Media24Media.com: किसान स्कूल बहेराडीह में विश्व पर्यावरण दिवस पर ‘सीड बॉल अभियान’ का शुभारंभ

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किसान स्कूल बहेराडीह में विश्व पर्यावरण दिवस पर ‘सीड बॉल अभियान’ का शुभारंभ

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जांजगीर-चांपा- पौधरोपण और हरित आवरण बढ़ाने के लिए सीड बॉल एक सरल, सस्ता और प्रभावी माध्यम है। केवल पौधे लगाने तक सीमित न रहकर सीड बॉल निर्माण और वितरण के माध्यम से अधिक से अधिक हरित क्षेत्र विकसित करने का प्रयास किया जाना चाहिए। यह बात चांपा एसडीएम पवन कोसमा ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार कुंजबिहारी साहू किसान स्कूल, बहेराडीह में आयोजित ‘सीड बॉल अभियान’ के शुभारंभ कार्यक्रम में कही।

उन्होंने कहा कि सीड बॉल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक अभिनव पहल है, जो कम लागत और कम श्रम में अधिक पौधारोपण को संभव बनाती है। इस अवसर पर तहसीलदार प्रशांत पटेल ने कहा कि वर्ष 1973 से विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जा रहा है और बहेराडीह स्थित देश के पहले किसान स्कूल में इसे ‘सीड बॉल अभियान’ से जोड़कर अनोखे तरीके से मनाया गया है।

बलौदा जनपद पंचायत के संचार एवं संकर्म सभापति चूड़ामणि राठौर ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन गई है। बढ़ती जनसंख्या, वनों की कटाई, जलवायु परिवर्तन और प्रदूषण के कारण प्रकृति का संतुलन लगातार बिगड़ रहा है। वहीं, सिवनी संकुल के शैक्षिक समन्वयक एवं शिक्षक अशोक तिवारी ने 100 से अधिक पौधों के रोपण का अपना अनुभव साझा करते हुए लोगों को वृक्षारोपण के लिए प्रेरित किया।

सीड बॉल लेकर किसान स्कूल पहुंचे प्रकृति प्रेमी

अभियान में सिवनी की रुखमणि पाण्डेय, शर्मीला गोस्वामी, धुरकोट की धनबाई राजन, आरसेटी में प्रशिक्षण प्राप्त कर रही बिहान की कृषि सखियां एवं पशु सखियां, स्व-सहायता समूह की महिलाएं और बड़ी संख्या में प्रकृति प्रेमी सीड बॉल लेकर किसान स्कूल पहुंचे।

किसान स्कूल के संचालक दीनदयाल यादव एवं रामाधार देवांगन ने बताया कि जिले में पहली बार विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर किसान स्कूल के माध्यम से लोगों को सीड बॉल वितरित किए गए। साथ ही पर्यावरण संरक्षण एवं हरियाली बढ़ाने की शपथ भी दिलाई गई।

आरसेटी के अरुण पाण्डेय ने सीड बॉल की उपयोगिता बताते हुए कहा कि यह मिट्टी, गोबर अथवा कम्पोस्ट और बीजों से तैयार की गई छोटी गोल गेंद होती है। इन्हें बंजर भूमि, पहाड़ी क्षेत्रों, जंगलों के किनारों और खाली स्थानों पर फेंका जा सकता है। वर्षा होने पर इनमें मौजूद बीज अंकुरित होकर पौधों का रूप ले लेते हैं। इस प्रक्रिया में गड्ढा खोदने या विशेष देखभाल की आवश्यकता बहुत कम होती है।

कार्यक्रम के दौरान वुशू खिलाड़ी संघ सिवनी की टीम ने किसान स्कूल को ब्रह्म कमल का पौधा भेंट किया। इस टीम में महासचिव गुलाबचंद यादव, अध्यक्ष प्रीतम दास महंत, व्यवस्थापक अविनाश मांझी, संस्थापक रीता धीवर, उपाध्यक्ष रितिका सिंह, सह सचिव ममता देवांगन सहित अन्य खिलाड़ी शामिल थे।

इस अवसर पर मितानिन रामबाई यादव, लक्ष्मीन यादव, भगवती यादव, सक्रिय महिला ललिता यादव, पशु सखी पुष्पा यादव, आरबीके साधना यादव, कृषि सखी अंजू साहू, बीना यादव, धनबाई राजन, रुखमणि पाण्डेय, शर्मीला गोस्वामी सहित सक्ती एवं जांजगीर-चांपा जिले की कृषि सखियां, पशु सखियां, मितानिन, क्रेडर्स तथा बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

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