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ओडिशा की वोटर लिस्ट में बड़ा बदलाव—SIR के बाद 20.56 लाख नाम हटे, 2.90 लाख नए मतदाता जुड़े

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ओडिशा की वोटर लिस्ट में बड़ा बदलाव, 20.56 लाख नाम हटाए गए

भुवनेश्वर: ओडिशा में मतदाता सूची के Special Intensive Revision (SIR) की प्रक्रिया पूरी हो गई है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी एस. गोपालन के अनुसार, अंतिम मतदाता सूची में 20.56 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। 

अधिकारियों के मुताबिक, SIR की शुरुआत 30 मई 2026 को हुई थी। उस समय ओडिशा की मतदाता सूची में करीब 3.14 करोड़ मतदाता दर्ज थे। सत्यापन प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में ऐसे नाम सामने आए जिनमें मतदाता की मृत्यु हो चुकी थी, वे स्थायी रूप से दूसरे स्थान पर जा चुके थे या एक ही व्यक्ति के एक से अधिक रिकॉर्ड मौजूद थे। 

हटाए गए करीब 20.12 लाख नामों में लगभग 8.32 लाख मृत मतदाता, 8.08 लाख स्थायी रूप से स्थानांतरित मतदाता, करीब 2 लाख अनुपस्थित मतदाता और लगभग 1.58 लाख डुप्लीकेट प्रविष्टियां शामिल थीं।

इसके बाद ड्राफ्ट मतदाता सूची पर दावे और आपत्तियां मांगी गईं। अधिकारियों के अनुसार, इस चरण में कुछ और नाम हटाए गए, जबकि नए पात्र मतदाताओं को सूची में शामिल भी किया गया। करीब 2.90 लाख नए नाम जोड़े गए, जिसके बाद अंतिम मतदाता सूची में कुल 3,16,32,754 मतदाता दर्ज हैं। 

निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि अब SIR की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और मतदाता सूची का सामान्य अपडेट जारी रहेगा। जिन लोगों का नाम छूट गया है या जिन्हें अपने विवरण में सुधार कराना है, वे निर्धारित Form 6, Form 7 या Form 8 के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। 

खास बात: 20.56 लाख नाम हटाए जाने का मतलब यह नहीं है कि सभी हटाए गए मतदाता गलत तरीके से सूची में थे; आधिकारिक विवरण में मृत्यु, स्थायी स्थानांतरण, अनुपस्थिति और डुप्लीकेट रिकॉर्ड जैसे अलग-अलग कारण बताए गए हैं।


महानदी जल विवाद के जल्द समाधान की उम्मीद, ओडिशा दौरे पर CM विष्णु देव साय ने कहा- बातचीत से निकलेगा रास्ता

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भुवनेश्वर- छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच लंबे समय से चले आ रहे महानदी जल विवाद को लेकर समाधान की उम्मीद बढ़ी है। दो दिवसीय ओडिशा दौरे पर पहुंचे छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रविवार को कहा कि विवाद का समाधान बहुत जल्द होने की संभावना है। उनके मुताबिक, केंद्र सरकार इस दिशा में काम कर रही है और दोनों राज्यों के बीच बातचीत आगे बढ़ रही है।

केंद्रीय जल आयोग के स्तर पर चल रही बातचीत

मुख्यमंत्री साय के अनुसार, महानदी जल बंटवारे को लेकर छत्तीसगढ़ और ओडिशा पहले ही अपनी-अपनी बात केंद्रीय जल आयोग (CWC) के सामने रख चुके हैं। दोनों राज्यों की तकनीकी टीमें भी आयोग की निगरानी में बातचीत कर रही हैं। साय ने कहा कि दोनों पक्ष आयोग के स्तर पर लिए जाने वाले निर्णय का सम्मान करेंगे।

इससे पहले 30 जुलाई 2026 को केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल की अध्यक्षता में नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ और ओडिशा के मुख्यमंत्रियों तथा वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक हुई थी। केंद्र सरकार ने उस बैठक को विवाद के सौहार्दपूर्ण समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया था।

तकनीकी पहलुओं पर भी हो रहा मंथन

महानदी विवाद में अब बातचीत के साथ-साथ तकनीकी आंकड़ों पर भी चर्चा हो रही है। केंद्रीय जल आयोग और दोनों राज्यों की तकनीकी टीमें नदी में पानी की उपलब्धता, मौजूदा जल उपयोग, प्रमुख जल परियोजनाओं की क्षमता और भविष्य की जरूरतों से जुड़े आंकड़ों का अध्ययन कर रही हैं।

दोनों राज्यों की तकनीकी टीमों के बीच अब तक दो दौर की बातचीत हो चुकी है। अगली बैठक 21 सितंबर को प्रस्तावित है, जिसमें जल बंटवारे से जुड़े संभावित ढांचे पर चर्चा होने की बात सामने आई है।

ट्रिब्यूनल की सुनवाई 28 सितंबर तक टली

महानदी जल विवाद को लेकर गठित महानदी जल विवाद न्यायाधिकरण ने 17 सितंबर की सुनवाई को आगे बढ़ाकर 28 सितंबर 2026 कर दिया है। यह फैसला ऐसे समय आया है जब दोनों राज्य आपसी बातचीत के जरिए समाधान तलाशने की कोशिश कर रहे हैं।

न्यायाधिकरण ने दोनों राज्यों से बातचीत में हुई प्रगति की जानकारी मांगी है। इससे आने वाले दिनों में तकनीकी वार्ता और संभावित समझौते की दिशा महत्वपूर्ण हो गई है।

वर्षों पुराने विवाद में नई पहल

महानदी जल विवाद कई वर्षों से छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच प्रमुख अंतरराज्यीय मुद्दा रहा है। दोनों राज्यों के बीच महानदी के पानी के उपयोग, जल परियोजनाओं और डाउनस्ट्रीम जल उपलब्धता को लेकर अलग-अलग मत रहे हैं।

ओडिशा का कहना रहा है कि ऊपरी हिस्से में बने बांधों और बैराजों से हीराकुंड जलाशय और राज्य के निचले इलाकों में पानी की उपलब्धता प्रभावित होती है। वहीं छत्तीसगढ़ ने अपने जल उपयोग को राज्य की जरूरतों और अपने हिस्से के अनुरूप ब

छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमा पर तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई

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79 किलो संदिग्ध नारकोटिक्स और 1.47 किलो पैंगोलिन स्केल बरामद, 8 गिरफ्तार

धमतरी/गरियाबंद- छत्तीसगढ़ और ओडिशा की सीमा से लगे इलाकों में नारकोटिक्स और वन्यजीव तस्करी के खिलाफ सुरक्षा एवं वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई में बड़ी सफलता मिली है। तीन दिनों में चलाए गए अलग-अलग ऑपरेशनों में करीब 79 किलो संदिग्ध नारकोटिक पदार्थ और 1.47 किलो पैंगोलिन स्केल जब्त किए गए हैं। इस मामले में कुल 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

जानकारी के मुताबिक, कार्रवाई उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व (USTR), डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI), मलकानगिरी और सुकमा वन विभाग के समन्वय से की गई। पहली कार्रवाई 10 सितंबर को हुई, जब वन जांच चौकी पर संदिग्ध बाइक की गतिविधि सामने आई। इसके बाद करीब 31 किलो संदिग्ध नारकोटिक पदार्थ बरामद किया गया।

इसके बाद 11 सितंबर को ओडिशा के नबरंगपुर क्षेत्र में फॉलो-अप कार्रवाई की गई, जहां करीब 48 किलो संदिग्ध नारकोटिक पदार्थ और एक स्कूटी जब्त की गई। आगे मिले सुरागों के आधार पर मलकानगिरी के गोविंदपल्ली इलाके में वन्यजीव तस्करी के खिलाफ कार्रवाई की गई, जहां 1.47 किलो पैंगोलिन स्केल, तीन मोटरसाइकिल और पांच मोबाइल फोन बरामद किए गए।

जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या इन गतिविधियों के पीछे कोई अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क सक्रिय है। अधिकारियों के अनुसार, नारकोटिक्स और वन्यजीव उत्पादों के बीच संभावित बार्टर नेटवर्क की आशंका की भी जांच की जा रही है। मामले में आगे की जांच जारी है।

ओडिशा तट के पास बड़ा समुद्री हादसा: 24 क्रू सदस्यों वाला कार्गो जहाज डूबा, 2 लोग बचाए गए

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भुवनेश्वर- ओडिशा के पारादीप तट से करीब 240 नॉटिकल मील दूर बंगाल की खाड़ी में एक बड़ा समुद्री हादसा हुआ है। पनामा-फ्लैग वाला बल्क कैरियर MV Ocean Winner शनिवार को समुद्र में डूब गया। जहाज पर कुल 24 क्रू सदस्य सवार थे। भारतीय तटरक्षक बल और नौसेना ने बड़े पैमाने पर Search and Rescue Operation शुरू किया है।

जहाज कहां जा रहा था?

MV Ocean Winner ने ओडिशा के पारादीप पोर्ट से 20 अगस्त की रात अपनी यात्रा शुरू की थी। जहाज करीब 72,100–72,200 मीट्रिक टन लौह अयस्क (Iron Ore Fines) लेकर सिंगापुर जा रहा था। 

हादसे के समय जहाज पर 24 विदेशी क्रू सदस्य मौजूद थे:

  • 20 चीनी नागरिक

  •  3 म्यांमार के नागरिक

  •  1 बांग्लादेशी नागरिक

अचानक टूट गया संपर्क

अधिकारियों के अनुसार, जहाज के साथ संपर्क टूटने की सूचना 22 अगस्त को मिली। इसके बाद Maritime Rescue Coordination Centre और भारतीय एजेंसियों ने तुरंत Search and Rescue Operation शुरू किया।

कुछ रिपोर्टों के अनुसार जहाज समुद्री tracking system से भी गायब हो गया था। हादसे की सटीक वजह अभी सामने नहीं आई है और इसकी जांच की जा रही है। 

 2 क्रू सदस्य सुरक्षित मिले

रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान एक बड़ी राहत की खबर सामने आई। पास से गुजर रहे MT AISOPOS नामक जहाज ने दो अलग-अलग life rafts से 2 क्रू सदस्यों को जीवित बचा लिया। 

फिलहाल बाकी 22 क्रू सदस्यों की तलाश जारी है।

Coast Guard और Navy ने संभाला मोर्चा

भारतीय तटरक्षक बल ने Search and Rescue Operation को तेज करते हुए कई जहाजों को तैनात किया है। ICGS Varad और ICGS Anmol को ऑपरेशन में लगाया गया है, जबकि ICGS Vijit को भी खोज अभियान में शामिल किया गया है। आसपास मौजूद अन्य जहाजों को भी राहत एवं बचाव अभियान में मदद करने के लिए अलर्ट किया गया है। 

खराब समुद्री परिस्थितियां बनी चुनौती

रेस्क्यू टीमों के सामने समुद्र की स्थिति भी बड़ी चुनौती है। अधिकारियों के अनुसार कुछ क्रू सदस्य life rafts या lifebuoys के सहारे समुद्र में हो सकते हैं, इसलिए बचाव दल लगातार संभावित इलाकों में तलाश कर रहे हैं। 

जहाज क्यों डूबा?

फिलहाल MV Ocean Winner के डूबने की वजह स्पष्ट नहीं है।

जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि:

  • क्या जहाज में कोई तकनीकी खराबी आई थी?

  • क्या समुद्र की खराब स्थिति हादसे की वजह बनी?

  • संपर्क टूटने से पहले क्या कोई distress signal भेजा गया था?

  • जहाज tracking system से क्यों गायब हुआ?

  • जहाज इतनी तेजी से कैसे डूबा?

अधिकारियों की जांच के बाद ही हादसे की वास्तविक वजह सामने आएगी। 

अभी की सबसे बड़ी खबर

MV Ocean Winner के 24 क्रू सदस्यों में से 2 को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि 22 अन्य की तलाश भारतीय Coast Guard और Navy द्वारा जारी है।

यह हादसा ओडिशा के पारादीप तट से करीब 240 नॉटिकल मील दूर बंगाल की खाड़ी में हुआ है। बचाव अभियान लगातार जारी है। 

महानदी विवाद नहीं, छत्तीसगढ़-ओडिशा की साझा समृद्धि का आधार बने : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

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श्रमशक्ति भवन में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़, ओडिशा की उच्चस्तरीय बैठक

नई दिल्ली- नई दिल्ली स्थित श्रमशक्ति भवन में आज केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल की अध्यक्षता में महानदी जल विवाद के समाधान को लेकर छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच उच्चस्तरीय बैठक आयोजित हुई। बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, ओडिशा के मुख्यमंत्री  मोहन चरण माझी, केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू सहित दोनों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों एवं जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने भाग लिया।

बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि महानदी छत्तीसगढ़ और ओडिशा दोनों राज्यों की साझा जीवनरेखा है। यह किसानों, उद्योगों, पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ इस बैठक को विवाद की निरंतरता नहीं, बल्कि समाधान की नई शुरुआत के रूप में देखता है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ ओडिशा की सिंचाई, पेयजल और हीराकुंड परियोजना से जुड़ी चिंताओं का सम्मान करता है। साथ ही उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के किसानों, आदिवासी क्षेत्रों, सूखा प्रभावित अंचलों और भविष्य की विकास आवश्यकताओं को भी समान महत्व दिया जाना चाहिए। उन्होंने दोनों राज्यों के हितों को ध्यान में रखते हुए सम्मानजनक, व्यावहारिक और दीर्घकालिक समाधान पर बल दिया।

मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया कि दोनों राज्यों के विशेषज्ञ उपलब्ध जल के वैज्ञानिक आकलन, कम वर्षा वाले वर्षों के लिए साझा व्यवस्था तथा भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए स्थायी संस्थागत तंत्र विकसित करें। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासनिक एवं तकनीकी स्तर पर अधिकतम मुद्दों का समाधान किया जाए और केवल नीतिगत विषय ही मंत्रिस्तरीय स्तर पर लाए जाएं।

साय ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल और केंद्रीय जल आयोग से निष्पक्ष तकनीकी सहयोग, समयबद्ध कार्ययोजना तथा दोनों राज्यों के बीच दीर्घकालिक समझौते का प्रारूप तैयार कराने में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि महानदी विवाद की रेखा नहीं, बल्कि सहयोग, विकास और भाईचारे का सेतु बने।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सहकारी संघवाद और संवाद आधारित दृष्टिकोण ने वर्षों पुराने जटिल विषयों के समाधान का सकारात्मक वातावरण तैयार किया है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस प्रक्रिया से दोनों राज्यों के किसानों, नागरिकों और भावी पीढ़ियों का जल भविष्य सुरक्षित होगा।

बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह सहित अन्य अधिकारी शामिल हुए।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को प्रधानमंत्री मोदी ने दी जन्मदिन की शुभकामनाएं

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नई दिल्ली- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की राष्ट्रपति  द्रौपदी मुर्मू को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति मुर्मू का साहस, सादगी, विनम्रता और जनसेवा के प्रति अटूट समर्पण देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत है।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में कहा कि राष्ट्रपति मुर्मू ने सार्वजनिक जीवन में अपने लंबे अनुभव के दौरान देश की उत्कृष्ट सेवा की है। उन्होंने विशेष रूप से समाज के वंचित और कमजोर वर्गों के कल्याण के लिए लगातार काम किया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के विकास के प्रति राष्ट्रपति की दृढ़ प्रतिबद्धता अत्यंत प्रेरणादायक है। उन्होंने राष्ट्रपति के लंबे, स्वस्थ और राष्ट्रसेवा से परिपूर्ण जीवन की कामना की।

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी संदेश में यह भी बताया कि वे आज ओडिशा में आयोजित एक कार्यक्रम में राष्ट्रपति मुर्मू से मुलाकात करेंगे।


ओडिशा के राज्यपाल ने युवा संगम फेज़-VI के गुजरात छात्र प्रतिनिधिमंडल से की मुलाकात

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भुवनेश्वर- ओडिशा के राज्यपाल डॉ. हरि बाबू कंभमपति ने युवा संगम फेज़-VI में भाग ले रहे गुजरात के छात्र प्रतिनिधिमंडल के साथ संवाद किया। यह प्रतिनिधिमंडल भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) अहमदाबाद के नेतृत्व में 22 मई 2026 को ओडिशा पहुंचा था। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) राउरकेला द्वारा आयोजित इस शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम के तहत छात्रों का 25 मई को गर्मजोशी से स्वागत किया गया।

राज्यपाल ने अपने संबोधन में युवाओं की राष्ट्र निर्माण में भूमिका, सांस्कृतिक समझ विकसित करने के महत्व और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम देश के विभिन्न राज्यों के युवाओं को एक-दूसरे की संस्कृति, परंपराओं और जीवनशैली को समझने का अवसर प्रदान करते हैं। इस संवाद के दौरान छात्रों को नेतृत्व, नागरिक जिम्मेदारी और राष्ट्रीय एकीकरण से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर मार्गदर्शन मिला।

अपने दौरे के दौरान छात्र प्रतिनिधिमंडल ने ओडिशा की समृद्ध सांस्कृतिक, शैक्षणिक और विकासात्मक विरासत को करीब से जाना। छात्रों ने कोणार्क सूर्य मंदिर और मां समलेश्वरी मंदिर का भ्रमण कर राज्य की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक धरोहर को समझा। इसके अलावा उन्होंने स्थानीय बुनकरों और कारीगरों से मुलाकात कर ओडिशा की प्रसिद्ध वस्त्र परंपरा के बारे में जानकारी प्राप्त की। छात्रों ने मुंडा जनजाति समुदाय के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों और पारंपरिक प्रस्तुतियों में भी भाग लिया।

प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय भारतीय भाषा संस्थान द्वारा आयोजित एक विशेष सत्र में भाग लिया, जहां भारत की भाषाई विविधता और सांस्कृतिक समरसता में उसकी भूमिका पर चर्चा की गई। छात्रों ने NIT राउरकेला FTBI लैब, राउरकेला स्टील प्लांट, हीराकुंड बांध और बिरसा मुंडा हॉकी स्टेडियम का भी दौरा किया। इन यात्राओं के माध्यम से उन्हें ओडिशा की नवाचार क्षमता, औद्योगिक विकास, इंजीनियरिंग उत्कृष्टता और खेल अवसंरचना की जानकारी मिली।

पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से छात्रों ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान में भाग लिया और पौधारोपण किया। इस दौरान उन्होंने पर्यावरण संरक्षण, जैविक खेती और सतत विकास से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं को भी समझा।

30 मई 2026 को आयोजित समापन समारोह के साथ यह यात्रा संपन्न हुई। युवा संगम के तहत आयोजित यह कार्यक्रम छात्रों के लिए सीखने, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने का एक यादगार अनुभव साबित हुआ।

डीआरडीओ और भारतीय वायुसेना ने किया ‘TARA’ हथियार का सफल पहला परीक्षण

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Defence Research and Development Organisation (DRDO) और Indian Air Force (IAF) ने 7 मई 2026 को ओडिशा तट के पास Tactical Advanced Range Augmentation (TARA) हथियार का सफल पहला उड़ान परीक्षण किया।

TARA भारत का पहला स्वदेशी ग्लाइड वेपन सिस्टम है, जो बिना गाइडेड वारहेड्स को अत्याधुनिक प्रिसीजन गाइडेड हथियारों में बदलने की क्षमता रखता है। यह सिस्टम कम लागत में दुश्मन के जमीनी ठिकानों को अधिक सटीकता और ताकत के साथ निशाना बनाने में सक्षम है।

इस अत्याधुनिक प्रणाली को Research Centre Imarat (RCI), हैदराबाद और DRDO की अन्य प्रयोगशालाओं द्वारा विकसित किया गया है। इसमें आधुनिक और कम लागत वाली तकनीकों का उपयोग किया गया है।

TARA परियोजना का निर्माण Development cum Production Partners (DcPP) और कई भारतीय उद्योगों के सहयोग से किया गया है, जिन्होंने इसके उत्पादन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस सफल परीक्षण पर DRDO, भारतीय वायुसेना और सभी साझेदार उद्योगों को बधाई दी। उन्होंने इसे भारत की स्वदेशी रक्षा क्षमता को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि बताया।

वहीं, रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव और DRDO के चेयरमैन समीर वी कामत ने भी इस सफल उड़ान परीक्षण से जुड़ी पूरी टीम को शुभकामनाएं दीं।


राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राउरकेला में विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया

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भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू  ने आज (21 अप्रैल 2026) ओडिशा के  राउरकेला में आयोजित एक सार्वजनिक समारोह में प्लैनेटेरियम और साइंस सेंटर तथा निर्मल मुंडा परिवेश पथ का उद्घाटन किया। इसके बाद उन्होंने राउरकेला में ट्राइबल म्यूजियम और इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का भी उद्घाटन किया।

समारोह को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि सुंदरगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता, लोक संस्कृति और विरासत अत्यंत आकर्षक हैं। यहां के घने जंगल, पहाड़, झरने और नदियां असीम आकर्षण का केंद्र हैं। उन्होंने कहा कि सुंदरगढ़ की कला और संस्कृति ने ओडिशा की सांस्कृतिक समृद्धि को और बढ़ाया है तथा यह क्षेत्र वीर लोगों और खेल प्रेमियों की भूमि भी है।

राष्ट्रपति ने कहा कि राउरकेला में रोजगार और आजीविका के लिए भारत के विभिन्न क्षेत्रों, सहित ओडिशा के लोग रहते हैं। यह एक कॉस्मोपॉलिटन शहर है जिसने ओडिशा की कला, साहित्य, संस्कृति, जनजातीय परंपराओं और खेलों को बढ़ावा देने में अग्रणी भूमिका निभाई है।

उन्होंने कहा कि राष्ट्र का विकास तभी संभव है जब समाज के हर वर्ग का विकास हो। इसी सोच के साथ केंद्र और राज्य सरकारें जनजातीय कल्याण के लिए विभिन्न योजनाओं पर काम कर रही हैं। इससे सुंदरगढ़ जैसे जनजातीय बहुल जिलों के विकास को गति मिल रही है और जनजातीय समुदायों के आर्थिक उत्थान को प्राथमिकता दी जा रही है।

राष्ट्रपति ने लोगों को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि लोग स्वयं आगे बढ़ें और दूसरों को भी आगे बढ़ने में मदद करें। उन्होंने सभी से अच्छे इंसान बनने और पीछे छूटे लोगों को आगे लाने का प्रयास करने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि हमारा देश 2047 तक “विकसित भारत” बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसी तरह वर्ष 2036 में ओडिशा राज्य के गठन के 100 वर्ष पूरे होंगे। विकसित ओडिशा और विकसित भारत के निर्माण के लिए समग्र विकास और समाज के हर वर्ग की भागीदारी आवश्यक है।

राष्ट्रपति ने कहा कि विकसित भारत का निर्माण किसानों, मजदूरों, जनजातीय समुदायों, वंचित वर्गों, बुद्धिजीवियों, युवाओं और विद्यार्थियों के साथ-साथ शहरी और ग्रामीण आबादी के सामूहिक प्रयास और समर्पण से ही संभव होगा।

ओडिशा में रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विस्तार, ₹90,000 करोड़ की परियोजनाएं प्रगति पर: अश्विनी वैष्णव

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भुवनेश्वर: अश्विनी वैष्णव ने ओडिशा में रेलवे बुनियादी ढांचे के तेजी से हो रहे विकास पर जोर देते हुए कहा कि राज्य में ₹90,000 करोड़ से अधिक की रेलवे परियोजनाएं वर्तमान में प्रगति पर हैं। यह निवेश राज्य में रेल नेटवर्क के अभूतपूर्व विस्तार को दर्शाता है।

अपने दौरे के दौरान उन्होंने  भुवनेश्वर रेलवे स्टेशनके पुनर्विकास कार्यों का निरीक्षण किया और समयबद्ध तथा उच्च गुणवत्ता के साथ परियोजनाओं को पूरा करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि उन्नत स्टेशन आधुनिक सुविधाओं के साथ यात्रियों को बेहतर अनुभव प्रदान करेगा।

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि ओडिशा को ₹10,928 करोड़ का रिकॉर्ड रेलवे बजट आवंटन मिला है, जिससे परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही, अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत राज्य के 59 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि योजनाबद्ध प्रयासों के जरिए ओडिशा के सभी 30 जिलों को रेल नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है, जिससे दूरदराज और आंतरिक क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने में मदद मिलेगी।

इसके अलावा,बालासोर से बेरहामपुर तक प्रस्तावित चार-लाइन तटीय रेल कॉरिडोर जैसे बड़े प्रोजेक्ट क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करेंगे और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देंगे।

अश्विनी वैष्णव ने कहा कि ये पहल न केवल क्षेत्रीय विकास को गति देंगी, बल्कि ओडिशा को राष्ट्रीय माल और यात्री नेटवर्क से और अधिक मजबूती से जोड़ेंगी।


ओडिशा में देश की पहली 3डी चिप पैकेजिंग यूनिट की आधारशिला, सेमीकंडक्टर क्षेत्र को मिलेगा बड़ा बढ़ावा

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भुवनेश्वर: भुवनेश्वर के इंफो वैली में देश की पहली उन्नत 3डी चिप पैकेजिंग यूनिट की आधारशिला रखी गई। यह परियोजना भारत के सेमीकंडक्टर क्षेत्र को मजबूत करने और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के लक्ष्य को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

इस परियोजना का शुभारंभ ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव की उपस्थिति में किया गया। यह हेटेरोजीनियस इंटीग्रेशन पैकेजिंग सॉल्यूशंस परियोजना 3D Glass Solutions द्वारा स्थापित की जा रही है।

मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने इसे राज्य और देश के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि ओडिशा अब वैश्विक तकनीकी मानचित्र पर अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। उन्होंने बताया कि इस परियोजना के माध्यम से कृत्रिम बुद्धिमत्ता, उच्च प्रदर्शन कंप्यूटिंग, रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स और दूरसंचार जैसे क्षेत्रों को बढ़ावा मिलेगा।

करीब ₹2,000 करोड़ के निवेश वाली इस परियोजना के तहत हर साल 70,000 ग्लास पैनल, 5 करोड़ असेंबल्ड यूनिट्स और लगभग 13,000 उन्नत मॉड्यूल तैयार किए जाएंगे। इससे राज्य में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत का सेमीकंडक्टर क्षेत्र तेजी से आगे बढ़ रहा है और ओडिशा इस बदलाव का अहम केंद्र बन रहा है। उन्होंने बताया कि देश में इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन में पिछले 12 वर्षों में छह गुना वृद्धि हुई है और भारत अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल फोन निर्माता बन चुका है।

उन्होंने यह भी जानकारी दी कि ओडिशा में दो सेमीकंडक्टर परियोजनाएं पहले ही स्वीकृत हो चुकी हैं और कई अन्य प्रस्तावों पर काम चल रहा है। साथ ही, राज्य में रेलवे परियोजनाओं के तहत ₹90,000 करोड़ से अधिक का निवेश किया जा रहा है।


यह अत्याधुनिक परियोजना खोरधा जिले में स्थापित की जा रही है, जहां 2028 तक उत्पादन शुरू होने और 2030 तक पूर्ण क्षमता से संचालन का लक्ष्य रखा गया है।

यह पहल ओडिशा को एक उभरते सेमीकंडक्टर और तकनीकी हब के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।


खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026-महिला हॉकी में मिजोरम और ओडिशा पहुँचे फाइनल में

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रायपुर- 'खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स-2026' के अंतर्गत सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल हॉकी स्टेडियम में महिला हॉकी प्रतियोगिता के सेमीफाइनल मुकाबले आज उत्साह और रोमांच के बीच खेले गए।

पहले सेमीफाइनल मैच में मिजोरम की टीम ने झारखंड को कड़े मुकाबले में 3-2 से पराजित कर फाइनल में स्थान बनाया। दोनों टीमों के बीच मैच बेहद प्रतिस्पर्धात्मक रहा, जिसमें मिजोरम ने अंत तक बढ़त बनाए रखी।

दूसरे सेमीफाइनल मैच में उड़ीसा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मध्यप्रदेश को 8-0 से हराया। उड़ीसा की टीम ने पूरे मैच में आक्रामक खेल दिखाते हुए एकतरफा जीत दर्ज की।

इन परिणामों के साथ मिजोरम और उड़ीसा की टीमें अब फाइनल में आमने-सामने होंगी, जहाँ खेल प्रेमियों खिताब के लिए रोमांचक मुकाबला देखने को मिलेगा।


खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026: तैराकी में कर्नाटक का दबदबा, महिला वर्ग में ओडिशा चैंपियन, छत्तीसगढ़ 6वें स्थान पर

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रायपुर- छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आयोजित खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स–2026 के अंतर्गत तैराकी प्रतियोगिताओं का आज समापन हुआ, जिसमें देशभर के खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। पुरुष वर्ग में कर्नाटक ने 123 अंकों के साथ ओवरऑल टीम चैंपियनशिप का खिताब जीता, जबकि असम 69 अंकों के साथ प्रथम रनरअप और ओडिशा 31 अंकों के साथ द्वितीय रनरअप रहा। वहीं महिला वर्ग में ओडिशा ने 102 अंकों के साथ शानदार प्रदर्शन करते हुए चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया, जबकि कर्नाटक 50 अंकों के साथ प्रथम रनरअप और मेजबान छत्तीसगढ़ 38 अंकों के साथ द्वितीय रनरअप रहा।

प्रतियोगिता के दौरान छत्तीसगढ़ की तैराक अनुष्का भगत ने लगातार चौथा रजत पदक जीतकर राज्य का मान बढ़ाया।

उन्होंने महिला 50 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक स्पर्धा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए यह उपलब्धि हासिल की, जिससे राज्य की पदक स्थिति और मजबूत हुई।

प्रतियोगिता में आयोजित विभिन्न स्पर्धाओं में भी खिलाड़ियों ने दमदार प्रदर्शन किया। पुरुष 100 मीटर फ्रीस्टाइल में कर्नाटक के धोनिश ने स्वर्ण, असम के फर्मिनो एमोन लालुंग ने रजत तथा कर्नाटक के कीर्थन शरथ ने कांस्य पदक जीता। महिला 100 मीटर फ्रीस्टाइल में ओडिशा की रितिका मिन्ज ने स्वर्ण, कृष्णा प्रिया नायक ने रजत और असम की वायोलिना क्रो ने कांस्य पदक प्राप्त किया।

इसी प्रकार पुरुष 50 मीटर बैकस्ट्रोक में असम के निबिर निलिम क्रो ने स्वर्ण, कर्नाटक के धोनिश ने रजत और ओडिशा के राजेश सोरेन ने कांस्य पदक हासिल किया, जबकि महिला 50 मीटर बैकस्ट्रोक में ओडिशा की अंजलि मुंडा ने स्वर्ण, छत्तीसगढ़ की अनुष्का भगत ने रजत और कर्नाटक की मेघांजली ने कांस्य पदक अपने नाम किया। रिले स्पर्धाओं में पुरुष 4×100 मीटर मेडले में कर्नाटक ने स्वर्ण, असम ने रजत और त्रिपुरा ने कांस्य पदक जीता, वहीं महिला 4×100 मीटर मेडले में ओडिशा ने स्वर्ण, त्रिपुरा ने रजत और गुजरात ने कांस्य पदक हासिल किया।

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स–2026 में अब तक छत्तीसगढ़ ने कुल 8 पदक (1 स्वर्ण, 4 रजत और 3 कांस्य) अपने नाम किए हैं और राज्य पदक तालिका में छठे स्थान पर बना हुआ है। प्रतियोगिता में कर्नाटक और ओडिशा का दबदबा देखने को मिला, वहीं छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत दिए हैं।

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026: तैराकी में कर्नाटक का दबदबा, महिला वर्ग में ओडिशा बनी चौंपियन

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छत्तीसगढ़ की अनुष्का भगत का शानदार प्रदर्शन, राज्य को दिलाया लगातार चौथा रजत 

कुल 8 पदकों के साथ छत्तीसगढ़ 6वें स्थान पर

रायपुर- छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आयोजित खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स-2026 के अंतर्गत तैराकी प्रतियोगिताओं का आज समापन हो गया। प्रतियोगिता में देशभर के खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, जिसमें पुरुष वर्ग में कर्नाटक ने 123 अंकों के साथ ओवरऑल टीम चौंपियनशिप का खिताब अपने नाम किया। वहीं असम 69 अंकों के साथ प्रथम रनरअप और ओडिशा 31 अंकों के साथ द्वितीय रनरअप रहा। महिला वर्ग में ओडिशा ने 102 अंकों के साथ शानदार प्रदर्शन करते हुए चौंपियन बनने का गौरव हासिल किया, जबकि कर्नाटक 50 अंकों के साथ प्रथम रनरअप और मेजबान छत्तीसगढ़ 38 अंकों के साथ द्वितीय रनरअप रहा।

प्रतियोगिता के दौरान छत्तीसगढ़ की तैराक अनुष्का भगत ने लगातार चौथा रजत पदक जीतकर प्रदेश का मान बढ़ाया। उन्होंने महिला 50 मीटर ब्रेस्ट स्ट्रोक स्पर्धा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए यह उपलब्धि हासिल की। उनके इस प्रदर्शन से छत्तीसगढ़ की पदक स्थिति मजबूत हुई है और राज्य के खिलाड़ियों में उत्साह का संचार हुआ है।

आज आयोजित विभिन्न स्पर्धाओं में भी खिलाड़ियों ने दमदार प्रदर्शन किया। पुरुष 100 मीटर फ्रीस्टाइल में कर्नाटक के धोनिश ने स्वर्ण पदक जीता, जबकि असम के फर्मिनो एमोन लालुंग ने रजत और कर्नाटक के कीर्थन शरथ ने कांस्य पदक प्राप्त किया। महिला 100 मीटर फ्रीस्टाइल में ओडिशा की रितिका मिन्ज ने स्वर्ण पदक जीता, वहीं उनकी ही राज्य की कृष्णा प्रिया नायक ने रजत और असम की वायोलिना क्रो ने कांस्य पदक हासिल किया। पुरुष 50 मीटर बैकस्ट्रोक में असम के निबिर निलिम क्रो ने स्वर्ण, कर्नाटक के धोनिश ने रजत और ओडिशा के राजेश सोरेन ने कांस्य पदक जीता। महिला 50 मीटर बैकस्ट्रोक में ओडिशा की अंजलि मुंडा ने स्वर्ण पदक हासिल किया, जबकि छत्तीसगढ़ की अनुष्का भगत ने रजत और कर्नाटक की मेघांजली ने कांस्य पदक अपने नाम किया। रिले स्पर्धाओं में पुरुष 4Û100 मीटर मेडले में कर्नाटक ने स्वर्ण, असम ने रजत और त्रिपुरा ने कांस्य पदक जीता, वहीं महिला 4Û100 मीटर मेडले में ओडिशा ने स्वर्ण, त्रिपुरा ने रजत और गुजरात ने कांस्य पदक हासिल किया।

खेलो इंडिया खेलो ट्राइबल प्रतियोगिता 2026 में अब तक छत्तीसगढ़ ने कुल 8 पदक 1 स्वर्ण, 4 रजत और 3 कांस्य अपने नाम किए हैं और इसी के साथ राज्य पदक तालिका में छठे स्थान पर बना हुआ है। प्रतियोगिता में कर्नाटक और ओडिशा का दबदबा देखने को मिला, जबकि छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने भी शानदार प्रदर्शन कर भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत दिए हैं।


ओडिशा के मुंडाली में CISF के 57वें स्थापना दिवस समारोह में शामिल हुए गृह मंत्री अमित शाह, जवानों की भूमिका की सराहना

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ओडिशा के मुंडाली में आयोजित केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के 57वें स्थापना दिवस समारोह में अमित शाह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने CISF के तीन आवासीय परिसरों—कामरूप, नासिक और सीहोर—का शिलान्यास किया, जिनका निर्माण लगभग 890 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा। साथ ही राजारहाट और दिल्ली में बने दो आवासीय परिसरों का उद्घाटन भी किया। कार्यक्रम में धर्मेंद्र प्रधान,मोहन चरण माझी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। 

अपने संबोधन में अमित शाह ने कहा कि 56 वर्षों की यात्रा में CISF ने शून्य से शिखर तक का सफर तय किया है, जो बल की समर्पण, साहस और कर्तव्यनिष्ठा की कहानी है। उन्होंने कहा कि भारत को विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने के लिए औद्योगिक विकास आवश्यक है, और औद्योगिक विकास के लिए मजबूत औद्योगिक सुरक्षा बल की आवश्यकता होती है।

उन्होंने बताया कि CISF ने समय के साथ हर चुनौती से सीखते हुए खुद को आधुनिक बनाया है, जबकि अपनी परंपराओं को भी जीवित रखा है। आधुनिक हथियारों और तकनीकों से लैस होकर CISF हर प्रकार की चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है।

गृह मंत्री ने कहा कि भारत के औद्योगिक विकास की कल्पना CISF के बिना संभव नहीं है, क्योंकि यह बल हमेशा देश की सुरक्षा के लिए ढाल बनकर खड़ा रहा है। उन्होंने बताया कि गृह मंत्रालय ने हाल ही में देश के सभी बंदरगाहों की सुरक्षा भी CISF को सौंपने का निर्णय लिया है।

अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दो महत्वपूर्ण संकल्पों का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाना और 2027 तक भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाना लक्ष्य है, जिसमें CISF एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

उन्होंने कहा कि CISF के जवानों के बलिदान ने देश की आर्थिक मजबूती में बड़ा योगदान दिया है। पिछले 56 वर्षों में बल को 13,693 से अधिक वीरता और विशिष्ट सेवा पदक प्राप्त हुए हैं, जो इसकी दक्षता और समर्पण का प्रमाण हैं।

गृह मंत्री ने बताया कि आज CISF देश के 70 हवाई अड्डों और 361 महत्वपूर्ण संस्थानों की सुरक्षा कर रहा है। इसके अलावा ड्रोन सुरक्षा के लिए भी CISF को नोडल एजेंसी बनाया गया है। हाल के समय में कार्तव्य भवन, सेवा तीर्थ, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, नवी मुंबई एयरपोर्ट, लेंगपुई एयरपोर्ट, जवाहरपुर थर्मल पावर प्रोजेक्ट और भाखड़ा डैम जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स की सुरक्षा भी CISF को सौंपी गई है।

अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार का संकल्प है कि 31 मार्च 2026 तक देश को नक्सलवाद से मुक्त बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि ओडिशा, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में नक्सल विरोधी अभियानों में CISF ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जल्द ही देश पूरी तरह नक्सलवाद से मुक्त होगा और सुरक्षा बल देश की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। 

यह समारोह CISF की गौरवशाली परंपरा, आधुनिक क्षमता और राष्ट्र की सुरक्षा के प्रति उसके अटूट समर्पण का प्रतीक रहा। 


पारादीप पोर्ट प्राधिकरण ने 21वीं पारादीप मैराथन 2026 के साथ 65वां स्थापना दिवस मनाया

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पारादीप पोर्ट प्राधिकरण, ओडिशा ने शनिवार को 21वीं पारादीप मैराथन 2026 के सफल आयोजन के साथ अपना 65वां पोर्ट स्थापना दिवस उत्साहपूर्वक मनाया। इस आयोजन का संचालन पारादीप पोर्ट प्राधिकरण के गोपालबंधु क्रीड़ा संसद द्वारा किया गया। मैराथन को हनुमान मंदिर चौक से मुख्य अतिथि पी. एल. हरनाध, अध्यक्ष, पारादीप पोर्ट प्राधिकरण ने, विशिष्ट अतिथि टी. वेणु गोपाल, उपाध्यक्ष, पारादीप पोर्ट प्राधिकरण की उपस्थिति में हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

14 किलोमीटर लंबी यह दौड़ गोपालबंधु स्टेडियम में संपन्न हुई, जहाँ पोर्ट टाउनशिप के निवासियों और विभिन्न संगठनों ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। इस मैराथन में कुल 336 धावकों ने भाग लिया, जिनमें 280 पुरुष एवं 56 महिलाएँ शामिल थीं।

गोपालबंधु स्टेडियम में आयोजित समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हरनाध ने स्मरण कराया कि 3 जनवरी 1962 को जिसकी आधारशिला रखी गई थी, वह पारादीप पोर्ट प्राधिकरण आज एक छोटे जेटी से विकसित होकर भारत के अग्रणी प्रमुख बंदरगाहों में शामिल हो चुका है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में यह बंदरगाह रेटेड क्षमता के लिहाज से देश का सबसे बड़ा प्रमुख बंदरगाह, भारतीय प्रमुख बंदरगाहों में सर्वोत्तम बर्थ उत्पादकता वाला तथा सबसे अधिक लागत-कुशल प्रमुख बंदरगाह है। उन्होंने कहा कि सतत आधुनिकीकरण, हरित विकास पर विशेष बल और कर्मचारियों के कल्याण के साथ यह बंदरगाह 2030 तक 400 एमएमटी क्षमता की दिशा में निरंतर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि पारादीप मैराथन भी इसी विकास, अनुशासन और सामूहिक सहभागिता की भावना को दर्शाती है।

इस अवसर पर ओडिशा के उभरते धावक प्रतिक महाराणा को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। हाल ही में उन्होंने चौथी दक्षिण एशियाई वरिष्ठ एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 में पुरुषों की 200 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीता तथा भारतीय पुरुष 4×100 मीटर रिले टीम के सदस्य के रूप में रजत पदक हासिल किया था। उन्हें यह सम्मान पी. एल. हरनाध, अध्यक्ष, पारादीप पोर्ट प्राधिकरण द्वारा प्रदान किया गया।

पुरुष वर्ग में ओडिशा पुलिस के अशोक दंडसेना ने 43 मिनट 52.2 सेकंड के समय के साथ पारादीप मैराथन 2026 में प्रथम स्थान प्राप्त किया। रांची के गुलसन डुंगडुंग ने 44 मिनट 11.9 सेकंड के साथ द्वितीय स्थान प्राप्त किया, जबकि झारखंड के राकेश महंता ने 44 मिनट 18.3 सेकंड के समय के साथ तृतीय स्थान हासिल किया।

महिला वर्ग में झारखंड की अनीता दास ने 51 मिनट 08.4 सेकंड में दौड़ पूरी कर प्रथम स्थान प्राप्त किया। मयूरभंज की संध्या मुर्मू ने 54 मिनट 24.2 सेकंड के साथ द्वितीय स्थान, जबकि ओडिशा पुलिस की बसंती मांडिया ने 54 मिनट 51.6 सेकंड के समय के साथ तृतीय स्थान प्राप्त किया।

गोपालबंधु स्टेडियम में आयोजित समापन समारोह में टी. वेणु गोपाल, उपाध्यक्ष, पारादीप पोर्ट प्राधिकरण सहित प्राधिकरण के विभिन्न विभागाध्यक्ष भी उपस्थित रहे।

मैराथन का सफल संचालन पारादीप पोर्ट स्पोर्ट्स काउंसिल के अधिकारियों एवं तकनीकी सदस्यों द्वारा एच. एस. राउत, अध्यक्ष; डॉ. डी. पी. सेठी, कार्यकारी अध्यक्ष, गोपालबंधु क्रीड़ा संसद; धुना चंद्र तराई, सचिव, जीकेएस के नेतृत्व में तथा ओडिशा ओलंपिक संघ के अधिकारियों के सहयोग से किया गया।


मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जाति छात्रावास के प्रतिनिधि मंडल ने की सौजन्य भेंट

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रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से विगत दिवस राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में शासकीय आदर्श पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जाति बालक छात्रावास, पेंशनबाड़ा रायपुर के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर कौशल विकास मंत्री खुशवंत साहेब उपस्थित थे।

प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री साय को संत शिरोमणि बाबा गुरु घासीदास जी की 269वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित गुरु पर्व कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होने का आमंत्रण दिया।

प्रतिनिधियों ने बताया कि इस अवसर पर राजधानी रायपुर के विभिन्न छात्रावासों—कालाबाड़ी कन्या छात्रावास, शंकर नगर कन्या छात्रावास, आमापारा छात्रावास, डी.डी.यू. छात्रावास, कबीर छात्रावास, प्रयास छात्रावास, देवपुरी छात्रावास सहित अनेक छात्रावासों के छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में सहभागिता करेंगे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आमंत्रण को सहर्ष स्वीकार करते हुए कार्यक्रम की सराहना की। उन्होंने कहा कि गुरु घासीदास जी के विचार सामाजिक सद्भाव, समरसता और मानव-सेवा की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने इस प्रकार के आयोजनों को छात्र-छात्राओं के सर्वांगीण विकास एवं मूल्य शिक्षा के लिए अत्यंत प्रेरणादायी बताया।

प्रतिनिधिमंडल में छात्रावास के पदाधिकारी, शिक्षकगण एवं अन्य सदस्य उपस्थित थे।

राउरकेला में 4th राष्ट्रीय EMRS स्पोर्ट्स मीट 2025 का भव्य समापन, तेलंगाना ने जीता ओवरऑल चैम्पियनशिप

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राउरकेला- बिरसा मुंडा एथलेटिक्स स्टेडियम में आज 4th राष्ट्रीय EMRS खेल प्रतियोगिता 2025 का भव्य समापन हुआ। यह आयोजन पूरे देश में मनाए जा रहे भगवान बिरसा मुंडा जनजातीय गौरव दिवस के साथ खास तौर पर मेल खाता रहा। कार्यक्रम में भगवान बिरसा मुंडा के अदम्य साहस और बलिदान को नमन करते हुए भारत के जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम की गौरवशाली विरासत का उत्सव मनाया गया।

यह खेल महोत्सव ओडिशा मॉडल ट्राइबल एजुकेशन सोसाइटी (OMTES) द्वारा, ST & SC विकास, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, ओडिशा सरकार के अंतर्गत आयोजित किया गया। आयोजन का संचालन नेशनल एजुकेशन सोसाइटी फॉर ट्राइबल स्टूडेंट्स (NESTS), जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा किया गया।

कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख अतिथि

  • मोहन् चरण माझी, माननीय मुख्यमंत्री, ओडिशा (मुख्य अतिथि)

  • जुअल ओराम, माननीय केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री (विशिष्ट अतिथि)

  • अजीत कुमार श्रीवास्तव, IRAS, आयुक्त, NESTS

  •  बी. परमेश्वरन, IAS, सचिव, ST & SC विकास विभाग, ओडिशा

  • डॉ. शुभंकर मोहापात्र, IAS, कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट, सुंदरगढ़

  • दूती चंद, अंतरराष्ट्रीय धाविका

  • सुंदरगढ़ क्षेत्र के माननीय विधायक एवं अन्य जनप्रतिनिधि

आयुक्त श्रीवास्तव ने सभी अतिथियों का स्वागत कर खेल प्रतियोगिता की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की और EMRS छात्रों के उत्कृष्ट प्रदर्शन व जनजातीय समुदायों में बढ़ती खेल संस्कृति की सराहना की।

परिणाम सारांश

ओवरऑल स्पोर्ट्स चैम्पियन

    • रैंक
    • राज्य
    •  स्वर्ण 
    • रजत
    •  कांस्य
    •  कुल
    •  अंक
    • 1
    • तेलंगाना        
    •  88
    •  66
    •    76
    • 230
    •  714
    • 2
    • छत्तीसगढ़
    •  55
    •  43
    •    64
    • 162
    •  468
    • 3
    • मध्य प्रदेश
    •  40
    •  49
    •    62
    • 151
    •  409

शीर्ष 3 – व्यक्तिगत स्पर्धाएँ

  • रैंक
  • राज्य
  • स्वर्ण
  • रजत
  • कांस्य
  • कुल
  • अंक
  • 1
  • तेलंगाना
  • 82
  • 65
  • 74
  • 221
  • 679
  • 2
  • छत्तीसगढ़
  • 54
  • 43
  • 62
  • 159
  • 461
  • 3
  • मध्य प्रदेश
  • 40
  • 47
  • 61
  • 148
  • 402

शीर्ष 3 – टीम इवेंट्स

  • रैंक
  • राज्य
  • स्वर्ण
  • रजत
  • कांस्य
  • कुल
  • अंक
  • 1
  • तेलंगाना
  • 6
  • 1
  • 2
  • 9
  • 35
  • 2
  • ओडिशा
  • 2
  • 5
  • 1
  • 8
  • 26
  • 3
  • आंध्र प्रदेश
  • 1
  • 2
  • 2
  • 5
  • 13

तेलंगाना ने 230 पदकों और 714 अंकों के साथ ओवरऑल चैम्पियनशिप जीती।

पीएम मोदी के खेल एवं जनजातीय सशक्तिकरण के विज़न की दिशा में बड़ा कदम

यह EMRS खेल महोत्सव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विज़न को आगे बढ़ाता है:

  • खेलो इंडिया – "खेलो, बढ़ो, प्रगति करो"

  • ग्रामीण एवं जनजातीय क्षेत्रों में खेल प्रतिभा की खोज

  • EMRS छात्रों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुँचाना

  • फिटनेस, नेतृत्व, टीमवर्क सुदृढ़ करना

  • विकसित भारत के निर्माण में खेलों की भूमिका को मजबूत करना

NESTS और EMRS संस्थान जनजातीय खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय उत्कृष्टता तक ले जाने के मार्ग तैयार कर रहे हैं।

सांस्कृतिक एवं औपचारिक कार्यक्रम की झलकियाँ

समापन समारोह में शामिल थे:

  • छात्रों द्वारा अतिथियों का पारंपरिक स्वागत

  • दीप प्रज्वलन, वंदे मातरम और वेव मार्च

  • ओडिशी एवं धीमसा जैसे सांस्कृतिक नृत्य

  • पदक एवं ट्रॉफी वितरण

  • अद्भुत आतिशबाज़ी

  • मुख्य अतिथि एवं दूती चंद द्वारा मशाल का विसर्जन और EMRS ध्वज अवतरण

कार्यक्रम का समापन कलेक्टर डॉ. शुभंकर मोहापात्र द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।


भुवनेश्वर में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ‘मंडिया दिवस’ समारोह का उद्घाटन किया, ओडिशा के मिलेट अभियान की सराहना की

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भुवनेश्वर-केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज भुवनेश्वर स्थित लोक सेवा भवन के कन्वेंशन सेंटर में आयोजित “मंडिया दिवस” (Millet Day) समारोह का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने भारत के बाजरा आंदोलन को जन आंदोलन में परिवर्तित करने में ओडिशा के अनुकरणीय योगदान की सराहना की।

अपने उद्घाटन संबोधन में मंत्री चौहान ने कहा,

“मंडिया दिवस केवल उत्सव का दिन नहीं है, यह ‘श्री अन्न’ को बढ़ावा देने का एक सार्थक अभियान है। कई लोगों ने इसके बारे में बात की, लेकिन ओडिशा ने वास्तव में इस दृष्टि को धरातल पर उतारा है। मैं इस उल्लेखनीय प्रयास के लिए ओडिशा सरकार को हार्दिक बधाई देता हूँ।”

उन्होंने कहा कि श्री अन्न केवल एक अनाज नहीं, बल्कि पोषण, जल संरक्षण, पर्यावरणीय देखभाल और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्थिरता का प्रतीक है।

“मिलेट्स शरीर और पृथ्वी दोनों को पोषण देते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में आज मिलेट्स को वैश्विक मान्यता प्राप्त हुई है,” उन्होंने कहा।

 मंत्री चौहान ने कहा कि मिलेट्स के पोषण और पारिस्थितिकीय महत्व के बारे में जनजागरूकता फैलाना आवश्यक है।

“केवल भाषणों से यह संभव नहीं। हमें सीधे किसानों और नागरिकों से संवाद करना होगा, श्री अन्न के प्रति जागरूकता फैलानी होगी और मिलेट आधारित आजीविकाओं को सशक्त बनाना होगा,” उन्होंने जोड़ा।

उन्होंने वैज्ञानिकों से अनुसंधान और प्रसंस्करण तकनीकों पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया और कहा कि मिलेट की खेती अन्य फसलों की तुलना में अधिक किफायती है।

“प्रोसेसिंग (प्रसंस्करण) मिलेट मूल्य श्रृंखला की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। मैं ओडिशा को बधाई देता हूँ जिसने श्री अन्न को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद कर न केवल दिशा दिखाई है बल्कि देश के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है,” उन्होंने कहा।

उन्होंने सुझाव दिया कि पोषण योजनाओं में मिलेट्स को शामिल किया जाना चाहिए, जैसे बच्चों के लिए मिड-डे मील में, और सरकारी विभागों में मिलेट आउटलेट खोले जाने चाहिए ताकि अन्य राज्य भी ओडिशा के मॉडल को अपना सकें। उन्होंने ओडिशा की महिला किसानों की सराहना करते हुए कहा,

“कृषि महिलाओं के बिना आगे नहीं बढ़ सकती। ओडिशा की महिलाएँ आगे बढ़ रही हैं और खेती में नेतृत्व कर रही हैं।”

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में देश में कई कृषि योजनाओं का सफल कार्यान्वयन हुआ है जिससे लाखों किसानों को लाभ मिला है। उन्होंने कहा,

“कृषि ओडिशा की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। हमारे किसान भाइयों और बहनों ने राज्य सरकार के मार्गदर्शन में उल्लेखनीय प्रगति की है। मिलेट्स पोषक तत्वों से भरपूर, स्वादिष्ट और स्वास्थ्यवर्धक हैं, और मिलेट मिशन के माध्यम से ओडिशा के छोटे और महिला किसान तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।”

इस अवसर पर ओडिशा के उपमुख्यमंत्री कनक वर्धन सिंह देव, अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान (IRRI) की महानिदेशक डॉ. इवॉन पिंटो, विश्व स्वास्थ्य संगठन की पूर्व मुख्य वैज्ञानिक और एम. एस. स्वामीनाथन रिसोर्स फाउंडेशन की अध्यक्ष डॉ. सौम्या स्वामीनाथन, विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) भारत की कंट्री डायरेक्टर  एलिसाबेथ फॉरे, ओडिशा सरकार के कृषि एवं किसान सशक्तिकरण विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. अरविंद कुमार पाढ़ी, तथा कृषि निदेशक शुभम सक्सेना सहित कई वरिष्ठ अधिकारी, वैज्ञानिक और शोधकर्ता उपस्थित थे।

बंगाल की खाड़ी में संभावित चक्रवात की तैयारियों की समीक्षा के लिए कैबिनेट सचिव डॉ. टी. वी. सोमनाथन की अध्यक्षता में राष्ट्रीय संकट प्रबंधन समिति (NCMC) की बैठक आयोजित

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भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने समिति को जानकारी दी कि दक्षिणपूर्व बंगाल की खाड़ी पर बना अवदाब पिछले छह घंटों में लगभग 7 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम की ओर बढ़ा है और 25 अक्तूबर 2025 को प्रातः 11:30 बजे यह चेन्नई (तमिलनाडु) से लगभग 950 किमी पूर्व-दक्षिणपूर्व, विशाखापट्टनम (आंध्र प्रदेश) से 960 किमी दक्षिणपूर्व, काकीनाडा (आंध्र प्रदेश) से 970 किमी दक्षिणपूर्व और गोपालपुर (ओडिशा) से 1030 किमी दक्षिण-दक्षिणपूर्व में केंद्रित था।

यह प्रणाली लगभग पश्चिम-उत्तरपश्चिम दिशा में बढ़ते हुए 26 अक्तूबर तक एक गहरे अवदाब में और 27 अक्तूबर की सुबह तक दक्षिणपश्चिम व उससे सटे पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में एक चक्रवाती तूफान में बदलने की संभावना है। इसके बाद यह उत्तरपश्चिम और फिर उत्तर-उत्तरपश्चिम दिशा में बढ़ते हुए 28 अक्तूबर की सुबह तक एक भीषण चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है। इसके 28 अक्तूबर की शाम या रात को आंध्र प्रदेश तट (मछलीपट्टनम और कालिंगपट्टनम के बीच, काकीनाडा के आसपास) से 90–100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार (110 किमी प्रति घंटे की तेज़ झोंकों सहित) से टकराने की संभावना है।

तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, पुडुचेरी के मुख्य सचिवों और ओडिशा के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने समिति को बताया कि संभावित प्रभावित क्षेत्रों में जनसुरक्षा हेतु सभी तैयारियाँ की जा चुकी हैं। आवश्यक राहत शिविर, निकासी की व्यवस्था और NDRF व SDRF की टीमें तत्पर रखी गई हैं। जिला नियंत्रण कक्ष सक्रिय हैं और लगातार निगरानी कर रहे हैं।

मछुआरों को 26 अक्तूबर से 29 अक्तूबर तक दक्षिणपश्चिम व मध्य बंगाल की खाड़ी, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, यानम (पुडुचेरी) और ओडिशा तट के समीप समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। जो मछुआरे समुद्र में हैं, उन्हें तुरंत तट पर लौटने के लिए कहा गया है।

बैठक में भाग लेने वाले केंद्रीय मंत्रालयों / विभागों ने बताया कि सभी मानक संचालन प्रक्रियाएँ (SOPs) लागू हैं, आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जा चुके हैं और चक्रवात के प्रभाव को न्यूनतम करने के लिए सभी एहतियाती कदम उठाए गए हैं।

राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीमें तैयार हैं और 26 अक्तूबर से तैनात की जाएंगी। अतिरिक्त टीमें भी स्टैंडबाय पर रखी गई हैं। सेना, नौसेना, वायु सेना और भारतीय तटरक्षक बल की बचाव और राहत टीमें अपने जहाजों और विमानों सहित तैयार हैं। भारतीय तटरक्षक बल ने अब तक 900 से अधिक नौकाओं को सुरक्षित तट तक पहुँचाया है और शेष को भी सतर्क कर दिया गया है। गृह सचिव ने बताया कि गृह मंत्रालय, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) और मौसम विभाग लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे हैं और सभी मंत्रालयों, विभागों, राज्य सरकारों और एजेंसियों के साथ समन्वय बनाए हुए हैं।

कैबिनेट सचिव ने तैयारियों की समीक्षा करते हुए जोर दिया कि लक्ष्य शून्य जनहानि का होना चाहिए और संपत्ति तथा अवसंरचना को न्यूनतम नुकसान पहुँचे। किसी प्रकार की क्षति होने पर आवश्यक सेवाओं को जल्द से जल्द बहाल किया जाए।

बैठक में तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और पुडुचेरी के मुख्य सचिव, ओडिशा के अतिरिक्त मुख्य सचिव, गृह सचिव, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय, मत्स्य, विद्युत, दूरसंचार, बंदरगाह, नौवहन और जलमार्ग विभागों के सचिव, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सचिव, सदस्य और प्रमुख, चीफ ऑफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल के महानिदेशक, भारतीय तटरक्षक बल के अतिरिक्त महानिदेशक, भारतीय मौसम विभाग और गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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