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वन अधिकार मान्यता पत्र वितरण के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश

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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 7 जुलाई को अपने निवास कार्यालय में आदिम जाति कल्याण विभाग के काम-काज की गहन समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने विभागीय अधिकारियों को बस्तर अंचल के जिलों में व्यक्तिगत और सामुदायिक वन अधिकार मान्यता पत्र के वितरण के लिए विशेष अभियान संचालित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर अंचल के दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर और नारायणपुर जिले में पात्र लोगों को वन अधिकार मान्यता पत्र दिए जाने के लिए जिला प्रशासन के सहयोग से विशेष कैंप का भी आयोजन किया जाए।





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उन्होंने कहा कि वनांचल के लोगों को सामाजिक और आर्थिक रूप से स्थायित्व देने के लिए जमीन के उपभोग का अधिकार दिया जाना जरूरी है। मुख्यमंत्री ने वन भूमि का पट्टा वितरण शुरूआत जिला मुख्यालय से लगे हुए गांवों से करने को कहा ताकि उन्हें खेती-किसानी के लिए आवश्यक मदद तथा शासन की अन्य योजनाओं से भी लाभांवित किया जा सके। बैठक में आदिम जाति और अनु-सूचित जाति विकास एवं स्कूल शिक्षा मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम, महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिला भेड़िया, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, सचिव आदिम जाति और अनु-सूचित जाति विकास डी.डी. सिंह, आयुक्त शम्मी आबिदी और अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।





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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि देवगुड़ी आदिवासियों की आस्था के केंद्र है। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा देवगुड़ियों को संरक्षित करने के साथ ही देवगुड़ी स्थल को बेहतर ढंग से विकसित किया जाना है। उन्होंने कहा कि इसके लिए राशि की कमी नहीं होगी। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को देवगुड़ी स्थल में आने वाले लोगों के लिए बैठक, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाएं विकसित करने के निर्देश दिए। देवगुड़ी स्थल की भूमि को संरक्षित करने के लिए स्थानीय संसाधनों से घेरा करवाने के साथ ही वहां पर फल और फूल के पौधों का रोपण कराए जाने के निर्देश दिए।





गाइडेंस सिस्टम विकसित करने के निर्देश





मुख्यमंत्री ने कहा कि देवगुड़ी स्थल में विकास के कार्य कराते समय इस बात का ध्यान रखें की वहां जनजाति समुदाय के लोग समय-समय पर धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन सहजता से कर सकें। मुख्यमंत्री ने आदिम जाति और अनु-सूचित जाति विकास द्वारा संचालित प्रयास अवासीय विद्यालयों सहित अन्य विशेष शैक्षणिक संस्थाओं में अध्ययन- अध्यापन की स्थिति की भी समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने प्रयास आवासीय विद्यालय से उत्तीर्ण होने वाले ऐसे बच्चे, जिनका सलेक्शन उच्च तकनीकी शैक्षणिक संस्थाओं के लिए नहीं हो पाता है, उन्हें आगे की शिक्षा और रोजगार के लिए कैरियर गाइडेंस का सिस्टम विकसित करने के निर्देश दिए।





शैक्षणिक उपलब्धियों की जानकारी





मुख्यमंत्री में बस्तर, सरगुजा, मध्यक्षेत्र और अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण की बैठक आयोजित कर अनुशंसित विकास कार्यों को क्रियान्वित करने के निर्देश दिए। बैठक में आदिम जाति एवं अनु-सूचित जाति विकास के सचिव डी.डी. सिंह ने पॉवर प्वाइंट प्रेजेन्टेशन के माध्यम से मुख्यमंत्री बाल भविष्य सुरक्षा योजना, एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बीते तीन सालों में 47 बच्चों ने IIT, 109 बच्चों ने NIT, 244 बच्चों ने इंजीनियरिंग और 12 बच्चे मेडिकल कॉलेज में प्रवेश प्राप्त करने में सफल रहे हैं।






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राज्य में वर्तमान में कुल 71 एकलव्य विद्यालय संचालित है। चार और नए एकलव्य विद्यालय शुरू किए जाने हैं। 29 एकलव्य विद्यालयों को CBSE कोर्स से संबद्ध किया गया है, बाकी की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने तकनीकी शैक्षणिक संस्थाओं में बच्चों को प्रवेश दिलाने के लिए रायपुर में आवासीय प्रशिक्षण संस्था की स्थापना सहित विभागीय लक्ष्यों को पूर्ण करने के लिए तैयार की गई विशेष कार्य योजना की भी जानकारी दी। बैठक में आयुक्त शम्मी आबिदी ने बताया कि वन अधिकारी अधिनियम संबंधित ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित किया जा रहा है। पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में इसकी शुरुआत कोरबा और धमतरी जिले में की गई है।


शांति और विकास के लिए आदिवासियों को सक्षम बनाना जरूरी : CM बघेल

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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सर्व आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों से अपील की कि वे शासकीय योजनाओं के लाभ से वंचित आदिवासियों को उनके कब्जे वाली जमीन के पट्टे दिलवाने में सरकार का साथ दें, ताकि आदिवासी शासन की योजनाओं का लाभ उठा सकें और सक्षम बनें। CM बघेल ने कहा कि उनकी सरकार की मंशा आदिवासियों को सक्षम बनाने की है और जब उन्हें जमीन का पट्टा मिलेगा, जिस पर वे काबिज हैं, तो सभी शासकीय योजनाओं का लाभ उठा सकेंगे और अधिकार संपन्न भी बनेंगे। उन्होंने कहा कि बस्तर में शांति और विकास की दिशा में यह सबसे जरूरी कदम है।





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मुख्यमंत्री बघेल शनिवार शाम अपने निवास कार्यालय में सर्व आदिवासी समाज के एक बड़े प्रतिनिधि मंडल से चर्चा कर रहे थे। इस प्रतिनिधि मंडल में समाज के सोहन पोटाई, प्रकाश ठाकुर सहित पप्पू नाग, शारदा कश्यप, राजकुमार ओयामी, आनंद मरकाम, संदीप सलाम और अन्य सदस्य मौजूद थे । बैठक में उद्योग मंत्री कवासी लखमा, संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत, सांसद फूलोदेवी नेताम, संसदीय सचिव शिशुपाल सोरी और विधायक लखेश्वर बघेल मौजूद थे।





नक्सल समस्या के समाधान को लेकर चर्चा





प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से बस्तर में विकास और शांति को लेकर अपनी मांगों के साथ विभिन्न बिन्दुओं पर चर्चा की । सर्व आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों को चिंता थी की बस्तर में बेकसूर नागरिक न मारे जाए और बस्तर का विकास भी प्रभावित न हो । प्रतिनिधिमंडल के सदस्य नक्सल समस्या के समाधान को लेकर भी चर्चा की । मुख्यमंत्री बघेल ने सर्वआदिवासी समाज के प्रतिनिधियों से कहा कि उनकी सरकार शांति और विकास के लिए कटिबद्ध है ।





आदिवासी समाज हमारा परिवार है: CM बघेल





CM बघेल ने यह भी कहा कि वे हर उस व्यक्ति से चर्चा करने के लिए तैयार है जो भारत के संविधान में आस्था रखते हैं। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा की आदिवासी समाज तो हमारा अपना परिवार है उससे तो मैं हर समय बात करने के लिए तत्पर हूं। मुख्यमंत्री ने आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों से कहा कि बस्तर हो या सरगुजा अनुसूचित जनजाति बाहुल्य इलाकों में विकास के लिए धन की कोई कमी नहीं है । उन्होंने प्रतिनिधिमंडल से कहा कि इन इलाकों में, जिस गांव में विकास के जो काम वे चाहते है वो मंजूर किए जाएंगे ।





अधिकारियों को उचित कार्रवाई करने के निर्देश





CM यह भी कहा की इन इलाकों में 12वीं पास युवाओं को 50-50 लाख रुपए तक के ठेके दिए जाने का प्रावधान है। इसके लिए समाज के युवाओं को आगे आना चाहिए। प्रतिनिधिमंडल ने बस्तर इलाके में नक्सलियों द्वारा ध्वस्त किए गए स्कूल, आश्रमों के पुनर्निर्माण की मांग की, जिस पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने तत्काल अधिकारियों को उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। प्रतिनिधिमंडल की मांग पर मुख्यमंत्री ने जनजातीय सलाहकार परिषद की बैठक को अविलंब बुलाने के निर्देश दिए हैं।


PM मोदी UN में आज उच्च स्तरीय कार्यक्रम को करेंगे संबोधित, CM बघेल दो जिलों को देंगे 592 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात

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PM नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) आज संयुक्त राष्ट्र में मरुस्थलीकरण, भूमि अवक्रमण और सूखे पर उच्च स्तरीय वर्चुअल कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। तो वहीं CM भूपेश बघेल आज रायगढ़ और जशपुर जिले के 592 करोड़ रूपए के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन करेंगे।





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उच्च स्तरीय वर्चुअल कार्यक्रम का आयोजन संयुक्त राष्ट्र महासभा अध्यक्ष कर रहे हैं। महासभा अध्यक्ष के कार्यालय द्वारा जारी एक मीडिया परामर्श के मुताबिक 'कांफ्रेंस ऑफ द पार्टीज टू द यूनाइटेड नेशन्स कन्वेन्शन टू कॉम्बैट डेजर्टिफिकेशन' (UNCCD COP) के 14वें सत्र के अध्यक्ष मोदी महासभा के 75वें सत्र के अध्यक्ष वोल्कन बोज्किर द्वारा आयोजित इस उच्च स्तरीय कार्यक्रम को 14 जून को यानी आज संबोधित करेंगे।





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परामर्श में कहा गया है, 'भूमि हमारे समाज की नींव है और वैश्विक खाद्य सुरक्षा और पर्यावरणीय स्वास्थ्य, भुखमरी खत्म करने, गरीबी उन्मूलन और किफायती ऊर्जा की आधारशिला है। यह सतत विकास के लिए 2030 के संपूर्ण एजेंडे की सफलता को रेखांकित करता है।' मोदी ने सितंबर 2019 में नई दिल्ली में UNCCD COP के उच्च स्तरीय 14वें सत्र का शुभारंभ किया था। इस कांफ्रेंस ने दिल्ली घोषणा को मंजूर किया था, जिसमें विभिन्न पक्षों को मरुस्थलीकरण, भूमि अवक्रमण और सूखे से निपटने के उद्देश्य वाली परियोजनाओं के संदर्भ में ग्रामीण और शहरी समुदायों की ऊर्जा तक पहुंच बढ़ाने के लिए प्रेरित किया गया।





कृषि भूमि का आधे से ज्यादा हिस्सा शामिल





जलवायु संबंधी कारकों या मानवीय हस्तक्षेप के कारण भूमि और मृदा की उत्पादक क्षमता में कमी आना भूमि अवक्रमण कहलाता है। मरुस्थलीकरण जमीन का सूखना और बंजर होना है, जो शुष्क और अर्द्ध-नम क्षेत्रों में विभिन्न कारकों की वजह से होता है, जिनमें विविध जलवायु और मानवीय गतिविधियां भी शामिल हैं। संयुक्त राष्ट्र ने कहा कि वैश्विक रूप से पृथ्वी के भूमि क्षेत्र का 2 अरब हेक्टेयर से ज्यादा के क्षेत्र का अवक्रमण हो गया है, जिसमें कृषि भूमि का आधे से ज्यादा हिस्सा शामिल है। अगर हमने मृदा का प्रबंधन नहीं किया तो 2050 तक 90% से ज्यादा भूमि का अवक्रमण हो सकता है।





CM बघेल देंगे करोड़ों की सौगात





वहीं मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज अपने निवास कार्यालय में दोपहर 12 बजे आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम में रायगढ़ और जशपुर जिले में करीब 592 करोड़ रूपए की लागत के विभिन्न निर्माण कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन करेंगे। इसमें रायगढ़ जिले के 308 करोड़ 31 लाख रूपए और जशपुर जिले के 283 करोड़ 70 लाख रूपए के निर्माण और विकास के कार्य शामिल हैं।





CM करेंगे 377 कार्यों का लोकार्पण





मुख्यमंत्री जशपुर जिले में निर्माण और विकास के 377 कार्यों का लोकार्पण करेंगे। जिसकी लागत राशि 81.95 करोड़ है। इनमें सिंथेटिक हॉकी टर्फ स्टेडियम का निर्माण लागत राशि 544.00 लाख, जशपुर विकास खंड में शासकीय अधिकारियों कर्मचारियों आवासीय भवनों निर्माण लागत राशि 976.00 लाख और सुगाजोरी से सहसपुर पहुंच मार्ग कार्य लागत राशि 536.18 लाख के कार्य शामिल है।





शासकीय अधिकारियों कर्मचारियों आवासीय भवनों निर्माण





कुनकुरी विकास खंड में शासकीय अधिकारियों कर्मचारियों आवासीय भवनों निर्माण लागत राशि 488.00 लाख, अंकिरा पहुंच मार्ग निर्माण कार्य लागत राशि 215.14 लाख, 100 सीटर प्री.मै.आदिवासी कन्या छात्रावास बटईकेला 187.96 लाख और पत्थलगांव विकास खंड में शासकीय अधिकारियों कर्मचारियों आवासीय भवनों निर्माण लागत राशि 976.00 लाख के कार्य शामिल है।





208 कार्यों का भूमि पूजन





मुख्यमंत्री बघेल जशपुर जिले के विभिन्न निर्माण और विकास के 208 कार्यों का भूमि पूजन करेंगे, जिसकी लागत राशि 201.75 करोड़ हैं। इनमें लोक निर्माण विभाग के तहत बतौली-बगीचा-चराईडाड़ मार्ग लंबाई 41.80 किलोमीटर का निर्माण कार्य लागत राशि 4955.59 लाख, 06 पोस्ट मैट्रिक छात्रावासों जिला जशपुर में निर्माण कार्य लागत 994.90 लाख, शासकीय महाविद्यालय कांसाबेल का भवन निर्माण कार्य लागत राशि 465.84 लाख और प्री.मैट्रिक अनुसूचित जनजाति कन्या छात्रावास भवन निर्माण कार्य स्थान पत्थलगांव लागत राशि 305.94 लाख के कार्य शामिल है।





नवीनीकरण और साधारण कार्य





प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजनांतर्गत नवीनीकरण और साधारण कार्य लागत राशि 9935.24 लाख, जिला चिकित्सालय जशपुर में 2 एफ टाइप स्टॉफ कवाटर निर्माण कार्य लागत राशि 230.00 लाख, मुख्यमंत्री सुगम सड़क योजना कार्य लागत राशि 301.71 लाख, चाइल्ड केयर यूनिट सह ICU कक्ष की स्थापना कार्य लागत राशि 345.28 लाख, जैव विविधता पार्क स्थापना लागत राशि 200 लाख, बायोमेडिकल वेस्ट यूनिट की स्थापना लागत राशि 62 लाख, तहसील कार्यालय सन्ना निर्माण कार्य लागत राशि 71 लाख के कार्य शामिल है।





91.17 करोड़ रूपए के कार्यों का लोकार्पण





मुख्यमंत्री बघेल रायगढ़ जिले में 91.17 करोड़ रूपए के कार्यों का लोकार्पण करेंगे। इसमें सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग अंतर्गत कुर्रा में 50 सीटर अनुसूचित जनजाति आश्रम भवन निर्माण लागत 1.63 करोड़ रुपये, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, ईकाई-2, धरमजयगढ़ अंतर्गत पाकरगांव से तोलमा सड़क निर्माण 8.46 करोड़ रुपये, बैसकीमुड़ा व्हाया होर्रोकृड़ा से लिबरा सड़क निर्माण 4.39 करोड़ रुपये, मड़वाताल से कुमा आरडी 10200 पुलिया लागत 2.12 करोड़ रुपये, कार्यपालन अभियंता और लोक निर्माण विभाग सेतु संभाग रायगढ़ अंतर्गत पांझर देवरी मार्ग पर मांड नदी पर पुल निर्माण लागत 10.42 करोड़ रुपये हैं।





जीएडी शासकीय आवास का निर्माण





रायगढ़ के नूनदरहा पांझरनाला में पुल निर्माण लागत 4.32 करोड़ रुपये, रायगढ़ के तुरेकेला से सरवानी मार्ग सपनई नदी में पुल निर्माण लागत 4.61 करोड़ रुपये, रायगढ़ से महाराज गंज से भुण्डीबहरी मार्ग के पाथोर नाला पर पुल निर्माण लागत 7.45 करोड़ रुपये एवं आमापाली से तोहलीकुंडा मार्ग पर केलो नदी पर पुल निर्माण लागत 6.40 करोड़ रुपये, कार्यपालन अभियंता छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल संभाग रायगढ़ अंतर्गत खरसिया में जीएडी शासकीय आवास का निर्माण कार्य लागत 5.48 करोड़ रुपये और धरमजयगढ़ में जीएडी शासकीय आवास का निर्माण कार्य लागत 5.48 करोड़ रुपये हैं।





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कार्यपालन अभियंता, लोक निर्माण विभाग रायगढ़ अंतर्गत रायगढ़ के गांडापाली साजापाली ग्रामीण मार्ग लंबाई 3 कि.मी. सड़क कार्य लागत 4.91 करोड़ रुपये, खरसिया बाईपास क्रमांक एक का उन्नयन कार्य लंबाई 4.20 कि.मी. लागत 12.63 करोड़ रुपये, रायगढ़ के मुनंद बस्ती से धरमजयगढ़ खरसिया मुख्य मार्ग तक डामरीकरण सड़क निर्माण लंबाई 3 कि.मी.सड़क कार्य लागत 4.15 करोड़ रुपये, रायगढ़ के कुमरता से मैनपाट मार्ग का उन्नयन कार्य लं.3.60 कि.मी. लागत 1.02 करोड़ रुपये, रायगढ़ के सकरबोगा से ओडिशा सीमा मार्ग लं.1.50 कि.मी. लागत 3.86 करोड़ रुपये और चवरपुर सारंगढ़ में सिंचाई नाली निर्माण कार्य 20 लाख की लागत से होगी।





सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में ओपीडी कक्ष निर्माण कार्य





झरन लैलूंगा में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में ओपीडी कक्ष निर्माण कार्य लागत 20 लाख रुपये, धरमजयगढ़ के ग्राम पंचायत सागरपुर के आश्रित ग्राम खोगानारा में बागडाही से जमाबीरा मार्ग में पुलिया निर्माण लागत 20 लाख रुपये तथा चंद्रशेखरपुर में सीसी रोड निर्माण मुख्य मार्ग की ओर धरमजयगढ़ लागत 20 लाख, वन विभाग के अंतर्गत नंदगांव खरसिया और जोबी खरसिया के हाथी रहवास क्षेत्रों का विकास और तालाब निर्माण कार्य प्रति लागत 20 लाख रुपये, घरघोड़ा में कछार नाला और तमनार के बंजारी नाला, छोटे मुहानी नाला, शिवपुरी नाला, गदधारी नाला, कोलेडेगा नाला, बड़झरिया नालों में कुल 2.29 करोड़ की लागत से स्टाप डेम निर्माण और तमनार के तुमीडीह और ढोगामौहा में 55 लाख की लागत से मिट्टी बांध निर्माण कार्य शामिल है।





69 विकास कार्यों का भूमिपूजन





मुख्यमंत्री बघेल रायगढ़ जिले में 217.14 करोड़ रूपए के 69 विकास कार्यों का भूमिपूजन करेंगे। इसमें कार्यपालन अभियंता विद्युत विभाग अंतर्गत 2.8 करोड़ रुपये की लागत से संबलपुरी में 33ध्11 के.व्ही.उपकेन्द्र तथा 21.40 करोड़ रुपये की लागत से रायगढ़ जिले में 2140 नग कृषि पंपों का उर्जीकरण, सहायक संचालक उद्यान अंतर्गत 2 करोड़ रुपये की लागत से मुनगा प्रसंस्करण हेतु कामन फेसिलिटी सेन्टर, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग अंतर्गत तमनार, नाचनपाली एवं गोबरसिंघा में छात्रावास भवन और रेडा में आश्रम भवन कुल लागत 6.61 करोड़ रुपये हैं।





गोदाम के निर्माण जैसे और कई अन्य कार्य शामिल





मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना इकाई-2 धरमजयगढ़ अंतर्गत नवघटा से छेलपोरा, कटेली से केडार, औरदा रोड से अमलीपाली और बाराडोला से टिनमिनी, गढ़उमरिया पुसौर मार्ग से आनंदडीपा में सड़क निर्माण कार्य लागत 4.71 करोड़ रुपये, कार्यपालन अभियंता लोक निर्माण विभाग सेतु संभाग रायगढ़ अंतर्गत 10 पुल निर्माण लागत 75.30 करोड़ रुपये, कार्यपालन अभियंता जल संसाधन संभाग रायगढ़ अंतर्गत धनुहार डेरा एवं नेतनागर में एनीकट निर्माण कार्य लागत 12.99 करोड़ रुपये, बेसपाली नंदेली माइनर में सीमेंट कांक्रीट लाईनिंग कार्य लागत 64 लाख रुपये कृषि उपज मंडी समिति रायगढ़ अंतर्गत 64 लाख रुपये की लागत से सारंगढ़ में 1500 मि.टन गोदाम का निर्माण और बरमकेला में 46 लाख रुपये की लागत से 1000 मि.टन गोदाम के निर्माण जैसे और कई अन्य कार्य शामिल हैं।


छत्तीसगढ़ चुनौतियों को चुनौती देने वाला राज्य: CM बघेल

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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शुक्रवार को यहां इंस्टिट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया के चैलेंजिंग द चैलेंज्स विषय पर आयोजित 3 दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन का विधिवत शुभारंभ करते हुए कहा कि ICAI ने बहुत ही सम-सामयिक विषय को चर्चा-परिचर्चा के लिए चुना है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बहुत सारी चुनौतियां हमारे सामने मौजूद हैं, जिसका निदान हम दृढ़ इच्छा शक्ति और सही फैसले लेकर कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में कोरोना महामारी, जलवायु परिवर्तन, पर्यावरण प्रदूषण, उद्योग, व्यवसाय, किसानों की आर्थिक स्थिति सहित अन्य कई चुनौतियां विद्यमान है।





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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार इन चुनौतियों को चुनौती के रूप में स्वीकार कर काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में कोरोना महामारी के नियंत्रण के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने बेहतर प्रबंधन, चिकित्सा सुविधा को सुदृढ़ और विस्तारित करने के साथ ही कई ऐहतियाती फैसले लिए और उसका पूरी दृढ़ता के साथ क्रियान्वयन सुनिश्चित किया। यही वजह है कि छत्तीसगढ़ कोरोना महामारी के प्रकोप से जल्द से जल्द उबरने में कामयाब रहा।





तीन दिवसीय कार्यशाला





इंस्टिट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया द्वारा यह तीन दिवसीय कार्यशाला अधिवेशन रायपुर, भिलाई और बिलासपुर के सौजन्य से आयोजित किया जा रहा है। जिसका वर्चुअल शुभारंभ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में मां सरस्वती की पूजा-अर्चना कर की। इस अवसर पर मध्यभारत केन्द्रीय परिषद के सचिव शशीकांत चन्द्राकर, बिलासपुर शाखा के अध्यक्ष दिनेश कुमार अग्रवाल, रायपुर शाखा के सचिव रवि ग्वालानी तथा कार्यक्रम संयोजक सचेन्द्र जैन मौजूद थे।





6500 चार्टर्ड एकाउंटेंट्स वर्चुअली शामिल





इस कार्यक्रम में ICAI के राष्ट्रीय अध्यक्ष निहार निरंजन जाम्बुसारिया, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष देवाशीष मित्रा, सेंट्रल काउंसिल सदस्य केमिशा सोनी, कार्यक्रम निदेशक समीर सिंह सहित देश के सभी राज्यों से लगभग 6500 चार्टर्ड एकाउंटेंट्स वर्चुअल रूप से शामिल हुए। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस मौके पर कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार के सुराजी गांव योजना के तहत वर्षा जल के रोकथाम, पशुधन के संरक्षण और संवर्धन, जैविक खेती, पोषणयुक्त खाद्यान्न, फल और सब्जी के उत्पादन को बढ़ावा तथा गांव में आजीविका के साधनों में बढ़ोत्तरी के उद्देश्य से नरवा, गरूवा, घुरवा और बाड़ी कार्यक्रम शुरू किया गया है।





जैविक खाद्यान्न के उत्पादन को बढ़ावा





मुख्यमंत्री ने कहा कि गोधन न्याय योजना के माध्यम से गौठानों में गोबर की खरीदी और उससे जैविक खाद तैयार कर रहे हैं। एक साल अभी पूरा नहीं हुआ है इस योजना के माध्यम से 48 लाख क्विंटल गोबर की खरीदी की गई है। इसका उद्देश्य गौपालन की परम्परा को सुदृढ़ करना और रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम कर जैविक खाद्यान्न के उत्पादन को बढ़ावा देना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि रासायनिक उर्वरकों और पेस्टीसाइट्स के बेतहाशा इस्तेमाल से खाद्यान्न में जहरीले तत्वों की मात्रा बढ़ती जा रही है, जिसका सीधा दुष्प्रभाव हम सबके स्वास्थ्य पर पड़ रहा है।





विदेशों से खाद्यान्न आयात





मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में 70 के दशक में खाद्यान्न की कमी को पूरा करने के लिए विदेशों से खाद्यान्न आयात करना पड़ता था। देश को खाद्यान्न के रूप में आत्मनिर्भर बनाने की चुनौती को अन्नदाताओं ने स्वीकार किया। आज यह स्थिति है कि देश में जरूरत से ज्यादा खाद्यान्न का उत्पादन होने लगा है। किसानों को उनकी मेहनत और लागत के अनुसार कीमत मिलनी चाहिए। छत्तीसगढ़ में धान का अधिक उत्पादन होता है।





एथेनॉल तैयार करने की योजना





उपार्जित धान की अतिरिक्त मात्रा से एथेनॉल तैयार करने की योजना हमने दो साल से तैयार कर रखी है, लेकिन केन्द्र सरकार अनुमति नहीं दे रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि इससे अतिरिक्त धान का निष्पादन होगा। एथेनॉल के उत्पादन से पेट्रोलिम पदार्थों की खपत में कमी आएगी और मुद्रा की बचत होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन चुनौतियों का समाधान राष्ट्रीय स्तर पर किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस मौके पर पर्यावरण संरक्षक और वायु प्रदूषण की समस्या के निदान के लिए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा वृक्षारोपण को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी।









मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस मौके पर चार्टर्ड एकाउंटेंट्स एसोसिएशन से छत्तीसगढ़ राज्य में उद्योग और व्यापार जगत से जुड़े निवेशकों को निवेश के लिए प्रेरित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य की नयी औद्योगिक नीति में उद्योग और व्यापार को बढ़ावा देने के लिए कई आकर्षक प्रावधान किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम राज्य में कृषि, वनोत्पाद के साथ ही खाद्य प्रसंस्करण, दवा, रक्षा उत्पादों, इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर जैसे नए क्षेत्रों को बढ़ावा दे रहे हैं।





ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गतिशील बनाने में सफल





छत्तीसगढ़ राज्य कोरोना काल में भी इस्पात उत्पादन, कृषि उत्पादन, वनोपज के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गतिशील बनाने में सफल रहा है। किसानों, ग्रामीणों, वनवासियों को नगद सहायता देने के कारण ऑटोमोबाइल, रेडिमेट गारमेंट से लेकर सराफा बाजार तक हमारे यहां बेहतर कारोबार हुआ है। इज ऑफ डूईंग बिजनेस के मापदंडों में भी छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। वहीं नीति आयोग द्वारा 3 जून को कम्पोजिट एसडीजी इंडिया इंडेक्स में सतत विकास लक्ष्यों के मूल्यांकन में छत्तीसगढ़ राज्य परफार्मर राज्य माना गया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ICAI की स्मारिका का विमोचन किया।





कार्यों की सराहना





इस अवसर पर ICAI के राष्ट्रीय अध्यक्ष निहार निरंजन जाम्बुसारिया ने छत्तीसगढ़ राज्य की नयी औद्योगिक नीति के माध्यम से नॉन कोर सेक्टर को सपोर्ट करने, इकॉनामिक रिवाइवल, एमएसएमई को दी जा रही मदद की सराहना की। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष देवाशीष मित्रा, सेंट्रल काउंसिल सदस्य केमिशा सोनी और चरणजोत सिंह, बिलासपुर शाखा के अध्यक्ष दिनेश कुमार अग्रवाल एवं रायपुर शाखा के सचिव रवि ग्वालानी ने अपने उद्बोधन में छत्तीसगढ़ राज्य के समग्र विकास के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार की जनहितैषी नीतियों का लाभ समाज के सभी वर्गों और संस्थाओं को मिल रहा है। इस तीन दिवसीय सेमिनार के दौरान देश के विख्यात विशेषज्ञों द्वारा चार्टर्ड एकाउंटेंट्स और स्टूडेंट को जीएसटी, आयकर, कम्पनी कानून की जानकारी भी दी जाएगी।


CM बघेल आज दुर्ग को देंगे 110 करोड़ के कार्यों की सौगात, CM ने लोगों से की ये अपील

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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज दोपहर 12 बजे अपने निवास कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में दुर्ग जिले में 110.42 करोड़ रुपए की लागत के विभिन्न कार्यों का वर्चुअल भूमिपूजन-लोकार्पण करेंगे। मुख्यमंत्री इस कार्यक्रम के बाद दोपहर 1.30 बजे नवा रायपुर में वेदांता केयर्स फील्ड अस्पताल का लोकार्पण करेंगे।





मुख्यमंत्री ने लोगों से की टीका लगवाने की अपील





मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य में कोरोना संक्रमण की वर्तमान स्थिति के संबंध में प्रदेशवासियों को संबोधित करते हुए कहा है कि इससे बचाव के लिए अभी भी हमें सतर्क रहने और सावधानी बरतने की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर का प्रकोप अभी कम हुआ है। संक्रमण की रफ्तार में कमी आई है, लेकिन यह पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है। इस बात का हम सबको भलीभांति ध्यान रखना है और कोरोना एप्रोप्रियेट बिहेवियर को छोड़ना नहीं है बल्कि इसको उस वक्त तक अपने दैनिक जीवन में अपनाएं रखना है, जब तक यह पूरी तरह खत्म न हो जाए।





CM बघेल ने बारिश से पहले समितियों से धान का उठाव करने के दिए निर्देश





मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि कोरोना से बचाव के लिए फिलहाल सावधानी बरतना और टीका ही एकमात्र हथियार है। टीका लगवाने में कोई खतरा नहीं है, बल्कि यह हमें भविष्य में होने वाले खतरे से बचाएगा। उन्होंने प्रदेश के नागरिकों को संबोधित करते हुए कहा कि यह समय सबसे अधिक सावधानी रखने का है। उन्होंने सभी पात्र लोगों से कोरोना से बचाव का टीका लगवाने की अपील की। CM बघेल ने कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण में सहयोग के लिए नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों-कर्मचारियों, सामाजिक संगठनों, स्वयं सेवी संस्थाओं और मीडिया को धन्यवाद दिया।





मुख्यमंत्री ने दिया संदेश





मुख्यमंत्री बघेल ने अपने संदेश में कहा कि- पिछले डेढ़ माह से हम सब कोरोना की दूसरी लहर की चुनौती का सामना कर रहे हैं। कोविड संक्रमण के खिलाफ यह लड़ाई कठिन थी, लेकिन हम सबने पूरी जिम्मेदारी से यह लड़ाई लड़ी। इस लड़ाई का कठिन समय अब गुजर चुका है और कोविड संक्रमण की स्थिति हमारे राज्य में अब काफी नियंत्रण में है।





पॉजिटिविटी दर 5 प्रतिशत के लगभग





उन्होंने कहा कि एक समय हमारे राज्य में संक्रमण का आंकड़ा 17 हजार तक पहुंच गया था जो अब घटकर चार हजार के लगभग हो गया है। पॉजिटिविटी की दर भी अब घटकर 5 प्रतिशत के लगभग आ गई है। कोरोना की किसी भी चुनौती से निपटने के लिए राज्य सरकार पूर्ण रूप से तैयार है। हमने इससे निपटने के लिए सभी आवश्यक संसाधन जुटा लिए हैं।





CM ने की इनकी सराहना





मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड संक्रमण को नियंत्रण में लाने में बहुत सारे लोगों का कठिन परिश्रम और दिन-रात की मेहनत शामिल है। हमारे चिकित्सक, हमारे स्वास्थ्य कार्यकर्ता, हमारी नर्स, मितानिन बहनें, जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और महिला बाल विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, नगरीय निकायों और पंचायती राज संस्थाओं के अधिकारी-कर्मचारी, सभी जनप्रतिनिधिगण, सफाईकर्मी भाई-बहन, स्वयंसेवी संस्थाएं और आमजन तक सही जानकारी पहुंचाने में सहयोगी बने जनसंपर्क विभाग के अधिकारी और मीडिया के मित्रों का योगदान सराहनीय है।





अपने और परिवार के सुरक्षा के लिए टीका जरूरी





CM बघेल ने प्रदेश के नागरिकों से अपील की है कि यह समय सतर्क रहकर अपनी जिम्मेदारियां वहन करने का है। हम धीरे-धीरे लॉकडाउन की स्थिति से बाहर निकल कर पहले की भांति सामान्य कामकाज की और लौट रहे हैं। यह समय सबसे ज्यादा सावधानी रखने का है। इस समय हमें बिल्कुल भी लापरवाही नहीं करना है। हमें अपनी, अपने परिवार की और अपने राज्य के निवासियों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखना है।





कोरोना गाइडलाइन का करें पालन





उन्होंने कहा कि आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकले, घर से बाहर निकलते समय, ऑफिस, बाजार, फैक्ट्री, खेत, खलिहान की ओर जाते समय पूरी सुरक्षा और सावधानी रखें। घर से बाहर निकलते समय हमेशा मास्क पहने और लोगों से एक निश्चित दूरी बनाए रखें। हाथों को बार-बार साबुन से या सैनिटाइजर से साफ करते रहें।





गांवों में डर के कारण लोग नहीं लगावा रहे टीका





मुख्यमंत्री ने लोगों को टीकाकरण के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि कोरोना से सुरक्षित रहने खुद और अपने परिवार को भविष्य की मुश्किलों से बचाने के लिए वैक्सीनेशन या टीकाकरण एकमात्र सहारा है। हम सबको इसे लगवाना है। हमारे शहरों और गांवों के लोग बड़े उत्साह के साथ टीका लगवा रहे हैं। जितनी जल्दी हम टीका लगवाएंगे उतनी जल्दी हम अपना भविष्य सुरक्षित करते जाएंगे। कुछ गांवों में टीके को लेकर लोगों के मन में डर या आशंका है।





CM ने लोगों को दिलाया भरोसा





उन्होंने कहा कि मैं आपका मुख्यमंत्री आपको भरोसा दिलाता हूं कि टीका लगवाने से कोई खतरा नहीं है बल्कि यह आपको भविष्य में होने वाले खतरे से बचाएगा। इस समय कोरोना से बचाव के लिए हमारे पास टीका ही एकमात्र हथियार है। मैंने खुद जाकर टीका लगवाया है और अब मैं अपने आपको ज्यादा सुरक्षित महसूस कर रहा हूं। आप शीघ्र ही अपने निकट के टीकाकरण केन्द्र जाएं और टीका लगवाएं। मुख्यमंत्री ने लोगों को भरोसा दिलाया कि सभी लोगों के सहयोग से हम यह लड़ाई अवश्य जीतेंगे।


CM भूपेश बघेल का बड़ा ऐलान, छत्तीसगढ़ के लोगों को मुफ्त में लगेगा कोरोना टीका

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कोरोना टीकाकरण (Covid vaccination will free in Chhattisgarh) को लेकर भी बड़ा ऐलान किया। छत्तीसगढ़ विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पारित हुआ। इससे पहले सदन में हुई चर्चा का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शुक्रवार को कहा कि यह देश और प्रदेश अन्नदाताओं का है। हम किसी भी सूरत में किसानों को उनके अधिकारों से वंचित नहीं होने देंगे। हम अन्नदाताओं के साथ छल नहीं होने देंगे।





मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्र सरकार सरकार पर हमला करते हुए कहा कि अगर केंद्र सरकार सभी नागरिकों को फ्री में कोरोना का टीका लगाने से इनकार करती है तो उनकी सरकार छत्तीसगढ़ के लोगों के टीकाकरण का खर्च उठाएगी। मुख्यमंत्री विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान विपक्ष के हमलों का जवाब दे रहे थे।





मुख्यमंत्री भूपेश बघेल- हम अन्नदाताओं के साथ छल नहीं होने देंगे





नेता प्रतिपक्ष ने पत्रजीवी कहा, सीएम बोले-हजार बार लिखुंगा..





चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पत्रजीवी कहा। उनका कहना था, पूरे देश में सबसे ज्यादा पत्र लिखने वाले मुख्यमंत्री वही हैं। जवाब में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, आज मुझे पत्रजीवी कहा गया। आदिवासियों, नौजवानों, किसानों, अनुसूचित जाति, जनजाति और छत्तीसगढ़ के हितों की बात जब भी आएगी तो मैं हजार बार पत्र लिखुंगा।





धान की नीलामी पर लगे आरोपों का दिया जवाब





मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष यह प्रश्न उठा रहा है कि सरकार बचा हुआ धान क्यों बेच रही है। मैं कहना चाहता हूं कि आप हमें 60 लाख मीट्रिक टन चावल केन्द्रीय पूल में जमा करने की अनुमति दिला दीजिए। हमें बाहर धान या चावल बेचने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। उन्होंने कहा, एक समय था जब देश में अनाज की कमी थी। इंदिरा गांधी के आह्वान पर हरित क्रांति हुई। हमारे किसानों ने देश को खाद्यान्न के मामले में स्वावलंबी कर दिया। अब जब उत्पादन अधिक हुआ है तो केंद्र सरकार उसकी व्यवस्था नहीं कर पा रही है।





अब गौठान रूरल इंडस्ट्रियल पार्क के रूप में होंगे विकसित – भूपेश बघेल





मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि कोरोना (Covid vaccination will free in Chhattisgarh) के टीकाकरण मामले में केवल 3 करोड़ लोग ही केंद्र सरकार की जिम्मेदारी नहीं हैं। देश के पूरे 135 करोड़ लोगों को कोरोना का निःशुल्क टीका लगवाने की व्यवस्था करनी चाहिए। यदि केन्द्र सरकार ऐसा करने से इंकार करती है, तो अपने राज्य में हम अपने खर्च पर टीकाकरण करवाएंगे। मुख्यमंत्री ने को-वैक्सीन विवाद पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, को-वैक्सीन का उपयोग 11 राज्यों में केवल एक प्रतिशत लोगों के लिए ही किया गया है। छत्तीसगढ़ ने भी निर्णय लिया है कि इसका उपयोग तीसरे ट्रायल का नतीजा आ जाने के बाद ही किया जाएगा।





मुख्यमंत्री ने कहा कि नगरनार इस्पात संयंत्र का विनिवेशीकरण नहीं होने देने का संकल्प भी इसी सदन में पारित किया गया है। हम बस्तर के लोगों की भावनाओं से खिलवाड़ नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि इस संयंत्र को NMDC या CMDC जैसी सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां ही संचालित करें। हम इसका एकतरफा विनिवेश नहीं होने देंगे। छत्तीसगढ़ सरकार इस स्टील प्लांट को बचाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा, केन्द्र से हमें 14 हजार 73 करोड़ रुपये पिछले दो साल की लेनी है। यह रकम केन्द्रीय करों में छत्तीसगढ़ का हिस्सा है। वर्ष 2004 से लेकर अब तक कुल 15 हजार 154 करोड़ रुपये केंद्र पर बकाया हैं। उन्होंने कहा, केन्द्रीय करों में हिस्सा हमारा हक है।


अब गौठान रूरल इंडस्ट्रियल पार्क के रूप में होंगे विकसित - भूपेश बघेल

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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज गोधन न्याय योजना की 14वीं किश्त के रूप में प्रदेश के एक लाख 54 हजार 423 पशुपालकों के खाते में 4 करोड़ 94 लाख रूपए की राशि हस्तांतरित की। इसे मिलाकर गोधन न्याय योजना के अंतर्गत पशुपालकों को अब तक 80 करोड़ 42 लाख रूपए का भुगतान किया जा चुका है।





मुख्यमंत्री ने आज विधानसभा के समिति कक्ष में कैबिनेट की बैठक के बाद पशुपालकों के खाते में 14वीं किश्त की राशि का अंतरण किया। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि गोधन न्याय योजना सहित प्रदेश के गौठानों में मशरूम उत्पादन, कुक्कुट उत्पादन, मछली पालन, बकरी पालन, राइस मिल, कोदो-कुटकी और लाख प्रोसेसिंग जैसी विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से हजारों लोगों को रोजगार मिला है। गौठानों में अधिक से अधिक आर्थिक गतिविधियां संचालित कर महिलाओं और ग्रामीणों को रोजगार से जोड़ने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि गौठानों को रूरल इंडस्ट्रियल पार्क के रूप में विकसित कर सुराजी गांव की कल्पना को हम साकार करेंगे।





मुख्यमंत्री ने कहा कि गौठानों में महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा लगभग 6 लाख क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट का उत्पादन किया गया है। आने वाले समय में वर्मी कम्पोस्ट का उत्पादन और बढ़ेगा। कुछ दिनों में वर्मी कम्पोस्ट का उत्पादन 12 लाख क्विंटल हो जाएगा। गौठानों में 65 हजार वर्मी टांकों में वर्मी कम्पोस्ट का उत्पादन किया जा रहा है। यदि साल भर में 20 लाख क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट का उत्पादन होता है, तो अकेले वर्मी कम्पोस्ट का व्यापार 2 हजार करोड़ रूपए का होगा। वर्मी कम्पोस्ट के साथ यदि गौठानों में संचालित अन्य आर्थिक गतिविधियों को भी शामिल कर दिया जाए, तो गौठानों में होने वाले व्यापार का आकार और अधिक बढ़ जाएगा। श्री बघेल ने कहा कि गौठानों में महिला स्व-सहायता समूहों को लघु वनोपजों के प्रसंस्करण की गतिविधियों से जोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि गौठानों में तैयार वर्मी कम्पोस्ट सहित अन्य उत्पादित वस्तुओं के विक्रय की सक्रिय पहल की जानी चाहिए। सभी विभाग समन्वय के साथ गौठानों को विकसित करने में सहयोग दें।





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कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे ने इस अवसर पर कहा कि गोधन न्याय योजना के अंतर्गत हर 15 दिन में गोबर खरीदी की राशि का भुगतान पशुपालकों और गोबर संग्राहकों को किया जा रहा है। गौठानों में तैयार वर्मी कम्पोस्ट के विक्रय के लिए सहकारिता सहित अन्य विभागों के साथ मिलकर कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। उन्होंने कहा कि सभी जिलों में गौठानों में मल्टीयूटिलिटी सेंटर और उत्पादित वस्तुओं के विक्रय के लिए सीजी मार्ट विकसित किए जाएं। गौठानों में लगभग 8 हजार महिला स्व-सहायता समूहों की 59 हजार 942 महिलाएं विभिन्न आर्थिक गतिविधियां संचालित कर रही हैं। सरगुजा से बस्तर तक लघु वनोपजों के प्रसंस्करण के काम को भी गौठानों तक जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि जहां गौठान समितियां सक्रिय हैं, वहां अच्छा काम हो रहा है।





कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. एम.गीता ने कहा कि गौठानों में वर्मी खाद उत्पादन, मशरूम उत्पादन, सामुदायिक बाड़ी, मछली पालन, बकरी पालन, मुर्गी पालन, गोबर दीया, गमला, अगरबत्ती निर्माण सहित अन्य गतिविधियां महिला स्व-सहायता समूहों ने अब तक 10 करोड़ रूपए अर्जित की है। इसमें से अकेले वर्मी कम्पोस्ट से लगभग एक करोड़ रूपए की हासिल की गई। उन्होंने बताया कि प्रदेश में स्वावलंबी गौठानों की संख्या 226 से बढ़कर 251 हो गई है।





बैठक में गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू, स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव, वन मंत्री मोहम्मद अकबर, स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल, नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री गुरू रूद्रकुमार, खाद्य मंत्री अमरजीत भगत, उद्योग मंत्री कवासी लखमा, महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिला भेंड़िया, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, मुख्यमंत्री के सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव अलरमेल मंगई डी, मुख्यमंत्री सचिवालय में उप सचिव सौम्या चौरसिया उपस्थित थीं।


आज दिल्ली दौरे पर रहेंगे CM भूपेश बघेल

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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (CM Bhupesh Baghel) आज नई दिल्ली के एक दिवसीय प्रवास पर रहेंगे। निर्धारित दौरा कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री आज दोपहर 2 बजे स्वामी विवेकानन्द एयरपोर्ट रायपुर से विशेष विमान द्वारा प्रस्थान कर 3.15 बजे नई दिल्ली पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री बघेल दोपहर 3.30 बजे इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से कार द्वारा प्रस्थान कर 4 बजे छत्तीसगढ़ सदन पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री नई दिल्ली से शाम 7 बजे विशेष विमान द्वारा प्रस्थान कर रात्रि 8.15 बजे स्वामी विवेकानन्द एयरपोर्ट रायपुर वापस लौट आएंगे।





27 फरवरी को इन जिलों के दौरे में रहेंगे CM





मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (CM Bhupesh Baghel) 27 फरवरी को रायपुर, धमतरी, राजनांदगांव जिले के प्रवास पर रहेंगे और इन जिलों में आयोजित कार्यक्रमों में शामिल होंगे। बघेल 27 फरवरी को दोपहर 12.15 बजे राजधानी रायपुर स्थित बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम रायपुर में आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रम में शामिल होंगे।





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मुख्यमंत्री (CM Bhupesh Baghel) इसके बाद दोपहर 1.10 बजे पुलिस ग्राउंड रायपुर से धमतरी जिले के तहसील नगरी के ग्राम देऊर पारा (सिहावा) के लिए प्रस्थान करेंगे और वहां दोपहर 1.45 बजे आयोजित कर्णेश्वर मेला महोत्सव में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री हेलीकाप्टर से दोपहर 2.50 बजे राजनांदगांव जिले के विकासखण्ड डोंगरगढ़ के लाल बहादुर नगर के लिए प्रस्थान करेंगे और वहां दोपहर 3.35 बजे से आयोजित लोक मढ़ई और कृषि मेला कार्यक्रम में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री बघेल शाम 5.10 बजे रायपुर लौट आएंगे।





आज राजिम माघी पुन्नी मेला स्थल का निरीक्षण करेंगे गृहमंत्री





गृह मंत्री और गरियाबंद जिले के प्रभारी मंत्री ताम्रध्वज साहू (Minister Tamradhwaj Sahu) शुक्रवार को राजिम माघी पुन्नी मेला स्थल पहुंचकर मेला की तैयारियों का निरीक्षण करेंगे। वे दोपहर 2 बजे विधानसभा से कार द्वारा राजिम के लिए प्रस्थान करेंगे। मंत्री साहू निरीक्षण के बाद राजिम से शाम 4 बजे प्रस्थान कर बालोद जिले के गुंडरदेही विकासखंड के ग्राम देवरी जाएंगे और स्थानीय कार्यक्रम में शामिल होंगे। वे शाम 6.30 बजे देवरी से प्रस्थान करेंगे और अपने दुर्ग निवास पहुंचेंगे।


5 मार्च से रोड सेफ्टी वर्ल्ड सीरिज क्रिकेट टूर्नामेंट का आगाज, CM बघेल करेंगे शुभारंभ

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सड़क सुरक्षा (road safety) के महत्व के विषय में जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए नवा रायपुर स्थित शहीद वीर नारायण सिंह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में 5 मार्च से 21 मार्च तक रोड सेफ्टी वर्ल्ड सीरिज क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान कुल 15 मैच होंगे। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (CM Bhupesh Baghel) इस टूर्नामेंट का शुभारंभ करेंगे।





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परिवहन मंत्री मोहम्मद अकबर (Transport Minister Mohammad Akbar) ने बुधवार को विधानसभा परिसर स्थित समिति कक्ष में कार्यकारणी समिति की बैठक में तैयारियों की समीक्षा की। मंत्री अकबर ने प्रवेश द्वार, बेरिकेट, पार्किंग, पानी, सेक्टरवार रूट निर्धारण, विद्युत कनेक्शन, फ्लड लाइट, जनरेटर, एयर कंडिशन सहित सभी आवश्यक तैयारियां 5 मार्च से पूर्व सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।





टूर्नामेंट का आयोजन





बैठक में सचिव परिवहन कमलप्रीत सिंह ने टूर्नामेंट आयोजन के लिए की जा रही तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि टूर्नामेंट आयोजन में भारत सरकार द्वारा जारी कोरोना गाइडलाइन का पूरी तरह से पालन किया जाएगा। इसके तहत राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट खिलाड़ियों को एयरपोर्ट में स्क्रीनिंग टेस्ट किया जाएगा। खिलाड़ियों को लाने के लिए बसों और उनके ठहरने के लिए उत्तम प्रबंध किए जा रहे हैं।





500 से 10 हजार रूपए तक टिकटों की कीमत





क्रिकेट टूर्नामेंट के दौरान संचार व्यवस्था के लिए अस्थाई मोबाइल टावर भी लगाया जाएगा। बैठक में बताया गया कि टूर्नामेंट में टिकटों की कीमत अलग-अलग श्रेणियों में 500 से 10 हजार रूपए रखी गई है। इनमें सामान्य टिकट 500, 700, 1100, 1500 रूपए और गोल्डन 6000, प्लेटिनम-सिलवर 8000 और बॉक्स 10 हजार रूपए निर्धारित की गई है।





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बैठक में अपर परिवहन आयुक्त दीपांशु काबरा, संचालक खेल श्वेता सिन्हा, कलेक्टर एस.भारतीदासन, रायपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक आनंद छाबड़ा, दुर्ग रेंज के पुलिस महानिरीक्षक विवेकानंद सिन्हा, आयुक्त एनआरडीए अय्याज तम्बोली, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय यादव, आयुक्त नगर निगम सौरभ कुमार, मुख्य अभियंता लोक निर्माण ज्ञानेश्वर कश्यप सहित विद्युत वितरण कम्पनी, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और क्रिकेट लीग मैनेजमेंट ग्रुप मुंबई के प्रतिनिधि उपस्थित थे।


आज MP के दिघौरी स्थित श्री गुरूरत्नेश्वर धाम जाएंगे CM बघेल

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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 23 फरवरी को यानी आज विधानसभा हेलीपेड से दोपहर 2 बजे हेलीकॉप्टर द्वारा रवाना होकर 3.15 बजे मध्यप्रदेश के सिवनी जिले के दिघौरी गांव (CM Baghel will visit Shri Gururatneshwar Dham) पहुंचेंगे। जहां वे श्री गुरूरत्नेश्वर धाम में स्थानीय कार्यक्रम में शामिल होंगे। बघेल कार्यक्रम के बाद दिघौरी से शाम 4.25 बजे रवाना होकर 5.40 बजे वापस रायपुर लौटेंगे।





राष्ट्रीय लोक अदालत





राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा साल 2021 के लिए राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजन करने के संबंध में तिथि घोषित कर दी गई है।





छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर से मिली जानकारी अनुसार राष्ट्रीय लोक अदालत माह अप्रैल, जुलाई, सितंबर और दिसंबर 2021 के द्वितीय शनिवार को आयोजित की जाएगी। राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन द्वितीय शनिवार 10 अप्रैल 2021, द्वितीय शनिवार 10 जुलाई 2021, द्वितीय शनिवार 11 सितंबर 2021 और द्वितीय शनिवार 11 दिसंबर 2021 को आयोजित होगी।




कारण बताओ नोटिस जारी





सरगुजा कलेक्टर द्वारा छत्तीसगढ़ के निक्षेपकों के हितो के संरक्षण अधिनियम की धारा 7 के अंतर्गत 4 व्यक्तियों के विरूद्ध अचल सम्पत्ति को कुर्की के लिए आदेश जारी किया गया है, जिसमें नागपुर महाराष्ट्र के मोहम्मद जावेद मेनन , वैशाली नगर नागपुर के जुनैद मेनन , वैशाली नगर नागपुर खालिद मेनन और वैशाली नगर की ही निलफोर बानो को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।





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इन प्रकरणों में सभी को 25 फरवरी 2021 को दोपहर 12 बजे न्यायालय में उपस्थित होकर अपना पक्ष प्रस्तुत करने कहा गया है। अगर वे निर्धारित तिथि को न्यायालय में उपस्थित होकर अपना पक्ष प्रस्तुत नहीं करते हैं तो उनकी अचल सम्पत्ति की कुर्की की जाएगी।


महाराष्ट्र में कोरोना के बढ़ते केसों को देखते हुए CM बघेल ने दिए एयरपोर्ट और महाराष्ट्र सीमा में थर्मल स्क्रीनिंग के निर्देश

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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (CM Bhupesh Baghel) ने महाराष्ट्र में कोविड-19 के बढ़ते केसों को देखते हुए राजधानी रायपुर के एयरपोर्ट और महाराष्ट्र बॉर्डर में कोरोना की थर्मल स्क्रीनिंग करने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं।





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CM ने की लोगों से ये अपील





मुख्यमंत्री ने कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए प्रदेशवासियों से कोरोना संक्रमण से बचने के लिए पूर्व में जारी गाइडलाइन का पालन करने की अपील की है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि 'जब तक हम कोरोना पर विजय प्राप्त नहीं कर लेते तब तक इससे बचने के लिए मास्क पहने, सोशल और फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन करें, थोड़ी-थोड़ी देर में हाथों को धोते रहने से ही हम कोरोना को रोकने में काफी हद तक सफल हुए हैं और आगे भी इसका पालन करते हुए इसकी रोकथाम कर सकेंगे।'





पुलिस अधीक्षक ने लगवाया कोविड वैक्सीन





पुलिस अधीक्षक सूरजपुर राजेश कुकरेजा ने सोमवार को जिला चिकित्सालय के कोविड वैक्सीन टीकाकरण केन्द्र जाकर कोविड वैक्सीन की पहली डोज लगवाई। उन्होंने नागरिकों को संदेश देते हुए कहा कि कोविड-19 संक्रमण से बचाव का वैक्सीन पूर्णत सुरक्षित है, इसे अपना नंबर आने पर सभी लगवाएं और कोरोना की बीमारी से बचे।





वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित, नहीं कोई साइड इफेक्ट





पुलिस अधीक्षक ने कोविड वैक्सीन लगवाने के बाद बताया कि यह वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित है और इसके कोई साइड इफेक्ट नहीं है। किसी को कोविड वैक्सीन लगाने से डरने व घबराने की जरूरत नहीं है। कोविड वैक्सीन लगाने के बाद अपने कार्य पर जा सकते है। जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. अजय मरकाम द्वारा पुलिस अधीक्षक को कोविड वैक्सीन लगाए जाने का प्रमाण पत्र प्रदान किया गया।





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जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. अजय मरकाम ने बताया कि राजस्व विभाग, पुलिस विभाग, नगरीय निकाय और मितानिनों को निरन्तर टीकाकृत किया जा रहा है, उन्होने बताया कि प्रथम डोज में 9409 लोगों कोरोना टीकाकृत किया जा चुका है और दूसरे डोज में 251 लोगों कोरोना टीकाकृत किया गया है, जिसमें सभी लोग स्वस्थ्य और सुरक्षित है।





अधिकारी-कर्मचारियों ने कोविड वैक्सीन लगवाया





पुलिस अधीक्षक ने बताया कि जिले के 50 प्रतिशत पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों ने कोविड वैक्सीन लगवा लिया है और शेष पुलिस के जवान टर्न के मुताबिक वैक्सीन लगवा रहे हैं। इस दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.एस.सिंह, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. अजय मरकाम, एएसआई संजय सिंह सहित चिकित्सालय के स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।


डॉ. खूबचंद बघेल की पुण्यतिथि आज, CM और राज्यपाल सहित विस अध्यक्ष ने किया नमन

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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ राज्य के स्वप्नदृष्टा, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और कृषक नेता स्वर्गीय डॉ. खूबचंद बघेल को उनकी पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए सादर नमन किया है।






https://twitter.com/bhupeshbaghel/status/1363691226097020931




मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा है कि डॉ. खूबचंद बघेल ने अपना पूरा जीवन समाज और किसानों के कल्याण के लिए समर्पित कर दिया। कई रचनात्मक और किसान तथा मजदूर हितैषी गतिविधियों से जुड़कर जीवन के अंतिम समय तक वे छत्तीसगढ़ की सेवा करते रहे। छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण आंदोलन में उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा।






https://twitter.com/bhupeshbaghel/status/1363691232208162821




CM बघेल ने कहा कि भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दौरान उन्होंने छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय चेतना जागृत करने का महत्वपूर्ण कार्य किया। उन्होंने विधायक और राज्यसभा सांसद के रूप में भी क्षेत्र की उल्लेखनीय सेवा की। उन्हीं के सपनों के अनुरूप हम नवा-छत्तीसगढ़ का निर्माण कर रहे हैं। उनके कृतित्व और व्यक्तित्व के प्रति सम्मान प्रकट करते हुए चिकित्सा क्षेत्र में डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना शुरु की गई है, जिसके तहत 5 लाख रुपए तक नि:शुल्क इलाज की व्यवस्था मरीजों के लिए उपलब्ध कराई जा रही है।





राज्यपाल ने भी किया नमन





राज्यपाल अनुसुइया उइके ने डॉ. खूबचंद बघेल को नमन करते हुए कहा कि डॉ. बघेल छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के स्वप्नदृष्टा थे। उन्होंने सदैव किसानों और गरीबों के कल्याण का कार्य किया। वे छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के लिए उनके योगदान एवं समाज कल्याण के कार्यों के लिए सदैव याद किए जाएंगे।





विस अध्यक्ष ने भी किया नमन





छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष चरणदास महंत ने छत्तीसगढ़ के स्वप्न दृष्टा डॉ. खूबचंद बघेल की पुण्यतिथि पर याद करते हुए नमन किया। विस अध्यक्ष डॉ महंत ने कहा यह वही व्यक्ति है, जिन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य का सबसे पहले सपना देखा था, इन्ही के अनेकों प्रयास के बदौलत छत्तीसगढ़ ना सिर्फ हमारे देश में एक पहचान मिली बल्कि विदेशों में भी छत्तीसगढ़ का नाम हुआ।





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छत्तीसगढ़ राज्य के प्रथम स्वप्न दृष्टा डॉ. खूबचंद बघेल हमेशा से छत्तीसगढ़ के विकास और छत्तीसगढ़ को एक अलग पहचान दिलाने के लिए कार्य किया, वे हमेशा छत्तीसगढ़ के दब्बूपन को दूर करने के लिए अनेक प्रयास किये, वे हमेशा यही चाहते थे की छत्तीसगढ़ को लोग क्यों ऐसे हीन भावना से देखते है, हमेशा इससे सौतेला व्यवहार क्यों करते हैं बस इन्ही बातों की चिंता उन्हें सताते रहती थी। जातिगत भेदभाव, कुरीतियों को मिटाने वाले इस महान व्यक्ति का निधन संसद के शीतकालीन सत्र के लिए भाग लेने दिल्ली गए हुए थे वहाँ दिल का दौरा पड़ने से उनकी आकस्मिक निधन हुआ।





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उन्होंने सन 1931 में सरकारी पद त्याग कर कांग्रेस में प्रवेश किया। इसके पूर्व इसके पूर्व प्रवेश किया। इसके पूर्व इसके पूर्व अप्रैल 1930 में रायपुर महाकौशल राजनीतिक परिषद के अधिवेशन में डॉक्टर बघेल ने भी हिस्सा लिया था, सन 1931 में डॉक्टर बघेल रायपुर जिला के डिक्टेटर और बाद में राज्य के आठवें डिक्टेटर नियुक्त हुए। जिला डिक्टेटर के पद पर रहते हुए डॉक्टर बघेल सामाजिक सुधार के प्रति भी जागरूक रहें। सन 1939 के त्रिपुरी के ऐतिहासिक कांग्रेस अधिवेशन में स्वयंसेवकों के कमांडर के रूप में कार्य किया। 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन के तहत इन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।





उनकी धर्मपत्नी 6 माह के लिए जेल गई





डॉक्टर बघेल के साथ उनकी धर्मपत्नी राजकुंवर देवी भी 6 माह के लिए जेल गई। रायपुर तहसील से 1946 के कांग्रेस चुनाव में डॉक्टर बघेल निर्विरोध चुने गए। इस तरह सन 1946 में डॉक्टर बघेल को तहसील कार्यालय कार्यकारिणी के अध्यक्ष और प्रांतीय कार्यकारिणी के सदस्य के रूप में मनोनीत किया गया। स्वतंत्रता के बाद उन्हें प्रांतीय शासन ने संसदीय सचिव नियुक्त किया।





राजनीति से 1968 तक जुड़े रहे डॉक्टर बघेल





1950 में आचार्य कृपलानी के आह्वान पर वे कृषक मजदूर पार्टी में शामिल हुए। 1951 के बाद आम चुनाव में वे विधानसभा के लिए पार्टी से निर्वाचित हुए। 1965 तक विधानसभा के सदस्य रहे। 1965 में राज्यसभा के लिए चुने गए राजनीति से 1968 तक जुड़े रहे।


1 मार्च से शुरू होगी बिलासपुर से दिल्ली के लिए विमान सेवा, दो फ्लाइट होगी संचालित

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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (CM Bhupesh Baghel) द्वारा रिजनल कनेक्टिविटी स्कीम के तहत छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर से एयरलाइन सेवा (Airline service) शुरू करने के लिए लगातार पहल के परिणाम स्वरूप बिलासपुर से नई दिल्ली के लिए 1 मार्च से विमान सेवा शुरू हो जाएगी।





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फ्लाइट शुरू करने की घोषणा





बता दें कि CM भूपेश बघेल (CM Bhupesh Baghel) ने 4 फरवरी को अपने नई दिल्ली प्रवास के दौरान केंद्रीय विमानन मंत्री हरदीप सिंह पुरी से मुलाकात कर बिलासपुर से दिल्ली, मुंबई और कोलकाता जैसे महानगरों से एयर कनेक्टीविटी की अनुमति देने का आग्रह किया था, जिस पर केन्द्रीय मंत्री पुरी ने बिलासपुर से दिल्ली के लिए तत्काल एयर इंडिया की फ्लाइट शुरू (Airline service) करने की घोषणा की थी।





दिल्ली से जबलपुर होते हुए बिलासपुर पहुंचेगी पहली फ्लाइट





बिलासपुर से दिल्ली के लिए एटीआर 72 एयरक्राफ्ट की दो फ्लाइट सोमवार, बुधवार, शुक्रवार और रविवार को संचालित होगी। पहली फ्लाइट दिल्ली से रवाना होकर जबलपुर होते हुए दोपहर 3.20 बजे बिलासपुर पहुंचेगी और 3.45 बजे बिलासपुर से प्रयागराज होते हुए वापस दिल्ली लौटेगी।(दिल्ली-जबलपुर-बिलासपुर (1520-1545)-प्रयागराज-दिल्ली)।





दिल्ली से प्रयागराज होते हुए बिलासपुर पहुंचेगी दूसरी फ्लाइट





दूसरी फ्लाइट दिल्ली से प्रयागराज होते हुए शाम 4 बजे बिलासपुर पहुंचेगी और 4.30 बजे बिलासपुर से जबलपुर होते हुए दिल्ली जाएगी (दिल्ली-प्रयागराज-बिलासपुर (1600-1630)-जबलपुर-दिल्ली)। एयर इंडिया की सहायक कंपनी एलायंस एयर ने इसके लिए अपनी सहमति दे दी है। इस संबंध में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के आग्रह पर केन्द्रीय विमानन मंत्री हरदीप सिंह पुरी के निर्देशों के मुताबिक एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा जल्द ही इस पर कार्रवाई करते हुए अनुमति जारी की जाएगी।





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मुख्यमंत्री (CM Bhupesh Baghel) ने पुरी से मुलाकात के दौरान रायपुर में कार्गो हब की सुविधा विकसित करने का अनुरोध भी किया था, जिस पर केन्द्रीय मंत्री ने एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के चेयरमेन को स्थल निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने अंबिकापुर एयरपोर्ट से विमान सेवा शुरू करने और जगदलपुर एयरपोर्ट से महानगरों के लिए विमान सेवा शुरू करने का आग्रह भी किया था, जिस पर केन्द्रीय मंत्री ने सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया था।





21 करोड़ रूपए खर्च





मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री पुरी को बिलासपुर से दिल्ली के लिए विमान सेवा की अनुमति देने के लिए धन्यवाद दिया है। उन्होंने कहा है कि दिल्ली के लिए विमान सेवा शुरू (Airline service) होने से बिलासपुर और आसपास के अंचल की आर्थिक प्रगति, औद्योगिक विकास में सहायता मिलेगी। वहीं जनता को कम लागत वाली हवाई यात्रा की सुविधा उपलब्ध होगी। बता दें कि राज्य सरकार ने अब तक बिलासपुर एयरपोर्ट के विकास के लिए 45 करोड़ रूपए की स्वीकृति दी है, जिसमें से 21 करोड़ रूपए खर्च किए जा चुके हैं।


बजट 2021: जानिए आम बजट को लेकर क्या है प्रदेश के मुखिया की राय

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छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (CM Bhupesh Baghel) ने केन्द्रीय वित्त मंत्री द्वारा संसद में पेश किए गए वर्ष 2021-22 के बजट पर प्रतिक्रिया(CM Opinion on Union Budget) देते हुए कहा है कि केन्द्र सरकार का यह बजट न सिर्फ निराशाजनक हैं, बल्कि देश के लोगों के भविष्य को और अधिक असुरक्षित बनाने वाला है।





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सरल भाषा में कहें तो केंद्र सरकार का यह बजट घर फूंक कर तमाशा देखने वाली कहावत को चरितार्थ करने वाला है। इसमें बरसों की तपस्या से बनाये गए संस्थानों को बेचने की बात कर रुपया इकट्ठा करने की बात कही गयी हैं। सरकार रेलवे, एयरपोर्ट को बेचना चाहती है और गेल, इंडियन ऑयल एचपीसीएल की पाइपलाइन को भी अपने पसंद के कॉरपोरेट को देना चाहती हैं।






https://twitter.com/bhupeshbaghel/status/1356254341544300545




मुख्यमंत्री (CM Bhupesh Baghel) ने कहा कि बीमा क्षेत्र में विदेशी निवेश को बढ़ावा दे कर और राष्ट्रीयकृत बैंकों के निजीकरण की बात कर केन्द्र सरकार ने यह जता दिया है कि यह सरकार सिर्फ कॉरपोरेट वर्ग की हितैषी सरकार है और किसान और मध्यमवर्ग इनकी प्राथमिकता में ही नहीं हैं। बजट में छत्तीसगढ़ को कुछ नहीं मिला है और जिन राज्यों में चुनाव आने वाले है वहां बहुत कुछ देने के खोखले चुनावी वादे भर किये गए हैं। मध्यम और नौकरीपेशा वर्ग को सरकार ने फिर अंगूठा दिखाया है और केवल कॉरपोरेट वर्ग को ही सहूलियत दी है।






https://twitter.com/bhupeshbaghel/status/1356207858983993345




CM बघेल ने कहा है कि चीन हमारी सीमा का लगातार अतिक्रमण कर रहा है। हमारी सेनाएं बहादुरी से उनका मुकाबला कर रही हैं, लेकिन रक्षा बजट (budget 2021) में उनके भरोसे को बढ़ाने वाला कोई कदम नहीं है। युवाओं को रोजगार देने के मामले में भी यह बजट पूरी तरह से असफल ही साबित हुआ है।





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बता दें कि आम बजट 2021-22 (CM Opinion on Union Budget)में सरकार ने स्वास्थ्य पर अपने खर्च को बढ़ाया है। इस खर्च की भरपाई के लिए बहुत से उत्पादों पर सीमाशुल्क में कमी और बढ़ोतरी की गई है। बहुत सी वस्तुओं पर एग्री इन्फ्रा सेस भी लगाया है, जो आज यानी 2 फरवरी 2021 से ही लागू हो रहा है।


बड़ी घोषणा- अब नक्सल गढ़ से अलग गारमेंट हब बनेगा दंतेवाड़ा, पूरे देश में होगी डैनेक्स की सप्लाई

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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि नवा छत्तीसगढ़ और नवा-दंतेवाड़ा गढ़ने में दंतेवाड़ा जिले की माताएं और बहनें आगे बढ़कर काम कर रही हैं। अब जिले को मां दन्तेश्वरी के नाम से ही नहीं यहां की माताओं और बहनों के नाम से भी जाना जाएगा। उन्होंने कहा कि यहां की महिलाओं ने आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण की दिशा में मजबूती से कदम बढ़ाया है। जिले को नयी पहचान दिलाने के लिए डैनेक्स नाम से गारमेंट तैयार कर रही है। दंतेवाड़ा को गारमेंट हब (Dantewada As Garment Hub) के रूप में विकसित करने 04 नवा दंतेवाड़ा गारमेंट फैक्ट्री तैयार की जा रही है। डैनेक्स (दंतेवाड़ा नेक्स्ट) में तैयार गारमेंट की सप्लाई पूरे देश में होगी। CM आज जिला मुख्यालय दंतेवाड़ा में आम सभा को संबोधित कर रहे थे।






विकास के साथ संस्कृति बचाए रखना भी जरुरी






मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास जितना जरूरी है, अपनी संस्कृति को बचाए रखना भी उतना ही जरूरी है। देवगुड़ियों के कायाकल्प (Dantewada As Garment Hub) की शुरुआत गमावाड़ा से हुई है, बस्तर संभाग के सातों जिलों में देवगुड़ियों का कायाकल्प किया जाएगा। उन्होंने कहा कि माताओं, बहनों और बच्चों को कुपोषण और एनीमिया से मुक्ति दिलाने के लिए सुपोषण अभियान की शुरूआत दंतेवाड़ा जिले से की गई थी। केवल 10 माह में कुपोषण की दर घटाने में उल्लेखनीय सफलता मिली है। सुपोषण अभियान से छत्तीसगढ़ में एक वर्ष में 99 हजार बच्चे कुपोषण से मुक्त हुए हैं तथा 20 हजार महिलाएं एनीमिया से मुक्त हुई हैं।





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मुख्यमंत्री ने कहा कि 40 सालों से लंबित बोधघाट बहुउद्देशीय परियोजना को फिर से शुरु करने की पहल सरकार ने की है। इस योजना के पूरी होने से न सिर्फ दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा जिले के किसानों का जीवन पूरी तरह बदल जाएगा, बल्कि इसका लाभ नारायणपुर और कोण्डागांव जिले तक मिलेगा। वनांचल क्षेत्र के किसानों और वनवासियों की आय बढ़ाने शासन द्वारा किये जा रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि तेंदूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक 2500 रुपए मानक बोरा से बढ़ाकर 4000 रुपया मानक बोरा किया गया। वनांचल क्षेत्रों में 52 तरह के लघु वनोपज समर्थन मूल्य पर खरीदे जा रहे हैं। कोरोना-काल में वनवासियों की आय प्रभावित न हो, इसलिए लॉकडाउन के दिनों में भी छत्तीसगढ़ में वनोपज इकट्ठा करने का काम बंद नहीं होने दिया गया। जिसके फलस्वरूप लॉकडाउन के समय छत्तीसगढ़ में देश का सबसे ज्यादा लघु-वनोपज संग्रह किया गया।




Dantewada as garment hub




मुख्यमंत्री ने कहा कि वन-भूमि पर वर्षों से काबिज किसान जमीनों के पट्टे बांटने का काम तत्परता से किया है। व्यक्तिगत पट्टों के साथ-साथ, सामुदायिक पट्टे और सामुदायिक वन संसाधन अधिकार भी दिया है। वनभूमि के पट्टे देने के मामले में छत्तीसगढ़ पूरे देश में अव्वल है। उन्होंने कहा कि अनुसूचित क्षेत्रों में किसी भी व्यक्ति को भूमिहीन नहीं रहने दिया जाएगा, जिन लोगों के पास जमीन नहीं है, उन्हें भी जमीन दी जाएगी। साथ ही सरकार द्वारा जल्द ही कोदो-कुटकी का भी समर्थन मूल्य घोषित किया जाएगा। कोदो-कुटकी प्रोसेसिंग प्लांट लगाए जाएंगे।





मुख्यमंत्री ने कहा कि गांव-गांव में गोठानों का निर्माण किया जा रहा, ताकि पशुओं की देखभाल अच्छी तरह हो, फसलों को चराई से होने वाला नुकसान रुके और दूध का उत्पादन भी बढ़े। इन गोठानों का विकास आजीविका केंद्रों के रूप में भी किया जा रहा है, जहां स्व सहायता समूह की हजारों माताएं-बहनें तरह-तरह की गतिविधियों से आय प्राप्त कर रही हैं। छत्तीसगढ़ सरकार दुनिया की पहली सरकार है, जो दो रुपए किलो में गोबर खरीद रही है। जिन लोगों के पास न पशुधन है, न जमीन, वे भी आज गोबर इकट्ठा कर आय प्राप्त कर रहे हैं। पहले लोग धान बेचकर मोटरसाइकिल खरीदते थे, अब तो गोबर बेचकर ही मोटरसाइकिल और जेवर खरीद रहे हैं।





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उन्होंने कहा कि गरीबों के बच्चे भी अंग्रेजी माध्यम में पढ़ सकें इसके लिए स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल योजना शुरु की गई है। इस योजना के तहत अभी 52 स्कूल संचालित हो रहे हैं। अगले साल से 100 और स्कूल शुरु किया जाएगा।





कार्यक्रम को उद्योग मंत्री कवासी लखमा, राजस्व मंत्री एवं जिला प्रभारी मंत्री जयसिंह अग्रवाल, सांसद दीपक बैज, स्थानीय विधायक श्रीमती देवती कर्मा, विधायक मोहन मरकाम ने भी संबोधित किया और प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई योजनाओं, जनहितैषी निर्णय एवं फैसलों की विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर अनेक जन प्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।


शहीद दिवस: CM बघेल ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और शहीद जवानों को दी श्रद्धांजलि

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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि 'शहीद दिवस'(Shaheed Diwas) के अवसर पर उन्हें नमन किया है। CM बघेल ने महात्मा गांधी सहित देश के अमर शहीदों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा है कि देश पर प्राण न्यौछावर करने वाले वीर बलिदानियों का ऋण कभी नहीं चुकाया जा सकता।





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भारत की आजादी के लिए महात्मा गांधी के अतुल्य योगदान को याद करते हुए बघेल ने कहा कि गांधी जी ने पूरी दुनिया को दिखाया कि निर्भीकता से सत्य और अहिंसा के मार्ग पर डटे रहकर किस तरह बड़ा लक्ष्य हासिल किया जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बापू ने भारतीय समाज की बुनियाद को समझा और अंतिम व्यक्ति तक चिंता की। राज्य सरकार भी गांधी जी के दिखाए गए मार्ग पर चलते हुए काम कर रही है। सशक्त इरादों के साथ आगे बढ़ने के लिए बापू के विचार मूल्य हमें सदा प्रेरित करते रहेंगे।









जैतू साव मठ में गांधी जी की प्रतिमा का अनावरण करेंगे CM(Shaheed Diwas)





मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज शाम 4 बजे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की कांस्य से निर्मित प्रतिमा का अनावरण करेंगें। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर ठाकुर रामचंद्र जी स्वामी जैतू साव मठ सार्वजनिक न्यास द्वारा यह कार्यक्रम गांधी भवन जैतू साव मठ, पुरानी बस्ती रायपुर में आयोजित किया गया है। इससे पहले मुख्यमंत्री बघेल राजीव भवन शंकर नगर रायपुर में 11 बजे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के बलिदान दिवस पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में भाग लेंगे।





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बता दें कि महंत लक्ष्मीनारायण दास जी के इस मठ के महंत पद पर आसीन होने के बाद यह मठ स्वतंत्रता आंदोलन का प्रमुख केंद्र बिंदु था। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान 24 फरवरी 1933 को गांधी जी का आगमन इस मठ पर हुआ था। उसकी याद में स्वर्गीय महंत लक्ष्मीनारायण दास जी ने यहां 1945 में गांधी भवन का निर्माण कराया था। जिसका न्यास समिति द्वारा 2019 में पुनरुद्धार करा कर आम जनता की सुविधा के लिए समर्पित किया गया।









महात्मा गांधी की इस भव्य प्रतिमा का निर्माण पद्मश्री नेल्सन जी के द्वारा किया गया है। यह कार्यक्रम शाम 4 बजे से होगा। इस अवसर पर जिला जनसंपर्क कार्यालय, रायपुर द्वारा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जीवनी से संबंधित फोटो प्रदर्शनी भी कार्यक्रम स्थल में लगाई जाएगी।





राज्यपाल ने गांधी जी की पुण्यतिथि पर किया उन्हें नमन(Shaheed Diwas)





राज्यपाल अनुसुइया उइके ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर उन्हें नमन किया है। राज्यपाल ने कहा है कि महात्मा गांधी ने मातृभूमि की सेवा के लिए सर्वस्व अर्पित कर दिया। उनके आदर्श और विचार आज भी मानव जीवन को खुशहाल, स्वस्थ, समृद्ध, संवेदनशील, शोषण मुक्त, विवेकपूर्ण एवं मानवीय गुणों से परिपूर्ण बनाने के लिए प्रासंगिक है। इस समय देश और दुनिया में व्याप्त अनेक समस्याओं का निदान महात्मा गांधी के विचारों से हो सकता है। हमें उनके आदर्शों को अपने व्यवहार और आचरण में उतारने की जरूरत है।









शहीदों की स्मृति में रखा जाएगा दो मिनट का मौन





भारत के स्वतंत्रता संग्राम में अपने प्राणों का बलिदान देने वाले शहीदों की स्मृति (Shaheed Diwas)में आज सुबह 11 बजे राजनांदगांव जिले के सभी शासकीय कार्यालय में दो मिनट का मौन रखा जाएगा। कार्यालय कलेक्टर द्वारा इस संबंध में आदेश जारी किया गया है।









नशामुक्ति संकल्प और शपथ दिवस का आयोजन





राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्य तिथि के अवसर पर समाज कल्याण मंत्री और छत्तीसगढ़ योग आयोग की अध्यक्ष अनिला भेंड़िया की अध्यक्षता में रायपुर के कलेक्टोरेट उद्यान परिसर में 08 बजे नशामुक्ति संकल्प और शपथ दिवस का आयोजन किया जाएगा। समारोह का आयोजन छत्तीसगढ़ योग आयोग और समाज कल्याण विभाग के रायपुर जिला कार्यालय के संयुक्त तत्वावधान में नशापान करने की प्रवृत्ति पर प्रभावी नियंत्रण और नशामुक्ति के पक्ष में जनमत विकसित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है।





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इस अवसर पर जनसामान्य और अधिकारी, कर्मचारियों द्वारा नशामुक्ति का संकल्प और शपथ लिया जाएगा। इस अवसर पर रायपुर ग्रामीण विधायक सत्यनारायण शर्मा, रायपुर उत्तर विधायक कुलदीप जुनेजा और रायपुर महापौर एजाज ढेबर, विशिष्ट अतिथि होंगे।









कार्यक्रम में संचालक समाज कल्याण पी. दयानंद, रायपुर कलेक्टर एस. भारतीदासन, सचिव छत्तीसगढ़ योग आयोग के साथ ही समाज कल्याण विभाग के समस्त अधिकारी-कर्मचारी, सामाजिक कार्यकर्ता, संस्थाओं के प्रतिनिधि और नगरवासी उपस्थित रहेंगे।





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पूरे कार्यक्रम का सजीव प्रसारण छत्तीसगढ़ योग आयोग के फेसबुक आईडी ChhatisgarhYogAayog में किया जाएगा, जिससे रायपुर के बाहर निवासरत योग साधक और जनसामान्य द्वारा ऑनलाइन संकल्प और शपथ लिया जाएगा। साथ ही छत्तीसगढ़ योग आयोग के सक्रिय योग साधकों को प्रशंसा प्रमाण-पत्र प्रदान किया जाएगा।





नशामुक्ति के लिए जागरूक





कार्यक्रम में कोरोना वायरस (कोविड-19) के संक्रमण की रोकथाम के लिए भारत सरकार और छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन किया जाएगा। साथ ही नशापान से होने वाले दुष्परिणामों को फ्लैक्स के माध्यम से प्रदर्शित कर जनसामान्य को नशामुक्ति के लिए जागरूक किया जाएगा।


आज कांकेर और दुर्ग जिले के दौरे पर रहेंगे सीएम बघेल, कई कार्यक्रम में होंगे शामिल

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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (CM Bhupesh Baghel) आज कांकेर और दुर्ग जिले के दौरे(CM Baghel Kanker Tour) पर रहेंगे। वे कांकेर में जिलेवासियों को लगभग 342 करोड़ रूपए की राशि के विकास कार्यों की सौगात देंगे। निर्धारित दौरा कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री बघेल आज दोपहर 12 बजे शासकीय नरहरदेव उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल कांकेर का अवलोकन करेंगे। इसके बाद वे 12.40 बजे गोविन्दपुर हायर सेकेण्डरी स्कूल मैदान कांकेर पहुंचेंगे और वहां आमसभा में जैव विविधता पंजी का विमोचन करेंगे। साथ ही वन अधिकार समिति सम्मेलन को सम्बोधित करेंगे।





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सम्मेलन को संबोधित करने के बाद वे विभिन्न विकास और निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास और हितग्राहियों को सामग्री का वितरण करेंगे। मुख्यमंत्री इसके बाद दोपहर 1.50 बजे गोविन्दपुर स्कूल ग्राउण्ड हेलीपेड कांकेर से हेलीकॉप्टर द्वारा दुर्ग जिले के पाटन के लिए प्रस्थान कर 2.20 बजे दुर्ग जिले के पाटन पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री बघेल पाटन के सतनाम भवन में दोपहर 2.25 बजे से आयोजित तहसील स्तरीय गुरू घासीदास जयंती और लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके बाद वे दोपहर 3.15 बजे पाटन से हेलीकॉप्टर द्वारा प्रस्थान कर 3.35 बजे वापस रायपुर लौट आएंगे।





सीएम बघेल ने प्रदेशवासियों को दी छेरछेरा पर्व की शुभकामनाएं(CM Baghel Kanker Tour)





मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (CM Bhupesh Baghel) ने छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध लोक पर्व छेरछेरा (chher chhera festival) की बधाई देते हुए प्रदेशवासियों की खुशहाली, सुख, समृद्धि की कामना की है। CM बघेल ने छेरछेरा पर्व की पूर्व संध्या पर जारी अपने शुभकामना संदेश में कहा है कि नई फसल के घर आने की खुशी में महादान और फसल उत्सव के रूप में पौष मास की पूर्णिमा को छेरछेरा पुन्नी तिहार मनाया जाता है।





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यह त्यौहार हमारी समाजिक समरसता, समृद्ध दानशीलता की गौरवशाली परम्परा का संवाहक है। इस दिन 'छेरछेरा, कोठी के धान ल हेरहेरा' बोलते हुए गांव के बच्चे, युवा और महिला संगठन खलिहानों और घरों में जाकर धान और भेंट स्वरूप प्राप्त पैसे इकट्ठा करते हैं और इकट्ठा किए गए धान और राशि रामकोठी में रखते हैं और वर्ष भर के लिए अपना कार्यक्रम बनाते हैं।





मां शाकम्भरी जयंती





मुख्यमंत्री (CM Bhupesh Baghel) ने कहा कि छत्तीसगढ़ का किसान बहुत उदार होता है। किसानों द्वारा उत्पादित फसल सिर्फ उसके लिए नहीं बल्कि समाज के अभावग्रस्त और जरूरतमंद लोगों, कामगारों और पशु-पक्षियों के लिए भी काम आती है। पौराणिक मान्यता के मुताबिक आज ही के दिन भगवान शंकर ने माता अन्नपूर्णा से भिक्षा मांगी थी, आज ही मां शाकम्भरी जयंती है। इसलिए लोग धान के साथ साग-भाजी, फल का दान भी करते हैं।





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मान्यता है कि रतनपुर के राजा छह माह के प्रवास के बाद रतनपुर लौटे थे। उनकी आवभगत में प्रजा को दान दिया गया था। छेरछेरा के समय धान मिसाई का काम आखरी चरण में होता है। इस दिन छोटे-बड़े सभी लोग घरों, खलिहानों में जाकर धान और धन इकट्ठा करते हैं। इस प्रकार एकत्रित धान और धन को गांव के विकास कार्यक्रमों में लगाने की परम्परा रही है।





सरकार के साथ समाज और लोगों की भागीदारी जरूरी





छेरछेरा का दूसरा पहलू आध्यात्मिक भी है, यह बड़े-छोटे के भेदभाव और अहंकार की भावना को समाप्त करता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में कुपोषण समाज की बहुत बड़ी समस्या है। कुपोषण दूर करने के लिए सरकार के साथ समाज और लोगों की भागीदारी जरूरी है। अपनी प्राचीन गौरवशाली परम्परा को आगे बढ़ाते हुए बच्चों के स्वस्थ, कुपोषण मुक्त, सुखद भविष्य के लिए सहयोग करें।


अन्नदान का महापर्व छेरछेरा आज, CM और राज्यपाल ने दी प्रदेशवासियों को बधाई

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छत्तीसगढ़ में आज अन्नदान का महत्वपूर्ण महापर्व छेरछेरा (Chher Chhera Prav) मनाया जा रहा है। छेरछेरा पुन्नी अन्नदान का महापर्व है। यह छत्तीसगढ़ का महत्वपूर्ण लोक पर्व है। आज प्रदेश के जिस किसी भी हिस्से में आप जाएंगे वहां लोगों की टोलियां आपको मिलेगी जो 'छेरछेरा-माई कोठी के धान ल हेरहेरा' बोलती हुई नजर आएंगी। यही खूबसूरती है हमारे कृषि प्रधान राज्य छत्तीसगढ़ की, जहां लोक परंपरा और तीज त्योहार एक दूसरे से गुथे हुए नजर आते हैं और हर त्योहार एक अनूठा संदेश देता है।





छेरछेरा पुन्नी का पौराणिक महत्व(Chher Chhera Prav)





छेरछेरा पुन्नी (chher chhera festival) का पौराणिक महत्व है। मान्यता है कि पौष पूर्णिमा पर अनाज दान करने से दरिद्रता दूर होती है और अनाज का भंडार हमेशा भरा रहता है। मान्यता के अनुसार पौष महीने की पूर्णिमा पर अनाज दान करने से धन और वैभव भी बढ़ता है। किसान इस दिन सुबह अन्नपूर्णा देवी की पूजा- अर्चना कर नये अनाज से बने पकवानों का भोग लगाते हैं और सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।





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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध लोक पर्व छेरछेरा (chher chhera festival) की बधाई देते हुए प्रदेशवासियों की खुशहाली, सुख, समृद्धि की कामना की है। CM बघेल ने छेरछेरा पर्व की पूर्व संध्या पर जारी अपने शुभकामना संदेश में कहा है कि नई फसल के घर आने की खुशी में महादान और फसल उत्सव के रूप में पौष मास की पूर्णिमा को छेरछेरा पुन्नी तिहार मनाया जाता है।









यह त्यौहार हमारी समाजिक समरसता, समृद्ध दानशीलता की गौरवशाली परम्परा का संवाहक है। इस दिन 'छेरछेरा, (Chher Chhera Prav)कोठी के धान ल हेरहेरा' बोलते हुए गांव के बच्चे, युवा और महिला संगठन खलिहानों और घरों में जाकर धान और भेंट स्वरूप प्राप्त पैसे इकट्ठा करते हैं और इकट्ठा किए गए धान और राशि रामकोठी में रखते हैं और वर्ष भर के लिए अपना कार्यक्रम बनाते हैं।





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मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ का किसान बहुत उदार होता है। किसानों द्वारा उत्पादित फसल सिर्फ उसके लिए नहीं बल्कि समाज के अभावग्रस्त और जरूरतमंद लोगों, कामगारों और पशु-पक्षियों के लिए भी काम आती है। पौराणिक मान्यता के मुताबिक आज ही के दिन भगवान शंकर ने माता अन्नपूर्णा से भिक्षा मांगी थी, आज ही मां शाकम्भरी जयंती है। इसलिए लोग धान के साथ साग-भाजी, फल का दान भी करते हैं।









मान्यता है कि रतनपुर के राजा छह माह के प्रवास के बाद रतनपुर लौटे थे। उनकी आवभगत में प्रजा को दान दिया गया था। छेरछेरा के समय धान मिसाई का काम आखरी चरण में होता है। इस दिन छोटे-बड़े सभी लोग घरों, खलिहानों में जाकर धान और धन इकट्ठा करते हैं। इस प्रकार एकत्रित धान और धन को गांव के विकास कार्यक्रमों में लगाने की परम्परा रही है।





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छेरछेरा का दूसरा पहलू आध्यात्मिक भी है, यह बड़े-छोटे के भेदभाव और अहंकार की भावना को समाप्त करता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में कुपोषण समाज की बहुत बड़ी समस्या है। कुपोषण दूर करने के लिए सरकार के साथ समाज और लोगों की भागीदारी जरूरी है। अपनी प्राचीन गौरवशाली परम्परा को आगे बढ़ाते हुए बच्चों के स्वस्थ, कुपोषण मुक्त, सुखद भविष्य के लिए सहयोग करें।





राज्यपाल ने भी दी छेरछेरा पर्व की शुभकामनाएं





राज्यपाल अनुसुइया उइके ने प्रदेशवासियों को छेर-छेरा पर्व की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी है। राज्यपाल ने अपने संदेश में कहा कि यह पर्व खरीफ की नई फसल के खलिहान से घर आ जाने के बाद मनाया जाता है। आज के दिन द्वार-द्वार पर छेरछेरा…, छेरी के छेरा, माई… कोठी के धान ल हेरहेरा।।। की गूंज सुनाई देती है। यह छत्तीसगढ़ के महान ग्राम्य तथा कृषि संस्कृति -परपंरा को प्रदर्शित करता है, अन्नदान की परम्परा को जीवंत करती है। इस पावन दिवस पर मैं कामना करती हूँ कि छत्तीसगढ़ प्रदेश धन-धान्य से सदैव परिपूर्ण हो।









यह है कथा





मान्यता है कि रतनपुर के राजा कल्याण साय मुगल बादशाह जहांगीर के दरबार में सात वर्षों तक रहे। वहां से जब वापस आए तो अपने राजा के दर्शन के लिए प्रजा गांव- गांव से रतनपुर पहुंच गए। वे राजा की एक झलक पाने को आतुर थे। इस बीच राजा अपने कामकाज के सिलसिले में व्यस्त हो गए और राजा का ध्यान अपनी प्रजा से हट गई।





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प्रजा निराश होकर लौट रही थी। तब रानी फुलकइना ने उन्हें रुकने का अनुरोध किया और स्वर्ण मुद्राओं की बारिश कराई। वहीं हर साल इस तिथि पर राजमहल आने की बात कही। वह दिन पौष पूर्णिमा थी। तभी से यह लोकपर्व मनाया जा रहा है।


बंदूक से नहीं, बल्कि कलम और कलमकारों से होगी बस्तर की पहचान: CM बघेल

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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (Chief Minister Bhupesh Baghel) ने जगदलपुर में हाता ग्राउंड के सामने लाला जगदलपुरी जिला ग्रंथालय (Bastar identified for art)का अवलोकन करने के साथ ही यहां संचालित गतिविधियों का भी अवलोकन किया। इस तीन मंजिला भवन में आयोजित विभिन्न गतिविधियों को देखने के साथ ही इसका लाभ उठा रहे लोगों से बातचीत भी की।









'बंदूक से नहीं, कलम और कलमकारों से होगी बस्तर की पहचान'(Bastar identified for art)





सीएम बघेल ने कहा कि बस्तर की पहचान अब बंदूक से नहीं बल्कि कलम से होगी। उन्होंने यह बात जगदलपुर में लाला जगदलपुरी जिला संग्रहालय (Lala Jagdalpur District Museum) के लोकार्पण के अवसर पर कही। इसके साथ ही उन्होंने लाला जगदलपुरी के जन्म शताब्दी पर आयोजित साहित्य सम्मेलन का समापन भी किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर लाला जगदलपुरी के नाम पर पुरस्कार प्रदान करने के साथ ही हर साल साहित्य सम्मेलन के आयोजन की घोषणा की।





ग्रंथालय में लाला जगदलपुरी से जुड़ी वस्तुओं को बताया अनमोल धरोहर(Bastar identified for art)





ग्रंथालय में लाला जगदलपुरी (Lala Jagdalpur District Museum) की कृतियों के साथ ही दैनिक उपयोग में उपयोग की जाने वाली सामग्री को भी संग्रहित किया गया है। मुख्यमंत्री ने इन वस्तुओं को अमूल्य धरोहर बताया। उन्होंने इस अवसर पर लाला जगदलपुरी के परिजनों से भी भेंट की।





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वहीं CM ने बस्तर की धरोहरों को संरक्षित करने का काम किए जाने की बात भी कही। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि बस्तर को पहले दशहरा, घोटुल, मुर्गा लड़ाई और यहां की प्राकृतिक सुंदरता के तौर पर जाना जाता था। उसके बाद लाल आतंक के कारण बस्तर के साथ-साथ पूरे प्रदेश की पहचान नक्सलगढ़ के रुप में होने लगी, लेकिन अब बस्तर की पहचान बदल रही है और इस क्षेत्र की पहचान बंदूक से नहीं बल्कि कलम और कलमकारों से होगी।









मुख्यमंत्री ने कहा कि लालाजी के यश के मुताबिक ही इस भव्य ग्रंथालय का निर्माण किया गया है। उन्होंने इस ग्रंथालय को बहुत ही सुंदर बताते हुए कहा कि यहां सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। बच्चे से लेकर बुजुर्गों तक सभी आयु वर्ग के पाठकों के लिए यहां पाठ्य सामग्री उपलब्ध है। बच्चों के लिए बाल साहित्य, बुजुर्गों और साहित्यप्रेमियों की रुचि के साहित्य के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए भी यहां भरपूर पठन सामग्री उपलब्ध है। उन्होंने यहां सुरक्षा के लिए किए गए व्यवस्था की भी जमकर तारीफ की।





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मुख्यमंत्री ने इस ग्रंथालय को चौबीसों घंटे खुले रखने पर भी प्रशंसा करते हुए कहा कि एक समय था, जब इस क्षेत्र में शाम होने के बाद पेट्रोल नहीं मिलता था, लेकिन इस ग्रंथालय में अब पूरे चौबीसों घंटे अध्ययन की सुविधा मिलेगी, जो यहां हुए बदलाव का संकेत देता है। उन्होंने कहा कि यहां ऑफलाइन के साथ ही ऑनलाइन पाठ्य सामग्री और साहित्य उपलब्ध रहेंगे। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में हुए बदलाव का परिणाम है कि अबूझमाड़ और बीजापुर के बच्चे अपनी प्रतिभा से अपनी पहचान बना रहे हैं।





CM ने की बस्तरवासियों से अपील(Bastar identified for art)





सीएम बघेल ने बस्तर को साहित्यकारों की भूमि बताते हुए कहा कि इस ग्रंथालय के बनने से उन्हें अच्छी सुविधा मिलेगी और साहित्य के विकास का जो माहौल तैयार हुआ है, उसे आगे बढ़ाए जाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने नई पीढ़ी से अपील करते हुए कहा कि वे नई कलम से नई इबारत लिखें। उन्होंने 'गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ के साथ-साथ गढ़बो नवा बस्तर और गढ़बो नवा जगदलपुर' के संकल्प को साकार करने की अपील की।





चार किताबों का किया विमोचन





मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर बस्तर दशहरा, कांगेर का संसार, बस्तर माटी की गूंज और कीर्तिशेष लाला जगदलपुरी जन्म शताब्दी समारोह नामक चार किताबों का विमोचन किया। इस अवसर पर सांसद दीपक बैज, हस्तशिल्प बोर्ड के अध्यक्ष चंदन कश्यप, चित्रकोट विधायक राजमन बेंजाम, मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष एमआर निषाद सहित जनप्रतिनिधिगण, कलेक्टर रजत बंसल और पुलिस अधीक्षक दीपक झा उपस्थित रहे।









दिखी मुख्यमंत्री के साथ सेल्फी लेने की होड़





मुख्यमंत्री बास्तानार में अपने व्यस्ततम कार्यक्रम से होकर सीधे एयरपोर्ट पहुंचे और वहां एक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद ग्रंथालय पहुंचे। यहां शिला पट्टिका का अनावरण करने के साथ ही लाला जगदलपुरी की प्रतिमा का अनावरण भी किया। इसके बाद वे जब यहां संचालित गतिविधियों को देखने के लिए भवन का भ्रमण करते हुए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के बीच पहुंचे, तब उनके साथ सेल्फी लेने से युवा अपने आप को नहीं रोक सके और मुख्यमंत्री के साथ सेल्फी लेने की इच्छा जताई। इसके बाद इन युवाओं में मुख्यमंत्री के साथ सेल्फी लेने की होड़ दिखाई दी।









बच्चों ने अंग्रेजी में बताई भारत के राज्यों की विशेषताएं





यहां छोटे-छोटे बच्चों ने अंग्रेजी में ज्यामितिय संरचनाओं के बारे में बताया। इसके साथ ही सौर मंडल के मॉडल के माध्यम से ग्रहों की स्थिति के साथ-साथ भारत के थ्री डी नक्शे में विभिन्न प्रदेशों की राजनैतिक, भौगोलिक, सांस्कृतिक गतिविधियों के बारे में बताया।









बच्चों के सामने खेला लूडो





यहां बच्चों के अध्ययन के साथ साथ मनोरंजन के लिए भी भरपूर व्यवस्था की गई है। यहां बच्चों के मानसिक विकास के लिए अबेकस जैसी खेल गतिविधयां संचालित की जा रही है, वहीं मनोरंजन के लिए विशाल लूडो चार्ट भी बनाया गया है, जिसमें बच्चे गोटियों को आगे बढ़ाने के बजाए खुद आगे बढ़ते हैं। इस लूडो चार्ट को देखकर मुख्यमंत्री बघेल ने भी सांसद दीपक बैज के साथ लूडो खेलने की इच्छा जताई।


रायपुर : CM बघेल ने दी रोड सेफ्टी वर्ल्ड सीरीज क्रिकेट टूर्नामेंट के लिए सहमति, सचिन तेंदूलकर सहित कई क्रिकेटर लेंगे हिस्सा

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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रोड सेफ्टी वर्ल्ड सीरीज क्रिकेट टूर्नामेंट(Road Safety Word Series) के आयोजन के लिए अपनी सहमति दे दी है। यह टूर्नामेंट 2 मार्च से 21 मार्च तक रायपुर में आयोजित होगा। टूर्नामेंट के आयुक्त प्रख्यात क्रिकेट खिलाड़ी सुनील गावस्कर ने 24 जनवरी को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से रोड सेफ्टी वर्ल्ड सीरीज क्रिकेट टूर्नामेंट के रायपुर में आयोजन के सिलसिले में फोन पर चर्चा कर अनुरोध किया, जिस पर मुख्यमंत्री ने सहर्ष अपनी स्वीकृति दे दी है।





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इस टूर्नामेंट में इंडिया, साउथ अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया, वेस्टइंडीज सहित श्रीलंका की टीम भाग लेंगी, जिसमें क्रिकेट के प्रख्यात पूर्व खिलाड़ी सचिन तेंदूलकर, जॉन्टी रोड्स, ब्रेटली, ब्रायन लारा, मुथैया मुरलीधरन जैसे खिलाड़ी होंगे।





सड़क सुरक्षा के महत्व के बारे में जागरूकता(Road Safety Word Series)





इस टूर्नामेंट का मुख्य उद्देश्य भारत में सड़क सुरक्षा के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाना है। इस आयोजन को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड द्वारा अनुमोदित किया गया है और गावस्कर की कंपनी प्रोफेशनल मैनेजमेंट ग्रुप द्वारा आयोजित और प्रचारित होने के साथ सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा समर्थित है। इस टूर्नामेंट के लिए वायकॉम 18 का कलर्स सिनेप्लेक्स प्रसारण भागीदार है, जबकि वूट और जियो इस कार्यक्रम के डिजिटल भागीदार हैं।





पर्यटन और निवेश को बढ़ावा देने में मददगार





यह कार्यक्रम छत्तीसगढ़ को पर्यटन और निवेश को बढ़ावा देने में मददगार साबित होगा। इससे अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी और महामारी के समय में लोगों को मनोबल बढ़ाएगा। यह आयोजन रायपुर को देश के एक ऐसे शहर के रूप में स्थापित करेगा, जो सुशासन के माध्यम से महामारी को नियंत्रित करने में कामयाब रहा है।





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बता दें कि कोरोना महामारी के कारण इस साल IPL यूएई में आयोजित हुआ। इस टूर्नामेंट के आयोजन से रायपुर कोरोना महामारी के काल में क्रिकेट की मेजबानी करने वाला देश का पहला शहर होगा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आयोजन के मुख्य अतिथि होंगे। बता दें कि नवा रायपुर परसदा स्थित शहीद वीर नारायण सिंह क्रिकेट स्टेडियम देश के बड़े और आधुनिक स्टेडियम में से एक है,जिसकी दर्शक क्षमता 50 हजार है।


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