Media24Media.com: वित्त वर्ष 2025–26 में कोयला क्षेत्र ने रचा इतिहास, उत्पादन 200 मिलियन टन के पार

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वित्त वर्ष 2025–26 में कोयला क्षेत्र ने रचा इतिहास, उत्पादन 200 मिलियन टन के पार

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नई दिल्ली- कोयला मंत्रालय के अनुसार वित्त वर्ष 2025–26 भारत के कोयला क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक वर्ष साबित हुआ है। इस दौरान कैप्टिव और वाणिज्यिक खदानों से संयुक्त उत्पादन और आपूर्ति पहली बार 200 मिलियन टन (MT) के आंकड़े को पार कर गई है।

31 मार्च 2026 तक इन खदानों से कुल कोयला उत्पादन 210.46 मिलियन टन दर्ज किया गया, जो पिछले वित्त वर्ष के 190.95 मिलियन टन की तुलना में 10.22% अधिक है। वहीं, डिस्पैच (आपूर्ति) भी बढ़कर 204.61 मिलियन टन पहुंच गया, जो पिछले वर्ष के 190.42 मिलियन टन के मुकाबले 7.35% की वृद्धि दर्शाता है।

मुख्य उपलब्धियां:

  • 200 MT का ऐतिहासिक आंकड़ा पार: पहली बार उत्पादन और डिस्पैच 200 मिलियन टन से अधिक हुआ।

  • नई खदानों की शुरुआत: इस वर्ष 12 नई कैप्टिव और वाणिज्यिक कोयला खदानों को संचालन की अनुमति (MOP) मिली, जिससे 86 मिलियन टन वार्षिक क्षमता बढ़ी।

  • तेज उत्पादन शुरुआत: 7 खदानों ने उसी वित्त वर्ष में उत्पादन शुरू किया, जो तेज निष्पादन और बेहतर समन्वय को दर्शाता है।

पिछले चार वर्षों के आंकड़ों से उत्पादन और आपूर्ति में लगातार वृद्धि का रुझान देखने को मिला है, जो बेहतर लॉजिस्टिक्स और मजबूत आपूर्ति श्रृंखला को दर्शाता है।

यह उपलब्धि ‘आत्मनिर्भर भारत’ की दिशा में एक बड़ा कदम है, जिसमें घरेलू कोयला उत्पादन बढ़ाकर आयात पर निर्भरता कम करने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार की नीतियों, आसान अनुमोदन प्रक्रिया और क्षेत्र में सुधारों ने इस सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

कोयला मंत्रालय ने कहा कि यह प्रगति ‘विकसित भारत 2047’ के विजन को साकार करने में अहम योगदान देगी। आने वाले समय में दक्षता, विस्तार और जिम्मेदार खनन पर जोर देते हुए यह क्षेत्र देश की औद्योगिक और आर्थिक वृद्धि को गति देता रहेगा।

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