Media24Media.com: रजोनिवृत्ति देखभाल में एकीकृत स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा: सफदरजंग अस्पताल और सीएआरआई के बीच एमओयू हस्ताक्षर

Responsive Ad Slot

Latest

latest


 

रजोनिवृत्ति देखभाल में एकीकृत स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा: सफदरजंग अस्पताल और सीएआरआई के बीच एमओयू हस्ताक्षर

Document Thumbnail

महिलाओं के लिए एकीकृत स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज (VMMC) और सफदरजंग अस्पताल ने आज केन्द्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान (CARI), जो केन्द्रीय आयुर्वेदिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (CCRAS), आयुष मंत्रालय के अंतर्गत कार्य करता है, के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। इस सहयोग का उद्देश्य रजोनिवृत्ति (Menopause) देखभाल में सुधार के लिए वैज्ञानिक और प्रमाण-आधारित आयुर्वेद अनुसंधान को बढ़ावा देना है।

रजोनिवृत्ति से गुजर रहीं महिलाओं में सामान्यतः गर्माहट के दौरे (Hot Flushes), अनिद्रा, थकान, योनि शुष्कता, मूड में उतार-चढ़ाव, चिंता और स्मरण शक्ति संबंधी समस्याएँ देखी जाती हैं। सुरक्षित और सहयोगी उपचार विकल्पों में बढ़ती रुचि के चलते कई महिलाएँ समग्र (Holistic) चिकित्सा पद्धतियों, विशेषकर आयुर्वेद, की ओर रुख कर रही हैं। यह MoU पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक चिकित्सा को एकीकृत करने वाले प्रमाणित प्रोटोकॉल विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

समारोह के दौरान VMMC एवं सफदरजंग अस्पताल के निदेशक डॉ. संदीप बंसल ने कहा कि आयुर्वेद आधारित उपचार, जब एलोपैथिक तरीकों के साथ सावधानीपूर्वक उपयोग किए जाते हैं, तो रजोनिवृत्ति से गुजर रही महिलाओं के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो सकते हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि धातु युक्त आयुर्वेदिक दवाइयों का सेवन केवल विशेषज्ञ की निगरानी में ही किया जाना चाहिए, ताकि उनकी सुरक्षा और प्रभाव सुनिश्चित हो सके।

CARI के प्रभारी डॉ. हेमंता पाणिग्रही ने बताया कि CCRAS आयुर्वेद के वैज्ञानिक अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए दशकों से कार्यरत है। उन्होंने बताया कि सफदरजंग अस्पताल में आयुर्वेद इकाई वर्ष 1996 से सक्रिय है और मरीजों की देखभाल तथा सहयोगात्मक अनुसंधान में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। उन्होंने कहा, “प्रमाण-आधारित आयुर्वेद को वैश्विक स्वीकृति मिल रही है, और यह साझेदारी एकीकृत अनुसंधान पद्धतियों को और मजबूत करेगी तथा जनसामान्य की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार लाएगी।”

यह सहयोग रजोनिवृत्ति देखभाल को बेहतर बनाने हेतु वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित, सुरक्षित और प्रभावी आयुर्वेदिक हस्तक्षेप विकसित करने पर केंद्रित है, ताकि आधुनिक चिकित्सा को पूरक समर्थन मिल सके। इस पहल से मरीजों के परिणामों में सुधार, अनुसंधान क्षमता में वृद्धि और समग्र स्वास्थ्य सेवाओं तक व्यापक पहुंच सुनिश्चित होने की उम्मीद है।

कार्यक्रम के दौरान प्रिंसिपल इन्वेस्टिगेटर डॉ. शिवशंकर राजपूत और प्रो. उपमा सक्सेना ने परियोजना के विवरण प्रस्तुत किए। इस अवसर पर डॉ. चारु बाम्बा (मेडिकल सुपरिटेंडेंट), डॉ. श्वेता माता और डॉ. असीमा जैन भी उपस्थित रहीं।

यह MoU VMMC–सफदरजंग अस्पताल और आयुष मंत्रालय की ओर से सहयोगात्मक, मरीज-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाओं को आगे बढ़ाने और महिलाओं के स्वास्थ्य के क्षेत्र में एकीकृत अनुसंधान के नए मानक स्थापित करने की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।


Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.