Media24Media.com: बंगाल की खाड़ी में संभावित चक्रवात की तैयारियों की समीक्षा के लिए कैबिनेट सचिव डॉ. टी. वी. सोमनाथन की अध्यक्षता में राष्ट्रीय संकट प्रबंधन समिति (NCMC) की बैठक आयोजित

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बंगाल की खाड़ी में संभावित चक्रवात की तैयारियों की समीक्षा के लिए कैबिनेट सचिव डॉ. टी. वी. सोमनाथन की अध्यक्षता में राष्ट्रीय संकट प्रबंधन समिति (NCMC) की बैठक आयोजित

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भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने समिति को जानकारी दी कि दक्षिणपूर्व बंगाल की खाड़ी पर बना अवदाब पिछले छह घंटों में लगभग 7 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम की ओर बढ़ा है और 25 अक्तूबर 2025 को प्रातः 11:30 बजे यह चेन्नई (तमिलनाडु) से लगभग 950 किमी पूर्व-दक्षिणपूर्व, विशाखापट्टनम (आंध्र प्रदेश) से 960 किमी दक्षिणपूर्व, काकीनाडा (आंध्र प्रदेश) से 970 किमी दक्षिणपूर्व और गोपालपुर (ओडिशा) से 1030 किमी दक्षिण-दक्षिणपूर्व में केंद्रित था।

यह प्रणाली लगभग पश्चिम-उत्तरपश्चिम दिशा में बढ़ते हुए 26 अक्तूबर तक एक गहरे अवदाब में और 27 अक्तूबर की सुबह तक दक्षिणपश्चिम व उससे सटे पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में एक चक्रवाती तूफान में बदलने की संभावना है। इसके बाद यह उत्तरपश्चिम और फिर उत्तर-उत्तरपश्चिम दिशा में बढ़ते हुए 28 अक्तूबर की सुबह तक एक भीषण चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है। इसके 28 अक्तूबर की शाम या रात को आंध्र प्रदेश तट (मछलीपट्टनम और कालिंगपट्टनम के बीच, काकीनाडा के आसपास) से 90–100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार (110 किमी प्रति घंटे की तेज़ झोंकों सहित) से टकराने की संभावना है।

तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, पुडुचेरी के मुख्य सचिवों और ओडिशा के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने समिति को बताया कि संभावित प्रभावित क्षेत्रों में जनसुरक्षा हेतु सभी तैयारियाँ की जा चुकी हैं। आवश्यक राहत शिविर, निकासी की व्यवस्था और NDRF व SDRF की टीमें तत्पर रखी गई हैं। जिला नियंत्रण कक्ष सक्रिय हैं और लगातार निगरानी कर रहे हैं।

मछुआरों को 26 अक्तूबर से 29 अक्तूबर तक दक्षिणपश्चिम व मध्य बंगाल की खाड़ी, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, यानम (पुडुचेरी) और ओडिशा तट के समीप समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। जो मछुआरे समुद्र में हैं, उन्हें तुरंत तट पर लौटने के लिए कहा गया है।

बैठक में भाग लेने वाले केंद्रीय मंत्रालयों / विभागों ने बताया कि सभी मानक संचालन प्रक्रियाएँ (SOPs) लागू हैं, आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जा चुके हैं और चक्रवात के प्रभाव को न्यूनतम करने के लिए सभी एहतियाती कदम उठाए गए हैं।

राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीमें तैयार हैं और 26 अक्तूबर से तैनात की जाएंगी। अतिरिक्त टीमें भी स्टैंडबाय पर रखी गई हैं। सेना, नौसेना, वायु सेना और भारतीय तटरक्षक बल की बचाव और राहत टीमें अपने जहाजों और विमानों सहित तैयार हैं। भारतीय तटरक्षक बल ने अब तक 900 से अधिक नौकाओं को सुरक्षित तट तक पहुँचाया है और शेष को भी सतर्क कर दिया गया है। गृह सचिव ने बताया कि गृह मंत्रालय, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) और मौसम विभाग लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे हैं और सभी मंत्रालयों, विभागों, राज्य सरकारों और एजेंसियों के साथ समन्वय बनाए हुए हैं।

कैबिनेट सचिव ने तैयारियों की समीक्षा करते हुए जोर दिया कि लक्ष्य शून्य जनहानि का होना चाहिए और संपत्ति तथा अवसंरचना को न्यूनतम नुकसान पहुँचे। किसी प्रकार की क्षति होने पर आवश्यक सेवाओं को जल्द से जल्द बहाल किया जाए।

बैठक में तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और पुडुचेरी के मुख्य सचिव, ओडिशा के अतिरिक्त मुख्य सचिव, गृह सचिव, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय, मत्स्य, विद्युत, दूरसंचार, बंदरगाह, नौवहन और जलमार्ग विभागों के सचिव, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सचिव, सदस्य और प्रमुख, चीफ ऑफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल के महानिदेशक, भारतीय तटरक्षक बल के अतिरिक्त महानिदेशक, भारतीय मौसम विभाग और गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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