Media24Media.com: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने संसदीय परामर्शदात्री समिति की बैठक की अध्यक्षता की, ‘प्रादेशिक सेना’ की भूमिका पर हुआ मंथन

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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने संसदीय परामर्शदात्री समिति की बैठक की अध्यक्षता की, ‘प्रादेशिक सेना’ की भूमिका पर हुआ मंथन

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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 6 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में रक्षा मंत्रालय की संसदीय परामर्शदात्री समिति की बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में ‘प्रादेशिक सेना (Territorial Army)’ के विषय पर विस्तृत चर्चा की गई।

बैठक के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों ने समिति के सदस्यों को प्रादेशिक सेना के उद्देश्य, भूमिका और प्रमुख उपलब्धियों पर विस्तृत जानकारी दी। समिति के सदस्यों ने सेना को और अधिक सशक्त एवं प्रभावी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए।

अपने संबोधन में रक्षा मंत्री ने कहा कि प्रादेशिक सेना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के ‘विकसित भारत’ के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। उन्होंने कहा कि जहाँ सशस्त्र बलों की मुख्य भूमिका राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी होती है, वहीं प्रादेशिक सेना पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक कार्यों में भी उल्लेखनीय योगदान देती है।

उन्होंने कहा, “प्रादेशिक सेना ‘नागरिक-सैनिक’ (Citizen-Soldier) की अवधारणा का जीवंत उदाहरण है। इसके सदस्य अपने नागरिक व्यवसायों के साथ-साथ आवश्यकता पड़ने पर वर्दी पहनकर सीमाओं की रक्षा और आंतरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने का दायित्व निभाते हैं।”

राजनाथ सिंह ने कहा कि प्रादेशिक सेना सशस्त्र बलों के लिए अतिरिक्त सैन्य क्षमता (Surge Capacity) तैयार करती है। यह प्रशिक्षित सैनिकों का ऐसा रिजर्व बल है, जिसे आवश्यकता पड़ने पर तुरंत तैनात किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सेवा अवधि पूरी करने के बाद जब ये सैनिक पुनः नागरिक जीवन में लौटते हैं, तो वे समाज और सेना के बीच एक मजबूत सेतु का कार्य करते हैं तथा विशेषकर युवाओं को रक्षा सेवाओं में शामिल होने के लिए प्रेरित करते हैं।

वर्तमान में प्रादेशिक सेना में लगभग 44,400 कर्मी और 59 विभिन्न इकाइयाँ हैं। रक्षा मंत्री ने इसे प्राकृतिक आपदाओं के दौरान पहला प्रतिक्रिया बल (First Responders) बताते हुए कहा कि यह राहत एवं बचाव कार्यों तथा चिकित्सा सहायता प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने केरल की बाढ़, ओडिशा के चक्रवात तथा हाल ही में असम की बाढ़ के दौरान प्रादेशिक सेना द्वारा किए गए उत्कृष्ट कार्यों की सराहना की।

पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन से निपटने के क्षेत्र में प्रादेशिक सेना के योगदान की प्रशंसा करते हुए उन्होंने बताया कि इसकी इकोलॉजिकल टास्क फोर्स (Ecological Task Forces) अब तक लगभग 10 करोड़ पौधे लगा चुकी है, जिनकी 80–85 प्रतिशत तक जीवित रहने की दर है। उन्होंने कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री के ‘मिशन LiFE’ और ‘पंचामृत’ लक्ष्यों को धरातल पर साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

रक्षा मंत्री ने जम्मू-कश्मीर में तैनात प्रादेशिक सेना की ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को जन-जन तक पहुँचाने में निभाई गई भूमिका की भी सराहना की।

बैठक में रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एन. एस. राजा सुब्रमणि, थल सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ, रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह, रक्षा उत्पादन सचिव संजीव कुमार, रक्षा वित्त सचिव विश्वजीत सहाय तथा रक्षा मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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