Media24Media.com: आरक्षण

Responsive Ad Slot


 

Showing posts with label आरक्षण. Show all posts
Showing posts with label आरक्षण. Show all posts

राजभवन द्वारा आरक्षण संबंधी विधेयक राज्य शासन को वापस नहीं किया गया है

No comments Document Thumbnail

रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा (अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अन्य पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण) संशोधन विधेयक 2022 सम्बधी फाइल, 

राजभवन द्वारा राज्य शासन को वापस नहीं की गयी है। इस सम्बध में कुछ समाचार चैनलों एवं वेब पोर्टल में जारी किया गया समाचार तथ्यहीन है।

राजधानी रायपुर में जनजाति समाज डीलिस्टिंग की मांग को लेकर सड़क पर उत्तरे

No comments Document Thumbnail

रायपुर . आदिवासी समुदाय के लोग रायपुर के वीआईपी रोड स्थित राम मंदिर के बाहर एकत्र हुए. पारंपरिक नाच, वाद्य यंत्रों और तीर कमान लेकर रायपुर पहुंचे. इन आदिवासियों की एक ही मांग है-धर्म बदल चुके आदिवासियों को आरक्षण देना बंद हो. इसको अनुसूचित जनजाति वर्ग कैटेगरी से बाहर किया जाए. आदिवासियों ने हाथों में तख्तियां के साथ इस पर लिखा लिखा था- डीलिस्टिंग कानून लागू करना होगा. "जो नहीं भोलेनाथ का, वह नहीं हमारी जात का"


जनजाति सुरक्षा मंच द्वारा आयोजित इस डीलिस्टिंग महारैली में जनजाति सुरक्षा मंच के द्वारा मांग है कि जिस प्रकार से आर्टिकल 341 में शेड्यूल कास्ट को परिभाषित किया गया कि दूसरे धर्म अपनाए जाने पर उसे एस.सी. कैटेगरी से बाहर करने का प्रावधान है. वही आर्टिकल 342 में अनुसूचित जनजाति को परिभाषित किया गया है | दूसरा धर्म अपनाने पर एसटी कैटेगरी से बाहर करने का प्रावधान नहीं है.

जनजाति सुरक्षा मंच बदलाव चाहता है

इस महारैली में महासमुंद जिला के जनजाति समाज से भी सौकड़ो सगा जन,अपने निजी वाहनों से इस महारैली साक्षी बनने के लिए उपस्थित हुए थे .जनजाति सुरक्षा मंच के संयोजक चंद्रशेखर नाग, सहसंयोजक चेतन ठाकुर, चंद्रशेखर ध्रुव ने बताया कि पिछले वर्ष मई माह में जिला स्तरीय डीलिस्टिंग कार्यक्रम को जिस प्रकार से सगा जनों का सहयोग मिला था. ठीक उसी प्रकार प्रांत स्तरीय महारैली में महासमुंद जिले के सगा जनों ने बढ़ चढ़कर भाग लिए.

आरक्षण पर CM बघेल राज्यपाल पर भड़के - बोले- राज्यपाल के पास इतना अधिकार नहीं कि युवाओं के जीवन को संकट में डाल दें

No comments Document Thumbnail

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि गैर भाजपा शासित राज्यों में राजभवन की भूमिका की समीक्षा की जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यपाल के पास इतने अधिकार नहीं हैं कि वे युवाओं के जीवन को संकट में डाल दें। बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की 132वीं जयंती पर शुक्रवार को राजधानी रायपुर के कलेक्ट्रेट स्थित अंबेडकर प्रतिमा के सामने आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार संविधान और संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर कर रही है।


लोकतंत्र खतरे में है। संसद में राहुल गांधी के प्रश्न पूछने पर उनका बंगला खाली करा दिया जाता है। उन्होंने कहा कि विपक्ष और पत्रकार का काम प्रश्न पूछना है। प्रदेश में आरक्षण संशोधन विधेयक राजभवन में लटकने के मामले में मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां भाजपा के इशारे पर आरक्षण लागू नहीं होने दिया जा रहा है। बाबा साहेब अंबेडकर ने संविधान दिया जो हमें अधिकार संपन्न बनाता है।

मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि आरक्षण को लेकर अभी तमिलनाडु में विधानसभा से विधेयक पारित हुआ। आखिर किसी विधेयक को कितने दिन रोका जा सकता है। आरक्षण विशुद्ध रूप से राज्य का विषय है, उसे राज्यपाल चार-पांच महीने से रोक कर बैठे हैं। यहां के छात्र-छात्राओं को दाखिला लेना है, नौकरी की भर्ती होनी है। अगर रोका गया है तो उसकी समीक्षा क्यों नहीं होनी चाहिए। राज्यपाल या तो आरक्षण विधेयक लौटा दें या फिर हस्ताक्षर करें।

ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ विधानसभा से दो दिसंबर को आरक्षण संशोधन विधेयक पारित हो चुका है। इसमें अनुसूचित जनजाति के लिए 32 प्रतिशत, अनुसूचित जाति के लिए 13, अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 27 और ईडब्ल्यूएस के लिए चार प्रतिशत आरक्षण का प्रविधान किया गया है। मुख्यमंत्री बघेल ने अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण करके कहा कि एक तरफ देश आजादी की लड़ाई लड़ रहा था, वहीं दूसरी तरफ बाबा साहब अंबेडकर दबे कुचले समाज को संगठित कर उन्हें अधिकार दिलाने के लिए संघर्ष कर रहे थे। बाबासाहेब ने समाज के पिछड़े वर्ग के लोगों को शिक्षित और संगठित होकर संघर्ष करने की प्रेरणा दी।


पर्यटन मण्डल के रिसॉर्ट में कक्ष बुकिंग पर आकर्षक छूट

No comments Document Thumbnail

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ पर्यटन मण्डल द्वारा बोर्ड के इकाईयों के कक्ष आरक्षण दर में रियायत देने का निर्णय लिया गया है। बोर्ड द्वारा लिए गए निर्णय अनुसार सप्ताह के कार्य दिवसों (सोमवार से गुरूवार) तक आरक्षण की दरों पर 35 प्रतिशत छूट प्रदाय की जाएगी। साथ ही बोर्ड के 15 आवासीय सुविधायुक्त इकाइयों में 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।

छत्तीसगढ़ पर्यटन मण्डल के क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी प्रमील वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि वर्षाकाल अवधि (1 जुलाई से 30 सितंबर तक) में बोर्ड के हरेली ईको रिसॉर्ट मोहदा, बारनवापारा एवं सोनभद्र टूरिस्ट रिसॉर्ट, आमाडोब तथा ग्रीष्मकाल अवधि (1 अप्रैल से 30 जून तक) में दण्डामी लग्जरी रिसॉर्ट चित्रकोट, एस.टी.एफ. कैम्प रिसॉर्ट चित्रकोट, धनकुल एथनिक रिसॉर्ट कोण्डागांव, हिल मैना हाईवे ट्रीट नथियानवागांव, कांकेर, बैगा एथनिक रिसॉर्ट सरोधादादर, जिला-कबीरधाम, ईको हिल रिसॉर्ट कबीरचबूतरा गौरेला पेण्ड्रा मरवाही, कुरदर हिल ईको रिसॉर्ट बिलासपुर, सतरेंगा बोट क्लब रिसॉर्ट कोरबा, वे साईट एमीनिटी महेशपुर,

शैला टूरिस्ट रिसॉर्ट मैनपाट, सरगुजा, करमा एथनिक रिसॉर्ट, मैनपाट, जिला-सरगुजा, सोनतराई मोटल सीतापुर, जिला-सरगुजा, कोईनार हाईवे ट्रीट कुनकुरी जशपुर, सरना एथनिक रिसॉर्ट बालाछापर जशपुर, होटल सिरपुर जिला-महासमुंद ईकाईयों में कक्ष आरक्षण पर छूट प्रदाय की जाएगी। उक्त अवधि में पूर्व में किये गए कक्ष आरक्षण की अंतर राशि चेकआउट के समय वापस की जाएगी अथवा खान-पान देयक से समायोजित किया जाएगा। उक्त सभी रिसॉर्ट में ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा उपलब्ध है। इसके साथ ही पर्यटन सूचना केंद्र, राघवेंद्र भवन कंपनी गार्डन के पास, सदर बाजार में भी बुकिंग किया जा सकता है। अधिक जानकारी के लिए मोबाइल नम्बर 7974048816 पर भी संपर्क कर सकते हैं।


नगालैंड में 20 साल बाद नगरपालिका चुनाव का एलान, महिलाओं को मिलेगा 33 फीसदी आरक्षण

No comments Document Thumbnail

कोहिमा। नगालैंड में 20 साल बाद नगरपालिका चुनाव होने जा रहे हैं। बता दें कि राज्य चुनाव आयोग ने स्थानीय शहरी निकाय चुनाव की तारीखों का एलान कर दिया है। आयोग ने कहा है कि राज्य के 39 स्थानीय शहरी निकायों में चुनाव होगा। चुनाव में 33 फीसदी सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। नगालैंड की नवनिर्वाचित नेफ्यू रियो सरकार की मंगलवार को पहली कैबिनेट बैठक हुई। इस कैबिनेट बैठक में भी सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार 33 फीसदी महिला आरक्षण के साथ स्थानीय निकाय चुनाव कराने पर विचार विमर्श किया गया।


नगालैंड राज्य चुनाव आयोग के आयुक्त टी महाबेमो यानथन ने बताया कि स्थानीय निकाय चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की शुरुआत 3 अप्रैल से होगी और यह 10 अप्रैल तक चलेगी। नामांकन पत्रों की जांच 12 और 13 अप्रैल को होगी। वहीं नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख 24 अप्रैल होगी। नगालैंड में स्थानीय निकाय चुनाव के लिए 19 मई को वोट डाले जाएंगे। बता दें कि नगालैंड में आखिरी बार साल 2004 में स्थानीय निकाय चुनाव हुए थे लेकिन उसके बाद से नगा शांति वार्ता के कुछ अनसुलझे मुद्दों की वजह से स्थानीय निकाय चुनाव नहीं कराए जा सके।

नगालैंड के कई आदिवासी संगठन महिलाओं के आरक्षण का विरोध करते हैं। साथ ही नगालैंड को संविधान के अनुच्छेद 371(ए) के तहत विशेष अधिकार देने की मांग जैसे मामलों पर नगा शांति वार्ता में सहमति नहीं बन पा रही थी। फिलहाल मोदी सरकार और विद्रोही संगठनों के बीच शांति वार्ता चल रही है। जिसके फलस्वरूप राज्य में शांति है। नौ मार्च 2022 को नगा समाज के सभी लोगों ने भी एकमत से राज्य में स्थानीय निकाय चुनाव कराने की मांग की थी। यही वजह है कि चुनाव आयोग ने 20 साल बाद नगालैंड में निकाय चुनाव कराने का एलान कर दिया है। चुनाव आयोग के एलान के साथ ही राज्य की सभी नगर पालिकाओं और शहरी परिषद में आचार संहिता लागू हो गई है।

एनडीपीपी-भाजपा सरकार ने हाल ही में ली है शपथ

बता दें नेशनलिस्ट डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (एनडीपीपी) के नेता नेफ्यू रियो ने नगालैंड के मुख्यमंत्री के रूप में अपने पांचवें कार्यकाल के लिए मंगलवार को शपथ ली. राज्यपाल ला गणेशन ने 72 वर्षीय रियो को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई. एनडीपीपी के टी आर जेलियांग और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वाई पैटन को राज्य के उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ दिलाई गई. रियो के मंत्रिमंडल के अन्य सदस्यों ने भी शपथ ली.

आरक्षण को लेकर भाजपा ने राजधानी रायपुर में किया धरना प्रदर्शन

No comments Document Thumbnail

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी ने प्रदेश में आरक्षण को जल्द लागू करने की मांग को लेकर राजधानी रायपुर में आज धरना-प्रदर्शन किया। भाजपा ने राजधानी के घड़ी चौक के पास स्थित बाबा भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के पास यह धरना दिया।

इसके बाद भाजपा के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री निवास का घेराव करने की भी कोशिश की। उन्हें पुलिस ने बीच में ही रोक दिया। इस प्रदर्शन में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अरूण साव, नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल, पूर्व मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह, धरमलाल कौशिक, बृजमोहन अग्रवाल, अजय चंद्राकर और प्रेमप्रकाश पांडेय सहित पार्टी के अनेक वरिष्ठ नेता  शामिल हुए।

भाजपा नेताओं की मांग थी कि राज्य सरकार को क्वांटीफायबल डाटा आयोग की रिपोर्ट जल्द प्रस्तुत करने के साथ ही राज्यपाल द्वारा मांगे गए दस बिंदुओं का जवाब भी जल्द से जल्द देना चाहिए, ताकि प्रदेश में आरक्षण को लेकर बनी असमंजस की स्थिति समाप्त हो सकें।

इस बीच, आज सर्व आदिवासी समाज के एक प्रतिनिधिमंडल ने राजभवन में राज्यापाल से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा और वर्तमान आरक्षण संशोधन विधेयक पर अपने विचार व्यक्त किए। इस मौके पर राज्यपाल अनुसुईया उइके ने इस प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया कि वे आदिवासियों के हितों के संरक्षण के लिए हरसंभव प्रयास करेंगी तथा आदिवासियों की समस्याओं के निराकरण के लिए स्वयं जिलों का दौरा करेंगी।

 

छत्तीसगढ़ विधानसभा में शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन भी हंगामा

No comments Document Thumbnail

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन सदन में आज भी सत्तापक्ष ने आरक्षण के मुद्दे को जोरशोर से उठाते हुए हंगामा किया और नारेबाजी की। इस वजह से सदन की कार्यवाही बाधित हुई। विधानसभा अध्यक्ष डॉक्टर चरणदास महंत ने दस मिनट के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी। प्रश्नकाल समाप्त होने के बाद ही कांग्रेस सदस्यों ने नारेबाजी शुरू कर दी। तब आसंदी ने उन्हें शांत रहने को कहा, लेकिन उन्होंने हंगामा जारी रखा।

सदन में आज नारायणपुर में धर्मांतरण के मुद्दे को लेकर हुए विवाद पर भी जमकर हंगामा हुआ। इसके चलते सदन की कार्यवाही कल सुबह ग्यारह बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। इस घटना के लिए भाजपा सदस्यों ने राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए गर्भगृह पर आकर नारेबाजी की, जिसके बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया। भाजपा सदस्य सदन के बाहर आकर भी नारेबाजी करते रहे। इससे पहले, आज सदन में संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण का मामला गूंजा।

भाजपा सदस्य शिवरतन शर्मा के सवाल के जवाब में स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने बताया कि घोषणा पत्र में अनियमित और संविदा कर्मचारियों को नियमित करने की बात कही गई थी। इसके आधार पर सभी विभागों से जानकारी मंगाई जा रही है। इस पर भाजपा सदस्य शर्मा ने नियमितीकरण की समय-सीमा के बारे में जानकारी चाही। जवाब में मंत्री ने कहा कि वित्तीय प्रबंधन के हिसाब से शासन स्तर पर विचार किया जा रहा है और इसे आने वाले बजट या अनुपूरक बजट में समाहित किए जाने की कोशिश की जाएगी।

आरक्षण के मुद्दे को लेकर राजधानी रायपुर में जनअधिकार रैली, गरमाई राजनीति

No comments Document Thumbnail

रायपुर। आरक्षण के मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने आज राजधानी रायपुर में जनअधिकार रैली का आयोजन किया। साईंस कॉलेज मैदान में आयोजित इस रैली में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा के साथ ही पार्टी के वरिष्ठ नेता शामिल हुए। इस मौके पर अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि आरक्षण के मुद्दे को अभियान के रूप में जन-जन तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार आरक्षण का लाभ देना चाहती है, लेकिन इस संबंध में विधानसभा से पारित किए गए विधेयक पर राज्यपाल हस्ताक्षर नहीं कर रही हैं और न ही इसे वापस कर रही हैं। बघेल ने आरोप लगाया कि संविधान की व्यवस्था का पालन नहीं हो रहा है, इसी वजह से जनअधिकार रैली निकाली गई है।
                    

वहीं, प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा ने आरक्षण को लेकर भाजपा पर राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने ही राज्यपाल को विधेयक पर हस्ताक्षर करने से रोका है। जनअधिकार रैली के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और कोंडागांव विधायक मोहन मरकाम के नेतृत्व में कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने राजभवन पहुंचकर राज्यपाल अनुसुईया उइके से मुलाकात की। इस प्रतिनिधिमंडल ने विधानसभा में पारित आरक्षण संशोधन विधेयक के संबंध में राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा। इस प्रतिनिधिमंडल में मंत्री रविन्द्र चौबे, मोहम्मद अकबर और टी.एस. सिंहदेव सहित अन्य मंत्री, विधायक तथा संसदीय सचिव शामिल थे।

दूसरी ओर, नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल ने कहा है कि राज्य सरकार अन्य पिछड़ा वर्ग को आरक्षण नहीं देना चाहती है और जानबूझकर क्वांटीफायबल डाटा आयोग की रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं कर रही है। वहीं, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अरूण साव ने कांग्रेस की जनअधिकार रैली को पूरी तरीके से फ्लॉप बताया है। उन्होंने कहा कि सभास्थल पर तीन-चौथाई कुर्सियां खाली थीं। साव ने कहा कि कांग्रेस ने इस रैली के लिए प्रशासनिक तंत्र का दुरूपयोग किया, लेकिन फिर भी इसमें लोग नहीं जुटे।

भाजपा का आरक्षण मुद्दे पर धरना 4 जनवरी को

वहीं, भारतीय जनता पार्टी द्वारा कल प्रदेश में जल्द से जल्द आरक्षण लागू करने की मांग को लेकर राजधानी रायपुर के घड़ी चौक के पास बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर चौक पर धरना दिया जाएगा। इस धरने में पार्टी के सांसद, विधायक और अन्य वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। यह धरना क्वांटीफायबल डाटा आयोग की रिपोर्ट प्रस्तुत करने, राज्यपाल द्वारा मांगे गए दस बिंदुओं का जवाब जल्द से जल्द देने और प्रदेश में आरक्षण को लेकर बनी असमंजस की स्थिति को समाप्त करने की मांगों को लेकर दिया जाएगा।

छत्तीसगढ़ विधानसभा का शीतकालीन सत्र शुरू होते ही जमकर हंगामा

No comments Document Thumbnail

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र का दूसरा चरण आज से शुरू हो गया है। सत्र के पहले दिन आज आरक्षण के मुद्दे पर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप के दौरान काफी शोर-शराबा हुआ। आखिरकार हंगामे और शोर-शराबे के बीच विधानसभा अध्यक्ष डॉक्टर चरणदास महंत ने विधानसभा की कार्यवाही कल सुबह ग्यारह बजे तक के लिए स्थगित कर दी। प्रश्नकाल के बाद कांग्रेस विधायक मोहन मरकाम ने कहा कि विधानसभा में विधेयक पारित हो जाने के बाद भी इसे अभी तक लागू नहीं किया जा सका है। इस पर विपक्षी सदस्यों ने शोर-शराबे के बीच सत्तापक्ष पर आरोप लगाना शुरू कर दिया।

सत्तापक्ष के विधायकों ने आरक्षण विधेयक लागू होने में कथित विलंब के लिए राजभवन को जिम्मेदार ठहराया। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि राजभवन और राज्यपाल के प्रति मर्यादा का पालन होना चाहिए। इस संबंध में किसी प्रकार की टिप्पणी स्वीकार नहीं की जा सकती। इस बीच, विपक्ष के कुछ सदस्य क्वांटीफायबल डाटा आयोग की रिपोर्ट सदन में पेश करने लगे और शोर-शराबा करते हुए गर्भगृह तक पहुंच गए, जिससे ये सभी सदस्य स्वयं ही निलंबित हो गए। ये विधायक नारेबाजी करते हुए सदन से बाहर निकले और महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास धरने पर बैठ गए। इस बीच, सदन में शोर-शराबा नहीं थमने पर विधानसभा अध्यक्ष ने पहले तीन मिनट और बाद में दस मिनट के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी। इसके बाद सदन की कार्यवाही फिर शुरू की गई।


लेकिन, भाजपा सदस्यों ने आरक्षण के मुद्दे को लेकर फिर सरकार को घेरने की कोशिश की। इस दौरान दोनों पक्षों के सदस्यों ने एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप जारी रखा। आसंदी की ओर से बार-बार आग्रह किए जाने के बावजूद जब सदस्य शांत नहीं हुए, तो विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही कल सुबह ग्यारह बजे तक के लिए स्थगित कर दी। इससे पहले, जल जीवन मिशन की निविदा को लेकर आज सदन में काफी शोर-शराबा हुआ। भाजपा के डॉक्टर कृष्णमूर्ति बांधी ने अपने सवाल के दौरान आरोप लगाया कि बिलासपुर जिले में जल जीवन मिशन के तहत बड़ी संख्या में निविदा जारी की गई, फिर उन्हें निरस्त करके अधिक दर पर निविदा जारी की गई।

डॉक्टर बांधी ने आरोप लगाया कि इससे सरकारी खजाने पर अनावश्यक रूप से अतिरिक्त भार पड़ा है। इसके जवाब में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री गुरू रूद्रकुमार ने कहा कि दौ सौ में से अस्सी निविदाएं इस लिए रद्द की गई,  क्योंकि इनमें से कुछ प्रकरणों में केवल एक या शून्य निविदा प्राप्त हुई थीं। इस मुद्दे पर नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल ने सदन की समिति से जांच कराने की मांग की। इस मामले पर पूर्व नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक और विधायक अजय चंद्राकर ने भी पूरक प्रश्न किया। चंद्राकर ने मंत्री पर सदन को गुमराह करने का आरोप लगाया। भाजपा विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने आरोप लगाया कि इतने गंभीर विषय पर भी मंत्री ने गंभीरता के साथ जवाब नहीं दिया। इसके बाद मंत्री के जवाब से असंतुष्ट भाजपा सदस्यों ने सदन से बहिर्गमन कर दिया।  

आज सदन में कांग्रेस विधायक कुलदीप जुनेजा ने प्रदेश के सीमेंट संयंत्रों  में किये गए पौधरोपण और इनके कारण प्रदूषण की स्थिति पर अपनी ही सरकार से सवाल किया। उन्होंने पूछा कि सोनाडीह, हिरमी, रिसदा और धनधनी में संचालित इन संयंत्रों में कितनी जमीन पौधरोपण के लिए रखी गई है। इसके जवाब में पर्यावरण मंत्री मोहम्मद अकबर ने कहा कि इन संयंत्रों में एक तिहाई जमीन पर पौधे लगाए गए हैं। इस पर श्री जुनेजा ने कहा कि वे मंत्री के जवाब से संतुष्ट नहीं हैं। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने हस्तक्षेप करते हुए मंत्री से कहा कि प्रदूषण की शिकायतें आ रही हैं, इसलिए क्या वे पौधरोपण का भौतिक सत्यापन करवाएंगे। इसके जवाब में मंत्री श्री अकबर ने कहा कि वे विभागीय स्तर पर सत्यापन कराएंगे।

प्रश्नकाल में ही जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के विधायक रहे धरमजीत सिंह के सवाल के जवाब में पर्यावरण मंत्री मोहम्मद अकबर ने सदन को बताया कि पिछले तीन वर्षों के दौरान पर प्रदेश में तैंतालीस हाथियों की मौत हो चुकी है। इनमें से तेरह हाथियों की मौत करंट लगने से हुई है। गौरतलब है कि हाथियों की मौत के मामलों में बड़ी संख्या में ग्रामीणों के खिलाफ अपराध दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार भी किया गया है।

इससे पहले, आज सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विधानसभा अध्यक्ष ने भानुप्रतापपुर उपचुनाव में निर्वाचित कांग्रेस विधायक सावित्री मंडावी को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। वहीं, दिवंगत विधायक मंगतराम उसेंडी को श्रद्धांजलि भी दी गई। छह जनवरी तक चलने वाले इस सत्र के दौरान कुल पांच बैठकें होंगी।  आज सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले विधानसभा अध्यक्ष की अध्यक्षता में विधानसभा के समिति कक्ष में कार्यमंत्रणा समिति की बैठक हुई। इसमें मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल और संसदीय कार्य मंत्री रविन्द्र चौबे सहित समिति के सदस्य मौजूद रहे।

आरक्षण विधेयक को लेकर छत्तीसगढ़ में तेज हो गई राजनीति

No comments Document Thumbnail

रायपुर। आरक्षण को लेकर प्रदेश में राजनीति तेज हो गई है। राज्य शासन द्वारा आरक्षण विधेयक पर राजभवन द्वारा पूछे गए सवालों के जबाव भेज दिए जाने के बाद भी राज्यपाल द्वारा अभी तक इस पर हस्ताक्षर नहीं करने को लेकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज बयान दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यपाल यदि बिल पर हस्ताक्षर नहीं करना चाहती है तो वे बिल को वापस कर दें। इस बीच, आरक्षण विधेयक को लेकर सर्व आदिवासी समाज द्वारा रायपुर में धरना-प्रदर्शन किया गया।


इस बीच, भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता देवलाल ठाकुर ने कहा है कि आरक्षण के मामले को लेकर कांग्रेस का रवैया निराशाजनक है। उन्होंने कहा कि आरक्षण के मामले पर कांग्रेस सरकार न उच्च न्यायालय में पक्ष रख पाई है, न ही उच्चतम न्यायालय में और अब वह राजभवन को भी सामान्य से दस सवालों के संतोषजनक जवाब नहीं दे पा रही है। इसी से यह स्पष्ट होता है कि सरकार नहीं चाहती है कि राज्य में आरक्षण लागू हो।

मुख्यमंत्री द्वारा कसडोल में प्रेस क्लब भवन के लिए 10 लाख रूपए देने की घोषणा

No comments Document Thumbnail

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज शाम कसडोल में विभिन्न समाज एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधिमण्डल से भेंट-मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने प्रेस क्लब कसडोल के प्रतिनिधियों की मांग पर प्रेस क्लब भवन के लिए 10 लाख रूपए देने की घोषणा की। उन्होंने कंवर समाज को सामुदायिक भवन के लिए 20 लाख रूपए और पटेल समाज को लवण में भवन निर्माण के लिए 20 लाख रूपए स्वीकृत करने की भी घोषणा की।



मुख्यमंत्री ने इस मौके पर एक-एक कर सभी समाज एवं संगठनों के प्रतिनिधियों से सामाजिक गतिविधियों के संबंध में जानकारी लेने के साथ ही उनसे शासकीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों के क्रियान्वयन के संबंध में भी फीडबैक लिया। मुख्यमंत्री ने सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि मंडल से भेंट-मुलाकात के दौरान अनुसूचित जाति के आरक्षण के संबंध में कहा कि पिछड़ा वर्ग की जनसंख्या के आधार पर आरक्षण बढ़ाया है। अनुसूचित जाति समाज यदि गणना करवाने की सहमति दे तो उनकी भी गणना करवाने कमीशन गठित किया जाएगा। यदि जनसंख्या में वृद्धि होगी तो आरक्षण भी उसी अनुपात में होगा। उन्होंने प्रज्ञा कुर्मी समाज द्वारा बालिक शिक्षा के लिए छात्रावास की मांग पर कहा कि शासन स्तर से प्रत्येक जिला मुख्यालय में छात्रावास खोलने की योजना बनाई जा रही है।

मुख्यमंत्री को ब्राम्हण समाज ने बलार डेम का नामकरण स्वर्गीय कन्हैया लाल शर्मा के नाम पर करने के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया। सिंधी समाज ने नियमानुसार भूमि आबंटन, धोबी समाज ने रजक कल्याण बोर्ड गठन करने के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने मानिकपुरी समाज की मांग पर कसडोल में कबीर ग्रंथालय के लिए भूमि उपलब्ध कराने के निर्देश कलेक्टर को दिए। उन्होंने जायसवाल समाज, यादव समाज, सतनामी समाज, दिगंबर जैन समाज को मंदिर निर्माण के लिए भूमि का आबंटन प्रक्रियानुसार करने कहा।

इसी प्रकार तहसील साहू समाज और यूथ क्लब समिति को नियमानुसार रियायती दर पर भूमि उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कलेक्टर को निषाद समाज द्वारा मछुवारों के लिए नाव की मांग पर नियमानुसार कार्यवाही करने कहा।  मुख्यमंत्री ने मसीही समाज के कब्रिस्तान के लिए आवेदन पर कार्यवाही करने के निर्देश कलेक्टर को दिए। इसी प्रकार सुन्नी मुस्लिम समाज के कब्रिस्तान के भूमि आरक्षित करने के लिए कहा। मुख्यमंत्री गोंड़ समाज के प्रतिनिधियों को भवन की मांग पर कहा कि भूमि आबंटन के बाद भवन निर्माण के लिए राशि स्वीकृत की जाएगी।   

त्रि-स्तरीय पंचायत उप निर्वाचन के लिए कार्यक्रम घोषित

No comments Document Thumbnail

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा प्रदेश के विभिन्न जिलों में त्रि-स्तरीय पंचायतों के रिक्त पदों की पूर्ति के लिए उप निर्वाचन हेतु कार्यक्रम जारी किया गया है। जिसके अनुसार 16 दिसम्बर से नामांकन भरे जायेंगे। छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग से प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्य में एक जिला पंचायत सदस्य, 10 जनपद पंचायत सदस्य, 127 सरपंच तथा 597 पंच इस तरह कुल 735 रिक्त पदों पर निर्वाचन के लिए निर्वाचक नामावली तैयार-पुनरीक्षण के पश्चात 06 दिसम्बर  को अंतिम प्रकाशन कर इन क्षेत्रों में उप निर्वाचन कराये जाने का निर्णय लिया गया है। जिसके लिए कार्यक्रम जारी कर दिया गया है। त्रि-स्तरीय पंचायतों के निर्वाचन गैर दलीय आधार पर होंगे। मतदान मतपत्र द्वारा राज्य निर्वाचन आयोग की मतपेटी से कराया जायेगा। निर्वाचन की घोषणा के साथ ही परिणाम की घोषणा तक ऐसे निर्वाचन क्षेत्रों में जहां निर्वाचन संपन्न होना है, आदर्श आचरण संहिता लागू रहेगी।



त्रिस्तरीय पंचायत उप निर्वाचन हेतु कार्यक्रम

छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा त्रिस्तरीय पंचायत उप निर्वाचन 2022 हेतु पंचायत निर्वाचन नियम 1995 के नियम 28 के अनुसार समयबद्ध कार्यक्रम जारी किया गया। जिसके अनुसार निर्वाचन की सूचना का प्रकाशन 16 दिसम्बर प्रातः 10:30 बजे होगा एवं इसी समय सें नामनिर्देशन पत्र प्राप्त करने की शुरूआत की जाएगी। स्थानों के आरक्षण के संबंध में सूचना का प्रकाशन एवं मतदान केन्द्रों की सूची का प्रकाशन 16 दिसम्बर प्रातः 10:30 बजे होगा। नामनिर्देशन पत्र प्राप्त करने की अंतिम तिथि 23 दिसम्बर दोपहर 03:00 बजे तक निर्धारित की गयी है। नामनिर्देशन पत्रों की संवीक्षा 24 दिसम्बर प्रातः 10:30 बजे से किया जायेगा। अभ्यर्थिता से नाम वापस लेने की अंतिम तिथि 26 दिसम्बर दोपहर 3ः00 बजे तक है। निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थियों की सूची तैयार कर निर्वाचन प्रतीकों का आबंटन 26 दिसम्बर अपरान्ह 03:00 बजे के बाद किया जाएगा। निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थियों की सूची का प्रकाशन 26 दिसम्बर को प्रतीक आबंटन के तुरंत बाद किया जाएगा।

मतदान एवं मतगणना 9 जनवरी को

त्रि-स्तरीय पंचायत निर्वाचन हेतु मतदान (यदि आवश्यक हो) 09 जनवरी 2023 सोमवार प्रातः 07:00 बजे से अपरान्ह 03:00 बजे तक होगा। मतगणना मतदान केंद्रों पर 09 जनवरी को मतदान समाप्ति के बाद और यदि आवश्यक हो तो तहसील, खण्ड मुख्यालय पर 11 जनवरी 2023 बुधवार को अपरान्ह 03:00 बजे से होगा। सारणीकरण एवं निर्वाचन परिणाम की घोषणा 12 जनवरी 2023 को प्रातः 09:00 बजे से जिला पंचायत सदस्य हेतु जिला मुख्यालय में एवं जनपद सदस्य, सरपंच एवं पंच के लिए खण्ड मुख्यालयों में होगी।

पूरे देश में नजीर बनेगा छत्तीसगढ़ में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 27 प्रतिशत का आरक्षण : भूपेश बघेल

No comments Document Thumbnail

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से आज शाम यहां उनके निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ पिछड़ा वर्ग कल्याण संघ के सदस्यों ने मुलाकात कर छत्तीसगढ़ विधानसभा में अन्य पिछड़ा वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने संबंधी विधेयक पारित होने पर मुख्यमंत्री का आभार जताया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस अवसर पर कहा कि छत्तीसगढ़ में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण पूरे देश में नजीर बनेगा। यहां निवासरत् अन्य पिछड़ा वर्ग के लोगों के विकास की दिशा में आरक्षण का फैसला महत्वपूर्ण साबित होगा। सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े एक बड़ी जनसंख्या के वर्ग को आगे बढ़ने का बेहतर मौका मिलेगा। 



मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने क्वांटिफाईएबल डाटा आयोग का गठन कर राज्य में अन्य पिछड़ा वर्ग के नागरिकों सम्बंधित आवश्यक आंकड़े जुटाने के बाद इस वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार अन्य पिछड़ा वर्ग सहित समाज के सभी वर्गों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। छत्तीसगढ़ पिछड़ा वर्ग कल्याण संघ के सदस्यों ने मुख्यमंत्री को बताया कि पूरे प्रदेश में आरक्षण विधेयक पारित होने पर हर्ष की लहर है। यहां पहली बार अन्य पिछड़ा वर्ग के दर्द को समझा गया है। 

प्रतिनिधिमंडल ने राज्य सरकार द्वारा अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के लिए जगह-जगह खोले जा रहे छात्रावास सहित विभिन्न सुविधाओं के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया। इस अवसर पर सर्वश्री ओमप्रकाश साहू, लीलाराम, देवाराम, बलीराम सिन्हा, भागवत वैष्णव, फूलचंद दीवान, गंगाराम बघेल, सुरेश पटेल, चिन्ताराम साहू, कृष्णा, ठाकुर राम, लोकनाथ राठौर, हरिचंद निषाद, रामदत्त कौशिक, श्रीमती धनेश्वरी, श्रीमती पदमावती, श्रीमती रेवती वत्सल, मोहन चन्द्रवंशी, भूपेन्द्र, संतोष, धनाराम साहू आदि उपस्थित थे।

अनुसूचित जनजाति 32 प्रतिशत, अनुसूचित जाति 13 और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण

No comments Document Thumbnail

रायपुर। छत्तीसगढ़ में आरक्षण को लेकर राज्य सरकार आगामी एक और दो दिसंबर को होने वाले विधानसभा के विशेष सत्र में संशोधन विधेयक पेश करेगी। इस संशोधन विधेयक के प्रारूप को आज मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में रायपुर में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में मंजूरी दी गई। इस संशोधन विधेयक में अनुसूचित जनजाति के लिए बत्तीस प्रतिशत, अनुसूचित जाति के लिए तेरह और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए सत्ताईस प्रतिशत आरक्षण के साथ ही आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए चार प्रतिशत आरक्षण का प्रस्ताव किया गया है। 



साथ ही शैक्षणिक संस्थाओं में प्रवेश से संबंधित आरक्षण संशोधन विधेयक के प्रस्ताव का भी अनुमोदन किया गया। वहीं, राज्य मंत्रिमंडल के अन्य फैसले के तहत जिला खनिज न्यास में उपलब्ध राशि के बीस प्रतिशत हिस्से को सामान्य क्षेत्र में और चालीस प्रतिशत भाग को अधिसूचित क्षेत्र में खर्च करने के प्रावधान को समाप्त कर दिया गया है। वहीं, चालू वित्त वर्ष के द्वितीय अनुपूरक अनुमान से संबंधित छत्तीसगढ़ विनियोग विधेयक को भी बैठक में मंजूरी दी गई। इसे विधानसभा के अगले सत्र में पेश किया जाएगा।

राज्य मंत्रिपरिषद ने आज नवीन मछली पालन नीति को भी मंजूरी दी। इसके अनुसार अब मछली पालन के लिए तालाब या जलाशय की नीलामी नहीं होगी, बल्कि इन्हें मछुवारा समूहों को दस वर्ष के लिए पट्टे पर दिया जाएगा। इसी तरह, कैबिनेट के एक अन्य फैसले के मुताबिक राज्य वनोपज संघ और निजी निवेशकों के बीच हुए समझौते के आधार पर स्थापित वनोपज संबंधी उद्योगों के उत्पाद को चालीस प्रतिशत की छूट के साथ खरीदा जाएगा। छत्तीसगढ़ हर्बल ब्रांड के अंतर्गत खरीदे जाने वाले इन उत्पादों को वन विभाग की इकाई ‘‘संजीवनी’’ और अन्य माध्यमों से बेचा जाएगा।

आदिवासी समाज के आरक्षण में कटौती के विरोध में चक्काजाम

No comments Document Thumbnail

रायपुर। छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज के बैनर तले आज प्रदेशभर में आदिवासी समाज के आरक्षण में कटौती के विरोध में चक्काजाम और प्रदर्शन किया गया। आदिवासी समाज के लोगों ने कोरबा, जांजगीर-चांपा, राजनांदगांव, कोंडागांव, दुर्ग और महासमुंद सहित राज्य के विभिन्न स्थानों में चक्काजाम कर नारेबाजी की। इसके कारण कई मार्गों पर आवागमन प्रभावित हुआ। प्रदर्शनकारियों ने बाद में जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों को राष्ट्रपति के नाम पांच सूत्रीय ज्ञापन भी सौंपा।



गौरतलब है कि सर्व आदिवासी समाज द्वारा राज्य में पहले की तरह बत्तीस प्रतिशत आरक्षण लागू करने, पेसा कानून में ग्रामसभा का अधिकार कम नहीं करने, बस्तर और सरगुजा में तृतीय और चतुर्थ वर्ग के पदों पर स्थानीय लोगों की नियुक्ति तथा राज्य में वन अधिकार संरक्षण अधिनियम-दो हजार बाईस लागू नहीं करने के साथ ही हसदेव अरण्य क्षेत्र में कोयला खनन बंद करने की मांग की जा रही है।

सबको न्यायपूर्ण आरक्षण मिलेगा : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

No comments Document Thumbnail

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज डोंगरगांव नगर में आयोजित सामाजिक अधिकार सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कहा कि बाबा साहब अम्बेडकर ने हमें संविधान के माध्यम से अधिकार दिए हैं। सबको शिक्षा, रोजगार आदि का अधिकार मिले, इस पर हम कार्य कर रहे हैं। सार्वजनिक क्षेत्र में लोगों को आरक्षण का लाभ मिलता है। निजीकरण किए जाने से इसके लाभ से बहुसंख्यक लोग वंचित रह जाते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सबको न्यायपूर्ण आरक्षण मिलेगा। आरक्षण के संबंध में एक और 2 दिसम्बर को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया है।



मुख्यमंत्री ने शासकीय महाविद्यालय डोंगरगांव में डॉ. बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा का अनावरण किया। समाज के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री द्वारा अन्य पिछड़ा वर्ग समाज के लिए किए जा रहे कार्याें और कल्याणकारी योजनाओं के लिए उन्हें धन्यवाद देते हुए आभार जताया। समाज के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री का स्वागत पुष्पगुच्छ और गमछा भेंटकर किया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि खेती-किसानी का इतना सारा काम है फिर भी आप लोगों ने समय निकाला है। आप लोग मेहनतकश हैं। जब श्रम का सम्मान होता है, देश उन्नति करता है। उन्होंने कहा कि यहां आने का उद्देश्य आपसे मिलना है, दुख-सुख साझा करना है।



मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार श्रम का सम्मान करती है। प्रदेश में किसान का सबसे बड़ा वर्ग है और वह ऋण मुक्त है। उन्होंने कहा कि किसान पहले कर्जा लेकर दिवाली मनाते थे, अब किसानों के खाते में त्वरित पैसा जा रहा है। पहले डेयरी चलाना मुश्किल हो गया था, अब गोधन न्याय योजना से गोपालकों को संबल मिला है। मेहनतकश समाज उठ खड़ा हुआ है। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि राजनांदगांव में कोदो-कुटकी का उत्पादन होता है। हमने इसे खरीदना शुरू किया। राज्य में 65 प्रकार के लघु वनोपज का संग्रहण कर रहे हैं। हमारी सरकार लोगों के वास्तविक सरोकार से जुड़ी हैं। हमने ऐसी नीतियां बनाई हैं, जिससे लोगों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो। प्रदेश में संचालित गौठानों में रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए रूरल इंडस्ट्रियल पार्क आरंभ किए गए हैं। इससे गांव के युवाओं के लिए उद्यम का रास्ता खुल गया है। गांव में इस तरह से रोजगार सृजन देश में पहली बार हो रहा है।


छत्तीसगढ़ विधानसभा का विशेष सत्र आगामी एक और दो दिसंबर को

No comments Document Thumbnail

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा का विशेष सत्र आगामी एक और दो दिसंबर को आयोजित किया जाएगा। राज्यपाल अनुसुईया उइके ने विधानसभा का पंद्रहवां सत्र आहूत करने के संबंध में प्राप्त प्रस्ताव पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। इस बीच, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि राज्य में आदिवासीजनों को बत्तीस प्रतिशत आरक्षण का लाभ दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र, तमिलनाडु और कर्नाटक में आरक्षण की विधिक स्थिति का अध्ययन करने के लिए छत्तीसगढ़ शासन की ओर से वरिष्ठ अधिकारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का दल जल्द ही वहां जाएगा।


 

दूसरी ओर, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल ने आदिवासियों को बत्तीस प्रतिशत आरक्षण देने के लिए राज्य सरकार से अध्यादेश लाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि शीतकालीन सत्र दस दिनों का होना चाहिए, जिसमें प्रदेश की जनता के हित में विस्तृत चर्चा हो सके। आदिवासी आरक्षण के संबंध में श्री चंदेल ने कहा कि भाजपा का इस बारे में स्पष्ट मत है कि आदिवासीजनों को जो बत्तीस प्रतिशत आरक्षण मिल रहा था, वह बरकरार रहना चाहिए। 

इधर, प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने आदिवासी समाज के आरक्षण के लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाए जाने के राज्य सरकार के निर्णय का स्वागत किया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने आरोप लगाया है कि पूर्ववर्ती राज्य सरकार की गलत नीतियों की वजह से प्रदेश में आदिवासियों का आरक्षण कम हुआ है।

आरक्षण प्रावधानों के अध्ययन के लिए छत्तीसगढ़ के अधिकारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का दल जाएगा महाराष्ट्र, तमिलनाडु और कर्नाटक

No comments Document Thumbnail

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश के परिपालन में छत्तीसगढ़ राज्य से अधिकारियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं का संयुक्त दल आरक्षण प्रावधानों के अध्ययन के लिए शीघ्र ही महाराष्ट्र, तमिलनाडु एवं कर्नाटक जाएगा। यह अध्ययन दल उक्त राज्यों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के आरक्षण प्रावधानों के संबंध में सुसंगत एवं उपयुक्त जानकारी, विधिक स्थिति, पिछड़ेपन संबंधी, क्वांटिफिएबल डाटा या समकक्ष आयोग/प्रतिवेदन की जानकारी संबंधी राज्य के आरक्षण संबंधी न्यायालयीन प्रकरण एवं वस्तुस्थिति का अध्ययन कर छत्तीसगढ़ शासन को रिपोर्ट सौंपेगा।



छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय द्वारा उक्त राज्यों में आरक्षण के प्रावधानों के अध्ययन के लिए 5-5 सदस्यीय अध्ययन दल के गठन का आदेश जारी किया गया है। जारी आदेश के तहत महाराष्ट्र राज्य में आरक्षण के प्रावधानों के अध्ययन के लिए आयुक्त आदिम जाति कल्याण विभाग श्रीमती शम्मी आबिदी, अवर सचिव सामान्य प्रशासन विभाग एस.के. सिंह, उपायुक्त आदिम जाति कल्याण विभाग प्रज्ञान सेठ, सेवानिवृत्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश व सामाजिक कार्यकर्ता आर. वी. सिंह और सेवानिवृत्त आईपीएस एवं सामाजिक कार्यकर्ता भारत सिंह जाएंगे।

इसी तरह जल संसाधन विभाग के सचिव पी. अनबलगन, अवर सचिव सामान्य प्रशासन विभाग श्रीमती अंशिका पाण्डेय, अपर संचालक आदिम जाति संजय गौर, सेवानिवृत्त आईएएस एवं सामाजिक कार्यकर्ता बी.एल. ठाकुर एवं जी.एस. धनंजय का दल तमिलनाडु राज्य में अध्ययन के लिए जाएगा। संचालक स्वास्थ्य सेवाएं भीम सिंह, अवर सचिव सामान्य प्रशासन पुलक भट्टाचार्य, अपर संचालक आदिम जाति ए.आर. नवरंग, सेवानिवृत्त आईएएस एवं सामाजिक कार्यकर्ता एच.एल. नायक तथा सेवानिवृत्त आईएफएस एवं सामाजिक कार्यकर्ता विक्रम लकड़ा का संयुक्त दल कर्नाटक में अध्ययन के लिए जाएगा।

फिलहाल जारी रहेगा आर्थिक आधार पर आरक्षण

No comments Document Thumbnail

नई दिल्ली। देश में आर्थिक आधार पर आरक्षण आगे भी जारी रहेगा। उच्चतम न्यायालय के पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए विभिन्न व्यावसायिक शिक्षण संस्थानों में प्रवेश के साथ ही सरकारी नौकरियों में दस प्रतिशत आरक्षण के प्रावधान को उचित ठहराया है। इस मामले पर सुनवाई करते हुए पांच न्यायाधीशों की पीठ में से तीन न्यायाधीशों ने आरक्षण के पक्ष में अपना फैसला दिया। इस तरह बहुमत के आधार पर सुनाए गए फैसले के तहत आर्थिक आधार पर आरक्षण फिलहाल जारी रहेगा।



गौरतलब है कि इस संबंध में एक सौ तीनवें संविधान संशोधन में प्रावधान किया गया है। इस प्रावधान को जनवरी 2019 में संसद में मंजूरी दी गई थी। हालांकि, इसके तत्काल बाद कुछ संस्थाओं ने इस संशोधन को चुनौती देने के लिए उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर कर दी थी। इस बीच, भारतीय जनता पार्टी ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को आरक्षण को जारी रखने के संबंध में उच्चतम न्यायालय के फैसले का स्वागत किया है। पार्टी महासचिव बी.एल. संतोष ने अपने ट्वीट संदेश में कहा है कि सामाजिक न्याय की दिशा में यह एक बड़ा निर्णय है।

आरक्षित वर्ग का किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं होगा : भूपेश

No comments Document Thumbnail

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि प्रदेश में आरक्षित वर्ग का किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं होगा। उन्होंने कहा कि आवश्यक होने पर आदिवासियों के आरक्षण के मुद्दे को लेकर विधानसभा का विशेष सत्र भी बुलाया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने सर्व आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों से मुलाकात के दौरान कहा कि राज्य सरकार आदिवासियों के हित और उनके उत्थान के लिए कृत संकल्पित है। बघेल ने कहा कि आदिवासियों के हित को ध्यान रखते हुए इस मामले में जो भी आवश्यक कदम होगा, 



वह उठाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि आरक्षण के संबंध में अध्ययन भ्रमण के लिए आदिवासी समाज के विधायक और समाज प्रमुखों के संयुक्त दल को तमिलनाडु भेजा जाएगा। इस बीच, भाजपा की प्रदेश इकाई ने राज्य सरकार पर प्रदेश की जातियों को आपस में लड़ाने का आरोप लगाया है। आज रायपुर के एकात्म परिसर में मीडिया से बातचीत में भाजपा नेताओं ने कहा कि छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में अनुसूचित जनजाति के लिए बत्तीस प्रतिशत आरक्षण के खिलाफ मुख्य पक्षकार को राज्य अनुसूचित जाति आयोग का अध्यक्ष बनाया गया है। 

भाजपा नेताओं ने राज्य सरकार पर आदिवासी विरोधी होने का आरोप लगाया है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के छत्तीसगढ़ प्रभारी पी.एल. पुनिया ने कहा है कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जोश और उत्साह है। वे राज्य सरकार की नीतियों और उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए उत्साहित हैं। बस्तर दौरे से वापस लौटने के बाद रायपुर विमानतल पर पत्रकारों से चर्चा करते हुए पुनिया ने एक सवाल के जवाब में कहा कि आदिवासी हितों की रक्षा के लिए राज्य सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि आरक्षण के मुद्दे पर राज्य सरकार नीतिगत फैसला लेगी।

Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.