Media24Media.com: उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने कर्नाटक के श्री वीरभद्रेश्वर मंदिर में राजगोपुरम का उद्घाटन किया

Responsive Ad Slot

Latest

latest


 

उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने कर्नाटक के श्री वीरभद्रेश्वर मंदिर में राजगोपुरम का उद्घाटन किया

Document Thumbnail

भारत के उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने आज श्री वीरभद्रेश्वर मंदिर में आयोजित राजगोपुरम उद्घाटन, कलशारोहण और महाकुंभाभिषेक समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। यह कार्यक्रम कर्नाटक के बेलगावी जिले के श्री क्षेत्र यादुर में आयोजित हुआ।

मुख्य बातें

  • उपराष्ट्रपति ने इस अवसर को आध्यात्मिक पुनर्जागरण और सभ्यतागत पुनः पुष्टि का क्षण बताया।

  • उन्होंने कहा कि भारत केवल एक राष्ट्र नहीं बल्कि एक जीवंत सभ्यता है, जो सिंधु घाटी से लेकर कन्याकुमारी तक चेतना की निरंतर धारा के रूप में बहती आई है।

  • उन्होंने बताया कि यही वह पवित्र भूमि है जहाँ वेदों का ज्ञान पहली बार सुना गया और जहाँ भगवद् गीता का संदेश आज भी मानवता को साहस से कर्म करने, धर्मपूर्वक जीवन जीने और श्रद्धा से समर्पित होने की प्रेरणा देता है।

हिंदू दर्शन पर विचार

उपराष्ट्रपति ने कहा कि हिंदू चेतना केवल अनुष्ठानों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक जीवन पद्धति है।
उन्होंने वसुधैव कुटुम्बकम् – पूरी दुनिया एक परिवार है” के सिद्धांत को भारत की आध्यात्मिक दृष्टि का आधार बताया, जो प्रकृति और हर मानव में दिव्यता देखती है।

वीरशैव-लिंगायत परंपरा

उन्होंने वीरशैव लिंगायत परंपरा के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि इस परंपरा ने कर्नाटक और पड़ोसी महाराष्ट्र में आध्यात्मिक, शैक्षिक, सांस्कृतिक और सामाजिक उत्थान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

संतों को श्रद्धांजलि

उपराष्ट्रपति ने शिव योगी श्री कादसिद्धेश्वर स्वामीजी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उन्होंने इस पवित्र स्थल को पुनः खोजकर और पुनर्जीवित कर सनातन धर्म की ज्योति को फिर से प्रज्ज्वलित किया।
उन्होंने कहा कि सनातन धर्म समय की परीक्षा से गुजर सकता है, लेकिन कभी मिट नहीं सकता।

विकास और विरासत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विज़न “विकास भी, विरासत भी” का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भारत आज तकनीकी रूप से उन्नत, आर्थिक रूप से मजबूत और वैश्विक रूप से प्रभावशाली राष्ट्र बन रहा है, लेकिन साथ ही अपनी सभ्यतागत जड़ों से भी जुड़ा हुआ है।

अन्य गणमान्य लोग

इस अवसर पर कई प्रमुख व्यक्तित्व उपस्थित थे, जिनमें शामिल हैं:

  • थावरचंद गहलोत – कर्नाटक के राज्यपाल

  • एम. बी. पाटिल – कर्नाटक सरकार में मंत्री

  • श्रीशैल जगद्गुरु डॉ. चन्ना सिद्धराम पंडिताराध्य शिवाचार्य स्वामीजी

  • इरन्ना कडाडी– राज्यसभा सांसद

साथ ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु और धार्मिक नेता भी इस समारोह में उपस्थित रहे।



Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.