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चरौदा में सीआरपीएफ जवानों और बच्चों ने मिलकर रोपे 250 पौधे, हरियाली बचाओ" का दिया संदेश

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आरंग- पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से अजय कुमार सिंह उप महानिरीक्षक ग्रुप केंद्र भिलाई, रायपुर के दिशा-निर्देश में शुक्रवार को ग्रुप केंद्र भिलाई के सीआरपीएफ जवानों ने शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला चरौदा में वृहत् पौधरोपण अभियान चलाया। इस अभियान में जवानों के साथ स्कूली बच्चों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया।इस दौरान स्कूल परिसर में फलदार, छायादार और औषधीय गुणों वाले कुल 250 पौधे रोपित किए गए। जवानों ने बच्चों को पौधा लगाने का सही तरीका सिखाया और उनकी देखभाल के महत्व के बारे में बताया। रोपण के बाद सभी बच्चों को पौधों की नियमित देखभाल की शपथ भी दिलाई गई।

इस अवसर पर सहायक कमांडेंट भरत भोई ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि "पेड़ ही जीवन हैं। बढ़ते प्रदूषण और गर्मी से बचने के लिए हर नागरिक को साल में कम से कम दो पौधे अवश्य लगाने चाहिए।" उन्होंने बच्चों से आग्रह किया कि वे पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार बनें और अपने घर-आंगन में भी पौधे लगाएं।ग्राम के सरपंच देवशरण धीवर और एसएमसी अध्यक्ष चेतन पैगम्बर ने सीआरपीएफ की इस पहल की मुक्त कंठ से सराहना की। उन्होंने कहा कि जवानों द्वारा बच्चों के साथ मिलकर किया गया यह कार्य प्रेरणादायक है और इससे गांव में हरियाली बढ़ेगी।

कार्यक्रम का संचालन शिक्षक महेन्द्र कुमार पटेल ने किया। पौधरोपण अभियान में संस्था प्रधान, सीआरपीएफ जवानों, शिक्षकों और बड़ी संख्या में बच्चों व ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम के अंत में सभी ने मिलकर पर्यावरण बचाने और धरती को हरा-भरा रखने का संकल्प लिया। वहीं विकासखंड शिक्षा अधिकारी दिनेश शर्मा ने चरौदा में बच्चों व शिक्षकों द्वारा लगातार पौधरोपण करने की पहल की सराहना की है।




मन की बात: कारगिल के शौर्य से लेकर 'वोकल फॉर लोकल' तक, पीएम मोदी ने देशवासियों को दिया कई अहम संदेश

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नई दिल्ली- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के नवीनतम संस्करण में देशवासियों को संबोधित करते हुए कारगिल विजय दिवस, आत्मनिर्भर भारत, जल संरक्षण, पर्यावरण, खेल, विज्ञान, अंतरिक्ष, हस्तशिल्प और 'वोकल फॉर लोकल' जैसे अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार साझा किए।


प्रधानमंत्री ने सबसे पहले कारगिल विजय दिवस पर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि कारगिल की दुर्गम चोटियों पर भारतीय सैनिकों ने अदम्य साहस और पराक्रम का परिचय देते हुए मातृभूमि की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने बताया कि इस वर्ष 'शौर्य विजय यात्रा' के माध्यम से देश की युवा पीढ़ी तक वीर सैनिकों की गाथा पहुंचाई जा रही है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत लगातार अपनी रक्षा क्षमता को मजबूत कर रहा है। उन्होंने स्वदेशी युद्धपोत INS महेंद्रगिरि, पिनाका लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट और कुशा मिसाइल के सफल परीक्षण का उल्लेख करते हुए कहा कि यह आत्मनिर्भर भारत की बढ़ती ताकत का प्रमाण है।

जल संरक्षण पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने 'कैच द रेन' अभियान को जन-आंदोलन बनाने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि देशभर में तालाबों के पुनर्जीवन, वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण और वृक्षारोपण जैसे कार्यों में लोगों की व्यापक भागीदारी देखने को मिल रही है।

खेलों का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने पी.वी. सिंधु के जापान ओपन खिताब और भारतीय महिला क्रिकेट टीम की ऐतिहासिक लॉर्ड्स टेस्ट जीत पर खिलाड़ियों को बधाई दी। उन्होंने भारतीय खिलाड़ियों के बेहतर प्रदर्शन की कामना भी की।

विज्ञान और अंतरिक्ष के क्षेत्र में उपलब्धियों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने निजी क्षेत्र द्वारा विकसित भारत के पहले रॉकेट 'विक्रम-1' की सफल लॉन्चिंग और अंतरराष्ट्रीय विज्ञान ओलंपियाड में भारतीय छात्रों के शानदार प्रदर्शन की सराहना की।

प्रधानमंत्री ने जम्मू-कश्मीर की पारंपरिक 'वागु' चटाई, उत्तर प्रदेश की महिलाओं द्वारा तैयार हर्बल चाय, तथा 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान का भी उल्लेख किया। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय उत्पादों को अपनाने के लिए देशवासियों से आगे आने की अपील की।

उन्होंने गणेश उत्सव पर स्वदेशी मिट्टी से बनी गणेश प्रतिमाएं स्थापित करने, प्लास्टिक मुक्त भारत के लिए 'रिड्यूस, रीयूज और रीसायकल' अपनाने तथा 'वोकल फॉर लोकल' अभियान को मजबूत करने का संदेश दिया।

प्रधानमंत्री ने आगामी राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर लोगों से खादी, हथकरघा और हस्तशिल्प उत्पाद खरीदने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इससे देश के बुनकरों और कारीगरों को आर्थिक मजबूती मिलेगी।

अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम को श्रद्धांजलि दी, गुरु पूर्णिमा की शुभकामनाएं दीं और आगामी 'हर घर तिरंगा' अभियान में पूरे उत्साह से भाग लेने का आह्वान किया।

'एक पेड़ मां के नाम' अभियान 3.0, विधानसभा परिसर में सीएम विष्णु देव साय और डॉ. रमन सिंह ने लगाया रुद्राक्ष का पौधा

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लोकतंत्र के मंदिर से पर्यावरण संरक्षण और मातृ सम्मान का सशक्त संदेश

रायपुर- छत्तीसगढ़ विधानसभा के पावस सत्र के दौरान आज विधानसभा परिसर हरियाली, जनभागीदारी और मातृ सम्मान के भाव से सराबोर नजर आया। 'एक पेड़ मां के नाम 3.0' अभियान के अंतर्गत आयोजित वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, उप मुख्यमंत्री अरुण साव, संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप सहित विधानसभा के सभी सदस्यों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प दोहराया। यह संकल्प केवल वृक्षारोपण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि प्रकृति के संरक्षण, मातृत्व के सम्मान और आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित एवं हरित भविष्य के निर्माण का सामूहिक संकल्प बनकर उभरा। कार्यक्रम के दौरान सभी जनप्रतिनिधियों ने अभियान के लिए तैयार विशेष सेल्फी प्वाइंट पर तस्वीरें भी खिंचवाईं तथा प्रदेशवासियों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनके संरक्षण का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रुद्राक्ष का पौधा लगाया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर प्रारंभ हुआ 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान आज पूरे देश में जनआंदोलन का स्वरूप ले चुका है। यह अभियान केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि अपनी मां के प्रति कृतज्ञता, प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और आने वाली पीढ़ियों के प्रति उत्तरदायित्व का सशक्त प्रतीक है। उन्होंने कहा कि जब कोई व्यक्ति अपनी मां के नाम पर पौधा लगाता है तो उस पौधे के साथ उसका भावनात्मक रिश्ता भी जुड़ जाता है और वह उसके संरक्षण के लिए स्वयं प्रेरित होता है। यही भाव इस अभियान को स्थायी, प्रभावी और जनभागीदारी आधारित बनाता है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा में विधायकों द्वारा अपनी माताओं के नाम पर पौधारोपण किया जाना अत्यंत प्रेरणादायी पहल है। विधानसभा परिसर से दिया गया यह संदेश निश्चित रूप से पूरे प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण के प्रति नई जागरूकता उत्पन्न करेगा। उन्होंने इस अभिनव आयोजन के लिए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह पहल समाज में वृक्षारोपण को जनआंदोलन बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि आज पूरा विश्व जलवायु परिवर्तन, ग्लोबल वार्मिंग, अनियमित वर्षा, बढ़ते तापमान और जैव विविधता के क्षरण जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है। इन परिस्थितियों में वृक्षारोपण केवल पर्यावरणीय कार्यक्रम नहीं, बल्कि मानव जीवन की सुरक्षा, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और भावी पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित करने का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि वृक्ष पृथ्वी के संतुलन के आधार हैं। वे हमें शुद्ध वायु, जल संरक्षण, जैव विविधता का संरक्षण और स्वस्थ पर्यावरण प्रदान करते हैं। इसलिए प्रत्येक नागरिक को अपने जीवन में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए और उसकी देखभाल भी उसी आत्मीयता से करनी चाहिए, जिस भाव से वह अपने परिवार के किसी सदस्य की देखभाल करता है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। प्रदेश में वन संरक्षण, हरित आवरण में वृद्धि, जल संरक्षण, जैव विविधता के संवर्धन तथा जनभागीदारी आधारित पर्यावरणीय अभियानों को निरंतर बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि 'एक पेड़ मां के नाम 3.0' अभियान प्रदेश के गांव-गांव, शहर-शहर और प्रत्येक परिवार तक पहुंचेगा तथा प्रकृति संरक्षण को सामाजिक दायित्व और जन आंदोलन का स्वरूप प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक नागरिक अपनी मां के नाम पर एक पौधा लगाकर उसके संरक्षण का संकल्प ले, तो आने वाले वर्षों में उत्कृष्ट मॉडल बन सकता है।

कार्यक्रम में विधानसभा के सभी सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपनी माताओं के नाम पर विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए और उनके संरक्षण का संकल्प लिया। इस अवसर पर प्रमुख सचिव, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग मनोज कुमार पिंगुआ, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख अरुण पाण्डेय सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि तथा वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अहमदाबाद में 'मिशन 5 मिलियन ट्रीज़' अभियान का शुभारंभ किया

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केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज गुजरात के अहमदाबाद में अहमदाबाद नगर निगम (एएमसी) के 'मिशन 5 मिलियन ट्रीज़' के तहत आयोजित वृहद वृक्षारोपण अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने अहमदाबाद में विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास भी किया। कार्यक्रम में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

सभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि आज केवल गांधीनगर लोकसभा क्षेत्र में ही नागरिकों द्वारा एक करोड़ से अधिक पौधे लगाए गए हैं। इसके अतिरिक्त अहमदाबाद शहर में 50 लाख पौधों का रोपण किया गया है। उन्होंने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य हरित पर्यावरण का निर्माण करना, स्वच्छ वायु एवं शुद्ध जल सुनिश्चित करना तथा भावी पीढ़ियों के लिए पृथ्वी को रहने योग्य बनाए रखना है। उन्होंने कहा कि 1.25 करोड़ पौधे लगाने का अभियान अब केवल एक नारा नहीं, बल्कि जन आंदोलन बन चुका है।

शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान ने बहुत कम समय में जन आंदोलन का रूप ले लिया है और पूरा देश उनके "People, Planet with Progress" के मंत्र को आत्मसात कर रहा है।

केंद्रीय गृह मंत्री ने बताया कि पिछले सात वर्षों में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) ने देशभर में सात करोड़ से अधिक पौधे लगाए हैं। उन्होंने कहा कि दो दिन पहले दिल्ली में भी बड़े स्तर पर वृक्षारोपण अभियान चलाया गया। उन्होंने बताया कि लगाए जा रहे पौधे भारत की पारिस्थितिकी के अनुरूप देशी प्रजातियों के हैं और इनमें अनेक वृक्षों की आयु 100 वर्ष से अधिक होती है। उन्होंने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य प्राकृतिक रूप से अहमदाबाद को एक हरित शहर में परिवर्तित करना है।

शाह ने बताया कि गांधीनगर लोकसभा क्षेत्र में पहले 12 ऑक्सीजन पार्क थे, जबकि आज 61 नए ऑक्सीजन पार्कों का उद्घाटन किया गया है, जिससे इनकी कुल संख्या बढ़कर 73 हो गई है। वहीं अहमदाबाद नगर निगम ने एक ही दिन में 101 ऑक्सीजन पार्कों का उद्घाटन किया है।

उन्होंने कहा कि अहमदाबाद नगर निगम ने वैज्ञानिक पहल के तहत एक विशेष वाहन सेवा शुरू की है, जिसके माध्यम से वृक्षारोपण के इच्छुक नागरिकों के घर तक पौधे पहुंचाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जनभागीदारी के बिना कोई भी अभियान सफल नहीं हो सकता। शाह ने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में यह वृक्षारोपण अभियान अहमदाबाद का तापमान अन्य शहरों की तुलना में कम से कम 5 प्रतिशत तक घटाने में सहायक होगा।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सबसे प्रभावी पहल है। उन्होंने सभी नागरिकों से एक-एक पौधा लगाने तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए ओजोन परत की रक्षा में योगदान देने का आह्वान किया।

शाह ने कहा कि साणंद, गांधीनगर, कलोल और अहमदाबाद शहर ने मिलकर गांधीनगर लोकसभा क्षेत्र में हरित क्षेत्र (ग्रीन कवर) को 11.23 प्रतिशत तक बढ़ाया है और वर्ष 2029 तक इसे 20 प्रतिशत तक पहुंचाने का संकल्प लिया है।

उन्होंने कहा कि गांधीनगर लोकसभा क्षेत्र में 20 प्रतिशत हरित क्षेत्र का लक्ष्य प्राप्त करना सभी नागरिकों की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि देश के सभी लोकसभा क्षेत्रों में सबसे अधिक सोलर रूफटॉप स्थापना गांधीनगर में हुई है। उन्होंने अहमदाबाद और गांधीनगर के नागरिकों से अपील की कि कोई भी घर, अपार्टमेंट या छत सोलर रूफटॉप से वंचित न रहे।

शाह ने बताया कि आज 22 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन तथा सात परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया। उन्होंने कहा कि 325 नई एएमटीएस और बीआरटीएस बसों के संचालन से कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी और आज के बाद अहमदाबाद में प्रदूषण फैलाने वाली कोई भी बस नहीं बचेगी।

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि गांधीनगर लोकसभा क्षेत्र में अब तक ₹28,492 करोड़ की विकास परियोजनाएं पूरी की जा चुकी हैं। इनमें घाटलोडिया में ₹7,030 करोड़, वेजलपुर में ₹2,670 करोड़, साबरमती में ₹2,149 करोड़, नारणपुरा में ₹3,262 करोड़, साणंद में ₹2,800 करोड़, गांधीनगर उत्तर में ₹4,300 करोड़ तथा कलोल में ₹2,003 करोड़ की परियोजनाएं शामिल हैं।

उन्होंने अहमदाबाद शहर एवं गांधीनगर लोकसभा क्षेत्र के नागरिकों से अपील की कि वे अपनी आवासीय सोसायटियों के किसी भी कोने को वृक्षों से वंचित न रहने दें। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों के लिए पृथ्वी को अधिक हरित और रहने योग्य बनाना हम सभी का सामूहिक लक्ष्य होना चाहिए। साथ ही उन्होंने प्रत्येक घर में सोलर रूफटॉप स्थापित करने का भी आह्वान किया।

नागपुर बनेगा ग्रीन सिटी: 25 लाख पेड़ लगाने का ऐलान, नितिन गडकरी ने विकास परियोजनाओं की दी जानकारी

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नागपुर। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने नागपुर को देश के सबसे हरित शहरों में शामिल करने के उद्देश्य से शहर और जिले में 25 लाख पेड़ लगाने की महत्वाकांक्षी योजना की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत स्कूलों, विश्वविद्यालयों, सामाजिक संगठनों, राजनीतिक दलों और अन्य संस्थाओं को 2 से 3 मीटर ऊंचाई वाले पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण और संरक्षण कार्य किया जा सके।

नागपुर में आयोजित एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए गडकरी ने केंद्र सरकार के पिछले 12 वर्षों की उपलब्धियों और विकास कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र के सभी जिलों और तहसीलों की मैपिंग रिमोट सेंसिंग तकनीक के माध्यम से की जाएगी तथा जिन जिलों ने बड़े स्तर पर वृक्षारोपण किया है, उन्हें विशेष सम्मान दिया जाएगा।

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि पिछले 12 वर्षों में प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत 58 करोड़ से अधिक बैंक खाते खोले गए हैं। आयुष्मान भारत योजना से 60 करोड़ लोगों को लाभ मिला है, जबकि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत 11 करोड़ एलपीजी कनेक्शन वितरित किए गए हैं। वहीं प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत 11 करोड़ किसानों को आर्थिक सहायता मिल रही है।

रोजगार सृजन के क्षेत्र में उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के अंतर्गत लगभग 35 लाख करोड़ रुपये के ऋण 57 करोड़ लाभार्थियों को दिए गए हैं। स्टार्टअप इंडिया अभियान के तहत 1.6 लाख स्टार्टअप और 118 यूनिकॉर्न विकसित हुए हैं। इसके अलावा स्किल इंडिया मिशन के माध्यम से लगभग 5 करोड़ युवाओं को कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया गया है।

नागपुर के विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए गडकरी ने कहा कि कॉटन मार्केट, इतवारी मार्केट, ऑरेंज मार्केट, नेताजी मार्केट, कमल चौक कॉम्प्लेक्स और कई अन्य बाजारों के आधुनिकीकरण और पुनर्विकास कार्य तेजी से चल रहे हैं। इसके अलावा नागपुर मेट्रो के दूसरे चरण का कार्य प्रगति पर है, जबकि तीसरे चरण की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार हो चुकी है।

उन्होंने यह भी बताया कि ऑक्सीजन पार्क, बर्ड पार्क, एम्स, आईआईएम, नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, आईआईआईटी, बुद्धिस्ट सर्किट प्रोजेक्ट और दीक्षाभूमि पुनर्विकास जैसी कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं शहर के विकास को नई दिशा दे रही हैं।

परिवहन अवसंरचना के क्षेत्र में गडकरी ने कहा कि प्रस्तावित नागपुर-हैदराबाद एक्सप्रेसवे बनने के बाद दोनों शहरों के बीच यात्रा समय घटकर लगभग साढ़े तीन घंटे रह जाएगा। वहीं नागपुर का इंदोरा-दिघोरी फ्लाईओवर अंतिम चरण में है और इसे 1 अगस्त 2026 से आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि विकास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और रोजगार सृजन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल हैं।


पशुपालन और डेयरी विभाग द्वारा स्पेशल कैंपेन 5.0 के तहत नई दिल्ली स्थित AQCS में स्वच्छता अभियान आयोजित

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मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के अंतर्गत पशुपालन और डेयरी विभाग (DAHD) ने 29 अक्टूबर 2025 को नई दिल्ली स्थित एनिमल क्वारंटाइन एंड सर्टिफिकेशन सर्विसेज (AQCS) में स्पेशल कैंपेन 5.0 के तहत एक स्वच्छता अभियान आयोजित किया। इस अवसर पर मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी तथा पंचायती राज राज्य मंत्री प्रो. एस. पी. सिंह बघेल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस मौके पर पशुपालन और डेयरी विभाग के सचिव  नरेश पाल गंगवार और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

प्रो. बघेल ने AQCS परिसर का निरीक्षण किया और उसकी स्वच्छता, सुव्यवस्थित रखरखाव तथा बेहतर प्रबंधन की सराहना की। उन्होंने कहा कि AQCS भारत का "स्वास्थ्यद्वार" है, जो पशुओं के आयात के दौरान वैज्ञानिक क्वारंटाइन और स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित करता है।

स्वच्छता अभियान के दौरान AQCS के अधिकारियों और कर्मचारियों ने परिसर की सफाई की, पुराने और अनुपयोगी सामानों का निपटान किया और कार्यस्थलों को पुनः व्यवस्थित किया।
स्पेशल कैंपेन 5.0 के अंतर्गत विभाग ने लंबित मामलों के निपटान, फाइल समीक्षा और स्वच्छता गतिविधियों में उल्लेखनीय प्रगति हासिल की है। पुराने और बेकार सामग्रियों की नीलामी से विभाग ने ₹5,54,753 का राजस्व अर्जित किया है।

नीचे विभिन्न मानकों पर विभाग की उपलब्धियां दी गई हैं:

  • पैरामीटर
  •   लक्ष्य                 
  • उपलब्धि
  • सांसद संदर्भ
  •    15
  • 11
  • संसदीय आश्वासन
  •     5
  • 3
  • राज्य सरकार संदर्भ
  •     8
  • 8
  • जन शिकायतें
  •   214
  • 214
  • पीएमओ संदर्भ
  •     3
  • 3
  • जन शिकायत अपीलें
  •    35
  • 27
  • नियम / प्रक्रियाओं में सरलीकरण
  •    1
  • 1
  • भौतिक फाइल समीक्षा
  • 24,645
  • 24,645
  • ई-फाइल समीक्षा
  •  680
  • 562
  • स्वच्छता स्थल
  •  221
  • 221

अभियान के दौरान #एक_पेड़_माँ_के_नाम पहल के तहत वृक्षारोपण अभियान भी आयोजित किया गया, जिसमें प्रकृति और मातृत्व के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए एक पौधा लगाया गया।

अपने संबोधन में प्रो. एस. पी. सिंह बघेल ने वैश्विक तापमान वृद्धि की चुनौती और पर्यावरण संरक्षण की सामूहिक जिम्मेदारी पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की पहलें न केवल स्वच्छता को बढ़ावा देती हैं, बल्कि पर्यावरणीय जागरूकता को भी सुदृढ़ करती हैं।

डॉ. मनसुख मांडविया ने SAI NCOE सोनीपत का दौरा किया, खिलाड़ियों और कोचों के साथ प्रशिक्षण और इंफ्रास्ट्रक्चर का अवलोकन

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केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री, डॉ. मनसुख मांडविया ने आज स्पोर्ट्स ऑथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (NCOE), सोनीपत का दौरा किया, जहाँ उन्होंने चल रहे प्रशिक्षण, इंफ्रास्ट्रक्चर का अवलोकन किया और कोचों, खिलाड़ियों एवं सहायक स्टाफ के साथ बातचीत की।

दोपहर में सेंटर पहुँचने पर, डॉ. मांडविया का स्वागत SAI के वरिष्ठ अधिकारियों ने किया और सोनीपत कैंपस की गतिविधियों, उपलब्धियों और आगामी परियोजनाओं का संक्षिप्त अवलोकन प्रस्तुत किया।

मंत्री ने दौरा आर्चरी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से शुरू किया, जहाँ उन्होंने कोचों और खिलाड़ियों के साथ बातचीत की। उन्होंने उनकी समर्पित मेहनत की सराहना की और खेल प्रतिभा के विकास के लिए वैज्ञानिक प्रशिक्षण विधियों को बढ़ावा देने में सरकार की प्रतिबद्धता पर जोर दिया।

डॉ. मांडविया ने ‘एक पेड़ माँ के नाम’ पहल के तहत वृक्षारोपण गतिविधि में भी भाग लिया।

इसके बाद मंत्री ने आर्चरी रेंज, कबड्डी कोर्ट, मेडिकल सेंटर, कुश्ती हॉल, स्पोर्ट्स साइंस डिपार्टमेंट और स्ट्रेंथ & कंडीशनिंग हॉल का निरीक्षण किया। उन्होंने उपलब्ध प्रशिक्षण और खेल विज्ञान सुविधाओं की सराहना की और नियमित स्वास्थ्य व प्रदर्शन आकलन के महत्व पर जोर दिया।

डॉ. मांडविया ने मल्टी-पर्पज हॉल (MPH), आगामी हाई-परफॉर्मेंस सेंटर (HPC) और इंडोर कबड्डी हॉल का भी निरीक्षण किया और भारत के खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं प्रदान करने के लिए की जा रही महत्वपूर्ण अवसंरचनात्मक प्रगति पर ध्यान दिया।

दौरे का समापन कोचों और स्टाफ के साथ बातचीत के साथ हुआ, जहाँ मंत्री ने भारत के खेल पारिस्थितिकी तंत्र में उनके योगदान की सराहना की और 2047 तक विकसित भारत के विजन को साकार करने के लिए मजबूत खेल संस्कृति बनाने में सरकार की दृष्टि को दोहराया।


स्वच्छता ही सेवा 2025 : कोयला मंत्रालय का ‘एक पेड़ माँ के नाम’ वृक्षारोपण संकल्प

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स्वच्छता ही सेवा 2025 अभियान के तहत कोयला मंत्रालय ने आज इंद्रप्रस्थ पार्क, सराय काले खां में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ थीम पर एक भव्य वृक्षारोपण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया। प्रधानमंत्री द्वारा मातृत्व और प्रकृति को समर्पित इस पहल से प्रेरित होकर, इस कार्यक्रम ने मंत्रालय की पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास और सामूहिक नागरिक जिम्मेदारी के प्रति गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाया। राष्ट्रीय राजधानी के बीच स्थित एक प्रमुख सार्वजनिक स्थल का चयन कर मंत्रालय का उद्देश्य नागरिकों और संस्थानों को हरित आवरण बढ़ाने और पारिस्थितिकीय कल्याण को प्रोत्साहित करने के लिए प्रेरित करना था।

इस वृक्षारोपण अभियान में कोयला मंत्रालय की अतिरिक्त सचिव रूपिंदर बराड़ ने व्यक्तिगत रूप से भाग लिया। उनके साथ संयुक्त सचिव संजीव कुमार कासी, संयुक्त सचिव एवं वित्तीय सलाहकार असीम कुमार मोदी, उप महानिदेशक डॉ. चेतना शुक्ला तथा मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित रहे। सभी की सक्रिय भागीदारी ने यह दर्शाया कि सरकार केवल नीतिगत स्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर भी पर्यावरण संरक्षण के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठा रही है। इस अवसर पर छायादार, फूलदार और फलदार पौधों सहित विविध प्रकार की प्रजातियों का रोपण किया गया, जिससे शहरी परिदृश्य में पारिस्थितिक संतुलन को नया आयाम मिलेगा।

‘एक पेड़ माँ के नाम’ थीम मातृत्व और प्रकृति को समर्पित एक भावपूर्ण संदेश है, जो हर व्यक्ति को अपनी माँ के नाम पर पेड़ लगाने और उसकी देखभाल करने के लिए प्रेरित करता है। यह पहल न केवल पर्यावरण के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता को प्रकट करती है, बल्कि स्वच्छता, हरियाली और संतुलित पारिस्थितिकी तंत्र के मूल्यों को भी मजबूत बनाती है। यह व्यक्तिगत और भावनात्मक जुड़ाव प्रतिभागियों को पेड़ों की दीर्घकालिक देखभाल के लिए प्रोत्साहित करेगा, जिससे वृक्षों की आयु और प्रभाव बढ़ सकेगा।

स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत, कोयला मंत्रालय ने 25 सितंबर 2025 को ‘श्रमदान – एक दिन, एक घंटा, एक साथ’ का भी आयोजन किया। इस अवसर पर अतिरिक्त सचिव रूपिंदर बराड़, वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारियों ने शास्त्री भवन परिसर के भीतर और आसपास सफाई अभियान चलाया। यह मंत्रालय की स्वच्छता ही सेवा के लक्ष्यों को हासिल करने की गंभीर और समर्पित भावना को दर्शाता है।

इस कार्यक्रम के माध्यम से कोयला मंत्रालय ने यह सशक्त संदेश दिया है कि पर्यावरण संरक्षण केवल नीतिगत उद्देश्य नहीं, बल्कि एक नैतिक जिम्मेदारी भी है। वृक्षारोपण जैसी छोटी लेकिन प्रभावशाली पहलें भविष्य की पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ, हरित और सतत भारत बनाने के संकल्प को मजबूत करती हैं।


भूपेन्द्र यादव ने ‘एक पेड़ माँ के नाम’ पहल के तहत असोल भट्टी में पौधारोपण किया

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सेवा पर्व 2025 के तहत, केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेन्द्र यादव ने आज असोल भट्टी वन्यजीव अभयारण्य (ABWLS), नई दिल्ली में एक पौधा लगाया। यह वृक्षारोपण कार्यक्रम सरकार की पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता को मजबूत करता है और यह राष्ट्रीय अभियान ‘एक पेड़ माँ के नाम’ के तहत आयोजित किया गया।

इस कार्यक्रम में स्कूल के बच्चों, केंद्रीय मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों, दिल्ली राज्य सरकार के वन विभाग (GNCTD) और 132 इको टास्क फोर्स (ETF), राजपूत रेजिमेंट के अधिकारियों ने भाग लिया, जो ABWLS में तैनात हैं।

भूपेन्द्र यादव ने छात्रों और ETF कर्मियों के साथ बातचीत करते हुए उन्हें प्रकृति की देखभाल करने और पर्यावरण संरक्षण को समाज में एक सामूहिक आंदोलन बनाने के लिए प्रेरित किया। केंद्रीय और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों की भागीदारी ने देश के लिए हरित और सतत भविष्य की दिशा में सहयोग को और मजबूत किया।

कार्यक्रम का समापन सेवा पर्व के तहत सामुदायिक गतिविधियों को जारी रखने के संकल्प के साथ हुआ, जिसमें नागरिकों को ‘एक पेड़ माँ के नाम’ पहल के माध्यम से अपनी माताओं के सम्मान में पेड़ लगाने और उनकी देखभाल करने के लिए प्रेरित किया गया।

छत्तीसगढ़ के राष्ट्रीय राजमार्ग बन रहे ग्रीन कॉरिडोर: NHAI ने इस साल लगाए 2.71 लाख पौधे

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'एक पेड़ माँ के नाम 2.0' अभियान के तहत सड़कों के किनारे और डिवाइडर्स पर पौधरोपण

छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय राजमार्ग: तरक्की की राह के साथ-साथ हरियाली की छांव भी – मुख्यमंत्री साय

रायपुर-भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) जहां एक ओर देश में सड़कों का जाल बिछा रहा है, वहीं दूसरी ओर राजमार्गों के किनारों और डिवाइडर्स पर पौधे लगाकर ग्रीन कॉरिडोर भी तैयार कर रहा है। 'एक पेड़ माँ के नाम 2.0' अभियान के तहत इस साल छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे और डिवाइडर्स पर 2 लाख 71 हजार से ज्यादा पौधे लगाकर नया कीर्तिमान स्थापित किया गया है। राष्ट्रीय राजमार्गों के विस्तार के साथ-साथ प्राधिकरण उन्हें 'ग्रीन कॉरिडोर' में भी बदल रहा है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में ‘एक पेड़ माँ के नाम 2.0’ अभियान छत्तीसगढ़ में हरियाली, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की नई दिशा दे रहा है। राष्ट्रीय राजमार्गों पर 2 लाख 71 हजार से अधिक पौधे रोपित होना इस बात का प्रमाण है कि सड़क निर्माण केवल विकास की आधारशिला नहीं, बल्कि भावी पीढ़ियों के लिए स्वच्छ वायु और हरित जीवन का भी संकल्प है। राष्ट्रीय राजमार्ग से छत्तीसगढ़ में नागरिकों को तरक्की की राह के साथ ही हरियाली की छांव भी मिल रही है। उन्होंने कहा कि ग्रीन कॉरिडोर का यह प्रयास छत्तीसगढ़ को न केवल यातायात सुविधा में बल्कि पर्यावरणीय संतुलन में भी देश के अग्रणी राज्यों में स्थापित करेगा।

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ के राष्ट्रीय राजमार्गों में NHAI ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के महत्वाकांक्षी 'एक पेड़ माँ के नाम 2.0' अभियान के अंतर्गत इस साल निर्धारित लक्ष्य से अधिक वृक्षारोपण किया है। रायपुर-विशाखापट्टनम (NH-130CD) परियोजना में सर्वाधिक 97,145 पौधे लगाए गए हैं। इसके बाद महाराष्ट्र सीमा-दुर्ग-रायपुर-ओडिशा सीमा (NH-53) पर 46,141 पौधे, चांपा-कोरबा-कटघोरा (NH-149B) मार्ग पर 23,020 पौधे, बिलासपुर-कटघोरा (NH-130) मार्ग पर 16,847 पौधे, बिलासपुर-उरगा-पत्थलगांव (NH-130A) मार्ग पर 14,400 पौधे तथा सिमगा-रायपुर-धमतरी (NH-30) परियोजना में 5,406 पौधे रोपे गए हैं।

राष्ट्रीय राजमार्गों के डिवाइडर्स पर मीडियन प्लांटेशन के रूप में पौधे लगाए गए हैं, जबकि किनारों पर एवेन्यू प्लांटेशन के रूप में पौधरोपण किया गया है। इनमें बड़ी संख्या में फलदार और छायादार वृक्ष भी शामिल हैं। नए इलाकों में पौधरोपण के साथ ही पिछले वर्षों में क्षतिग्रस्त हुए पौधों को बदलने के लिए 68,297 जगहों पर रिप्लांटेशन भी किया गया है। इस तरह चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक (15 सितम्बर 2025 तक) कुल 2,71,253 पौधे राष्ट्रीय राजमार्गों पर लगाए गए हैं।

NHAI, रायपुर के क्षेत्रीय अधिकारी (Regional Officer) प्रदीप कुमार लाल ने कहा कि ‘एक पेड़ माँ के नाम 2.0’ सिर्फ एक वृक्षारोपण अभियान नहीं है, बल्कि यह भविष्य की पीढ़ी के लिए एक निवेश है। हमारा उद्देश्य सिर्फ सड़कों का निर्माण करना नहीं, बल्कि एक स्वस्थ और सुंदर पर्यावरण का भी निर्माण करना है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ के विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्गों में इस साल 2,02,959 नए पौधे लगाए गए हैं, जबकि 68,297 जगहों पर रिप्लांटेशन किया गया है। इस तरह छत्तीसगढ़ के राष्ट्रीय राजमार्गों पर इस साल (2025-26 में) अब तक कुल 2,71,253 पौधे लगाए जा चुके हैं।


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