Media24Media.com: वंदे मातरम् शिविर का शुभारंभ: राष्ट्रीय एकता और युवा नेतृत्व को मिलेगा नया आयाम

Responsive Ad Slot

Latest

latest


 

वंदे मातरम् शिविर का शुभारंभ: राष्ट्रीय एकता और युवा नेतृत्व को मिलेगा नया आयाम

Document Thumbnail

कोलकाता- भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के अधीन मेरा युवा भारत (MY Bharat), पश्चिम बंगाल एवं अंडमान-निकोबार द्वीप समूह द्वारा आयोजित पहला सात दिवसीय ‘वंदे मातरम् शिविर’ ब्रेनवेयर यूनिवर्सिटी, बारासात (कोलकाता) में प्रारंभ हुआ। यह शिविर 24 से 30 जून 2026 तक आयोजित किया जा रहा है और इसका उद्देश्य राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ का स्मरण करना है। इस अमर रचना के स्रष्टा बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय हैं।

उद्घाटन समारोह में ब्रेनवेयर यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. (डॉ.) संकर गंगोपाध्याय, MY Bharat पश्चिम बंगाल एवं अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के राज्य निदेशक देब कुमार चटर्जी, उपनिदेशक रिज़वी शहनाज़ रहमान, छात्र कल्याण अधिष्ठाता अनूप कुमार मैती तथा NSS अधिकारी माधब बंद्योपाध्याय उपस्थित रहे।

इस शिविर में गुजरात, मेघालय, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु तथा अंडमान-निकोबार द्वीप समूह से आए 150 युवा प्रतिभागी भाग ले रहे हैं, जो भारत की सांस्कृतिक विविधता का प्रतिनिधित्व करते हैं। “एक गीत, एक भावना, एक राष्ट्र” विषय पर आधारित यह पहल राष्ट्रीय एकता, देशभक्ति तथा भारत के संवैधानिक मूल्यों और सांस्कृतिक विरासत के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देने का प्रयास है। साथ ही, यह एक भारत श्रेष्ठ भारत की भावना को सुदृढ़ करने हेतु विभिन्न राज्यों के युवाओं के बीच सांस्कृतिक संवाद और आपसी समझ को प्रोत्साहित करेगी।

शिविर के पहले दिन विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से आए प्रतिभागियों का पंजीकरण किया गया, जिसके बाद परिचयात्मक सत्र और आपसी संवाद आयोजित हुए। उद्घाटन समारोह की शुरुआत गणमान्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन और बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। ब्रेनवेयर यूनिवर्सिटी की NSS इकाई ने राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ की सामूहिक प्रस्तुति दी।

समारोह का समापन NSS इकाई द्वारा ‘वंदे मातरम्’ विषय पर आधारित समूह नृत्य और राष्ट्रीय गीत के सामूहिक गायन के साथ हुआ। शाम को आयोजित सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के प्रतिभागियों ने अपनी-अपनी क्षेत्रीय परंपराओं की झलक प्रस्तुत की, जिसने भारत की “विविधता में एकता” की भावना को साकार किया।

सप्ताहभर चलने वाले इस शिविर के दौरान प्रतिभागी संवैधानिक एवं नागरिक मूल्यों, ‘वंदे मातरम्’ के ऐतिहासिक महत्व, युवा नेतृत्व विकास, सांस्कृतिक आदान-प्रदान गतिविधियों तथा युवाओं से जुड़े समसामयिक विषयों पर आयोजित सत्रों में भाग लेंगे। यह कार्यक्रम जागरूक, जिम्मेदार और राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पित युवाओं के निर्माण के साथ-साथ राष्ट्रीय एकता और सामाजिक सद्भाव को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.