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छत्तीसगढ़ में पर्याप्त मात्रा में टीके उपलब्ध, 3 करोड़ 94 लाख से ज्यादा वैक्सीनेशन

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छत्तीसगढ़ में अभी कोविड वैक्सीन का पर्याप्त स्टॉक है। केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के मुताबिक प्रदेश में 12 साल से अधिक के लोगों को कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए टीके की पहली और दूसरी खुराक शासकीय कोविड टीकाकरण केंद्रों में निशुल्क दी जा रही है। 

स्वास्थ्य कर्मियों, फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं और 60 साल से अधिक उम्र के लोगों को इन केंद्रों में प्रीकॉशन डोज भी लगाई जा रही है। छत्तीसगढ़ के पास 26 मई की स्थिति में कुल 58 लाख 95 हजार 120 टीकों का स्टॉक है। इनमें कोविशील्ड के 31 लाख 64 हजार 620, कोवैक्सीन के 19 लाख 56 हजार 620 और 12 साल से 14 साल के बच्चों को लगाए जा रहे कॉर्बेवेक्स के सात लाख 73 हजार 880 टीके शामिल हैं। छत्तीसगढ़ में अब तक 3 करोड़ 94 लाख से ज्यादा वैक्सीनेशन हो चुका है, जिसमें 2 करोड़ 6 लाख से ज्यादा को पहला डोज, 1 करोड़ 82 लाख से ज्यादा को दूसरा डोज और 5 लाख 34 हजार से ज्यादा लोगों को बूस्टर डोज लगाए गए हैं। 

देश में वैक्सीनेशन का आंकड़ा 193 करोड़ के पार

वहीं देश में वैक्सीनेशन का आंकड़ा 193 करोड़ 2 लाख से ज्यादा हो गया है, जिसमें 101 करोड़ पहला डोज, 88 करोड़ दूसरा डोज और 32 करोड़ से ज्यादा बूस्टर डोज शामिल है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमने न केवल अपनी कोविड वैक्सीन्स तैयार की। बल्कि इतनी वैक्सीन्स बनाईं कि भारत में भी 190 करोड़ से ज्यादा डोज लगाई जा चुकी हैं। भारत ने दुनिया के 100 से अधिक देशों को भी वैक्सीन्स भेजी हैं।

CM भूपेश बघेल ने लगवाया टीके का बूस्टर डोज

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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने निवास में कोविड-19 से बचाव के लिए प्रीकॉशन डोज का टीका लगवाया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रदेश वसियों से अपील करते हुए कहा है कि टीकाकरण कोविड-19 से बचाव का  सुरक्षा कवच है।  सभी लोग निर्धारित मापदंड और गाइड लाइन के अनुसार कोविड-19 से बचाव के लिए टीका अवश्य लगवाएं। जिन लोगों को प्रिकॉशन डोज लगवानी है, वे डोज अवश्य लगवाएं। CM बघेल ने कहा है कि कोविड-19 का खतरा अभी टला नहीं है। इसलिए सभी लोग कोविड-19 गाइडलाइन का पालन करें।

बता दें कि छत्तीसगढ़ में 18 से 59 आयु वर्ग के लोगों को 10 अप्रैल से निजी कोविड-19 टीकाकरण केंद्रों में बूस्टर डोज दिया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा निजी टीकाकरण केंद्रों के पैरामेडिकल स्टाफ को वेबीनार के माध्यम से टीकाकरण के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया। इस कार्यक्रम में राज्य नोडल कोविड टीकाकरण अधिकारी डॉक्टर प्रियंका शुक्ला भी शामिल हुईं। सभी जिलों के प्राइवेट हॉस्पिटल के चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ प्रशिक्षण में शामिल हुए। प्रशिक्षण में टीकाकरण के साथ-साथ कोविड गाइडलाइन के बारे में भी जानकारी दी गई।

प्रीकॉशन डोज के लिए ये पात्र

वेबीनार में डॉक्टर प्रियंका शुक्ला ने बताया छत्तीसगढ़ राज्य में कोविड-19 टीकाकरण कार्यक्रम के अंतर्गत 15 साल से ज्यादा आयु वर्ग के 99 प्रतिशत लाभार्थियों को पहला डोज और 83 प्रतिशत लाभार्थियों को दूसरा डोज लगाया जा चुका है। भारत सरकार स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के फैसले के मुताबिक कोविड-19 टीकाकरण का प्रीकॉशन डोज 18 से 59 साल आयु वर्ग के लाभार्थियों के लिए शुरू किया गया है। जिन लाभार्थियों का दूसरा डोज के बाद 9 महीने या 39 सप्ताह पूरा हो चुका है, वो प्रीकॉशन डोज के लिए पात्र होंगे। 


उन्होंने बताया कि वर्तमान में प्रदेश की दो निजी स्वास्थ्य संस्थाओं द्वारा कोविड 19 प्रीकॉशन डोज की सेवाएं प्रदान की जा रही है। डॉ. शुक्ला ने बताया कि प्रीकॉशन डोज के लिए उसी टीके का इस्तेमाल किया जाएगा, जो पहले और दूसरे डोज के टीकाकरण के लिए इस्तेमाल किया गया था। वैक्सीन की मूल कीमत के अलावा निजी कोविड-19 टीकाकरण अधिकतम मूल्य 150 रूपए प्रति डोज सेवा शुल्क के रूप में ले सकते हैं। निजी कोविड-19 टीकाकरण केंद्रों में लाभार्थियों के प्रति डोज शुल्क के लिए अधिकतम राशि 386.25 (जीएसटी और सर्विस चार्जेस) तय की गई है। जिसे कोविड 19 टीकाकरण सत्र के दौरान कोविन पोर्टल में प्रदर्शित करना अनिवार्य है। 

निजी कोविड-19 टीकाकरण केंद्रों को भारत सरकार द्वारा जारी कोविड-19 टीकाकरण मार्गदर्शिका का पालन करना आवश्यक है। कोविन पोर्टल के माध्यम से टीकाकरण किया जाना अनिवार्य है। पात्र लाभार्थियों द्वारा टीकाकरण के लिए ऑनलाइन और वॉक इन अपॉइंटमेंट लिया जा सकता है। सभी निर्देशों का पालन करते हुए प्रीकॉशन डोज निजी कोविड-19 टीकाकरण केंद्रों में लगाया जाएगा। वहीं स्वास्थ्य कार्यकर्ता, फ्रंट लाइन वर्कर्स समेत 60 साल से ज्यादा आयु वर्ग के हितग्राहियों का प्रीकॉशन डोज पहले की तरह सरकारी कोविड 19 टीकाकरण केंद्रों में निशुल्क दिया जाएगा।

निजी टीकाकरण केंद्रों में लगाई जा रही बूस्टर डोज, इतना करना होगा भुगतान

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छत्तीसगढ़ में 18 से 59 आयु वर्ग के लोगों को 10 अप्रैल से निजी कोविड-19 टीकाकरण केंद्रों में बूस्टर डोज दिया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा निजी टीकाकरण केंद्रों के पैरामेडिकल स्टाफ को वेबीनार के माध्यम से टीकाकरण के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया। इस कार्यक्रम में राज्य नोडल कोविड टीकाकरण अधिकारी डॉक्टर प्रियंका शुक्ला भी शामिल हुईं। सभी जिलों के प्राइवेट हॉस्पिटल के चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ प्रशिक्षण में शामिल हुए। प्रशिक्षण में टीकाकरण के साथ-साथ कोविड गाइडलाइन के बारे में भी जानकारी दी गई।

वेबीनार में डॉक्टर प्रियंका शुक्ला ने बताया छत्तीसगढ़ राज्य में कोविड-19 टीकाकरण कार्यक्रम के अंतर्गत 15 साल से ज्यादा आयु वर्ग के 99 प्रतिशत लाभार्थियों को पहला डोज और 83 प्रतिशत लाभार्थियों को दूसरा डोज लगाया जा चुका है। भारत सरकार स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के फैसले के मुताबिक कोविड-19 टीकाकरण का प्रीकॉशन डोज 18 से 59 साल आयु वर्ग के लाभार्थियों के लिए शुरू किया गया है। जिन लाभार्थियों का दूसरा डोज के बाद 9 महीने या 39 सप्ताह पूरा हो चुका है, वो प्रीकॉशन डोज के लिए पात्र होंगे। 

उन्होंने बताया कि वर्तमान में प्रदेश की दो निजी स्वास्थ्य संस्थाओं द्वारा कोविड 19 प्रीकॉशन डोज की सेवाएं प्रदान की जा रही है। डॉ. शुक्ला ने बताया कि प्रीकॉशन डोज के लिए उसी टीके का इस्तेमाल किया जाएगा, जो पहले और दूसरे डोज के टीकाकरण के लिए इस्तेमाल किया गया था। वैक्सीन की मूल कीमत के अलावा निजी कोविड-19 टीकाकरण अधिकतम मूल्य 150 रूपए प्रति डोज सेवा शुल्क के रूप में ले सकते हैं। निजी कोविड-19 टीकाकरण केंद्रों में लाभार्थियों के प्रति डोज शुल्क के लिए अधिकतम राशि 386.25 (जीएसटी और सर्विस चार्जेस) तय की गई है। जिसे कोविड 19 टीकाकरण सत्र के दौरान कोविन पोर्टल में प्रदर्शित करना अनिवार्य है। 

निजी कोविड-19 टीकाकरण केंद्रों को भारत सरकार द्वारा जारी कोविड-19 टीकाकरण मार्गदर्शिका का पालन करना आवश्यक है। कोविन पोर्टल के माध्यम से टीकाकरण किया जाना अनिवार्य है। पात्र लाभार्थियों द्वारा टीकाकरण के लिए ऑनलाइन और वॉक इन अपॉइंटमेंट लिया जा सकता है। सभी निर्देशों का पालन करते हुए प्रीकॉशन डोज निजी कोविड-19 टीकाकरण केंद्रों में लगाया जाएगा। वहीं स्वास्थ्य कार्यकर्ता, फ्रंट लाइन वर्कर्स समेत 60 साल से ज्यादा आयु वर्ग के हितग्राहियों का प्रीकॉशन डोज पहले की तरह सरकारी कोविड 19 टीकाकरण केंद्रों में निशुल्क दिया जाएगा।

छत्तीसगढ़ में कोरोना टीकाकरण का आंकड़ा 3 करोड़ के पार, स्वास्थ्य मंत्री ने दी जानकारी

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छत्तीसगढ़ में कोरोना टीकाकरण का आंकड़ा तीन करोड़ को पार कर गया है। कोरोना वैक्सीन की पहली और दूसरी खुराक को मिलाकर 20 दिसंबर तक तीन करोड़ एक हजार 122 टीके लगाए गए हैं। प्रदेश में एक करोड़ 86 लाख 40 हजार 909 लोगों को कोरोना से बचाव का पहला टीका लगाया जा चुका है। पहले डोज के शत-प्रतिशत कवरेज से प्रदेश अब सिर्फ पांच प्रतिशत दूर है। प्रदेश में कोरोना टीकाकरण के लिए पात्र लोगों की संख्या एक करोड़ 96 लाख 51 हजार है।

राज्य के 58 प्रतिशत नागरिकों को कोरोना से बचाव के लिए दोनों टीके लगाए जा चुके हैं। यहां एक करोड़ 13 लाख 60 हजार 213 लोगों को इसके दोनों टीके लग चुके हैं। कोरोना टीकाकरण का शत-प्रतिशत लक्ष्य जल्द हासिल करने के लिए प्रदेश भर में तेजी से टीकाकरण किया जा रहा है। राज्य में बीते 1 दिसंबर से समर्थन मूल्य पर किसानों से धान खरीदी की शुरूआत के बाद खरीदी केंद्रों में भी कोरोनारोधी टीका लगाया जा रहा है।

स्वास्थ्य मंत्री ने दी जानकारी

वहीं इसे लेकर स्वास्थ्य मंत्री TS सिंहदेव ने ट्वीट कर स्वास्थ्यकर्मियों को बधाई दी है। उन्होंने ट्वीट कर लिखा कि 'यह पूरे राज्य के लिए एक अच्छी खबर है कि छत्तीसगढ़ ने 3 करोड़ टीकाकरण को पार कर लिया है। हमारे अधिकारियों और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के समर्पण के साथ और राज्य के लोगों की जागरूकता के कारण हम इस मील के पत्थर को हासिल करने में सक्षम हैं, क्योंकि हम 100% टीकाकरण प्राप्त करने का प्रयास करते हैं।'

छत्तीसगढ़ में कोरोना टीकाकरण का आंकड़ा दो करोड़ से पार, इस जिले में एक ही एक्टिव मरीज

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छत्तीसगढ़ में कोरोना से बचाव के लिए लगाए गए टीकों की संख्या 8 अक्टूबर को दो करोड़ को पार कर गई है। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक प्रदेश में पहली और दूसरी दोनों डोज को मिलाकर 8 अक्टूबर तक  दो करोड़ 760 टीके लगाए गए हैं। राज्य में एक करोड़ 41 लाख 77  हजार 728 लोगों को कोरोना से बचाव के लिए पहला टीका और 58 लाख 23 हजार 032 लोगों को दोनों टीके लगाए जा चुके हैं। 

प्रदेश में 45 साल से ज्यादा के 84 प्रतिशत और 18 से 44 साल आयु वर्ग के 61 प्रतिशत लोगों को कोरोना से बचाव का पहला टीका लगाया जा चुका है। इन दोनों आयु वर्गों के 30 लाख 72 हजार 405 और 22 लाख 33 हजार 757 नागरिक कोरोना वैक्सीन की दोनों खुराक ले चुके हैं।

धमतरी में एक ही एक्टिव मरीज 

धमतरी जिले में कोविड पॉजिटिव का फिलहाल एक ही मरीज एक्टिव है। धमतरी जिले में अब तक कोविड 19 वायरस से प्रभावित हुए 26 हजार 505 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। 8 अक्टूबर को जिले में एक भी एक्टिव केस नहीं पाया गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. डी.के.तुर्रे ने बताया कि जिले में कुल तीन लाख 53 हजार 481 लोगों का सैंपल जांच किया गया, जिनमें से कुल 27 हजार 73 एक्टिव मरीजों की पहचान हुई। इनमें से 26 हजार 505 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। बताया गया है कि कोरोना वायरस के परीक्षण के लिए जिले में RT-PCR से 61 हजार 680, ट्रू-नॉट से 42 हजार दस और रैपिड एंटीजन किट से दो लाख 49 हजार 791 लोगों का सैंपल जांच किया गया है।

कलेक्टर ने दिए निर्देश 

मिशन संचालक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, रायपुर द्वारा कोविड 19 टीकाकरण के सुचारू क्रियान्वयन और आगामी 15 अक्टूबर तक शत-प्रतिशत पात्र हितग्राहियों का टीकाकरण पूरा करने के निर्देश वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए दिए गए हैं। इसके मद्देनजर कलेक्टर पी.एस.एल्मा ने जारी दिशा-निर्देशों का जिले में प्राथमिकता से पालन करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए हैं। उन्होंने इसके लिए आयुक्त, नगरपालिक निगम धमतरी, सभी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, खंड चिकित्सा अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास, मुख्य नगरपालिका अधिकारी नगर पंचायत और शहरी कार्यक्रम प्रबंधक राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए हैं।

शत-प्रतिशत टीकाकृत करने के निर्देश

कलेक्टर ने कहा कि कोविड 19 संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए वृहद स्तर पर टीकाकरण किया जा रहा है, जो कि संक्रमण से बचने के लिए एक प्रभावी माध्यम है। इसी कड़ी में 18 साल से ज्यादा आयु के व्यक्तियों का कोविड 19 टीकाकरण किया जा रहा है। उन्होंने छूटे हुए हितग्राहियों की पहचान और सतत निगरानी और काउंसलिंग कर कोविड टीकाकरण के लाभ से आमजन को अवगत कराने कहा। साथ ही आगामी 15 अक्टूबर तक 18 साल से ज्यादा आयु वर्ग के पात्र हितग्राहियों का पहला और दूसरा डोज का टीका लगाकर शत-प्रतिशत टीकाकृत करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए कलेक्टर ने आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं।

शत-प्रतिशत पात्र व्यक्तियों का टीकाकरण करने के निर्देश

जारी दिशा निर्देश के तहत ग्राम स्तर पर कोविड टीकाकरण के लिए ग्राम पंचायत सचिव, नोडल और सहायक नोडल आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रहेंगे। हर दिन टीकाकरण से लाभान्वित हितग्राहियों और छूटे हुए व्यक्तियों की ग्रामवार जानकारी संकलित कर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत को रिपोर्ट करेंगे, जो कि विकासखंडवार डाटा संकलित कर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत धमतरी को हर दिन प्रेषित करेंगे। इसी तरह सभी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को निर्देशित किया गया है कि पटवारी, सचिव, कोटवार की ड्यूटी लगाकर जिले में शत-प्रतिशत पात्र व्यक्तियों का टीकाकरण कराना सुनिश्चत करें। 

टीकाकरण कराने के लिए अनुरोध

वहीं उन्हें हर दिन कम से कम सौ-सौ पात्र लाभार्थियों को कोविड टीकाकरण कराने के लिए निर्देशित किया जाए। इसी तरह जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला और बाल विकास विभाग को सुनिश्चित करने कहा गया कि मितानिन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा प्रतिदिन कम से कम 20-20 लाभार्थियों को कोविड टीकाकरण कराया जाए। इसके अलावा ग्रामीण/शहरी क्षेत्रों में पार्षद, जनपद सदस्य, सरपंच, पंच को कोविड टीकाकरण के प्रति जागरूकता अभियान चलाने के लिए वार्डवार व्यक्तियों को चिन्हांकित कर टीकाकरण कराने की अपील करने पर कलेक्टर ने बल दिया। साथ ही प्रति जनप्रतिनिधि को हर दिन कम से कम सौ-सौ पात्र लाभार्थियों को कोविड टीकाकरण कराने के लिए अनुरोध किया जाए। 

कोविड टीकाकरण अभियान 

कोविड टीकाकरण अभियान के लिए पार्षद, जनपद सदस्य, सरपंच, पंच, पटवारी, सचिव, कोटवार, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन, महिला स्व सहायता समूह, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, कर्मचारी समन्वय स्थापित कर अभियान को सम्पन्न करेंगे। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि 15 अक्टूबर तक 18 साल से ज्यादा आयु के पात्र लाभार्थियों का शत-प्रतिशत पहला और दूसरा डोज कोविड 19 टीकाकरण अनिवार्य रूप से कराना सुनिश्चित की जाए। इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश भी कलेक्टर ने दिए हैं।

कोविड टीकाकरण में छत्तीसगढ़ देश के पहले पांच राज्यों में शामिल, एक्टिव मरीजों की संख्या हजार से नीचे पहुंची

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छत्तीसगढ़ राज्य कोविड टीकाकरण के मामले में सभी वर्गों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहा है। राज्य में देश के राष्ट्रीय औसत से कहीं ज्यादा कोविड के टीके लगाए गए हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग,भारत सरकार के आंकड़ों को देखें तो छत्तीसगढ़ में 60+ के 74 प्रतिशत लोगों और 18+ के 54 प्रतिशत लोगों को कोविड टीकाकरण के प्रथम डोज के टीके लगाए गए हैं। कोविड टीकाकरण में देश का राष्ट्रीय औसत 60+ आयु वर्ग में 59 प्रतिशत है और 18+ आयु वर्ग में 46 प्रतिशत है।


देश के बाकी राज्यों पर नजर डालें तो हरियाणा में 60+ के 72 प्रतिशत और 18+ के 54 प्रतिशत लोगों को प्रथम डोज, कर्नाटक में 60+ के 68 प्रतिशत और 18+ के 58 प्रतिशत लोगों को प्रथम डोज, मध्यप्रदेश में 60+ के 65 प्रतिशत और 18+ के 58 प्रतिशत लोगों को प्रथम डोज, दिल्ली में 60+ के 62 प्रतिशत और 18+ के 53 प्रतिशत लोगों को प्रथम डोज और ओडिशा में 60+ के 62 प्रतिशत और 18+ के 48 प्रतिशत लोगों को प्रथम डोज के टीके लगाए गए हैं।

45+ के 91% लोग लगवा चुके पहला टीका

प्रदेश में 45+ के 91 प्रतिशत लोगों को कोरोना से बचाव का पहला टीका लगाया जा चुका है। पहली और दूसरी दोनों खुराकों को मिलाकर राज्य में 18 अगस्त तक कुल एक करोड़ 36 लाख 88 हजार 594 टीके लगाए जा चुके हैं। इनमें से एक करोड़ सात लाख 56 हजार 478 पहली डोज के रूप में और 29 लाख 32 हजार 116 दूसरी डोज के रूप में लगाए गए हैं। प्रदेश में तीन लाख नौ हजार 635 स्वास्थ्य कर्मियों, तीन लाख 17 हजार 663 फ्रंटलाइन वर्कर्स, 45+ के 53 लाख 19 हजार 483 और 18+ के 48 लाख नौ हजार 697 नागरिकों को कोरोना से बचाव का पहला टीका लगाया जा चुका है।

33 प्रतिशत लोगों ने दोनों टीके लगे 

वहीं दो लाख 47 हजार 409 स्वास्थ्य कर्मियों, दो लाख 35 हजार 507 फ्रंटलाइन वर्कर्स, 45+ के 19 लाख 49 हजार 709 और 18+ के चार लाख 99 हजार 491 लोगों को दोनों टीके लगाए जा चुके हैं। प्रदेश में 91 प्रतिशत स्वास्थ्य कर्मियों, शत-प्रतिशत फ्रंटलाइन वर्कर्स, 45+ के 91 प्रतिशत नागरिकों और 18+ के 36 प्रतिशत युवाओं ने कोरोना से बचाव का पहला टीका लगवा लिया है। वहीं 73 प्रतिशत स्वास्थ्य कर्मियों, 80 प्रतिशत फ्रंटलाइन वर्कर्स और 45+ के 33 प्रतिशत लोगों ने दोनों टीके लगवा लिए हैं। 

जशपुर में तीन लाख 72 हजार 761 टीके लगे

प्रदेश में कुल एक करोड़ 99 लाख 32 हजार 392 लोगों के टीकाकरण का लक्ष्य है। इनमें तीन लाख 39 हजार 732 स्वास्थ्य कर्मी, दो लाख 93 हजार 040 फ्रंटलाइन वर्कर्स, 45+ के 58 लाख 66 हजार 599 और 18+ के एक करोड़ 34 लाख 33 हजार 021 नागरिक शामिल हैं। कोरोना सक्रंमण से बचाव के लिए बालोद जिले में अब तक चार लाख 92 हजार 817, बलौदाबाजार में चार लाख 73 हजार 587, बलरामपुर में दो लाख 54 हजार 616, बस्तर में तीन लाख 99 हजार 498, बेमेतरा में दो लाख 47 हजार 816, बीजापुर में एक लाख 19 हजार 020, बिलासपुर में आठ लाख 83 हजार 375, दंतेवाड़ा में एक लाख 64 हजार 077, धमतरी में चार लाख 46 हजार 591, दुर्ग में दस लाख 28 हजार 973, गरियाबंद में दो लाख 28 हजार 617, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में एक लाख 73 हजार 790, जांजगीर-चांपा में छह लाख 45 हजार 944 और जशपुर में तीन लाख 72 हजार 761 टीके लगाए जा चुके हैं।

सरगुजा में चार लाख 82 हजार 655 टीके लगे

कवर्धा जिले में कोरोनारोधी टीके की पहली और दूसरी दोनों खुराकों को मिलाकर तीन लाख 49 हजार 328, कांकेर में तीन लाख 48 हजार 599, कोंडागांव में दो लाख 19 हजार 799, कोरबा में छह लाख एक हजार 312, कोरिया में दो लाख 59 हजार 529, महासमुंद में छह लाख 89 हजार 021, मुंगेली में दो लाख 69 हजार 895, नारायणपुर में 51 हजार 264, रायगढ़ में 13 लाख 80 हजार 187, रायपुर में 17 लाख 28 हजार 650, राजनांदगांव में नौ लाख 20 हजार 760, सुकमा में एक लाख 55 हजार 472, सूरजपुर में तीन लाख 641 और सरगुजा में चार लाख 82 हजार 655 टीके अब तक लगाए गए हैं।

एक्टिव मरीजों की संख्या हजार से नीचे पहुंची

प्रदेश में कोरोना मरीजों के तेजी से स्वस्थ होने और रोज कम संख्या में नए मरीज मिलने के कारण कोविड-19 के सक्रिय मामलों में लगातार गिरावट आ रही है। प्रदेश में सक्रिय मरीजों की संख्या अब एक हजार से नीचे पहुंच गई है। अभी राज्य में सक्रिय मरीजों की संख्या 974 है। वर्तमान में प्रदेश की पॉजिटिविटी दर 0.17 प्रतिशत है। बीते 18 अगस्त को प्रदेश भर में 37 हजार 905 सैंपलों की जांच में 64 लोग पॉजिटिव पाए गए। प्रदेश के आठ जिलों बालोद, बेमेतरा, कवर्धा, मुंगेली, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, सूरजपुर, कोंडागांव और नारायणपुर में कोरोना संक्रमण का कोई नया मामला नहीं आया है। इस दिन कोरोना संक्रमण से प्रदेश में किसी भी व्यक्ति की मृत्यु नहीं हुई है।   

छत्तीसगढ़ में कोरोना से बचाव के लिए अब तक 1.31 करोड़ से ज्यादा लगाए गए टीके, प्रदेश में लगातार घट रही संक्रमण दर

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कोरोना से बचाव के लिए छत्तीसगढ़ में 11 अगस्त तक एक करोड़ 31 लाख 17 हजार 523 टीके लगाए गए हैं। प्रदेश के एक करोड़ चार लाख 49 हजार 579 लोगों को इसका पहला टीका और 26 लाख 67 हजार 944 को दोनों टीके लगाए जा चुके हैं। प्रदेश में तीन लाख नौ हजार 539 स्वास्थ्य कर्मियों, तीन लाख 17 हजार 470 फ्रंटलाइन वर्कर्स, 45+ के 52 लाख 78 हजार 358 और 18+ के 45 लाख 44 हजार 212 नागरिकों को कोरोना से बचाव का पहला टीका लगाया जा चुका है। वहीं दो लाख 46 हजार 616 स्वास्थ्य कर्मियों, दो लाख 33 हजार 283 फ्रंटलाइन वर्कर्स, 45+ के 18 लाख 51 हजार 021 और 18+ के तीन लाख 37 हजार 024 लोगों को दोनों टीके लगाए जा चुके हैं। 


प्रदेश में 91 प्रतिशत स्वास्थ्य कर्मियों, शत-प्रतिशत फ्रंटलाइन वर्कर्स, 45+ के 90 प्रतिशत नागरिकों और 18+ के 34 प्रतिशत युवाओं ने कोरोना से बचाव का पहला टीका लगवा लिया है। वहीं 73 प्रतिशत स्वास्थ्य कर्मियों, 80 प्रतिशत फ्रंटलाइन वर्कर्स और 45+ के 32 प्रतिशत लोगों ने दोनों टीके लगवा लिए हैं। प्रदेश में कुल एक करोड़ 99 लाख 32 हजार 392 लोगों के टीकाकरण का लक्ष्य है। इनमें तीन लाख 39 हजार 732 स्वास्थ्य कर्मी, दो लाख 93 हजार 040 फ्रंटलाइन वर्कर्स, 45+ के 58 लाख 66 हजार 599 और 18+ के एक करोड़ 34 लाख 33 हजार 021 नागरिक शामिल हैं।

बिलासपुर में लगाए जा चुके हैं आठ लाख 19 हजार 992 टीके 

कोरोना सक्रंमण से बचाव के लिए बालोद जिले में अब तक चार लाख 64 हजार 920, बलौदाबाजार में चार लाख 54 हजार 547, बलरामपुर में दो लाख 48 हजार 718, बस्तर में तीन लाख 84 हजार 678, बेमेतरा में दो लाख 38 हजार 331, बीजापुर में एक लाख 16 हजार 508, बिलासपुर में आठ लाख 19 हजार 992, दंतेवाड़ा में एक लाख 58 हजार 652, धमतरी में चार लाख 25 हजार 975, दुर्ग में नौ लाख 60 हजार 217, गरियाबंद में दो लाख 18 हजार 895, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में एक लाख 68 हजार 030, जांजगीर-चांपा में छह लाख 18 हजार 421 और जशपुर में तीन लाख 58 हजार 906 टीके लगाए जा चुके हैं।

इन जिलों में लगे इतने टीके

कवर्धा जिले में टीके की पहली और दूसरी, दोनों खुराकों को मिलाकर तीन लाख 39 हजार 788, कांकेर में तीन लाख 37 हजार 079, कोंडागांव में दो लाख 14 हजार 965, कोरबा में पांच लाख 73 हजार 973, कोरिया में दो लाख 52 हजार 771, महासमुंद में छह लाख 60 हजार 816, मुंगेली में दो लाख 60 हजार 402, नारायणपुर में 50 हजार 077, रायगढ़ में 13 लाख 37 हजार 041, रायपुर में 16 लाख 43 हजार 524, राजनांदगांव में आठ लाख 92 हजार 137, सुकमा में एक लाख 52 हजार 814, सूरजपुर में दो लाख 95 हजार 008 और सरगुजा में चार लाख 70 हजार 338 टीके अब तक लगाए गए हैं।

6 जिलों में कोरोना का एक भी नया मामला नहीं

छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण की दर और घटकर 0.19 प्रतिशत हो गई है। 11 अगस्त को प्रदेश भर में हुए 42 हजार 763 सैंपलों की जांच में 83 व्यक्ति संक्रमित पाए गए। राज्य के सभी जिलों में संक्रमण की दर एक प्रतिशत से नीचे हैं। विभिन्न जिलों में संक्रमण की दर शून्य प्रतिशत से लेकर अधिकतम 0.74 प्रतिशत तक है। 

एक्टिव मरीजों की संख्या हुई 1557 

प्रदेश के छह जिलों बालोद, बेमेतरा, गरियाबंद, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, सूरजपुर और नारायणपुर में 11 अगस्त को कोरोना संक्रमण का एक भी मामला नहीं आया है। इस दिन प्रदेश में कोरोना संक्रमित एक व्यक्ति की मौत हुई है। कोरोना मरीजों के स्वस्थ होने और रोज कम संख्या में नए मरीज मिलने के कारण कोविड-19 के सक्रिय मामलों में लगातार गिरावट आ रही है। राज्य में अभी एक्टिव मरीजों की संख्या 1557 है।

छत्तीसगढ़ में 45+ के 90% लोग लगवा चुके हैं कोरोना का पहला टीका, 7 जिलों में कोरोना का एक भी नया मामला नहीं

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छत्तीसगढ़ में 45+ के 90 प्रतिशत लोगों को कोरोना से बचाव का पहला टीका लगाया जा चुका है। पहली और दूसरी, दोनों खुराकों को मिलाकर राज्य में 6 अगस्त तक कुल एक करोड़ 28 लाख 25 हजार 432 टीके लगाए जा चुके हैं। इनमें से एक करोड़ दो लाख 72 हजार 054 पहली डोज के रूप में और 25 लाख 53 हजार 378 दूसरी डोज के रूप में लगाए गए हैं।


प्रदेश में तीन लाख नौ हजार 462 स्वास्थ्य कर्मियों, तीन लाख 17 हजार 386 फ्रंटलाइन वर्कर्स, 45+ के 52 लाख 51 हजार 984 और 18+ के 43 लाख 93 हजार 222 नागरिकों को कोरोना से बचाव का पहला टीका लगाया जा चुका है। वहीं दो लाख 46 हजार 229 स्वास्थ्य कर्मियों, दो लाख 32 हजार 109 फ्रंटलाइन वर्कर्स, 45+ के 18 लाख 12 हजार 920 और 18+ के दो लाख 62 हजार 120 लोगों को दोनों टीके लगाए जा चुके हैं।  

प्रदेश में कोरोना संक्रमण की दर 0.25 प्रतिशत 

प्रदेश में कोरोना संक्रमण की दर 6 अगस्त को 0.25 प्रतिशत रही है। इस दिन प्रदेश भर में हुए 43 हजार 810 सैंपलों की जांच में 109 व्यक्ति संक्रमित पाए गए। राज्य के सभी जिलों में संक्रमण की दर एक प्रतिशत से नीचे है। विभिन्न जिलों में संक्रमण की दर शून्य प्रतिशत से लेकर अधिकतम 0.74 प्रतिशत तक है। प्रदेश के सात जिलों राजनांदगांव, बेमेतरा, कबीरधाम, गरियाबंद, मुंगेली, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही और सूरजपुर में 6 अगस्त को कोरोना संक्रमण का एक भी मामला नहीं आया है। कोरोना मरीजों के स्वस्थ होने और रोज कम संख्या में नए मरीज मिलने के कारण कोविड-19 के सक्रिय मामले भी तेजी से घट रहे हैं। राज्य में अभी सक्रिय मरीजों की संख्या 1780 है।

वैक्सीन है जीवन रक्षक, जीवन बचाने के लिए टीका ज़रूर लगवाएं : डोमन सिंह

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महासमुन्द जिले में कोरोना कहर पर पूरी तरह काबू पाने के लिए वैक्सीनेशन जोर-शोर से चल रहा। कलेक्टर ने शहर के तीन टीकाकरण केंद्रों का जायज़ा लिया।





महासमुंद जिले में कोरोना के कहर पर पूरी तरह काबू पाने के लिए वैक्सीनेशन जोर शोर से चल रहा है। पूरे ज़िले में कोविड टीकाकरण की प्रतिदिन योजनाबद्ध कार्ययोजना बनाया जा रहा है। अभी 18 से साल से ऊपर के सभी लोगों को टीका लगाया जा रहा है। इसके अलावा 45 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को प्लान अनुसार स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रथम एवं दूसरी डोज लगायी जा रही है। कलेक्टर डोमन सिंह रोज टीकाकरण प्रगति की हर घंटे रिपोर्ट ले रहे है। गांव में मोबिलाइजेशन हेतु प्रचार-प्रसार, मुनादी आदि की जा रही है। मालूम हो कि जिले में 45 से अधिक उम्र के लोगों को लक्ष्य से अधिक का पहली डोज लगायी जा चुकी है। वहीं 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों का टीकाकरण युद्धस्तर पर जारी है। टीकाकरण में छत्तीसगढ़ में महासमुन्द जिला अव्वल है।





बारिश के बीच कलेक्टर पहुंचे टीकाकरण देखने





कलेक्टर डोमन सिंह ने आज बारिश के बीच महासमुंद शहर के तीन टीकाकरण केंद्र बृजराज पाठशाला, आत्मानन्द इंग्लिश मीडियम स्कूल और इमलीभाठा पहुँचे। वहाँ किए जा रहे टीकाकरण का जायज़ा लिया। उन्होंनें टीकाकरण कराने आए लोगों से बातचीत भी की। कलेक्टर ने कुछ लोगों से शुरुआती दौर में में टीकाकरण नही कराने का कारण भी पूछा। लोगों ने इसके अलग-अलग तर्क दिए। कलेक्टर सिंह ने कहा कि जीवन बचाने के लिए टीका लगवाना ज़रूरी है। अगर कोरोना से बचना है, तो टीकाकरण जरूर करवायें। उन्होंने कहा कि यह टीका कोरोना वायरस के खिलाफ हम सभी के लिए संजीवनी है। इसका हम इस्तेमाल करें। कलेक्टर के साथ मुख्य नगर पालिका अधिकारी ए.के.हलदार मौजूद थे ।









कलेक्टर ने लोगों से की अपील





कलेक्टर सिंह ने ज़िले के सभी पात्र लोगों से अपील की है कि अगर कोरोना से बचना है, तो टीकाकरण जरूर करवाएं। वैक्सीन आज के समय में जरूरत बन गई है। उन्होंने स्वयं का उदाहरण देते हुए कहा कि मुझे वैक्सीन से कोई दिक्कत नहीं हुई है। वैक्सीन जीवनरक्षक है। इससे कोई नुकसान नहीं होगा। उन्होंने मितानिन और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से लोगों के टीकाकरण केंद्रों में टीकाकरण हेतु अपेक्षाकृत नही आने के बारे में पूछा है। आज बारिश के चलते लोगों की संख्या टीकाकरण केंद्र में कम नज़र आयी ।





टीकाकरण को लेकर महिलाओं में हैं भ्रांतियां





कुछ महिलाओं में भ्रांतियां हैं कि मासिक धर्म के वक्त वैक्सीनेशन नहीं कराना चाहिए या स्तनपान कराने वाली महिलाओं को टीकाकरण से नुकसान पहुंच सकता है। लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। इसलिए वैक्सीन से डरे नहीं है, बल्कि टीकाकरण जरूर कराएं। यह पूरी तरह से सुरक्षित है। आंगनबाड़ी वर्कर नगरीय और ग्रामीण क्षेत्र में महिलाओं को जागरूक करें। ताकि पूरे परिवार को सुरक्षित कर सकें।


पहली और दूसरी डोज मिलाकर छत्तीसगढ़ में अब तक 71.14 लाख लोगों को लगाए गए टीके

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छत्तीसगढ़ में 45 साल से ज्यादा के 77 प्रतिशत नागरिकों को कोरोना से बचाव का पहला टीका लगाया जा चुका है। वहीं शत-प्रतिशत फ्रंटलाइन वर्कर्स और 90 प्रतिशत स्वास्थ्य कर्मियों को पहली खुराक दी जा चुकी है। 18 से 44 आयु वर्ग के आठ लाख 31 हजार युवाओं का टीकाकरण किया जा चुका है। सभी आयु वर्ग और श्रेणियों के व्यक्तियों को लगाए गए पहली और दूसरी डोज को मिलाकर प्रदेश में अब तक (6 जून तक) 71 लाख 14 हजार टीके लगाए गए हैं।





छोटे बच्चों को न्यूमोकोकल बीमारी से बचाने के लिए लगाई जाएगी वैक्सीन





प्रदेश में 45 साल से ज्यादा के 58 लाख 67 हजार लोगों के टीकाकरण का लक्ष्य है। इनमें से अब तक 45 लाख 31 हजार से ज्यादा लोगों को कोरोना से बचाव के टीके की पहली खुराक दी जा चुकी है। महासमुंद, रायगढ़ और धमतरी जिले में इस आयु वर्ग के शत-प्रतिशत लोगों को पहला डोज लगाया जा चुका है। वहीं कांकेर में 94 प्रतिशत, बालोद में 93 प्रतिशत, कोरबा में 92 प्रतिशत और सूरजपुर में 91 प्रतिशत लोगों को टीका लगाया गया है।





इन जिलों ने इतना हुआ वैक्सीनेशन





सरगुजा में 45 साल से ज्यादा के 89 प्रतिशत नागरिकों को, दुर्ग में 88 प्रतिशत को, कोंडागांव में 84 प्रतिशत, जशपुर में 81 प्रतिशत, सुकमा में 80 प्रतिशत, दंतेवाड़ा में 78 प्रतिशत, राजनांदगांव में 77 प्रतिशत, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, गरियाबंद और कोरिया में 76-76 प्रतिशत, जांजगीर-चांपा में 72 प्रतिशत, बस्तर में 71 प्रतिशत, बलरामपुर-रामानुजगंज में 68 प्रतिशत, कबीरधाम में 63 प्रतिशत, बलौदाबाजार-भाटापारा में 62 प्रतिशत, बिलासपुर में 60 प्रतिशत, मुंगेली में 59 प्रतिशत, रायपुर में 56 प्रतिशत, बेमेतरा में 55 प्रतिशत, बीजापुर में 54 प्रतिशत तथा नारायणपुर जिले में 47 प्रतिशत को पहला टीका लगाया जा चुका है। प्रदेश में इस आयु वर्ग के सात लाख पांच हजार से ज्यादा व्यक्तियों को टीके की दूसरी खुराक भी दी जा चुकी है।





इन वर्गों को लगा वैक्सीन





राज्य में 18 से 44 साल के 8 लाख 31 हजार से ज्यादा युवाओं को कोरोना से बचाव के लिए पहला टीका लग चुका है। इनमें एक लाख 6 हजार 440 अंत्योदय परिवारों के, 3 लाख 38 हजार 749 बीपीएल परिवारों के, 3 लाख छह हजार 778 एपीएल श्रेणी के और 79 हजार 314 फ्रंटलाइन वर्कर्स शामिल हैं।





छत्तीसगढ़ में नियंत्रण में कोरोना संक्रमण की स्थिति





छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण की स्थिति अब नियंत्रण में है। बीते 6 जून को प्रदेश में संक्रमण की रफ्तार घटकर मात्र 2.7 प्रतिशत पर आ गई है। पिछले महीने 16 मई को यह आंकड़ा 9 प्रतिशत दर्ज किया गया, जबकि अप्रैल माह में संक्रमण की दर 30 प्रतिशत तक जा पहुंची थी। राज्य में रोजाना औसत टेस्टिंग जनवरी माह के 22 हजार 761 की तुलना में मई माह में 61 हजार 740 हो चुकी है।





निशुल्क दवा किट वितरित





प्रदेश में टीकाकरण का कवरेज भी लगातार बढ़ता जा रहा है। कोरोना से बचाव के टीके की पहली और दूसरी खुराक को मिलाकर अब तक (6 जून तक) 71 लाख 14 हजार टीके लगाए जा चुके हैं। कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण और रोकथाम के लिए इसके लक्षण वाले 20 लाख 40 हजार संदिग्ध मरीजों को निःशुल्क दवा किट वितरित की गई हैं।





मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दी जानकारी





मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि अपनी ठोस रणनीति से छत्तीसगढ़ ने न केवल कोरोना की दूसरी लहर पर शीघ्रता से काबू पा लिया है, बल्कि तीसरी लहर की आशंका को समाप्त करने व्यापक स्तर पर तैयारी कर रही है। यदि तीसरी लहर आती भी है तो उससे और भी कुशलता के साथ निपटा जा सकेगा। उन्होंने कहा है कि इस समय हमारा पूरा जोर संक्रमण को पूरी तरह काबू में लाने और जहां लोग अभी भी संक्रमण का शिकार हो रहे हैं, वहां इसे रोकने टेस्टिंग, ट्रेसिंग और ट्रीटमेंट की सुविधाओं के विस्तार पर है।





कोरोना टेस्ट की सुविधा





मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में प्रदेश में चिकित्सा सुविधाओं के लगातार विस्तार के फलस्वरूप कोरोना संक्रमितों की पहचान के लिए अब 39 लैबों में ट्रूनाट और 16 में RT-PCR टेस्ट की सुविधा मुहैया करायी जा ही है। इसके साथ ही RT-PCR टेस्ट के लिए बलौदाबाजार, दुर्ग, दंतेवाड़ा, जांजगीर और जशपुर में 5 नए वायरोलॉजी लैब स्थापित किए जा रहे है। प्रदेश के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में एंटीजन टेस्ट की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। सभी जिलों में अतिरिक्त मशीन प्रदान कर टूनाट लैब की जांच क्षमता भी बढ़ाई जा रही है।





16,405 बेड की सुविधा उपलब्ध





कोरोना संक्रमितों के इलाज के लिए प्रदेश के छह शासकीय मेडिकल कॉलेजों और एम्स रायपुर सहित 37 डेडिकेटेड कोविड हॉस्पिटल और 154 कोविड केयर सेण्टर बनाए गए हैं। हर जिले में भी डेडिकेटेड कोविड अस्पताल बनाए गए है। शासकीय डेडिकेटेड कोविड अस्पतालों में 5294 बेड और कोविड केयर सेंटर्स में 16,405 बेड की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।





निजी कोविड अस्पतालों में 9596 बेड उपलब्ध





वहीं निजी कोविड अस्पतालों में 9596 बेड उपलब्ध कराए गए हैं। शासकीय और निजी अस्पतालों को मिलाकर प्रदेश में 1151 वेटिंलेटर उपलब्ध हैं। ऑक्सीजेनेटेड बेड की संख्या बढ़ाने के लिए राज्य में 18 नए ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट्स स्थापित किये गए हैं। इनके साथ ही 6 नए प्लांट्स प्रक्रियाधीन हैं जिनमें से 3 प्लांट अगले एक सप्ताह में स्थापित हो जायेंगे।





छत्तीसगढ़ में अब तक 9.44 लाख से अधिक लोगों ने कोरोना को दी मात





प्रदेश में अब तक कुल नौ लाख 44 हजार से अधिक लोग कोरोना से ठीक हो चुके हैं। इनमें से एक लाख 61 हजार अस्पताल से डिस्चार्ज हुए हैं और सात लाख 83 हजार मरीजों ने होम आइसोलेशन में इलाज कराकर कोरोना को मात दी है। होम आइसोलेटेड मरीजों की निगरानी के लिए प्रत्येक जिले में कण्ट्रोल रूम की स्थापना भी की गई है। स्थानीय प्रशासन द्वारा उन्हें निःशुल्क दवाईयां भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।


कई खेपों में थोड़ी-थोड़ी डोज मिलने के बावजूद छत्तीसगढ़ में तेजी से टीकाकरण, तेजी से सुधर रहे हैं कोरोना के हालात

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विभिन्न आयु वर्ग के लिए कई खेपों में कोविशिल्ड और कोवैक्सीन की थोड़ी-थोड़ी मात्रा राज्य को प्राप्त होने के बावजूद छत्तीसगढ़ में तेजी से टीकाकरण किया जा रहा है। 18 से 44 आयु समूह के लिए राज्य को अब तक प्राप्त 9 लाख 38 हजार 530 डोज में से करीब 7 लाख 99 हजार 832 डोज का टीकाकरण किया जा चुका है। कोविन डैशबोर्ड डेटा के मुताबिक 06 जून 2021 की सुबह 9 बजे की स्थिति में इस आयु वर्ग की कुल जनसंख्या में से 20.29 प्रतिशत को पहली डोज दी जा चुकी थी।





पाकिस्तान में 2 यात्री ट्रेनों में हुई टक्कर, 50 लोग की मौत, कई घायल





यह आंकड़ा इस आयु वर्ग में देश की कुल जनसंख्या को दिए गए पहली डोज के औसत 13.51 प्रतिशत से ज्यादा है। इसी तरह इस आयु वर्ग में कुल जनसंख्या के 3.85 प्रतिशत लोगों को दूसरी डोज दी जा चुकी है, जो राष्ट्रीय औसत 3.29 के आस-पास है। 18 से 44 आयु समूह के लिए 01 मई 2021 को कोवैक्सीन की 1 लाख 50 हजार, 08 मई 2021 को कोविशील्ड की 3 लाख 50 हजार डोज, 15 मई 2021 को कोविशील्ड की 02 लाख 97 हजार 110 डोज मिली है।





तेजी से हो रहा वैक्सीनेशन





05 जून 2021 को कोविशील्ड की 01 लाख 41 हजार 420 डोज प्राप्त हुई है। समय-समय पर मिल रही दोनों वैक्सीनों की डोजों की मात्रा के अनुरूप टीकाकरण का काम तेजी से किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ को जनवरी 2021 से लेकर अब तक 23 खेपों में 75 लाख 92 हजार 780 डोज कोविशिल्ड वैक्सीन की प्राप्त हुई है। वहीं जनवरी से अब तक 08 खेपों में सिर्फ 05 लाख 66 हजार 300 डोज कोवैक्सीन प्राप्त हुई है। इस प्रकार दोनों वैक्सीन के कुल 81 लाख 59 हजार 80 डोजेज प्राप्त हुए हैं। कोवैक्सीन और कोविशिल्ड के 75-75 लाख डोज के लिए राज्य द्वारा पहले ही ऑर्डर दिया जा चुका है।





तेजी से सुधर रहे हैं कोरोना के हालात





छत्तीसगढ़ में कोरोना-संक्रमण के नियंत्रण के लिए किए जा रहे प्रयासों के परिणामस्वरूप राज्य की परिस्थितियों में तेजी से सुधार हो रहा है। लंबे समय बाद 06 जून 2021 को पॉजिटिव प्रकरणों की संख्या 1000 से कम दर्ज की गई। राज्य में पॉजिटिविटी दर भी मात्र 2.66 प्रतिशत रह गई है। रविवार को राज्य में कोरोना की वजह से होने वाली मौतों की संख्या भी सिर्फ 25 रही।


अगर हमपर विश्वास नहीं तो भेज सकती हैं जांच टीम, छत्तीसगढ़ में वैक्सीन वेस्टेज 1% से भी कम

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में फ़िलहाल वैक्सीन की बर्बादी को लेकर केंद्र तथा राज्य सरकार के बीच आरोप प्रत्यारोप का दौर चल रहा है। कोरोना वैक्सीन की बर्बादी को लेकर छत्तीसगढ़ सरकार ने केंद्र सरकार को जवाब दिया है कि अगर उन्हें वैक्सीन वेस्टेज को लेकर हमपर विश्वास नहीं है तो जांच के लिए टीम भेज सकती है। छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा कि केंद्र सरकार ने एक नया पोर्टल बनाया है और वे सीधे टीकाकरण केंद्रों से डेटा एकत्र कर रहे हैं, न कि राज्य सरकार से।






https://twitter.com/ChhattisgarhCMO/status/1397765877622181888?s=20




इसके आगे उन्होंने कहा है कि कुछ टीकाकरण केंद्रों से डेटा उपलब्ध कराने में देर हो रही है, जिसे केंद्र वैक्सीन वेस्टेज बता रहा है। बता दें कि केंद्र सरकार की ओर से जारी नए आंकड़ों के मुताबिक टीकों की बर्बादी वाले राज्यों की सूची में झारंखड, छत्तीसगढ़ और तमिलनाडु टॉप पर हैं। केंद्र ने छत्तीसगढ़ में टीकों की बर्बादी का आंकड़ा 30.2 फीसदी बताया है।





हालांकि, पिछले कुछ दिनों में कई राज्यों में टीकों की बर्बादी में कमी आई है, लेकिन कुछ राज्यों में अभी सुधार नहीं देखने को मिला है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने इस पर ट्वीट किया है कि यह आंकड़ा गलत है। उन्होंने कहा हमने पहले ही इस संबंध में स्वास्थ्य मंत्रालय को पत्र लिखा है जिसमें राज्य के टीकाकरण के आंकड़े और वास्तव वेस्टेज प्रतिशत दिया गया है।


कांग्रेस टीका पर नहीं टिप्पणियों पर ध्यान केंद्रित कर रही है : भाजपा

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महासमुन्द में आयोजित वर्चुअल प्रेसवार्ता में भाजपा के वरिष्ठ विधायक अजय चंद्राकर, जिलाध्यक्ष रूपकुमारी चौधरी ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस टीका पर नहीं टिप्पणियों पर ज्यादा ध्यान केंद्रित कर रही है। कोरोना काल में कांग्रेस का हमेशा दोहरा चरित्र रहा है। जब प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी देश के स्वाभिमान की रक्षा के लिये कार्य कर रहे हैं तो कांग्रेस हमेशा देश के स्वाभिमान को कमजोर करने का कार्य किया है। देश में नए संसद भवन का निर्माण राष्ट्र गौरव का कार्य है। इस दिशा में मजबूत संकल्प लिया गया है। इस पर भी कांग्रेस राजनिति से नही चुकना चाहती है। कांग्रेस को बताना चाहिये संसद का विरोध कर रही है तो प्रदेश में विधानसभा भवन का निर्माण किसलिये करवा रही है।





व्यापारी से सार्वजनिक वितरण प्रणाली का चावल जब्त, SDM ने की कार्रवाई





उन्होंने कहा है कि जब पूरा देश इस एकजुटता के कोरोना को परास्त करने जुटा है। जब कांग्रेस केवल इस मुद्दों पर गैर वाजिब सवाल उठाकर देश का ध्यान भटकाना चाहती है। वैश्विक स्तर पर कोरोना से लड़ने हम जितना सफल हो रहे है। दुनियां के अन्य देश के लिये सशक्त उदाहरण है।
कोरोना से लड़ने के लिये टीका इस समय महात्वपूर्ण अस्त्र है ,लेकिन इस पर कांग्रेस की प्राथमिकता में टीकाकरण नहीं बल्कि उस पर टिप्पणी जरूरी है। प्रदेश में समय रहते टीकाकरण प्रांरभ कर दिया जाता तो जो परेशानियां वर्तमान हो रही है। वह नही होती है और प्रदेश में जनमानस की सुरक्षा में अहम कदम होता। लेकिन प्रदेश की कांग्रेस की सरकार को इसकी जरा भी चिंता कभी नही रही है।





इस महामारी काल में अंत्योदय की चिंता हमारे हमेशा लक्ष्य में रहा है और रहेगा। कोरोना के विस्तार के बाद से ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हमेशा सबकी चिंता की है। सबके लिए अन्न योजना चला रहे हैं। अंत्योदय चिंता करते देश की 80 करोड़ जनता को इस काल में राशन सुलभ करवा रहे है।





प्रदेश सरकार उच्च न्यायालय का आदेश का अनुपालन ही कर रही है। सर्वहित और सर्व समाज के लिये टीकाकरण नीति बनाया जाये। लेकिन प्रदेश की सरकार ने अपनी जिम्मेदारियों से बचने के लिये जुटी है। उसे कभी प्रदेश के जनता की चिंता नही रही है। जरा भी चिंता होती तो टीकाकरण के लिये आवश्यक कार्रवाई जरूर करती।





शादी में उड़ी कोरोना गाइडलाइन की धज्जियां, नतीजा शादी की मेहंदी उतरने से पहले ही दुल्हन हो गई विधवा





मौत के आंकड़े छुपाए जा रहे





शहरों के गांव के स्तर पर कोरोना की भयावह तस्वीर देखने को मिल रही है। उपचार के अभाव में लगातार लोगों की मौते हो रही है। प्रदेश की सरकार को जरा भी इसकी चिंता नही है। समय रहते उपाचार नही मिलने की स्थिति कहीं और चिंताजनक न हो जाये इसकी चिंता करने की जरूरत है। लेकिन प्रदेश की सरकार में अपसी संवाद नहीं बजाय विवाद अधिक है। गांवों के स्तर को कोई सुविधा नही है। इसका खामियाजा प्रदेश की जनता को चुकाना पड़ रहा है।





प्रदेश में कोरोना के जांच के नाम पर केवल औपचारिकता ही हो रही है। कोरोना की जांच सही समय पर नही हो रही है। व समय पर रिर्पोट नही मिलने पर कोरोना के विस्तार का अंदेशा बना रहता है। जिसकी जरा भी चिंता नही है। कोरोना का वास्तविक स्थिति पर पर्दा डाला जा रहा है। मौत के अंकड़े भी छिपाये जा रहे हैं।





विपक्ष से संवाद नहीं करना चाहते





उन्होंने कहा कि जब प्रदेश मे मजबूत विपक्ष सरकार से संवाद करना चाहता है तो प्रदेश की सरकार इससे बचना चाहती है। हम प्रदेश की जनता के हितों को ध्यान में रखकर सुझाव देना चाहते है। लेकिन प्रदेश की सरकार विर्चुअल बैठक करने की बात कह कर अपनी जिम्मेदारियों से बच रही है। प्रदेश सरकार की प्राथमिकता ऑनलाईन शराब बेचना अधिक है। जनता की जरा भी चिंता होती तो शराब के बजाय दवा सुलभ करने की दिशा में कार्य करती। पूरे प्रदेश में इस कोरोना काल के बाद भी अवैध तरीके से शराब बिक रही है। जिस पर अंकुश लगाने के बजाये उसे प्रोत्सहित करने प्रदेश की सरकार जुटी है। नशे के कारोबारियों का यह एक प्रमुख केन्द्र बन गया है। इन सब पर इस गैरजिम्मेदाराना सरकार की कोई चिंता नही है।
इस प्रदेश में कोरोना काल में कई अधिकारियों व कर्मचारियों की मृत्यु कोरोना सेवा कार्य के दौरान हुई है। इन लोगों के परिजनों को तत्काल सारे नियमों को शिथिल करते हुए अनुकंपा नियुक्ती दी जानी चाहिये।


कल से शुरू होगा दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान

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16 जनवरी के दिन पूरे भारत का इंतजार खत्म हो जाएगा। सभी फिर से अपनी पूरानी सामान्य जिंदगी में लौटने की कोशिश में एक और कदम आगे रखने जा रहे हैं। इस दिन दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान (vaccination Campaign) की शुरुआत होने जा रही है। देशभर के फ्रंटलाइन कोरोना वॉरियर्स को वैक्सीन लगने जा रहा है।





सिकलसेल की जांच अब हुई आसान, तुरंत मिल जाएगा रिपोर्ट






छत्तीसगढ़ सरकार ने पहले चरण में लगभग 2.7 लाख स्वास्थ्यकर्मियों के कोविड 19 के टीकाकरण का प्रंबध किया है। सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक कोरोना का टीका (vaccination Campaign)लगाया जाएगा। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।





  • राज्य के सभी 28 जिलों में 1349 सेंटर्स बनाए गए हैं।
  • 99 केंद्रों से वैक्सीनेशन की लॉन्चिंग होगी।
  • सरकारी और निजी स्वास्थ्य सुविधाएं स्कूल सामुदायिक और ग्राम पंचायत और नगर पालिका भवन शामिल हैं।
  • 7116 कर्मियों को टीकाकरण के लिए प्रशिक्षित किया गया है।
  • सभी 28 जिलों में 83 स्थानों पर कोविड-19 टीकाकरण का पूर्वाभ्यास किया जा चुका है।

धूप, दीप और आरती उताकर छत्तीसगढ़ में किया गया कोरोना वैक्सीन का स्वागत

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छत्तीसगढ़ में कोरोना वैक्सीन (Corona Vaccine) का स्वागत आज किया गया। कार्गो से रायपुर एयपोर्ट पर वैक्सीन की पहली खेप प्रदेश में पहुंची। फूलों से सजी गाड़ियों में वैक्सीन डीकेएस अस्पताल के पास सेंटर में लेकर जाया गया। प्रदेश को सीरम इंस्टीट्यूट की कोविशील्ड के रूप में कोरोना टीके की पहली खेप मिली। एयरपोर्ट पर प्रदेश के राज्य टीकाकरण अधिकारी डॉक्टर अमर सिंह ठाकुर, रायपुर की मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर मीरा बघेल समेत रायपुर नगर निगम के महापौर एजाज ढेबर ने कोरोना वैक्सीन को रिसीव किया। पूरी VIP सुरक्षा में डीपो लाए गए टीके को नीचे उतारने से पहले डॉक्टरों और तकनीकी टीम ने धूप, दीप, नैवेद्य से पूजा की। नारियल फोड़ा और आरती उतारी। उसके बाद वैक्सीन के कॉर्टन को एक-एक कर डीपो के रेफ्रीजरेटर में रखा गया।





छत्तीसगढ़ में प्रथम चरण में हेल्थ केयर वर्कर को कोरोना वैक्सीन लगाने की तैयारी, बनाए गए 99 केंद्र





पुलिस की रही कड़ी सुरक्षा (Corona Vaccine)





पुलिस की दो गाड़ियों ने वैक्सीन वैन को स्कॉर्ट किया। हवाई अड्डे से माना, धमतरी रोड होते हुए वैन डीकेएस अस्पताल के पीछे बने राज्य वैक्सीन डीपो लाया गया। इस दौरान पूरे रास्ते पुलिस की तैनाती रही। शासन-प्रशासन ने गाइडलाइन के अनुसार दवा को स्टोर किया।
इन जिलों में भेजा गया वैक्सीन





कुल वैक्सीन





  • सुकमा 5,130
  • सूरजपुर 11,760
  • सरगुजा 13,820




फ्रंट लाइन वॉरियर्स को लगेगा टीका





कई जिलों के वैक्सीन मैनेजर रायपुर कोरोना टीका लेने पहुंचे। कुछ जिलों को बुधवार तो कुछ जिलों को गुरुवार को कोरोना का टीका मिल जाएगा। प्रदेश में टीकाकरण के लिए 1 हजार 349 टीकाकरण केंद्र बनाए गए हैं। वैक्सीन लॉन्च के लिए 99 केंद्र चिन्हित किए गए हैं। पहला टीका दो लाख 67 हजार 399 हेल्थ-केयर वर्कर्स, राज्य व केंद्रीय कर्मचारियों और सशस्त्र बलों को लगाया जाएगा।


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