Media24Media.com: #छत्तीसगढ़ में मानसून

Responsive Ad Slot


 

Showing posts with label #छत्तीसगढ़ में मानसून. Show all posts
Showing posts with label #छत्तीसगढ़ में मानसून. Show all posts

छत्तीसगढ़ में मानसून का असंतुलन: कहीं 'इंद्रदेव' मेहरबान, तो कहीं पानी को तरसे किसान, देखें आपके जिले का हाल

No comments Document Thumbnail

 रायपुर : छत्तीसगढ़ में मानसून का दौर जारी है। राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष (राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, 1 जून से अब तक प्रदेश में औसतन 356.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जो इस अवधि की सामान्य औसत वर्षा (408.7 मिमी) का 87.1 प्रतिशत है। इस तरह प्रदेश में अब तक सामान्य से लगभग 13% कम बारिश हुई है।


बीते 24 घंटों में राज्य में औसतन 21.7 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई, जिसमें गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिला 69.4 मिमी बारिश के साथ शीर्ष पर रहा।


सारंगढ़-बिलाईगढ़ में सर्वाधिक बारिश

चालू मानसून सत्र में सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला वर्षा के मामले में प्रदेश में पहले स्थान पर है। यहाँ अब तक 576.7 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो जिले की सामान्य औसत वर्षा का 181.4% है।

अतिरिक्त बारिश वाले प्रमुख जिले:

  • जांजगीर-चांपा: 512.0 मिमी (120.4%)
  • बलौदाबाजार: 453.4 मिमी (119.7%)
  • बिलासपुर: 440.5 मिमी (114.1%)
  • महासमुंद: 427.3 मिमी (112.4%)
  • रायपुर: 395.7 मिमी (112.6%)
  • मुंगेली: 417.7 मिमी (110.4%)
  • बलरामपुर: 391.8 मिमी (160.0%)

इसके अलावा गरियाबंद (435.7 मिमी), सक्ती (419.8 मिमी), कोरबा (409.7 मिमी), दुर्ग (357.7 मिमी), कोरिया (356.0 मिमी), रायगढ़ (353.3 मिमी), बालोद (347.7 मिमी), मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (337.0 मिमी) तथा सूरजपुर (313.0 मिमी) में भी स्थिति बेहतर है।

बस्तर संभाग और दक्षिण छत्तीसगढ़ में अब भी पानी की कमी

प्रदेश के मैदानी और मध्य हिस्सों में मानसून की स्थिति बेहतर है, लेकिन बस्तर संभाग और दक्षिण छत्तीसगढ़ के जिलों में अब भी औसत से काफी कम वर्षा दर्ज की गई है।

सबसे कम बारिश वाले जिले:

मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी: 203.3 मिमी (सामान्य का महज 40.4%)

  • सुकमा: 304.5 मिमी (45.8%)
  • बीजापुर: 359.7 मिमी (49.3%)
  • कांकेर: 261.2 मिमी (50.8%)
  • कोंडागांव: 263.8 मिमी (56.5%)
  • बस्तर: 298.0 मिमी (60.7%)
  • सरगुजा: 185.8 मिमी (65.9%)

अन्य जिलों का हाल

  • दंतेवाड़ा: 438.9 मिमी (86.2%)
  • नारायणपुर: 384.8 मिमी (79.4%)
  • धमतरी: 349.2 मिमी (81.8%)
  • राजनांदगांव: 303.3 मिमी (81.2%)
  • जशपुर: 301.4 मिमी (78.3%)
  • खैरागढ़-छुईखदान-गंडई: 274.2 मिमी (89.9%)
  • बेमेतरा: 253.1 मिमी (80.7%)
  • कबीरधाम: 240.6 मिमी (80.1%)

राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग स्थिति पर लगातार नज़र बनाए हुए है।

छत्तीसगढ़ में अभी और सताएगी गर्मी, मानसून की रफ्तार थमी; अगले कुछ दिनों तक हीटवेव का अलर्ट

No comments Document Thumbnail

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून का इंतजार अभी थोड़ा और बढ़ सकता है। India Meteorological Department (IMD) के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी पड़ गई है। अब संभावना जताई जा रही है कि 23 जून के आसपास मानसून छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में आगे बढ़ सकता है।


मौसम विभाग के मुताबिक मानसून की रफ्तार थमने की वजह से प्रदेश में फिलहाल गर्मी और लू का असर जारी रहेगा। खासकर छत्तीसगढ़ समेत मध्य भारत के कई हिस्सों में 21 जून तक हीटवेव की स्थिति बनी रह सकती है।

छत्तीसगढ़ में बढ़ेगा तापमान, गर्मी करेगी परेशान

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मध्य भारत में 19 जून तक अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। इसका असर छत्तीसगढ़ में भी देखने को मिलेगा। मानसून के सक्रिय होते ही धीरे-धीरे प्रदेश को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।

बिजली गिरने और तेज हवाओं का खतरा

पिछले 24 घंटों में देश के कई हिस्सों में बारिश, तूफान और वज्रपात की घटनाएं दर्ज की गई हैं। मौसम विभाग ने छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है। लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

नया पश्चिमी विक्षोभ बदलेगा मौसम

मौसम विभाग के अनुसार 18 जून से एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय हो रहा है, जिसका असर उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के मौसम पर पड़ेगा। इसके कारण देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदल सकता है।

मानसून आने तक राहत नहीं

विशेषज्ञों का कहना है कि छत्तीसगढ़ में मानसून पूरी तरह सक्रिय होने तक गर्मी और उमस से राहत मिलने की संभावना कम है। फिलहाल प्रदेशवासियों को अगले कुछ दिनों तक तेज गर्मी, उमस और लू जैसे हालात का सामना करना पड़ सकता है।

मानसून की दस्तक से पहले बढ़ी उमस, 3-4 दिन में छत्तीसगढ़ पहुंच सकता है मानसून

No comments Document Thumbnail

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून के आगमन से पहले मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में उमस और चिपचिपी गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं और अगले तीन से चार दिनों के भीतर इसके प्रदेश में प्रवेश करने की संभावना है।


मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान उत्तर छत्तीसगढ़ में अधिकतम तापमान में लगभग 2 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की गई। प्रदेश में सर्वाधिक तापमान 43.5 डिग्री सेल्सियस राजनांदगांव में रिकॉर्ड किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 23.4 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में दर्ज किया गया।

मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि दक्षिण-पश्चिम मानसून महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, झारखंड और बिहार के कई हिस्सों तक पहुंच चुका है। इसके प्रभाव से छत्तीसगढ़ में भी मानसून के प्रवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार हो गया है।

तेज आंधी और बारिश की संभावना

मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए प्रदेश के कई इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है। इस दौरान हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। वहीं अगले दो दिनों में कुछ क्षेत्रों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से आंधी चलने की संभावना जताई गई है। साथ ही कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने के भी आसार हैं।

कई इलाकों में हुई बारिश

पिछले 24 घंटों के दौरान शंकरगढ़, मंदिर हसौद और खरोरा में 10-10 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में भी हल्की बारिश होने की जानकारी मौसम विभाग ने दी है।

रायपुर में बादल छाए रहने के आसार

राजधानी रायपुर में बुधवार को आसमान आंशिक रूप से बादलों से ढका रहने और उमस बने रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, शहर का अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।

 

छत्तीसगढ़ में मानसून की दस्तक जल्द, 5 दिन तक बारिश-आंधी का अलर्ट

No comments Document Thumbnail

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में दक्षिण-पश्चिम मानसून की दस्तक से पहले मौसम का मिजाज बदलने लगा है। मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश, तेज हवाएं और वज्रपात की संभावना जताते हुए अलर्ट जारी किया है। शुक्रवार दोपहर अचानक मौसम में आए बदलाव के बाद कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश दर्ज की गई, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली।


मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में 6 से 10 जून के दौरान एक-दो स्थानों पर आंधी-तूफान के साथ बारिश होने की संभावना है। 6 और 7 जून को कई क्षेत्रों में हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है। वहीं 8 और 9 जून को भी मौसम का यही रुख बने रहने के आसार हैं।

विभाग ने चेतावनी दी है कि इस दौरान 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। साथ ही कई इलाकों में वज्रपात की घटनाएं भी हो सकती हैं। लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के अधिकतम तापमान में विशेष बदलाव दर्ज नहीं किया गया। रायपुर और बिलासपुर सबसे गर्म शहर रहे, जहां अधिकतम तापमान 42.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं पेंड्रा रोड सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 23.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
राजधानी रायपुर में शनिवार को आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने आंधी-तूफान, बारिश और धूल भरी हवाएं चलने की आशंका जताई है। शहर का अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं। इसका प्रभाव जल्द ही छत्तीसगढ़ में देखने को मिल सकता है। हालांकि बारिश की गतिविधियां बढ़ने के बावजूद प्रदेश के कई हिस्सों में गर्मी का असर फिलहाल बना हुआ है।

छत्तीसगढ़ में मानसून का तांडव: रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर सहित कई जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी

No comments Document Thumbnail

Chhattisgarh ka weather: छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर रौद्र रूप में है। शनिवार को राज्य के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। राजधानी रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर सहित कई जिलों में दिनभर घने बादलों के बीच तेज हवाओं और भारी बारिश का दौर जारी है।


भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने शनिवार को प्रदेश के विभिन्न जिलों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। लोगों से अपील की गई है कि वे अत्यंत आवश्यक होने पर ही घर से निकलें और मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करें।

कहाँ कितना खतरा? ऑरेंज-येलो अलर्ट का अपडेट

ऑरेंज अलर्ट: रायपुर, बिलासपुर, बलरामपुर, जशपुर, सूरजपुर, महासमुंद, गरियाबंद और बेमेतरा में अगले 3 घंटे तक तेज बारिश, गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है।

येलो अलर्ट: दुर्ग, सुकमा, बीजापुर, नारायणपुर, कोंडागांव, बस्तर, धमतरी, बालोद और राजनांदगांव में तेज बारिश और हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।

बारिश का असर: नदी-नाले उफान पर, यातायात प्रभावित

प्रदेश के कई हिस्सों में पिछले 24 घंटों के दौरान मध्यम से भारी बारिश रिकॉर्ड की गई है। इसके कारण नदी-नाले उफान पर हैं और कई स्थानों पर सड़कों पर जलभराव हो गया है, जिससे यातायात बाधित हुआ है।

ग्रामीण क्षेत्रों में पुल-पुलिया के ऊपर से पानी बहने की सूचना भी मिल रही है, जिससे गांवों का संपर्क शहरों से टूट सकता है।

तापमान में गिरावट, मौसम में घुली हल्की ठंडक

बारिश के चलते दुर्ग जिले में शनिवार को राज्य का सबसे कम न्यूनतम तापमान 20.2°C दर्ज किया गया। रायपुर में अधिकतम तापमान 24–27 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। इसने लोगों को गर्मी से राहत जरूर दी है, लेकिन लगातार बारिश ने सामान्य जनजीवन पर प्रभाव डाला है।

क्या है वजह? बंगाल की खाड़ी से आ रहा है सिस्टम

मौसम विभाग के अनुसार, यह बारिश पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बने एक दबाव के क्षेत्र का असर है, जो अब छत्तीसगढ़ पर सक्रिय हो गया है। यही सिस्टम आने वाले दिनों में और तेज बारिश का संकेत दे रहा है।

छत्तीसगढ़ में मूसलाधार बारिश का अलर्ट, अगले 5 दिनों तक झमाझम बरसात की चेतावनी

No comments Document Thumbnail

रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून ने एक बार फिर जोरदार वापसी की है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में बीते 24 घंटों से रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी है। राजधानी रायपुर में बुधवार सुबह से शुरू हुई बारिश गुरुवार सुबह तक लगातार होती रही। मौसम विभाग ने आने वाले पांच दिनों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिससे साफ है कि सावन की झड़ी अभी थमने वाली नहीं है।


23 से 26 जुलाई के बीच भारी बारिश की चेतावनी

भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, 23 जुलाई से राज्य में वर्षा की तीव्रता और बढ़ेगी। 23 से 26 जुलाई के बीच कुछ स्थानों पर भारी से अति भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। इसके अलावा 22 से 26 जुलाई तक प्रदेश के विभिन्न जिलों में तेज हवाओं और वज्रपात की भी चेतावनी दी गई है।


इन जिलों में रहेगा ज्यादा असर

आईएमडी के मुताबिक, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर, बलौदाबाजार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली, सरगुजा, सूरजपुर और कोरिया जिलों में गरज-चमक के साथ झमाझम बारिश हो सकती है। इन क्षेत्रों में आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं।

हवा की रफ्तार भी रहेगी तेज

इस दौरान हवा की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा रहने की संभावना है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव और कुछ स्थानों पर पेड़ व बिजली के खंभे गिरने जैसी घटनाएं हो सकती हैं।

एहतियात बरतने की अपील

मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान घरों में सुरक्षित रहें, बिना आवश्यक कारण खुले में न निकलें और आकाशीय बिजली से बचने के लिए सावधानी बरतें। किसान भाइयों को भी सलाह दी गई है कि वे अपनी फसलों और उपकरणों की सुरक्षा की पूर्व तैयारी कर लें।

छत्तीसगढ़ में मौसम का बदला मिजाज, उत्तर क्षेत्रों में भारी बारिश की चेतावनी – अगले चार दिन सतर्क रहें!

No comments Document Thumbnail

 रायपुर: छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर सक्रिय होने जा रहा है। मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि प्रदेश के कई हिस्सों में आज हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं बिलासपुर और सरगुजा संभाग में अगले चार दिनों तक कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना जताई गई है।


दुर्ग, रायपुर और बस्तर जिलों में बारिश की तीव्रता कुछ कम हो सकती है, लेकिन आसमान में बादल छाए रहेंगे और समय-समय पर फुहारें पड़ती रहेंगी।

मौसम विज्ञान केंद्र रायपुर की रिपोर्ट के अनुसार:

उत्तर छत्तीसगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में 5.8 किमी ऊंचाई तक फैला हुआ एक चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है।

मानसून द्रोणिका बीकानेर से उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है।

दो अन्य द्रोणिकाएं अरब सागर और उत्तर प्रदेश से होते हुए छत्तीसगढ़ तक सक्रिय हैं, जिससे नमी युक्त हवाएं प्रदेश में प्रवेश कर रही हैं।

अगले 24 घंटे का पूर्वानुमान:

उत्तर छत्तीसगढ़: एक-दो स्थानों पर भारी बारिश की संभावना
मध्य एवं दक्षिण छत्तीसगढ़: हल्की से मध्यम बारिश, कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ छींटे

सावधानी और चेतावनी:

उत्तर छत्तीसगढ़ के निवासियों और यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे मौसम की अद्यतन जानकारी पर नजर रखें। जिन क्षेत्रों में जलभराव की आशंका है, वहां विशेष सावधानी बरतें। नदी-नालों के आसपास अनावश्यक आवाजाही से बचें।

छत्तीसगढ़ में मानसून की दोबारा सक्रियता राहत के साथ-साथ चुनौती भी लेकर आ सकती है। बारिश से फसल को फायदा हो सकता है, लेकिन भारी बारिश वाले क्षेत्रों में सतर्क रहना जरूरी है।

बारिश बनी आफत! छत्तीसगढ़ के कई जिलों में अलर्ट, प्रशासन हाई अलर्ट पर

No comments Document Thumbnail

 रायपुर : छत्तीसगढ़ में मानसून फिर से सक्रिय हो गया है। प्रदेश के कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। मौसम विभाग ने आज (बुधवार) के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिससे प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है।


रेड अलर्ट वाले जिले:

मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी
बालोद
रायगढ़


इन जिलों में अगले 24 घंटे के भीतर अति भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। प्रशासन ने नागरिकों से अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने की अपील की है। स्कूलों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

ऑरेंज अलर्ट वाले जिले:

जांजगीर-चांपा
सक्ति
सारंगढ़-बिलाईगढ़
बलौदाबाजार-भाटापारा
महासमुंद
गरियाबंद
धमतरी
कांकेर
दुर्ग
राजनांदगांव

इन जिलों में भी भारी वर्षा की संभावना है। कई क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बन चुकी है और जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है।

प्रशासन की अपील

प्रशासन ने सभी जिलों के संबंधित विभागों को अलर्ट पर रखा है। नागरिकों से निचले इलाकों में सावधानी बरतने और आवश्यक होने पर ही घर से निकलने की सलाह दी गई है। आपदा प्रबंधन टीमें भी एक्टिव मोड में हैं।

छत्तीसगढ़ में मानसून: बारिश का दौर जारी, जानिये अब तक प्रदेश में कितनी हुई बारिश

No comments Document Thumbnail

 रायपुर : छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक 229.5 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक बीजापुर जिले में सर्वाधिक 382.7 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 81.5 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है।


राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार सरगुजा में 190.5 मि.मी., सूरजपुर में 308.4 मि.मी., बलरामपुर में 379.0 मि.मी., जशपुर में 370.0 मि.मी., कोरिया में 299.5 मि.मी. और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 211.0 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। रायपुर जिले में 138.3 मि.मी., बलौदाबाजार में 189.8 मि.मी., गरियाबंद में 183.6 मि.मी., महासमुंद में 180.7 मि.मी. और धमतरी में 171.2 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। बिलासपुर में 161.2 मि.मी., मुंगेली में 195.5 मि.मी., रायगढ़ में 367.8 मि.मी., सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 235.4 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 283.4 मि.मी., सक्ती में 259.6 मि.मी. कोरबा में 282.2 मि.मी. और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 214.5 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड हुई है।

दुर्ग जिले में 113.6 मि.मी., कबीरधाम में 137.5 मि.मी., राजनांदगांव में 94.5 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 269.6 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 128.5 मि.मी., बालोद में 163.9 मि.मी. और बस्तर जिले में 371.6 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड हुई है। कोंडागांव में 208.6 मि.मी., कांकेर में 244.7 मि.मी., नारायणपुर में 248.4 मि.मी., दंतेवाड़ा में 340.2 मि.मी. और सुकमा में 167.9 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। 

छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश की चेतावनी, मानसून पूरी तरह सक्रिय

No comments Document Thumbnail

 रायपुर: छत्तीसगढ़ में मानसून ने पूरी तरह से रफ्तार पकड़ ली है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 5 दिनों तक पूरे प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहेगा, जबकि उत्तरी छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। विशेषकर सरगुजा, दुर्ग, और बिलासपुर संभागों में भारी वर्षा का केंद्र रहेगा। पिछले 24 घंटों में इन क्षेत्रों में भारी बारिश दर्ज की गई है।


तापमान और मौसम की स्थिति

  • अधिकतम तापमान: 31.9 डिग्री सेल्सियस (बिलासपुर)

  • न्यूनतम तापमान: 21.0 डिग्री सेल्सियस (राजनांदगांव)

  • रायपुर का मौसम: राजधानी में बादल छाए रहेंगे, गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना। तापमान 24 से 29 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा।

मौसम प्रणाली का प्रभाव

मौसम विभाग ने बताया कि झारखंड और आसपास के क्षेत्रों में एक निम्न दाब का क्षेत्र सक्रिय है, जिसके साथ 5.8 किलोमीटर ऊंचाई तक चक्रीय चक्रवात मौजूद है। यह सिस्टम पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में झारखंड की ओर बढ़ सकता है। इसके अलावा, मानसून द्रोणिका श्रीगंगानगर, रोहतक, कानपुर, वाराणसी, झारखंड, और दीघा से होते हुए पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी तक फैली है। एक अन्य द्रोणिका उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश से झारखंड तक 1.5 से 3.1 किलोमीटर की ऊंचाई पर विस्तारित है।

सावधानी और सलाह

  • भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और भूस्खलन का खतरा।

  • नागरिकों से नदियों और नालों के पास सावधानी बरतने की अपील।

  • मौसम अपडेट के लिए स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की सूचनाओं पर ध्यान दें।

छत्तीसगढ़ में तेज हुई मानसूनी गतिविधियां, रायपुर समेत कई जिलों में भारी बारिश के आसार

No comments Document Thumbnail

 रायपुर: छत्तीसगढ़ में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो गया है। प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश और हवाओं ने लोगों को भीषण गर्मी से राहत दी है। इसके साथ ही अधिकतम तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है।


मौसम विभाग के अनुसार, आज राज्य के कई इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश और वज्रपात की संभावना है। विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान कुछ जिलों में भारी वर्षा की चेतावनी भी जारी की है। वहीं, कल से प्रदेशभर में बारिश की तीव्रता और बढ़ने की संभावना जताई गई है।

पिछले 24 घंटों के दौरान जांजगीर-चांपा और बलौदाबाजार जिलों के कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश दर्ज की गई, जबकि अन्य स्थानों पर मध्यम स्तर की वर्षा हुई है।

राजधानी रायपुर का मौसम:

29 जून को रायपुर में आसमान सामान्यतः बादलों से घिरा रहेगा। अधिकतम तापमान लगभग 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है।

मानसून की मार: बलरामपुर में रिकॉर्ड तोड़ बारिश,अगले 6 दिन भारी बारिश की चेतावनी

No comments Document Thumbnail

 रायपुर : छत्तीसगढ़ में मानसून ने जोर पकड़ लिया है और इसका असर अब हर जिले में दिखने लगा है। गुरुवार को रायपुर, दुर्ग समेत प्रदेश के 106 स्थानों पर झमाझम बारिश दर्ज की गई।


अब अगले 6 दिन और चलेगा मानसूनी असर

इस महीने की सबसे ज्यादा बारिश गुरुवार को दर्ज की गई, औसत आंकड़ा 36.79 मिमी रहा। मौसम विभाग की मानें तो अगले 6 दिनों तक इसी तरह का मौसम बना रहेगा।

30 जिलों में बिजली गिरने का यलो अलर्ट

शुक्रवार को मौसम विभाग ने सूरजपुर, रायगढ़ और कोरिया सहित 30 जिलों में गरज चमक के साथ बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है। स्थानीय लोगों में इसको लेकर डर का माहौल है।

पिछले 24 घंटे में बिलासपुर का तापमान 31.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जो राज्य में सबसे ज्यादा रहा। हालांकि बारिश की बात करें तो जून महीने में अब तक राज्य में 112.6 मिमी ही बारिश हुई है, जो सामान्य से करीब 25% कम है।

बलरामपुर में बारिश ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। यहां जून में अब तक 228.2 मिमी बारिश हो चुकी है, जो सामान्य से 114% ज्यादा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसी बारिश पहले कभी नहीं देखी।

Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.