Media24Media.com: इंदौर संभाग में जनजातीय कल्याण योजनाओं की जमीनी हकीकत परखी, MoTA सचिव ने अधिकारियों को दिए समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश

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इंदौर संभाग में जनजातीय कल्याण योजनाओं की जमीनी हकीकत परखी, MoTA सचिव ने अधिकारियों को दिए समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश

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इंदौर- जनजातीय कार्य मंत्रालय (MoTA) की सचिव रंजना चोपड़ा ने अतिरिक्त सचिव मनीष ठाकुर के साथ मध्य प्रदेश के इंदौर संभाग का व्यापक क्षेत्रीय दौरा कर जनजातीय कल्याण योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने जनजातीय लाभार्थियों, विद्यार्थियों, महिला बुनकरों और स्थानीय उद्यमियों से सीधे संवाद कर योजनाओं के प्रभाव और चुनौतियों की जानकारी ली।

दौरे की शुरुआत एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (EMRS), मोरोद (PVTG), इंदौर से हुई। सचिव ने कक्षा 6वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों और शिक्षकों से बातचीत की तथा विद्यालय में संचालित डिजिटल स्मार्ट कक्षाओं का अवलोकन किया। विद्यार्थियों ने इंजीनियर, उद्यमी और विभिन्न क्षेत्रों में पेशेवर बनने की अपनी आकांक्षाएं साझा कीं। सचिव ने जनजातीय बच्चों, विशेषकर विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (PVTGs) के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण आवासीय शिक्षा उपलब्ध कराने के प्रयासों की सराहना की।

इसके बाद टीम ने महेश्वर, खरगोन स्थित बुनकर सुविधा केंद्र का दौरा किया। यहां राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) से जुड़े सहायता समूह के माध्यम से जनजातीय महिलाएं प्रसिद्ध महेश्वरी साड़ियों का निर्माण कर रही हैं। केंद्र पर प्रतिदिन करीब 1,000 से 2,000 साड़ियों का उत्पादन किया जाता है। TRIFED, स्वयं सहायता समूहों और जिला पंचायतों के सहयोग से इन उत्पादों को बाजार तक पहुंचाया जा रहा है। सचिव ने महिला बुनकरों से बातचीत कर उनके कार्य, आय और बाजार से जुड़ी व्यवस्थाओं की जानकारी ली।

सचिव ने आदि सेवा केंद्र, केरियाखेड़ी का भी निरीक्षण किया। यह केंद्र जनजातीय समुदाय के लिए एकल-खिड़की सुविधा केंद्र के रूप में कार्य कर रहा है, जहां राशन कार्ड से लेकर विभिन्न सरकारी योजनाओं में पंजीयन और अन्य आवश्यक सुविधाओं के लिए सहायता उपलब्ध कराई जाती है। केंद्र पर आयोजित जन सुनवाई और शिकायत निवारण की व्यवस्था की भी जानकारी ली गई।

दौरे के दौरान खरगोन जिले में एक जनजातीय होमस्टे का भी निरीक्षण किया गया। इसे स्थानीय जनजातीय परिवार द्वारा संचालित किया जा रहा है। सचिव ने ग्रामीण पर्यटन के माध्यम से जनजातीय परिवारों के लिए पैदा हो रहे रोजगार और आय के अवसरों को समझा। होमस्टे संचालकों को प्रशिक्षण, हैंडहोल्डिंग और गुणवत्ता बनाए रखने के लिए निरंतर सहयोग दिए जाने की जानकारी भी साझा की गई।

इसके बाद सचिव ने इंदौर स्थित सिकल सेल रोग के Center of Competence का दौरा किया और जनजातीय आबादी में सिकल सेल रोग के उन्मूलन के लिए चल रही स्क्रीनिंग, काउंसलिंग और उपचार सुविधाओं की समीक्षा की।

दौरे के अंत में इंदौर संभागायुक्त कार्यालय में योजनाओं की प्रगति समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता रंजना चोपड़ा ने की। इसमें संबंधित विभागों के अधिकारी, राज्य जनजातीय कल्याण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तथा संभाग के अन्य जिलों के कलेक्टर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।

समीक्षा के दौरान सचिव ने कलेक्टरों को MoTA की सभी योजनाओं का जमीनी स्तर पर शीघ्र संतृप्तिकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों के बीच समयबद्ध समन्वय के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाए कि सरकार की योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र जनजातीय परिवार और बस्ती तक पहुंचे।

पूरे दौरे ने जनजातीय कल्याण योजनाओं की अंतिम छोर तक पहुंच, संस्थागत ढांचे को मजबूत करने तथा शिक्षा, कौशल, उद्यमिता और ग्रामीण पर्यटन के माध्यम से जनजातीय समुदायों के लिए टिकाऊ आजीविका के अवसर बढ़ाने के प्रति मंत्रालय की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।

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