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पीएम मोदी का विपक्ष पर हमला, बोले- देश पर संकट आता है तो इन्हें खुशी मिलती है

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 बनासकांठा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के बनासकांठा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष देश को मुश्किल में देखकर खुश होता है और संकट के समय जनता के बीच डर और अफवाह फैलाने का काम करता है। पीएम मोदी ने ईरान में जारी तनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि जब भारत एकजुट होकर परिस्थितियों का सामना कर रहा है, तब विपक्ष खाद और गैस की किल्लत जैसी अफवाहें फैलाकर लोगों को डराने में जुटा है।


प्रधानमंत्री ने बनासकांठा में 14 हजार करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 24वीं किस्त भी जारी की। इसके तहत करीब 19 हजार करोड़ रुपये किसानों के खातों में भेजे गए।

'देश पर संकट आता है तो इन्हें खुशी मिलती है'

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि कुछ लोग देश को मुश्किल में देखना चाहते हैं। जब देश पर संकट आता है तो उन्हें खुशी मिलती है। उन्होंने कहा कि ईरान में तनाव के बीच भारत एकजुट होकर हालात का सामना करने में जुटा है, लेकिन विपक्ष अफवाह फैलाने का काम कर रहा है।

पीएम मोदी के मुताबिक, लोगों के बीच यह डर फैलाया गया कि देश में खाद की कमी हो जाएगी और बहनों को गैस नहीं मिलेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष का मकसद देश में अफरातफरी का माहौल पैदा करना और सरकार को बदनाम करना था। प्रधानमंत्री ने कहा कि वह अपनी आखिरी सांस तक देशवासियों की सेवा करते रहेंगे।

चारपाइयों पर बैठे नजर आए कार्यक्रम में शामिल लोग

बनासकांठा के कार्यक्रम में एक खास नजारा भी देखने को मिला। यहां मौजूद लोग कुर्सियों के बजाय चारपाइयों पर बैठे थे। इस पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश के लोगों के लिए यह हैरानी की बात हो सकती है कि कार्यक्रम में सभी लोग चारपाइयों पर बैठे हैं।

उन्होंने बनासकांठा की सराहना करते हुए कहा कि यहां गांवों की परंपरा को फिर से जीवित किया गया है। पीएम मोदी ने मजाकिया अंदाज में कहा कि अगर इसकी जानकारी गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स को दी जाती तो शायद इसे विश्व रिकॉर्ड के रूप में मान्यता मिल जाती।

कृषि बजट में पांच गुना बढ़ोतरी का दावा

प्रधानमंत्री ने किसानों को सरकार की प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर बताते हुए कहा कि अन्नदाता विकसित भारत के मजबूत स्तंभ हैं। उन्होंने कहा कि किसानों, पशुपालकों, महिलाओं और बच्चों के कल्याण के लिए कई योजनाएं और परियोजनाएं शुरू की गई हैं।

पीएम मोदी ने दावा किया कि वर्ष 2013 की तुलना में देश का कृषि बजट पांच गुना बढ़ गया है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना को करोड़ों छोटे किसानों के जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए उन्होंने कहा कि इस योजना के माध्यम से किसानों को सीधे आर्थिक सहायता मिल रही है।

एमएसपी को लेकर पिछली सरकारों पर साधा निशाना

प्रधानमंत्री ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के मुद्दे पर भी पिछली सरकारों को घेरा। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद लंबे समय तक छोटे किसानों की जरूरतों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया, जबकि देश के करीब 85 प्रतिशत किसान छोटे किसान हैं।

पीएम मोदी ने दावा किया कि उनकी सरकार ने एमएसपी को लेकर किए गए वादे पूरे किए हैं। उनके मुताबिक, एमएसपी के माध्यम से किसानों के खातों में 24 लाख करोड़ रुपये पहुंचे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बीते वर्षों में सरकार की नीतियों के कारण किसानों को 50 लाख करोड़ रुपये से अधिक का लाभ मिला है या उनकी बचत हुई है।

प्रधानमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत अब तक करीब साढ़े चार लाख करोड़ रुपये सीधे छोटे किसानों के बैंक खातों में पहुंचाए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और कृषि क्षेत्र को विकसित भारत की विकास यात्रा का अहम हिस्सा बनाना है।

खड़गे के बयान पर देशभर में सियासी घमासान, भाजपा का प्रदर्शन; कांग्रेस अध्यक्ष से माफी की मांग

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कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता को लेकर की गई टिप्पणी पर देश की राजनीति में विवाद गहरा गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सोमवार, 26 अक्टूबर को देशभर में विरोध-प्रदर्शन किए और कांग्रेस अध्यक्ष से माफी मांगने की मांग उठाई। भाजपा नेताओं ने इस टिप्पणी को अनुचित बताते हुए राजनीतिक मर्यादा का उल्लंघन करार दिया। 

क्या है पूरा मामला?

यह विवाद रविवार, 25 अक्टूबर को बिहार की राजधानी पटना में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान शुरू हुआ। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में भाषण दे रहे थे।

अपने संबोधन में खड़गे ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण, कथित वोट चोरी और केंद्र सरकार की नीतियों पर भाजपा को निशाना बनाया। इसी दौरान श्रोताओं में मौजूद एक व्यक्ति ने टिप्पणी की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहीं नहीं जाने वाले हैं।

इस पर खड़गे ने जवाब में कहा, “मोदी का बाप भी जाएगा।” इस टिप्पणी के बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया और भाजपा नेताओं ने कड़ी आपत्ति जताई। 

भाजपा ने क्या कदम उठाया?

भाजपा ने बयान को प्रधानमंत्री के परिवार के प्रति अपमानजनक बताते हुए देशव्यापी विरोध का ऐलान किया। पार्टी ने अपने राज्य इकाइयों को प्रदर्शन आयोजित करने के निर्देश दिए।

26 अक्टूबर को विभिन्न राज्यों में भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पार्टी कार्यालयों तथा अन्य स्थानों पर प्रदर्शन किए। कई जगहों पर खड़गे से सार्वजनिक माफी की मांग की गई। बिहार के पटना और जम्मू सहित कई स्थानों पर विरोध मार्च और पुतला प्रदर्शन की खबरें सामने आईं। 

अमित शाह और भाजपा नेताओं की प्रतिक्रिया

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने खड़गे की टिप्पणी की आलोचना करते हुए कहा कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद सार्वजनिक जीवन में मर्यादा बनाए रखना आवश्यक है। भाजपा के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने भी बयान को अनुचित बताया और कांग्रेस नेतृत्व से जवाब मांगा।

भाजपा का कहना है कि राजनीतिक विरोध नीतियों और सरकार के कामकाज तक सीमित रहना चाहिए, न कि नेताओं के परिवारों को निशाना बनाना चाहिए।

कांग्रेस ने क्या सफाई दी?

कांग्रेस ने भाजपा के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि खड़गे की टिप्पणी को उसके पूरे संदर्भ में समझा जाना चाहिए। कांग्रेस के मीडिया एवं प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा के अनुसार, कार्यक्रम में पहले एक व्यक्ति ने खड़गे के दिवंगत पिता को लेकर टिप्पणी की थी। खेड़ा ने दावा किया कि खड़गे का संदर्भ प्रधानमंत्री के जैविक पिता से नहीं, बल्कि उनके वैचारिक मार्गदर्शक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से था।

यह कांग्रेस की ओर से दी गई सफाई है। भाजपा ने इस स्पष्टीकरण को स्वीकार करने के बजाय टिप्पणी की आलोचना जारी रखी।

विवाद का राजनीतिक असर

इस घटनाक्रम ने भाजपा और कांग्रेस के बीच पहले से जारी राजनीतिक टकराव को और बढ़ा दिया है। एक ओर भाजपा ने सार्वजनिक जीवन में भाषा और राजनीतिक मर्यादा का मुद्दा उठाया है, वहीं कांग्रेस ने भाजपा पर बयान को संदर्भ से अलग करके पेश करने का आरोप लगाया है।

इस विवाद की पृष्ठभूमि में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर भी दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप चल रहे हैं। कांग्रेस इस प्रक्रिया पर सवाल उठा रही है, जबकि भाजपा ने खड़गे की टिप्पणी को मुद्दा बनाकर उनसे माफी की मांग की है। 

निष्कर्ष

26 अक्टूबर 2026 को मल्लिकार्जुन खड़गे की पटना में की गई टिप्पणी के विरोध में भाजपा ने देशभर में प्रदर्शन किए। भाजपा ने कांग्रेस अध्यक्ष से माफी की मांग की, जबकि कांग्रेस ने कहा कि बयान का संदर्भ प्रधानमंत्री के वैचारिक मार्गदर्शक RSS से था।

फिलहाल यह विवाद राजनीतिक बयानबाजी, सार्वजनिक भाषा की मर्यादा और मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर जारी व्यापक बहस का हिस्सा बन गया है।


ईरान के संसदीय अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर ग़ालिबाफ भारत आएंगे, BRICS संसदीय मंच में लेंगे हिस्सा

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ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर ग़ालिबाफ (Mohammad Bagher Ghalibaf) के 26 अक्टूबर 2026 से भारत में शुरू होने वाले दो दिवसीय 12वें BRICS संसदीय मंच में शामिल होने की उम्मीद है। यह सम्मेलन 26 और 27 अक्टूबर को नई दिल्ली स्थित संसद परिसर के संविधान सदन के केंद्रीय कक्ष में आयोजित होगा।

BRICS संसदीय मंच क्या है?

BRICS संसदीय मंच एक अंतरराष्ट्रीय बैठक है, जिसमें सदस्य और साझेदार देशों के संसदीय नेता अपने देशों की संसदों के बीच सहयोग, वैश्विक चुनौतियों और विकास से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श करते हैं।

इस बार सम्मेलन की मुख्य थीम “Fostering Parliaments for People-Centric Development” यानी जन-केंद्रित विकास के लिए संसदों को सशक्त बनाना है।

सम्मेलन में किन मुद्दों पर चर्चा होगी?

भारत की लोकसभा के अध्यक्ष ओम बिरला के अनुसार, सम्मेलन में चार प्रमुख विषयों पर चर्चा होगी।

  • संस्थागत मजबूती: संसदों की कार्यक्षमता, जवाबदेही और लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करना।

  • AI और डिजिटल तकनीक: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का जिम्मेदारी से इस्तेमाल और डिजिटल बदलाव।

  • वैश्विक शासन में सुधार: अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में अधिक प्रतिनिधित्व और संसदीय सहयोग।

  • सतत विकास: पर्यावरण संरक्षण, समावेशी विकास और भविष्य की चुनौतियों से निपटना।

सम्मेलन में द्विपक्षीय बैठकें और संसदीय प्रतिनिधिमंडलों के बीच बातचीत भी होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम में शामिल होने और विदेशी प्रतिनिधिमंडलों के नेताओं से संवाद करने की जानकारी भी दी गई है।

ईरान के अध्यक्ष की यात्रा क्यों महत्वपूर्ण है?

ग़ालिबाफ की यात्रा ऐसे समय में हो रही है, जब पश्चिम एशिया में तनाव और ईरान से जुड़े क्षेत्रीय सुरक्षा मुद्दे अंतरराष्ट्रीय चर्चा में हैं।

  • ईरान-अमेरिका संबंध: ग़ालिबाफ ईरान की ओर से अमेरिका और इज़राइल से जुड़े संघर्ष संबंधी वार्ताओं में एक प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं।

  • होर्मुज़ जलडमरूमध्य: यह समुद्री मार्ग वैश्विक तेल और ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इससे जुड़े तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजारों पर पड़ सकता है।

  • भारत-ईरान संवाद: BRICS सम्मेलन दोनों देशों के संसदीय प्रतिनिधियों को साझा मुद्दों पर बातचीत का अवसर प्रदान कर सकता है। हालांकि, किसी विशिष्ट द्विपक्षीय समझौते की घोषणा की पुष्टि अभी नहीं हुई है।

भारत को क्या फायदा हो सकता है?

इस यात्रा से भारत को बहुपक्षीय मंच पर ईरान सहित अन्य देशों के प्रतिनिधियों के साथ संवाद बढ़ाने का अवसर मिल सकता है। संभावित रूप से चर्चा के प्रमुख क्षेत्र होंगे:

  • क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा।

  • ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री व्यापार।

  • संसदीय कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय सहयोग।

  • डिजिटल तकनीक, AI और वैश्विक संस्थाओं में सुधार।

ये संभावित सहयोग के क्षेत्र हैं; इन्हें किसी घोषित समझौते या अंतिम निर्णय के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

सम्मेलन कब और कहाँ होगा?

तारीख- 26–27 अक्टूबर 2026

स्थान- संविधान सदन का केंद्रीय कक्ष, नई दिल्ली

मेजबान- भारत की संसद; लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला सम्मेलन की अध्यक्षता करेंगे।


चेन्नई मेट्रो फेज-2 का उद्घाटन: PM मोदी ने दिखाई हरी झंडी, ₹4,900 करोड़ की परियोजना शुरू

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चेन्नई- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को चेन्नई मेट्रो रेल परियोजना के फेज-2 के पहले परिचालन खंड का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने पोरूर बाईपास स्टेशन पर पहली ट्रेन को हरी झंडी दिखाई और मेट्रो में सफर भी किया। यह कॉरिडोर चेन्नई के पश्चिमी इलाकों को शहर के परिवहन नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

परियोजना की मुख्य बातें

परियोजना लागत-₹4,900 करोड़

कॉरिडोर की लंबाई-लगभग 15 किमी

शुरुआती स्टेशन-11

कॉरिडोर-नंबर 4

मेट्रो का यह हिस्सा पूनमल्ली बाईपास से वडापलानी तक बनाया गया है। यह चेन्नई मेट्रो फेज-2 के कॉरिडोर-4 का हिस्सा है, जिसे येलो लाइन के रूप में भी जाना जा रहा है।

किन-किन स्टेशनों से गुजरेगी मेट्रो?

Chennai Metro Phase II: PM Likely to Inaugurate Poonamallee-Vadapalani Stretch; What It Means for West Chennai Homebuyers
इस नए खंड में यात्रियों के लिए शुरू में 11 स्टेशन उपलब्ध होंगे।

  1. पूनमल्ली बाईपास
  2. पूनमल्ली बस स्टैंड
  3. पूनमल्ली सरकारी अस्पताल
  4. करायनचावडी
  5. कुमननचावडी
  6. कट्टुपक्कम
  7. अय्यापंथंगल
  8. थेल्लियारगरम
  9. पोरूर बाईपास
  10. पोरूर जंक्शन
  11. वडापलानी

 इस मेट्रो की खासियत क्या है?

Chennai News: Porur to Poonamallee Metro; Big Step Towards Faster City Travel - Nativeplanet

डबल-डेकर ढांचा

इस परियोजना के एक हिस्से में लगभग 3.7 किलोमीटर लंबा डबल-डेकर ढांचा है। इससे सीमित शहरी जगह में परिवहन ढांचे के विकास में मदद मिलेगी।

Chennai Metro Rail (@cmrlofficial) on X

ऑटोमेटेड ट्रेन तकनीक

ट्रेनें भविष्य में बिना ड्राइवर के परिचालन के लिए डिजाइन की गई हैं। शुरुआती चरण में ट्रेन संचालन की निगरानी के लिए दो ऑपरेटर तैनात किए जाने की जानकारी दी गई है। पूरी तरह चालक-रहित सेवा शुरू करने से पहले अतिरिक्त परीक्षण और सुरक्षा प्रमाणन जरूरी हैं।

आम यात्रियों को क्या फायदा होगा?

  • यात्रा में सुविधा: पश्चिमी चेन्नई के पूनमल्ली, पोरूर और आसपास के क्षेत्रों से मेट्रो नेटवर्क तक पहुंच आसान होगी।

  • सड़क यातायात पर दबाव: यात्रियों को बसों और निजी वाहनों के अलावा तेज सार्वजनिक परिवहन का विकल्प मिलेगा।

  • रोजगार और कारोबार: मेट्रो स्टेशनों के आसपास दुकानों, कार्यालयों और व्यावसायिक गतिविधियों को लाभ मिलने की संभावना है।

  • बेहतर कनेक्टिविटी: आगे के चरण पूरे होने पर चेन्नई के अन्य आवासीय, औद्योगिक और आईटी क्षेत्रों तक पहुंच और बेहतर हो सकती है।

मेट्रो का समय और किराया

विवरण

घोषित जानकारी

उद्घाटन दिवस, 11 अक्टूबर

शाम 4 से रात 9 बजे तक

12 अक्टूबर से नियमित सेवा

सुबह 7 से रात 9 बजे तक

सोमवार–शनिवार, व्यस्त समय

लगभग हर 10 मिनट

सामान्य समय

लगभग हर 15 मिनट

दोनों टर्मिनलों के बीच अधिकतम किराया

₹40

ये समय और किराये संबंधी विवरण प्रकाशित रिपोर्टों पर आधारित हैं; यात्रा से पहले चेन्नई मेट्रो रेल लिमिटेड (CMRL) की ताजा सूचना जांच लें।

फेज-2 की पूरी परियोजना कितनी बड़ी है?

आज शुरू हुआ हिस्सा पूरी फेज-2 परियोजना नहीं है, बल्कि उसका पहला परिचालन खंड है। पूरी परियोजना में तीन कॉरिडोर, लगभग 118.9 किलोमीटर का नेटवर्क और 128 स्टेशन प्रस्तावित हैं। इसकी स्वीकृत परियोजना लागत ₹63,246 करोड़ है।

निष्कर्ष

चेन्नई मेट्रो फेज-2 के पहले खंड का उद्घाटन शहर के सार्वजनिक परिवहन विस्तार की एक महत्वपूर्ण घटना है। इससे पूनमल्ली और पोरूर जैसे पश्चिमी क्षेत्रों के यात्रियों को नया मेट्रो विकल्प मिलेगा। हालांकि, पूरे नेटवर्क का लाभ तभी मिलेगा जब बाकी कॉरिडोर भी चरणबद्ध तरीके से शुरू होंगे।


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबके लिए आवास’ के संकल्प को छत्तीसगढ़ पूरी प्रतिबद्धता से कर रहा साकार - मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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जमीन से लेकर किफायती घर तक प्रभावी व्यवस्था खड़ी करने के प्रयासों को मिला सम्मान - उप मुख्यमंत्री अरुण साव

ईडब्ल्यूएस-एलआईजी के लिए भूमि आरक्षण और किफायती आवास उपलब्ध कराने में छत्तीसगढ़ की पहल को राष्ट्रीय सम्मान

विश्व पर्यावास दिवस पर नई दिल्ली के विज्ञान भवन में छत्तीसगढ़ पुरस्कृत

प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत छत्तीसगढ़ की ‘बेस्ट प्रैक्टिस’ को मिली राष्ट्रीय पहचान

निजी कॉलोनियों में भूमि आरक्षण से 25,413 आवासों के लिए बिना सरकारी खर्च के उपलब्ध हुई जमीन

रायपुर- आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) और निम्न आय वर्ग (LIG) के परिवारों को किफायती एवं सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराने की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किए जा रहे नवाचारों और प्रभावी कार्यप्रणाली को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पहचान मिली है। 

ईडब्ल्यूएस-एलआईजी वर्ग के लिए भूमि आरक्षण तथा एएचपी (Affordable Housing in Partnership) के माध्यम से आवास उपलब्ध कराने की उत्कृष्ट कार्यप्रणाली (Best Practice) के लिए भारत सरकार के आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कृत किया है।

विश्व पर्यावास दिवस के अवसर पर आज नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने छत्तीसगढ़ को यह पुरस्कार प्रदान किया। राज्य की ओर से नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा तथा राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी-सह-राज्य मिशन संचालक, प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) सुमित अग्रवाल ने सम्मान ग्रहण किया।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार शहरी क्षेत्रों में आर्थिक रूप से कमजोर और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए आवास की उपलब्धता बढ़ाने के साथ ही उन्हें बेहतर नागरिक सुविधाओं से युक्त सम्मानजनक जीवन प्रदान करने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव के मार्गदर्शन में विभाग द्वारा आवासीय परियोजनाओं की स्वीकृति, भूमि की उपलब्धता, निर्माण की गुणवत्ता और समयबद्ध पूर्णता तक प्रत्येक स्तर पर प्रभावी निगरानी की जा रही है।

हर पात्र परिवार को पक्का आवास हमारा संकल्प

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस राष्ट्रीय उपलब्धि के लिए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, SUDA तथा नगरीय निकायों की पूरी टीम को बधाई दी है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) में छत्तीसगढ़ की कार्यप्रणाली को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिलना पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। आर्थिक रूप से कमजोर और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए भूमि आरक्षण तथा एएचपी के माध्यम से किफायती आवास उपलब्ध कराने की हमारी पहल को मिली यह पहचान राज्य सरकार की जनकल्याण के प्रति प्रतिबद्धता और परिणामोन्मुख कार्यशैली का प्रमाण है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के ‘सबके लिए आवास’ के संकल्प को छत्तीसगढ़ पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ा रहा है। पक्का घर केवल चार दीवारें और छत नहीं, बल्कि एक परिवार की सुरक्षा, सम्मान और बेहतर भविष्य का आधार है। राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश का कोई भी पात्र परिवार पक्के आवास से वंचित न रहे और जरूरतमंद परिवारों को मूलभूत सुविधाओं से युक्त बेहतर आवास उपलब्ध हो।

25,413 आवासों के लिए बिना सरकारी खर्च के मिली जमीन

शहरी क्षेत्रों में गरीब और निम्न आय वर्ग के लिए आवास निर्माण की सबसे बड़ी चुनौतियों में भूमि की उपलब्धता प्रमुख रही है। छत्तीसगढ़ सरकार ने इस चुनौती के समाधान के लिए निजी कॉलोनियों में ईडब्ल्यूएस और एलआईजी वर्ग के लिए भूमि आरक्षण के प्रावधान को प्रभावी ढंग से लागू किया है।

इस व्यवस्था के परिणामस्वरूप राज्य में 25 हजार 413 आवासों के निर्माण के लिए बिना सरकारी खर्च के भूमि उपलब्ध हुई है। इनमें प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0 के अंतर्गत 17 हजार 790 और प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के अंतर्गत 7 हजार 623 आवास शामिल हैं।

इस पहल की विशेषता यह है कि कमजोर एवं निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए आवास केवल शहरों के बाहरी क्षेत्रों तक सीमित न रहकर नियोजित कॉलोनियों और विकसित शहरी क्षेत्रों का हिस्सा बन रहे हैं। इससे लाभार्थी परिवारों को सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा सहित अन्य आवश्यक शहरी सुविधाओं तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित करने का मार्ग प्रशस्त हुआ है।

भूमि से लेकर आवास तक छत्तीसगढ़ ने विकसित की प्रभावी व्यवस्था

राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत एएचपी मॉडल के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया है। भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ ही परियोजनाओं की स्वीकृति, निर्माण की प्रगति, गुणवत्ता और समयबद्ध पूर्णता की नियमित निगरानी की जा रही है।

नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग तथा SUDA द्वारा नगरीय निकायों के साथ समन्वय कर ऐसी व्यवस्था विकसित की गई है, जिससे शहरी गरीब परिवारों के लिए किफायती आवास की उपलब्धता को गति मिली है। इसी समग्र कार्यप्रणाली को भारत सरकार ने ‘बेस्ट प्रैक्टिस’ के रूप में राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता दी है।

उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने राष्ट्रीय सम्मान के लिए विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों और नगरीय निकायों की टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि शहरी गरीब और निम्न आय वर्ग के परिवारों को किफायती आवास उपलब्ध कराने की दिशा में छत्तीसगढ़ द्वारा किए जा रहे ठोस प्रयासों की पहचान है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ ने शहरी गरीबों के आवास के लिए केवल योजना बनाने तक स्वयं को सीमित नहीं रखा, बल्कि जमीन की उपलब्धता से लेकर किफायती घर के निर्माण तक प्रभावी व्यवस्था विकसित की है। ईडब्ल्यूएस-एलआईजी वर्ग के लिए भूमि आरक्षण और एएचपी मॉडल को राष्ट्रीय सम्मान मिलना इसी कार्य का परिणाम है।

साव ने कहा कि विभाग का लक्ष्य है कि शहरों में जरूरतमंद परिवारों को तेजी से सम्मानजनक और किफायती आवास उपलब्ध हों। यह राष्ट्रीय सम्मान पूरी टीम को और बेहतर परिणाम देने के लिए प्रेरित करने के साथ हमारी जिम्मेदारी भी बढ़ाता है।

‘सबके लिए आवास’ की दिशा में छत्तीसगढ़ का मजबूत कदम

राज्य सरकार की इस पहल से 25 हजार से अधिक शहरी गरीब एवं निम्न आय वर्ग के परिवारों के पक्के घर का सपना साकार होने की दिशा में आगे बढ़ा है। निजी कॉलोनियों में भूमि आरक्षण के प्रभावी क्रियान्वयन ने एक ओर आवास निर्माण के लिए जमीन की उपलब्धता की बड़ी चुनौती का समाधान किया है, वहीं दूसरी ओर समाज के कमजोर वर्गों को विकसित शहरी क्षेत्रों और बेहतर नागरिक सुविधाओं से जोड़ने का रास्ता भी बनाया है।

विश्व पर्यावास दिवस पर मिला यह राष्ट्रीय सम्मान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबके लिए आवास’ के संकल्प को धरातल पर उतारने की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार की प्रतिबद्धता, नवाचार और परिणामोन्मुख कार्यप्रणाली की राष्ट्रीय पहचान है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की लखपति दीदी पहल से निधि को मिली नई उड़ान, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में निधि बनी आत्मनिर्भर

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बिहान से जुड़कर पशुपालन और सब्जी उत्पादन को बनाया आय का जरिया, सालाना आय ढाई लाख रुपये तक पहुंची

रायपुर- लगन, मेहनत और सही अवसर मिल जाए तो ग्रामीण महिलाएं अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के साथ आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम कर सकती हैं। पेण्ड्रा विकासखंड के ग्राम अमरपुर की निधि तिवारी की कहानी इसी बदलाव की प्रेरक मिसाल है। पशुपालन और सब्जी बाड़ी के जरिए उन्होंने अपनी आय के नए स्रोत विकसित किए और अब उनकी वार्षिक आय करीब ढाई लाख रुपये तक पहुंच गई है।

निधि तिवारी जून 2023 से दीप महिला स्व सहायता समूह से जुड़ी हैं और वर्तमान में समूह की अध्यक्ष हैं। स्व सहायता समूह से जुड़ने के महज तीन महीने बाद उन्होंने चक्रिय निधि (आरएफ) से प्राप्त 10 हजार रुपये की सहायता से जर्सी नस्ल की गाय खरीदी। उनकी गाय से प्रतिदिन लगभग 15 लीटर दूध का उत्पादन होता है, जिससे उन्हें नियमित आय का स्रोत मिला।

इसके छह महीने बाद निधि को सामुदायिक निवेश निधि (सीआईएफ) से 60 हजार रुपये की सहायता प्राप्त हुई। उन्होंने इस राशि में अपनी बचत और अन्य संसाधन जोड़कर सब्जी- बाड़ी का काम शुरू किया। इसके बाद उन्होंने मौसम के अनुसार अलग-अलग सब्जियों की खेती को अपनी आजीविका का महत्वपूर्ण आधार बनाया।

टमाटर की खेती से बढ़ी आमदनी

निधि तिवारी ने मार्च माह में अपने खेत में टमाटर की फसल लगाई। फसल तैयार होने के बाद उन्होंने टमाटर की बिक्री शुरू की। उन्हें लगभग 40 रुपये प्रति किलो की दर से टमाटर बिक्री करने से अच्छी आमदनी हो रही है। पशुपालन के साथ सब्जी उत्पादन ने उनकी आय को विविध बनाया और परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में मदद की।

निधि बताती हैं कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ से जुड़ने के बाद उन्हें अपने काम को आगे बढ़ाने के लिए वित्तीय सहायता, समूह का सहयोग और नई दिशा मिली। उन्होंने कहा कि आज वे अपने परिवार की जरूरतों को पूरा करने के साथ अपने सपनों को भी आगे बढ़ा पा रही हैं।

महिला स्व सहायता समूहों से आजीविका को मिल रहा आधार

निधि तिवारी का अनुभव उस व्यापक ग्रामीण आजीविका ढांचे से जुड़ा है, जिसमें स्व सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को वित्तीय समावेशन, कौशल, आजीविका और उद्यमिता के अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाता है। केंद्र सरकार का दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन इसी उद्देश्य से ग्रामीण महिलाओं को स्व सहायता समूहों से संगठित करता है। ‘लखपति दीदी’ पहल इसी मिशन का परिणाम है, जिसमें महिलाओं की टिकाऊ वार्षिक आय कम से कम एक लाख रुपये तक पहुंचाने पर जोर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने ग्रामीण महिलाओं की आय और आर्थिक भागीदारी बढ़ाने के लिए स्व सहायता समूह आधारित आजीविका मॉडल, वित्तीय समावेशन और महिला उद्यमिता पर विशेष जोर दिया है। 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में बिहान से महिलाओं को मिल रहा मंच

छत्तीसगढ़ में ‘बिहान’ के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को स्व सहायता समूहों से जोड़कर आजीविका गतिविधियों के लिए अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने महिला स्व सहायता समूहों और ग्रामीण महिला उद्यमिता को आत्मनिर्भरता से जोड़ने पर जोर दिया है। 2026 में आयोजित ‘लखपति दीदी संवाद’ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वावलंबन, उद्यमिता और नवाचार के माध्यम से महिलाओं के आगे बढ़ाने की बात कही थी। 

परिवार के सपनों को पूरा करने की राह पर निधि

निधि तिवारी कहती हैं कि मेहनत के साथ यदि सही अवसर और सहयोग मिले तो गांव में रहकर भी परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया जा सकता है। स्व सहायता समूह से मिली सहायता ने उन्हें पशुपालन और सब्जी- बाड़ी को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाने का अवसर दिया। आज दूध उत्पादन और टमाटर सहित मौसमी सब्जियों की खेती से होने वाली आय उनके परिवार के सपनों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

निधि तिवारी की कहानी बताती है कि स्व सहायता समूह, वित्तीय सहायता, स्थानीय संसाधनों और मेहनत के समन्वय से ग्रामीण महिलाएं अपनी आजीविका को मजबूत कर सकती हैं। पशुपालन से शुरू हुआ उनका सफर सब्जी बाड़ी तक पहुंचा और अब वे लखपति दीदी की पहचान के साथ अपने परिवार के लिए आर्थिक आत्मनिर्भरता की राह तैयार कर रही हैं।

सवा लाख ‘आशीर्वाद के दीपों’ से जगमगाया खारुन तट, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वस्थ और दीर्घायु जीवन के लिए हुई महाआरती

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने लिए अनेक ऐतिहासिक निर्णय, जनकल्याण और राष्ट्र निर्माण को मिली नई गति : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री महादेव घाट में आयोजित विराट दीपोत्सव एवं महाआरती ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम में हुए शामिल

प्रधानमंत्री मोदी के 76वें जन्मदिवस पर 1.25 लाख दीपों से आलोकित हुआ खारुन नदी का पावन तट

मुख्यमंत्री ने खारुन मैया की महाआरती में की सहभागिता, प्रदेशवासियों की ओर से प्रधानमंत्री के उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु जीवन की कामना की

प्रधानमंत्री मोदी के जनसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक मनाया जा रहा ‘सेवा संकल्प अभियान’

रायपुर- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिवस पर आज राजधानी रायपुर का महादेव घाट सवा लाख दीपों की ज्योति से जगमगा उठा। खारुन नदी के पावन तट पर आयोजित विराट दीपोत्सव एवं महाआरती ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शामिल हुए और प्रदेशवासियों के साथ प्रधानमंत्री मोदी के उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु जीवन की मंगलकामना की। सवा लाख दीपों की एक साथ प्रज्वलित ज्योति से महादेव घाट का पूरा परिसर आलोकित हो उठा। श्रद्धा, आस्था और जनभागीदारी के इस अनुपम संगम के बीच खारुन मैया की भव्य महाआरती की गई।

मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपना जीवन राष्ट्र और जनसेवा को समर्पित किया है। उनके नेतृत्व में भारत ने विकास, जनकल्याण और राष्ट्रीय स्वाभिमान के क्षेत्र में अनेक अभूतपूर्व और ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। प्रधानमंत्री मोदी दिन-रात 140 करोड़ देशवासियों की सेवा में जुटे हैं और उनके नेतृत्व में आज भारत विकास की नई ऊंचाइयों की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज खारुन मैया के पावन तट पर प्रज्वलित सवा लाख दीप प्रधानमंत्री मोदी के प्रति छत्तीसगढ़वासियों के स्नेह, आत्मीयता और शुभकामनाओं की अभिव्यक्ति हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों की ओर से प्रधानमंत्री मोदी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए उनके स्वस्थ, सुदीर्घ और यशस्वी जीवन की मंगलकामना की।

विराट दीपोत्सव के दौरान साध्वी प्रज्ञा भारती एवं आचार्यों द्वारा विधि-विधान के साथ खारुन मैया की महाआरती की गई। मुख्यमंत्री श्री साय ने भी महाआरती में सहभागिता की। इस अवसर पर प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी को समर्पित साध्वी प्रज्ञा भारती द्वारा रचित एवं स्वरबद्ध गीत का मुख्यमंत्री ने विमोचन किया।

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश ने देखे ऐतिहासिक परिवर्तन

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने ऐसे अनेक ऐतिहासिक निर्णय और परिवर्तन देखे हैं, जिनकी लंबे समय से प्रतीक्षा थी। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को हटाने से लेकर अयोध्या में भगवान श्री रामलला के भव्य मंदिर में विराजमान होने तक देश ने नए आत्मविश्वास और सामर्थ्य का अनुभव किया है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रहित में बड़े और दूरगामी निर्णय लिए गए हैं। उनके दृढ़ संकल्प, स्पष्ट दृष्टि और राष्ट्रसेवा की भावना ने देश में विकास और जनकल्याण की गति को तेज किया है। आज भारत विश्व मंच पर अधिक आत्मविश्वास और सामर्थ्य के साथ अपनी भूमिका निभा रहा है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के लिए शासन का केंद्र हमेशा गरीब और समाज के अंतिम पायदान पर खड़ा व्यक्ति रहा है। इसी भावना के अनुरूप गरीब परिवारों को पक्का आवास, घर-घर शौचालय, जन-धन खाते, रसोई गैस कनेक्शन, खाद्यान्न सुरक्षा और अन्य मूलभूत सुविधाओं से जोड़ने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किया गया है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी प्रत्येक देशवासी को अपने परिवार का सदस्य मानकर ‘सबका साथ, सबका विकास’ के ध्येय के साथ निरंतर कार्य कर रहे हैं। उनकी सरकार ने गरीब की छोटी से छोटी आवश्यकता और उसके जीवन को बेहतर बनाने वाली सुविधाओं को शासन की प्राथमिकता बनाया है।

प्रधानमंत्री के साथ काम करने का अवसर मेरे सार्वजनिक जीवन का महत्वपूर्ण अनुभव : मुख्यमंत्री साय

मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ अपने कार्य अनुभव को स्मरण करते हुए कहा कि वर्ष 2014 में जब नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री बने, तब मुझे भी उनकी सरकार में केंद्रीय राज्यमंत्री के रूप में कार्य करने का अवसर प्राप्त हुआ। उस दौरान मुझे उनकी कार्यशैली, अनुशासन, परिश्रम और जनसेवा के प्रति समर्पण को निकट से देखने और समझने का अवसर मिला।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का पूरा जीवन राष्ट्र के प्रति समर्पण और जनसेवा की प्रेरक यात्रा है। गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में प्रदेश की सेवा से लेकर प्रधानमंत्री के रूप में देश का नेतृत्व करने तक उनके सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष सेवा और सुशासन को समर्पित रहे हैं। यह देश का सौभाग्य है कि हमें ऐसा नेतृत्व मिला है, जिसने विश्व पटल पर भारत का मान और सम्मान बढ़ाया है।

प्रधानमंत्री मोदी का छत्तीसगढ़ से रहा है गहरा आत्मीय जुड़ाव

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का छत्तीसगढ़ के लोगों के साथ गहरा आत्मीय जुड़ाव रहा है। प्रदेश के विकास को केंद्र सरकार से निरंतर सहयोग और मार्गदर्शन मिला है। प्रधानमंत्री मोदी की विकास दृष्टि में छत्तीसगढ़ और विशेष रूप से यहां के जनजातीय तथा दूरस्थ अंचलों के विकास को महत्वपूर्ण स्थान मिला है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति और हमारे सुरक्षा बलों के अदम्य साहस से छत्तीसगढ़ ने माओवादी हिंसा के विरुद्ध निर्णायक सफलता हासिल की है। वर्षों तक हिंसा और पिछड़ेपन का दंश झेलने वाले बस्तर में आज शांति और विकास के नए द्वार खुले हैं। सड़क, बिजली, मोबाइल कनेक्टिविटी, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य मूलभूत सुविधाएं दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंच रही हैं तथा विकास की नई संभावनाएं आकार ले रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर के लोगों के जीवन में आ रहा यह परिवर्तन विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को नई शक्ति दे रहा है। राज्य सरकार का प्रयास है कि शांति के वातावरण में बस्तर की प्राकृतिक संपदा, पर्यटन, संस्कृति और वनोपज आधारित अर्थव्यवस्था की संभावनाओं को स्थानीय लोगों की समृद्धि और रोजगार से जोड़ा जाए।

जनसेवा के 25 वर्षों पर एक महीने तक ‘सेवा संकल्प अभियान’

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में जनसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आज 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक देशभर में ‘सेवा संकल्प अभियान’ प्रारंभ हुआ है। यह अभियान प्रधानमंत्री मोदी के सेवा, सुशासन, गरीब कल्याण और राष्ट्र निर्माण के संकल्प को जनभागीदारी से आगे बढ़ाने का अवसर है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में भी सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से स्वच्छता, स्वास्थ्य, पोषण, पर्यावरण संरक्षण, जरूरतमंदों की सहायता और जनकल्याण से जुड़े विभिन्न कार्यों को जनभागीदारी के साथ आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने प्रदेशवासियों से इस अभियान में सक्रिय सहभागिता करते हुए सेवा के संकल्प को अपने गांव, शहर, मोहल्ले और समाज तक पहुंचाने का आह्वान किया।


सवा लाख दीपों ने दिया सामूहिक शुभकामनाओं का संदेश

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज महादेव घाट पर सवा लाख दीप प्रज्वलित कर प्रदेशवासियों ने प्रधानमंत्री  मोदी के स्वस्थ और दीर्घायु जीवन के लिए अपनी मंगलकामनाएं व्यक्त की हैं। उन्होंने कहा कि राजधानी रायपुर में विभिन्न स्थानों पर लगभग 32 लाख दीप प्रज्वलित कर प्रधानमंत्री मोदी के प्रति शुभकामनाएं व्यक्त की जा रही हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि दीप भारतीय संस्कृति में आशा, विश्वास, सकारात्मकता और प्रकाश का प्रतीक है। आज जलाया गया प्रत्येक ‘आशीर्वाद का दीया’ प्रधानमंत्री मोदी के स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की मंगलकामना के साथ ही सेवा और राष्ट्र निर्माण के संकल्प का भी प्रतीक है।

उन्होंने विराट दीपोत्सव एवं महाआरती के भव्य आयोजन के लिए आयोजकों, सनातन ध्वज वाहिनी के पदाधिकारियों, स्वयंसेवकों और बड़ी संख्या में उपस्थित नागरिकों को बधाई देते हुए कहा कि इतनी विशाल जनभागीदारी ने इस आयोजन को और भी विशेष बना दिया है।


इस अवसर पर विराट दीपोत्सव एवं महाआरती ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम की संयोजक एवं राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा, विधायक राजेश मूणत एवं मोतीलाल साहू, रायपुर नगर निगम की महापौर मीनल चौबे, कौशल्या साय, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष रामप्रताप सिंह, सीएसआईडीसी के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल, राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, राज्य गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष राजीव लोचन महाराज, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू, राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष वर्णिका शर्मा, राज्य फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष मोना सेन सहित जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, सनातन ध्वज वाहिनी के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

पीएम मोदी के जन्मदिन पर रायपुर में 25 लाख दीयों से जगमगाएगा शहर, महादेव घाट पर होगी महाआरती

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रायपुर- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर छत्तीसगढ़ में गुरुवार को ‘सेवा संकल्प अभियान’ की शुरुआत हो रही है। अभियान के तहत राजधानी रायपुर में शाम को करीब 25 लाख दीये जलाए जाएंगे। वहीं, महादेव घाट स्थित खारून नदी के तट पर दीपदान और भव्य महाआरती का आयोजन किया जाएगा।

महादेव घाट पर दीपदान और महाआरती

रायपुर के महादेव घाट पर शाम को दीप प्रज्ज्वलन और महाआरती का कार्यक्रम प्रस्तावित है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के शामिल होने की जानकारी है। इसके अलावा मंत्री, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिकों के भी शामिल होने की संभावना है।

मरीन ड्राइव समेत प्रमुख मार्गों पर जगमगाएंगे दीये

रायपुर में मुख्य दीप प्रज्ज्वलन कार्यक्रम मरीन ड्राइव, तेलीबांधा क्षेत्र में शाम करीब 7 बजे आयोजित किया जाएगा। इसके अलावा शहर के प्रमुख मार्गों और निर्धारित रूट पर भी दीप जलाए जाएंगे। जिला प्रशासन ने आयोजन को लेकर सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्था की तैयारियां की हैं।

प्रदेशभर में भी होंगे आयोजन

‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में भी दीप प्रज्ज्वलन और सेवा से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। रायपुर में होने वाला 25 लाख दीयों का आयोजन इस अभियान का प्रमुख आकर्षण रहेगा।

PM मोदी का 76वां जन्मदिन आज, देशभर में सेवा संकल्प अभियान की शुरुआत

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज 17 सितंबर को अपना 76वां जन्मदिन मना रहे हैं। इस मौके पर भारतीय जनता पार्टी देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर रही है। भाजपा ने प्रधानमंत्री के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन को चिह्नित करते हुए ‘सेवा संकल्प अभियान’ शुरू किया है। यह अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा। इसके तहत सेवा कार्य, स्वच्छता अभियान, रक्तदान शिविर और जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।


काशी और वडनगर से शुरू होगी बाइक यात्रा

प्रधानमंत्री मोदी के जन्मस्थान गुजरात के वडनगर और उनके संसदीय क्षेत्र वाराणसी से दो बाइक यात्राएं शुरू की जा रही हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, वडनगर से वाराणसी और वाराणसी से वडनगर जाने वाली यात्राएं एक साथ शुरू होकर अक्टूबर में पूरी होंगी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह वडनगर से और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह वाराणसी से यात्रा को रवाना करेंगे।

इन यात्राओं के जरिए 10 राज्यों के 193 जिलों और करीब 1,159 गांवों तक पहुंचने की योजना है। अभियान में युवाओं की भागीदारी भी रखी गई है।

काशी में विशेष आयोजन

वाराणसी में प्रधानमंत्री के जन्मदिन के अवसर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। काशी विश्वनाथ मंदिर में धार्मिक कार्यक्रमों के साथ-साथ रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में प्रधानमंत्री के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन पर आधारित प्रदर्शनी भी लगाई गई है। कार्यक्रम में एनडीए से जुड़े नेता और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री भी शामिल होने वाले हैं।

गुजरात में भी होंगे कई कार्यक्रम

प्रधानमंत्री के जन्मस्थान वडनगर समेत गुजरात के कई हिस्सों में जन्मदिन के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। राज्य में दीप प्रज्ज्वलन समेत कई सामाजिक और सेवा गतिविधियां रखी गई हैं। रिपोर्टों के अनुसार, गुजरात के अलग-अलग स्थानों पर बड़ी संख्या में दीये जलाने की तैयारी की गई है।

उज्जैन में दीपोत्सव की तैयारी

मध्य प्रदेश के उज्जैन में भी प्रधानमंत्री के जन्मदिन के अवसर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। राज्य में भाजपा की ओर से जन्मदिन के साथ सेवा संकल्प अभियान से जुड़े कार्यक्रमों की शुरुआत की जा रही है।

दिल्ली में SEMICON India 2026 का उद्घाटन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज नई दिल्ली के यशोभूमि में SEMICON India 2026 का उद्घाटन करेंगे। तीन दिवसीय यह आयोजन 17 से 19 सितंबर तक चलेगा। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, कार्यक्रम में 52 देशों के प्रतिनिधियों और 600 से अधिक कंपनियों की भागीदारी है। प्रधानमंत्री उद्घाटन अवसर पर संबोधित भी करेंगे।

इस साल SEMICON India का विषय ‘Silicon to Systems: Building the Ecosystem’ है। आयोजन में सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र से जुड़े उद्योग, निवेशक, शोधकर्ता, स्टार्टअप और नीति-निर्माता हिस्सा ले रहे हैं।

BRICS Summit में PM मोदी का बड़ा संदेश, बोले- वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए सहयोग जरूरी

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नई दिल्ली- राजधानी नई दिल्ली में आयोजित BRICS Summit में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुनिया के सामने बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, सप्लाई चेन में आ रही बाधाओं और तकनीक के गलत इस्तेमाल को लेकर गंभीर चिंता जताई। पीएम मोदी ने कहा कि आज की वैश्विक चुनौतियां किसी एक देश या क्षेत्र तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उनका असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है। ऐसे में देशों के बीच सहयोग, विश्वास और सामूहिक प्रयास पहले से ज्यादा जरूरी हो गए हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने तकनीक और महत्वपूर्ण खनिजों के 'हथियारीकरण' को लेकर भी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि तकनीक और रणनीतिक संसाधनों का इस्तेमाल दबाव बनाने के साधन के तौर पर नहीं होना चाहिए, क्योंकि इससे वैश्विक विकास और साझा समृद्धि प्रभावित हो सकती है।

सप्लाई चेन को मजबूत करने पर जोर

पीएम मोदी ने वैश्विक सप्लाई चेन को ज्यादा मजबूत और भरोसेमंद बनाने की जरूरत बताई। उन्होंने BRICS देशों के बीच Logistics Supply Chain Cooperation Framework को बढ़ावा देने की बात कही, ताकि संकट के समय जरूरी सामान और संसाधनों की आपूर्ति बाधित न हो।

महामारी से निपटने के लिए Early Warning System

BRICS Summit में स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर भी बड़ा कदम सामने आया। पीएम मोदी ने BRICS Integrated Early Warning System की पहल का उल्लेख किया, जिसका उद्देश्य संक्रामक बीमारियों के संभावित खतरों की समय रहते पहचान और बेहतर प्रतिक्रिया क्षमता विकसित करना है।

Global South की आवाज मजबूत करने का संदेश

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि BRICS के प्रति Global South का भरोसा बढ़ रहा है, क्योंकि विकासशील देशों की आवाज और चिंताओं को इस मंच पर जगह मिल रही है। उन्होंने BRICS से लिए गए फैसलों को सिर्फ दस्तावेजों तक सीमित न रखकर उन्हें जमीन पर लागू करने और आम लोगों के जीवन में वास्तविक बदलाव लाने पर जोर दिया।

इसके साथ ही भारत ने स्टार्टअप्स, डिजिटल कृषि, ऊर्जा भंडारण, आपदा प्रबंधन और MSME सहयोग जैसे क्षेत्रों में भी नई पहलों पर जोर दिया। पीएम मोदी का संदेश साफ रहा कि बदलती वैश्विक परिस्थितियों में सहयोग, नवाचार और सामूहिक विकास ही आगे बढ़ने का रास्ता है।

BRICS Summit में भारत का यह रुख ऐसे समय सामने आया है, जब दुनिया भू-राजनीतिक तनाव, व्यापारिक अनिश्चितताओं, सप्लाई चेन संकट और तकनीकी प्रतिस्पर्धा जैसी कई चुनौतियों का सामना कर रही है।

BRICS Summit से पहले बड़ी कूटनीतिक हलचल, भारत पहुंचे ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन

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नई दिल्ली- भारत में होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन से पहले कूटनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन भारत पहुंचे हैं। उनके दौरे को भारत और ईरान के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

राष्ट्रपति पेजेशकियन के भारत दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक प्रस्तावित है। इस बैठक में दोनों देशों के बीच व्यापार, ऊर्जा, कनेक्टिविटी, क्षेत्रीय सुरक्षा और आर्थिक सहयोग सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।

पश्चिम एशिया की स्थिति पर भी नजर

ईरान के राष्ट्रपति का यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक परिस्थितियां लगातार बदल रही हैं। ऐसे में भारत और ईरान के बीच होने वाली बातचीत का क्षेत्रीय और रणनीतिक महत्व भी बढ़ गया है।

भारत लंबे समय से पश्चिम एशिया में शांति, स्थिरता और संवाद का समर्थन करता रहा है। दोनों नेताओं की बैठक में क्षेत्रीय घटनाक्रम और आपसी हितों से जुड़े मुद्दों पर भी विचार-विमर्श होने की उम्मीद है।

चाबहार पोर्ट और कनेक्टिविटी पर फोकस

भारत और ईरान के संबंधों में चाबहार बंदरगाह एक महत्वपूर्ण कड़ी है। चाबहार के माध्यम से भारत को मध्य एशिया और अफगानिस्तान तक बेहतर संपर्क स्थापित करने में रणनीतिक लाभ मिलता है। ऐसे में दोनों देशों के बीच कनेक्टिविटी और व्यापारिक मार्गों को मजबूत करना बातचीत का अहम हिस्सा हो सकता है।

 BRICS के संदर्भ में भी दौरा महत्वपूर्ण

ईरान की BRICS में भागीदारी के कारण राष्ट्रपति पेजेशकियन का भारत दौरा संगठन के व्यापक आर्थिक और रणनीतिक एजेंडे के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। भारत और ईरान के बीच बातचीत से दक्षिण-दक्षिण सहयोग, व्यापार और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को लेकर नए अवसरों पर चर्चा का रास्ता खुल सकता है।

प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पेजेशकियन की प्रस्तावित बैठक पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भी नजर है। यह मुलाकात भारत-ईरान संबंधों को नई दिशा देने के साथ-साथ BRICS के भीतर सहयोग और पश्चिम एशिया से जुड़े मुद्दों पर भारत की कूटनीतिक भूमिका के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

PM मोदी–पुतिन की अहम मुलाकात, व्यापार और रक्षा सहयोग पर हुई व्यापक चर्चा

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नई दिल्ली- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच शुक्रवार को नई दिल्ली में महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक हुई। यह मुलाकात भारत में होने वाले 18वें BRICS शिखर सम्मेलन से पहले हुई, जिसमें दोनों देशों के बीच रणनीतिक और आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने पर जोर दिया गया।

बैठक के दौरान व्यापार, ऊर्जा, रक्षा, परमाणु सहयोग, उर्वरक, महत्वपूर्ण खनिज और औद्योगिक सहयोग जैसे कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। दोनों पक्ष भारत-रूस के बीच आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी को नई गति देने के प्रयासों पर भी विचार कर रहे हैं।

2030 तक 100 अरब डॉलर के व्यापार का लक्ष्य

वार्ता में भारत और रूस के बीच द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाने पर विशेष ध्यान रहा। दोनों देशों के बीच 2030 तक वार्षिक व्यापार को 100 अरब डॉलर तक पहुंचाने के लक्ष्य को लेकर सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा हुई। इसके लिए ऊर्जा, विनिर्माण, उर्वरक, रेलवे, स्टील और महत्वपूर्ण खनिज जैसे क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।

रक्षा और ऊर्जा सहयोग भी अहम मुद्दा

भारत और रूस के लंबे समय से चले आ रहे रक्षा संबंधों को और मजबूत करने के साथ-साथ ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। दोनों देश बदलती वैश्विक परिस्थितियों के बीच रणनीतिक साझेदारी को मजबूत बनाए रखने पर जोर दे रहे हैं।

परमाणु और नई तकनीक पर भी नजर

दोनों देशों के बीच नागरिक परमाणु ऊर्जा, तकनीक और महत्वपूर्ण खनिजों जैसे भविष्य से जुड़े क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की संभावनाएं भी बातचीत के एजेंडे में रहीं। भारत और रूस पहले से ही कई रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग कर रहे हैं और अब इसे नए क्षेत्रों तक विस्तार देने की कोशिश की जा रही है।

यूक्रेन और वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा

बैठक ऐसे समय हुई है जब रूस-यूक्रेन संघर्ष और अन्य वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण मुद्दे बनी हुई हैं। प्रधानमंत्री मोदी लगातार संवाद और कूटनीति के माध्यम से संघर्षों के शांतिपूर्ण समाधान पर भारत की स्थिति दोहराते रहे हैं।

BRICS सम्मेलन से पहले महत्वपूर्ण मुलाकात

पुतिन का भारत दौरा 18वें BRICS शिखर सम्मेलन के मद्देनजर भी महत्वपूर्ण है। BRICS सम्मेलन 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित हो रहा है, जिसमें कई प्रमुख देशों के नेता हिस्सा ले रहे हैं। ऐसे में मोदी-पुतिन की यह बैठक भारत-रूस संबंधों के साथ-साथ BRICS के भीतर आर्थिक और रणनीतिक सहयोग के लिहाज से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

भारत और रूस के बीच यह मुलाकात दोनों देशों की लंबे समय से चली आ रही ‘विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी’ को आगे बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम के रूप में देखी जा रही है।

सात साल बाद भारत आएंगे शी जिनपिंग, मोदी से मुलाकात पर दुनिया की नजर

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ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए नई दिल्ली पहुंचेंगे चीन के राष्ट्रपति, भारत-चीन संबंधों में नई शुरुआत की उम्मीद

नई दिल्ली - चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग करीब सात साल बाद भारत दौरे पर आ रहे हैं। वह 12–13 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाले 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। यह यात्रा ऐसे समय हो रही है, जब भारत और चीन के बीच पिछले कुछ वर्षों से सीमा विवाद, सुरक्षा और व्यापार को लेकर तनाव बना रहा है।

मोदी-शी मुलाकात पर टिकी नजर

ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय बैठक होने की संभावना है। दोनों नेताओं की बातचीत भारत-चीन संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। रिपोर्टों के मुताबिक, यह 2020 के गलवान संघर्ष के बाद दोनों नेताओं के बीच भारत में पहली औपचारिक द्विपक्षीय बातचीत होगी।

इस बैठक में सीमा पर शांति, व्यापार, निवेश, तकनीक, सुरक्षा और दोनों देशों के बीच लोगों की आवाजाही जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठ सकते हैं।

सीमा विवाद अभी भी सबसे बड़ी चुनौती

भारत और चीन के रिश्तों में सुधार के संकेत जरूर मिले हैं, लेकिन सीमा विवाद अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। 2020 में गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प के बाद दोनों देशों के संबंधों में भारी तनाव पैदा हुआ था।

हाल के वर्षों में दोनों पक्षों ने सीमा पर तनाव कम करने और संवाद बनाए रखने के लिए कई कदम उठाए हैं। इसके बावजूद सीमा पर भरोसे की कमी और सुरक्षा संबंधी चिंताएं अभी भी भारत-चीन संबंधों के सामने बड़ी चुनौती हैं।

व्यापार और निवेश पर भी होगी चर्चा

भारत और चीन के बीच आर्थिक संबंध भी आसान नहीं रहे हैं। दोनों देशों के बीच व्यापार काफी बड़ा है, लेकिन भारत लंबे समय से व्यापार घाटे और चीनी कंपनियों से जुड़े सुरक्षा जोखिमों को लेकर चिंता जताता रहा है।

शी जिनपिंग की यात्रा के दौरान दोनों देश व्यापार और निवेश को बढ़ाने के रास्तों पर चर्चा कर सकते हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स, सौर ऊर्जा, विनिर्माण और आपूर्ति श्रृंखला जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाएं भी महत्वपूर्ण हो सकती हैं। हालांकि, सुरक्षा और तकनीकी संवेदनशीलता को लेकर भारत का रुख सावधानी भरा रहने की संभावना है।

ब्रिक्स के मंच पर भारत-चीन संबंध

शी जिनपिंग की भारत यात्रा सिर्फ द्विपक्षीय रिश्तों तक सीमित नहीं है। भारत इस वर्ष ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है और नई दिल्ली में होने वाला सम्मेलन वैश्विक राजनीति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है।

मध्य पूर्व में जारी युद्ध, ऊर्जा सुरक्षा, वैश्विक व्यापार, बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था और विकासशील देशों की भूमिका जैसे मुद्दों पर ब्रिक्स देशों के बीच चर्चा होगी। ऐसे समय में भारत और चीन का साथ मिलकर काम करना संगठन की एकजुटता के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

भारत के लिए क्या मायने रखती है यह यात्रा?

शी जिनपिंग की सात साल बाद भारत यात्रा को कूटनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भारत के लिए चुनौती यह है कि वह चीन के साथ संवाद और आर्थिक सहयोग बढ़ाते हुए अपनी सीमा सुरक्षा और रणनीतिक हितों से कोई समझौता न करे।

वहीं, चीन के लिए भारत के साथ बेहतर संबंध क्षेत्रीय स्थिरता और ब्रिक्स जैसे बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग के लिहाज से महत्वपूर्ण हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि मोदी-शी बातचीत से कुछ क्षेत्रों में तनाव कम करने का रास्ता खुल सकता है, लेकिन वर्षों से चली आ रही अविश्वास की स्थिति को तुरंत खत्म करना आसान नहीं होगा।


मन की बात में पीएम मोदी ने देश की प्रतिभाओं और जनभागीदारी को किया सलाम, नशामुक्त भारत से लेकर ‘वोकल फॉर लोकल’ तक कई मुद्दों पर रखी बात

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नई दिल्ली- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ के नए एपिसोड में देशभर में अलग-अलग क्षेत्रों में अपने छोटे-छोटे प्रयासों से बड़ा बदलाव ला रहे नागरिकों की सराहना की। प्रधानमंत्री ने इतिहास को रोचक बनाने की पहल, नशामुक्त भारत अभियान, महिला सशक्तिकरण, स्वच्छता, फूलों की खेती, वन संरक्षण, अंतरिक्ष विज्ञान, किसानों की नवाचारपूर्ण खेती और भारतीय सिनेमा के महानायक उत्तम कुमार समेत कई विषयों पर विस्तार से चर्चा की।

पीएम मोदी ने कहा कि ‘मन की बात’ ऐसा मंच है, जहां देश के सामान्य नागरिकों की असाधारण पहल और उनके नए विचारों को सामने लाने का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि देश के नागरिक अपनी ऊर्जा और रचनात्मकता से समाज में सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं।

इतिहास को रोचक बनाने की पहल की पीएम मोदी ने सराहना

प्रधानमंत्री ने मुंबई के कृष्ण शेषाद्रि की पहल का विशेष उल्लेख किया, जिन्होंने भारतीय इतिहास को रोचक और आसानी से समझने योग्य बनाने के उद्देश्य से bharatrajya.com वेबसाइट तैयार की है।

कृष्ण शेषाद्रि इंजीनियरिंग और MBA की पढ़ाई के बाद मार्केटिंग के क्षेत्र में आए, लेकिन इतिहास में उनकी रुचि बचपन से ही रही। उन्होंने तकनीक और इतिहास को जोड़कर ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार किया, जहां लोग अलग-अलग वर्षों का चयन करके यह जान सकते हैं कि उस समय भारत के विभिन्न हिस्सों में कौन-से राजा और साम्राज्य शासन कर रहे थे।

प्रधानमंत्री के साथ बातचीत में कृष्ण शेषाद्रि ने बताया कि भारतीय इतिहास को अक्सर कुछ चुनिंदा साम्राज्यों के नजरिए से पढ़ाया जाता है। ऐसे में चोल, पल्लव, कश्मीर के कर्कोट वंश और असम के अहोम जैसे कई महत्वपूर्ण साम्राज्यों के योगदान की जानकारी लोगों तक पर्याप्त रूप से नहीं पहुंच पाती।

उन्होंने बताया कि वेबसाइट को लगातार बेहतर बनाने के लिए लोगों को Correction और Suggestion का विकल्प दिया गया है। इससे इतिहास से जुड़ी जानकारियों को बेहतर करने और नए फीचर जोड़ने में लोगों की भागीदारी हो रही है।

पीएम मोदी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इतिहास को कहानी की तरह प्रस्तुत करने से युवा और बच्चे इससे ज्यादा आसानी से जुड़ सकते हैं।

‘नशामुक्त युवा, विकसित भारत’ अभियान को जनआंदोलन बनाने की अपील

प्रधानमंत्री ने ‘नशामुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ अभियान का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इसका लक्ष्य बिल्कुल स्पष्ट है—नशामुक्त युवा और नशामुक्त भारत।

पीएम मोदी ने कहा कि नशे की समस्या केवल एक व्यक्ति को प्रभावित नहीं करती, बल्कि उसका असर पूरे परिवार और समाज पर पड़ता है। उन्होंने युवाओं, संगीतकारों, छात्रों, थिएटर कलाकारों और कंटेंट क्रिएटर्स से अपील की कि वे अपनी रचनात्मकता का इस्तेमाल नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने में करें।

उन्होंने कहा कि युवा कलाकार नशामुक्त जीवन का संदेश देने वाले गीत बनाएं, विद्यार्थी और थिएटर समूह छोटे नाटक तैयार करें और सोशल मीडिया क्रिएटर्स अलग-अलग भारतीय भाषाओं में प्रभावशाली कंटेंट बनाएं।

प्रधानमंत्री ने लोगों से अपने प्रयासों को सोशल मीडिया पर #NashaMuktYuva के साथ साझा करने की अपील की।

 ‘हर घर तिरंगा’ और ‘सूर्यपथ तिरंगा’ का किया उल्लेख

पीएम मोदी ने अगस्त महीने को देशभक्ति की भावना से जुड़ा महीना बताते हुए राष्ट्रीय हथकरघा दिवस, भारत छोड़ो आंदोलन की वर्षगांठ, विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस, स्वतंत्रता दिवस और राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस का उल्लेख किया।

उन्होंने बताया कि इस वर्ष ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत 8 करोड़ से ज्यादा तिरंगा सेल्फी अपलोड की गईं।

प्रधानमंत्री ने ‘सूर्यपथ तिरंगा’ पहल का भी उल्लेख किया। इसके तहत फिजी के सुवा से लेकर एशिया, अफ्रीका और यूरोप के विभिन्न देशों में स्थित भारतीय मिशनों और पोस्टों तक तिरंगा फहराया गया और अंत में अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को तक यह यात्रा पहुंची।

पीएम मोदी ने कहा कि सूर्य की गति के साथ दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में तिरंगे का फहराया जाना देशवासियों के लिए गौरव और एकता का अद्भुत संदेश है।

 PM SVANidhi से मजबूत हो रहीं देश की लाखों महिलाएं

प्रधानमंत्री ने PM SVANidhi योजना के जरिए महिला सशक्तिकरण की दिशा में हो रहे बदलावों का भी उल्लेख किया।

उन्होंने बताया कि इस योजना के लाभार्थियों में करीब 46 प्रतिशत महिलाएं हैं और लगभग 35 लाख महिलाएं इस योजना से जुड़कर अपने छोटे व्यवसाय को आगे बढ़ा रही हैं।

पीएम मोदी ने गाजियाबाद की बबीता शर्मा का उदाहरण दिया। बबीता पहले सड़क किनारे पूजा सामग्री, फूल, दीये, अगरबत्ती और नारियल बेचती थीं। योजना के माध्यम से आर्थिक सहायता मिलने के बाद उन्होंने अपना स्टॉक बढ़ाया और धीरे-धीरे उनका छोटा सा ठेला एक दुकान में बदल गया।

इसी तरह बेंगलुरु की टी.एस. निंगम्मा की कहानी भी प्रधानमंत्री ने साझा की। निंगम्मा और उनके पति इडली, डोसा और सांभर बेचने का छोटा व्यवसाय करते थे। PM SVANidhi से सहायता मिलने के बाद उन्होंने अपनी गाड़ी को बेहतर बनाया, थोक में सामान खरीदना शुरू किया और मेन्यू में नए व्यंजन जोड़े। इससे उनकी आमदनी बढ़ी और वे अपने तीन बच्चों को बेहतर शिक्षा देने में सक्षम हुईं।

पीएम मोदी ने कहा कि जब किसी महिला का व्यवसाय आगे बढ़ता है तो उसके साथ पूरे परिवार का भविष्य आगे बढ़ता है।

स्वच्छता के लिए युवाओं की पहल की सराहना

प्रधानमंत्री ने उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले के पटवाई गांव के युवाओं की स्वच्छता पहल का भी जिक्र किया।

उन्होंने बताया कि आकाश और रोहन नाम के दो युवाओं ने अपने इलाके में गंदगी देखकर सफाई अभियान शुरू किया। धीरे-धीरे दूसरे युवा भी उनके साथ जुड़ते गए और ‘Clean-up Patwai’ नाम की टीम तैयार हुई।

इस टीम ने अब तक चार गंगा घाटों की सफाई की है और एक टन से अधिक प्लास्टिक कचरा हटाया है। इसके अलावा कई तालाबों और सार्वजनिक स्थानों की भी सफाई की गई है।

अमरनाथ यात्रा में स्वच्छता और सेवा का उदाहरण

पीएम मोदी ने हाल ही में हुई श्री अमरनाथ यात्रा के दौरान स्वच्छता के लिए किए गए प्रयासों की भी सराहना की।

उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान 400 मीट्रिक टन से अधिक कचरा एकत्र कर उसका निपटारा किया गया। करीब 16 हजार श्रद्धालुओं ने स्वच्छता की शपथ ली, जबकि 10 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं को ‘Responsible Yatri’ प्रमाणपत्र दिया गया।

एक अनूठी पहल का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने बताया कि यात्रा में इस्तेमाल होने वाले घोड़ों और खच्चरों के गोबर से बायोगैस तैयार की गई और इसी स्वच्छ ऊर्जा से ‘स्वच्छ ज्योति’ को रोशन किया गया।

नागालैंड की वेसालु पुरो ने फूलों की खेती से बनाई नई पहचान

प्रधानमंत्री ने नागालैंड के फेक जिले की वेसालु पुरो की प्रेरणादायक कहानी भी साझा की।

कृषि परिवार में पली-बढ़ीं वेसालु को बचपन से ही फूलों से विशेष लगाव था। वर्ष 2021 में उन्होंने छोटे स्तर पर फूलों की खेती शुरू की। बाद में उन्होंने कृषि विज्ञान केंद्र से वैज्ञानिक तरीके से फूलों की खेती का प्रशिक्षण लिया।

उन्होंने सिर्फ एक चौथाई एकड़ जमीन पर हजारों ग्लेडियोलस बल्ब लगाए और पहली ही कोशिश में 5 हजार से अधिक फूल प्राप्त किए।

आज उनके फूल केवल स्थानीय बाजार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि नागालैंड से दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों तक पहुंच रहे हैं।

ओडिशा में महिलाओं ने जंगल संरक्षण को बनाया आजीविका का माध्यम

प्रधानमंत्री ने ओडिशा के देब्रीगढ़ क्षेत्र के धोड़्रोकुसुम गांव की मैथिली भुए की कहानी भी सुनाई।

मैथिली भुए पहले जंगल से जलावन, महुआ, केंदू पत्ते, बांस की कोपलें और अन्य वन उपज एकत्र करती थीं। बाद में वे देब्रीगढ़ इको-टूरिज्म से जुड़ीं और जंगल संरक्षण की दिशा में काम करने लगीं।

उनकी पहल से प्रेरित होकर आज 60 से ज्यादा महिलाएं वन संरक्षण से जुड़ी हैं। कुछ महिलाएं वन्यजीवों की सुरक्षा कर रही हैं, कुछ घास के मैदान विकसित करने में योगदान दे रही हैं और कई महिलाएं इको-टूरिज्म से जुड़ी गतिविधियों में भाग ले रही हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि इन महिलाओं ने दिखाया है कि प्रकृति की रक्षा करते हुए आजीविका और समृद्धि का रास्ता भी बनाया जा सकता है।

‘Mission ShaktiSAT’ से हजारों बेटियों को अंतरिक्ष विज्ञान का अवसर

प्रधानमंत्री ने Mission ShaktiSAT को भी विशेष उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि इस पहल के माध्यम से 108 देशों की 12 हजार छात्राओं को सैटेलाइट तकनीक और नवाचार से जुड़ने का अवसर मिल रहा है।

राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के अवसर पर ग्रेटर नोएडा की गौतम बुद्ध यूनिवर्सिटी में मिशन के दूसरे चरण की शुरुआत की गई। इसमें भारत सहित कई देशों की छात्राओं ने हिस्सा लिया। भारत के दूरदराज क्षेत्रों से चयनित छात्राएं भी इस कार्यक्रम का हिस्सा हैं।

इस मिशन का लक्ष्य छात्राओं की भागीदारी से विकसित एक सैटेलाइट को चंद्रमा की कक्षा में भेजने की दिशा में काम करना है।

पीएम मोदी ने विश्वास जताया कि इस पहल से जुड़ी कई बेटियां भविष्य में विज्ञान, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में देश और दुनिया में अपनी पहचान बनाएंगी।

एवोकाडो की खेती से किसानों की बढ़ रही आमदनी

प्रधानमंत्री ने किसानों के नवाचार का उदाहरण देते हुए एवोकाडो की खेती का भी उल्लेख किया।

आंध्र प्रदेश के कडप्पा के किसान वरदराज ने पारंपरिक फसलों के साथ एवोकाडो की खेती शुरू की। उन्होंने YouTube के माध्यम से इसके बारे में जानकारी जुटाई और अब तक करीब 4 टन एवोकाडो का उत्पादन कर चुके हैं।

तमिलनाडु के कोडाइकनाल के किसान चंद्रशेखरन ने आधे हेक्टेयर में एवोकाडो की खेती शुरू की और इससे अच्छी आमदनी प्राप्त कर रहे हैं।

वहीं कर्नाटक के चिक्कमगलुरु में कुछ किसानों ने कॉफी के बागानों के बीच एवोकाडो के पौधे लगाए हैं। इससे उन्हें कॉफी और काली मिर्च के साथ अतिरिक्त आय का स्रोत मिल रहा है।

पीएम मोदी ने कहा कि शहरों में लोग एवोकाडो टोस्ट खाते हैं, वहीं देश के किसान इसी एवोकाडो को अपनी आमदनी बढ़ाने का जरिया बना रहे हैं।

महानायक उत्तम कुमार को पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि

प्रधानमंत्री ने भारतीय सिनेमा के महान अभिनेता उत्तम कुमार की जन्मशती का उल्लेख करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी।

उन्होंने कहा कि उत्तम कुमार ने अपने अभिनय से लोगों के दिलों में खास जगह बनाई। सत्यजीत रे की फिल्म ‘नायक’ को लेकर भी उन्होंने कहा कि फिल्म की पटकथा उत्तम कुमार को ध्यान में रखकर लिखी गई थी।

पीएम मोदी ने उनके अभिनय के साथ-साथ उनके परोपकारी स्वभाव की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि उत्तम कुमार का जीवन यह सीख देता है कि शुरुआती असफलताओं से निराश होकर कभी हार नहीं माननी चाहिए।

प्रधानमंत्री ने बंगाली में श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि महानायक उत्तम कुमार हमेशा लोगों के दिलों में राज करते रहेंगे।

त्योहारों में ‘वोकल फॉर लोकल’ का संदेश

आने वाले त्योहारों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने देशवासियों को जन्माष्टमी, विश्वकर्मा पूजा और दीपावली की शुभकामनाएं दीं।

उन्होंने एक बार फिर ‘वोकल फॉर लोकल’ का आह्वान करते हुए कहा कि इसका मतलब केवल मिट्टी के दीये खरीदना नहीं है, बल्कि घर में खरीदी जाने वाली ज्यादा से ज्यादा वस्तुओं में यह देखना भी है कि वे भारत में बनी हों।

पीएम मोदी ने कहा कि भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए देश में बने उत्पादों पर गर्व करना और उन्हें बढ़ावा देना जरूरी है। उन्होंने क्रिएटर्स, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और सेलिब्रिटीज से भी ‘वोकल फॉर लोकल’ को आगे बढ़ाने में योगदान देने की अपील की।

पीएम मोदी का संदेश

‘मन की बात’ के इस एपिसोड में प्रधानमंत्री का मुख्य संदेश जनभागीदारी, आत्मनिर्भरता, नवाचार और सामाजिक जिम्मेदारी के इर्द-गिर्द रहा। इतिहास से लेकर अंतरिक्ष तक, महिला उद्यमिता से लेकर किसान नवाचार तक और स्वच्छता से लेकर नशामुक्त भारत तक—पीएम मोदी ने देश के नागरिकों के छोटे प्रयासों को बड़े सामाजिक बदलाव की ताकत बताया।

उन्होंने देशवासियों से अपील की कि वे अपने आसपास सकारात्मक बदलाव लाने वाले लोगों और पहलों की जानकारी ‘मन की बात’ के साथ साझा करें, ताकि उनकी कहानियां देश के दूसरे लोगों के लिए भी प्रेरणा बन सकें।

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