Media24Media.com: मन की बात में पीएम मोदी ने देश की प्रतिभाओं और जनभागीदारी को किया सलाम, नशामुक्त भारत से लेकर ‘वोकल फॉर लोकल’ तक कई मुद्दों पर रखी बात

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मन की बात में पीएम मोदी ने देश की प्रतिभाओं और जनभागीदारी को किया सलाम, नशामुक्त भारत से लेकर ‘वोकल फॉर लोकल’ तक कई मुद्दों पर रखी बात

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नई दिल्ली- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ के नए एपिसोड में देशभर में अलग-अलग क्षेत्रों में अपने छोटे-छोटे प्रयासों से बड़ा बदलाव ला रहे नागरिकों की सराहना की। प्रधानमंत्री ने इतिहास को रोचक बनाने की पहल, नशामुक्त भारत अभियान, महिला सशक्तिकरण, स्वच्छता, फूलों की खेती, वन संरक्षण, अंतरिक्ष विज्ञान, किसानों की नवाचारपूर्ण खेती और भारतीय सिनेमा के महानायक उत्तम कुमार समेत कई विषयों पर विस्तार से चर्चा की।

पीएम मोदी ने कहा कि ‘मन की बात’ ऐसा मंच है, जहां देश के सामान्य नागरिकों की असाधारण पहल और उनके नए विचारों को सामने लाने का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि देश के नागरिक अपनी ऊर्जा और रचनात्मकता से समाज में सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं।

इतिहास को रोचक बनाने की पहल की पीएम मोदी ने सराहना

प्रधानमंत्री ने मुंबई के कृष्ण शेषाद्रि की पहल का विशेष उल्लेख किया, जिन्होंने भारतीय इतिहास को रोचक और आसानी से समझने योग्य बनाने के उद्देश्य से bharatrajya.com वेबसाइट तैयार की है।

कृष्ण शेषाद्रि इंजीनियरिंग और MBA की पढ़ाई के बाद मार्केटिंग के क्षेत्र में आए, लेकिन इतिहास में उनकी रुचि बचपन से ही रही। उन्होंने तकनीक और इतिहास को जोड़कर ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार किया, जहां लोग अलग-अलग वर्षों का चयन करके यह जान सकते हैं कि उस समय भारत के विभिन्न हिस्सों में कौन-से राजा और साम्राज्य शासन कर रहे थे।

प्रधानमंत्री के साथ बातचीत में कृष्ण शेषाद्रि ने बताया कि भारतीय इतिहास को अक्सर कुछ चुनिंदा साम्राज्यों के नजरिए से पढ़ाया जाता है। ऐसे में चोल, पल्लव, कश्मीर के कर्कोट वंश और असम के अहोम जैसे कई महत्वपूर्ण साम्राज्यों के योगदान की जानकारी लोगों तक पर्याप्त रूप से नहीं पहुंच पाती।

उन्होंने बताया कि वेबसाइट को लगातार बेहतर बनाने के लिए लोगों को Correction और Suggestion का विकल्प दिया गया है। इससे इतिहास से जुड़ी जानकारियों को बेहतर करने और नए फीचर जोड़ने में लोगों की भागीदारी हो रही है।

पीएम मोदी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इतिहास को कहानी की तरह प्रस्तुत करने से युवा और बच्चे इससे ज्यादा आसानी से जुड़ सकते हैं।

‘नशामुक्त युवा, विकसित भारत’ अभियान को जनआंदोलन बनाने की अपील

प्रधानमंत्री ने ‘नशामुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ अभियान का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इसका लक्ष्य बिल्कुल स्पष्ट है—नशामुक्त युवा और नशामुक्त भारत।

पीएम मोदी ने कहा कि नशे की समस्या केवल एक व्यक्ति को प्रभावित नहीं करती, बल्कि उसका असर पूरे परिवार और समाज पर पड़ता है। उन्होंने युवाओं, संगीतकारों, छात्रों, थिएटर कलाकारों और कंटेंट क्रिएटर्स से अपील की कि वे अपनी रचनात्मकता का इस्तेमाल नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने में करें।

उन्होंने कहा कि युवा कलाकार नशामुक्त जीवन का संदेश देने वाले गीत बनाएं, विद्यार्थी और थिएटर समूह छोटे नाटक तैयार करें और सोशल मीडिया क्रिएटर्स अलग-अलग भारतीय भाषाओं में प्रभावशाली कंटेंट बनाएं।

प्रधानमंत्री ने लोगों से अपने प्रयासों को सोशल मीडिया पर #NashaMuktYuva के साथ साझा करने की अपील की।

 ‘हर घर तिरंगा’ और ‘सूर्यपथ तिरंगा’ का किया उल्लेख

पीएम मोदी ने अगस्त महीने को देशभक्ति की भावना से जुड़ा महीना बताते हुए राष्ट्रीय हथकरघा दिवस, भारत छोड़ो आंदोलन की वर्षगांठ, विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस, स्वतंत्रता दिवस और राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस का उल्लेख किया।

उन्होंने बताया कि इस वर्ष ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत 8 करोड़ से ज्यादा तिरंगा सेल्फी अपलोड की गईं।

प्रधानमंत्री ने ‘सूर्यपथ तिरंगा’ पहल का भी उल्लेख किया। इसके तहत फिजी के सुवा से लेकर एशिया, अफ्रीका और यूरोप के विभिन्न देशों में स्थित भारतीय मिशनों और पोस्टों तक तिरंगा फहराया गया और अंत में अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को तक यह यात्रा पहुंची।

पीएम मोदी ने कहा कि सूर्य की गति के साथ दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में तिरंगे का फहराया जाना देशवासियों के लिए गौरव और एकता का अद्भुत संदेश है।

 PM SVANidhi से मजबूत हो रहीं देश की लाखों महिलाएं

प्रधानमंत्री ने PM SVANidhi योजना के जरिए महिला सशक्तिकरण की दिशा में हो रहे बदलावों का भी उल्लेख किया।

उन्होंने बताया कि इस योजना के लाभार्थियों में करीब 46 प्रतिशत महिलाएं हैं और लगभग 35 लाख महिलाएं इस योजना से जुड़कर अपने छोटे व्यवसाय को आगे बढ़ा रही हैं।

पीएम मोदी ने गाजियाबाद की बबीता शर्मा का उदाहरण दिया। बबीता पहले सड़क किनारे पूजा सामग्री, फूल, दीये, अगरबत्ती और नारियल बेचती थीं। योजना के माध्यम से आर्थिक सहायता मिलने के बाद उन्होंने अपना स्टॉक बढ़ाया और धीरे-धीरे उनका छोटा सा ठेला एक दुकान में बदल गया।

इसी तरह बेंगलुरु की टी.एस. निंगम्मा की कहानी भी प्रधानमंत्री ने साझा की। निंगम्मा और उनके पति इडली, डोसा और सांभर बेचने का छोटा व्यवसाय करते थे। PM SVANidhi से सहायता मिलने के बाद उन्होंने अपनी गाड़ी को बेहतर बनाया, थोक में सामान खरीदना शुरू किया और मेन्यू में नए व्यंजन जोड़े। इससे उनकी आमदनी बढ़ी और वे अपने तीन बच्चों को बेहतर शिक्षा देने में सक्षम हुईं।

पीएम मोदी ने कहा कि जब किसी महिला का व्यवसाय आगे बढ़ता है तो उसके साथ पूरे परिवार का भविष्य आगे बढ़ता है।

स्वच्छता के लिए युवाओं की पहल की सराहना

प्रधानमंत्री ने उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले के पटवाई गांव के युवाओं की स्वच्छता पहल का भी जिक्र किया।

उन्होंने बताया कि आकाश और रोहन नाम के दो युवाओं ने अपने इलाके में गंदगी देखकर सफाई अभियान शुरू किया। धीरे-धीरे दूसरे युवा भी उनके साथ जुड़ते गए और ‘Clean-up Patwai’ नाम की टीम तैयार हुई।

इस टीम ने अब तक चार गंगा घाटों की सफाई की है और एक टन से अधिक प्लास्टिक कचरा हटाया है। इसके अलावा कई तालाबों और सार्वजनिक स्थानों की भी सफाई की गई है।

अमरनाथ यात्रा में स्वच्छता और सेवा का उदाहरण

पीएम मोदी ने हाल ही में हुई श्री अमरनाथ यात्रा के दौरान स्वच्छता के लिए किए गए प्रयासों की भी सराहना की।

उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान 400 मीट्रिक टन से अधिक कचरा एकत्र कर उसका निपटारा किया गया। करीब 16 हजार श्रद्धालुओं ने स्वच्छता की शपथ ली, जबकि 10 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं को ‘Responsible Yatri’ प्रमाणपत्र दिया गया।

एक अनूठी पहल का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने बताया कि यात्रा में इस्तेमाल होने वाले घोड़ों और खच्चरों के गोबर से बायोगैस तैयार की गई और इसी स्वच्छ ऊर्जा से ‘स्वच्छ ज्योति’ को रोशन किया गया।

नागालैंड की वेसालु पुरो ने फूलों की खेती से बनाई नई पहचान

प्रधानमंत्री ने नागालैंड के फेक जिले की वेसालु पुरो की प्रेरणादायक कहानी भी साझा की।

कृषि परिवार में पली-बढ़ीं वेसालु को बचपन से ही फूलों से विशेष लगाव था। वर्ष 2021 में उन्होंने छोटे स्तर पर फूलों की खेती शुरू की। बाद में उन्होंने कृषि विज्ञान केंद्र से वैज्ञानिक तरीके से फूलों की खेती का प्रशिक्षण लिया।

उन्होंने सिर्फ एक चौथाई एकड़ जमीन पर हजारों ग्लेडियोलस बल्ब लगाए और पहली ही कोशिश में 5 हजार से अधिक फूल प्राप्त किए।

आज उनके फूल केवल स्थानीय बाजार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि नागालैंड से दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों तक पहुंच रहे हैं।

ओडिशा में महिलाओं ने जंगल संरक्षण को बनाया आजीविका का माध्यम

प्रधानमंत्री ने ओडिशा के देब्रीगढ़ क्षेत्र के धोड़्रोकुसुम गांव की मैथिली भुए की कहानी भी सुनाई।

मैथिली भुए पहले जंगल से जलावन, महुआ, केंदू पत्ते, बांस की कोपलें और अन्य वन उपज एकत्र करती थीं। बाद में वे देब्रीगढ़ इको-टूरिज्म से जुड़ीं और जंगल संरक्षण की दिशा में काम करने लगीं।

उनकी पहल से प्रेरित होकर आज 60 से ज्यादा महिलाएं वन संरक्षण से जुड़ी हैं। कुछ महिलाएं वन्यजीवों की सुरक्षा कर रही हैं, कुछ घास के मैदान विकसित करने में योगदान दे रही हैं और कई महिलाएं इको-टूरिज्म से जुड़ी गतिविधियों में भाग ले रही हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि इन महिलाओं ने दिखाया है कि प्रकृति की रक्षा करते हुए आजीविका और समृद्धि का रास्ता भी बनाया जा सकता है।

‘Mission ShaktiSAT’ से हजारों बेटियों को अंतरिक्ष विज्ञान का अवसर

प्रधानमंत्री ने Mission ShaktiSAT को भी विशेष उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि इस पहल के माध्यम से 108 देशों की 12 हजार छात्राओं को सैटेलाइट तकनीक और नवाचार से जुड़ने का अवसर मिल रहा है।

राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के अवसर पर ग्रेटर नोएडा की गौतम बुद्ध यूनिवर्सिटी में मिशन के दूसरे चरण की शुरुआत की गई। इसमें भारत सहित कई देशों की छात्राओं ने हिस्सा लिया। भारत के दूरदराज क्षेत्रों से चयनित छात्राएं भी इस कार्यक्रम का हिस्सा हैं।

इस मिशन का लक्ष्य छात्राओं की भागीदारी से विकसित एक सैटेलाइट को चंद्रमा की कक्षा में भेजने की दिशा में काम करना है।

पीएम मोदी ने विश्वास जताया कि इस पहल से जुड़ी कई बेटियां भविष्य में विज्ञान, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में देश और दुनिया में अपनी पहचान बनाएंगी।

एवोकाडो की खेती से किसानों की बढ़ रही आमदनी

प्रधानमंत्री ने किसानों के नवाचार का उदाहरण देते हुए एवोकाडो की खेती का भी उल्लेख किया।

आंध्र प्रदेश के कडप्पा के किसान वरदराज ने पारंपरिक फसलों के साथ एवोकाडो की खेती शुरू की। उन्होंने YouTube के माध्यम से इसके बारे में जानकारी जुटाई और अब तक करीब 4 टन एवोकाडो का उत्पादन कर चुके हैं।

तमिलनाडु के कोडाइकनाल के किसान चंद्रशेखरन ने आधे हेक्टेयर में एवोकाडो की खेती शुरू की और इससे अच्छी आमदनी प्राप्त कर रहे हैं।

वहीं कर्नाटक के चिक्कमगलुरु में कुछ किसानों ने कॉफी के बागानों के बीच एवोकाडो के पौधे लगाए हैं। इससे उन्हें कॉफी और काली मिर्च के साथ अतिरिक्त आय का स्रोत मिल रहा है।

पीएम मोदी ने कहा कि शहरों में लोग एवोकाडो टोस्ट खाते हैं, वहीं देश के किसान इसी एवोकाडो को अपनी आमदनी बढ़ाने का जरिया बना रहे हैं।

महानायक उत्तम कुमार को पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि

प्रधानमंत्री ने भारतीय सिनेमा के महान अभिनेता उत्तम कुमार की जन्मशती का उल्लेख करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी।

उन्होंने कहा कि उत्तम कुमार ने अपने अभिनय से लोगों के दिलों में खास जगह बनाई। सत्यजीत रे की फिल्म ‘नायक’ को लेकर भी उन्होंने कहा कि फिल्म की पटकथा उत्तम कुमार को ध्यान में रखकर लिखी गई थी।

पीएम मोदी ने उनके अभिनय के साथ-साथ उनके परोपकारी स्वभाव की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि उत्तम कुमार का जीवन यह सीख देता है कि शुरुआती असफलताओं से निराश होकर कभी हार नहीं माननी चाहिए।

प्रधानमंत्री ने बंगाली में श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि महानायक उत्तम कुमार हमेशा लोगों के दिलों में राज करते रहेंगे।

त्योहारों में ‘वोकल फॉर लोकल’ का संदेश

आने वाले त्योहारों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने देशवासियों को जन्माष्टमी, विश्वकर्मा पूजा और दीपावली की शुभकामनाएं दीं।

उन्होंने एक बार फिर ‘वोकल फॉर लोकल’ का आह्वान करते हुए कहा कि इसका मतलब केवल मिट्टी के दीये खरीदना नहीं है, बल्कि घर में खरीदी जाने वाली ज्यादा से ज्यादा वस्तुओं में यह देखना भी है कि वे भारत में बनी हों।

पीएम मोदी ने कहा कि भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए देश में बने उत्पादों पर गर्व करना और उन्हें बढ़ावा देना जरूरी है। उन्होंने क्रिएटर्स, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और सेलिब्रिटीज से भी ‘वोकल फॉर लोकल’ को आगे बढ़ाने में योगदान देने की अपील की।

पीएम मोदी का संदेश

‘मन की बात’ के इस एपिसोड में प्रधानमंत्री का मुख्य संदेश जनभागीदारी, आत्मनिर्भरता, नवाचार और सामाजिक जिम्मेदारी के इर्द-गिर्द रहा। इतिहास से लेकर अंतरिक्ष तक, महिला उद्यमिता से लेकर किसान नवाचार तक और स्वच्छता से लेकर नशामुक्त भारत तक—पीएम मोदी ने देश के नागरिकों के छोटे प्रयासों को बड़े सामाजिक बदलाव की ताकत बताया।

उन्होंने देशवासियों से अपील की कि वे अपने आसपास सकारात्मक बदलाव लाने वाले लोगों और पहलों की जानकारी ‘मन की बात’ के साथ साझा करें, ताकि उनकी कहानियां देश के दूसरे लोगों के लिए भी प्रेरणा बन सकें।

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