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दिनदहाड़े बुजुर्ग को ठग गए फर्जी पुलिसकर्मी, सोने की चेन और अंगूठी लेकर फरार

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 कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा में पुलिसकर्मी बनकर ठगी करने का मामला सामने आया है। यहां दो अज्ञात व्यक्तियों ने कथित तौर पर एक बुजुर्ग को अपनी बातों में उलझाकर उनकी सोने की चेन और अंगूठी उतरवा ली। घटना 28 अक्टूबर को दोपहर करीब 12:30 बजे पुराना बस स्टैंड क्षेत्र की बताई जा रही है। पीड़ित ने कोतवाली थाने में लिखित शिकायत देकर आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।


पुराना बस स्टैंड के पास बुजुर्ग को बनाया निशाना

पीड़ित की शिकायत के अनुसार, वह बुधवार दोपहर करीब 12:30 बजे पुराना बस स्टैंड क्षेत्र से गुजर रहे थे। इसी दौरान दो अज्ञात व्यक्ति उनके पास पहुंचे। आरोप है कि दोनों ने खुद को पुलिसकर्मी बताया और बातचीत के दौरान बुजुर्ग का भरोसा जीत लिया।

झांसे में लेकर उतरवाई सोने की चेन और अंगूठी

शिकायत में बताया गया है कि दोनों व्यक्तियों ने बुजुर्ग को झांसे में लेकर उनकी सोने की चेन और अंगूठी उतरवा ली। इसके बाद आरोपी वहां से चले गए। घटना का पता चलने के बाद पीड़ित ने कोतवाली थाना प्रभारी को लिखित शिकायत सौंपकर मामले में कार्रवाई की मांग की।

आरोपियों की पहचान और पुलिस कार्रवाई का इंतजार

फिलहाल मामले में पीड़ित की ओर से शिकायत दिए जाने की जानकारी सामने आई है। आरोपियों की पहचान, ठगी में इस्तेमाल किए गए तरीके और आभूषणों की कीमत के संबंध में विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है। मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस की जांच और आधिकारिक जानकारी के बाद ही स्पष्ट होगी।

फर्जी पुलिसकर्मियों से रहें सावधान

इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। कोई अनजान व्यक्ति खुद को पुलिसकर्मी बताकर आभूषण या कीमती सामान उतारने के लिए कहे, तो उसकी पहचान की पुष्टि किए बिना ऐसा न करें। संदेह होने पर नजदीकी पुलिस थाने या डायल 112 पर संपर्क करें।

तहसील कार्यालय में निकला कोबरा, अलमारी के पीछे छिपा था जहरीला सांप; रेस्क्यू टीम ने पकड़ा

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 कोरबा। तहसील कार्यालय की प्रतिलिपि शाखा में रविवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब अलमारी के पीछे एक कोबरा सांप दिखाई दिया। कार्यालय में राजस्व संबंधी कामकाज के लिए रोजाना बड़ी संख्या में लोगों का आना-जाना रहता है। ऐसे में कार्यालय के भीतर जहरीले सांप की मौजूदगी से खतरे की आशंका बढ़ गई। सूचना मिलने पर रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और सावधानीपूर्वक कोबरा को पकड़कर सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया।


अलमारी के पीछे बैठा था कोबरा

जानकारी के मुताबिक, रविवार सुबह प्रतिलिपि शाखा में काम के सिलसिले में सहायक ग्रेड-2 आईपी डाहिरे और एक अन्य व्यक्ति पहुंचे थे। इसी दौरान उनकी नजर अलमारी के पीछे बैठे कोबरा पर पड़ी। अचानक सांप दिखाई देने से दोनों सतर्क हो गए। उन्होंने बिना देर किए वन विभाग और सर्प रेस्क्यू टीम को सूचना दी।

टीम ने सावधानी से किया रेस्क्यू

सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीम के सदस्य अविनाश यादव अपने सहयोगी मानस के साथ तहसील कार्यालय पहुंचे। टीम ने मौके का निरीक्षण किया और सावधानी के साथ रेस्क्यू अभियान शुरू किया। कुछ देर की मशक्कत के बाद कोबरा को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इसके बाद उसे उसके प्राकृतिक आवास जंगल में छोड़ दिया गया।

सांप दिखने पर खुद पकड़ने की न करें कोशिश

घटना के बाद वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि घर, कार्यालय या किसी अन्य स्थान पर सांप दिखाई देने पर उसके पास जाने या खुद पकड़ने की कोशिश न करें। सांप को छेड़ने या पकड़ने का प्रयास खतरनाक हो सकता है। ऐसी स्थिति में तत्काल वन विभाग या प्रशिक्षित सर्प रेस्क्यू टीम को सूचना दें, ताकि सांप को सुरक्षित तरीके से हटाया जा सके और लोगों को भी खतरे से बचाया जा सके।

सात गांवों ने मिलकर मनाई नन्हे हाथी की छठी, प्यार से रखा ‘काशी’ नाम

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 कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में इंसान और वन्यजीवों के बीच स्नेह और आस्था की अनूठी मिसाल देखने को मिली। करतला रेंज के काशीपानी जंगल में नौ हाथियों के झुंड में एक नन्हे हाथी के जन्म की खुशी में आसपास के सात गांवों के ग्रामीणों ने उसकी छठी मनाई। इस मौके पर ग्रामीणों ने हाथी के बच्चे का नाम प्यार से ‘काशी’ रखा। पूजा-पाठ, भजन-कीर्तन और प्रसादी वितरण के साथ आयोजित इस कार्यक्रम ने क्षेत्र में लोगों का ध्यान खींचा है।


सात गांवों के ग्रामीणों ने मिलकर मनाई छठी

नन्हे हाथी की छठी का कार्यक्रम कारीपानी मंदिर के नीचे स्थित गौठान टिकरापारा में आयोजित किया गया। इसमें रामभाठा, लबेद, पाहराभांठा, काशीपानी, छातापाठ, जामपानी और छुईडुंगा गांव के ग्रामीण शामिल हुए।

कार्यक्रम के दौरान मंदिर में पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद भजन-कीर्तन हुआ और ग्रामीणों के बीच भोजन प्रसादी बांटी गई। हाथी के बच्चे के प्रति ग्रामीणों का यह अपनापन वन्यजीवों के साथ उनके भावनात्मक जुड़ाव को दर्शाता है। नन्हे हाथी का नाम ‘काशी’ रखे जाने की भी क्षेत्र में चर्चा हो रही है।

वन विभाग की अपील, हाथियों से बनाए रखें दूरी

कार्यक्रम के दौरान एसडीओ मणिकांत वर्मा ने ग्रामीणों से हाथियों के करीब नहीं जाने और उनसे किसी भी तरह की छेड़छाड़ नहीं करने की अपील की। उन्होंने कहा कि हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखना जरूरी है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

वन विभाग के अनुसार, नौ हाथियों का झुंड फिलहाल काशीपानी जंगल में मौजूद है। इसके अलावा कुदमुरा क्षेत्र में 32 और चचिया क्षेत्र में सात हाथियों की मौजूदगी बताई गई है। हाथियों की गतिविधियों के कारण अब तक 17 किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है।

वन विभाग ने ग्रामीणों को सतर्क रहने और हाथियों की आवाजाही की सूचना तत्काल विभाग को देने की सलाह दी है।

वर्ष 2000 में पहली बार कोरबा के जंगलों में पहुंचे थे हाथी

बताया जाता है कि वर्ष 2000 में हाथियों ने पहली बार कोरबा जिले के कुदमुरा क्षेत्र के आमटिकरा गांव में दस्तक दी थी। इसके बाद जिले के अलग-अलग वन क्षेत्रों में हाथियों की मौजूदगी बढ़ती गई। कई बार इनकी संख्या 150 तक पहुंचने की बात भी सामने आई है।

ग्रामीणों के बीच हाथी के बच्चे की छठी मनाने की परंपरा धिनारा गांव से शुरू हुई थी। अब इस परंपरा के तहत ग्रामीण नन्हे हाथी के आगमन की खुशी साझा करते हैं। काशीपानी जंगल में ‘काशी’ की छठी का आयोजन इसी परंपरा और वन्यजीवों के प्रति ग्रामीणों के स्नेह का उदाहरण बन गया है।

CG NEWS : रावण दहन के बाद खूनी खेल, चाकू से गोदकर युवक की हत्या; 3 आरोपी गिरफ्तार

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 कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में विजयादशमी पर रावण दहन के बाद युवकों के दो गुटों के बीच हुआ विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। मूड़ापार बाजार के पास हुई चाकूबाजी की घटना में एक युवक की मौत हो गई। हमलावरों ने युवक पर चाकू से आधा दर्जन से अधिक वार किए थे। गंभीर हालत में उसे जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। मामले में पुलिस ने तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है।


मामूली विवाद के बाद चाकू से हमला

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, घटना मूड़ापार बाजार के नजदीक रावण दहन मैदान के पीछे बस्ती में एक पुराने पेड़ के पास हुई। बताया जा रहा है कि युवकों के दो गुटों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हुई थी। विवाद बढ़ने पर मामला मारपीट तक पहुंच गया। इसी दौरान एक पक्ष के युवकों ने दूसरे युवक पर धारदार चाकू से हमला कर दिया।

हमले में युवक गंभीर रूप से घायल होकर मौके पर गिर पड़ा। वारदात के बाद आरोपी वहां से फरार हो गए। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

जिला अस्पताल में तोड़ा दम

चाकूबाजी की सूचना मिलने पर मानिकपुर चौकी पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने घायल युवक को उपचार के लिए जिला अस्पताल भिजवाया। हालांकि, गंभीर चोटों और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

युवक की मौत के बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। घटना की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाया गया।

रातभर चली तलाश, तीन आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने आरोपियों की धरपकड़ के लिए रातभर कार्रवाई की। इस दौरान तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। वहीं, वारदात में शामिल एक अन्य आरोपी अब भी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।

पुलिस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है, ताकि घटना के पीछे की वजह और सभी आरोपियों की भूमिका स्पष्ट हो सके।

वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनास्थल का किया निरीक्षण

घटना की जानकारी मिलने के बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले, नगर पुलिस अधीक्षक प्रतीक चतुर्वेदी, कोतवाली थाना प्रभारी प्रेमचंद साहू और मानिकपुर चौकी प्रभारी परमेश्वर राठौर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।

अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए। फिलहाल पुलिस फरार आरोपी की तलाश में जुटी है।

दुष्कर्म के आरोपी को अस्पताल में VIP सुविधा? स्पेशल वार्ड में मोबाइल चलाते मिला, आरक्षकों की ड्यूटी पर उठे सवाल

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 कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा में दुष्कर्म के एक मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। शादी का झांसा देकर एक विधवा महिला का कथित तौर पर दैहिक शोषण करने के आरोपी पवन महतो को मेडिकल कॉलेज अस्पताल के स्पेशल वार्ड में भर्ती कराया गया है। आरोप है कि अस्पताल में वह मोबाइल फोन पर बात करता और गुटखा खाता नजर आया। आरोपी की निगरानी के लिए दो आरक्षकों की ड्यूटी लगाए जाने के बावजूद अस्पताल में उसे मिल रही सुविधाओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं।


शादी का झांसा देकर शोषण करने का आरोप

मामला कोरबा के सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है। आरोपी पवन महतो के अडानी पावर प्लांट में कार्यरत होने की जानकारी सामने आई है। उस पर एक विधवा महिला को शादी का भरोसा देकर लगातार दैहिक शोषण करने का आरोप है। इस मामले में 8 अक्टूबर को एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को पकड़ा।

तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल में कराया भर्ती

जानकारी के मुताबिक, मेडिकल परीक्षण (एमएलसी) के दौरान तबीयत खराब होने की बात सामने आने पर आरोपी को मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया। आरोप है कि उसे सामान्य वार्ड के बजाय स्पेशल वार्ड में रखा गया है। अस्पताल में उसके मोबाइल इस्तेमाल करने और गुटखा खाने की बात भी सामने आई है।

इस घटनाक्रम के बाद आरोपी की निगरानी और पुलिस अभिरक्षा की व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। आरोपी की सुरक्षा और निगरानी के लिए दो आरक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। इसके बावजूद अस्पताल में उसे मिल रही कथित सुविधाओं को लेकर पुलिस की व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

CSP बोले- आरोपी तकनीकी रूप से गिरफ्तार नहीं था

मामले में सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने बताया कि आरोपी तकनीकी रूप से गिरफ्तार नहीं था। उसके भागने की आशंका को देखते हुए पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई थी। तबीयत खराब होने के कारण उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डिस्चार्ज होने के बाद उसके खिलाफ नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

सीएसपी ने यह भी कहा कि ड्यूटी पर तैनात आरक्षकों की ओर से किसी तरह की लापरवाही सामने आने पर एसपी स्तर से जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल, अस्पताल में आरोपी को उपलब्ध कराई गई सुविधाओं और पुलिसकर्मियों की निगरानी व्यवस्था को लेकर मामला चर्चा में है। पुलिस की ओर से जांच और आगे की वैधानिक कार्रवाई के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट होगी।

52 हाथियों के दल से दहशत, बच्चों की छुट्टी; रातभर जागकर घरों की रखवाली कर रहे ग्रामीण

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 कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के कटघोरा वन मंडल के पसान क्षेत्र में 52 हाथियों के दल की मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। तेलियामार गांव के आसपास विचरण कर रहे हाथियों के कारण लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो गई है। हालात ऐसे हैं कि ग्रामीणों को अपने घर और खेतों की सुरक्षा के लिए रातभर जागकर पहरा देना पड़ रहा है। हाथियों के बढ़ते खतरे को देखते हुए दीपक मिशन स्कूल प्रबंधन ने हॉस्टल में रहने वाले बच्चों को छुट्टी देकर घर भेज दिया है।


हॉस्टल की दीवार तोड़कर घुसे थे हाथी

ग्रामीणों के मुताबिक, तीन दिन पहले हाथियों के झुंड ने दीपक मिशन स्कूल के हॉस्टल में घुसकर दीवार तोड़ दी थी। इसके अलावा हाथियों ने बगीचे को नुकसान पहुंचाया और एक किसान के मकान को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। लगातार बढ़ते खतरे को देखते हुए स्कूल प्रबंधन ने बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उन्हें घर भेजने का फैसला लिया।

बताया जा रहा है कि हाथियों के इस दल में शामिल एक दंतैल हाथी अलग घूम रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, यह हाथी क्षेत्र में सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा रहा है। इसकी गतिविधियों को लेकर लोगों में विशेष डर बना हुआ है।

हाथियों के डर से रातभर जाग रहे ग्रामीण

तेलियामार और आसपास के गांवों में हाथियों की आवाजाही ने ग्रामीणों की नींद उड़ा दी है। लोग अपने घरों और फसलों को बचाने के लिए रातभर निगरानी कर रहे हैं। हाथियों की आहट मिलते ही ग्रामीण सुरक्षित स्थानों की ओर जाने की तैयारी में जुट जाते हैं।

डर का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ग्रामीण खेलन सिंह ने हाथियों से बचने के लिए अपनी खाट घर की छानी के ऊपर रख दी है, ताकि खतरा महसूस होने पर ऊंचे स्थान पर जाकर जान बचा सकें। गांव में लोग हर समय इस आशंका में रहते हैं कि कहीं हाथियों का दल उनके घरों या खेतों की ओर न पहुंच जाए।

ग्रामीणों ने थाने में लगाई सुरक्षा की गुहार

हाथियों से सुरक्षा और नुकसान की समस्या को लेकर रविवार को ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने पसान थाने में बैठक कर अपनी परेशानी रखी। इस दौरान प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और हाथियों की गतिविधियों की समय पर जानकारी देने की मांग की गई।

पसान थाना प्रभारी ने ग्रामीणों को सतर्क रहने की समझाइश देते हुए हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की। उन्होंने लोगों को हाथियों के करीब नहीं जाने और बच्चों को अकेले बाहर नहीं छोड़ने की सलाह दी।

वन विभाग की टीम कर रही निगरानी

वन विभाग की टीम हाथियों के झुंड की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रही है। प्रभावित क्षेत्र और आसपास के गांवों में मुनादी कराकर लोगों को सतर्क किया जा रहा है। ग्रामीणों को हाथियों के पास जाने से रोकने के लिए भी आवश्यक समझाइश दी जा रही है।

विभाग के अनुसार, हाथियों के कारण किसानों की फसल और मकानों को हुए नुकसान का सर्वे कराया जाएगा। इसके बाद नियमानुसार मुआवजे की कार्रवाई की जाएगी।

निगरानी बढ़ाने की मांग

लगातार हाथियों की मौजूदगी से परेशान ग्रामीणों ने वन विभाग से निगरानी बढ़ाने, समय पर सूचना देने और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है। फिलहाल क्षेत्र में लोगों के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपनी जान, घर और फसलों की सुरक्षा करना है। अब देखना होगा कि हाथियों की आवाजाही पर नियंत्रण और प्रभावित ग्रामीणों को राहत देने के लिए विभाग की ओर से आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।

छत्तीसगढ़ में हाथियों का तांडव! कोरबा में 53 हाथियों ने तोड़ी स्कूल की बाउंड्री, धान की फसल बर्बाद; जशपुर में अस्पताल और चर्च परिसर तक पहुंचा दंतैल

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छत्तीसगढ़ में मानव-हाथी संघर्ष की घटनाएं लगातार चिंता बढ़ा रही हैं। कोरबा और जशपुर जिले में जंगली हाथियों की आवाजाही से ग्रामीणों और रिहायशी इलाकों में रहने वाले लोगों के बीच दहशत का माहौल है। कोरबा में 53 हाथियों के बड़े झुंड ने स्कूल के हॉस्टल की बाउंड्रीवाल तोड़ दी और खेतों में खड़ी धान की फसल को नुकसान पहुंचाया। वहीं, जशपुर जिले के कुनकुरी में झुंड से अलग हुआ एक दंतैल हाथी अस्पताल, कॉलेज और चर्च परिसर तक पहुंच गया। वन विभाग की टीमें दोनों क्षेत्रों में हाथियों की गतिविधियों पर नजर रख रही हैं। 

कोरबा: 53 हाथियों के झुंड ने मचाया उत्पात

कोरबा जिले के कटघोरा वन मंडल के अंतर्गत पसान वन परिक्षेत्र के तेलियामार गांव में हाथियों के बड़े झुंड की मौजूदगी से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। समाचार रिपोर्टों के मुताबिक, हाथियों का झुंड गांव के पास स्थित दीपक मिशन स्कूल के हॉस्टल परिसर तक पहुंच गया और वहां की बाउंड्रीवाल तोड़ दी।

हॉस्टल में करीब 160 बच्चे रह रहे थे। हाथियों की चिंघाड़ और दीवार टूटने की आवाज से बच्चों में भय और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हाथियों ने हॉस्टल परिसर के बगीचे को भी नुकसान पहुंचाया। राहत की बात यह रही कि उपलब्ध रिपोर्टों में हॉस्टल भवन के भीतर बच्चों पर हाथियों के हमले की पुष्टि नहीं है।

किसानों की धान की फसल को नुकसान

तेलियामार गांव के आसपास हाथियों के झुंड ने खेतों में खड़ी धान की फसल को रौंद दिया। रिपोर्टों के अनुसार, एक किसान के मकान को भी नुकसान पहुंचा है।

धान की फसल तैयार होने के समय हाथियों का खेतों तक पहुंचना किसानों के लिए बड़ी चिंता का विषय है। फसल को हुए नुकसान से उनकी मेहनत और आमदनी प्रभावित हो सकती है। प्रभावित किसानों को नुकसान का आकलन कराने के लिए वन विभाग और संबंधित अधिकारियों से संपर्क करना चाहिए।

जशपुर के कुनकुरी में दंतैल हाथी की दस्तक

दूसरी घटना जशपुर जिले के कुनकुरी क्षेत्र की है। यहां झुंड से अलग हुआ एक दंतैल हाथी रिहायशी इलाके में पहुंच गया। समाचार रिपोर्टों के अनुसार, हाथी होली क्रॉस अस्पताल परिसर में घुसा और बाउंड्रीवाल को नुकसान पहुंचाया। इसके अलावा कॉलेज और चर्च परिसर तक भी उसकी आवाजाही की खबर सामने आई।

हाथी के आबादी वाले क्षेत्र में पहुंचने से स्थानीय लोगों में भय का माहौल बन गया। वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और हाथी की गतिविधियों पर निगरानी शुरू की। अधिकारियों ने लोगों से हाथी के पास जाने, उसे उकसाने और वीडियो बनाने के लिए नजदीक पहुंचने से बचने की अपील की है। 

वन विभाग की निगरानी, आसपास के गांवों में सतर्कता

कोरबा क्षेत्र में हाथियों की गतिविधियों को देखते हुए वन विभाग की टीमों की तैनाती और निगरानी बढ़ाए जाने की जानकारी सामने आई है। रिपोर्टों के अनुसार, आसपास के लगभग 10 गांवों में मुनादी कराकर ग्रामीणों को सतर्क किया गया है। हाथियों की मौजूदगी की सूचना लोगों तक पहुंचाने के लिए स्थानीय स्तर पर अलर्ट व्यवस्था भी इस्तेमाल की जा रही है। 

वन विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि हाथियों को सुरक्षित रूप से जंगल की ओर जाने दिया जाए और इस दौरान ग्रामीणों, बच्चों, किसानों तथा स्वयं वन्यजीवों को किसी तरह का नुकसान न हो।

ग्रामीणों के लिए जरूरी सावधानियां

  • हाथियों की मौजूदगी की सूचना मिलने पर खेतों और जंगल के रास्तों पर जाने से बचें।

  • हाथियों को देखने के लिए भीड़ न लगाएं और उनके पास जाकर फोटो या वीडियो न बनाएं।

  • हाथियों को भगाने के लिए पटाखे, आग या शोर का इस्तेमाल न करें।

  • रात के समय अकेले खेतों या जंगल से लगे रास्तों पर जाने से बचें।

  • बच्चों को हाथियों के संभावित रास्तों और प्रभावित क्षेत्रों से दूर रखें।

  • हाथियों की सूचना मिलने पर स्थानीय वन विभाग या वनकर्मियों को तुरंत सूचित करें।

 बड़ा सवाल: जंगल से आबादी की ओर क्यों आ रहे हैं हाथी?

धान की फसल पकने के समय खेत हाथियों को आकर्षित कर सकते हैं। जंगल और गांवों के बीच हाथियों के पारंपरिक आवागमन मार्गों पर मानवीय गतिविधियां बढ़ने से भी टकराव की आशंका रहती है। हालांकि, इन दोनों घटनाओं के पीछे का सटीक कारण निर्धारित करने के लिए वन विभाग के विस्तृत आकलन की जरूरत होगी।

निष्कर्ष: कोरबा में 53 हाथियों के झुंड द्वारा स्कूल की बाउंड्री और फसलों को नुकसान पहुंचाने तथा जशपुर के कुनकुरी में दंतैल हाथी के रिहायशी परिसरों तक पहुंचने की घटनाएं मानव-हाथी संघर्ष की गंभीरता को दिखाती हैं। ऐसे में समय पर चेतावनी, सुरक्षित दूरी और वन विभाग के साथ समन्वय बेहद जरूरी है।


CG NEWS : कमेंट को लेकर विवाद, किन्नर समाज और पिता-पुत्र में मारपीट-चाकूबाजी

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 कोरबा। जिले के दीपका में कमेंट को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते मारपीट और चाकूबाजी में बदल गया। दीपका चौक पर किन्नर समाज के कुछ लोगों और पिता-पुत्र के बीच जमकर विवाद हुआ। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच मारपीट के साथ चाकू और डंडे से हमला किए जाने की बात सामने आई है। घटना में कुछ लोगों के घायल होने की जानकारी है।


घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। इस दौरान वहां मौजूद लोगों ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया, जो अब सामने आया है।

बधाई मांगने के दौरान हुआ विवाद

मामला दीपका थाना क्षेत्र के दीपका चौक का है। जानकारी के अनुसार, किन्नर समाज के कुछ लोग ढोलक बजाते हुए दुकानों में बधाई मांगने पहुंचे थे। इसी दौरान चौक स्थित संजय पान पैलेस के पास किसी कमेंट को लेकर वहां मौजूद लोगों से उनकी कहासुनी हो गई।

शुरुआत में दोनों पक्षों के बीच बहस हुई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और दोनों पक्षों के बीच हाथापाई शुरू हो गई।

मारपीट के दौरान चाकू और डंडे से हमला

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विवाद के दौरान दोनों पक्षों में मारपीट हुई। इसी दौरान चाकू और डंडे से हमला किए जाने की बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि पंकज सिंह पर चाकू और डंडे से हमला किया गया, जिससे वह घायल हो गया।

घटना की जानकारी मिलने के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई।

पिता से मारपीट की सूचना पर पहुंचा बेटा

बताया गया कि पिता पंकज सिंह के साथ मारपीट की जानकारी मिलने के बाद उनका बेटा प्रतीक सिंह मौके पर पहुंचा। इसके बाद उसके साथ भी मारपीट किए जाने की बात सामने आई है। घटना के चलते दीपका चौक पर कुछ समय के लिए तनाव और अफरा-तफरी का माहौल रहा।

घटना का वीडियो सामने आया

घटना के दौरान मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने मोबाइल से वीडियो बना लिया। वीडियो में दोनों पक्षों के बीच विवाद और मारपीट का घटनाक्रम दिखाई दे रहा है। हालांकि, वीडियो में दिखाई दे रहे घटनाक्रम और दोनों पक्षों की ओर से लगाए गए आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।

पुलिस कर रही मामले की जांच

घटना की सूचना मिलने के बाद दीपका पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। विवाद की शुरुआत किस बात को लेकर हुई, पहले हमला किस ओर से किया गया और चाकूबाजी में कितने लोग घायल हुए, पुलिस इन सभी बिंदुओं की जांच कर रही है।

पुलिस दोनों पक्षों से पूछताछ के साथ ही सामने आए वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की पड़ताल कर रही है।

धान के खेत से आ रही थी रोने की आवाज… पास जाकर देखा तो दंग रह गए ग्रामीण

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 कोरबा। जिले के बांकीमोंगरा थाना क्षेत्र के ग्राम जवाली-अभयपुर के पास धान के खेत में एक नवजात बच्ची मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। खेत में बच्ची के रोने की आवाज सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। इसके बाद नवजात को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।


धान की फसल के बीच पड़ी मिली बच्ची

जानकारी के अनुसार, नवजात बच्ची धान की फसल के बीच पड़ी हुई मिली थी। देर रात घटना की सूचना बांकीमोंगरा पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी सत्यम साहू ने बच्ची को तत्काल अस्पताल पहुंचाने के निर्देश दिए। इसके बाद ग्रामीणों की मदद से नवजात को कटघोरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) लाया गया।

घटना की जानकारी मिलने पर बांकीमोंगरा पुलिस के प्रधान आरक्षक भी अस्पताल पहुंचे और मामले में आवश्यक वैधानिक कार्रवाई शुरू की।

बच्ची की हालत स्थिर, जिला अस्पताल किया रेफर

कटघोरा बीएमओ डॉ. रश्मि सिंह के अनुसार, नवजात बच्ची को सुबह करीब 4:10 बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया था। प्राथमिक उपचार के बाद बच्ची की स्थिति स्थिर बताई गई। हालांकि, उसकी सांसें कुछ तेज चल रही थीं।

बीएमओ ने बताया कि अस्पताल में बच्ची के उपचार की व्यवस्था की गई, लेकिन बच्ची के अज्ञात और लावारिस होने के कारण बेहतर देखभाल तथा नियमानुसार कानूनी प्रक्रिया के लिए उसे जिला अस्पताल कोरबा रेफर किया जा रहा है। चिकित्सकों की निगरानी में बच्ची का उपचार जारी है।

बच्ची को खेत में किसने छोड़ा, जांच जारी

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि नवजात बच्ची को खेत में किसने और किन परिस्थितियों में छोड़ा। आसपास के लोगों से पूछताछ के साथ अन्य संभावित सुरागों की भी जांच की जा रही है।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, बांकीमोंगरा क्षेत्र में नवजात मिलने की यह तीसरी घटना है। इससे पहले ग्राम कसरेंगा में नवजात बालक मिलने और बांकीमोंगरा के मनोरंजन मंदिर के पास नाली किनारे भ्रूण मिलने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। अब जवाली-अभयपुर के धान के खेत में नवजात बच्ची मिलने से क्षेत्र में चिंता का माहौल है।

रेलवे स्टेशन पर गर्भवती महिला से पति ने की मारपीट, वीडियो वायरल होने के बाद RPF ने शुरू की जांच

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 कोरबा। कोरबा रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर एक गर्भवती महिला के साथ उसके पति द्वारा कथित तौर पर मारपीट किए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। वीडियो में एक व्यक्ति महिला के साथ मारपीट करता दिखाई दे रहा है। घटना के दौरान ड्यूटी पर मौजूद रेलवे कर्मचारी ने हस्तक्षेप कर महिला को सुरक्षित वहां से हटाया।


वीडियो सामने आने के बाद रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है।

विवाद के बाद मारपीट का आरोप

जानकारी के अनुसार, महिला और उसका पति रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर बैठे थे। इसी दौरान दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। आरोप है कि विवाद बढ़ने के बाद पति ने अपनी गर्भवती पत्नी के साथ मारपीट शुरू कर दी।

वायरल वीडियो में महिला खुद को बचाने का प्रयास करती दिखाई दे रही है। घटना के दौरान आसपास मौजूद यात्रियों का ध्यान भी इस ओर गया।

रेलवे कर्मचारी ने किया बीच-बचाव

मारपीट होते देख ड्यूटी पर तैनात रेलवे कर्मचारी ने तत्काल हस्तक्षेप किया और महिला को उसके पति से अलग कराया। इसके बाद मौके पर मौजूद अन्य यात्रियों ने भी स्थिति को संभालने का प्रयास किया।

घटना का वीडियो स्टेशन पर मौजूद एक यात्री ने अपने मोबाइल फोन से रिकॉर्ड किया था। बाद में यही वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

RPF ने शुरू की जांच

वीडियो वायरल होने के बाद RPF ने मामले को संज्ञान में लिया है। अधिकारियों के अनुसार, वायरल वीडियो के आधार पर घटना की जांच की जा रही है। RPF स्टेशन पर मौजूद कर्मचारियों और प्रत्यक्षदर्शियों से जानकारी जुटा रही है।

फिलहाल महिला और उसके पति की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है। विवाद की वास्तविक वजह और मारपीट की पूरी परिस्थितियां जांच के बाद स्पष्ट होंगी। RPF का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

पत्थर से सिर कुचलकर महिला की हत्या, पड़ोसी गिरफ्तार

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 कोरबा। पसान थाना क्षेत्र के ग्राम लोकहड़ा में महिला की पत्थर से सिर कुचलकर हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने मामले में मृतका के पड़ोसी सहस राम मिंज (38) को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। पुलिस के अनुसार, महिला द्वारा आरोपी की पत्नी और छोटे भाई की पत्नी को शराब पिलाने की बात से नाराज होकर उसने वारदात को अंजाम दिया।


खेत के पास मिला था महिला का शव

घटना 23 सितंबर की है। ग्राम लैंगा के पास लोकहड़ा गांव में 24 वर्षीय सुखमनिया एक्का का शव खेत के पास संदिग्ध अवस्था में मिला था। उसके सिर पर पत्थर से वार के निशान थे। सूचना मिलने पर पसान थाना प्रभारी निरीक्षक सुरेंद्र यादव पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। कटघोरा एसडीओपी विजय सिंह राजपूत ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया।

मामले की जांच के लिए फोरेंसिक, साइबर और डॉग स्क्वॉड की टीम को लगाया गया। पुलिस ने घटनास्थल से खून से सना पत्थर सहित अन्य साक्ष्य जुटाए।

‘बाघा’ ने पहुंचाया आरोपी के घर

लोकहड़ा वनांचल क्षेत्र में स्थित होने के कारण यहां तकनीकी और संचार सुविधाएं सीमित हैं। ऐसे में पुलिस ने डॉग स्क्वॉड की मदद ली। डॉग ‘बाघा’ ने घटनास्थल से सुराग लेने के बाद करीब आधा किलोमीटर दूर एक घर तक पुलिस को पहुंचाया।

घर में रहने वाले सहस राम मिंज को पुलिस ने संदेह के आधार पर हिरासत में लिया और पूछताछ शुरू की। पुलिस के मुताबिक, शुरुआत में आरोपी ने पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया, लेकिन पूछताछ में उसने हत्या की बात स्वीकार कर ली।

पत्नी और भाभी को शराब पिलाने से था नाराज

पुलिस के अनुसार, आरोपी सहस राम मिंज पिता प्रेम सिंह, निवासी लोकहड़ा उरांवपारा ने पूछताछ में बताया कि मृतका सुखमनिया एक्का उसकी पत्नी की सहेली थी। दोनों के घर करीब 50 मीटर की दूरी पर थे।

आरोपी के मुताबिक, सुखमनिया उसकी पत्नी और छोटे भाई की पत्नी को शराब पिलाती थी। उसने कई बार मृतका को ऐसा करने से मना किया था, जिससे वह नाराज था।

सुनसान जगह पर किया हमला

पुलिस के अनुसार, 22 सितंबर की शाम आरोपी बकरी चराकर घर लौटा तो उसने अपनी पत्नी, भाभी और सुखमनिया को शराब के नशे में देखा। इस पर उसने सुखमनिया को घर से चले जाने के लिए कहा।

पुलिस का दावा है कि इसके बाद जब सुखमनिया अपने चाचा के घर जाने लगी तो आरोपी ने उसका पीछा किया। मुडहीकुवां खेत के पास सुनसान स्थान पर उसने पत्थर से हमला कर दिया, जिससे महिला की मौत हो गई।

मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। कार्रवाई एसपी सिद्धार्थ तिवारी, एएसपी नीतिश ठाकुर और एसडीओपी विजय सिंह राजपूत के मार्गदर्शन में की गई।

CG NEWS : तीन सहेलियों की दर्दनाक मौत: तालाब में नहाने गई थीं, पानी में डूब गईं

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 कोरबा। जिले के पाली थाना क्षेत्र में तालाब में डूबने से तीन मासूम बच्चियों की मौत हो गई। तीनों बच्चियां आपस में सहेलियां थीं और दोपहर में नहाने के लिए तालाब गई थीं। काफी देर तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। तालाब किनारे बच्चियों के कपड़े और चप्पल मिलने के बाद ग्रामीणों ने पानी में खोजबीन की, जिसमें तीनों के शव बरामद किए गए।


मृतकों की पहचान इंदु (7), राखी (8) और साधना (8) के रूप में हुई है। तीनों एक ही बस्ती की रहने वाली थीं। घटना की सूचना मिलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई।

स्कूल नहीं गई थीं बच्चियां

जानकारी के अनुसार, घटना के दिन तीनों बच्चियां स्कूल नहीं गई थीं और घर पर थीं। उनके परिजन काम के सिलसिले में बाहर गए हुए थे। इसी दौरान तीनों सहेलियां तालाब में नहाने के लिए निकल गईं। काफी देर तक वापस नहीं आने पर परिजनों ने ग्रामीणों के साथ उनकी तलाश शुरू की।

तालाब किनारे मिले कपड़े और चप्पल

तलाश के दौरान ग्रामीण जब तालाब पहुंचे तो वहां बच्चियों के कपड़े और चप्पल पड़े मिले। इसके बाद तालाब में खोजबीन शुरू की गई। इसी दौरान एक बच्ची का शव पानी में दिखाई दिया। ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी और अन्य दोनों बच्चियों की तलाश जारी रखी।

सूचना मिलते ही पाली थाना प्रभारी मनोज कौशिक पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस और ग्रामीणों ने तालाब में काफी देर तक खोजबीन की, जिसके बाद राखी और साधना के शव भी बरामद कर लिए गए।

डूबने से मौत की आशंका

प्रारंभिक जांच में तीनों बच्चियों की मौत पानी में डूबने से होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने शवों को बरामद कर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। घटना के कारणों और अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है।

थाना प्रभारी मनोज कौशिक ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी। तीनों बच्चियों के शव बरामद कर आवश्यक कार्रवाई की गई है। हादसे के बाद मृतक बच्चियों के परिवारों में मातम पसरा हुआ है।

CG NEWS : 19 हाथियों ने मचाई दहशत, जान बचाने बिजली टावर पर चढ़े कर्मचारी

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 कोरबा। जिले के बंजारी परिसर के जंगल में हाथियों के झुंड की मौजूदगी से दहशत का माहौल है। क्षेत्र में इन दिनों 19 हाथियों का दल विचरण कर रहा है। इनमें 18 हाथियों का झुंड और एक लोनर हाथी शामिल है। इसी बीच टावर लाइन के नीचे साफ-सफाई का काम करने पहुंचे कर्मचारियों के सामने अचानक हाथियों का दल आ गया। जान बचाने के लिए कर्मचारियों ने बिजली टावर के ढांचे पर चढ़कर खुद को सुरक्षित किया।


अचानक सामने आ गया हाथियों का झुंड

जानकारी के मुताबिक, ग्राम बंजारी में टावर लाइन के नीचे साफ-सफाई का काम करने के लिए कर्मचारी पहुंचे थे। इसी दौरान जंगल की ओर से अचानक हाथियों का दल वहां पहुंच गया और कर्मचारियों के काफी करीब आ गया। हाथियों को अपनी ओर बढ़ता देखकर कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई।

खतरे को भांपते हुए कर्मचारियों ने तत्काल बिजली टावर के ढांचे पर चढ़कर अपनी जान बचाई। बताया जा रहा है कि हाथियों का दल काफी देर तक टावर लाइन के नीचे ही विचरण करता रहा।

वन अमला और हाथी मित्र दल ने संभाला मोर्चा

घटना की सूचना मिलते ही बंजारी परिसर के परिसर रक्षक ऋषभ राठौर तथा हाथी मित्र दल के राजेश त्रिवेदी और अशोक बिंझवार मौके पर पहुंचे। वन अमले और हाथी मित्र दल ने हाथियों की गतिविधियों का जायजा लिया और स्थिति सामान्य होने के बाद कर्मचारियों को सावधानीपूर्वक टावर से नीचे उतारा।

इसके बाद सभी कर्मचारियों को सुरक्षित घटनास्थल से बाहर निकाला गया। राहत की बात रही कि घटना में किसी कर्मचारी के घायल होने की जानकारी नहीं है।

19 हाथियों की मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत

बंजारी क्षेत्र में 19 हाथियों के विचरण को देखते हुए वन विभाग उनकी गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए है। हाथियों की मौजूदगी से आसपास के ग्रामीणों और जंगल क्षेत्र में काम करने वाले लोगों में भी दहशत का माहौल है।

वन विभाग ने लोगों से हाथियों की मौजूदगी वाले क्षेत्रों में जाने से बचने की अपील की है। साथ ही हाथियों के करीब नहीं जाने, उन्हें छेड़ने या उनका रास्ता रोकने से बचने की सलाह दी गई है। विभाग का कहना है कि सावधानी बरतकर ही किसी अप्रिय घटना को रोका जा सकता है।

वीडियो वायरल होते ही पुलिस का एक्शन, महिला ने मांगी माफी; बोली- मनोरंजन के लिए बनाया था

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 कोरबा। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले में कार्रवाई की है। कोरबा सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने बताया कि वीडियो वायरल होने की जानकारी मिलते ही पुलिस ने धारा 126 और 135(3) बीएनएसएस के तहत कार्रवाई की।


पुलिस कार्रवाई के बाद संबंधित महिला ने वीडियो जारी कर अपने कृत्य के लिए माफी मांगी। महिला ने सफाई देते हुए कहा कि उसने वीडियो किसी गलत उद्देश्य से नहीं, बल्कि केवल मनोरंजन के लिए बनाया था।

पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए वायरल वीडियो के आधार पर कार्रवाई की है। मामले में आगे की जांच की जा रही है।

थाना परिसर में बनाई Reel, सोशल मीडिया पर हुई वायरल

बताया गया कि युवती करीब एक सप्ताह पहले किसी मामले में शिकायत करने के लिए कोतवाली पहुंची थी। हालांकि उसने शिकायत दर्ज नहीं कराई। इसी दौरान उसने थाना परिसर में वीडियो बनाया और बाद में उसे Instagram Reel के तौर पर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया।


वीडियो में थाना परिसर का बैकग्राउंड और ‘आज जेल होई, कल बेल होई…’ गाना नजर आने के बाद यह सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद लोगों के बीच इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।


CG NEWS :रील देखते-देखते इंटरनेट हुआ बंद, गुस्से में महिला ने पी लिया कीटनाशक

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 कोरबा। जिले के करतला थाना क्षेत्र के केराकछार गांव में एक महिला द्वारा कीटनाशक का सेवन करने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि मोबाइल में रील देखते समय इंटरनेट नहीं चलने से महिला नाराज हो गई थी। इसके बाद उसने मोबाइल पटक दिया और खुद को कमरे में बंद कर कीटनाशक का सेवन कर लिया। गंभीर हालत में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।


मोबाइल पटकने के बाद खुद को कमरे में किया बंद

जानकारी के अनुसार केराकछार निवासी मंगलो बाई मोबाइल पर रील देख रही थी। इसी दौरान इंटरनेट नहीं चलने पर वह नाराज हो गई। बताया जा रहा है कि गुस्से में उसने मोबाइल पटक दिया और कमरे में जाकर खुद को बंद कर लिया। कुछ देर बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी और वह उल्टियां करने लगी। परिजनों को कीटनाशक की तेज गंध आने पर घटना की जानकारी हुई।

परिजन तत्काल महिला को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) करतला लेकर पहुंचे। महिला की गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल कोरबा रेफर कर दिया। यहां उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया।

पहले से बीमारी से परेशान थी महिला

परिजनों के मुताबिक मंगलो बाई पहले से हाथ-पैर में सूजन की समस्या से परेशान थी। कई बार इलाज कराने के बावजूद उसे राहत नहीं मिली थी। बीमारी को लेकर वह मानसिक रूप से भी परेशान रहती थी।

मनोवैज्ञानिक ने मोबाइल की लत को लेकर दी सलाह

मनोवैज्ञानिक चिकित्सक डॉ. अंकित गुप्ता के अनुसार, अत्यधिक मोबाइल इस्तेमाल और लगातार स्क्रीन पर निर्भर रहने से व्यक्ति के व्यवहार और गुस्से पर असर पड़ सकता है। उन्होंने बताया कि इंटरमिटेंट एक्सप्लोसिव डिसऑर्डर (IED) जैसी स्थिति में व्यक्ति को अचानक और अत्यधिक गुस्सा आ सकता है, जिसके दौरान वह खुद या दूसरों को नुकसान पहुंचा सकता है।

डॉक्टर ने युवाओं और परिवारों को मोबाइल के अत्यधिक इस्तेमाल से बचने, स्क्रीन टाइम सीमित रखने और परिवार के सदस्यों के साथ पर्याप्त समय बिताने की सलाह दी है।

CG NEWS : बहू पर प्रताड़ना का आरोप लगाकर महिला ने की आत्महत्या, दीवार पर लिखा कथित सुसाइड नोट

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 कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा में एक महिला की आत्महत्या का मामला सामने आया है। महिला ने कथित तौर पर पारिवारिक विवाद के बाद फांसी लगाकर जान दे दी। घटना से पहले महिला द्वारा अपनी बहनों को वीडियो भेजे जाने की बात सामने आई है। वहीं, घर की दीवार पर एक कथित सुसाइड नोट भी लिखा मिला है, जिसमें उसने अपनी बहू को मौत के लिए जिम्मेदार बताया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।


यह मामला कोतवाली थाना क्षेत्र के लक्ष्मणबंध बस्ती का है। मृतका की पहचान लक्ष्मी मानिकपुरी (40) के रूप में हुई है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, घटना से पहले महिला का अपने पति, बेटे और बहू के साथ विवाद हुआ था। इसके बाद उसने अपनी बहनों को एक वीडियो भेजा था। परिजनों के मुताबिक, वीडियो में महिला ने पारिवारिक विवाद से जुड़ी कुछ बातें कही थीं।

दीवार पर मिला कथित सुसाइड नोट

परिजनों के अनुसार, महिला ने घर की दीवार पर कथित तौर पर एक सुसाइड नोट लिखा था। इसमें उसने अपनी बहू पूर्णिमा महंत को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार बताया है। हालांकि, पुलिस ने अभी इस लिखावट और उसमें लगाए गए आरोपों की पुष्टि नहीं की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है।

हैंडराइटिंग एक्सपर्ट से होगी जांच

कोरबा सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने बताया कि दीवार पर मिली लिखावट की जांच हैंडराइटिंग एक्सपर्ट से कराई जाएगी। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का भी इंतजार कर रही है। इसके अलावा वीडियो और घटनास्थल से मिले अन्य साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।

पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने और सभी साक्ष्यों के आधार पर ही आत्महत्या के पीछे की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल मामले की जांच जारी है।

CG NEWS : रेलवे स्टेशन परिसर से मोटरसाइकिल पार, सीसीटीवी में कैद हुई चोरी की वारदात

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 कोरबा। औद्योगिक नगरी कोरबा के रेलवे स्टेशन परिसर से एक मोटरसाइकिल चोरी होने का मामला सामने आया है। चोरी की यह पूरी वारदात स्टेशन में लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरे में कैद हो गई है, जिसमें एक अज्ञात संदिग्ध व्यक्ति बाइक लेकर रफूचक्कर होता दिखाई दे रहा है।


सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस

जानकारी के अनुसार, वाहन मालिक को जैसे ही बाइक गायब होने का पता चला, उन्होंने तत्काल कोतवाली थाना पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात चोर के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस स्टेशन परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की बारीकी से जांच कर रही है, ताकि संदिग्ध की पहचान की जा सके।

आसपास के इलाकों में घेराबंदी

पुलिस की टीम रेलवे स्टेशन से बाहर जाने वाले सभी रास्तों और आसपास के क्षेत्रों में भी बाइक व संदिग्ध की पतासाजी में जुटी है। पुलिस यह सुराग लगाने का प्रयास कर रही है कि शातिर चोर वारदात को अंजाम देने के बाद किस दिशा की ओर भागा है।

वाहन चालकों में बढ़ी चिंता

सुरक्षित माने जाने वाले रेलवे स्टेशन परिसर से दिनदहाड़े/अचानक वाहन चोरी की घटना से वहां गाड़ी पार्क करने वाले आम यात्रियों और स्थानीय लोगों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। कोतवाली पुलिस का कहना है कि फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान लगभग की जा रही है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर चोरी की मोटरसाइकिल बरामद कर ली जाएगी।

अलर्ट: कभी भी खुल सकते हैं मिनीमाता बांगो बांध के गेट, नदी किनारे के गांव और उद्योग रहें सावधान

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 कोरबा : लगातार हो रही बारिश के कारण मिनीमाता बांगो जलाशय का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। बांध में जलभराव 89.55% तक पहुंच चुका है। पानी की आवक को देखते हुए हसदेव नदी में कभी भी पानी छोड़ने के लिए गेट खोले जा सकते हैं।


जल संसाधन विभाग की अपील और चेतावनी:

निचले इलाकों से संपत्ति हटाएं: हसदेव नदी के तटीय और बाढ़ संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोग, खनिज खदान ठेकेदार और औद्योगिक इकाइयां अपनी चल-अचल संपत्तियों व उपकरणों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दें।

विभाग नहीं होगा जिम्मेदार: कार्यपालन अभियंता एस.के. भारती के अनुसार, अचानक आने वाली बाढ़ से होने वाले किसी भी नुकसान के लिए जल संसाधन विभाग जिम्मेदार नहीं होगा।

मुनादी के निर्देश: बाढ़ प्रभावित संभावित गांवों में मुनादी (ढोल बजाकर चेतावनी) कराने के निर्देश दे दिए गए हैं।

 प्रभावित होने वाले प्रमुख गांव:

बांगो, चर्रा, पोड़ी उपरोड़ा, कोनकोना, लेपरा, टुनियाकछार, पाथा, गाड़ाघाट, छिनमेर, कछार, कलमीपारा, सिलियारीपारा, जूनापारा, तिलाईडांड, डुगुपारा, टुंगुमांडा, छिर्रापारा, मछलीबाटा, कोरियाघाट, धनगांव, डोंगाघाट, नरमदा, औराकछार, सोनगुड़ा, जेलगांव, झाबू, नवागांव, तिलसाभाटा, लोतलोता, स्याहीमुड़ी, कोडा, हथमार, झोरा और सिरकीकला आदि।

चलती ट्रेन की खिड़की पर फंदे से लटका मिला यात्री का शव, हड़कंप

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 बीना। पुष्पक एक्सप्रेस के जनरल कोच के शौचालय की खिड़की पर गुरुवार देर रात एक यात्री का शव फंदे से लटका मिलने से हड़कंप मच गया। ट्रेन के बीना रेलवे जंक्शन पहुंचते ही जीआरपी ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भेज दिया है। मृतक की पहचान छत्तीसगढ़ के कोरबा निवासी के रूप में हुई है।


बीना जंक्शन पर रोकी गई ट्रेन

जानकारी के अनुसार, ट्रेन संख्या 12534 पुष्पक एक्सप्रेस गुरुवार रात लगभग 10 बजे भोपाल से रवाना हुई थी। ट्रेन का अगला ठहराव ललितपुर था। देर रात करीब 12 बजे ट्रेन के गार्ड की नजर जनरल कोच के शौचालय की खिड़की पर पड़ी, जहां एक यात्री फंदे से लटकता दिखाई दिया। गार्ड ने तुरंत इसकी सूचना रेलवे कंट्रोल रूम को दी, जिसके बाद ट्रेन को बीना रेलवे जंक्शन पर आपातकालीन स्थिति में रोका गया।

पुलिस जांच में जुटी

स्टेशन पर मौजूद जीआरपी टीम ने शव को खिड़की से नीचे उतारा और पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा। जीआरपी पुलिस परिजनों को सूचना देने के साथ ही मामले की जांच में जुट गई है।

जांच जारी: पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि यात्री ट्रेन में कहां से सवार हुआ था। मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगा।

कोरबा में खनन माफिया पर प्रशासन का बड़ा प्रहार, 14 वाहन और मशीनें जब्त

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कोरबा-छत्तीसगढ़ में अवैध खनन के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कोरबा जिले में खनन माफिया पर शिकंजा कस दिया है। विशेष खनिज उड़नदस्ता (फ्लाइंग स्क्वॉड) की दो टीमों ने जिले के 15 संदिग्ध स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। इस दौरान अवैध खनन और परिवहन में इस्तेमाल किए जा रहे 14 वाहन और मशीनें जब्त की गईं।

अधिकारियों के अनुसार, यह अभियान अवैध रूप से खनिजों के उत्खनन और परिवहन को रोकने के लिए चलाया गया। कार्रवाई के दौरान कई स्थानों पर नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित वाहनों को कब्जे में लिया गया और आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध खनन करने वालों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा और राजस्व हानि रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। 

मुख्य बिंदु:

  • 15 संदिग्ध स्थानों पर छापेमारी

  • 14 वाहन और मशीनें जब्त

  • खनन माफिया के खिलाफ सख्त अभियान

  • कानूनी कार्रवाई शुरू

  • प्रशासन ने आगे भी कार्रवाई जारी रखने के संकेत दिए 


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