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शर्मनाक: चचेरे भाई ने किया 7 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म, पुलिस ने किया गिरफ्तार

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देश में बच्चियों और महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराध लगातार बढ़ जा रहे हैं। ताजा मामला छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले का है, जहां रिश्तों को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। दरअसल, जिले में 7 साल की बच्ची के साथ उसके ही 17 साल के भाई ने दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया है। आरोपी चचेरा भाई साथ खेलने का झांसा देकर बच्ची को अपने घर ले गया और वहां दुष्कर्म किया। इस बीच बच्ची की मां पहुंच गई और उसने आरोपी को देख लिया। शोर मचाने पर आसपास के लोग पहुंच गए, लेकिन आरोपी भाग निकला। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और बच्ची को मेडिकल के लिए भेजा गया। देर रात पुलिस ने आरोपी को पकड़ लिया है। साथ ही उसे बाल संरक्षण गृह भेज दिया है।

जानकारी के मुताबिक सिटी कोतवाली क्षेत्र के कांपा गांव में रहने वाली 7 साल की बच्ची को उसी का चचेरा भाई खेलने का झांसा देकर साथ में घर ले गया। बताया जा रहा है कि उस समय आरोपी के घर में कोई नहीं था। काफी देर तक बच्ची नहीं आई तो उसकी मां ढूंढती हुई आरोपी के घर तक पहुंच गई। वहां खिड़की से नजर पड़ी तो देखा कि बच्ची से आरोपी दुष्कर्म कर रहा था। इस पर उसकी मां ने शोर मचाया। आवाज सुनकर आसपास के लोग पहुंचे तो आरोपी वहां से भाग निकला। इसके बाद लोग एकत्र हो गए और परिजनों के साथ कोतवाली पहुंच गए। 

मामले की जांच में जुटी पुलिस

परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने दुष्कर्म और पॉक्सो के तहत मामला दर्ज कर लिया है। इसके बाद आरोपी की तलाश शुरू की गई। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने देर रात उसे भी पकड़ लिया। अगले दिन मंगलवार को उसे मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, जहां से बाल संरक्षण गृह भेज दिया गया है। ऐसा बताया जा रहा है कि आरोपी ने पहले भी एक बार बच्ची से दुष्कर्म कर चुका है। डर के कारण बच्ची ने यह बात किसी से नहीं बताई। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।

छत्तीसगढ़ में फिर पलटी प्रयागराज से आ रही बस, 2 बच्चियों की मौत, 20 से ज्यादा यात्री घायल

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छत्तीसगढ़ में सड़क हादसे कम होने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला कवर्धा के कुकदूर क्षेत्र का है, जहां प्रयागराज से आ रही एक यात्री बस अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में दो बच्चियों की दबने से मौत हो गई। जबकि 20 से ज्यादा लोग घायल हो गए। अंदर फंसे यात्री किसी तरह खुद ही बाहर निकले। नेटवर्क की समस्या के चलते हादसे की सूचना पुलिस को करीब एक घंटे बाद मिली। इसके बाद पुलिस पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। हादसे में जान गंवाने वाली दोनों बच्चियों के शव नीचे ही दबे रहे, जिन्हें 4 घंटे बाद निकाला जा सका।  

जानकारी के मुताबिक प्रयागराज से नंदिनी ट्रैवल्स की बस बिलासपुर आ रही थी। बस में करीब 60 यात्री सवार थे। तेज रफ्तार बस शाम को आगरपानी मोड़ पर पहुंची और बेकाबू होकर खाई में गिर गई। हादसे के बाद अंदर बैठे यात्री खुद ही किसी तरह बाहर निकले और अंदर फंसे लोगों को भी बाहर निकाला। इस दौरान बस के नीचे दबने से दो बच्चियों की मौत हो गई। आगरपानी मोड़ पर जहां हादसा हुआ, वह कुकदुर से महज 10 किलोमीटर दूर है। मौसम खराब होने के कारण मोबाइल नेटवर्क की दिक्कत थी। इस कारण पुलिस को देर से सूचना मिली। 

इससे पहले भी हुआ था ऐसा ही हादसा

घायलों को एंबुलेंस की मदद से कुकदुर और पंडरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। वहीं बच्चियों के शव को निकालने के लिए क्रेन बुलाई गई, जिसके बाद रात तक बच्चियों के शवों को बाहर निकाला जा सका। बस में सवार ज्यादातर लोग बिलासपुर, जांजगीर, मुंगेली जिले के रहने वाले हैं। कुकदूर क्षेत्र के बजाग-कुकदुर मार्ग पर बीते 4 महीने में ये दूसरा हादसा है। इससे पहले भी प्रयागराज से आ रही यात्री बस पलट गई थी। इसमें एक यात्री की मौत हो गई थी। जबकि 18 लोग घायल हुए थे। तब भी यही सामने आया था कि बस की रफ्तार काफी तेज थी। साथ ही यह भी पता चला था कि बस बिना यात्री परमिट के चल रही थी और उसका टैक्स भी नहीं भरा गया था। हादसे के बाद कागजी कार्रवाई पूरी की गई थी। शहडोल का रूपचंद मंगलानी बस का मालिक था। उसकी पक्षीराज रोडवेज के नाम से ट्रैवेल कंपनी है।

सालाना करीब डेढ़ लाख लोगों की मौत 

बता दें कि भारत में दुनिया के एक फीसदी वाहन हैं, लेकिन सड़कों पर वाहन दुर्घटनाओं के चलते विश्वभर में होने वाली मौतों में 11 प्रतिशत मौत भारत में होती हैं। विश्वबैंक की एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। भारत में सालाना करीब साढ़े चार लाख सड़क हादसे होती हैं, जिनमें डेढ़ लाख लोगों की मौत होती है।

सड़क हादसों से हर चार मिनट में एक मौत

रिपोर्ट के मुताबिक 'सड़क हादसों में हताहत होने वाले लोगों में सबसे ज्यादा भारत के होते हैं। भारत में दुनिया के सिर्फ एक फीसदी वाहन हैं, लेकिन सड़क दुर्घटनाओं में दुनिया भर में होने वाली मौतों में भारत का हिस्सा 11 प्रतिशत है। देश में हर घंटे 53 सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं और हर 4 मिनट में एक मौत होती है।'

सहकारी शक्कर कारखाना ने रिकवरी दर में राष्ट्रीय स्तर पर रचा नया कीर्तिमान

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छत्तीसगढ़ में संचालित दो सहकारी शक्कर कारखानों ने रिकवरी दर में राष्ट्रीय स्तर पर नया कीर्तिमान रचा है। कीर्तिमान रचने वाले कारखानों में लौह पुरूष सरदार वल्लभ भाई पटेल सहकारी शक्कर कारखाना मर्यादित पंडरिया और भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना राम्हेपुर कवर्धा शामिल हैं। यह दोनों ही सहकारी शक्कर कारखाने छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में स्थापित हैं। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा विकास और समृद्धि के लिएकी नीतियां लागू की जा रही हैं, जिससे राज्य लगातार नए कीर्तिमान बना रहा है। इन दोनों ही कारखानों ने देश के सभी सहकारी शक्कर कारखानों को रिकवरी के मामले में पीछे छोड़ दिया है। 

रिकवरी दर अधिक होने से जिले के 18 हजार 497 किसानों को 53.83 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि प्राप्त होगी। इससे वित्तीय वर्ष में किसानों को 280.7 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाएगा। लौह पुरूष सरदार वल्लभ भाई पटेल सहकारी शक्कर कारखाना मर्यादित पंडरिया पेराई सत्र 2021-22 में 13.12 प्रतिशत रिकवरी के साथ पूरे देश में पहले नंबर पर रहकर उपलब्धि हासिल की है। इससे यहां के 7 हजार 279 किसानों को 104.40 रुपये प्रति क्विंटल का लाभ प्राप्त होगा। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत प्रति क्विंटल 79 रुपये किसानों को भुगतान किया जाएगा। इस प्रकार वित्तीय वर्ष में 459 रुपये प्रति क्विंटल किसानों को भुगतान किया जाएगा। 

इस प्रकार साल 2021-22 के लिए7 हजार 279 किसानों को 135.5 करोड़ रूपए की राशि भुगतान की जाएगी। बीते वित्तीय वर्ष में किसानों से 29 लाख 5 हजार 338 मीट्रिक टन गन्ने की खरीदी की गई। इसी तरह भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना राम्हेपुर कवर्धा पेराई सत्र 2021-22 में सर्वाधिक 11.8 प्रतिशत रिकवरी के साथ पूरे देश में दूसरे नंबर पर रहा है। इस उपलब्धि से यहां के 11 हजार 218 किसानों को 66.70 रुपये प्रति क्विंटल का अतिरिक्त लाभ प्राप्त होगा। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत प्रति क्विंटल 79 रुपये किसानों को भुगतान किया जाएगा। 

421 रुपये प्रति क्विंटल किसानों को भुगतान

इस प्रकार वित्तीय वर्ष में 421 रुपये प्रति क्विंटल किसानों को भुगतान किया जाएगा। इस प्रकार साल 2021-22 में 11 हजार 218 किसानों को 145.2 करोड़ रूपए की राशि भुगतान की जाएगी। वित्तीय वर्ष में किसानों से 34 लाख 5 हजार 3 मीट्रिक टन गन्ने की खरीदी की गई है। जिला कलेक्टर और अध्यक्ष शक्कर कारखाना रमेश कुमार शर्मा ने बताया कि लौह पुरूष सरदार वल्लभ भाई पटेल सहकारी शक्कर कारखाना मर्यादित पंडरिया वित्तीय वर्ष में सर्वाधिक रिकवरी दे रहा है, जो छत्तीसगढ़ के इतिहास में रिकॉर्ड है। इससे यहां के गन्ना किसानों को पूरे देश में सर्वाधिक दर प्राप्त हुआ है। वहीं भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना राम्हेपुर कवर्धा विगत 19 सालों में इस साल सर्वाधिक 11.8 प्रतिशत रिकवरी प्राप्त करने में सफल रहा है, जो देश में दूसरे नंबर पर है। 

रिकवरी दर पर अतिरिक्त राशि प्राप्त

उन्होंने बताया कि लौह पुरूष सरदार वल्लभ भाई पटेल सहकारी शक्कर कारखाना मर्यादित पंडरिया और भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना राम्हेपुर कवर्धा से जुड़े 18 हजार 497 किसानों को इस साल 280.7 करोड़ रुपये भुगतान किया जाएगा। इन किसानों को रिकवरी दर पर 53.83 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राशि प्राप्त होगा। साथ ही किसानों को राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत 50.58 करोड़ रुपये का लाभ मिलेगा। लौह पुरूष सरदार वल्लभ भाई पटेल सहकारी शक्कर कारखाना मार्यादित पंडरिया के प्रबंध संचालक सतीश कुमार पाटले ने बताया कि पेराई सत्र 2021-22 में 13.12 प्रतिशत रिकवरी आयी है जो 9.50 प्रतिशत से 36 पाइन्ट अधिक है। इस प्रकार 36×2.90=104.4 रुपये प्रति क्विंटल अतिरिक्त राशि किसानों को प्राप्त होगा। इससे किसानों को 30.83 करोड़ रूपए रिकवरी राशि मिलेगा।

ये है रिकवरी दर

भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना राम्हेपुर कवर्धा के प्रबंध संचालक भूपेन्द्र कुमार ठाकुर ने बताया कि पेराई सत्र 2021-22 में 11.8 प्रतिशत रिकवरी आई है, जो 9.50 प्रतिशत से 23 पाइन्ट अधिक है। इस प्रकार 23×2.90=66.70 रूपए प्रति क्विंटल अतिरिक्त राशि किसानों को प्राप्त होगा। इससे किसानों को 23 करोड़ रूपए रिकवरी राशि मिलेगा। गन्ना का दर FRP से तय होता है, जिसमें न्यूनतम 9.50 प्रतिशत रिकवरी या उससे कम पर 275.50 रूपए प्रति क्विंटल दर से दिया जाता है। 9.50 प्रतिशत से अधिक रिकवरी आने पर प्रति 0.1 प्रतिशत पर 2.90 रूपए प्रति क्विंटल बढ़ते जाता है।

भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना औद्योगिक विकास की दिशा में छत्तीसगढ़ की महत्वपूर्ण उपलब्धि

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भोरमदेव सहकारी शक्कर उत्पादक कारखाना मर्यादित कवर्धा न केवल औद्योगिक विकास की दिशा में छत्तीसगढ़ शासन की महत्वपूर्ण उपलब्धि है, बल्कि  इस क्षेत्र के कृषकों के आर्थिक उत्थान के लिए भी एक वरदान है। छत्तीसगढ़ की जलवायु विशेषताओं से परिपूर्ण कबीरधाम जिले में भी परंपरागत रूप से धान की खेती की जाती रही है, परन्तु भोरमदेव सहकारी शक्कर उत्पादक कारखाना मर्यादित कवर्धा की स्थापना ने फसल चक्र में परिवर्तन हुआ। 

शासन की पहल से कृषकों के आर्थिक उन्निति और गन्ना उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए गन्ना का समर्थन मूल्य बढ़ाकर 355 रूपए प्रति क्विंटल किया गया। जिससे अनियमित एवं निम्न वर्षा के विरूद्ध कृषकों को संबल एवं आर्थिक सुदृढ़ता प्रदान हुई और जिले में गन्ने के उत्पादन का रकबा बढ़ते गया। जिससे किसानों को अधिक लाभ हो रहा है। भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना एक ओर जहां किसानों से गन्ना खरीदी कर उन्हें आर्थिक उन्नति की दिशा में महत्वपूर्ण सहयोग कर रहा है, वहीं दूसरी ओर शक्कर बनाने के बाद बचे हुए अवशेष से बिजली का उत्पादन किया जा रहा है।

कबीरधाम जिला में स्थापित भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना देश में शक्कर की आपूर्ति करने के साथ ही विदेशों में भी शक्कर का निर्यात कर अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। जिसके फलस्वरूप छत्तीसगढ़ को विदेशों में भी पहचान मिली है। कारखाने की स्थापना में पूंजीगत संसाधन उपलब्ध कराने वाले 16 हजार 922  कृषकों के अलावा मण्डी बोर्ड, सहकारी समितियां एवं छत्तीसगढ़ शासन इस कारखाने के सदस्य हैं, जिनके द्वारा 28.13 करोड़ अंशपूजी विनियोजित की गई थी, जो वर्तमान में बढ़कर 35.67 करोड़ रूपए हो चुकी है। जिससे राज्य के घरेलू उत्पाद में वृद्धि सुनिश्चित होने के साथ ही लगभग एक हजार लोगों को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार उपलब्ध हुआ है। 


गन्ना बोआई, गन्ना कटाई, गन्ना ढुलाई एवं अन्य कार्य के लिए अप्रत्यक्ष रूप से हजारों लोगों को रोजगार प्राप्त हुआ है, कारखाने में उत्पन्न रोजगार के अवसर ने प्रत्यक्ष रूप से रोजगार के लिए शासन पर निर्भरता को कम किया है। प्रबंध संचालक भूपेन्द्र कुमार ठाकुर ने बताया कि कारखाना स्थापना के प्रारंभिक काल से ही प्रतिवर्ष करोड़ो रूपए के शक्कर, मोलासिस एवं बगास का उत्पादन किया जाता है, जो संस्था के आय के साथ ही राज्य के आय का एक महत्पूर्ण अंश है। भोरमदेव सहकारी शक्कर उत्पादक कारखाना मर्यादित कवर्धा एक लाभकारी सहकारी संस्था के रूप में कार्यरत है। भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना में वर्ष 2018-19 से वर्ष 2021-22 में 45 हजार 200 कृषक लाभान्वित हुए है। 

पिछले चार सालों में 12 लाख 73 हजार 766.257 टन गन्ना की खरीदी एवं पेराई की गई है, जिससे 324.27 करोड़ रूपए कृषकों को भुगतान किया गया है। पिछले चार वर्षाे में 13 लाख 33 हजार 504 क्विंटल शक्कर का उत्पादन हुआ है। शासन द्वारा राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत गन्ना किसानों को प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा रही है। वर्ष 2018-19 से 2020-21 में 62 करोड़ 52 लाख 52 हजार 288 रूपए कृषकों को बोनस राशि प्रदान की गई है। भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना द्वारा उत्पादित शक्कर विदेशों में निर्यात होने के फलस्वरूप एक तरफ जहां छत्तीसगढ़ का नाम विदेशों में जाना जाने लगा है वहीं देश के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में भोरमदेव शक्कर कारखाने का महत्वपूर्ण योगदान है।

6 मेगावाट को-जन पावर प्लांट

भोरमदेव शक्कर कारखाना द्वारा कारखाना परिसर में 6 मेगावाट को-जन पॉवर प्लांट संचालित किया जा रहा है। को-जन पावर प्लांट की स्थापना होने से गन्ने के पेराई के बाद बचने वाले अवशेष का उपयोग बिजली उत्पादन में किया जा रहा है। इससे स्वयं के लिए बिजली की आपूर्ति भी की जा रही है।

कई राष्ट्रीय अवॉर्ड मिले

भोरमदेव सहकारी शक्कर उत्पादक कारखाना मर्यादित कवर्धा को रिकॉर्ड समय में कारखाने की स्थापना करने तथा बेहतर संचालन करने के कारण सहकारिता के सर्वाेच्च अवॉर्ड ठाकुर प्यारेलाल अवार्ड  के साथ ही अन्य 6 राष्ट्रीय पुरस्कार क्रमशः भारत गौरव अवार्ड, राष्ट्रीय रत्न अवॉर्ड, इंदिरा गांधी सद्भावना अवॉर्ड, इंटरनेशनल गोल्ड मिलेनियम अवॉर्ड और क्वालिटी अवॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका है।

ईथेनॉल प्लांट की स्थापना

भोरमदेव शक्कर कारखाना में सह-उत्पाद शीरा पर आधारित ईथेनॉल प्लांट जिसकी क्षमता 80 के. एल.पी.डी. पी.पीपी मोड़ पर निर्माण कार्य प्रगति पर है। ईथेनॉल प्लांट की स्थापना होने से गन्ना के सह उत्पाद शीरा का उपयोग किया जा सकेगा। इसकी स्थापना से रोजगार के क्षेत्र में वृद्धि होगी। यहां अधिक से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध होगा।

PDS में शक्कर का विक्रय

भोरमदेव शक्कर कारखाना द्वारा राज्य शासन के निर्णयानुसार लोकहित में राशनकार्डधारी सदस्यों को शक्कर विक्रय के लिए नागरिक आपूर्ति निगम को शक्कर विक्रय किया जा रहा है। गन्ना उत्पादक कृषकों को गन्ना मूल्य के साथ-साथ अतिरिक्त राशि का भुगतान किया जा रहा है। क्षेत्र के हजारों लोगों को रोजगार दिया जा रहा है।

आपसी विवाद में दूसरी पत्नी की हत्या, आरोपी को उम्रकैद की सजा

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कवर्धा :  जिला कोर्ट की न्यायाधीश नीता यादव ने दूसरी पत्नी की हत्या मामले में आरोपी पति को उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने सिंघनपुरी थाना क्षेत्र के नरेंद्र साहू को हत्या करने और सबूत छिपाने के अपराध में दोषी पाते हुए भारतीय दंड संहिता के तहत उम्रकैद और 1000 रूपए के अर्थदंड से दंडित किया है। इसी तरह  5 साल सश्रम कारावास और 1000 का जुर्माना लगाया है। 

प्रकरण के मुताबिक आरोपी ने  केकती बाई से दूसरी शादी की थी, जिसे वो संरोधी के ईंटा भट्टा झोपड़ी में रखा था। घटना के 20-30 दिन पहले आरोपी ने मृतिका को मायके जाने के नाम पर पैर को टंगिया से काट देने की धमकी दी गई थी। वहीं मायके नहीं जाने दिया था। इसके बाद घटना की रात को दोनों के बीच फिर विवाद हुआ, जिस पर आरोपी ने पत्नी की गला दबाकर हत्या कर दी। साथ ही शव को झोपड़ी के पास जमीन में गड़ाकर सबूत छिपाने की कोशिश भी की। सबूत के आधार पर परिस्थिजन्य साक्ष्य की श्रृखंला पूरी पाए जाने पर अभियुक्त को दोषी पाया गया। 

इन सबूतों के आधार पर सजा

सबूतों में घटना दिनांक को अभियुक्त और मृतिका के बीच लड़ाई झगड़ा होना, झगड़े के तुरंत बाद अभियुक्त द्वारा मृतिका का गला स्कार्फ से घोटना, दूसरे दिन थाने पहुंचकर घटना की स्वेच्छिक सूचना देना, घटना स्थल की पहचान करना, अभियुक्त के बताए स्थल से मृतिका का शव प्राप्त होना और अभियुक्त द्वारा घटना दिनांक के 20-30 दिन पहले मृतिका को मायके जाने पर टंगिया से काट देने की धमकी देना और मायके न जाने देना शामिल थे। एट्रोसिटी अधिनियम की धाराओं से अभियुक्त को दोषमुक्त किया गया। क्योंकि इस अधिनियम के अपराध प्रमाणित नहीं पाए गए।

अपराधों का गढ़ बना कवर्धा जिला, 15 दिन के अंदर हत्या की 5 वारदात

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छत्तीसगढ़ का कवर्धा जिला अपराधों का गढ़ बन गया है, यहां 15 दिन के अंदर हत्या की 5 वारदात सामने आई है। सिटी कोतवाली क्षेत्र में शनिवार देर रात एक अधेड़ की सिर कुचलकर हत्या कर दी गई। उसका शव रविवार सुबह सड़क किनारे पड़ा मिला। पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हत्या या हादसा स्पष्ट हो सकेगा। हालांकि इसे हत्या न भी मानें तो 15 दिनों में हत्या की 4 वारदातें हो चुकी हैं, जिससे कानून व्यवस्था पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं।

जानकारी के मुताबिक सरोधा मार्ग के तारो गांव स्थित फार्म हाउस के सामने रविवार सुबह अधेड़ का शव मिला। उसकी पहचान भुवन गंधर्व के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि भुवन घोठिया मार्ग पर रहता था और मजदूरी करता था। अभी तक मिली जानकारी के अनुसार भुवन अक्सर शराब पीकर फार्म हाउस की ओर जाता था। शनिवार शाम को भी वह नशे में फार्महाउस पहुंचा था। वहां चौकीदार से विवाद भी किया। उसे नशे में देख चौकीदार घर चला गया।

परिजन ने लगाया हत्या का आरोप

अगले दिन सुबह जब चौकीदार पहुंचा तो फार्म हाउस के पास ही कॉम्पलेक्स के सामने भुवन की लाश पड़ी थी। उसके सिर से खून बह रहा था। इसके बाद उसने घटना की जानकारी अपने मालिक और पुलिस को दी। पुलिस के मौके से कोई हथियार या अन्य चीज नहीं मिली है, जिससे हत्या का पता चले। दूसरी ओर परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया है। एडिशनल SP मनीषा ठाकुर रावटे ने बताया कि मृत व्यक्ति की पहचान भुवन गंधर्व के रूप में हुई है। वह शहर के ठाकुर देव चौक पर ठेला लगाता था। कभी-कभी मजदूरी भी करता था। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। हत्या है या सामान्य मौत या फिर हादसा, ये पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही पता चल सकेगा। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

15 दिनों में हत्या की 5 वारदात

बीते 15 दिनों में कवर्धा में 4 हत्याएं हो चुकी हैं। 5वीं कल की घटना को लेकर आशंका है। पुलिस ने अभी तक दो मामलों की गुत्थी को सुलझा लिया है। इसमें दो नाबालिग समेत 3 आरोपी पकड़े जा चुके हैं, लेकिन दो वारदातों को लेकर अभी भी पुलिस के हाथ खाली हैं। 7 मई को पिपरिया थाना क्षेत्र के सिंघनपुरी गांव में बुजुर्ग महिला भगवंती की हत्या कर दी गई। वह घर के बाहर खाट पर सो रही थी। गमछे से गला दबाकर उसे मारा गया। पति जब टॉयलेट करने उठा तो घर के सभी दरवाजे खुले थे। जब बाहर निकला तो खाट पर पत्नी की लाश मिली।

वहीं 6 मई को तरेगांव जंगल क्षेत्र के दुल्लापुर गांव में पवन धुर्वे ने अपनी पत्नी पूजा धुर्वे की टंगिया से मारकर हत्या कर दी। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी शराबी है और आए दिन पत्नी से मारपीट करता था। 26 अप्रैल को पंडरिया थाना क्षेत्र में बुजुर्ग की हत्या हुई थी। वारदात के समय घर पर कोई नहीं था। सभी शादी में गए थे। रात को कोठार में फसल रखवाली करने सो रहे किसान छन्नू सतनामी (उम्र 52) की गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। मामले में पुलिस के हाथ खाली हैं।

23 अप्रैल को कलेक्ट्रेट के पास 35 साल के युवक की जली हुई लाश मिली थी। युवक का गला घोंटने के बाद रेता गया था। फिर शव को आग लगाई गई थी। युवक की हत्या अवैध संबंधों में की गई थी। इस मामले में दो नाबालिग पकड़े जा चुके हैं। जिले में लगातार हो रही वारदातों के बाद अब लंबे समय से जमे पुलिसकर्मियों पर गाज गिरी है। SP लाल उम्मेद सिंह ने एक SI, 3 ASI और 17 हेड कांस्टेबल समेत 58 पुलिसकर्मियों का तबादला कर दिया है। इन सभी के कार्य क्षेत्र बदले गए हैं। जिले में लगातार हो रही वारदातों से कानून व्यवस्था पर सवाल उठना लाजमी है।

राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार-2022 के लिए कबीरधाम जिला पंचायत का चयन

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बीते 3 सालों में कई राष्ट्रीय पुरस्कार अपने नाम कर चुका छत्तीसगढ़ फिर एक बार राष्ट्रीय पटल पर चमका है। इस बार पं. दीनदयाल उपाध्याय पंचायत सशक्तीकरण पुरस्कार-2022 के लिए जिला पंचायत कबीरधाम का चयन राष्ट्रीय स्तर पर हुआ है। जिला पंचायत कबीरधाम के साथ जनपद पंचायत सहसपुर लोहारा के ग्राम पंचायत केजेदाह का भी चयन राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार के लिए हुआ है। 24 अप्रैल को राष्ट्रीय पंचायत दिवस के अवसर पर यह पुरस्कार प्रधानमंत्री के हाथों प्रदान किया जाएगा। जिला पंचायत कबीरधाम का चयन राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार के लिए होने पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जिले वासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।

राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार के लिए चयन होने पर कवर्धा कलेक्टर रमेश शर्मा ने कहा कि यह अथक परिश्रम का परिणाम है कि राष्ट्रीय स्तर पर जिला पंचायत कबीरधाम को सम्मानित किया जा रहा है। वहीं जिला पंचायत कबीरधाम के मुख्य कार्यपालन अधिकारी संदीप कुमार अग्रवाल ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2020- 21 के दौरान किए गए विभिन्न उल्लेखनीय कार्यों के आधार पर जिले का चयन राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार के लिए हुआ है। भौतिक सत्यापन के बाद जिला पंचायत कबीरधाम को राष्ट्रीय स्तर पर पंचायत पुरस्कार के लिए चयन किया गया, जो जिले एवं प्रदेश के लिए गौरव की बात है।

सभी क्षेत्रों में बेहतर कार्य किए गए

बता दें कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और वन मंत्री मोहम्मद अकबर के दिशा-निर्देश पर ग्राम पंचायत क्षेत्रों में विभिन्न उल्लेखनीय कार्य हुए हैं। यहां मुख्य रूप से महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना अंतर्गत ग्रामीणों को बड़ी मात्रा में रोजगार दिया गया। महिलाओं को आजीविका संवर्धन से जोड़ा गया। वहीं ग्राम पंचायत क्षेत्र में अधोसंरचना विकास जैसे सभी क्षेत्रों में बेहतर कार्य किए गए। इसी के परिणाम स्वरूप छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले को राष्ट्रीय स्तर पर पंचायत पुरस्कार-2022 के लिए चुना गया है। इसी तरह ग्राम पंचायत केजेदाह का ग्रामीणों को अधिक से अधिक रोजगार देने के साथ मूलभूत सुविधाओं का विस्तार तथा दस्तावेजी करण व पारदर्शिता के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान किया जाएगा।

इन उपलब्धियों के कारण हुआ चयन 

  • वैश्विक महामारी कोरोना काल के दौरान जिले में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के द्वारा 28836 महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के द्वारा 96 लाख से अधिक मानव दिवस रोजगार ग्रामीणों को दिया गया जो कि सालाना लेबर बजट के लक्ष्य का 100 प्रतिशत से अधिक रहा।
  • महिला आजीविका संवर्धन के लिए कम्यूनिटी फार्मिंग का कार्य ग्राम पंचायत राजानवागांव और बम्हनी में कराया जा रहा है। राजानवागांव में महिला समूह द्वारा सब्जी उत्पादन कर 1.80 लाख रूपए से अधिक की आमदनी अर्जित किया है। वहीं  बम्हनी जनपद पंचायत कवर्धा के महिला समूह द्वारा 1.40 लाख रूपए की आमदनी अर्जित की गई है।
  • जिले में 158 बैंक सखी कार्यरत हैं, जिनके द्वारा शासकीय योजनाओं की राशि का भुगतान हितग्राहियों के घरों में जाकर किया जा रहा है। अब तक 34 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया जा चुका है।
  • जिले के 7 अलग-अलग स्थानों में महिला समूह के द्वारा भोर कलेवा नामक छत्तीसगढ़ी व्यंजनों की बिक्री का केंद्र चलाया जा रहा है। इन केंद्रों में 75 महिला जुड़ी हुई हैं, जो प्रति माह में 7 हजार से 8 हजार रूपए महीने की आमदनी अर्जित कर रही  हैं।
  • वित्तीय वर्ष 2020-21 में जिले के 468 ग्राम पंचायतों में से 220 गौठानों का निर्माण कराया गया, जिसमें 1100 नग वर्मी कम्पोस्ट टैंक तथा 1100 नग नाडेब कम्पोस्ट टैंक का निर्माण कराया गया। इनमें से प्रत्येक 4 महीने के अंतराल पर कम्पोस्ट खाद का निर्माण किया जा रहा है। इस तरह दोनों टैंक (वर्मी/नाडेब) के द्वारा हर साल लगभग 39 हजार 600 टन वर्मी कम्पोस्ट खाद का निर्माण किया जा रहा है।
  • जल संवर्धन के कार्य के लिए महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के माध्यम से नर्मदा नाला का जीर्णोद्धार का कार्य किया गया है। जिससे जल स्तर में वृद्धि होकर ग्रामीणों को सिंचाई सुविधा का लाभ मिल रहा है।
  • प्रधानमंत्री सूक्ष्म सिंचाई योजना के तहत बागवानी विभाग और रूर्बन मिशन द्वारा सब्जियों और फलों का उत्पादन बढ़ाने और स्थानीय स्तर पर जल संचयन बढ़ाने के लिए ड्रीप सिंचाई प्रणाली स्थापित की गई है। इस तकनीक अच्छा उत्पादन और किसानों की आमदनी में वृद्धि हुई और पानी की बचत हुई।
  • गौरी कृपा स्व-सहायता समूह राजानवागांव के द्वारा प्रिंटिंग प्रेस की गतिविधि का संचालन किया जा रहा है। जिले के अंतर्गत सभी विकासखंड के स्व-सहायता समूह की पुस्तकों की आपूर्ति कर समूह द्वारा 3 लाख 45 हजार रूपए का आय अर्जित किया गया है।
  • जय बूढ़ादेव स्व-सहायता समूह पथर्रा विकासखंड कवर्धा द्वारा कृषि विज्ञान केन्द्र, पंचायत विभाग और पशु पालन विभाग के साथ मिलकर कड़कनाथ प्रजाति के मुर्गी पालन का कार्य किया जा रहा है। इससे महिला स्व-सहायता समूह को 1 लाख 16 हजार रूपए का आय अर्जित हुई है।

छिपली और हरदीभाठा पंचायत को भी मिलेगा राष्ट्रीय पुरस्कार  

धमतरी जिले के खाते में दो नए राष्ट्रीय पुरस्कार दर्ज होने वाले हैं। पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा इस साल राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के मौके पर 24 अप्रैल को धमतरी जिले के नगरी स्थित छिपली और हरदीभाठा पंचायत को दीनदयाल उपाध्याय पंचायत सशक्तिकरण पुरस्कार से नवाजा जाएगा। आंकलन वर्ष 2020-21 के तहत किए गए अच्छे कार्यों के लिए इन पंचायतों को पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है। 

कलेक्टर ने दी शुभकामनाएं

इसमें त्रि-स्तरीय पंचायती राज संस्थाओं में ग्राम पंचायत की नियमित बैठक, महिला पदाधिकारियों की भागीदारी, विभागीय योजनाओं का सही तरीके से क्रियान्वयन, ग्राम सभा का नियमित आयोजन, शिक्षा, पोषण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य, बिजली, पानी, स्वच्छता जैसी मूलभूत सुविधाओं को लोगों तक पहुंचाना शामिल है। इन उल्लेखनीय कार्यों को सराहने के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली पंचायतों को इस पुरस्कार से सम्मानित किया जाता है। धमतरी कलेक्टर पी. एस.एल्मा ने राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए चयनित नगरी वनांचल के इन दोनों पंचायतों को अग्रिम शुभकामनाएं दीं और जिले की अन्य पंचायतों के लिए इन्हें एक मिसाल माना है।

कोरोना ड्यूटी कर रहे शिक्षक की मौत, आइसोलेशन कॉल सेंटर से बाहर निकलते वक्त अचानक सीढ़ी पर गिरे

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छत्तीसगढ़ के कवर्धा में कोरोना ड्यूटी कर रहे 45 साल के एक शिक्षक की मौत हो गई। उनकी ड्यूटी होम आइसोलेशन के कॉल सेंटर में लगी थी। शिक्षक मंगलवार को दोपहर में बाहर निकलते समय सीढ़ी पर अचानक गिर पड़े। इसके बाद उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां डॉक्टर्स ने मृत घोषित कर दिया। फिलहाल हार्ट अटैक के कारण मौत की आशंका जताई जा रही है। 

कोतवाली क्षेत्र के रेंगाखारखुर्द के रहने वाले शेरू खान (उम्र 45) कवर्धा ब्लॉक के बरबसपुर संकुल केंद्र अंतर्गत सिंघनपुरी पूर्व माध्यमिक स्कूल में शिक्षक थे। उनकी ड्यूटी जिला ग्रंथालय में बनाए गए होम आइसोलेशन कॉल सेंटर में लगाई गई थी, जहां शिक्षक दो शिफ्ट में काम कर रहे हैं। दोपहर करीब 12 बजे शिक्षक शेरू ग्रंथालय से बाहर निकलते समय सीढ़ी पर गिर पड़े। इसके बाद आस-पास के लोग और साथी उन्हें तत्काल जिला अस्पताल लेकर गए, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। बताया जा रहा है कि शिक्षक शेरू खान पहले से ही हार्ट के पेशेंट थे। ऐसे में आशंका है कि हार्ट अटैक के कारण उनका निधन हुआ है। फिलहाल परिजन को सूचना दे दी गई है।

शिक्षक संघ ने की 50 लाख आर्थिक सहायता की मांग

इधर, टीचर्स एसोसिएशन ने शिक्षक के निधन पर दुख जताते हुए उनके परिजनों को 50 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की मांग की है। छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष रमेश चंद्रवंशी ने कहा कि कोरोना ड्यूटी में लगे शिक्षकों के लिए 50 लाख बीमा कवर देने की मांग लगातार करते आ रहे हैं। शिक्षक शेरू खान का निधन होम आइसोलेशन कॉल सेंटर में ड्यूटी के दौरान हुआ है। ऐसे में जिला प्रशासन उनके परिजनों को जल्द राशि प्रदान करे।

CMHO ने दी जानकारी

CMHO एसके मंडल ने बताया कि जिले में 506 एक्टिव केस हैं। ये सभी होम आइसोलेशन में है। इन मरीजों की रोजाना स्वास्थ्य संबंधित जानकारी लेने के लिए होम आइसोलेशन कॉल सेंटर शुरू किया गया है। इसके माध्यम से मरीजों के बारे में जानकारी ली जाती है, ताकि दिक्कत हो तो मदद पहुंचाई जा सके। सेंटर में सुबह 8 से रात 8 बजे तक शिक्षकों की दो शिफ्ट में ड्यूटी लगाई गई है, जो कि 11 फरवरी तक चलेगी। बता दें कि कोरोना काल के दौरान कोविड ड्यूटी कर रहे कई शिक्षकों ने अपनी जान गंवाई है, जिसके लिए टीचर्स एसोसिएशन लगातार  50 लाख बीमा कवर देने की मांग कर रहे हैं।

छत्तीसगढ़ के इस जिले में 45 दिन तक बंधक बनाकर महिला के साथ गैंगरेप, पुलिस गिरफ्त में 9 आरोपी

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देश में रेप की घटना लगातार बढ़ती (incidence of rape cases in india) ही जा रही है। रोजाना देश के अलग-अलग राज्यों से दुष्कर्म की खबरें सामने आ रही है। ताजा मामला छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले का है, जहां एक महिला के साथ गैंगरेप का मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक महिला के साथ किसी और ने नहीं बल्कि उसके ही ससुराल वालों ने गैंगरेप किया है। पुलिस ने बताया कि महिला को अकेला पाकर पहले उसके देवर ने दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। इसके बाद 45 दिनों तक बंधक बनाकर उसके ही नाना, फूफा और बड़े ससुर ने रेप किया है। महिला की शिकायत के बाद पुलिस ने 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मामला कुंडा थाना क्षेत्र का है।

दरअसल, 19 नवंबर को महिला ने महिला हेल्प लाइन रायपुर के माध्यम से शिकायत सखी 1 स्टाप सेंटर महिला एवं बाल विकास विभाग बेमेतरा में की थी, लेकिन ये मामला कवर्धा जिले का था। इसलिए इसे कवर्धा के कुंडा थाना में भेज दिया गया था, जिसके बाद से ही पुलिस ने पूरे केस में जांच की है। अपनी शिकायत में महिला ने बताया कि उसकी शादी 18 जनवरी 2020 को कुंआमालगी के रहने वाले युवक से हुई थी। शादी के दौरान उसके मायके वालों ने हैसियत के हिसाब से सब कुछ दिया था, लेकिन शादी के 3 दिन बाद से ही उसके ससुराल उसे प्रताड़ित करने लगे थे। 

महिला ने ससुराल वालों पर लगाया आरोप

महिला ने बताया कि पति, ससुर, सास, देवर उसे बार-बार ये कहकर परेशान किया करते थे कि हमें शादी में दहेज नहीं मिला है। इसके अलावा वो मारपीट भी करने लगे थे। वहीं इस मामले में बात तब से और बिगड़ने लगी जब फरवरी 2020 में महिला के देवर ने उसके साथ रेप किया। घटना के वक्त महिला घर पर अकेली थी। इसी का फायदा उठाकर डोमन ने उसके साथ रेप किया। महिला ने बताया कि देवर के अलावा उसके बड़े ससुर, नाना ससुर और फूफा ससुर ने उसके साथ दुष्कर्म किया है। उसने बताया कि 21 फरवरी 2021 से इन सभी ने उसे बंधक बना लिया था और बार-बार रेप करते रहे। ससुराल वालों ने भी उनका साथ दिया। बार-बार मना करने के बाद भी वह उसे डराते-धमकाते रहे।

25 दिसंबर को सामने आया मामला 

महिला की शिकायत पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ दहेज प्रताड़ना और कई धाराओं के तहत केस दर्ज किया था। जांच के बाद पुलिस ने 9 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है और शनिवार को पूरे मामले की जानकारी दी है। पुलिस ने इस मामले में महिला के पति, ससुर, सास, देवर ससुर, बड़े ससुर, और फूफा ससुर को गिरफ्तार किया है।

लगातार बढ़ रहे दुष्कर्म के मामले

बता दें कि देश में दुष्कर्म की घटनाएं लगातार बढ़ती ही जा रही है। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की ओर से जारी किए आंकड़ों के मुताबिक भारत में 2019 में हर दिन बलात्कार के 88 मामले दर्ज किए गए। साल 2019 में देश में बलात्कार के कुल 32 हजार 033 मामले दर्ज किए गए, जिनमें से 11 फीसदी पीड़ित दलित समुदाय से हैं। NCRB की रिपोर्ट के मुताबिक सबसे ज्यादा बलात्कार के मामले राजस्थान और उत्तर प्रदेश से दर्ज हुए। 2019 में राजस्थान में करीब 6,000 और उत्तर प्रदेश में 3,065 बलात्कार के मामले सामने आए। NCRB के आंकड़ों से पता चलता है कि बीते 10 सालों में महिलाओं के बलात्कार का खतरा 44 फीसदी तक बढ़ गया है। संस्था के आंकड़ों के मुताबिक 2010 से 2019 के बीच पूरे भारत में कुल 3 लाख 13 हजार 289 दुष्कर्म के मामले दर्ज हुए हैं।

इलेक्ट्रॉनिक चाक मिलने में कुम्हारों की बदलेगी लाइफ स्टाइल

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मिट्टी के बर्तनों, दीपों और मटकों के साथ-साथ घरेलू साज-सज्जा, मूर्तियों को सुंदर आकृति और रंग देने वाले कुम्हारों के दिन अब बहुरने वाले हैं। कैबिनेट मंत्री मोहम्मद अकबर के विशेष प्रयासों से कवर्धा जिले के माटी कला से जुड़े कुम्हारों को इलेक्ट्रॉनिक चाक वितरण करने की कार्य योजना शुरू की गई है। छत्तीसगढ़ माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष बालम चक्रधारी ने कवर्धा के 25 कुंभकार परिवारों को इलेक्ट्रॉनिक चॉक वितरण किया। 

पार्षद अशोक सिंह ने मां दंतेश्वरी वार्ड में आयोजन कर कुंभकारों को नई सौगात दी है। कवर्धा के सुरेश कुम्भकार को इलेक्ट्रॉनिक चाक दिया गया है, जिसे पाकर वो खुश नजर आए। इसी तरह जिले के अन्य 25 कुम्भकारों के चेहरे में मुस्कान देखी गई है। कड़ी मेहनत संघर्ष और कम मुनाफा ही कुम्हार की पहचान होती है, लेकिन इलेक्ट्रॉनिक चाक पाने के बाद कुम्हारों के किस्मत अब बहुरने वाले हैं। 

कुम्हारों के सामने रोजी-रोटी का संकट

कम मेहनत में ज्यादा समान का निर्माण और ठीक-ठाक मुनाफा देने के लिए माटीकला बोर्ड द्वारा  कुम्हारों को इलेक्ट्रॉनिक चाक मुहैया कराया जा रहा है। हाईटेक युग ने अब कुम्हारों के लिए भी राहत के दिन निकाल ही लिए हैं। कवर्धा जिले के 12 से ज्यादा परिवार में इलेक्ट्रॉनिक चाक पर दीपों और मिट्टी के बर्तनों का निर्माण कर सकेगा। बाजार में चाइनीज सामानों की पकड़ बढ़ने से कुम्हारों के बुरे दिन शुरू हो गए थे। बची-कुची कसर को लॉकडाउन ने पूरा कर दिया। नतीजा ये है कि कुम्हारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया।

बिजली से चलाता है इलेक्ट्रॉनिक चाक 

कुम्हारों की मेहनत का फल उन्हें नहीं मिल पा रहा है। वजह साफ थी मिट्टी के चाक पर अधिक मेहनत करने पर भी दीपों की संख्या कम ही रह जाती थी। बार-बार चाक घुमाने से शाम तक कुम्हार को ज्यादा परिश्रम करना पड़ता था। इलेक्ट्रॉनिक चाक कुम्हारों के लिए खुशखबरी लेकर आई है, जिससे कम मेहनत में ज्यादा मिट्टी के बर्तन बनाए जा सकेंगे। कुम्हारों के लिए इलेक्ट्रॉनिक चाक खास किस्म का बनाया गया है। यह चाक गोल ही होता है, लेकिन इसे बिजली से चलाया जाता है। 

एक घंटे में तैयार हो जाएंगे दीए

स्टैंडनुमा बॉडी पर बने चाक की रफ्तार को घटाने और बढ़ाने की भी सुविधा दी गई है। हाथ के चाक की अपेक्षा इस इलेक्ट्रॉनिक चाक पर तेजी से दीपक, मटकीख सुराई समेत विभिन्न सामान बनाया जा सकता है। हाथ के चाक पर तीन घंटे में जितने दीपक बनते हैं उतने ही दीपक सिर्फ एक घंटे में इस चाक पर बनाए जा सकते हैं।

बाजार में मिट्टी के बर्तनों की बढ़ी मांग:  बालम चक्रधारी

छत्तीसगढ़ माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष बालम चक्रधारी ने कहा कहा कि सभ्यता के शुरू से ही मानव ने अपने उपयोग के लिए सामान का निर्माण माटी से करना शुरू किया। माटी मानव जीवन का अभिन्न अंग रहा है, लेकिन वर्तमान दौर में हम प्राकृति से दूर होते चले गए जिसके दुष्परिणाम भी देखने को मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में माटी कला बोर्ड का उद्देश्य माटी शिल्पकार और कुम्हार के पारंपरिक कार्य शैली में आधुनिक तकनीक और उपकरणों के उपयोग से उनके जीवन में सुधार लाना है। माटी से सामानों के दैनिक जीवन में उपयोग बहुत लाभकारी है। लोग एक बार फिर प्राकृति से जुड़ने के प्रति जागरूक हो रहे हैं। ऐसे में माटी से बने सामानों की मांग भी बढ़ रही है। अब जरूरत है कि आधुनिक बाजार के मांग के अनुरूप उत्पादन हो।

पिता के हत्यारे बेटे और उसके दोस्त को हुई आजीवन कारावास की सजा

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कवर्धा सत्र न्यायाधीश नीता यादव ने पिता की हत्या करने वाले बेटे बलराम और उसके दोस्त झुरूवा उर्फ देवचरण को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 500 रूपये के अर्थदंड से दंडित किया है। दरअसल, गोरेलाल शादी के बाद ससुराल बघर्रा में सास भागमती के घर पर परिवार समेत रहता था। लगभग 3 साल पहलेणगोरेलाल ने अपनी पत्नी को दूसरे पुरूष के साथ देखा था। गोरेलाल ने अपनी पत्नी को मना किया था। इस बात पर गोरेलाल की पत्नी ने उसे अलग कर दिया था। 

बेटे ने दोस्त के साथ किया था पिता पर हमला

गोरेलाल की पत्नी बच्चों समेत मायके में ही रह रही थी। इसके बाद गोरेलाल दूसरी पत्नी बनाकर लाने के लिए रिश्ता देखने गया था। सास भागमती ने मना किया था। इसी बात पर 10 नवंबर 2019 को गोरेलाल की सास कमार कश्यप के घर के सामने गली में मिली थी और गोरेलाल के साथ गाली-गलौच की थी। साथ ही गोरेलाल के मना करने पर उसने डंडे से वार दिया था। इसके बाद गोरेलाल अपने घर जा रहा था। इसी बीच आरोपी बलराम ने लोहे की राड से पिता की सिर पर और झुरूवा ने डंडे से बाएं पैर, दोनों हाथ और पीठ पर वार कर दिया, जिससे बायां पैर टूट गया था। 

इलाज के दौरान हो गई थी गोरेलाल की मौत

10 नवंबर 2019 को गोरेलाल ने आरोपियों के खिलाफ दर्ज कराई थी। वहीं इलाज के दौरान कवर्धा के रेडियंस अस्पताल में गोरेलाल की मौत हो गई। मामले में कुंडा पुलिस ने आरोपी बेटे बलराम, झुरूवा उर्फ देवचरण और सीता बाई को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद सभी को न्यायालय में पेश किया। जहां कुल 11 साक्षियों के कथन दर्ज करने के बाद 17 नवंबर को सत्र न्यायाधीश नीता यादव ने घटना के तुरंत पुलिस को दिए गोरेलाल के बयान के आधार पर सीता बाई को दोषमुक्त कर दिया। जबकि दोनों आरोपियों को उम्र कैद की सजा सुनाई। साथ ही 5 हजार का जुर्माना लगाया। वहीं अर्थदंड अदा नहीं करने पर एक-एक महीने का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगताए जाने का आदेश दिया।

हाथियों से बचाव के लिए वन विभाग ने जारी की एडवाइजरी, सख्ती से पालन करने के दिए निर्देश

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वन मंत्री मोहम्मद अकबर के निर्देशानुसार वन विभाग हाथियों से आमजन की सुरक्षा के लिए अर्लट मोड पर काम कर रही है। इसी कड़ी में कवर्धा के आदिवासी बैगा बाहुल बोड़ला विकासखंड के अंतिम गांव में जंगली हाथियों के दल विचरण की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन के निर्देश पर वन अमला हाई अलर्ट हो गया है। कवर्धा कलेक्टर रमेश कुमार शर्मा के निर्देश पर वन विभाग द्वारा जंगली हाथियों की धमक को देखते हुए आम जनता के जान-माल की सुरक्षा के लिए एडवाइजरी जारी की है।

वनमंडलाधिकारी दिलराज प्रभाकर ने बुधवार सुबह बोड़ला विकासखंड के अंतिम प्रभावित गांवों का निरीक्षण किया। ग्रामीणों से भेंट कर उन्होंने जंगली हाथियों द्वारा किसानों के खेतों में पहंचाई गई क्षति का मुआयना किया गया। प्रभावित किसानों को वन विभाग द्वारा तत्कालिक सहायाता राशि दी गई। DFO ने बताया कि सर्वे के बाद प्रभावित किसानों को नियमानुसार आर्थिक सहायता राशि दी जाएगी। वन मंडलाधिकारी ने हाथी के आने पर क्या करें और क्या न करें उपशीर्षक से जारी सलाह में लोगों से सतर्क और सावधान रहने की अपील की है। वन मंडलाधिकारी ने आमजनों की सुविधा के लिए अधिकारियों के मोबाइल नंबर जारी किए हैं और मुख्यालय में कंट्रोल रूम भी बनाया गया है। 

विभाग ने की आमजनों से अपील 

विभाग की ओर से आमजनों से अपील करते हुए कहा गया है कि जंगली हाथियों से कम से कम 200 मीटर की दूरी बनाकर रखें और जंगली हाथियों की फोटो और सेल्फी नहीं ले। वन मंडलाधिकारी ने बताया कि वन अमले द्वारा कवर्धा जिले के अंतिम गांव से कुछ दूरी पर मध्यप्रदेश की सीमा क्षेत्र में 14 सदस्यीय हाथियों को देखा गया है। हाथियों ने बांधी गांव के किताब का 3 एकड़, चंद्रपति यादव का आधे एकड़ और गजपति यादव का आधे एकड़ रक्बा को रौंदा दिया है। जिसमें धान की फसल लगी थी। 

पीड़ितों को दी गई तत्काल क्षतिपूर्ति 

वहीं रामचरण बैगा की आधा एकड़ की कटी हुई धान की फसल में से कुछ को हाथियों का दल खाकर चला गया है। पीड़ितों को तत्काल क्षतिपूर्ति करते हुए 500 रुपये प्रति प्रकरण में नगद प्रदान किया गया है। बाकी की क्षतिपूर्ति फसल नुकसान के परीक्षण के बाद दी जाएगी। हाथियों का ये दल कटघोरा से अचानकमार, लोरमी में, चांड़ा, बजाग, उमरिया, अनूपपुर, मवई, लम्पटी, झामुल (मध्यप्रदेश) में विचरण कर रहा है। यह दल कवर्धा के बांधी गांव जो ढिंढोरी जिला से लगा है, उसमें आकर धान की फसल के थोड़े से क्षेत्र में नुकसान पहुंचाया है और तुरंत वापस ढिंढोरी वन मंडल, जिला ढिंढोरी के झामुल परिसर में चला गया। आशंका है कि यह दल वापसी करते हुए अचानकमार होते हुए कोरबा जिला चला जाएगा।

हाथी द्वारा नुकसान पहुंचाने पर क्षतिपूर्ति का है प्रावधान

DFO प्रभाकर ने बताया कि वन अपराध संबंधित सूचना प्राप्त होने पर जिला कवर्धा का जागरूक नागरिक वन विभाग को सूचित कर वन अपराध से बचाव और नियंत्रण में शासन का सहयोग कर सकता है। अगर किसी कारणवश वन विभाग से संपर्क नहीं हो पाता है, तो तत्काल स्थानीय थाना या पुलिस चौकी में सूचना दी जा सकती है। हाथी द्वारा नुकसान पहुंचाने पर वन विभाग द्वारा क्षतिपूर्ति का प्रावधान है। मृत्यु होने की स्थिति में 6 लाख रूपए, स्थाई रूप से अंग भंग होने की स्थिति में 2 लाख रूपए, घायल होने पर इलाज कराने पर प्रस्तुत बिल के आधार पर अधिकतम 59 हजार 100 रूपए तक, पशु हानि पर अधिकतम प्रति पशु 30 हजार रूपए तक, फसल नुकसानी पर फसल का मूल्यांकन कर अधिकतम 10 हेक्टेयर तक की फसल नुकसानी की नियमानुसार क्षतिपूर्ति का प्रावधान है।

क्या करें-

वन मंडलाधिकारी प्रभाकर ने जिलेवासियों को एडवायजरी जारी करते हुए बताया कि हाथी आने की सूचना निकटवर्ती वन कर्मचारी को तुरंत दें। रात मे निकलना अगर आवश्यक हो जाए तो, मशाल जलाकर झुंड में शोर मचाते हुए निकले, सभी घरो के बहार पर्याप्त रौशनी करके रखे ताकी हाथी के आने से पहले ही दूर से पता चल जाए। अगर हाथी दिन मे गाव मे आ जाता है तो उससे पर्याप्त दूरी बना कर रखे, हाथी प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक होने पर गावों मे रात्री में दल बनाकर मशाल के साथ पहरा दें, हाथी द्वारा कान खड़े कर सूंड ऊपर उठाकर आवाज देना इस बात का संकेत है की वो आप पर हमला करने आ रहा है तो तत्काल सुरक्षित स्थान पर चले जाए। 

ढलान की ओर दौड़े

अगर हाथी से सामना हो जाए तो तुरंत उसके लिए रास्ता छोड़े, पहाड़ी स्थानों में सामना होने की स्तिथि मे पहाड़ी की ढलान की ओर दौड़े ऊपर की ओर नहीं क्योंकि हाथी ढलान में तेज गति से नहीं उतर सकता, लेकिन चढाई चढ़ने में वह दक्ष होता है, सीधे न दौड़ कर आड़े तिरछे दौड़े, कुछ दूर दौड़ने के बाद गमछा, पगड़ी, टोपी और अन्य कोई वस्त्र फेक दे, ताकि कुछ समय तक हाथी उसमें उलझा रह सके और आपको सुरक्षित स्थान पर जाने का समय मिल जाए।

मुआवजा राशि की प्रक्रिया करवाने में करें सहयोग 

हाथियों के सूंघने की शक्ति प्रबल होती है ऐसे में हवा की दिशा का ध्यान रखे। अगर हवा का बहाव हाथियों की तरफ से आपकी तरफ हो तो सुरक्षित दूरी में रहा जा सकता है, लेकिन अगर हवा का बहाव आपकी और से हाथी की और जा रहा हो तो आपके लिए खतरा हो सकता है, क्योंकि हवा आपके शरीर की गंध हाथी तक आसानी से पहुंचा सकती है। वन विभाग द्वारा बताए गए सुरक्षा संबंधित निर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन करें। वन विभाग के कर्मचारियों का समय समय पर रेस्क्यू ऑपरेशन मे सहयोग करे और किसी भी प्रकार की दखलअंदाजी न करें। जनधन हानि होने की स्तिथि में बदले की भावना से प्रेरित होकर हाथियों के पास न जाए बल्कि वन विभाग को सूचित कर मुआवजा राशि की प्रक्रिया करवाने में सहयोग करें। 

भंडारण कक्ष का निर्माण

हाथियों की सूचना अगर मिलती है तो अपने पड़ोस के गांवों और क्षेत्र के रिश्तेदारों, दोस्तों को तत्काल सचेत करें ताकि वे भी उन क्षेत्रों मे न आए और अगर क्षेत्र मे है तो वह इलाका छोड़ सके। फसल कटाई के बाद खुद के खाने लिए संगृहीत अनाज को सुरक्षित स्थानों में रखे, इसके लिए एक तैखानेनुमा भंडारण कक्ष का निर्माण किया जा सकता है, जिसमें अनाज को प्लास्टिक के हवा टाइट बंद डिब्बों में भरकर रखा जा सकता है, जिससे अनाज की गंध हाथियों तक नहीं पहुंचे।

हाथियों को रहने दें स्वतंत्र  

हाथियों की सूंघने की शक्ति बहुत तेज रहती है। गांव के नवयुवक स्वयं जागृत होकर अन्य लोगों को जागरुक कर सकते हैं। समय-समय पर जागरूकता के लिए वन विभाग के साथ ताल मेल बनाकर चले। समय-समय पर स्कूल के बच्चों को हाथियों से संबंधित जागरूकता का पाठ पढ़ाएं, हमें और आने वाली पीढ़ियों को हाथियों के साथ रहना सीखना पड़ेगा, कैसे रहा जाए इसका इन तथ्यों का संदेश दिया जाए। गांव के मुखिया की मदत से जागरुकता अभियान चलाया जाए, जिससे ज्यादा से ज्यादा लोग हाथियों से सुरक्षा संबंधित निर्देशों से अवगत हो सकें। खुद भी सुरक्षित रहे और बिना किसी नुकसान पहुंचाए हाथियों को भी अपने क्षेत्र मे स्वतंत्र रूप से सुरक्षित रहने दें। 

आमजनों के सुविधा के लिए मुख्यालय में कंट्रोल रूम स्थापित

कवर्धा वन मंडल कार्यालय के द्वारा वन अपराधों की रोकथाम के लिए सभी अधिकारियों के मोबाइल नंबर जारी किए गए हैं और मुख्यालय में कंट्रोल रूम भी बनाया गया है। वन मंडल के कंट्रोल रूम का मोबाइल नंबर 7999326127, वन मंडल स्तरीय उड़नदस्ता के सहायक प्रभारी का 9425576857, अधीक्षक भोरमदेव वन्य प्राणी अभ्यारण का 9424132297, परिक्षेत्र अधिकारी भोरमदेव वन्य प्राणी अभ्यारण का 7828853500, उप वनमंडल अधिकारी कवर्धा का 8269327097, परिक्षेत्र अधिकारी कवर्धा का 9589035132, परिक्षेत्र अधिकारी अधिकारी तरेगांव 9981893808 और परिक्षेत्र अधिकारी पश्चिम पंडरिया का 8770976735, उप वनमंडल अधिकारी पंडरिया का  9131029448, परिक्षेत्र अधिकारी पूर्व पंडारिया का 9752617147, उप वनमंडल अधिकारी सहसपुर लोहारा का  7587055836, परिक्षेत्र अधिकारी सहसपुर लोहारा एवं परिक्षेत्र अधिकारी रेंगाखार का 9406324045 और परिक्षेत्र अधिकारी खारा का मोबाइल नंबर 7999761848 है। वन मंडल अधिकारी जिला कवर्धा का संपर्क नंबर 9479105168 है।

वन क्षेत्र में अवैध उत्खनन मामले में बड़ी कार्रवाई, JCB और कई ट्रैक्टर जब्त

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वन मंत्री मोहम्मद अकबर के निर्देश पर वन क्षेत्रों में अवैध उत्खनन और वन अपराध करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में कवर्धा अंतर्गत पंडरिया उप वन मंडल में अवैध उत्खनन की सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और वन क्षेत्र में अवैध उत्खनन करते पाए जाने पर JCB मशीन और 3 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को जब्त कर लिया है। 

अधिकारियों ने अवैध रूप से मुरूम का उत्खनन करते हुए पाए जाने पर 1 JCB और तीन ट्रैक्टर को जब्त किया है। कवर्धा के वन मंडलाधिकारी दिलराज प्रभाकर ने बताया कि वन क्षेत्र में अवैध रूप से उत्खनन करते पाए जाने पर वाहनों को जब्त कर परिक्षेत्र कार्यालय लाया गया है, जिसे पंडरिया के कोर्ट में राजसात की कार्रवाई की जाएगी। 

वन मंत्री ने दिए हैं कार्रवाई के निर्देश

 बता दें कि वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने वन विभाग के अधिकारियों को वन अपराधों जैसे अवैध कटाई, अतिक्रमण, गर्डलिंग, अवैध खनन, अवैध शिकार, वन क्षेत्रों में अवैध रूप से गाय, भैंस, भेड़, बकरी, ऊंट और पालतू पशुओं का चराई प्रतिबंधित वन क्षेत्रों में प्रवेश, अवैध रूप से वनोपज का परिवहन होने पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। वन अपराधों के मामले में लगातार  हो रही कार्रवाई से कवर्धा जिला समेत प्रदेश के विभिन्न वन क्षेत्रों में होने वाले वन अपराधों में नियंत्रण हुआ है।

वन विभाग ने की लोगों से अपील

वन विभाग के अधिकारियों ने लोगों से अपील करते हुए कहा है कि वन अपराध संबंधित सूचना प्राप्त होने पर जागरूक नागरिक वन विभाग को सूचित कर वन अपराध से बचाव और नियंत्रण में शासन का सहयोग कर सकते हैं। अगर किसी कारणवश वन विभाग से संपर्क नहीं हो पाता है, तो तत्काल स्थानीय थाना या पुलिस चौकी को सूचित कर सकते हैं।

जगदलपुर में अवैध परिवहन पर 2 वाहन जब्त 

जगदलपुर में खनिज विभाग ने चुना पत्थर और ईंट के अवैध परिवहन के खिलाफ कार्रवाई की है। खनिज विभाग के प्रभारी अधिकारी  हेमंत चेरपा ने बताया कि ये कार्रवाई बकावंड तहसील क्षेत्र के इरिकपाल और कोहकापाल में की गई है। खनिज जांच दल द्वारा 2 वाहन से रेत का अवैध परिवहन करते हुए ट्रैक्टर को पकड़ा गया है। इन वाहनों को गौण खनिजों का अवैध परिवहन करते हुए पाए जाने पर जब्त कर अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।

मनेरगा, DMF और सिंचाई विभाग के सहयोग से पानी बचाने का काम शुरू

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किसानों को खेत-किसानी के काम के लिए पर्याप्त पानी की उपलब्धता हो, गांव के निस्तारी के समस्या का समाधान और साथ ही भूजल स्तर में बढ़ाने की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार अलग-अलग काम कर रही है। कवर्धा जिले में ग्रामीण किसानों के मांग पर वन मंत्री मोहम्मद अकबर के प्रयासों से जल संवर्धन और जल संरक्षण की दिशा में बरसात की पानी को सहेजने का काम किया जा रहा है। 

बारिश की पानी का समुचित उपयोग करने की दृष्टि से महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के साथ जिला खनिज न्यास निधि फंड का विभागीय मद से अभिसरण से पिपरिया एनीकेट डिसिलिंटग, गेट रिपेयर और मरम्मत काम को जल संसाधन विभाग के साथ मिलकर कराया जा रहा है। कार्य शुरू होते ही इसके बेहतर परिणाम स्थानीय ग्रामीणों को मिलने लगा हैं।

3 गांवों के किसानों को मिलने लगा सीधा लाभ

तीन विभागों को मिलाकर 27 लाख 88 हजार रुपए की लागत से हो रहे इस कार्य में मनरेगा योजना से 8 लाख रुपए मजदूरी पर और 5 लाख 29 हजार रुपए सामग्री पर व्यय निर्धारित था और बाकी राशि 13 लाख 13 हजार रुपये डीएमएफ मद से और 1 लाख 46 हजार रुपए जल संसाधन विभाग के विभागीय मद से स्वीकृति दी गई है। इस कार्य में ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिला है। चालू वित्त वर्ष 2021-22 में 25 जून से हो रहे इस कार्य में  4145 मानव दिवस रोजगार का सृजन होना प्रस्तावित है, जिसमें 193 रुपये प्रति दिवस के दर से मजदूरी भुगतान किया जाना है। 

64 हजार 8 सौ 48 रुपये का मजदूरी भुगतान

कार्य में अभी तक 336 मानव दिवस रोजगार ग्रामीणों को मिला है, जिसमें 64 हजार 8 सौ 48 रुपये का मजदूरी भुगतान हुआ है। साथ ही वर्तमान में कार्य प्रगतिरत है। जल संसाधन संभाग विभाग के कार्यपालन अभियंता दिनेश भगोरिया ने बताया कि सकरी नदी पर बांध कम रोड बनी हुई है, जो कि झिरना, ग्राम पंचायत चारडोंगरी विकासखंड कवर्धा में स्थित है। एनीकेट और उसके आसपास पानी के बहाव क्षेत्र में बड़ी मात्रा पर गाद (सिल्ट) जमा हो जाने के कारण पानी का बहाव आगे नहीं बढ़ पाता था।

वहीं जल संवर्धन की दिशा में बरसात का पानी यूं ही जाया हो जाता था। स्थानीय ग्रामीणों की मांग पर महात्मा गांधी नरेगा योजना, डीएमएफ फंड  और जल संसाधन विभाग के मद को मिलाकर पिपरिया एटीकेटी डिसिलिंटग, गेट रिपेयर और मरम्मत का काम कराया गया। काम 200 मीटर लंबा और 70 मीटर चौड़ा सहित कुल 14000 वर्ग मीटर में हुआ है। 

कृषि कार्य के लिए पानी की उपलब्धता 

इस काम के हो जाने से आसपास क्षेत्र के लगभग तीन गांव जिसमें मुख्य रुप से झिरना, पिपरिया और परसवारा के ग्रामीणों को अत्यधिक लाभ हो रहा है। खेतों के लिए पानी सीधे मिलने लगा है और साथ में ग्रामीणों को रोजगार भी मिला है। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विजय दयाराम के. ने बताया कि शासन की मंशा अनुरूप गांव में जल स्रोतों का उन्नायन कर स्थानीय ग्रामीणों को कृषि कार्य के लिए पानी की उपलब्धता हो यह सुनिश्चित किया जाना है। 

यही कारण है कि कवर्धा जिले में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना, जल संसाधन विभाग कवर्धा और डीएमएफ के अभिसरण से यह कार्य नरवा उन्नयन की दिशा में एक और कदम है। मनरेगा योजना से 13 लाख 29 हजार रुपए की स्वीकृति दी गई है। साथ ही बाकी काम के लिए राशि डीएमएफ और विभागीय मद के माध्यम से  योजनाओं का अभिसरण करते कार्य हो रहा है।

ग्रामीणों की मदद 

कार्य से स्थानीय ग्रामीणों को रोजगार मिल रहा है। साथ ही उनके खेतों के लिए पानी की व्यवस्था सहज रूप से उपलब्ध हो रहा है, जो सीधे तौर पर धान, गन्ना और अन्य फसलों के काम में आ रहा है। इसके अतिरिक्त निस्तारी के लिए उपयोग हो रहा है। उन्होंने बताया कि ऐसे कार्यों को प्राथमिकता के तौर पर तकनीकी रूप से प्रशिक्षित विभाग द्वारा कराया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों को इसका सही लाभ मिल सके। ग्रामीणों को उनका उपज बढ़ाने में मदद मिल सके, जो सीधे तौर पर उनके आर्थिक लाभ से जुड़ा हुआ है।

कवर्धा : करेंट लगने से मादा तेंदुए की मौत, एक आरोपी गिरफ्तार

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कवर्धा जिले के सहसपुर लोहारा परिक्षेत्र के भठेला टोला परिसर में मृत अवस्था में मिली तेंदुआ की मौत बिजली करेंट लगने से हुई है। बिजली करंट लगाने के लिए GI तार का उपयोग किया था। वनविभाग के अधिकारियों की उपस्थिति में पशु चिकित्सक- विशेषज्ञों की टीम के द्वारा पोस्टमार्टम की कार्रवाई की गई। साथ ही एस.ओ.पी. का पालन करते हुए दाह संस्कार किया गया।





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मंगलवार 16 फरवरी को मुखबिरी तंत्र की सूचना के आधार पर तथा स्निफर डॉग स्क्वायड की मदद से वन विभाग और पुलिस विभाग की टीम बनाकर सर्च वारंट जारी कर संभावित संदिग्ध अपराधी के घर छापा मारा गया। छापा में वन्यप्राणी अपराध में उपयोग हुई सामग्री प्राप्त हुई। संदिग्ध अपराधी से पूछताछ की जा रही है।





15 फरवरी की घटना





वनमण्डलाधिकारी दिलराज प्रभाकर ने बताया की सोमवार 15 फरवरी को उप वन मंडल अधिकारी सहसपुर लोहारा के द्वारा वन मंडल अधिकारी कवर्धा को दूरभाष पर सूचना दी गई कि सहसपुर लोहारा परिक्षेत्र के भठेला टोला परिसर के कक्ष क्रमांक 305 में एक तेंदुआ मृतक अवस्था में मिला है। वन मंडल अधिकारी, उप वन मंडल अधिकारी, परिक्षेत्र अधिकारी, संबंधित वन अमला और पशु चिकित्सक तत्काल मौका स्थल पर रवाना हुए।





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मौका पर जाकर देखा कि मादा तेंदुआ, जिसकी उम्र लगभग 2 से 3 साल रही होगी, जी आई तार के करंट की चपेट में आने से मरी है। घटना की सूचना तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को वन मंडल अधिकारी द्वारा दी गई। अचानकमार टाइगर रिजर्व से स्निफर डॉग स्क्वायड को भेजने के लिए संपर्क किया गया और लिखित में भी सूचित किया गया।





संदिग्ध आरोपी के घर छापेमारी





अज्ञात आरोपी के नाम से FIR जारी किया गया। सूर्यास्त नजदीक होने के कारण पोस्टमार्टम की कार्रवाई नहीं की गई। शव की सुरक्षा के समुचित उपाय किए गए। आरोपी की खोज के लिए रात्रि गश्त और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया। 16 फरवरी को मुखबिरी तंत्र की सूचना के आधार पर और स्निफर डॉग स्क्वायड की मदद से वन विभाग और पुलिस विभाग की टीम बनाकर सर्च वारंट जारी कर संभावित संदिग्ध अपराधी के घर छापेमारी की।





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छापा में वन्यप्राणी अपराध में उपयोग हुई सामग्री प्राप्त हुई। संदिग्ध आरोपी से पूछताछ की जा रही है। साथ ही पशु चिकित्सक विशेषज्ञों की टीम द्वारा पोस्टमार्टम की कार्रवाई की गई और एस.ओ.पी. का पालन करते हुए दाह संस्कार किया गया।





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पोस्टमार्टम और दाह संस्कार के समय मुख्य वन संरक्षक, दुर्ग वन वृत्त, दुर्ग मौका पर उपलब्ध थे। मृत वन्य प्राणी मादा तेंदुआ का सैंपल कलेक्शन फॉरेंसिक लैबोरेट्री में पुष्टि के लिए भेजने के लिए किया गया। वन्य प्राणी मादा तेंदुआ के शिकार के संबंध में संदिग्ध अपराधी और उनके बताऐ साक्ष्य के आधार पर अन्य अपराधियों से संबंधित जांच वन विभाग की टीम द्वारा की जा रही है।





तत्परता से कार्रवाई





मृत मादा तेंदुआ जो शेड्यूल 1, वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972, में आता है के अवैध शिकार में संलिप्त संदिग्ध आरोपी को पकड़ने में पुलिस-वन अमला, मुखबिर तंत्र और स्निफर डॉग की मदद से तत्परता से कार्रवाई की गई।


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