Media24Media.com: डिजिटल इंडिया: भारत की डिजिटल क्रांति

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डिजिटल इंडिया: भारत की डिजिटल क्रांति

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परिचय

भारत का डिजिटल परिवर्तन दुनिया के सबसे बड़े जनसंख्या स्तर पर कनेक्टिविटी और तकनीक आधारित सार्वजनिक सेवा वितरण के विस्तारों में से एक है। यह परिवर्तन डिजिटल इंडिया कार्यक्रम पर आधारित है, जिसे 2015 में शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य हर नागरिक के लिए डिजिटल अवसंरचना को एक बुनियादी सुविधा बनाना, डिजिटल विभाजन को कम करना, मांग पर शासन और सेवाएँ प्रदान करना और डिजिटल माध्यम से लोगों को सशक्त बनाना है।

एक दशक पहले भारत में डिजिटल विभाजन काफी स्पष्ट था। तेज़ इंटरनेट मुख्यतः शहरों तक सीमित था, ग्रामीण क्षेत्रों में कनेक्टिविटी कम थी और ऑनलाइन सेवाओं तक पहुँच स्थान, आय और डिजिटल साक्षरता पर निर्भर करती थी। समय के साथ सरकार के निवेश से ब्रॉडबैंड नेटवर्क और ऑप्टिकल फाइबर अवसंरचना का तेजी से विस्तार हुआ, जिससे गाँवों और दूरदराज़ क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बेहतर हुई।

आज यह डिजिटल अंतर तेजी से कम हो रहा है। सस्ता इंटरनेट, डिजिटल सेवा केंद्र और इंटरऑपरेबल डिजिटल प्लेटफॉर्म नागरिकों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने, डिजिटल भुगतान करने, ऑनलाइन शिक्षा प्राप्त करने और शासन में भाग लेने में सक्षम बना रहे हैं।

भारत का डिजिटल अवसंरचना निर्माण

भारत का डिजिटल ढांचा तीन प्रमुख स्तंभों पर आधारित है:

  1. सार्वभौमिक कनेक्टिविटी अवसंरचना

  2. डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI)

  3. कम्प्यूटिंग क्षमता

ये तीनों मिलकर डिजिटल अर्थव्यवस्था में भागीदारी को संभव बनाते हैं।

सार्वभौमिक डिजिटल कनेक्टिविटी और सस्ती इंटरनेट सुविधा

भारत की डिजिटल क्रांति का आधार तेज़ और सस्ती इंटरनेट सुविधा है।

भारतनेट

BharatNet परियोजना के तहत ग्रामीण भारत में हाई-स्पीड इंटरनेट पहुँचाया जा रहा है।

  • 2026 तक 2.15 लाख से अधिक ग्राम पंचायतें जुड़ चुकी हैं।

  • ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क 2019 में 19.35 लाख रूट किमी से बढ़कर 2025 में 42.36 लाख रूट किमी हो गया।

5G विस्तार

भारत का तेज़ 5G नेटवर्क अब 99.9% जिलों तक पहुँच चुका है और 5.18 लाख बेस ट्रांसीवर स्टेशन स्थापित किए गए हैं।

सस्ता डेटा

डेटा की कीमतों में भारी कमी आई है:

  • 2014: लगभग ₹269 प्रति GB

  • 2025–26: लगभग ₹8–10 प्रति GB

इसके परिणामस्वरूप ब्रॉडबैंड ग्राहकों की संख्या 100 करोड़ से अधिक हो गई है।

डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI)

डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर इंटरनेट को वास्तविक सेवाओं में बदलता है।

आधार

Aadhaar के तहत 143 करोड़ से अधिक डिजिटल पहचान जारी की गई हैं, जिससे सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे नागरिकों तक पहुँचता है।

यूपीआई

Unified Payments Interface के माध्यम से जनवरी 2026 में लगभग 21.7 अरब लेनदेन हुए, जिनकी कुल राशि लगभग ₹28.33 लाख करोड़ रही।

डिजीलॉकर

DigiLocker के 62 करोड़ से अधिक उपयोगकर्ता हैं, जहाँ नागरिक अपने महत्वपूर्ण दस्तावेज सुरक्षित रख सकते हैं।

उच्च प्रदर्शन कंप्यूटिंग और क्लाउड

National Supercomputing Mission के तहत भारत में 38 सुपरकंप्यूटर स्थापित किए गए हैं जिनकी कुल क्षमता 44 पेटाफ्लॉप्स है।

इसके अलावा MeghRaj सरकारी क्लाउड प्लेटफॉर्म पर 2170 से अधिक मंत्रालय और विभाग अपने एप्लिकेशन चला रहे हैं।

भारत का डेटा सेंटर क्षमता लगभग 1280 मेगावाट है, जिसे 2030 तक 4–5 गुना बढ़ाने की योजना है।

समावेशी डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र

डिजिटल परिवर्तन का लक्ष्य केवल इंटरनेट देना नहीं है, बल्कि हर नागरिक को डिजिटल अर्थव्यवस्था में भागीदारी का अवसर देना है।

डिजिटल साक्षरता

Pradhan Mantri Gramin Digital Saksharta Abhiyan के तहत 6.39 करोड़ ग्रामीण लोगों को डिजिटल प्रशिक्षण दिया गया।

डिजिटल शिक्षा

दीक्षा

DIKSHA प्लेटफॉर्म पर:

  • 19,000 से अधिक कोर्स

  • 18 करोड़ से अधिक नामांकन

स्वयं

SWAYAM प्लेटफॉर्म पर:

  • 18,500 से अधिक कोर्स

  • 6 करोड़ से अधिक नामांकन

इंस्पायर-मानक

INSPIRE‑MANAK कार्यक्रम के तहत हर साल 1 लाख छात्र नवाचार विचार चुने जाते हैं।

कॉमन सर्विस सेंटर (CSC)

Common Service Centres ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सेवाएँ पहुँचाने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।

  • 6.5 लाख से अधिक VLE (Village Level Entrepreneurs) कार्यरत हैं।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था का डिजिटलीकरण

  • e‑NAM के तहत 1.79 करोड़ किसान और 1522 मंडियाँ जुड़ी हैं।

  • MGNREGA के तहत 99% मजदूरी भुगतान डिजिटल हो चुका है।

PM-WANI

PM‑WANI योजना के तहत फरवरी 2026 तक:

  • 4,09,111 सार्वजनिक Wi-Fi हॉटस्पॉट लगाए गए हैं।

भविष्य के लिए डिजिटल कौशल

अटल इनोवेशन मिशन

Atal Innovation Mission के तहत:

  • 10,000 से अधिक अटल टिंकरिंग लैब

  • 1.1 करोड़ छात्र जुड़ चुके हैं।

इंडिया AI मिशन

IndiaAI Mission के तहत:

  • 38,000 GPU स्थापित

  • 9,500 से अधिक AI डेटासेट उपलब्ध

स्टार्टअप इंडिया

Startup India के तहत:

  • 2016 में 400 स्टार्टअप से बढ़कर 2025 में 2 लाख से अधिक स्टार्टअप

  • 21 लाख नौकरियाँ सृजित

निष्कर्ष

पिछले एक दशक में भारत का डिजिटल परिवर्तन तकनीक, शासन, शिक्षा और आर्थिक अवसरों तक पहुँच को पूरी तरह बदल चुका है। डिजिटल कनेक्टिविटी, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और उन्नत कंप्यूटिंग के माध्यम से शहरों, गाँवों और दूरदराज़ क्षेत्रों के नागरिक डिजिटल अर्थव्यवस्था में भागीदारी कर पा रहे हैं।

डिजिटल साक्षरता, नवाचार, स्टार्टअप और युवाओं पर केंद्रित पहलें यह सुनिश्चित कर रही हैं कि डिजिटल विकास समावेशी, समान और सतत हो। यह मॉडल भारत को एक डिजिटल रूप से सशक्त और समावेशी राष्ट्र बनाने की दिशा में आगे बढ़ा रहा है।


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