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सरगुजा एकलव्य मामले पर मुख्यमंत्री हुए सख्त: जिला कलेक्टर से की फोन पर सीधी बात

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दिए जांच के निर्देश, कहा - बच्चियों को अपनी समस्या बताने के लिए पैदल निकलना पड़े, यह स्वीकार्य नहीं

जिम्मेदारी तय कर लापरवाह अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई के निर्देश

विद्यालय की बिजली, पढ़ाई, मेस सहित सभी व्यवस्थाएं तत्काल दुरुस्त करने के दिए निर्देश

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सरगुजा जिले के शिवपुर एकलव्य आवासीय विद्यालय की छात्राओं के अपनी समस्याओं को लेकर पैदल कलेक्टोरेट के लिए निकलने की घटना को गंभीरता से लिया है। घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री ने सरगुजा कलेक्टर अजीत वसंत से दूरभाष पर चर्चा कर पूरे मामले की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने विद्यालय में लंबे समय से समस्याएं बने रहने और छात्राओं को अपनी बात रखने के लिए इस तरह पैदल निकलने की स्थिति उत्पन्न होने पर कड़ी नाराजगी जताई।

मुख्यमंत्री साय ने कलेक्टर से कहा कि बच्चियों को अपनी बुनियादी समस्याओं के समाधान के लिए विद्यालय से पैदल निकलना पड़े, यह स्थिति किसी भी तरह स्वीकार्य नहीं है। यदि विद्यालय में लंबे समय से बिजली सहित अन्य समस्याएं बनी हुई थीं, तो संबंधित अधिकारियों द्वारा समय रहते उनका समाधान क्यों नहीं किया गया। 

मुख्यमंत्री ने कलेक्टर को पूरे प्रकरण की जांच कर जिम्मेदारी तय करने और लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि आदिवासी अंचलों के आवासीय विद्यालयों और छात्रावासों में बच्चों की शिक्षा, सुरक्षा तथा मूलभूत सुविधाओं को लेकर किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मुख्यमंत्री साय ने छात्राओं द्वारा सामने लाई गई बिजली, शिक्षकों की कमी, नियमित पढ़ाई, मेस तथा साफ-सफाई से जुड़ी समस्याओं का तत्काल निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कलेक्टर से कहा कि केवल वर्तमान समस्याओं का समाधान पर्याप्त नहीं है, बल्कि ऐसी व्यवस्था बनाई जाए जिससे छात्राओं की समस्याएं विद्यालय एवं छात्रावास स्तर पर ही समय पर सुनी और दूर की जा सकें।

मुख्यमंत्री ने आवासीय विद्यालयों एवं छात्रावासों की व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा और अधिकारियों द्वारा सतत निरीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि छात्रावासों में रहने वाले बच्चों को किसी परेशानी के समाधान के लिए प्रशासन तक स्वयं पहुंचने की ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न नहीं होनी चाहिए। बच्चों की समस्याओं और आवश्यकताओं की जानकारी लेना तथा समय पर उनका समाधान करना संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश के आदिवासी अंचलों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार लगातार संसाधन उपलब्ध करा रही है। इन संसाधनों और योजनाओं का लाभ बच्चों तक सही ढंग से पहुंचे, यह सुनिश्चित करना मैदानी अधिकारियों की जिम्मेदारी है। शासन की मंशा स्पष्ट है कि प्रत्येक बच्चे को पढ़ाई के लिए सुरक्षित, सुविधाजनक और सकारात्मक वातावरण मिले।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे बच्चे हम पर विश्वास करके आवासीय विद्यालयों और छात्रावासों में रहकर पढ़ाई कर रहे हैं। उनकी छोटी से छोटी समस्या को भी संवेदनशीलता के साथ सुनना और उसका समयबद्ध समाधान करना हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने जिला प्रशासन को छात्राओं से संवाद बनाए रखने और विद्यालय की व्यवस्थाओं में किए जा रहे सुधारों की सतत निगरानी करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अतिवृष्टि प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाने के दिए निर्देश

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प्रभावित परिवारों तक बिना विलंब राहत सामग्री एवं आवश्यक सहायता पहुँचाने को कहा

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बिलासपुर एवं जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और प्रभावित क्षेत्रों की निरंतर मॉनिटरिंग की जा रही है। आवश्यकता के अनुरूप अतिरिक्त संसाधन एवं सहायता भी तत्काल उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि राहत कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेशवासियों की सुरक्षा तथा प्रत्येक प्रभावित परिवार तक समय पर राहत पहुँचाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता, तत्परता और प्रतिबद्धता के साथ प्रभावित नागरिकों के साथ खड़ी है तथा जनजीवन को शीघ्र सामान्य बनाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रावीण्य सूची के मेधावी विद्यार्थियों से की आत्मीय चर्चा

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सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं, अनुशासन, मेहनत और स्वस्थ दिनचर्या ही उपलब्धि की असली कुंजी - मुख्यमंत्री श्री साय

मुख्यमंत्री निवास में टॉपर्स से संवाद : संघर्ष, शिक्षा, स्वास्थ्य और सपनों पर हुई खुलकर चर्चा

पढ़ाई के साथ स्वास्थ्य, योग और अनुशासित जीवन भी उतना ही जरूरी – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास, सिविल लाइन्स रायपुर में कक्षा 10वीं एवं 12वीं की प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने वाले मेधावी विद्यार्थियों से आत्मीय मुलाकात कर उन्हें शुभकामनाएं दीं।मुख्यमंत्री साय ने विद्यार्थियों के साथ बेहद सहज और प्रेरणादायी संवाद करते हुए उनके सपनों, पढ़ाई की दिनचर्या, सफलता के अनुभव और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री निवास का वातावरण इस दौरान उत्साह, प्रेरणा और आत्मीयता से भर उठा।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए निरंतर मेहनत, अनुशासन और सकारात्मक सोच अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पढ़ाई केवल परीक्षा में अच्छे अंक लाने का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन को दिशा देने वाली सबसे बड़ी शक्ति है। शिक्षा ही व्यक्ति और समाज के विकास का मूल आधार है।

मुख्यमंत्री साय ने विद्यार्थियों से एक-एक कर परिचय प्राप्त किया और उनसे पूछा कि वे भविष्य में क्या बनना चाहते हैं। इस दौरान विद्यार्थियों ने डॉक्टर, इंजीनियर, आईएएस, आईपीएस और अन्य क्षेत्रों में जाकर देशसेवा करने की अपनी इच्छा व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों की आकांक्षाओं की सराहना करते हुए कहा कि बड़े सपने देखने वाले ही जीवन में बड़ी उपलब्धियां हासिल करते हैं।

संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से उनकी पढ़ाई की दिनचर्या और सफलता के अनुभव भी साझा करवाए। उन्होंने कहा कि नियमित दिनचर्या, समय का सही प्रबंधन और निरंतर अभ्यास सफलता की सबसे महत्वपूर्ण कुंजी है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि वे स्वयं भी अपने जीवन में अनुशासित दिनचर्या का पालन करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि पढ़ाई के साथ-साथ स्वास्थ्य का भी विशेष ध्यान रखें, क्योंकि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का निवास होता है।

मुख्यमंत्री साय ने विद्यार्थियों को योग, नियमित व्यायाम और संतुलित जीवनशैली अपनाने की प्रेरणा देते हुए कहा कि योग व्यक्ति को मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत बनाता है। उन्होंने कहा कि वे स्वयं प्रतिदिन योग करते हैं और अत्यधिक व्यस्त दिनचर्या के बावजूद स्वास्थ्य के लिए समय निकालते हैं।

विद्यार्थियों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए मुख्यमंत्री साय ने अपने संघर्षपूर्ण जीवन की यात्रा भी साझा की। उन्होंने बताया कि बचपन में ही उनके पिता का निधन हो गया था, जिसके बाद परिवार की जिम्मेदारियां कम उम्र में ही उनके कंधों पर आ गईं। खेती-किसानी, छोटे भाइयों की पढ़ाई और परिवार की देखभाल के बीच उन्होंने जीवन का संघर्ष देखा। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने कभी यह नहीं सोचा था कि वे राजनीति में इतने बड़े दायित्व तक पहुंचेंगे, लेकिन जो भी जिम्मेदारी मिली, उसे पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाते गए।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जीवन में परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, यदि व्यक्ति मेहनत और समर्पण के साथ आगे बढ़ता है, तो सफलता अवश्य मिलती है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि संघर्ष ही व्यक्ति को मजबूत बनाता है और चुनौतियां ही जीवन की सबसे बड़ी शिक्षक होती हैं।

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को बताया कि सार्वजनिक जीवन में समय प्रबंधन और जिम्मेदारी का महत्व बहुत अधिक होता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के रूप में उन्हें प्रदेश के सभी विभागों और जनसमस्याओं पर लगातार ध्यान देना होता है। सुशासन तिहार के माध्यम से वे लगातार गांव-गांव जाकर लोगों से संवाद कर रहे हैं और योजनाओं की वास्तविक स्थिति का फीडबैक ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता के बीच रहने से ही ऊर्जा और प्रेरणा मिलती है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि  यदि वे राजनीति में नहीं आते, तो एक अच्छे किसान बनकर खेती और कृषि नवाचार के क्षेत्र में कार्य करते। उन्होंने कहा कि आज कृषि के क्षेत्र में भी अपार संभावनाएं हैं और पढ़े-लिखे युवा आधुनिक खेती, पशुपालन, मत्स्य पालन एवं अन्य कृषि आधारित गतिविधियों के माध्यम से रोजगार और आत्मनिर्भरता की नई मिसाल प्रस्तुत कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री साय ने विद्यार्थियों को अपने माता-पिता और शिक्षकों के प्रति सम्मान बनाए रखने की सीख देते हुए कहा कि जीवन की पहली शिक्षा परिवार और गुरु से ही प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि माता-पिता और शिक्षक ही विद्यार्थियों की सफलता के सबसे बड़े आधार होते हैं।

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के ये मेधावी विद्यार्थी आने वाले समय में प्रदेश और देश का नाम रोशन करेंगे। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे केवल व्यक्तिगत सफलता तक सीमित न रहें, बल्कि समाज और राष्ट्र निर्माण में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विद्यार्थियों से संवाद के दौरान कहा कि आज का छत्तीसगढ़ शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था जब गांवों में प्राथमिक शिक्षा तक की सुविधाएं सीमित थीं, लेकिन आज प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों तक स्कूल, हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों का विस्तार हो चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा के अनेक प्रतिष्ठित संस्थान उपलब्ध हैं, जिससे प्रदेश के विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के नए अवसर मिल रहे हैं।

स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने इस अवसर पर प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि ये मेधावी छात्र-छात्राएं छत्तीसगढ़ के उज्ज्वल भविष्य के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार शिक्षा की गुणवत्ता, आधुनिक संसाधनों और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने विद्यार्थियों को आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने और प्रदेश तथा देश का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया।

मुख्यमंत्री निवास पहुंचकर मेधावी विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री आवास परिसर का भ्रमण किया, वहां की व्यवस्थाओं और कार्यप्रणाली को नजदीक से देखा तथा शासन-प्रशासन के संचालन से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं। इस दौरान बच्चों ने आवास परिसर में आम भी तोड़े और आत्मीय वातावरण में आनंदपूर्ण क्षण बिताए। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बच्चों से बेहद सहजता और अपनत्व के साथ संवाद किया, जिससे विद्यार्थी अत्यंत प्रफुल्लित और प्रेरित नजर आए। विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री निवास के अनुभव को अपने जीवन का यादगार और प्रेरणादायी क्षण बताया।

उल्लेखनीय है कि प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने वाले इन मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहन स्वरूप राज्य शासन की पहल पर एक दिन पूर्व नवा रायपुर स्थित शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में आईपीएल क्रिकेट मैच देखने का अवसर भी प्रदान किया गया था। विद्यार्थियों ने इस अविस्मरणीय अनुभव के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सुशासन तिहार अंतर्गत राजनांदगांव में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में हुए शामिल

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महतारी वंदन योजना अंतर्गत महिलाओं के खाते में 642 करोड़ रूपए की राशि का किया अंतरण

रायपुर- सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राजनांदगांव जिले के मोतीपुर में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में  शामिल हुए। 


इस अवसर पर उन्होंने जनकल्याण और सुशासन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को मजबूत करते हुए महतारी वंदन योजना के तहत 27वीं किस्त के रूप में 68 लाख 52 हजार से अधिक महिलाओं के खातों में 642 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरण किया। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राजनांदगांव एवं आसपास के क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए कई महत्वपूर्ण अधोसंरचनात्मक परियोजनाओं की घोषणा की। इनमें राजनांदगांव-खैरागढ़ राजमार्ग के लिए 200 करोड़ रुपये की लागत से नवीन बाईपास निर्माण, टेड़ेसरा-घुमका-बाकल मार्ग (35 किमी) के चौड़ीकरण हेतु 75 करोड़ रुपयेnतथा धनगांव-इंदामरा-बांकल मार्ग के लिए 30 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रमुख हैं। इसके साथ ही शहरी क्षेत्रों में वार्ड क्रमांक 1, 2, 3 और 8 में विकास कार्यों के लिए प्रत्येक वार्ड को 25-25 लाख रुपये की राशि प्रदान की जाएगी। डोंगरगढ़ में माँ बम्लेश्वरी मंदिर के समीप 15 कमरों के सर्किट हाउस, जनपद पंचायत राजनांदगांव के नवीन भवन के लिए 1 करोड़ रुपये, हॉकी प्रशिक्षण हेतु नए खेल मैदान तथा महिला स्व-सहायता समूहों को पुनः रेडी-टू-ईट निर्माण की जिम्मेदारी देने की भी घोषणा की गई।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सुशासन तिहार  सरकार की “जनता तक सीधी पहुँच” की कार्यशैली का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि 1 मई से प्रारंभ हुआ सुशासन तिहार 10 जून  तक संचालित होगा, जिसके माध्यम से प्रदेशभर में जनसमस्याओं का त्वरित निराकरण किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि  आम जनता की समस्याओं का मौके पर ही समाधान सुनिश्चित किया जाए और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही या देरी करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना ही सुशासन तिहार का मूल उद्देश्य है। उन्होंने यह भी बताया कि ई-डिस्ट्रिक्ट प्रणाली के माध्यम से अब 400 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे नागरिकों को घर बैठे ही सुविधाएं मिल रही हैं। साथ ही मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के तहत शीघ्र ही टोल-फ्री नंबर जारी किया जाएगा, जहां प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध निराकरण अनिवार्य होगा।

मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना के प्रभाव पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस योजना के माध्यम से महिलाएं न केवल अपने परिवार की आर्थिक मजबूती में योगदान दे रही हैं, बल्कि स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में भी आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने पीएम जनमन एवं प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों से संवाद कर योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन की जानकारी भी प्राप्त की।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने अपने संबोधन में मुख्यमंत्री की जनसमर्पित कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि वे प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचकर जनता से सीधे संवाद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अत्यधिक तापमान के बावजूद मुख्यमंत्री का यह सतत प्रवास सुशासन के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। 

उन्होंने राजनांदगांव जिले में चल रहे औद्योगिक विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए बताया कि ग्राम पटेवा में लगभग 345 करोड़ रुपये की लागत से इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर तथा ग्राम बिजेतला में 25 करोड़ रुपये की लागत से स्पेस मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर स्थापित किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र में रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

इस अवसर पर सांसद संतोष पाण्डेय, महापौर मधुसूदन यादव, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल नीलू शर्मा, अध्यक्ष श्रम कल्याण मंडल योगेश दत्त मिश्रा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव रजत बंसल सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

“मन की बात” में छत्तीसगढ़ का निरंतर जिक्र गौरव की बात : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

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प्रधानमंत्री ने छत्तीसगढ़ में काले हिरण संरक्षण प्रयासों की सराहना कर बढ़ाया प्रदेश का मान - मुख्यमंत्री साय

जनभागीदारी और नवाचार को राष्ट्रीय मंच पर मिल रही पहचान उत्साहजनक : "मन की बात”  देश के जनमानस को जोड़ने वाला एक सशक्त माध्यम - मुख्यमंत्री

रायपुर- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अपने लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम “मन की बात” में छत्तीसगढ़ में काले हिरण के संरक्षण के प्रयासों का उल्लेख किए जाने पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसे प्रदेश के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों का लगातार जिक्र होना न केवल राज्य की पहचान को सुदृढ़ करता है, बल्कि प्रदेशवासियों के मनोबल को भी नई ऊंचाई प्रदान करता है। 

मुख्यमंत्री साय ने राजधानी रायपुर के भाटागांव स्थित विनायक सिटी में विशाल जनसमूह के साथ “मन की बात” की 133वीं कड़ी का श्रवण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि “मन की बात” आज देश के जनमानस को जोड़ने वाला एक सशक्त माध्यम बन चुका है, जिसके जरिए देश के कोने-कोने में हो रहे नवाचार, जनभागीदारी और जमीनी स्तर के उत्कृष्ट प्रयासों को राष्ट्रीय पहचान मिलती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक अभिभावक की तरह देशवासियों से संवाद करते हुए न केवल प्रेरणादायक कहानियों को सामने लाते हैं, बल्कि समाज के हर वर्ग को सकारात्मक बदलाव के लिए प्रेरित भी करते हैं। इस संवाद के माध्यम से लोगों में सहभागिता की भावना मजबूत होती है और राष्ट्र निर्माण की दिशा में सामूहिक प्रयासों को नई ऊर्जा मिलती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में काले हिरण संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों का राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेख होना राज्य के लिए विशेष सम्मान का विषय है। इससे यह स्पष्ट होता है कि पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता के प्रति प्रदेश की प्रतिबद्धता मजबूत है। साथ ही, यह अन्य राज्यों के लिए भी एक प्रेरणादायक मॉडल के रूप में उभर रहा है।

उन्होंने आगे कहा कि बांस को पेड़ की श्रेणी से अलग कर विशेष श्रेणी में शामिल किए जाने के बाद इसके उपयोग में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे विशेष रूप से महिलाओं की आय में सकारात्मक बदलाव आया है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री द्वारा पवन ऊर्जा की आवश्यकता और संभावनाओं पर दिए गए विशेष जोर का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में भी इस दिशा में निरंतर और ठोस प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे भविष्य में ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री साय ने एक अनूठी पहल करते हुए उपस्थित जनसमूह के साथ घर से लाए गए छत्तीसगढ़ी व्यंजनों को साझा कर साथ में भोजन किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में आपसी विश्वास, अपनापन और एकता की भावना को मजबूत करते हैं।

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, वन मंत्री केदार कश्यप, विधायक पुरन्दर मिश्रा, विधायक संपत अग्रवाल, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष मोना सेन, अजय जामवाल, अखिलेश सोनी, रमेश ठाकुर सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में  गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

​आरंग की गौरवगाथा पर आधारित डॉक्युमेंट्री फिल्म डिजिटल मीडिया पर हुई वायरल, मुख्यमंत्री सहित मंत्रियों ने की सराहना

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आरंग- ऐतिहासिक और धार्मिक नगरी आरंग की समृद्ध विरासत और गौरवशाली इतिहास अब डिजिटल पर्दे पर जीवंत हो उठा है। स्वयंसेवी संस्था 'पीपला वेलफेयर फाउंडेशन' द्वारा आरंग की गौरवगाथा पर केंद्रित एक विशेष डॉक्युमेंट्री फिल्म का निर्माण किया गया है, जो इन दिनों विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल हो रही है। दर्शक इसे आरंग की धरोहर को समझने के लिए एक सशक्त माध्यम मान रहे हैं।

​ महोत्सव के दौरान मिली सराहना 

फाउंडेशन के सदस्यों ने बताया कि इस डॉक्युमेंट्री का विशेष फिल्मांकन 'राजा मोरध्वज आरंग महोत्सव-2026' के उपलक्ष्य में किया गया था। महोत्सव के दौरान प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब और मंत्रिमंडल के अन्य सदस्यों ने इस लघु फिल्म को देखा और इसकी गुणवत्ता व शोध की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। शासन-प्रशासन के स्तर पर मिली इस सराहना ने स्थानीय कलाकारों और संस्था के उत्साह को दोगुना कर दिया है।

​ अनुभवी टीम का मिला साथ 

इस डॉक्युमेंट्री की सबसे बड़ी विशेषता इसकी प्रभावी पटकथा और दमदार आवाज है। फिल्म की पटकथा पीपला वेलफेयर फाउंडेशन के संरक्षक और वरिष्ठ पत्रकार आनंदराम 'पत्रकारश्री' ने तैयार की है। डॉक्युमेंट्री को अपनी गंभीर और प्रभावशाली आवाज से आकाशवाणी व दूरदर्शन के वरिष्ठ उद्घोषक शशांक खरे ने सजाया है, जो दर्शकों को इतिहास के पन्नों से जोड़े रखती है।

​ तकनीकी पक्ष और टीम वर्क 

संयोजक महेंद्र कुमार पटेल की परिकल्पना पर आधारित इस फिल्म का बेहतरीन फिल्मांकन प्रतीक टोंड्रे द्वारा किया गया है, वहीं टिंकू चेलक ने आधुनिक वीडियो एडिटिंग के जरिए इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्वरूप दिया है। संस्था के अध्यक्ष दूजेराम धीवर के कुशल संयोजन और प्रस्तुति के चलते यह प्रोजेक्ट समय पर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण हो सका।

वीडियो की मुख्य विशेषताएं: 

 ऐतिहासिक साक्ष्य: फिल्म में आरंग के प्राचीन मंदिरों, राजा मोरध्वज की कथा और पुरातात्विक महत्व के स्थलों को खूबसूरती से दर्शाया गया है।

​ सिनेमैटोग्राफी: ड्रोन शॉट्स और क्लोज-अप एंगल्स के माध्यम से आरंग की वास्तुकला को बारीकी से उकेरा गया है।

​ सांस्कृतिक धरोहर: यह फिल्म न केवल एक वीडियो है, बल्कि आने वाली पीढ़ी के लिए आरंग के इतिहास का एक डिजिटल दस्तावेज भी है।

​सोशल मीडिया पर इस फिल्म को मिल रहे हजारों व्यूज और शेयर यह दर्शाते हैं कि लोग अपनी जड़ों और क्षेत्रीय इतिहास को जानने के लिए कितने उत्सुक हैं। पीपला वेलफेयर फाउंडेशन की इस पहल को नगरवासियों ने आरंग के गौरव को विश्व पटल पर लाने वाला एक ऐतिहासिक कदम बताया है।

स्वस्थ समाज ही समृद्ध राज्य की नींव : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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मुख्यमंत्री ने जीपीएम में नवीन जिला अस्पताल भवन निर्माण कार्य का किया शुभारंभ

18 करोड़ के लागत से बनेगा 100 बिस्तरयुक्त जिला अस्पताल भवन 

52 ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त और 71 ग्राम पंचायतें बाल विवाह मुक्त

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जीपीएम जिले की स्थापना की छठवीं वर्षगांठ के अवसर पर जिले को स्वास्थ्य क्षेत्र की एक बड़ी सौगात दी है। उन्होंने जिला अस्पताल के नवीन भवन के निर्माण कार्य का शुभारंभ किया। नवीन जिला अस्तपाल करीब 18 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होगा। यह अत्याधुनिक अस्पताल 100 बिस्तरयुक्त होगा। इस अस्पताल के बनने से जिले के नागरिकों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता विधायक प्रणव मरपच्ची ने की।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि स्वस्थ समाज ही समृद्ध राज्य की नींव होता है। जीपीएम जिले में नए अस्पताल भवन का निर्माण स्वास्थ्य सुविधाओं को नई मजबूती देगा। टीबी मुक्त और बाल विवाह मुक्त पंचायतें इस बात का प्रमाण हैं कि जब शासन और समाज मिलकर काम करते हैं, तो बड़े सामाजिक बदलाव संभव होते हैं। छत्तीसगढ़ को रोगमुक्त, सुरक्षित और सशक्त बनाने के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। 

मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम में जिले की 52 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त एवं 71 ग्राम पंचायतों को बाल विवाह मुक्त घोषित किया। इन पंचायतों के सरपंचों को प्रशस्ति पत्र एवं महात्मा गांधी जी की प्रतिमा भेंट कर सम्मानित किया गया। गौरतलब है कि बाल विवाह मुक्त घोषित ग्राम पंचायतों में पिछले दो वर्षों में एक भी बाल विवाह के प्रकरण सामने नहीं आए हैं, वहीं टीबी मुक्त पंचायतों में दो से तीन वर्षों से कोई नया प्रकरण दर्ज नहीं हुआ है। यह उपलब्धि जनजागरूकता, स्वास्थ्य विभाग और पंचायतों के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर फाइलेरिया उन्मूलन अभियान को गति देने के लिए जागरूकता हेतु तीन प्रचार वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में जन-जागरूकता और अधिक सशक्त हो सके। यह अभियान 10 फरवरी से शुरु होकर 25 फरवरी तक चलेगा। जिसमें लोगो को निःशुल्क रुप से फाइलेरिया उन्मूलन के लिए सामूहिक दवा सेवन कराया जाएगा। कार्यक्रम में विधायक अनुज शर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष समीरा पैंकरा, अनेक जनप्रतिनिधियों सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ में नक्सल विरोधी अभियान को बड़ी सफलता: मुख्यमंत्री ने कहा - बस्तर में शांति, विश्वास और विकास का स्थायी सूर्योदय सुनिश्चित

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रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि विश्वास, विकास और सुरक्षा ही बस्तर की नई दिशा है, जहाँ अब हिंसा नहीं, शांति ही एकमात्र विकल्प बन चुकी है। 

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि बस्तर रेंज के बीजापुर और सुकमा जिलों में सुरक्षा बलों द्वारा चलाए गए नक्सल विरोधी अभियान में निर्णायक सफलता प्राप्त हुई है, जिसमें 14 माओवादियों को न्यूट्रलाइज़ किया गया है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सुरक्षा बलों की सटीक रणनीति, सतत दबाव और मजबूत जमीनी पकड़ के कारण माओवादी नेटवर्क तेजी से कमजोर हो रहा है। उन्होंने कहा कि बस्तर अब विकास, निवेश, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के नए अवसरों के साथ आगे बढ़ रहा है। यह परिवर्तन प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन, केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व, सुरक्षा बलों की अदम्य वीरता एवं प्रतिबद्धता, संवेदनशील पुनर्वास नीति तथा बस्तर की जनता के अटूट विश्वास का परिणाम है। 

मुख्यमंत्री ने सुरक्षा बलों के शौर्य को नमन करते हुए अभियान में शामिल सभी जवानों को बधाई दी।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जो लोग अब भी हिंसा का रास्ता चुन रहे हैं, वे आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा से जुड़ें, सरकार की पुनर्वास नीति का लाभ उठाएँ और सम्मानपूर्वक जीवनयापन करें अन्यथा राज्य शासन और सुरक्षा बल कानून एवं संविधान के अनुरूप अपने दायित्वों के निर्वहन के लिए पूरी तरह सक्षम और प्रतिबद्ध हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद की अंधेरी रात अब अपने अंतिम चरण में है और बस्तर में शांति, विश्वास और विकास का स्थायी सूर्योदय सुनिश्चित है।

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वर्ष 2026 के शासकीय कैलेंडर का किया विमोचन

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‘महतारी गौरव वर्ष’ तथा सशक्त एवं समृद्ध छत्तीसगढ़ थीम पर आधारित है इस वर्ष का कैलेंडर

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में वर्ष 2026 के शासकीय कैलेंडर का विमोचन किया। वर्ष 2026 को राज्य सरकार द्वारा ‘महतारी गौरव वर्ष’ के रूप में मनाया जा रहा है। इसी थीम पर आधारित यह कैलेंडर सशक्त एवं समृद्ध छत्तीसगढ़ के संकल्प को अभिव्यक्त करता है।

कैलेंडर के मुख्य पृष्ठ पर छत्तीसगढ़ के पाँच प्रमुख शक्तिपीठ — मां बमलेश्वरी डोंगरगढ़, मां महामाया रतनपुर, मां दंतेश्वरी दंतेवाड़ा, मां चंद्रहासिनी चंद्रपुर और मां कुदरगढ़ी सूरजपुर के पावन धाम को प्रमुखता से स्थान दिया गया है। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के छायाचित्र भी अंकित हैं। पृष्ठभूमि में सिरपुर एवं राजिम के मंदिर, आदिवासी संस्कृति, मधेश्वर पहाड़ तथा चित्रकोट जलप्रपात के आकर्षक ग्राफिकल प्रतिरूप सम्मिलित किए गए हैं, जो छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक धरोहर का प्रतीक हैं।

मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि “राज्य सरकार के लिए मातृशक्ति का सम्मान और सशक्तिकरण सर्वोच्च प्राथमिकता है। महतारी गौरव वर्ष के रूप में मनाया जा रहा यह वर्ष महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक स्वावलंबन को समर्पित है। इसी भावना को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया यह शासकीय कैलेंडर महिला सशक्तिकरण, राज्य की प्राथमिकताओं और हमारी उपलब्धियों का सशक्त प्रतीक है। इसमें जनकल्याणकारी योजनाओं और सामाजिक सरोकारों को समाहित किया गया है, जो सशक्त एवं समृद्ध छत्तीसगढ़ के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।”

कैलेंडर के विभिन्न मासिक पृष्ठों में विषयानुसार योजनाओं एवं अभियानों को समाहित किया गया है। जनवरी माह के पृष्ठ पर राज्य के प्रमुख शक्तिपीठों का दर्शन कराया गया है। फरवरी माह में राष्ट्रीय सघन पल्स पोलियो अभियान को दर्शाया गया है, वहीं मार्च माह को महतारी वंदन योजना को समर्पित किया गया है। अप्रैल माह में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना, मई माह में तेंदूपत्ता संग्रहण एवं चरण पादुका योजना, तथा जून माह में बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ अभियान को प्रमुखता दी गई है। जुलाई माह में महिला मुखिया के नाम से पीडीएस राशनकार्ड की व्यवस्था को दर्शाया गया है। अगस्त माह में रक्षाबंधन उत्सव, सितंबर में दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना और अक्टूबर माह में शौर्य का सम्मान विषय को स्थान दिया गया है। नवंबर माह को “सेवा ही संकल्प” की भावना के साथ प्रस्तुत किया गया है, जबकि दिसंबर माह को महिला सशक्तिकरण के प्रतीक रूप में दर्शाया गया है।

शासकीय कैलेंडर 2026 के विमोचन के इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल, जनसंपर्क सचिव रोहित यादव, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत तथा आयुक्त जनसंपर्क रवि मित्तल उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 'पंडुम कैफे' का किया शुभारंभ

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पंडुम कैफे का शुभारंभ बस्तर में नक्सल उन्मूलन की दिशा में हो रहे सकारात्मक परिवर्तन का प्रेरक प्रतीक – मुख्यमंत्री साय

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बस्तर में सामाजिक-आर्थिक बदलाव के नए अध्याय की शुरुआत करते हुए आज जगदलपुर में ‘पंडुम कैफ़े’ का शुभारंभ किया। यह कैफ़े नक्सली हिंसा के पीड़ितों और समर्पण कर चुके सदस्यों के पुनर्वास हेतु छत्तीसगढ़ सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसने हिंसा का मार्ग छोड़कर मुख्यधारा में लौटने वालों को सम्मानजनक और स्थायी आजीविका प्रदान करने की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाया है। यह अनूठी पहल संघर्ष से सहयोग तक के प्रेरणादायक सफर को दर्शाती है।‘पंडुम कैफ़े’ जगदलपुर के पुलिस लाइन परिसर में स्थित है।

मुख्यमंत्री साय ने ‘पंडुम कैफे’   में कार्यरत नारायणपुर की फगनी, सुकमा की पुष्पा ठाकुर, बीरेंद्र ठाकुर, बस्तर की आशमती और प्रेमिला बघेल के साथ सौहार्दपूर्ण बातचीत की। उन्होंने नई शुरुआत के लिए उनका हौसला बढ़ाया और ‘पंडुम कैफ़े’ के बेहतर संचालन के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं भी दीं।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि पंडुम कैफ़े का शुभारंभ बस्तर क्षेत्र में नक्सलवाद के उन्मूलन की दिशा में हो रहे सकारात्मक परिवर्तन का एक प्रेरक प्रतीक है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पंडुम कैफे आशा, प्रगति और शांति का उज्ज्वल प्रतीक है। कैफे में कार्यरत युवा, जो नक्सली हिंसा के पीड़ित तथा हिंसा का मार्ग छोड़ चुके सदस्य हैं, अब शांति के पथ पर अग्रसर हो चुके हैं। जिला प्रशासन और पुलिस के सहयोग से उन्हें आतिथ्य सेवाओं, कैफ़े प्रबंधन, ग्राहक सेवा, स्वच्छता मानकों, खाद्य सुरक्षा और उद्यमिता कौशल का गहन प्रशिक्षण प्रदान किया गया है।

हिंसा का मार्ग छोड़कर शांति के पथ पर लौटे और कैफ़े में कार्यरत एक महिला ने इस अवसर पर भावुक होकर इस पुनर्वास पहल से हुए बदलाव की बात दोहराई। एक पूर्व माओवादी कैडर ने कहा कि,“हमने अपने अतीत में अंधेरा देखा था। आज हमें समाज की सेवा करने का यह अवसर मिला है, यह हमारे लिए एक नया जन्म है। बारूद की जगह कॉफी परोसना और अपनी मेहनत की कमाई से जीना—यह एहसास हमें शांति और सम्मान दे रहा है।”

एक अन्य सहयोगी ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि,“पहले हम अपने परिवार को सम्मानजनक जीवन देने का सपना भी नहीं देख सकते थे। अब हम अपनी मेहनत से कमाए पैसों से घर के सदस्यों का भविष्य संवार सकते हैं। यह सब प्रशासन और इस कैफ़े की वजह से संभव हुआ है।”

एक अन्य सदस्य ने समुदाय के सहयोग पर जोर देते हुए कहा कि,“हमें लगा था कि मुख्यधारा में लौटना आसान नहीं होगा, लेकिन पुलिस और जिला प्रशासन ने हमें प्रशिक्षण दिया और हमारा विश्वास जीता। सबसे बड़ी बात यह है कि हम अब पीड़ितों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं, जिससे हमें अपने अतीत के अपराधों को सुधारने और शांति स्थापित करने का अवसर मिला है।”

उन्होंने यह भी बताया कि ‘पंडुम’ बस्तर की सांस्कृतिक जड़ों को दर्शाता है, और इसकी टैगलाइन “जहाँ हर कप एक कहानी कहता है” इस बात का प्रतीक है कि यहाँ परोसी गई कॉफी सिर्फ स्वाद ही नहीं, बल्कि साहस, संघर्ष पर विजय और एक नई शुरुआत की कहानी भी अपने साथ लेकर आती है।

इस अवसर पर वन मंत्री केदार कश्यप, शिक्षा मंत्री  गजेन्द्र यादव, सांसद महेश कश्यप, जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव, चित्रकोट विधायक विनायक गोयल, बेवरेज कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष श्रीनिवास राव मद्दी, अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष रूपसिंह मंडावी, जगदलपुर महापौर संजय पांडे, जिला पंचायत अध्यक्ष वेदवती कश्यप, संभागायुक्त डोमन सिंह, पुलिस महानिरीक्षक सुन्दरराज पी., कलेक्टर हरिस एस., पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारीगण भी उपस्थित थे।


मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ सिंचाई परियोजना मंडल की 33वीं बैठक संपन्न

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  • प्रदेश की सिंचाई क्षमता बढ़ाने, भूजल स्तर सुधारने और शहरी क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति को सुदृढ़ बनाने पर हुई व्यापक चर्चा
  • प्रदेश में 14 नई सिंचाई परियोजनाओं को मिली सैद्धांतिक सहमति

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में छत्तीसगढ़ सिंचाई परियोजना मंडल की 33वीं तथा वर्तमान सरकार के कार्यकाल की पहली बैठक संपन्न हुई। बैठक में प्रदेश की सिंचाई क्षमता बढ़ाने, भूजल स्तर सुधारने और शहरी क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति को सुदृढ़ बनाने पर विस्तृत विमर्श किया गया। इस दौरान विभिन्न क्षेत्रों के लिए 14 नई परियोजनाओं को सैद्धांतिक सहमति प्रदान की गई।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि किसानों की आय में वृद्धि और कृषि उत्पादन बढ़ाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से सिंचाई नेटवर्क का लगातार विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सिंचाई रकबा बढ़ने से न केवल किसानों को लाभ मिलेगा बल्कि भूजल स्तर में सुधार होगा और पेयजल आपूर्ति को बेहतर ढंग से सुनिश्चित किया जा सकेगा।

बैठक में सरगुजा, बस्तर सहित मैदानी इलाकों तक सिंचाई सुविधाओं के विस्तार पर व्यापक चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने सभी परियोजनाओं की रूपरेखा, लागत और उनके लाभों की विस्तृत जानकारी ली और कहा कि प्रदेशभर में संतुलित विकास सुनिश्चित करने के लिए इन परियोजनाओं को गति प्रदान की जाएगी।

गौरतलब है कि इन परियोजनाओं के माध्यम प्रदेश में लगभग 01 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त सिंचाई क्षमता में वृद्धि होगी। इन परियोजनाओं में बस्तर जिले के अंतर्गत देउरगांव बैराज सह उदवहन सिंचाई परियोजना, बस्तर जिले के अंतर्गत मटनार बैराज सह उद्धवहन सिंचाई परियोजना, रायपुर जिले के विकासखण्ड आरंग में महानदी पर मोहमेला सिरपुर बैराज योजना, अहिरन से गाजरीनाला जल संवर्धन निर्माण (खारंग अहिरन लिंक परियोजना) कार्य, बिलासपुर जिले के कोटा विकासखण्ड अंतर्गत छपराटोला फीडर जलाशय परियोजना, कुम्हारी जलाशय जल क्षमता वृद्धि (जलावर्धन) योजना के अंतर्गत समोदा बैराज से कुम्हारी जलाशय तक पाईप लाईन बिछाने का कार्य, दुर्ग जिले के विकासखण्ड धमधा के सहगांव उद्धवहन सिंचाई योजना, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में लमती फीडर जलाशय एवं नहरों का निर्माण कार्य, राजनांदगांव जिले में स्थित मोहारा एनीकट में पेय जल हेतु चौकी एनीकट से मोहारा एनीकट तक पाईप लाईन के माध्यम से जल प्रदाय योजना, जशपुर जिले के मैनी नदी में बगिया बैराज सह दाबयुक्त उद्ववहन सिंचाई योजना की स्वीकृति, जांजगीर-चांपा जिले के हसदेव बांगों परियोजना अंतर्गत वृहद परियोजना ऑगमेण्टेशन के अंतर्गत परसाही दाबयुक्त उद्ववहन सिंचाई परियोजना, कोरबा जिले के अंतर्गत मड़वारानी बैराज निर्माण सह उदवहन सिंचाई योजना, गरियाबंद जिले के पैरी परियोजना के अंतर्गत सिकासार जलाशय से कोडार जलाशय लिंक नहर (पाईप लाईन) योजना तथा बिलासपुर जिले के खारंग जलाशय योजना के बाएं तट नहर के आर्वधन हेतु पाराघाट व्यपवर्तन योजना से उद्धवहन फीडर सिंचाई का निर्माण कार्य शामिल किया गया है। 

बैठक में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, वित्त मंत्री ओ पी चौधरी, मुख्य सचिव  विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, ऊर्जा  विभाग के सचिव रोहित यादव, मुख्यमंत्री के सचिव मुकेश कुमार बंसल, जल संसाधन विभाग के सचिव राजेश सुकुमार टोप्पो, प्रमुख अभियंता इंद्रजीत उइके सहित जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण मौजूद रहे।


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