Media24Media.com: महासमुंद में शेयर मार्केट ट्रेडिंग के नाम पर ₹6.80 लाख की साइबर ठगी का खुलासा, इंदौर से दो आरोपी गिरफ्तार

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महासमुंद में शेयर मार्केट ट्रेडिंग के नाम पर ₹6.80 लाख की साइबर ठगी का खुलासा, इंदौर से दो आरोपी गिरफ्तार

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महासमुंद- शेयर मार्केट में ट्रेडिंग कर अधिक मुनाफा दिलाने का लालच देकर ₹6.80 लाख की साइबर ठगी करने वाले गिरोह का महासमुंद पुलिस ने पर्दाफाश किया है। साइबर थाना महासमुंद में दर्ज मामले की जांच के दौरान पुलिस ने मध्यप्रदेश के इंदौर से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने फर्जी पहचान और सिम कार्ड का इस्तेमाल कर पीड़ित को ट्रेडिंग में बड़ा मुनाफा दिलाने का झांसा दिया और अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर कराई।

फर्जी नाम से किया संपर्क, ट्रेडिंग के नाम पर दिया मुनाफे का झांसा

पुलिस के अनुसार, महासमुंद निवासी मेहुल लुनिया (27) ने साइबर थाना महासमुंद में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के मुताबिक, 2 फरवरी 2026 को उनके मोबाइल पर एक व्यक्ति ने फोन कर खुद को शेयर मार्केट ट्रेडिंग से जुड़ा बताते हुए ट्रेडिंग कॉल उपलब्ध कराने की बात कही। शुरुआत में पीड़ित के पर्सनल डीमैट अकाउंट से ट्रेडिंग कराकर उसे करीब ₹70 से ₹80 हजार का नुकसान कराया गया।

इसके बाद आरोपियों ने पीड़ित को शेयर मार्केट के बजाय फॉरेक्स ट्रेडिंग में अधिक लाभ का लालच दिया। पुलिस के मुताबिक, पीड़ित को अलग-अलग बैंक खातों में रकम जमा करने के लिए कहा गया। इसी दौरान कथित तौर पर ‘झावेरी ट्रेडिंग’ के नाम से एक फर्जी आईडी तैयार कर ब्रोकर का नंबर व्हाट्सऐप के जरिए भेजा गया।

पहले भेजी छोटी रकम, फिर लगातार जमा कराई बड़ी रकम

पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने विश्वास कायम करने के लिए पीड़ित के खाते में ₹12,845 की कथित लाभ राशि भी ट्रांसफर की। इसके बाद अलग-अलग बैंक खातों में रकम जमा कराने का सिलसिला जारी रहा।

पीड़ित ने ऋषि राठौर, जितेन्द्र शर्मा और अनिकेत शर्मा से जुड़े खातों में रकम जमा की। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने लगातार अधिक मुनाफे का लालच देकर और रकम निवेश करने के लिए कहा। जब पीड़ित को अपेक्षित लाभ नहीं मिला और उसने व्हाट्सऐप के जरिए जानकारी मांगी, तो उसे संतोषजनक जवाब नहीं मिला।

पुलिस के मुताबिक, इस तरह अलग-अलग बैंक खातों में कुल ₹6,80,000 जमा कराकर साइबर ठगी की गई।

तकनीकी जांच से इंदौर पहुंची पुलिस

मामले में 12 मार्च 2026 को साइबर थाना महासमुंद में अपराध क्रमांक 01/2026 के तहत धारा 318(4) BNS और 66(D) IT Act में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। विवेचना के दौरान पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल नंबरों के कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी जानकारी जुटाई।

तकनीकी जांच में ऋषि राठौर और जितेन्द्र शर्मा की लोकेशन इंदौर में मिली। इसके बाद महासमुंद पुलिस की टीम ने इंदौर पहुंचकर दोनों आरोपियों को उनके ठिकानों से पकड़ा और पूछताछ की।

फर्जी पहचान और सिम के जरिए ठगी का आरोप

पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में दोनों आरोपियों ने शेयर मार्केट ट्रेडिंग के नाम पर ठगी करने की बात स्वीकार की। पुलिस का आरोप है कि दोनों इंदौर के अपोलो ट्रेड सेंटर स्थित ‘केपिटल रिसर्च’ नाम की कंपनी में क्लाइंट्स को कॉल करने और शेयर मार्केट ट्रेडिंग से संबंधित जानकारी देने का काम करते थे।

पुलिस के अनुसार, पीड़ित से बातचीत के दौरान ऋषि राठौर ने कथित तौर पर हर्ष भारद्वाज और देवांगन सर, जबकि जितेन्द्र शर्मा ने विश्वजीत शर्मा के नाम से अपनी पहचान छिपाई। आरोपियों ने कथित तौर पर इंदौर निवासी हिमांशु दुबे से फर्जी सिम खरीदी और इन्हीं नंबरों के जरिए पीड़ित से संपर्क किया।

अलग-अलग खातों में जमा कराई रकम

पुलिस के मुताबिक, पीड़ित से प्राप्त रकम में से करीब ₹2.50 लाख ऋषि राठौर के केनरा बैंक खाते, करीब ₹2.90 लाख जितेन्द्र शर्मा के बैंक ऑफ इंडिया खाते और करीब ₹1.02 लाख सीहोर निवासी अनिकेत शर्मा के एक्सिस बैंक खाते में जमा कराए गए। इसके अलावा दोनों आरोपियों के खातों में छोटी-छोटी रकम भी जमा कराई गई।

पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपियों ने आपस में योजना बनाकर शेयर मार्केट में अधिक लाभ दिलाने का झांसा दिया और पीड़ित से कुल ₹6.80 लाख की राशि प्राप्त की।

छह मोबाइल फोन जब्त

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपी ऋषि राठौर के कब्जे से चार मोबाइल फोन और जितेन्द्र शर्मा के कब्जे से दो मोबाइल फोन जब्त किए हैं। पुलिस इन उपकरणों से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच कर रही है।

मामले में आरोपियों द्वारा कथित तौर पर फर्जी सिम खरीदकर पहचान छिपाने और योजनाबद्ध तरीके से ठगी करने की बात सामने आने के बाद पुलिस ने प्रकरण में धारा 61(2) BNS भी जोड़ी है।

22 सितंबर को दोनों आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने ऋषि राठौर (28) और जितेन्द्र शर्मा उर्फ जीत उर्फ विश्वजीत (30) को 22 सितंबर 2026 को इंदौर से गिरफ्तार किया। दोनों मूल रूप से सीहोर, मध्यप्रदेश के रहने वाले बताए गए हैं और वर्तमान में इंदौर में रह रहे थे।

दोनों आरोपियों को न्यायिक मजिस्ट्रेट, इंदौर के समक्ष पेश कर ट्रांजिट रिमांड प्राप्त किया गया है।

फर्जी सिम बेचने वाले आरोपी की तलाश जारी

महासमुंद पुलिस के अनुसार, मामले में इस्तेमाल की गई फर्जी सिम उपलब्ध कराने वाले हिमांशु दुबे की भी तलाश की जा रही है। पुलिस मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका और पैसों के लेन-देन से जुड़े नेटवर्क की जांच कर रही है।

पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि शेयर मार्केट, फॉरेक्स ट्रेडिंग या ऑनलाइन निवेश के नाम पर मिलने वाले अधिक और गारंटीड मुनाफे के लालच में किसी अनजान व्यक्ति के बताए बैंक खाते में रकम ट्रांसफर न करें और निवेश से पहले संबंधित संस्था की विश्वसनीयता की जांच जरूर करें।

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