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‘मन की बात’ में बार-बार छत्तीसगढ़ का उल्लेख प्रदेशवासियों के लिए गौरव की बात : मुख्यमंत्री साय

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मुख्यमंत्री साय ने फाफाडीह में युवाओं और आमजनों के साथ सुनी ‘मन की बात’ की 136वीं कड़ी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘कैच द रेन’ अभियान के तहत कोरबा में जल संरक्षण के उत्कृष्ट प्रयासों की सराहना की

जल संचयन को जन-अभियान बनाने का किया आह्वान

मुख्यमंत्री ने कारगिल विजय दिवस पर वीर शहीदों को दी श्रद्धांजलि

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर के फाफाडीह स्थित दया भवन में युवा साथियों, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों के साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 136वीं कड़ी का श्रवण किया।

कार्यक्रम के उपरांत मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का ‘मन की बात’ कार्यक्रम देशवासियों के साथ संवाद का एक ऐसा सशक्त मंच बन गया है, जो समाज के बीच हो रहे सकारात्मक और प्रेरणादायी कार्यों को राष्ट्रीय पहचान दिलाता है। देशभर के लोगों को प्रत्येक माह इस कार्यक्रम की उत्सुकता से प्रतीक्षा रहती है। प्रधानमंत्री इस कार्यक्रम के माध्यम से ऐसे व्यक्तियों, संस्थाओं, नवाचारों और जन-अभियानों को सामने लाते हैं, जो बिना किसी प्रसिद्धि या व्यक्तिगत अपेक्षा के समाज और राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।

छत्तीसगढ़ के नवाचारों को लगातार मिल रही राष्ट्रीय पहचान

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा पिछले कुछ महीनों में ‘मन की बात’ कार्यक्रम में लगातार छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों, सांस्कृतिक विरासत और नवाचारों का उल्लेख किया जाना प्रत्येक प्रदेशवासी के लिए गर्व की बात है। प्रधानमंत्री ने इससे पहले मल्हार की समृद्ध पुरातात्विक विरासत, बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे अभिनव आयोजनों का उल्लेख कर छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक शक्ति, जनजातीय परंपराओं और युवा प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच प्रदान किया था।

उन्होंने कहा कि आज के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री द्वारा कोरबा में जल संरक्षण और भूजल पुनर्भरण की दिशा में किए जा रहे उत्कृष्ट कार्यों का उल्लेख किया गया। यह छत्तीसगढ़ के लिए एक और गौरवपूर्ण उपलब्धि है। प्रधानमंत्री द्वारा प्रदेश की उपलब्धियों का राष्ट्रीय मंच पर उल्लेख किए जाने से न केवल छत्तीसगढ़वासियों का उत्साह बढ़ता है, बल्कि राज्य के नवाचारों और जनभागीदारी आधारित विकास मॉडल को देशभर में नई पहचान भी मिलती है।

कोरबा के जल संरक्षण प्रयासों की प्रधानमंत्री ने की सराहना

‘मन की बात’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘कैच द रेन’ अभियान के अंतर्गत देशभर में वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण, पुराने जल स्रोतों के पुनर्जीवन और वृक्षारोपण के लिए किए जा रहे प्रयासों की चर्चा की। उन्होंने छत्तीसगढ़ के कोरबा में जल संरक्षण की दिशा में किए जा रहे कार्यों को उत्साहजनक बताते हुए उनकी सराहना की।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कोरबा में वैज्ञानिक पद्धति से जल संरक्षण और भूजल पुनर्भरण के लिए भू-स्थानिक मैपिंग, शैलो एक्विफर मैनेजमेंट, रिचार्ज वेल तथा अन्य आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है। इन प्रयासों का उद्देश्य वर्षा जल को अधिकतम मात्रा में संरक्षित करना, भूजल स्तर में सुधार लाना और क्षेत्र में जल उपलब्धता को दीर्घकालिक रूप से सुनिश्चित करना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने ‘कैच द रेन’ अभियान के माध्यम से बारिश की प्रत्येक बूंद को सहेजने का जो संदेश दिया है, वह वर्तमान और भविष्य दोनों की आवश्यकता है। जल केवल प्राकृतिक संसाधन नहीं, बल्कि मानव जीवन, कृषि, पर्यावरण और भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का आधार है।

जल संरक्षण को जनभागीदारी का व्यापक अभियान बनाएगी राज्य सरकार

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण, तालाबों और अन्य परंपरागत जल स्रोतों के संरक्षण तथा वृक्षारोपण की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। सरकार का प्रयास है कि जल संरक्षण के कार्य केवल सरकारी योजनाओं और विभागीय गतिविधियों तक सीमित न रहें, बल्कि प्रत्येक नागरिक की भागीदारी से एक व्यापक जन-अभियान का स्वरूप लें।

कारगिल विजय दिवस पर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने ‘मन की बात’ की शुरुआत कारगिल विजय दिवस पर देश के वीर जवानों को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए की। कारगिल विजय दिवस भारतीय सेना के अदम्य साहस, अप्रतिम शौर्य, दृढ़ संकल्प और सर्वोच्च बलिदान का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कारगिल युद्ध में मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों की शौर्यगाथा सदैव देशवासियों को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करती रहेगी। 

‘हर घर तिरंगा’ अभियान में उत्साह से सहभागिता की अपील

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने आगामी स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को पूरे उत्साह और गौरव के साथ आगे बढ़ाने का आह्वान किया है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे अपने घरों और प्रतिष्ठानों पर पूरे सम्मान के साथ तिरंगा फहराएं तथा राष्ट्र की एकता, अखंडता और गौरव के इस उत्सव में सहभागी बनें।

स्थानीय उत्पादों और स्वदेशी परंपराओं को बढ़ावा देने का संदेश
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने कार्यक्रम में ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया।  मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के जनजातीय हस्तशिल्प, कोसा, हथकरघा वस्त्र, बेलमेटल, बांस शिल्प, माटी कला और वन उत्पादों में अपार संभावनाएं हैं। इन्हें अपनाना स्थानीय कारीगरों के श्रम और सृजनशीलता का सम्मान है।

मिट्टी की गणेश प्रतिमाएं अपनाने का आह्वान

मुख्यमंत्री साय ने आगामी गणेशोत्सव के संदर्भ में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा देश की मिट्टी से बनी गणेश प्रतिमाओं को अपनाने की अपील का उल्लेख करते हुए कहा कि पर्यावरण-अनुकूल उत्सव हमारी संस्कृति और प्रकृति के बीच संतुलन बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने कहा कि स्थानीय मिट्टी से निर्मित गणेश प्रतिमाओं की स्थापना से स्थानीय कुम्हारों और शिल्पकारों को रोजगार मिलता है, स्वदेशी उत्पादों को प्रोत्साहन मिलता है और जल स्रोतों को रासायनिक प्रदूषण से बचाने में सहायता मिलती है। मिट्टी से बनी प्रतिमाओं का उपयोग परंपरा, पर्यावरण और स्थानीय अर्थव्यवस्था - तीनों के हित में है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण और हरित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए वृक्षारोपण को जनभागीदारी के माध्यम से आगे बढ़ा रही है। उन्होंने प्रदेशवासियों से ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान में सक्रिय सहभागिता करने का आह्वान किया।

युवा शक्ति की उपलब्धियां देश का गौरव

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री ने खेल, विज्ञान, अंतरिक्ष और नवाचार के क्षेत्र में भारतीय युवाओं की उपलब्धियों की सराहना की। निजी क्षेत्र द्वारा विकसित रॉकेट के सफल प्रक्षेपण, अंतरराष्ट्रीय विज्ञान ओलंपियाड में भारतीय विद्यार्थियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन और खेल जगत में प्राप्त उपलब्धियां नए भारत की युवा शक्ति, प्रतिभा और आत्मविश्वास को दर्शाती हैं।

उन्होंने कहा कि भारत का युवा आज विज्ञान, प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष, खेल और नवाचार के क्षेत्र में विश्व पटल पर देश का नाम रोशन कर रहा है। राज्य सरकार भी छत्तीसगढ़ के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास, खेल सुविधाएं और नवाचार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के सपनों को अवसरों से जोड़ना विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकता है। राष्ट्र की युवा शक्ति ही आने वाले समय में भारत को विश्व की अग्रणी शक्ति बनाएगी।

 इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर, राज्य गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष राजीव लोचन महाराज सहित बड़ी संख्या में युवा, जनप्रतिनिधि, आम नागरिक और गणमान्यजन उपस्थित थे।

मन की बात: कारगिल के शौर्य से लेकर 'वोकल फॉर लोकल' तक, पीएम मोदी ने देशवासियों को दिया कई अहम संदेश

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नई दिल्ली- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के नवीनतम संस्करण में देशवासियों को संबोधित करते हुए कारगिल विजय दिवस, आत्मनिर्भर भारत, जल संरक्षण, पर्यावरण, खेल, विज्ञान, अंतरिक्ष, हस्तशिल्प और 'वोकल फॉर लोकल' जैसे अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार साझा किए।


प्रधानमंत्री ने सबसे पहले कारगिल विजय दिवस पर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि कारगिल की दुर्गम चोटियों पर भारतीय सैनिकों ने अदम्य साहस और पराक्रम का परिचय देते हुए मातृभूमि की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने बताया कि इस वर्ष 'शौर्य विजय यात्रा' के माध्यम से देश की युवा पीढ़ी तक वीर सैनिकों की गाथा पहुंचाई जा रही है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत लगातार अपनी रक्षा क्षमता को मजबूत कर रहा है। उन्होंने स्वदेशी युद्धपोत INS महेंद्रगिरि, पिनाका लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट और कुशा मिसाइल के सफल परीक्षण का उल्लेख करते हुए कहा कि यह आत्मनिर्भर भारत की बढ़ती ताकत का प्रमाण है।

जल संरक्षण पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने 'कैच द रेन' अभियान को जन-आंदोलन बनाने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि देशभर में तालाबों के पुनर्जीवन, वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण और वृक्षारोपण जैसे कार्यों में लोगों की व्यापक भागीदारी देखने को मिल रही है।

खेलों का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने पी.वी. सिंधु के जापान ओपन खिताब और भारतीय महिला क्रिकेट टीम की ऐतिहासिक लॉर्ड्स टेस्ट जीत पर खिलाड़ियों को बधाई दी। उन्होंने भारतीय खिलाड़ियों के बेहतर प्रदर्शन की कामना भी की।

विज्ञान और अंतरिक्ष के क्षेत्र में उपलब्धियों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने निजी क्षेत्र द्वारा विकसित भारत के पहले रॉकेट 'विक्रम-1' की सफल लॉन्चिंग और अंतरराष्ट्रीय विज्ञान ओलंपियाड में भारतीय छात्रों के शानदार प्रदर्शन की सराहना की।

प्रधानमंत्री ने जम्मू-कश्मीर की पारंपरिक 'वागु' चटाई, उत्तर प्रदेश की महिलाओं द्वारा तैयार हर्बल चाय, तथा 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान का भी उल्लेख किया। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय उत्पादों को अपनाने के लिए देशवासियों से आगे आने की अपील की।

उन्होंने गणेश उत्सव पर स्वदेशी मिट्टी से बनी गणेश प्रतिमाएं स्थापित करने, प्लास्टिक मुक्त भारत के लिए 'रिड्यूस, रीयूज और रीसायकल' अपनाने तथा 'वोकल फॉर लोकल' अभियान को मजबूत करने का संदेश दिया।

प्रधानमंत्री ने आगामी राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर लोगों से खादी, हथकरघा और हस्तशिल्प उत्पाद खरीदने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इससे देश के बुनकरों और कारीगरों को आर्थिक मजबूती मिलेगी।

अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम को श्रद्धांजलि दी, गुरु पूर्णिमा की शुभकामनाएं दीं और आगामी 'हर घर तिरंगा' अभियान में पूरे उत्साह से भाग लेने का आह्वान किया।

CM साय ने 'मन की बात' का 136वां एपिसोड सुना; बोले- 'यह राष्ट्रसेवा के संकल्प को दृढ़ करने वाला संवाद'

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 रायपुर : छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 136वें एपिसोड का रायपुर स्थित दया भवन में श्रवण किया।


कार्यक्रम के पश्चात मुख्यमंत्री साय ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रेरणादायी संवाद का सहभागी बनना राष्ट्रसेवा के संकल्प को और अधिक दृढ़ करने वाला अनुभव रहा। उन्होंने कहा कि एक दशक से अधिक समय में ‘मन की बात’ केवल एक रेडियो कार्यक्रम बनकर नहीं रहा, बल्कि यह जनभागीदारी के एक राष्ट्रीय अभियान के रूप में स्थापित हो चुका है। यह देश के कोने-कोने में हो रहे सकारात्मक प्रयासों, अनाम नायकों और प्रेरक नवाचारों को राष्ट्रीय पहचान देकर प्रत्येक नागरिक को राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया से जोड़ने का प्रभावी माध्यम बना है।

कोरबा के अमृत सरोवर और 'हर घर तिरंगा' का जिक्र

मुख्यमंत्री ने बताया कि आज के एपिसोड में प्रधानमंत्री मोदी ने छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में अमृत सरोवर योजना के तहत तालाबों के संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों का विशेष उल्लेख किया। अनेक प्रेरक उदाहरणों के माध्यम से प्रधानमंत्री ने जनसहभागिता की शक्ति को रेखांकित किया है। इसके साथ ही उन्होंने आगामी स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को जन-जन का उत्सव बनाने का भी आह्वान किया।

सीएम साय ने कहा कि प्रधानमंत्री का यह सतत संवाद हमें विश्वास दिलाता है कि विकसित भारत का मार्ग जागरूक नागरिकों के सामूहिक संकल्प, कर्तव्यबोध और जनशक्ति से ही प्रशस्त होगा।

प्रमुख जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता रहे मौजूद

रायपुर स्थित दया भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक पुरंदर मिश्रा, अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं बड़ी संख्या में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।

आत्मनिर्भर भारत की ओर बढ़ता देश, प्रधानमंत्री ने 'मन की बात' में गिनाईं उपलब्धियां

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नई दिल्ली- प्रधानमंत्री ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' में देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत सुरक्षा, आत्मनिर्भरता, विज्ञान और सामाजिक भागीदारी के क्षेत्र में लगातार नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है। उन्होंने स्वदेशी रक्षा उत्पादन, योग, पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी की सराहना की।

प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत में निर्मित C-295 विमान की पहली सफल उड़ान देश के रक्षा और एयरोस्पेस क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि है। इसके साथ ही DRDO द्वारा स्वदेशी लॉन्ग-रेंज लैंड-अटैक क्रूज मिसाइल का सफल परीक्षण भारत की रक्षा क्षमता को और मजबूत करेगा।

उन्होंने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का उल्लेख करते हुए कहा कि इस वर्ष दुनिया भर के 2,500 से अधिक स्थानों पर योग कार्यक्रम आयोजित किए गए। अहमदाबाद में आयोजित विश्व योगासन चैंपियनशिप में भारत ने 114 पदक जीतकर पहला स्थान हासिल किया।

प्रधानमंत्री ने नागरिकों से पर्यावरण संरक्षण और आत्मनिर्भरता के लिए स्थानीय उत्पाद अपनाने की अपील की। उन्होंने आगामी गणेश उत्सव के अवसर पर मिट्टी से बनी स्थानीय कारीगरों की गणेश प्रतिमाएं खरीदने तथा प्लास्टर ऑफ पेरिस (POP) की मूर्तियों से बचने का आग्रह किया।

कार्यक्रम में उन्होंने प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना का भी उल्लेख करते हुए लोगों से इन योजनाओं का लाभ उठाने और अधिक से अधिक लोगों तक इसकी जानकारी पहुंचाने की अपील की।

अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने जल संरक्षण, 'कैच द रेन' अभियान और जनभागीदारी को देश की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए सभी नागरिकों से इसमें सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।

“मन की बात” में छत्तीसगढ़ का निरंतर जिक्र गौरव की बात : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

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प्रधानमंत्री ने छत्तीसगढ़ में काले हिरण संरक्षण प्रयासों की सराहना कर बढ़ाया प्रदेश का मान - मुख्यमंत्री साय

जनभागीदारी और नवाचार को राष्ट्रीय मंच पर मिल रही पहचान उत्साहजनक : "मन की बात”  देश के जनमानस को जोड़ने वाला एक सशक्त माध्यम - मुख्यमंत्री

रायपुर- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अपने लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम “मन की बात” में छत्तीसगढ़ में काले हिरण के संरक्षण के प्रयासों का उल्लेख किए जाने पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसे प्रदेश के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों का लगातार जिक्र होना न केवल राज्य की पहचान को सुदृढ़ करता है, बल्कि प्रदेशवासियों के मनोबल को भी नई ऊंचाई प्रदान करता है। 

मुख्यमंत्री साय ने राजधानी रायपुर के भाटागांव स्थित विनायक सिटी में विशाल जनसमूह के साथ “मन की बात” की 133वीं कड़ी का श्रवण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि “मन की बात” आज देश के जनमानस को जोड़ने वाला एक सशक्त माध्यम बन चुका है, जिसके जरिए देश के कोने-कोने में हो रहे नवाचार, जनभागीदारी और जमीनी स्तर के उत्कृष्ट प्रयासों को राष्ट्रीय पहचान मिलती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक अभिभावक की तरह देशवासियों से संवाद करते हुए न केवल प्रेरणादायक कहानियों को सामने लाते हैं, बल्कि समाज के हर वर्ग को सकारात्मक बदलाव के लिए प्रेरित भी करते हैं। इस संवाद के माध्यम से लोगों में सहभागिता की भावना मजबूत होती है और राष्ट्र निर्माण की दिशा में सामूहिक प्रयासों को नई ऊर्जा मिलती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में काले हिरण संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों का राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेख होना राज्य के लिए विशेष सम्मान का विषय है। इससे यह स्पष्ट होता है कि पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता के प्रति प्रदेश की प्रतिबद्धता मजबूत है। साथ ही, यह अन्य राज्यों के लिए भी एक प्रेरणादायक मॉडल के रूप में उभर रहा है।

उन्होंने आगे कहा कि बांस को पेड़ की श्रेणी से अलग कर विशेष श्रेणी में शामिल किए जाने के बाद इसके उपयोग में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे विशेष रूप से महिलाओं की आय में सकारात्मक बदलाव आया है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री द्वारा पवन ऊर्जा की आवश्यकता और संभावनाओं पर दिए गए विशेष जोर का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में भी इस दिशा में निरंतर और ठोस प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे भविष्य में ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री साय ने एक अनूठी पहल करते हुए उपस्थित जनसमूह के साथ घर से लाए गए छत्तीसगढ़ी व्यंजनों को साझा कर साथ में भोजन किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में आपसी विश्वास, अपनापन और एकता की भावना को मजबूत करते हैं।

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, वन मंत्री केदार कश्यप, विधायक पुरन्दर मिश्रा, विधायक संपत अग्रवाल, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष मोना सेन, अजय जामवाल, अखिलेश सोनी, रमेश ठाकुर सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में  गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुनी ‘मन की बात’ की 132वीं कड़ी

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जल संरक्षण में छत्तीसगढ़ बना देश के लिए मिसाल: कोरिया जिले के जल संरक्षण मॉडल की प्रधानमंत्री ने की सराहना

मन की बात में छत्तीसगढ़ के जल संवर्धन प्रयासों को मिली राष्ट्रीय पहचान, अब इसे जन आंदोलन बनाना हमारा संकल्प - मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 132वीं कड़ी सुनी और इसे राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरणादायी बताया। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम देश के कोने-कोने में हो रहे सकारात्मक नवाचारों और जनभागीदारी को राष्ट्रीय मंच प्रदान कर समाज में नई ऊर्जा और प्रेरणा का संचार करता है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कोरिया जिले के किसानों के जल संरक्षण प्रयासों की सराहना छत्तीसगढ़ के लिए अत्यंत गर्व और प्रेरणा का विषय है। यह दर्शाता है कि प्रदेश में जमीनी स्तर पर हो रहे कार्य अब राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रहे हैं।

उन्होंने कहा कि ‘आवा पानी झोंकी’ जैसे अभिनव मॉडल के माध्यम से किसानों ने अपने खेतों में रिचार्ज तालाब और सोख्ता गड्ढों का निर्माण कर वर्षा जल को सहेजने का सराहनीय कार्य किया है। यह जनभागीदारी आधारित पहल आज भूजल स्तर में सुधार की एक सशक्त मिसाल बन चुकी है और अन्य क्षेत्रों के लिए भी मार्गदर्शक बन रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जल संरक्षण अब एक जन आंदोलन का रूप ले चुका है और छत्तीसगढ़ में भी इसे जनभागीदारी से जोड़ते हुए व्यापक स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों से जल संरक्षण को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने और इसमें सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ‘मन की बात’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री द्वारा मत्स्य उत्पादन में आत्मनिर्भरता, फिटनेस को बढ़ावा, शुगर इंटेक में कमी और खेलों के लिए अनुकूल वातावरण निर्माण जैसे विषयों पर दिए गए संदेश अत्यंत उपयोगी और प्रेरणादायी हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने, युवाओं को खेलों से जोड़ने और स्वस्थ जीवनशैली को प्रोत्साहित करने के लिए योजनाबद्ध प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और युवाओं के लिए नए अवसर सृजित होंगे।

मुख्यमंत्री साय ने पश्चिमी एशिया में उत्पन्न परिस्थितियों के संदर्भ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए संदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि देश हर चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है और केंद्र तथा राज्य सरकारें समन्वय के साथ कार्य कर रही हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों को आश्वस्त किया कि छत्तीसगढ़ में पेट्रोलियम उत्पादों, रसोई गैस और अन्य आवश्यक वस्तुओं की पर्याप्त उपलब्धता है तथा आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह सुचारु और सामान्य है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अफवाहों से दूर रहें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जनभागीदारी की शक्ति के साथ जल संरक्षण को और मजबूत कर छत्तीसगढ़ को सुरक्षित, समृद्ध और जल-संपन्न भविष्य की ओर ले जाने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है तथा प्रदेश निरंतर नवाचार, सहभागिता और सुशासन के माध्यम से विकास की नई दिशा तय कर रहा है।

इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा, छत्तीसगढ़ नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार कृष्णा दास सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

प्रधानमंत्री मोदी ने ‘मन की बात’ में साझा की देश के युवाओं, खेलों और जल-संरक्षण की प्रेरक कहानियाँ

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मार्च माह के ‘मन की बात’ कार्यक्रम में देशवासियों को संबोधित करते हुए विश्व की चुनौतियों, युवाओं की सहभागिता, खेलों में उपलब्धियों, जल-संरक्षण और सौर ऊर्जा क्रांति से जुड़ी प्रेरक कहानियों पर प्रकाश डाला।

प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्तमान विश्व परिस्थितियाँ कोरोना संकट के बाद भी शांति और स्थिरता के लिए चुनौतीपूर्ण बनी हुई हैं। पड़ोसी देशों में युद्ध और संघर्ष से पेट्रोल और डीज़ल जैसी आवश्यकताओं पर असर पड़ रहा है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे अफवाहों से बचें और केवल सरकारी सूचना पर भरोसा करें।

युवाओं की सक्रिय भागीदारी और शिक्षा में नवाचार

प्रधानमंत्री ने ज्ञान भारतम सर्वे का जिक्र करते हुए कहा कि देश भर के नागरिक प्राचीन पांडुलिपियों की जानकारी साझा कर रहे हैं। इस पहल में अरुणाचल प्रदेश, पंजाब, राजस्थान और लद्दाख से हजारों पांडुलिपियाँ ऐप के माध्यम से साझा की गई हैं।

युवा संगठन MY Bharat के माध्यम से देश के युवाओं को नीति निर्माण और बजट प्रक्रिया में जोड़ने का प्रयास हो रहा है। लगभग 12 लाख युवाओं ने इस बजट क्विज़ में भाग लिया। प्रधानमंत्री ने युवाओं के विचारों की सराहना की, जो किसान कल्याण, महिला नेतृत्व, हरित भारत, खेल प्रतिभा और कौशल विकास जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में योगदान दे रहे हैं।

खेलों में उपलब्धियाँ और नई प्रेरणाएँ

प्रधानमंत्री ने जम्मू-कश्मीर की क्रिकेट टीम की रणजी ट्रॉफी जीत और अन्य खेल उपलब्धियों की भी सराहना की। उन्होंने विशेष रूप से गोलवीर सिंह (उत्तर प्रदेश) और अनाहत सिंह (स्क्वैश) की अंतरराष्ट्रीय सफलताओं का उल्लेख किया। उन्होंने योग और फिटनेस पर भी ध्यान देने का आग्रह किया।

जल-संरक्षण और पर्यावरणीय प्रयास

प्रधानमंत्री ने ‘जल संचय अभियान’ और ‘अमृत सरोवर अभियान’ के तहत देश भर में किए गए जल संरक्षण प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने त्रिपुरा के वांगमुन गाँव, छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले, और तेलंगाना के मुढ़िगुंटा गाँव के उदाहरण साझा किए, जहाँ समुदाय ने मिलकर जल संकट कम किया।

मछली पालन और महिला उद्यमिता में सफलता

प्रधानमंत्री ने ओडिशा की सुझाता भुयान, लक्षद्वीप की हव्वा गुलजार, कर्नाटक के शिवलिंग सतप्पा जैसे उद्यमियों के उदाहरण प्रस्तुत किए, जिन्होंने मछली पालन और सौर ऊर्जा में नवाचार करके परिवार और समाज की सेवा की।

सौर ऊर्जा क्रांति और स्वावलंबन

प्रधानमंत्री ने ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ के तहत देशभर में सौर ऊर्जा के बढ़ते उपयोग और इससे लोगों के जीवन में आए सकारात्मक बदलावों का जिक्र किया। उन्होंने गुजरात, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और पूर्वोत्तर के उदाहरण साझा किए, जहाँ लोगों ने सौर पंप और सोलर पैनल अपनाकर अपने जीवन और व्यवसाय को बेहतर बनाया।

प्रधानमंत्री मोदी ने अंत में कहा कि ‘मन की बात’ अब केवल कार्यक्रम नहीं, बल्कि देशवासियों के बीच साझा संवाद बन गया है। उन्होंने सभी से प्रेरक कहानियाँ साझा करने का आग्रह किया और देशवासियों को स्वस्थ, खुशहाल और सतर्क रहने की शुभकामनाएँ दीं।


प्रधानमंत्री मोदी ने माधवपुर मेले के लिए दी शुभकामनाएँ, बताया संस्कृति में इसका महत्व

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प्रधान मंत्री, नरेंद्र मोदी ने गुजरात के पोर्बंदर में चल रहे माधवपुर मेला के लिए शुभकामनाएँ दी हैं। मोदी ने कहा कि यह जीवंत उत्सव हमारी शानदार संस्कृति को उजागर करता है और साथ ही गुजरात और पूर्वोत्तर के बीच शाश्वत सांस्कृतिक संबंध को भी मजबूत करता है।

“यह त्योहार विविध परंपराओं को एक साथ लाता है, जो ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की सच्ची भावना को दर्शाता है। मैं लोगों से इस मेले में आने का आग्रह करता हूँ!” मोदी ने कहा।

प्रधान मंत्री ने अप्रैल 2022 के मन की बात कार्यक्रम में माधवपुर मेले के महत्व और हमारी संस्कृति में इसकी भूमिका के बारे में भी बात की थी।

प्रधान मंत्री ने X (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट किया:

“गुजरात के पोर्बंदर में चल रहे माधवपुर मेले के लिए मेरी हार्दिक शुभकामनाएँ।
यह जीवंत उत्सव हमारी शानदार संस्कृति को उजागर करता है और साथ ही गुजरात और पूर्वोत्तर के बीच शाश्वत सांस्कृतिक संबंध को भी मजबूत करता है।
यह त्योहार विविध परंपराओं को एक साथ लाता है, जो ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की सच्ची भावना को दर्शाता है। मैं लोगों से इस मेले में आने का आग्रह करता हूँ!”

“अप्रैल 2022 के #मनकीबात कार्यक्रम में मैंने माधवपुर मेले के महत्व और हमारी संस्कृति में इसकी भूमिका के बारे में बात की थी। कृपया इसे सुनें…”



‘मन की बात’ के अंतिम एपिसोड में प्रधानमंत्री मोदी ने गिनाईं 2025 की उपलब्धियां, 2026 के लिए दिया प्रेरणादायी संदेश

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2025 के अंतिम ‘मन की बात’ कार्यक्रम में देशवासियों को संबोधित करते हुए बीते वर्ष की उपलब्धियों, चुनौतियों और भविष्य की दिशा पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 भारत के लिए गौरव, आत्मविश्वास और संकल्प का वर्ष रहा, जिसने देश को 2026 के लिए नई ऊर्जा और नई उम्मीदें दी हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने यह स्पष्ट कर दिया कि आज का भारत अपनी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करता। इस अभियान के दौरान देशभर में मातृभूमि के प्रति अपार प्रेम और राष्ट्रभक्ति देखने को मिली।

150 वर्ष पूरे करने पर ‘वंदे मातरम्’ को किया नमन

प्रधानमंत्री ने बताया कि 2025 में ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे हुए, जिस पर देशवासियों ने #VandeMataram150 के माध्यम से उत्साहपूर्वक भागीदारी की।

खेल, विज्ञान और अंतरिक्ष में भारत की ऐतिहासिक उपलब्धियां

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि खेल के क्षेत्र में यह वर्ष ऐतिहासिक रहा।

  • भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम ने ICC चैंपियंस ट्रॉफी जीती

  • महिला क्रिकेट टीम ने पहली बार विश्व कप अपने नाम किया

  • भारतीय बेटियों ने महिला ब्लाइंड T20 विश्व कप जीतकर इतिहास रचा

  • पैरा एथलीटों ने विश्व मंच पर भारत का परचम लहराया

विज्ञान और अंतरिक्ष के क्षेत्र में भारत ने बड़ी छलांग लगाई। शुभांशु शुक्ला अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) तक पहुंचने वाले पहले भारतीय बने।

पर्यावरण, संस्कृति और आस्था का संगम

प्रधानमंत्री ने बताया कि देश में चीतों की संख्या बढ़कर 30 से अधिक हो गई है।
प्रयागराज महाकुंभ और अयोध्या में राम मंदिर ध्वजारोहण जैसे आयोजनों ने देश की सांस्कृतिक चेतना को नई ऊंचाई दी। साथ ही स्वदेशी उत्पादों को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ी।

युवा शक्ति ही भारत की सबसे बड़ी ताकत

प्रधानमंत्री मोदी ने युवाओं को भारत की सबसे बड़ी आशा बताया। उन्होंने ‘विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग’ का उल्लेख करते हुए कहा कि 12 जनवरी, राष्ट्रीय युवा दिवस पर युवा अपने विचार साझा करेंगे।
‘स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन 2025’ में 13 लाख से अधिक छात्रों की भागीदारी को उन्होंने नवाचार की मिसाल बताया।

संस्कृति से जुड़ाव की प्रेरक कहानियां

IISc बेंगलुरु की ‘गीतांजलि’ पहल और दुबई की ‘कन्नड़ पाठशाला’ का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि युवा आधुनिकता के साथ अपनी जड़ों से जुड़े हुए हैं।

मणिपुर से प्रेरणा: सौर ऊर्जा से बदली तस्वीर

मणिपुर के मोइरंगथेम सेठ द्वारा सौर ऊर्जा के उपयोग से गांवों में बिजली, स्वास्थ्य और आजीविका सुधारने के प्रयासों की प्रधानमंत्री ने सराहना की।

काशी-तमिल संगम और भाषा की एकता

प्रधानमंत्री ने कहा कि तमिल भाषा के प्रति देशभर में बढ़ता आकर्षण भारत की एकता का प्रतीक है। काशी के बच्चों द्वारा तमिल बोलने का उदाहरण उन्होंने साझा किया।

स्वतंत्रता सेनानियों को किया नमन

ओडिशा की स्वतंत्रता सेनानी पार्वती गिरी की जन्म शताब्दी पर प्रधानमंत्री ने उन्हें श्रद्धांजलि दी और ‘अनसंग हीरोज’ को याद रखने का आह्वान किया।

एंटीबायोटिक के दुरुपयोग पर चिंता

ICMR रिपोर्ट का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने लोगों से बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक लेने से बचने की अपील की।

लोक कला और महिला सशक्तिकरण

आंध्र प्रदेश की नरसापुरम लेस कला, मणिपुर की मार्गरेट रामथारसिएम और चोखोने क्रिचेना के प्रयासों को प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भर भारत की प्रेरणा बताया।

रण उत्सव का आमंत्रण

प्रधानमंत्री ने गुजरात के कच्छ रणोत्सव में देशवासियों को भाग लेने का निमंत्रण दिया और भारत की विविधता का आनंद लेने की अपील की।

2026 के लिए संदेश

अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 2026 ‘विकसित भारत’ की यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव होगा। उन्होंने फिट इंडिया आंदोलन को अपनाने, नियमित व्यायाम करने और नए वर्ष के लिए शुभकामनाएं दीं।

“वंदे मातरम्! आप सभी को नववर्ष 2026 की हार्दिक शुभकामनाएं।”


प्रधानमंत्री मोदी ने ‘मन की बात’ में साझा की देश की उपलब्धियां और युवा सशक्तिकरण की कहानी

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नई दिल्ली- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नवंबर 2025 के 'मन की बात' कार्यक्रम में देशवासियों को संबोधित करते हुए देश की विभिन्न उपलब्धियों, युवा सशक्तिकरण, कृषि, खेल और संस्कृति के क्षेत्रों में प्रगति का जिक्र किया। उन्होंने विशेष रूप से विज्ञान, प्रौद्योगिकी, प्राकृतिक खेती, मधुमक्खी पालन, खेल और पर्यटन जैसे विषयों पर जोर देते हुए लोगों से ‘वोकल फॉर लोकल’ के मंत्र को अपनाने का आग्रह किया।

विज्ञान, अंतरिक्ष और नौसेना में प्रगति

प्रधानमंत्री ने हाल ही में हैदराबाद में दुनिया की सबसे बड़ी लीप इंजन MRO सुविधा का उद्घाटन किया और मुंबई में भारतीय नौसेना में INS 'महे' के शामिल होने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह देश की नई सोच, नवाचार और युवाओं की शक्ति का परिचायक है।

उन्होंने ISRO द्वारा आयोजित मार्स ड्रोन प्रतियोगिता का उदाहरण देते हुए कहा कि पुणे की टीम ने बार-बार असफलताओं के बावजूद अपने ड्रोन को मार्स जैसे वातावरण में उड़ाने में सफलता पाई। प्रधानमंत्री ने इसे युवाओं की समर्पित मानसिकता और वैज्ञानिकों के आत्मविश्वास का प्रतीक बताया।

कृषि और मधुमक्खी पालन में देश की उपलब्धियां

प्रधानमंत्री ने भारत में खाद्यान्न उत्पादन की उपलब्धि का जिक्र किया। देश ने 357 मिलियन टन उत्पादन का रिकॉर्ड बनाया है, जो 10 साल पहले की तुलना में 100 मिलियन टन अधिक है।

उन्होंने जम्मू-कश्मीर के 'रम्बन सुलाई हनी', कर्नाटक के 'शिवगंगा कलंजीया', और नागालैंड के 'क्लिफ-हनी' जैसे विशेष मधुमक्खी पालन कार्यक्रमों का उदाहरण दिया। उन्होंने बताया कि देश में मधुमक्खी पालन के माध्यम से 1.5 लाख टन से अधिक शहद का उत्पादन हो रहा है और एक्सपोर्ट में तीन गुना वृद्धि हुई है।

खेल और सहनशक्ति वाले खेल

प्रधानमंत्री मोदी ने खेल क्षेत्र में भी देश की उपलब्धियों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस महीने भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने ICC वुमेन्स वर्ल्ड कप जीता। इसके अलावा, भारत ने टोक्यो में डिफ ओलंपिक्स में 20 पदक, कबड्डी वर्ल्ड कप, वर्ल्ड बॉक्सिंग कप और ब्लाइंड क्रिकेट वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन किया।

उन्होंने 'एंड्यूरेंस स्पोर्ट्स' और 'आयरनमैन ट्रायथलॉन' जैसे खेलों में बढ़ती युवा भागीदारी को सराहा और Fit India Sundays जैसे कार्यक्रमों का उदाहरण दिया।

संस्कृति, पर्यटन और प्राकृतिक खेती

प्रधानमंत्री ने कुरुक्षेत्र में महाभारत अनुभव केंद्र और अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव का जिक्र करते हुए बताया कि दुनिया भर से लोग गीता के अद्भुत संदेश से प्रेरित हो रहे हैं।

उन्होंने प्राकृतिक खेती की ओर युवाओं के रुझान और दक्षिण भारत में बढ़ती जागरूकता पर भी प्रकाश डाला। प्रधानमंत्री ने 'काशी-तमिल संगम' का उल्लेख करते हुए तमिल संस्कृति और भाषा को देश की गौरवशाली धरोहर बताया।

सर्दियों के पर्यटन पर भी उन्होंने ध्यान केंद्रित किया और उत्तराखंड के शीतकालीन पर्यटन स्थलों, हाई अल्टिट्यूड अल्ट्रा रन मैराथन, और ‘Wed in India’ अभियान की लोकप्रियता का जिक्र किया।

वोकल फॉर लोकल और हस्तशिल्प

प्रधानमंत्री ने G20 शिखर सम्मेलन में प्रस्तुत किए गए भारत के हस्तशिल्प और शिल्पकला के उदाहरणों का उल्लेख किया। उन्होंने देशवासियों से आग्रह किया कि वे ‘वोकल फॉर लोकल’ के मंत्र को अपनाएं, केवल देश में बने उत्पाद खरीदें और इस अभियान को आगे बढ़ाएं।

संदेश और प्रेरणा

प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों से अपील की कि युवा, विज्ञान, खेल, कृषि, पर्यटन और सांस्कृतिक गतिविधियों में सक्रिय रहें। उन्होंने कहा कि कठिनाइयों के बावजूद समर्पण और टीमवर्क से हर क्षेत्र में सफलता संभव है।

प्रधानमंत्री ने सर्दियों के मौसम में स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने और आने वाले महीनों में नई कहानियों और उपलब्धियों पर चर्चा करने का संदेश भी दिया।

निष्कर्ष: प्रधानमंत्री मोदी का ‘मन की बात’ कार्यक्रम देशवासियों के लिए प्रेरणा और उपलब्धियों का उत्सव है। विज्ञान, कृषि, खेल, संस्कृति और आत्मनिर्भर भारत के संदेश से भरा यह कार्यक्रम देशवासियों में उत्साह और नई ऊर्जा भरता है।


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