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दूरदराज़ के आदिवासी गाँवों से आई उज्जवल सफलता: 597 EMRS छात्रों ने JEE और NEET में हासिल की कामयाबी

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देश के दूरदराज़ आदिवासी इलाकों से आने वाले 597 छात्रों ने 2024-25 में JEE Main, JEE Advanced और NEET जैसी प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल की है। यह बड़ी छलांग पिछले साल के सिर्फ 16 छात्रों (JEE) और 6 छात्रों (NEET) की तुलना में बेहद प्रेरणादायक है।

यह सफलता Eklavya Model Residential Schools (EMRS) की विशेष शिक्षा और मार्गदर्शन की देन है, जो अनुसूचित जनजाति (ST) छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर उन्हें बड़े अवसरों तक पहुँचाने में मदद करती हैं। कुल 230 EMRS स्कूलों में से 101 स्कूलों के छात्रों ने इन प्रतिष्ठित परीक्षाओं को पास किया।

प्रेरणादायक उदाहरण:

जतिन नेगी, हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले के सांगला गाँव से, जिन्होंने JEE Advanced में 421वीं रैंक हासिल की। उन्होंने IIT जोधपुर में B.Tech की पढ़ाई शुरू की। उन्होंने कहा कि EMRS में शिक्षक और संरचित शिक्षा प्रणाली ने उनके सपनों को साकार करने में मदद की।

पड़वी उर्जस्वीबेन अमृतभाई, गुजरात के खपतिया गाँव की रहने वाली, ने NEET परीक्षा पास की और अब GMERS मेडिकल कॉलेज, जूनागढ़ में MBBS कर रही हैं। उन्होंने बताया कि शिक्षक का मार्गदर्शन और मेहनत ने उन्हें सामाजिक बाधाओं को पार करने में मदद की।

EMRS छात्रों का प्रदर्शन (2024–25)

राज्य     JEE Main       JEE Advanced         NEET
आंध्र प्रदेश         17               1            0
छत्तीसगढ़         17               3           18
गुजरात        37               3          173
हिमाचल प्रदेश         3               1            7
झारखंड        6               0              0
कर्नाटक         7               0            0
मध्य प्रदेश      51              10          115
महाराष्ट्र         7               2            7
ओडिशा      10               4            0
तेलंगाना      60              10           24
उत्तर प्रदेश       1               0               0
उत्तराखंड       3               0            0
कुल     219              34          344

EMRS क्या हैं?

Eklavya Model Residential Schools (EMRS) केंद्रीय जनजाति मंत्रालय द्वारा स्थापित स्कूल हैं। ये स्कूल दूरदराज़ आदिवासी बच्चों को मुफ्त, CBSE-सम्बद्ध गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, हॉस्टल सुविधा, पौष्टिक भोजन और स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करते हैं।

संविधान और कानून की भूमिका

भारत के संविधान ने अनुसूचित जातियों और जनजातियों के छात्रों के लिए विशेष प्रावधान बनाए हैं। Articles 15 और 46, और Central Educational Institutions (Reservation in Admission) Act, 2006 जैसी कानून व्यवस्था सुनिश्चित करती हैं कि इन छात्रों को उच्च शिक्षा और रोजगार में समान अवसर मिलें।

विशेष शैक्षिक समर्थन

EMRS छात्रों को IIT-JEE और NEET की तैयारी के लिए डिजिटल ट्यूटरिंग, स्मार्ट क्लास, कौशल विकास लैब्स, अटल टिंकरिंग लैब्स और करियर मार्गदर्शन जैसी सुविधाएं मिलती हैं। यह मदद छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने और अपने सपनों को पूरा करने के लिए सक्षम बनाती है।

जतिन और पड़वी जैसी कहानियां यह दिखाती हैं कि सही शिक्षा, मेहनत और मार्गदर्शन से किसी भी दूरदराज़ आदिवासी क्षेत्र का बच्चा बड़े लक्ष्य हासिल कर सकता है।


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