Media24Media.com: चुनाव आयोग के संयुक्त बयान से विपक्ष का दुष्प्रचार बेनकाब, कांग्रेस देश से माफी मांगे: भाजपा

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चुनाव आयोग के संयुक्त बयान से विपक्ष का दुष्प्रचार बेनकाब, कांग्रेस देश से माफी मांगे: भाजपा

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महासमुंद- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) जिला इकाई महासमुंद द्वारा आज एक स्थानीय प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए भाजपा नेताओं ने केंद्रीय निर्वाचन आयोग के हालिया संयुक्त बयान का हवाला दिया और कांग्रेस सहित विपक्षी गठबंधन पर तीखा हमला बोला। भाजपा पदाधिकारियों ने दावा किया कि मुख्य चुनाव आयोग के स्पष्टीकरण से यह साबित हो गया है कि विपक्षी दलों द्वारा संवैधानिक संस्थाओं को लेकर फैलाए जा रहे दावे पूरी तरह काल्पनिक और मनगढ़ंत हैं।

भाजपा ने कहा— 'आयोग के फैसले सर्वसम्मति से हुए, मतभेद की खबरें झूठी'

प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा नेताओं ने निर्वाचन आयोग के आधिकारिक दस्तावेज़ों को सामने रखते हुए कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, चुनाव आयुक्त डॉ. एस. एस. संधू एवं डॉ. विवेक जोशी की संयुक्त बैठक में स्पष्ट हो चुका है कि देश भर में संचालित स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन सहित 'एसआईआर' (SIR) के सभी प्रमुख निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए थे। भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस पार्टी जानबूझकर आयोग के भीतर मतभेद की झूठी अफवाहें फैलाकर देश की संवैधानिक व्यवस्था को कमजोर करने की कोशिश कर रही थी, जिसका अब पूरी तरह पर्दाफाश हो चुका है।

कैबिनेट सचिव को पत्र लिखने के दावे को भाजपा ने बताया निराधार

एक अंग्रेजी अखबार में प्रकाशित रिपोर्ट का खंडन करते हुए महासमुंद भाजपा के प्रवक्ताओं ने कहा कि समाचार में जिस पत्र का जिक्र किया गया था, उसका किसी नीतिगत विषय से कोई लेना-देना नहीं था। भाजपा ने बताया कि वह केवल एक सामान्य प्रशासनिक पत्र था। उन्होंने तकनीकी पक्ष रखते हुए कहा कि चूंकि चुनाव आयोग सीधे तौर पर माननीय राष्ट्रपति जी के प्रति जिम्मेदार होता है, इसलिए कैबिनेट सचिव को किसी नीतिगत मामले पर पत्र लिखने का कोई औचित्य ही नहीं बनता। भाजपा ने इसे मीडिया के एक हिस्से और विपक्ष द्वारा फैलाई गई सनसनी करार दिया।

सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का दिया हवाला

भाजपा नेताओं ने प्रेस के समक्ष बात रखते हुए कहा कि माननीय सुप्रीम कोर्ट ने भी 27 मई 2026 को अपने एक फैसले में इस पूरी चुनावी प्रक्रिया को कानूनी रूप से पूरी तरह वैध ठहराया था। भाजपा का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा फॉर्म-6 और अन्य प्रक्रियाओं पर मुहर लगाए जाने के बाद भी विपक्ष द्वारा चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर कीचड़ उछालना देश के लोकतंत्र का अपमान है।

राहुल गांधी के बयानों और ईवीएम पर भाजपा का दोहरा मापदंड का आरोप

प्रेस वार्ता के दौरान भाजपा ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आचरण और उनके विदेशी दौरों पर दिए बयानों की कड़ी निंदा की। भाजपा नेताओं ने कहा:

* राहुल गांधी अंतरराष्ट्रीय मंचों पर जाकर भारतीय न्यायपालिका और चुनाव आयोग जैसी स्वतंत्र संस्थाओं पर सरकार का नियंत्रण होने का झूठा दावा करते हैं, जिससे देश की छवि खराब होती है।

* ईवीएम को 'ब्लैक बॉक्स' बताने वाली कांग्रेस इसी ईवीएम प्रक्रिया के जरिए चुनाव जीतकर अलग-अलग राज्यों में सरकारें चला रही है। आज उसी ईवीएम से जीतकर उनके 600 से अधिक विधायक और 98 लोकसभा सदस्य संसद व विधानसभाओं में बैठे हैं।

छत्तीसगढ़ और महासमुंद के संदर्भ में उठाए नैतिक सवाल

महासमुंद भाजपा ने छत्तीसगढ़ का विशेष रूप से जिक्र करते हुए कहा कि साल 2018 में प्रदेश में कांग्रेस को इसी ईवीएम और इसी निर्वाचन प्रक्रिया के तहत एकतरफा बहुमत मिला था। वर्तमान में भी छत्तीसगढ़ विधानसभा में कांग्रेस के 35 विधायक मौजूद हैं। भाजपा ने सवाल उठाया कि क्या कांग्रेस के ये विधायक यह मानते हैं कि उनका खुद का चुनाव गलत प्रक्रिया से हुआ है? भाजपा ने कहा कि जब कांग्रेस जीतती है तो प्रक्रिया सही होती है और जब हारती है तो ईवीएम पर दोष मढ़ा जाता है।

माफी की मांग:

प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में महासमुंद जिला भाजपा ने मांग की कि इस पूरे मामले में 'दूध का दूध और पानी का पानी' हो जाने के बाद कांग्रेस नेतृत्व को अपनी हरकतों के लिए देश की जनता और संवैधानिक संस्थाओं से बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए।

https://youtu.be/rQpUN8Z1jlM


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