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सुकमा में बड़ी सफलता: 15 माओवादी आत्मसमर्पित, 48 लाख का इनाम खत्म; PLGA बटालियन-01 के 4 हार्डकोर नक्सली भी शामिल

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 सुकमा। छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे अभियान को आज बड़ी सफलता मिली। सुकमा जिले में 15 सक्रिय माओवादियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया। इन सभी पर कुल 47–48 लाख रुपये का इनाम घोषित था। आत्मसमर्पितों में PLGA बटालियन-01 के 4 हार्डकोर नक्सली भी शामिल हैं।


कौन-कौन आत्मसमर्पित हुआ?

सरेंडर करने वालों में—

  • 4 PPCM,
  • 2 SCM,
  • 3 पार्टी सदस्य,
  • 8 अन्य सक्रिय सदस्य शामिल हैं।

इनमें 10 पुरुष और 5 महिला माओवादी हैं।
इनाम के अनुसार—

  • 4 माओवादी – 8-8 लाख,
  • 2 – 5-5 लाख,
  • 1 – 3 लाख,
  • 1 – 2 लाख,
  • 1 – 1 लाख का इनामित था।

क्यों छोड़ा रास्ता?

माओवादियों ने बताया कि वे—

  • छत्तीसगढ़ नक्सलवादी आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति,
  • पुना मुर्गम (नई सुबह) योजना,
  • तर्रेम और अंसदरी क्षेत्रों में नए सुरक्षा कैंपों की मजबूती
    से प्रभावित हुए।
    इन सब वजहों से उन्होंने हथियार छोड़ने और समाज की मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया।

किन बलों की भूमिका रही?

इस सरेंडर अभियान में संयुक्त रूप से शामिल रहे—

  • जिला पुलिस बल
  • DRG, RAF
  • CRPF की 02, 212, 217 और 223 बटालियन
  • COBRA 207

Chhattisgarh : 13 साल की बच्ची ने भाई-बहन को कुएं में धकेला, दोनों की मौत

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 रायपुर। छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ इलाके में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां 13 वर्षीय बच्ची ने अपने छोटे भाई और बहन को कुएं में धकेल दिया, जिससे दोनों की मौत हो गई। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है।


मृत बच्चों की पहचान करण वर्मा (4 वर्ष) और राधिका वर्मा (1.5 वर्ष) के रूप में की गई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों परिवारों के बीच संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था। इसी कारण परिवार बच्चों को आपस में खेलने से भी रोकते थे।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, घटना के दिन 4 साल के करण ने किसी बात को लेकर अपनी 13 वर्षीय बहन को चिढ़ाया था। इससे नाराज होकर बच्ची ने पहले करण को घर के पास बने कुएं में धकेल दिया। यह देखकर उसकी छोटी बहन राधिका रोने लगी। गुस्से में आकर बच्ची ने उसका मुंह रूमाल से बांधा और उसे भी कुएं में फेंक दिया।

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों बच्चों के शवों को बाहर निकाला। फिलहाल पुलिस ने 13 वर्षीय बच्ची को कस्टडी में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

अधिकारियों का कहना है कि अभी इस मामले पर आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन जल्द ही प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे घटनाक्रम और बच्ची की मानसिक स्थिति (साइकोलॉजिकल एंगल) पर विस्तार से जानकारी दी जाएगी।

छत्तीसगढ़ में 5000 शिक्षकों की भर्ती की तैयारी, नए सत्र से पहले शिक्षा विभाग की कार्ययोजना तैयार

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 रायपुर। बेरोजगार युवाओं के लिए बड़ी राहत की खबर है। छत्तीसगढ़ में नए शिक्षा सत्र से पहले 5000 शिक्षकों की भर्ती शुरू होगी। शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने मंत्रालय में हुई समीक्षा बैठक में इस संबंध में विभागीय अधिकारियों को कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।


बैठक में हुई अहम चर्चा

बैठक में मंत्री यादव ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए शिक्षकों की कमी दूर करना जरूरी है। उन्होंने निर्देश दिए कि 5000 शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया नए शैक्षणिक सत्र से पहले हर हाल में शुरू की जाए।

पारदर्शिता पर जोर

  • राजपत्रित अधिकारियों की भर्ती छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) के जरिए होगी।
  • पाठ्यपुस्तक निगम को एक ही टेंडर से छपाई और परिवहन का काम सौंपा जाएगा, ताकि समय और धन की बचत हो।

स्कूलों की स्थिति पर फोकस

  • भवन विहीन और तदर्थ स्कूलों की समस्या को प्राथमिकता दी जाएगी।
  • मंत्री ने कहा कि बजट का पूरा उपयोग सुनिश्चित किया जाए और राशि लैप्स न हो।

शिक्षकों की उपस्थिति और प्रशिक्षण

  • शिक्षकों और जिला स्तरीय अधिकारियों की ऑनलाइन उपस्थिति अनिवार्य होगी।
  • सभी प्रशिक्षण कार्यक्रम अब SCERT के माध्यम से कराए जाएंगे।
  • परीक्षा खत्म होते ही शिक्षकों का ब्लॉक और जिला स्तर पर प्रशिक्षण होगा और इसके बाद उनकी दक्षता का मूल्यांकन किया जाएगा।

शाला प्रवेश उत्सव की तैयारी

मंत्री ने निर्देश दिया कि शाला प्रवेश उत्सव से पहले ही छात्र-छात्राओं को मिलने वाली सामग्री की अग्रिम योजना बना ली जाए, ताकि किसी तरह की देरी न हो।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जेपी नड्डा की अध्यक्षता में नेशनल एआरटी एवं सरोगेसी बोर्ड की बैठक संपन्न

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रायपुर, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जे. पी. नड्डा जी की अध्यक्षता में नेशनल एआरटी ऐंड सेरोगेसी एक्ट 2021 के तहत छठवें नेशनल एआरटी ऐंड सेरोगेसी बोर्ड की बैठक हाइब्रिड मोड में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की गई। बैठक में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी एवं बोर्ड के सदस्य राज्यों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। बोर्ड के सदस्य के रूप में छत्तीसगढ़ , चंडीगढ़, तमिलनाडु एवं तेलगांना राज्य शामिल हैं।  छत्तीसगढ़ राज्य की तरफ से स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री अमित कटारिया तथा आयुक्त सह संचालक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ प्रियंका शुक्ला बैठक में उपस्थित रहे। 

बोर्ड की बैठक में तीन अहम मुद्दों को सर्व सहमति से पारित किया गया। इसके तहत देश के अंदर या बाहर भ्रूण/युग्मक के अंतरण के अनुमति हेतु 884 मामलों के प्रकरणों को स्वीकृति दी गई। इसके साथ ही भारतीय मूल के दंपत्ति (ओसीआई) के 14 मामलों में अधिनियम के तहत सरोगसी हेतु स्वीकृति दी गई। एक अन्य मामले में एक केंद्र से दूसरे केंद्र में क्रायोप्रिजर्व के सामूहिक हस्तांतरण (केंद्र के बंद होने के कारण) के तीन प्रकरणों में स्वीकृति दी गई।

स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बैठक में एक अहम सुझाव देते सरोगेसी के लिए अधिनियम में निर्धारित उम्र सीमा पर पुर्नविचार कर एक्ट में संशोधन किये जाने की बात कही, इसके लिये केंद्रीय मंत्री श्री जेपी नड्डा ने छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल की सराहना की गई। 

छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक में हुए शामिल

बैठक को संबोधित करते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जेपी नड्डा ने एआरटी एवं सेरोगेसी एक्ट को मानवता के विकास के कदम में एक आवश्यक कदम बताया। उन्होंने बैठक में कहा कि आज जो एजेंडा पारित हुए हैं उससे समाज को लाभ मिलेगा।


कोण्डागांव की बालिका ने ताईवान में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड मेडल जीतकर रचा इतिहास – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दी बधाई

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रायपुर- छत्तीसगढ़ के कोण्डागांव जिले की बालिका रंजीता कोरेटी ने ताइपे (ताईवान) में आयोजित एशियन कैडेट जूडो चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतकर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत और छत्तीसगढ़ का नाम रोशन किया है। छत्तीसगढ़ राज्य बाल कल्याण परिषद बालगृह बालिका कोण्डागांव की रंजीता ने कई देशों के खिलाड़ियों को पराजित करते हुए यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। 

 रंजीता कोरेटी 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस गौरवशाली उपलब्धि पर रंजीता को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि यह न केवल कोण्डागांव जिले बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ राज्य के लिए अत्यंत गर्व का क्षण है। उन्होंने कहा कि रंजीता जैसी बेटियाँ राज्य की उम्मीद और नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा हैं, जो यह सिद्ध कर रही हैं कि छत्तीसगढ़ की बेटियाँ अब वैश्विक मंच पर अपनी अलग पहचान बना रही हैं।

रंजीता की इस उपलब्धि के पीछे जिला बाल संरक्षण इकाई, महिला एवं बाल विकास विभाग एवं बालगृह संस्था की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। सतत मार्गदर्शन और सहयोग से रंजीता मानसिक और शारीरिक रूप से निरंतर सशक्त होती गई। खेलों में विशेष रुचि और विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन को देखते हुए उसे आईटीबीपी के सहयोग से जूडो का प्रशिक्षण दिलवाया गया। रंजीता ने वर्ष 2021 में चंडीगढ़ में आयोजित ओपन नेशनल जूडो टूर्नामेंट में 40 किलोग्राम वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी खेल यात्रा की प्रभावशाली शुरुआत की।

इसके पश्चात् वर्ष 2022 में भोपाल में आयोजित ओपन नेशनल जूडो प्रतियोगिता में रंजीता ने ब्रॉन्ज मेडल जीता। वर्ष 2024 में केरल में आयोजित खेलो इंडिया नेशनल जूडो टूर्नामेंट में 52 किलोग्राम वर्ग में सिल्वर मेडल प्राप्त किया। इसी वर्ष महाराष्ट्र के नासिक में आयोजित खेलो इंडिया रीजनल जूडो प्रतियोगिता में उसने गोल्ड मेडल हासिल किया। इसके साथ ही त्रिशूर (केरल) में 52 किलोग्राम वर्ग में पुनः स्वर्ण पदक प्राप्त कर अपनी श्रेष्ठता को दोहराया। पुणे में आयोजित राष्ट्रीय ओपन नेशनल जूडो चैंपियनशिप में रंजीता ने असम, तेलंगाना, महाराष्ट्र और दिल्ली जैसे प्रमुख राज्यों की खिलाड़ियों को पराजित करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया। खेलो इंडिया यूथ गेम्स, पटना (बिहार) में भी उसने जूडो चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक प्राप्त कर जिले और राज्य को गौरवान्वित किया।

राष्ट्रीय स्तर पर निरंतर उपलब्धियों के पश्चात रंजीता ने अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। अप्रैल 2025 में जॉर्जिया में आयोजित कैडेट यूरोपियन कप 2025 में रंजीता ने 52 किलोग्राम वर्ग में 5वाँ स्थान प्राप्त किया। इसके बाद ताशकंद (उज़्बेकिस्तान) में वर्ष 2025 में आयोजित एशियन कैडेट चैंपियनशिप में भी उसने अपना उत्कृष्ट प्रदर्शन जारी रखा। अंततः 12 जुलाई से 15 जुलाई 2025 तक ताइपे (ताईवान) में आयोजित एशियन कैडेट जूडो चैंपियनशिप में रंजीता ने स्वर्ण पदक जीतकर भारत के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड मेडल हासिल किया।

रंजीता की इस प्रेरणादायक यात्रा को देखते हुए जनवरी 2023 में उसका चयन भोपाल स्थित स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) में हुआ, जहाँ वह वर्तमान में शिक्षा के साथ-साथ जूडो का उच्चस्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त कर रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह सफलता यह दर्शाती है कि यदि बेटियों को अवसर, संसाधन और सही मार्गदर्शन मिले, तो वे किसी भी ऊँचाई को छू सकती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार बेटियों को सशक्त बनाने के लिए हर स्तर पर प्रतिबद्ध है, और रंजीता कोरेटी जैसे उदाहरण छत्तीसगढ़ की शक्ति और संभावना का प्रतीक हैं।


Chhattisgarh : चार बीवियों वाला शिक्षक निकला हैवान: दूसरी पत्नी की रास्ते में गला रेतकर हत्या

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 रायपुर : यह दिल दहला देने वाली घटना छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले की है, जहां शिक्षक रूपसिंग उसेंडी ने अपनी दूसरी पत्नी सुंदरी उसेंडी की 14 जून 2025 की शाम करीब 5 बजे धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी। सुंदरी अपनी बेटी सुमित्रा के साथ मायके जबगुड़ा से ओरछा लौट रही थी, तभी रूपसिंग और उसके भाई ने उन्हें रोका, मारपीट की और हत्या को अंजाम दिया। आरोपी ने सुमित्रा को मौके से भगा दिया था।


रूपसिंग की चार पत्नियां हैं और वह हाल ही में एक विधवा महिला के साथ रहने लगा था, जिसे सुंदरी स्वीकार नहीं कर रही थी। इस विवाद के चलते उसने यह क्रूर कदम उठाया। सुंदरी ने पहले रूपसिंग के खिलाफ प्रताड़ना की शिकायत दर्ज कराई थी, और कोर्ट ने उसे 10,000 रुपये मासिक गुजारा भत्ता देने का आदेश दिया था।

पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए रूपसिंग को हिरासत में लिया, जिसने फोन पर अपना जुर्म कबूल किया। शव को पोस्टमार्टम के लिए ओरछा अस्पताल भेजा गया। स्थानीय लोगों ने इस जघन्य अपराध के लिए कड़ी सजा की मांग की है। यह घटना रिश्तों की मर्यादा और महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाती है।

पति को वश में करने पत्नी गई झाड़ फूंक कराने, झांसा देकर तांत्रिक ने किया महिला का बलात्कार

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रायपुर। पति से रोज- रोज के झगड़े से परेशान होकर पत्नी उसे अपने वश में करने झाड़ फूंक कराने गई, तो वहां तांत्रिक (tantrik raped women) ने मौके का फायदा उठाकर उसके साथ दुष्कर्म कर दिया। इसकी शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया है। आरोपी फरार है।





प्रेस क्लब आहाता निर्माण के लिए भूमिपूजन, मनाया गया वसंतोत्सव





राजधानी के तेलीबांधा इलाके में रहने वाली करीब 35 वर्षीया महिला का अपने पति से बार-बार झगड़ा होता था। पति उसका कहना नहीं मानता था। इस परेशानी को उसने अपनी सहेली को बताया। उसकी सहेली का बॉयफ्रेंड झाडफ़ूंक का काम करता था। वह महिला को उसके पास ले गई। महिला ने तांत्रिक के पास अपनी समस्या रखी और जल्द ठीक करने के लिए कहा। तांत्रिक ने महिला को अपने झांसे में ले लिया और उससे दुष्कर्म किया।





20 लाख चोरी के मामले में गार्ड ही निकला मास्टरमाइंड, घर और गाड़ी के लालच में दिया घटना को अंजाम, पुलिस ने 24 घंटे के अंदर किया गिरफ्तार





इसकी जानकारी महिला ने अपनी सहेली को दी। उसकी सहेली ने महिला को उल्टा सहयोग (tantrik raped women) करने कहा। बाद में पीड़िता ने अपने पति को घटना की जानकारी दी। इसके बाद तेलीबांधा थाने में शिकायत की। पुलिस ने आरोपी तांत्रिक के खिलाफ दुष्कर्म का अपराध दर्ज कर लिया है। इसके बाद से आरोपी फरार है।


Chhattisgarh News : 9वीं और 11वीं के प्रश्न पत्र स्कूल के शिक्षक करेंगे तैयार

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बिलासपुर. कोरोना काल के मद्देनजर माध्यमिक शिक्षा मंडल ने शिक्षा सत्र 2020-21 की 9वीं और 11वीं की वार्षिक परीक्षाएं संबंधित स्कूलों में आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही संबंधित स्कूलों में ही दोनों कक्षाओं के प्रश्न पत्र निर्धारित किए जाएंगे।





माध्यमिक शिक्षा मंडल के सचिव प्रोफेसर वीके गोयल ने आदेश जारी कर कहा है कि शासन के निर्देशानुसार शिक्षा सत्र 2020-21 में कक्षा 9वीं और 11वीं की परीक्षाएं स्थानीय स्तर पर आयोजित की जाएंगी। होम एग्जामिनेशन के तहत विद्यार्थी जिस स्कूल में पढ़ाई कर रहे हैं वे उसी स्कूल में परीक्षा देंगे।

संबंधित स्कूलों में ही दोनों कक्षाओं के प्रश्न पत्र तैयार किए जाएंगे। साथ ही समय सारिणी भी संबंधित स्कूल से ही निर्धारित होगी। परीक्षा आयोजित करते समय केन्द्र सरकार और राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर जारी किए गए कोरोना महामारी संक्रमण से बचाव के सभी निर्देशों का प्राचार्य विशेष रूप से पालन करेंगे।


झाड़ी में मिली महिला की लाश, तीन दिन से फरार थे पति- पत्नी

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बिलासपुर. धमनी खार स्थित चिरकुटी मंदिर के पास झोपड़ी बनाकर पति के साथ रहने वाली महिला का शव झाडिय़ों के बीच छिपा (dead body kept hidden in bush for 3 days) कर रखा गया था। बदबू आने पर कुछ लोगों ने जब जाकर झाडिय़ों को हटाया तो महिला की तीन दिन पुरानी लाश लोगों को दिखाई दी।

महिला व उसका पति तीन दिनों से लापता थे। सूचना पर चकरभाठा पुलिस मामले में मर्ग कायम कर जांच में लिया है वहीं फरार पति की तलाश कर रही है। पुलिस मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर ही कुछ कहने की बात कह रही है। पुलिस ने हत्या की संभावना से इंकार नहीं किया है।





पुलिस (Chhattisgarh police) के अनुसार चकरभाटा पुलिस को गुरुवार की शाम सूचना मिली कि धमनीखार के चिरकुटी मंदिर के पास एक महिला का सड़ा गला शव मिला है। पुलिस मौके पर पहुंच घटना स्थल को अपने कब्जे में ले लिया। रात होने होने के कारण न तो शव का पंचनामा हो सका और न ही पहचान। शुक्रवार को सुबह चकरभाटा पुलिस ने मौके पर पहुंच देखा कि महिला (woamn Killed ) के शव को बेशरम झाडिय़ों में छिपाया गया है। महिला के शव मिलने की खबर फैलते ही ग्रामीणों की भारी भीड़ लग गई।





कुछ लोगों ने महिला की शिनाख्त चिरकुटी मंदिर के पास बनी झोपड़ी में रहने वाली सावित्री बाई के रूप में की है। पुलिस की पूछताछ में पता चला कि महिला यहां पर बिहारी नाम के एक व्यक्ति के साथ रहा करती थी। दोनों पति पत्नी की तरह ही रह रहे थे। तीन दिन से दोनों किसी को दिखाई नहीं दिए थे। पुलिस ने मामले में शव को पोस्ट मार्टम के लिए चकरभाटा सामुदायिक भवन भेजा है वहीं बिहारी की तलाश कर रही है। पुलिस का कहना है कि बिहारी के मिलने व पोस्ट मार्टम रिपोर्ट के आने के बाद मामले में कुछ कहा जा सकता है। शव को जिस तरह झाडिय़ों में छुपाया है इससे हत्या की आशंका भी जताई है।

पति ने छोड़ दिया था इसके बाद रह रही थी बिहारी के साथ
पुलिस की जांच में पता चला कि सावित्री सूर्यवंशी धानापार घुटकू की रहने वाली थी। उसकी शादी 15 साल पहले बिटकूली में हुआ था। पति के छोड़े जाने के बाद सावित्री 5 साल से बिहारी के साथ रह रही थी। तीन से बिहारी भी किसी को दिखाई नहीं दिया है। बिहारी ने ही सावित्री की हत्या की है या फिर उसकी मौत का कारण कुछ और है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का पुलिस को इंतजार है।





महिला का तीन दिन पुराना शव झाडिय़ों के बीच छिपा कर रखा गया था जिसे पुलिस ने स्थानीय लोगो की सूचना के बाद अपने कब्जे में लिया है। मृतिका की शिनाख्त घुटकू निवासी के महिला सावित्री के रूप में हुई है। मामले में पोस्टमार्टम के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
- एसएन पटेल, थाना प्रभारी चकरभाटा


18 साल की लड़की को 70 दिन में 7 बार बेचा, 8 गिरफ्तार

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छतरपुर. दरिंदों ने 18 साल की लड़की पर जुल्म की इंतेहा कर डाली। पहले छतरपुर के निवारी निवासी एक दंपती ने उसे अगवा किया। पिता से फिरौती मांगी। जब रुपए नहीं मिले तो लड़की का 20 हजार रुपए में सौदा कर दिया। इसके बाद तो लड़की पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। 70 दिन में एक-एक कर उसे कुल सात लोगों को बेचा गया। अंत में जब जबरन शादी कराई गई तो उसने जान दे दी। जशपुर जिले के कांसाबेल थाना निवासी लड़की को वहां से अगवा कर आरोपियों ने मध्यप्रदेश के अलग-अलग स्थानों के साथ उत्तरप्रदेश के ललितपुर में रखा था। अब छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश की पुलिस ने इस मामले में कुल आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है।





पीड़ा के वो 70 दिन





  1. 3 जुलाई 2020 को छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के कांसाबेल थाना इलाके से लड़की का छतरपुर जिले के निवारी निवासी अजय राय और उसकी पत्नी सविता राय ने अपहरण किया था। आरोपियों ने लड़की के पिता को फोन कर फिरौती मांगी।
  2. जब रुपए नहीं मिले तो दंपती ने लड़की को 20 हजार रुपए में कल्लू रैकवार निवासी बमनौरा जिला छतरपुर को बेच दिया।
  3. कल्लू ने लड़की को हरेन्द्र सिंह बुंदेला निवासी नरवां को बेचा।
  4. इसके बाद राजपाल सिंह परमार निवासी ग्राम दतया ने उसे खरीदा।
  5. फिर देशराज कुशवाहा निवासी रनगांव ने नाबालिग का सौदा किया।
  6. यहां से उसे मुन्ना कुशवाहा निवासी सीरौन, ललितपुर को बेचा गया।
  7. आखिर में संतोष कुशवाह निवासी खिरिया ललितपुर ने नाबालिग को 70 हजार रुपए में खरीदकर अपने बेटे से उसकी जबरन शादी करा दी थी। दो महीने बाद 10 सितंबर 2020 को लड़की ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी।




पुलिस ऐसे आरोपियों तक पहुंची





लड़की के पिता की शिकायत पर छत्तीसगढ़ पुलिस के सहायक उप निरीक्षक देवनारायण यादव की टीम ने छतरपुर पुलिस से संपर्क किया। जशपुर में दर्ज मामले में छतरपुर जिले के गढ़ीमलहरा थाना इलाके के खौंप निवारी निवासी अजय उर्फ पंचम सिंह पिता बाबू लाल राय उम्र 27 साल और उसकी पत्नी सविता उम्र 28 वर्ष को खोजा गया। दोनों राज्यों की पुलिस ने उनसे पूछताछ की। इसमें एक-एक कर आरोपियों के नाम सामने आते गए, लेकिन लड़की नहीं मिली। आखिर में पुलिस को उसकी खुदकुशी का पता चला।





सभी आरोपी पकड़े जा चुके हैं। जशपुर पुलिस उन्हें ट्रांजिट रिमांड पर ले गई है।
- सचिन शर्मा, छतरपुर, एसपी


पीएम के नाम से ग्रामीण इलाकों में ठगी, अकाउंट से हजारों रुपये गायब

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जशपुर नगर. जशपुर जिले में लोगों को जागरूक और सचेत करने की तमाम कोशिशों के बाद भी ठगी का शिकार बन जाने की घटना लगातार घट रही है। जानकारी के मुताबिक सन्ना थाना क्षेत्र के ग्राम चंपा की है, जहां लॉकडाउन में मोदी के द्वारा भेजे गए 1500 की बात कहते हुए कई ग्रामीणों से विड्राल पर अंगूठा लगवा कर सर्वे के नाम पर ठगी की गई है।





इसके बाद कई ग्रामीणों के अकाउंट खाली हो गए। प्रार्थी कलम साय निवासी खमडाड़ चम्पा, हमराह पाचो बाई, पुनियावति, सुषमा बाई, भोला राम पैंकरा, चमेली बाई व लक्ष्मण राम भगत ने सन्ना थाने में आकर अपने ठगे जाने की जानकारी देते हुए बताया कि ग्राम महुवाडीह शंकरगढ निवासी अखलाक अहमद के द्वारा प्रधानमंत्री के द्वारा लाकडाउन में आपके खाते में 1500 रुपए आये हैं या नहीं, यह बोलकर सर्वे करने के नाम से किसी कागज पर अंगूठे का निशान लेकर पैसों का आहरण कर धोखाधड़ी की गई है।





सर्वे के नाम पर लगवाया अंगूठा
ग्रामीणों की माने तो इस मामले में आरोपी ने सर्वे के नाम पर अंगूठा लगवाकर ग्रामीण के खाते से पैसे निकाल लिए हैं। पीडि़त कलम साय निवासी ग्राम खमडाड़ चम्पा ने बताया कि मेरा खाता कियोस्क शाखा स्टेट बैंक चम्पा में है। बीते 10 नवम्बर 20 को अखलाक अहमद निवासी ग्राम महुवाड़ीह शंकरगढ बताया था, ने मेरे आधार कार्ड से अंगूठा लगवाकर सर्वे के नाम पर धोखे से 10 हजार रुपए का आहरण कर लिया। कमल साय ने बताया कि अखलाख ने बताया था कि लॉकडाउन में प्रधानमंत्री मोदी के द्वारा डाला गया 1500 रुपए आपके खाते में आया की नहीं कहकर खाता चेक करने के बहाने खाते से 10 हजार रुपए निकाल लिए। जब मै बैंक में जाकर खाता चेक कराया तब पता चला कि उक्त व्यक्ति द्वारा सर्वे करने के नाम पर धोखा किया गया है। इसी प्रकार मेरी पत्नी चमेली बाई के खाते से दिनांक 11 नवम्बर 2020 को 2 हजार रुपए निकाल लिया गया है।





पुलिस ने शुरू की जांच
गांव के पाचो बाई के खाते से 9 नवम्बर 2020 को 10 हजार रुपए, पुनियावती बाई पति सोमदत्त केरकेट्टा के खाते से 11 नवम्बर को 450 रुपए, सुषमा बाई पति शंकेश्वर बड़ा के खाते से 9 नवम्बर को 1 हजार रुपए, भोला राम पैंकरा के खाते से 10 नवम्बर 2020 को 3 हजार रुपए, लक्ष्मी पिता लक्ष्मण केरकेट्टा के खाते से से 10 नवम्बर 2020 को 950 रुपए तथा 9 नवम्बर 2020 को देवनारायण के खाते से 900 रुपए निकाले गए हैं। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है।


नवा रायपुर में वर्ल्ड क्रिकेट टूर्नामेंट में आ सकेंगे 50 फीसदी दर्शक

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  • वल्र्ड क्रिकेट टूर्नामेंट की तैयारियों को लेकर मुख्य सचिव ने ली बैठक।
  • कोरोना का असर: नवा रायपुर में 2 से 21 मार्च तक होंगे मैच।





रायपुर. नवा रायपुर परसदा स्थित शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में 2 से 21 मार्च तक होने वाले रोड सेफ्टी वल्र्ड सीरीज टूर्नामेंट (World Cricket Tournament Chhattisgarh audience limit) में 50 फीसदी दर्शकों को प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। स्टेडियम में दर्शक क्षमता करीब 50 हजार है। टूर्नामेंट की तैयारियों को लेकर मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने गुरुवार को मंत्रालय में बैठक लेकर कोविड गाइडलाइन का पालन करने की हिदायत दी। आयोजकों को दर्शकों के लिए पीने की पानी की व्यवस्था निशुल्क करनी होगी। इस दौरान सभी विभागों को तैयारियों के लिए जिम्मेदारी भी सौंपी गई।





बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों और आयोजन के प्रोफेशनल मैनेजमेंट गु्रप के प्रतिनिधियों से चर्चा कर कोविड-19 से बचाव के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए आयोजन की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।





यातायात विभाग नोडल अधिकारी
इस आयोजन के लिए यातायात विभाग को नोडल अधिकारी बनाया गया है। मुख्य सचिव ने कहा कि स्टेडियम का निरीक्षण नोडल अधिकारी एवं मैनेजमेंट ग्रुप के सदस्य संयुक्त रूप से करने के बाद मैच के आयोजन के लिए जरूरी संसाधनों एवं सुविधाओं के विषय में जानकारी लेंगे। इसके बाद स्टेडियम का रख-रखाव किया जाएगा।





इन बिंदुओं पर भी हुई चर्चा
बैठक में मैच आयोजन के दौरान खेल-प्रेमियों के आयोजन स्थल तक आने-जाने के लिए बसों का संचालन, यातायात का नियंत्रण, कानून एवं सुरक्षा व्यवस्था, खिलाडिय़ों के ठहरने और मैच स्थल तक आने जाने की व्यवस्था, स्वास्थ्य और कोरोना जांच समेत आयोजन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।पांच देशों की टीमों के बीच होगा मुकाबला





यह टूर्नामेंट (World Cricket Tournament Chhattisgarh audience limit) टी- 20 फार्मेट में खेला जाएगा, जिसमें पांच देशों भारत, आस्ट्रेलिया, साउथ अफ्रीका, वेस्टइंडीज और श्रीलंका की पूर्व क्रिकेट खिलाडिय़ों की टीमों के बीच मुकाबला खेला जाएगा। भारतीय टीम की कमान मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर संभालेंगे। इसमें कुल 10 मैच खेले जाएंगे। यह रोड सेफ्टी वल्र्ड सीरीज क्रिकेट टूर्नामेंट का दूसरा सीजन है। इससे पहले इसका पहला सीजन मुंबई में गत वर्ष मार्च में हुआ था, जिसे कोरोना के कारण 4 मैचों के बाद ही रद्द करना पड़ा था।


कोरोना वायरस की पहचान के लिए लगेगी ट्रू- नॉट मशीन

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रायपुर. राजधानी के पंडरी स्थित जिला अस्पताल में मरीजों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने प्रबंधन निरंतर प्रयासरत है। जिला अस्पताल में कोरोना संक्रमितों के सैंपल की जांच के लिए ट्रू-नॉट मशीन लगाई जाएगी, जिसके लिए कवायद शुरू हो गई है। हमर लैब के ऊपर ट्रू-नॉट मशीन लगाने की व्यवस्था की जा रही है।





सीजीएमएससी की टीम ने मशीन लगाने चयनित स्थल का निरीक्षण भी कर लिया है। जिला अस्पताल से औसतन रोजाना 80-90 मरीजों का सैंपल लेकर जांच के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा जाता है। रिपोर्ट आने में विलंब होता है, जिसके चलते मरीजों को असुविधा का सामना करना पड़ता है। जिला अस्पताल की ओपीडी में इन दिनों 250 से 300 मरीज पहुंच रहे हैं। सर्दी-खांसी व बुखार के मरीजों का कोरोना की पहचान के लिए तुरंत एंटीजन किया जाता है। आरटी-पीसीआर जांच के लिए स्वॉब भी लिया जाता है।





राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन से महिलाएं हो रही है आत्मनिर्भर





वर्तमान में लालपुर और कालीबाड़ी में ट्रू-नॉट से कोरोना की जांच की जाती है। मेडिकल कॉलेज और एम्स में आरटी-पीसीआर की सुविधा है। विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रू-नॉट मशीन मूलत: टीबी की जांच करने के काम आती है। इस मशीन के सॉफ्टवेयर में मामूली बदलाव से यह मशीन कोरोना संक्रमण की जांच भी कर सकती है। कोरोना समाप्ति के बाद इसका उपयोग टीबी जांच में भी किया जा सकता है।





जिला अस्पताल में ट्रू-नॉट मशीन स्थापित करना प्रस्तावित है, जिसके लिए कवायद की जा रही है। सीजीएमएससी की टीम चयनित स्थल का निरीक्षण कर चुकी है। मशीन लगने से मरीजों को काफी सहुलियत होगी।
- डॉ. पीके गुप्ता, सिविल सर्जन, जिला अस्पताल


छत्तीसगढ़ पुलिस भर्ती : पहले दिन 500 अभ्यर्थी ने दिया फिजिकल टेस्ट

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रायपुर। रायपुर पुलिस रेंज के लिए पुलिस जवानों की भर्ती शुक्रवार (Chhattisgarh police recruitment news) को शुरू हो गई। सरस्वती नगर इलाके के कोटा स्टेडियम में तड़के 5 बजे से ही अभ्यर्थी पहुंच गए थे। पहले दिन 500 अभ्यर्थियों ने फिजिकल टेस्ट दिया। पुलिस भर्ती में पारदर्शिता के लिए हर इवेंट की सीसीटीवी कैमरे से निगरानी की जा रही है। भर्ती प्रक्रिया सुबह 7 बजे से शुरू हुई और देर शाम तक चलती रही। उल्लेखनीय है कि सभी पुलिस रेंज में आरक्षक भर्ती प्रक्रिया शुरू हो गई है।





नंबर भी बता दिए
भर्ती प्रक्रिया (Chhattisgarh police recruitment news) को ज्यादा से ज्यादा पारदर्शी बनाने के लिए फिजिकल टेस्ट के हर इवेंट को सीसीटीवी कैमरों से कवर किया गया है। अभ्यर्थियों से 100 मीटर रेस, 800 मीटर रेस, ऊंची कूद, लंबी कूद, गोला फेंक आदि इवेंट कराया जा रहा है। इसमें उन्हें प्राप्तांकों की जानकारी भी दे दी जा रही है, ताकि किसी तरह का विवाद न हो।





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बढ़ेगे अभ्यर्थी
पुलिस भर्ती के पहले दिन केवल 500 अभ्यर्थियों को बुलाया गया था। इसके बाद अधिक संख्या में बुलाया जाएगा। उल्लेखनीय है कि लंबे अरसे बाद हो रही भर्ती को लेकर युवाओं में काफी उत्साह है।






पुलिस भर्ती की प्रक्रिया शुरू हो गई है। निर्धारित मापदंडों के अनुरूप भर्ती की जा रही है। भर्ती में पारदर्शिता के लिहाज से जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।





- अजय यादव, एसएसपी, रायपुर


खुलेआम नाबालिगों को पिला रहे थे हुक्का, मैनेजर पर केस दर्ज

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रायपुर. राजधानी में नशे का व्यापार थमने का नाम नहीं ले रहा। बीते रात वीआईपी रोड में नाबालिगों को एक हुक्काबार में हुक्का(Hookah Bar in Raipur) पिलाया जा रहा था। इसकी सूचना पर माना पुलिस ने छापा मारा कार्रवाई करते हुए हुक्काबार के मैनेजर के खिलाफ अपराध दर्ज किया है। मौके से कई हुक्का पॉट जब्त किया है। हुक्का पीने वालों को चेतावनी देकर छोड़ा गया।





Balodabazar News : घायल जानवरों के इलाज के लिए वटगन में खोला जायेगा पशुगृह एवं रूग्णालय, चोटिल पशुओं को अस्पताल लाने पशु एम्बुलेंस खरीदा जाएगा





पुलिस के मुताबिक माना रोड में आनंद वाटिका में स्थित द बर्न हाउस में नाबालिगों को हुक्का पिलाने की सूचना पर पुलिस ने रात करीब ११ बजे छापा मारा। मौके पर कई लोग हुक्का पीते मिले।





पुलिस ने मौके से हुक्का पॉट, फ्लेवर, पाइप, चिलम अन्य सामाग्री जब्त किया। आरोपी फ्लेवर के अलावा तंबाकू मिली हुई सामग्री से हुक्का पिला(Hookah Bar in Raipur) रहे थे। हुक्काबार के मैनेजर अजय पाल उर्फ माइकल को गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ तंबाकू अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।


आज से छत्तीसगढ़ के 200 केंद्रों पर 20 हजार लोगों को लगेंगे टीके

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रायपुर. प्रदेश में कोरोना को हराने के लिए टीकाकरण(Corona Vaccination in CG) तेज करने की कवायद तेज हो गई है। प्रदेश में सोमवार से मौजूदा 102 टीकाकरण केंद्रों को मिलाकर कुल 200 सेंटरों में कोरोना टीका लगाया जाएगा। इसमें रोजाना 20 हजार हेल्थ वर्कर्स को टीके लगाए जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि 102 सेंटरों पर टीकाकरण का काम किया जा रहा है। 18 सेंटर बढ़ाए जाएंगे। रायपुर जिले में भी 9 बढ़ाए गए हैं, जिससे 14 सेंटरों पर टीकाकरण होगा। रायपुर जिले में 9 बढ़े सेंटरों में 4 निजी अस्पताल शामिल हैं। स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने गत दिनों ही कहा था कि एक सप्ताह के भीतर वैक्सीनेशन सेंटर बढ़ाए जाएंगे। प्रदेश में विगत 6 दिनों में 28732 स्वास्थ्य कर्मियों का टीकाकरण किया गया है, जबकि 45071 का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। पहले चरण में 2.67 लाख स्वास्थ्य कर्मी टीकाकरण के लिए पंजीकृत हैं।





अभी भी बना रहे बहाने
पहले चरण के टीकाकरण (Corona Vaccination in CG)सूची में जिन हेल्थ वर्कर्स के नाम हैं, उनसे स्वास्थ्य विभाग लगातार टीका लगाने की अपील कर रहा है। विगत दो दिन हुए टीकाकरण में संख्या बढ़ी है लेकिन अभी भी कुछ ऐसे लोग हैं जिनका नाम टीकाकरण की सूची में हैं लेकिन तबीयत व अन्य कारण बताकर बचने का बहाना बना रहे हैं।





Video : छत्तीसगढ़ का ऐसा मंदिर जहां भालू करते हैं देवी दर्शन के बाद प्रसाद ग्रहण





रायपुर जिले में नौ सेंटर बढ़ाए
रायपुर जिले में 16 जनवरी से मेडिकल कॉलेज, एम्स, जिला अस्पताल, मिशन हॉस्पिटल तिल्दा और एनएचएमएमआई हॉस्पिटल में टीकाकरण किया जा रहा था। 9 सेंटर बढ़ाए गए हैं, जिनमें सीएचसी गोबरा नवारापारा, अभनपुर, आरंग, खरोरा और रिम्स हॉस्पिटल आरंग, निजी हॉस्पिटल वीवाय, बालाजी हॉस्पिटल, श्री मेडिशाइन और रामकृष्ण हॉस्पिटल शामिल हैं।





अभनपुर, आरंग, तिल्दा और रायपुर शहरी विकासंखड में सेंटर बढ़ाए गए हैं। यहां पर सोमवार से टीकाकरण का काम शुरू हो जाएगा। आने वाले दिनों में अभी और सेंटर बढ़ाए जाएंगे।
डॉ. मीरा बघेल, सीएमएचओ, रायपुर





प्रदेशभर में 200 सेंटरों पर टीकाकरण का काम होगा। शुरुआती एक-दो दिन टीकाकरण की गति धीमी थी, जो अब बढ़ गई है। सेंटर बढऩे से टीकाकरण के काम में तेजी आएगी।
डॉ. अमर सिंह ठाकुर, राज्य टीकाकरण अधिकारी


Video : छत्तीसगढ़ का ऐसा मंदिर जहां भालू करते हैं देवी दर्शन के बाद प्रसाद ग्रहण

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भालू प्रतिदिन पहाड़ी से निकलकर मंदिर(Mungai Mata Mandir) में दर्शन करने को पहुंचते हैं। श्रद्धालु उन्हें अपने हाथों से भोजन कराते हैं। कोल्डड्रिंक पिलाते हैं। देखें इस मंदिर की हैरान करने वाली फोटो और वीडियो….






https://youtu.be/Dy0tS8M2nCI




हाइवे किनारे स्थित है मुंगईमाता मंदिर





छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से 85 किमी दूर राष्ट्रीय राजमार्ग-53 किनारे पटेवा और झलप के बीच पहाड़ी पर स्थित है मुंगईमाता का मंदिर(Mungai Mata Mandir)। पहाड़ी के नीचे भी एक कुटी में मुंगईमाता की पाषाण प्रतिमा स्थापित है, जो जनआस्था का केंद्र है। यहां भालू रोज आते हैं। श्रद्धालुओं के द्वारा प्रसाद, बिस्किट और मूंगलफली आदि खिलाने से भालुओं के भोजन का इंतजाम हो जाता है। इसके चलते यहां भालू बीते कई वर्षों से हर रोज शाम के समय आ रहे हैं। जंगली भालुओं के रोज-रोज यहां स्वच्छंद विचरण करने से देवी दर्शन करने और भालुओं को करीब से देखने वालों का तांता लग रहा है।





नगर पंचायत राजिम के सामान्य सभा की बैठक हुई, विधायक प्रतिनिधि ने लंबित कार्यों को पूरा करने की बात कही





मुंगईमाता पहाड़ी की गुफाओं से निकलकर दो बड़े भालू रोज यहां आते हैं। इन भालुओं को देखने दूर-दूर से लोग पहुंच रहे हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग-53 से गुजरने वाले मुंबई से लेकर कोलकाता तक के लोगों का यह आस्था का केंद्र बन गया है। भालुओं की एक झलक पाने और भालुओं को अपने हाथों से बिस्किट आदि खिलाने के लिए यहां आ रहे हैं।





भालुओं की कहानी-पुजारी की जुबानी





मुंगईमाता मंदिर-बावनकेरा के पुजारी टिकेश्वर दास वैष्णव बताते हैं कि यहां पर भालू कब से आ रहे हैं, सही-सही जानकारी किसी को नहीं है। कोई सात-आठ साल बताते हैं तो कोई बीस साल से यहां भालुओं के आने की बात कहते हैं। इतना जरूर है कि जब से वे यहां बीते करीब आठ-दस साल से पुजारी हैं, तब से भालू नियमित रूप से शाम चार से छह बजे के बीच आते हैं। करीब सालभर पहले जब भालू अपने छोटे बच्चों को लेकर मंदिर तक आने लगे । तब दयाभाव से उनके लिए कुछ खाने और पीने का इंतजाम करना पुजारी ने प्रारंभ किया। इसके बाद भालू इस कदर घुल-मिल गए कि जैसे ही शहद की तरह स्वाद वाले सॉफ्ट ड्रिंक इन्हें पिलाते हैं, वह पुजारी के शरीर से लिपट जाता है। जब तक माजा का बाटल खत्म नहीं होता है, भालू पुजारी को छोड़ता ही नहीं है।





ग्रामीण बताते हैं-भालू नहीं पहुंचाते हैं किसी को नुकसान





पास के गांव दर्रीपाली निवासी युवा ईश्वर सिंह ध्रुव बताते हैं कि मुंगईमाता, बावनकेरा के इस मंदिर(Mungai Mata Mandir) में भालू सात-आठ साल से आ रहे हैं। मंदिर के पास मिलने वाले प्रसाद से प्रभावित होकर आते हैं। उन्हें खाने-पीने को मिलता है, इसलिए आते हैं। श्रद्धालुओं की देवी भक्ति के साथ ही भालुओं के साथ आस्था जुड़ी हुई है। जन आस्था है कि ये भालू देवी के भक्तों को कोई नुकसान नहीं पहुंचाते हैं।





ग्रामीणों की है ऐसी मान्यता





ग्रामीणों की ऐसी मान्यता है कि देवी माता की कृपा से यहां भालू आते हैं और अपने भक्तों को दर्शन देते हैं। हाथ से प्रसाद खिलाने के बावजूद अब तक किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया है। हालांकि एहतियात के तौर पर यहां वन विभाग ने तार जाली लगा रखा कि हिंसक होने पर भालू किसी को नुकसान न पहुंचाएं। महासमुंद जिले के बागाबाहरा के पास घुंचापाली पहाड़ी में भी भालू वर्षों से आ रहे हैं। वह आवागमन क्षेत्र से दूर शांत और पहाड़ी इलाका है। इसके विपरित नेशनल हाईवे से लगे हुए मंदिर में भालुओं की नियमित आवा जाही आश्चर्यजनक और जनआस्था का केंद्र बना हुआ है।





सेल्फी लेने और हाथ से प्रसाद खिलाने वालों का तांता





मुंगईमाता पहाड़ी से जैसे ही भालू नीचे उतरकर बाबा की कुटी तक आते हैं,यहां देवी दर्शन के साथ ही भालू देखने वालों का तांता लग जाता है। छोटे बच्चों से लेकर युवा, महिलाएं और बुजुर्ग सभी वर्ग के लोग भालुओं की अठखेलियों को कैमरे में कैद करने और अपने हाथों से इन्हें प्रसाद खिलाने आतुर नजर आते हैं।





अंधेरा होते ही लौट जाते हैं वापस





भालुओं के इस दल में सबसे बड़ा और नर भालू पहाड़ी से उतरकर सीधा पुजारी के कुटी में प्रवेश करता है। उसके पीछे अन्य भालू भी आ जाते हैं। फिर पुजारी इनके खाने-पीने के इंताजाम में लग जाते हैं। बड़ा नर भालू कुटी में प्रवेश कर जाता है तो पुजारी उसे अपने हाथों से धक्का देकर बाहर निकालते हैं। नारियल, इलायची दाना का प्रसाद खिलाते हैं और उसके लिए पानी का इंतजाम करने निकल जाते हैं। इस बीच कुटी के बाहर भालू को देखने के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है। भालू चाव से यहां लोगों के हाथों से प्रसाद खाते हैं। किसी को नुकसान पहुंचाए बिना ही शाम ढलते और अंधेरा होते ही भालू वापस पहाड़ी की ओर लौट जाते हैं।





( चेतावनी :- भालू हिंसक वन्य जीव है, media24media अपने सुधि पाठकों को भालू से दूर रहने का आग्रह करता है।)


कृषि वैज्ञानिक मनोहर लाल राजपूत ने 20 साल किया रिसर्च, अब बॉल से होगा मशरूम उत्पाद

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बिलासपुर. मशरूम हर किसी की पहुंच में काफी कम लागत पर उत्पादन हो सके, यही सोच के साथ कृषि वैज्ञानिक मनोहर लाल राजपूत ने मशरूम(Mushroom Product) पर काफी रिसर्च करते रहे। 20 साल तक रिसर्च करने के बाद विधी भी खोज निकाली व घर में एक बॉल से लगभग 1 से 2 किलो तक मशरूम उत्पादन भी किया। लेकिन कोरोना काल में बेरोजगारी व रुपए के अभाव में अपने रिसर्च को जीने का साधन बनाया आज बिलासपुर सहित रायपुर, राजनांदगांव व प्रदेश के अन्य जिलों के मशरूम प्रेमी मनोहर लाल के पास आकर मशरूम लगाने की यूनिट लगाने सीखने पहुंचते है।





एग्रीकल्चर विश्वविद्यालय के साथ ही जिंदल व अन्य बडे कम्पनियों में रह कर मशरूम उत्पादन पर काफी रिसर्च किया। जिंदल में कार्यरत कर्मचारियों को प्रेरित कर उनके घरों में मशरूम उत्पादन भी शुरू कराया। 20 साल की रिसर्च में कृषी वैज्ञानिक मनोहर लाल ने काफी कुछ घरेलू टैक्नोलाजी विकसीत कर घर में लगभग 20 से 30 रुपए की लागत में मशरूम उत्पादन का सफल प्रयोग भी किया। लेकिन लॉकडॉउन में चली बेरोजगारी की आंधी ने कृषी वैज्ञानिक मनोहर लाल राजपूत भी बेरोजगार हो गए। लॉक डॉउन खुलने के बाद काम की तलाश करते रहे लेकिन मंदी की वजह से कही काम नहीं मिला। जमा पूंजी भी धीरे धीरे कर खत्म होने लगी। मशरूम उत्पादन को बढ़ावा जो बॉल व दूसरों को बनाना सिखाते है, जीवत रहने के लिए खुद ही बॉल बनाए व अपने परिचितों को देकर खेती करने प्रोत्साहित किया। मशरूम बॉल बेचने से जो कमाई हुई उससे अपना जीवन यापन करते हुए लोगो को ज्यादा से ज्यादा मशरूम उत्पादन करने के लिए तैयार कर रहे है।





खेतो की पलारी को इक्टठा कर बनाया बॉल
कृषी वैज्ञानिक मनोहर लाल राजपूत ने बताया कि कोरोना संक्रमण की वजह से लगे लॉक डाउन की वजह से उनकी जमा पूंजी खत्म हो गई थी। खाना खाने के लिए भी रुपए नहीं थे। सुबह मार्निग वॉक के लिए निकले तो खतो की पलारी को इकट्ठा किया व उससे मशरूम(Mushroom Product) बॉल बनाया। मनोहर लाल का मानना है कि किसान को खेत की पलारी जलाना नहीं चाहिए बलकी पलारी को एकत्र कर मशरूम का उत्पादन करना चाहिए इससे उनकी आए बढ़ोत्तरी होगी वही पलारी जलने से होने वाले पदूषण से भी लोगो को निजाद मिलेगा।





बरसाती मेढ़को की वजह से नहीं बन रहा बाजार
मनोहर लाल राजपूत का मानना है कि मशरूम प्रोटिन व विटामिन से भरपूर व्यंजन है। इसे अधिकांश लोगो पसंद करते है। लेकिन लोगो की धारणा है कि खेती के लिए ज्यादा जगह की आवश्यकता होती है, उन्ही इन्हीं धारणा को मैने समाप्त करने छोटी से जगह में मशरूम उत्पादन(Mushroom Product) यूनिट का निर्माण किया है। कुछ ऐसे बरसाती मेंढक होते है लोगो को गुमराह करते है उन्हें बिना किसी प्लानिंग के यूनिट तैयार करवाते है इससे उत्पादन नहीं होता और लोगो ठगे जाते है। इन्हीं लोगो की वजह से मशरूम को खुला बाजार नहीं मिल रहा है।





9 -10 फरवरी को असिस्टेंट प्रोफेसर इंटरव्यू , कोविड गाइडलाइन का पालन के साथ





बेचने के लिए नहीं खाने के लिए करे उत्पादन
मनोहर लाल राजपूत का मानना है कि इस पोस्टीक व्यंजन का सभी को लाभ लेते हुए अपनाना चाहिए, इससे व्यवसाय के रुप में कम खुद खाने के लिए घर के एक कोने में छोटी यूनिट लगाना चाहिए अगर ज्यादा उत्पादन हो तो बेचे नहीं तो खुद ही खाकर स्वास्थ्य रहे यही सोच को आगे बढऩे किचन गार्डन की तर्ज पर काम कर रहे है।


9 -10 फरवरी को असिस्टेंट प्रोफेसर इंटरव्यू , कोविड गाइडलाइन का पालन के साथ

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रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (Chhattisgarh Public Service Commission) द्वारा चयनित 93 सहायक प्राध्यापकों का इंटरव्यू (Assistant Professor Interview) 9 और 10 फरवरी को है। इंटरव्यू के लिए चिन्हांकित अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन साक्षात्कार तिथि के एक दिन पूर्व दो पालियों में सुबह 9 से शाम 5 बजे तक किया जाएगा। सीजी पीएससी के जिम्मेदारों की मानें तो दस्तावेज सत्यापन में अनुपस्थित छात्रों को इंटरव्यू में शामिल नहीं किया जाएगा।





सैलरी घोटाला : 71 लाख रुपए सैलरी गबन मामले में बाबू निलंबित, एफआईआर के आदेश





सीजी पीएससी (CG PSC) के जिम्मेदारों ने उच्च शिक्षा विभाग के लिए सहायक प्राध्यापकों की परीक्षा नंवबर 2020 में ली थी। विधि, संस्कृत, माइक्रोबॉयोलाजी, बॉयोकेमिस्ट्री, वानिकी, बायोटेक्नोलॉजी, भूगर्भशास्त्र के 58 पदों के लिए यह विज्ञापन जारी किया गया था। लिखित परीक्षा के प्राप्तांकों व अर्ह अभ्यर्थियों के उपलब्धता के आधार पर 93 अभ्यर्थियों का चयन इंटरव्यू के लिए हुआ है।





मास्क-सेनिटाइजर जरूरी
सीजीपीएससी के जिम्मेदारों की मानें तो कोरोना संक्रमण (Covid guidline) के मद्देनजर कार्यालय में अभ्यर्थियों के अलावा अन्य लोगों पर रोक लगाई है। साक्षात्कार और दस्तावेजों के सत्यापन(Assistant Professor Interview) के दौरान छात्रों को मास्क और सेनिटाइजर लगाना अनिवार्य है। जो अभ्यर्थी कोविड गाइड लाइन का उल्लंघन करेंगे, उन्हें इंटरव्यू में शामिल नहीं किया जाएगा।


तालाबों का सौंदर्यीकरण कीजिए पर, हम मछुआरों का रोजी रोजी तो वंचित मत करो : अध्यक्ष मत्स्य महासंघ

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रायपुर। शहर के आसपास ग्रामीण क्षेत्र में तालाबों को निस्तारी के साथ मछली पालन करके मछुआरा अपना जीवन यापन करते थे,लेकिन कुछ सालों से तालाब नगर निगम क्षेत्र में आने के कारण अब उस तालाब में मछली पालन व शिकार पर रोक लगा दिया गया है। मछली पालन व शिकार की अनुमति की मांग को लेकर छत्तीसगढ़ राज्य मर्यादित मत्स्य महासंघ (Matsya Union Raipur) के अध्यक्ष व सदस्यों ने पूर्व कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल को ज्ञापन सौंपा ।





मत्स्य संघ (Matsya Union Raipur) के अध्यक्ष रामकृष्ण धीवर ने बताया नगर निगम एवं छत्तीसगढ़ राज्य शासन द्वारा स्मार्ट सिटी योजना के तहत तालाबों के गहरीकरण एवं सौंदर्यीकरण का कार्य किया जा रहा है। जिसके शहर के तालाबों में मछली पालन का कार्य बंद कर किया जा रहा है , मछली पालन नही होने के कारण मछुआरों के सामने बेरोजगारी की समस्या उत्पन्न हो रही है। पूर्व में शहर पर तेलीबांधा तालाब एवं कटोरा तालाब को सौंदर्यीकरण कर मछली पालन का कार्य बंद कर दिया गया। इसके पूर्व में कई ठेकेदारों द्वारा कई तलाबों का गहरीकरण का कार्य नहीं किया गया। तालाब का कार्य अधूरा पड़ा है।





CBSE बोर्ड परीक्षा में छात्रों की शिनाख्त करने अब बायोमेट्रिक अटेंडेंस





नगर निगम प्रशासन एवं राज्य सरकार द्वारा निवेदन है कि सुंदर बनाने की कोशिश में मछुआरों का पैतृक व्यवसाय से बेदखल किया जाए नहीं तो जीवन यापन करना भारी पड़ेगा। एक समस्या और भी है, जिला पंचायत में आने वाली तालाबों को मछली पालन कार्य किया जाता है, पर यहा भी जनप्रतिनिधी मछुआरों को ना देकर अपने जान पहचान वालों के दे देते है। इनका कार्य बंद कर उन्हें पर रोक लगाना चाहिए । नगर निगम में 40 से 50 तक सूखा पड़ा हुआ है उनकी गहरीकरण किया जाएगा तो शासन में वृद्धि होगी और युवाओं को रोजगार के साधन बनेंगे।





महासभा के उपाध्यक्ष घसिया धीवर ,देवा,दयालू,विनय,संतोष,केदार,राजा,केशव धीवर ,केदार धनगर,दानी वर्मा,राजा गायकवाड व संतोष देवांगन उपस्थित थे।


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