Media24Media.com: अमरावती को एकमात्र राजधानी का दर्जा: आंध्र प्रदेश पुनर्गठन संशोधन विधेयक 2026 बना ऐतिहासिक मील का पत्थर

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अमरावती को एकमात्र राजधानी का दर्जा: आंध्र प्रदेश पुनर्गठन संशोधन विधेयक 2026 बना ऐतिहासिक मील का पत्थर

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केंद्रीय संचार एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. पेम्मासानी चंद्र शेखर ने आज लोकसभा में आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2026 के पारित होने को राज्य की विकास यात्रा में एक ऐतिहासिक क्षण बताया।

उन्होंने कहा कि इस विधेयक के माध्यम से अमरावती को एकमात्र राजधानी के रूप में कानूनी मान्यता मिलने से लंबे समय से चली आ रही संरचनात्मक अनिश्चितता समाप्त हो गई है, जो शासन, निवेश और विकास को प्रभावित कर रही थी।

डॉ. पेम्मासानी ने बताया कि पिछले कई वर्षों से स्पष्ट राजधानी के अभाव में प्रशासनिक अस्पष्टता, बुनियादी ढांचे के कार्यों में देरी और निवेशकों का भरोसा कम हुआ था। यह संशोधन एक स्पष्ट, स्थिर और दूरदर्शी ढांचा प्रदान करता है, जो राज्य पुनर्गठन की मूल भावना के अनुरूप एक विश्वस्तरीय राजधानी के दृष्टिकोण को पुनः स्थापित करता है।

उन्होंने अमरावती आंदोलन में किसानों और महिलाओं के असाधारण योगदान को रेखांकित किया। लगभग 29,000 किसानों ने स्वेच्छा से अपनी 34,000 एकड़ से अधिक पैतृक भूमि राज्य को सौंपी और नीतिगत बदलावों के कारण लंबे समय तक अनिश्चितता झेली।

उन्होंने कहा कि महिलाओं और स्थानीय समुदायों ने शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया और कठिन परिस्थितियों का सामना किया। 1,600 से अधिक दिनों तक यह आंदोलन अनुशासित, शांतिपूर्ण और दृढ़ रहा, जो लोकतांत्रिक मजबूती का एक सशक्त उदाहरण बनकर उभरा।

डॉ. पेम्मासानी ने कहा कि यह विधेयक केवल एक कानूनी सुधार नहीं, बल्कि नैतिक पुनर्स्थापन भी है, जो उन लोगों के सम्मान, न्याय और विश्वास को बहाल करता है, जिन्होंने राज्य के भविष्य के लिए असाधारण बलिदान दिए।

उन्होंने अमरावती के लिए परिवर्तनकारी दृष्टिकोण को दोहराते हुए कहा कि इसे एक वैश्विक स्तर के शहर और आंध्र प्रदेश के प्रमुख विकास इंजन के रूप में विकसित किया जा रहा है। 56,000 करोड़ रुपये से अधिक के 91 प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाएं पहले से ही प्रगति पर हैं। अमरावती को औपचारिक मान्यता मिलने से निवेश में तेजी, बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन और राज्य की अर्थव्यवस्था को गति मिलने की उम्मीद है।

उन्होंने कहा कि स्वैच्छिक भूमि पूलिंग पर आधारित अमरावती मॉडल सहभागी और समावेशी विकास का एक अनूठा उदाहरण है, जिसमें किसान राज्य के शहरी भविष्य के भागीदार बने हैं। यह मॉडल देशभर में समान विकास के लिए एक प्रेरणादायक ढांचा बन सकता है।

डॉ. पेम्मासानी ने यह भी कहा कि राजधानी शहर राज्य की आर्थिक प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अमरावती के केंद्र में होने से आंध्र प्रदेश शासन, व्यापार और नवाचार का एक प्रमुख केंद्र बनने की दिशा में अग्रसर है।

उन्होंने इस ऐतिहासिक विधेयक के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व और सहयोग की सराहना की।

उन्होंने कहा कि यह विधेयक केवल एक नीतिगत निर्णय नहीं, बल्कि एक निर्णायक बदलाव है, जो आंध्र प्रदेश के विकास की दिशा को पुनर्परिभाषित करेगा। प्रशासनिक स्थिरता सुनिश्चित करते हुए, निवेशकों का विश्वास बहाल करते हुए और जनता के बलिदानों का सम्मान करते हुए यह संशोधन अमरावती को आकांक्षा, दृढ़ता और समावेशी विकास के प्रतीक के रूप में स्थापित करता है।

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