछ

पुलिस पूछताछ में परिजनों ने बताया कि अरविंद 12वीं कक्षा की पढ़ाई के बाद ITI की ट्रेनिंग कर रहा था। वह पिछले एक साल से बिलासपुर में रहता था। उसके साथ उसके मम्मी-पापा भी रहते थे। अरविंद अपने मामा के निर्माणाधीन मकान की देखरेख भी करता था। सोमवार को उसे घर में छोड़कर परिजन अपने गांव चले गए थे। सोमवार शाम सरकंडा पुलिस को इस घटना की जानकारी मिली। 

पुलिस ने दी घटना की जानकारी

मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को फंदे से नीचे उतरवाया और युवक की तलाशी ली। इस दौरान उसके जेब से मोबाइल मिला। जांच में पता चला कि छात्र ने मोबाइल में मैसेज टाइप कर रखा था और स्क्रीन शॉट भी लिया था। उसमें लिखा था कि मम्मी-पापा आप लोग को मेरी कीमत नहीं समझते। मेरे जाने के बाद आप लोगों को मेरी कीमत समझ में आएगी। TI हरीश तांडेकर का कहना है कि मैसेज देखकर लग रहा है कि छात्र की गतिविधियों से उसके परिवार वाले नाराज रहते थे, जिसके चलते उसने यह कदम उठाया होगा।

PSC की तैयारी कर रही छात्रा ने भी की थी खुदकुशी

बता दें कि इससे पहले ही बिलासपुर के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र में PSC की तैयारी कर रही छात्रा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। वह बालोद की रहने वाली थी और बिलासपुर में हॉस्टल में रहकर कोचिंग करती थी। सोमवार दोपहर उसकी सहेलियों ने कमरे में उसे फंदे पर लटके देखा, तब उसके सुसाइड करने का पता चला। बताया गया कि वह सुबह के वक्त कोचिंग भी गई थी। इसके बाद जब वह लौटी, तब उसने खुदकुशी की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। 

खड़े ट्रेलर से टकराई तेज रफ्तार कार, 4 लोगों की मौत

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छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर में दर्दनाक हादसा हुआ है, जहां रतनपुर थाना क्षेत्र में भरारी गांव के पास एक तेज रफ्तार कार खड़े ट्रेलर से टकरा गया। हादसे में कार सवार चार लोगों की मौत हो गई है। दरअसल, कार सवार पांच लोग कोरबा से बिलासपुर जा रहे थे। तभी नेशनल हाईवे के किनारे खड़ी ट्रेलर से कार की टक्कर हो गई। हादसे में कार के परखच्चे उड़ गए। कार सवार 2 युवतियां गंभीर रूप से घायल हैं, जिन्हें इलाज के लिए CIMS अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 

 

जानकारी के मुताबिक कोरबा के बुधवारी बाजार के पास रहने वाले हिमांशु सिंह (उम्र 27), सूरज राठौर (उम्र 24), अपर्णा यादव, तनीषा आदिले और स्नेहा रविवार की रात कार में सवार होकर बिलासपुर तरफ जाने के लिए निकले थे। उनकी कार नेशनल हाईवे में तेज रफ्तार से जा रही थी। तभी वे रतनपुर क्षेत्र के भरारी के पास पहुंचे थे। उसी समय सड़क किनारे खड़ी ट्रेलर को कार चालक नहीं देख पाया और अनियंत्रित कार ट्रेलर से जा टकराई। हादसा इतना जबरदस्त था कि ट्रेलर से टकराने के बाद जोरदार आवाज आई। कार के सामने का हिस्सा ट्रेलर में जा घूसा। हादसे में कार सवार हिंमांशु सिंह, सूरज राठौर और अपर्णा यादव की मौके पर ही मौत हो गई। 

इनका इलाज जारी

वहीं तनीषा आदिले ठाकुर और स्नेहा गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें इलाज के लिए सिम्स ले जाया गया था। बाद में तनीषा की हालत को देखते हुए उसे रायपुर रेफर किया गया है। रतनपुर TI शांत कुमार साहू ने बताया कि हादसा हुआ, तब कार सवार लोगों की पहचान नहीं हुई थी। तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। दो लोग घायल थे और दोनों बोलने की स्थिति में नहीं थे। सुबह होने के बाद पुलिस ने जानकारी जुटाई, तब पता चला कि कार सवार सभी लोग कोरबा के रहने वाले हैं। उनके परिजन को हादसे की सूचना दे दी गई है। परिजन भी अस्पताल पहुंच गए हैं। उनसे पूछताछ के बाद पता चलेगा कि कार सवार लोग कहां जा रहे थे। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।

मुख्यमंत्री ने हादसे को लेकर जताया दुख  

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बिलासपुर जिले के रतनपुर थाना क्षेत्र में भरारी गांव के पास हुए सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वालों को लेकर गहरा दुख प्रकट किया है। मुख्यमंत्री ने दुर्घटना में मृतकों के परिवारजनों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट की है। CM बघेल ने इस दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को बेहतर इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने और मृतकों के परिजनों को हर सम्भव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं।

PSC की तैयारी कर रही छात्रा ने की फांसी लगाकर खुदकुशी, कारण अज्ञात

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छत्तीसगढ़ में खुदकुशी की घटनाएं लगातार बढ़ती ही जा रही है। ताजा मामला बिलासपुर के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र का है, जहां PSC की तैयारी कर रही छात्रा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वह बालोद की रहने वाली थी और बिलासपुर में हॉस्टल में रहकर कोचिंग करती थी। सोमवार दोपहर उसकी सहेलियों ने कमरे में उसे फंदे पर लटके देखा, तब उसके सुसाइड करने का पता चला। बताया गया कि वह सुबह के वक्त कोचिंग भी गई थी। इसके बाद जब वह लौटी, तब उसने खुदकुशी की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। 

जानकारी के मुताबिक बालोद के सांकरा स्थित जगन्नाथपुर की रहने वाली नेहा देशमुख (उम्र 23 साल) MSC की पढ़ाई के बाद प्रतियोगी परीक्षा के साथ ही छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग यानी PSC परीक्षा की भी तैयारी कर रही थी। वह बीते 5-6 महीने से से सिटी कोतवाली क्षेत्र के दयालबंद स्थित पंजाबी कॉलोनी के एक निजी हॉस्टल में रूम लेकर रहती थी और कोचिंग क्लास अटेंड करती थी। सोमवार को भी नेहा कोचिंग के लिए सुबह गई थी। वह से वह 11 बजे के आस-पास लौटकर आ गई थी। बाहर हाथ-मुंह धोने के बाद वह कमरे में चले गई। फिर उसका कुछ पता नहीं चला। उसकी सहेलियों ने दरवाजा भी खटखटाया, पर कोई जवाब नहीं मिला। 

हॉस्टल में फांसी लगाकर की खुदकुशी

उन्होंने हॉस्टल मालिक को इसकी जानकारी दी। इसके बाद हॉस्टल मालिक के साथ खिड़की से झांककर देखा, तब नेहा अपनी चुनरी के फंदे पर झूल रही थी। उसके जीवित होने की उम्मीद से उन्होंने आनन-फानन में फंदा काटकर नीचे उतारा, तब तक पुलिस के डायल 112 को भी बुला लिया था। हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं से पूछताछ कर पुलिस घटना की जानकारी जुटा रही है। नेहा के रिश्तेदार पवन कुमार देशमुख यहां पुलिस लाइन में हेडकांस्टेबल हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें नेहा के भाई अरविंद देशमुख ने मोबाइल से जानकारी दी कि वह हॉस्टल में कमरा बंद कर फांसी लगा ली है। 

आत्महत्या के कारण अज्ञात

उनके कहने पर पवन देशमुख पंजाबी कॉलोनी स्थित हॉस्टल पहुंचे, जहां नेहा को फंदे से नीचे उतार लिया गया था। इसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। पवन देशमुख ने बताया कि नेहा पढ़ाई में होनहार थी। उसने यह आत्मघाती कदम क्यों उठाया, इसकी जानकारी नहीं है। बालोद से नेहा के परिजनों को बुलाया गया है। नेहा ने जिस कमरे में फांसी लगाई है, उसे पुलिस ने सील कर दिया है। परिजनों की मौजूदगी में कमरा खोलकर तलाशी ली जाएगी। जांच के बाद ही उसके आत्महत्या के कारणों का पता चल सकेगा।

डॉक्टर खुदकुशी मामले में भी कोई सुराग नहीं 

करीब एक माह पहले राजनांदगांव में शासकीय मेडिकल कॉलेज अस्पताल पेंड्री के एक इंटर्न डॉक्टर प्रसून भारद्वाज ने शहर के रानी सागर तालाब में कूदकर जान दे दी थी। वह राजस्थान के रहने वाले थे और पेंड्री में डॉक्टरी की पढ़ाई पूरी करने के बाद इंटरशिप कर रहे थे। 10 दिन बाद ही डॉक्टर की इंटर्नशिप खत्म होने वाली थी। इस मामले भी पुलिस के हाथ खाली हैं। अभी तक पता नहीं लग सका है कि डॉक्टर के खुदकुशी करने के पीछे क्या कारण था। बता दें कि छत्तीसगढ़ में आत्महत्या के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।

छत्तीसगढ़ में आत्महत्या का बढ़ रहा ग्राफ, ASI और एक महिला ने की खुदकुशी

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छत्तीसगढ़ में आत्महत्या की घटनाएं लगातार बढ़ती ही जा रही है। ताजा मामला दुर्ग जिले का है, जहां कुछ दिन पहले छावनी थाने से लाइन अटैच हुए ASI फारूक शेख (उम्र 40 साल) ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। ASI ने सुसाइड क्यों किया इसके पीछे अलग-अलग कारण बताए जा रहे हैं। मदर्स डे के दिन ASI फारूक ने बाइक सवार चार लड़कों को अपनी कार से टक्कर मार दी थी। इस मामले की जांच के दौरान ASI को लाइन अटैच कर दिया गया था।

ये भी कहा जा रहा है कि फारूक का पारिवारिक विवाद भी चल रहा था। इससे वह तीन चार दिनों से घर नहीं जा रहा था और पावर हाउस स्थित सुविधा लॉज में ही रह रहा था। इसी लाज में शनिवार को फंदे पर लटकी उसकी लाश मिली। ASP संजय ध्रुव ने बताया कि ASI फारूक शेख छावनी थाने में पदस्थ था। वह दुर्ग पुलिस लाइन में अपने परिवार के साथ रहता था। फारूक कुछ दिन से मानसिक रूप से काफी परेशान रहता था। वह अक्सर सुविधा लॉज में रुकता था और घर भी नहीं जाता था। वह पिछले तीन चार दिनों से सुविधा लाज में ही रह रहा था। 

सुबह छावनी पुलिस को सूचना मिली की उसने लॉज के कमरे में फांसी लगा ली है। पुलिस मौके पर पहुंची, पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पीएम के लिए भेज दिया है। जांच के दौरान घटना स्थल से कोई भी सुसाइड नोट नहीं मिला है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जानकारी के मुताबिक बीती 8 मई की रात 9 बजे न्यू पुलिस लाइन दुर्ग में एक तेज रफ्तार कार ने दो बाइक में सवार चार युवकों को अपनी चपेट में ले लिया था। 

इस हादसे में उत्कल नगर के रहने वाले आकाश तांडी (उम्र 24) की मौत हो गई। वह अपनी मां के लिए मदर्स डे और पत्नी के लिए बर्थ डे केक लेकर दोस्तों के साथ घर लौट रहा था। इस हादसे में आकाश के तीन दोस्त बबलू नाग, दिनेश महानंद और रमेश लोहा बुरी तरह घायल हो गए। घायलों के बयान पर पाया गया कि जिस कार ने उन्हें टक्कर मारी थी, वह ASI फारूक शेख की थी। वह बिना घायलों को बचाए उन्हें मरता छोड़ वहां से भाग गया था। जांच में नाम आने पर SP ने उसे लाइन अटैच किया था, जिससे वो काफी परेशान था।

महिला ने की खुदकुशी

इधर, न्यायधानी बिलासपुर में बहू से तंग आकर सास ने खुदकुशी कर ली। महिला के आत्महत्या करने के मामले में बहू पर प्रताड़ना का केस दर्ज किया गया है। दरअसल, पुलिस ने मृतका से सुसाइड नोट भी बरामद किया था, जिसमें महिला ने लिखा कि बहू दो माह से मायके चली गई है और घर आकर मारपीट करती है। मामले की जांच में पता चला कि बहू अपनी सास को दहेज प्रताड़ना के केस में फंसाने के नाम पर धमकाती थी, जिससे तंग आकर उसे आत्महत्या करने के लिए मजबूर होना पड़ा।  

हेमूनगर की रहने वाली मानू चक्रवर्ती (उम्र 42 साल) गृहणी थीं, जिनकी लाश उनके घर में फांसी के फंदे पर लटकती मिली थी। पुलिस इस मामले की जांच कर रही थी। जांच में पता चला कि उनकी बहू स्वाति उर्फ स्वीटी शर्मा (उम्र 28 साल) उन्हें तंग करती थी और दहेज के केस में फंसाने के लिए धमकाती थी। पुलिस ने मृतका महिला से सुसाइड नोट बरामद किया है, जिसके आधार पर बहू के खिलाफ केस दर्ज किया है।

जांच में जुटी पुलिस

पुलिस ने मामले की जांच की, तब पता चला कि घटना के करीब साल भर पहले स्वाति और अरूण चक्रवर्ती के बीच प्रेम संबंध चल रहा था। बताया जा रहा है कि अरूण ने दो बार उसका अर्बाशन करा दिया था। इसके बाद अगस्त महीने में ही उसने प्रेम विवाह किया था। शादी के बाद पति-पत्नी के बीच झगड़ा होने लगा था। इसके चलते बहू स्वाति घटना से दो माह पहले अपने मायके बापू खोली चली गई थी।

सुसाइड नोट में लिखी ये बात 

पुलिस ने जांच के दौरान मृतका महिला से सुसाइड नोट बरामद किया, जिसमें उसने लिखा है कि बेटे से जोर जबरदस्ती शादी की है और झगड़ा करके दो माह से अपनी मां के पास चली गई है। जोर जबरदस्ती कर घर में घुस कर झगड़ा कर रही है और मारपीट करती है। पुलिस ने सुसाइड नोट के साथ ही परिजनों का बयान दर्ज किया है, जिसमें बताया गया कि बहू दहेज के झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर मारपीट करती थी। उसकी प्रताड़ना से तंग आकर मानू चक्रवर्ती को आत्महत्या करने के लिए मजबूर होना पड़ा।

इस हेल्पलाइन की ले सकते हैं मदद

बता दें कि खुदकुशी एक गंभीर मनोवैज्ञानिक और सामाजिक समस्या है। अगर आप या अपने दोस्त या रिस्तेदार तनाव से गुजर रहे हैं तो भारत सरकार की जीवनसाथी हेल्पलाइन 18002333330 से मदद ले सकते हैं। आपको अपने दोस्तों और रिश्तेदारों से भी बात करनी चाहिए, ताकि आत्महत्या जैसे प्राणघातक कदम उठाने से बच सकें। देश में रोजाना आत्महत्या की घटनाएं सामने आ रही है।

ये हैं आत्महत्या के प्रमुख कारण  

  • पारिवारिक - 26 %
  • बीमारी - 19 %
  • वैवाहिक - 11 %
  • बेरोजगारी - 6 %
  • नशे की लत - 5 %
  • अन्य कारण - 24 %



 


हाइवा ने ऑटो को मारी टक्कर, पूर्व सांसद के भतीजे समेत 4 लोगों की मौत

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छत्तीसगढ़ में सड़क हादसे कम होने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला बिलासपुर जिले का है, जहां ऑटो सवार चार लोगों की मौत हो गई। दरअसल, मालवाहक ऑटो में चालक समेत चार लोग सवार थे। तभी उन्हें तेज रफ्तार हाइवा ने टक्कर मार दी। हादसा इतना जबरदस्त था ऑटो पांच फीट ऊपर उछल गया और उसके परखच्चे उड़ गए। उसमें सवार तीन लोग उछल कर रोड पर गिर गए। जबकि चालक ऑटो में फंस गया था। 


चालक को कटर से काटकर उसे बाहर निकाला गया। उसे गंभीर हालत में अस्पताल भी ले जाया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। मरने वालों में एक युवक पूर्व सांसद और भाजपा नेता लखनलाल साहू का भतीजा भी शामिल है। जानकारी के मुताबिक घटना तखतपुर क्षेत्र के मोछ मोड़ के पास की है। जरहागांव थाना क्षेत्र के फरहदा के रहने वाले महेश कुमार साहू जेसीबी मालिक था, जो पूर्व सांसद और भाजपा नेता लखनलाल साहू का भतीजा था। 


बताया जा रहा है कि शुक्रवार की रात ऑटो में सवार होकर बिलासपुर से रात वापस अपने गांव लौट रहा था। उसके ऑटो में तीन और लोग सवार थे। अभी उसकी ऑटो तखतपुर के मोछ मोड़ के पास पहुंची था, तभी सामने से आ रहे तेज रफ्तार हाइवा ने सामने से टक्कर मार दी। हाइवा की रफ्तार काफी तेज थी। इसके चलते चालक सामने आ रहे ऑटो को देख नहीं पाया और सामने से टक्कर मार दिया। 

हाइवा की टक्कर के बाद ऑटो उछल कर बुरी तरह से चिपट गया और चालक सामने सीट में फंस गया। उसमें सवार दो लोग उछलकर सड़क से दूर जा गिरे। उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। इस हादसे के बाद एक युवक ऑटो से उछलकर हाइवा के सामने आ गया, उसकी लाश हाइवा के पहिए के नीचे पड़ी थी। पुलिस ने शव को उठवाकर अस्पताल भेज दिया है। TI मोहन भारद्वाज ने बताया कि हादसे की खबर मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। 

सड़क किनारे पड़े तीन लोगों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया। इस दौरान गंभीर रूप से घायल चालक ऑटो के सामने सीट में फंसा हुआ था। उसे कड़ी मशक्कत कर गैस कटर से काटकर बाहर निकाला गया। उन्होंने बताया कि ऑटो के रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर चालक की पहचान जरहागांव क्षेत्र के फरहदा निवासी महेश साहू के रूप में हुई है। जबकि, अन्य मृतकों की पहचान नहीं हो पाई है।

 देर रात हुए हादसे के बाद तखतपुर पुलिस ने मरने वालों की पहचान कर ली है। TI मोहन भारद्वाज ने बताया कि पूर्व सांसद व भाजपा नेता लखनलाल साहू के फरहदा में रहने वाला भतीजा महेश साहू पिता शोभाराम साहू (40 साल) की जेसीबी खराब हो गई थी, जिसे बनवाने के लिए इंजन को लेकर बिलासपुर गया था। इसके बाद इंजन को लेकर अमोरा परसाकापा निवासी ऑपरेटर भुनेश्वर साहू पिंटू पिता भारत साहू (36 साल), कड़ार निवासी मेकेनिक ओमप्रकाश वर्मा पिता राम कुमार ( 22 साल) और कुली लुतरा निवासी रघुवीर साहू पिता रामखिलावन साहू (24 साल) के साथ लौट रहा था। तभी यह हादसा हो गया और उनकी मौत हो गई।

मौत के मामले में 11वें नंबर पर छत्तीसगढ़

इस साल नवंबर में सड़क दुर्घटनाओं (Road accidents) में 408 लोगों की मौत और 884 लोग घायल हुए है। प्रदेश में 11 महीनों में 10 हजार 126 सड़क दुर्घटनाओं में 395 लोगों की मौत हुई और 9 हजार 270 लोग घायल हुए है। वहीं सड़क हादसे से होने वाली मौत के मामले में छत्तीसगढ़ देश भर में 11 वें नंबर पर पहुंच गया है।

सड़क हादसों में मरने वालों की संख्या

सड़क हादसों (Road Accident in Chhattisgarh) में मौत के मामले में छत्तीसगढ़ के आंकड़ों में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। आंकड़ों के मुताबिक साल 2019 में करीब 14 हजार सड़क हादसों में 4 हजार 556 लोगों ने अपनी जान गवांई है। इसमें करीब 3 हजार 200 मृतक ऐसे हैं, जो दो पहिया वाहनों में थे।

दिन-ब-दिन बढ़ रहा सड़क हादसों का ग्राफ

इन 3 हजार 200 में से करीब 2450 लोगों की मौत सिर में चोट लगने की वजह से हुई है। इसके कारण प्रदेश में सड़क हादसों का ग्राफ दिन ब दिन बढ़ता ही जा रह है, इसके कारण सड़क हादसों में जान गवांने वाले लोगों की संख्या भी बढ़ती ही जा रही है। आंकड़ों के मुताबिक सड़क हादसों में सबसे ज्यादा हादसे राजधानी रायपुर में हो रहे हैं। छत्तीसगढ़ पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक राजधानी रायपुर के टाटीबंध चौक पर हर महीने 4 से 5 लोगों की मौत होती है। ऐसा नहीं है कि सरकार सड़क हादसों को कम करने के लिए कोई उपाय नहीं कर रही है।

लोगों की लापरवाही बन रहा हादसों का कारण

बता दें कि सड़क हादसों और इन हादसों में घायल लोगों को जल्द इलाज मुहैया करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने हर जिले के पुलिस को पेट्रोलिंग वाहन सौंपा है. साथ ही सड़क हादसों को कम करने और लोगों को जागरूक करने के लिए कई तरह के जागरुकता अभियान भी चलाएं जा रहे है, लेकिन लोगों की लापरवाही के कारण सड़क दुर्घटना कम होने का नाम नहीं ले रहा है। लोग अपनी सुरक्षा के लिए हेलमेट नहीं पहनते है, बल्कि पुलिस से बचने के लिए हेलमेट पहनते है। वहीं लोग हर काम जल्दी करना चाहते है, कई बार लोगों की यहीं जल्दबाजी सड़क हादसों का कारण बनता है।

केंद्रीय जेल में फिर एक बंदी की मौत, 4 दिन पहले किया गया था गिरफ्तार

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बिलासपुर के केंद्रीय जेल में बंदियों के मौत का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। सिर्फ 5 दिन के अंदर दूसरे विचाराधीन बंदी की मौत हो गई है। रेलवे पुलिस ने चोरी के आरोप में युवक को चार दिन पहले ही गिरफ्तार किया था। उसे 16 मई को ही गंभीर हालत में इलाज के लिए सिम्स में भर्ती कराया गया था। बुधवार की देर शाम उसकी मौत हो गई। इधर, मृतक के भाई ने पीट-पीटकर उसकी हत्या करने का आरोप लगाया है।

3 दिन पहले जेल में पचपेड़ी क्षेत्र के बंदी छोटेलाल यादव की मौत का मामला सामने आया था। उसके परिजन आबकारी विभाग की टीम पर उसकी हत्या करने के आरोप लगा चुके हैं। इधर, जेल में फिर से एक बंदी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। कोनी थाना क्षेत्र के सेंदरी के रहने वाले विदेशी राम केवट (उम्र 31 साल) जांजगीर-चांपा जिले के बलौदा स्थित बोकरामुड़ा चारपारा में पत्नी और बच्चों के साथ रहता था। 

इलाज के दौरान हुई मौत

कुछ समय पहले ही वह अकेले बिलासपुर आकर मजदूरी करने लगा था। वहीं 14 मई को उसे रेलवे पुलिस ने चोरी के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजा था। बताया जा रहा है कि दो दिन बाद ही उसकी तबीयत बिगड़ी, तब उसे 16 मई को गंभीर हालत में सिम्स में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

जेल अधीक्षक ने दी जानकारी

जेल अधीक्षक एसके तिग्गा का कहना है कि विचाराधीन बंदी विदेशीराम केवट जब जेल आया था। उसके पहले ही उसे कुत्ते ने काटा था। उसके बताने पर जेल अस्पताल में उसका इलाज चल रहा था। वह आदतन नशेड़ी भी था। उसकी तबीयत बिगड़ने पर उसे सिम्स रेफर किया गया था, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। वहीं मृतक के भाई मानूराम केवट ने कहा कि उसके भाई की मौत स्वाभाविक रूप से नहीं हुई है। न ही वह बीमार हुआ था। जेल में उसके साथ मारपीट की गई है। पीट-पीटकर उसकी हत्या की गई है।

मृतक के भाई ने जेल प्रबंधन पर लगाया आरोप

मृतक के भाई ने कहा कि हमारा भाई चोरी का आरोपी था, उसे जेल भेजा गया। लेकिन अब उसकी मौत के बाद उसे न्याय मिलना चाहिए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। तीन दिन के अंदर केंद्रीय जेल में दूसरे विचाराधीन बंदी की संदिग्ध में मौत होने के बाद जेल प्रबंधन पर सवाल उठने लगा है।  विदेशी राम के परिवार को यह भी पता नहीं कि वह जेल में था। उसे पुलिस ने कब गिरफ्तार किया और कब उसे जेल भेज दिया, इसकी जानकारी उन्हें नहीं दी गई। उन्हें लग रहा था कि अभी भी विदेशी राम काम कर रहा है। 

पुलिसकर्मियों से किया सवाल

जेल में उसके बीमार होने और सिम्स में भर्ती करने की भी जानकारी नहीं दी गई। बुधवार की रात सिविल लाइन पुलिस ने कोनी थाने में सूचना दी, तब कोनी पुलिस उसके गांव पहुंची और भाई मानूराम को उसके भाई विदेशीराम के जेल में मौत होने की जानकारी दी। भाई के जेल में मौत होने की खबर सुनकर वह हैरान रह गया। वह पुलिसवालों से सवाल करता रहा कि वह कब जेल गया और कैसे उसकी मौत हो गई।

छोटेलाल यादव की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत

सिविल लाइन पुलिस ने जेल में बंदी की मौत की जानकारी पुलिस अफसरों को दी है। इसके बाद अब SP पारुल माथुर के प्रतिवेदन पर प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में शव का पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा। इसके साथ ही मामले की न्यायिक जांच भी कराई जाएगी। जेल में तीन दिन पहले अवैध शराब के मामले में पकड़े गए पचपेड़ी क्षेत्र के छोटेलाल यादव की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। उसके पूरे शरीर पर चोट के निशान थे। 

लगातार सामने आ रही कैदियों की मौत की घटना

परिजनों ने गिरफ्तार और जेल में रहने के दौरान उसकी बेरहमी से पिटाई करने के आरोप लगाए हैं। इस मामले में बवाल हो रहा है।  एक दिन पहले ही यादव समाज के लोगों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर दोषियों को फांसी देने की मांग की है। इसकी न्यायिक जांच हो रही है। इस बीच फिर से एक बंदी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। लगातार जेल में मौत होने से जेल प्रबंधन कटघरे में आ गया है। बता दें कि केंद्रीय जेल में आए दिन कैदियों के मौत से जुड़ी खबर सामने आती रहती है। 

बिलासपुर में अनियंत्रित होकर पलटी UP के प्रयागराज से आ रही बस, 12 यात्री घायल, रफ्तार बनी वजह

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छत्तीसगढ़ में सड़क हादसे कम होने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला न्यायधानी बिलासपुर का है, जहां प्रयागराज से आ रही एक यात्री बस अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में 12 यात्री घायल हो गए हैं। इनमें 3 की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें सिम्स रेफर किया गया है। तीनों मध्यप्रदेश के रहने वाले हैं। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को अस्पताल भिजवाया। 

हादसे का कारण बस की तेज रफ्तार बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक प्रयागराज से एक बस रायपुर जा रही थी। इसी बीच रतनपुर में चपोरा के मुड़ानार के पास अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई और पलट गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस के आगे का हिस्सा बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। हादसा होते देख आसपास के लोग दौड़कर मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी।

हादसे के समय बस में करीब 60 यात्री सवार थे। इनमें से 18 लोग घायल हैं। 15 घायलों को रतनपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। जबकि 3 गंभीर घायल सत्यनारायण पाठक, समीक्षा मिश्रा और संगीता मिश्रा को सिम्स रेफर किया गया है। ये तीनों रीवा से रायपुर जा रहे थे। फिलहाल पुलिस ने सभी घायलों के नाम और पते के आधार पर उनके परिजनों को सूचना दे दी है। बस पलटने को लेकर पुलिस संचालकों से भी पूछताछ करेगी।

 हादसे के बाद बस छोड़कर भागा ड्राइवर

यात्रियों ने बताया कि ड्राइवर बहुत स्पीड में बस चला रहा था। कई बार धीरे चलने को कहा गया, लेकिन वह नहीं माना। इसी के चलते बस अनियंत्रित होकर पेड़ से जा टकराई। हादसे के बाद चालक बस से उतरकर भाग निकला। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। नरेश बस सर्विस की बस दूसरी बार हादसे का शिकार हुई है। इससे पहले भी 3 मई को इसी रूट पर खैरा मुख्य मार्ग में माजदा से उसकी टक्कर हो गई थी। 

सालाना करीब डेढ़ लाख लोगों की मौत 

बता दें कि भारत में दुनिया के एक फीसदी वाहन हैं, लेकिन सड़कों पर वाहन दुर्घटनाओं के चलते विश्वभर में होने वाली मौतों में 11 प्रतिशत मौत भारत में होती हैं। विश्वबैंक की एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। भारत में सालाना करीब साढ़े चार लाख सड़क हादसे होती हैं, जिनमें डेढ़ लाख लोगों की मौत होती है।

सड़क हादसों से हर चार मिनट में एक मौत

रिपोर्ट के मुताबिक 'सड़क हादसों में हताहत होने वाले लोगों में सबसे ज्यादा भारत के होते हैं। भारत में दुनिया के सिर्फ एक फीसदी वाहन हैं, लेकिन सड़क दुर्घटनाओं में दुनिया भर में होने वाली मौतों में भारत का हिस्सा 11 प्रतिशत है। देश में हर घंटे 53 सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं और हर 4 मिनट में एक मौत होती है।'

सेक्स रैकेट: NGO की आड़ में चल रहा था देह व्यापार का धंधा, एक युवक समेत 4 महिलाएं गिरफ्तार

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छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर में पुलिस ने सेक्स रैकेट (Sex Racket Busted) का भंडाफोड़ किया है। साथ ही मामले में एक युवक समेत 4 महिलाओं को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक एक महिला NGO की आड़ में सेक्स रैकेट चला रही थी, जिसकी सूचना पर पुलिस ने दबिश देकर ये कार्रवाई की। वहीं गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ पीटा एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है। 

सरकंडा थाना क्षेत्र में पुलिस को बीते कुछ दिनों से सूचना मिल रही थी कि बंगालीपारा में एक महिला अपने मकान में सेक्स रैकेट चला रही है। उसके घर में दूसरे मोहल्लों की महिलाएं और युवक आते हैं। सूचना को पुलिस ने पहले पुख्ता किया। फिर शुक्रवार को योजनाबद्ध तरीके से पाइंटर बनाकर एक युवक को भेजा गया। इसके बाद पुलिस ने वहां छापेमारी की। पुलिस वहां पहुंची तब तीन महिलाएं मिली। वहीं एक युवक और महिला दूसरे कमरे में आपत्तिजनक स्थिति में पाए गए।

पुलिस ने मौके से जब्त किए आपत्तिजनक सामान

मकान में छापेमारी के दौरान पुलिस को वहां से आपत्तिजनक सामान के साथ ही रुपए भी मिले, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया है। गिरफ्तार दुर्गा प्रशाद सर्वे कोतवाली क्षेत्र के टिकरापारा का रहने वाला है। युवक और महिलाओं को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है। बताया जा रहा है कि सरकंडा के साथ ही शहर के कई बाहरी कॉलोनियों में देह व्यापार करने वाले दलाल सक्रिय हैं, जो किराए पर मकान लेकर रहते हैं। इन मकानों में बाहर से युवतियां और महिलाएं आती हैं, जो देह व्यापार में लिप्त रहती हैं।

ब्याज वसूली के ऑफिस में चल रहा था देह व्यापार

वहीं 3 मार्च को छत्तीसगढ़ की संस्कारधानी राजनांदगांव में पुलिस ने शहर में चल रहे सेक्स रैकेट (Sex Racket Busted) का भंडाफोड़ किया था। साथ ही मामले में 2 महिलाओं समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। पकड़े गए आरोपी ब्याज वसूली के ऑफिस से देह व्यापार का धंधा चला रहे थे। इसके लिए ग्राहकों को एक फार्म हाउस पर भेजा जाता था। पुलिस ने दोनों जगहों पर एक साथ कार्रवाई की थी। 

फर्जी तरीके से अनुकंपा नियुक्ति पाने वाला लिपिक सेवा से बर्खास्त

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बिलासपुर स्कूल शिक्षा विभाग में फर्जी तरीके से अनुकंपा नियुक्ति पाने वाले लिपिक चंद्रकांत देवांगन को शासकीय नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है। जिला शिक्षा अधिकारी ने मामले की जांच के बाद सेवा समाप्ति के आदेश जारी किए हैं। जानकारी के मुताबिक तखतपुर विकासखंड के गनियारी गांव के रहने वाले चंद्रकांत देवांगन की अनुकंपा नियुक्ति के रूप में पदस्थापना करगीकला हायर सेकेंडरी स्कूल में की गई थी। 


मुंगेली के रहने वाले आसरे तिवारी ने इस नियुक्ति को नियम विरूद्ध बताते हुए मामले शिकायत की थी। मामले की जांच कराई गई। पाया गया कि उनके परिवार में और सदस्य शासकीय सेवा में पूर्व से हैं। साक्ष्य छिपाकर उन्होंने अनुकंपा नियुक्ति हासिल किया है। चंद्रकांत को प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत के परिपालन में सुनवाई का अवसर प्रदान किया गया। उनका जवाब संतोषप्रद नहीं पाया गया, जिसके बाद ये कार्रवाई की गई है।

CM भूपेश ने दिया था निर्देश

बता दें कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर छत्तीसगढ़ सामान्य प्रशासन विभाग ने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के झूठे, फर्जी और गलत प्रमाण-पत्रों के आधार पर नियुक्तियां प्राप्त कर लेने वाले शासकीय सेवकों की सेवाएं तत्काल खत्म करने के लिए सभी विभागों के नाम परिपत्र जारी किया था। सर्व आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री बघेल से मुलाकात के दौरान इस मुद्दे की ओर उनका ध्यान आकर्षित करते हुए कार्रवाई का अनुरोध किया था। उद्योग मंत्री कवासी लखमा से भी  इस मुद्दे को लेकर सर्व आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों ने चर्चा की थी।   

देश का भविष्य युवाओं के सपनों और आशाओं से गढ़ा जाएगा: उपराष्ट्रपति नायडू

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अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय बिलासपुर का तीसरा दीक्षांत समारोह संपन्न हुआ। दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि उपराष्ट्रपति एम.वेंकैया नायडू ने अपने वर्चुअल उद्बोधन में कहा कि देश का भविष्य युवाओं के सपनों और आशाओं से गढ़ा जाएगा। देश की 65 प्रतिशत से अधिक आबादी युवाओं की है। उन्होंने कहा कि हम अपना प्राचीन समृद्ध ज्ञान और परम्परा खोते जा रहे हैं। अपनी पुरानी प्रतिष्ठा फिर से अर्जित करने के लिए हमें  अपने शिक्षण संस्थाओं को विश्वस्तरीय बनाना होगा। नये शोध एवं नवाचार गतिविधियों को बढ़ाना होगा। उन्होंने कहा कि हम तेजी से बदलते तकनीकी युग में जी रहे हैं। हमें अपने विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रमों को आधुनिक संदर्भ में प्रासंगिक बनाना चाहिए। 

राज्यपाल अनुसुईया उइके ने समारोह में स्वर्ण पदक और उपाधि प्राप्त विद्यार्थियों एवं विद्वानों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जीवन सम्पूर्ण जीवनकाल का महत्वपूर्ण समय होता है। अच्छे और बुरे का बोध हमें इसी समय पता लगता है। मानवीय मूल्यों, संस्कारों और रचनात्मक क्षमता का विकास इसी दौरान होता है। कड़ी मेहनत से जीवन को दिशा मिलती है। उन्होंने आह्वान किया कि विद्यार्थी अपने जीवन का लक्ष्य निर्धारित करें और इसे प्राप्त करने के लिये निरंतर प्रयास करें ,एक दिन जरूरी कामयाबी मिलेगी। प्रारंभिक विफलताओं से हमें निराश होने की जरूरत नही है। उन्होंने कहा कि आज मेडल प्राप्त 162 विद्यार्थियों में 117 विद्यार्थी महिलाएं हैं। यह समाज के लिए गौरव का विषय है। साथ ही महिला सशक्तिकरण का उदाहरण भी है। केवल डिग्री प्राप्त कर लेना महत्वपूर्ण नहीं हैं, हमें संवेदनशीलता और मानवीय संवेदना के साथ गरीबों एवं जरूरतमंद लोगों की सेवा के लिए तत्पर रहना चाहिए।

उन्होंने कहा कि अध्ययन काल में प्राप्त शिक्षा ही हमें जीवन के चुनौतियों से लड़ने का साहस व हौसला देती है। साथ ही जीवन के तमाम लक्ष्यों को हासिल करने में सफलता भी दिलाती है। उन्होंने बढ़ती प्रतिस्पर्धा और तकनीक के दौर मे शिक्षा मे शोध, आविष्कार एवं नवाचार की आवश्यकता बताई और कहा कि हमे शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ानी होगी द्य हमें शिक्षा के साथ अपने व्यक्तित्व विकास की ओर भी ध्यान देना बेहद जरूरी है। हमें ऐसी शिक्षा की जरूरत है जिससे विद्यार्थियों का चरित्र निर्माण हो सके,उनका मानसिक विकास हो और वह अपने पैरों पर खड़ा हो सकेद्य उन्होंने समस्त विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थाओं को इस दिशा में सदैव प्रयास करते रहने की अपील की।

उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल ने कहा कि अटल विश्वविद्यालय ने गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ की तर्ज पर गढ़बो नवा विश्वविद्यालय का नारा देकर अकादमिक एवं शोध के क्षेत्र में अच्छा काम कर रहा है। विश्वविद्यालय ने छत्तीसगढ़ी भाषा में नोट शीट प्रचलित कर अच्छी पहल की है। विश्वविद्यालय ने विभिन्न क्षेत्रों में शोध को नई दिशा देने के लिए शोधपीठों की स्थापना की है। राज्य के युवाओं को गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए उच्च शिक्षा विभाग प्रतिबद्ध है। इसके अलावा यूपीएससी के पूर्व अध्यक्ष प्रोफेसर पी.के.जोशी ने अपने संबोधन में कहा कि सामाजिक जिम्मेदारी, जवाबदेही, निष्पक्षता और ईमानदारी को मुख्य मूल्य के रूप में अपनाना चाहिए। कुलपति ए.डी.एन बाजपेयी ने स्वागत भाषण दिया और विश्वविद्यालय की उपलब्धियों की जानकारी दी।

162 विद्यार्थी स्वर्ण पदक से अलंकृत

दीक्षान्त समारोह में कुल 162 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक से अलंकृत कर उपाधि प्रदान की गई। उच्च शिक्षा के विकास एवं प्रबंधन में महत्वपूर्ण योगदान के लिए 8 विद्वानों को विद्या वाचस्पति की मानद उपाधि से विभूषित किया गया। इस अवसर पर स्थानीय विधायक शैलेश पाण्डेय, बेलतरा विधायक रजनीश सिंह, लोरमी विधायक धरमजीत सिंह विशेष रूप से उपसथित थे। उईके ने इस अवसर पर अटल बिहारी विश्वविद्यालय द्वारा प्रकाशित त्रैमासिक पत्रिका कन्हार सहित 2 पुस्तकों का विमोचन किया।

शासकीय सेवा के विपरित आचरण के आरोप में मस्तूरी के नायब तहसीलदार निलंबित

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मस्तूरी के नायब तहसीलदार रमेश कुमार कमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। शासकीय सेवा के विपरित आचरण प्रदर्शित किए जाने के कारण कमिश्नर संजय अलंग ने उन्हें निलंबित कर दिया है। गौरतलब है कि कमार के खिलाफ अनुशासनहीन आचरण की वीडियो वायरल होने की घटना को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने कठोर कार्रवाई की अनुशंसा आयुक्त से की थी।

कलेक्टर के प्रतिवेदन के आधार पर नायब तहसीलदार को कारण बताओ नोटिस जारी कर उनका पक्ष सुना गया। समाधान कारक जवाब नहीं मिलने के कारण नायब तहसीलदार रमेश कुमार कमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। छत्तीसगढ़ सिविल सेवा के प्रावधानों के अंतर्गत कमिश्नर अलंग ने ये कार्रवाई की है। निलंबन अवधि में कमार का मुख्यालय भू-अभिलेख शाखा जिला कार्यालय बिलासपुर रहेगा। नियमानुसार उन्हें जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।

ये भी पढ़ें:- आचरण के मामले में मस्तूरी नायब तहसीलदार के खिलाफ कार्रवाई, निलंबन के लिए कमिश्नर को भेजा गया प्रस्ताव

शासकीय विभाग जेम पोर्टल से खरीद सकेंगे वाहन

छत्तीसगढ़ शासन, भंडार क्रय नियम और ई-मानक पोर्टल में शासकीय विभागों के लिए वाहनों की खरीदी के लिए वर्तमान में व्यवस्था उपलब्ध नहीं होने के कारण, जेम पोर्टल में वाहन क्रय के लिए व्यवस्था उपलब्ध होने के कारण शासन के विभिन्न विभागों द्वारा जेम पोर्टल से वाहन क्रय करने की व्यवस्था की गई है। इसके तहत वाहन क्रय की अनुमति वित्त विभाग से प्राप्त किया जाना है। वित्त विभाग से वाहन क्रय की अनुमति प्राप्त होने के बाद विभागीय स्तर पर सक्षम अनुमोदन प्राप्त कर जेम पोर्टल से वाहन क्रय की कार्रवाई की जानी है। वित्तीय वर्ष 2021-22 में किए गए वाहन क्रय का कार्योंत्तर अनुमोदन और वित्तीय वर्ष 2022-23 में आगामी व्यवस्था होने तक ये व्यवस्था लागू रहेगी।

आचरण के मामले में मस्तूरी नायब तहसीलदार के खिलाफ कार्रवाई, निलंबन के लिए कमिश्नर को भेजा गया प्रस्ताव

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मस्तूरी नायब तहसीलदार द्वारा छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम के खिलाफ आचरण के मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर बिलासपुर ने उन्हें तत्काल प्रभाव से आगामी आदेश तक जिला कार्यालय भू-अभिलेख शाखा में संलग्न कर दिया है। कलेक्टर ने नायब तहसीलदार मस्तूरी के खिलाफ तत्काल प्रभाव से निलंबित करने और उन पर कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव बिलासपुर संभाग के कमिश्नर को भेजा है।

बिलासपुर जिले के मस्तूरी तहसील कार्यालय में पदस्थ नायब तहसीलदार रमेश कुमार कमार का एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें उनका आचरण शासकीय सेवक के आचरण के विपरीत है। कलेक्टर बिलासपुर द्वारा इस संबंध में बिलासपुर संभाग के कमिश्नर को भेजे पत्र में उल्लेख किया गया है कि अनुविभागीय अधिकारी राजस्व मस्तूरी द्वारा प्रतिवेदित किया गया है कि 4 अप्रैल 2022 कार्यालयीन दिवस सोमवार को तहसील मस्तूरी में पदस्थ  रमेश कुमार कमार, नायब तहसीलदार मस्तूरी का एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें नायब तहसीलदार द्वारा शासकीय सेवक के विपरीत आचरण किया गया है। 

वायरल वीडियो के सामने आने के बाद कार्रवाई

उस वीडियो के अभिप्रमाणन साक्षी मीना नेताम, मनीष मिश्रा, सहायक ग्रेड-3  और रूपचंद राय सामान्य नागरिक उपस्थित थे। साक्षियों के कथन और प्रतिवेदन से यह स्पष्ट है कि घटना रमेश कुमार कमार द्वारा न्यायालय नायब तहसीलदार मस्तूरी में कारित की गई है। कमार का ये कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम-1965 के नियम-3 के उल्लंघन में दंडनीय होने और उस घटना से शासन-राजस्व न्यायालय की छवि धूमिल होना प्रतिवेदित करते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की गई है।

निलंबन के लिए कमिश्नर को भेजा गया प्रस्ताव

कलेक्टर बिलासपुर ने अनुविभागीय अधिकारी राजस्व के प्रतिवेदन के आधार पर लोकहित में रमेश कुमार कमार नायब तहसीलदार मस्तूरी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने और कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का प्रस्ताव अनुशंसा सहित कमिश्नर बिलासपुर को भेजा है।

अवैध खनिज के कुल 515 प्रकरणों में 1.36 करोड़ की राजस्व की प्राप्ति

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खनिज विभाग बिलासपुर के द्वारा खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण करने वालों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। वित्तीय वर्ष 2021-22 में अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन और भण्डारण के कुल 515 प्रकरणों में 01 करोड़ 36 लाख की राजस्व की प्राप्ति हुई है। इनमें अवैध खनिज उत्खनन के कुल 70 प्रकरण, अवैध खनिज परिवहन के कुल 430 और अवैध खनिज भंडारण के कुल 15 प्रकरणों में राजस्व की वसूली की गई है।

गौरतलब है कि खनिज विभाग बिलासपुर ने लक्ष्य से अधिक का राजस्व प्राप्त किया है। वित्तीय वर्ष 2021-22 में खनिज राजस्व लक्ष्य 39 करोड़ 38 लाख था। खनिज विभाग ने इससे अधिक 41 करोड़ 80 लाख का राजस्व प्राप्त किया है। साल 2018-19 में 33 करोड़ 60 लाख, साल 2019-20 में 34 करोड़ 18 लाख और साल 2020-21 में 39 करोड़ 22 लाख की राजस्व प्राप्ति हुई है। इस प्रकार खनिज विभाग बिलासपुर बीते 4 सालों से लगातार शासन द्वारा दिए जा रहे लक्ष्य को प्राप्त कर रहा है।

9 रेत खदानों की अवधि 1 साल के लिए बढ़ाई

बिलासपुर में रिवर्स ऑक्शन के माध्यम से 18 रेत खदानें 2 सालों के लिए स्वीकृत की गई थी। इनमें से वर्तमान में 9 रेत खदानों की अवधि 1 साल के लिए बढ़ाई गयी है। ऑक्शन किए गए खदानों से खनिज विभाग को फरवरी 2022 तक कुल 3 करोड़ 75 लाख से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ है और DMF के रूप में भी 19 लाख से अधिक की राशि प्राप्त हुई है।

बेरोजगार युवाओं के लिए 23 मार्च को प्लेसमेंट कैंप का आयोजन, 854 अलग-अलग पदों पर होगी भर्ती

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बेरोजगार युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बिलासपुर के रोजगार कार्यालय में कल यानी 23 मार्च को प्लेसमेंट कैंप का आयोजन किया जा रहा है। इसमें 10 कंपनियों में 854 पदों पर युवाओं को रोजगार का अवसर मिलेगा। उन्हें उनकी शैक्षिणक योग्यता के मुताबिक सैलरी दी जाएगी। कैंप का आयोजन सुबह 10.30 बजे से दोपहर तीन बजे तक होगा।

कोनी स्थित रोजगार कार्यालय में आयोजित प्लैसमेंट कैंप में विभिन्न कंपनियों की ओर से ऑटोमोटिव मैनूफैक्चरिंग टेक्निशियन, रिटेल सेल्स, रिटेल सेल्स एशोसिएट, ट्रेनी, बैक ऑफिस, कम्प्यूटर ऑपरेटर, वैल्यू बैंकर्स, मार्केटिंग एक्जीक्यूटिव, टेलीकॉलर, काउंसलर, हार्डवेयर इंजीनियर ग्राफिक्स डिजाइनर, डिजिटल मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव, फार्मासिस्ट, नॉन-फार्मासिस्ट और अप्रेन्टिस पदों पर युवाओं को मौका मिलेगा।

ये कर सकते हैं अप्लाई

जिले के 10वीं, 12वीं, B.Sc. (कृषि), स्नातक, PGDCA, फार्मेसी, ITI, B.E. और बी.टेक उम्मीदवार रोजगार के लिए आवेदन कर सकते हैं। इच्छुक उम्मीदवारों को अपने साथ पासपोर्ट साइज की 02 फोटो, आधार कार्ड और शैक्षिक योग्यता संबंधी प्रमाणपत्र की मूल समेत छायाप्रति भी अपने साथ लाना होगा। अफसरों ने बताया कि जिला रोजगार और स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र की ओर से आयोजित इस कैंप में बेरोजगार युवाओं को उनकी शैक्षणिक योग्यता के मुताबिक सैलरी दी जाएगी। उन्होंने बताया कि विभिन्न कंपनियों की ओर से प्लेसमेंट कैम्प में 854 पदों पर भर्ती की जाएगी।

CRPF के जवान ने खुद को गोली मारकर की खुदकुशी, पत्नी ने भी फांसी लगाकर दे दी जान

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छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में जवानों के आत्महत्या (suicide) करने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला बिलासपुर का है, जहां के रहने वाले एक CRPF के जवान ने गढ़चिरौली में खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली है। जानकारी के मुताबिक घटना के वक्त वो अपनी पत्नी से फोन पर बात कर रहा था। इसी दौरान उसने खुद को गोली मार ली, जिसकी आवाज सुनकर पत्नी ने भी फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। 

मामला पचपेड़ी थाना क्षेत्र का है, जहां कुकुर्दीकेरा के रहने वाले चंद्रभूषण जगत (उम्र 25) CRPF 113वीं बटालियन गढ़चिरौली में आरक्षक के रूप में पदस्थ था। तीन महीने पहले ही उसकी सरकंडा के लोधीपारा की रहने वाली यामिनी जगत (उम्र 22) से शादी हुई थी। शादी के बाद कुछ दिनों तक दोनों साथ में रहे। फिर चंद्रभूषण अपनी ड्यूटी पर गढ़चिरौली लौट गया था। पचपेड़ी थाना प्रभारी प्रवीण सिंह राजपूत का कहना है कि पति-पत्नी के बीच मौत का अंतराल 2 से 5 मिनट के बीच का है। 

दोनों ने बात करने के दौरान की आत्महत्या¡

उन्होंने बताया कि हमने गढ़चिरौली में CRPF के अधिकारियों से बातचीत की है। अधिकारियों ने बताया कि जवान की मौत सुबह 8 बजकर 5 से 8 मिनट के बीच हुई है। जबकि उसकी पत्नी की मौत 8 बजकर 10 मिनट से लेकर 15 मिनट के बीच हुई है। ऐसे में आशंका है कि दोनों पति-पत्नी फोन से बात कर रहे थे और इसी दौरान दोनों ने आत्महत्या की है। बताया जा रहा है कि गुरुवार की सुबह दोनों फोन पर बात कर रहे थे। कुछ देर तक दोनों में बातचीत हुई। इसके बाद चंद्रभूषण जगत ने खुद को गोली मार ली।

जवान की पत्नी ने घर में लगाई फांसी 

पचपेड़ी थाना प्रभारी प्रवीण सिंह राजपूत का कहना है कि गोली लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। पति का फोन कट गया। तब उसकी पत्नी यामिनी ने भी घर में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। घटना के वक्त घर पर कोई नहीं था। जवान के माता-पिता खेत गए हुए थे। वहीं उसका भाई प्रवीण छोटी बहन को स्कूल छोड़ने के लिए गया था। जब प्रवीण वापस घर लौटा तो यामिनी फंदे से लटकी थी। उसने अपने माता-पिता को इस बात की जानकारी दी। उसने अपने भाई को फोन लगाया तो किसी ने जवाब नहीं दिया। कुछ देर बाद CRPF के अधिकारियों ने प्रवीण को उसके भाई के सुसाइड करने की सूचना दी।

दोनों का एक साथ अंतिम संस्कार

वहीं घटना की जानकारी शुक्रवार शाम को सामने आई है। मौत के बाद पीएम के लिए शव को लाया गया। CRPF के जवान शनिवार सुबह जवान का शव लेकर उसके पैतृक गांव पहुंचे, जिसके बाद शनिवार को ही दोनों का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। पुलिस का कहना है कि पति-पत्नी ने सुसाइड क्यों किया इस बात का पता नहीं चल सका है। परिजनों से पूछताछ की जा रही है। कॉल डिटेल्स भी चेक किए जा रहे हैं। फिलहाल मामले की जांच जारी है।

मछली मारने गए 2 लोगों की करंट लगने से मौत, 15 साल के लड़के ने नदी में कूदकर दी जान

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छत्तीसगढ़ हादसों का गढ़ बनता जा रहा है। प्रदेश में किसी न किसी दुर्घटना की खबर रोजाना सामने आ रही है। ताजा मामला महासमुंद के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र का है, जहां मछली मारने गए 2 लोगों की करंट लगने से मौत हो गई है। दोनों नाले में मछली मारने के लिए पहुंचे थे, लेकिन जैसे ही एक अधेड़ अंदर जाकर जाल बिछाने लगा तो वो करंट की चपेट में आ गया और छटपटाने लगा। उसे देख दूसरा शख्स उसे बचाने के लिए गया। इस दौरान वो भी उसी करंट की चपेट में आ गया, जिसकी वजह से दोनों की पानी के अंदर ही मौत हो गई।  

फाइल फोटो

मृतकों की पहचान पतेरापाली गांव में रहने वाले साखूराम ध्रुव (उम्र 60 साल) और जीवराज ध्रुव (उम्र 55 साल) के रूप में हुई हैं। दोनों शंकरलाल गाढ़ा, मोहन लाल सावरा और कन्हैया यादव के साथ मनरेगा में काम करने के बाद गांव से सटे सितली नाला में मछली पकड़ने गए थे, जहां सबसे पहले साखूराम पानी में चला गया। अंदर जाकर वो मछली पकड़ने के लिए जाल बिछाने लगा।

करंट की चपेट में आने से दोनों की मौत

वहीं किसी को इस बात की जानकारी नहीं थी कि खेत में पानी पहुंचाने के लिए ग्रामीणों ने पंप लगा रखा था। वो पंप चालू है, जिसका तार पानी में छू रहा था। बताया जा रहा है कि साखूराम जैसे ही अंदर जाकर नाले में जाल बिछाने लगा वैसे ही वो उसी तार की चपेट में आया और छटपटाने लगा। ये देखकर उसका साथी जीवराज भी उसे बचाने के लिए कूद गया, लेकिन वो भी उस करंट की चपेट में आ गया। जबकि बाकी 3 लोग बाहर खड़े देखते ही रह गए। देखते ही देखते दोनों की जान चली गई।

मामले की जांच में जुटी पुलिस

घटना के बाद आनन-फानन में पास के खेतों में काम कर रहे ग्रामीणों ने पंप को बंद किया। इसके बाद पुलिस को इसकी सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और दोनों के शव को पानी से बाहर निकाला। इसके बाद दोनों के शव को पोस्ममॉर्टम के लिए भेज दिया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।

15 साल के लड़के ने दी जान

इधर, बिलासपुर में 2 दिन से लापता 15 साल के लड़के का शव नदी में तैरता हुआ मिला। वो 2 दिन पहले कबड्‌डी की ट्रेनिंग लेने के लिए सुबह घर से निकला था। उस दौरान ही उसके नंबर से उसकी मां को मैसेज आया था कि मैं मर रहा हूं। इसके बाद से उसका कुछ पता ही नहीं चल रहा था। तोरवा इलाके में रहने वाला पीयूष जायसवाल कक्षा 10वीं का छात्र था। वो तोरवा के ही सरकारी स्कूल में पढ़ता था। उसके पिता अनिल जायसवाल किसी दुकान में काम करते हैं। 

ट्रेनिंग के लिए घर से निकला था नाबालिग

पीयूष स्कूल में पढ़ाई के अलावा कबड्डी की ट्रेनिंग भी लिया करता था। 24 फरवरी को भी सुबह करीब 5 बजे ट्रेनिंग के लिए निकला था। इसके बाद सुबह 6 बजे उसकी मां सुमन के नंबर पर पीयूष के नंबर से मैसेज आया कि मां अब मैं मर रहा हूं। इस मैसेज के बाद ही उसके परिजन परेशान हो गए और उसकी तलाश करने लगे।

अरपा नदी में तैरता मिला शव

तलाश करने के बाद भी पीयूष का कुछ पता नहीं चला। परिजन ने उसके ट्रेनिंग सेंटर में भी पता किया, फिर भी पीयूष के संबंध में कोई जानकारी नहीं मिली। पता चला की वह ट्रेनिंग के लिए उस दिन मैदान में पहुंचा ही नहीं था, जिसके बाद परिजनों ने पूरे मामले की शिकायत पुलिस से की थी। पुलिस भी शिकायत दर्ज कर लड़के की तलाश कर रही थी, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चल रहा था। इस बीच पुलिस को शनिवार सुबह सूचना मिली की किसी का शव तोरवा के देवरीडीह के पास अरपा नदी में किनारे तैर रहा है।

पुलिस ने जताई आत्महत्या की आशंका

सूचना मिलती ही पुलिस की टीम मौके पर गई और शव को पानी से बाहर निकाला। तब शव की पहचान पीयूष जायसवाल के रूप में हुई। शव मिलने के बाद उसके परिजनों को भी इसकी सूचना दी गई। वहीं शव का पोस्टमॉर्टम भी कराया गया। पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्यटता ये मामला सुसाइड का लगा रहा है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। फिलहाल उसके परिजनों से भी पूछताछ की जा रही है।  

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने न्यायधानी को दी तीन बड़ी सौगात

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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश की न्यायधानी बिलासपुर को 107.49 करोड़ रूपए की लागत से नवनिर्मित तिफरा फ्लाईओवर समेत व्यापार विहार स्मार्ट रोड और प्लेनेटोरियम की सौगात दी।  CM बघेल ने बिलासपुर के लाल बहादुर शास्त्री मैदान में आयोजित कार्यक्रम में बिलासपुर शहर और बिलासपुर जिले के लिए लगभग 353 करोड़ 56 लाख रूपए की लागत के 97 विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने इन कार्यों में से 277 करोड़ 31 लाख रूपए की लागत के 62 कार्यों का लोकार्पण और 76 करोड़ 25 लाख रूपए की लागत के 35 कार्यों का भूमिपूजन किया।

मुख्यमंत्री बघेल ने बिलासपुर में जिन प्रमुख कार्यों का लोकार्पण किया। उनमें 107 करोड़ 49 लाख रूपए की लागत से बिलासपुर-रायपुर रोड स्थित महाराणा प्रताप चौक पर नवनिर्मित तिफरा फ्लाईओवर, 36 करोड़ 56 लाख रूपए की लागत से बिलासपुर विश्वविद्यालय में निर्मित अकादमी भवन, पहुंच मार्ग और बाउंड्रीवॉल, 28 करोड़ 48 लाख रूपए की लागत से तिफरा में पुलिस कर्मचारियों के लिए निर्मित 264 आवास, 26 करोड़ 83 लाख रूपए की लागत से बिलासपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा व्यापार विहार स्मार्ट रोड महाराणा प्रताप चौक से तारबहार चौक तक निर्मित स्मार्ट रोड और 6 करोड़ 77 लाख रूपए की लागत से व्यापार विहार में निर्मित प्लेनेटोरियम शामिल हैं।

GIS समाधान प्रणाली का क्रियान्वयन

इसी तरह मुख्यमंत्री बघेल ने बिलासपुर में जिन प्रमुख कार्यों का भूमिपूजन किया। उनमें 10 करोड़ 89 लाख रूपए की लागत से पुराना बस स्टैंड, बिलासपुर में बनने वाली स्वचालित मल्टी लेबल कार पार्किंग, 9 करोड़ 99 लाख रूपए की लागत से बिलासपुर स्मार्ट सिटी में स्थापित की जाने वाली GIS समाधान प्रणाली के क्रियान्वयन से संबंधित काम, 5 करोड़ 61 लाख रूपए की लागत से मंगला भैंसाझार से दीनदयाल कॉलोनी, लोखंडी रेलवे गेट तक बनने वाली 3.5 किलोमीटर 02 लेन सड़क निर्माण कार्य शामिल हैं।

ऊर्जा प्रणाली का निर्माण कार्य

4 करोड़ 85 लाख रूपए की लागत से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत कोटा विकासखंड में 31.45 किलोमीटर लंबाई की 9 सड़कों के नवीनीकरण काम और 3 करोड़ 77 लाख रूपए की लागत से बिलासपुर में विभिन्न सड़कों के लिए सौर प्रावधान के साथ मौजूदा स्ट्रीट और सहायक रोशनी की दोहरी फीड में परिवर्तित करने के लिए हाइब्रिड सौर ऊर्जा प्रणाली का निर्माण कार्य शामिल हैं। इस अवसर पर नगरीय प्रशासन मंत्री शिवकुमार डहरिया, राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल, उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल, सांसद छाया वर्मा, नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक, विधायक शैलेष पांडेय और छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष अटल श्रीवास्तव समेत कई जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।  

लोगों को मिलेगी जाम से मुक्ति

तिफरा का नये फ्लाई ओवर ब्रिज के बन जाने से महाराणा प्रताप चौक और तिफरा छोर में जाम से मुक्ति मिल जाएगी। साथ ही रायपुर मार्ग को बिलासपुर शहर से जोड़ने वाले इस ब्रिज से शहरवासियों के साथ ही साथ उन तमाम राहगीरों को भी राहत मिलेगी, जो एनएच 130 का उपयोग आवागमन के लिए करते हैं। बिलासपुर-रायपुर मार्ग में काफी लंबे समय से तिफरा रेलवे क्रासिंग में व्यवस्थित और चौड़े फ्लाईओवर ब्रिज की जरूरत महसूस की जा रही थी। तिफरा छोर से स्वर्गीय जमुना प्रसाद वर्मा कॉलेज तक 1620 मीटर की लंबाई में तिफरा फ्लाई ओवर ब्रिज का निर्माण 107 करोड़ 49 लाख रूपये की लागत से नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा किया गया है। 

व्यापार विहार में सुगम होगा यातायात

इस रेलवे क्रासिंग पर पहले भी एक ओवर ब्रिज का निर्माण किया गया था, लेकिन ब्रिज के सामने ही चौक होने और ब्रिज की चौड़ाई कम होने के कारण चौक के चारों ओर तथा ब्रिज में आए दिन जाम का सामना करना पड़ता था। बिलासापुर शहर में महाराणा प्रताप चौक से तारबाहर चौक तक बिलासपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा लगभग 26 करोड़ 83 लाख रूपये की लागत से व्यवस्थित और आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित स्मार्ट रोड का निर्माण किया गया है। संभाग के सबसे बड़े व्यापारिक केंद्र होने की वजह से इस मार्ग में भारी वाहनों का आवागमन हमेशा लगे रहता है, लेकिन पूर्व में इस मार्ग के अव्यवस्थित होने की वजह से हमेशा ट्रैफिक और जाम की समस्या बनी रहती थी। 

मनोरंजन और ज्ञान के केंद्र की मिली सौगात

फोरलेन स्मार्ट रोड के बन जाने से व्यापार विहार में व्यापारिक परिवहन सहज और सुगम होगा। बिलासपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा साढ़े तीन एकड़ में 6 करोड़ 77 लाख रूपये की लागत से डॉ एपीजे अब्दुल कलाम प्लेनेटोरियम का निर्माण किया गया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इसका लोकार्पण किया। इस प्लेनेटोरियम में शहरवासियों को दिन में ही आकाशीय नजारे के अवलोकन के साथ ही साथ विज्ञान और खगोलशास्त्र के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलेगी। 

200 लोगों की बैठक क्षमता 

200 लोगों की बैठक क्षमता वाले इस प्लेनेटोरियम में आगंतुकों के लिए फोर के सिंगल टेक्नोलॉजी का प्रोजेक्टर लगाया गया है। इसके अलावा प्लेनेटोरियम परिसर में ऑक्सीजोन का भी निर्माण किया गया है। प्लेनेटोरियम पहुंचने वाले आगंतुकों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए बिलासपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा पहुंच मार्ग का भी निर्माण किया गया है।

पालतू कुत्ते के कारण अनियंत्रित होकर पलटी कार, एक महिला की मौत, 8 मजदूर घायल

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छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर के तारबाहर थाना क्षेत्र में रविवार को बड़ा और दर्दनाक हादसा हुआ है। दरअसल, यहां एक तेज रफ्तार कार मजदूरों को टक्कर मारने के बाद पलट गई। इस हादसे में भवन निर्माण काम में लगी एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि 8 मजदूर घायल हो गए हैं, जिन्हें इलाज के लिए CIMS में भर्ती कराया गया है। जानकारी के मुताबिक कार चला रहा नाबालिग अपने पालतू डॉग का इलाज कराने गया था। इस दौरान उसका कुत्ता स्टेयरिंग में आ गया। इसके बाद कार अनियंत्रित हो गई और उसने मजदूरों को चपेट मे लिया, फिर कार पलट गई। 

घटना के बाद लोगों की भीड़ जुट गई और जमकर हंगामा हुआ। इसके कारण करीब आधे घंटे तक सड़क पर जाम लगा रहा। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। कार में सवार नाबालिग और उसका भाई CMD चौक से अग्रसेन चौक की तरफ आ रहे थे। कार को नाबालिग चला रहा था। इस दौरान तेज रफ्तार कार स्वदेशी प्लाजा के सामने पहुंची थी, जहां भवन निर्माण काम चल रहा था। इसी दौरान कार के स्टेयरिंग में कुत्ता चढ़ने की वजह से नाबालिग कार को नियंत्रित नहीं कर सका और मजूदरों को चपेट में लेते हुए कार पलट गई।

घायलों को जिला अस्पताल में कराया गया भर्ती

हादसे में सरकंडा के साइंस कॉलेज के पास रहने वाली महिला सरस्वती गोंड (उम्र 50) की मौत हो गई। जबकि फरहदा के रहने वाले श्याम सुंदर (45 साल), भोली पटेल (35 साल), रानी (19 साल), रत्ना पटेल (18 साल), अभय पटेल ( 22 साल), संजू पोर्ते (23 साल), रामलाल (50 साल) और समय बाई घायल हो गए। हादसे के बाद वहां लोगों की भीड़ जुट गई। उन्होंने पुलिस की मदद से घायलों को इलाज के लिए भेजा। वहीं मरने वाली महिला के शव को जिला अस्पताल भेजा गया है।

कार सवार नाबालिग को पुलिस ने पकड़ा

हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने कार सवार नाबालिग को पकड़ लिया और थाने ले गई। वहीं उसका भाई और दोस्त वहां से भाग गए। पूछताछ में पता चला कि 17 नाबालिग SECL कर्मी का बेटा है। उसने बताया कि वो अपने छोटे भाई के साथ बीमार डॉग का इलाज कराने जा रहा था। तभी उसका कुत्ता कार की स्टेयरिंग में चढ़ गया और कार अनियंत्रित हो गई, जिससे ये हादसा हो गया। घटना के बाद वहां जुटी भीड़ ने जमकर हंगामा मचाया। इस घटना की जानकारी मिलते ही SP पारुल माथुर मौके पर पहुंच गई। उन्होंने भीड़ को समझाइश देकर शांत कराया। इसके बाद जाम हटवाया गया।

नाबालिग के परिजन के खिलाफ केस

SP पारुल माथुर घायल मजदूरों को देखने CIMS भी गई थीं। उन्होंने कहा कि नाबालिग बच्चे को कार चलाने के लिए देने वाले परिजन के खिलाफ केस दर्ज करने कहा गया है। नाबालिगों को वाहन चलाने देना अपराध है और उनके परिजन के खिलाफ कार्रवाई करने का प्रावधान है। इस मामले में आरोपी के परिजन पर भी केस दर्ज किया जा रहा है। घटनास्थल पर पहुंची SP पारुल माथुर ने बताया कि हादसे की एक वजह ये भी है कि निर्माणाधीन भवन के लिए रेत और गिट्‌टी को सड़क किनारे रख दिया गया था। इसके चलते आवागमन बाधित हो रहा था। उन्होंने नगर निगम के अधिकारियों को बिल्डिंग मटेरियल सामग्री को जब्त करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही मामले की जांच के बाद कार्रवाई करने की बात कही है।

अरपा नदी में डूबने से शिक्षिका और उसके बेटी की मौत, पिकनिक मनाने के लिए टापू को कर रहे थे पार

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छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर में रविवार दोपहर को पिकनिक मनाने गए शिक्षिका और उसके बेटे की अरपा नदी में डूबने से मौत हो गई है। शिक्षिका अपने पति, बहन-दामाद और बच्चों के साथ अरपा लोफंदी में निर्माणाधीन ब्रिज के पास गई थी। मां-बेटे नदी पार करते समय गहराई में डूब गए। उन्हें तैरना नहीं आता था। इस घटना के दौरान ही कुछ दूर में एक अन्य परिवार की महिला और बच्चे भी डूब गए थे, जिन्हें बचा लिया गया।

जानकारी के मुताबिक जरहाभाठा के रहने वाले अनिश मसीह जमीन खरीद-बिक्री का काम करते हैं। उनकी पत्नी स्मिता लाल जरहाभाठा के राजीव गांधी चौक स्थित नवीन प्राथमिक शाला में टीचर थीं। अनिश का साढू भाई सौरभ लाल मार्क अस्पताल में काम करता है और साली पिंकी भी नर्स है। दोनों परिवार के बच्चों को लेकर सभी पिकनिक मनाने के लिए लोफंदी स्थित अरपा नदी में बन रहे पुल के पास गए थे।

टापू पार करते समय हुआ हादसा

पति अनिल और परिवार के अन्य सदस्य नदी पार कर बने टापू में बैठकर खाने की तैयारी कर रहे थे। इधर पीछे-पीछे स्मिता और उनका बेटा आदेश अरव लाल (उम्र 14) नदी पार कर टापू की तरफ जा रहे थे। तभी दोनों अचानक गहराई में चले गए और डूबने लगे। उनके चिल्लाने की आवाज सुनकर अनिश उन्हें बचाने के लिए दौड़ा, लेकिन तब तक स्मिता और उनका बेटा डूब गए थे। किसी तरह गहराई से उन्हें बाहर निकाला गया। पर तब तक मां-बेटे की मौत हो चुकी थी।

पिकनिक मनाने गया था परिवार

इस घटना के दौरान ही प्रियंका कश्यप अपने पति और अन्य लोगों के साथ पिकनिक मनाने गई थी, जहां पर स्मिता लाल अपने बच्चे के साथ डूब रही थी। वहां से कुछ दूर प्रियंका अपने बच्चे को लेकर गई थी। अचानक गहराई आने से दोनों डूबने लगे। उनके चिल्लाने पर प्रियंका के पति वहां पहुंच गए और उन्हें पकड़कर बाहर निकाल लिया। इस घटना के बाद स्मिता लाल और उनके बच्चे को गहराई से निकालने के लिए काफी मशक्कत करना पड़ा। इस दौरान उनकी बहन पिंकी और परिवार के अन्य सदस्य भी पहुंच गए थे। उन्हें बाहर निकाला गया। मां-बेटे की मौत के बाद माहौल गमगीन हो गया।

परिवार का इकलौता बेटा था आवेश 

हादसे के बाद CIMS में भी परिजन के रो-रोकर बुरा हाल था। दरअसल, आवेश अरव परिवार का इकलौता और लाडला बेटा था। एक साथ मां-बेटे की मौत से घर के साथ ही मोहल्ले में भी मातम छा गया है। आवेश के बड़े पापा संदीप मसीह ने बताया कि इस घटना से उनका सब कुछ छीन गया है। 

अवैध उत्खनन से गहरी हो गई है नदी

जानकारी के मुताबिक लोफंदी के जिस जगह पर मां-बेटे की मौत हुई है। वहां रेत माफिया अरपा नदी में अवैध उत्खनन करते हैं। अवैध खुदाई के कारण अरपा नदी गहरी हो गई है और वहां बड़े-बड़े पत्थर भी इसके चलते उस घाट को पत्थर घाट भी कहा जाता है। आरोप है कि रेत माफिया के अवैध खुदाई के कारण ही मां-बेटे की मौत हुई है। बता दें कि CM भूपेश बघेल ने अवैध उत्खनन के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं, जिसके बाद जिला प्रशासन की टीम लगातार कार्रवाई कर रही है। 

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