Media24Media.com: सीएम भूपेश बघेल से जुड़ी खबर

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वन अधिकार मान्यता पत्र वितरण के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश

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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 7 जुलाई को अपने निवास कार्यालय में आदिम जाति कल्याण विभाग के काम-काज की गहन समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने विभागीय अधिकारियों को बस्तर अंचल के जिलों में व्यक्तिगत और सामुदायिक वन अधिकार मान्यता पत्र के वितरण के लिए विशेष अभियान संचालित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर अंचल के दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर और नारायणपुर जिले में पात्र लोगों को वन अधिकार मान्यता पत्र दिए जाने के लिए जिला प्रशासन के सहयोग से विशेष कैंप का भी आयोजन किया जाए।





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उन्होंने कहा कि वनांचल के लोगों को सामाजिक और आर्थिक रूप से स्थायित्व देने के लिए जमीन के उपभोग का अधिकार दिया जाना जरूरी है। मुख्यमंत्री ने वन भूमि का पट्टा वितरण शुरूआत जिला मुख्यालय से लगे हुए गांवों से करने को कहा ताकि उन्हें खेती-किसानी के लिए आवश्यक मदद तथा शासन की अन्य योजनाओं से भी लाभांवित किया जा सके। बैठक में आदिम जाति और अनु-सूचित जाति विकास एवं स्कूल शिक्षा मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम, महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिला भेड़िया, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, सचिव आदिम जाति और अनु-सूचित जाति विकास डी.डी. सिंह, आयुक्त शम्मी आबिदी और अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।





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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि देवगुड़ी आदिवासियों की आस्था के केंद्र है। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा देवगुड़ियों को संरक्षित करने के साथ ही देवगुड़ी स्थल को बेहतर ढंग से विकसित किया जाना है। उन्होंने कहा कि इसके लिए राशि की कमी नहीं होगी। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को देवगुड़ी स्थल में आने वाले लोगों के लिए बैठक, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाएं विकसित करने के निर्देश दिए। देवगुड़ी स्थल की भूमि को संरक्षित करने के लिए स्थानीय संसाधनों से घेरा करवाने के साथ ही वहां पर फल और फूल के पौधों का रोपण कराए जाने के निर्देश दिए।





गाइडेंस सिस्टम विकसित करने के निर्देश





मुख्यमंत्री ने कहा कि देवगुड़ी स्थल में विकास के कार्य कराते समय इस बात का ध्यान रखें की वहां जनजाति समुदाय के लोग समय-समय पर धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन सहजता से कर सकें। मुख्यमंत्री ने आदिम जाति और अनु-सूचित जाति विकास द्वारा संचालित प्रयास अवासीय विद्यालयों सहित अन्य विशेष शैक्षणिक संस्थाओं में अध्ययन- अध्यापन की स्थिति की भी समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने प्रयास आवासीय विद्यालय से उत्तीर्ण होने वाले ऐसे बच्चे, जिनका सलेक्शन उच्च तकनीकी शैक्षणिक संस्थाओं के लिए नहीं हो पाता है, उन्हें आगे की शिक्षा और रोजगार के लिए कैरियर गाइडेंस का सिस्टम विकसित करने के निर्देश दिए।





शैक्षणिक उपलब्धियों की जानकारी





मुख्यमंत्री में बस्तर, सरगुजा, मध्यक्षेत्र और अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण की बैठक आयोजित कर अनुशंसित विकास कार्यों को क्रियान्वित करने के निर्देश दिए। बैठक में आदिम जाति एवं अनु-सूचित जाति विकास के सचिव डी.डी. सिंह ने पॉवर प्वाइंट प्रेजेन्टेशन के माध्यम से मुख्यमंत्री बाल भविष्य सुरक्षा योजना, एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बीते तीन सालों में 47 बच्चों ने IIT, 109 बच्चों ने NIT, 244 बच्चों ने इंजीनियरिंग और 12 बच्चे मेडिकल कॉलेज में प्रवेश प्राप्त करने में सफल रहे हैं।






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राज्य में वर्तमान में कुल 71 एकलव्य विद्यालय संचालित है। चार और नए एकलव्य विद्यालय शुरू किए जाने हैं। 29 एकलव्य विद्यालयों को CBSE कोर्स से संबद्ध किया गया है, बाकी की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने तकनीकी शैक्षणिक संस्थाओं में बच्चों को प्रवेश दिलाने के लिए रायपुर में आवासीय प्रशिक्षण संस्था की स्थापना सहित विभागीय लक्ष्यों को पूर्ण करने के लिए तैयार की गई विशेष कार्य योजना की भी जानकारी दी। बैठक में आयुक्त शम्मी आबिदी ने बताया कि वन अधिकारी अधिनियम संबंधित ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित किया जा रहा है। पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में इसकी शुरुआत कोरबा और धमतरी जिले में की गई है।


शांति और विकास के लिए आदिवासियों को सक्षम बनाना जरूरी : CM बघेल

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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सर्व आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों से अपील की कि वे शासकीय योजनाओं के लाभ से वंचित आदिवासियों को उनके कब्जे वाली जमीन के पट्टे दिलवाने में सरकार का साथ दें, ताकि आदिवासी शासन की योजनाओं का लाभ उठा सकें और सक्षम बनें। CM बघेल ने कहा कि उनकी सरकार की मंशा आदिवासियों को सक्षम बनाने की है और जब उन्हें जमीन का पट्टा मिलेगा, जिस पर वे काबिज हैं, तो सभी शासकीय योजनाओं का लाभ उठा सकेंगे और अधिकार संपन्न भी बनेंगे। उन्होंने कहा कि बस्तर में शांति और विकास की दिशा में यह सबसे जरूरी कदम है।





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मुख्यमंत्री बघेल शनिवार शाम अपने निवास कार्यालय में सर्व आदिवासी समाज के एक बड़े प्रतिनिधि मंडल से चर्चा कर रहे थे। इस प्रतिनिधि मंडल में समाज के सोहन पोटाई, प्रकाश ठाकुर सहित पप्पू नाग, शारदा कश्यप, राजकुमार ओयामी, आनंद मरकाम, संदीप सलाम और अन्य सदस्य मौजूद थे । बैठक में उद्योग मंत्री कवासी लखमा, संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत, सांसद फूलोदेवी नेताम, संसदीय सचिव शिशुपाल सोरी और विधायक लखेश्वर बघेल मौजूद थे।





नक्सल समस्या के समाधान को लेकर चर्चा





प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से बस्तर में विकास और शांति को लेकर अपनी मांगों के साथ विभिन्न बिन्दुओं पर चर्चा की । सर्व आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों को चिंता थी की बस्तर में बेकसूर नागरिक न मारे जाए और बस्तर का विकास भी प्रभावित न हो । प्रतिनिधिमंडल के सदस्य नक्सल समस्या के समाधान को लेकर भी चर्चा की । मुख्यमंत्री बघेल ने सर्वआदिवासी समाज के प्रतिनिधियों से कहा कि उनकी सरकार शांति और विकास के लिए कटिबद्ध है ।





आदिवासी समाज हमारा परिवार है: CM बघेल





CM बघेल ने यह भी कहा कि वे हर उस व्यक्ति से चर्चा करने के लिए तैयार है जो भारत के संविधान में आस्था रखते हैं। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा की आदिवासी समाज तो हमारा अपना परिवार है उससे तो मैं हर समय बात करने के लिए तत्पर हूं। मुख्यमंत्री ने आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों से कहा कि बस्तर हो या सरगुजा अनुसूचित जनजाति बाहुल्य इलाकों में विकास के लिए धन की कोई कमी नहीं है । उन्होंने प्रतिनिधिमंडल से कहा कि इन इलाकों में, जिस गांव में विकास के जो काम वे चाहते है वो मंजूर किए जाएंगे ।





अधिकारियों को उचित कार्रवाई करने के निर्देश





CM यह भी कहा की इन इलाकों में 12वीं पास युवाओं को 50-50 लाख रुपए तक के ठेके दिए जाने का प्रावधान है। इसके लिए समाज के युवाओं को आगे आना चाहिए। प्रतिनिधिमंडल ने बस्तर इलाके में नक्सलियों द्वारा ध्वस्त किए गए स्कूल, आश्रमों के पुनर्निर्माण की मांग की, जिस पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने तत्काल अधिकारियों को उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। प्रतिनिधिमंडल की मांग पर मुख्यमंत्री ने जनजातीय सलाहकार परिषद की बैठक को अविलंब बुलाने के निर्देश दिए हैं।


CM बघेल आज सरगुजा और बलरामपुर जिले में 302 कार्यों का करेंगे लोकार्पण-भूमिपूजन

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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज दोपहर 12 बजे अपने रायपुर निवास कार्यालय में आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम में सरगुजा और बलरामपुर जिले में 324 करोड़ 42 लाख 88 हजार रूपए की लागत के 302 कार्यों का लोकार्पण-भूमिपूजन करेंगे। इनमें 107 करोड़ 56 लाख 77 हजार रूपए की लागत के 122 कार्यों का लोकार्पण और 216 करोड़ 86 लाख 12 हजार रूपए की लागत के 180 कार्यों का भूमिपूजन शामिल है।





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मुख्यमंत्री बघेल सरगुजा जिले में 247 करोड़ 91 लाख रूपए के 107 विभिन्न विकास कार्यों का वर्चुअल लोकार्पण और भूमिपूजन करेंगे। इनमें 165 करोड़ 33 लाख रूपए की लागत के 82 कार्यों का भूमिपूजन और 82 करोड़ 58 लाख रूपए की लागत के 25 कार्यों का लोकार्पण शामिल है। इसी तरह मुख्यमंत्री बलरामपुर जिले में 76 करोड़ 51 लाख 88 हजार रूपए के 195 विकास कार्यों का लोकार्पण-भूमिपूजन करेंगे। इनमें 24 करोड़ 98 लाख 76 हजार रूपए के 97 कार्यों का लोकार्पण और 51 करोड़ 53 लाख 12 हजार रूपए के 98 कार्यों का भूमिपूजन शामिल है।





सरगुजा जिले के लोकार्पण कार्य





सरगुजा जिले के लोकार्पण कार्यों में 2 करोड़ 20 लाख रुपए की लागत के लुंड्रा विकासखंड के चिरगा में 1.80 किलोमीटर में पुल सहित सड़क निर्माण, 4 करोड़ 27 लाख रुपए की लागत के लुंड्रा विकासखंड के ग्राम धौरपुर में 3 किलोमीटर लंबाई के सड़क निर्माण, 26 करोड़ 68 लाख रुपए की लागत के उदयपुर के ग्राम जरहाडांड़ से मुंदराडांड़ तक 13 किलोमीटर लंबाई के सड़क निर्माण, 3 करोड़ 19 लाख रुपए की लागत के बतौली विकासखंड के महेशपुर से बटईकेला तक 2.60 किलोमीटर लंबाई के सड़क निर्माण कार्य शामिल है।





तिरकेला जलाशय में निर्माण कार्य





2 करोड़ रुपए की लागत के अंबिकापुर विकासखंड के दरिमा हवाई अड्डे का रनवे के बाद नाली का निर्माण कार्य, 8 करोड़ 13 लाख रुपए की लागत के अंबिकापुर विकासखंड में कंचनपुर जलाशय में निर्माण कार्य, 18 करोड़ रुपए की लागत के बतौली विकासखंड में लैगू व्यपवर्तन में LBC कार्य, 13 करोड़ 72 लाख रुपए की लागत के बतौली विकासखंड में मांड व्यपवर्तन कार्य और 3 करोड़ 24 लाख रुपए की लागत के लखनपुर विकासखंड के तिरकेला जलाशय में निर्माण कार्य शामिल है।





जल जीवन रेट्रोफिटिंग योजना के कार्य





इसी तरह भूमिपूजन के कार्यों में 44 करोड़ रुपए की लागत के मां महामाया एयरपोर्ट का उन्नयन कार्य, 1 करोड़ रुपए की लागत के व्यवहार न्यायालय सीतापुर में न्यायिक कर्मचारी के लिए शासकीय आवास का निर्माण, 3 करोड़ रुपए की लागत से सीतापुर विकासखंड के रजौटी में जल जीवन रेट्रोफिटिंग योजना, 3 करोड़ 38 लाख रुपए की लागत से सीतापुर विकासखंड में जल जीवन रेट्रोफिटिंग योजना, 2 करोड़ 47 लाख रुपए की लागत से सीतापुर विकासखंड में जल जीवन रेट्रोफिटिंग योजना के कार्य शामिल है।





सोलर आधारित नल कनेक्शन कार्य





2 करोड़ 18 लाख रुपए की लागत से सीतापुर विकासखंड के देवगढ़ में जल जीवन रेट्रोफिटिंग योजना, 2 करोड़ 11 लाख रुपए की लागत से सीतापुर विकासखंड के रायकेरा में जल जीवन रेट्रोफिटिंग योजना, 3 करोड़ 47 लाख रुपए की लागत से लुंड्रा विकासखंड में जल जीवन रेट्रोफिटिंग योजना, 2 करोड़ 60 लाख रुपए की लागत से बतौली विकासखंड में जल जीवन मिशन योजना अंतर्गत सोलर आधारित नल कनेक्शन कार्य और 2 करोड़ 35 लाख रुपए की लागत से अंबिकापुर विकासखंड में जल जीवन मिशन योजना अंतर्गत सोलर आधारित नल कनेक्शन कार्य शामिल हैं।





विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण-भूमिपूजन





मुख्यमंत्री बघेल बलरामपुर जिले में 76 करोड़ 51 लाख 88 हजार रूपए के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण-भूमिपूजन करेंगे। इनमें मुख्य रूप से जलाशय, स्टापडेम, पुल-पुलिया, नवीन पंचायत भवन और आंगनबाड़ी भवनों का लोकार्पण के साथ ही विभिन्न विकास कार्यों के भूमिपूजन शामिल है।


आज MP के दिघौरी स्थित श्री गुरूरत्नेश्वर धाम जाएंगे CM बघेल

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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 23 फरवरी को यानी आज विधानसभा हेलीपेड से दोपहर 2 बजे हेलीकॉप्टर द्वारा रवाना होकर 3.15 बजे मध्यप्रदेश के सिवनी जिले के दिघौरी गांव (CM Baghel will visit Shri Gururatneshwar Dham) पहुंचेंगे। जहां वे श्री गुरूरत्नेश्वर धाम में स्थानीय कार्यक्रम में शामिल होंगे। बघेल कार्यक्रम के बाद दिघौरी से शाम 4.25 बजे रवाना होकर 5.40 बजे वापस रायपुर लौटेंगे।





राष्ट्रीय लोक अदालत





राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा साल 2021 के लिए राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजन करने के संबंध में तिथि घोषित कर दी गई है।





छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर से मिली जानकारी अनुसार राष्ट्रीय लोक अदालत माह अप्रैल, जुलाई, सितंबर और दिसंबर 2021 के द्वितीय शनिवार को आयोजित की जाएगी। राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन द्वितीय शनिवार 10 अप्रैल 2021, द्वितीय शनिवार 10 जुलाई 2021, द्वितीय शनिवार 11 सितंबर 2021 और द्वितीय शनिवार 11 दिसंबर 2021 को आयोजित होगी।




कारण बताओ नोटिस जारी





सरगुजा कलेक्टर द्वारा छत्तीसगढ़ के निक्षेपकों के हितो के संरक्षण अधिनियम की धारा 7 के अंतर्गत 4 व्यक्तियों के विरूद्ध अचल सम्पत्ति को कुर्की के लिए आदेश जारी किया गया है, जिसमें नागपुर महाराष्ट्र के मोहम्मद जावेद मेनन , वैशाली नगर नागपुर के जुनैद मेनन , वैशाली नगर नागपुर खालिद मेनन और वैशाली नगर की ही निलफोर बानो को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।





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इन प्रकरणों में सभी को 25 फरवरी 2021 को दोपहर 12 बजे न्यायालय में उपस्थित होकर अपना पक्ष प्रस्तुत करने कहा गया है। अगर वे निर्धारित तिथि को न्यायालय में उपस्थित होकर अपना पक्ष प्रस्तुत नहीं करते हैं तो उनकी अचल सम्पत्ति की कुर्की की जाएगी।


महाराष्ट्र में कोरोना के बढ़ते केसों को देखते हुए CM बघेल ने दिए एयरपोर्ट और महाराष्ट्र सीमा में थर्मल स्क्रीनिंग के निर्देश

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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (CM Bhupesh Baghel) ने महाराष्ट्र में कोविड-19 के बढ़ते केसों को देखते हुए राजधानी रायपुर के एयरपोर्ट और महाराष्ट्र बॉर्डर में कोरोना की थर्मल स्क्रीनिंग करने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं।





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CM ने की लोगों से ये अपील





मुख्यमंत्री ने कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए प्रदेशवासियों से कोरोना संक्रमण से बचने के लिए पूर्व में जारी गाइडलाइन का पालन करने की अपील की है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि 'जब तक हम कोरोना पर विजय प्राप्त नहीं कर लेते तब तक इससे बचने के लिए मास्क पहने, सोशल और फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन करें, थोड़ी-थोड़ी देर में हाथों को धोते रहने से ही हम कोरोना को रोकने में काफी हद तक सफल हुए हैं और आगे भी इसका पालन करते हुए इसकी रोकथाम कर सकेंगे।'





पुलिस अधीक्षक ने लगवाया कोविड वैक्सीन





पुलिस अधीक्षक सूरजपुर राजेश कुकरेजा ने सोमवार को जिला चिकित्सालय के कोविड वैक्सीन टीकाकरण केन्द्र जाकर कोविड वैक्सीन की पहली डोज लगवाई। उन्होंने नागरिकों को संदेश देते हुए कहा कि कोविड-19 संक्रमण से बचाव का वैक्सीन पूर्णत सुरक्षित है, इसे अपना नंबर आने पर सभी लगवाएं और कोरोना की बीमारी से बचे।





वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित, नहीं कोई साइड इफेक्ट





पुलिस अधीक्षक ने कोविड वैक्सीन लगवाने के बाद बताया कि यह वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित है और इसके कोई साइड इफेक्ट नहीं है। किसी को कोविड वैक्सीन लगाने से डरने व घबराने की जरूरत नहीं है। कोविड वैक्सीन लगाने के बाद अपने कार्य पर जा सकते है। जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. अजय मरकाम द्वारा पुलिस अधीक्षक को कोविड वैक्सीन लगाए जाने का प्रमाण पत्र प्रदान किया गया।





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जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. अजय मरकाम ने बताया कि राजस्व विभाग, पुलिस विभाग, नगरीय निकाय और मितानिनों को निरन्तर टीकाकृत किया जा रहा है, उन्होने बताया कि प्रथम डोज में 9409 लोगों कोरोना टीकाकृत किया जा चुका है और दूसरे डोज में 251 लोगों कोरोना टीकाकृत किया गया है, जिसमें सभी लोग स्वस्थ्य और सुरक्षित है।





अधिकारी-कर्मचारियों ने कोविड वैक्सीन लगवाया





पुलिस अधीक्षक ने बताया कि जिले के 50 प्रतिशत पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों ने कोविड वैक्सीन लगवा लिया है और शेष पुलिस के जवान टर्न के मुताबिक वैक्सीन लगवा रहे हैं। इस दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.एस.सिंह, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. अजय मरकाम, एएसआई संजय सिंह सहित चिकित्सालय के स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।


डॉ. खूबचंद बघेल की पुण्यतिथि आज, CM और राज्यपाल सहित विस अध्यक्ष ने किया नमन

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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ राज्य के स्वप्नदृष्टा, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और कृषक नेता स्वर्गीय डॉ. खूबचंद बघेल को उनकी पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए सादर नमन किया है।






https://twitter.com/bhupeshbaghel/status/1363691226097020931




मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा है कि डॉ. खूबचंद बघेल ने अपना पूरा जीवन समाज और किसानों के कल्याण के लिए समर्पित कर दिया। कई रचनात्मक और किसान तथा मजदूर हितैषी गतिविधियों से जुड़कर जीवन के अंतिम समय तक वे छत्तीसगढ़ की सेवा करते रहे। छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण आंदोलन में उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा।






https://twitter.com/bhupeshbaghel/status/1363691232208162821




CM बघेल ने कहा कि भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दौरान उन्होंने छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय चेतना जागृत करने का महत्वपूर्ण कार्य किया। उन्होंने विधायक और राज्यसभा सांसद के रूप में भी क्षेत्र की उल्लेखनीय सेवा की। उन्हीं के सपनों के अनुरूप हम नवा-छत्तीसगढ़ का निर्माण कर रहे हैं। उनके कृतित्व और व्यक्तित्व के प्रति सम्मान प्रकट करते हुए चिकित्सा क्षेत्र में डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना शुरु की गई है, जिसके तहत 5 लाख रुपए तक नि:शुल्क इलाज की व्यवस्था मरीजों के लिए उपलब्ध कराई जा रही है।





राज्यपाल ने भी किया नमन





राज्यपाल अनुसुइया उइके ने डॉ. खूबचंद बघेल को नमन करते हुए कहा कि डॉ. बघेल छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के स्वप्नदृष्टा थे। उन्होंने सदैव किसानों और गरीबों के कल्याण का कार्य किया। वे छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के लिए उनके योगदान एवं समाज कल्याण के कार्यों के लिए सदैव याद किए जाएंगे।





विस अध्यक्ष ने भी किया नमन





छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष चरणदास महंत ने छत्तीसगढ़ के स्वप्न दृष्टा डॉ. खूबचंद बघेल की पुण्यतिथि पर याद करते हुए नमन किया। विस अध्यक्ष डॉ महंत ने कहा यह वही व्यक्ति है, जिन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य का सबसे पहले सपना देखा था, इन्ही के अनेकों प्रयास के बदौलत छत्तीसगढ़ ना सिर्फ हमारे देश में एक पहचान मिली बल्कि विदेशों में भी छत्तीसगढ़ का नाम हुआ।





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छत्तीसगढ़ राज्य के प्रथम स्वप्न दृष्टा डॉ. खूबचंद बघेल हमेशा से छत्तीसगढ़ के विकास और छत्तीसगढ़ को एक अलग पहचान दिलाने के लिए कार्य किया, वे हमेशा छत्तीसगढ़ के दब्बूपन को दूर करने के लिए अनेक प्रयास किये, वे हमेशा यही चाहते थे की छत्तीसगढ़ को लोग क्यों ऐसे हीन भावना से देखते है, हमेशा इससे सौतेला व्यवहार क्यों करते हैं बस इन्ही बातों की चिंता उन्हें सताते रहती थी। जातिगत भेदभाव, कुरीतियों को मिटाने वाले इस महान व्यक्ति का निधन संसद के शीतकालीन सत्र के लिए भाग लेने दिल्ली गए हुए थे वहाँ दिल का दौरा पड़ने से उनकी आकस्मिक निधन हुआ।





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उन्होंने सन 1931 में सरकारी पद त्याग कर कांग्रेस में प्रवेश किया। इसके पूर्व इसके पूर्व प्रवेश किया। इसके पूर्व इसके पूर्व अप्रैल 1930 में रायपुर महाकौशल राजनीतिक परिषद के अधिवेशन में डॉक्टर बघेल ने भी हिस्सा लिया था, सन 1931 में डॉक्टर बघेल रायपुर जिला के डिक्टेटर और बाद में राज्य के आठवें डिक्टेटर नियुक्त हुए। जिला डिक्टेटर के पद पर रहते हुए डॉक्टर बघेल सामाजिक सुधार के प्रति भी जागरूक रहें। सन 1939 के त्रिपुरी के ऐतिहासिक कांग्रेस अधिवेशन में स्वयंसेवकों के कमांडर के रूप में कार्य किया। 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन के तहत इन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।





उनकी धर्मपत्नी 6 माह के लिए जेल गई





डॉक्टर बघेल के साथ उनकी धर्मपत्नी राजकुंवर देवी भी 6 माह के लिए जेल गई। रायपुर तहसील से 1946 के कांग्रेस चुनाव में डॉक्टर बघेल निर्विरोध चुने गए। इस तरह सन 1946 में डॉक्टर बघेल को तहसील कार्यालय कार्यकारिणी के अध्यक्ष और प्रांतीय कार्यकारिणी के सदस्य के रूप में मनोनीत किया गया। स्वतंत्रता के बाद उन्हें प्रांतीय शासन ने संसदीय सचिव नियुक्त किया।





राजनीति से 1968 तक जुड़े रहे डॉक्टर बघेल





1950 में आचार्य कृपलानी के आह्वान पर वे कृषक मजदूर पार्टी में शामिल हुए। 1951 के बाद आम चुनाव में वे विधानसभा के लिए पार्टी से निर्वाचित हुए। 1965 तक विधानसभा के सदस्य रहे। 1965 में राज्यसभा के लिए चुने गए राजनीति से 1968 तक जुड़े रहे।


1 मार्च से शुरू होगी बिलासपुर से दिल्ली के लिए विमान सेवा, दो फ्लाइट होगी संचालित

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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (CM Bhupesh Baghel) द्वारा रिजनल कनेक्टिविटी स्कीम के तहत छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर से एयरलाइन सेवा (Airline service) शुरू करने के लिए लगातार पहल के परिणाम स्वरूप बिलासपुर से नई दिल्ली के लिए 1 मार्च से विमान सेवा शुरू हो जाएगी।





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फ्लाइट शुरू करने की घोषणा





बता दें कि CM भूपेश बघेल (CM Bhupesh Baghel) ने 4 फरवरी को अपने नई दिल्ली प्रवास के दौरान केंद्रीय विमानन मंत्री हरदीप सिंह पुरी से मुलाकात कर बिलासपुर से दिल्ली, मुंबई और कोलकाता जैसे महानगरों से एयर कनेक्टीविटी की अनुमति देने का आग्रह किया था, जिस पर केन्द्रीय मंत्री पुरी ने बिलासपुर से दिल्ली के लिए तत्काल एयर इंडिया की फ्लाइट शुरू (Airline service) करने की घोषणा की थी।





दिल्ली से जबलपुर होते हुए बिलासपुर पहुंचेगी पहली फ्लाइट





बिलासपुर से दिल्ली के लिए एटीआर 72 एयरक्राफ्ट की दो फ्लाइट सोमवार, बुधवार, शुक्रवार और रविवार को संचालित होगी। पहली फ्लाइट दिल्ली से रवाना होकर जबलपुर होते हुए दोपहर 3.20 बजे बिलासपुर पहुंचेगी और 3.45 बजे बिलासपुर से प्रयागराज होते हुए वापस दिल्ली लौटेगी।(दिल्ली-जबलपुर-बिलासपुर (1520-1545)-प्रयागराज-दिल्ली)।





दिल्ली से प्रयागराज होते हुए बिलासपुर पहुंचेगी दूसरी फ्लाइट





दूसरी फ्लाइट दिल्ली से प्रयागराज होते हुए शाम 4 बजे बिलासपुर पहुंचेगी और 4.30 बजे बिलासपुर से जबलपुर होते हुए दिल्ली जाएगी (दिल्ली-प्रयागराज-बिलासपुर (1600-1630)-जबलपुर-दिल्ली)। एयर इंडिया की सहायक कंपनी एलायंस एयर ने इसके लिए अपनी सहमति दे दी है। इस संबंध में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के आग्रह पर केन्द्रीय विमानन मंत्री हरदीप सिंह पुरी के निर्देशों के मुताबिक एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा जल्द ही इस पर कार्रवाई करते हुए अनुमति जारी की जाएगी।





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मुख्यमंत्री (CM Bhupesh Baghel) ने पुरी से मुलाकात के दौरान रायपुर में कार्गो हब की सुविधा विकसित करने का अनुरोध भी किया था, जिस पर केन्द्रीय मंत्री ने एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के चेयरमेन को स्थल निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने अंबिकापुर एयरपोर्ट से विमान सेवा शुरू करने और जगदलपुर एयरपोर्ट से महानगरों के लिए विमान सेवा शुरू करने का आग्रह भी किया था, जिस पर केन्द्रीय मंत्री ने सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया था।





21 करोड़ रूपए खर्च





मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री पुरी को बिलासपुर से दिल्ली के लिए विमान सेवा की अनुमति देने के लिए धन्यवाद दिया है। उन्होंने कहा है कि दिल्ली के लिए विमान सेवा शुरू (Airline service) होने से बिलासपुर और आसपास के अंचल की आर्थिक प्रगति, औद्योगिक विकास में सहायता मिलेगी। वहीं जनता को कम लागत वाली हवाई यात्रा की सुविधा उपलब्ध होगी। बता दें कि राज्य सरकार ने अब तक बिलासपुर एयरपोर्ट के विकास के लिए 45 करोड़ रूपए की स्वीकृति दी है, जिसमें से 21 करोड़ रूपए खर्च किए जा चुके हैं।


शहीद दिवस: CM बघेल ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और शहीद जवानों को दी श्रद्धांजलि

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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि 'शहीद दिवस'(Shaheed Diwas) के अवसर पर उन्हें नमन किया है। CM बघेल ने महात्मा गांधी सहित देश के अमर शहीदों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा है कि देश पर प्राण न्यौछावर करने वाले वीर बलिदानियों का ऋण कभी नहीं चुकाया जा सकता।





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भारत की आजादी के लिए महात्मा गांधी के अतुल्य योगदान को याद करते हुए बघेल ने कहा कि गांधी जी ने पूरी दुनिया को दिखाया कि निर्भीकता से सत्य और अहिंसा के मार्ग पर डटे रहकर किस तरह बड़ा लक्ष्य हासिल किया जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बापू ने भारतीय समाज की बुनियाद को समझा और अंतिम व्यक्ति तक चिंता की। राज्य सरकार भी गांधी जी के दिखाए गए मार्ग पर चलते हुए काम कर रही है। सशक्त इरादों के साथ आगे बढ़ने के लिए बापू के विचार मूल्य हमें सदा प्रेरित करते रहेंगे।









जैतू साव मठ में गांधी जी की प्रतिमा का अनावरण करेंगे CM(Shaheed Diwas)





मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज शाम 4 बजे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की कांस्य से निर्मित प्रतिमा का अनावरण करेंगें। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर ठाकुर रामचंद्र जी स्वामी जैतू साव मठ सार्वजनिक न्यास द्वारा यह कार्यक्रम गांधी भवन जैतू साव मठ, पुरानी बस्ती रायपुर में आयोजित किया गया है। इससे पहले मुख्यमंत्री बघेल राजीव भवन शंकर नगर रायपुर में 11 बजे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के बलिदान दिवस पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में भाग लेंगे।





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बता दें कि महंत लक्ष्मीनारायण दास जी के इस मठ के महंत पद पर आसीन होने के बाद यह मठ स्वतंत्रता आंदोलन का प्रमुख केंद्र बिंदु था। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान 24 फरवरी 1933 को गांधी जी का आगमन इस मठ पर हुआ था। उसकी याद में स्वर्गीय महंत लक्ष्मीनारायण दास जी ने यहां 1945 में गांधी भवन का निर्माण कराया था। जिसका न्यास समिति द्वारा 2019 में पुनरुद्धार करा कर आम जनता की सुविधा के लिए समर्पित किया गया।









महात्मा गांधी की इस भव्य प्रतिमा का निर्माण पद्मश्री नेल्सन जी के द्वारा किया गया है। यह कार्यक्रम शाम 4 बजे से होगा। इस अवसर पर जिला जनसंपर्क कार्यालय, रायपुर द्वारा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जीवनी से संबंधित फोटो प्रदर्शनी भी कार्यक्रम स्थल में लगाई जाएगी।





राज्यपाल ने गांधी जी की पुण्यतिथि पर किया उन्हें नमन(Shaheed Diwas)





राज्यपाल अनुसुइया उइके ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर उन्हें नमन किया है। राज्यपाल ने कहा है कि महात्मा गांधी ने मातृभूमि की सेवा के लिए सर्वस्व अर्पित कर दिया। उनके आदर्श और विचार आज भी मानव जीवन को खुशहाल, स्वस्थ, समृद्ध, संवेदनशील, शोषण मुक्त, विवेकपूर्ण एवं मानवीय गुणों से परिपूर्ण बनाने के लिए प्रासंगिक है। इस समय देश और दुनिया में व्याप्त अनेक समस्याओं का निदान महात्मा गांधी के विचारों से हो सकता है। हमें उनके आदर्शों को अपने व्यवहार और आचरण में उतारने की जरूरत है।









शहीदों की स्मृति में रखा जाएगा दो मिनट का मौन





भारत के स्वतंत्रता संग्राम में अपने प्राणों का बलिदान देने वाले शहीदों की स्मृति (Shaheed Diwas)में आज सुबह 11 बजे राजनांदगांव जिले के सभी शासकीय कार्यालय में दो मिनट का मौन रखा जाएगा। कार्यालय कलेक्टर द्वारा इस संबंध में आदेश जारी किया गया है।









नशामुक्ति संकल्प और शपथ दिवस का आयोजन





राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्य तिथि के अवसर पर समाज कल्याण मंत्री और छत्तीसगढ़ योग आयोग की अध्यक्ष अनिला भेंड़िया की अध्यक्षता में रायपुर के कलेक्टोरेट उद्यान परिसर में 08 बजे नशामुक्ति संकल्प और शपथ दिवस का आयोजन किया जाएगा। समारोह का आयोजन छत्तीसगढ़ योग आयोग और समाज कल्याण विभाग के रायपुर जिला कार्यालय के संयुक्त तत्वावधान में नशापान करने की प्रवृत्ति पर प्रभावी नियंत्रण और नशामुक्ति के पक्ष में जनमत विकसित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है।





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इस अवसर पर जनसामान्य और अधिकारी, कर्मचारियों द्वारा नशामुक्ति का संकल्प और शपथ लिया जाएगा। इस अवसर पर रायपुर ग्रामीण विधायक सत्यनारायण शर्मा, रायपुर उत्तर विधायक कुलदीप जुनेजा और रायपुर महापौर एजाज ढेबर, विशिष्ट अतिथि होंगे।









कार्यक्रम में संचालक समाज कल्याण पी. दयानंद, रायपुर कलेक्टर एस. भारतीदासन, सचिव छत्तीसगढ़ योग आयोग के साथ ही समाज कल्याण विभाग के समस्त अधिकारी-कर्मचारी, सामाजिक कार्यकर्ता, संस्थाओं के प्रतिनिधि और नगरवासी उपस्थित रहेंगे।





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पूरे कार्यक्रम का सजीव प्रसारण छत्तीसगढ़ योग आयोग के फेसबुक आईडी ChhatisgarhYogAayog में किया जाएगा, जिससे रायपुर के बाहर निवासरत योग साधक और जनसामान्य द्वारा ऑनलाइन संकल्प और शपथ लिया जाएगा। साथ ही छत्तीसगढ़ योग आयोग के सक्रिय योग साधकों को प्रशंसा प्रमाण-पत्र प्रदान किया जाएगा।





नशामुक्ति के लिए जागरूक





कार्यक्रम में कोरोना वायरस (कोविड-19) के संक्रमण की रोकथाम के लिए भारत सरकार और छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन किया जाएगा। साथ ही नशापान से होने वाले दुष्परिणामों को फ्लैक्स के माध्यम से प्रदर्शित कर जनसामान्य को नशामुक्ति के लिए जागरूक किया जाएगा।


आज कांकेर और दुर्ग जिले के दौरे पर रहेंगे सीएम बघेल, कई कार्यक्रम में होंगे शामिल

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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (CM Bhupesh Baghel) आज कांकेर और दुर्ग जिले के दौरे(CM Baghel Kanker Tour) पर रहेंगे। वे कांकेर में जिलेवासियों को लगभग 342 करोड़ रूपए की राशि के विकास कार्यों की सौगात देंगे। निर्धारित दौरा कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री बघेल आज दोपहर 12 बजे शासकीय नरहरदेव उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल कांकेर का अवलोकन करेंगे। इसके बाद वे 12.40 बजे गोविन्दपुर हायर सेकेण्डरी स्कूल मैदान कांकेर पहुंचेंगे और वहां आमसभा में जैव विविधता पंजी का विमोचन करेंगे। साथ ही वन अधिकार समिति सम्मेलन को सम्बोधित करेंगे।





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सम्मेलन को संबोधित करने के बाद वे विभिन्न विकास और निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास और हितग्राहियों को सामग्री का वितरण करेंगे। मुख्यमंत्री इसके बाद दोपहर 1.50 बजे गोविन्दपुर स्कूल ग्राउण्ड हेलीपेड कांकेर से हेलीकॉप्टर द्वारा दुर्ग जिले के पाटन के लिए प्रस्थान कर 2.20 बजे दुर्ग जिले के पाटन पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री बघेल पाटन के सतनाम भवन में दोपहर 2.25 बजे से आयोजित तहसील स्तरीय गुरू घासीदास जयंती और लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके बाद वे दोपहर 3.15 बजे पाटन से हेलीकॉप्टर द्वारा प्रस्थान कर 3.35 बजे वापस रायपुर लौट आएंगे।





सीएम बघेल ने प्रदेशवासियों को दी छेरछेरा पर्व की शुभकामनाएं(CM Baghel Kanker Tour)





मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (CM Bhupesh Baghel) ने छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध लोक पर्व छेरछेरा (chher chhera festival) की बधाई देते हुए प्रदेशवासियों की खुशहाली, सुख, समृद्धि की कामना की है। CM बघेल ने छेरछेरा पर्व की पूर्व संध्या पर जारी अपने शुभकामना संदेश में कहा है कि नई फसल के घर आने की खुशी में महादान और फसल उत्सव के रूप में पौष मास की पूर्णिमा को छेरछेरा पुन्नी तिहार मनाया जाता है।





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यह त्यौहार हमारी समाजिक समरसता, समृद्ध दानशीलता की गौरवशाली परम्परा का संवाहक है। इस दिन 'छेरछेरा, कोठी के धान ल हेरहेरा' बोलते हुए गांव के बच्चे, युवा और महिला संगठन खलिहानों और घरों में जाकर धान और भेंट स्वरूप प्राप्त पैसे इकट्ठा करते हैं और इकट्ठा किए गए धान और राशि रामकोठी में रखते हैं और वर्ष भर के लिए अपना कार्यक्रम बनाते हैं।





मां शाकम्भरी जयंती





मुख्यमंत्री (CM Bhupesh Baghel) ने कहा कि छत्तीसगढ़ का किसान बहुत उदार होता है। किसानों द्वारा उत्पादित फसल सिर्फ उसके लिए नहीं बल्कि समाज के अभावग्रस्त और जरूरतमंद लोगों, कामगारों और पशु-पक्षियों के लिए भी काम आती है। पौराणिक मान्यता के मुताबिक आज ही के दिन भगवान शंकर ने माता अन्नपूर्णा से भिक्षा मांगी थी, आज ही मां शाकम्भरी जयंती है। इसलिए लोग धान के साथ साग-भाजी, फल का दान भी करते हैं।





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मान्यता है कि रतनपुर के राजा छह माह के प्रवास के बाद रतनपुर लौटे थे। उनकी आवभगत में प्रजा को दान दिया गया था। छेरछेरा के समय धान मिसाई का काम आखरी चरण में होता है। इस दिन छोटे-बड़े सभी लोग घरों, खलिहानों में जाकर धान और धन इकट्ठा करते हैं। इस प्रकार एकत्रित धान और धन को गांव के विकास कार्यक्रमों में लगाने की परम्परा रही है।





सरकार के साथ समाज और लोगों की भागीदारी जरूरी





छेरछेरा का दूसरा पहलू आध्यात्मिक भी है, यह बड़े-छोटे के भेदभाव और अहंकार की भावना को समाप्त करता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में कुपोषण समाज की बहुत बड़ी समस्या है। कुपोषण दूर करने के लिए सरकार के साथ समाज और लोगों की भागीदारी जरूरी है। अपनी प्राचीन गौरवशाली परम्परा को आगे बढ़ाते हुए बच्चों के स्वस्थ, कुपोषण मुक्त, सुखद भविष्य के लिए सहयोग करें।


बंदूक से नहीं, बल्कि कलम और कलमकारों से होगी बस्तर की पहचान: CM बघेल

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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (Chief Minister Bhupesh Baghel) ने जगदलपुर में हाता ग्राउंड के सामने लाला जगदलपुरी जिला ग्रंथालय (Bastar identified for art)का अवलोकन करने के साथ ही यहां संचालित गतिविधियों का भी अवलोकन किया। इस तीन मंजिला भवन में आयोजित विभिन्न गतिविधियों को देखने के साथ ही इसका लाभ उठा रहे लोगों से बातचीत भी की।









'बंदूक से नहीं, कलम और कलमकारों से होगी बस्तर की पहचान'(Bastar identified for art)





सीएम बघेल ने कहा कि बस्तर की पहचान अब बंदूक से नहीं बल्कि कलम से होगी। उन्होंने यह बात जगदलपुर में लाला जगदलपुरी जिला संग्रहालय (Lala Jagdalpur District Museum) के लोकार्पण के अवसर पर कही। इसके साथ ही उन्होंने लाला जगदलपुरी के जन्म शताब्दी पर आयोजित साहित्य सम्मेलन का समापन भी किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर लाला जगदलपुरी के नाम पर पुरस्कार प्रदान करने के साथ ही हर साल साहित्य सम्मेलन के आयोजन की घोषणा की।





ग्रंथालय में लाला जगदलपुरी से जुड़ी वस्तुओं को बताया अनमोल धरोहर(Bastar identified for art)





ग्रंथालय में लाला जगदलपुरी (Lala Jagdalpur District Museum) की कृतियों के साथ ही दैनिक उपयोग में उपयोग की जाने वाली सामग्री को भी संग्रहित किया गया है। मुख्यमंत्री ने इन वस्तुओं को अमूल्य धरोहर बताया। उन्होंने इस अवसर पर लाला जगदलपुरी के परिजनों से भी भेंट की।





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वहीं CM ने बस्तर की धरोहरों को संरक्षित करने का काम किए जाने की बात भी कही। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि बस्तर को पहले दशहरा, घोटुल, मुर्गा लड़ाई और यहां की प्राकृतिक सुंदरता के तौर पर जाना जाता था। उसके बाद लाल आतंक के कारण बस्तर के साथ-साथ पूरे प्रदेश की पहचान नक्सलगढ़ के रुप में होने लगी, लेकिन अब बस्तर की पहचान बदल रही है और इस क्षेत्र की पहचान बंदूक से नहीं बल्कि कलम और कलमकारों से होगी।









मुख्यमंत्री ने कहा कि लालाजी के यश के मुताबिक ही इस भव्य ग्रंथालय का निर्माण किया गया है। उन्होंने इस ग्रंथालय को बहुत ही सुंदर बताते हुए कहा कि यहां सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। बच्चे से लेकर बुजुर्गों तक सभी आयु वर्ग के पाठकों के लिए यहां पाठ्य सामग्री उपलब्ध है। बच्चों के लिए बाल साहित्य, बुजुर्गों और साहित्यप्रेमियों की रुचि के साहित्य के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए भी यहां भरपूर पठन सामग्री उपलब्ध है। उन्होंने यहां सुरक्षा के लिए किए गए व्यवस्था की भी जमकर तारीफ की।





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मुख्यमंत्री ने इस ग्रंथालय को चौबीसों घंटे खुले रखने पर भी प्रशंसा करते हुए कहा कि एक समय था, जब इस क्षेत्र में शाम होने के बाद पेट्रोल नहीं मिलता था, लेकिन इस ग्रंथालय में अब पूरे चौबीसों घंटे अध्ययन की सुविधा मिलेगी, जो यहां हुए बदलाव का संकेत देता है। उन्होंने कहा कि यहां ऑफलाइन के साथ ही ऑनलाइन पाठ्य सामग्री और साहित्य उपलब्ध रहेंगे। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में हुए बदलाव का परिणाम है कि अबूझमाड़ और बीजापुर के बच्चे अपनी प्रतिभा से अपनी पहचान बना रहे हैं।





CM ने की बस्तरवासियों से अपील(Bastar identified for art)





सीएम बघेल ने बस्तर को साहित्यकारों की भूमि बताते हुए कहा कि इस ग्रंथालय के बनने से उन्हें अच्छी सुविधा मिलेगी और साहित्य के विकास का जो माहौल तैयार हुआ है, उसे आगे बढ़ाए जाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने नई पीढ़ी से अपील करते हुए कहा कि वे नई कलम से नई इबारत लिखें। उन्होंने 'गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ के साथ-साथ गढ़बो नवा बस्तर और गढ़बो नवा जगदलपुर' के संकल्प को साकार करने की अपील की।





चार किताबों का किया विमोचन





मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर बस्तर दशहरा, कांगेर का संसार, बस्तर माटी की गूंज और कीर्तिशेष लाला जगदलपुरी जन्म शताब्दी समारोह नामक चार किताबों का विमोचन किया। इस अवसर पर सांसद दीपक बैज, हस्तशिल्प बोर्ड के अध्यक्ष चंदन कश्यप, चित्रकोट विधायक राजमन बेंजाम, मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष एमआर निषाद सहित जनप्रतिनिधिगण, कलेक्टर रजत बंसल और पुलिस अधीक्षक दीपक झा उपस्थित रहे।









दिखी मुख्यमंत्री के साथ सेल्फी लेने की होड़





मुख्यमंत्री बास्तानार में अपने व्यस्ततम कार्यक्रम से होकर सीधे एयरपोर्ट पहुंचे और वहां एक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद ग्रंथालय पहुंचे। यहां शिला पट्टिका का अनावरण करने के साथ ही लाला जगदलपुरी की प्रतिमा का अनावरण भी किया। इसके बाद वे जब यहां संचालित गतिविधियों को देखने के लिए भवन का भ्रमण करते हुए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के बीच पहुंचे, तब उनके साथ सेल्फी लेने से युवा अपने आप को नहीं रोक सके और मुख्यमंत्री के साथ सेल्फी लेने की इच्छा जताई। इसके बाद इन युवाओं में मुख्यमंत्री के साथ सेल्फी लेने की होड़ दिखाई दी।









बच्चों ने अंग्रेजी में बताई भारत के राज्यों की विशेषताएं





यहां छोटे-छोटे बच्चों ने अंग्रेजी में ज्यामितिय संरचनाओं के बारे में बताया। इसके साथ ही सौर मंडल के मॉडल के माध्यम से ग्रहों की स्थिति के साथ-साथ भारत के थ्री डी नक्शे में विभिन्न प्रदेशों की राजनैतिक, भौगोलिक, सांस्कृतिक गतिविधियों के बारे में बताया।









बच्चों के सामने खेला लूडो





यहां बच्चों के अध्ययन के साथ साथ मनोरंजन के लिए भी भरपूर व्यवस्था की गई है। यहां बच्चों के मानसिक विकास के लिए अबेकस जैसी खेल गतिविधयां संचालित की जा रही है, वहीं मनोरंजन के लिए विशाल लूडो चार्ट भी बनाया गया है, जिसमें बच्चे गोटियों को आगे बढ़ाने के बजाए खुद आगे बढ़ते हैं। इस लूडो चार्ट को देखकर मुख्यमंत्री बघेल ने भी सांसद दीपक बैज के साथ लूडो खेलने की इच्छा जताई।


सीएम बघेल और राज्यपाल उइके ने प्रदेशवासियों को दी मकर संक्रांति, पोंगल और लोहड़ी की शुभकामनाएं

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आज मकर संक्रांति (Makar Sankranti Greetings) का पर्व है। मकर संक्रांति (Makar Sankranti) देशभर में धूमधाम से मनाया जाता है। इस बार यह पर्व 14 जनवरी यानी गुरुवार को मनाया जा रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (Chief Minister Bhupesh Baghel) और राज्यपाल अनुसुइया उइके (Governor Anusuiya Uike) ने प्रदेशवासियों को मकर संक्रांति, पोंगल और लोहड़ी पर्व की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी है। उन्होंने इस अवसर पर सभी लोगों के लिए सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की है।






https://twitter.com/bhupeshbaghel/status/1349234670391554049




मुख्यमंत्री बघेल ने कहा है कि 'सूर्य को अन्न धन का दाता और समस्त ऊर्जा का आधार माना गया है। भारत में सूर्य के दक्षिणायन से उत्तरायण होकर मकर रेखा की ओर जाने का स्वागत उमंग और उत्साह से किया जाता है। मकर संक्रांति का त्यौहार ऋतु परिवर्तन का संदेश लेकर आता है। देश के विभिन्न क्षेत्रों में इसे मकर संक्रांति, पोंगल और लोहड़ी पर्व के नाम से मनाते है। ये त्यौहार नव सृजन,सौहार्द और असीम प्रेम के प्रतीक हैं। बघेल ने कहा है कि यह पर्व देश, प्रदेश सहित सभी लोगों के जीवन में भी सुखद परिवर्तन लेकर आए।'





राज्यपाल ने मकर संक्रांति ने दी शुभकामनाएं (Makar Sankranti Greetings)





राज्यपाल अनुसुइया उइके (Governor Anusuiya Uike) ने मकर संक्रांति और पोंगल पर्व पर देश और प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा है कि 'देश के विभिन्न प्रान्तों में अलग-अलग नामों से मनाये जाने वाले संक्रांति, पोंगल, माघ बीहू जैसे पर्व भारत की सांस्कृतिक एकता को प्रदर्शित करते हैं और हमें एकता के सूत्र में बांधे रखते हैं। राज्यपाल ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की है।'





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मकर संक्रांति के दिन मनाए जाते हैं कई पर्व





मकर संक्रांति (Makar Sankranti) से एक दिन पहले लोहड़ी का पर्व भी मनाया जाता है। मकर संक्रांति पर गुजरात लोग पतंगबाजी भी करते हैं। मकर संक्रांति को उत्तर भारत के कुछ इलाकों में खिचड़ी के पर्व के रूप में मनाते हैं। कई जगह खिचड़ी दान की जाती है तो कई जगह खिचड़ी का भोग लगाया जाता है। वहीं दक्षिण भारत के तमिलनाडु व केरल में इसे पोंगल के रूप में मनाते हैं। पोंगल का पर्व नई फसल आने की खुशी में मनाया जाता है।


देश के निवेशकों के लिए अनुकूल राज्यों की सूची में छत्तीसगढ़ टॉप 10 में शामिल

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वैश्विक महामारी और आर्थिक मंदी के दौर में छत्तीसगढ़ देश में टॉप 10 सर्वाधिक निजी निवेश प्राप्त करने वाला राज्य (Top 10 highly invested state) बन गया है। प्रोजेक्ट टुडे की ताजा जारी रिपोर्ट के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2020-21 की तीसरी तिमाही में अक्टूबर से दिसंबर 2020 के बीच छत्तीसगढ़ को विनिर्माण (Manufacturing in chhattisgarh) के लिए 10228 करोड़ के निजी निवेश के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।





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वहीं मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (Chief Minister Bhupesh Baghel) के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में पिछले दो सालों में 104 एमओयू हुए हैं। इनके माध्यम से प्रदेश में 42 हजार 714 करोड़ रुपये का पूंजी निवेश प्रस्तावित है। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ निवेशकों के लिए सर्वाधिक अनुकूल प्रदेश के रूप में उभरा है।





प्राथमिकता और औद्योगिक विकास





बता दें कि छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh News) में नई सरकार के गठन के बाद नई औद्योगिक नीति लागू की गई है, जिसमें राज्य सरकार द्वारा नई सहूलियत और रियायतें देकर निवेशकों के अनुकूल माहौल तैयार किया गया है। इस नई उद्योग नीति में पिछड़े क्षेत्रों के विकास पर बल, कृषि आधारित उद्योगों को विशेष प्राथमिकता और औद्योगिक विकास के लिए औद्योगिक क्षेत्रों में भूमि आबंटन की दरों में 30 प्रतिशत की कमी की गई है।





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वहीं परंपरागत कोर सेक्टर के अलावा रोबोटिक्स, आर्टिफिशयल इंटेलिजेन्स को बढ़ावा देने के लिए इसे प्राथमिकता श्रेणी में शामिल किया गया है। छत्तीसगढ़ सरकार (Chhattisgarh Government news) ने समावेशी विकास, आत्मनिर्भर और परिपक्व अर्थव्यवस्था वाले नवा छत्तीसगढ़ गढ़ने का लक्ष्य रखा है, जिसके क्रियान्वयन के रूप में कई नई योजनाओं और परियोजनाओं की शुरुआत की है।





छत्तीसगढ़ टॉप 10 में शामिल





यही वजह है कि इस आर्थिक मंदी के दौर में भी विनिर्माण के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ सबसे अधिक (Top 10 highly invested state) निवेश प्राप्त करने के मामले में राज्यों की सूची में टॉप 10 में शामिल है। वित्तीय वर्ष के तीसरी तिमाही में छत्तीसगढ़ को प्रोजेक्ट के लिए कुल 10228 करोड़ का निजी निवेश प्राप्त हुआ है। देश के एक प्रतिष्ठित अंग्रेजी अखबार में प्रोजेक्ट टुडे की रिपोर्ट पर खबर प्रकाशित की गई है, जिसमें बताया गया है कि देश में तीसरी तिमाही के विनिर्माण में निजी निवेश प्रस्ताव में 102 फीसदी की वृद्धि हुई है।





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पहली तिमाही में जहां सर्वाधिक निवेश प्रस्ताव तमिलनाडु को मिले थे, वहीं दूसरी तिमाही में छत्तीसगढ़ ने तमिलनाडु को पीछे छोड़ते हुए सर्वाधिक निवेश प्रस्ताव प्राप्त किए। वहीं तीसरी तिमाही में भी छत्तीसगढ़ विनिर्माण के क्षेत्र में निजी निवेश प्राप्त करने वाले टॉप दस राज्यों की सूची में शामिल है। बता दें कि प्रोजेक्ट्स टुडे भारत का सबसे बड़ा डेटाबैंक है, जिसमें भारत भर के सभी क्षेत्रों की नई और चल रही परियोजनाओं की अद्यतन जानकारी इकठ्ठा की जाती है।


सीएम बघेल आज बीजापुरवासियों को देंगे 328 करोड़ रूपए के विकास कार्यों की सौगात

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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (Bhupesh Baghel Bijapur visit Update) आज यानी 10 जनवरी को बीजापुर प्रवास के दौरान जिलेवासियों को 328 करोड़ रूपये लागत के विकास कार्यों की सौगात देंगे। जिसमें 241 करोड़ 75 लाख रूपये लागत के 72 विकास कार्यों का भूमिपूजन और 86 करोड़ 74 लाख रूपये लागत के 54 विकास कार्यों का लोकार्पण सम्मिलित है।





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प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री बघेल (CM Bhupesh Baghel) बीजापुर में स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल का लोकार्पण करेंगे। साथ ही महादेव तालाब सहित लोहा डोंगरी पार्क और शहरी गौठान बीजापुर का अवलोकन करेंगे। इसके बाद सीएम भूपेश बघेल विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों, समाज प्रमुखों, जनप्रतिनिधियों और युवाओं से भेंट कर चर्चा करेंगे।





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मुख्यमंत्री द्वारा दूरस्थ अबुझमाड़ इलाके के गांवों को जोड़ने के लिए 37 करोड़ 92 लाख रूपए बेदरे-लंका मार्ग पर इन्द्रावती नदी में उच्च स्तरीय पुल निर्माण सहित पिनकोंडा तालनार मार्ग में मरी नदी पर 11 करोड़ रूपए की लागत से पुल निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया जाएगा। इसके साथ ही कोएनार-एरमनार से तोयनार सड़क निर्माण, 5 करोड़ 96 लाख की लागत से टिकलेर से रेड्डी सीमेंट कांक्रीट सड़क निर्माण, 34 करोड़ 13 लाख रूपए की लागत से 15 ग्रामीण सड़कों का निर्माण, 37 करोड़ 9 लाख रूपये की लागत से भोपालपटनम-तारलागुड़ा डामरीकृत सड़क निर्माण कार्य, 1 करोड़ 75 लाख रूपये की लागत से गुड़साकाल स्टापडेम निर्माण, 1 करोड़ 64 लाख रूपये की लागत से मोदकपाल एनीकट निर्माण 2 करोड़ 51 लाख रूपये की लागत से मूसालूर में विद्युत उपकेन्द्र निर्माण कार्य का भी भूमिपूजन करेंगे।





सीएम भूपेश बघेल ((Bhupesh Baghel Bijapur visit Update) इन विकास कार्यों का करेंगे लोकार्पण





  • मुख्यमंत्री मंजरा-टोला विद्युतीकरण योजनातंर्गत 15 करोड़ 96 लाख रूपए की लागत से 72 ग्रामों के 160 बसाहटों में विद्युतीकरण कर 3859 परिवारों को निःशुल्क बिजली कनेक्शन प्रदाय
  • 1 करोड़ 6 लाख रूपए की लागत से बीजापुर के शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल उन्नयन सहित बीजापुर, भैरमगढ़ और भोपालपटनम ब्लॉक में 15 करोड़ 64 लाख रूपये की लागत से अधिकारी-कर्मचारी आवास निर्माण
  • 2 करोड़ 59 लाख रूपये की लागत से 36 पुलिया निर्माण
  • 2 करोड़ 47 लाख रूपये की लागत से धान खरीदी केन्द्रों में चबूतरा निर्माण
  • 1 करोड़ 35 लाख रूपये की लागत से मद्देड़ में तेन्दूपत्ता गोदाम निर्माण
  • 2 करोड़ 8 लाख रूपये की लागत से भोपालपटनम में आईटीआई भवन निर्माण
  • 14 करोड़ 71 लाख रूपये की लागत से कुटरू-बेदरे डामरीकृत सड़क
  • एक करोड़ 68 लाख रूपये की लागत से चेरपल्ली-यापला सड़क निर्माण जैसे काम शामिल हैं।

पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल की पत्नी का निधन, सीएम बघेल ने जताया दुख

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पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे विद्याचरण शुक्ल (Former Union Minister Vidya Charan Shukla )की पत्नी सरला देवी शुक्ल का गुरुवार सुबह दिल्ली के एक निजी अस्पताल में निधन (Vidyacharan Shukla's wife passed away) हो गया है। वो 90 साल की थी।





कोचिंग जा रही 10वीं की छात्रा से बंदूक की नोक पर 5 युवकों ने किया गैंगरेप, अगवा कर दिया वारदात को अंजाम





लंबे समय से बीमार चल रही सरला शुक्ल का दिल्ली के निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था। उनका अंतिम संस्कार दिल्ली के लोधी स्टेट मुक्तिधाम में किया जाएगा। शुक्ल परिवार के करीबी दौलत रोहरा ने सरला शुक्ल (Sarala Shukla) के निधन की पुष्टि की है।






https://twitter.com/bhupeshbaghel/status/1347092022595706881




वहीं छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (Chief Minister Bhupesh Baghel) ने पूर्व केंद्रीय मंत्री शहीद विद्याचरण शुक्ल की पत्नी सरला देवी शुक्ल के निधन (Vidyacharan Shukla's wife passed away) पर गहरा दुख प्रकट किया है। बघेल ने उनके शोक संतप्त परिवारजनों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए उनकी आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की है। बता दें कि सरला देवी का नई दिल्ली में इलाज के दौरान निधन (Former Union Minister Vidya Charan Shukla wife Sarala Shukla passed away) हो गया है।





गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने जताया दुख(Vidyacharan Shukla's wife passed away)






https://twitter.com/tamradhwajsahu0/status/1347093630478028802




स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने जताया दुख






https://twitter.com/TS_SinghDeo/status/1347105805355651075

सीएम बघेल ने गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले को दी 13.30 करोड़ रूपए की सौगात, इंग्लिश मीडियम स्कूलों का किया भूमिपूजन

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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज प्रदेश के नवगठित गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के प्रवास के दौरान मरवाही विकासखंड के ग्रामी दानीकुण्डी में आयोजित विकास कार्यों के लोकार्पण शिलान्यास समारोह में 8 करोड़ 54 लाख रूपए की लागत के 39 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन (गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले को सौगात) किया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 6 करोड़ 26 लाख रूपए की लागत के 25 विकास कार्यों का लोकार्पण और 2 करोड़ 28 लाख रूपए की लागत के 14 कार्यों का भूमिपूजन किया।





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मुख्यमंत्री बघेल ने कार्यक्रम में शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं((गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले को सौगात) के अंतर्गत 337 हितग्राहियों को साढ़े तेरह लाख रूपए की सामग्री और 230 हितग्राहियों को कुल 4 करोड़ 61 लाख रूपए की सहायता और अनुदान राशि का चेक वितरित किया।









सीएम ने 59 लाख रूपए की लागत से बनने वाले स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल भर्रापारा पेंड्रा और 45 लाख रूपए की लागत से गौरेला के टीकरकला में बनने वाले स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल, गौरेला में 20 लाख रूपए की लागत से बनने वाले रविन्द्रनाथ टैगोर उपवन का भूमिपूजन किया।









बघेल ने कार्यक्रम में ग्राम परासी में औषधालय भवन, मरवाही में होम्यो औषधालय भवन सहित विभिन्न गांवों में सीमेंट कांक्रीट रोड निर्माण और पहुंच मार्गों पर पुलिया निर्माण के अनेक कार्यों का भूमिपूजन भी किया।









मुख्यमंत्री ने 4 करोड़ 68 लाख रूपए की लागत से शासकीय अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए निर्मित शासकीय आवास, स्कूलों में आहाता निर्माण, धान संग्रहण केन्द्रों में चबूतरा निर्माण, सीमेंट कांक्रीट सड़क पहुंच मार्ग निर्माण कार्यों का शिलान्यास किया। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष चरणदास महंत, राजस्व और जिले के प्रभारी मंत्री जयसिंह अग्रवाल, सांसद ज्योत्सना महंत, मरवाही विधायक के. के. ध्रुव सहित कलेक्टर नम्रता गांधी, पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।






आज से बिलासपुर संभाग के दौरे पर रहेंगे सीएम बघेल, रायगढ़ जिले को देंगे करीब 400 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात

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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (Bhupesh Baghel Bilaspur Visit) आज बिलासपुर संभाग के दौरे पर रहेंगे। मुख्यमंत्री 02 जनवरी यानी आज रायगढ़ जिले के प्रवास पर पहुंचेंगे और वहां से 3 जनवरी को बिलासपुर पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री 4 जनवरी को कोरबा जिले के प्रवास पर रहेंगे।





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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक वे आज शनिवार को रविशंकर स्टेडियम हेलीपेड दुर्ग से दोपहर 1 बजे हेलीकाप्टर से रवाना होकर दोपहर 2 बजे रायगढ़ पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री बघेल 2.10 बजे से लेकर 3.10 बजे तक रायगढ़ के मिनी स्टेडियम में आयोजित लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल होने के साथ ही वहां आम सभा को संबोधित करेंगे।





गौठान का करेंगे निरीक्षण





मुख्यमंत्री बघेल (Bhupesh Baghel Bilaspur Visit) शाम को 4 बजे रायगढ़ से सम्बलपुरी गांव के लिए प्रस्थान करेंगे। साथ ही वहां गौठान का निरीक्षण करेंगे। इसके बाद 4.50 बजे रायगढ़ स्थित इंग्लिश मीडियम स्कूल (नटवर स्कूल) का निरीक्षण करेंगे। मुख्यमंत्री इसके बाद बाबा धाम ग्राम कोसमनारा में बाल उद्यान के उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल होंगे।





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मुख्यमंत्री कोसमनारा से 6.20 बजे केन्द्रीय विद्यालय मैदान पहुंचेंगे और वहां कुपोषण मुक्त ग्राम के सरपंच, महिला समूह और युवा प्रतिनिधि मंडल से मुलाकात और चर्चा करेंगे। शाम 7.05 बजे बघेल रायगढ़ सर्किट हाउस पहुंचेंगे और विभिन्न संगठन प्रमुखों, समाज प्रमुखों, युवा प्रतिनिधि मण्डल और अधिकारियों से भेंट और चर्चा करेंगे। मुख्यमंत्री रात्रि विश्राम रायगढ़ में ही करेंगे।





मुख्यमंत्री रायगढ़ जिले को देंगे करीब 400 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात





मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज रायगढ़ प्रवास के दौरान मिनी स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में जिलेवासियों को 398.11 करोड़ रुपये की लागत के 152 विभिन्न विकास कार्यों की सौगात देंगे। जिसमें 117.75 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित 46 कार्यों का लोकार्पण और 280.36 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले 106 कार्यों का भूमिपूजन शामिल है। मुख्यमंत्री बघेल इस मौके पर विभिन्न योजनान्तर्गत हितग्राहियों को 5.90 करोड़ रुपये की राशि की सामग्री वितरण भी करेंगे।





मुख्यमंत्री कार्यक्रम में इन कार्यों का करेंगे लोकार्पण





  • लोक निर्माण विभाग सेतु निर्माण संभाग रायगढ़ द्वारा नवनिर्मित 22 करोड़ 40 लाख रुपए के 5 कार्य
  • लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी खंड रायगढ़ द्वारा निर्मित 7 करोड़ 93 लाख लागत की आवर्धन जल प्रदाय योजना
  • लोक निर्माण विभाग रायगढ़ द्वारा कराया गया 11 करोड़ 32 लाख रुपये लागत का एक सड़क निर्माण कार्य
  • लोक निर्माण विभाग रायगढ़ द्वारा भवन निर्माण के 15 करोड़ 32 लाख रुपये लागत के दो कार्य
  • छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल रायगढ़ द्वारा कराए गए 7 कार्य लागत 38 करोड़ 36 लाख रुपये
  • पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत पूर्ण किए गए 13 कार्य लागत 3 करोड़ 23 लाख रुपये
  • वन विभाग द्वारा भीमसेन से भकुर्रा वनमार्ग निर्माण कार्य लागत 45 लाख रुपये
  • शिक्षा विभाग राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा मिशन रायगढ़ के 3 कार्य लागत 1.05 करोड़ रुपये
  • किसान उपभोक्ता बाजार उपमंडी प्रांगण चिखली लागत 78 लाख रुपये, नगर पालिक निगम रायगढ़ अंतर्गत 4 कार्य लागत 2 करोड़ 75 लाख रुपये
  • स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के 4 कार्य 10 करोड़ 2 लाख 83 हजार रुपये
  • जिला शहरी विकास अभिकरण रायगढ़ के 2 कार्य लागत 2 करोड़ रुपये
  • जिला कमाण्डेंट होमगॉर्ड के एक कार्य लागत 95 लाख रुपये
  • कृषि विभाग द्वारा बोईरदादर रायगढ़ में 01 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित उर्वरक गुणवत्ता नियंत्रण प्रयोगशाला भवन शामिल है।




मुख्यमंत्री कार्यक्रम में इन कार्यों का करेंगे भूमिपूजन करेंगे





  • लोक निर्माण विभाग सेतु निर्माण संभाग रायगढ़ अंतर्गत 6 कार्य लागत 40 करोड़ 53 लाख रुपये
  • पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग (प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना) परियोजना क्रियान्वयन इकाई क्रमांक 01 के 11 कार्य लागत 91 करोड़ 36 लाख रुपये
  • परियोजना क्रियान्वयन इकाई क्रमांक 02 के 11 कार्य लागत 67 करोड़ 90 लाख रुपये
  • पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग (मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं विकास योजना) के 5 कार्य लागत 7 करोड़ 23 लाख रुपये
  • लोक निर्माण विभाग रायगढ़ के 4 सड़क कार्य लागत 16 करोड़ 78 लाख रुपये
  • लोक निर्माण विभाग रायगढ़ के 5 भवन कार्य लागत 6 करोड़ 83 लाख रुपये
  • जल संसाधन संभाग धरमजयगढ़ के 5 कार्य लागत 10 करोड़ 2 लाख रुपये
  • पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के 6 कार्य लागत 1 करोड़ 18 लाख रुपये
  • वन विभाग रायगढ़ के 4 कार्य लागत 94 लाख रुपये
  • धरमजयगढ़ वनमंडल के 25 कार्य लागत 8 करोड़ 86 लाख रुपये
  • शिक्षा विभाग रायगढ़ के 2 कार्य लागत 2 करोड़ 42 लाख रुपये
  • किसान उपभोक्ता बाजार उपमंडी प्रांगण चिखली विकास कार्य लागत 78 लाख रुपये
  • नगर पालिक निगम रायगढ़ के 5 कार्य लागत 2 करोड़ 41 लाख रुपये
  • स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के 5 कार्य लागत 2 करोड़ 33 लाख रुपये
  • आदिम जाति और अनुसूचित जाति विकास विभाग रायगढ़ के 9 कार्य लागत 15 करोड़ 30 लाख रुपये
  • उच्च शिक्षा विभाग के तहत शासकीय महाविद्यालय खरसिया में अतिरिक्त कक्ष निर्माण कार्य
  • रायगढ़ में महाविद्यालय भवन निर्माण लागत 5 करोड़ 48 लाख रुपये शामिल है।




3 जनवरी को सीएम इन कार्यक्रमों में होंगे शामिल





सीएम बघेल 3 जनवरी को रायगढ़ से सुबह 10.30 बजे कार द्वारा रवाना होकर 11 बजे झलमला गांव के पुसौर विकासखंड पहुंचेंगे और ग्राम झपोरा में आदर्श धान खरीदी केन्द्र का निरीक्षण करने के बाद 11.40 बजे ग्राम तरडा के गौठान का निरीक्षण करेंगे। मुख्यमंत्री वहां से लारा एनटीपीसी हेलीपेड आकर दोपहर 12.10 बजे हेलीकॉप्टर से रवाना होकर 1.10 बजे बिलासपुर पहुंचेंगे और 1.15 बजे नूतन चौक में सेंट्रल लायब्रेरी लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल होंगे।





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सीएम बघेल दोपहर 1.35 बजे बिलासपुर के लाल बहादुर शास्त्री स्कूल मैदान में विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास करने के बाद आमसभा को सम्बोधित करेंगे। मुख्यमंत्री दोपहर 3.35 बजे बिलासपुर के तारबहार अंग्रेजी माध्यम स्कूल का निरीक्षण करने के बाद शाम 4 बजे राजेन्द्र नगर चौक में पद्मश्री पंडित श्यामलाल चतुर्वेदी की मूर्ति का अनावरण और 4.15 बजे न्यू सर्किट हाऊस भवन का लोकार्पण करने के बाद न्यू सर्किट हाउस में विभिन्न संगठन प्रमुखों, समाज प्रमुखों, अधिकारियों और युवा प्रतिनिधि मंडलों से मुलाकात करेंगे।





4 जनवरी को सीएम बघेल इन कार्यक्रमों में होंगे शामिल





सीएम बघेल रात्रि विश्राम बिलासपुर में करेंगे। मुख्यमंत्री 4 जनवरी को सुबह 11.30 बजे बिल्हा विकासखंड के सेलर गांव पहुंचेंगे और वहां गौठान का निरीक्षण करेंगे। वे सेलर गांव से हेलीकॉप्टर द्वारा 12.45 बजे कोरबा जिले के करतला तहसील के महोरा गांव पहुंचेंगे और गौठान का निरीक्षण करेंगे। सीएम बघेल दोपहर 1.45 बजे कोरबा जिले के जिला मुख्यालय ओपन थियेटर घण्टा घर मैदान पहुंचेंगे और लोकार्पण-शिलान्यास और आमसभा को सम्बोधित करेंगे। मुख्यमंत्री दोपहर 3.45 बजे सतरेंगा पर्यटन स्थल पहुंचेंगे और ओपन थियेटर में विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों, समाज प्रमुखों, जनप्रतिनिधियों, युवा प्रतिनिधि मंडलों और अधिकारियों से भेंट और चर्चा करेंगे। मुख्यमंत्री सतरेंगा में रात्रि विश्राम करेंगे।


पंडित रविशंकर शुक्ल की पुण्यतिथि आज, सीएम बघेल सहित कई मंत्री और नेताओं ने किया उन्हें नमन

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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (Chief Minister Bhupesh Baghel), राज्यपाल अनुसुइया उइके (Governor Anusuiya Uike) सहित कई नेताओं और मंत्रियों ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और अविभाजित मध्यप्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री पंडित रविशंकर शुक्ल की पुण्यतिथि (Pandit Ravi Shankar Shukla death anniversary today ) पर उन्हें नमन किया है।






https://twitter.com/bhupeshbaghel/status/1344512044326735874




मुख्यमंत्री बघेल ने कहा है कि 'पंडित रविशंकर शुक्ल प्रसिद्ध नेता और कुशल प्रशासक थे। उन्होंने राष्ट्रीय आंदोलनों में सक्रिय और शीर्ष भूमिका निभाई। इस दौरान छत्तीसगढ़ में उन्होंने अंग्रेजी हुकूमत के विरूद्ध लोगों को जागरूक कर गांधी जी के विभिन्न आंदोलनों में सहयोग के लिए प्रेरित किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ अंचल में शिक्षा, स्वास्थ्य और सिंचाई सहित विभिन्न क्षेत्रों की विकास योजनाओं में महती भूमिका निभाई।'





राज्यपाल ने पंडित रविशंकर शुक्ल की पुण्यतिथि पर उन्हें किया नमन (Governor salutes Pandit Ravi Shankar Shukla on his death anniversary)





राज्यपाल अनुसुइया उइके ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पंडित रविशंकर शुक्ल की पुण्यतिथि (Governor salutes Pandit Ravi Shankar Shukla on his death anniversary) पर उन्हें नमन करते हुए कहा कि 'पंडित रविशंकर शुक्ल कुशल प्रशासक, विद्वान, चिन्तक और विचारक थे। उन्होंने राष्ट्रीय आंदोलन में भी सक्रिय भूमिका निभाई। अविभाजित मध्यप्रदेश में उनके द्वारा किये गए कार्यों एवं योगदान के लिए वे हमेशा याद किये जायेंगे।'






https://twitter.com/drramansingh/status/1344517670717194240




बता दें कि भिलाई इस्पात संयंत्र को स्थापित कराने वाले पंडित रविशंकर शुक्ल की आज 63वीं पुण्यतिथि (Today 63rd death anniversary of Pandit Ravi Shankar Shukla) है। इस अवसर में भिलाई इस्पात संयंत्र के अधिकारियों, कर्मचारियों और आमजन ने उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। संयंत्र की स्थापना से लेकर आज तक के हालात पर वक्ताओं ने विचार व्यक्त किए। पंडित शुक्ला की सोच और पंडित जवाहर लाल नेहरू द्वारा लिए गए फैसले पर चर्चा की गई। आधुनिक भारत की सोच और भिलाई को औद्योगिक तीर्थ बनाने में सहयोग देने वाले पंडित रविशंकर शुक्ल के योगदान को याद किया गया।





2 अगस्त 1877 में सागर जिले में हुआ था पंडित रविशंकर का जन्म





पंडित रविशंकर शुक्ल का जन्म मध्यप्रदेश के सागर जिले की रहली तहसील के गुड़ा गांव में 2 अगस्त 1877 को हुआ था। वे एक वरिष्ठ कांग्रेस नेता और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे।वहीं पंडित रविशंकर शुक्ल 1 नवंबर 1956 को अस्तित्व में आए नये राज्य मध्यप्रदेश के पहले मुख्यमंत्री थे। अपने कार्यकाल के दौरान 31 दिसंबर 1956 को उनकी मौत हो गई।बता दें कि दिल्ली स्थित भारत के संसद भवन परिसर में रविशंकर शुक्ल की प्रतीम विद्यमान है। वहीं छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में स्थित विश्वविद्यालय का नाम पंडित रवि शंकर शुक्ल के नाम पर है।






https://twitter.com/ChouhanShivraj/status/1344522991976108032




पंडित रविशंकर शुक्ल के पिता का नाम पंडित जगन्नाथ शुक्ल और माता का नाम तुलसी देवी था। पंडित रविशंकर ने 4 साल की उम्र में सागर के सुन्दरलाल पाठशाला में दाखिला लिया था। ब्रिटिश राज में यह पाठशाला सीपी में स्थित 6 शालाओ में से एक थी। माध्यमिक शिक्षा के पूरी होने के बाद पंडित जगन्नाथ शुक्ल राजनांदगांव आ गए और अपने भाई पंडित गजाधर शुक्ल के साथ बेंगाल नागपुर कॉटन मिल चलने में सहभागी बने।






https://twitter.com/NandKumarSinghC/status/1344547873153634304




कुछ साल मिल चलाने के बाद वह रायपुर आ गए। इस दौरान रविशंकर ने अपनी स्कूली शिक्षा रायपुर हाई स्कूल से पूरी की। इसके बाद उन्होंने इंटर की परीक्षा जबलपुर के रॉबर्टसन कॉलेज से पूरी की और स्नातक की पढ़ाई नागपुर के हिसलोप कॉलेज से पूरी की। नागपुर में पढ़ते हुए शुक्ल राष्ट्रीय आंदोलन के निकट आए। 1897 में संपन्न हुए कांग्रेस के 13वें अधिवेशन में भाग लेने वे अपने अध्यापक के साथ अमरावती गए थे।






https://twitter.com/pcsharmainc/status/1344482847269109761?ref_src=twsrc%5Egoogle%7Ctwcamp%5Eserp%7Ctwgr%5Etweet





विनिवेश होने पर छत्तीसगढ़ सरकार खरीदेगी नगरनार इस्पात संयंत्र , प्रस्ताव पारित

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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (Chief Minister Bhupesh Baghel) ने सोमवार यानी 28 दिसंबर को विधानसभा में शासकीय संकल्प पर चर्चा के दौरान नगरनार इस्पात संयंत्र (Nagarnar steel plant) को खरीदने की घोषणा (Chhattisgarh government will buy Nagarnar steel plant) की है। साथ ही उन्होंने कहा कि भारत सरकार बस्तर के नगरनार इस्पात संयंत्र का डिसइनवेस्टमेंट न करे, डिसइनवेस्टमेंट की स्थिति में छत्तीसगढ़ सरकार इस संयंत्र को खरीदने के लिए तैयार है। इस संयंत्र को निजी हाथों में नहीं जाने देंगे। छत्तीसगढ़ सरकार इसे चलाएगी।





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मुख्यमंत्री (Chief Minister Bhupesh Baghel) की घोषणा के बाद सदन में यह शासकीय संकल्प - 'यह सदन केन्द्र सरकार से यह अनुरोध करता है कि भारत सरकार के उपक्रम एनएमडीसी द्वारा स्थापनाधीन नगरनार इस्पात संयंत्र, जिला बस्तर का केन्द्र सरकार द्वारा विनिवेश न किया जाए। विनिवेश होने की स्थिति में छत्तीसगढ़ शासन इसे खरीदने के लिए सहमत है' सर्वसम्मति से पारित किया गया।





छत्तीसगढ़ सरकार ने लिया निर्णय





मुख्यमंत्री (Chief Minister Bhupesh Baghel) ने कहा कि यह छत्तीसगढ़ विधानसभा के इतिहास की महत्वपूर्ण घटना है। उन्होंने कहा कि सवाल छत्तीसगढ़ की अस्मिता का है, बस्तर के आदिवासियों का है। बस्तर के लोगों का इससे भावनात्मक लगाव रहा है। जमीन सार्वजनिक उपक्रम के लिए दी गई थी, खदान भी एनएमडीसी को इस शर्त पर दी गई थी कि एनएमडीसी यहां इस्पात संयंत्र लगाएगा। राज्य शासन की भी और जनता की भी यह मंशा थी। इसे लेकर लगातार आंदोलन हो भी रहे थे। भारत सरकार इस संयंत्र के विनिवेश के लिए तैयारी कर रही है और सितंबर 2021 तक इसे पूर्ण करने की तैयारी है। इस मामले में डिमर्जर कर खदान को एनएमडीसी से अलग किया गया है। ऐसी स्थिति में यह प्रस्ताव बहुत आवश्यक था, छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा यह निर्णय लिया गया।





संगठित समाज ही विकास की धारा में आगे बढ़ता है : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल





मुख्यमंत्री ने कहा कि नगरनार के मामले में भारत सरकार के आर्थिक मामलों की कैबिनेट कमेटी ने नवंबर 2016 को एनएमडीसी की नगरनार स्टील प्लांट (Nagarnar steel plant) के 51 प्रतिशत शेयर निजी क्षेत्र की कंपनी को बेचने की सहमति दी। दुर्भाग्यजनक बात है कि तत्कालीन मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को लिखा कि यदि इसे निजी हाथों में सौपा जाएगा तो नक्सली गतिविधियों को काबू करना कठिन हो जाएगा। बघेल ने विपक्ष से कहा- इसके बारे में जब रविंद्र चौबे बोल रहे थे, तब आप लोग आपत्ति ले रहे थे। 2017 में तत्कालीन मुख्यमंत्री रमन सिंह ने प्रधानमंत्री को यह पत्र लिखा।





एनएमडीसी को इस शर्त पर लीज पर दी गई थी खदान





सीएम बघेल ने कहा- एनएमडीसी को खदान लीज इस शर्त पर दी गई थी कि वह नगरनार स्टील प्लांट लगाएगा। आप कह रहे हैं 2016 की चिट्ठी के आधार पर आप काल्पनिक बात कर रहे हैं, मैं आपको बताना चाहूंगा कि 2020 में भी डिमर्जर का निर्णय लिया गया, इसे सितंबर 2021 तक पूरा कर लेने का भी निर्णय हो चुका। उन्होंने कहा कि अगर डिमर्जर का निर्णय लिया जा रहा है तो यह किसके डिमर्जर का निर्णय है। क्योंकि संयंत्र और खदान दोनों एक ही के द्वारा संचालित हैं। नगरनार इस्पात संयंत्र (Nagarnar steel plant) को अलग यूनिट मान लिया गया।





सीएम बघेल ने दी जानकारी





सीएम बघेल ने कहा कि 637 एकड़ शासकीय और 1506 एकड़ निजी भूमि है। आदिवासियों ने इस शर्त पर जमीन दी कि यहां सार्वजनिक उपक्रम लगे। भारत सरकार के विधि सलाहकार, परिसंपत्ति मूल्यांकन-कर्ता द्वारा भी बार-बार आपत्ति दर्ज कराई गई कि इस संयंत्र को नहीं बेचा जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष का कहना है कि निजीकरण की शुरुआत हमारी सरकार के समय हुई, वे बिलकुल ठीक कह रहे हैं। जब नरसिंहराव प्रधानमंत्री और मनमोहन सिंह वित्त मंत्री थे, तब इसकी शुरुआत हुई। लेकिन इस बात पर ध्यान देना होगा कि जो बीमार और घाटे पर चल रहे उपक्रम थे, जिनकी बैलेंस शीट पांच वर्षों से घाटा दर्शा रही थी, उनकी सीएजी की रिपोर्ट आने के बाद ही उन्हें बेचा जा सकता था। लेकिन आपके शासनकाल में तो डिस्इनवेस्टमेंट के लिए अलग ही विभाग खोल दिया गया।





1400 करोड़ रुपए का इन्वेस्टमेंट क्यों





अभी राजस्थान कोर्ट ने फैसला दिया कि सैकड़ों करोड़ के होटल 72 करोड़ में बेच दिया। बघेल ने कहा कि आपकी सरकार परिसंपत्तियों को बेचने का काम कर रही है। एनएमडीसी, रेलवे, एयरपोर्ट कौन सा घाटे में चल रहा है। वो तो घाटे-फायदे की बात छोड़ दीजिए, जो बना ही नहीं है उसे बेचने की तैयारी हो रही है, इससे ज्यादा दुर्भाग्यजनक बात नहीं हो सकती। बघेल ने कहा जब आपने नगरनार इस्पात संयंत्र के डिसइनवेस्टमेंट का फैसला ले लिया है, तो फिर एमएमडीसी से प्लांट तक आयरन ओर पाइप से आए इसके लिए अभी 1400 करोड़ रुपए का इन्वेस्टमेंट क्यों कर रहे हैं ? ताकि पका पकाया फल आप दे दें !





सोसायटी से लोन





सीएम ने कहा कि टाटा को आपने जमीन दी थी। 2016 में टाटा ने लिख कर दे दिया था कि वह संयंत्र नहीं लगाना चाहता। इसके बावजूद वह जमीन आपने लैंडपुल में रख दी। वहां किसान समर्थन मूल्य पर अपने धान नहीं बेच पा रहे थे, सोसायटी से लोन नहीं ले पा रहे थे। आज वह जमीन हमने वापस भी की है, किसान सोसायटी से लोन भी ले रहे हैं, समर्थन मूल्य पर धान भी बेच रहे हैं। राजीव गांधी किसान योजना का उन्हें लाभ भी मिल रहा है। नगरनार में जमीन आपने सार्वजनिक उपक्रम के लिए ली, आप निजी हाथ मे कैसे बेच सकते हैं ?





विश्वास जीतने की कोशिश





बघेल ने कहा कि हम बस्तर के आदिवासियों, परंपरागत निवासियों, सबका विश्वास जीतने की कोशिश कर रहे हैं। चाहे जमीन वापस करने की बात हो, चाहे तेंदूपत्ता का समर्थन मूल्य बढ़ाने की बात हो, चाहे व्यक्तिगत पट्टे, सामुदायिक पट्टे, लघु वनोपज जो सात खरीदते थे उसे बढ़ाकर 52 करके वैल्यूएडीशन की बात हो, स्थानीय लोगों को रोजगार देने की बात हो, लगातार हमारी कोशिश है कि हम विश्वास जीतें। उसका परिणाम है कि आज नक्सली पाकेट में सिमट गए हैं।


पूर्व मंत्री झितरु राम बघेल की मौत, सीएम बघेल और गृहमंत्री साहू ने जताया दुख

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पूर्व मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता झितरु राम बघेल का आज सुबह निधन (former minister jhitru ram baghel Passed away) हो गया है। वे कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे।





दुखद : पूर्व सीएम रमन सिंह के बड़े भाई का निधन, दिल्ली में चल रहा था इलाज





बता दें कि झितरु राम बघेल (former minister jhitru ram baghel) को शनिवार यानी 26 दिसंबर को ही जगदलपुर के महारानी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां उनकी हालत गंभीर थी। इसके बाद उनकी हालत को देखते हुए उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया था। जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। बता दें बघेल बकावंड और जगदलपुर से विधायक थे। वे दिग्विजय सिंह के मंत्रिमंडल में कैबिनेट मंत्री भी रह चुके हैं।






https://twitter.com/bhupeshbaghel/status/1343101592224976897




पूर्व मंत्री झितरु राम बघेल की मौत पर सीएम भूपेश बघेल सहित गृह मंत्री और कई नेताओं ने दुख जताया है. सीएम ने ट्वीट किया है कि ' अविभाजित मध्यप्रदेश में पूर्व केबिनेट मंत्री रहे और प्रदेश के वरिष्ठ कांग्रेस नेता झितरूराम बघेल जी के निधन का समाचार दुखद है। मैं शोक संतप्त परिवारजनों के प्रति संवेदना प्रकट करता हूँ एवं दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करता हूँ।'






https://twitter.com/tamradhwajsahu0/status/1343116211798753281




गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू का ट्वीट ' अविभाजित मध्यप्रदेश में पूर्व केबिनेट मंत्री रहे और प्रदेश के वरिष्ठ कांग्रेस नेता श्री झितरूराम बघेल जी के निधन का दुखद समाचार प्राप्त हुआ। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दें और परिजनों को यह वियोग सहन करने की शक्ति प्रदान करें। ॐ शांति:'


सीएम बघेल 27 दिसंबर को पामगढ़ और सिमगा में आयोजित गुरू घासीदास जयंती कार्यक्रम में होंगे शामिल

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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (Chief Minister Bhupesh Baghel) 27 दिसंबर को जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ और बलौदाबाजार -भाटापारा जिले के सिमगा में आयोजित गुरू घासीदास जयंती कार्यक्रम में शामिल होंगे। सीएम बघेल रायपुर जिले के बिरगांव स्थित बुधवारी बाजार में 'छत्तीसगढ़ मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज धरसीवां-राज' राज अधिवेशन समारोह में भी शामिल होंगे।





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निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक मुख्यमंत्री 27 दिसंबर को सुबह 11.30 बजे रायपुर पुलिस परेड ग्राउंड से हेलीकॉप्टर द्वारा प्रस्थान कर दोपहर 12 बजे पामगढ़ पहुंचेंगे और गुरू घासीदास जयंती कार्यक्रम में शामिल होंगे। वे दोपहर 1 बजे पामगढ़ से रवाना होकर 1.45 बजे सिमगा पहुंचेंगे और गुरू घासीदास कार्यक्रम में शामिल होने के बाद बिरगांव रायपुर के लिए रवाना हो जाएंगे। सीएम बघेल शाम 4 बजे बिरगांव में छत्तीसगढ़ मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज धरसीवां राज-राज अधिवेशन समारोह में भी शामिल होने के बाद शाम 5.20 बजे रायपुर वापस लौटेंगे।





अधिकारियों ने लिया कार्यक्रम स्थल का जायजा





वहीं मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के 27 दिसंबर के प्रस्तावित प्रवास को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर यशवंत कुमार, एसपी पारूल माथुर सहित तमाम अधिकारियों ने शनिवार को कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने मौके पर उपस्थित अधिकारियों को कार्यक्रम की तैयारियों के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।





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एसपी पारूल माथुर ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के संबंध में निर्देश दिए हैं। वहीं निरीक्षण के दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। गुरु घासीदास जयंती पर्व पर हर साल मुख्यमंत्री का पामगढ़ आगमन होता है। हर साल की भांती इस साल भी मुख्यमंत्री पामगढ़ पहुंच रहे हैं। कार्यक्रम को लेकर समाज के लोगों ने भी बैठक की है। इसके साथ ही सतनामी समाज ने मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर अलग से तैयारी की है।


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