Media24Media.com: AIIA की आयुर्वेदिक पहल से पुलिस कर्मियों में तनाव प्रबंधन को मिली नई दिशा, 35,000 से अधिक कर्मियों को लाभ

Responsive Ad Slot

Latest

latest


 

AIIA की आयुर्वेदिक पहल से पुलिस कर्मियों में तनाव प्रबंधन को मिली नई दिशा, 35,000 से अधिक कर्मियों को लाभ

Document Thumbnail

अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA), नई दिल्ली ने महामारी के दौरान “पुलिस कर्मियों के लिए आयुर्वेदिक हस्तक्षेप द्वारा तनाव प्रबंधन” शीर्षक से एक जनस्वास्थ्य पहल (PHI) परियोजना शुरू की, जिसने उल्लेखनीय प्रभाव डाला है। अब तक इस परियोजना के माध्यम से 35,704 पुलिस कर्मियों में जागरूकता पैदा की जा चुकी है और इसे संस्थान की एक बड़ी सफलता माना जा रहा है।

AIIA के निदेशक प्रो. (वैद्य) प्रदीप कुमार प्रजापति ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य, शारीरिक स्वास्थ्य जितना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा मानसिक स्वास्थ्य की परिभाषा का उल्लेख करते हुए कहा कि यह ऐसी स्थिति है जिसमें व्यक्ति अपनी क्षमताओं को पहचानता है, जीवन के सामान्य तनावों से निपट सकता है, उत्पादक रूप से कार्य कर सकता है और समाज में योगदान देने में सक्षम होता है। इस दृष्टि से मानसिक स्वास्थ्य व्यक्तिगत कल्याण और समाज के प्रभावी संचालन की नींव है।

यह परियोजना प्रो. (डॉ.) मेधा कुलकर्णी (प्रधान अन्वेषक) और प्रो. (डॉ.) मीना देओगड़े (सह-प्रधान अन्वेषक) के नेतृत्व में संचालित हो रही है। इस पहल के अंतर्गत एक विशेष तनाव प्रबंधन मोबाइल एप्लिकेशन भी विकसित किया गया है। दिल्ली पुलिस के विशेष पुलिस आयुक्त (कल्याण प्रभाग) अतुल कटियार, IPS ने आयुर्वेद की भूमिका और महत्व की सराहना करते हुए इसकी शाश्वत ज्ञान परंपरा और समग्र उपचार क्षमता को रेखांकित किया तथा इस परियोजना के लिए संस्थान का आभार व्यक्त किया।

परियोजना के बारे में बताते हुए प्रो. (डॉ.) मीना देओगड़े ने कहा कि पुलिस कर्मी अक्सर अत्यधिक शारीरिक और मानसिक दबाव में कार्य करते हैं, जिससे वे तनाव से संबंधित विकारों के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं। उन्होंने बताया कि इस परियोजना का उद्देश्य आयुर्वेद पर आधारित समग्र, निवारक और उपचारात्मक दृष्टिकोण के माध्यम से उनके मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य का संरक्षण करना है। इस पहल को मिले सकारात्मक प्रतिसाद और ठोस परिणाम इसकी प्रभावशीलता को दर्शाते हैं।

परियोजना के तहत 206 शिविर आयोजित किए गए, जिनमें 7,752 पुलिस कर्मियों की तनाव, उच्च रक्तचाप और अन्य संबंधित समस्याओं के लिए जांच की गई। इनमें से 1,843 कर्मियों को आयुर्वेदिक उपचार प्रदान किया गया, जिसमें आंतरिक औषधियों के साथ शिरोधारा जैसी चिकित्सा पद्धतियां शामिल थीं। दिल्ली पुलिस के कल्याण विभाग ने दो इकाइयों में स्थल उपलब्ध कराकर इस पहल को सहयोग दिया।

अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान, नई दिल्ली ने 24 मार्च 2026 को इस PHI परियोजना का एक दिवसीय प्रसार कार्यशाला भी आयोजित की। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अतुल कटियार, IPS (विशेष पुलिस आयुक्त, कल्याण प्रभाग, दिल्ली पुलिस) उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के सलाहकार डॉ. कौस्तुभ उपाध्याय शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता AIIA के निदेशक प्रो. (वैद्य) प्रदीप कुमार प्रजापति ने की। साथ ही, आयुष मंत्रालय की PHI परियोजना की जनस्वास्थ्य सलाहकार डॉ. सुनीला गर्ग भी उपस्थित रहीं।

कार्यशाला में विशेषज्ञ व्याख्यान आयोजित किए गए। पूर्वोत्तर आयुर्वेद एवं लोक चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (NEIAFMR), पासीघाट, अरुणाचल प्रदेश की सहायक प्रोफेसर डॉ. सजीना ए. ने “स्मृति मेडिटेशन के माध्यम से तनाव प्रबंधन” विषय पर व्याख्यान दिया। वहीं केरल के कोट्टक्कल स्थित VPSV आयुर्वेद कॉलेज की डॉ. अनुपमा कृष्णन ने “जब काम मन को प्रभावित करता है: व्यावसायिक तनाव और उसका आयुर्वेदिक प्रबंधन” विषय पर चर्चा की, जिसमें आयुर्वेद आधारित समग्र और निवारक उपायों पर जोर दिया गया।

यह कार्यशाला अनुसंधान निष्कर्षों के प्रसार और विशेष रूप से पुलिस कर्मियों जैसे उच्च जोखिम वाले पेशों में व्यावसायिक तनाव से निपटने में आयुर्वेद की भूमिका को सुदृढ़ करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुई।

Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.