Media24Media.com: भारत की परमाणु ऊर्जा क्षमता विस्तार की रोडमैप और तीन-चरणीय परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम

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भारत की परमाणु ऊर्जा क्षमता विस्तार की रोडमैप और तीन-चरणीय परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम

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सरकार ने वर्ष 2047 तक लगभग 100 गीगावाट (GW) परमाणु विद्युत क्षमता प्राप्त करने के लिए एक व्यापक रोडमैप तैयार किया है। वर्तमान में, क्रियान्वयनाधीन परियोजनाओं के क्रमिक पूर्ण होने के साथ परमाणु विद्युत क्षमता को 2031–32 तक लगभग 22 गीगावाट तक बढ़ाने की योजना है। इसके अतिरिक्त, भारतीय नाभिकीय विद्युत निगम लिमिटेड (NPCIL) ने 2047 तक परिकल्पित 100 गीगावाट क्षमता में से लगभग 54 गीगावाट का योगदान देने की योजना बनाई है।

भारत में यूरेनियम के सीमित भंडार हैं, जबकि थोरियम के भंडार प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं। थोरियम, यूरेनियम के विपरीत, एक उपजाऊ (फर्टाइल) पदार्थ है और इसे परमाणु विखंडन द्वारा ऊर्जा उत्पन्न करने से पहले किसी परमाणु रिएक्टर में विखंडनीय यूरेनियम-233 में परिवर्तित करना आवश्यक होता है। इसे ध्यान में रखते हुए, विभाग द्वारा परिकल्पित तीन-चरणीय परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम भारत के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम का एक प्रमुख घटक बना हुआ है, जिसका उद्देश्य सीमित यूरेनियम संसाधनों का सर्वोत्तम उपयोग करना तथा दीर्घकालिक एवं सतत ऊर्जा सुरक्षा के लिए प्रचुर थोरियम भंडारों का दोहन करना है।

तीन-चरणीय परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम का उद्देश्य घरेलू रूप से उपलब्ध विखंडनीय संसाधनों को बढ़ाना है। इसके प्रथम चरण में प्राकृतिक यूरेनियम का उपयोग दाबित भारी जल रिएक्टरों (PHWRs) में किया जाता है। दूसरे चरण में, PHWRs के प्रयुक्त ईंधन से प्राप्त प्लूटोनियम का उपयोग तीव्र प्रजनक रिएक्टरों (Fast Breeder Reactors – FBRs) में किया जाता है। इसके पश्चात, पर्याप्त FBR स्थापित क्षमता प्राप्त होने के बाद, प्लूटोनियम से ईंधनयुक्त प्रजनक रिएक्टरों में थोरियम से उत्पन्न विखंडनीय यूरेनियम-233 का उपयोग करते हुए थोरियम का बड़े पैमाने पर उपयोग किया जाएगा।

भारतीय भावी नाभिकीय विद्युत निगम लिमिटेड (BHAVINI) वर्तमान में तमिलनाडु के कलपक्कम में 500 मेगावाट विद्युत (MWe) क्षमता वाले प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (PFBR) परियोजना का कमीशनिंग कार्य कर रहा है। इसके अतिरिक्त, सरकार ने तमिलनाडु के कलपक्कम में 2 x 500 MWe क्षमता वाली जुड़वां इकाइयों—FBR-1 और FBR-2—परियोजनाओं के लिए पूर्व-परियोजना गतिविधियाँ प्रारंभ करने की स्वीकृति प्रदान की है।

इन परियोजनाओं के लिए लागू मानकों के अनुसार पर्यावरणीय एवं सामाजिक प्रभाव आकलन अध्ययन किए जाएंगे। BHAVINI नियोजित कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) एवं जनसंपर्क गतिविधियों के माध्यम से स्थानीय जनसमुदाय का विश्वास अर्जित करने हेतु पर्याप्त कदम उठा रहा है। इन जनसंपर्क गतिविधियों के अंतर्गत, परमाणु ऊर्जा के लाभों तथा PFBR की सुरक्षा विशेषताओं के बारे में स्थानीय नागरिकों और आसपास के विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के छात्रों को जानकारी प्रदान की जाती है।

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