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स्कूल में खेलते वक्त दूसरी की छात्रा की मौत, CM भूपेश बघेल ने जताया दुख

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बेमेतरा जिले के बंधी गांव में स्थित स्कूल कैंपस में खेलने वक्त दूसरी कक्षा में पढ़ने वाली छात्रा की मौत हो गई। खेलते वक्त उसे एक बिच्छू ने काट लिया, जिसके बाद से वह दर्द के मारे परेशान थी। फिर उसे बेहतर इलाज के लिए रायपुर के अस्पताल में भेजा जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया।  जानकारी के मुताबिक 8 साल की दिव्या मंडावी यहां बंधी गांव के शासकीय प्राथमिक शाला में कक्षा-2वीं की छात्रा थी। 

दिव्या रोज की तरह बुधवार को भी स्कूल गई थी। स्कूल में लंच का वक्त हुआ था तो वह अपने दोस्तों के साथ खेल रही थी। उसी वक्त बिच्छू ने उसे काट लिया था। बिच्छू के काटने के बाद वह जोर-जोर से रोने लगी। इसके बाद बच्चों ने टीचरों को इस बारे में बताया था। बाद में उसे पहले पास के दाढ़ी अस्पताल ले जाया गया था, जहां से उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया था। यहां भी जब उसकी हालत ठीक नहीं हुई तो उसे रायपुर रेफर किया गया था। दिव्या को रायपुर ले जाया जा रहा था। उसी दौरान रास्ते में उसकी और तबीयत बिगड़ गई। फिर उसे सिमगा के स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया,जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

CM भूपेश बघेल ने जताया दुख

वहीं घटना को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दुख जताया है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन को छात्रा के परिजनों की हर संभव सहायता के निर्देश दिए हैं। इसके बाद दिव्या के परिजनों को एक लाख रुपए की सहायता राशि तुरंत दी गई है। ये भी बताया गया है कि सरकारी योजना के तहत बच्ची के परिजनों को जल्द ही 4 लाख रुपए और दिए जाएंगे।

बिस्किट कंपनी पर लगा 6 लाख का जुर्माना, इस वजह से हुई कार्रवाई

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बेमेतरा: एक निजी पारले बिस्किट कंपनी द्वारा अमानक खाद्य पदार्थों का उत्पादन, वितरण और विक्रय करने के कारण अपर कलेक्टर ए.के. बाजपेयी ने खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम के तहत 6 लाख 40 हजार का जुर्माना लगाया है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी, खाद्य और औषधि प्रशासन के द्वारा आरोपी नरेंद्र देवांगन, फर्म महाजन किराना स्टोर्स बेरला के दुकान का निरीक्षण किया गया और पारले बिस्कुट कम्पनी द्वारा उत्पादित पारले किसमी असोर्टेड टॉफी दुकानदार द्वारा विक्रय किया जा रहा था, जिसका सैंपल लिया और खाद्य पदार्थ का परीक्षण इंदौर से कराया गया। 

परीक्षण में खाद्य पदार्थ को अवमानक घोषित किया गया, जिसके आधार पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी द्वारा अभिहित अधिकारीसे विधिवत अनुमति प्राप्त कर एडीएम और न्याय निर्णयन अधिकारी के समक्ष खाद्य सामग्री का उत्पादन, वितरण और विक्रय करने वाले आरोपी नरेंद्र देवांगन, सुजित राउत, जाबिर अली, रामसिंग समेत एस. वसन्त मुरली के खिलाफ प्रकरण प्रस्तुत किया गया। एडीएम न्यायालय में सुनवाई के बाद आरोपियों को अमानक खाद्य पदार्थ के उत्पादन, वितरण और विक्रय को दोषी मानते हुए आरोपियों को 6 लाख 40 हजार का जुर्माना लगाया। साथ ही 15 दिन के अंदर जुर्माने की राशि को न्यायालय में जमा करने का निर्देश दिया गया। 

ADM ने लिया फैसला

एडीएम ने अपने निर्णय में लिख है कि पारले बिस्किट कंपनी  एक प्रतिष्ठित व्यवसायिक ब्रांड है, जिसका देशव्यापी विस्तृत व्यवसायिक क्षेत्र है। ऐसी कंपनी से अमानक खाद्य पदार्थ के उत्पादन की अपेक्षा नहीं की जा सकती और कंपनी का ये कृत्य जन स्वास्थ्य और सुरक्षा साथ खिलवाड़ है। अमानक खाद्य पदार्थ पारले किसमी असोर्टेड टॉफी का विक्रय करने वाले आरोपी नरेन्द्र देवांगन निवासी बेरला पर खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियमके तहत 20 हजार रु का जुर्माना लगाया गया है। 

इन्हें भी देना होगा जुर्माना

वहीं जय मातादी ट्रेडर्स अहिवारा, नंदिनी के संचालक सुजित राउत पर 20 हजार रु, श्री वासु लॉजिस्टीक लि. रायपुर के संचालक जाबिर अली पर एक लाख रुपये, पारले बिस्किट कंपनी इंदौर के संचालक रामसिंग पर 2 लाख 50 हजार रु और पारले बिस्किट कंपनी मुम्बई के संचालक एस. वसन्त मुरली पर 2 लाख 50 हजार रु का जुर्माना लगाया है। आरोपियों द्वारा जुर्माना राशि समय पर जमा न करने पर भू-राजस्व बकाया के भांति वसूली की कार्रवाई होगी।

प्रतिबंधित काष्ठ कहुआ लकड़ी मिलने पर 2 आरामशीन सील

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दुर्ग वनमंडलाधिकारी शशि कुमार के निर्देशन में अवैध प्रतिबंधित काष्ठ चिरान पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। कुछ दिन पहले बेमेतरा जिले के कुम्हारी में काफी मात्रा में प्रतिबंधित कहुआ काष्ठ और चिरान पाए जाने पर 2 आरामशीन सील किया गया है। बेरला ब्लॉक के सरदा गांव में 46 कहुआ चिरान और 0.609 घनमीटर काष्ठ जब्त करते हुए आरामशीन सील किया गया।

काष्ठ चिरान अधिनियम का उल्लघंन होने से वन विभाग ने केस दर्ज करते हुए आरामिल मालिक संदीप कुमार सुराना और अन्य के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। छापेमारी और दबिश कार्रवाई होने से आरामिल मालिकों में दहशत का माहौल है। इस कार्रवाई के दौरान बेमेतरा उप वनमंडलाधिकारी एमआर साहू, परिक्षेत्राधिकारीगण सलीम मोहम्मद कुरैशी, आरएस चंदेल और अन्य वन कर्मचारी उपस्थित रहे।

खाद्य सुरक्षा के प्रकरणों में कार्रवाई

धमतरी कलेक्टर पीएस एल्मा के मार्गदर्शन में जिले में खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम के प्रकरणों में त्वरित और गंभीरतापूर्वक कार्रवाई की जा रही है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी, खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने बताया कि मलाई चॉकलेट के प्रकरण में फर्म-बिकानेर स्वीट्स एंड नमकीन, भखारा, के प्रोप्राइटर कोरना, जोधपुर, राजस्थान निवासी विजय राजपुरोहित के उपस्थित नहीं होने पर एकपक्षीय कार्रवाई कर उनके ऊपर 20 हजार जुर्माना लगाया गया। 

किराना व्यवसायी पर 30 हजार रूपए जुर्माना

वहीं जोधपुर जिले के कलेक्टर के जरिए पत्राचार कर इस राशि को जमा कराई गई। इसी तरह दलिया के प्रकरण में महावीर किराना स्टोर्स, आमदी थोक विक्रेता और उत्पादक ओम फ्लोर मिल एंड एग्रो मिल, दल्लीराजहरा, बालोद पर 20 हजार रूपए जुर्माना लगाया गया। लॉकडाउन के वक्त पान मसाला विक्रेता, दिनेश ट्रेडर्स, कोलियारी को बिना बैच नंबर और एक्सपायरी तिथि वाले पान मसाला विक्रय करने और साल्हेवारपारा, धमतरी में बिना बैच नंबर वाले पैक्ड पीने के पानी वाले फैक्ट्री जुनेजा बेवरेज पर 20-20 हजार रूपए अर्थदंड लगाया गया है। इसके अलावा बिना एक्पायरी तिथि अंकित किए कोल्डड्रिंक्स बेचने की वजह से नगरी के बस स्टैंड स्थित न्यू पूजा ट्रेडर्स के किराना व्यवसायी पर 30 हजार रूपए जुर्माना लगाया गया। 

उत्कृष्ट काम करने वाले 36 शिक्षकों को किया गया सम्मानित

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छत्तीसगढ़ में समग्र शिक्षा द्वारा पढ़ई तुंहर दुआर 2-0 में बेहतर काम कर रहे हर जिले के शिक्षकों को पुरस्कृत करने की घोषणा शिक्षा मंत्री द्वारा किया गया था। इसी कड़ी में जिला परियोजना कार्यालय बेमेतरा द्वारा जिले के 36 शिक्षकों को पढ़ई तुंहर दुआर 2-0 के अंतर्गत कोरोना काल में उत्कृष्ट कार्य करने पर सम्मानित किया गया। बेमेतरा जिले के 36 शिक्षकों का सम्मान जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद मिश्रा, डाइट प्राचार्य हेमंत भूवाल सर, जिला मिशन समन्वयक कमोद सिंह ठाकुर, एपीसी कमल नारायण शर्मा द्वारा सम्मान प्रमाण पत्र, श्रीफल और पेन द्वारा किया गया।

शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन बीआरसी भवन बेमेतरा के सभाकक्ष में किया गया। उपस्थित सभी शिक्षकों ने कोरोना काल के समय स्वयं के द्वारा किए गए कामों के बारे में बताया और आगे बच्चों के लिए क्या करेंगे, जिससे बच्चों के अध्यापन में जो लर्निंग गेप आया है उसके लिए अपने-अपने नवाचार आइडियाज को शेयर किया। 

सम्मान समारोह में ये रहे उपस्थित

शिक्षक सम्मान समारोह में जिले में चल रही विभिन्न योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए सभी शिक्षकों के सुझाव और क्रियान्वयन की प्रक्रिया सभी शिक्षकों ने बताई। सम्मान समारोह में सतीष शर्मा BRC बेमेतरा, तारकेश्वर साहू BRC बेरला, सोनूराम साहू BRC नवागढ़ समावेशी शिक्षा प्रभारी रेणुका चौबे, BRP रजनी देवांगन, शिक्षक हरि केडिया और सभी शिक्षकगण उपस्थित रहे।

दंतेवाड़ा के सहायक खाद्य अधिकारी और नवागढ़ खाद्य निरीक्षक निलंबित, 7 दुकानदारों पर भी गिरी गाज

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छत्तीसगढ़ शासन द्वारा दंतेवाड़ा जिले के सहायक खाद्य अधिकारी मनीष चितले को प्रशासनिक कार्यों में अनुशासनहीनता और लापरवाही बरतने के कारण छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियम के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन की अवधि में निलंबित शासकीय सेवक का मुख्यालय कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी दंतेवाड़ा निर्धारित किया गया है। निलंबन अवधि में नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता की पात्रता होगी। 


नवागढ़ खाद्य निरीक्षक निलंबित

नगरीय निकाय  निर्वाचन कार्य मे गंभीर लापरवाही बरतने के कारण नवागढ़ खाद्य निरीक्षक विवेक मिश्रा को निलंबित कर दिया गया है। कलेक्टर विलास भोसकर संदीपान ने निलंबन आदेश जारी किया है। खाद्य निरीक्षक मिश्रा का निलंबन अवधि में मुख्यालय खाद्य शाखा कार्यालय कलेक्टर बेमेतरा मे नियत किया गया है।

बारदाना जमा नहीं करने वाले 7 दुकानदारों पर भी गिरी गाज  

वहीं बीजापुर कलेक्टर राजेंद्र कुमार कटारा के निर्देश पर भोपालपटनम SDM ने बारदाना जमा नहीं करने वाले 7 उचित मूल्य दुकान संचालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है और इन उचित मूल्य दुकानों को निलंबित कर दिया है। खाद्य विभाग द्वारा अप्रैल 2021 से सार्वजनिक वितरण प्रणाली की खाली बारदाना संबंधित लेंपस समितियों में जमा करने के लिए निर्देश देने के बावजूद उचित मूल्य दुकान संचालकों द्वारा बारदाना जमा नहीं किया जा रहा हैं, ऐसे उचित मूल्य दुकान संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। 

SDM ने किया दुकानों को निलंबित

SDM हेमेंद्र भुआर्य द्वारा उसूर ब्लॉक के पामेड़, तर्रेम, नेला कांकेर, गगनपल्ली और लंकापल्ली और भोपालपटनम ब्लॉक के सेंड्रा और एडापल्ली उचित मूल्य दुकान को बारदाना जमा नहीं करने के कारण तत्काल प्रभाव से निलंबित कर समीपस्थ उचित मूल्य दुकान में संलग्न कर दिया गया है। वहीं बाकी सभी उचित मूल्य दुकान संचालकों को नोटिस जारी कर दो दिन के अंदर खाली बारदाना लैंपस में जमा किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। बारदाना जमा नहीं करने की स्थिति में संबंधित उचित मूल्य दुकान संचालकों के खिलाफ छत्तीसगढ़ सार्वजनिक वितरण प्रणाली  नियंत्रण आदेश के आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। 

समर्थन मूल्य पर धान उर्पाजन 

बता दें कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 के तहत समर्थन मूल्य पर धान उर्पाजन किया जा रहा है। खाद्य अधिकारी से मिली जानकारी के मुताबिक शासन के निर्देशानुसार महत्ती कार्य के लिए नया, मिलर्स और PDS बारदानों का उपयोग किया जा रहा है। लक्ष्य के अनुरुप बारदानों की पूर्ति के लिए निरंतर उचित मूल्य दुकानों से PDS बारदाना संकलित किया जा रहा है। इसी के तहत कार्रवाई कर उचित मूल्य दुकानों का निलंबन किया जा रहा है।

पपीता की खेती ने बदली कुंजबाई की किस्मत, तैयार पूरी फसल खेत में ही बिकी

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मनरेगा, उद्यानिकी विभाग और कृषि विज्ञान केंद्र के अभिसरण से धान के बदले पपीता की खेती शुरू करने वाली कुंजबाई साहू की किस्मत पपीता की एक फसल ने बदल दी है। उसके दो एकड़ खेतों में 500 क्विंटल पपीता का उत्पादन हुआ है। पपीता की गुणवत्ता ऐसी कि बिलासपुर के फल व्यवसायियों ने खेत में खड़ी फसल ही खरीद ली। इससे कुंजबाई को 4 लाख रूपए मिले। पपीता की पहली फसल के मुनाफे से उत्साहित कुंजबाई ने इस बार अपने पैसों से इसके 2600 पौधे लगाए हैं।  

बेमेतरा के मुंगेली गांव की कुंजबाई साहू 4 एकड़ की सीमांत किसान है। मनरेगा और उद्यानिकी विभाग के अभिसरण से मिले संसाधनों और बेमेतरा कृषि विज्ञान केंद्र के मार्गदर्शन में उन्होंने बीते साल अपने दो एकड़ खेत में पपीते के 2 हजार पौधे लगाए थे। इनसे 500 क्विंटल पपीता की पैदावार हुई, जिसे थोक फल विक्रेताओं ने 8 रूपए प्रति किलोग्राम की दर से उसके खेतों से ही खरीद लिया। पपीता के पेड़ों में फल आने के बाद उद्यानिकी विभाग की मदद से बिलासपुर के थोक फल विक्रेताओं ने उससे संपर्क किया। अच्छी फसल देखकर व्यापारियों ने तुरंत ही पूरे दो एकड़ के फल खरीद लिए। 

कुंजबाई को पपीता की बिक्री के लिए कहीं बाहर जाना नहीं पड़ा और घर पर ही फसल के अच्छे दाम मिल गए। इससे उत्साहित होकर उसने इस साल पपीता के 2600 पौधे लगाए हैं। कुंजबाई ने कृषि विशेषज्ञों की सलाह पर बीते साल पपीता के पौधों के बीच में अंतरवर्ती फसल के रूप में भुट्टा, कोचई और अन्य सब्जियों की भी खेती की। इससे उसे अतिरिक्त कमाई हुई।

 

कुंजबाई का परिवार पहले परंपरागत रूप से धान की खेती से जीवन निर्वाह करता था। इसमें लगने वाली मेहनत और लागत की तुलना में फायदा कम होता था। कृषि विज्ञान केंद्र में सब्जी और फलों की खेती से होने वाले लाभ के संबंध में आयोजित प्रशिक्षण में शामिल होने से उसके विचार बदले। वहां विशेषज्ञों द्वारा सुझाए गए रास्ते पर चलने का फैसला तो उसने ले लिया था, लेकिन आर्थिक रूप से सक्षम नहीं होने के कारण इसे शुरू नहीं कर पा रही थी। 

ग्राम पंचायत ने इस काम में उसकी सहायता की और मनरेगा के साथ उद्यानिकी विभाग की योजना का अभिसरण कर उसके दो एकड़ खेत में एक लाख 27 हजार रूपए की लागत से पपीता की खेती का प्रस्ताव स्वीकृत कराया। कुंजबाई के खेत में जून-2020 में पपीता उद्यान का काम शुरू हुआ। मनरेगा से भूमि विकास का काम किया गया। इसमें 10 मनरेगा मजदूरों को 438 मानव दिवस का रोजगार मिला, जिसके लिए 83 हजार रूपए से ज्यादा का मजदूरी भुगतान किया गया। कुंजबाई के परिवार को भी इसमें रोजगार मिला और 33 हजार रूपए की मजदूरी प्राप्त हुई। 

कुंजबाई के परिवार की मेहनत लाई रंग 

उद्यानिकी विभाग ने पपीता की खेती के लिए ड्रिप-इरिगेशन, खाद और पौधों की व्यवस्था की। खेत के तैयार होने के बाद कुंजबाई ने अपने बेटे रामखिलावन और बहू मालती साहू के साथ कृषि विज्ञान केंद्र के मार्गदर्शन में 2 हजार पौधों का रोपण किया। वहां के वैज्ञानिकों ने उसके परिवार को पपीता की खेती की बारिकियों का प्रशिक्षण दिया। मनरेगा, उद्यानिकी विभाग और कृषि विज्ञान केंद्र की सहायता से कुंजबाई के परिवार की मेहनत रंग लाई और उसकी दो एकड़ की फसल चार लाख रूपए में बिकी। आधुनिक तौर-तरीकों से खेती उसे अच्छा मुनाफा दे रही है। इससे उसका परिवार तेजी से समृद्धि का राह पर बढ़ रहा है।

मोहभठ्ठा पटवारी निलंबित, बसदेई सचिव को कारण बताओ नोटिस

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बेमेतरा तहसील के पटवारी गोपाल सिंह साहू को शासकीय काम में अनियमितता और अनुशासनहीनता बरतने के कारण तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी । निलंबन अवधि में गोपाल सिंह साहू पटवारी का मुख्यालय तहसील कार्यालय बेमेतरा होगा। पटवारी कुंदन सिंह राजपूत को मोहभट्ठा का अतिरिक्त प्रभार अस्थायी रूप से सौंपा गया है।

बसदेई सचिव को कारण बताओ नोटिस

सूरजपुर प्रभारी कलेक्टर और जिला CEO राहुल देव ने बसदेई सचिव शिवनारायण यादव को शत-प्रतिशत कोविड-19 टीकाकरण कराए जाने के लिए निर्देशित किया था। जिसमें अभिरूचि नहीं दिखाने और लक्ष्य अनुरूप टीकाकरण नहीं हो पाने कारण बसदेई सचिव शिवनारायण यादव को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। इस संबंध में 3 दिन के अंदर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने की बात कही है। साथ ही प्रभारी कलेक्टर ने कहा कि संतोषप्रद जवाब नहीं होने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

मेंसर्स जेके लक्ष्मी सीमेंट संरक्षित क्षेत्र घोषित

मेंसर्स जेके लक्ष्मी सीमेंट दुर्ग के मलपुरीखुर्द और खासाडीह, तहसील धमधा को संरक्षित क्षेत्र घोषित किया गया है। संरक्षित क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र में 1 साल की अवधि के लिए ये आदेश लागू होगा। संरक्षित क्षेत्र में अधिकृत व्यक्ति को छोड़कर अन्य व्यक्तियों का प्रवेश पूरी तरह निषेध रहेगा।

कलेक्टर ने ली जिले के राइस मिलर्स की बैठक

बालोद कलेक्टर जनमेजय महोबे ने संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में जिले के राइस मिलर्स की बैठक ली। उन्होंने कहा कि 1 दिसंबर से धान खरीदी शुरू होगी। उन्होंने मिलर्स से कहा कि वे धान खरीदी के लिए बारदाना उपलब्ध कराएं। उन्होंने साल 2021-22 में कस्टम मिलिंग किए जाने के लिए राइस मिलर्स पंजीयन के संबध में चर्चा की। इस अवसर पर SDM विनायक शर्मा, डिप्टी कलेक्टर अमित श्रीवास्तव, खाद्य अधिकारी एच. एल. बंजारे, जिला विपणन अधिकारी राहुल समेत अन्य संबंधित अधिकारी और जिले के राइस मिलर्स मौजूद रहे।

ठंड और शीतलहर से बचने के उपाय के लिए निर्देश

वर्तमान शीत ऋतु में ठंड और शीतलहर से होने वाली संभावित जनहानि पशुहानि से बचाव और आजीविका आति के प्रबंधन के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन भारत सरकार द्वारा दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। जिसके मुताबिक गरियाबंद जिले में भी तैयारी की जानी है। इस संबंध में सभी तहसीलदार, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत, मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को जमीनी स्तर पर ग्राम पंचायत, जनपद और जिला स्तर पर आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।

रनबोड़ प्राइमरी स्कूल के प्रधान पाठक निलंबित, 4 अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस

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बेमेतरा कलेक्टर विलास भोसकर संदीपान ने शासकीय कार्य में उदासीनता और लापरवाही बरतने के कारण जिले के नवागढ़ विकासखंड के रनाबोड़ शासकीय प्राथमिक स्कूल के प्रधान पाठक नरेंद्र कुमार वैष्णव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दियाहै। वहीं खंड शिक्षा अधिकारी नवागढ़ और सहायक खंड शिक्षा अधिकारी (ABEO) नवागढ़ को शो-कॉज नोटिश जारी किया गया है। 


कलेक्टर द्वारा इस घटना की जांच के लिए अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) नवगढ़, जिला शिक्षा अधिकारी, जनपद पंचायत CEO की संयुक्त टीम गठित कर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। बता दें कि बुधवार यानी 22 सितंबर को बेमेतरा जिले के रनबोड़ गांव स्थित शासकीय प्राथमिक स्कूल के छत का प्लास्टर गिरने से 06 छात्राओं को मामूली चोट लगी थी। कलेक्टर ने बीती रात जिला अस्पताल पहुंचकर इलाज करवा रहे बच्चियों के स्वास्थ्य का हालचाल जाना। उन्होंने बताया कि बच्चों को गंभीर चोट नहीं आई है। उनका सामान्य इलाज जारी है। 

कलेक्टर ने सरकार को भेजी रिपोर्ट

घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन द्वारा सभी बच्चों को प्राथमिक इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नवागढ़ मे भर्ती कराया गया। जिसमें 04 बच्चियों का इलाज नवागढ़ में और 02 बच्चियों का इलाज जिला अस्पताल में कराया गया। 24 घंटे डॉक्टरों के निगरानी के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दी जा रही है। सभी छात्राएं पूरी तरह स्वस्थ हैं। नवागढ़ BMO ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती सभी 04 बच्चियों को इलाज के बाद  गुरुवार को उनके गृह ग्राम पहुंचा दिया गया है। कलेक्टर द्वारा इस घटना की रिपोर्ट राज्य शासन को भेज दी गई है।

चारों विकासखंड के अधिकारियों से ली जा रही जानकारी

कलेक्टर ने जिले के सभी 4 विकासखंडों में जनपद पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी, अनुविभागीय अधिकारी ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, विकासखंड शिक्षा अधिकारी और BRC की संयुक्त टीम गठित की है। जिन्हें  जर्जर और मरम्मत योग्य स्कूल भवनों का चिन्हांकन कर रिपोर्ट एक हफ्ते के अंदर कलेक्टर कार्यालय को प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा पिछले तीन साल के दौरान किन-किन विद्यालयों को स्कूल के मरम्मत और रंग रोगन के लिए कितनी राशि गई है, इस राशि का क्या उपयोग हुआ है। इसकी जानकारी जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी से ली जा रही है। 

कलेक्टर ने दिए अधिकारियों को निर्देश

साल  2021-22 मे मरम्मत योग्य स्कूल शाला भवनों का प्रस्ताव जिला शिक्षा अधिकारी से मंगाया गया है। जिला शिक्षा अधिकारी ने जिले के सभी चारों विकासखंड शिक्षा अधिकारी को पत्र जारी कर शासकीय प्राथमिक और मीडिल स्कूल के जर्जर भवन, कमरों में कक्षा संचालित नहीं करने के निर्देश दिए हैं।

अनुपस्थित रहने पर 2 अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस

 रायपुर कलेक्टर ने क्वांटिफॉएबल डॉटा आयोग में संलग्न दो अधिकारियों को कार्य से अनुपस्थित रहने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया है। क्वांटिफॉएबल डॉटा आयोग में संलग्न कार्यालय उपसंचालक, जिला योजना और सांख्यिकी विभाग, रायपुर के सहायक सांख्यिकी अधिकारी रामनारायण वर्मा और अन्वेषक अजय कुमार लहरी को बिना किसी सूचना के 26 जुलाई 2021 से अनुपस्थित रहने की वजह से कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

जवाब देने के लिए 3 दिन का समय

कलेक्टर के कारण बताओ नोटिस में दोनों अधिकारियों को तत्काल कार्य पर उपस्थित होने और अनुपस्थिति के संबंध में क्वांटिफॉएबल डॉटा आयोग के सचिव के माध्यम से तीन दिनों के अंदर जवाब प्रस्तुत करने कहा गया है। निर्धारित समयावधि में जवाब प्रस्तुत नहीं करने पर दोनों अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

मछली पालन से अश्वनी को हुआ 3 लाख का मुनाफा

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मछली पालन विभाग द्वारा विभिन्न हितग्राही मूलक योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है। मौसमी तालाबों मे मत्स्य बीज संवर्धन योजना के अंतर्गत लोगों की आय में बढ़ोतरी की जा रही है। ऐसे ही बेमेतरा के ग्राम गांगपुर के मत्स्य कृषक अश्वनी कुर्रे ने राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत मछली पालन कर 3 लाख रुपये का शुद्ध मुनाफा प्राप्त किया। अश्वनी ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में मजदूरों की कमी से खेती बाड़ी में बहुत दिक्कत होने लगा था। अच्छा फसल भी नहीं हो रहा था। 


उन्होंने कहा कि मछली पालन से आमदनी दोगुनी कैसे होगी के संबंध में खुद के जमीन में बैंक ऋण अथवा स्वयं के व्यय से तालाब निर्माण कर मछली पालन की विधियों और योजनाओं से विभागीय अधिकारियों द्वारा अवगत कराया। साथ ही तालाब के मेंढ़ में फलोद्यान कर अतिरिक्त लाभ लेने का तरकीब सुझाया गया। अधिकारियों द्वारा संबंधित की जमीन का अवलोकन किया गया पास में नहर और छोटी नाला से पानी पर्याप्त मात्रा में उपयोग के लिए लिया जा सकता है, जो मछली पालन के लिए उपयुक्त पाए जाने पर चयनित किया गया। संबंधित को मछली पालन के लिए भारतीय स्टेट बैंक, छिरहा से कुल 3.50 लाख का ऋण दिलाया गया। जिसमें 40 प्रतिशत और 1.40 लाख अनुदान के रूप में प्रदान किया गया। 

3 लाख का शुद्ध मुनाफा

साल 2015-16 में तालाब निर्माण पूर्ण होने के बाद अधिकारियों के मार्गदर्शन में पानी भरकर उन्नत किस्म की बढ़ने वाली मछली ग्रासकार्प, रोहा, कतला, मृगल, पंकाश और रूपचंदा सहित हाईब्रिड तेलपिया भी डाला गया। विभाग द्वारा मिलने वाला प्रोटीन फिड (तैरने वाली आहार) दिया गया था। साथ में यह बताया गया कि ग्रासकार्प, रूपचंदा आदि मछली, साग सब्जी का वेस्ट का उपयोग चारे के रूप में करती है। किसान द्वारा तालाब के मेढ़ में पपीते और साग-सब्जी लगाने का अवगत कराया गया, जिससे अतिरिक्त लाभ हो सके। इस तरह किसान को प्रथम वर्ष 30 क्विंटल मछली 10-12 महीने में प्राप्त हुआ, किसान द्वारा मछलियों को 115-120 रू. प्रति किलो से स्थानीय मछुवारों को विक्रय कर रू. 3 लाख का फायदा शुद्ध रूप से प्राप्त हुआ।

मजदूरी खर्च के रूप में अतिरिक्त आमदनी प्राप्त 

किसान को पपीता और साग-सब्जी से अन्य मजदूरी खर्च के रूप में अतिरिक्त आमदनी प्राप्त हुआ। इस प्रकार किसान मछली पालन कर अपनी आय को दोगुनी से भी ज्यादा कर लिया। किसान द्वारा आगामी साल में 0.60 हे. का स्वयं के व्यय से तालाब बनाया गया। अब वह 50-60 क्विंटल मछली उत्पादन कर रहा है। किसान द्वारा अपना बैंक का कर्ज अदा कर लिया गया। अपने रहने का मकान भी पक्का बना लिया। साथ ही शेष बचे जमीन में तालाब बनाने प्रगतिरत है।

खाद्य विभाग ने की 5 राइस मिलों की जांच, एक राइस मिल ब्लैक लिस्टेड घोषित, कलेक्टर ने 3 दिनों में वसूला 80 हजार जुर्माना

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बेमेतरा जिले में 587672 मी.टन धान का उपार्जन किया गया है, जिसका कस्टम मिलिंग के द्वारा राइस मिलरों से चावल जमा कराया जाकर राज्य में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत चावल वितरण कराए जाने के साथ भारतीय खाद्य निगम द्वारा चावल के कमी वाले राज्यों में चावल प्रदाय किया जाता है। खाद्य अधिकारी राजेश कुमार जायसवाल ने बताया कि जिले के 5 राइस मिलों की जांच की गई थी, जिसमें चावल जमा की गति धीमी पाई गई। जिनका प्रकरण माननीय कलेक्टर न्यायालय में प्रचलन में है। 


जांच में सिन्हा राइस मिलिंग, सैगोना के द्वारा कस्टम मिलिंग के लिए पंजीयन कराया जाकर जिला विपणन अधिकारी बेमेतरा से कस्टम मिलिंग कार्य के लिए अनुबंध 4800 मी.टन का किया गया, जिसमें से 1610 मी.टन धान का उठाव किया गया था। जिसमें 1078.8 मी.टन चावल जमा किया जाना था, जिसमें उनके द्वारा 606.4 मी.टन चावल जमा किया गया है, शेष 472.4 मी.टन चावल जमा नहीं किया गया। जिसकी जांच  7 जुलाई 2021 को खाद्य विभाग की संयुक्त टीम द्वारा की गई थी। जिसमें मिल परिसर में कोई चावल-धान भौतिक रूप से नहीं पाया गया था। मतलब उनके द्वारा अन्य प्रयोजन के लिए धान का उपयोग किया गया। जिसके लिए उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। 

एक करोड़ 55 लाख से ज्यादा राशि जब्त

मिल के संचालक द्वारा न ही जवाब दिया गया और न ही प्रत्यक्ष सुनवाई का लाभ लिया गया। जो छत्तीसगढ़ कस्टम मिलिंग चावल उपार्जन आदेश 2016 का उल्लंघन है, जो कि आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत दंडनीय है। इस कारण छत्तीसगढ़ कस्टम मिलिंग चांवल उपार्जन आदेश-2016 की कंडिका में दिए गए प्रावधानों में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए उनके द्वारा उठाए गए धान के लिए जमा की गई बैंक गारंटी राशि एक करोड़ 55 लाख 99 हजार 900 रूपये और FDR राशि 80 लाख को जब्त करते हुए जितेन्द्र कुमार सिन्हा संचालक, फर्म सिन्हा राइस मिलिंग सैगोना को ब्लैक लिस्टेड (काली सूची) करते हुए कस्टम मिलिंग के काम से आगामी 2 सालों के लिए पृथक किया गया है।

3 दिनों में 80 हजार तक जुर्माना

कोरिया कलेक्टर श्याम धावड़े के सख्त निर्देशों पर कोरोना से सुरक्षा के नियमों का पालन नहीं करने वालों पर एक बार फिर कार्रवाई शुरू हो गई है। बिना मास्क घूमने वालों पर कार्रवाई करते हुए बीते तीन दिनों में राजस्व अधिकारियों ने जिले में 480 लोगों से लगभग 80 हजार रुपये तक का जुर्माना लिया है। जुर्माने के साथ ही अधिकारी लोगों को मास्क पहनने की समझाइश भी दे रहे है। कोरिया जिले के सभी विकासखंडों में चलानी कार्रवाई की जा रही है। 

इन विकासखंडों में हुई कार्रवाई

बीते तीन दिनों में यानी 3 अगस्त से 5 अगस्त तक विकासखंड बैकुंठपुर में 65 लोगों से 8 हजार 800 रुपये, विकासखंड मनेन्द्रगढ़ में 121 लोगों से 17 हजार 450 रुपये, विकासखंड सोनहत में 85 लोगों से 12 हजार 250 रुपये, भरतपुर में 78 लोगों से 16 हजार रुपये और विकासखंड खड़गवां में 120 से ज्यादा लोगों से 24 हजार 940 रुपये का जुर्माना लिया गया है। कोरोना की तीसरी लहर से सुरक्षा के लिए कलेक्टर धावड़े ने सभी नागरिकों से अपील की है कि प्रत्येक व्यक्ति अपनी व्यक्तिगत जिम्मेदारी समझते हुए कोविड प्रोटोकॉल का पालन करें। कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने और इससे बचाव के लिए मास्क अवश्य लगाएं। सोशल डिस्टेसिंग का पालन करें। सभी हितग्राही वैक्सीनेशन जरूर करवाएं। सुरक्षा नियमों को पालन जरूर करें। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को भी लगातार टेस्टिंग बढ़ाने के भी निर्देश दिए।

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