Media24Media.com: #पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

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बोरे बासी पर सियासत तेज: गजेंद्र यादव का भूपेश बघेल पर हमला, बताया ‘प्रोपेगेंडा’

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 रायपुर। छत्तीसगढ़ में ‘बोरे बासी दिवस’ को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। श्रमिक दिवस (1 मई) पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा मिट्टी के बर्तन में बोरे बासी खाकर इसे मनाने के बाद अब स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है।


रविवार को पश्चिम बंगाल दौरे पर रवाना होने से पहले गजेंद्र यादव ने कहा कि मिट्टी के बर्तन में बोरे बासी खाना सिर्फ एक “प्रोपेगेंडा” है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि मिट्टी के बर्तन का उपयोग पिंडदान और पितृ भोज में होता है, ऐसे में क्या भूपेश बघेल कांग्रेस का पिंडदान करने गए थे। उन्होंने सवाल उठाया कि कांग्रेस इस तरह के आयोजन कर आखिर क्या संदेश देना चाहती है—क्या छत्तीसगढ़ के लोग सिर्फ बासी भोजन ही करें?

चुनाव परिणाम पर जताया भरोसा

मंत्री यादव ने पांच राज्यों के चुनाव परिणामों को लेकर भी भाजपा के पक्ष में मजबूत दावा किया। उन्होंने कहा कि परिणाम “बेहद शानदार” होंगे और बंगाल में “सुनामी” के रूप में भाजपा की सरकार बनेगी। उनके मुताबिक, पांच में से कम से कम तीन राज्यों में स्पष्ट बहुमत से भाजपा सरकार बनाएगी।

मेधावी छात्रों के लिए बड़ी घोषणा

इसी दौरान गजेंद्र यादव ने 10वीं और 12वीं के मेधावी छात्रों के लिए बड़ी सौगात की घोषणा की। उन्होंने कहा कि मेरिट सूची में आने वाले छात्रों को एकमुश्त 1.50 लाख रुपये दिए जाएंगे, जिससे उन्हें आगे की पढ़ाई में सुविधा मिल सके।

हेलीकॉप्टर यात्रा पर कांग्रेस पर निशाना

बच्चों को हेलीकॉप्टर यात्रा कराने के मुद्दे पर भी मंत्री यादव ने कांग्रेस पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार छात्रों को नकद सहायता दे रही है, जिससे वे अपने परिवार के साथ बेहतर तरीके से यात्रा या अन्य जरूरतें पूरी कर सकते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार में केवल एक बार हेलीकॉप्टर यात्रा कराई जाती थी, जबकि अब दी जा रही राशि से छात्र अधिक लाभ उठा सकेंगे।

राज्य में इन बयानों के बाद राजनीतिक माहौल और गरमा गया है। भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।

 
 

शराब घोटाले में बड़ा मोड़: पूर्व सीएम के बेटे चैतन्य बघेल को हाईकोर्ट से जमानत

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 रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले मामले में कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल को बड़ी राहत मिली है। बिलासपुर हाईकोर्ट ने उनकी जमानत याचिका स्वीकार कर ली है। इस फैसले के बाद राजनीतिक गलियारों से लेकर प्रशासनिक हलकों तक हलचल तेज हो गई है।


प्रवर्तन निदेशालय (ED) और अन्य जांच एजेंसियों की कार्रवाई के बीच आया यह आदेश इसलिए अहम माना जा रहा है, क्योंकि यह मामला राज्य की राजनीति, सत्ता परिवर्तन और आर्थिक अनियमितताओं से गहराई से जुड़ा रहा है। चैतन्य बघेल लंबे समय से जांच एजेंसियों के रडार पर थे और उनकी गिरफ्तारी के बाद यह केस और अधिक संवेदनशील हो गया था।

हाईकोर्ट की यह राहत न केवल कानूनी दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि इसका सीधा असर छत्तीसगढ़ की सियासत पर भी पड़ता दिख रहा है। जमानत मिलने के बाद कांग्रेस ने इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई करार दिया है, जबकि विपक्ष का कहना है कि यह न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा है। फिलहाल हाईकोर्ट के आदेश से चैतन्य बघेल को कानूनी राहत मिली है, लेकिन जांच और ट्रायल की प्रक्रिया अब भी जारी रहेगी।

क्या है छत्तीसगढ़ का शराब घोटाला मामला?

छत्तीसगढ़ में कथित शराब घोटाले की जांच पिछले कुछ वर्षों से चल रही है। आरोप है कि राज्य की आबकारी नीति के तहत शराब की बिक्री, लाइसेंस जारी करने और सप्लाई चेन में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं की गईं।

जांच एजेंसियों का दावा है कि इस पूरे नेटवर्क के जरिए करोड़ों रुपये का अवैध लाभ अर्जित किया गया। इस मामले में कई कारोबारी, आबकारी विभाग के अधिकारी और राजनीतिक प्रभाव से जुड़े नाम सामने आए हैं।

ईडी और आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) के अनुसार, शराब की समानांतर सप्लाई व्यवस्था बनाकर सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाया गया। चैतन्य बघेल का नाम सामने आने के बाद यह मामला और अधिक हाई-प्रोफाइल बन गया और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी तेज हो गए।

धीरेंद्र शास्त्री का भूपेश बघेल पर निशाना, कहा -अगर आपको भक्ति अंधविश्वास लगता है तो देश छोड़ दें

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 रायपुर। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने दुर्ग में एक सार्वजनिक सभा के दौरान छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर तीखा हमला बोला है। शास्त्री ने कहा कि ऐसे नेता जो हनुमान जी की भक्ति और राष्ट्र जागृति प्रयासों को अंधविश्वास बताते हैं, उन्हें “भारत देश छोड़ देना चाहिए।”


यह बयान उस विवाद के बाद आया है, जब कुछ दिनों पहले भूपेश बघेल ने एक कार्यक्रम के दौरान धीरेंद्र शास्त्री पर अंधविश्वास फैलाने का आरोप लगाया था। दुर्ग में इस आरोप का कड़ा जवाब देते हुए शास्त्री ने यह टिप्पणी की, जिसने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में हलचल बढ़ा दी हैधीरेंद्र शास्त्री का सर्जिकल जवाब

धीरेंद्र शास्त्री ने दुर्ग में कहा:-

“जो लोग भक्ति और श्रद्धा को अंधविश्वास कहते हैं, वो **देश में नहीं रहना चाहते तो भारत छोड़ दें।”

उन्होंने यह टिप्पणी भूपेश बघेल के उस बयान के प्रतिउत्तर में की, जिसमें बघेल ने शास्त्री की गतिविधियों को अंधविश्वास फैलाने वाला बताया था।

 आगामी कार्यक्रमों की घोषणा

धीरेंद्र शास्त्री ने आगामी कार्यक्रमों के बारे में भी जानकारी दी –

 हिंदुत्व पदयात्रा:
शास्त्री ने घोषणा की कि आने वाले दिनों में छत्तीसगढ़ में हिंदुत्व पदयात्रा निकाली जाएगी।

 जशपुर कार्यक्रम:
उन्होंने कहा कि जशपुर में एशिया की सबसे बड़ी चर्च के सामने मंच लगाकर हनुमान कथा होगी, जिसके बारे में पहले से ही चर्चाएं तेज हैं।

भिलाई का दिव्य दरबार (27 दिसंबर):
27 दिसंबर को भिलाई में दिव्य दरबार भी आयोजित किया जाएगा। शास्त्री ने कहा कि इस कार्यक्रम में जो लोग घर वापसी (धार्मिक पुनरागमन) चाहते हैं, वे मंच पर आकर अपना संकल्प व्यक्त कर सकते हैं।

 राजनीति में असर

धीरेंद्र शास्त्री के बड़े बयान और आगामी आयोजनों के ऐलान के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति में बयानबाजी तेज होने के संकेत हैं। राजनीतिक दलों और सामाजिक समूहों की तरफ से प्रतिक्रिया आने की संभावना बनी हुई है।

‘जिसने गड़बड़ी नहीं की, उसे डर कैसा?’ — भूपेश बघेल के सर्वे दावे पर डिप्टी CM अरुण साव का करारा जवाब

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 रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा सोशल मीडिया पर किए गए ‘सर्वे’ संबंधी पोस्ट पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि सर्वे कौन करवा रहा है, इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है, लेकिन इसमें डरने जैसी कोई बात नहीं है। जिसने कोई गड़बड़ी नहीं की है, उसे डरने की आवश्यकता नहीं होती। बिना तथ्यों के आरोप-प्रत्यारोप से बचना चाहिए।


दरअसल, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर दावा किया था कि एक सर्वे एजेंसी की 70 टीमें छत्तीसगढ़ के अलग-अलग इलाकों में जाकर लोगों से यह पूछ रही हैं कि क्या भूपेश बघेल को गिरफ्तार किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि विधि सम्मत कार्रवाई करने के बजाय सर्वेक्षण कराया जा रहा है। साथ ही केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा कि चाहे जो भी हथकंडे अपनाए जाएं, छत्तीसगढ़ की जनता उनके और कांग्रेस के साथ खड़ी है।

नगरीय निकायों की बैठक पर बोले डिप्टी CM

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने हाल ही में आयोजित नगरीय प्रशासन विभागों की क्षेत्रीय बैठक को लेकर बताया कि उत्तर और मध्य भारत के पांच राज्यों के नगरीय प्रशासन विभागों की बैठक केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर की अध्यक्षता में हुई। बैठक में केंद्र सरकार की योजनाओं—प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छता अभियान और शहरी मोबिलिटी—की समीक्षा की गई।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में केंद्र प्रायोजित योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आई है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत छत्तीसगढ़ देश में तीसरे स्थान पर है। बीते दो वर्षों में राज्य ने कई योजनाओं में उल्लेखनीय प्रगति की है और इस तरह की क्षेत्रीय बैठकों से योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में मदद मिलेगी।

छत्तीसगढ़ में मेट्रो परियोजना प्रारंभिक चरण में

छत्तीसगढ़ में मेट्रो परियोजना को लेकर उप मुख्यमंत्री ने कहा कि फिलहाल यह प्रारंभिक चरण में है। उन्होंने बताया कि चीन और अमेरिका के बाद भारत मेट्रो नेटवर्क के विस्तार में तीसरे स्थान पर पहुंच चुका है। आने वाले समय में छत्तीसगढ़ में भी मेट्रो परियोजना का काम तेज गति से आगे बढ़ेगा।

दलहन-तिलहन खरीदी को बताया ऐतिहासिक कदम

दलहन और तिलहन फसलों की खरीदी को लेकर मिली अनुमति पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि यह किसानों के हित में लिया गया एक ऐतिहासिक निर्णय है। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में दलहन-तिलहन की खेती में कमी आई थी, लेकिन अब इस फैसले से किसानों को सीधा लाभ मिलेगा और फसल विविधीकरण को बढ़ावा मिलेगा।

शराब घोटाला मामला : चैतन्य बघेल की रिमांड 12 नवंबर तक बढ़ी

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 रायपुर। शराब घोटाले में गिरफ्तार पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की न्यायिक रिमांड अवधि कोर्ट ने 12 नवंबर तक बढ़ा दी है। रिमांड खत्म होने पर आज उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां सुनवाई के बाद रिमांड बढ़ाने का आदेश दिया गया।


गौरतलब है कि ईडी ने चैतन्य बघेल को 18 जुलाई को मनी लॉन्ड्रिंग और शराब घोटाले के आरोपों में भिलाई से गिरफ्तार किया था। एजेंसी के अनुसार, उन्होंने 16.70 करोड़ रुपये की अवैध कमाई को रियल एस्टेट प्रोजेक्ट में निवेश किया था। साथ ही, ‘विट्ठलपुरम परियोजना’ में फर्जी फ्लैट खरीद के जरिए 5 करोड़ रुपये हासिल करने के भी आरोप हैं।

छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: चैतन्य बघेल की जमानत याचिका खारिज, 13 अक्टूबर तक न्यायिक रिमांड में

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 रायपुर। छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाला मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल की जमानत याचिका राजधानी रायपुर में EOW की विशेष अदालत ने खारिज कर दी है। अदालत ने सुनवाई के बाद उन्हें 13 अक्टूबर तक न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा।


EOW की ओर से चैतन्य बघेल की 14 दिन की कस्टोडियल रिमांड में विस्तृत पूछताछ की जा चुकी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी जारी है और 90 दिनों में पूरी होने की संभावना है।

ईडी ने चैतन्य बघेल को 18 जुलाई को उनके जन्मदिन पर भिलाई निवास से PMLA, 2002 के तहत गिरफ्तार किया था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि शराब घोटाले से प्रदेश के खजाने को भारी नुकसान हुआ और लगभग 2,500 करोड़ रुपये की अवैध कमाई लाभार्थियों तक पहुंचाई गई।

जांच में यह भी पता चला कि चैतन्य बघेल को 16.70 करोड़ रुपये मिले, जिनका इस्तेमाल उन्होंने अपनी रियल एस्टेट फर्मों और ठेकेदारों को भुगतान में किया। इसके अलावा, त्रिलोक सिंह ढिल्लों के साथ मिलीभगत कर उन्होंने “विठ्ठलपुरम प्रोजेक्ट” में अप्रत्यक्ष रूप से 5 करोड़ रुपये प्राप्त किए।

इस मामले में पूर्व IAS अनिल टुटेजा, अरविंद सिंह, त्रिलोक सिंह ढिल्लों, अनवर ढेबर, ITS अरुण पति त्रिपाठी और पूर्व मंत्री व वर्तमान विधायक कवासी लखमा को भी गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच अभी जारी है।

शराब घोटाला: पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की रिमांड पूरी, अदालत में पेश

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 रायपुर छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की रिमांड अवधि पूरी हो गई। उन्हें सोमवार को एसीबी-ईओडब्ल्यू की विशेष अदालत में पेश किया गया। इसी दौरान कस्टम मिलिंग घोटाले के आरोपी दीपेन चावड़ा को भी अदालत में पेश किया गया।


ईओडब्ल्यू ने चैतन्य बघेल को 13 दिन की रिमांड पर लेकर पूछताछ की थी। इससे पहले ईडी ने उन्हें 18 जुलाई को भिलाई स्थित उनके आवास से धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत गिरफ्तार किया था।

ईडी की जांच में खुलासा हुआ है कि इस घोटाले से राज्य को करीब 2,500 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ और चैतन्य बघेल को इसमें से 16.70 करोड़ रुपए का फायदा मिला। उन्होंने यह रकम अपनी रियल एस्टेट कंपनियों और प्रोजेक्ट्स में लगाई, जिसमें नकद भुगतान और बैंक प्रविष्टियों के जरिए लेन-देन शामिल था।

रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने त्रिलोक सिंह ढिल्लों के साथ मिलकर विठ्ठलपुरम प्रोजेक्ट में फ्लैट खरीदने के नाम पर अप्रत्यक्ष रूप से 5 करोड़ रुपए भी प्राप्त किए।

इससे पहले ईडी कई बड़े अधिकारियों और नेताओं को गिरफ्तार कर चुकी है, जिनमें पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा, अरविंद सिंह, त्रिलोक सिंह ढिल्लों, अनवर ढेबर, आईटीएस अरुणपति त्रिपाठी और पूर्व मंत्री एवं विधायक कवासी लखमा शामिल हैं। फिलहाल जांच जारी है।

BIG NEWS : शराब घोटाला मामला: चैतन्य बघेल की न्यायिक रिमांड बढ़ी, अब 31 अगस्त तक जेल में रहेंगे

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 रायपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की न्यायिक रिमांड कोर्ट ने 14 दिन के लिए बढ़ा दी है। अब वे 31 अगस्त तक जेल में रहेंगे।


साथ ही, ईडी ने चैतन्य बघेल से आगे पूछताछ के लिए 5 दिन की कस्टोडियल रिमांड की मांग करते हुए विशेष कोर्ट में आवेदन किया। हालांकि इस पर सुनवाई आज नहीं हो सकी। अब ईडी की मांग पर कल कोर्ट फैसला सुनाएगा।

गौरतलब है कि 18 जुलाई की सुबह ईडी की टीम ने भूपेश बघेल के भिलाई स्थित घर पर छापा मारा था। पूछताछ के बाद चैतन्य बघेल को गिरफ्तार कर रायपुर लाया गया था। गिरफ्तारी के समय कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ईडी की गाड़ी के सामने जमकर हंगामा किया था, जिसके बीच चैतन्य को हिरासत में लेकर रायपुर लाया गया था।

शराब, कोयला और सट्टा ऐप घोटालों में भूपेश बघेल की अग्रिम जमानत याचिका, सुप्रीम कोर्ट से मांगी गिरफ्तारी से राहत

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नई दिल्ली/रायपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शराब घोटाला, कोयला घोटाला और महादेव सट्टा ऐप मामले में गिरफ्तारी से बचने के लिए सुप्रीम कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की है। उन्होंने अपनी याचिका में गिरफ्तारी से राहत की मांग करते हुए कहा है कि वे जांच में पूरा सहयोग देना चाहते हैं, लेकिन उन्हें राजनीतिक प्रतिशोध के तहत निशाना बनाया जा सकता है।


भूपेश बघेल ने यह भी कहा है कि जिस प्रकार उनके बेटे चैतन्य बघेल को हाल ही में गिरफ्तार किया गया, वह भी एक राजनीतिक द्वेष का हिस्सा था। उन्होंने आशंका जताई है कि उन्हीं परिस्थितियों में उन्हें भी गिरफ़्तार किया जा सकता है।

सोमवार को होगी सुनवाई

पूर्व मुख्यमंत्री की अग्रिम जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को सुनवाई निर्धारित है। यह याचिका ऐसे समय पर दायर की गई है जब ईडी, ईओडब्ल्यू और अन्य केंद्रीय एजेंसियां इन मामलों में सक्रियता से जांच कर रही हैं।

पहले भी हो चुकी है ऐसी पहल

इससे पहले इसी शराब घोटाले में पूर्व आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा ने भी सुप्रीम कोर्ट में गिरफ्तारी से राहत के लिए अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की थी। हालांकि उन्हें उस याचिका में तत्काल राहत नहीं मिली थी।

राजनीतिक गरमाहट तेज

भूपेश बघेल की याचिका ने राज्य की राजनीति में एक बार फिर गर्मी बढ़ा दी है। कांग्रेस इसे राजनीतिक प्रतिशोध बता रही है, जबकि भाजपा इसे कानून का पालन मान रही है।

अब देखना होगा कि सुप्रीम कोर्ट इस मामले में क्या रुख अपनाता है, और क्या बघेल को गिरफ्तारी से अंतरिम राहत मिलती है या नहीं।

भूपेश का झूठासन नहीं, ये विष्णु का सुशासन है : डिप्टी सीएम साव का पलटवार

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बिलासपुर। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा मुंगेली में केवल 0.5 किलोमीटर सड़क की स्वीकृति को लेकर दिए गए बयान पर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। बिलासपुर में मीडिया से चर्चा करते हुए साव ने कहा, "यह भूपेश का झूठासन नहीं, बल्कि विष्णु देव साय का सुशासन है।"


डिप्टी सीएम ने आंकड़ों के साथ भूपेश बघेल के दावों को खारिज करते हुए कहा कि सिर्फ मुंगेली जिले में ही दिसंबर 2023 से जुलाई 2025 के बीच 82 विकास कार्यों के लिए 363.16 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। इन कार्यों में सड़कें, पुल और भवनों का निर्माण शामिल है।

पूरे प्रदेश में 20 महीनों में 717 विकास कार्यों को मिली 4492 करोड़ की मंज़ूरी

अरुण साव ने बताया कि प्रदेश में लोक निर्माण विभाग द्वारा पिछले 20 महीनों में 717 कार्यों के लिए कुल 4492.53 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है। इसके अंतर्गत:

वित्तीय वर्ष 2023-24 (दिसंबर 2023 - मार्च 2024)

80 कार्यों के लिए 551.42 करोड़ रुपए
जिसमें 72 सड़कें, 6 पुल और 2 भवन शामिल

वर्ष 2024-25

438 कार्यों के लिए 2590.70 करोड़ रुपए
जिसमें 400 सड़कें, 37 पुल और 1 भवन शामिल

वित्तीय वर्ष 2025-26 (अप्रैल से जुलाई 2025)
199 कार्यों के लिए 1350.41 करोड़ रुपए
जिसमें 145 सड़कें, 48 पुल और 6 भवन शामिल

5 साल में 5 किलोमीटर सड़क नहीं बना सके

भूपेश बघेल पर निशाना साधते हुए डिप्टी सीएम ने कहा,
"जो मुख्यमंत्री पांच साल में पांच किलोमीटर सड़क नहीं बना सका, वह अब झूठ की सड़क बनाकर जनता को भ्रमित कर रहा है।

उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार पारदर्शिता और परिणामोन्मुखी विकास के साथ आगे बढ़ रही है, और इसका प्रमाण खुद ये आंकड़े हैं।

सीएम विष्णुदेव साय बोले – “ईडी के पास होते हैं पुख्ता सबूत, बिना जांच के नहीं होती कार्रवाई”

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 रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी पर बड़ा बयान दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) बिना ठोस प्रमाण के किसी के खिलाफ कार्रवाई नहीं करती। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा,


“ईडी ऐसे ही किसी को गिरफ्तार नहीं करती। उनके पास पुख्ता आधार होता है, तभी इस तरह की कार्रवाई की जाती है।”

मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार, कोर्ट ने 5 दिन की रिमांड पर भेजा
चैतन्य बघेल को ईडी ने 18 जुलाई को मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामलों में गिरफ्तार किया। उन्हें रायपुर स्थित विशेष पीएमएलए कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 5 दिन की रिमांड पर भेज दिया गया है।

ईडी के अनुसार, चैतन्य बघेल का नाम राज्य के तीन बड़े आर्थिक घोटालों में सामने आया है:

शराब घोटाला
कोल परिवहन घोटाला
महादेव सट्टा ऐप से जुड़े हवाला लेन-देन

मार्च में हुई थी पहली बड़ी कार्रवाई
ईडी ने 10 मार्च 2025 को रायपुर, भिलाई और बस्तर में भूपेश बघेल, पप्पू बंसल, विजय अग्रवाल समेत कई लोगों के ठिकानों पर छापेमारी की थी।


इस दौरान दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, और डिजिटल साक्ष्य जब्त किए गए थे। ईडी ने इन साक्ष्यों की गहराई से जांच की, जिसके बाद 18 जुलाई को फिर से छापा मारकर चैतन्य बघेल को गिरफ्तार किया गया।

चैतन्य बघेल की बढ़ीं मुश्किलें, ईडी को कोर्ट से मिली 5 दिन की रिमांड

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 रायपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गिरफ्तार कर लिया है। ईडी की टीम ने उन्हें भिलाई स्थित आवास से हिरासत में लेकर रायपुर की विशेष पीएमएलए कोर्ट में पेश किया, जहां कोर्ट ने पूछताछ के लिए पांच दिन की रिमांड मंजूर की है।


गौरतलब है कि यह कार्रवाई राज्य के बहुचर्चित शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की गई है। ईडी के इस कदम के बाद एक बार फिर राज्य की राजनीति गरमा गई है।

जानकारी के मुताबिक, विधानसभा सत्र के अंतिम दिन सुबह-सुबह ईडी की टीम ने भूपेश बघेल के भिलाई स्थित आवास पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान आसपास के इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया था।

इसी दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल विधानसभा सत्र में शामिल होने रायपुर रवाना हो गए, जबकि ईडी की टीम ने चैतन्य बघेल को हिरासत में लेकर कोर्ट में पेश किया।

भूपेश बघेल के बयान पर डिप्टी सीएम विजय शर्मा का पलटवार, बोले– ईडी एक स्वतंत्र केंद्रीय एजेंसी

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 रायपुर। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा दिए गए तीखे बयान पर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री और गृह मंत्री विजय शर्मा ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि ईडी एक केंद्रीय जांच एजेंसी है, जो पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में हुए भ्रष्टाचार की जांच कर रही है।


विधानसभा सत्र के अंतिम दिन मीडिया से चर्चा करते हुए उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा—

“ईडी की जांच स्वतंत्र है। शराब घोटाले की जड़ छत्तीसगढ़ में है, और इसका मॉडल अन्य राज्यों — जैसे दिल्ली और झारखंड — तक पहुंचा। हमें जानकारी है कि कुछ ऐसा ही मामला यहां भी सामने आया है, इसलिए ईडी कार्रवाई कर रही है।”

उन्होंने आगे कहा कि: - 

“देश की संवैधानिक संस्थाओं पर बार-बार सवाल उठाना दुर्भाग्यपूर्ण है। इससे लोकतंत्र की नींव कमजोर होती है। भूपेश बघेल को वो दिन याद करने चाहिए, जब 1975 में आपातकाल लगाया गया था। उन्हें वो दौर भी याद करना चाहिए जब चुनाव आयोग को कोई नहीं जानता था, और आज वही आयोग पूरी संवैधानिक निष्ठा के साथ काम कर रहा है।”

ईडी को लेकर भूपेश बघेल द्वारा सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणी पर जवाब देते हुए विजय शर्मा ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक पूर्व मुख्यमंत्री इस प्रकार की भाषा का प्रयोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा—

“वह दिन भी याद करें जब उन्होंने चुनाव आयोग से क्या-क्या काम करवाए थे। आज जब वही संस्थाएं ईमानदारी से काम कर रही हैं, तो उन पर सवाल उठाना गलत है।”

शराब घोटाले को विधानसभा में विपक्ष द्वारा उठाए जाने पर विजय शर्मा ने कहा—

“विपक्ष कोई भी तार्किक सवाल उठाता है, तो हमारी सरकार उसका स्वागत करती है। लेकिन सिर्फ राजनीतिक उद्देश्यों से की जा रही बयानबाज़ी को जनता भी समझ रही है।”

भूपेश बघेल के घर ED की रेड: कांग्रेस ने बताया 'राजनीतिक साजिश', कार्रवाई से सियासी हलचल तेज

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 रायपुर । छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के भिलाई स्थित निवास पर आज शुक्रवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने छापेमारी की। यह कार्रवाई राज्य में कथित शराब घोटाले की जांच के सिलसिले में की गई। ईडी की टीम ने सुबह-सुबह दस्तावेजों की तलाशी शुरू की, जिसमें केंद्रीय सुरक्षा बलों की मौजूदगी रही।


ईडी सूत्रों के अनुसार, यह छापेमारी 2019 से 2022 के बीच हुए कथित शराब घोटाले से जुड़ी है। जांच एजेंसी का दावा है कि इस अवधि में राज्य में शराब सिंडिकेट के जरिए लगभग 2,100 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचा और निजी व्यक्तियों को लाभ हुआ।


यह पहली बार नहीं है जब ईडी ने बघेल के आवास पर छापा मारा हो। इससे पहले 10 मार्च को भी एजेंसी ने उनके बेटे के खिलाफ धनशोधन के मामले में भिलाई स्थित घर पर तलाशी ली थी।

ईडी की ताज़ा कार्रवाई से राज्य की राजनीति में उथल-पुथल मच गई है। कांग्रेस पार्टी ने इसे 'राजनीतिक बदले की कार्रवाई' करार देते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह कदम आगामी चुनावों से पहले विपक्ष को दबाने की कोशिश है।

इधर, भूपेश बघेल के समर्थकों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं में इस छापेमारी को लेकर गहरी नाराज़गी देखी जा रही है। रायपुर और दुर्ग में कई जगह पार्टी कार्यकर्ता एकत्र हो रहे हैं, जिससे कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए हैं।

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