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UPI को लेकर बड़ा अपडेट: ग्राहकों के लिए भुगतान रहेगा मुफ्त, व्यापारियों पर लग सकता है मामूली शुल्क

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भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था को लेकर एक अहम अपडेट सामने आया है। UPI के जरिए भुगतान करने वाले आम ग्राहकों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा, यानी नागरिकों के लिए UPI पेमेंट पहले की तरह मुफ्त रहने की संभावना है। वहीं, कुछ मामलों में व्यापारियों से मामूली शुल्क लिए जाने पर चर्चा चल रही है।

UPI देश में डिजिटल लेनदेन का सबसे लोकप्रिय माध्यम बन चुका है और करोड़ों लोग रोजमर्रा के भुगतान के लिए इसका इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में ग्राहकों पर किसी तरह का अतिरिक्त शुल्क नहीं लगाने से डिजिटल भुगतान को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

व्यापारियों से संभावित शुल्क को लेकर अंतिम व्यवस्था और नियमों का स्पष्ट होना अभी बाकी है।

नौकरी के बीच 30 मिनट की नींद! Gen Z कैंडिडेट की डिमांड सुनकर IITian फाउंडर भी रह गए हैरान

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नई दिल्ली- सोशल मीडिया पर इन दिनों Gen Z से जुड़ा एक दिलचस्प मामला तेजी से वायरल हो रहा है। एक Gen Z नौकरी उम्मीदवार ने इंटरव्यू के दौरान कंपनी के सामने ऐसी मांग रख दी, जिसे सुनकर कंपनी के फाउंडर भी हैरान रह गए।

उम्मीदवार ने नौकरी के दौरान हर दोपहर 30 मिनट की झपकी (Nap) लेने की अनुमति मांगी। उम्मीदवार का कहना था कि दोपहर में थोड़ी देर आराम करने से वह बेहतर तरीके से काम कर पाएगा और उसकी productivity भी बढ़ सकती है।

इस अनोखी मांग पर कंपनी के IITian फाउंडर की प्रतिक्रिया सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई। मामला सामने आने के बाद इंटरनेट पर लोग Gen Z के work-life balance और workplace expectations को लेकर अलग-अलग राय दे रहे हैं।

कुछ यूजर्स ने इसे “Gen Z का नया वर्क कल्चर” बताया, तो कुछ का कहना है कि अगर इससे productivity बढ़ती है, तो कंपनियों को ऐसी मांगों पर विचार करना चाहिए।

आप क्या सोचते हैं—ऑफिस में 30 मिनट की nap की अनुमति मिलनी चाहिए? 

बस्तर के 92 गांवों में पहली बार लहराएगा तिरंगा, स्वतंत्रता दिवस पर दिखेगा नया बदलाव

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बस्तर- छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र के लिए इस बार का स्वतंत्रता दिवस बेहद खास होने जा रहा है। पहली बार नक्सल प्रभावित रहे 92 गांवों में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर तिरंगा फहराया जाएगा।

इन गांवों में लंबे समय से वामपंथी उग्रवाद का प्रभाव रहा है। अब सुरक्षा व्यवस्था में सुधार और प्रशासन की पहुंच बढ़ने के साथ यहां के ग्रामीण 15 अगस्त को राष्ट्रीय ध्वज फहराकर स्वतंत्रता दिवस मनाएंगे।

प्रशासन के अनुसार, इन गांवों में तिरंगा फहराया जाना केवल स्वतंत्रता दिवस का आयोजन नहीं, बल्कि बदलते बस्तर और शांति एवं विकास की दिशा में बढ़ते कदम का प्रतीक माना जा रहा है।

स्थानीय स्तर पर भी इस आयोजन को लेकर उत्साह है। वर्षों तक उग्रवाद से प्रभावित रहे इन इलाकों में तिरंगे का फहराया जाना सुरक्षा, विकास और लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूत होती पहुंच का महत्वपूर्ण संदेश देगा।

भूपेश बघेल के खिलाफ चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में बड़ी सुनवाई

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नई दिल्ली- सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से जुड़ी चुनाव याचिका को आगे बढ़ाने की अनुमति दे दी है। अदालत ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के उस फैसले को बरकरार रखा है, जिसमें बघेल के चुनाव को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज करने से इनकार किया गया था।

इस फैसले के बाद अब चुनाव याचिका पर आगे कानूनी प्रक्रिया जारी रह सकेगी। याचिका में भूपेश बघेल के चुनाव को चुनौती दी गई है।

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का मतलब यह नहीं है कि बघेल का चुनाव अवैध घोषित कर दिया गया है। फिलहाल मामला केवल याचिका की सुनवाई आगे बढ़ने से जुड़ा है। अब संबंधित आरोपों और दावों पर आगे की न्यायिक प्रक्रिया के दौरान सुनवाई होगी।

इस मामले पर छत्तीसगढ़ की राजनीति में भी नजर बनी हुई है।

बाढ़ नियंत्रण की तैयारियों को लेकर राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा बाढ़ नियंत्रण को लेकर कान्फ्रेंस

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प्रदेश में 18 अगस्त को टेबल टॉप और 20 अगस्त को होगी मॉक एक्सरसाइज

रायपुर- भारत सरकार के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) द्वारा आज मंत्रालय महानदी भवन में छत्तीसगढ़ राज्य में बाढ़ आपदा प्रबंधन एवं पूर्व तैयारियों को लेकर एक महत्वपूर्ण कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। इस कॉन्फ्रेंस में प्रदेश के सभी जिलों के आपदा प्रबंधन नोडल अधिकारियों को बाढ़ की स्थिति से निपटने और आवश्यक कार्यवाहियों के संचालन के लिए विस्तृत मार्गदर्शन दिया गया।

18 को टेबल टॉप और 20 अगस्त को मॉक एक्सरसाइज

कॉन्फ्रेंस में जानकारी दी गई कि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा राज्य के सभी जिलों में बाढ़ आपदा से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए 18 अगस्त को राज्य स्तरीय टेबल टॉप एक्सरसाइज आयोजित की जाएगी। इसके ठीक बाद 20 अगस्त को व्यापक मॉक एक्सरसाइज का आयोजन होगा।

अधिकारियों को कार्यप्रणाली समझने के निर्देश

राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव शम्मी आबिदी ने जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे टेबल टॉप एक्सरसाइज के दौरान की जाने वाली सभी प्रक्रियाओं को भली-भांति समझें। उन्होंने कहा कि वास्तविक बाढ़ आपदा के समय त्वरित राहत व बचाव कार्य के लिए यह अभ्यास अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगा।

विभिन्न विभागों की भूमिका पर चर्चा

बैठक के दौरान बाढ़ आपदा के समय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, लोक निर्माण, जल संसाधन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी और पशुपालन जैसे अंतर-विभागीय समन्वय से की जाने वाली कार्यवाहियों की विस्तार से समीक्षा की गई।

इस उच्च स्तरीय बैठक में नगर सेना, अग्निशमन, नागरिक सुरक्षा एवं SDRF के महानिदेशक, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (पुलिस मुख्यालय), मंडल रेल प्रबंधक (रायपुर डिवीजन), NDRF कमांडेंट, स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट के निदेशक, विज्ञान केंद्र, दूरसंचार, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग के साथ-साथ राज्य शासन के पंचायत, ऊर्जा, जल संसाधन, लोक निर्माण, परिवहन और खाद्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

एनडीएमए एवं एनडीआरएफ की संयुक्त बैठक सम्पन्न

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रायपुर- छत्तीसगढ़ राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण( सीजीएसडीएमए) में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) एवं राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) के अधिकारियों के साथ संयुक्त समीक्षा बैठक आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित की गई।  

राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव शम्मी आबिदी ने बताया कि राज्य में आपदा जोखिम न्यूनीकरण, मानसून अवधि की तैयारियों तथा आपदा प्रतिक्रिया तंत्र के बारे में बताया। राज्य में बाढ़, अतिवृष्टि, आकाशीय बिजली एवं भूस्खलन जैसी मौसमी आपदाओं की तैयारियों की समीक्षा की। राज्य एवं जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र की कार्यप्रणाली तथा समन्वय व्यवस्था के संबंध में अधिकारियों ने जानकारी दी। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ एवं जिला प्रशासन के मध्य त्वरित प्रतिक्रिया एवं समन्वय को और सुदृढ़ बनाने पर विचार किया गया। इसी तरह से पूर्व चेतावनी प्रणाली सचेत प्लेटफॉर्म एवं सेल ब्रॉडकास्ट आधारित अलर्ट प्रणाली की प्रभावी उपयोग की भी समीक्षा की गई। एनडीएमए के संयुक्त सलाहकार संजीव सही द्वारा राज्य में किये जा रहे आपदा प्रबंधन कार्यों में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सहयोग पर प्रकाश डाला।

मॉक एक्सरसाइज, क्षमता निर्माण, सामुदायिक जागरूकता तथा संसाधनों की उपलब्धता पर चर्चा हुई। इसी तरह से आगामी मानसून अवधि के दौरान संवेदनशील जिलों में बेहतर समन्वय एवं त्वरित राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय बढ़ाने, पूर्व तैयारी को मजबूत करने तथा किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि जन-धन की हानि को न्यूनतम किया जा सके।

मिजोरम और असम में डीआरआई की बड़ी कार्रवाई, 15 किलो मेथामफेटामाइन, 11 टन पोस्ता दाना और 10 टन तस्करी की सुपारी जब्त

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नई दिल्ली/आइजोल- भारत की उत्तर-पूर्वी सीमाओं पर सीमा पार तस्करी और मादक पदार्थों की अवैध आवाजाही के खिलाफ जारी अभियान के तहत राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने मिजोरम और असम में कई खुफिया आधारित अभियान चलाकर बड़ी सफलता हासिल की है। इन कार्रवाइयों में 15 किलोग्राम मेथामफेटामाइन (याबा) टैबलेट, करीब 11 मीट्रिक टन विदेशी मूल का पोस्ता दाना तथा 10 मीट्रिक टन तस्करी की विदेशी सुपारी जब्त की गई है।

डीआरआई अधिकारियों ने आइजोल-चम्फाई मार्ग पर साकेई बंगला के पास एक एंबुलेंस को रोका, जिस पर मादक पदार्थों की तस्करी का संदेह था। जांच के दौरान एंबुलेंस में मरीज के बिस्तर के पास रखे एक बैग से 15 ईंटनुमा पैकेटों में छिपाकर रखी गई 15 किलोग्राम मेथामफेटामाइन टैबलेट बरामद हुई। तस्करी को छिपाने के लिए बिस्तर पर एक डमी मरीज भी लिटाया गया था।

प्रारंभिक जांच में पता चला कि यह खेप म्यांमार से चम्फाई–जोकहावथर सीमा के रास्ते मिजोरम लाई गई थी और इसे आगे असम भेजने की तैयारी थी। डीआरआई ने मादक पदार्थ, एंबुलेंस और अन्य सामान को एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के तहत जब्त कर लिया है। इस मामले में एंबुलेंस चालक सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

मेथामफेटामाइन, जिसे "याबा" के नाम से भी जाना जाता है, एक अत्यधिक नशीला सिंथेटिक मादक पदार्थ है, जो केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है। इसके सेवन से लत, आक्रामकता, मानसिक विकार और लंबे समय तक न्यूरोलॉजिकल नुकसान होने का खतरा रहता है।

इसी क्रम में 5 और 6 अगस्त 2026 की रात डीआरआई ने असम राइफल्स के सहयोग से असम के करीमगंज जिले के बदरपुर स्थित एक गोदाम में छापेमारी की। यहां से करीब 11 मीट्रिक टन विदेशी मूल का पोस्ता दाना बरामद किया गया, जिसे चाय की खेप और अन्य पैकेजों के बीच छिपाकर रखा गया था। इसकी अनुमानित कीमत करीब 1.67 करोड़ रुपये आंकी गई है। प्रारंभिक जांच के अनुसार यह खेप म्यांमार से भारत में तस्करी कर लाई गई थी।

डीआरआई ने इससे पहले 5 अगस्त 2026 को रंगिया रेलवे स्टेशन पर ट्रेन संख्या 22411 के पार्सल वैन से 120 बोरियों में भरी 10 मीट्रिक टन विदेशी सुपारी भी जब्त की थी। इसकी अनुमानित कीमत लगभग 1 करोड़ रुपये बताई गई है। जांच में सामने आया कि यह सुपारी भी म्यांमार से तस्करी कर भारत लाई गई थी और इसे उत्तर-पूर्व से बाहर के बाजारों में भेजा जा रहा था।

डीआरआई के अनुसार विदेशी सुपारी और पोस्ता दाने की तस्करी से सरकार को राजस्व का भारी नुकसान होता है तथा देश के वैध व्यापार और किसानों के हित भी प्रभावित होते हैं। एजेंसी ने स्पष्ट किया कि भारत की उत्तर-पूर्वी सीमा पर सक्रिय संगठित तस्करी नेटवर्क के खिलाफ अभियान आगे भी इसी सख्ती के साथ जारी रहेगा।

आत्मसमर्पित 95 नक्सलियों को 1.40 करोड़ रुपये से अधिक की प्रोत्साहन राशि

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की संवेदनशील पहल से पुनर्वास को मिल रही गति

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की संवेदनशील पहल और वन एवं जलवायु मंत्री तथा बीजापुर जिले के प्रभारी मंत्री केदार कश्यप के निर्देशों के अनुरूप छत्तीसगढ़ सरकार की नक्सलवादी आत्मसमर्पण/पीड़ित राहत एवं पुनर्वास नीति 2025 के तहत बीजापुर जिले के 95 आत्मसमर्पित नक्सलियों को 1 करोड़ 40 लाख 86 हजार 700 रुपये की प्रोत्साहन राशि स्वीकृत की गई है।

बीजापुर कलेक्टर विश्वदीप ने नीति के प्रावधानों के अनुसार शस्त्रों के साथ आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को प्रोत्साहन राशि प्रदान करने के लिए राशि के आहरण और वितरण की स्वीकृति दी है।

यह प्रोत्साहन राशि आत्मसमर्पित नक्सलियों को मुख्यधारा से जोड़ने, उन्हें नया जीवन शुरू करने और सम्मानजनक आजीविका के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से दी जा रही है। राज्य सरकार की पुनर्वास नीति नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति, विकास और सामाजिक पुनर्वास को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और प्रभावी पहल है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार का उद्देश्य नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। पुनर्वास नीति के माध्यम से आत्मसमर्पित नक्सलियों को समाज में सम्मानजनक पुनर्स्थापना का अवसर मिल रहा है, जिससे बस्तर अंचल में शांति और विकास को नई गति मिल रही है।

​छत्तीसगढ़ में UCC की तैयारी: समान नागरिक संहिता पर जनता से मांगे गए सुझाव,15 अक्टूबर तक दे सकेंगे राय

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रायपुर- छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश में 'समान नागरिक संहिता' (UCC) लागू करने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है। धर्म आधारित व्यक्तिगत कानूनों के बजाय सभी नागरिकों को संविधान के एक ही दायरे में लाने के उद्देश्य से गठित विशेष समिति ने अब आम जनता और विभिन्न संगठनों से उनके सुझाव और अभिमत आमंत्रित किए हैं। राज्य के नागरिक यह बता सकते हैं कि राज्य में आने वाला नया कानून कैसा होना चाहिए।

समिति का स्वरूप और सदस्य

उच्चतम न्यायालय की सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में गठित यह समिति छत्तीसगढ़ में UCC की आवश्यकता, उसकी रूपरेखा तथा व्यक्तिगत सिविल मामलों से जुड़े मौजूदा कानूनों का व्यापक अध्ययन और समीक्षा कर रही है। इस समिति में सेवानिवृत्त भारतीय प्रशासनिक सेवा के ​शत्रुघ्न सिंह और एम. के. राऊत,वरिष्ठ अधिवक्ता मोहन पवार और सेवानिवृत्त प्राचार्या ज्योति रानी सिंह सदस्य के रूप में शामिल  हैं।

​​समिति के मुख्य कार्य एवं दायित्व

यह समिति राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) के कार्यान्वयन से जुड़े सभी विधिक, सामाजिक और प्रशासनिक पहलुओं का गहन अध्ययन कर रही है। इसके प्रमुख दायित्वों में छत्तीसगढ़ की वर्तमान विधिक स्थिति का विश्लेषण करने के साथ-साथ विवाह, तलाक, भरण-पोषण, उत्तराधिकार और गोद लेने (दत्तक ग्रहण) जैसे संवेदनशील विषयों पर व्यावहारिक सुझाव तैयार करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, समिति अन्य राज्यों में लागू UCC व्यवस्थाओं का विस्तृत अध्ययन करेगी तथा आम नागरिकों, सामाजिक संगठनों, विधि विशेषज्ञों और विभिन्न हितधारकों से प्राप्त सुझावों व अभिमतों को भी ड्राफ्ट में शामिल करेगी। इन समस्त अध्ययनों और सुझावों के आधार पर एक समग्र ड्राफ्ट तैयार कर राज्य सरकार को प्रस्तुत करना और आवश्यक विधायी व प्रशासनिक अनुशंसाएं देना समिति का मुख्य उद्देश्य है।  

देश का 5वां राज्य बनेगा छत्तीसगढ़

​UCC लागू करने वाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना था। इसके अलावा गोवा, गुजरात, असम और मध्य प्रदेश में भी इसे लागू किया जा चुका है। इस क्रम में छत्तीसगढ़ UCC को अपनाने वाला देश का 5वां राज्य बनने जा रहा है।  

सुझाव भेजने के माध्यम

समिति ने शासकीय व गैर-शासकीय संगठनों, सामाजिक समूहों, धार्मिक संस्थाओं, समुदायों और राजनीतिक दलों सहित सभी नागरिकों से 15 अक्टूबर 2026 तक अपने विचार और राय अनिवार्य रूप से जमा करने की अपील की है। नागरिक निम्नलिखित माध्यमों से अपने सुझाव भेज सकते हैं:  

ई-मेल: ucc-chhattisgarh@cg.gov.in

वेब पोर्टल: https://ucc.cgstate.gov.in/

 डाक पता: कार्यालय समान नागरिक संहिता समिति, न्यू सर्किट हाउस, सिविल लाइन, कमरा नंबर-202, रायपुर, छत्तीसगढ़ - 492001

झारखंड में भर्ती परीक्षा विवाद को लेकर छात्रों का आंदोलन तेज, पारदर्शी जांच और परीक्षा रद्द करने की मांग

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झारखंड में झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। राजधानी रांची सहित राज्य के विभिन्न हिस्सों से आए हजारों अभ्यर्थी कई दिनों से शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव रहा है, जिससे योग्य अभ्यर्थियों के भविष्य पर प्रश्नचिह्न खड़ा हो गया है।

प्रदर्शन कर रहे छात्रों की प्रमुख मांग है कि 14वीं JPSC संयुक्त प्रारंभिक परीक्षा को रद्द कर दोबारा आयोजित किया जाए। साथ ही, परीक्षा प्रक्रिया में हुई कथित अनियमितताओं की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से निष्पक्ष जांच कराई जाए। छात्रों का कहना है कि केवल इस परीक्षा ही नहीं, बल्कि राज्य की अन्य भर्ती परीक्षाओं में भी पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए व्यापक सुधार आवश्यक हैं।

इस मुद्दे ने अब राजनीतिक स्वरूप भी ले लिया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसदों और नेताओं ने भी कथित परीक्षा अनियमितताओं के विरोध में प्रदर्शन करते हुए CBI जांच की मांग की है। वहीं, विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों की ओर से भी छात्रों के आंदोलन को समर्थन मिलने लगा है।

विश्लेषकों का मानना है कि यह आंदोलन केवल एक परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और निष्पक्षता की व्यापक मांग का प्रतीक बनता जा रहा है। यदि सरकार और संबंधित आयोग समय रहते प्रभावी कदम उठाते हैं, तो इससे युवाओं का भर्ती प्रणाली पर विश्वास मजबूत हो सकता है। वहीं, लंबा गतिरोध राज्य में प्रशासनिक और राजनीतिक चुनौतियों को भी बढ़ा सकता है।

बिहार के बैंकीपुर उपचुनाव में प्रशांत किशोर की ऐतिहासिक जीत

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राजनीतिक रणनीतिकार से जननेता बने प्रशांत किशोर ने बिहार की बैंकीपुर विधानसभा सीट के उपचुनाव में शानदार जीत दर्ज की है। उनकी इस जीत को राज्य की राजनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। इस परिणाम ने न केवल उनकी राजनीतिक स्वीकार्यता को मजबूत किया है, बल्कि बिहार के राजनीतिक समीकरणों को भी नई दिशा दी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस जीत के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और विपक्षी दल आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों को लेकर अपनी रणनीतियों की समीक्षा और पुनर्गठन में जुट गए हैं। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, बैंकीपुर उपचुनाव का यह परिणाम बिहार की भविष्य की राजनीति और चुनावी परिदृश्य पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है।

बिजली दर वृद्धि और स्मार्ट मीटर के विरोध में कांग्रेस का दो माह का राज्यव्यापी आंदोलन

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रायपुर- छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस ने बिजली दरों में वृद्धि, स्मार्ट मीटर की स्थापना और बिजली सब्सिडी से जुड़े मुद्दों को लेकर राज्यभर में दो महीने तक चलने वाले चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की है।

कांग्रेस का आरोप है कि बिजली दरों में बढ़ोतरी और स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया से आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। पार्टी ने मांग की है कि राज्य सरकार बिजली दर वृद्धि पर पुनर्विचार करे, स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करे तथा उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए।

प्रदेश कांग्रेस के अनुसार, आंदोलन के दौरान जिला, ब्लॉक और ग्राम स्तर पर जनसभाएं, प्रदर्शन, ज्ञापन सौंपने और जनजागरण अभियान जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। पार्टी का कहना है कि वह बिजली उपभोक्ताओं की समस्याओं और जनहित के मुद्दों को व्यापक रूप से उठाएगी।

वहीं, राज्य सरकार का कहना है कि बिजली क्षेत्र में किए जा रहे सुधारों का उद्देश्य वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, आधुनिक और दक्ष बनाना है। सरकार का दावा है कि स्मार्ट मीटर से बिजली की वास्तविक खपत का सटीक आकलन होगा और उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।

आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है, क्योंकि कांग्रेस इसे राज्यव्यापी जनआंदोलन के रूप में चलाने की तैयारी कर रही है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने लोकसभा में लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 के पारित होने का किया स्वागत

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करोड़ों युवाओं के सुरक्षित भविष्य, ईमानदार प्रतिभा और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था की दिशा में  ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी कदम - मुख्यमंत्री साय

परीक्षा माफिया, प्रश्नपत्र लीक और संगठित अनियमितताओं पर लगेगा प्रभावी अंकुश

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने लोकसभा में लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 के पारित होने का स्वागत करते हुए इसे देश के करोड़ों युवाओं के सुरक्षित भविष्य, ईमानदार प्रतिभा और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था की दिशा में एक ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी कदम बताया है। उन्होंने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार युवाओं के सपनों, उनके परिश्रम और उनके भविष्य की रक्षा के लिए निरंतर ठोस एवं प्रभावी निर्णय ले रही है। यह संशोधन उसी दृढ़ संकल्प का प्रमाण है।

https://x.com/i/status/2082441032570937404

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाएं करोड़ों युवाओं की वर्षों की मेहनत, आशाओं और विश्वास का आधार होती हैं। प्रश्नपत्र लीक, नकल माफिया और संगठित परीक्षा अपराध जैसी गतिविधियां न केवल योग्य अभ्यर्थियों के साथ अन्याय करती हैं, बल्कि पूरे परीक्षा तंत्र की विश्वसनीयता को भी प्रभावित करती हैं। ऐसे अपराधों पर कठोर और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लाया गया यह संशोधन परीक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संशोधन विधेयक के माध्यम से परीक्षा संबंधी अपराधों के विरुद्ध दंडात्मक प्रावधानों को और अधिक कठोर बनाया गया है। इससे परीक्षा माफिया, संगठित आपराधिक गिरोहों तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता में शामिल तत्वों के विरुद्ध प्रभावी कानूनी कार्रवाई का मार्ग और मजबूत होगा। साथ ही परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसियों एवं सेवा प्रदाताओं की जवाबदेही भी और अधिक सुनिश्चित होगी, जिससे पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी और विश्वसनीय बनेगी।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने हमेशा युवाओं के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। नई शिक्षा नीति, कौशल विकास, रोजगार सृजन, डिजिटल पारदर्शिता तथा अब परीक्षा प्रणाली को और अधिक सुरक्षित बनाने की दिशा में यह संशोधन युवाओं के भविष्य को सशक्त बनाने वाली एक महत्वपूर्ण कड़ी है। इससे प्रतिभाशाली और मेहनती युवाओं का विश्वास और अधिक मजबूत होगा तथा निष्पक्ष एवं पारदर्शी चयन प्रक्रिया को नई मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि विकसित भारत का निर्माण तभी संभव है, जब युवाओं को उनकी योग्यता और परिश्रम के अनुरूप निष्पक्ष अवसर प्राप्त हों। यह संशोधन उसी सोच को साकार करने वाला एक महत्वपूर्ण कदम है, जो ईमानदार प्रतिभा को संरक्षण देने और परीक्षा सम्बन्धी अनियमितताओं पर कठोर प्रहार करने का कार्य करेगा।

असम में बाढ़ का कहर जारी: 4.45 लाख से अधिक लोग प्रभावित, राहत-बचाव अभियान तेज

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गुवाहाटी- असम में लगातार हो रही भारी बारिश और नदियों के उफान के कारण बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। राज्य के 4.45 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं, जबकि कई जिलों में जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है।

बाढ़ के चलते हजारों परिवारों को सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में पहुंचाया गया है। प्रशासन, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और अन्य एजेंसियां प्रभावित लोगों तक भोजन, पेयजल, दवाइयां और आवश्यक राहत सामग्री पहुंचाने में जुटी हैं। केंद्र और राज्य सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और राहत कार्यों में समन्वय के साथ तेजी लाई जा रही है।

इस बीच, असम में बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 68 हो गई है। हालांकि कई क्षेत्रों में जलस्तर घटने के साथ हालात में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है और अपर असम में सड़क एवं संचार संपर्क पूरी तरह बहाल कर दिया गया है। इसके बावजूद कई निचले इलाकों में अब भी पानी भरा हुआ है और राहत कार्य जारी हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि असम में हर वर्ष आने वाली बाढ़ से निपटने के लिए दीर्घकालिक समाधान, बेहतर जल प्रबंधन और बाढ़-रोधी बुनियादी ढांचे को मजबूत करना आवश्यक है। फिलहाल प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और केवल आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की अपील की है। 

रायपुर में 70 लाख रुपये की चोरी का खुलासा, 12 दिन पहले रखे गए कुक ने दिया वारदात को अंजाम

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रायपुर- राजधानी रायपुर में एक कारोबारी के घर हुई करीब 70 लाख रुपये की नकदी और जेवरात चोरी के मामले का पुलिस ने महज छह घंटे में खुलासा कर दिया। इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम देने वाला आरोपी कोई बाहरी व्यक्ति नहीं, बल्कि सिर्फ 12 दिन पहले काम पर रखा गया कुक निकला।

पुलिस के अनुसार, आरोपी ने घर की गतिविधियों और कीमती सामान की पूरी जानकारी जुटाने के बाद मौके का फायदा उठाकर लाखों रुपये नकद और सोने-चांदी के आभूषण लेकर फरार हो गया।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने विशेष टीम गठित कर आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों का पीछा किया। लगातार कार्रवाई करते हुए पुलिस ने महज छह घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर चोरी का बड़ा हिस्सा बरामद कर लिया।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी ने नौकरी के दौरान घर की सुरक्षा व्यवस्था और दिनचर्या को अच्छी तरह समझ लिया था, जिसके बाद उसने वारदात की योजना बनाई।

पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि चोरी की वारदात में आरोपी के साथ कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं। इस त्वरित कार्रवाई के लिए पुलिस की सराहना की जा रही है।

रायपुर में छात्रों का आंदोलन तेज, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन का दूसरा चरण शुरू

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रायपुर- छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में छात्रों का आंदोलन एक बार फिर तेज हो गया है। विभिन्न छात्र संगठनों ने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन के दूसरे चरण की शुरुआत करते हुए राज्य के शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की।

प्रदर्शनकारी छात्र बड़ी संख्या में अंबेडकर चौक पर एकत्र हुए और शिक्षा व्यवस्था में सुधार, जवाबदेही तय करने तथा अपनी लंबित मांगों को पूरा करने की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। छात्रों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि शिक्षा से जुड़े मुद्दों का जल्द समाधान किया जाए।

प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था से संबंधित कई गंभीर समस्याओं पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

प्रशासन ने प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए और क्षेत्र में पुलिस बल तैनात किया, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे। फिलहाल स्थिति शांतिपूर्ण बताई जा रही है, जबकि सरकार की ओर से मामले पर नजर रखी जा रही है।

डीआरआई की बड़ी कार्रवाई: देशभर में 27 किलोग्राम से अधिक तस्करी का सोना जब्त, 12 आरोपी गिरफ्तार

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नई दिल्ली- संगठित स्वर्ण तस्करी सिंडिकेट्स के खिलाफ जारी अभियान के तहत राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने देशभर में खुफिया सूचना के आधार पर कई समन्वित अभियान चलाकर 27 किलोग्राम से अधिक विदेशी मूल का तस्करी का सोना जब्त किया है। इन कार्रवाइयों में 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

डीआरआई की जांच में तस्करों द्वारा सोना छिपाने के लिए अपनाए जा रहे अत्याधुनिक और नए तरीकों का खुलासा हुआ है। इनमें विमान के शौचालय की छत, वाहनों और बर्तनों में विशेष रूप से बनाए गए गुप्त खांचे तथा शरीर के भीतर सोना छिपाना शामिल है। इससे संगठित तस्करी गिरोहों के लगातार बदलते तौर-तरीकों का पता चलता है।

मुंबई एयरपोर्ट पर विमान के शौचालय से 12 किलोग्राम सोना बरामद

23-24 जुलाई 2026 को डीआरआई अधिकारियों ने खुफिया सूचना के आधार पर अदीस अबाबा से मुंबई पहुंचे तीन यात्रियों को रोका। विमान की गहन तलाशी के दौरान उसके पिछले शौचालय (Rear Lavatory) की छत के पैनलों में छिपाए गए विदेशी मूल के छह सोने के बिस्कुट, जिनका कुल वजन लगभग 12 किलोग्राम था, बरामद किए गए।

जांच में सामने आया कि यात्रियों ने सोना विमान में छिपाया था ताकि बाद में हवाई अड्डे के कुछ कर्मचारियों की मदद से उसे बाहर निकाला जा सके। डीआरआई ने सोना जब्त कर तीनों यात्रियों को गिरफ्तार कर लिया।

ब्रह्मपुत्र मेल में महिला यात्री से 5 किलोग्राम सोना जब्त

23 जुलाई 2026 को उत्तर प्रदेश में डीआरआई अधिकारियों ने ब्रह्मपुत्र मेल में यात्रा कर रही एक महिला यात्री को पकड़ा। तलाशी के दौरान उसकी कमर पर बंधी बेल्ट और हैंडबैग से 42 विदेशी मूल के सोने के बिस्कुट, जिनका कुल वजन लगभग 5 किलोग्राम था, बरामद किए गए।

पूछताछ में महिला ने स्वीकार किया कि यह सोना बांग्लादेश के रास्ते भारत में तस्करी कर लाया गया था। सोना जब्त कर महिला को गिरफ्तार कर लिया गया।

मुंबई एयरपोर्ट पर गोल्ड डस्ट तस्करी गिरोह का भंडाफोड़

22-23 जुलाई 2026 को मुंबई एयरपोर्ट पर डीआरआई ने एक अन्य खुफिया अभियान में ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया, जो मोम (Wax) के रूप में गोल्ड डस्ट को विमान के शौचालय में छिपाता था। बाद में विमान की सफाई करने वाले कुछ कर्मचारी उसे निकालकर गिरोह तक पहुंचाते थे।

इस कार्रवाई में 3.7 किलोग्राम गोल्ड डस्ट जब्त किया गया तथा पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों में कैरियर, विमान सफाई कर्मचारी, हैंडलर और सोना प्राप्त करने वाला व्यक्ति शामिल हैं।

कोलकाता रेलवे स्टेशन पर बर्तनों में छिपाया गया 4.6 किलोग्राम सोना बरामद

19-20 जुलाई 2026 को डीआरआई अधिकारियों ने कोलकाता रेलवे स्टेशन पर एक यात्री को रोककर उसके सामान की जांच की। तलाशी में विशेष रूप से तैयार किए गए बर्तनों के भीतर छिपाया गया लगभग 4.6 किलोग्राम विदेशी मूल का सोना बरामद हुआ।

जांच में पता चला कि यह सोना म्यांमार के रास्ते भारत में तस्करी कर लाया गया था। सोना जब्त कर यात्री को गिरफ्तार कर लिया गया।

कोच्चि और गुवाहाटी में भी कार्रवाई

इसी सप्ताह डीआरआई ने दो अन्य अलग-अलग अभियानों में लगभग 2 किलोग्राम विदेशी मूल का सोना जब्त किया।

  • कोच्चि हवाई अड्डे पर दुबई से आए एक यात्री के शरीर के भीतर छिपाया गया सोना बरामद किया गया।

  • गुवाहाटी में एक कार के विशेष रूप से तैयार किए गए गुप्त खांचे से सोने के बिस्कुट जब्त किए गए।

इन दोनों मामलों में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया।

तस्करी के बदलते तौर-तरीकों पर डीआरआई की पैनी नजर

डीआरआई का कहना है कि हालिया कार्रवाइयों से यह स्पष्ट है कि संगठित तस्करी गिरोह लगातार नए और जटिल तरीके अपनाकर सोने की तस्करी का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि, खुफिया सूचना आधारित अभियानों और सतर्क निगरानी के माध्यम से ऐसे नेटवर्क का लगातार भंडाफोड़ किया जा रहा है।

डीआरआई ने स्पष्ट किया है कि देश में सोने की तस्करी पर अंकुश लगाने और संगठित तस्करी सिंडिकेट्स के खिलाफ कार्रवाई आगे भी इसी तरह जारी रहेगी।

'छात्रों का भविष्य सर्वोपरि'... धर्मेंद्र प्रधान ने मंत्री पद से दिया इस्तीफा, अगले साल से 'नीट' में बड़ा बदलाव

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नई दिल्ली- नीट-यूजी परीक्षा में हुई धांधली और देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना त्यागपत्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेज दिया है। धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया पर दो पन्नों का एक भावुक पत्र साझा कर अपने इस फैसले की जानकारी दी और कहा कि वे नहीं चाहते कि राजनीतिक गतिरोध के कारण देश के छात्रों का भविष्य खराब हो।

इस्तीफे की 3 सबसे बड़ी वजहें

* छात्रों को कानूनी पेचीदगियों से बचाना: प्रधान ने लिखा कि वे नहीं चाहते कि देश का कोई भी विद्यार्थी कानूनी विवादों और अदालती चक्करों में उलझे। उनका मकसद है कि छात्र अपनी पढ़ाई और करियर पर ध्यान दें।

* देश विरोधी ताकतों को रोकने का संकल्प: पत्र के अनुसार, जंतर-मंतर और देश के अन्य हिस्सों में जो हालात बने हैं, उसका देश विरोधी ताकतें फायदा न उठा सकें, इसलिए उन्होंने पद छोड़ना सही समझा।

* आहत महसूस करना: उन्होंने स्पष्ट किया कि पिछले 10 दिनों के घटनाक्रम से वे बेहद दुखी हैं और यह उनके लिए व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का विषय नहीं है।


धर्मेंद्र प्रधान के पत्र की मुख्य बातें

* 4 दशकों का नाता: उन्होंने कहा कि वे पिछले 40 से अधिक वर्षों से छात्र राजनीति, शिक्षकों और शिक्षा सुधारों के लिए समर्पित रहे हैं।

* CBI जांच और बड़ा फैसला: उन्होंने माना कि 3 मई को हुई नीट-यूजी परीक्षा में अनियमितताएं हुई थीं, जिसकी जांच तुरंत सीबीआई को सौंपी गई। साथ ही ऐलान किया कि अगले साल से नीट परीक्षा पूरी तरह CBT (कंप्यूटर आधारित परीक्षा) मोड में होगी।

* परीक्षा माफिया पर वार: प्रधान ने कहा कि परीक्षा माफिया के कारण किसी भी मेधावी छात्र का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। हालांकि, उन्होंने कुछ लोगों पर छात्रों को गुमराह करने का आरोप भी लगाया।

* पीएम का आभार: उन्होंने मार्गदर्शन और निरंतर सहयोग के लिए प्रधानमंत्री मोदी और कैबिनेट के सभी सहयोगियों का धन्यवाद किया।

आगे क्या?

धर्मेंद्र प्रधान ने कहा है कि राष्ट्रसेवा उनके जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। वे आने वाले समय में प्रभु श्रीजगन्नाथ जी के आशीर्वाद से ओडिशा की जनता और देश के युवाओं की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए खुद को समर्पित रखेंगे।

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दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण पर सख्ती: केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने हरियाणा सरकार के साथ की समीक्षा बैठक, सर्दियों से पहले तेज़ कार्रवाई के निर्देश

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नई दिल्ली- केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने आज हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता सुधार के लिए चल रहे प्रयासों की व्यापक समीक्षा की। बैठक में हरियाणा के पर्यावरण एवं वन मंत्री राव नरबीर सिंह भी मौजूद रहे।

बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सर्दियों के मौसम से पहले उपलब्ध समय का पूरा उपयोग मिशन मोड में प्रदूषण नियंत्रण उपायों को लागू करने के लिए किया जाना चाहिए। उन्होंने समयबद्ध कार्रवाई, बेहतर समन्वय और सख्त निगरानी पर विशेष जोर दिया।

सड़कों की धूल और सफाई पर विशेष ध्यान

भूपेंद्र यादव ने सड़कों के दोनों ओर हरियाली विकसित करने, गड्ढों की शीघ्र मरम्मत, फुटपाथ निर्माण और नियमित गहरी सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने कहा कि सितंबर तक सभी मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनों (MRSM) की तैनाती पूरी कर उन्हें जियो-टैग किया जाए, ताकि सफाई कार्य की रियल-टाइम निगरानी हो सके।

इलेक्ट्रिक वाहनों को मिलेगा बढ़ावा

मंत्री ने एनसीआर के हरियाणा नगर निगम क्षेत्रों में इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया। साथ ही सात नगर निगम क्षेत्रों में ईवी चार्जिंग स्टेशनों की तेज़ स्थापना के लिए हरियाणा सरकार की सराहना की।

पुराने वाहनों पर सख्ती

बैठक में एंड-ऑफ-लाइफ (EoL) वाहनों को एनसीआर से बाहर स्थानांतरित करने के लिए एनओसी प्रक्रिया तेज़ करने और पुराने प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को हटाकर इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने पर बल दिया गया।

'No PUCC, No Fuel' अभियान होगा सख्त

मंत्री ने सभी पेट्रोल पंपों पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (ANPR) कैमरे लगाने के निर्देश दिए, ताकि 'No PUCC, No Fuel' अभियान को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके। साथ ही ट्रैफिक जाम वाले क्षेत्रों की पहचान कर त्वरित समाधान के निर्देश भी दिए।

उद्योगों और कचरा प्रबंधन पर भी जोर

औद्योगिक इकाइयों में ऑनलाइन उत्सर्जन निगरानी प्रणाली (OCEMS) और एयर पॉल्यूशन कंट्रोल डिवाइस (APCDs) जल्द स्थापित करने के निर्देश दिए गए। निर्माण एवं विध्वंस (C&D) कचरे के प्रबंधन, पुराने कचरे के निस्तारण और नगर निगम के ठोस कचरे के 100% संग्रहण पर भी जोर दिया गया।

पराली जलाने पर रोक के लिए विशेष योजना

भूपेंद्र यादव ने पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए क्रॉप रेजिड्यू मैनेजमेंट (CRM) मशीनों की उपलब्धता बढ़ाने, किसानों को प्रशिक्षण देने और व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला प्रशासन से उद्योगों की फसल अवशेष उपयोग क्षमता का सर्वे कराने और मांग-आपूर्ति का बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करने को भी कहा।

बैठक के अंत में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि "वायु प्रदूषण की चुनौती का समाधान तभी संभव है, जब सरकार और समाज मिलकर 'Whole of Government' और 'Whole of Society' दृष्टिकोण अपनाएं।" वहीं मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सभी संबंधित अधिकारियों को तय समय सीमा में आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।

देशभर में भारी बारिश का अलर्ट: कई राज्यों में मूसलाधार वर्षा की चेतावनी, लोगों से सतर्क रहने की अपील

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नई दिल्ली- भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। गुजरात, दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, मध्य प्रदेश, ओडिशा और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में अगले 24 घंटों के दौरान तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है।

मौसम विभाग ने लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने, जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है। पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन और नदियों के जलस्तर में वृद्धि की आशंका को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने की अपील की गई है।

प्रशासन ने संबंधित जिलों में आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट पर रखा है। नागरिकों से मौसम की ताज़ा जानकारी पर नज़र रखने और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने का आग्रह किया गया है।

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