Media24Media.com: ​आरंग की गौरवगाथा पर आधारित डॉक्युमेंट्री फिल्म डिजिटल मीडिया पर हुई वायरल, मुख्यमंत्री सहित मंत्रियों ने की सराहना

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​आरंग की गौरवगाथा पर आधारित डॉक्युमेंट्री फिल्म डिजिटल मीडिया पर हुई वायरल, मुख्यमंत्री सहित मंत्रियों ने की सराहना

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आरंग- ऐतिहासिक और धार्मिक नगरी आरंग की समृद्ध विरासत और गौरवशाली इतिहास अब डिजिटल पर्दे पर जीवंत हो उठा है। स्वयंसेवी संस्था 'पीपला वेलफेयर फाउंडेशन' द्वारा आरंग की गौरवगाथा पर केंद्रित एक विशेष डॉक्युमेंट्री फिल्म का निर्माण किया गया है, जो इन दिनों विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल हो रही है। दर्शक इसे आरंग की धरोहर को समझने के लिए एक सशक्त माध्यम मान रहे हैं।

​ महोत्सव के दौरान मिली सराहना 

फाउंडेशन के सदस्यों ने बताया कि इस डॉक्युमेंट्री का विशेष फिल्मांकन 'राजा मोरध्वज आरंग महोत्सव-2026' के उपलक्ष्य में किया गया था। महोत्सव के दौरान प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब और मंत्रिमंडल के अन्य सदस्यों ने इस लघु फिल्म को देखा और इसकी गुणवत्ता व शोध की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। शासन-प्रशासन के स्तर पर मिली इस सराहना ने स्थानीय कलाकारों और संस्था के उत्साह को दोगुना कर दिया है।

​ अनुभवी टीम का मिला साथ 

इस डॉक्युमेंट्री की सबसे बड़ी विशेषता इसकी प्रभावी पटकथा और दमदार आवाज है। फिल्म की पटकथा पीपला वेलफेयर फाउंडेशन के संरक्षक और वरिष्ठ पत्रकार आनंदराम 'पत्रकारश्री' ने तैयार की है। डॉक्युमेंट्री को अपनी गंभीर और प्रभावशाली आवाज से आकाशवाणी व दूरदर्शन के वरिष्ठ उद्घोषक शशांक खरे ने सजाया है, जो दर्शकों को इतिहास के पन्नों से जोड़े रखती है।

​ तकनीकी पक्ष और टीम वर्क 

संयोजक महेंद्र कुमार पटेल की परिकल्पना पर आधारित इस फिल्म का बेहतरीन फिल्मांकन प्रतीक टोंड्रे द्वारा किया गया है, वहीं टिंकू चेलक ने आधुनिक वीडियो एडिटिंग के जरिए इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्वरूप दिया है। संस्था के अध्यक्ष दूजेराम धीवर के कुशल संयोजन और प्रस्तुति के चलते यह प्रोजेक्ट समय पर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण हो सका।

वीडियो की मुख्य विशेषताएं: 

 ऐतिहासिक साक्ष्य: फिल्म में आरंग के प्राचीन मंदिरों, राजा मोरध्वज की कथा और पुरातात्विक महत्व के स्थलों को खूबसूरती से दर्शाया गया है।

​ सिनेमैटोग्राफी: ड्रोन शॉट्स और क्लोज-अप एंगल्स के माध्यम से आरंग की वास्तुकला को बारीकी से उकेरा गया है।

​ सांस्कृतिक धरोहर: यह फिल्म न केवल एक वीडियो है, बल्कि आने वाली पीढ़ी के लिए आरंग के इतिहास का एक डिजिटल दस्तावेज भी है।

​सोशल मीडिया पर इस फिल्म को मिल रहे हजारों व्यूज और शेयर यह दर्शाते हैं कि लोग अपनी जड़ों और क्षेत्रीय इतिहास को जानने के लिए कितने उत्सुक हैं। पीपला वेलफेयर फाउंडेशन की इस पहल को नगरवासियों ने आरंग के गौरव को विश्व पटल पर लाने वाला एक ऐतिहासिक कदम बताया है।

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