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विदिशा में बनेगा देश का मॉडल किसान स्कूल, शिवराज सिंह चौहान ने रखी आधारशिला

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विदिशा- केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को विदिशा जिले के Berkhedi Jetu में किसानों के लिए एक अनूठे “किसान स्कूल” की आधारशिला रखी। इस अवसर पर उन्होंने खेती को लाभकारी बनाने के लिए वैज्ञानिक कृषि, आधुनिक तकनीक और एकीकृत खेती को बढ़ावा देने का संकल्प दोहराया।

कार्यक्रम की खास बात यह रही कि इसे पारंपरिक राजनीतिक सभा के बजाय किसानों की प्रशिक्षण कक्षा के रूप में आयोजित किया गया। मंत्री ने कहा कि यहां आए सभी किसान विद्यार्थी हैं और उन्हें सीधे खेतों में आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रदर्शन कर प्रशिक्षण दिया जाएगा।

49 एकड़ में बनेगा मॉडल कृषि विज्ञान केंद्र

बेरखेड़ी जेतू में बनने वाला कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) 49 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जाएगा। इसे देश का मॉडल केवीके बनाया जाएगा, जहां आधुनिक खेती के प्रदर्शन प्लॉट तैयार किए जाएंगे। भवन निर्माण पूरा होने का इंतजार किए बिना इसी खरीफ सीजन से खेतों में प्रशिक्षण और प्रदर्शन कार्य शुरू कर दिए जाएंगे।

ढाई एकड़ में भी संभव सम्मानजनक आय

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भूमि के छोटे होते आकार के बावजूद वैज्ञानिक और एकीकृत खेती अपनाकर एक हेक्टेयर (करीब ढाई एकड़) भूमि से भी परिवार की आजीविका सम्मानजनक रूप से चलाई जा सकती है। इसके लिए विदिशा, रायसेन, सीहोर और देवास जिलों के लिए विशेष कृषि रोडमैप तैयार किया गया है।

‘खेत बचाओ अभियान’ को मिलेगा विस्तार

केंद्रीय मंत्री ने ‘खेत बचाओ अभियान’ के तहत किसानों से मृदा परीक्षण कराने और संतुलित उर्वरकों के उपयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों का अंधाधुंध उपयोग मिट्टी की उर्वरता को नुकसान पहुंचा रहा है। अभियान के तहत मृदा स्वास्थ्य कार्ड, प्राकृतिक खेती और जैविक खेती को बढ़ावा दिया जाएगा।

किसानों को मिलेगी एग्री क्लिनिक और मोबाइल सलाह

नए कृषि विज्ञान केंद्र में ‘एग्री क्लिनिक’ स्थापित किया जाएगा, जहां किसान पौधों, पत्तियों और मिट्टी के नमूने लाकर रोगों की पहचान और उपचार संबंधी सलाह प्राप्त कर सकेंगे। साथ ही हेल्पलाइन और मोबाइल ऐप के माध्यम से भी किसानों को तत्काल वैज्ञानिक सलाह उपलब्ध कराई जाएगी।

नकली बीज और खाद पर सख्ती

केंद्रीय मंत्री ने नकली बीज, उर्वरक और कीटनाशकों की बिक्री पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी। उन्होंने किसानों से खरीद के समय बिल लेने और क्यूआर कोड के जरिए उत्पादों की जांच करने की अपील की।

छोटे किसानों के लिए मशीन बैंक

सरकार छोटे और सीमांत किसानों के लिए कस्टम हायरिंग सेंटर और मशीन बैंक स्थापित करेगी। यहां लेजर लेवलर, डीएसआर मशीन, ड्रिप और स्प्रिंकलर जैसी आधुनिक मशीनें किराये पर उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि किसान कम लागत में आधुनिक तकनीक का लाभ उठा सकें।

कृषि आधारित स्टार्टअप और प्रोसेसिंग पर जोर

कार्यक्रम में कृषि उत्पादों की वैल्यू एडिशन और फूड प्रोसेसिंग को बढ़ावा देने की घोषणा भी की गई। युवाओं को मशरूम उत्पादन, डेयरी, मधुमक्खी पालन और पोल्ट्री जैसे कृषि आधारित उद्यमों के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा।

दाल और तिलहन उत्पादन बढ़ाने का लक्ष्य

शिवराज सिंह चौहान ने दाल एवं तिलहन उत्पादन बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाने की बात कही। उन्होंने आश्वासन दिया कि किसानों द्वारा उत्पादित दालों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर की जाएगी और अधिक उत्पादन वाले क्षेत्रों में दाल मिल स्थापित करने के लिए 25 लाख रुपये तक की सहायता दी जाएगी।

कार्यक्रम के अंत में किसानों ने मिट्टी की सेहत सुधारने, संतुलित उर्वरकों के उपयोग और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह पहल केवल सरकारी योजना नहीं, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने और खेती को टिकाऊ बनाने का एक जनआंदोलन है।

किसान स्कूल बहेराडीह में विश्व पर्यावरण दिवस पर ‘सीड बॉल अभियान’ का शुभारंभ

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जांजगीर-चांपा- पौधरोपण और हरित आवरण बढ़ाने के लिए सीड बॉल एक सरल, सस्ता और प्रभावी माध्यम है। केवल पौधे लगाने तक सीमित न रहकर सीड बॉल निर्माण और वितरण के माध्यम से अधिक से अधिक हरित क्षेत्र विकसित करने का प्रयास किया जाना चाहिए। यह बात चांपा एसडीएम पवन कोसमा ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार कुंजबिहारी साहू किसान स्कूल, बहेराडीह में आयोजित ‘सीड बॉल अभियान’ के शुभारंभ कार्यक्रम में कही।

उन्होंने कहा कि सीड बॉल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक अभिनव पहल है, जो कम लागत और कम श्रम में अधिक पौधारोपण को संभव बनाती है। इस अवसर पर तहसीलदार प्रशांत पटेल ने कहा कि वर्ष 1973 से विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जा रहा है और बहेराडीह स्थित देश के पहले किसान स्कूल में इसे ‘सीड बॉल अभियान’ से जोड़कर अनोखे तरीके से मनाया गया है।

बलौदा जनपद पंचायत के संचार एवं संकर्म सभापति चूड़ामणि राठौर ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन गई है। बढ़ती जनसंख्या, वनों की कटाई, जलवायु परिवर्तन और प्रदूषण के कारण प्रकृति का संतुलन लगातार बिगड़ रहा है। वहीं, सिवनी संकुल के शैक्षिक समन्वयक एवं शिक्षक अशोक तिवारी ने 100 से अधिक पौधों के रोपण का अपना अनुभव साझा करते हुए लोगों को वृक्षारोपण के लिए प्रेरित किया।

सीड बॉल लेकर किसान स्कूल पहुंचे प्रकृति प्रेमी

अभियान में सिवनी की रुखमणि पाण्डेय, शर्मीला गोस्वामी, धुरकोट की धनबाई राजन, आरसेटी में प्रशिक्षण प्राप्त कर रही बिहान की कृषि सखियां एवं पशु सखियां, स्व-सहायता समूह की महिलाएं और बड़ी संख्या में प्रकृति प्रेमी सीड बॉल लेकर किसान स्कूल पहुंचे।

किसान स्कूल के संचालक दीनदयाल यादव एवं रामाधार देवांगन ने बताया कि जिले में पहली बार विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर किसान स्कूल के माध्यम से लोगों को सीड बॉल वितरित किए गए। साथ ही पर्यावरण संरक्षण एवं हरियाली बढ़ाने की शपथ भी दिलाई गई।

आरसेटी के अरुण पाण्डेय ने सीड बॉल की उपयोगिता बताते हुए कहा कि यह मिट्टी, गोबर अथवा कम्पोस्ट और बीजों से तैयार की गई छोटी गोल गेंद होती है। इन्हें बंजर भूमि, पहाड़ी क्षेत्रों, जंगलों के किनारों और खाली स्थानों पर फेंका जा सकता है। वर्षा होने पर इनमें मौजूद बीज अंकुरित होकर पौधों का रूप ले लेते हैं। इस प्रक्रिया में गड्ढा खोदने या विशेष देखभाल की आवश्यकता बहुत कम होती है।

कार्यक्रम के दौरान वुशू खिलाड़ी संघ सिवनी की टीम ने किसान स्कूल को ब्रह्म कमल का पौधा भेंट किया। इस टीम में महासचिव गुलाबचंद यादव, अध्यक्ष प्रीतम दास महंत, व्यवस्थापक अविनाश मांझी, संस्थापक रीता धीवर, उपाध्यक्ष रितिका सिंह, सह सचिव ममता देवांगन सहित अन्य खिलाड़ी शामिल थे।

इस अवसर पर मितानिन रामबाई यादव, लक्ष्मीन यादव, भगवती यादव, सक्रिय महिला ललिता यादव, पशु सखी पुष्पा यादव, आरबीके साधना यादव, कृषि सखी अंजू साहू, बीना यादव, धनबाई राजन, रुखमणि पाण्डेय, शर्मीला गोस्वामी सहित सक्ती एवं जांजगीर-चांपा जिले की कृषि सखियां, पशु सखियां, मितानिन, क्रेडर्स तथा बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

Kisaan School : देश के पहले किसान स्कूल बहेराडीह में गणतंत्र दिवस 26 जनवरी के अवसर पर ध्वजारोहण करेंगे सीताराम वैष्णव

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जांजगीर-चाम्पा- बहेराडीह में स्थित वरिष्ठ पत्रकार कुंजबिहारी साहू किसान स्कूल में 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के अवसर पर सीताराम वैष्णव के द्वारा ध्वजारोहण किया जाएगा. वे कोटमीसोनार गांव में स्थित छग के एकमात्र क्रोकोडायल पार्क के केयरटेकर हैं. 

देश के पहले किसान स्कूल के संचालक दीनदयाल यादव ने बताया कि गणतंत्र दिवस 26 जनवरी के अवसर पर हर साल की तरह ध्वज वंदन किया जाएगा. इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सीताराम वैष्णव होंगे, जो कोटमीसोनार क्रोकोडायल पार्क के केयरटेकर हैं और मगरमच्छों से अपने याराना को लेकर वे छग ही नहीं, देश-दुनिया में प्रसिद्ध हैं और उनकी एक आवाज पर क्रोकोडायल पार्क में मगरमच्छ दौड़े चले आते हैं.

Kisaan School : प्राकृतिक खेती का मॉडल देखने किसान स्कूल पहुंचे रायगढ़ जिले के किसान, अडानी फाउंडेशन तमनार ने 55 प्रगतिशील किसानों को कराया भ्रमण

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जांजगीर-चाम्पा- कृषि विज्ञान केंद्र के गोदग्राम बहेराडीह में स्थित देश के पहले किसान स्कूल का अडानी फाउंडेशन तमनार ने रायगढ़ जिले के 55 प्रगतिशील किसानों को भ्रमण कराया, जहां किसानों ने प्राकृतिक खेती के मॉडल देखा और खूब प्रभावित हुए.

अडानी फाउंडेशन के कार्तिकेश्वर मालाकार और दिब्यानी लहरे ने बताया कि रायगढ़ जिले के 19 गांव के 55 प्रगतिशील किसानों को बहेराडीह के वरिष्ठ पत्रकार कुंजबिहारी साहू किसान स्कूल का भ्रमण कराया गया, जहां पर प्राकृतिक खेती के मॉडल देखकर किसान खूब प्रभावित हुए. इसके साथ ही किसान स्कूल परिसर में विकसित समन्वित क़ृषि प्रणाली का किसानों ने बारीकी से अध्ययन किया.

वरिष्ठ पत्रकार कुंजबिहारी साहू किसान स्कूल के संचालक दीनदयाल यादव ने किसानों को पुरानी विलुप्त चीजों का संग्रहालय समेत केले के रेशे से निकाले जाने वाले रेशपेडर मशीन, बड़ी बनाने का ड्रायर मशीन, जैविक पद्धति से ऊगाई गई 6 फिट ऊंचाई की धनिया, छत्तीसगढ़ की 36 भाजियों के मॉडल के साथ ही 65 भाजियों की जानकारी, घर की छत पर बागवानी, डेयरी, गोमूत्र इकाई, गोबर गैस सयंत्र, अंजोला इकाई, नाडेप इकाई, केंचुआ पालन इकाई, केंचुआ खाद बनाने की इकाई, सब्जी उगाने की चार मंजिला पद्धति अक्षय चक्र क़ृषि मॉडल, क़ृषि अवशेष से रेशा निकालकर बनाई गई रंग बिरंगी राखियां और कपड़ा बनाने की तकनीकों को न सिर्फ दिखाया, बल्कि उनकी खूबियों के बारे में एक-एक बिंदुवार जानकारी दी. 

भ्रमण में रायगढ़ जिले के तमनार ब्लॉक अंतर्गत पाता गांव के प्रगतिशील किसान राधेलाल यादव, रामलाल साय, बसंती यादव, उशीला चौहान, डोलेसरा से बनाऊ राम पैकरा, छवि शंकर गुप्ता, कुंजेमुरा से जयपाल मिंज, मोहनलाल निषाद, किशोर सिदार, फूलबाई निषाद, बसंती सिदार, ढोलनारा से मिनकेतन पटेल, महेश अगरिया, मिनकेतन भगत, सराईटोला से रवि राठिया, राजेंद्र राठिया, भालूमुड़ा से हमी लाल राठिया, घसिया राम मांझी, हुलसी राठिया, चितवाही से मिनकेतन अगरिया, टंकेश्वर सिदार, जरिडीह से गुप्तेश्वर गुप्ता,जनकराम कलंगा,रेवती गुप्ता, सोना कुमारी गुप्ता, बांधापाली से सुरेश राठिया, कमल सिंह राठिया, नंद कुमार राठिया, रोडोपाली से माधव राठिया, धर्मेंद्र राठिया, लक्ष्मी सिदार, पंकजनी राठिया, गुलापी राठिया, निल कुंवर राठिया, मिलुपारा से किरती राम कलंगा, रसिया राम कलंगा, चैतराम सिदार, दिनु सिदार, हरि कुमार सिदार, घुराऊ राम सिदार, खम्हरिया से गजपति राठिया, गोविन्द बेहरा, मुड़ागाँव से दर्शन सिदार, अमृत लाल राठिया, बजरमुड़ा से बाबुराम चौहान, पुनाऊ राम खड़िया, मड़वाडुमर से भनजिनि गुप्ता, कुंजलता गुप्ता, इंदुमती चौहान, उर्मिला चौहान, उरबा से संतोषी राठिया, कमला राठिया आदि प्रमुख रूप से शामिल थे.

पहली बार देखा भाजियों के रेशे से निर्मित कपड़ा

भ्रमण में वरिष्ठ पत्रकार कुंजबिहारी साहू किसान स्कूल बहेराडीह पहुंचे रायगढ़ जिले के प्रगतिशील किसानों ने कहा कि हमने तो यहां पर आकर पहली बार छत्तीसगढ़ की 36 भाजियों और अन्य भाजियो का इतना बड़ा संग्रह के साथ ही चेच भाजी, अमारी भाजी के डंठल के रेशो से निर्मित रंग बिरंगी राखियां, कपड़ा पहली बार देखा इसके साथ ही अलसी, केला, भिंडी और कमल के डंठल के रेशे से किसान स्कूल के नवाचारी कृषक रामाधार देवांगन, दीनदयाल यादव, पार्वती देवांगन, रेवती यादव, पुष्पा यादव, शोभाराम यादव, राजेश यादव,संतोषी बरेठ, सतरूपा यादव, संतोषी यादव, बेदिन कश्यप, निर्मला, पूरन देवांगन आदि की टीम द्वारा क़ृषि क्षेत्र में किए गए नवाचार की भूरी-भूरी प्रशंसा की. इस अवसर पर किसान स्कूल के बाबूलाल यादव, पशु सखी पुष्पा यादव, उर्मिला यादव, साधना यादव समेत अन्य सदस्य प्रमुख रूप से उपस्थित थे.


किसान स्कूल बहेराडीह में 10 दिसंबर को राज्य स्तरीय भाजी महोत्सव

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जांजगीर-चाम्पा- कृषि विज्ञान केंद्र भारत सरकार के प्राकृतिक क़ृषि गोद ग्राम बहेराडीह में स्थित देश के पहले किसान स्कूल में द्वितीय वर्ष 10 दिसंबर बुधवार को दोपहर 2 बजे राज्य स्तरीय भाजी महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है. इस आयोजन को लेकर प्रदेश की महिलाओं में जबरदस्त उत्साह का माहौल है. महोत्सव में जिले के कलेक्टर जन्मेजय महोबे समेत पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय, जिला पंचायत की अध्यक्ष इंजी. सत्यलता मिरी, सक्ती जिला पंचायत की अध्यक्ष द्रौपदी चंद्रा, छत्तीसगढ़ राज्य खाद्य आयोग की सदस्य ज्योति कश्यप, पामगढ की पूर्व विधायक इंदु बंजारे, जिला पंचायत के सीईओ गोकुल रावटे शामिल होंगे.

वरिष्ठ पत्रकार कुंजबिहारी साहू किसान स्कूल बहेराडीह के संचालक दीनदयाल यादव ने बताया कि किसान स्कूल में द्वितीय वर्ष बुधवार 10 दिसंबर को दोपहर 2 बजे राज्य स्तरीय भाजी महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। महोत्सव के दौरान विविध प्रकार की भाजियों की जीवंत प्रदर्शनी लगाई जाएगी. महोत्सव को लेकर प्रदेश की महिलाओं और बिहान की दीदियों में जबरदस्त उत्साह का माहौल है.

भाजी दीदियों की होगा सम्मान

किसान स्कूल के संचालक ने बताया कि राज्य स्तरीय भाजी महोत्सव में विविध प्रकार की भाजियों की जीवंत प्रदर्शन करने वाली अर्थात भाजी प्रतियोगिता में भाग लेने वाली महिलाओं, युवतियों को 'भाजी दीदी' के रूप में सम्मानित किया जाएगा, वहीं प्रतियोगिता में पहला, दूसरा, तीसरा स्थान प्राप्त करने वाली महिलाओं को पुरस्कार प्रदान किया जाएगा. साथ ही, 7 महिलाओं को सांत्वना पुरस्कार दिया जाएगा. महोत्सव में शामिल होने वाली प्रदेश की महिलाओं ने विविध प्रकार भाजियों के साथ शामिल होने की तैयारी में हैं. पिछले साल भाजी महोत्सव में जिले के अलावा छः जिले की महिलाएं शामिल हुई थीं.

भाजियों की माला और गुलदस्ता से होगा अतिथियों का स्वागत

किसान स्कूल के सदस्यों ने बताया कि इस बार की भाजी महोत्सव में शामिल होने वाले अतिथियों का स्वागत फूल माला या फूल से बने गुलदस्ता ने नहीं, बल्कि विविध प्रकार की भाजियों के बीजों, पत्तियों तथा तने से निर्मित माला और गुलदस्ता से स्वागत किया जाएगा, वहीं भाजियों से बनाए गए अनेक प्रकार की व्यंजन के स्वाद का आनंद भी महोत्सव में शामिल होने वाले अतिथि लेंगे. इसके साथ ही चेच भाजी और अमारी भाजी के रेशे से तैयार रंग बिरंगी राखियां और कपड़ा मुख्य आकर्षण का केंद्र होगा. महोत्सव में स्कूली छात्र-छात्राएं भी शामिल होंगे.

छत्तीसगढ़ की 36 प्रमुख भाजियों की दिखेगी झलक

1, मेथी भाजी,

2, गोंदली भाजी,

3, मुराई भाजी,

4, चरौटा भाजी,

5, मुढ़ी भाजी,

6, अमारी भाजी,

7, नोनिया भाजी,

8, पीपर भाजी,

9, पोई भाजी,

10, कांदा भाजी,

11, गोभी भाजी,

12, पालक भाजी,

13, रोपा भाजी,

14, चना भाजी,

15, गाँव भाजी,

16, करेला भाजी,

17,करमता भाजी,

18, लाल भाजी,

19, कोइलार भाजी,

20, केना भाजी,

21, अकरी भाजी,

22, सुनसुनिया भाजी,

23, मखना भाजी,

24, भथुआ भाजी,

25, मुस्केनी भाजी,

26, बोहार भाजी,

27, चौलाई भाजी,

28, खेढ़ा भाजी,

29, कुरमा भाजी,

30, कोचाई भाजी,

31, गुर्रु भाजी,

32, सरसों भाजी,

33, तिवरा भाजी,

34, बर्रे भाजी,

35, चेच भाजी,

36, मुनगा भाजी

भाजियों के पेटेंट के लिए प्रयासरत हैं संचालक दीनदयाल यादव

पिछले दिसम्बर 2016 से किसान स्कूल के संचालक दीनदयाल यादव ने छत्तीसगढ़ की 36 भाजियों के साथ ही अन्य फल, फूल पौधों की पेटेंट कराने के लिए स्थानीय प्रशासन व राज्य सरकार के सहयोग से भारत सरकार के केंद्रीय क़ृषि कल्याण मंत्रालय दिल्ली को प्रस्तुत किया है, जिसमें जंगली पीला गेंदा समेत बेल और जामुन का वर्ष 2047 तक पेंटेंट मिल चुका है. शेष अन्य फल, फूल और पौधों के पेंटेंट प्रदान की प्रक्रिया निरंतर देश के अलग-अलग राज्यों के वैज्ञानिकों द्वारा की जा रही है.

छग ही नहीं, देश भर में किसान स्कूल ने बनाई बड़ी पहचान 

वरिष्ठ पत्रकार कुंजबिहारी साहू किसान स्कूल बहेराडीह के नवाचार को सराहना मिल रही है. छग के अलावा देश के अलग-अलग राज्यों से भ्रमण के लिए यहां पहुंच चुके हैं, वहीं 6 देशों से किसान यहां के नवाचार को देख चुके हैं. देश के पहले किसान स्कूल को अनोखे तरीके से किसानों द्वारा संचालित किया जा रहा है, जहां 18 विषयों में किसानों को निःशुल्क जानकारी व ट्रेनिंग दी जाती है. किसान स्कूल में 'धरोहर' बनाया गया है, जो आकर्षण का केंद्र है, जहां पुरानी चीजों को संग्रहित कर संग्रहालय का रूप दिया जा रहा है. किसान स्कूल के इस अनोखे प्रयास को देखकर अब तक सभी लोगों ने तारीफ की है और स्कूल-कॉलेज के छात्र-छात्राओं के शैक्षणिक भ्रमण के लिए किसान स्कूल ने बड़ी पहचान बना ली है.

Kisaan School : रायगढ़ जिले के किसानों को जिंदल ने कराया किसान स्कूल का भ्रमण, छत्तीसगढ़ की 36 भाजियों को देख गदगद हुए किसान

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जांजगीर-चाम्पा- रायगढ़ जिले के अलग-अलग एफपीओ के 35 प्रगतिशील किसानों को जिंन्दल पॉवर प्लांट ने बहेराडीह में स्थित देश के पहले किसान स्कूल का भ्रमण कराया, जहां किसानों ने यहां पर वर्ष 2012 से छत्तीसगढ़ की 36 भाजियों पर किए जा रहे अनुसन्धान को देखकर खूब प्रभावित हुए, वहीं घर की छत पर विकसित किए गए टेरिस गार्डन को देख किसान स्कूल के क़ृषि क्षेत्र में किए जा रहे नवाचार की खूब सराहना की.

जिंदल फाउंडेशन तमनार रायगढ़ के सुरेश कुमार डड़सेना ने बताया कि जिंदल द्वारा रायगढ़ जिले में किसानों का एफपीओ बनाया गया है और एफपीओ से जुड़े किसानों को क़ृषि क्षेत्र सहायता, प्रशिक्षण और भ्रमण कराया जाता है. इसी कड़ी में वरिष्ठ पत्रकार कुंजबिहारी साहू किसान स्कूल बहेराडीह का भ्रमण कराया गया, जहां पर किसानों ने पहली बार छत्तीसगढ़ की 36 भाजियों के देशी बीजों, भाजियों और उसके अवशेष से बनी रंग बिरंगी राखी, कपड़ा को देख खूब प्रभावित हुए. भ्रमण के दौरान यहां के किसानों के द्वारा उगाई गई 6 फीट ऊंचाई की धनिया को देख खूब प्रभावित हुए. किसानों ने पशुपालन, गोमूत्र इकाई, गोबर गैस प्लांट, वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, केंचुआ पालन इकाई, अंजोला इकाई, नाडेप इकाई, वर्मी कम्पोस्ट इकाई, अक्षय चक्र क़ृषि बाड़ी मॉडल, केले समेत भिंडी, चेच भाजी, अमारी भाजी व अलसी के रेशे से निर्मित कपड़ा तथा विलुप्त चीजों को बड़े पैमाने पर सहेजकर रखे गए संग्रहालय एवं देशी बीजों के संरक्षण केंद्र का अवलोकन किया. यहां पशु सखी पुष्पा यादव ने डेयरी पशुपालन और वर्मीवाश के बारे में एफपीओ के किसानों को जानकारी दी.

भ्रमण में सुरेन्द्र कुमार साहू, गोपी पटेल, प्रहलाद सिदार, लक्ष्मी राठिया, गनपति राठिया, गुड्डी राठिया, सुकमती राठिया, मालती राठिया, दुर्गेश राठिया, कृष्णा निषाद, संतु राम सिदार, रविशंकर पटेल, सारंगधर राठिया, घुराऊ राम राठिया, कार्तिक राम, भोजराम साहू, सालिराम राठिया, गुरु कुमार राठिया राकेश कुमार,विद्यावती केरकेटा, तमा यादव और अन्य किसान प्रमुख रूप से शामिल रहे.

प्राकृतिक खेती का मॉडल है किसान स्कूल

सरकार ने भले ही राष्ट्रीय प्राकृतिक मिशन की शुरुआत अभी की है, लेकिन वरिष्ठ पत्रकार कुंजबिहारी साहू किसान स्कूल बहेराडीह में सालों से प्राकृतिक खेती के मॉडल को विकसित किया जा चुका है. किसान स्कूल के संचालक दीनदयाल यादव ने अब तक प्राकृतिक खेती को लेकर भारत के विभिन्न राज्यों और जिले के हजारों किसानों तथा बिहान की क़ृषि सखी, पशु सखी, महिला स्व सहायता समूहों के महिलाओं तथा क़ृषि विभाग के आत्मा अंतर्गत प्रत्येक पंचायतों में कार्यरत कृषक मित्रो को सरकार की ओर से विभिन्न योजनाओं के माध्यम से प्रशिक्षण दे चुके हैं. इस समय छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में अलग-अलग बैंको द्वारा संचालित ग्रामीण स्व रोजगार प्रशिक्षण संस्थान तथा लाईवलीहुड कॉलेज में प्रशिक्षण दिया जा रहा है



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