Media24Media.com: बिहार के लिए बड़ा पैकेज: 11.18 लाख पक्के आवास मंजूर, ₹13,427 करोड़ का आवंटन

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बिहार के लिए बड़ा पैकेज: 11.18 लाख पक्के आवास मंजूर, ₹13,427 करोड़ का आवंटन

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पटना- केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पटना में आयोजित प्रधानमंत्री आवास योजना के राज्य स्तरीय कार्यक्रम में बिहार के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने राज्य के गरीब परिवारों के लिए 11,18,937 पक्के मकानों को मंजूरी देने के साथ ₹13,427 करोड़ के आवंटन की घोषणा की। कार्यक्रम में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सहित राज्य सरकार के वरिष्ठ मंत्री और अधिकारी मौजूद रहे।

11.18 लाख परिवारों को मिलेगा पक्का घर

चौहान ने कहा कि पक्का मकान केवल ईंट और सीमेंट की संरचना नहीं, बल्कि गरीब परिवारों के लिए सम्मान, सुरक्षा और बेहतर जीवन का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हर गरीब परिवार को पक्का घर उपलब्ध कराने के संकल्प को बिहार में बड़े स्तर पर साकार किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों में बिहार के लिए 24,30,327 मकानों को मंजूरी दी जा चुकी है, जिन पर कुल ₹29,164 करोड़ का व्यय प्रस्तावित है। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से सीधे पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाया जा रहा है।

बिहार के किसानों के लिए फसल बीमा योजना

केंद्रीय मंत्री ने बिहार में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के क्रियान्वयन को भी महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि बाढ़, सूखा, अत्यधिक बारिश और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से फसल को होने वाले नुकसान की स्थिति में पात्र किसानों को बीमा के माध्यम से आर्थिक सुरक्षा मिलेगी।

उन्होंने कहा कि किसान देश की खाद्य सुरक्षा की रीढ़ हैं और उन्हें प्राकृतिक जोखिमों से सुरक्षा देना सरकार की जिम्मेदारी है। साथ ही कृषि को अधिक लाभकारी और मजबूत बनाने के लिए खरीद व्यवस्था, तकनीक और अन्य सहायता प्रणालियों को भी मजबूत किया जा रहा है।

महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर

चौहान ने बिहार में लखपति दीदी अभियान को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं और अपना व्यवसाय खड़ा कर रही हैं।

उन्होंने कहा कि महिलाओं की आय बढ़ने से पूरे परिवार की आर्थिक और सामाजिक स्थिति मजबूत होती है। स्वयं रोजगार, समूह आधारित उद्यम, बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को उद्यमी बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

हर जिले में बनेंगे She-Marts

महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए हर जिले में She-Mart स्थापित करने की दिशा में काम करने की बात भी कही गई। इन बाजारों के माध्यम से जीविका दीदियों और महिला समूहों को अपने उत्पाद बेचने के लिए बेहतर मंच मिलेगा।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केवल उत्पादन बढ़ाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि महिलाओं के उत्पादों के लिए उचित बाजार, बेहतर पैकेजिंग, उत्पाद विकास और मार्केटिंग की व्यवस्था भी जरूरी है। इससे महिलाओं की आय और ग्रामीण अर्थव्यवस्था दोनों को मजबूती मिलेगी।

53.83 लाख किसानों के Farmer ID बने

बिहार में 53,83,000 Farmer ID बनाए जाने पर चौहान ने राज्य सरकार की सराहना की। उन्होंने कहा कि Farmer ID के माध्यम से किसानों की पहचान आसान होगी और सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र किसानों तक अधिक तेजी और पारदर्शिता के साथ पहुंचाया जा सकेगा।

उन्होंने शेष किसानों के Farmer ID भी जल्द तैयार किए जाने की उम्मीद जताई।

सड़क, आवास और कृषि—ग्रामीण विकास के तीन आधार

चौहान ने ग्रामीण विकास के लिए सड़क, आवास और कृषि को तीन महत्वपूर्ण आधार बताया। उन्होंने कहा कि बेहतर सड़कें गांवों को बाजार और सेवाओं से जोड़ेंगी, पक्के मकान परिवारों को सुरक्षा देंगे और मजबूत कृषि से ग्रामीण आय में वृद्धि होगी।

उन्होंने केंद्र और बिहार सरकार के बीच बेहतर समन्वय को राज्य के विकास के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि सरकार बिहार के गांवों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने और राज्य को देश की विकास यात्रा में और मजबूत भूमिका देने के लिए प्रतिबद्ध है।

वंदे मातरम् को बताया राष्ट्रीय गौरव का विषय

कार्यक्रम के दौरान शिवराज सिंह चौहान ने वंदे मातरम् को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् किसी राजनीतिक दल का विषय नहीं, बल्कि भारत माता के प्रति सम्मान और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक है। उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में इसके योगदान का उल्लेख करते हुए इसे राष्ट्रीय भावना से जुड़ा विषय बताया।

कार्यक्रम में बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा, ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार सहित कई मंत्री, जनप्रतिनिधि, लाभार्थी, महिलाएं और अधिकारी उपस्थित रहे।

कुल मिलाकर, बिहार के लिए घोषित आवास, कृषि, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण कनेक्टिविटी से जुड़े ये कदम राज्य के ग्रामीण परिवारों की आय, आवासीय सुरक्षा और आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

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