Media24Media.com: मन की बात: कारगिल के शौर्य से लेकर 'वोकल फॉर लोकल' तक, पीएम मोदी ने देशवासियों को दिया कई अहम संदेश

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मन की बात: कारगिल के शौर्य से लेकर 'वोकल फॉर लोकल' तक, पीएम मोदी ने देशवासियों को दिया कई अहम संदेश

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नई दिल्ली- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के नवीनतम संस्करण में देशवासियों को संबोधित करते हुए कारगिल विजय दिवस, आत्मनिर्भर भारत, जल संरक्षण, पर्यावरण, खेल, विज्ञान, अंतरिक्ष, हस्तशिल्प और 'वोकल फॉर लोकल' जैसे अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार साझा किए।


प्रधानमंत्री ने सबसे पहले कारगिल विजय दिवस पर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि कारगिल की दुर्गम चोटियों पर भारतीय सैनिकों ने अदम्य साहस और पराक्रम का परिचय देते हुए मातृभूमि की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने बताया कि इस वर्ष 'शौर्य विजय यात्रा' के माध्यम से देश की युवा पीढ़ी तक वीर सैनिकों की गाथा पहुंचाई जा रही है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत लगातार अपनी रक्षा क्षमता को मजबूत कर रहा है। उन्होंने स्वदेशी युद्धपोत INS महेंद्रगिरि, पिनाका लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट और कुशा मिसाइल के सफल परीक्षण का उल्लेख करते हुए कहा कि यह आत्मनिर्भर भारत की बढ़ती ताकत का प्रमाण है।

जल संरक्षण पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने 'कैच द रेन' अभियान को जन-आंदोलन बनाने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि देशभर में तालाबों के पुनर्जीवन, वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण और वृक्षारोपण जैसे कार्यों में लोगों की व्यापक भागीदारी देखने को मिल रही है।

खेलों का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने पी.वी. सिंधु के जापान ओपन खिताब और भारतीय महिला क्रिकेट टीम की ऐतिहासिक लॉर्ड्स टेस्ट जीत पर खिलाड़ियों को बधाई दी। उन्होंने भारतीय खिलाड़ियों के बेहतर प्रदर्शन की कामना भी की।

विज्ञान और अंतरिक्ष के क्षेत्र में उपलब्धियों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने निजी क्षेत्र द्वारा विकसित भारत के पहले रॉकेट 'विक्रम-1' की सफल लॉन्चिंग और अंतरराष्ट्रीय विज्ञान ओलंपियाड में भारतीय छात्रों के शानदार प्रदर्शन की सराहना की।

प्रधानमंत्री ने जम्मू-कश्मीर की पारंपरिक 'वागु' चटाई, उत्तर प्रदेश की महिलाओं द्वारा तैयार हर्बल चाय, तथा 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान का भी उल्लेख किया। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय उत्पादों को अपनाने के लिए देशवासियों से आगे आने की अपील की।

उन्होंने गणेश उत्सव पर स्वदेशी मिट्टी से बनी गणेश प्रतिमाएं स्थापित करने, प्लास्टिक मुक्त भारत के लिए 'रिड्यूस, रीयूज और रीसायकल' अपनाने तथा 'वोकल फॉर लोकल' अभियान को मजबूत करने का संदेश दिया।

प्रधानमंत्री ने आगामी राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर लोगों से खादी, हथकरघा और हस्तशिल्प उत्पाद खरीदने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इससे देश के बुनकरों और कारीगरों को आर्थिक मजबूती मिलेगी।

अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम को श्रद्धांजलि दी, गुरु पूर्णिमा की शुभकामनाएं दीं और आगामी 'हर घर तिरंगा' अभियान में पूरे उत्साह से भाग लेने का आह्वान किया।

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