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शराब घोटाले में बड़ा मोड़: पूर्व सीएम के बेटे चैतन्य बघेल को हाईकोर्ट से जमानत

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 रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले मामले में कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल को बड़ी राहत मिली है। बिलासपुर हाईकोर्ट ने उनकी जमानत याचिका स्वीकार कर ली है। इस फैसले के बाद राजनीतिक गलियारों से लेकर प्रशासनिक हलकों तक हलचल तेज हो गई है।


प्रवर्तन निदेशालय (ED) और अन्य जांच एजेंसियों की कार्रवाई के बीच आया यह आदेश इसलिए अहम माना जा रहा है, क्योंकि यह मामला राज्य की राजनीति, सत्ता परिवर्तन और आर्थिक अनियमितताओं से गहराई से जुड़ा रहा है। चैतन्य बघेल लंबे समय से जांच एजेंसियों के रडार पर थे और उनकी गिरफ्तारी के बाद यह केस और अधिक संवेदनशील हो गया था।

हाईकोर्ट की यह राहत न केवल कानूनी दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि इसका सीधा असर छत्तीसगढ़ की सियासत पर भी पड़ता दिख रहा है। जमानत मिलने के बाद कांग्रेस ने इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई करार दिया है, जबकि विपक्ष का कहना है कि यह न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा है। फिलहाल हाईकोर्ट के आदेश से चैतन्य बघेल को कानूनी राहत मिली है, लेकिन जांच और ट्रायल की प्रक्रिया अब भी जारी रहेगी।

क्या है छत्तीसगढ़ का शराब घोटाला मामला?

छत्तीसगढ़ में कथित शराब घोटाले की जांच पिछले कुछ वर्षों से चल रही है। आरोप है कि राज्य की आबकारी नीति के तहत शराब की बिक्री, लाइसेंस जारी करने और सप्लाई चेन में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं की गईं।

जांच एजेंसियों का दावा है कि इस पूरे नेटवर्क के जरिए करोड़ों रुपये का अवैध लाभ अर्जित किया गया। इस मामले में कई कारोबारी, आबकारी विभाग के अधिकारी और राजनीतिक प्रभाव से जुड़े नाम सामने आए हैं।

ईडी और आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) के अनुसार, शराब की समानांतर सप्लाई व्यवस्था बनाकर सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाया गया। चैतन्य बघेल का नाम सामने आने के बाद यह मामला और अधिक हाई-प्रोफाइल बन गया और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी तेज हो गए।

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