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" शिवालय नगरी आरंग" पर बना गीत सोशल मीडिया में वायरल, कलाकारों की हो रही सराहना

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 आरंग। शिवालयों और प्राचीन मंदिरों के लिए प्रसिद्ध नगरी आरंग के गौरव को समर्पित गीत इन दिनों सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। इस गीत की परिकल्पना पीपला फाउंडेशन के संयोजक महेन्द्र पटेल ने की है। गीत को छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध गायक विवेक शर्मा और आरंग अंचल के लोकप्रिय गायक गंगा साहू ने अपनी आवाज दी है।


गीत के बोल कांशी जैइसे नगरी मोर आरिंग दीपक सारथी ने लिखे हैं, जबकि संगीत देवेंद्र साहू का है। वीडियो की कैमरा और एडिटिंग विरु साहू ने की है। कोरियोग्राफी मास्टर उत्तम साहू की रही और रिकॉर्डिंग आरंग स्थित महामाया स्टूडियो में की गई।गीत में आरंग के प्राचीन शिवालयों और शिवलिंगों को खूबसूरती से दर्शाया गया है।



कलाकारों की इस पहल का उद्देश्य नगर के गौरवशाली इतिहास और धार्मिक पहचान को जन-जन तक पहुंचाना है।सोशल मीडिया पर रिलीज होते ही गीत को दर्शकों का भरपूर प्यार मिल रहा है।

कई सामाजिक संगठनों और नगरवासियों ने शिवालयों पर आधारित इस गीत की मुक्त कंठ से सराहना की है। लोगों का कहना है कि ऐसे प्रयासों से नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और विरासत से जुड़ने का अवसर मिलेगा।

शिवालयों की नगरी आरंग में गूंजेगी भक्ति की तान, भव्य शिवभक्ति गीत की शूटिंग पूरी

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​डिजिटल डेस्क, आरंग: "शिवालयों की नगरी" के नाम से सुप्रसिद्ध नगर आरंग अब भक्ति, संगीत और कला के क्षेत्र में अपनी एक नई पहचान बनाने जा रहा है। अंचल के उभरते व सुप्रसिद्ध कलाकारों द्वारा भगवान शिव को समर्पित एक भव्य और अत्यंत मधुर शिवभक्ति गीत का निर्माण किया जा रहा है।

इस भक्ति गीत के बोल "कांशी जैइसे नगरी मोर आरिंग" हैं, जिसे आरंग अंचल के लोकप्रिय लोकगायक गंगा साहू ने कलमबद्ध किया है। इस गीत की परिकल्पना पीपला फाउंडेशन के संयोजक महेन्द्र कुमार पटेल ने की है।

​गीत की प्रमुख विशेषताएँ और टीम वर्क:

​मधुर स्वर: छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध गायक विवेक शर्मा और लोकगायक गंगा साहू ने गीत को अपनी सुरीली आवाज दी है।

​संगीत संयोजन: भिलाई के प्रख्यात संगीतकार देवेंद्र साहू ने इस गीत को मनमोहक संगीत से सजाया है।

​फिल्मांकन व कोरियोग्राफी: प्रख्यात कोरियोग्राफर उत्तम साहू की टीम और कैमरामैन वीरू साहू ने गीत के फिल्मांकन में अहम भूमिका निभाई है।

​नगर के सभी शिवालयों के होंगे एक साथ दर्शन

​इस शिवभक्ति गीत की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें आरंग नगर में स्थापित सभी प्रमुख शिवलिंगों और मंदिरों को प्रमुखता से दिखाया जाएगा। हाल ही में सोमवार को पंचमुखी महादेव मंदिर, बाबा बागेश्वर नाथ मंदिर, बस स्टैंड तथा समलेश्वरी मंदिर परिसर सहित नगर के विभिन्न शिवालयों में गीत के दृश्यों को शूट किया गया।

​शूटिंग के दौरान मंदिरों में श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जो पूरे दिन कौतूहल और आकर्षण का केंद्र बनी रही।

​स्थानीय लोगों में उत्साह

​आरंग के नागरिकों ने इस सांस्कृतिक व धार्मिक पहल की जमकर सराहना की है। लोगों का कहना है कि इस गीत के माध्यम से न केवल देश-प्रदेश के लोग आरंग के पावन शिवालयों के दर्शन कर सकेंगे, बल्कि इससे आरंग की ऐतिहासिक और धार्मिक पहचान भी और अधिक मजबूत होगी।

खाद-डीजल की किल्लत से भड़के किसान,आरंग में मंत्री कार्यालय का घेराव कर दी आंदोलन की चेतावनी

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​आरंग- खेती-किसानी के ऐन वक्त पर खाद और डीजल की भारी किल्लत से नाराज आरंग क्षेत्र के किसानों का आक्रोश बुधवार को खुलकर सामने आया। बड़ी संख्या में किसानों ने एकजुट होकर न केवल उग्र प्रदर्शन किया, बल्कि क्षेत्रीय विधायक एवं कैबिनेट मंत्री के कार्यालय का घेराव कर शासन-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। चिलचिलाती धूप और भीषण गर्मी के बावजूद किसान अपनी मांगों को लेकर घंटों मौके पर डटे रहे।

किसानों का कहना है कि सहकारी समितियों में डीएपी, यूरिया और पोटाश की भारी कमी है, जिसके कारण उन्हें बार-बार चक्कर काटने पड़ रहे हैं। वहीं दूसरी ओर, डीजल संकट और ट्रैक्टर-हार्वेस्टर के लिए डिब्बे में डीजल देने पर लगी रोक ने कृषि उपकरणों के पहिए थाम दिए हैं, जिससे खेती का काम पूरी तरह ठप होने की कगार पर पहुंच गया है। सभा को संबोधित करते हुए किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार किसानों की बुनियादी समस्याओं को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे इस साल उत्पादन पर बेहद बुरा असर पड़ेगा।​मंत्री की अनुपस्थिति में आक्रोशित किसानों ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन के माध्यम से किसानों ने प्रति एकड़ दो बोरी डीएपी, दो बोरी यूरिया व एक बोरी पोटाश की तुरंत उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा दो महीने तक डीजल की निर्बाध आपूर्ति करने की मांग की है। साथ ही, ट्रैक्टर व हार्वेस्टर के लिए डिब्बे में डीजल न देने संबंधी आदेश को तत्काल निरस्त करने और फसल बीमा योजना को ऐच्छिक बनाने की बात कही गई है। किसान नेताओं ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं, तो आने वाले दिनों में राजधानी रायपुर में एक बड़ा और उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। इस प्रदर्शन में पारसनाथ साहू, वतन चंद्राकर, धनाजी, हिरेश, द्रोण, कमल, कृष्णकुमार सहित सैकड़ों की संख्या में क्षेत्र के किसान मौजूद थे।



​आरंग की गौरवगाथा पर आधारित डॉक्युमेंट्री फिल्म डिजिटल मीडिया पर हुई वायरल, मुख्यमंत्री सहित मंत्रियों ने की सराहना

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आरंग- ऐतिहासिक और धार्मिक नगरी आरंग की समृद्ध विरासत और गौरवशाली इतिहास अब डिजिटल पर्दे पर जीवंत हो उठा है। स्वयंसेवी संस्था 'पीपला वेलफेयर फाउंडेशन' द्वारा आरंग की गौरवगाथा पर केंद्रित एक विशेष डॉक्युमेंट्री फिल्म का निर्माण किया गया है, जो इन दिनों विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल हो रही है। दर्शक इसे आरंग की धरोहर को समझने के लिए एक सशक्त माध्यम मान रहे हैं।

​ महोत्सव के दौरान मिली सराहना 

फाउंडेशन के सदस्यों ने बताया कि इस डॉक्युमेंट्री का विशेष फिल्मांकन 'राजा मोरध्वज आरंग महोत्सव-2026' के उपलक्ष्य में किया गया था। महोत्सव के दौरान प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब और मंत्रिमंडल के अन्य सदस्यों ने इस लघु फिल्म को देखा और इसकी गुणवत्ता व शोध की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। शासन-प्रशासन के स्तर पर मिली इस सराहना ने स्थानीय कलाकारों और संस्था के उत्साह को दोगुना कर दिया है।

​ अनुभवी टीम का मिला साथ 

इस डॉक्युमेंट्री की सबसे बड़ी विशेषता इसकी प्रभावी पटकथा और दमदार आवाज है। फिल्म की पटकथा पीपला वेलफेयर फाउंडेशन के संरक्षक और वरिष्ठ पत्रकार आनंदराम 'पत्रकारश्री' ने तैयार की है। डॉक्युमेंट्री को अपनी गंभीर और प्रभावशाली आवाज से आकाशवाणी व दूरदर्शन के वरिष्ठ उद्घोषक शशांक खरे ने सजाया है, जो दर्शकों को इतिहास के पन्नों से जोड़े रखती है।

​ तकनीकी पक्ष और टीम वर्क 

संयोजक महेंद्र कुमार पटेल की परिकल्पना पर आधारित इस फिल्म का बेहतरीन फिल्मांकन प्रतीक टोंड्रे द्वारा किया गया है, वहीं टिंकू चेलक ने आधुनिक वीडियो एडिटिंग के जरिए इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्वरूप दिया है। संस्था के अध्यक्ष दूजेराम धीवर के कुशल संयोजन और प्रस्तुति के चलते यह प्रोजेक्ट समय पर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण हो सका।

वीडियो की मुख्य विशेषताएं: 

 ऐतिहासिक साक्ष्य: फिल्म में आरंग के प्राचीन मंदिरों, राजा मोरध्वज की कथा और पुरातात्विक महत्व के स्थलों को खूबसूरती से दर्शाया गया है।

​ सिनेमैटोग्राफी: ड्रोन शॉट्स और क्लोज-अप एंगल्स के माध्यम से आरंग की वास्तुकला को बारीकी से उकेरा गया है।

​ सांस्कृतिक धरोहर: यह फिल्म न केवल एक वीडियो है, बल्कि आने वाली पीढ़ी के लिए आरंग के इतिहास का एक डिजिटल दस्तावेज भी है।

​सोशल मीडिया पर इस फिल्म को मिल रहे हजारों व्यूज और शेयर यह दर्शाते हैं कि लोग अपनी जड़ों और क्षेत्रीय इतिहास को जानने के लिए कितने उत्सुक हैं। पीपला वेलफेयर फाउंडेशन की इस पहल को नगरवासियों ने आरंग के गौरव को विश्व पटल पर लाने वाला एक ऐतिहासिक कदम बताया है।

आरंग में हर्षोल्लास से मनाया जाएगा हनुमान जन्मोत्सव, जगह-जगह होगा भोग भंडारे का आयोजन

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आरंग- मंदिरों की नगरी आरंग के हर गली मोहल्ले में स्थापित है पवन पुत्र हनुमान। जहां प्रतिदिन श्रद्धालु आते जाते मत्था टेककर कामना करते हैं। खासकर शनिवार और मंगलवार को भक्तगण यहां पहुंचकर सुंदर काण्ड और हनुमान चालीसा का जाप करते हैं। वहीं आज हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर नगर सहित अंचल के गांव-गांव में जगह-जगह भोग भंडारा, हनुमान चालीसा, सुंदर काण्ड पाठ, भजन कीर्तन किया जा रहा है। प्रातः से ही साधक हनुमान मंदिरो में पहुंचकर पूजा आराधना में जुट जाएंगे।

यह नगर में सबसे अधिक हनुमान जी का मंदिर है। जिनमें महामाया पारा में विराजमान उत्तरमुखी नारायणबन हनुमान, जगन्नाथ मंदिर में स्थापित दक्षिणमुखी हनुमान, गुप्ता पारा में स्थापित हनुमान, बागेश्वर मंदिर के सामने स्थापित हनुमान, पुराने सब्जी बाजार में स्थित रेणुक देव हनुमान, बरगुडी पारा का हनुमान, बस स्टैण्ड में स्थापित प्राचीन हनुमान मंदिर व प्रतिमाएं प्रमुख हैं। यही कारण है इस नगर में प्रतिवर्ष हनुमान जन्मोत्सव को बहुत ही हर्षोल्लास से मनाया जाता है।भक्त इस दिन प्रायः सभी हनुमान जी की प्रतिमाओ में सिंदूर का लेप कर विशेष रूप से पूजा अर्चना करते हैं। सुंदर काण्ड और हनुमान चालीसा का पाठ और भजन कीर्तन करते हैं। बहुत हर्षोल्लास से हनुमान जन्मोत्सव को मनाते है।


पीपला फाउंडेशन ने आरंग थाना में लगाया वाटर कूलर

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थाना प्रभारी ने जताया फाउंडेशन का आभार

आरंग- विश्व जल दिवस के अवसर पर स्वयंसेवी संस्था पीपला वेलफेयर फाउंडेशन ने रविवार को आरंग थाना परिसर में वाटर कूलर स्थापित किया। इस पहल की थाना प्रभारी हरीश साहू, एसआई चेतन दुबे सहित समस्त थाना स्टाफ ने मुक्तकंठ से सराहना करते हुए फाउंडेशन का आभार व्यक्त किया।

ज्ञात हो कि यह संस्था पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ जल प्रबंधन एवं संरक्षण के क्षेत्र में विगत पाँच वर्षों से निरंतर कार्य कर रही है। इसके अंतर्गत विभिन्न स्थानों पर मूक पशुओं के लिए जलपात्र रखना, जनसहयोग से वाटर कूलर स्थापित करना, महानदी पुल एवं सरोवरों की सफाई, तथा जल संरक्षण एवं प्रबंधन पर नारा-लेखन और जागरूकता गीतों के माध्यम से लोगों को प्रेरित किया जाता है।

फाउंडेशन के अध्यक्ष दूजेराम धीवर ने बताया कि संस्था द्वारा महासमुंद में एक तथा आरंग नगर में पाँच स्थानों पर वाटर कूलर लगाए जा चुके हैं, जिससे नगर एवं क्षेत्रवासियों को ठंडा पेयजल उपलब्ध हो रहा है।

इस अवसर पर फाउंडेशन के संरक्षक पारसनाथ साहू, अध्यक्ष दूजेराम धीवर, संयोजक महेन्द्र कुमार पटेल, कोषाध्यक्ष कोमल लाखोटी, गौ-सेवक राहुल जोशी, थाना प्रभारी हरीश साहू, एसआई चेतन दुबे सहित थाना स्टाफ उपस्थित रहे।

धर्मनगरी आरंग में मोरध्वज महोत्सव संपन्न, कवियों के हास्य व्यंग्य के बीच करीब 3 घंटे रहे मुख्यमंत्री साय

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आरंग- दानशीलता और धर्म नगरी आरंग में  दो दिवसीय राजा मोरध्वज आरंग महोत्सव–2026 का गरिमामय समापन  हो गया है। 15 और 16 जनवरी के दो दिवसीय  आयोजन में  प्रख्यात कवि कुमार विश्वास के हास्य व्यंग्य के बीच मुख्यमंत्री विष्णु देव साय करीब तीन घंटे तक आरंग में रहे।

महोत्सव के अंतिम दिन लोरिक चंदा,  राजा मोरध्वज की नाट्य प्रस्तुति आकर्षण का केंद्र रहा। स्कूली बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने देर शाम तक समां बांधा। अंतरराष्ट्रीय स्तर के कवियों का पहली बार आरंग में कवि सम्मेलन ने पूरे नगर को उत्सवमय बना दिया।

मुख्यमंत्री ने दी सौगातें

महोत्सव समापन समारोह के मुख्य अतिथि और प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने क्षेत्रीय विधायक एवं कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब की मांग पर मंच से ही अनेक महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं।

मुख्यमंत्री ने नगर पंचायत समोदा  स्थित उपतहसील को पूर्ण तहसील बनाए जाने की घोषणा की, जिससे क्षेत्रवासियों की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी हुई। 

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने राजा मोरध्वज महोत्सव के लिए शासकीय अनुदान राशि 5 लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने की घोषणा की। उन्होंने इनडोर स्टेडियम एवं खेल परिसर का नामकरण “राजा मोरध्वज खेल परिसर” किए जाने की भी घोषणा की। इन घोषणाओं के बाद महोत्सव स्थल  तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। 

मुख्यमंत्री का प्रेरक संबोधन

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में कहा कि राजा मोरध्वज ने दानशीलता और धर्म परायण की जो मिसाल पेश की है, वह अद्वितीय है। आरंग स्थित बाबा बागेश्वरनाथ महादेव की पूजा अर्चना करके वनवास के दौरान भगवान श्रीराम आगे बढ़े। यह सिद्ध पीठ आज भी जन-जन के आस्था का केंद्र है। 

मुख्यमंत्री ने आरंग को धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक दृष्टि से विशिष्ट बताते हुए कहा कि ऐसे महोत्सव नई पीढ़ी को अपने गौरवशाली अतीत से जोड़ते हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे राजा मोरध्वज के आदर्श—त्याग, सत्य और जनसेवा—को अपने जीवन में अपनाएँ। अंत में उन्होंने राजा मोरध्वज को नमन करते हुए संयोजक गुरु खुशवंत साहेब और आरंग की जनता को सफल आयोजन के लिए बधाई दी।

बाबा बागेश्वरनाथ का दर्शन पूजा 

आरंग पहुँचते ही मुख्यमंत्री ने बाबा बागेश्वरनाथ मंदिर जाकर पूजा-अर्चना की और छत्तीसगढ़ की समृद्धि व खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव, रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विजय बघेल, सतनामी समाज के धर्मगुरु बालदास साहेब, आयोजन संयोजक कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, ध्रुव कुमार मिर्धा, पीठाधीश राजीव लोचन महाराज, विधायक रोहित साहू, इंद्र कुमार साहू, आरंग नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. संदीप जैन, जनपद अध्यक्ष टाकेश्वरी मुरली साहू सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं मंडल-निगम के अध्यक्ष उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन संजय शर्मा और विनोद गुप्ता ने किया तथा आभार प्रदर्शन डॉ. संदीप जैन ने किया।

विशिष्ट सेवा के लिए मोरध्वज अलंकरण सम्मान

महोत्सव में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वालों को “मोरध्वज अलंकरण सम्मान” से सम्मानित किया गया। इनमें 5 व्यक्तिगत और एक संस्थागत कुल 6 अलंकरण में प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया गया। 

दानशीलता के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान  स्व. भागीरथी लाल अग्रवाल के पौत्र आशीष कुमार अग्रवाल,  गौ-सेवा के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए राहुल जोशी, खेल-कूद के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए  भुवन लाल नशीने, शिक्षा के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए  मुरली मनोहर देवांगन, कला एवं संगीत के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान प्रभुलाल साहनी और उनके पुत्र लल्ला साहनी को मोरध्वज अलंकरण से विभूषित किया गया।

समाज सेवा के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए संस्थागत सम्मान पीपला वेलफेयर फाउंडेशन आरंग को प्रदान किया गया। संरक्षक आनंदराम साहू, अध्यक्ष दूजेराम धीवर और संयोजक महेन्द्र पटेल को मुख्यमंत्री के हाथों सम्मान देते हुए महोत्सव के संयोजक गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि आरंग में इस महोत्सव का फाउंडेशन इसी संस्था ने रखी है, जो अब भव्य रूप ले चुका है। 

भक्ति से सांस्कृतिक संध्या तक

महोत्सव के दूसरे दिन की शुरुआत सुबह 9 बजे माता गायत्री यज्ञ–हवन से हुई। वैदिक मंत्रोच्चार और हवन की पवित्र अग्नि के बीच नगरवासियों ने सुख-समृद्धि और शांति की कामना की। दोपहर 2 से 5 बजे तक स्कूल एवं कॉलेज के छात्र–छात्राओं ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। देशभक्ति, लोकसंस्कृति और सामाजिक संदेशों से भरपूर नृत्य-नाट्य प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इन कार्यक्रमों का संचालन नवाचारी शिक्षक महेन्द्र कुमार पटेल और अरविंद वैष्णव ने किया।

ऐतिहासिक कवि सम्मेलन ने बांधा समां

महोत्सव का सबसे प्रतीक्षित क्षण रात साढ़े 10 बजे आया, जब देश के प्रख्यात कवि डॉ. कुमार विश्वास के कवि सम्मेलन से आयोजन का भव्य समापन हुआ। उनके साथ हास्य कवि रोहित शर्मा, श्रृंगार रस की कवियत्री साक्षी तिवारी, हास्य-व्यंग्य के सशक्त कवि दिनेश बावरा तथा वीर रस के कवि विनीत चौहान ने अपनी ओजस्वी, भावपूर्ण और राष्ट्रभाव से भरी कविताओं से श्रोताओं को देर रात तक बांधे रखा। तालियों की गूंज और भावनाओं का सैलाब आयोजन की ऐतिहासिक सफलता का साक्षी बना। मुख्यमंत्री भी देर रात तक कवि सम्मेलन में समापन तक बैठे रहे।

राजा मोरध्वज आरंग महोत्सव के भव्य आयोजन की तैयारी

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दुल्हन की तरह सज रही है मोरध्वज नगरी आरंग 

आरंग- राजा मोरध्वज की नगरी के नाम से विख्यात आरंग इन दिनों उत्सव के रंग में रंगने तैयार है।  15 और 16 जनवरी को होने वाले राजा मोरध्वज आरंग महोत्सव 2026 के स्वागत में नगर को दुल्हन की तरह सजाया जा रहा है। पूरे नगर में उत्साह, उमंग और उल्लास का माहौल है। ऐसी लोक मान्यता है कि त्रेता में मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम और द्वापर में श्रीकृष्ण के चरण कमल आरंग की धरती पर पड़े थे। महोत्सव के लिए बन रहे भव्य मंच में राम और श्याम की झांकी आगंतुकों के मन को मोहने वाली है।

पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल को महोत्सव का आमंत्रण देते हुए मंत्री गुरू खुशवंत साहेब

महोत्सव का यह भव्य आयोजन कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब के संयोजन में, सर्व समाज, नगर पालिका परिषद आरंग एवं विधानसभा क्षेत्र आरंग के जन-जन की भागीदारी से पहली बार भव्य रूप में आयोजित किया जा रहा है। महोत्सव की शुरुआत 2023 में पीपला वेलफेयर फाउंडेशन के संयोजन में हुई थी। इस साल पहली बार आरंग में भव्य महोत्सव का आयोजन छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किया जा रहा है। आयोजन  की तैयारियाँ अंतिम चरण में हैं। 

मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने तैयारियों का जायजा लेने के बाद कहा कि आरंग छत्तीसगढ़ का प्राचीन और ऐतिहासिक नगरी है। इसके पुरावैभव को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पटल पर जो सम्मान मिलना चाहिए, वह भूगर्भ में दफन है। गढ़ रींवा में पुरातात्विक खोदाई से यह स्पष्ट हो गया है कि आरंग का वैभवशाली इतिहास श्रीपुर (सिरपुर) से भी प्राचीन है।

गौरव को पुनर्स्थापित करने महोत्सव महत्वपूर्ण 

ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक दृष्टि से यह अत्यंत महत्वपूर्ण  स्थान है। इसकी पहचान और गौरव को दूर-दूर तक प्रचारित करने में यह महोत्सव मील का पत्थर साबित होगा।  इस आयोजन को सभी के सहयोग से ऐतिहासिक बनाया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि आरंग  ऐसा नगर है, जहाँ भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण दोनों का पदार्पण हुआ। माता कौशल्या का जन्मस्थली भी इसी पावन धरती चंदखुरी में हुआ माना जाता है। बाबा गुरु घासीदास जी का “मनखे-मनखे एक समान” का अमर संदेश  उनकी कर्मभूमि भंडारपुरी धाम से निकलकर पूरी दुनिया में मानवता का प्रकाश फैला रहा है। नगर में शिद्ध शक्तिपीठ बाबा बागेश्वरनाथ महादेव सहित अनेक दिव्य स्वयंभू शिवलिंग हैं, जो श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित करते हैं।

मुख्यमंत्री सहित अनेक मंत्री होंगे महोत्सव में शरीक 

महोत्सव को लेकर आरंग नगर को भव्य रूप से सजाया जा रहा है। जगह-जगह बैनर, पोस्टर, रोशनी, झालर, तोरण और पताकाएँ लगाई गई हैं। पूरा आरंग उत्सव नगरी का रूप ले चुका है। जगह-जगह ध्वनि विस्तारक यंत्रों के माध्यम से उत्सव का संदेश प्रसारित किया जा रहा है।

महोत्सव में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सहित  छत्तीसगढ़ शासन के मंत्रीगण, सांसद, विधायक और निगम मंडल के पदाधिकारी  शिरकत करेंगे। सभी मंत्रियों और विधायकों को मंत्री गुरु खुशवंत साहेब स्वयं आमंत्रित कर रहे हैं। नगर में सर्व समाज की बैठकें आयोजित कर जिम्मेदारियाँ तय की गई है। अतिथियों के सत्कार में कोई कमी न रहे, इसका विशेष ध्यान रखा जा रहा है। 

राजा मोरध्वज आरंग महोत्सव को लेकर नगरवासियों में अपार उत्साह है। आरंग एक बार फिर अपने गौरवशाली इतिहास और सांस्कृतिक विरासत के साथ देश-प्रदेश का ध्यान आकर्षित करने को तैयार है।

जिला स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता में आरंग के छात्रों का रहा दबदबा,25 पुरस्कार लेकर विकासखंड का बढ़ाया गौरव

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आरंग- बुधवार को समग्र शिक्षा विभाग तत्वाधान में दिव्यांग बच्चों का जिला स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता निमोरा अभनपुर में आयोजित हुआ।जिसमें आरंग  विकासखण्ड के अनेक विद्यालयों के नौ दिव्यांग छात्रों ने अलग-अलग वर्ग के प्रतियोगिताओं में बढ़-चढ़कर भाग लेते हुए अपनी अपनी प्रतिभा का जौहर दिखाये।

स्पेशल एजुकेटर  लोकेश साहू ने बताया 

विभिन्न प्रतियोगिताओं में विकासखण्ड के बच्चों को कुल 25 पुरस्कार प्राप्त हुआ, जिसमें 13 प्रथम, 10 द्वितीय एवं 02 तृतीय स्थान पर रहें। 

प्रतियोगिता में धनेश्वरी साहू, ऊषा साहू, श्रेया ढीढी,सगुन चन्द्राकर,डामिता कोसरिया, खुशी साहू, गगनदीप टंडन, अंश कुमार साहू, डिगेन्द्र साहू विकासखंड का प्रतिनिधित्व किया।

जिसमें सर्वाधिक पुरस्कार प्राप्त करने वाली छात्रा शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक शाला आरंग के श्रवण बाधित छात्रा धनेश्वरी साहू ने सर्वाधिक 6 खेलों में प्रथम स्थान अर्जित कर चैम्पियन रही। वहीं पूर्व माध्यमिक शाला अकोली कला से अंश कुमार एवं हायर सेकंडरी स्कूल फरफौद से गगनदीप टंडन और डिगेन्द्र साहू ने भी विभिन्न खेलों में शानदार प्रदर्शन के साथ 4 प्रथम एवं 6 द्वितीय स्थान के साथ विकासखण्ड का गौरव बढ़ाया है।

इस अवसर पर विकासखंड स्रोत केंद्र समन्वयक एस एस चंद्रसेन,कोच श्रवण कुमार साहू बीआरपी सीडब्ल्यूएसएन, लोकेश कुमार साहू स्पेशल एजुकेटर, फिजियोथैरेपिस्ट विरेन्द्र साहू उपस्थित होकर बच्चों का उत्साह बढ़ाया।

वहीं जिला स्तरीय स्पोर्ट इवेंट्स में छात्रो द्वारा उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए जिला सहायक परियोजना अधिकारी माया वर्मा, विकासखंड शिक्षा अधिकारी दिनेश शर्मा, विकासखंड स्रोत समन्वयक एस एस चंद्रसेन ने हर्ष व्यक्त करते हुए सभी बच्चों को बधाई दिए हैं।


आरंग की मिट्टी की खुशबू,देश में फैला रहें है शिक्षा का उजियारा

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परिस्थितियों से बड़ी ताकत, संकल्प की होती है मुरली 

थिंक आईएएस से 22 छात्रों का हुआ सीजी पीएससी में चयन 

आरंग- महानदानी मोरध्वज नगरी आरंग का नाम अब शिक्षा के क्षेत्र में भी एक अलग पहचान बना रहा है। आरंग नगर के लाल थिंक आईएएस कोचिंग के संस्थापक मुरली मनोहर देवांगन, आरंग के साधारण कृषक परिवार में जन्मे, आज देश के युवाओं के मार्गदर्शक के रूप में जानें पहचाने जाते हैं। उन्होंने शिक्षा के प्रकाश पुंज से देश के साथ-साथ अपनी मातृभूमि का नाम भी रोशन कर रहे हैं।

साधारण कृषक परिवार में जन्मे मुरलीमनोहर ने सीमित संसाधनों के बीच बड़े सपने देखे। पिता किसान और बड़े भाई नेवी अधिकारी तथा सहायक प्राध्यापक होने के कारण अनुशासन, परिश्रम और साहस उन्हें बचपन से ही संस्कार में मिला। स्थानीय शासकीय विद्यालय से शिक्षा शुरू कर देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में उच्च शिक्षा प्राप्त करना उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति का प्रमाण तथा उनके परिवार के विश्वास ही था। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के दौरान उन्होंने छत्तीसगढ़ और यूपीएससी की कोचिंग देना शुरू किया। आज उनके द्वारा मार्गदर्शित 150 से अधिक छात्र-छात्राएं देश के अलग अलग राज्यों में प्रशासनिक सेवाओं में कार्यरत हैं। इस वर्ष भी उनके संस्थान से 22 छात्रों का चयन सीजी पीएससी में प्रशासनिक अधिकारी के पद पर चयन हुआ है, जिनमें कुछ छात्रों ने तो दूसरे और चौथे रैंक जैसे उच्च स्थान हासिल किए हैं।

मुरली ने शिक्षा के क्षेत्र में अपने योगदान से बस्तर और दूरस्थ आदिवासी क्षेत्रों में “नन्हें कदम” अभियान चलाया, जिससे अनेक आदिवासी युवा भी ने प्रशासनिक परीक्षाओं के प्रति उन्मुख होकर परीक्षा में शामिल हुए।

वे विजन 2047, जनजातीय नीति, नक्सल सरेंडर पॉलिसी, और सीजी पीएससी सुधार समिति में राज्य सरकार के साथ विभिन्न क्षेत्र में भी उल्लेखनीय योगदान दे रहें हैं।वह एक प्रख्यात शिक्षाविद् , वक्ता और युवाओं के रोल माडल रूप में भी अपनी खास पहचान बना रहे हैं।

अब तक वह सैकड़ों कैरियर गाइडेंस कार्यक्रमों में मुख्य वक्ता रहकर लोगों को उच्च शिक्षा व प्रशासनिक पदों के लिए प्रेरित कर चुके हैं।साथ ही चर्चित स्वयंसेवी सामाजिक संस्था पीपला वेलफेयर फाउंडेशन  में भी मार्गदर्शक सदस्य की भूमिका निभा कर आरंग क्षेत्र में भी जगह जगह कैरियर गाइडेंस कार्यक्रम के माध्यम से शिक्षा का अलख जगा रहे हैं। वहीं उनके शिक्षा के प्रति समर्पण और उपलब्धियों के लिए फाउंडेशन के सदस्यों ने हर्ष व्यक्त करते हुए सोसल मीडिया में बधाई दे रहे हैं।

उनका कहना है:

"शिक्षा केवल ज्ञान का माध्यम नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र निर्माण की सबसे मजबूत नींव है।" और परिस्थितियों से बड़ी ताकत, संकल्प की होती है।आज वे छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए प्रेरणा, मार्गदर्शक और एक सच्चे नेशन बिल्डर के रूप में उभरकर सामने आए हैं।

वहीं आरंग के लिए बेहतर और स्वर्णिम भविष्य हेतु सदैव तत्परता एवं समर्पण उनके मातृप्रेम को दर्शाता है।

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