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e-Jagriti प्लेटफ़ॉर्म से बदला उपभोक्ता न्याय का स्वरूप, 2 लाख से अधिक उपयोगकर्ता जुड़े

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उपभोक्ता अधिकारों को बड़ा बढ़ावा देते हुए उपभोक्ता मामलों के विभाग के e-Jagriti प्लेटफ़ॉर्म ने एक अत्याधुनिक डिजिटल शिकायत निवारण प्रणाली के रूप में बड़ी उपलब्धि दर्ज की है। 1 जनवरी 2025 को लॉन्च होने के बाद से इस प्लेटफ़ॉर्म पर दो लाख से अधिक उपयोगकर्ता पंजीकृत हो चुके हैं। यह प्लेटफ़ॉर्म कागज़ी कार्यवाही कम करके, यात्राओं को समाप्त कर, और भौतिक दस्तावेज़ों की आवश्यकता घटाकर प्रक्रियाओं को सरल बनाता है, जिससे पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलता है। यह NRI उपभोक्ताओं के लिए भी एक बड़ी राहत है, क्योंकि वे भौगोलिक दूरी की बाधाओं से मुक्त होकर विदेश से ही अपने उपभोक्ता अधिकारों का उपयोग कर सकते हैं।

13 नवंबर 2025 तक, इस एकीकृत पोर्टल के माध्यम से 1,30,550 केस दाखिल हुए और 1,27,058 मामलों का निस्तारण किया गया—जो उपभोक्ता संरक्षण प्रणाली की मजबूती और कुशलता को दर्शाता है।

सरल OTP आधारित पंजीकरण के साथ e-Jagriti NRIs को शिकायत दर्ज करने, डिजिटल/ऑफ़लाइन शुल्क भुगतान करने, वर्चुअल सुनवाई में भाग लेने, ऑनलाइन दस्तावेज़ आदान-प्रदान करने और मामलों की रियल-टाइम ट्रैकिंग की सुविधा देता है—वह भी बिना भारत आए।

2.75 लाख से अधिक उपयोगकर्ता, जिनमें 1388 NRI—वैश्विक स्तर पर उपभोक्ता न्याय तक आसान पहुँच

प्लेटफ़ॉर्म की AI-सक्षम, बहुभाषी और सुलभ इंटरफ़ेस में Voice-to-Text, चैटबॉट और इंटीग्रेटेड डैशबोर्ड शामिल हैं, जो वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग उपभोक्ताओं के लिए उपयोग को आसान बनाते हैं।

इस वर्ष 466 NRI शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें प्रमुख देश शामिल हैं:

  • अमेरिका – 146

  • ब्रिटेन – 52

  • यूएई – 47

  • कनाडा – 39

  • ऑस्ट्रेलिया – 26

  • जर्मनी – 18

भारत में एकीकृत प्रणाली: पारदर्शिता और तेजी में बड़ा सुधार

e-Jagriti ने OCMS, e-Daakhil, NCDRC CMS और CONFONET जैसी पुरानी प्रणालियों को एक प्लेटफ़ॉर्म में जोड़ दिया है।
13 नवंबर 2025 तक भारत में 1,30,550 शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं। शीर्ष राज्य:

  • गुजरात – 14,758

  • उत्तर प्रदेश – 14,050

  • महाराष्ट्र – 12,484

प्लेटफ़ॉर्म पर भूमिका-आधारित डैशबोर्ड के माध्यम से

  • वकील दस्तावेज़ अपलोड और केस ट्रैक कर सकते हैं,

  • जज डिजिटल फाइलें, एनालिटिक्स और वर्चुअल कोर्टरूम का उपयोग कर कुशल सुनवाई कर सकते हैं।

मुख्य लाभ

1. वैश्विक पहुंच: दुनिया में कहीं से भी केस दाखिल और प्रबंधन।
2. तेज़ निस्तारण: एसएमएस/ईमेल रियल-टाइम अलर्ट, वर्चुअल सुनवाई। 10 राज्यों और NCDRC में 100% से अधिक निस्तारण दर।
3. समावेशिता: बहुभाषी इंटरफ़ेस, दिव्यांग-सुलभ फीचर।
4. सुरक्षित भुगतान: Bharat Kosh और PayGov से जुड़ा डिजिटल भुगतान।

2 लाख SMS और 12 लाख ईमेल अलर्ट—समय पर अपडेट की गारंटी

पंजीकरण OTP, केस फाइलिंग, निस्तारण, नोटिस जारी होने से जुड़े सभी महत्वपूर्ण अलर्ट तुरंत भेजे जाते हैं। इससे NRI उपयोगकर्ता भी समय-सीमा नहीं मिस करते।

2025 में केस निस्तारण में उल्लेखनीय सुधार

  • जुलाई–अगस्त: 27,545 निस्तारित, 27,080 दाखिल

  • सितंबर–अक्टूबर: 24,504 निस्तारित, 21,592 दाखिल

ये आँकड़े 2024 से बेहतर प्रदर्शन दर्शाते हैं।

सफलता की कहानियाँ

1. ऑनलाइन कोर्स ठगी—25 दिन में ₹3.05 लाख का निर्णय (असम)

  • केस: DC/296/CC/3/2025

  • शिकायत: घटिया ऑनलाइन क्लास रोकने पर ₹54,987 की अनधिकृत कटौती

  • निर्णय: पूर्ण रिफंड + ₹2.5 लाख क्षतिपूर्ति

  • प्रभाव: नॉर्थ-ईस्ट में डिजिटल पेमेंट फ्रॉड के खिलाफ मिसाल।

2. 8 साल पुराना खराब LG फ्रिज—त्रिपुरा में ₹1.67 लाख+ मुआवजा

  • केस: DC/272/CC/33/2025

  • समस्या: 2017 से लगातार खराब फ्रिज, बार-बार मरम्मत

  • निर्णय: ₹85,000 रिफंड + ब्याज, ₹12,000 रिपेयर, ₹50,000 मानसिक पीड़ा, ₹20,000 वाद-व्यय

  • प्रभाव: e-Jagriti से पुरानी खरीद पर भी न्याय सुनिश्चित।

निष्कर्ष

उपभोक्ता मामलों का विभाग सभी नागरिकों और NRIs से e-Jagriti का उपयोग कर सशक्त उपभोक्ता बनने का आग्रह करता है। यह प्लेटफ़ॉर्म डिजिटल इंडिया की दिशा में मजबूत कदम है, जो तेज़, पारदर्शी और सुलभ उपभोक्ता न्याय सुनिश्चित करता है।


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