Media24Media.com: महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के लिए बड़ा कदम: ‘निर्भय चेतना’ अभियान की शुरुआत, देशभर में प्रशिक्षित होंगे 17.5 लाख जनप्रतिनिधि

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महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के लिए बड़ा कदम: ‘निर्भय चेतना’ अभियान की शुरुआत, देशभर में प्रशिक्षित होंगे 17.5 लाख जनप्रतिनिधि

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नई दिल्ली- महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और समान भागीदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पंचायती राज मंत्रालय ने एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए ‘निर्भय चेतना’ कार्यक्रम की शुरुआत की है। 17 से 19 जून 2026 तक नई दिल्ली में आयोजित तीन दिवसीय ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स (ToT) कार्यक्रम के साथ इस राष्ट्रीय अभियान का शुभारंभ किया गया।

यह पहल निर्भया फंड परियोजना के तहत शुरू की गई है और इसे दुनिया का अपनी तरह का सबसे बड़ा अभियान माना जा रहा है, जिसका उद्देश्य पुरुष जनप्रतिनिधियों को महिलाओं से जुड़े मुद्दों, लैंगिक समानता और महिला सुरक्षा के प्रति संवेदनशील बनाना है।

17.5 लाख पुरुष जनप्रतिनिधियों तक पहुंचेगा अभियान

कार्यक्रम के तहत देशभर में राज्य, जिला और ब्लॉक स्तर पर 28,500 मास्टर ट्रेनर्स तैयार किए जाएंगे, जो आगे चलकर 17.5 लाख से अधिक पुरुष निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को प्रशिक्षण देंगे। इसका उद्देश्य पंचायत स्तर पर महिलाओं के अधिकारों, नेतृत्व, सुरक्षा और सम्मान को लेकर सकारात्मक सोच विकसित करना है।

छह राज्यों से शामिल हुए मास्टर ट्रेनर्स

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के पहले चरण में असम, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा और उत्तराखंड के लगभग 40 मास्टर ट्रेनर्स ने भाग लिया। ये प्रशिक्षक आगे अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भी इस अभियान को विस्तार देंगे।

‘विकसित भारत’ के लिए महिलाओं की भागीदारी जरूरी

कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में पंचायती राज मंत्रालय के सचिव विवेक भारद्वाज ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और समान भागीदारी के बिना विकसित भारत का सपना पूरा नहीं हो सकता। उन्होंने पंचायतों को सामाजिक परिवर्तन का सबसे मजबूत माध्यम बताते हुए कहा कि जमीनी स्तर पर सोच और व्यवहार में बदलाव लाने में पंचायतों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।

वहीं, मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव सुशील कुमार लोहानी ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा केवल सरकार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से महिलाओं के अधिकारों और सम्मान के प्रति जवाबदेह नेतृत्व विकसित करने का आह्वान किया।

प्रशिक्षण में क्या सिखाया गया?

तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में विशेषज्ञ सत्र, समूह चर्चा, केस स्टडी और अनुभव आधारित शिक्षण गतिविधियों के माध्यम से प्रतिभागियों को लैंगिक समानता, सकारात्मक पुरुषत्व (Positive Masculinity), सामाजिक रूढ़ियों को चुनौती देने और महिला सशक्तिकरण जैसे विषयों पर प्रशिक्षित किया गया।

‘निर्भय रहो’ पहल का हिस्सा है ‘निर्भय चेतना’

‘निर्भय चेतना’ केंद्र सरकार की ‘निर्भय रहो’ पहल का एक प्रमुख हिस्सा है, जिसमें तीन महत्वपूर्ण घटक शामिल हैं:

  • निर्भय नेत्री – महिला जनप्रतिनिधियों के लिए नेतृत्व और कानूनी जागरूकता प्रशिक्षण।

  • निर्भय चेतना – पुरुष जनप्रतिनिधियों को महिलाओं की सुरक्षा और लैंगिक समानता के प्रति संवेदनशील बनाना।

  • निर्भय दृष्टि – ग्रामीण क्षेत्रों में रणनीतिक स्थानों पर CCTV कैमरे लगाकर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना।

मुख्य बातें

▪️ महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के लिए ‘निर्भय चेतना’ अभियान शुरू।
▪️ देशभर में 17.5 लाख पुरुष जनप्रतिनिधियों को दिया जाएगा प्रशिक्षण।
▪️ 28,500 मास्टर ट्रेनर्स तैयार करने का लक्ष्य।
▪️ पहले चरण में 6 राज्यों के 40 प्रशिक्षकों ने लिया हिस्सा।
▪️ पंचायतों को बनाया जाएगा लैंगिक समानता और महिला सुरक्षा का केंद्र।


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